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2013 से 17 या 19 तक भी ना ऑप्शन सेलिंग में बेसिक विदाउट इवन डूइंग एनी रिस्क पैरामीटर लोग पैसा छाप रहे हैं। 17 से 20 तक तो लोगों ने सिर्फ पैसा छापा है। वो आते थे बस बेचते थे और सो भी जाए तब भी पैसा बन रहा था। कुछ लोगों ने 10-10 सालों से सिर्फ स्ट्रेंगल। उन्होंने सिर्फ एक चीज मैनेज करी है वो है अपना मनी। उनको नहीं फर्क पड़ता। वॉर हो रही है, तमाशा हो रहा है। दे डोंट केयर। उन्हें ये पता है हाई प्रीमियम है। अगर अगला वीक तक भी हम टिक गए तो ये सब कमा लेंगे वापस। पर वो साइकोलॉजी एक रिटेल बंदे में नहीं। मैं आपको बता रहा हूं। मेरे एक दिन में 38 लै का लॉस हुआ और मैं सिर्फ चाय पीने गया था और जब मैं गया था तब उसमें कुछ 18 लाख का प्रॉफिट था। तुम्हें क्यों इतनी टेंशन में? अगले दिन मैंने फिर से वही किया जो मैं करता था और 21 लाख वापस। आज हमारे बीच में एक ऐसे ट्रेडर हैं जिन्होंने पिछले 12 साल से ज्यादा पीरियड से वो ट्रेडिंग कर रहे हैं और ऑप्शन सेलिंग के बहुत बड़े फैन है और बहुत बड़े प्रैक्टिशनर हैं। आज हमारे बीच है थीटा गेनर्स के रियांशु उपाध्याय। आज मैं एक ऐसी स्ट्रेटजी के बारे में बात करने वाला हूं जो दिखने में बहुत बेसिक लगेगी और आपको लगेगा यार ये कैसे काम कर सकती है बट मैं सच बता रहा हूं आज मेरे बताने के बाद अगले पांच दिन अगर जिसने भी ये वीडियो देखा है सिर्फ टेस्ट करिए टिके रहो वहां पे ट्रेडिंग करनी पड़ेगी तब ऑप्शन सेलर होने का गर्व अपने आप में महसूस करो वरना मत मानो मैंने तुम्हें सिर्फ एक नॉर्मल सी चीज दी कि आप बेचते रहो ऑप्शंस एक परफेक्ट रिस्क डाल दो कि मैं हर हफ्ते ₹10 ही गवा सकता हूं और आप ट्रेड डालते रहो मैं आपको गारंटी देता हूं कि आप 2 महीने में प्रॉफिट अगर आपके पास ओनली 3 लाख भी है। सिर्फ 3 लाख तो आप आराम से ऑप्शन सेलिंग कर सकते हो। मार्केट्स रोज बदल रहे हैं लेकिन आप अभी भी उन पुराने इंडिकेटर्स को यूज़ कर रहे हो तो प्रॉफिट कहां से होगा? इस नए मार्केट में आपको वो इंडिकेटर्स चाहिए जो मार्केट के प्रोफेशनल्स यूज़ करते हैं। और इसीलिए US डॉट क्लब पे आपको मिलते हैं वो सारे पावरफुल इंडिकेटर्स जो मार्केट प्रोफेशनल अपने डेली लाइफ में यूज़ करें। और यह सिर्फ इंडिकेटर नहीं है। इसी के साथ-साथ आपको एक पूरा डिटेल्ड कोर्स मिलता है। जहां पर इंडिकेटर्स को कैसे यूज़ करना है, यह कैसे बने हैं? इसके क्या-क्या कॉम्पोनेंट्स हैं? यह सब इन्हीं एक्सपर्ट्स ने आपको डिटेल में सिखाया है। तो अगर आपको अपनी ट्रेडिंग को एक प्रोफेशनल लेवल पे लेके जाना है, तो नीचे दिए हुए लिंक के ऊपर क्लिक करिए और अपs डॉट क्लब के ऊपर ये सारे इंडिकेटर्स चेक आउट करिए एंड स्टार्ट ट्रेडिंग लाइक अ प्रो टुडे। नाउ लेट्स स्टार्ट द वीडियो। आज के इस पॉडकास्ट में एक बहुत ही इंपॉर्टेंट डिस्कशन होगी। जहां पर एक रिटेल पार्टिसिपेंट भी कैसे ऑप्शन सेलिंग के थ्रू अपने लिए रेगुलर इनकम जनरेट करने के बारे में एटलीस्ट सोच सकता है। ये सारी इनफेशन आपको आज के पडकास्ट में मिलने वाली है। थैंक यू सो मच रियांशी फॉर टेकिंग आउट टाइम टुडे और आई बिलीव जिस तरीके से जितने अच्छे तरीके से आप हमें Twitter पे समझाते हैं और YouTube पे समझाते हैं। आई बिलीव हमारा आज का सेशन भी उतना ही इंटरेस्टिंग होने वाला है। सबसे पहला क्वेश्चन आपने बीटेक पास करी। ऑप्शन सेलिंग का ये चसका कैसे लगा आपको? क्योंकि ऑप्शन बाइंग में कम पैसे चाहिए होते हैं। ऑप्शन सेलिंग में पैसे ज्यादा चाहिए होते हैं। इसीलिए कोई भी ट्रेडर इसको बहुत बाद में स्टार्ट करता है क्योंकि जब कुछ नहीं बचता है। क्या आप स्टार्टिंग से ऑप्शन सेलिंग में थे या ऑप्शन बाइंग में आए थे? क्या लेसंस लिया? देखो मैं जस्ट क्लियरली बताऊंगा बिल्कुल स्टार्टिंग से कि हुआ क्या मेरे साथ? मैंने पहले भी कई जगह में बताया है। बट हुआ ये कि मैं कॉलेज टाइम में था। ठीक है? बहुत ही बहुत बड़े बैकग्राउंड से नहीं आता हूं मैं। बट मेरे अंदर ना वो चसका था कि मुझे पैसे कमाने हैं। मेरे अंदर ऐसा नहीं था कि हां ठीक है पहले पढूंगा 12वीं होगी फिर कॉलेज होगी फिर एक जॉब लगेगी। मैं उतनी लेट तक रुक नहीं पा रहा था। तो मैंने ढूंढना शुरू किया सब कुछ किया और एक टाइम जब 2013-14 की बात करूं मैं तो उस टाइम पे YouTube पे ये सारी चीजें नहीं थी कि ये स्टॉक मार्केट क्या होता है? ऑप्शन बाइंग सेलिंग तो बहुत दूर की बात है। स्टॉक मार्केट के बारे में भी बहुत वीडियोस नहीं थी। 17 के बाद से बननी शुरू हुई। हां ये 17 के बाद से स्टार्ट हुआ। 20 के बाद तो बिल्कुल एकदम वीडियो ही वीडियो है। बट 13 एंड 14 के टाइम पे ऐसा नहीं था। तो मैं जितना भी सर्च कर पा रहा था तो बाहर के यूएस वगैरह के वीडियोस आते थे। ठीक है? जो ऑप्शन सेलिंग एंड बाइंग ऑप्शंस के बारे में डिस्कस भी किया करते थे। तो उस टाइम पे जो इंडिया में दो चार लोग वीडियोस बनाते थे वहां पे एक मेन पॉइंट था कि अगर ऑप्शन सेलिंग करनी है तो एटलीस्ट यू नीड ₹20 लाख। एट लीस्ट की बात कर रहा हूं। अगर 50 लाख है तो बहुत अच्छी बात है। और उसके बाद उसप बताया जाता था कि 50 लाख का आप शायद मंथली डेढ़ 2% कमाओगे तो इतना पैसा बनेगा। फिर मैंने उसप मैथ लगाई कि यार अगर मैं 50 लाख से 2% देखूं तो शायद मे बी कभी 70,000 बनेंगे काट कूट के कभी 80 बनेंगे ऐसे। तो मैंने ये सब सोचा बट मैंने बोला 50 लाख तो मेरे पास कभी आ ही नहीं सकते। अभी की सिचुएशन में नहीं आ सकते। हो सकता है इसके 8 साल बाद में कोई अच्छी नौकरी लग जाए सोचूं तो हो सकता है। तो वो नहीं हो पा रहा था। फिर मैंने यूएस के कई सारे वीडियोस देखे। तो अगर मैं यह बोलूं कि बिगिनिंग से ऑप्शन सेलिंग में था नहीं मैंने बिगिनिंग में जो कम पैसा होता है जॉब से जो 30-400 आ रहे थे उसमें ऑप्शन बाइंग ही हो सकती थी फ्यूचर्स की ट्रेडिंग इधर-उधर हो सकती थी बट ऑप्शन बाइंग मेनली हो सकती थी तो मैंने अल्ट्राटेक हो गया SBI हो गया Airtel हो गया इन सारे में ऑप्शन बाइंग बहुत की है। तो मेरा ना चार्ट देखने का तरीका तब भी वैसा था। आज भी वैसा और मुझे ऐसा लगता है कि मैं पकड़ पाता हूं कि हां अगले 3 दिन 4 दिन में क्या हो सकता है? अगले 1 महीने में क्या हो सकता है? वैसे भी कोई नहीं पकड़ सकता। बट एटलीस्ट 1 दिन 2 दिन में क्या हो सकता मैं पकड़ सकता हूं। मान लेते हैं कि उस टाइम पे जब मैं ऑप्शन बाइंग कर रहा था तो मेरा ना 10 में से छह बार मैं सही होता था कि हां ये स्टॉक ये करने वाला है। ठीक है? ठीक है? मैंने ऑप्शन बाइंग करी वो स्टॉक वही करता था और ऑलमोस्ट उस परसेंटेज तक जाता था जितना मैं सोचता था बट कभी मुझे पैसे नहीं बनते। ऑप्शन बाइंग कभी नहीं बनते थे। और फिर मुझे लगभग लगभग बताऊं 1 महीने दो महीने लग गए मुझे ये पता करने में कि वो क्यों नहीं बन रहे थे। वो इसलिए नहीं बन रहे थे क्योंकि मुझे नहीं पता था कि यार एट द मनी या इन द मनी मुझे ऑप्शन खरीदना चाहिए जिससे उसकी डेल्टा की सेंसिटिविटी बनी रहे और मूव करने पर मुझे भी फायदा हो वो ऑप्शन मूव करे मैं क्या करता था मेरे पास पैसे थे मान लो 25000 300 तो ओटीएम सस्ता मिल रहा था तो मुझे लगता था 300 के बाय करूंगा बट क्वांटिटी ज्यादा बाय करूंगा मूव तो मेरे साइड ही करने वाला है और आज भी ये थिंकिंग बदली नहीं है मैं आपको सच बता रहा हूं आज भी लोग ये थिंकिंग में रखे हुए हैं उनको लगता है कि 300 के हाईएस्ट 600 क्या बोलते बोलते हैं 600 कॉन्ट्रैक्ट कैसे आ जाएंगे? तो वो दूर चले जाते हैं और 600 कॉन्ट्रैक्ट खरीद लेते हैं। उसके बाद मूव आने पे भी कुछ नहीं होता। तो ये सेम चीज मेरे साथ दो 4 महीने 6 महीने होती रही। तब तक मुझे समझ आया कि अच्छा ओके थोड़ा अंदर आना है और वो अंदर आना मैं कहां से सीख पाया? यूएस में जो वीडियोस चल रहे थे उनके अंदर ये कांसेप्ट थे। थीटा क्या होता है? ओटीएम में ये सेंसिटिविटी डेल्टा क्या होती है? अगर डेल्टा लो है तो वो उसी स्पीड से मूव करता है। अदरवाइज वो मूव नहीं करेगा आपकी साइड आने पे भी। तो ये मुझे सीखते सीखते लॉस गवाते गवाते ये तब समझ में आया। तब जाकर मुझे समझ आया कि अगर यार मैं उल्टी साइड होता तो उल्टी साइड में तो मुझे सही होने की भी जरूरत नहीं है। करेक्ट। तो फिर वहां से शुरू हुआ कि मुझे यार सेलिंग की साइड शिफ्ट हो जाना चाहिए। बाइंग में तो जा ही रहा है जा ही रहा है। और बाइंग में देखो मैं आपको सच बताऊं। कई बार आप सही होगे तो आपको हो सकता है आपके 300 के ₹0000 मिल जाए। ये होता है। आज भी होता है पहले भी होता था। बट वो ₹0000 कितने दिन टिकेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं। हो सकता है आप 90,000 के बाद थोड़ा सा फूल जाओ कि वाओ व्हाट अ ट्रेडर क्योंकि वो पैसा वापस उसी में ही जाएगा। वो आप बाहर नहीं निकाल पाओ। वो उसी क्वांटिटी को बढ़ाता हूं। 30 का 90 हो चुका है। अब आपका 90 का 2.7 आपने सोच लिया माइंड के अंदर ऑलरेडी। हां आप एक्स्ट्रा बुलेट कर लेते हो अगले कई सालों का। हां अगले सालों का। तो अब मैं एक महीने में तो करोड़पति हूं। तो अब वो 90,000 वापस से रिवर्ट होके 20,000 ही आना है। और फिर थोड़े टाइम में ये हो जाएगा कि आप कुछ भी पोजीशन लेने लायक पैसा नहीं बचेगा। देन आप ब्रेक लोगे फिर कहीं से पैसा लाओगे फिर शुरू करोगे। तो मैंने उल्टी साइड जाने का सोचा कि यार नहीं उस साइड में जाते हैं जहां मैं गलत भी हूं तो भी कमाऊं और मैं सही हूं तो कमा ही लूंगा लेकिन फ्लैट भी रहेगी मार्केट। यहां पे एक अड़चन आ गई कोई कि YouTube में देख लेते हैं कहीं भी देख ले तो इंडियन पूरा जो ओरा बना रखा है स्टॉक मार्केट का वहां पे यही था कि लिस्ट टू लिस्ट ₹20 लाख चाहिए वरना ये हो ही नहीं सकता। मैं यही पूछना चाह रहा था कि आपके सोच तो बदल दी लेकिन पैसा तो फिर भी उतना ही चाहिए। पैसा तो फिर भी उतना ही चाहिए। और ये थोड़ा सा मुझे कुछ टाइम में पता चला कि ये बनाया जा रहा है। मुझे उस टाइम में ये फील हुआ कि इसको जान के बनाया गया है कि रिटेलर कभी यहां एंटर ही ना कर सके। तो वो टाइम पीरियड ऐसा था कि वो उन्हीं का था जिनके पास ज्यादा पैसा था और वो सच में बहुत पैसा कमा रहे थे। अगर आप हिस्ट्री खोल के जाओ स्टैटिक्स में जाके देखो तो 2013 से 17 या 19 तक भी ना ऑप्शन सेलिंग में बेसिक विदाउट इवन डूइंग एनी रिस्क पैरामीटर लोग पैसा छाप रहे हैं। मैं आपको बताऊं 17 से 20 तक तो लोगों ने सिर्फ पैसा छापा है। वो आते थे बस बेचते थे और सो भी जाए तब भी पैसा बन रहा था। ये हुआ है। वो कोविड के बाद चीज़ खराब हुई कि लोगों को रिस्क मैनेजमेंट तामझाम बातें आ गई। बट उसके पहले लोगों ने तीन चार साल लगातार पैसा तो वो चीज तो मुझे यह थी कि नहीं ऐसे ही करना है इससे ही पैसा बनेगा। अटक गई बात कि यार अब पैसे का क्या करें? तो उसके बाद जीएस के वीडियोस ने मुझे बहुत साथ दिया। तब जाके मुझे पता चला कि नहीं स्ट्रेंगल के साथ अगर हम गलती से छोटी हैज बाय कर लें तो मार्जिन कम लगता है। ये बात 2018-19 तक कोई नहीं करता। इवन मैं आपको बताऊं 2023 में लोगों ने मार्जिन बेनिफिट जब सुना कि बातचीत आ गई है तब उन्हें समझ आया कि अच्छा मार्जिन बेनिफिट होता है। ये उन्हें पता ही नहीं था कि वो आप अपना पूरा का पूरा एक लेग बना सकते हो। पूरा का पूरा स्प्रेड क्रिएट करने पे आपका मार्जिन कम लगता है। तो जब मैंने वो शुरू किया तो सबसे पहले मैंने स्टार्टिंग में ये किया। देखो हर ट्रेड स्टाइल के अंदर एक जो स्ट्रायंगल है ना वो बेसिक है। आप कोई भी स्ट्रेटजी उठा लो ऑप्शन। कोई भी स्ट्रांगल पहले बनेगा। एक कॉल पुट पहले बेचेगा। उसके बाद यहां से बाइंग करो। यहां से बाइंग करो। दूर का दूसरे एक्सपायरी का बाय कर लो, कैलेंडर बना लो, खाना, सब कुछ है। बेस तो एक ही है। बेस स्ट्रायंगल ही था। तो मैंने बस उस स्ट्रायंगल को तोड़ मरोड़ करना स्टार्ट कर दिया कि मैं इसमें है कहां तक बाय करूं? मेरा कितना कॉस्ट लग रहा है। उस कॉस्ट के बाद क्या कुछ बच रहा है। तो ये सब करने के बाद मुझे एक चीज समझ आ गई कि अगर आपके पास ओनली 3 लाख भी है सिर्फ 3 लाख। तो आप आराम से ऑप्शन सेलिंग कर सकते हो। और अगर आप YouTube पे जाओ मेरे तो मेरे बिगिनिंग के 2 साल का पूरा का पूरा सिनेरियो 3 लाख के ऊपर है। मैंने हर चीज इस बेसिस पे पढ़ाई है कि 3 लाख ही लगेगी। मैंने उसके ऊपर का कभी पढ़ाया ही नहीं क्योंकि मुझे पता है कि जो जनता यह बारे में सोचना स्टार्ट कर रही है उसके पास 3 लाख या उसके नीचे का ही अमाउंट है। उसके ऊपर का अगर होगा तो वो खुद मेरे बिना भी हेल्प अपनी हेल्प से सब कुछ करके बट उसके नीचे वालों का क्या तो मैंने जो सीखा समझा वही चीज रिटेलर्स में उतार दी कि यार 3 लाख से ये ये किया जा सकता है। और मैंने ऑलमोस्ट 540 वीडियोस बनाई है। जिनमें से मैं आपको बता रहा हूं 100 200 वीडियोस एक-ए घंटे की। और एक-ए घंटे की इसलिए क्योंकि मैं बोर्ड पे पढ़ाया करता था फुल डिटेल में और डिटेल में मेरी भाषा ऐसी थी। अभी भी ऐसी है। पहले भी नहीं बदली थी। तो लोग मेरे से कनेक्ट करके वो चीज सीखने में आसानी होती थी। जब मैंने सीखा था तो ये भाषा नहीं थी। मैंने कुछ इंग्लिश वीडियो देखे हैं। यहां के जो देखे हैं वो तो समझ ही नहीं आएगा क्या लोगों को। तो मैंने उसी भाषा को करेक्ट करके यहां की लैंग्वेज में बिल्कुल ऐसा रॉ लैंग्वेज में लाके उसको समझाया और लोगों को समझ आया और आप देखोगे कि मैंने चैनल 2020 में स्टार्ट किया था। 3 साल के अंदर सिर्फ ऑप्शन बाइंग और सेलिंग ही मार्केट फ्यूचर और कैश तो आउट हो चुके हैं। उसके बाद हम 150x के वॉल्यूम पे चल रहे हैं दुनिया से। तो इतनी ज्यादा ऑप्शंस की बातें होने लगी और ये 2020 और 23 के बीच में हुआ। अब लोगों के साथ यह था कि 3 लाख से हमें करना तो है बट वहां पर प्रॉब्लम यह आ रही थी कि वो बाइंग और सेलिंग के बीच का जो एक्सपेक्टेशन है वो नहीं मिटा पाते। सेलिंग का एक्सपेक्टेशन आपको वैसा ही रखना पड़ेगा जितना बन सकता है। आप बाइंग और सेलिंग बीच में नहीं ला सकते वरना आपका जो साइकोलॉजिकल लेवल है वो पहले ही खत्म हो जाएगा। क्योंकि बाइंग में क्या है? 1 लाख के 10 लाख बन सकते हैं। ठीक है? बट वो एक ही बार बनेंगे। आपकी जिंदगी भर में से आएगा। आई वुड से थ्योरेटिकली तो बन ही सकते हैं। [हंसी] हां। ठीक है। और वो बने और हो सकता है 2 महीने बाद जीरो भी हो जाएंगे। साइकोलॉजिकल लेवल किधर है? आप कंट्रोल ही नहीं है ना आपकी ट्रेडिंग पे आपको। आपको एक बार बने थे क्या पता आप विड्रा बटन भी नहीं दबा पाए। वो कभी बाहर आए ही नहीं। तो आपके कैसे हुए तो उससे साइकोलॉजी इतनी खराब हो जाती है कि वो ऑप्शन सेलिंग में आने के बाद भी अगर आप उनसे गलती से भी बोल दो ना कि शायद साल के 25% ही बनेंगे तो वहीं पे डीमोटिवेशन स्टार्ट हो डिसपॉइंटमेंट हो जाता है। वो उसके बाद करते ही नहीं। वो ये सोचते हैं कि ये वाला पैसा तो मेरा म्यूच्यूल फंड में ही बन जाएगा। 22 25% के आसपास। उस सोच को आपने कैसे आपने खुद कैसे बदला उस सोच को? मैंने उस सोच को ऐसे बदला कि जब बिगिनिंग में मुझे 3 साल बाइंग से फ्यूचर्स की ट्रेडिंग से इन सब से लॉस हो रहा था ना तो जब मैंने ऑप्शन सेलिंग करी तो मैंने पहले 2 साल में कोई खास पैसा नहीं बनाया बट पहले साल में जब मैंने ये देखा ना कि मेरे वो पैसे खत्म नहीं हो रहे हैं मेरे लिए मोटिवेशन वही थी क्योंकि मेरे पास पैसे का पेड़ तो लगा नहीं होगा अगर मेरे पास दो तीन लाख इकट्ठा हो गए हैं तो वो 3 लाख 2 लाख तक भी अगर पहुंचे हैं तो 6 महीने में पहुंचे वही मेरे लिए अचीवमेंट तो पहला साल तो मैंने इसी अचीवमेंट में जी लिया कि चलो नॉट लूजिंग जॉब से थोड़े बहुत तो आ ही रहे थे और इधर नॉट लूजिंग तो मैं विनविन सिचुएशन पे ही हूं। अगर आप जॉब करने के साथ-साथ ही ये वीडियो वगैरह सब कुछ मैं कॉलेज नहीं करता। नहीं जॉब के टाइम पे वीडियोस नहीं मैंने वीडियो स्टार्ट किया है। जॉब उसके एक महीने पहले छोड़ दी। अच्छा जब मैंने कमा लिया था और मेरे पास मुझे ये था कि 8 9 साल के पैसे हैं। अगर मैं जॉब करता भी रहा तब भी इतने ही आएंगे और इतने मेरे पे आ जाए तब मैंने छोड़ी। तो ये रहा कि पहले साल कुछ नहीं बना। दूसरे साल शायद 17% है। मैंने दिखाया भी होगा कभी कि 17% ही बने। बट वो 17% बने। लोग ये नहीं समझते बने। गए तो नहीं। गए तो नहीं आप बैंक में चले जाओ कहीं भी चले जाओ 7 8% के ऊपर कुछ है क्या और अगर हम म्यूच्यूल फंड की भी बात करें तो सारे म्यूचल फंड 23% नहीं दे रहे 20% नहीं दे रहे और जब मार्केट डाउन होगा मान लो बियर मार्केट आ गया 3 साल तो कोई म्यूच्यूल फंड कोई नहीं देगा ना पैसे बट आपकी वो जो स्किल है वो तो दोनों साइड पैसे देगा उसको क्या फर्क पड़ता है मार्केट में जब मैंने वो 17% कमा लिए ना तब जाके मेरा माइंड खुला कि यार मैंने चलो स्ट्रेंगल स्ट्रेंगल ये सब तो यूएस से सीख लिया था बट यही चार्ट है यही सब कुछ है ऑप्शन के चार्ट है लेग्स बना सकते हो सब कुछ कर सकते हो तो मैंने फिर थोड़ा थोड़ा सा मैं डेटा साइंटिस्ट था इनको तो मैंने फिर उसमें चीजें घुसाना स्टार्ट करी नंबर्स को देखना स्टार्ट किया तो मैं आप मानोगे नहीं मैं बहुत पहले 2021 में ये टॉपिक ले आया था कि वोलेटिलिटी का प्ले इट्स नॉट अबाउट द चार्ट ऑप्शंस वोलेटिलिटी से बने थे विदाउट आईवी आप ऑप्शन का प्राइस ही नहीं बना सकते ब्लैक सोल मॉडल वर्क ही नहीं करता तो जिस बेसिस पे वो प्राइसिंग बनी है उस बेसिस को समझाना स्टार्ट किया था मैंने उस टाइम पे तब जाके मैं कैलेंडर्स लेके आया था कि कैलेंडर्स को जब लोएस्ट आईवी चल रही है तो अगर आप ट्रेड करोगे तो यू विल हैव एक तो एज हो गया आपका नॉन डायरेक्शनल का एक सेलिंग का एज अलग हो गया एक एज हो गया कि आपका आईवी का एज अगर आप कैलेंडर पे हो आईवी इनक्रीस भी हो गई मान लो तेजी से गिर भी गई तो आईवी के इनक्रीज होने से आप पैसे कैसे तब जाके मैंने लोगों को वेटिलिटी का चैप्टर समझाया कि हां ये वोलेटिलिटी का गेम है दिस इज नॉट अबाउट तो आपने देखा होगा 21 और 22 में कई सारे ट्रेडर आए थे वो वाले जो वोलेटिलिटी इनक्रीज होने में बेचा करते थे तो ये मार्केट का रिजीम है। दो साल वो भी चला फिर वो भी फेड होने लगा क्योंकि जहां भीड़ बढ़ना स्टार्ट होती है ना वो ऑलरेडी सैचुरेटेड हो जाता है फिर आप काम नहीं कर सकते ओके यहां पर आपको आपने जब कोई स्ट्रेटजी के बारे में सोचा फॉर एग्जांपल कैलेंडर का सोचा ऑप्शन सेलिंग का सोचा आप डेटा साइंटिस्ट थे लेकिन उस समय इंडियन मार्केट में क्या इतना डेटा अवेलेबल था कि आप उसकी बैक टेस्टिंग कर पा रहे थे या आप सारी चीजें फॉरवर्ड टेस्टिंग पे ही करते थे मैं फॉरवर्ड टेस्टिंग पे करता हूं उस टाइम पे बैक टेस्टिंग आप नहीं कर सकते हां क्योंकि ऐसे प्लेटफार्म वहां पर अवेलेबल नहीं थे एल टेस्ट भी बाद में आया था या एटलीस्ट फेमस बाद में हुआ था प्लेटफार्म था लेकिन प्लेटफार्म एक्चुअली इस तरीके का कोई नहीं थे जहां पे आप टेस्ट करो। आपको पता है ये प्लेटफार्म सारे के सारे बने किस बेसिस पे? 920 स्ट्रडल के बेसिस पे। पहले 920 स्ट्रडल आया फिर ये प्लेटफार्म्स आया। क्योंकि मैं भी उन प्लेटफार्मों का हिस्सा हूं। मैंने भी एल्गोरिम उसी टाइम पीरियड में बनाया था। जब टाइम बेस्ड ऑप्शन सेलिंग आई थी। और टाइम बेस्ड ऑप्शन सेलिंग ने पैसा कितने टाइम दिया? एक साल। एक साल के बाद वो फेड होना स्टार्ट हुआ और उसके बाद नेगेटिव में चला गया। तो वहीं से ये सारे ये आए। बट उसके पहले बैक टेस्टिंग जैसा कुछ नहीं। हां नहीं था। वही मेरे को याद है कि उस समय तो फॉरवर्ड टेस्टिंग। फॉरवर्ड टेस्टिंग ही चलती थी। तो मेरा ये था मैं आज भी यही बोलता हूं कि आप वीकली और मंथली बेसिस पे हिस्ट्री की 12 महीने की आईबीज निकालो। उसको एक जगह पे सेव कर लो। उसके बाद डेली और वीकली बेसिस की एक जगह पे सेव करते जाओ और आप इसी को फॉरवर्ड टेस्ट कर सकते हो। और मैं आज भी ये बात बोलता हूं। छ साल पहले भी ये वैलिड थी और आज भी ये वैलिड है। आपको जब भी कभी भी आईवी पिछले 5 दिन के आईवी से ज्यादा मिले एंड उस टाइम पे आपके ऑप्शन का प्राइस अपना पिछला कोई भी लो तोड़े आप भेजिए। और आप इसका विन रेट 80% के ऊपर मान सकते हैं। हमेशा बता रहा हूं आज भी चलेगा और आगे भी चलता रहेगा क्योंकि उसका बेसिक कासेप्ट ही वही है। बिना आईवी के वो ऑप्शन प्राइस में बन ही नहीं सकते और आईवी इनक्रीज हुई। ऑप्शन प्राइस ऊपर चला गया और अगर वो अभी भी आउट ऑफ द मनी है तो दोनों चीजें साथ आ गई। आपने महंगी चीज बेच ली है। टाटा डीके चल ही रहा है। एक्सपायर उसको होना ही है। तो अगर सारी चीजें आपके साथ में होंगी। डेट के साथ आप करोगे तो आपके गलत होने के चांसेस कम हो जाएंगे। बट हाई आईवी चीज बेचने का एक ही चीज होता है टेल रिस्क। राइट? जब आप हाई आईवी पे कोई चीज बेचते हो तो उसका टेल रिस्क इनक्रीस हो जाता है। विन रेट बढ़ गया है। बट जो एक दो ट्रेड्स होंगे ना जो आपके अगेंस्ट में जा रही है वो बहुत बड़ी होगी। तब यहां पे एक नया इंट्रोडक्शन आता है कि वो लॉस आपको कितना आप हाई आईवी बेच रहे हो आप ज्यादा कमा रहे हो। तो वो ज्यादा कमाने से आपको एक 20% हिस्सा ऐसा रखना है कि मुझे वहां देना ही पड़ेगा। आप उससे बच नहीं सकते। देयर इज़ नो परफेक्ट स्ट्रेटजी। कभी नहीं होती। आप कितनी भी मैं डेटा साइंटिस्ट क्या पूरी किताबें रख के यहां बैठ जाऊं तब भी परफेक्ट कभी नहीं बने। तो आपको बस ये सोचना है कि अगर यार मैं ये चीज करने से 80% सही हो रहा हूं तो आपको पहले तो ये एक्सेप्ट कर लेना है कि 80% सही हो रहा हूं। अब जब वो 2% गलत हुई ना तो पहली बात तो स्टॉप लॉस डिसाइड स्टॉप लॉस डिसाइड करो और ऐसा नहीं हो सकता कि मैंने यह प्रीमियम ली थी ये प्रीमियम के यहां स्टॉप लॉस लगा गो बैक आप 6 महीने का डाटा निकालो कि अगर ये चीजें जब हो रही थी तो वो कितना स्पाइक मार सकते हो और आपने जो कमाया है उसका क्या हिस्सा आप दे सकते हो अगर आप उस टेल रिस्क को उस तरीके से नापोगे ना अपने उसके स्पाइक के बेसिस पे क्योंकि एवरेज नंबर पे मैं आपको बता रहा हूं जो एट द मनी पे स्ट्रडल आज भी चल रहा है ना वो स्ट्रडल मीडियम लेवल पे 220% 230% से ऊपर कभी स्पाइक नहीं करता है। उसके बाद वो फिर से जीरो हो जाता है। तो आपको वो नंबर पता होना चाहिए। आपने हवा में एसएल नहीं लगाना है। आपको वो डाटा लो और आजकल तो सब अवेलेबल है। अब तो पहले से मतलब मतलब ओवरलोड है। ओवरलोड है। पहले आपको उसमें से सही सही चीज़ निकालनी है। मेरी ट्रेडिंग स्टाइल मान लो सेलिंग की है। मैं स्टडल बेचता हूं, स्ट्रगल बेचता हूं। उसके बेसिस पे पिछला छ महीने का डाटा निकालो। और उसके बाद निकालने के बाद फॉरवर्ड टेस्टिंग भी लगातार करते रहो। और उस डाटा को सेव करते रहो। आप उसके बेसिस पर मीडियन एवरेज क्या मूवमेंट है कितना स्पाइक मारता है कितना गिरता है और पर डे बेसिस पर कितना गिरता है आप सब निकाल सकते हो उनके बेसिस पे अपनी स्ट्रेटजी बनाओ अंधाधुंध एसएल भी नहीं लगाया जा सकता अंधाधुंध टीपी भी नहीं लगाया जा सकता जो चीज मंडे को उतनी गिरती नहीं उसका टीपी उतनी दूर क्यों जो चीज मंडे को इतनी बढ़ती नहीं उसका एसएल इतनी दूर क्यों या उससे पहले क्यों तो आप ये डाटा नहीं निकालोगे तो आप सिर्फ आंख बंद करके वो टेस्टिंग कर रहे हो बैक टेस्टिंग में 91 पे बेचूंगा 330 पे निकाल दूंगा एक 20 में 25% के एसएल ऐसे नहीं ये तो कर्व फिटिंग हो गई ना आप कर फिटिंग कर रहे हो। वो मान लो किसी 6 महीने में अच्छा दिखा भी रहा होगा। लाइव में आओगे सब बर्बा। बैक टेस्ट में अच्छा दिखेगा। लेकिन फॉरवर्ड टेस्टिंग के अंदर वॉक थ्रू एनालिसिस नहीं। सर मेरे ख्याल से यहां पर हमारे व्यूअर्स के लिए भी थोड़ा सा इनफार्मेशन ओवरलोड हो गया होगा इस जगह पर। मैं थोड़ा सा वापस आता हूं अपने बेसिक। आपने एक वर्ड यूज़ किया था डेल्टा सेंसिटिविटी। तो एक बार वो क्या होता है वो डिस्कस करते हैं। फिर अभी आप हमारे व्यूअर्स के साथ क्या स्ट्रेटजी डिस्कस करना चाहेंगे? फिर हम उसप चलेंगे। ठीक है? तो डेल्टा सेंसिटिविटी क्या होता है? और क्या सेंसिटिविटी सिर्फ डेल्टा की इंपॉर्टेंट है या बाकी सारे ग्रीक्स के लिए इंपॉर्टेंट फॉर एग्जांपल थीटा का पहले मैं ये समझा देता हूं ग्रीक्स होते क्या है देखो क्या होता है कि जब ये ऑप्शंस बने और ऑप्शंस की प्राइसिंग आई वो ब्लैक सोल मॉडल पे आई उसके लिए क्या-क्या जरूरी होता है उसके लिए इंस्ट्रूमेंट का प्राइस जरूरी होता है उसके बाद उसकी आई भी जरूरी होती है वोलेटिलिटी क्या जरूरी है वो दोनों नहीं होंगे तो ऑप्शन का प्राइस डिसाइड नहीं होता फिर प्राइस बनेगा प्राइस के ऊपर ग्रीक्स बनेंगे अब देखो इन ग्रीक्स में चार पांच छ कई सारे ग्रीक्स हैं बट जो हम जानते हैं डेल्टा थीटा गामा बीटा ये सब हम जानते हैं अब इसमें जो डेल्टा होता है ना डेल्टा एक तरीके से समझ लो कि मूव कितना करेगा? दैट इज़ डेल्टा कि ऑप्शन का प्राइस मान लो 100 चल रहा है। उसका डेल्टा मान लेते हैं 20 है। तो आप इतना समझ लो कि जो इंस्ट्रूमेंट है उसका जो माय मैप है वो अगर 100 मूव करेगा तो इस ऑप्शन का प्राइस 20 मूव करेगा। बट क्या ये परफेक्ट है? नहीं। जितनी जगह जितनी दूर वो स्ट्राइक होगी जैसे-जैसे इंस्ट्रूमेंट का प्राइस उसके पास में आएगा ना वैसे-वैसे डेल्टा इंक्रीज होता जाएगा। तो हमेशा ये डायनेमिक प्राइसिंग पे चलता है। 20 तब था जब आपने काउंट किया। तो डेल्टा लीनियरली मूव नहीं करता। एक्सपोनशियल ऊपर भी और नीचे भी। जैसे भी मान लो ये स्ट्राइक थी जिसको आपने बाय किया था या सेल किया था और यहां पे मार्केट निफ्टी थी मान लेते तो निफ्टी जैसे-जैसे इधर को आएगी ना इसका डेल्टा इंक्रीज हो रहा है तो डायनेमिकली उतनी ही स्पीड से वो बढ़ता चला जाएगा इसलिए हम बोलते हैं एट द मनी पे हाईएस्ट अपना जो प्राइसिंग होती है एट द मनी होती है और उसी में हाईएस्ट थीटा भी होता है क्योंकि वो आउट ऑफ द मनी है अभी एट द मनी दोनों साइड से आउट ऑफ द मनी है अगर बिल्कुल वहीं पे क्लोज हो गया तो दोनों ज़ीरो हो जाएंगे तो डेल्टा बेसिकली ऐसा समझो जब वो एट द मनी को क्रॉस करता है ना तब उसकी स्पीड बिल्कुल ही तेज हो जाती है क्योंकि उसके बाद5 था66 6 आएगा7 आएगा8 आएगा एक टाइम पे वन हो जाएगा और वन हो गया तो समझो वो फ्यूचर की तरफ चलेगा वो ऑप्शन फ्यूचर के प्राइस की तरह इक्वली जाएगा बेसिकली निफ्टी 100 पॉइंट तो वो भी 100 पॉइंट इस तरीके से चलने लगेगा डेल्टा ये होता है अब मैं थीटा गेनर्स तो थीटा क्या होता है थीटा बेसिकली ये होता है कि जो हमारे ऑप्शन का प्राइस उस वक्त है तो मान लेते हैं हम 200 पॉइंट दूर है इंस्ट्रूमेंट से निफ्टी से हम 200 पॉइंट दूर निफ्टी ₹24000 पे था और हमने ₹24,200 का कॉल खरीदा है मान लेते हैं उसका प्राइस उस टाइम पे ₹100 बट थ्योरेटिकली ये ज़ीरो होना है अगर अगर ये आउट ऑफ द मनी में बना हुआ है। अब मान लेते हैं कि इन दोनों के बीच का डिफरेंस कितना है? 200। ठीक है? और वो ₹100 अभी चल रहा है। ठीक है? ये ज़ीरो होना है। बट अगर ये बढ़ के यहां से बिल्कुल एट द मनी पे यहां पे आ जाए। अभी भी ये जीरो है। अगर मैं इसके ऊपर निकाल दूं 100 पॉइंट तो उसकी एक्चुअल में इंट्रेंसिक वैल्यू ₹100 हो जाएगी। अगर 24300 पे मार्केट पहुंच गया तो आप 24,300 पे जाके कभी देखना कि उसकी वैल्यू एग्जैक्ट 100 नहीं होती है। जब तक एक्सपायरी ना आ जाए। उसमें एक एक्स्ट्रा वैल्यू होती है 100 के ऊपर। ₹40, ₹50 वो ₹10 160 कुछ होगा तो एक्सपायरी कितनी एक्सपायरी कितनी है? तो 24 या ₹50 जो एक्स्ट्रा है ना दैट इज और वो धीरे धीरे धीरेधीरे गिरता रहता है और जितनी एक्सपायरी पास आएगी थीटा का चार्ट ऐसा कुछ होता है ऐसे आएगा और घड़ा ये मेरा क्वेश्चन था जैसे डेल्टा हमारा एक्सप्पोनेंशियली मूव करता है। तो थीटा भी एक्सप्पोनेंशियल मूव करता है या लीनियर मूव करता लीनियर रूट पर तो थीटा देखो ऐसे जाएगा और वह बिलकुल एक्सपायरी डे के टाइम पे ऐसे गिरता है। आजकल तो और लेट हो गया है। पहले के टाइम पे तो एक यह था कि मंथली ऑप्शंस बेचो तो धीरे धीरे धीरे 10 तारीख तक कुछ नहीं होता था। फिर 11 तारीख से धीरे-धीरे एक चार्ट बनता था। फिर आराम से गिरता था। अब तो इस तरीके से हो गया कि बिल्कुल आखिरी तक का इंतज़ार करने के बाद वो गिर रहा है। बीच-बीच में बातें चल रही है कि थोड़ा बहुत टाइम इनक्रीज होगा। जैसे-जैसे टाइमिंग इंक्रीज होना ये सारी बातें होंगी ना वो और धीमा हो जाएगा और फ्लैटिश हो जाएगा। फिर उसके बाद आप वीक के बीच में तो संभाल ही नहीं पाओगे। तो आप थीटा वो जो एज थी उसको आप डिवाइड बाय 50 कर दो। अगर वो 100 थी पहले एज तो आप उसको आप 50 कर दो। इसीलिए मैं जो आज बताने आया हूं या बताऊंगा डेल्टा और थीटा को मिलाना पड़ेगा। अब तब पैसे बनते सिर्फ थीटा से अब पैसे नहीं बनते। तो स्ट्रेटजी पे बात करना शुरू करते हैं। ठीक है? सबसे पहली चीज सबसे पहला क्वेश्चन बिफोर वी मूव टू द स्ट्रेटजी। हमारे व्यूअर्स को ये स्ट्रेटजी समझने के लिए क्या पता होना चाहिए पहले से? ओके। [हंसी] ठीक है? मुझे ऐसा लगा कि देखो मैं ये नहीं बता सकता कॉल क्या होता है? पुट क्या होता हां ये हमने कोई इंडिकेटर क्या होता है मेरे ख्याल से हमारे व्यूअर्स को पता होगा कॉल क्या होता है पुट क्या होता है कॉल बाय पुट बाय कॉल सेल पुट सेल डेल्टा थीटा आपने खुद ये डिस्कस कर लिया है ये छह चीजें हमें मालूम है चल जाएगा कितने में काम चल जाएगा परफेक्ट बस उसके अलावा देखो आप चार्ट डेली देखते हीगे अगर चार्ट डेली देख रहे हो तो आपको नार्मल चीज़ ब्रडर चीज़ चार्ट की चीज़ इतना हमारे व्यूअर्स को आता है इसमें स्टार्ट आज मैं एक ऐसी स्ट्रेटजी के बारे में बात करने वाला हूं जो दिखने में बहुत बेसिक लगेगी और आपको लगेगा यार ये कैसे काम कर सकती है बट मैं सच बता रहा हूं आज मेरे बताने के बाद अगले पांच दिन अगर जिसने भी ये वीडियो देखा है सिर्फ टेस्ट करें। फॉरवर्ड टेस्ट कुछ भी ना करें। कोई ट्रेड ना ले। सिर्फ फॉरवर्ड टेस्ट करें। उसके बाद अगर समझ आए ना तब यूज़ करके और ये मैंने उनके लिए बनाई है जो शायद 65 क्वांटिटी से ट्रेड करते हैं। मतलब वन लॉट वन लॉट। तो हमारा बेसिक जो क्वेश्चन था कि जिनके पास जो रिटेलर्स हैं जिनके पास कम पैसे हैं वो ऑप्शन सेलिंग कैसे कर सकते हैं? मेरा बेस मैंने इसके अंदर डाल दिया है और ये डेल्टा और थीटा दोनों पे चलती है। ये नॉन डायरेक्शनल स्ट्रेटजी नहीं है। ये डायरेक्शनल स्ट्रेटजी है। इसमें हम डायरेक्शन के साथ भी जाते हैं और थीटा का फायदा भी उठाने वाले हैं। ऑप्शन सेलिंग स्ट्रेटजी ऑप्शन सेलिंग स्ट्रेटजी बट डायरेक्शनल है। मैं ये निफ्टी पे समझाने वाला हूं। बट इट कैन वर्क ऑन ससेक्स आल्सो। ठीक है? दोनों पे काम करेगी। कई लोग इस टाइम पे ससेक्स ज्यादा ट्रेड कर रहे हैं। बिकॉज़ ऑफ़ प्रीमियम्स हाई है। थोड़ी वोलेटिलिटी ज्यादा है। तो ये दोनों जगह काम करेगी। मैंने निफ्टी का बेस लेके इसको बनाया। ठीक है? तो अगर आप देखोगे तो बेसिकली मैंने पिवट और सुपर ट्रेंड का यूज़ किया। ठीक है? पिवट लोग भूल गए होंगे मेरे हिसाब से। ठीक है? पिवट लोग भूल गए होंगे। बट पिवट होता क्या है? पहले लोगों को ये समझाना पड़ेगा। देखो जब आज के दिन में ट्रेडिंग होती है तो वो ट्रेड में एक कैंडल बनती है। ओपन, हाई, लो, क्लोज। ठीक है? और उस कैंडल के बेसिस पे पीवट डिसाइड होता है अगले दिन। और अगले दिन ट्रेड होने की जरूरत नहीं है। पीवॉट आप पहले से कैलकुलेट कर सकते हो। पीवट कैलकुलेट कैसे होता है? अगर आप हाई, लो और क्लोज को डिवाइड बाय थ्री कर दोगे तो सेंटर लाइन आएगी पिवट की। ठीक है? इनका एक R1, S1 भी होता था। R1, S1, R2, S2 ये कैसे निकलते थे? सिंपल सी बात है। अगर पिवट आया अगर आप उसको डबल करने के बाद उससे माइनस कर दो क्या? आपका जो लो था पिछले दिन का तो पीवट का R1 आ जाएगा। और अगर माइनस कर दो हाई तो पीवॉर्ट का S1 आ जाएगा। तो मैं इसको पहले यहां पे समझा देता हूं। यह रहा पीवॉर्ट का कैलकुलेशन अगर आप देखोगे एचएलसी बाय 3 पीp आ जाएगा और टू पवट पॉइंट माइनस लो जो पिछले दिन का है उससे R1 आता है और माइनस हाई कर दोगे तो S1 आ जाएगा और ये चार्ट कुछ ऐसा दिखता है इस तरीके का। ठीक है? यहां पे बुलिश ब्रेकआउट के लिए ऊपर R1 है। बेरिश ब्रेकआउट के लिए नीचे S1 है और बीच में एक सेंटर ऑफ़ ग्रेविटी अपना पीवॉट पॉइंट है। इसका क्या यूज़ है? इससे फायदा क्या होता है हमें? मैं देखो आपको बताऊं। हम जब डायरेक्शनल ट्रेडिंग करना स्टार्ट करते हैं तो सबसे बड़ी प्रॉब्लम है जब हम साइडवेज डे में फंस जाते हैं। आपने पिछले दिन पैसा कमाया बहुत बढ़िया। आपका कॉन्फिडेंस बहुत उछाल मार रहा है। आप ओवर कॉन्फिडेंस में हो एक्चुअली नेक्स्ट डे पीवॉट पॉइंट्स चौड़े हो जाते हैं। क्योंकि एचएलसी 3 पिछले दिन का बड़ा था। तो जैसे ही ये चौड़ा हो जाएगा और अगर आपने R1 S1 के बेसिस पे ट्रेड लेने वाले हो तो मार्केट आज यहीं फंस जाएगा। और अगर वो फंसा हुआ है और आपके रूल्स ये कहते हैं कि आपको इसके बाहर ट्रेड लेना था तो आपका वो दिन बचेगा। अदरवाइज अगर मैं इसको यहां से हटा दूं तो हम अगले दिन भी ट्रीट करेंगे और शायद डबल ट्रीट करेंगे और पिछले दिन का सारा प्रॉफिट अगले दिन गायब हो जाएगा। तो यह इस बारे में भी काम आता है कि आप साइडवेज डेज को इग्नोर कैसे कर सकते हो। अगर मैं आपको यहां पे एक क्वेश्चन है मेरा पेमेंट्स भी बहुत सारे टाइप के होते हैं। फॉर एग्जांपल कैमरला हो गए या फिर और पेमेंट पेट पॉइंट वीकली डेली तो हम बेसिक पेवट की बात कर रहा हूं। बेसिक पवेट की बात करें। स्टैंडर्ड मैं कंफ्यूज करना नहीं चाहता। मैं चाह रहा हूं कि मैं रिटेलर्स को पढ़ा रहा हूं। और रिटेलर्स मतलब मैं चाह रहा हूं जिन्हें सिर्फ बेसिक चीजें पता है। आप सच बता रहा हूं इनमें जितना कन्फ्यूजन ऐड करोगे जितना मैं अब मैं बोलूं डाटा साइंटिस्ट को नंबर पढ़ाना स्टार्ट करो ये करो कुछ नहीं फायदा है। सिंपलेस्ट फॉर्म में अगर हम थोड़ा सा रिस्क मैनेजमेंट फॉलो करें पैसे बन जाते हैं। नहीं मेरा ये क्वेश्चन इसलिए था कि कुछ लोग कैमरेला यूज़ कर रहे होंगे कोई और यूज़ कर रहे होंगे वो उसको यूज़ करते रह सकते हैं या सेम इसी पे आ जाए। इस पे आ जाए। अच्छा कैमरेला के कैलकुलेशन और फार्मूलाज़ अगर आपको पता है कि वो कैसे काम करे तो आप उसको यूज़ करते रह। बट अगर आप इसलिए फॉलो कर रहे हैं कहीं पे आपने देखा था और आप यूज़ कर रहे हैं फैंसी लगता है। वो फैंसी लगता है तो वो ना करें। आपको पता होना चाहिए कि उसका पीछे फार्मूला क्या है और कैसे है। इसलिए मैं यहां पे फार्मूला बता के सारे काम कर रहा हूं पता हो। करेक्ट। अब जो मैंने अभी बोला था ना मैं उसका लाइव एग्जांपल आपको दिखाता हूं। ये निफ्टी का चार्ट है। ठीक है? आप निफ्टी के चार्ट में कल का ये हम प्राइस एक्शन देखते हैं। यहां पे देखो मैंने स्टैंडर्ड पिवर्ड्स लगा रखे हैं। R1 और S1 हमें दिख रहा है। R1 S1 के S1 के नीचे मार्केट गया। तेजी से गया। आज पैसे कमाए और उस दिन जो हमारा पिछले दिन जिस दिन मार्केट था उसमें R1 S1 बिलकुल ऐसा पतला सा है। आप नेक्स्ट डे देखो क्या हुआ? R1 SS1 इतना चौड़ा होगा। अब इस दिन वोलेटिलिटी इनक्रीज हो चुकी है। अब इनक्रीज होने की वजह से क्या होगा? मार्केट नीचे भी गिर सकती है और लंबा गिरेगी फिर ऊपर भी लौट सकती है। आपका कोई एसएलएस काम नहीं होने वाला। कोई टीपी काम नहीं आने वाला। क्योंकि आप इतने सटीक नहीं हो कि आप छोटी-छोटी ट्रेडिंग कर रहे हो। अदरवाइज तो फिर एसटी ही सब कुछ खा जाएगा। आपको तो रियल में दो तीन ट्रेड ही चाहिए। पूरे छ घंटे के सिचुएशन में। तो ये करेगा क्या कि अब अगर कल का दिन मार्केट मान लो मंडे को कल खुलती है ना तो यहां पे ये साइडवेज में हम बचा लेंगे क्योंकि ये चौड़ा हो चुका है और मैं इसकी विp्स में वोलेटिलिटी में नहीं फंसने वाला हूं। इसी वजह से बेस्ट ट्रेड किस दिन आती है? जिस दिन पिछले दिन या उसके पिछले दिन मार्केट थोड़ा बहुत साइडवेज पहले से आपको बेटर ट्रेड आपका ब्रेकआउट वाला प्रॉब्लम सॉल्व हो जाए। आपको ब्रेकआउट अपने आप मिल जाएगा। आप बस रूल्स को फॉलो करो। और जिस दिन ट्रेड नहीं करना है वो भी मिल जाएगा। मैं आपको बताऊं देखो इसके अगर मैं और पीछे जाऊं तो ये देखो आप इसके एक दिन पहले कोई ट्रेड नहीं हुआ। यह वाला जो पूरा एरिया है यहां कोई ट्रेड आएगी क्योंकि वो ना ऊपर गया ना नीचे गया और यह तभी होता है जब अब देखो इसमें यह है कि कई लोगों को चुल रहती है कि डेली ट्रेड करना है इसमें डेली ट्रेड नहीं आएगी अगर किसी दिन मार्केट बहुत तेजी से गिरा या बहुत तेजी से बढ़ा तो उसके अगले दो दिन हो सकता है इनसाइड बार्स बन तो इनसाइड बार में ट्रेडिंग क्यों करनी है किसी को आपको अगर डेल्टा थीटा दोनों चाहिए तो डेल्टा तो नहीं मिलेगा इनसाइड बार में देखो जो रूल स्टार्टिंग से बने हुए हैं कि अगर आप चुल की वजह से और इन वजह से अगर ट्रेड कर रहे हो अपने फीलिंग की वजह से ट्रेड कर रहे हो तो फिर आप पैसा नहीं है। चार्ट में जो होगा डाटा का गेम है चार्ट में जो हो रहा है उसे ट्रेड करना है। होगा पे ट्रेड नहीं करना। होगा तो किसी को पता ही है ना मुझे पता है ना आपको या किसी को नहीं पता चलेगा। तो जो हो जाए उसको देखेंगे। अगर यहां पे नहीं हो रहा है कुछ भी तो ट्रेड वाली बटन दबाने की जरूरत है। अगले दिन देखो ये हुआ कितना दोपहर में 12:00 बजे के बाद ट्रेड आएगी। 12:00 बजे तक भी नहीं लोग रुक पाते। तो मेरा यही कहना है कि जो रूल्स मैं आज बताऊं उनप बस रुके रहना पांच दिन। पांच दिन बाद पसंद ना आए जो भी हो आपका इमोशनल कनेक्ट ना बने साइकोलॉजिकल कनेक्ट कमेंट में आके बता देना हां बस पर पांच दिन ट्राई करने के बाद बता रहा हूं और फॉरवर्ड टेस्ट करना कोई लाइव ट्रेडिंग करने की जरूरत नहीं है आप एक-एक लॉट से नॉर्मल ट्रेडिंग आपको फॉरवर्ड टेस्ट में समझ आ जाएगा पांच दिन में क्या है और सारी चीजें क्लियर हो जाए तो बेसिकली हम आज इसमें बात क्या करने वाले हैं यहां पे मोस्ट समझा दो मैंने बिगिनिंग का पार्ट बता दिया पीट पॉइंट्स क्या होते हैं सुपर ट्रेंड में समझाने का कोई टुक नहीं है ठीक है सब जानते हैं सुपर ट्रेंड क्या है सबको ठीक है ठीक है उसके बाद मैं एंट्री एग्जिट और एसएल के रूल में बताऊंगा कैसे-कैसे आपको करना है बोथ साइड या एंट्री का टाइम भी कंडीशन सब कुछ टाइम भी सारा कुछ करेंगे और यहां पे मैं बैक टेस्ट ही बताऊंगा रियल ट्रेड्स किन-किन दिन हुई है और कैसी बेस्ट ट्रेड होती है कैसी सबसे बेकार ट्रेड हो सकती है कौन सा सबसे बेकार दिन हो सकता है और ऐसी भी ट्रेड्स जहां पे शायद पूरे दिन में होने के बाद भी आपको कुछ ना मिला हो हमें ये तीनों टाइम डिस्कस करने पड़ते हैं और ये प्योरली इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटजी प्योरली इंट्राडे इसमें कोई वीकली सी वॉर चल रही है वॉर के टाइम पे अगर आप कुछ करोगे वीकली बेसिस पे आपकी स्ट्रेटजी किसी काम की आपने कुछ और बनाया कुछ और हो जाएगा तो कोई एनीवे सारी न्यूज़ या तो ओवर द वीकेंड आ रही है आजकल फ्राइडे शाम को आती है या फिर छुट्टी का दिन चल रहा है ट्रंप ने छुट्टी का दिन चल रखा है बंद में हीट थर्सडे शाम से कुछ ना कुछ होना शुरू हो जाता है फ्राइडे को न्यूज़ आती ठीक है उसके बाद मैं इसमें इस स्ट्रेटजी का पिछले एक साल का बैक टेस्ट लिया मैंने पांच साल का नहीं लिया पांच साल का लेता तो शायद इसमें लाखों रुपए दिखने लगते मैंने सिर्फ एक साल का लिया है और ये पिछले तीन चार महीने भी इंक्लूड कर दिए हैं वॉर के और ये सब कुछ के फीस एसटीटी जीएसटी भी इंक्लूड कर दिया ओके ठीक है जिससे एक रियलिस्टिक नंबर आपको समझ में आए हो सकता है बहुत लोगों को पसंद ना आए रियलिस्टिक नंबर क्या है? नहीं हम पसंद लाने के लिए वैसे भी नहीं कर रहे। हम जो प्रॉफिटेबल है उसकी बात मैं जो पांच साल से कर रहा हूं मैं वही बता सकता हूं। वही सिखा सकता हूं। मैं दूसरी चीज नहीं पढ़ा सकता। किसी को पसंद नहीं आएगा वो उसकी प्रॉब्लम है। वो उसकी प्रॉब्लम हमारा पैसा बन रहा है तो दैट इज मोरेंट। तो चलो हम स्टार्ट करते हैं। देखो पीवॉट पॉइंट्स का कैलकुलेशन मैंने बता दिया। पॉइंट्स कैसे? हमने जो सुपर ट्रेंड वाला एरिया है कि सुपर ट्रेंड में मैंने उस जस्ट एक डिफ़ॉल्ट सेटिंग से हटके काम किया है। मैंने जो 103 की सुपर ट्रेंड होती है मैंने उसको 73 कर दिया है। क्योंकि रीज़न रीज़न उसका ये है कि जब हम इंट्राडे में ही ट्रेडिंग करने वाले हैं। तो अगर हम 5 मिनट की या 15 मिनट की कैंडल लेते हैं सुपर ट्रेंड को 103 रखते हैं तो उसका उसका जो रिवर्सल पॉइंट है वो लेट हो जाता है। तो आपका जो इंट्राडे का कैप्चर मूवमेंट है सेलिंग में सेलिंग देखो हमें पता है ये ज़ीरो तक ही जा सकता है। 100 की चीज़ ज़ीरो तक ही जा सकती है। बाइंग में 100 400 जा सकता है। यू हैव अ बिग स्कोप बट सेलिंग में तो आपको 15 20 30 पॉइंट ही मिलने वाले हैं। तो वो आपको जल्दी कैप्चर करेगा। आपको उन्हें लेके निकलना है। तो ये रिटेल के बेसिस पे मैंने इसीलिए इसमें ऐड किया। मैं अगर वैसा बंदा होता कोई जो चार साल से ट्रेडिंग कर रहा है और वो ये सब झेल सकता है। छोटे-मोटे लॉसेस देख के मुझे उसे पता है बाद में तो उनके लिए डिफरेंट हो सकता है। बट रिटेल के लिए 73 परफेक्ट क्यों है? क्योंकि ये जल्दी आपको निकाल देगा ट्रेड्स। आपकी प्रॉफिट आया आया आया कट। तो ट्रेलिंग एसएल का काम करेगा। तो आपको राहुल द्रविड़ नहीं बनना है। क्रीज पे टिके नहीं रहना है। सहवाग बनिए। वो मंथली में हां वो मंथली में समझ आता है कि आप मंथली में कितने दिन टिके रह सकते हो क्योंकि लेट आएगा आपका थीटा डीके बट इंट्राडे के अंदर तो आपका थीटा डके यहां पे कम है डेल्टा ज्यादा है तो डेल्टा को सिक्योर करने के लिए मैंने सुपर ट्रेंड की सेटिंग को 73 पे रखा है कि हम थोड़ा जल्दी रिएक्ट कर सकते हैं ठीक है अब देखो यहां पे चार ही रूल है सिंपल-सिंपल पहला हमें एक सुपर ट्रेंड लगाना है चार्ट पे 73 का 73 उसके बाद हमें डेली का पिवट लगाना है R1 S1 हमें बीच की लाइन से कोई मतलब नहीं ठीक है सुपर ट्रेंड पिवट पॉइंट उसके बाद बुलिश एंट्री के लिए हमें क्या करना है जब भी जो निफ़ी है हमारी वो सुपर ट्रेंड के ऊपर क्लोज हो जाए मैं हायर दैन लगाया यहां पे 5 मिनट टाइम हां 5 मिनट टाइम फ्रेम पे ऊपर क्लोज हो जाए एंड R1 के ऊपर क्लोज हो यहां पे एंड है और ये दोनों सिचुएशन प्रूवन होनी चाहिए उस टाइम पे तब जाके आप क्या बेचोगे अगर ऊपर को गया तो हम पुट बेचेंगे अगर इसी का वॉइस होता है तो हम कॉल बेचेंगे कौन सा एट द मनी हमें हाईएस्ट थीटा खाना है तो एट द मनी पे ही हाईएस्ट प्राइसिंग का थीटा होगा और अगर आपके साइड में डेल्टा सकता है नीचे की तरफ तो आपको हाईएस्ट रिवॉर्ड मिला और उस रिवॉर्ड पे हमने 73 सुपर ट्रेंड से जल्द से जल्द निकलने का ट्राई किया। यहां पर एक क्वेश्चन है कि आपका प्राइस जो है निफ्टी जो है 5 मिनट चार्ट पे सुपर ट्रेंड के ऊपर क्लोज हो गई। अपार्ट फ्रॉम दिस वो R1 के ऊपर भी क्लोज हो गई। सेम कैंडल के ऊपर अब मैं इसकी क्लोजिंग होते ही अपना ट्रेड ले लूं या इसका हाई कटने का वेट कर रहा हूं। क्लोजिंग होते ही सिर्फ क्लोज होते ही हम इसका ट्रेड करेक्ट। और दोनों साइड ये करेंगे। दोनों साइड। ठीक है। अब इसके बाद मैं इसको डायरेक्टली समझाने चाहता हूं चार्ट क्योंकि यहां पीपीटी पे बात करके कोई फायदा नहीं होगा। चलिए यह हमारी 29 मई का चार्ट है। बराबर दिख रहा है। ठीक है। ये हमारी 29 मई का चार्ट है। और आप देखोगे अगर ये यहां पे मार्केट ओपन हुई। ठीक है? पहली कैंडल ऊपर भी गई, नीचे भी गई बट इसकी क्लोजिंग कहीं भी नहीं हुई। क्लोजिंग अंदर ही आ गई थी। ठीक है? सुपर ट्रेंड अकेले ग्रीन या रेड होने से कोई फर्क पड़ने वाला है? नहीं। उस वो सिर्फ एक ट्रेंड डिसाइडर है। क्लोजिंग यहां पे सुपर ट्रेंड के ऊपर हुई है। लेकिन R1 के ऊपर R1 के ऊपर। अगर R1 के ऊपर होती तो मैं यहां पर पुट बेचता। पुट बेस एट द मनी का पुट हम डायरेक्टली बेचते। यहां पे देखो नहीं हुई। कुछ भी नहीं हुआ। कुछ भी नहीं हुआ। सुपर ट्रेंड अभी भी ग्रीन चल रहा है। आप देखोगे सुपर ट्रेंड रेड हो गया था 12:5 पे 29 मई को बट अभी भी इसने S1 नहीं तोड़ा था। इसकी अगली कैंडल पे उसने S1 तोड़ा था इस जगह पे। एंड यहां से हमारा कॉल जो एट द मनी का कॉल है वो हमें भेज दो। और हमें उसे रखना कब तक है? जब तक सुपर ट्रेंड फ्लिप नहीं कर। दैट्स इट। ओके। अब अगर हम इस दिन के बारे में देखें तो सुपर ट्रेंड फ्लिप ही नहीं किया। लास्ट तक वो चलता रहा। और अगर इस ए इस टाइप के दिनों की अगर हम बात करें तो यह बेस्ट डज़ में आता है। जब सुपर ट्रेंड ने VPS नहीं दिखाया है क्योंकि VPS दिखाता तो आपकी ट्रेड दो बार, तीन बार, चार बार कटती। बट इसमें नहीं दिखाया। ये बेस्ट डेज में आता है। अगर हम इसमें हमारा नंबर ऑफ़ डेज़ का कोई लिमिट है। नंबर ऑफ़ ट्रेड्स का कोई लिमिट है कि एक दिन में तीन ट्रेड या आने वाला है। रिस्क मैनेजमेंट के पार्ट में मैंने डाल दिए। पहले हम इसको प्रॉपर समझ लेते हैं। एंट्री एग्जिट। एक बार ये क्लियर हो जाएगा ना तो फिर उसके बाद में अलग-अलग चीजें दिखाता हूं। ठीक है। ठीक है। हम एक दिन अगर और पहले चलते हैं तो दिस इज़ ये पूरा दिन। इस पूरे दिन में अगर आप देखो देयर इज़ नो ट्रेड। ये पूरा ब्लैंक डे है। यहां पे कई सारे लोग ट्रेड कर डालते हैं क्योंकि उनको शांति नहीं चाहिए। ठीक है? ये वाला दिन हम देखते हैं। ये देखो आप इस वाले दिन में एक ये ट्रेड रही। इसका एसएल गया। उसके बाद ये ट्रेड आई और ये थोड़ा बहुत प्रॉफिट देके चली गई। ये कॉस्ट टू कॉस्ट टाइप के डज़ पे जाएगा। इसके पहले सबसे जो डेंजरस डेज होते हैं ये क्वेश्चन कमेंट में आने वाला था। मैं इसको पहले ही समझा देता हूं। ठीक है? कई बार ऐसा होता है कि R1 के ऊपर ही मार्केट खुल जाता है। जैसे यहां पे आपको देखने को मिल रहा है R1 के ऊपर ही मार्केट खुल गया। सुपर ट्रेंड ऑब्वियसली ग्रीन होगा। अब आप देखो यहां पे ओपनिंग होते ही क्लोजिंग मतलब 9:20 पे ही हमारा पुट बिक चुका है। राइट? क्योंकि रूल्स हमारे सारे फॉलो हो रहे हैं। किसी भी तरीके से रूल करने यहां पे वो सेल हो रहा है। और देखो कब तक रहा हम रहे रहे 12:45 तक मार्केट हिली भी नहीं है। बट जो 9:20 से 12:45 का डके है वो हमें पैसे मिल जाएगा। वो मुझे मिल जाएगा। यही होता है कि जब आप डेल्टा और थीटा एक साथ लेते हो ना, तो डेल्टा कभी पीछे लैग कर सकता है। थीटा पैसे दे जाएगा। डेल्टा थीटा एक साथ चल रहा है तो आपको बहुत पैसे मिलेंगे। जब डेल्टा ही बिल्कुल आपके अपोजिट में चला जाएगा तब आपको लॉस होगा। ट्रेड तो देखो ऐसे ही होती है। स्माल लॉस स्माल प्रॉफिट बिग लॉस बिग प्रॉफिट। तो आपको बस बिग लॉस वाले पार्ट में कौन बचा रहा है? सुपर ट्रेंड 73 और आपको बिग लॉस कभी नहीं होने देगा क्योंकि वो बहुत जल्दी पलट जाएगा। आप यहां पे देखो ना चार्ट में कुछ भी नहीं था। वो एक बड़ी रेड कैंडल में पलट गई क्योंकि उसके पहले की कैंडल्स छोटी छोटी छोटी है। तो सुपर ट्रेंड को बस इतनी सी कैंडल चाहिए थी रिटर्न जाने में और यहां पे देखो आपकी ट्रेड कर दी। उसके बाद अगर आप देखोगे फिर से ट्रेड आई 135 में और उसके बाद वापस प्रॉफिट फिर वो प्रॉफिट ले गया। फिर वो प्रॉफिट ले गया। तीन 3:15 पे हम एग्जिट कर जाएंग। 3:15 पे हम एग्जिट कर जाएंगे। सिमिलरली लॉस्ट डे अगर देखें उसके पहले वाला दिन ये लॉस्ट डे है। ये देखो यहां पे ट्रेड आई 12:50 के आसपास और यहां पे ट्रेड कर गई दो के आसपास। ठीक है? अब क्या होता है जब आप एट द मनी में बेचते हैं तो मैं इसका एवरेज नंबर बताता हूं। एवरेज नंबर में आपको लगभग लगभग 25 से 28 पॉइंट का लॉस होता है। 25 से 28 पॉइंट के आसपास। बट जब आप एट द मनी बेच रहे हो ना तो आप नॉर्मली इस वो में तो एट द मनी 180 200 भी चल रहा है। तो आपके पास एक बहुत बड़ा पॉइंट हाउ कर देगा। बट व्हाट अबाउट जब विक्स नीचे चली गई जब विक्स नीचे चली जाएगी तो एट द मनी होता है 100 120 के आसपास उस टाइम पे मार्केट भी साइलेंट होती है वहां पे ऐसे गैप्स नहीं होते आप अगर देखो इस वॉर के पहले डेढ़ साल से कोई गैप नहीं हमारे पास कोई गैप नहीं था हम डेढ़ साल से विदाउट गैप डेली मार्केट खुलती थी शांति से चलती थी और उसमें हम ट्रेडिंग कर रहे थे तो मोस्टली 20 वीक्स के ऊपर जाकर निफ्टी ने 2 से 2ाई% के आसपास गैप देना शुरू कर दिया शुरू किया तो हम ऐसा समझ लो कि आप अगर वन थिंग्स टू क्लियर लाइक बहुत सारे लोग इस वॉर के चक्कर में ट्रेडिंग नहीं कर रहे। मैंने सुना है और कई सारे लोगों को बोलते हुए भी सुना है कि मत करो। बट मैं आपको सच्चाई बताऊं। अगर आप एक ऑप्शन सेलर हो वॉर चल रही है। विक्स 20 22 25 भी चली गई है। प्रीमियम हाई है। आपने ट्रेडिंग एनीवेज वैसे आपकी जो स्ट्रेटजी बात कर रहे हैं वो तो इंट्राडे है। तो इंट्राडे में तो वैसे भी जब हम इंट्राडे में भी लोग नहीं करते। मैं अभी एक इवेंट में गया था। वहां पे लोग ऐसे क्वेश्चन पूछ रहे थे कि वॉर चल रही है सर क्या करें? मैंने बोला क्या करते हो पहले? ऑप्शन बाइंग या सेलिंग बोलते सेलिंग। तो मैंने पूछा अभी रोक दिए हां रोक दिए मैंने इधर उधर सुना था नहीं करनी चाहिए मैंने बोला जिसके लिए लड़ रहे थे दो साल से कि प्रीमियम नहीं है कुछ बच नहीं रहा है वो सामने से आ गई है तुम्हारे पास उसके बाद तुमने रोक दिया अपने तीन महीने बाद शायद मिली ना तुम्हें तुम्हें बस करना तो इतना ही है ना कि यहां पे बस इस मार्केट के अंदर रहना है आपको बेचना है एसएल कंट्रोल करो आपको अपना बस रिस्क कंट्रोल करना है मैंने तुम्हें सिर्फ एक नॉर्मल सी चीज दी कि आप बेचते रहो ऑप्शंस एक परफेक्ट रिस्क डाल दो कि मैं हर हफ्ते ₹10 ही गवा सकता हूं और आप ट्रेड डालते रहो मैं आपको गारंटी देता हूं कि आप 2 महीने में प्रॉफिट क्योंकि प्रीमियम इतनी ज्यादा है आपके 10,000 ले जाने के बाद वो अगले ही हफ्ते आपको 20,000 दे दे तो आपको बस उसमें रहना पड़ेगा। बट अगर मैं आपको बोल दूं कि इग्नोर दिस तो क्या होगा? 200 300 300 की प्रीमियम भी चली जाएगी। 3 महीने बाद हम फिर से वापस से 100 पे आ जाएंगे और 121 पॉइंट के लिए लड़ेंगे। आज हमें वो 120 पॉइंट जो हमारा बीच पहले बीच में 10 11 12 के आसपास चल रहा था। वहां पर यही प्रॉब्लम थी। वहां पे यही प्रॉब्लम थी। तो लोग अपने आप समझ ही नहीं रहे थे। ऑप्शन सेलिंग होती क्या है? प्रीमियम के लिए कर रहे हो यार। प्रीमियम है वहां पे रुको। वहां पे लड़ो। इस टाइम पर अगर यह स्ट्रेटजी हम कर रहे हैं ना तो हमें 200 के प्रीमियम भी सेल करने को मिल रहे हैं और 200 में से हमें 60 70 पॉइंट मिल जाते हैं। तो हमारा जो 2520 का रिस्क है 1:34 चला जाएगा। बट यही चीज़ अगर आप विक्स 12 या 13 के आसपास करोगे तो आपको तो 15 20 पॉइंट ही कमाने को मिलेंगे। 15 20 पॉइंट खोने को मिलेंगे। हां वो हो सकता है मार्केट साइडवेज है। आपका वो रिस्क मोमेंटम बना रहेगा क्योंकि मैंने इसको पूरा टेस्ट किया है। बट जो आज मिल रहा है वो शायद कल ना मिले। तो इसीलिए वॉर जैसी सिचुएशन या कुछ हो वहां पे टिके रहना। वहां पे ट्रेडिंग करनी पड़ेगी। तब ऑप्शन सेलर होने का गर्व अपने आप में महसूस करो वरना मत मानो। लेकिन यहां पर एक चीज और भी तो ऐड करनी चाहिए हमें कि जो रिटेल पार्टिसिपेंट है वो अगर ओवरनाइट ऑप्शन सेलिंग करके जा रहा है तो उसको प्लीज मेक श्योर कि उसको हैच करके जाए क्योंकि ओवरनाइट रिस्क तो कैरी करके जा ही रहा है। आयरन का करो आयरन फ्लाई करो जहां पे आपका हैच डालने के बाद आपको अपना लॉस पता है। अगर आपको पता है कि कल मार्केट जहां मर्ज़ी खुले और ये मेरा लॉस है। तो डरना क्यों? आपको पहले से पता था ना कि मैं 9000 कल खोने वाला हूं। तो अगर पता है तो सो जाओ शांति से। वो लगाने के बाद भी रात भर जाग के चार्ट और ट्रंप के ट्वीट देख रहे हो तो साइकोलॉजी में कुछ नहीं फिर तो प्रॉब्लम फिर नहीं कहना चाहिए इसमें एक दिन में हमें कितने ट्रेड्स गलत जा सकते हैं क्योंकि अभी तक जो मैंने जितने चार्ट्स आपने दिखाए हैं उसमें मुझे लग रहा है कि एक या फिर मैक्सिमम दो ट्रेड ऐसे होंगे जहां पर आपका एसएल जाएगा इससे ऊपर तो जाने के चांसेस बहुत कम हो जाएंगे आपको डिटेल में यहां ठीक है एंट्री एग्जिट सबको समझ आ गया होगा कुछ भी इसमें नहीं है सिंपल 5 मिनट का चार्ट लगाना है सुपर ट्रेंड 73 लगाना है फ्लूव पॉइंट्स लगाने हैं दोनों के ऊपर गया है तो पुट सेल करना है एट द मनी का दोनों के नीचे गया को कॉल सेल करना है एट द दिस इज़ सिंपल रूल्स। ये ट्रेड डे है। बेसिकली आप अगर मैं बताऊं फ्रीक्वेंसी ये बैक टेस्ट की फ्रीक्वेंसी बता रहा हूं मैं। वन ट्रेड अ डे कितनी बार आई है? पिछले एक साल में 140 दिन। 140 दिन एक ही ट्रेड आई है। एक्चुअली दूसरी ट्रेड ही नहीं आई। टू ट्रेड्स अ डे कितने दिन है? 51 डेज। और थ्री ट्रेड्स अ डे कितने दिन? टू डेज में। दो ही बार आ। दो ही बार आया। पिछले एक साल। पिछले एक साल। तो बेसिकली ये है कि इसका मतलब है कि मार्केट [गला साफ़ करने की आवाज़] ये जो एक साल का अपना पीरियड था थोड़ा वोलेटाइल इतना आसान पीरियड नहीं था। तो एक्चुअली में वोलेटाइल पीरियड में मार्केट थोड़ा सा ऊपर की तरफ या नीचे की तरफ रहती है। सेंटर में वो रहती नहीं है। बहुत देर तक विक्स नीचे जाएगी तो शायद रह भी सकती है। बट पिछले एक साल में ऐसा नहीं था। तो अगर वन ट्रेड अ डे टू ट्रेड अ डे इसको हम मीडियन मान लेते हैं। तो टोटल 192 डेज हम दो ट्रेड के अंदर ही थे और बाकी का एक दो दिन तीन दिन ही बचे उसमें हमने तीन ट्रेड ली। रिजल्ट के हिसाब से जिस दिन तीन ट्रेड्स है उस दिन नॉर्मली कॉस्ट टू कॉस्ट या लॉस। जो मेन प्रॉफिट है वन और टू ट्रेड में ही आ जाता है। दूसरी ट्रेड के बाद अगर तीसरी ट्रेड में आप घुस रहे हो ना तो मोस्ट प्रोब्ली या तो आज अपना दिन बचाने वाले हो या तो आप लॉस हो। ये ये पूरे का पूरा गेम इस पे टिका हुआ है। आगे अगर हम चलें ये रहा आपका रियल ट्रेड का 27 मार्च। ये बेस्ट डे है। और ये जो मैंने चार्ट लगाया है दिस इज़ अ परफेक्ट चार्ट है। एक्चुअली ये ओरिजिनल चार्ट है बिल्कुल मॉर्निंग में आपको एक एक्सपायरी का दिन था। यह एक्सपायरी का दिन क्योंकि जिस दिन थीटा का भी बेनिफिट स्टंगली मिला होगा। हां हां एक्सपायरी डेल्टा का भी मिला होगा। एक्सपायरी का दिन अगर आप देखो पहली ही कैंडल पे एंट्री हो गई। जैसे ही कैंडल क्लोज हुई आपकी एंट्री हो गई और उसके बाद सुपर ट्रेंड कभी चेंज नहीं हुआ और बिल्कुल हमने 320 पे ट्रेड क्लोज कर लिया। तो यहां पे थीटा और डेल्टा दोनों मेरे दोनों हमारे फेवर में थे और हमने यहां पे एक लॉट से 9224 कमाए। ठीक है? 9724 हां 9724 हमने कमाए। टोटल 226 पॉइंट का मूव हुआ है 6 घंटे में निफ्टी के। ये हमारा बेस्ट ट्रेड है। बट अगर हम इसी ये दिन देखें ये वाला दिन ये वो डे है जिस दिन लॉस हो सकता है डायरेक्टली। तो आप अगर देखो ट्रेड आई ट्रेड आते ही रिवर्स मार गया। और सुपर ट्रेंड यहां से ग्रीन हो गया। और यहां पे आपको देखो डायरेक्टली वहां पे पूरे दिन में आपने कितना कमाया था? सेम पॉइंट्स। पूरे दिन की 20 मिनट की विंडो में आपने वही सेम पॉइंट खो दिया। मतलब मार्केट अगर मेरे को ट्रेड इनिशिएट करते ही सीधा रिवर्स कर जाती है। यह मेरा सबसे बुरा दिन होगा। सबसे बुरा दिन है। तो मतलब जो मेरी प्रॉब्लम का टाइम है मुझे अगले 10 से 15 मिनट में क्लियर हो जाएगा कि आज और उसके बाद आप यू आर डन अगर शुरू के 15 मिनट में आपको लॉस नहीं हुआ तो मतलब बड़ा लॉस नहीं होगा। बड़ा लॉस नहीं हुआ। बट अगर आपकी ट्रेड डालते ही 10 या 15 मिनट में लॉस हुआ तो आप समझ लेना कि वही सबसे बड़ा लॉस है। बस वही था। वही वही लॉस हुआ। वो दिन की शुरुआत खराब हुई है। वो दिन की शुरुआत खराब हुई। क्योंकि अगर देखो यह यहीं पर इतना बड़ा लॉस हो गया आगे वो कवर कर लेता है। बट ये जो तीन चार कैंडल के बीच में होता है ना यह सबसे स्पीड मूवमेंट होता है। यहां पर डेल्टा हावी हो चुका है। यहां पे थीटा का कोई काम नहीं यहां पे मेरा एक क्वेश्चन है बाय चांस क्या आपने स्ट्रेटजी को 9:15 पे ही डिप्लॉय करने की जगह ये भी क्योंकि ऐसी जो वैलिडिटी है वो मोस्टली 9:15 से पौ:45 के बीच में आती है। क्या आपने ये भी चेक किया कि अगर हम स्ट्रेटजी को सवा5 बजे डाले ही ना 10:00 बजे के बाद से ट्रैक करना शुरू करें तो क्या रिजल्ट्स अच्छे हुए? सर इसमें क्या होगा कि जो आपके एक्सपायरी डे एक्सपायरी डे के एक दिन पहले वाला पार्ट होगा उसमें हाईएस्ट थीटा डिकेट हो चुका होगा यू आर एंटरिंग व्हेन थीटा इज गॉन डेल्टा ओवरटेक कर लेगा या गामा ओवरटेक कर लेगा डेल्टा के साथ थीटा आपका जा चुका है थीटा आप बिगिनिंग में कभी भी देखना उसका जो गिरने का वो है ना वो बिगनिंग के 20-30 मिनट में ही है वो फटाक से 30-40% उसी टाइम पे गिर जाता है तो अगर आपका उस दिन सही है मार्केट आपके ट्रेंड में जा रहा है तो आपको 40 पॉइंट चाहिए आप तभी तो आगे का अगर एसएल लग गया कुछ लग गया तो झेलगे कैसे अगर आपका प्रॉफिट नहीं होगा और ट्रेड में रहने का क्या अदरवाइज कोई सेंस ही नहीं बनता। तो यह वाली ट्रेड में हमें बाद में प्रॉफिट तो हुआ होगा। बाद में प्रॉफिट हुआ है। बट मैं यह दिखाना चाह रहा हूं कि 15 मिनट में लॉस कैसे होता है। बट ये लॉस और प्रॉफिट मिला के भी इवेंचुअली लॉस रहा उस दिन का। हां उस दिन का लॉस लॉस। उस दिन का लॉस रहा। अब इसमें हम चलते हैं थोड़ा सा ये मैंने यहां पे दो चीजें लगाई। यहां पे ये 77 के जो आपको देखने को मिल रहा है ये निफ्टी का पीएनएल है पिछले एक साल का जिसमें मैंने फीस हटा दी। एसटीटी जीएसटी सब कुछ हटाने के बाद लगभग मैंने ₹69 राउंड ट्रिप के हटा दिए निफ्टी में और यही आपको ₹0 के आसपास लगते हैं सब कुछ जोड़ जाड़ के अगर आप 65 उससे करो अदरवाइज यहां पे 93 देखने को मिलता इसको करने के लिए पैसे कितने लगते हैं इसको करने के लिए एक्चुअल में पैसे आपको लगते हैं 1.5 के आसपास ठीक है फिर भी मैंने कंसीडर किया ढाई लाख अच्छा मैं सब कुछ देखो क्या होता है ना कि आपको सब कुछ कंसीडरेबल अमाउंट पे चला अगर आपको एक लॉट से निफ्टी चलाना है इसको तो आपको ₹5 लाख रखने चाहिए चल तो तो ये 140 के आसपास में जाएगी। 140 130 और अगर थर्सडे के आसपास कर रहे हो निफ्टी में आपको एक्सपायरी डे के लिए आपको बचाने है थोड़ा सा मार्जिन एक्सपायरी डे पे मार्जिन आपका बढ़ जाएगा। तो मैंने सब कुछ कंसीडर करके ₹5 लाख बोल रहा हूं। तो अगर आपको किसी को ये चलानी है आपको ₹.5 लाख रखने चाहिए। ये सेफ ग्राउंड है क्योंकि अगर मैं इसका ड्रॉडाउन की बात करूं तो इसका ड्रॉडाउन इज़ बेसिकली नियरली अबाउट 12% के आसपास। ठीक है? मतलब अगर स्टार्टिंग में ही ड्रॉडाउन आ जाए तो कुछ पैसा हमारे पास होना चाहिए रिस्क मैनेजमेंट के। तो अगर आप यहां पे देखोगे तो यह निफ़ी का इक्विटी कर्व है। इस पिछले 1 साल का जितना मैंने इसमें क्वेश्चन की है। अगर आप यहां ध्यान से देखो तो यहां पे एक पीरियड आता है लगभग ढाई ढाई तीन-ती महीने जहां पे हम ड्रॉडाउन में है। ठीक है? बट वो ड्रॉडाउन बहुत बड़ा क्यों नहीं जा पा रहा? क्योंकि हमने वहां पे सुपर ट्रेंड की वजह से जल्दी एग्जिट लिया है। तो कभी बड़ा नहीं बन पाता। और आप देखोगे इसका रिवर्सल कितना फास्ट है। वििन 10 डेज हम उस जगह पे पहुंच जाते हैं जो हमारा पुराना पीक था। आप रिसेंट में देखो इस जगह पे भी नीचे को आया। फटाक से उस पीक में वापस लौट गया। कभी भी हमारा इस टाइप का कर्व नहीं है ड्रॉ डाउन का। आपका डॉट कर्व ऐसा ऐसा ऐसा ऐसा होना चाहिए। यह तभी हो सकता है जब आपका जो विनिंग है वह अमाउंट भी बराबर का हो और जो आप लूज कर रहे हो वो अमाउंट भी आपके विनिंग से बड़ा कभी नहीं होना चाहिए। गलती से अगर ऐसा हो गया ना कि आपका विनिंग अमाउंट 20,000 है और लूजिंग अमाउंट जब बहुत गलत दिन है आपका 400 है तो ऐसा करने नहीं। उसके बाद आप एक बहुत डीप एरिया में चले जाते हो जहां से रिवर्स करने में आपके तीन महीने चले गए। बट इसके अंदर ऐसा नहीं है। ये धीरे धीरे धीरे नीचे को आता है। डायरेक्ट ऊपर को स्लाइड कर जाता है। आपको दो या तीन या चार ट्रेड ही लगती है जिसमें आप रिवर्स कर जाते हो। यह इसी वजह से है क्योंकि आप बहुत बड़ा टेल रिस्क नहीं छोड़ रहे हो। आपकी ट्रेड जल्दी कट रही है। बुरी भी है तो जल्दी कट रही है। अगर अच्छी भी तेजी से गई है तो जल्दी कट रही है। तो आप हमेशा अपनी ट्रेड को क्लोज करके निकल रहे हो। आपका एक क्वेश्चन था कि इसमें हमें ट्रेड कितनी लेनी है? इसमें फिक्स ट्रेड है तीन। सिर्फ तीन ट्रेड लेंगे। तीन बार में कुछ नहीं होगा तो पांच बार में भी नहीं होगा। अगर ट्रेंड नहीं पकड़ा है तीन बार में तो पांच बार। हम इसे फिक्स करने वाले हैं कि हम तीन ट्रेड लेंगे। ट्रेड वन, ट्रेड टू, ट्रेड थ्री। एंड वी आर डन फॉर इट। अगर इन तीनों में कॉस्ट टू कॉस्ट है तब भी ठीक है, प्रॉफिट है तब भी ठीक है, लॉस है तब भी ठीक है। फाइट नहीं कर मार्केट्स हमें फाइट नहीं कर रही। तो ये निफ्टी का चार्ट और तीन से ऊपर मिल भी नहीं रही है। पिछले एक साल तो तीन से मिल भी नहीं रही। ठीक है? अगर हम ससेक्स की बात करें, तो यह ससेक्स का है। अगर आप देखो ध्यान से मैच डीडी हमारा ससेक्स में 21,000 है और जो प्रॉफ़िट है 72,000 यहां पे जो भी 72 या जो भी मैं दिखा रहा हूं ये फीस जीएसटी एवरीथिंग कटने के बाद क्योंकि मैं अगर इसको ऐसे दिखाता तो यहां पे आपको एक 10 देखने को मिलता और फिर मैं बोल पाता ₹.5 लाख में एक 10 वाओ कितना रिटर्न सेलिंग में इतना रिटर्न नहीं होता। कॉस्ट-वस्ट काट के हम यहां पे पहुंचे। ये रिटर्न कहलाया कितना? एक्चुअली अगर हम सब कुछ काट रहे हैं सब कुछ करने के बाद यह नियरली 36% है और यह बहुत बड़ा होता है। यह बहुत बड़ा होता है। बहुत बड़ा है। यह बहुत बड़ा अमाउंट है। ये सब कुछ काट-पुट करने के बाद है। मैंने स्लीपेज के लिए भी 5% हटा दिया। क्योंकि मुझे पता है वो सब होने वाला है। जब हम नए टाइप से ट्रेड करते हैं या फिर इस सिस्टम को मैं सेटअप करके एल्गो में भी ट्रेड करूं। एक स्लीपेस्ट पॉइंट रह ही जाता है। और सेंसेक्स में ज्यादा रहता है। निफ्टी में तो फिर भी हमारे पास बहुत ज्यादा लिक्विडिटी है। तो स्लीपेस्ट पॉइंट को अगर आप इग्नोर भी करोगे तभी चलेगा। और सेंसेक्स का नंबर भी बड़ा रहता है। तो वो पर आप एक चीज़ इग्नोर नहीं कर सकते कि आपका एसटीटी बढ़ चुका है, जीएसटी ये सब जो चार्जेस है जो चार्जेस ना पहले ₹50 थे वो आपको 80 के आसपास देने पड़ते हैं। जो पहले 40 थे तो वो 70 पहुंच गए। तो बेसिकली अब हम 70 के आसपास पहुंच चुके हैं और वो हमारे हर राउंड ट्रिप में लग रहा है। तो वो चीज हमारा कितना परसेंट ले गए? ये एक्चुअली में एक 10 था तो बोलने को हो जाता है कि 50% बन रहा है। बट एक्चुअली ये सब काट दोगे तो आपको 35 36 बचेंगे और ये दोनों के लिए ऑलमोस्ट सिमिलर है। मैंने ये चीज नोटिस करी कि निफ्टी और उसके लिए दोनों के लिए सिमिलर है। 35 36% रिटर्न ओवर अ ईयर एज एन ऑप्शन सेल दैट टू इंट्राडे जब आप ओवरनाइट रिस्क कैरी नहीं कर रहे। बहुत ज्यादा मुझे नहीं लगता कि 99% ट्रेडर्स दुनिया के अंदर मैं इंडिया की तो बात ही नहीं कर रहा। कमा रहे हो। मुझे नहीं लगता नहीं बन सकते। ये बना ही नहीं पाते। बट ये स्ट्रेटजी मैंने इस तरीके से डिजाइन करी थी कि एक 3 लाख, 4 लाख, 5 लाख वाला बंदा इसको कैसे करेगा। जब मैंने इसको बिगनिंग में जैसे अपने लिए जो डिजाइन किया है मैंने वो ऐसे डिजाइन किया है कि मैं एक-एक लॉट का सेट 5 लाख में ससेक्स और निफ्टी में चलाऊंगा। मतलब अगर आपके पास 5 लाख है तो आप एक सेट निफ्टी में चला दो। वन लॉट का और एक सेट ससेक्स में चला दो। यू आर डन। आपको बस उसको मॉनिटर करते रहो। सब सही चल रहा है कि नहीं। आप मंथली बेसिस मॉनिटर करो। वीकली बेसिस मॉनिटर कर लो कि क्या चल रहा है और क्या सब कुछ जो बैक टेस्ट है उसके बेसिस पे चल रहा है उसके अराउंड चल रहा है नहीं उसके अराउंड क्योंकि बैक टेस्ट से आप छोटा-मोटा दो-ती% ऊपर नीचे होने चाहिए बस अगर आप बैक टेस्ट से 20% इधर-उधर चल बैक टेस्ट ओवर फिटिंग था ओवर फिटिंग था तो इसमें जब मैंने ये बनाया देखो मैं डेटा साइंटिस्ट हूं तो मैं जब कोई भी स्ट्रेटजी बना रहा हूं या कर रहा हूं ना मैंने मुझे लग रहा है ऐसे 400 बनाई है टेस्टिंग कर यस यस ठीक है मैं सबसे बनने के बाद जब बहुत अच्छा कुछ दिखने लगता है ना सबसे पहले उसमें ये डालता हूं कर्व फिटिंग चेक करता हूं कर फिटिंग नहीं इसमें कैसे चेक होगी बताओ इसमें कर्व फिटिंग चेक होगी आर इंस्टेंस से तो आप कर ही नहीं सकते क्योंकि वो तो फिक्स है और कल के लिए फिक्स हो चुके है जो बने नहीं इसमें कर्व फिटिंग चेक होती है सुपर ट्रेंड से आप इसमें ना सुपर ट्रेंड के नंबर सारे 10 के 10 20 के 20 सब डाल के देख लो और जो टाइम ड्यूरेशन है ना उसको इस साल की जगह पिछले साल ले जाओ उसके एक साल पहले ले जाओ या फिर आप समझो छोटे टाइम फ्रेम में कर लो फिर बड़े टाइम फ्रेम में कर लो 5 मिनट को 15 मिनट कर लो चेंज करते रहो बार-बार चेंज करते रहो अगर ये उन 100 बार के टेस्ट में 90 बार सही आ रहा है तो बट अगर कभी ऐसा ऐसा हो रहा है कि आपने जरा सा ये सिर्फ 73 पे ही अच्छा आ रहा है और 72 और 73 पे खराब आ रहा है। समझ रहे हैं ना उससे कर्व फिटेड कुछ नहीं हो सकता। तो कर्व फिटिंग टेस्ट करने का सीन ऐसा होता है कि आप सब कुछ टेस्ट करो और आजकल सब कुछ अवेलेबल है। बिना मेरे बोले आपको पता है आपको कहां से टेस्ट करना है। दुनिया की सारी इनफार्मेशन अवेलेबल है। डेट अवेलेबल है। इतने सारे एआई प्रोडक्ट लेकिन मैं फिर भी आपको बताऊं बहुत ज्यादा लोग इस चीज के लिए मेहनत करने में ज्यादा बिलीव नहीं करते। तो इसलिए तो ये मुझे लगता है कि करनी चाहिए हर किसी करनी चाहिए। आप यार पैसे लगाने वाला आप मेहनत का पैसा है। ऐसे हवा में मतलब किसी ने कुछ बोला और आपने कर दिया। मैं यहां पे ये सब करके लाया हूं या सामने से बता रहा हूं। बट मैं बोल रहा हूं आप भी करो। स्टडी तो मैंने पूरी बता दी ना। हमने टॉपिक का डिस्कशन ऐसे किया था कि आप स्ट्रेटजी को इमीडिएटली कल से यूज़ करना मत। कल से यूज़ करो। आपने भी सेम बात बोली कि पांच दिन तक इसको यूज़ करो। यूज़ करो। आप देख लो फॉरवर्ड टेस्ट कैसा है। सी यहां पे मेरा एक क्वेश्चन है। निफ्टी और ससेक्स समझ में आता है। व्हाई नॉट बैंक निफ्टी? मंथली हमारे पास वीकली वो टच ही नहीं बचा ना। मैं मंथली में थीटा डीके कैसे लूं? फिर तो डेल्टा डेल्टा बचा है। अच्छा। अच्छा तो जिस भी प्रोडक्ट के अंदर हमारा तो हम थीटा अच्छा बैंकफ्टी हम लास्ट वीक में मैं आपको एक चीज़ देता हूं। ये नंबर्स आप देखो मैंने यहां पे इसको इस तरीके से बनाया कि आज मोमेंटम ड्रिवन में आपको प्रॉफिट हो रहा है 77K का। मैंने फुल रिसर्च की है हमारे पास। अब आजकल इतना रिसर्च सिस्टम है। आपको मोमेंटम ड्रिवन में प्रॉफिट हुआ है 77K का। ये कंबाइंड बता रहा हूं ससेक्स और निफ्टी का। एंड 1.37 लैक्स हुआ है थीटा ड्रिवन से। थीटा। इसका मीनिंग ये है कि जब आप सिर्फ इतना सही थे कि मार्केट यहां से 30 पॉइंट भी ऊपर चला गया और फिर उसके बाद साइडवेज हो गया। जैसे मैंने आपको पहले एग्जांपल दिखाया था आप उसमें हाईएस्ट कमाया 1.37 और आपने जस्ट डेल्टा डेल्टा से मूवमेंट मूवमेंट आपके रिटर्न्स में ज्यादा पोर्शन जो है वो थीटा की वजह से टू डेल्टा अगर बैंक निफ्टी लास्ट वीक में क्यों बना लास्ट वीक में कर सकते हैं बट इतना दिमाग क्यों लगाना है आप पैसे एक इंस्ट्रूमेंट से कमा रहे हो तो वैसे भी वो बाकी पूरा तीन हफ्ते वो पैसा खाली पड़ा रहेगा खाली पड़ा रहेगा तो आप इतना मैं रिटेलर को यही बोलता हूं आप अभी के लिए तो या तो निफ्ट्टी चुन लो या तो ससेक्स चुन लो किसी एक में ही करो मैं तो कहता हूं आप इतना सब मत दिमाग अगर इतना होता तो आपके 50 लाख होते अब आपके पास 20 लाख है तो मुझे बताओ तो मैं आपको बताता हूं कैसे-कैसे बांटना है। बट अगर आपके पास रिटेल लेवल पे 3 लाख 4 लाख ही है तो एक ही इंस्ट्रूमेंट काफी है। 5 लाख है तो दो कर लो ये एक एक लॉट से कर लो। नहीं वो 20 लाख के लिए हम आपका जो कोर्स रिकॉर्ड करेंगे उसके अंदर उस चीज के बारे में अगर आपके पास 20 लाख 50 लाख है फिर आप कैसे नॉन कोलेटेड स्ट्रेटजी अलग-अलग चलाओगे तब सोचने की बात है। अभी ये मैं उनके लिए बता रहा हूं जिनको बस सिंपलेस्ट सिंपलेस्ट रखना है। इतने ही पैसे हैं भाई साहब और मुझे यही यही करना है। ये उनके लिए है और जिनको बहुत ज्यादा टेक्निकल नॉलेज भी नहीं है उनके लिए। इसलिए मैंने इतना सिंपल सिस्टम रखा है। अदरवाइज मैं इसमें अगर ये पढ़ाने लगता है कि आप डेल्टा मैप करना शुरू करो, डायनेमिक देखो, ये सब देखो तो तो पता नहीं ये कोई देखता भी नहीं। सर व्हाट इज आईवी क्रश? और क्या हमारा इसमें कोई यूज़ होगा इसका? क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि आईवी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। हमें हर समय स्ट्रेटजी रन करनी है या कोई ऐसे टाइम पीरियड्स है जहां पर ना भी करें तो ज्यादा प्रॉफिटेबल हो सकता है हमारे लिए। अगर हम टेस्टिंग करने पे कि बिल्कुल हमें दिन भी घटाने हैं। हमें बेस्ट डेज पर भी जाना है। तो आप जो बोल रहे हो आईवी क्रश हम उसको देख सकते हैं। और आईवी क्रश बेसिकली अगर मैं समझा दूं वही जो मैंने सबसे बिगनिंग में बताने का ट्राई किया था वो आप जज करो कि पिछले एक वीक में एट द मनी की आईवी एवरेजन कितनी रही। अगर वो एवरेज आपको नंबर पता चल गया। मान लेते हैं वो एवरेज नंबर 20 है। ठीक है? और आज जब मार्केट ओपन हुई। ओपन होने के 20 मिनट बाद आपने देखा कि एट द मनी की आईवी 22 या 23 चलती है। तो ऑब्वियस सी बात है एवरेज नंबर से ज्यादा है। इस दिन अगर आप ये ऑप्शन सेलिंग करोगे तो आपको थीटा का फायदा ज्यादा है। डेल्टा का तो इससे कोई लेना देना नहीं है। बट थीटा का फायदा ज्यादा है। पर ये चीज को ना आपको तब इंप्रूव करना चाहिए जब आप फुल टाइम वीकली और मंथली ऑप्शन सेलिंग या सिक्स मंथ्स ऑप्शन सेलिंग करना स्टार्ट कर चुके हो और आपका बैलेंस बहुत बड़ा है। आप अगर अभी इसके अंदर दिन चुनना स्टार्ट कर दोगे तो हो सकता है बेस्ट डे भी किसी दिन छूट जाए। उस दिन आईबी का कोई लेना देना नहीं ना। आपका ट्रेंड ही फॉलो हो रहा हो तो वह जो ट्रेंड के बेसिस पे जो है 77,000 मिले हैं नहीं मिले। आप इग्नोर हो गए ना वह दिन? तो मैं रिटेल लेवल पे इसीलिए बोल रहा हूं। मेरे पास पढ़ाने का तो मुझे लग रहा है मैंने YouTube पे 540 वीडियोस डाले। मैं पढ़ाने पे आ जाऊं तो शायद हम कल सुबह तक बात करते रहेंगे। बट ये उनके लिए है जो इन सारी चीजों को इन्वॉल्व नहीं करना चाहते। वरना आप वॉल्यूम इन्वॉल्व कर सकते हो। वोलेटिलिटी इन्वॉल्व कर सकते हो। डेल्टा का मूवमेंट डायनेमिक कर सकते हो आप। इवन वोलेटिलिटी डायनामिक कर सकते हो। आपका ऑर्डर भी तब लगे जब स्पाइक आया हो दिन में। बहुत सारी चीज़ इन्वॉल्व करने के लिए। बट ये उनके लिए है जो बहुत ही सिंपल वेरी सिंपल। तो अगर मैं इस वीडियो का थंबनेल बनाता तो थंबनेल बिगिनर लेवल पे होता। एक बिगिनर आके इसको देखे चलाए। मैं तो कहता हूं साल भर चला के देखे। साल भर चला के उसको समझ आ जाएगा कि हां ऑप्शन सेलिंग में टिकना ऐसे। टिकने के बाद आपको जो भी सीखना हो ना तो जब हम अगली बार बैठेंगे तो मैं उसमें उन डिटेल्स पे जाऊंगा जो पांच साल से ट्रेडिंग कर रहे हैं। उनको क्या करना चाहिए। वहां पे भी अभी लड़खड़ा रहे हैं लोग। कई सारे हैं। कई लोगों के पास पैसा है उन्हें ये नहीं पता कैसे तो बहुत है। तो आपको उसे कैसे डिवाइड करना है वो बाद की बात है। अभी 3 लाख से पहले पांच तो बनाओ। फिर हम बाद देखेंगे क्या करना है? सर पिछले एक दो साल के अंदर हमारा जो विक्स था वो बहुत कम था। अभी विक्स थोड़ा सा बढ़ गया है। विक्स अंडरवैल्यूड है, ओवरवैल्यूड है। ये कैसे पता लगता है? फॉरगेट अबाउट दिस स्ट्रेटजी। हमें स्ट्रेटजी के लिए नहीं चाहिए। बट इन जनरल देखो मैंने एक नंबर निकाला था 9 से 23। दिस इज द रेंज वेयर 90% ऑफ़ पिक्स मूव्स। 90% और यह ओवर जब से हमारे पास अवेलेबिलिटी है डेट न से 23 के अंदर में आप बस इसको तीन पार्ट में डिवाइड कर लो। 9 से 12 को आप यही समझो कि कुछ भी नहीं चलता। वो तो है ही नहीं। कल ये सोचना ही नहीं कि कल क्या होगा। मार्केट वहीं पे खुलने वाली है जहां 9 से 12 में अगर हम ज्यादा से ज्यादा 510 पॉइंट ऊपर नीचे होगा। बट वहीं खुलेगी अगर 9:00 से 12 में ये जो एरिया है ये एरिया बिल्कुल से डिपेंडेंट होना चाहिए। बहुत हैवी ऑप्शन सेलिंग नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रीमियम आपकी बहुत छोटी है। आपके पास कुछ नहीं बचने वाला है। डेल्टा जरा सा मूव करेगा आपको इफेक्ट दिख जाएगा। इसी एरिया में आपको कैलेंडर स्प टाइप चीजें लेनी चाहिए। जहां पे आप आगे की एक्सपायरी बाय कर रहे हो। जिससे आपको जो डेटा की और टाइम थीटा की सेंसिटिविटी थीटा की सेंसिटिविटी कम करनी है। डेल्टा की बढ़ानी है। तो आप कैलेंडरर्स बाय करो। अगर आप 12 से 18 वाले एरिया में तो सच बता रहा हूं। सिर्फ ऑप्शन से ये बेस्ट पीरियड होता है। बेस्ट पीरियड। आंख बंद करो और ऑप्शन सेलिंग करो। बस आपको हैेज डाल के अपना रिस्क पता होना चाहिए डेली बेस पे और इंट्राडे में कर रहे हो तो ये वो वाला पार्ट भी नहीं अगर आप वीकली कर रहे हो और मंथली कर रहे हो तो आपका वो हैज वाला पार्ट इनवॉल्व करता है बट इंट्राडे में आप बस करते रहो यू विल बी प्री प्रॉफिटेबल आप जब 18 से 23 के एरिया में पहुंच जाते हो वो एरिया उनके लिए है जो एक्चुअली में मार्केट में थोड़े टाइम से ये इवन ड्रिवन वाला टाइम इवन ड्रिवन वाला टाइम होता है 18 से 23 के बीच में हाईएस्ट कमाओगे भी बट टिल रिस्क बी हाईएस्ट आप मैं आपको एक कंपैरिजन बताता हूं कि 18 से 23 के एरिया में स्ट्रेंगल और आयरन कंडोर को अगर कंपेयर कर दिया जाए हाईएस्ट कमा के दिया है स्ट्रेंगल ने। ठीक है? बट स्ट्रेंगल का ड्रॉडाउन सबसे ज्यादा तो वो झेलने की ताकत जिसमें है जाके स्ट्रेंगल कर लो। बट आयरन कंडार ने भी ऑलमोस्ट स्ट्रेंगल जितना ही कमाया है। 10 12% ऊपर नीचे कर सकते हैं। बट उसका टेल रिस्क बहुत कम है। ऐसा समझ लो अगर इसने 1000 खोए थे स्ट्रेंगल ने तो इसने 300 ही खोए। ऐसे 18 से 23 के बीच में ट्रेडिंग करनी है बट आपको चुनना है कि आपको नेकेड स्ट्रेंगल्स करने हैं या आयरन करने और यह तभी हो पाएगा जब आप तीन चार साल कर चुके होंगे ना तो आपको टेल समझना होगा स्ट्रेंगल मैं आपको सच बता रहा हूं आज तक कुछ लोग हैं जो 10-10 सालों से सिर्फ स्ट्रेंगल कर उन्होंने सिर्फ एक चीज मैनेज करी है वो है अपना मनी लोन उनके पास अगर मान लेते हैं 1 करोड़ है ना तो 34 लाख से करते हैं 34 से 35 लाख से मतलब 1/3 ऑफ़ मनी दे यूज़ फॉर नेकेड स्टैंडर्ड्स दे डोंट केयर उनको नहीं फर्क पड़ता वॉर हो रही है, तमाशा हो रहा है। दे डोंट केयर। उन्हें ये पता है हाई प्रीमियम है। अगर अगला वीक तक भी हम टिक गए तो ये सब कमा लेंगे वापस। राइट? पर वो साइकोलॉजी एक रिटेल बंदे में नहीं आ सकती। वो उसी के पास होगी जो 8 10 साल से कर रहा है। और उसे पता है कि मैं बस ये दो चार महीने झेल जाऊंगा। उसने पैसा वहां से कमा भी लिया और कमा लिया है। एक्चुअली उसने बना रखे हैं 10 करोड़ उसी चीज से कर करके। तो वो आज के बस एक करोड़ डाल के छोड़। डाल के छोड़ देगा। तो वो डरेगा। दूसरा ये होता है कि स्ट्रेंगल आप 1/3 से करो और आयरन कंडोर आप 80% मनी से करो। हम ये होता है मेन में आयरन कंटोर में आपको पता है आपका इतने लॉस होने वाला है तो आप अपने हाईएस्ट पीक तक अपना पैसा यूज़ कर सकते हो स्ट्रेंगल में जब आपने पीक तक पैसा यूज़ किया ना तो वो फटाक से डॉट डाउन 30% ले जाएगा और आपका कैपिटल ही उड़ा दिया यस यस वो पोजीशन मेंटेन ही नहीं कर पोजीशन मेंटेन ही नहीं कर पाओगे वो बात है ना आपके पास 10 करोड़ और पड़े हैं तब आप कर सकते हो बट अगर आप मैं मैं एक 5 लाख वाले रिटेलर की बात करूं तो स्ट्रेंगल करते वक्त हमेशा याद रखना ये सब इंट्राडे में करो जो आपको करना हो न्यूट्रल फलाना जो मर्जी करनी है इंट्राडे में कर लो अगर वीकली ट्रेड डाली खाली है डाल दो। यू आर इन रिटेल स्पेस। अभी आपको पैसे रोकने हैं। धीरे-धीरे कमाने हैं। रोकने धीरे-धीरे कमाने रुकने हैं। गो फॉर आयरन कंडोर या आयरन कंडोर भी 1। बहुत सारे लोग आयरन कॉनोर इतनी दूर से करते हैं कि मेरी पीओपी 93% है। डन। आप स्टंगल ही बेच रहे हो। वो जैसे ही किसी दिन ऐसे भागेगा आपको दे रहा था 5500 हर दिन के आपसे लेके जाएगा 500। तो स्ट्रेंगल ही कर लेते हो ना। इससे बढ़िया। क्यों करना है? तो मैं हमेशा बोलता हूं आयरन कंडर 1 होना चाहिए। जो एरिया है अगर ग्रीन वाला वो 10,000 देके जाना चाहिए और जो नीचे का रेड वाला है वो 10,000 लेके जाना चाहिए। 1 का आयरन कंडोर बेस्ट फॉर रिटेलर्स। तो अगर किसी को वीकली और मंथली ट्रेडिंग करनी है आयरन कंडोर डालो 1 का। सर यही रिस्क मैनेजमेंट की बातें थी जो स्टार्टिंग में बता दें कि करेंगे। इसके अंदर कुछ और भी हमें ऐड करना है। करंट स्ट्रेटजी के पॉइंट ऑफ़ व्यू से। करंट स्ट्रेटजी के पॉइंट ऑफ़ व्यू से अगर आप हम अगर बोलना चाहूं तो आप देखो इसके अंदर कैपिटल बेसिस पहले हम मनी मैन पे बात करते हैं। कैपिटल बेसिस पे 1.2 में ये चल जाएगी। बिल्कुल कट टू कट बता रहा हूं। 1.4 रख के मत चला देना। 1.6 रख के मत चला देना। आप ढाई ही रखना। और जो मैंने यह बताया आपको कि 36% दे रही है। मैंने ढाई के हिसाब से बताया। मैंने डेढ़ के मार्जिन लेवल पे नहीं बताया। मार्जिन लेवल पे तो ये 50 60 हो जाएगा। और अच्छा हो जाएगा। बट मुझे बताना नहीं ना। बोलना नहीं है ना फालतू के नंबर। आप ढाई के हिसाब से करो और ढाई के बेसिस पे ही अपने परसेंटेज कैलकुलेट करो। क्योंकि जब आप आगे बढ़ोगे तो अगला क्वेश्चन लोगों का आने वाला है कि इसमें लॉट कब बढ़ाएं। मुझे पता है ये सारे क्वेश्चन बेसिक है। लॉट कब बढ़ाएं? आपको लॉट बढ़ाना है जब एक लॉट का पैसा आ जाए। जब मार्केट से एक लॉट का पैसा कमा लिया तो एक लॉट बढ़ा देना। एक लॉट नॉर्मली अगर आप सिंगल एक साइड का क्रेडिट एक्सपेक्ट करते हो तो आपको लगभग 70,000 लगते हैं। तो जब ढाई लाख प्लस 70,000 आ जाए तो एक लॉट बढ़ा दो। चल जाएगा क्योंकि चलने के लिए तो 1 लाख ही लगना चाहिए ना। आप उसको पैसे उतने कमाने दो। आप अपने जब प्रॉफिट से करोगे तो आपकी साइकोलॉजी अपने आप डाउन चली जाएगी। आपको सिंपल बहुत ही ईज़ फील होने लगेगा ट्रेडिंग करने में और आप शांत हो। यह बहुत सिंपल दिख रही है। इसमें कुछ कर ले क्या सर? हम अगर उस दिन यह होता तो यह कर लेते। नहीं करते। मैं आपको सच बता रहा हूं। मैं अपने Telegram पे जो मेरा Telegram है उसमें एक साल से एक ट्रेडिंग स्ट्रेटजी कर रहा हूं। लगातार वो उसको डेली ट्रेड करता हूं। वीकली ट्रेडिंग है। मैं डेली उसको डालता हूं। उसने बिगिनिंग के 4 महीने में लगभग मुझे कुछ 17% या 18% का प्रॉफिट दे दिया। फिर ये वॉर हो गई। वॉर के टाइम पे वो 17 18% मेरा गया और 10% ड्रॉ डाउन में भी गया। मैं तब भी उसको चलाता रहा। मैं उस फील्ड में यह कर सकता था कि अरे यार tlegram में 1 लाख लोग देख रहे हैं कुछ ट्वीट कर देता हूं जरा सा प्रॉफिट आ जाए वरना लोग क्या सोचे नहीं किए मैंने क्योंकि मैं अगर उसको कर्व फिटिंग ही कहते हैं इसको अगर मैं उस इवेंट बेसिस पे उसको फिट कर दूंगा तो इवेंट कल नहीं होगा तब क्या करेंगे और जिस पीरियड मैंने टेस्टिंग करी थी इवेंट तब भी नहीं था इवेंट तब भी तो मैं क्यों सोचूं मार्केट में क्या चल रहा है दैट्स नॉट माय प्रॉब्लम वो चलता ही रहेगा कभी ना कभी कुछ ना कुछ होता ही रहेगा आपको इसमें ट्वीट नहीं करना अगर आप ट्वीट करोगे तो आपका बेस खराब हो जाएगा और फिर आप बस अभी रिजल्ट्स रेप्लिकेट नहीं होंगे। नहीं होंगे क्योंकि आपने जो भी चेंज किया है वो आपने बैक्टर्स नहीं किया होगा। नहीं किया है। आप अभी हमें सुन रहे हो। थोड़ी देर में आपको लगेगा यार पांच दिन से इसके बारे में पैसा नहीं कमाया। एक काम करते हैं दूसरे का सुन के आप दूसरा चला लेते हैं। ये जो रैंडमनेस होती है ट्रेडिंग की सबसे बड़ी प्रॉब्लम वही है। मंकी माइंड से हां आप उसको रैंडमनेस पे मत लेके जाओ। आप बोलोगे कि नहीं यार सर ने तो 73 बोला एक काम करते हैं। 10 दिन भी ट्राई कर ये ट्राई ही करते रह जाओगे। और सच बता रहा हूं। सालों निकल जाएंगे पैसा भी जीरो हो जाएगा। यू विल नॉट गेट एनीथिंग। तो थोड़ा सा ट्राई करने के बाद करो ना जब आपको 6 महीने में इससे पैसे ना बन रहे तब जाके हमें थोड़ा सा देखना पड़ता है कि नहीं यार कुछ तो गड़बड़ आप करते हो बट आप पांच दिन में कैसे डिसाइड कर सकते हो तो थोड़ा सा उसको टाइम दो फॉरवर्ड टेस्ट करो चलाओ और अगर पैसे बन रहे हो ना तो कहीं दिमाग मत लगाओ फिर मत चेंज करो फिर चेंज मत लो जीती हुई टीम को डिस्टर्ब वरना वही वरना लोग ना 2000 कमाने के बाद ही सोचते हैं अब तो कहीं से पैसे का जुगाड़ करता हूं और कुछ और सोचता हूं इसको बड़े भाई पहले कर तो ले यार थोड़ा प्रैक्टिस कर मार्केट में सच बता रहा हूं 3 साल से अगर अगर मार्केट में नहीं बिताया तो आप ट्रेडर मत कहना गलती से भी एक साल बिता के अगर सोच रहे हो कि एक Instagram खोलते हो और ट्रेडर बोल रहे हो नहीं यहां सच बता रहा हूं 14 साल से घिस घिस के यहां पहुंचे और इसके बाद भी मैं ये नहीं बोल सकता कि मैं कल जो मार्केट होगी कल खुल के उसमें प्रॉफिट ही कर दूं नहीं कोई नहीं बोल सकता तो जो अगर आप कहीं ये सब कर रहे हो ना कि नहीं पांच दिन प्रॉफिट किया और मैं ट्रेडर हूं चलो वीडियो बनाना शुरू कर नहीं 10 दिन में सब सब निकल जाएगा तो थोड़ा सा कंट्रोल डू इट फॉर वन टू इयर्स प्रॉफिट आएगा प्रॉफिट कमाओगे अगर आप रैंडमनेस नहीं करोगे तो मैं आपको सच बता बता रहा हूं एक अंधा मतलब जिसको कुछ समझ दिखाई भी नहीं दे रहा है वो सुन भी नहीं सकता बहुत सिंपल स्ट्रेटजी है वही उसमें आप प्रॉफिट कर लो जैसे ही आपने उसमें कुछ भी घुसाया लॉस होना शुरू हो जाएगा और रैंडमली स्टार्ट हो जाएगी उस दिन से फिर पहले आप मेरा एक वीडियो देखोगे फिर किसी और का फिर किसी और का चार नई स्ट्रेटजी और ये रिपीट साइकिल है और ये ऐसा ही चलता रहेगा मैं आपको सच बता रहा हूं मेरे से कई लोग पूछते हैं कि आपने किससे सीखा मैं उन्हें यही बोलता हूं ऐसा कोई है ही नहीं ना मैंने उनसे सीखा है मैंने अपने आप से ही सीखता चला गया क्योंकि मैं खुद इतना बड़ा हूं कि मैं लॉस करता ही रहूंगा मैं आपको बता रहा हूं। मैंने एक दिन में 38 लैक्स का लॉस किया और मैं सिर्फ चाय पीने गया था। बजट डे था उस दिन मेरे दोस्त की शादी थी। मैंने अपने फ्रेंड को जो साथ में था मैंने उसको बोला चल चाय पी के आते हैं। क्या ही हो जाएगा? कुछ भी नहीं हो रहा। और होगा भी तो 11:00 बजे के बाद होगा। मैं ये बोल के बस चाय पीने गया। और मेरा फ्रेंड जो स्क्रीन देख रहा था उसने ये बोला और जब मैं गया था तब उसमें कुछ 18 लाख का प्रॉफिट था। तो मैं क्यों इतनी टेंशन? नहीं लूंगा। मैं गया चाय पे। उसने मुझे फोन किया कि 18 से 10 आ गया। बोला कोई नहीं ठीक है चल। क्योंकि ये वेन्यू था शादी का। हम बाहर पैदल गए थे चाय पीने। ठीक है? तो पैदल आने में उतना ही टाइम लगने वाला है 510 मिनट। तो उसने बोला 10 बोला कोई बात नहीं। फिर उसने बोला पांच प्लस है अभी। फिर उसने बोला -5 -10। वो बोलता चला गया और मैंने बोला ठीक है ठीक है ठीक है ठीक है काट। उस उसके हाथ जम गए थे। वो बटन नहीं दब रहा था। क्योंकि उसको ये भी था कि क्या बोलूंगा ये वो बट गलती उसकी थोड़ी है। मैंने उसे बोला हाथ कांप भी रहा हो तो काट और उस दिन 38 लैक्स। उसके अगले दिन अगर मैं ये सोच लेता ना कि अब क्या होगा? तो मैं अगले दिन मैंने फिर से वही किया जो मैं करता था और 21 लाख वापस आए। फिर उसके बाद धीरे-धीरे करके सब रिकवर हो गए। बट अगर मैं अगले दिन ये सोचता कि अरे 38 क्यों गए हैं और मैं इसे कैसे बचा लेता? क्या कर लेता तो वो कल 21 में कमाता ही नहीं और एक 21 और फिर मैं एक छ महीने के पीछे के पीरियड पे चला जाता और मैं बस फिर से फिर मैं दोबारा बैक टेस्टिंग ही करता हूं। मैं बैक टेस्टिंग करता ही करता। जो कर रहे थे वो करते रहो। वो दिन बजट डे था, न्यूज़ थी। कुछ भी हो सकता है। आपके हाथ में नहीं है। कभी भी कुछ भी हो सकता है। तो उसे छोड़ो ना। इग्नोर रात गई बात गई वाली बात ट्रेडिंग में आप जितना रख के चलोगे ना आप हारोगे। इट वाज़ सच अना इनसाइटफुल डिस्कशन। बहुत कुछ सीखने को मिला और बहुत नए इनसाइट्स मिले। इसमें आप अपs के प्लेटफार्म पे कुछ फ्री कंटेंट भी यहां पर अपना रिकॉर्ड करने वाले हैं। वो किस चीज के अराउंड रहेगा? मैं उसको इंट्राडे ही रखने वाला हूं। ठीक है? क्योंकि मैंने वीकली और मंथली कंटेंट अपने YouTube पे भी बहुत बना रखा है। तो स्कोप बचेगा नहीं। तो इंट्राडे मैंने इसलिए चुना है। इंट्राडे वो भी उनके लिए जिनके पास तीन, पांच और 10 लाख है। ठीक है? क्या होता है? तीन हो गया वो जो बिल्कुल नए-नए जिनको अभी सिर्फ चीजें करनी है। एक उनके लिए एक 5 लाख जो एक दो चीजें ट्राई कर सकते हैं और एक 10 लाख 10 लाख एक्चुअली बताऊं आपको बहुत बड़ा अमाउंट है टू क्रिएट टू थ्री स्ट्रेटजीस कंबाइंड नॉन कोरिलेटेड जो हर तरीके के मार्केट को झेल सके। साइडवेज डे को झेल सके एक ट्रेंडिंग डे को झेल सके और एक तरीके से प्योरली वोलेटाइल डे को झेल सके। ऐसी स्ट्रेटजीस क्रिएट कर सके। बहुत सारे लोग हैं जिनको ये सब नहीं लगता। उन्हें लगता है कि यही स्ट्रेटजी होती है और ऐसे बनती है। एक्चुअली में कई स्ट्रेटजी एक दूसरी स्ट्रेटजी को बचाने के लिए बनती है। कैन वी से कि हम एक पोर्टफोलियो स्ट्रेटजी पोर्टफोलियो स्ट्रेटजी बनाना चाहते हैं। जिससे क्या होगा कि अगर ये स्ट्रेटजी कभी फेल हो रही है तो ये स्ट्रेटजी आपको बचा है। ये स्ट्रेटजी दोनों अगर काम कर रही है तो ये वाली लॉस कम दे। ये सब सोचना पड़ता है। ये बहुत ही टेक्निकल पार्ट है और मुझे नहीं लगता कि रिटेल इसके अंदर दिमाग लगाता भी हूं। तो मैं अपनी साइड से जितनी हेल्प कर सकता हूं। जितना मैंने अभी तक 14 सालों में सीखा है किया है उसका एक चंख ही दे पाऊंगा। ऐसा तो नहीं हो सकता मैं 14 साल ट्रांसफर कर दूं। बट जितना चांस दे पाऊंगा जो अभी नए रिटेलर्स बिगिनर्स को हेल्प कर सके वो ट्राई करूंगा। ग्रेट थैंक यू सो मच एंड इट वास सच अ वंडरफुल डिस्कशन। इट वास सच एन इनसाइटफुल डिस्कशन। मुझे पर्सनली बहुत कुछ सीखने को मिला और आई एम वेरी वेरीरी श्योर कि हमारे व्यूअर्स को भी बहुत कुछ सीखने को मिला होगा। तो दोस्तों अगर आपको यह 3 लाख, 5 लाख, 10 लाख या फिर मैं बोलूं कि पूरे पोर्टफोलियो स्ट्रेटजीस कैसे बनाई जाती है। एक रिटेलर होके इंस्टीट्यूशन के माइंडसेट से कैसे काम किया जाता है? अगर आपको ये सीखना है तो रियान सर का एक बहुत ही इनसाइटफुल कंटेंट हम इस चैनल पे लाने वाले हैं। अगर आप वो कंटेंट देखना चाहते हैं तो कमेंट्स के अंदर 10 लाख लिख दीजिएगा। हम समझ जाएंगे दैट यू आर आल्सो रेडी विद अस टू हैव दिस कंटेंट। हम बहुत मेहनत करके ये सारा कंटेंट बनाने वाले हैं। रियान सर बहुत टाइम निकालेंगे और सबसे इंपॉर्टेंट चीज सारा का सारा स्ट्रेटजी जो आप देखने आपने आज भी देखा है और आने आने वाले टाइम में भी देखेंगे वो सारी की सारी चीजें डेटा ड्रिवन है। तो डेटा को कैसे यूज़ करके आप इन स्ट्रेटजीस को यूज़ कर सकते हो? कितना रिटर्न एक्सपेक्ट कर सकते हो? कब आप इसको कब फिटिंग बोलेंगे? कब आप इसको ओवर फिटिंग नहीं बोलेंगे? ये सारी चीजें ये सारी टर्म्स क्या होती है? ये सारी हम अपनी वीडियो सीरीज में और अपने कंटेंट में डिस्कस करने वाले हैं। अगर आप ये कंटेंट चाहते हैं तो इसी वीडियो में आप 10 लाइक लिख दीजिए। हम समझ जाएंगे कि दैट यू आर आल्सो इंटरेस्टेड टू वर्क हार्ड विद अस। हम सिखाने के लिए और आप सीखने के लिए या मैं बोलूं सर सिखाने के लिए और आप सीखने के लिए जब दोनों रेडी होंगे तो ये कंटेंट अफसर्स के प्लेटफार्म पे आपके सामने आ जाएगा। दोस्तों जाने से पहले वीडियो को लाइक कर दीजिएगा और चैनल सब्सक्राइब कर लीजिएगा। और हां इस पूरे पडकास्ट में कोई भी ऐसी चीज है जो आपको समझ में नहीं आई है। प्लीज मेक श्योर कि आप कमेंट में जरूर लिखिएगा। वी विल मेक श्योर कि हम सर से टाइम लेकर उन सारे क्वेश्चंस के आंसर जरूर दिलवाएं। थैंक यू सो मच टू ऑल ऑफ यू। एंड सबसे पहले थैंक यू सो मच सर।