Why Most Traders Never Become Profitable | Ft. Animesh K — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Why Most Traders Never Become Profitable | Ft. Animesh K

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Analysed 01 Aug 2026, 02:43 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Motivational/educational content on psychology, risk management, and trader mindset—no mechanical, rule-based price strategy described.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (7339 words)
ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का रोल कोई कहता है 5% का है। कोई कहता है 10% का है। मैं पर्सनली इस बात का बहुत फर्म बिलीवर हूं कि सिर्फ ट्रेडिंग स्ट्रेटजी आपको सक्सेसफुल नहीं बना सकती है। 93% ट्रेडर्स लूज मनी एंड ओनली 7% पीपल डू नॉट लूज मनी। 80% जो लोग मैंने देखे हैं वो बस कर रहे हैं। ट्रेडिंग करनी है। एक बज़ वर्ल्ड चल गए जो सबको ट्रेड करना है। यह आज से 10 साल पहले भी था। बाद में भी रहेगा। लोगों को लगता है कि लाइफ इज वेरी ईजी, सिस्टम इज वेरी ईजी, ट्रेडिंग इज वेरी ईजी और वो रैंडम टिप्स और किसी अपने से ज्यादा भरोसा दूसरों पे करते हैं। आपको उसके पीछे की जो एनालिसिस है, पहली बात वो नहीं पता। आपको ये नहीं पता कि वो उस ट्रेड को होल्ड करने में कितना इमोशन और कितना पेशेंस चाहिए होगा। कई लोगों के पास फाइनेंसियल कैपिटल होता है, इमोशनल कैपिटल नहीं होता है। वो फाइनेंसियल कैपिटल चला जाता है। प्रेयर लोग होते हैं जिनके पास इमोशनल कैपिटल होता है। और फाइनेंसियल कैपिटल भी होता है। यू नीड टू बी वाइजर। आपको उस नॉलेज में कितनी चेरी पिकिंग करनी है और कितना अपने ट्रेड प्लान में डालना है यह आपको सीखना है। अर्जुन के पास स्किल का प्रॉब्लम नहीं है। ही नोस आरएसआई ही नोजू ही नोज़ सुपर ट्रेंड ही नोज़ ऑप्शन चेन ओआई डाटा एवरीथिंग ही नोज़ फिर क्या हो गया? वहां पे अर्जुन ने कृष्ण भगवान को अपना गुरु बनाया। एंड कृष्ण भगवान हैज़ पहले वो सुन रहे थे कि तुम बोलते जाओ। देन ही स्टार्टेड स्पीकिंग। जब अर्जुन को गुरु सेलेक्ट करना था तो उसने कृष्ण भगवान को सेलेक्ट किया ना। क्योंकि उनको उस नॉलेज में कंटेंट दिखा। अब वो आपके ऊपर छोड़ रहा हूं कि आप किसको चुनते हैं, किसको नहीं चुनते हैं। वो ऑडियंस का काम है। हाय फ्रेंड्स, वेलकम टू अपs। दोस्तों, आपने एक स्टेटमेंट बहुत बार सुनी होगी कि रिस्क मैनेजमेंट बहुत इंपॉर्टेंट है। इमोशनल मैनेजमेंट, साइकोलॉजी, बिहेवियरल फाइनेंस सबसे इंपॉर्टेंट चीज है मोर देन ट्रेडिंग स्ट्रेटजी। लेकिन यह बात आपने सुनी तो है लेकिन कभी भी कोई स्पेसिफिक सेशन नहीं अटेंड किया होगा। जहां पर एक्चुअली में कोई इंस्ट्रक्टर इसके बारे में डिटेल में बात कर रहा हो। सभी लोग स्ट्रेटजी के साथ-साथ दो बातें बोल देते हैं। लेकिन बहुत ही कम इंस्ट्रक्टर ऐसे होते हैं जो डिटेल में इसके बारे में आपको एजुकेट करना चाहते हैं। क्योंकि उनको भी मालूम है कि इसके बिना आप सक्सेसफुल नहीं हो सकते हैं। मैं पर्सनली इस बात का बहुत फर्म बिलीवर हूं कि सिर्फ ट्रेडिंग स्ट्रेटजी आपको सक्सेसफुल नहीं बना सकती है। रिस्क मैनेजमेंट, इमोशनल मैनेजमेंट, बिहेवियरल साइकोलॉजी ये सारी चीजें सबसे इंपॉर्टेंट है। ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का रोल कोई कहता है 5% का है, कोई कहता है 10% का है। मैं बोलूंगा बेस्ट से बेस्ट केस में भी 49% से ऊपर तो बिल्कुल भी नहीं है। 51% रोल साइकोलॉजी का है। 51% रोल रिस्क मैनेजमेंट का है। दोस्तों एक इंस्ट्रक्टर ऐसे हैं जो इन बातों पे ज्यादा ध्यान देते हैं। बहुत खास ध्यान देते हैं और वो चाहते हैं कि आप इस चीज को बहुत डिटेल में समझे। आज हमारे साथ वो इंस्ट्रक्टर मौजूद है। उन्होंने हमें टाइम दिया है और आज हम यहां पर अगले थोड़ी देर के लिए बातें करेंगे सिर्फ रिस्क मैनेजमेंट की। सिर्फ इमोशन की। दिस इज द ओनली वीडियो दैट यू रिक्वायर फॉर रिस्क मैनेजमेंट। दिस इज द ओनली वीडियो दैट यू रिक्वायर फॉर मैनेजिंग योर साइकोलॉजी। अगर आपको अभी भी लॉसेस हो रहे हैं। ट्रेडिंग स्ट्रेटजी आपने बहुत सारी देख ली है। लेकिन अगर आपको अभी भी लॉसेस हो रहे हैं। ट्रस्ट मी दिस वीडियो कैन बी अ गेम चेंजर फॉर यू। हमारे साथ हैं अनिमेश सर। इनके अलावा और कोई इतनी डिटेल में आपको इस टॉपिक को नहीं समझा सकता। इसीलिए अनिमेश सर ही आज हमारे बीच में है। एंड ट्रस्ट मी दिस इज गोइंग टू बी अ वेरी वेरीेंट वीडियो फॉर यू। पेपर पेन लेकर बैठिएगा। चाहे लैपटॉप साइड पर रख दीजिए। चाहे डेस्कटॉप पीसी साइड पर रख दीजिए। लेकिन पेपर पेन जरूर लेकर बैठिएगा क्योंकि यहां पर बहुत सारी चीजें लिखने को मिलेंगी। सो थैंक यू सो मच एनिमेश सर फॉर जॉइनिंग अस टुडे और अग्रीइंग कि ये टॉपिक इंपॉर्टेंट है और इस पे डिस्कशन भी करना बहुत जरूरी है। अब्सोलुटलीेंट है क्योंकि ये एक ऐसा टॉपिक है जो अनटच्ड है ट्रेडिंग वर्ड में और जैसा आपने कहा बहुत कम लोग इस पे टच पता सबको है कि इंपॉर्टेंट है लेकिन कोई बात नहीं करता। इस बात पे थोड़ी गुस्सा भी आती है कि क्यों नहीं इसको सीखना चाहते हैं लोग? क्योंकि कहीं ना कहीं हमें लगता है कि यह ज्ञान है। यह एक वर्बल थिंग है और हमें चार्ट पे कैंडल्स होती हैं वो फैसिनेट करती है। हमें लगता है चार्ट से प्रॉफिट आता है। अब ट्रेडर से मैं बोलता हूं अगर चार्ट से प्रॉफिट आता ना तो ट्रेडिंग व्यू फ्री है। धन फ्री है। जिस भी प्लेटफार्म पे आप ट्रेड करते हैं वहां पे चार्टिंग फ्री है। आपको इतने सारे वीडियो देख लिए एक बार बैठ के क्वेश्चन करो कि ऐसा क्यों हो रहा है? सर मैं गलती यहां पर किसी की सबकी गलती बोलूंगा इंक्लूडिंग मैं बहुत ही ब्लंटली बोलता हूं। अपने व्यूअर से भी बात करता हूं मैं यहां पर गलती व्यूअर्स की भी है। अब्सोलुटली जितनी ज्यादा वीडियोस आप ही मैं आपसे बात कर लेता हूं। जैसे ही अभी ये वाला टॉपिक शुरू होगा आपको लगेगा कि यार ये क्या बात हुई है ये सब कुछ तो हमें मालूम है। बात मालूम होने की नहीं है। बात उसकी इंप्लीमेंटेशन की है। और सर जिस तरीके से एग्जांपल से समझाते हैं ट्रस्ट मी आपके माइंड में बैठ जाएगा। इसलिए वीडियो इंपॉर्टेंट है सर। यस टॉपिक स्टार्ट करते हैं एक सबसेेंट टॉपिक से। मतलब जिसके बारे में भी अगेन हमें सबको मालूम है। 93% ट्रेडर्स लूज मनी एंड ओनली 7% पीपल डू नॉट लूज मनी। और हमने कई बार इसके बारे में डिस्कशन करी है ऑफ कैमरा भी कि आपने प्रॉपर रिसर्च करी है कि इसमें सेग्रगेशंस होती है। करेक्ट। क्या सेग्रगेशन? अ 93% ट्रेडर्स मार्केट में लॉस करते हैं। 93% लोग लाइफ में स्ट्रगल करते हैं। 93% लोगों का बिजनेस फेल हो जाता है। 93% लोगों की हेल्थ ठीक नहीं रहती है। 93% लोग मेंटली उतने हैप्पी नहीं है। तो ये 93% हर जगह है। द पॉइंट इज उसमें सेग्रगेशन करने की जरूरत है। हम 80% जो लोग मैंने देखे हैं वो बस कर रहे हैं। ट्रेडिंग करनी है। एक बज वर्ल्ड चल गए तो सबको ट्रेड करना है। रील देखनी है, ये करना है। मार्केटिंग जो हमारे कंटेंट क्रिएटर्स हैं उसमें से कुछ लोग बहुत सही तरीके से बता रहे हैं। कुछ लोग जस्ट ट्राइंग टू वेव कैचिंग द वेव व्यूज गेन करने के लिए व्यूज गेन करने के लिए मेरा एजेंडा व्यूज गेन करना नहीं है। मेरा एजेंडा है रियल ट्रेडर के कोर में जाकर के उसकी हेल्प करना। आपके व्यूज ऑटोमेटिकली खुद ही आ जाते हैं सर। या थैंक यू। तो 80% ट्रेडर्स जो है मार्केट में वो रैंडम ट्रेडिंग कर रहे हैं। ये आज से 10 साल पहले भी था बाद में भी रहेगा। और यह एक रेशियो वर्ल्ड वाइड है कि एक रिडल होती है 90 10 रिडल कि 10% पीपल हैव 90% ऑफ द मनी एंड 90% हैव 10% ऑफ द मनी। राइट? जिसको हम पिरेटोस प्रिंसिपल में 80-20 भी बोलते हैं। इसके पीछे एक साइकोलॉजिकल रीज़न है। 80% लोगों को लगता है कि लाइफ इज वेरी ईजी, सिस्टम इज़ वेरी ईजी, ट्रेडिंग इज़ वेरी ईजी। और वह रैंडम टिप्स और किसी अपने से ज्यादा भरोसा दूसरों पे करते हैं। लर्निंग के लिए आप कर सकते हैं। लेकिन जस्ट फॉर सेइंग कि वह उसने बोल दिया Axis Bank बाय कर लो रिकमेंडेशन नहीं है। जस्ट टेक टेकिंग द एग्जांपल निफ्टी बाय कर लो या कोई भी। तो आपको उसके पीछे की जो एनालिसिस है पहली बात वो नहीं पता। आपको ये नहीं पता कि वो उस ट्रेड को होल्ड करने में कितना इमोशन और कितना पेशेंस चाहिए होगा। आपका इमोशनल कैपिटल और फाइनेंसियल कैपिटल दो चीजें चाहिए होंगी। कई लोगों के पास फाइनेंसियल कैपिटल होता है, इमोशनल कैपिटल नहीं होता है। वो फाइनेंसियल कैपिटल चला जाता है। कई लोगों के पास इमोशनल कैपिटल बहुत रेयर लोग होते हैं। जिनके पास इमोशनल कैपिटल होता है और फाइनेंसियल कैपिटल भी होता है। वो लाइफ में या ट्रेडिंग में सर्वाइव करते हैं और यू कैन से विन करते हैं प्रॉपर्ली। तो जब मैंने इसको सेग्रगेट किया ना तो मैंने तीन चीजों में देखा तो मैं तीन तरह के ट्रेडर्स की बात करता हूं आपसे। पहली बार मैं किसी वीडियो में इस बारे में बात करने वाला हूं। पहले ट्रेडर को मैं बोलता हूं अ यू कैन से पुअर ट्रेडर। पुअर ट्रेडर मींस वो ट्रेडर जो टिप्स पर काम करता है जो tlegram पे रैंडम ग्रुप ज्वाइन कर लेता है जिसको लगता है गेट रिच क्विक टाइप की कोई चीज है जिसको लगता है कि कोई लाइव YouTube पे मैं ज्वाइन कर लूंगा वहां से मेरी चीज बन जाएगी वो ये सब करने के बाद उसका एंड रिजल्ट जो आता है वो आता है रैंडम ट्रेडिंग लूजिंग द मनी ये 80% कैटेगरी है मतलब अगर आप मार्केट में जाके इसको देखेंगे तो 80% लोग आपको ऐसे ही मिलेंगे हम सेकंड कैटेगरी जिसको मैं बोलता हूं एजुकेटेड ट्रेडर और यू कैन से इंटेलिजेंट ट्रेडर वो कौन है जो बहुत सारे वीडियोस इंटरनेट पे देख रहा है। बहुत सारे इंडिकेटर सीख रहा है। बहुत सारी स्ट्रेटजीस सीख रहा है। फिर भी वो स्ट्रगल कर रहा है। वो हैं 13% ट्रेडर्स। राइट? अच्छा। 13% इंटेलिजेंट ट्रेडर्स जिनको नॉलेज बहुत सारा है। जिनको आरएसआई भी पता है, वीवप भी पता है, ऑप्शन बाइंग, सेलिंग सब पता है। बट दे आर नॉट एबल टू मेक द थिंग्स। क्यों? क्योंकि उन्होंने आरएसआई तो सीख लिया लेकिन आरएसआई का किस प्रपोर्शन में यूज करना है पहले यह नहीं सीखा। उनका ट्रेड प्लान क्लियर नहीं है। उनको लगता है बस इंडिकेटर क्रॉस करेगा बाय कर लेंगे सेल कर लेंगे ना तो उनके पास कोई रिस्क मैनेजमेंट है ना उनके पास कोई टेंपरामेंट है उस चीज को मैनेज करने के लिए। तो जैसा कि स्क्रीन पे भी शो हो रहा है कि 7% लोग मार्केट में इसलिए सक्सेसफुल हो रहे हैं क्योंकि उनके पास राइट रेश्यो ऑफ द ट्रेडिंग मेथड है। एग्जांपल के लिए समझाना चाहता हूं। मुझे कोई डिश बनानी है। मुझे उसके इंग्रेडिएंट्स के बारे में पता है। फॉर एग्जांपल मुझे अनियन पता है। मुझे पोटैटो पता है। मुझे टोमेटो पता है। सारी चीजों के बारे में नॉलेज है। लेकिन किस रेश्यो में कितना उस डिश के लिए रिक्वायरमेंट है ये आपको पता होना चाहिए। और हर ट्रेडिंग स्टाइल एक डिश की तरह है। स्कैल्पिंग अलग डिश है। इंट्राडे अलग डिश है। ऑप्शन बाइंग अलग डिश है। स्कैल्पिंग अलग डिश है। सब चीज अलग-अलग है। तो यू कैन नॉट मिक्स इट। जो ट्रेडर 13% में है मैं ट्रेडर से बात कर लेता हूं। जो लोग वीडियोस बहुत सारे देखते हैं व्हिच इज गुड। आपको नॉलेज मिल रही है। लेकिन थोड़ा रुकिए। आपको नॉलेज को प्रॉफिट में कन्वर्ट करना है। तो फॉर दैट यू डू नॉट नीड टू बी वेरी इंटेलिजेंट। यू नीड टू बी वाइजर। आपको उस नॉलेज में कितनी चेरी पिकिंग करनी है और कितना अपने ट्रेड प्लान में डालना है ये आपको सीखना पड़ेगा। जब यह एक वो मिसिंग लिंक है जिस दिन आपने यह कर लिया आप मेरे थ्रू भी सीख सकते हैं या अगर आपको कहीं कोई ऐसा मिल जाता है जो आपको यह चीजें सिखा देता है नहीं तो क्या होगा कि यू हैव फुल ऑफ नॉलेज मतलब आई एम सॉरी टू से दिस द वर्ल्ड इज फुल ऑफ अ स्मार्ट एंड पुअर पीपल द वर्ल्ड इज़ फुल ऑफ स्मार्ट एंड पुअर पीपल मींस दे हैव लॉट ऑफ़ नॉलेज लॉट ऑफ़ डिग्रीज़ लॉट ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग ऑफ़ द थिंग बट दे व्हेन यू चेक देयर बैंक अकाउंट इट इज़ नॉट रिफ्लेक्टिंग द सेम थिंग्स। व्हाई? बिकॉज़ ट्रेडर ने आज तक अपनी साइकोलॉजी रिस्क मैनेजमेंट पे फोकस ही नहीं किया है। हम दिस इज द आईडिया जब मैंने सेग्रगेट किया तो मैंने ये थिन लाइन ऑब्जर्व करी। दिस इज द पॉइंट। सर आपने मैंने कहीं पर आपसे ही सुना था कि आप आप ट्रेडिंग को गीता से लिंक करके कुछ बताते हैं। राइट राइट राइट। ये कांसेप्ट जो है मैं देखिए मुझे कुछ आईडिया है कि आप किस तरीके से बताते हैं क्योंकि मैंने आपको बोलते हुए सुना था। एंड दैट वाज़ वेरी इंस्पायरिंग एंड वेरी इंटरेस्टिंग। लेकिन मैं उसका बिल्कुल भी मजा खराब नहीं करना चाहूंगा। मैं चाहूंगा कि आप ही शुरू कीजिए अपने मुंह से कि एक्सजेक्टली ट्रेडिंग और गीता में या जो कृष्ण भगवान ने अर्जुन को संदेश दिया था उसमें क्या सिमिलरिटी है। देखिए जब हम ये बातें हम कृष्ण भगवान के अर्जुन की स्टोरीज बहुत दिनों से सुन के आ रहे हैं। ये लाइफ में अप्लाई होती है और ट्रेडिंग में डायरेक्टली अप्लाई हो सकती है। गीता के जो एक्सपीर मतलब जो एग्जांपल है वो सारे प्रिंसिपल्स जो हैं वो सब हमारे जीवन में यूज़ होते ही है। मैनेजमेंट के प्रिंसिपल यस यस अब उसको ट्रेडिंग से कैसे लिंक करा है? मैं अगर आप यह पूरा देखेंगे तो आपको समझ में आएगा क्योंकि मुझे पता है कि बहुत कम लोग का इंटरेस्ट होगा और वही वो 7% है। मतलब 80% ड्रॉप 13% थोड़ा देखा चले गए 7% पीपल विल कंप्लीट दिस वीडियो। राइट? पहला जो सिचुएशन था जब युद्ध शुरू होने वाला है। और सामने कौरव पांडव की इस एक सेना खड़ी हुई है और उसमें अर्जुन डिप्रेस हो गए। अर्जुन के पास स्किल का प्रॉब्लम नहीं है। नहीं है। ही नोस आरएसआई यस ही नोस इचोकू ही नोस सुपर ट्रेंड ही नोस ऑप्शन चेन ओआई डाटा एवरीथिंग ही नोस फिर क्या हो गया उसको लगा कि करके क्या ही करेंगे वो उसका व क्लियर नहीं है क्यों करना है और डीमोटिवेट हो दैट इज वेयर लोगों को लगता है ना कि YouTube से हम वीडियो सीख लेंगे और कोर्सर्सेस करने की क्या जरूरत है या कोई मेंटरशिप प्रोग्राम करने की क्या जरूरत है देयर शुड बी मेंटर इन एवरीवनस लाइफ एक मेंटर होना चाहिए मेरी लाइफ में भी एक मेंटर है आपकी लाइफ में भी कोई ना कोई मेंटर होंगे गुरु जिसको हम बोल सकते हैं वो ट्रेनिंग िंग के गुरु भी हो सकते हैं। हमारे लाइफ के गुरु भी हो सकते हैं। वहां पे अर्जुन ने कृष्ण भगवान को अपना गुरु बनाया एंड कृष्ण भगवान हैज़ पहले वो सुन रहे थे कि तुम बोलते जाओ एंड ट्राइंग टू एनालाइज द प्रॉब्लम क्या चल रहा है। देन ही स्टार्टेड स्पीकिंग। तो पहला था कि माइंड वाज़ वीक एंड हार्ट इज़ वर्किंग। लाइक ऑफ एनी अदर ट्रेडर कि लॉस हो चुका है। परेशान है। ट्रेडिंग में सक्सेस नहीं मिल रही है। करें तो करें क्या? हम तो पहले तो आपको यह करना पड़ेगा कि मुझे नहीं पता मतलब या तो आप मेरे से स्मार्ट हो सकते हैं या आपसे स्मार्ट हो सकता है कोई या फिर आपको सरेंडर करना पड़ेगा। मान लो मुझे कोई चीज में सक्सेस नहीं मिल रही है और मुझे लगता है कि हिमांशु जी मेरी हेल्प कर सकते हैं तो पहले तो मुझे सरेंडर करना पड़ेगा। हिमांशु जी के सामने हाथ जोड़ना पड़ेगा कि हिमांशु जी प्लीज मेरी हेल्प कर दीजिए इस कांसेप्ट में। मतलब वी हैव टू बी लाइक दिस। हम हमेशा यूं रहते हैं। हम आई नो ऑल एंड आई एम द बेस्ट। दिस इज द प्रॉब्लम। ये वर्ल्ड ट्रांजैक्शंस पे चल रहा है। नॉलेज के ट्रांजैक्शंस पे। मतलब अगर आपके पास कुछ नॉलेज है। आपने मुझे बताई, मैंने आपको बताई। उससे एक नई चीज क्रिएट होती है। राइट? मान लो किसी एक्सपर्टीज में आपका बहुत अच्छा है। मेरा किसी और चीज में हम लोगों ने मिलाया। एक नई स्ट्रेटजी बना दी। तो हम एक दूसरे को कॉम्प्लीमेंट किया हमने। हम जब हम गुरु के सामने या किसी मेंटर के सामने, किसी टीचर के सामने जिस तरह से कुछ लोगों ने मार्केट में आकर के कोर्सेज बिजनेस को यू कैन से उसके डार्क साइड को ज्यादा प्रमोट कर दिया है या उस तरह से चीजें बता नहीं रहे हैं। मैं सबसे कहना चाहता हूं कि आप ना देयर इज ऑलवेज अ डार्क वर्ड है ना महाभारत के टाइम पे भी दुर्योधन वाज़ देयर। राइट? तो इन द स्टॉक मार्केट देयर आर दुर्योधनंस जो आपको ट्रैप करने की कोशिश कर रहे हैं थ्रू टेलीग्राम टिप्स एंड ऑल। आपको समझना है कि राइट नॉलेज क्या है और रॉन्ग नॉलेज क्या है? यह आपकी ड्यूटी है। जब अर्जुन को गुरु सेलेक्ट करना था तो उसने कृष्ण भगवान को सेलेक्ट किया ना क्योंकि उनको उस नॉलेज में कंटेंट दिखा। अब वो आपके ऊपर छोड़ रहा हूं कि आप किसको चुनते हैं, किसको नहीं चुनते हैं वो ऑडियंस का काम है। अर्जुन सरेंडर्स देन ही गोज़ कि फिर वो चुप एकदम और फिर कृष्ण भगवान ने अपना नॉलेज देना शुरू किया। देने के बाद वह जो डिप्रेस पर्सन था वह खड़ा हो गया एंड स्टार्टेड टेकिंग द फाइट्स जो भी उसको अपना एक्शन करना था यही एक ट्रेडर के साथ होता है पहले वो डिप्रेस होता है लेकिन वो सरेंडर नहीं करता है आरएसआई पे दो वीडियो देख लिए आई नो द आरएसआई थोड़ा सा स्टॉकिस्टिक देख लिया आई नो द स्टॉकिस्टिक थोड़ा सा ऑप्शन चेन देख लिया इट इज़ नॉट लाइक दिस आपको उसके एक्सपर्ट को सरेंडर करना पड़ेगा फॉर एग्जांपल आपका फल्ट है फॉर एग्जांपल स्विंग ट्रेडिंग मेरा फौ्ट है इंट्राडे। मान लेते हैं। आई एम नॉट सेइंग कि आप इंट्राडे में नहीं है। मैं स्विंग में नहीं हूं। वी बोथ आर डूइंग द सेम अलग-अलग थिंग्स हम लोग करते हैं अलग-अलग स्टाइल से। तो आपको अपना फो्ट पहचानना पड़ेगा कि मुझे स्विंग ट्रेडिंग करनी है। तो स्विंग ट्रेडिंग के बारे में पढ़ना है। स्विंग ट्रेडिंग के बारे में सीखना है। स्विंग ट्रेडिंग के बारे में सोचना है। स्विंग ट्रेडिंग के बारे में सपने आने चाहिए। तब स्विंग ट्रेडिंग आपके सबकॉन्शियस में एंटर कर जाएगा। और वह वो रिजल्ट लाके देगा जो आप सोचोगे ये मैं कैसे कर पा रहा हूं। वो मैजिक वहां से ड्रिवन होता है। वही इंट्राडे किसी के लिए इंट्राडे इज वेरी ईजी ऑप्शन बाइंग इंट्राडे वेरी ईजी किसी के लिए इट्स लाइक शिवरिंग लाइक कॉफ्टिंग कि बड़ा कैपिटल कैसे करेंगे? छोटा कैपिटल कैसे करेंगे? ये प्रॉब्लम्स हैं। तो जब हम ट्रेडिंग में आते हैं तो आपको मेंटर चाहिए समबडी इज़ डिसाइड यू। अब कुछ लोग यहां पे जो दुर्योधन माइंडसेट के हो सकते हैं। राइट? वो यह सोचेंगे कि शायद ये अपना कोर्स प्रमोट करने के लिए ऐसा हुआ। आप मेरा कोई कोर्स मत खरीदो। आप मेरा पॉइंट समझने की कोशिश करो। कोर्स में आपको नॉलेज मिल रही है। नॉलेज के साथ आपको मेंटर सपोर्ट मिलता है। अगर अर्जुन कृष्ण भगवान को सरेंडर नहीं करेंगे तो कृष्ण भगवान कैसे समझेंगे कि क्या बोलना है? मेरे पास बहुत सारे ट्रेडर आते हैं। वो जज करते हैं कि मैं कैसा सिखा रहा हूं? आप कैसा सिखा रहे हैं। एंड देन दे डिसाइड। ठीक है? लेकिन आपका हेल्प होना चाहिए। आपकी आप एक प्रॉब्लम स्टेटमेंट से गुजर रहे हैं कि फॉर एग्जांपल आपको लॉस आ रहा है या आप साइकोलॉजिकली चीजें मैनेज नहीं कर पा रहे या स्ट्रेटजी डिफाइन नहीं कर पाए अभी तक तो जब तक आप अपने मेंटर के सपोर्ट में नहीं आएंगे आपको क्लेरिटी नहीं बिल्ड होगी। प्रॉफिट लॉस एक बात की बात है। सो वन इज़ डिसपेयर, सेकंड इज़ सरेंडर। थर्ड इज़ अंडरस्टैंडिंग अंडरस्टैंडिंग। फोर्थ इज़ रिसोल्व। फिफ्थ इज़ एक्शन। तो मोस्ट ऑफ़ द ट्रेडर डिसपेयर में है। जिनको सरेंडर करना चाहिए। फर्स्ट ऑफ़ द थिंग। अब किसको सरेंडर करना है यह भी एक देख करके करना होगा आपको। वह आप ज़्यादा अच्छे से इवैलुएट कर सकते हैं। ठीक है? उसके बाद उनको स्ट्रेटजी की अंडरस्टैंडिंग या फिर एम आई अंडरस्टैंडिंग इट राइट? राइट? उसके बाद स्ट्रेटजी की अंडरस्टैंडिंग, रिस्क मैनेजमेंट की अंडरस्टैंडिंग कौन सा इंडिकेटर? कौन सा स्टाइल? मेरे पास बहुत सारे ट्रेडर्स आते हैं। बोलते हैं सर मुझे ना इंट्राडे करना है। मैं पूछता हूं क्यों करना है इंट्राडे? हम सर इंट्राडे सब लोग कर रहे हैं। तो मैंने कहा सब लोग तो बहुत और भी बहुत कुछ कर रहे हैं। तो आप वो भी करिए। देयर इज़ नो क्लियर रीज़न कि इंट्राडे क्यों करना है? सर मुझे पैसे कमाने हैं। मुझे प्रॉफिट चाहिए। किसको नहीं चाहिए? स्टॉक मार्केट में फाइनल आंसर तो सबको प्रॉफिट ही है। लेकिन स्टॉक मार्केट जिन लोगों को प्रॉफिट चाहिए उनको प्रॉफिट दे नहीं रहा है। हम जो रोज सॉरी टू से कि एक बेगर की तरह मार्केट में रोज आ जाते हैं एक बिल्कुल वीक माइंडसेट के साथ कि कुछ मिल जाए और उस चीज का फायदा उठाते हैं कुछ ऐसे लोग जो स्कैम कर देते हैं आपके साथ कि आपकी ग्रीड का उन्होंने फायदा उठा के आपको इन्फ्लुएंस कर दिया और आपने उनके उसमें आ गए क्योंकि हम सीखना नहीं चाहते क्योंकि हम सुनना नहीं चाहते किसी के पास आज टाइम नहीं है कि वो यह आधे 1 घंटे का वीडियो सुने जैसे हम लोगों ने बातें शुरू करी होंगी बहुत से लोग जा चुके हैं आईडिया बीइंग क्योंकि लोगों को लगता है कि स्ट्रेटजी बताओ, कोई इंडिकेटर दे दो, कोई ऐसी चीज बता दो जिससे बस मैं उसको करने लगूं और वो हो जाए। इवन एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग के बारे में पढ़ रहा था मैं जिम सैमस। राइट? उनके बारे में अगर आप अभी तो वो नहीं है हमारे साथ। अगर आप उनकी बुक्स में जाकर पढ़ेंगे उनकी एक जो बुक है मुझे नाम नहीं याद आ रहा है अभी मैं उसको बता दूंगा क्या नाम है उसका। उसमें उन्होंने साइकोलॉजिकल फैक्टर्स के बारे में बात की। इवन दो ही इज़ इनू एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग। मतलब एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग के बाद भी मैंने लोगों को एल्गो बंद करते हुए देखा है ड्यूरिंग द डे। यस। कौन बंद करा रहा है? क्योंकि आप सॉफ्टवेयर से रेडी नहीं है। एक सिस्टम है और एक ट्रेडर है। ट्रेडर जितना स्ट्रांग होता चला जाएगा उतना स्क्रीन पे जो प्रॉफिट है वो स्ट्रांग होता चला जाएगा। आप स्क्रीन पे प्रॉफिट देखना चाहते हैं। इसको आप इवॉल्व नहीं कर रहे हैं या आपको जो करना चाहिए इसके लिए वो नहीं कर रहे हैं। आई नो इट इज़ टफ प्रोसेस। बट कि इसको किए बिना वो होगा नहीं जो आप एस्पायर कर रहे हैं। ओके। सो डिस्पेयर से बाहर निकल के हम सरेंडर करें। सरेंडर के बाद हम अंडरस्टैंडिंग करें। उसके बाद हम क्या करें? फिर हम रिॉल्व करेंगे। फिर हमें ना एक होता है कि हमने आपने मेरे से 15 स्ट्रेटजी सीख ली या आपसे किसी ने 15 स्ट्रेटजी सीख ली। हमारा काम है नए-नए इंफॉर्मेशन नई-नई नॉलेज लोगों को पहुंचाना। ये हमारा आपका वर्क है। इस अब लोगों को क्या लगता है कि इस वीडियो में तो इन्होंने ये बोला था। इस वीडियो में यह स्ट्रेटजी बोल रहे हैं। इनको लग रहा है कि बस स्ट्रेटजी बनाने बनाना ही है। और इतनी सारी स्ट्रेटजी में कौन सी काम करती है? हमारे लिए हमारा जो ट्रेडिंग सेटअप है, हमारी जो स्ट्रेटजी कलेक्शन है, उसमें से हम आपको कुछ नगेट्स देते रहते हैं। आपका काम ये नहीं है कि आप सारी सेवन स्ट्रेटजीस या 10 स्ट्रेटजीस को अपने स्क्रीन पे लगा लें और नासा के साइंटिस्ट लगने लगेंगे। राइट? आपको उसमें से एक या दो स्ट्रेटजी से शुरू करना है। हम लोग ज्यादा स्ट्रेटजीस क्यों बताते हैं? अलग-अलग वीडियोस में हमारे बहुत सारी स्ट्रेटजीस मिलेंगी। क्यों? क्योंकि मुझे नहीं पता कि हमारे साथ कौन ऑडियंस है और किसको कौन सी स्ट्रेटजी कनेक्ट हो जाएगी। करेक्ट। एंड आल्सो एक जो प्रोफेशनल ट्रेडर है वो मल्टीपल स्ट्रेटजीस पे एनीवेज काम कर रहा होता है। सबको लगता है कि सिर्फ एक ही स्ट्रेटजी जिस पे काम चल रहा है लेकिन प्रोफेशनल ट्रेडर मल्टीपल स्ट्रेटजीस में काम कर रहा होता है। उसका स्ट्रेटजी का बास्केट होता है। पोर्टफोलियो बास्केट होता है। और एक और पॉइंट होता है कि मान लो अभी साइडवेज मार्केट चल रहा है और आप ट्रेंड फॉलोइंग स्ट्रेटजी फॉलो कर रहे हो। हम नहीं वर्कआउट करेगी। आपको लगेगा स्ट्रेटजी खराब है। लेकिन फिर वही स्ट्रेटजी ट्रेंड फॉलोइंग में काम करने लगे। आपको कि नहीं मेरी तो स्ट्रेटजी सही है। तो पहले एनवायरमेंट ऑफ द मार्केट देखना है। कॉन्टेक्स्ट ऑफ द मार्केट देखना है। रिजीम ऑफ द मार्केट देखना है। उसके बाद स्ट्रेटजी सिलेक्शन प्रोसेस आता है। लेकिन हमें लगता है कि सीधा स्ट्रेटजी लो मार्केट में लगाओ। चल गई तो अच्छा नहीं चली तो कोई बात नहीं। दिस इज द माइंडसेट बिहाइंड दैट। देखो लाइफ में ना आपका जो यू कैन से कि जो आपको चीज रोक रही है कुछ भी करने से वो आपके डाउट्स हैं। डाउट्स आर द लाइक द ब्रेक्स। आपको एक-एक डाउट क्लियर करना पड़ेगा। सिली से सिली डाउट आपको पूछना पड़ेगा। आप यह सोचो नहीं इसका तो यह आंसर आपका ट्रस्ट बिल्ड अप नहीं होगा। आप अच्छी खासी स्ट्रेटजी को खराब कर देंगे। वही स्ट्रेटजी में दूसरा ट्रेडर प्रॉफिट कर रहा होगा। उसी स्ट्रेटजी में दूसरा ट्रेडर लॉस कर रहा होगा। क्योंकि उसके माइंड में डाउट अलग है। देखो पॉइंट क्या था ना कुछ लोग जैसे ग्रुप कोर्सर्सेस हम लोग करते हैं। बहुत सारे लोग उसको परचेस करते हैं, देखते हैं। व्हिच इज़ वैरी गुड। उससे आपको मिलता है। लेकिन क्या आपको लगता है कि एक 2 घंटे के वीडियो से यू बिकम अ ट्रेडर? मतलब इट इज लाइक कि बहुत सारे यहां पे डिफरेंट तरह के प्रोफेशंस के लोग हमारे साथ यह वीडियो देख रहे होंगे। पॉइंट यह है कि क्या वो मुझे अपना प्रोफेशन 2 घंटे में सिखा सकते हैं? इवन इफ यू आर डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्हाटएवर। क्या आप मुझे 2 घंटे में अपना मेडिसिन का करियर, कॉर्पोरेट एंप्लई का करियर नहीं सिखा सकते। अपनी स्किल आप 2 घंटे में नहीं सिखा सकते। आप आपको आप किसी के प्रोफेशन की बात कर रहे हैं। उसको छोड़ दीजिए। आपको अगर 2 घंटे में कोई आपको पेट को कैसे रखना है वो भी नहीं सिखा सकता। फॉरगेट अबाउट द प्रोफेशन। करेक्ट। यू आर राइट। तो 2 घंटे में हम नहीं कुछ सीख सकते। लेकिन 2 घंटे में क्या तो फिर 2 घंटे की वीडियोस क्यों हैं? आपको एक लेवल से आगे निकालने के लिए। आप वहां से आगे आ गए। अब नेक्स्ट लेवल आपको सीखना पड़ेगा। सर अब आप दूसरा कोर्स बेचने वाले हैं। अब आपके माइंड में ये आएगा। दिस इज़ नॉट द पॉइंट। अब इसको समझने की कोशिश करो। अगर आपको ये तो वैसी बात हो गई कि क्लास थर्ड में कोई बच्चा पढ़ रहा है। उसको हमने क्लास नाइंथ की मैथ्स पकड़ा दी कि बेटा पढ़ो। तो वो तो मैथ्स से नफरत करने लगेगा। वो तो गिव अप कर जाएगा वहीं पे। दैट इज व्हाई डिफरेंट टाइप ऑफ कोर्सर्सेस आर देयर फॉर डिफरेंट टाइप ऑफ ट्रेडर्स। फिर आता है वन ऑन मेंटरशिप कि मतलब हम पर्सनल कनेक्ट बनाएं किसी भी मेंटर के साथ और उसके साथ एक साल 2 साल रहें तो वो आपका ना शैडो बन जाता है। आपका रिफ्लेक्शन होता है। जिनसे मैंने सीखा है और जिनके थ्रू मेरे पास ये साइकोलॉजिकल विज़डम आई है उन्होंने अपना नाम लेने से मना करा है क्योंकि इस तरह के लोग बहुत जेनरस होते हैं। एंड ही सेड टू मी कि यार मुझे ना यही प्रॉब्लम नजर आई हर जगह। मतलब द वर्ल्ड की प्रॉब्लम ही यही है कि पीपल आर नॉट एबल टू फोकस ऑन द साइकोलॉजी रिलेशनशिप में भी यही प्रॉब्लम्स हैं। पीपल आर सेइंग कि मैं हैप्पी क्यों नहीं हूं? व्हाट आर द इंग्रेडिएंट्स ऑफ़ हैप्पीनेस? वो वो एक डिफरेंट सब्जेक्ट हो जाएगा। मैं उसमें नहीं जाऊंगा। ट्रेडिंग रिलेटेड अगर मैं बात करूं तो आपको अपने स्ट्रेटजी से रिलेटेड, अपने रिस्क मैनेजमेंट से लेकर पूरे डाउट्स क्लियर करने पड़ेंगे। और आज मैं बहुत सारे ऐसे वर्ड्स और सेंटेंसेस बोलता हूं जो मेरे मेंटर के ही हैं। बस मेरी जुबान है। एग्जांपल्स उन्हीं के ही हैं। और बहुत सारे एग्जांपल ऑन द वे मेरे डेवलप हो गए। लेकिन क्यों? क्योंकि मैं उनके साथ सालों से हूं। मैं उनकी 2 घंटे की मीटिंग में सब कुछ नहीं सीख सकता था। ही गव टू मी लॉट ऑफ़ थिंग्स। लॉट ऑफ़ थिंग्स। तो वो चीज बिल्ड हो गई ओवर अ पीरियड। करेक्ट। सो देयर आर द फाइव फेसेस ऑफ़ अर्जुन आर डिस्पेयर सरेंडर अंडरस्टैंडिंग रेोल्व और फाइनली हमें एक्शन लेना है उसके अंदर। अब एक्शन के बाद क्या रिजल्ट आएगा? आपको भी नहीं पता आज से 5 साल बाद आप कितने करोड़ बना रहे होंगे और मैं कितने करोड़ बना रहा होगा या मेरे जा रहे होंगे करोड़ या आपके जा रहे होंगे मुझे भी नहीं पता आपको भी नहीं पता हमें एक ड्यूटी मिली है डू द राइट एक्शन एवरीडे वो तो गीता का सबसे फेमस जो श्लोक है कर्मण्यवादी का रास्ते माफ करा यू हैव टू राइट द ऑफ द एक्शन नॉट द रिजल्ट्स रिजल्ट्स इसके पीछे लॉजिक क्या है किसी को कोई बोलो अरे तो हमारा रिजल्ट में तो इंटरेस्ट है ऐसे समझ लेते हैं कि अगर जिस समय हम एक्शन ले रहे होते मान लो हम ट्रेड कर रहे हैं। ठीक है? हमारा ध्यान अगर स्ट्रेटजी से हट जाए और चला जाए प्रॉफिट एंड लॉस पे कि आज मुझे कितना मिलेगा? कल मुझे कितना गया था? मेरा पिछले महीने का लॉस क्या है? मेरी ब्रोकरेज कितनी लग रही है? व्हाटएवर। तो हम बाकी सारी चीजों पे फोकस कर रहे हैं। जिस चीज पे फोकस करना चाहिए उस पे नहीं कर रहे। मींस स्ट्रेटजी कांसेप्ट्स रिस्क मैनेजमेंट उस पे फोकस नहीं कर रहे। हम फोकस कर रहे हैं प्रॉफिट एंड लॉस पे। एक्चुअली में कृष्ण भगवान ने जब अर्जुन से यह बात बोली थी तो उसका मीनिंग यह था कि तुम अगर एक्शन पर फोकस करोगे तो रिजल्ट आर द बाय प्रोडक्ट। करेक्ट। वो ये अगर आप उसमें सेकंड लाइन भी पढ़ेंगे तो उसमें वही है कि लेजीनेस नहीं होनी चाहिए। उसमें सेकंड वो जो कर्मने वास्ते वाली लाइन है उसके नीचे एक लाइन और है। आई से पीपल टू उसको जाके पढ़ें। मुझे उसका एग्जैक्ट मीनिंग यही है कि उसमें आप यू कैन से डिटच हो के आपको उस एक्शन को लेते रहना है। इफ यू हैव टेस्टेड थिंग्स टेस्टेड थिंग क्या होती है? आपने कोई स्ट्रेटजी बनाई आपको पिछले डाटा पे प्रॉफिटेबल दिख रही है। आपका क्लेरिटी आ रही है कि हां ये चीजें बन सकती हैं। आप शुरू कर दीजिए। अगर क्लेरिटी चाहिए तो पहले कंफ्यूज हो जाओ। अगर एक ए पॉइंट से B पॉइंट तक पहुंचना है तो पहले ट्रैफिक में फंस जाओ। आप ट्रैफिक में फंसे बिना नहीं पहुंच सकते। तो इफ यू आर इंटू द ट्रैफिक मेंटल ट्रैफिक कि अभी मुझे समझ में नहीं आ रहा है तो यू आर गोइंग इन द राइट डायरेक्शन। इस डायरेक्शन को मत छोड़ना। मेंटर आप चेंज कर सकते हो। कोर्स चेंज कर सकते हो। लोगों को ट्राई कर सकते हो। थोड़े-थोड़े कॉस्ट पे आप चीजों को अप्लाई करके देख सकते हो। उसमें से आपको कुछ ऐसे नगेट्स मिल जाएंगे जो आपकी चीजों को इवॉल्व कर देंगे और आप पहुंच जाएंगे जहां पहुंचना। ग्रेट सर एक बहुत हीेंट क्वेश्चन है। आई वुड से ऑलदो लास्ट क्वेश्चन फॉर द डे बट नॉट आई मीन आई वुड से दिस इज दी मोस्टेंट क्वेश्चन। 2020 के बाद से नोटिस किया है मैंने ज्यादा। 2020 से पहले भी ऐसी इंटेंशन होती थी लेकिन 2020 के बाद ज्यादा ऐसी हो गई है। एवरीवन वांट्स टू लीव देयर जॉब एंड अडॉप्ट ट्रेडिंग एज अ बिज़नेस। करेक्ट। इस पे आपके थॉट्स क्या हैं? सर यह ना एक ऐसा पॉइंट आपने टच कर दिया वि इज मतलब बहुत ही इंपॉर्टेंट पॉइंट है। मतलब इसने लोगों की लाइफ खराब कर दी है। मैं आपके ज्यादा नहीं 10 मिनट लूंगा इस क्वेश्चन पे क्योंकि मुझे पता है ऑडियंस ज्यादा साइकोलॉजिकल चीजें नहीं जानना चाहती है। उसको इंटरेस्ट है स्ट्रेटजी में। बट यह इंपॉर्टेंट पॉइंट है। अगर आपको ट्रेडिंग में सक्सेसफुल होना है तो आपको जॉब छोड़नी नहीं है। अगर आपको बिजनेस में सक्सेसफुल होना है तो अपनी जॉब नहीं छोड़नी है। क्योंकि रीज़न क्या होता है कि जैसे ही आप जॉब छोड़ते हो तो वो जो मंथली एक्सपेंस का जो स्ट्रेस है वो आपकी ट्रेडिंग पे शिफ्ट हो जाता है। इट इज़ लाइक कि कोई 5 साल का बच्चा है आपने उससे बोल दिया कि जाओ बेटा पैसे कमाओ। गिवेन द लॉट ऑफ़ स्ट्रेस टू हिम और हर। राइट? तो आपके अंदर दो इंसान हैं जिसको मैं सर्कस का लयन एंड जंगल का वाइन बोल रहा हूं। देखो हम सबको ना फ्रीडम मिली है कि वांट टू लिव अ वाइल्ड लाइफ मतलब अबंडेंस होना चाहिए। किसी को लग्जरी मिल रहा है, किसी को नहीं मिल रहा है, कोई बहुत क्राइसिस से गुजर रहा है। अगर मैं आपसे ऑडियंस से बोलना चाहता हूं कि आप जिस भी सिचुएशन में आज है ना फॉर एग्जांपल व्हाटएवर सिचुएशन 50,000 मंथली कर रहे हैं या 50 लाख मंथली कर रहे हैं पूरी रेंज है। जिस भी सिचुएशन में आप हैं वो किसी ना किसी का ड्रीम है। बिल्कुल सही बात है। आप 50,000 में हैं। जो 10,000 पे है ना वो सोचता है ये मेरी ड्रीम लाइफ है। आप पहले ग्रेटट्यूड फील करिए अपनी लाइफ के लिए कि मुझे जो मिला है दैट इज गुड। पहले ना अपने को फोमो से बाहर निकालना पड़ेगा। सर मुझे ना जंगल का लयन बनना है। जंगल के लयन के स्ट्रेस पता है आपको? उसको रोज अपना शिकार खुद ढूंढना पड़ेगा। खुद ढूंढना पड़ेगा। उसको जाना पड़ेगा। उसकी कोई फिक्स रूटीन नहीं है। कभी मिलेगा कभी नहीं मिलेगा। सर्कस के लयन को टाइम डिसाइडेड है। 12:00 बजे खाना मिल जाएगा। मैं ऐसा सोचता हूं। लोगों ने क्रिटिसाइज किया है कि जॉब अच्छी नहीं है। फाइनेंसियल फ्रीडम इंपॉर्टेंट है। जल्दी से रिच हो जाओ। क्यों यू कैन से फायर योर ओन बॉस, बी योर ओन बॉस। ऐसे करके स्टेटमेंट्स लोगों ने करे हैं। इंपॉर्टेंट है कि फाइनेंसियल फ्रीडम का इंस्पिरेशन हमारे अंदर होना चाहिए। लेकिन विद द राइट विज़डम माय सर्कस का लयन बने रहिए। अपने बिल्स, अपने एक्सपेंसेस, अपने जो ड्यूटीज हैं, रिस्पांसिबिलिटीज हैं उनको पूरा करते रहिए। अगर आपके फाइनेंसियल अलऊ करते हैं तो आप डायरेक्टली जंगल का लयन बन सकते हैं। तो देयर आर फ्यू प्रिविलेज पीपल जिनके पास जनरेशन टू या कैन से यू कैन से दे आर वेल्थदी बिहाइंड द सीन्स। तो वो ट्रेडिंग करते हैं। अब मान लो दो ट्रेडर बैठे हैं। एक ने ट्रेड किया और वो ट्रेड में वेट कर रहा है क्योंकि उसको लग रहा है ये ₹5 लाख ऊपर नीचे कोई फर्क नहीं पड़ता मुझे। हम और किसी ट्रेडर के लिए ₹5 लाख उसका कैपिटल है या ₹00 उसका कैपिटल है। व्हाटएवर तो आईडिया यह है कि आप पहले अपने सर्कस के लायन की जो जिंदगी है मतलब आपको ऑफिस जाना है। आपको मेट्रो में ट्रैवल करना है। आपको ट्रैफिक देखना है। आपको बॉस के ताने सुनने हैं। जो भी चीजें हैं वो पार्ट है। एक्सेप्ट करिए उसको। वो हमने भी किया है। आपने भी किया है। उसको एक्सेप्ट करना पड़ेगा। मतलब फुल टाइम ट्रेडिंग किए बिना भी ट्रेडर बना जा सकता है। अब्सोलुटली। आप स्विंग ट्रेडिंग करिए ना या आप अगर पार्ट टाइम में इंट्राडे ट्रेडिंग करिए 3 घंटे दीजिए। अब आपको यह मोस्टली लोगों को लगते हैं सर इक्विटी मार्केट 9:15 टू 3:30 चलता है तो मैं तो उस टाइम पे ऑफिस में होता हूं। दैट्स व्हाई पीपल इंटू द एल्गो बोट्स कि यार कोई ऐप मिल जाए कोई मोबाइल पे। इससे कितने क्राइम हो चुके मतलब कितने तरह के फ्रॉड हो चुके हैं। राइट? आपको बस इतना सोचना है कि यार मेरे पास ठीक है। मैं लाइफ की सिचुएशन पे हूं। मुझे ट्रेडिंग एक अपॉर्चुनिटी दिख रही है। व्हिच इज गुड। मेरी जॉब भी है, मेरी फैमिली भी है। मुझे बैलेंस करके चलना है। तो मैं जॉब इंपल्सिवली नहीं छोड़ दूंगा। तो पहली बात तो यह है कि आप किसी के बहकावे में नहीं आएंगे कि जॉब छोड़ दो और ट्रेडिंग करना शुरू कर दो। मेरा पॉइंट ये है कि पहले जॉब करते रहो। ट्रेडिंग को साइड में दो-ती घंटे लर्न करो। मतलब 88 8 24 आवर्स होते हैं। 8-आ घंटे में आप अपनी लाइफ को डिवाइड कर सकते हैं। 8 घंटे आप अपने अपने लिए निकालिए। फॉर योर स्लीप एंड अदर वर्क्स। 8 घंटे आप अपनी जॉब के लिए निकालिए। 8 घंटे बहुत होते हैं बचे हुए। अगर आप उसमें Netflix ना देखें थोड़ा सा अगर थोड़ा सा Instagram ना स्क्रॉल करें। थोड़ा सा जो आपको अपने बारे में खुद पता होगा वो चीजें ना करें। चलो 8 घंटे नहीं 4 घंटे निकाल लो। अगर आप सोचो 4 घंटे आप एक साल किसी भी स्टडी पे किसी भी सब्जेक्ट पे अगर आप चले गए आप एक साल बाद कहां होगे। आपको पता है 1400 घंटे हो जाते हैं। और आप उस फील्ड के मास्टर हो जाओगे। आपको पता होगा कि क्या चीजें काम करती है, क्या नहीं करती है। तो 4 घंटे एक्स्ट्रा निकालिए। एक साल तक जॉब को सब अपना करते रहिए। जिस दिन आपको लगे कि मेरी स्ट्रेटजी बन गई है, रिस्क मैनेजमेंट प्रॉपर हो गया है, मैं टेंपरामेंट से सही चीजें कर पा रहा हूं और आपका वो ट्रेडिंग अकाउंट रिफ्लेक्ट करना चाहिए। मतलब वर्बली नहीं कि यार मैं ना हो गया है। क्या रूल है? कितनी इनकम होने पर मैं जॉब छोड़ सकता हूं? कोई ऐसा रूल है? सर मुझे ऐसा लगता है कि अगर आपकी जो मंथली इनकम है उसका इन थ्री आपको ट्रेडिंग से मिलने लगे या आपको दिखने लगे कि मैं अगर लॉट्स बढ़ाऊंगा तो इतना तो आ ही जाएगा। एट दिस पॉइंट आप डिसीजन ले सकते हैं। लेकिन उसकी कंडीशन है इमरजेंसी प्लांस लाइक आपके पास एक साल का बैकअप कैपिटल आपका टर्म प्लान आपका मेडिकल इंश्योरेंस वगैरह होना चाहिए। ये देखो क्या होता है ना कि आप मेडिकल इंश्योरेंस नहीं है आपके पास। आप ट्रेडिंग कर रहे हो। आपके घर पे किसी की तबीयत खराब हो गई। अब आपके माइंड में मालूम क्या आएगा कि अभी वो ₹2 लाख का ऑपरेशन होना है। चलो ट्रेडिंग से कोशिश करते हैं निकालने की। वो स्ट्रेस में आप निकाल नहीं पाएंगे लॉस। अरे आप बिल्कुल नहीं निकाल सकते क्योंकि आपने वो प्रॉब्लम उस मार्केट को पता ही नहीं है। उस दिन मार्केट फ्लैट हो गया चार दिन। अब आप जबरदस्ती करोगे। ऑप्शन बाइंग करने में और फ्लैट मार्केट में करोगे और लॉस होगा। तो काइंड ऑफ़ सिचुएशन इज़ दिस कि मार्केट को नहीं पता आपकी लाइफ में क्या चल रहा है। मार्केट को नहीं पता कि आपकी मेडिकल कंडीशन मार्केट में और अपनी स्ट्रेटजी में स्ट्रेस मत डालो पैसे कमाने के लिए। आप जस्ट बी अ गुड ट्रेडर। जस्ट बी अ गुड ट्रेडर। और अपने अंदर का जो वो है ना शेर उसको जिंदा रखो। मैं ये नहीं कह रहा हूं उसको मार दो। जो आपका वाइल्ड लायन है उसको जिंदा रखो। लेकिन उसको सिर्फ 4 घंटे के लिए जिंदा रखो। बाकी लाइफ को एक्सेप्ट करो कि हां ठीक है। बट वो 4 घंटे आपको एक दिन ऐसा जरूर आएगा आपकी लाइफ में। अगर आप ये करते रहे अगर मेरी एडवाइस अगर लोगों ने इसको मान लिया क्योंकि मैंने इसी तरह से लाइफ को अपने टर्न अराउंड किया था। मतलब मेरी जर्नी तो थोड़ी सी डिफरेंट हो गई थी क्योंकि मेरी एज कम थी तो मैंने सीधा जंगल का लयन बनने का सोचा क्योंकि माय फादर वास देयर टू बैक अप मी लेकिन जब वो चले गए देन आई लाइक तब तक मेरी ट्रेडिंग चीजें सेटल हो गई थी तो पॉइंट ये है ना कि प्रैक्टिस मेक्स द थिंग्स परफेक्ट बट कब तक कितने दिन में वो चीजें होंगी किसी को नहीं पता है इफ यू आस्क मी कि सर मैं कितने दिनों में ट्रेडर बन जाऊंगा मैं कैसे बताऊं ये चीज कैसे हो सकती किसी को नहीं इट्स अ जर्नी सर इट्स अ जर्नी सर लास्ट में एक लेसन जो आपको लगता है कि ट्रेडर को सारे ट्रेडर को हमेशा याद रखना ही चाहिए। इसके बिना कोई सर्वाइवल नहीं है या दिस इज अ अनकंप्रमाइजेबल ट्रुथ। मतलब ऐसे बहुत सारी चीजें बोलने के लिए एक पॉइंट मुझे याद आ रहा है। हमारे एक ग्रेट इन्वेस्टर हैं विजय केडिया जी। राइट? उन्होंने एक जगह मैंने सुना था कि उनका मैं वीडियो देखता रहता हूं। ही इज़ अ वेरी गुड सिंगर आल्सो। उन्होंने एक जगह कहीं पे वो कुछ लेक्चर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि जो मिल गया वो अपना बाकी सब सपना। उनकी फेमस लाइन है। तो जब हम यह सुनते हैं ना जब मैंने सुना पहली बार तो मुझे लगा कि इसका मतलब पूरा नहीं मिल पाएगा। मतलब जो मिल गया वो अपना उनका कॉन्टेक्स्ट भी क्लियर है कि जो मिल गया वो अपना बाकी सब सपना मतलब ज्यादा ग्रीड मत करो। ज्यादा उन चीजों में मत जाओ। लेकिन माइंड हमारा मानता नहीं है। वो कहता है नहीं चाहिए। क्यों नहीं चाहिए? हाई लो क्यों नहीं कैच कर सकते? या हम बड़े प्रॉफिट्स क्यों नहीं कर सकते? तो मैंने उस स्विंग को अपना वर्जन निकाला जो मैं जिस लाइन से क्लोज करना चाहता हूं कि जो मिल गया है वो अपना जो बच गया है उसको बाद में बना लेंगे अपना मतलब आज आपको जो मिल रहा है उसको एक्सेप्ट कीजिए और माइंड को बोल दीजिए अगर आप माइंड को ये बोलेंगे ना कि ये नहीं मिल पाएगा या छोड़ दो तो हमारा माइंड एक्चुअली बहुत इंटेलिजेंट होता है मतलब बहुत यू कैन से पावरफुल होता है वो आपसे क्वेश्चन करेगा क्यों क्यों नहीं बड़े प्रॉफिट्स क्यों नहीं आ सकते उन्होंने लाइफ टर्म अराउंड करी है ऐसा हुआ है। पॉइंट इज़ कि एक स्ट्रेटजी से आप पूरा मार्केट नहीं कैच कर सकते। लेकिन मल्टीपल स्ट्रेटजी से आप पूरी मार्केट कैच कर सकते। एक स्ट्रेटजी से आप थोड़ा प्रॉफिट कैच करोगे। दूसरी स्ट्रेटजी से दूसरा प्रॉफिट कैच करोगे। अगर आपके पास मल्टीपल स्ट्रेटजी से एग्रीगेशंस हैं या लिस्ट है तो आप शायद मार्केट के ज्यादा प्रॉफिट्स भी निकाल सकते हो। तो अपने को ग्रोथ माइंडसेट में रखेंगे कि आज हमने ये स्ट्रेटजी सीख ली। कल हम दूसरी स्ट्रेटजी भी सीखेंगे। अपने को इंप्रोवाइज करेंगे और यह जर्नी है। आज भी आप भी स्टडी करते हैं। मैं भी स्टडी करता हूं। बिकॉज़ ऑफ़ व्हाट कि हमें भी पता है कि स्ट्रेटजी का एक शेलफ लाइफ होता है। अभी मार्केट अच्छा चल रहा है। पर्टिकुलर कोई स्ट्रेटजी अच्छी चल रही होगी। अभी मार्केट चेंज हो जाएगा। दूसरी स्ट्रेटजीज़ में हमें जाना पड़ेगा। दैट इज़ेंट। करेक्ट। सर ये तो ऐसा टॉपिक है जिसका कोई अंत नहीं है। बिल्कुल अंत। स्ट्रेटजी का तो फिर भी अंत होता है। बट आई वांट टू गिव यू द थैंक्स टू यू एंड अप्सर्च फॉर गिविंग मी टिस टाइम कि मैं साइकोलॉजी पे बात कर सकूं। बिकॉज़ दिस इज़ वेरी अनटच टॉपिक और क्योंकि लोगों को इंटरेस्ट लेना तो चाहिए। बहुत बोरिंग है। गेटिंग रिच इज़ अ बोरिंग प्रोसेस। गेटिंग हेल्दी इज़ अ बोरिंग प्रोसेस। बट गुजरेंगे नहीं। गुजरना तो यहीं से पड़ेगा। जितने लोग भी सक्सेसफुल हुए हैं, उन्होंने हमेशा स्ट्रेटजी को एट्रिब्यूट नहीं किया है सक्सेस अपनी। उन्होंने हमेशा रिस्क मैनेजमेंट और इमोशन को ही किया है। तो टॉपिक तो बहुतेंट है बट आई जस्ट होप कि ये हमारा लास्ट सेशन ना हो रिस्क मैनेजमेंट के ऊपर और ये डिपेंड करता है हमारे व्यूअर्स के ऊपर। तो यहां पर मैं व्यूअर्स को बोलूंगा कि अगर आपको इसका इस वीडियो का पार्ट टू भी चाहिए तो कमेंट्स में पार्ट टू लिख दीजिए और इस वीडियो को अगर 2000 लाइक्स मिलेंगे तो मैं प्रॉमिस करता हूं कि मैं एनिमेश सर से टाइम लूंगा दोबारा आपके लिए और इसका हम पार्ट टू भी करेंगे। दोस्तों अगर आपको कोई भी डाउट है जो भी हमने आज यहां पर बातें डिस्कस करी हैं वो जितने भी डाउट्स हैं जितने भी क्वेश्चन है वो सारे कमेंट्स में लिख दीजिए। किसी बात से एग्री करते हैं या किसी में आपका खुद का एक्सपीरियंस कहता है कि आपने कुछ और लर्निंग करी है वह भी जरूर लिखिएगा क्योंकि हम सब एक दूसरे की लर्निंग से ही सीख कर आगे बढ़ सकते हैं। दोस्तों आपके कमेंट्स का हमें इंतजार रहेगा 2000 लाइक्स अगर हमें मिलते हैं तो मेरा प्रॉमिस है कि हम सेकंड पार्ट भी इसका करेंगे। अगर आपको पार्ट टू चाहिए तो पार्ट टू लिख दीजिए। ऐसे अगर 500 कमेंट्स भी आ जाएंगे तो भी हम पार्ट टू इसका करेंगे। मिलते हैं अगले वीडियो में। जाने से पहले वीडियो को लाइक कर दीजिए और चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। बाय-ब टेक केयर ऑफ योरसेल्फ। थैंक यू सो मच। थैंक यू वेरी मच। थैंक यू।

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