The Ultimate Swing Trading STRATEGY to Compound Your Capital (FREE Masterclass) — backtested on Indian market data | FakeTrades
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The Ultimate Swing Trading STRATEGY to Compound Your Capital (FREE Masterclass)

Analysed 01 Aug 2026, 03:21 PM IST
★★★½☆ 3.5 / 5

Why 3.5/5? (stars grade the EDGE — per-trade expectancy, consistency, drawdown — not the headline return)

  • Strong per-trade edge: +0.31R expectancy across 3,872 trades
  • Only 36% of trades win — the rare big winners must keep showing up
  • 4 of 9 tested years were negative (2018, 2022, 2025, 2026) — the edge is regime-dependent
  • Max drawdown -21% on the ₹2L portfolio — the compounded return came with deep pain along the way

Verdict

Auto-backtested. AI-decoded: Swing Systematic strategy: trend-following pullbacks in uptrends on daily/weekly charts; core principle is buying pullbacks within established trends using systematic rules (exact indicator details no Ran on 159 large/mid-caps, real costs. 3,872 trades, win 36%, payoff 2.77, expectancy +0.31R/trade (avg +1.76%/trade).

This is a real edge. The payoff is convex (winners run well past the average loser). Reasonably consistent (56% of years positive).

Mechanically decoded from the transcript and scored from the metrics. Flagged for human review; a hand-vetted verdict can override it.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?

🔴 Live forward test (no hindsight — only trades the rules fired AFTER we published this verdict)

Tracking since 2026-07-06 — no qualifying signals have fired yet. The engine re-checks every night on fresh data; results appear here the day the rules trigger.

Is it profitable? (green above the line = made money, red below = lost it)

₹2,00,000 portfolio (max 5 positions, across the stock universe — real delivery costs)

Return+183.6%
CAGR+14.1%
Max drawdown-20.9%
Trades323 · 117 won
₹200,000 → ₹567,295  ·  2018-07-09 → 2026-06-08
201820192020202120222023202420252026
+20%+0%+41%+37%+11%+14%+1%-6%+2%

Simulated on the 159 large/mid-cap universe. Capital-constrained, daily mark-to-market.

Year by year (every trade the rules fired, across the tested stocks)

YearTradesWin %ExpectancyAvg return / trade
201824932% -0.21R -1.52%
201944135% +0.08R +0.41%
202040953% +1.18R +10.33%
202139940% +0.44R +2.50%
202257429% -0.05R -0.60%
202350546% +1.30R +5.60%
202448827% +0.09R +0.11%
202552730% -0.09R -0.75%
202628028% -0.21R -1.25%

Where this strategy made & lost money (the full stock-by-stock breakdown — 158 stocks, incl. 2026)

#StockTradesWin%Avg/tradeBestTotal2026
1 ████████ 2138% +3.7% +47% +78% +47%
2 ████████ 2741% +9.3% +95% +250% +44%
3 ████████ 2421% +0.8% +43% +20% +38%
4 ████████ 2741% +22.6% +182% +610% +37%
5 ████████ 2540% +8.6% +83% +214% +36%
6 ████████ 2843% +5.0% +66% +139% +33%
7 ████████ 2536% +2.6% +68% +66% +27%
8 POLYCAB free peek 2255% +7.6% +55% +166% +24%
9 ████████ 1020% -1.3% +23% -13% +23%
10 ████████ 2658% +13.7% +178% +357% +19%
11 ████████ 1533% +4.6% +53% +70% +18%
12 ████████ 2748% +3.7% +42% +99% +14%
13 ████████ 2631% +3.2% +68% +83% +14%
14 ████████ 2532% +1.5% +53% +37% +14%
15 ████████ 2730% -1.5% +17% -41% +14%
16 ████████ 2839% +3.4% +58% +96% +13%
17 ████████ 2454% +2.8% +21% +68% +12%
18 ████████ 2638% +5.4% +75% +139% +10%
19 ████████ 2945% +1.8% +33% +53% +10%
20 ████████ 2635% +1.9% +40% +49% +10%
21 ████████ 838% +2.6% +37% +21% -24%
22 ████████ 2646% +6.2% +55% +161% -22%
23 ████████ 2250% +1.5% +26% +32% -18%
24 ████████ 3030% +0.3% +56% +9% -17%
25 ████████ 2528% +0.4% +30% +11% -16%
26 ████████ 2236% +2.3% +45% +51% -16%
27 ████████ 3033% +2.1% +38% +63% -16%
28 ████████ 2924% -0.3% +36% -9% -15%
29 ████████ 2730% -0.2% +49% -4% -15%
30 ████████ 2352% +7.9% +97% +182% -15%
You can see the numbers — see the names. Unlock every stock in this breakdown and download it as Excel. The worst stock in this table returned -41% under these exact rules — one wrong pick costs many times the unlock.

Educational backtest output only — not investment advice or a recommendation to buy/sell any security. AI-generated from stored historical data; not 100% accurate. Past performance is not indicative of future results.

On the index (same rules applied to NIFTY & BANKNIFTY)

IndexTradesWin%Expectancy (R/trade)Avg return/trade
NIFTY4048% +0.69R +1.64%
BANKNIFTY4144% +0.45R +1.36%
Full transcript (19992 words)
व्हाई डिड यू चूज़ स्विंग ट्रेडिंग एंड नॉट इंट्राडे, स्कैल्पिंग, ऑप्शन बाइंग, ऑप्शन सेलिंग? आपका प्राइमरी फोकस है, वो स्विंग पे रहा है, ऐसा क्यों? सबसे अच्छी चीज़ जो स्विंग ट्रेडिंग के साथ लगती है, बट देयर इज़ अ हाई प्रोबेबिलिटी कि हम और बहुत कॉम्प्लेक्स नहीं है, राइट? और बहुत सिंपल भी नहीं है। आपको क्या लगता है कि एक बिगिनर अगर इस स्ट्रेटजी को फॉलो करेगा, तो क्या मिस्टेक कर सकता है इसके अंदर? सर, बिगिनर बहुत सारी मिस्टेक्स कर सकता है। सबसे पहली चीज जो मैं आपको दिखाना चाहता हूं, हम लोग चार्ट पे वापस आएंगे। तो यहां पर हम नॉर्मल स्टॉक परचेस करें या फ्यूचर परचेस करें या एमटीएफ भी कर सकते हैं। एमटीएफ कीजिए द बेस्ट अपॉर्चुनिटी आपको धन प्रोवाइड कर रहा है। आप स्पीक ऑफ लॉसेस को कैसे मैनेज करते हो? एक दिन का लॉस या एक दिन का प्रॉफिट आपको डिफाइन नहीं करेंगे। बहुत सारे ऐसे बिज़नेस ओनर्स हैं जो बहुत बड़ा पैसा बनाते हैं एमएसएमई सेक्टर से या अदर चीजों से। तो इट्स नॉट अ मैटर ऑफ़ मनी, इट्स अ मैटर ऑफ़ प्रोसेस, इट्स अ मैटर ऑफ़ स्ट्रेटजी, इट्स अ मैटर ऑफ़ रिस्क मैनेजमेंट। हनशी का प्राइस अलग रहता है। नॉर्मल कैंडल का प्राइस अलग रहता है। तो, यह कन्फ्यूज़न नहीं पैदा करेगा ट्रेडर को। बिलकुल कन्फ्यूज़न पैदा करेगा। तो, हकेशी दो बेनिफ़िट देता है। एक तो आपको स्मूथ कर देता है ट्रेंड को। प्लस आप हाई फ्रेंड्स, वेलकम टू D। दोस्तों, इंडियन मार्केट एक ऐसी मार्केट जहां पर एक-एक साल ट्रेडर्स के लिए फुल टाइम ट्रेडर्स के लिए दिन बिताने मुश्किल हो जाते हैं। वहां पर कुछ ही ऐसे लोग होते हैं जो एक डेकेड से ज्यादा यस एक दशक से ज्यादा ट्रेडिंग में एक्टिवली ट्रेडिंग करके बिता पाते हैं। अभी मैं यहां पर ये तो बात ही नहीं कर रहा कि कितने प्रॉफिटेबल आप हो सकते हैं अगर आप 10 साल तक लगातार ट्रेडिंग करें। लेकिन आज हमारे साथ एक ऐसे ट्रेडर मौजूद हैं जो पिछले 17 प्लस इयर्स से मार्केट में एक्टिवली ट्रेडिंग कर रहे हैं। फुल टाइम ट्रेडिंग कर रहे हैं। ट्रेडिंग उनका ऐसा पैशन है कि पिछले 5 से छ साल से वो ट्रेडिंग सिखा भी रहे हैं। मल्टीपल ट्रेडिंग स्ट्रेटजीस चाहे वो बाय साइड हो, सेल साइड हो, एसएलबीएम यूज़ करके हो, एमटीएफ यूज़ करके हो, कैश मार्केट की हो या फिर किसी और मार्केट की हो। वो सारी स्ट्रेटजीस में महारत हासिल कर चुके हैं। आज हमारे साथ हैं मिस्टर अनिमेश के। अनिमेश जी का एक्सपीरियंस इस मार्केट में अनपरेलल्ड है। पिछले बहुत लंबे पीरियड्स से वो पैशनेटली ट्रेडिंग करते हैं। बहुत सारे लोग ट्रेडिंग को पैसा कमाने के पॉइंट ऑफ व्यू से देखते हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जिनके लिए ट्रेडिंग एक पैशन होता है। सो विद योर परमिशन आई वुड लाइक टू इनवाइट टुडे मिस्टर अनिमेश के। अनिमेश जी आज हमारे साथ एक ट्रेडिंग स्ट्रेटजी डिस्कस करेंगे। उनकी एक फेवरेट ट्रेडिंग स्ट्रेटजी जिसका नाम बहुत ही यूनिक है। आई एम वेरी श्योर कि आपको वो पसंद आने वाला है। वो नाम तो पसंद आएगा। आपको स्ट्रेटजी बहुत पसंद आने वाली है। और सबसे इंपॉर्टेंट बात अनिमेश जी की जो मेरी अभी बैक स्टेज डिस्कशन हुई है वो ये है कि रिस्क मैनेजमेंट और इमोशन मैनेजमेंट पे वो बहुत ज्यादा फोकस करते हैं। एंड प्लीज मेक श्योर कि आप उनकी रिस्क मैनेजमेंट वाली बातों पे बहुत ध्यान देंगे। आई एम वेरी वेरीरी कॉन्फिडेंट कि आपको आज के इस मास्टर क्लास में बहुत बहुत कुछ सीखने को मिलने वाला है। प्लीज मेक श्योर कि आप अपना लैपटॉप, पीसी, धन चार्ट सब कुछ ओपन करके रखिएगा। पेपर और पेन लेकर बैठिएगा क्योंकि आज के सेशन एक बहुत ही इंपॉर्टेंट और एक टर्निंग पॉइंट भी आपके लिए साबित हो सकता है। अनडाउटेडली एक अच्छी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी आपको मिलेगी। वीडियो में आगे बढ़ने से पहले मुझे आपको एक बहुत ही इंटरेस्टिंग चीज बतानी है। अगर आप अपने एमटीएफ ट्रेड्स को बेटर प्लान करना चाहते हैं और अपने सेटअप से सारे गेस वर्क हटाना चाहते हैं तो हमने आपके लिए एक बिल्कुल फ्री एमटीएफ ट्रेडिंग एक्सेल शीट बनाई है जो आपके सारी कैलकुलेशनंस खुद हैंडल कर लेगी। ये शीट आपको बताएगी कि आपके कैपिटल, रिस्क एपिटाइट, स्टॉक टाइप और इन्वेस्टमेंट होराइजन के हिसाब से कितनी एमटीएफ लेवरेज आप ले सकते हैं। आपकी टोटल पोजीशन साइज कितनी होनी चाहिए? ट्रेडिंग रूल्स के अकॉर्डिंग आइडियल स्टॉप लॉस क्या रहेगा और स्टॉप लॉस हिट होने पर आपका मैक्सिमम रिस्क कितना बनेगा। साथ ही यह आपको लेवरेज का एक्चुअल इंपैक्ट और ओवरऑल रिस्क लेवल भी क्लियरली दिखाएगी ताकि हर ट्रेड से पहले आप एक इनफॉर्म डिसीजन ले सके। तो अभी इस वीडियो को पॉज कीजिए। डिस्क्रिप्शन में दिए गए Google फॉर्म लिंक को फिल करके अपनी फ्री एक्सेल शीट की एक कॉपी क्रिएट कर लीजिए और चलिए बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के अब वापस अपने टॉपिक की तरफ चलते हैं। तो विद योर परमिशन आई वुड लाइक टू वेलकम अनिमेश जी। अनिमेश जी थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग अस टुडे एंड थैंक यू सो मच फॉर गिविंग अस योर प्रेशियस टाइम। थैंक यू हिमांशु जी। इट्स योर काइंडनेस दैट यू हैव इनवाइटेड मी एंड इट इज़ प्लेजर टू डू विद धन। राइट? तो शुरू करते हैं को हेल्प करते हैं कि स्विंग ट्रेडिंग में कैसे हेल्प कर सकते हैं। जी हम स्विंग ट्रेडिंग में अगले 5 मिनट के अंदर आ जाएंगे। लेकिन सबसे पहले मैं चाहता हूं मैं जितना आपके बारे में जानता था मैंने अपने व्यूअर्स को बताया है। एक बार हमारे व्यूवर्स आपके थ्रू भी आपके मुंह से सुनना चाहेंगे कि आपकी ये जर्नी कैसे स्टार्ट हुई? व्हाई स्विंग ट्रेडिंग? व्हाई ट्रेडिंग एट ऑल एट द फर्स्ट प्लेस। सर तो दिस जर्नी स्टार्टेड इन 2008? 208 में लेमन ब्रदर क्राइसिस चल रहा था। उस टाइम पे आई हैव जस्ट पोस्ट ग्रेजुएटेड एंड मैंने स्टार्ट किया अपना ट्रेडिंग का। ट्रेडिंग तो नहीं बोलना चाहिए। मैं जॉब के लिए गया एंड आई फाउंड सम सॉफ्टवेयर कंपनी। नाम तो नहीं लेना चाहूंगा यहां पे। तो टेक्निकल एनालिसिस सॉफ्टवेयर बनाते हैं। तो उनके साथ जैसे ही मैंने यू कैन से अपॉइंटमेंट हुआ मेरा तो मेरे को वहां मैं गया था सॉफ्टवेयर के जॉब के लिए। बट मुझे अंदर मिला टेक्निकल एनालिसिस। एंड दैट वास सो फैसिनेटिंग कि चार्ट्स हैं और दिनभर स्टक्स की बातें हो रही है। इट वास न्यू टू मी बिकॉज़ आई एम फ्रॉम अ डॉक्टर फैमिली। तो मेरे फैमिली में कोई उस टाइम पे ऐसा कुछ नहीं था। मे बी आज डॉक्टर्स आर वेरी एक्टिव और मेरे बहुत सारे पार्टिसिपेंट डॉक्टर्स हैं। तो दैट आर ओके बट द पॉइंट इज़ यस। तो उस टाइम पे शुरू करने के बाद मुझे लगा कि मुझे जॉब छोड़ देनी चाहिए दो साल जॉब करने के बाद और बहुत सारे एचएआई ट्रेडर्स को हम लोग हेल्प करते थे उस टाइम पे टू मेक द स्ट्रेटजीस एंड डेवलपमेंट्स। तो उसको करने के बाद मुझे रियलाइजेशन हुआ कि व्हाई डोंट अपना शुरू करते हैं ट्रेडिंग का। एंड जो बिगिनर मिस्टेक्स होती हैं वो मैंने भी शुरू करी। 2011 आई थिंक 10 10 इन द एंड ऑफ़ दिसंबर मैंने जॉब छोड़ दी एंड आई स्टार्टेड माय फुल टाइम ट्रेडिंग। तो मुझे लगा कि मैं जब कर सकता हूं वो मैं कवर करूंगा आज के कि ये जो बिगिनर प्रॉब्लम्स होती है ना कि लोग आते हैं और फिर उसके बाद जल्दी-जल्दी पे शुरू कर देते हैं और फिर बाद में पता चलता है कि इट्स नॉट वेरी ईजी नॉट ईजी इट्स नॉट दैट ईजी नॉट दैट ईजी। तो लगता है ना कि बहुत सिंपल सा स्टॉक प्राइस खरीदेंगे प्राइस ऊपर चला जाएगा प्रॉफिट आ जाएगा। इट्स नॉट ईजी। हम तो वो एक मिस्टेक बोल सकते हैं या एक्सपीरियंशियल लर्निंग मेरी थी। 2 महीने 3 महीने मैंने ट्रेडिंग करा और मेरा पैसा चला गया। अच्छा 3 लाख का कैपिटल मैंने जोड़ा था किसी तरीके से सेल 2010 में 3 लाख का कैपिटल छोटा अमाउंट तो नहीं था। हां 2011 में मैंने 3 लाख का कैपिटल जोड़ा था। अच्छा तो वहां पे जब मैंने इंट्राडे भी किया स्विंग भी किया तो कैपिटल मेरा 3 महीने में चला गया। 25,000 का एक प्रॉफिट मैंने ले लिया था तो वो पे आउट आ गया था। 24,000 टू बी स्पेसिफिक 24,700 समथिंग का था। आज भी मुझे याद है कि वो पे आउट फर्स्ट पे आउट था मार्केट से। उसके बाद मुझे लगा कि इसमें कुछ तो हुआ है ऐसा क्योंकि वो एक एज फैक्टर होता है। आपके पास एज होता है। आपके पेरेंट्स होते हैं आपको टेक केयर करने के लिए। मैंने कहा लेट्स डू इट करके देखते हैं। एंड आई हैव स्टार्टेड दैट। और उसके बाद बहुत सारी प्रॉब्लम्स आई क्योंकि उस टाइम पे इंटरनेट वाज़ नॉट एक्सेसबल। जैसे आज हम लोग ये मास्टर क्लास कर रहे हैं। तो लॉट ऑफ़ थिंग्स जो मैंने कई सालों में सीखा है वो मैं यहां पे आपको एक डेढ़ घंटे में देने की कोशिश करूंगा। लेकिन उस टाइम पे ऐसी चीजें नहीं होती यस तो इट इज़ एडवांटेज और देयर इज़ अ डिफरेंस मैं हमेशा बोलता हूं देयर इज़ अ डिफरेंस बिटवीन अ यूबर एंड अ ट्रेडर देयर तो आपको पहचानना आना चाहिए कि कौन यूबर है और कौन ट्रेडर है ऑलदो YouTube की वजह से हम भी यहां पे हैं बट YouTube पे भी ऑथेंटिसिटी का इशू है तो वो थोड़ा सा देखना पड़ेगा तो यस वो जर्नी करते-करते शुरू करा फिर अपने फंड्स मैनेज किए फिर 2020 में आकर के कोविड में आई लॉस्ट माय फादर तो मुझे रियलाइजेशन हुआ कि कभी भी कुछ भी हो सकता एंड इट इज नॉट इजी टू डू द थिंग्स। तो मैंने फिर लोगों को थोड़ा-थोड़ा बताना शुरू किया क्योंकि वी हैव टू गो फ्रॉम दिस वर्ल्ड वन डे। तो उसके पहले हमें जो भी आता है वो हमें शेयर करना चाहिए लोगों के साथ। ओपन हार्टेड क्योंकि इट्स अंडेंस मैं ऐसा बिलीव करता हूं। देयर इज़ नो कॉम्पटीशन बिटवीन कि मैं कमाऊंगा और आपको लॉस करना पड़ेगा। इट्स नॉट लाइक दैट। देयर इज अ न्यू मनी। हां, मतलब बहुत सारे लोग ऐसा बोलते हैं। मैं पर्सनली तो इस बात में बिलीव नहीं करता हूं कि मेरी स्ट्रेटजी अगर आपको पता लग जाएगी तो वो स्ट्रेटजी आउटडेटेड हो जाएगी। मतलब कुछ स्ट्रेटजीस हो सकती है ऐसी जैसे फॉर एग्जांपल जेन स्ट्रीट वाली जो स्ट्रेटजीस थी वो ऐसी हो सकती हैं कि वो अगर बहुत ज्यादा लोग यूज़ करेंगे तो खराब हो जाएगी। लेकिन आपकी और मेरी स्ट्रेटजीस तो बहुत ही बेसिक टाइप की होती है। स्ट्रेटजी देयर इज़ अ मतलब इफ यू आस्क मी तो 10% रोल होता है स्ट्रेटजी का पूरा। हां बिल्कुल बिल्कुल। और जो मेन इशू होता है वो दैट इज आपका टेंपरामेंट और आपका जो रिस्क मैनेजमेंट है जिसप हम मैं ज्यादा फोकस करता हूं अपनी ट्रेडिंग में जिसकी जिस पे आपकी महारत हासिल है यू कैन से नहीं दिस इज द रिक्वायरमेंट ऑफ द मार्केट इट इज़ नॉट क्योंकि मैं भी वही कर रहा था जो शायद हमारी रिटेल ऑडियंस आज करती है क्योंकि स्टार्टिंग में आपको लगता है कि नया इंडिकेटर नया टूल सीखने से चीजें बन जाएंगी बट बहुत सारी स्ट्रेटजी के फोल्डर्स बन जाते हैं सिस्टम पे और वो चीजें नहीं मिल पाती तो मेरे को रिलाइजेशन हुआ तो देन आई शिफ्टेड तो फिर वहां से गेम चेंज हुआ। एंड नाउ आई एम डूइंग गुड वि द ट्रेडर्स एंड माय ट्रेनिंग आल्सो। सर वैसे मैंने यह क्वेश्चन आज तक कभी किसी से पूछा नहीं और मुझे पता भी नहीं कि पडकास्ट के लिए ये क्वेश्चन है भी या नहीं है। लेकिन व्हेन यू लॉस्ट योर डैड तो व्हेन आई वाज़ इन दिस काइंड ऑफ़ सिचुएशन तो वी फील कि हमारा एक कवर ब्लो हो गया है। तो बहुत ही अनसर्टेनिटी सी हो जाती है। उसके बाद आपको ट्रेडिंग करने में डिफिकल्टी नहीं हुई क्या? अ सर बहुत अच्छा क्वेश्चन है। थोड़ा मैं डीप में जाना चाहूंगा। द पॉइंट इज़ आजकल क्या है ना कि जैसे ट्रेडिंग को जितना सिंपल दिखाया जाता है कि आप करिए और प्रॉफिट आ जाएगा और इस तरह की चीजें तो बहुत सारे यूथ आज अपना स्कूल कॉलेज छोड़ के अपना बिजनेस छोड़ के या अपनी जॉब छोड़ के ट्रेडिंग पे फोकस कर रहे हैं। व्हिच इज गुड। हम आई एम सेइंग कि लिवरेज है यहां पे जिसकी वजह से आपको एक्सपोनशियल इनकम बन सकता है। बट द पॉइंट इज़ अगर आपके पेरेंट्स आपके साथ हैं और आपके पास ऐज का एज है तो अगर आपने पहले से शुरू कर दिया है क्योंकि आप जब भी शुरू करेंगे आपको 2 साल लगने वाले हैं। सर मेरे ख्याल से 2 साल तो आप बहुत ही कंजर्वेटिव बोल रहे हैं। आज के टाइम पे उस टाइम पे बेस्ट सिनेरियो हां उस टाइम पे 5 साल था। आज के टाइम पे 2 साल हो सकता है बिकॉज़ ऑफ़ इनफार्मेशन बहुत सारा अवेलेबल है। हां आप ये कह सकते हैं क्योंकि मुझे खुद को छह सात साल के आसपास लगे वो 5 साल लग जाता सर किसी भी करियर को डेवलप करने में। मतलब शुरू में आप हो फिर आप अंडर कॉन्फिडेंट हो जाते हो फिर आप अंडर कॉन्फिडेंट हो जाते हो फिर आपको समझ में आता है कि अच्छा वो जो डॉट्स थे वो अब कनेक्ट हो रहे हैं तो वो एज था मेरे पास क्योंकि मैंने बहुत जल्दी शुरू कर दिया था तो जब मेरे फादर गए तो उसके पहले तक काफी कुछ मेरे को बन चुका था मेरी स्ट्रेटजीस तो वो कन्विक्शन था मेरे पास तो वो सबकॉन्शियसली मेरे को कॉन्फिडेंस था तो माय फादर वाज़ आल्सो कि ये क्या कर रहे हो उस टाइम पे कि माय मदर वाज़ वैरी अगेंस्ट टू इट कि स्टॉक मार्केट मत मत करो एंड लाइक दैट। बट यस इट्स अ ब्यूटीफुल बिज़नेस। एंड इसका बस हर बिज़नेस में डार्क एंड ब्राइट साइड होते हैं। इसके ब्राइट साइड आपको समझने पड़ेंगे। रियलिस्टिक कॉन्फिडेंस होना चाहिए। मतलब ये नहीं कि यू आर जस्ट मोटिवेटेड अबाउट कि हां ये स्टॉक ऊपर चला जाएगा, मार्केट नीचे है तो ऐसा होगा। नहीं यू हैव टू डू लॉट ऑफ ग्राइंड करना पड़ेगा। चीजों में उतरना पड़ेगा, एनालिसिस करना पड़ेगा, सिस्टम्स बनाने पड़ेंगे, बैक टेस्ट करना पड़ेगा। बहुत सारी चीजें करनी पड़ेंगी। फिर मार्केट देगा आपको। नहीं, यह आपने बहुत ही अच्छा वर्ड यूज़ किया। रियलिस्टिक कॉन्फिडेंस होना चाहिए क्योंकि ना तो ओवर कॉन्फिडेंस होना चाहिए ना अंडर कॉन्फिडेंस होना चाहिए। सो दैट्स अ वैरी ब्यूटीफुल टर्म और मैंने यही अपने व्यूअर्स को कहा था कि आपको आज बहुत कुछ सीखने को मिलने वाला है क्योंकि अभी ये मास्टर क्लास शुरू करने से पहले 15 से 20 मिनट के आसपास हमारी डिस्कशन हुई एंड इट वास अ वेरी डीप डिस्कशन। 15 मिनट के अंदर हमने बहुत सारी बातें डिस्कस करी। तो मुझे समझ में आया कि रिस्क मैनेजमेंट और इमोशन के ऊपर आज बहुत सारा डिस्कशन हमें करना चाहिए। जहां पर ज्यादातर ट्रेडर्स हमारे लैक करते हैं आज के टाइम के अंदर। सर हम स्ट्रेटजी पे बस अगले 2 मिनट के अंदर चलेंगे। लेकिन बस एक लास्ट क्वेश्चन। व्हाई डिड यू चूज़ स्विंग ट्रेडिंग एंड नॉट इंट्राडे, स्कैल्पिंग, ऑप्शन बाइंग, ऑप्शन सेलिंग? या जो भी आप करते हैं आपका प्राइमरी फोकस है वो स्विंग पे रहा है। ऐसा क्यों? अ प्राइमरी फोकस देखिए देयर आर अ टू टाइप ऑफ ट्रेडिंग लॉन्ग टर्म शॉर्ट टर्म। ठीक है? मतलब यू कैन से लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को बोल सकते हैं। तो मेरा जो फोकस था कि जब आप कम ऐज पे होते हो ना तो आप फास्ट सोचते हो। आप रिस्क टेकिंग एबिलिटी ज्यादा होती है। राइट? तो मेरा स्टार्ट हुआ इंट्राडे से। हम मतलब एट दैट टाइम आई स्टार्टेड विद निफ्टी फ्यूचर्स और निफ्टी कोई होगा यहां पे तो व्यूअर्स में मिनी निफ्टी चलता था उसमें यस यस यस मिनी यस 20 का लॉट होता था 20 का लॉट होता था उस टाइम पे शुरू करा तो फिर समझ में आया कि इंट्राडे मतलब आप थोड़ा सा कर सकते हैं तो जब पैसे बनते हैं इंट्राडे से तो हाउ टू पुट दैट इंटू मोर एक्यूमुलेशन तो उसको कैसे और हम कर सकते हैं तो स्विंग ट्रेडिंग इज अ वे सबसे अच्छी चीज जो स्विंग ट्रेडिंग के साथ लगती है मुझे जो लगी थी क्योंकि जब मैं जॉब में था तो हम लोग स्टॉक्स वगैरह खरीदते रहते थे इंट्राडे में थोड़ा सा आपको एडवांटेज ज्यादा मिल जाता है। यू आर मतलब ऑन द स्क्रीन एंड राइट प्राइस वगैरह मिल जाते हैं आपको। लेकिन स्विंग में अगर कोई जॉब डअर है, प्रोफेशनल है, जिसके पास टाइम का कंस्ट्रेंट है, अगर वो वीक में बस एकद घंटे अच्छी सी रिसर्च कर ले और वो भी मैं सिस्टमैटिक बता दूंगा आपको तरीका। क्योंकि आज की स्ट्रेटजी का नाम है किस। अच्छा। हां। इट्स दैट नॉट किस दैट इज़ अ केप इट्स स्विंग सिस्टमैटिक। राइट? मतलब हम स्विंग को एकदम सिस्टेटिक तरीके से अगर करें तो देयर इज़ अ हाई प्रोबेबिलिटी कि हम और बहुत कॉम्प्लेक्स नहीं है। राइट? और बहुत सिंपल भी नहीं है। मतलब जब मैं बोलूं कि कॉम्प्लेक्स नहीं है इसका मतलब ये नहीं कि यू आर सेइंग कि हां बस गए और हो जाएगा। नो। तो जो जॉब डूअर्स हैं, स्टूडेंट्स हैं, प्रोफेशनल्स हैं जिनके पास टाइम का कंस्ट्रेंट रहता है। तो मेरे पास बहुत सारे ऐसे मेरे फैमिली में, मेरे फ्रेंड्स में, बहुत सारे लोग हैं ऐसे जो मेरे से बोले कि आप तो चलो प्रोफेशनल हो कैसे कर सकते हैं। और मुझे भी ये चीज रियलाइजेशन हुआ कि ऑल द टाइम हम स्क्रीन क्योंकि उस टाइम पे आई वास सो पैशनेट कि सुबह 9:00 बजे से रात के 12:00 बजे तक एमसीएक्स मार्केट चलता था। तो वहां आप सुबह बैठे हुए थे। यस यस यस। तो हेल्थ में प्रॉब्लम्स आ सकती हैं आपकी क्योंकि इतना लॉन्ग आवर्स अगर आप सिंग करोगे तो देयर इज अ सम प्रॉब्लम्स और मुझे भी होने लगी थी। तो आई रियलाइज़ कि स्विंग पे थोड़ा सा शिफ्ट करते हैं। तो इंट्राडे 9:15 टू 3:30 और उसके बाद स्विंग के रिसर्च और इस तरह से चल रहा है। अच्छा अच्छा। तो यहां से आपने स्विंग ट्रेडिंग स्टार्ट करी। यस। ऑप्शन बाइंग क्यों नहीं की आपने? ऑप्शन बाइंग करता हूं सर। ऑप्शन बाइंग इंट्राडे पूरा फोकस ऑप्शन बाइंग पे ही रहता है। लेकिन स्विंग पे आई मोस्टली फोकस ऑन द गुड स्टॉक्स जो मोमेंटम में है। और जो आप इंट्राडे से पैसा बनाओगे ना वो आप स्विंग में लगाओ एंड यू कैन एक्यूमुलेट मच बेटर देन एनी अदर इंस्ट्रूमेंट। इट्स अ इट्स अ स्वीट स्पॉट बिटवीन इंट्राडे एंड पोजीशनल। मतलब यू कैन से कि बहुत ज्यादा लॉन्ग टर्म के लिए नहीं जाना है। बहुत ज्यादा शॉर्ट टर्म के लिए नहीं बैठना है। एक स्वीट स्पॉट है जहां पे आप अपना एज निकाल सकते हो और हमेशा पॉसिबिलिटीज रहती हैं। मतलब आज के टाइम पे जिस टाइम पे हम लोग रिकॉर्ड कर रहे हैं। ग्लोबल क्राइसिस चल रही है, जियोपॉलिटिकल रीज़ंस चल रहे हैं। उस टाइम पे भी अपॉर्चुनिटीज़ हैं। देयर इज़ अ ऐसे टाइम पे अपॉर्चुनिटीज़ हैं। यस। देयर इज़ अ लॉट ऑफ़ अपोर्चुनिटीज जिसमें आप कुछ ना कुछ निकाल सकते हैं और आपकी स्ट्रेटजी क्लियर होनी चाहिए। आपको ये पता होना चाहिए कि स्टॉक मार्केट इज़ लाइक अ फ्लोइंग रिवर एवरीडे राइट मतलब कुछ ना कुछ मिल रहा है। किसी ना किसी स्टॉक में किसी ना अभी जैसे फार्मा में कुछ ना कुछ हो रहा है। आईटी डाउन था, फार्मा रिकवरी पीरियड पे था या बहुत बुलिश हो गया था। तो इस तरह के आपको बस पता होना चाहिए कि के किस तरह हमें पैसा अपना शिफ्ट करना है कहीं पे। यू डू नॉट नीड लॉट ऑफ इंस्टीट्यूशनल टाइप ऑफ़ थिंग्स। देयर आर टू टाइप ऑफ पीपल। लोग कहते हैं एक एचएआई होता है और एक रिटेल होता है। राइट? और मैं एचएआई उनको मानता हूं जिनके पास अच्छा टेंपरामेंट और अच्छा रिस्क मैनेजमेंट है। अच्छा नॉट अच्छा पैसा है। नॉट अच्छा पैसा। क्योंकि मेरे पास ऐसे ट्रेडर्स हैं जिनके पास 45 करोड़ का कैपिटल है और दे आर डूइंग ट्रेडिंग एंड इन लाइक स्विंग ट्रेडिंग और इंट्राडे लाइक अ गैंबलर्स। राइट? और देयर आर पीपल हु हैविंग टू थ्री लाइक 5 लाख। दे आर डूइंग द ट्रेडिंग एंड स्विंग ट्रेडिंग लाइक अ एचएनआईज तो इट्स अ काइंड ऑफ़ डिसिप्लिन मतलब स्ट्रेटजी इज सो मचेंट स्विंग ट्रेडिंग इज एवरीवेयर मतलब सभी लोग कर रहे हैं बट उसमें से कुछ लोग हैं जो बहुत अच्छी कर पा रहे हैं। सो कैन वी से एचएआई का जो नेटवर्थ है वो नेटवर्थ आपका एक्चुअली टेंपरामेंट है। आपका इमोशनल मैनेजमेंट है। यस। तो आपने बिल्कुल सही बात बोली है कि देयर इज़ सम अपॉर्चुनिटीज़ एट सम पॉइंट ऑन टाइम। मतलब हर पॉइंट ऑफ़ टाइम पे हर जगह पे कहीं ना कहीं अपॉर्चुनिटीज़ है आपकी। देयर इज़ अ बुल मार्केट समवेयर। यस। इट्स इट्स लाइक कि ये मैंने चश्मा लगाया हुआ है। अभी मैं चश्मा नहीं लगाऊंगा तो मुझे अब शायद अंधेरा दिखेगा या मुझे साफ नहीं दिखाई देगा। और मैंने जब चश्मा लगा लिया तो मुझे साफ दिखाई दे रहा है। दैट मींस ये चश्मा एक सिस्टम है। एक स्ट्रेटजी है। मुझे सबके सामने वो अपोरर्चुनिटीज है। लेकिन हमारे पास वो सिस्टम स्ट्रेटजी कंट्रोल नहीं है। तो हम वो कर नहीं पा रहे। बस इतनी सी बात है और कोई बहुत बड़ा मैजिक नहीं है। तो हम चश्मा डिस्कस कर लेते हैं पहले। तो आपकी जो स्ट्रेटजी है क्योंकि आई विल हैव अ लॉट ऑफ क्वेश्चन अनडाउटेडली। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि आपकी स्ट्रेटजी का जो नाम इतना फैसनेटिंग है पहले तो वो क्यों है? तोप इट स्विंग सिस्टेटिक। तो पूरा का पूरा सिस्टेटिक सिस्टम है आपका। सिस्टेटिक सिस्टम आई विल हैव अ लॉट ऑफ़ क्वेश्चंस ऑन साइकोलॉजी आल्सो। मेरे पर्सनली बहुत सारे क्वेश्चंस हैं। लेकिन मेरे ख्याल से पहले हम स्ट्रेटजी डिस्कस करना शुरू करते हैं। फिर मैं उसी बीच में आपसे क्वेश्चन पूछता रहूंगा। श्योर श्योर श्योर श्योर। तो पहले मैं थोड़ा सा स्विंग के बारे में डिटेल कर देता हूं। और यहां पर मैं अपने व्यूअर्स को रिक्वेस्ट करूंगा कि आपके माइंड में स्ट्रेटजी सुनते टाइम पर कोई भी क्वेश्चंस आएंगे प्लीज मेक श्योर ऑफ कोर्स आपके सामने ये सेशन लाइव तो नहीं हो रहा है लेकिन आपके माइंड में स्टिल जो क्वेश्चंस आ रहे हैं वो कमेंट्स में डाल दीजिएगा। आई विल मेक श्योर कि मैं एनिमेश सर से टाइम लेकर उन सारे क्वेश्चंस के आंसर आपको जरूर दिलवाऊंगा। सर प्लीज सो फर्स्ट थिंग व्हाट इज स्विंग ट्रेडिंग इसके बारे में बात करते हैं। पांच मिनट कवर करते हैं। फिर सीधा स्ट्रेटजी पे जंप करेंगे। तो फर्स्ट थिंग आप अपवर्ड मार्केट में डाउनवर्ड मार्केट में दोनों तरीके से पैसा बना सकते हैं। कैश मार्केट में बाय करेंगे। एसएलबीएम वगैरह का यूज़ करके आप शॉर्ट भी कर सकते हैं और या फिर आप फ्यूचर्स में जाकर के वहां पे भी शॉर्ट कर सकते हैं। राइट? यहां पर मैं एक सेकंड के लिए पॉज लूंगा क्योंकि आपने एक टर्म यूज़ किया है एसएलबीएम। हम में से अगर कुछ लोगों को नहीं पता है एसएलबीएम क्या होता है। वैसे तो सर हमें अगर कोई शॉर्ट वाले एग्जांपल दिखाएंगे तो मैं आपको दोबारा से चार्ट्स पे दिखा दूंगा उस चीज को। लेकिन एसएलबीएम स्टैंड फॉर सिक्योरिटीज़ लेंडिंग एंड बोरिंग मैकेनिज्म। तो ऐसे केस में आप दो फायदे आप ले सकते हैं। अगर आपके पोर्टफोलियो में कोई स्टॉक्स हैं तो आप उनको रेंट कर सकते हैं। क्योंकि किसी को ये स्टॉक चाहिए होगा शॉर्ट सेलिंग करने के लिए। फॉर एग्जांपल अगर मुझे कोई शॉर्ट सेलिंग का एक स्टॉक मिलता है और मैं फ्यूचर्स मार्केट में ट्रेड नहीं करना चाहता तो मैं एसएलबीएम के थ्रू स्टॉक को बोरो करके यहां पर शॉर्ट सेल कर दूंगा। धन प्लेटफार्म पे आप इसको कैसे कर सकते हैं? आप इसको स्कक्स टर्मिनल पे जाइए और वहां पर आपको एसएलबीएम का एक स्पेशल सेक्शन दिखेगा इनसाइट्स वाले सेक्शन के अंदर। वहां पर जाकर आपको ऐसे-ऐसे स्टॉक्स मिलेंगे जो आपको एनुअल यील्ड 30 40 50% के आसपास का भी दे सकते हैं। अगर आप स्टॉक्स को रेंट आउट करते हैं। वो बात और है कि ज्यादातर स्टॉक्स के जो रेंटल यील्ड्स होंगी वो तीन चार पांच 6% के आसपास ही एक्सपेक्टेशन रखनी चाहिए। वो भी कोई गारंटी नहीं है। लेकिन इट्स अ सेफ मैकेनिज्म। सर आप जब इसका एग्जांपल दिखाएंगे तो आई विल मेक श्योर कि मैं अपने व्यूअर्स को जरूर दिखा दूं। तो जैसा कि मैंने कहा कि स्विंग ट्रेडिंग इज अ अपॉर्चुनिटी बिटवीन इंट्राडे एंड लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग। बीच का आप कर सकते हैं। अब कुछ लोगों का स्विंग टाइम फ्रेम होता है से वन वीक कुछ लोग का 15 डेज कुछ लोग का 30 डेज लाइक वाइज। देखिए स्विंग का जहां तक मतलब हम लोग बात कर रहे हैं स्विंग ट्रेडिंग पे तो पॉइंट ये है आपको नहीं सोचना है कि स्विंग ट्रेडिंग में हमेशा आपको पांच दिन के अंदर एग्जिट मिल जाएगा। राइट? या आप टाइम बाउंड एग्जिट्स अगर बना लें कि मुझे एक वीक तक देखना है स्टॉक। अगर मिला मेरा प्रॉफिट तो मैं निकलूूंगा नहीं तो मैं निकल जाऊंगा नेक्स्ट अपॉर्चुनिटी पे। इट डिपेंड्स ऑन द मार्केट सिचुएशन। क्योंकि मार्केट को नहीं पता है कि आप क्या मन में लेके चल रहे हो। राइट। राइट? आप वन वीक लेके चल रहे हो या वन मंथ लेके चल रहे हो। तो बोथ आर कॉल्ड स्विंग ट्रेडिंग। तो एक शॉर्ट टर्म स्विंग होता है, एक लॉन्ग टर्म स्विंग होता है। तो हम दोनों पे बात कर सकते हैं। क्या डिफरेंस है दोनों में? इट इज लाइक अगर हम वन वीक से 15 डेज का टाइम फ्रेम लेके चल रहे हैं तो हम ये मान के चलेंगे कि वो शॉर्ट स्विंग है। और अगर हम यू कैन से 15 डेज टू 2 मंथ्स या वन मंथ्स लेके चल रहे हैं तो वो लॉन्ग स्विंग पे चला जाता है। उसके लिए फिर हमें चार्ट के टाइम फ्रेम हायर टाइम फ्रेम पे जाना पड़ेगा। और उसके बाद वाले को अब पोजीशनल ट्रेडिंग उसको फिर हम पोजीशनर और फिर आगे फिर इन्वेस्टिंग चला जाएगा। ओके। तो ये उनके लिए बहुत अच्छा है जो इंट्राडे तो नहीं करना चाहते कर पा रहे हैं या तो या फिर उनके लिए अच्छा है जो लॉन्ग टर्म के आरओआई से उतना खुश नहीं है। जो बीच में अपॉर्चुनिटीज निकालना चाहते हैं उनके लिए बहुत अच्छा। एंड इट्स अ मतलब मुझे ऐसा लगता है टू बी वेरी फ्रैंक म्यूचल फंड के बाद अगर किसी को शुरू करना चाहिए तो स्विंग ट्रेडिंग शुरू करना। अच्छा क्योंकि म्यूचल फंड में यू आर डूइंग फॉर लॉन्ग टर्म या जो भी आपने सोचा है उसके बाद आप डायरेक्ट इक्विटी में जब जाते हैं तो अब वो तो एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग ही हो गया ना तो देयर आर काइंड ऑफ़ पीपल इन इंडिया जिनके पास एक बड़ा कॉरपस नहीं है। जब तक अगर बड़ा कॉरपस नहीं है तो आप अल्फा नहीं बना पाएंगे उतना जितना आप एक्सपेक्ट कर रहे हैं। तो पहले आपको कॉरपस बनाना है। फिर कॉर्पस पे इन्वेस्टिंग करिए तो एक आप ग्रेजुअली लॉन्ग टर्म वेल्थ भी जनरेट कर पाएंगे और इनकम भी जनरेट कर पाएंगे। तो आप शॉर्ट स्विंग प्ले करते हैं या लॉन्ग स्विंग प्ले करते हैं? बहुत करते हैं सर। अलग-अलग डवर्सिफाइड है पोर्टफोलियो उस हिसाब से करते हैं। जैसी मार्केट अपॉर्चुनिटी देता है उस हिसाब से हम करते हैं। मतलब हम मार्केट को पुश नहीं करते। मार्केट हमें बताता है आके कि यहां पे अपॉर्चुनिटीज आ गई हैं। तो हम उसके हिसाब से करते हैं। हमें वही मेरी बात रिस्क मैनेजमेंट बीच में आया था साइकोलॉजी बीच में आना चाहिए। डेफिनेटली आना चाहिए। तो आईडिया बस वही है कि मतलब मार्केट को नहीं पता है कि हम क्या सोच रहे हैं। हम मार्केट एक फ्लो है। राइट? आपको उस फ्लो को पकड़ना है। आपके फ्लो के हिसाब से मार्केट नहीं चलेगा। हम हम लोग क्या सोचते हैं कि मुझे पैसे की जरूरत है। मुझे अगले हफ्ते इतना पैसा चाहिए या मुझे अगले महीने इतना पैसा चाहिए। तो मार्केट में ये स्टॉक चल जाए। क्यों चल जाए? गेटिंग माय पॉइंट। वो जरूरी नहीं है ना चलेगा। वो तो काश चल जाए। होप इज़ नॉट अ स्ट्रेटजी। होप इज़ नॉट अ स्ट्रेटजी। यू हैव टू बी मैथमेटिकली क्लियर कि हां इतना एवरेज मूवमेंट आता है ऐसे स्टॉक में तो इतना बन सकता है। लोअर साइड एक्सपेक्टेशन रखनी चाहिए मार्केट में। हम कोई बहुत हाईाई फिगर्स माइंड में मिलती हैं बट वो आपके हाथ में नहीं है। लोअर एक्सपेक्टेशन मतलब कितनी एक्सपेक्टेशन रख सर आरओआई तो नहीं बोल सकता इस तरीके से कि किसका क्या टेंपरामेंट है और रिक्वायरमेंट्स हैं। बट लोअर एक्सपेक्टेशन मींस यू कैन से कि अगर एक स्टॉक एक वीक में से ₹50 चलता है तो आप एक्सपेक्ट करो कि हम ₹10 लेके निकल जाएंगे या ₹15 लेके निकल जाएंगे। हम जो भी वीकली एटीआर बनता है या वीकली मूवमेंट होती है स्टॉक की उसका एक 4 या 1/5 हम टारगेट करें। तो हम हमेशा खुश रहेंगे। ओके? नहीं तो हम डिसपॉइंटिंग फील होगा कि हम ये पूरा कैच क्यों नहीं कर पा रहे? पूरा कैच करना इज द प्रॉब्लम। हम इन एनी एनी ट्रेडिंग स्टाइल इदर इन द स्विंग स्कैल्पिंग इंट्राडे व्हाटएवर। ठीक है? दिस इज अ स्वीट स्पॉट। डे ट्रेडिंग। स्विंग ट्रेडिंग लॉन्ग लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग जैसा मैंने आपको स्क्रीन पे दिखाया यहां पे। ये डे ट्रेडिंग बहुत ही शॉर्ट टर्म होता है। स्विंग ट्रेडिंग थोड़ा सा मीडियम टर्म हो जाता है। एंड फ्यूल ट्रेड्स आते हैं। अच्छा वीक में ना एक या दो ट्रेड आपको मिलेंगे। एक ट्रेड इज इनफ। तो पांच दिन लगातार मार्केट को ट्रैक करना उस एक ट्रेड के लिए। ओके। पांच दिन रोज भी नहीं करेंगे अगर आप फ्राइडे, सैटरडे में भी अगर आप थोड़ा सा वीकेंड में टाइम निकालें। अगर आप एक स्टॉक ले लें। आप बस एक स्ट्रेटजी बना ले जैसे मैं फॉलो करता हूं लोग। मैं वीकेंड्स पे स्ट्रेटजी स्टॉक ढूंढता हूं। मंडे लेता हूं और मेरा टारगेट होता है कि फ्राइडे निकल जाऊंगा। अच्छा। मतलब वन वीक वेरी अल्ट्रा श अगर मुझे शॉर्ट स्विंग खेलना है तो मैं मंडे से लेके फ्राइडे तक ही वेट करूंगा। सैटरडे संडे कोई ग्लोबल न्यूज़ आ गई, कुछ प्रॉब्लम हो गया तो आई विल नॉट इन दैट। तो आप आप अपना टारगेट बेस्ड काम करते हैं या डे डे का टारगेट लेते हैं? मतलब प्राइस का टारगेट लेते हैं या डे का टारगेट लेते हैं? आपने मंडे को पोजीशन लिया जो चीज़ पहले आ गई। अगर मेरा मान लीजिए मैंने कोई टारगेट बनाया ₹100 का स्टॉक है। अगर मेरा 150 का टारगेट है या 120 का टारगेट है वो अचीव हो गया मान लीजिए वेडनेसडे को हम तो मैं निकल जाऊंगा। और अगर मेरा वो स्टॉक नहीं चल पाया और फ्राइडे आ गया तो मैं कोशिश करूंगा कि मैं फ्राइडे को निकल जाऊं। अंटिल अनलेस चार्ट पे वो चीजें क्लियर दिख रही होनी चाहिए। अगर फ्राइडे को वो स्टॉप लॉस हिट नहीं हुआ अभी। अभी आपका टारगेट भी हिट नहीं हुआ। हां तो मैं निकलने की कोशिश करूंगा। डिपेंडिंग ऑन डिपेंडिंग ऑन द सिस्टम। और वो लॉस में है मान लेते हैं अभी। हां, लॉस में है तो मैं अगर सिस्टम पे मुझे अलाऊ कर रहा है तो मैं होल्ड करने की कोशिश करूंगा। वो कैंडल बिहेवियर देख के आपको पता चल सकता है। सिस्टम मतलब यूटसी स्ट्रेटजी आप जो डिस्कस जो मैं स्ट्रेटजी करेंगे उससे आपको पता चल जाएगा। ठीक है। मैं इस क्वेश्चन पे दोबारा से आऊंगा स्ट्रेटजी डिस्कस कर चुके होंगे। डन सर। तो वही है ना कि मैं बोलता हूं स्विंग ट्रेडिंग में भी बोलता हूं और मतलब लॉन्ग टर्म स्विंग जो भी लोग ट्रेड करते हैं तो वहां पे मैं बोलता हूं वन ट्रेड अ वीक हम कीप्स द लॉसेस अवे। अच्छा। जैसे जैसे वन एप्पल कीप द डॉक्टर अवे और डॉक्टर की फैमिली से हां तो वन ट्रेड अ वीक अगर आप टारगेट करें देखो बहुत सारे लोग कोविड के बाद आए हैं या बिगिनर्स हैं रिटेल हैं और रिटेल कोई गलत वर्ल्ड नहीं है हम मतलब रिटेल वर्सेस इंस्टीट्यूशन का जो फाइट चलता है ना आई डोंट लाइक इट क्योंकि देयर आर लॉट ऑफ इंस्टीट्यूशन हु आर लूजिंग मनी इन द मार्केट आल्सो यस अ लॉट ऑफ़ देम तो इसका मतलब ये तो नहीं है कि इंस्टीट्यूशन पैसा बनाता है नहीं तो इट्स डिपेंड्स कि हम एज अ रिटेल माइंडसेट क्या रख रहे हैं मतलब आई कैन गो डीप ऑफ इट बट ठीक है यहां पे हम यहीं तक रखेंगे लेकिन ये मेरा ऑडियंस को कहना है कि वो अगर एचएआई माइंडसेट रखें एचएआई कोई मनी नहीं है एचआई इज अ माइंडसेट यू आर अब्सोलुटली राइट मैं जनरली अपने सेशंस में ये बात बोला करता हूं कि रिटेल या इंस्टीट्यूशन डिफरेंस नहीं है रिटेल माइंडसेट और इंस्टीट्यूशन माइंडसेट में प्रॉब्लम है मतलब इंस्टीट्यूशन माइंडसेट अगर रिटेल रखेगा तो रिटेल प्रॉफिटेबल हो जाएगा वहां पर सिंपल इट्स नॉट अबाउट मनी राइट राइट राइट इट्स अबाउट माइंडसेट यस तो मेन प्रिंसिपल ये है कि हम अप ट्रेंड में पुलबैक पे ट्रेड करेंगे करेंगे। राइट? पुलबैक मैं ऑडियंस को बताना चाहता हूं। फिर स्कोर कोई स्टॉक कोई ऊपर जा रहा है लेकिन वो हमेशा सीधी लाइन में ऊपर नहीं जाएगा। इट्स नॉट गोइंग इन द राइट डायरेक्शन लाइक अ वन वे तो वो पुलबैक लेकर के जाएगा। तो जो वो पुलबैक होगा वो हमारी अपॉर्चुनिटी बनेगी। तो पहले तो हमें ये ढूंढना है कि ट्रेंड कहां पे है? फिर उसके पुलबैक्स कहां पे हैं। तो ये हमारा बेसिक कांसेप्ट है। उसके ऊपर स्ट्रेटजी डिज़ाइन है। उसी पे चलते हैं। यहां पर अनिमेश जी मैं एक बार व्यूअर्स से बात करना चाहूंगा। हमारे बहुत सारे व्यूअर्स को ऐसा लगता है जब वो एक मास्टर क्लास देख रहे होते हैं, पॉडकास्ट देख रहे होते हैं तो उनको लगता है कि हम सीधा स्ट्रेटजी पे जंप कर जाते हैं। आई वुड सजेस्ट यू कि आप इस पूरी डिस्कशन को बहुत ध्यान से देखिए। उसका रीज़न ये है कि स्ट्रेटजी का जो मेन मतलब स्ट्रेटजी तो आप इवेंचुअली जो मेन सब्जी बना रहे हैं मेन जो चावल बिरयानी कुछ भी बना रहे हैं। लेकिन जो रॉ मटेरियल है वो यहां डिस्कस हो रहा होता है। इसीलिए आप चाहें तो इस वीडियो को 1.5x पे जरूर देख सकते हैं। वो आपकी मर्जी है। लेकिन आप ये सारी बातों को मिस मत कीजिएगा। सारी बातों को ध्यान से सुनिएगा। मैं जब कभी भी पॉडकास्ट देखता हूं कुछ भी इंडियन प्लेयर्स के इंटरनेशनल मार्केट के प्लेयर्स के मैं आई विल मेक श्योर कि मैं उनका एक-एक वर्ड ध्यान से सुनूं चाहे मैं उसको 1.5x पे देखूं लेकिन आई मेक श्योर कि जो भी कोई अपनी स्ट्रेटजी प्रेजेंट कर रहा है उसके पीछे का थॉट प्रोसेस बहुत इंपॉर्टेंट होता है। वो जरूर ध्यान से सुना जाए। तीन तरह के ट्रेडर हैं। मतलब यहां पे मैं ऐड करना चाहूंगा। तीन तरह के ट्रेडर्स हैं। एक ट्रेडर है जो रैंडम ट्रेडर्स हैं। जो चाहते हैं कि मुझे कहीं Telegram पे या कहीं पे कोई टिप्स आ जाए। कोई न्यूज़ में कुछ बता दे कोई लाइक वाइज़। इनको मैं बोलता हूं रैंडम ट्रेडर और अल्टीमेटली ये लॉस में एंड करते हैं। 80% मतलब सेबी का जो डाटा है कि 93% लोग लॉस करते हैं उसमें 93% मैं सेग्रगेशन बताता हूं आपको। मेरा ऑब्जरवेशन है ये। मेरा डाटा है। किसी का क्लेम नहीं है। मैं अपना डाटा ऑब्जरवेशन बता रहा हूं। 80% लोग रैंडम टिप्स और रैंडम चीजों पे काम कर रहे हैं। वो कभी भी प्रॉफिटेबल नहीं हो पाएंगे। दैट इज फॉर श्योर। या आप भी एग्री करेंगे। राइट? आई कंप्लीटली एग्री क्योंकि मैं सबसे पहला दिन जो मेरा मार्केट में था वो रैंडम ट्रेडर वाले था जो आपने बोला कहीं से टिप्स आ जाए। मैंने एक टिप के बेसिस पे फ्यूचर परचेस किया और 2 दिन के बाद में बैंकरप्ट हो गया। मतलब दो दिन में पूरा कैपिटल मेरा वाइप आउट हो गया था वहां। सेकंड ट्रेडर जो होता है 13% वो है एजुकेटेड ट्रेडर। हम जो आपने पॉइंट बोला ना कि आप कोई भी कुकिंग कर रहे हैं या व्हाटएवर तो वो 13% ना क्या कर रहा है YouTube पे वो बहुत सारी स्ट्रेटजीस सीख रहा है। व्हिच इज गुड। बहुत सारी इंडिकेटर सीख रहा है। व्हिच इज़ गुड। लेकिन जो 7% है ना वो एक सिस्टम बना पा रहा है। हम स्ट्रेटजी इज़ नॉट सिस्टम। हम स्ट्रेटजी इज अ वेरी स्माल पार्ट ऑफ द टोटल सिस्टम। तो पूरे सिस्टम में सिर्फ 10% रोल है स्ट्रेटजी का। वो जब आप पूरा करते हैं तो लाइक एन एनी रेसिपी कि अगर मान लो मुझे बिरयानी बनानी है या वो व्हाटएवर मुझे कोई भी डिश बनानी है तो उसमें कौन से प्रोपोर्शन पे कितनी चीज डलेगी हम उससे उसका टेस्ट डिसाइड होता है। तो मैं आपसे परसेंटेज तो नहीं पूछ रहा ये वाला। अभी के लिए मैं भी बाद में पूछूं। लेकिन अभी के लिए अगर इस पूरे सिस्टम का 10% स्ट्रेटजी है तो बाकी 90% क्या-क्या है? 30% इज योर रिस्क मैनेजमेंट। जो अगर मार्केट में आपको कोई चीज बचाएगी हम मतलब ये आप वर्ड लेके जाइए अगर आपको मार्केट में कोई चीज टिका के रखेगी बचा के रखेगी वो है रिस्क मैनेजमेंट। अच्छा रिस्क लोग बोलते हैं प्राइस इज़ गॉट आई कैन से रिस्क मैनेजमेंट इज़ गॉड। हम आप अगर रिस्क मैनेजमेंट को संभाल लिया। आपकी एवरेज स्ट्रेटजी भी हाईली प्रॉफिटेबल हो जाएगी। और अगर आपने बहुत ही हाइली प्रॉफिटेबल स्ट्रेटजी बना ली 90% 95% और उसमें रिस्क मैनेजमेंट फॉलो नहीं किया। पोजीशन साइजिंग नहीं फॉलो किया तो वी एंड अप लूजिंग मनी। अच्छा इट्स अ मैथ्स एंड 60% इज योर माइंडसेट टरामेंट तो 60 30 10 का रेशियो चलता है। तो जैसे धन के प्लेटफार्म पे एल्गोस अवेलेबल है। राइट? तो क्या 60% हम सीधा-सीधा मास्टर कर लेंगे उसको क्योंकि वहां पर तो मेरा कोई टेंपरामेंट यूज़ होना ही नहीं है। नहीं एल्गो में टेंपरामेंट बिल्कुल यूज़ होता है। ऐसा मिथ है कि लोगों को एल्गो में लगता है कि एल्गो हमारा चला देगा। सर देयर आर लॉट ऑफ़ पीपल जो एल्गो में लॉस कर रहे हैं। मैंने तो लोगों को एल्गो रोकते हुए देखा है। आप उसी की बात कर रहे हैं। तो आप वी आर ह्यूमन बीइंग्स। वी हैव टू चेंज आवरसेल्व्स। यस। अगर हम चेंज नहीं करेंगे, हम कोई भी मशीन, कोई भी एआई, कोई भी एल्गोरिदम सही से ऑपरेट नहीं कर पाएंगे। करेक्ट। मान लीजिए हमने एक एल्गो बनाया और उसके ऊपर स्विंग स्ट्रेटजी, स्कैल्पिंग और इंट्राडे कुछ भी लगाया और अगर हमारा बिहेवियर बहुत इंपल्सिव है, हम अपने ऊपर काम नहीं करें, हम बीच में ब्रेक कर देंगे। हम दो दिन बाद स्ट्रेटजी चेक करेंगे क्या हुआ? करेक्ट। करेक्ट। ये इसका क्या सशन है? वो एल्गो आपको रोकेगा नहीं। मैं आपको अपना प्रैक्टिकल एग्जांपल दिखाता हूं। मैंने धन के प्लेटफार्म से एक एल्गो डिप्लॉय किया अपने प्लेटफार्म के ऊपर, अपने सिस्टम के ऊपर। और मार्केट नीचे आई तो ऑब्वियसली मेरा पोर्टफोलियो भी लॉस में था जब अभी वॉर शुरू हुआ था ईरान इजराइल वाला और वो वाला पोर्टफोलियो भी लॉस में आ गया था। तो फिर मुझे डाउट हुआ अगर ये एल्गो मेरे पोर्टफोलियो को बीट नहीं कर पाता फिर फायदा क्या करने का? लेकिन पिछले कुछ दिनों में मैंने नोटिस किया कि मैंने जितना रिटर्न जनरेट किया उससे ज्यादा रिटर्न उस एल्गो ने जनरेट किया है क्योंकि मैं इंपल्सिव हुआ था बीच में। डॉन्ड ट्रंप की स्टेटमेंट कभी भी शाम को आ जाती है। तो यह बिहेव आप कभी मास्टर कर ही नहीं सकते हैं। तो यू आर अब्सोलुटली राइट कि एल्गो को इंपल्सिव हो के रोकना नहीं है। एल्गो को चलने देना है। अगर वो बैक टेस्टेड एल्गो है। मतलब मैं ये नहीं कह रहा कि आप धन के प्लेटफार्म से ही करें। अगर आपका खुद का एल्गो भी आप डिप्लॉय करते हैं तो आप उसको बैक टेस्ट करो। फिर उसको डिप्लॉय करो। फिर उसको रोकना नहीं है आपने। एल्गो इज नॉट मैजिक। यस। एल्गो इज जस्ट अ एक्सजीक्यूशन। हम इवन देन एi बेस्ड जो एल्गोस आ रहे हैं उसमें भी अभी भी ग्लिचेस हैं। यस यस। तो आईडिया बस ये है कि आप देखो पैसा आपका है। है ना? तो आपको करना क्या है? इट इज़ लाइक वेरी इमच्योरिटी होती है। इतना ग्रीड का चश्म पर्दा पड़ जाता है हमारे ऊपर कि हमें लगता है कि कोई एल्गो खरीद लेंगे डिप्लॉय कर देंगे और प्रॉफिट बनने लगेगा और आराम से बैठेंगे। वो जो एक सीन बनाया जाता है ना कि गोवा के बीच पे हम बैठे हुए हैं और पैसा बन रहा है। इतना सिंपल होता तो सर सब लोग पैसे बना रहे होते हैं। आईडिया बस ये है कि आप एल्गो इज अ टूल। प्रॉफिटेबल होता है एल्गो। आपको एल्गो टेस्ट करना पड़ेगा। आपको छोटी क्वांटिटी से पहले एल्गो शुरू करना है। पहले एल्गो का और अपना कनेक्शन बिल्ड कीजिए। फिर धीरे-धीरे एल्गो और एल्गो का भी एक शेलफ लाइफ होती है। कोई भी स्ट्रेटजी होगी तो उसे शेलफ लाइफ है। मतलब आपको एल्गो ऑप्टिमाइज करते रहना पड़ेगा। हम ये नहीं कि आपने कोई स्ट्रेटजी बनाई और वो फॉरएवर है। बीच में मार्केट रिजीम चेंज होगा। मार्केट स्ट्रक्चर चेंज होगा। बहुत सारी चीजें होंगी। वो आपको इनकर्पोरेट करते रहना पड़ेगा। राइट? आगे बढ़ते हैं। सो, स्विंग ट्रेडिंग की कुछ चीज़ हैं। सबसे पहली चीज़ हमें एक ट्रेंडिंग स्टॉक ढूंढना होगा कि कौन सा स्टॉक है जो ट्रेंडिंग है। मतलब देयर आर मल्टीपल टाइप ऑफ ट्रेडिंग। जैसे एक ट्रेंड स्विंग स्ट्रेटिंग है कि हम ट्रेंड फॉलोइंग कर रहे हैं। स्ट्रेटजी एक ब्रेकआउट है कि पर्टिकुलर कोई ज़ोन में है जो एक बहुत सारे ट्रेडर्स एक मार्क मिडरविनी का कांसेप्ट फॉलो करते हैं। वीसीपी है ना? वो फॉलो कर सकते हैं। रिवर्सल स्विंग ट्रेडिंग कि हम बिल्कुल बॉटम फिशिंग करने की कोशिश करते हैं डायवर्जेंस देख के या मोमेंटम स्विंग ट्रेडिंग यूजिंग आरएसआई एंड अदर इंडिकेटर्स आल्सो तो हम मोमेंटम वहां पे प्ले कर सकते हैं। तो आज जो स्ट्रेटजी हम लोग डिस्कस करेंगे दैट इज़ ट्रेंड फॉलोइंग। राइट? अदर स्ट्रेटजीज़ भी होती है। दैट डिपेंड्स ऑन द ट्रेडर परसोना कि वो किस पे जा सकते हैं। ठीक है? सो हाउ स्विंग ट्रेडिंग वर्क्स। सबसे पहले हमें एक स्टॉक ढूंढना होता है। स्टॉक से पहले हमें इंडेक्स जो उसका उसका जो यू कैन से जो सेक्टर है उसका जो इंडेक्स है उस पे अगर हम जा के देखेंगे कि उसका ट्रेंड क्या है? राइट? एक होती है टॉप बॉटम और एक होता है बॉटम अप्रोच। टॉप बॉटम में हम पहले इंडेक्स देखते हैं। यू कैन से पहले ग्लोबल इंडेक्स देखते हैं। फिर हम इंडियन इंडेक्स देखते हैं। फिर हम सेक्टर इंडेक्स देखते हैं। फिर हम स्टॉक पे आते हैं। फिर हम अपना सेटअप देखते हैं और फिर उसमें एग्जीक्यूट क्योंकि वहां पे कॉन्फिडेंस आपको अंडरलाइन वाटर करंट बहुत हाई है। राइट? लेकिन ऐसा भी है कि रिसेशन के फील्ड में बहुत से स्टॉक ऊपर जाते हैं हम तो वो होता है बॉटम अप्रोच। तो अगर आप कोई स्टॉक पे बहुत ही अच्छा स्ट्रक्चर बन रहा है। कई बार आप देखोगे कि मार्केट नीचे है लेकिन कोई स्टॉक हाई पे हाई लगा रहा है हम तो वो क्यों होता है? क्योंकि उनका पर्टिकुलर कोई स्टॉक का ऐसा बिहेवियर बना हुआ है मार्केट चार्ट पे जो आप अगर फिगर आउट कर लें तो वहां पे भी तो मैं थोड़ा सा यू कैन से कि मेरा 70% तो फ्लो में रहता है। 30% मैं काउंटर टू ट्रेंड करने की कोशिश भी करता हूं अपने पोर्टफोलियो में। तो ये हो गया। देन वी हैव टू गो फॉर गुड एंट्री पॉइंट। वो स्ट्रेटजी से पता चलेगा। फिर हम एंटर करेंगे ट्रेड में। होल्ड करेंगे उसको डज़ या वीक्स के लिए और एग्जिट करेंगे स्टॉप लॉस या टाइम बेस्ड एग्जिट भी हम कर सकते हैं। राइट? ठीक। सबसे इंपॉर्टेंट टाइम फ्रेम दो तरीके के टाइम फ्रेम हम यूज़ करेंगे यहां पे। एक डेली चार्ट यूज़ करेंगे। अगर आप शॉर्ट टर्म स्विंग की बात कर रहा हूं मैं यहां पे। और आपकी जो एंट्री टाइमिंग होगी वो होगा वन ऑवर या फोर आवर्स का। दो चार्ट का इस्तेमाल करेंगे और बहुत अमेजिंग इंडिकेटर धन के प्लेटफार्म पे अवेलेबल है। वो मैंने यूज़ करा है और मैं जब से वो आया है तब से मेरी ट्रेडिंग बहुत सिंपलीफाई हो गई है ताकि मतलब विजुअली बहुत दिखता है मुझे इज़ली वो मैं यहां बताने की कोशिश करूंगा। सो हाउ स्विंग ट्रेडिंग वर्क्स? ये हम लोगों ने अभी बात की राइट कि ₹1000 का कोई स्टॉक है। टारगेट हमारा ₹100 का है। स्टॉप लॉस ₹960 का है। दो चीजें हो सकती हैं। या तो टारगेट होगा या स्टॉप लॉस होगा। आप डिपेंड करता है कि आप कितना क्वांटिटी करते हैं। मान लीजिए आपकी क्वांटिटी बढ़ी है। तो आपको थोड़ा सा पैसा लगाना चाहिए। फिर धीरे-धीरे जैसे-जैसे आपका मोमेंटम बिल्ड हो आप अपना हिसाब से इन्वेस्ट कर सकते हैं। तो ये मैंने अभी आपको टॉप बॉटम और बॉटम अप्रोच बताई। उसका एक विजुअल है आपके सामने। यहां पे एडवांटेजेस दिए हुए हैं। डिसएडवांटेज कोई भी अगर देखना चाहे तो इसको पॉज करके देख सकता है तो या स्क्रीनशॉट ले के अपने पास रख सकता है। स्विंग ट्रेडिंग और इंट्राडे का एक डिस्कशन है। अभी ये मैंने आपको कवर कर लिया। इसमें कैपिटल रिक्वायरमेंट थोड़ी कम रहती है इन कंपैरिजन टू इन्वेस्टिंग। अगर आप थोड़ा कैपिटल भी बार-बार इट्स लाइक एक मेरे माइंड में एक बात आ रही है। मैं आपको बताता हूं वो बात कि एक कहावत है ना 100 सुनार की एक लोहार की। राइट? ये सुनने में ऐसा लगता है कि लोहार इज पावरफुल। है ना? जब अगर इसका आप सेंस निकालेंगे तो लगेगा कि सुनार इज वीक। हम एंड लोहार इज पावरफुल। लेकिन जब आप इसको फ्लिप करेंगे तो आपको दिखेगा कि एक्चुअली सुनार मेक लॉट्स ऑफ मनी देन लोहार। हम क्यों बनाता है सुनार ज्यादा पैसे? क्योंकि वो छोटे-छोटे ट्रांजैक्शंस पे फोकस करता है। छोटी-छोटी चीजों पे। वो थोड़ा सा 100 ग्राम, 50 ग्राम, 5 ग्राम में भी बहुत कुछ बना लेता है। तो छोटी-छोटी अपॉर्चुनिटीज मींस इंट्राडे स्विंग ये जो शॉर्ट टर्म अपॉर्चुनिटीज है इसमें थोड़ा एफर्ट लगता है लेकिन पैसा ज्यादा बनाया जा सकता है। हम क्योंकि ये एफर्ट का काम है। तो लोग सोचते हैं लोहार वाला काम कर लेते हैं। ₹1 लाख इन्वेस्ट कर देते हैं इंडेक्स फंड में या किसी चीज में और छोड़ देते हैं। बनेगा तो बनेगा। देखा मोस्टली लोगों के पोर्टफोलियो आप देखिए उनको पता ही नहीं है 50-60 स्टॉक लिए हुए हैं। उनको पता ही नहीं है कि कौन से सेक्टर का है, क्या है, कैसे है। तो इट्स अ गार्बेज टाइप ऑफ़ थिंग। तो आपको प्रॉपर उसको बनाना चाहिए। मैं ऐसा सोचता हूं। राइट? ठीक है? ठीक है? ट्रेडिंग सिस्टम डिस्कस करने से पहले ये एक पॉइंट है। आई एम सॉरी कि मैं ट्रेडिंग सिस्टम पे आने से पहले ये सारी चीजें इसलिए डिस्कस कर रहा हूं क्योंकि ट्रेडिंग सिस्टम तो बहुत मिल जाएंगे और मेरा भी है बहुत अच्छा सा सिस्टम लेकिन उसके पहले जो सिस्टम की यूज़बिलिटी होती है वो हमें पता होनी चाहिए। तो मैं ऐसा मानता हूं कि ट्रेडिंग सिस्टम एक जूसर की तरह है। आपकी स्क्रीन पे आ रहा है। जूसर में हम ऊपर से फ्रूट को डालते हैं। हम दो आउटलेट होते हैं। एक में हमें प्रॉफिट आता है। यू कैन से जूस आता है और एक में हमें उसका पल्प मिलता है। यू कैन से लॉसेस। ऐसी कोई स्ट्रेटजी नहीं है जो 100% प्रॉफिटेबल हो। अब्सोलुटली। ऐसा कोई फ्रूट नहीं है जिसमें सिर्फ जूस निकलता हो। पल्प ना निकलता हो। राइट? तो देयर इज़ अ डार्क एंड ब्राइट साइड ऑफ़ बोथ थिंग्स। हमारा काम क्या है? कि अपने कॉस्ट को मैनेज करना है और प्रॉफिट पर फोकस करना है और अगर प्रॉफिट ज्यादा आ रहा है तो उसको आने देना है। राइट? लास्ट अगर मेरे कुछ पडकास्ट हैं अगर वो ऑलरेडी YouTube पे हैं। अगर आप जाकर देखेंगे वहां पर आपको पता चलेगा कि साइकोलॉजी ऑफ डूइंग द ट्रेडिंग क्या होती है। तो मैं थोड़ा सा उस पे अभी नहीं जाऊंगा क्योंकि यहां पे टाइम का हमारे पास लिमिटेशन है। फ्रूट का मतलब यहां पे प्राइस है। अब बहुत से लोग पेनी स्टॉक्स पे काम कर लेते हैं। हम अब उसमें पल यू कैन से जूस ही नहीं है। तो आप कैसे निकालोगे प्रॉफिट? राइट? तो स्टॉक सिलेक्शन इज आल्सोेंट। तो ये एक बहुत अच्छा इलस्ट्रेशन है मेरे सामने कि मैं ट्रेडिंग सिस्टम को क्योंकि विजुअलाइज नहीं कर पाते ना जब हम बोलते हैं ट्रेडिंग सिस्टम व्हाट इज ट्रेडिंग सिस्टम तो वो विजुअलाइजेशन के लिए मैंने एक एग्जांपल यूज़ किया है लाइक अ जूसर कि ऐसा ट्रेडिंग सिस्टम बनाओ जिसमें कॉस्ट कम से कम आए और प्रॉफिटेबिलिटी ज्यादा से ज्यादा हो सके। आप ओवर ऑप्टिमाइज करने की कोशिश मत करो। ये मत सोचो कि लॉस खत्म कर देते हैं। या कोई चार इंडिकेटर पांच इंडिकेटर लगा देंगे तो कुछ हो जाएगा। वो आपको ब्लॉक कर देगा ट्रेड करने से ही। हम लोगों के स्क्रीन पे इंडिकेटर ज्यादा होते हैं। प्राइसता ही नहीं है। और जबकि प्राइस इजेंट प्राइस से इंडिकेटर्स डिराइव होते हैं। तो थोड़ा सा बैलेंस एप्रोच ऐसा नहीं बोल रहा हूं कि नेकेड प्राइस एक्शन करना है। वो एक एक्सपर्ट लेवल की स्किल है। लेकिन अगर आप अगर सिस्टेटिक ट्रेडिंग से करेंगे तो ज्यादा बेटर है। जैसे शुरुआत में अगर कोई बिगिनर है तो उसको हम साइकिल विद बैलेंसर देते हैं ना ताकि वो बैलेंस करना सीख पाए। और जब वो एक्सपर्ट हो जाता है तो बैलेंसर हटा देता है। रियल जो एंजॉयमेंट है वो बैलेंसर के बिना है। दैट आई नो। लेकिन शुरुआत में आपको जब ड्राइव करना है, साइकिलिंग करनी है या व्हाटएवर तो आपको सिस्टम्स का यूज़ करना चाहिए। सिस्टम्स आर लाइक कंट्रोल्स ऑन द चार्ट कि प्रॉफिट एंड लॉस कहां पे बन रहा है, कैसे बन रहा है ये थोड़ा सा ध्यान रखना चाहिए। राइट? ठीक है? सो तो अब हम लोग यहां पे डिस्कस करते हैं हिमांशु जी अबाउट द किस स्ट्रेटजी क्योंकि ऑडियंस बोर हो गई होगी कि वो सोच रही होगी कि सर ये साइकोलॉजी की बातें बहुत हो रही है। बट आई एम सॉरी टू ऑडियंस आप आज नहीं तो कल इस चीज को रियलाइज करेंगे कि साइकोलॉजी इज़ेंट। स्ट्रेटजी इज़ आल्सोेंट वेरीेंट बट इट इजेंट तो किस स्ट्रेटजी में सबसे पहले हमें सिंपलीसिटी पे फोकस करना है। हम बहुत ज्यादा कॉम्प्लेक्स नहीं करेंगे चीजों को। सबसे पहली इसकी रिक्वायरमेंट है कि हम स्टॉक फिल्टर करेंगे। सेटअप पे जाएंगे, अपना एंट्री करेंगे और रिस्क मैनेज करेंगे और एग्जिट का डिसाइड करेंगे। कैसे करेंगे? उसके कुछ पैरामीटर्स के बारे में बात कर लेते हैं। तो, सबसे पहले एक डेली चार्ट यूज़ करेंगे। और वन ऑवर फोर ऑवर का चार्ट दोनों में से कोई एक। डिपेंडिंग ऑन योर लाइक लॉन्ग शॉर्ट जो भी आप करना चाहते हैं। मतलब लॉन्ग स्विंग या शॉर्ट स्विंग। राइट? अगर आप एक हफ्ते का ट्रेड लेना चाहते हैं, 15 दिन तक का लेना चाहते हैं, तो वन आवरली चार्ट यूज़ करेंगे। अगर आप लंबा लेना चाहते हैं, तो फोर आवरली चार्ट यूज़ करेंगे। तो मैं चलता हूं चार्ट पे। तो दिस इज़ द डेक्स प्लेटफार्म। राइट? बहुत ही अमेजिंग डेवलपमेंट किया है धन ने। डेक्स 33 के लिए एंड बहुत सारा चीजें दे दी हैं ऑलरेडी। जिसके लिए आपको बहुत सारे पैसे देने पड़ते अगर किसी प्लेटफार्म पे जाते तो। राइट? सो इसमें सबसे पहला काम आपको क्या करना है? अच्छा, स्टार्ट करने से पहले मैं एक डिस्क्लेमर देना चाहता हूं कि यह एक एजुकेशन पॉइंट ऑफ़ व्यू से यह डिस्कशन चल रहा है। यहां पे जो भी मैं स्टॉक या इंस्ट्रूमेंट डिस्कस करूंगा वो एक जस्ट टू डिस्कस अबाउट द थिंग्स है। तो ये रेकमेंडेशन नहीं है एक तरह से भी। राइट? सो दिस इज़ अ वीकली चार्ट। तो मैंने यहां पे पहले से लगा के रखा हुआ है। आप स्टॉक का नाम पे मत जाइए। आप इंस्ट्रूमेंट का नाम पे मत जाइए। आप प्राइस पे फोकस कीजिए। क्योंकि मेरा ऐसा मानना है कि अगर कोई स्ट्रेटजी एक बिहेवियर पे काम कर रही है प्राइवेट तो दूसरे पे भी करती है। ऐसा नहीं कि वो नहीं करती है। राइट? हां। पर्टिकुलरली आप किसी एक ही इंस्ट्रूमेंट पे करना चाहते हैं तो आपको थोड़ा ऑप्टिमाइज करना पड़ेगा। लेकिन स्टॉक्स के साथ तो ऐसा नहीं है। अब आप 100 स्टॉक के लिए 100 स्ट्रेटजीस तो बनाएंगे नहीं। राइट? तो सबसे पहला काम क्या करना है? इस चार्ट को हम नॉर्मली वीक डेली चार्ट देखते हैं। लेकिन हम इसको वीकली चार्ट पे कन्वर्ट करेंगे। राइट? क्योंकि हम स्विंग ट्रेडिंग के पॉइंट ऑफ व्यू से देख रहे हैं। तो मैं एक पुराना चार्ट यहां पे डिस्कस कर लेता हूं। ज्यादा पुराना नहीं करूंगा। यहां पे डिस्कस कर लेता हूं। 2023 का डिस्कस कर लेता हूं। राइट? आपको टाइम पे नहीं जाना है। आप इसको जाकर के जो भी मैं कंडीशन बताऊंगा आज की मार्केट पे भी जाके अगर आप देखेंगे तो आपको देखने को मिलेगा कि इसके सक्सेस रेट्स क्या हैं। राइट? सबसे पहली चीज ये है कि मैं यहां पे हके ऐशी क्यों यूज़ कर रहा हूं। राइट? क्योंकि ये नॉर्मल कैंडल स्टिक पे नहीं लगा है। नॉर्मल कैंडल स्टिक पे जब मैं देखता हूं तो कैंडल्स मुझे इस तरीके से क्लटर्ड दिखती हैं। थोड़ा सा नॉइस दिखता है। राइट? राइट? लेकिन जैसे ही मैंने इसको हकेश पे कन्वर्ट करता हूं तो ये कैंडल्स एकदम से स्मूथ हो जाती है। राइट? क्योंकि देखिए मुझे बहुत प्रसिशन नहीं चाहिए। मुझे चाहिए अ एक एप्रोक्समेट ट्रेंड क्या होना चाहिए? हम तो स्ट्रेटजी पे जा पॉइंट में हम लोग एंटर करेंगे। उसके पहले इस स्ट्रेटजी की थ्योरी क्या है? थ्योरी ये है कि जब हम हकेशी का चार्ट देखते हैं। हमें ये पता करना होता है कि ट्रेंड किधर है? हम कोई भी स्टॉक खरीदने से पहले हम यह जानना चाहते हैं कि ट्रेंड किधर चल रहा है। हम अब ट्रेंड निकालने के बहुत सारे तरीके हैं। आप मूविंग एवरेजेस यूज़ कर सकते हैं। आप बहुत सारी तरीके यूज़ कर सकते हैं। लेकिन मैंने जो मोस्ट इफेक्टिव वे पता किया वो हकेशी है। अगर कल का यू कैन से लास्ट वीक अगर हमारा बियरिश था तो देयर इज़ अ हाई पॉसिबिलिटी कि ये वाला वीक भी बयरिश हो सकता है। हम 70% चांसेस हैं। 30% चांसेस हैं कि वो रिवर्स कर सकता है। राइट? तो हम हाई प्रोबेबिलिटी अगर बात करें तो बेयरिश होने की ज्यादा है। तो अगर मैं यहां पे देखूं एक चार्ट पे आपको एक एरो ड्रॉ करके दिखाता हूं। फॉर एग्जांपल ये वाला जो कैंडल है तो लास्ट वीक यहां पे रेड था तो मेरी एक्सपेक्टेशन थी कि अगला वीक भी रेड हो सकता है। तो लेकिन मैंने बोला ना 70% है तो 30% चांसेस हैं कि वो रिवर्स भी कर सकता है। तो ये लेकिन ये पिछले वाला जो था वो रेड तो था लेकिन वो डोजी टाइप था। हां हमें नहीं हमें कोई कैंडल का डोजी या कैंडल के टाइप्स पे ध्यान नहीं देना है। हमें सिर्फ कलर ऑफ द कैंडल पे ध्यान देना है। एडवांस चीजों में जा सकते हैं उन चीजों पे। लेकिन बेसिकली जो यू कैन से बिगिनर टू इंटरमीडिएट ट्रेडर हैं उनको बस इतना ही देखना चाहिए। उस काफी अच्छा हो जाएगा इससे। राइट? तो यहां पे रेड है। अगला वीक ग्रीन हो गया या ब्लू हो गया। तो मुझे तो नहीं पता था। तो ये पता कैसे चलेगा कि अगला वीक मुझे ट्रेड करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। तो दैट्स व्हाई आई यूज्ड वन मोर ब्यूटीफुल चार्ट। यहां पे मैंने कुछ इंडिकेटर्स लगाए हुए हैं व्हिच इज़ एक्सक्लूसिवली धन पे मिलेंगे। कुछ आपको इंडिकेटर कुछ आपको किसी भी प्लेटफार्म पे मिल सकते हैं। राइट? तो सबसे पहले हम यहां पे चलेंगे। दिस इज थर्ड अप्रैल 2023 मैं डेट पे चलता हूं। टाइम पे मत जाइएगा। अगेन बोल रहा हूं। हमें चार्ट के डिस्कशन करने हैं। आप उसको कहीं पे भी जाके देखेंगे। आज की मार्केट में भी देखेंगे तो आपको वो चीज मिलेगी। तो मैंने यहां पे चार्ट यूज़ करा है वन ऑवर का। ठीक है? पहले मैं वन ऑवर का लूंगा। फिर मैं 4 ऑवर का लूंगा। दोनों को आपको दिखाता हूं। राइट? तो अब ये हमारे पास है वीक। अब ये वीक क्लोज हुआ है। थर्ड अप्रैल को नया वीक ओपन हुआ था। तो थर्ड अप्रैल को जब मैं गया यहां पे तो जब मैं यहां अब वही वाली बात है ना कि फॉर एग्जांपल हम लोगों ने एक बार और भी डिस्कस किया था कि पतंग उड़ाने से पहले हम हवा का डायरेक्शन चेक करते हैं राइट? कि वो राइट है, लेफ्ट है, किधर है? तो सबसे पहले हमें हकेशी चार्ट से इनसाइड ट्रेंड क्या चल रहा है? अंडरलाइन ट्रेंड क्या चल रहा है? वो पता करने के लिए हमने हकेशी से पता कर लिया। लेकिन जरूरी नहीं ना कि वो चीज़ हो। क्योंकि 30% इज़ अ गेम ऑफ़ अ प्रोबेबिलिटी। राइट? तो हवा का डायरेक्शन चेंज भी हो सकता है मिड वीक राइट? या स्टार्ट ऑफ द वीक। तो उसके लिए हमें कैसे पता चलेगा? दैट्स व्हाई आई यूज़ वन ऑवर का चार्ट। तो यहां पे जब आप जाएंगे और दिस इज़ थर्ड अप्रैल। राइट? तो ये थर्ड अप्रैल को देखेंगे तो यहां पे ये एक बैंड लगाया हुआ है। ये इसके पैरामीटर्स मैं अभी बता रहा हूं। और ये जो ब्लू कलर का ज़ोन दिख रहा है और ये जो नीचे इंडिकेटर लगा हुआ है, ये सब कुछ बोल रहा है बुलिश डायरेक्शन में। अच्छा। यहां पे ये बेरिश था। यहां पे बुलिश बोल रहा है। दैट मींस हमें यहां पे ट्रेड नहीं करना है। वी हैव टू वेट। सर ये जो जितना भी ग्रीन कलर और रेड कलर मुझे सारा दिख रहा है, ये क्या-क्या चीज़ हैं? हां, मैं इसको एक्सप्लेन कर देता हूं। सबसे पहली चीज ये एक ईएमए लगा हुआ है हाई पे। मैं पैरामीटर ओपन करके दिखाता हूं। आप एक दो ईएमए लगाएंगे। एक 55 ईएमए 55 इज़ अ फिबोनेकी नंबर। आप वहां पे जाएंगे। आपको क्लोज की जगह बस हाई पे लगाना है। ठीक है? राइट? और दूसरा वाला लो पे लगाना है। राइट? इसी तरीके से। 55 पीरियड ईएमए का हाई और लो का हमने एक बैंड बना लिया। बैंड बना लिया। अगर प्राइसेस बैंड के नीचे है तो ही हम सेल ट्रिगर करेंगे। राइट? और अगर बैंड के बीच में है तो वो साइडवेज मार्केट है। ठीक है? क्योंकि जब हम कोई ट्रेंड फॉलोइंग सिस्टम या कोई ऐसी चीज करते हैं तो वहां पे सबसे बड़ा प्रॉब्लम साइडवेज मार्केट का आता है। तो उसमें बहुत सारे ट्रेडर्स फंस जाते हैं या उसमें टाइम वेस्ट हो जाता है उनका। क्योंकि टाइम वेस्ट होना भी एक बहुत बड़ा पैसे का वेस्ट होता है। अगर आपका पैसा ब्लॉक है और वो कुछ हो ही नहीं रहा है तो उससे बेटर अपोरर्चुनिटी किसी और में कर सकते थे। तो वो उसको डालने की कोशिश की है यहां पे। उसके बाद मैंने एक धन का एक सिग्नल एम ए धन करके आपको यहां पे मिलेगा। जब आप इसमें जाएंगे तो एक सिग्नल धन सिग्नल एम ए करके एक इंडिकेटर है। आप इसको जब ओपन करेंगे लगाएंगे तो आपको यहां पे 55 यहां पे भी यूज़ करना है। ठीक है? और यहां पे विज़िबिलिटी पे मैंने कलर आप अपने हिसाब से चेंजेस कर सकते हैं। तो जब आप इसको ड्रॉ करेंगे तो ये आपको इस तरीके से प्लॉट हो जाएगा ऑन द चार्ट। ये क्या बताता है हमें कुछ आईडिया? ये बताता है देखिए सबसेेंट चीज़ है कि कई जगह आपको ना इस ब्लू की वजह से आप बच जाएंगे। बैंड आपको जहां पर कंफ्यूज करेगा या कहीं पर ब्लू कंफ्यूज करेगा तो बैंड बचा लेगा। तो दोनों कॉम्प्लीमेंट्री हैं एक दूसरे के कि कहां पे हमें करना है। प्लस विजुअली ना क्या होता है? ट्रेडिंग इज अ गेम ऑफ इमोशंस लाइक वी सेड। तो अगर हम किसी ट्रेड में बैठे हैं हमेशा हमें डर लगता रहता है कि ये नीचे ना चला जाए। तो ब्लू कलर से यू आर इमोशनली रिलैक्स्ड कि हां मैं अभी इस ट्रेड को इमोशनली होल्ड कर रहा हूं। हम क्योंकि अगर इमोशनली आपके फ्लक्चुएशंस होने लगे तो आप अच्छा ट्रेड भी एग्जिट कर जाते हैं। राइट? राइट। दिस इज़ द प्रॉब्लम। तो चार्ट पे ना कोशिश कीजिए इमोशनल इंडिकेटर्स डालने की भी। मतलब एक तो टेक्निकल इंडिकेटर डाल दिया। एक इमोशनली चार्ट को अच्छा बनाने की कोशिश कीजिए। क्योंकि हमारा जो माइंड है वो पिक्चर्स में और कलर्स में काम करता है। अगर मैं रेड रेड रेड दिखा दूं आपको ज्यादा तो आपको थोड़ा सा लगने लगेगा। टेंपटिंग हो जाएगी कि ये क्या हो रहा है। तो न्यूट्रल कलर्स का यूज कर सकते हैं। या आप थोड़ा सा अपने को जो भी आपको कलर अच्छे लगते हैं वो उस हिसाब से अपने को। अब यहां पे रेड कैंडल बन रहा है सर। ठीक है? ठीक है? तो यहां पे आपको पता है कि यह ब्लू कैंडल है। आपको यहां ब्लू एरिया चल रहा है। तो यहां रिवर्स रेड कैंडल से डर नहीं लगेगा। यू आर क्वाइट रिलैक्स कि आप होल्ड कर पाएंगे क्योंकि बहुत सारे लोग यहां पे एग्जिट कर जाएंगे इस पॉइंट ऑफ़ टाइम पे और फिर उनको ये मूव नहीं मिले मिल पाएगा या व्हाट इज और आपने जो छोटा टाइम फ्रेम यूज़ किया है उसमें भी आपने हाई कनाशी ही यूज़ करी है। हाई कनशी यूज़ करी है। राइट? और नीचे एमएसीडी लगाया हुआ है डिफॉल्ट पैराटर्स पे। ये एमएसीडी को मैंने थोड़ा सा इसमें सिग्नल लाइन के साथ एक धन ने अगेन एक कस्टम इंडिकेटर दे दिया है। दैट इज सीएम एमएसीडी कस्टम इंडिकेटर। ओके? यहां पे तो आप इसमें जाएंगे तो यहां पे आपको बस सेटिंग वही रखनी है डिफॉल्ट अपनी 12 269 इट्स अ ब्यूटीफुल पैरामीटर्स। एडवांस चीजें हम लोग डिपेंडिंग ऑन द टाइम हम उसको ट्विक कर सकते हैं। स्टाइल पे जाकर के आप इसमें जो यह आपको सिग्नल्स दिखने हैं ना ब्लू के और रेड के। तो थोड़ा एमएसीडी के बारे में भी हम आपसे बात कर लेते हैं। जीरो लाइन जो एमएसीडी का होता है जीरो लेवल इसके ऊपर अगर ट्रेडिंग हो रही है हम अगर इसके ऊपर प्राइस चल रहा है मतलब प्राइस में मोमेंटम आ चुका है। हम मतलब अब वो चलेगा। अब इसका मतलब ये नहीं कि हम नीचे बाय नहीं करेंगे। हम नीचे अगर हम बाय कर रहे हैं। मान लो ज़ीरो लाइन के नीचे हमें यहां पे एक बाइंग सिग्नल मिल रहा है। हम इट मींस रिवर्सल हो रहा है प्राइस में। तो अगर आप वहां क्वांटिटी डालना चाहते हैं तो थोड़ा क्वांटिटी डाल सकते हैं। मान लो आपको ₹1 लाख डालना है तो आप ₹200,000 वहां पे डालिए। धीरे-धीरे वो जब कैच अप करे जीरो लेवल के ऊपर आए तो वहां पे आप बाकी डिप्लॉयमेंट शुरू कर सकते हैं। ओके? अब आपका क्वेश्चन होगा कि एग्जिट कैसे करेंगे? नहीं उससे पहले मेरा एक क्वेश्चन ये है कि हम जो हकनाशी का प्राइस देख रहे हैं हकनाशी का प्राइस अलग रहता है। नॉर्मल कैंडल का प्राइस अलग रहता है। तो ये कंफ्यूजन नहीं पैदा करेगा ट्रेडर के। बिल्कुल कंफ्यूजन पैदा करेगा। आप इसके लिए क्या कर सकते हैं? सबसे पहली बात हकशी पे जो हाई लो होता है वो सेम होता है कैंडलस्टिक से। राइट? ठीक? केवल ओपन और क्लोज का फर्क होता है। राइट? देखिए हम एग्जैक्ट प्राइस जान के क्या करेंगे? आप इसको समझिएगा। क्योंकि जब आप ट्रेड होल्ड करते हो तो आपके मन में ये नहीं चलता है कि मुझे एग्जैक्टली इस प्राइस पे निकलना है। आपके मन में ये चलता है कि मैं इस ट्रेड को कंफर्टेबली होल्ड कर पाऊं। हम अगर मैं इसी चार्ट को कैंडलस्टिक पे कन्वर्ट कर दूं ना तो आपको ना बहुत सारी प्रॉब्लम्स होना शुरू हो जाएंगी अगर आप यहां पे देखो तो। तो इट्स लाइक क्लेरिटी नहीं है उतनी। फ्लक्चुएशन ज्यादा दिखने लगेंगी। रेड कैंडल्स ज्यादा दिखने लगेंगी। तो हो सकता है क्योंकि इमोशनली हम उन चीजों को मैनेज ना कर पाए। तो हके दो बेनिफिट देता है। एक तो आपको स्मूथ कर देता है ट्रेंड को प्लस आपको इमोशनली रिलैक्स कर देता है। दो फायदे हैं। दैट्स व्हाई क्योंकि मैं यू कैन से कि ट्रेडिंग से पहले इमोशंस पे ज्यादा ध्यान देता हूं। तो मेरे इंडिकेटर के पैरामीटर और जो कलरिंग है या यू कैन से सिलेक्शन ऑफ द प्लॉटिंग है वो भी इमोशनल ज्यादा रहती है। तो इसलिए मैं हनशी पे ज्यादा फोकस करता हूं। ऑलदो आप कैंडलस्टिक से भी कर सकते हैं। आप ये भी कर सकते हैं कि आप अलग से एक चार्ट खोल लीजिए एग्जैक्ट प्राइसिंग देखने के लिए। इसी में आप एक नया टैब ओपन कर लीजिए और आराम से देख सकते हैं आप। तो कहने का मतलब है जब हमें हकनाशी बाय सिग्नल दे हम उस प्राइस पे बाय कर लें। लुकिंग एट द विदाउट लुकिंग एट द करंट मार्केट प्राइस। जब हकनाशी तो वहां पर हम सेम प्राइस पे बाय कर। अच्छा यहां पे तो ट्रेड बना नहीं है हमारा। सर यहां पर एक और क्वेश्चन है मेरा। आपने बोला कि नीचे जब एमएसीडी ने बाय सिग्नल दिया वहां पर मैं बाय कर लूंगा थोड़ी सी क्वांटिटी। लेकिन उस समय जो धन का जो सिग्नल था सिग्नल एम ए धन जो था वो रेड चल रहा था क्या फिर भी हम बाय कर लें नहीं नीचे वाला जो हमारा लेवल है यहां पे यस यहां पर हां तो यहां पे आप देखिए रेड सिग्नल से ये जब इसने कैच अप किया ना यहां पे तो आपको एक ब्लू सिग्नल दिया तो यहां पर मुझे बाय करना है या नहीं आप बोलेंगे यहां पे बैंड के नीचे है बैंड के नीचे है और ऊपर एमए सिग्नल धन जो है रेड वो रेड है जब आप जब भी कोई काउंटर ट्रेडिंग करेंगे तो वो ट्रेंड फॉलोइंग के पैरामीटर्स वहां पे काम नहीं करेंगे। अच्छा। तो इट्स अ काइंड ऑफ मैं आपको दो स्ट्रेटजी इनबिल्ट हो गई एक तरीके से कि हम रिवर्सल भी देख पा रहे हैं यहां पे और यू कैन से मोमेंटम भी देख पा रहे हैं। तो अगर जब भी आप ट्रेड करेंगे तो ऑलवेज रिवर्सल में हमेशा आप अगेंस्ट द ट्रेंड काम कर रहे हैं। हम तो यहां पे आप जब ट्रेड कर रहे हैं इस क्रॉसओवर पे यू कैन से तो यहां पे जो आपकी ट्रेडिंग होगी वो थोड़ी रिस्की है। दैट्स व्हाई आई एम सेइंग कि क्वांटिटी कम रखिए। लेकिन आपको यहां से एक टेंटेटिव लो मिल रहा है। अगर आप इस स्विंग को पूरा कैच करेंगे ना देखेंगे तो यहां से इस प्राइस से लेकर के यहां से लेकर के ये मूवमेंट आया है। करेक्ट? तो ये लो अगर मैं देख पा रहा हूं यहां से तो इट इज़ गुड। राइट? तो मैं थोड़ा सा क्वांटिटी या मैं यहां पे ये भी कर सकता हूं कि अगर मैं एंट्री नहीं लेना चाहता तो आप क्या कर सकते हैं? जैसे कि आप अलर्ट हो सकते हैं कि एंट्री आ सकती है। मान लो आप वेडनेसडे को चार्ट देख रहे हैं और यह नीचे से क्रॉसओवर हो गया है और फ्राइडे आते-आते तक वो पूरा क्रॉस हो गया तो यू आर आपने उसको वॉचलेस में डाल लिया कि इसमें कुछ हो सकता है। यू आर प्रिपेयरिंग योरसेल्फ फॉर टेकिंग द एंट्री इन कमिंग टू डेज। लाइक ट्रेंड के पॉइंट ऑफ व्यू से यहां पर हमें एंट्री कहां पर लेनी है? ट्रेंड के पॉइंट ऑफ व्यू से एंट्री देखिए सर यहां पे सबसे पहली चीज यहां पे जब ये जीरो लाइन क्रॉस करेगा हम जब भी हम ट्रेंड के हिसाब से करेंगे तो जीरो लाइन पे करेंगे। रिवर्सल के हिसाब से करेंगे तो बिलो टू ज़ीरो लाइन करेंगे और जैसे ही ये ब्लू एरिया में आएगा तब हम एंट्री करेंगे। अच्छा तो जब अगर हमें ट्रेंड कैच करना है अभी हम ट्रेंड पे फोकस करते हैं। अगर मुझे ट्रेंड कैच करना है तो उसके लिए मेरी तीन कंडीशंस होनी चाहिए। पहला मेरे प्राइसेस 55 हाई और लो ईएमए के बैंड के ऊपर होने चाहिए। धन एमए सिग्नल के ऊपर हमें मतलब उस वो भी ग्रीन कलर का होना चाहिए। वो भी और दूसरा हमारा एमएसीडी के सिग्नल लाइन पॉजिटिव होनी चाहिए। ये तीन कंडीशंस अगर मीट होती हैं। अब इसमें पिछले हफ्ते तो हमारा सेल चल रहा था। हमें तो इस हफ्ते सिर्फ सेल करना था। तो ये ट्रेंड मेरा छूटेगा। तो ये हमने नहीं लेना था। नहीं लेना। कैसे लेंगे? अब सर ये पूरा ट्रेंड छोड़ दें। यस। दिस इज द पॉइंट। यहां पे एक और साइकोलॉजिकल पॉइंट है। हम स्टॉक मार्केट को जीतने नहीं आए हैं। हम हम यहां से प्रॉफिट विथड्रॉ करने आए हैं। राइट? अब आपके सामने फॉर एग्जांपल ए बी सी कोई भी स्टॉक का चार्ट लगा है। ठीक है? हमने यहां पे निफ्टी का एग्जांपल लिया। आप कोई भी स्टॉक चार्ट का लगा सकते हैं। हर स्टॉक में अलग-अलग चार्ट्स बन रहे होंगे। में सिचुएशनंस बन रही होंगी। आपको अपना जो मैंने सेटअप जहां पे बता रहा हूं उसको ढूंढने की कोशिश करनी है और उसको जब आप ढूंढेंगे और वो जब आपको मिलेगा उन्हीं पे आपको फोकस करना है। यहां पे मैं बोलता क्या हूं सर आप TCS और Infosys दोनों में जॉब नहीं कर सकते एट अ टाइम। हम एक ही जगह आप जॉब कर सकते हैं। वहीं की सैलरी मिलेगी। करेक्ट है ना? तो सिस्टम्स जो होते हैं ट्रेडिंग सिस्टम इट्स लाइक अ एक जॉब कि आप अगर एक सिस्टम में जॉब में चले गए तो आपको वहीं के प्रॉफिट भी मिलेंगे, वहीं के लॉस भी मिलेंगे। हम सिस्टम हॉपिंग जो होती है कि हम आज इस कंपनी में जॉब कर रहे हैं। आज इस कंपनी में ऐसा तो पॉसिबल नहीं है। अगर आप करेंगे तो आप दोनों में कहीं के नहीं रहेंगे। आर यू गेटिंग माय पॉइंट? तो ट्रेडिंग में भी यही होता है। लोग सोचते हैं कि अगर ये मोमेंटम कैच करना है तो दूसरी स्ट्रेटजी, तीसरी स्ट्रेटजी। तो दे आर ट्राइंग टू कैच अप द होल थिंग। तो मेरा फोकस कैचिंग द होल थिंग नहीं। मेरा फोकस है कि मैं मार्केट क्योंकि सर यहां पे ना बहुत सारे ऐसे रिटेल ट्रेडर्स हैं। बहुत सारे लोग हैं जो यहां पे बहुत बड़ा अमाउंट कमाने नहीं आए। हम टू बी वेरी फ्रैंक। उनकी महीने की ₹1 लाख, ₹00, ₹ लाख सैलरी है। वो दे वांट टू कैच अप कि यार ₹1 लाख, ₹00 और बन जाए। हम रिटेल ट्रेडर्स का तो यही टारगेट है। दे आर नॉट हियर टू मेक ₹200 करोड़। राइट? उनके माइंडसेट के लिए ये सिंपल स्ट्रेटजी हो सकती है कि अगर वो छोटे-छोटे मूवमेंट्स कैच करते रहे। बड़ी-बड़ी चीजें बाद में कैच कर लेंगे। सर एक एग्जांपल और देखिए। जैसे अब तो ये वाली हमारी ग्रीन कैंडल बन गई है। अब यहां पे अभी सबसे बन गई है हमारी। और ये यस ये वाली है। अब इसकी नेक्स्ट कैंडल पे चलेंगे। अब इसमें एग्जांपल देखिए। यह वाला ग्रीन बना हुआ है। राइट? यह बनता ही जा रहा है। तो, यह पूरा फ्लो बुलिश है। तो, अब मैं अगला ट्रेड कब लूंगा इसके अंदर? अब मैं अगला ट्रेड कैसे लूंगा? देखिए, यहां पे मार्केट नीचे आया। अब इसने बैंड ने आपको यहां पे होल्ड कराया था। देखिए, बैंड के बीच में आप यहां पे कुछ नहीं करेंगे आप। हम हम अब देखो यहां पे एट दिस पॉइंट इसने सिग्नल लाइन ने कट किया है अपसाइड। राइट? यहां पे। और यहां पे अगर आप देखोगे तो ये जो आपका कैंडल है हकेशी का इसका हाई यहां पे जब ब्रेक हुआ राइट वहीं पे ये जो आपका सिग्नल एमए धन है वो ब्लू कलर में कन्वर्ट हो गया था इसी कैंडल पे अब आप यहां पे ट्रेड ले सकते हैं। अच्छा आप ये कह रहे हैं जो सिग्नल लाइन है जो हिस्टोग्राम है उसको पॉजिटिव होने की बात नहीं कर रहे। हम ये कह रहे हैं कि जो सिग्नल लाइन हमें ग्रीन कलर की दिख रही है आपकी वो जब पॉजिटिव टेरिटरी में आ जाती है ओके ओके ओके यहां पे यहां पे इसके ऊपर हम बाय कर सकते हैं। राइट राइट राइट अब आप यहां पे चाहे तो इसका स्टॉप लॉस ले सकते हैं या इसका स्टॉप लॉस ले सकते हैं। अब देखो वीसीपी या जो भी कांसेप्ट हम यूज़ करते हैं कंसोलिडेशन फ्लैट मार्केट ब्रेकआउट या नैरो रेंज ब्रेकआउट बहुत सारी स्ट्रेटजीज़ होती हैं। तो उसमें जब अब ये फ्लैट मार्केट से ये बाहर निकला तो इट्स अ काइंड ऑफ़ ब्रेकआउट एंट्री आल्सो यस कि 5 दिन से या तीन दिन से स्टॉक एक कंसोलिडेशन में था और अभी-अभी ब्रेकआउट लिया है। तो देयर इज़ अ प्रोबेबिलिटी कि आपको इतना इस हाई का तो टारगेट मिल ही सकता है। लेकिन आप देखो अगर आप इसको होल्ड करते फॉर नेक्स्ट थ्री फोर फाइव डेज तो आपका टारगेट तो आराम से यहां पे कहीं पे हो गया होगा। 1:3 1:4 का हम टारगेट लेके चलते हैं। 1:2 नहीं लेके चलते। हम 1:3 या 1:4 लेके चलेंगे इसमें। ओके क्योंकि इस सिस्टम के एक्यूरेसी बहुत हाई है। अगर आप इसको प्रॉपर्ली वॉच करके जो जो मैं बता रहा हूं अगर उतना ढूंढेंगे करेंगे और थोड़ा सा टाइम देंगे तो आप अच्छे स्टॉक्स निकाल पाएंगे। सर यहां पर मेरा एक क्वेश्चन है कि अब जैसे हमने यहां पर नोटिस किया कि अगले 3 से 4 दिन के अंदर ही हमें यहां पर 17,700 के लेवल से 17,900 18,000 के आसपास के लेवल देखने को मिल गए हैं। तो अराउंड 2-3% के आसपास का मूव इंडेक्स लेवल का मूव है। स्टॉक में तो और बड़े मिल सकते हैं। तो यहां पर हम नॉर्मल स्टॉक परचेस करें या फ्यूचर परचेस करें या एमटीएफ भी कर सकते हैं। एमटीएफ कीजिए। द बेस्ट अपॉर्चुनिटी आपको धन प्रोवाइड कर रहा है। राइट? आपको फाइव टाइम्स की अपॉर्चुनिटी मिल रही है यहां पे और आप ₹ करोड़ तक का स्टॉक्स में लिमिट एफएफओ वाले जितने भी स्टॉक्स हैं उसमें ₹ करोड़ तक की लिमिट कोई ले सकता है। वैसे अभी तो धन ने एमटीएफ की लिमिट भी जो है वो 5 करोड़ से ऊपर की कर दी है और अदर इंटरेस्ट रेट भी जो पहले थे ये मैं अपने व्यूअर्स को बता देता हूं। अब जो आप धन के प्लेटफार्म पे एमटीएफ की फैसिलिटी को यूज़ करते हैं। नाउ द इंटरेस्ट रेट द हाईएस्ट इंटरेस्ट रेट हैज़ रिड्यूस्ड फ्रॉम 16 1/2% टू 15.49% और एफएओ स्टॉक में आप एक स्टॉक पे 2 करोड़ तक का एमटीएफ यूज़ कर सकते हैं। और नॉन एफएओ में भी आप 1 करोड़ की लिमिट यूज़ कर सकते हैं। तो आपका जो पर यूजर की जो लिमिट है वो भी 1 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़ हो गई है। इंटरेस्ट रेट भी कम हो गए हैं। तो प्लीज मेक श्योर कि आप एमटीएफ के थ्रू अगर आपकी सर की स्ट्रेटजी आप यहां पर यूज़ करते हैं तो वह एमटीएफ के थ्रू जो मुझे समझ में आया है मोमेंटम स्ट्रेटजी में एमटीएफ जो है वो बहुत काम की चीज होती है। तो सर थैंक यू सो मच फॉर कन्फर्मिंग दिस प्लीज। एमटीएफ पे एक पॉइंट मैं भी ऐड करना चाहूंगा कि लोग सोचते हैं कि एमटीएफ इज़ काइंड ऑफ़ अ रिस्की थिंग कि मैं लोन ले लूंगा और पता नहीं क्या हो जाएगा। इट्स काइंड ऑफ़ अ लोन कि धन आपको दे रहा है। देखो कोई भी बड़ा ट्रेडर बनने के लिए आपको किसी के पास इतना बड़ा फंड नहीं होता है। राइट? सबके पास वो अपोरर्चुनिटी और वो प्रिविलेज नहीं है इंडिया में अभी वी आर नॉट अ वेरी रिच इकॉनमी। तो हमें ना इस तरह के इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए। फॉर एग्जांपल हम लैंड खरीदने के लिए बैंक से लोन लेते हैं। ठीक है? एमटीएफ में जब हम जाते हैं क्योंकि एमटीएफ इज अ वेरी ब्यूटीफुल टूल फॉर द पीपल हु नो द स्ट्रेटजी फॉर द पीपल हु नो द डिसिप्लिन फॉर द पीपल हु नो द रिस्क मैनेजमेंट। हम अगर आप बिना रिस्क मैनेज किए, बिना स्ट्रेटजी के, बिना किसी एनालिसिस किए अगर एमटीएफ का यूज़ करेंगे, फॉर दैट मैटर किसी भी लोन का यूज़ करेंगे। लोन का यूज़ करेंगे तो इट्स अ डिजास्टर थिंग। जैसे लोग क्रेडिट कार्ड में करते हैं। क्रेडिट कार्ड में करते हैं। ये लोग सोचते हैं कि अरे ब्रोकर ने इंटरेस्ट के लिए ये चीज़ करी होगी। राइट? या क्रेडिट कार्ड्स आप सोचिए सर क्रेडिट कार्ड का भी अगर आप सही यूज़ करें तो इट्स अ वेरी ब्यूटीफुल थिंग। एमटीएफ इज़ अ टूल। राइट? आप इसको अपने फेवर में यूज़ करना है। राइट? तो मनी को बहुत जो आप ट्रेडिंग करते समय जो आप मनी से बहुत ज्यादा अटैच हो जाते हैं वो अगर आप थोड़ा सा डिसिप्लिन और थोड़ा सा डिटच हो के चीजों को करेंगे ना मैं तो कहता हूं आप उतना ही इन्वेस्ट कीजिए या ट्रेड कीजिए जितना रिस्क आप मैनेज कर सकते हैं। आपने ये बहुत ही बड़ी बहुत ही सही स्टेटमेंट बोली है क्योंकि मैंने भी बहुत सारी बुक्स में पढ़ा है और रियलाइज भी किया है कि अगर सचिन भी इतने बड़े क्रिकेटर हैं। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेटर आई वुड कॉल हिम। लेकिन अगर वो भी 99 के आसपास जो आउट हुए हैं उसका बहुत बड़ा कारण रहा है कि वो स्कोर कार्ड पे कभी-कभी नजर चली जाती थी उनकी। अगर स्कोर कार्ड पे नजर ही नहीं जाएगी तो उनको पता भी नहीं चलेगा कि 99 हो गए हैं और वो इतने बढ़िया प्लेयर हैं कि वो तो कितना भी मार सकते थे। लेकिन बहुत सारे प्लेयर्स को हमने 99 पे आउट होते हुए देखा है। वो प्रेशर आ जाता है और उसी तरीके से हम यहां पर अपने जो ट्रेडिंग अकाउंट है उसका प्रॉफिट लॉस जो है वो आपके साइकोलॉजी को बहुत ज्यादा इंपैक्ट करता है। मैं पर्सनली मैं जिस भी प्लेटफार्म के ऊपर अपना एक डमी ट्रेड डाल के छोड़ देता हूं। जहां पर मैं एक शेयर डाल के छोड़ देता हूं या फ्यूचर का एक लॉट डाल के छोड़ देता हूं। जबकि एक्चुअल पोजीशन उससे बड़ी हो सकती है मेरी कि मुझे वो बड़ा प्रॉफिट लॉस देखना ही नहीं है मार्केट के अंदर। सर आईडिया ये है ना कि हम एक्चुअल में किसी को चार्ट देखने में इंटरेस्ट नहीं है। राइट? किसी को किसी चीज में इंटरेस्ट नहीं है। द आईडिया इज लोगों को बस पैसे से पैसा बनाने में इंटरेस्ट है। हम लेकिन लाइफ में वही है ना कि जिन चीजों से जो चीजें मिलती है वो बोरिंग होती हैं। उसमें आपको इनवॉल्व होना पड़ता है और वो आउटपुट जो है ना उसका वो एक बाय प्रोडक्ट है। राइट? तो अगर आप मनी पे फोकस करेंगे, एम टू एम पे फोकस करेंगे तो आप प्रेशर में आ जाएंगे। क्योंकि मेरे पास ऐसे बहुत सारे पार्टिसिपेंट मेरे से सीखने आते हैं मेरे कुछ मेंटरशिप प्रोग्राम्स में। तो वो वहां पे क्या होता है कि मैंने उनसे बोला कि सर ये स्ट्रेटजी है आप फॉलो कीजिए। एग्जिट पॉइंट आया नहीं है इस स्ट्रेटजी में बीच में थोड़ा सा प्रॉफिट आया निकल गए। मैंने पूछा क्यों निकल गए? सर वो निकल गए। तो जब मैं एक दो बार और हिट करता हूं तो देन दे से कि सर वो मेरा ना एक एक्सपेंस आया हुआ था। मेरा बिल आया हुआ था। हम मेरा स्कूल की फीस मेंटल अकाउंटिंग शुरू हो जाती है। पॉइंट इज़ आप सब कुछ कर सकते हैं। अगर आप यहां सर्वाइवल के लिए आए हैं कि मुझे 500 महीने के कमाने हैं। 1 लाख महीने के कमाने हैं। 2 लाख महीने के कर सकते हैं। इनिशियली करने लगेंगे कि नहीं एक साल प्रूफ कीजिए खुद को पहले। ठीक? जैसे किसी भी फील्ड में आप प्रूफ करना पड़ता है। सेकंड आप इससे फाइनेंसियल फ्रीडम भी पा सकते हैं कि मैं पहले सैलरी मेरी का रिप्लेसमेंट मुझे मिल जाए। फाइनेंसियल फ्रीडम। थर्ड इज़ कॉल्ड रिच। स्टॉक मार्केट इज़ अ ब्यूटीफुल प्लेस जहां पे आप तीनों चीजें कर सकते हो। यू कैन सर्वाइव आल्सो। यू कैन गेट फाइनेंसियल फ्रीडम आल्सो एंड यू कैन गेट अल्ट्राव्थ आल्सो। द पॉइंट इज कि आप देख क्या रहे हो? इसी कोई स्टॉक पे किसी भी इसी सेटअप पे बहुत सारे लोग ₹000 लेके निकल जाएंगे। कोई ₹00 बनाएंगे, कोई ₹ लाख भी बनाएंगे। तो डिपेंड ऑन योर कैपिटल। डिपेंड ऑन योर लाइफ सिचुएशन आपको डिसाइड करना होता है। तो ये नहीं कि सब लोग एक जैसी ट्रेडिंग कर रहे हैं तो हमें भी वही करना है। तो स्ट्रेटजी पे मैं जब आगे बढ़ता हूं तो इसमें जो पॉइंट है वो ये है कि एग्जिट पॉइंट कहां पे करेंगे? हम तो देयर आर थ्री एग्जिट्स। पहला कि आपका 1:3 का टारगेट हो जाए। राइट? जो भी मान लो आपने यहां पे एंट्री लिया एग्जांपल लेता हूं। फॉर एग्जांपल आपने यहां पे अपनी एंट्री बनाई और ये आपका रिस्क है इतना। राइट? अब आपने जो भी इतना रिस्क लिया इसका इनू थ्री आपका टारगेट होना चाहिए। मान लो ये ₹100 का रिस्क है तो ₹300 हमारा टारगेट होगा। अगर वो आ जाए तो आप निकल जाइए। या फिर आप क्या कर सकते हो? कुछ क्वांटिटी आप उसको ट्रेल कर सकते हो कि जब मुझे यह एमएसीडी का क्रॉसओवर मिलेगा तब मैं एग्जिट करूंगा। ठीक है? या मेरा वीक क्लोज हो जाए। मान लो मंडे आपको एंट्री मिल गई फ्राइडे आ गया आपको। आपको वीकली वीकेंड का स्ट्रेस नहीं चाहिए। आप वीएंड एंजॉय करना चाहते हैं। स्टॉक्स नहीं देखना चाहते हैं तो आप मंडे को फ्राइडे इवनिंग तक क्लोज करके निकल जाए। सर मंडे को ट्रेड मिला। फ्राइडे तक एग्जिट हो गया। ये तो एक आइडियल सिनेरियो हो गया। लेकिन अब मुझे ट्रेड ही थर्सडे को मिला है और फ्राइडे तक कोई एग्जिट नहीं आ रहा उसका और एमएसीडी ने अभी तक सेल नहीं दिया। हां तो आप वेट करिए मैं कैरी कैरी करेंगे। मतलब मेरा कहने का मतलब है नॉट इट्स लाइक मंडे टू फ्राइडे इट्स कॉलिंग लाइक फाइव डेज। कोई भी हो सकते हैं। लेकिन कोशिश ये करिए मतलब मैं अपने जो मेरा एक फोकस उनके लिए है जो जॉब प्रोफेशनल्स हैं जो बिजी रहते हैं उनके लिए ज्यादा जो फुल टाइम ट्रेडर हैं वो तो सब कुछ देख रहे हैं मार्केट में जो प्रोफेशनल्स हैं लेकिन जो रिटेल ट्रेडर है जो जॉब जाते हैं ऑफिस जाते हैं डॉक्टर्स हैं व्हाटएवर प्रोफाइल्स तो वो अगर कोशिश करें तो फ्राइ थर्सडे फ्राइडे में वो एक पोजीशन बना लें मार्केट में हम और जिसको वो अगले फ्राइडे तक या यू कैन से फ्राइडे रिसर्च कर लें फ्राइडे सैटरडे में रिसर्च कर लें और मंडे मॉर्निंग में वो पोजीशन बना ले मार्केट अच्छा और उस पोजीशन को एटलीस्ट फाइव डेज का मैच्योर होने का टाइम दें और डरना नहीं है। अब डर कहां से आता है कि जब हम अपने रिस्क को काउंटर करके आगे निकल जाते हैं। हमारी अलाउंस है ₹5 लाख की और हम उस पे एमटीएफ ले के ₹20 लाख की ट्रेडिंग कर रहे हैं। या तो कन्विक्शन हो के ये जाएगा। बिना सेटअप के कर रहे हैं। हनशि को इग्नोर कर दिया। कुछ लोग क्या करते हैं? मैंने किसी को स्ट्रेटजी बताई उन्होंने हक एंड ऐश ही हटा दिया पीछे से। वो सीधा सर ने सर ये दिस इज़ वेरी गुड। इसी को बाय सेल करते रहेंगे। मैथ्स नहीं बनेगी। आप करके देख लीजिए। आप अगर बैंड को केवल फॉलो करेंगे कि हां बस ग्रीन, शॉर्ट, रेड ऐसे नहीं होगा। सिंगल टाइम फ्रेम से नहीं होगा। जो प्रोफेशनल्स हैं वो मल्टी टाइम फ्रेम्स यूज़ करते हैं। राइट? तो ये एक एग्जांपल बहुत अच्छा हो सकता है कि यहां पे हम एक ट्रेड करेंगे। एक अ फ्लैट मार्केट का एग्जांपल ले लेते हैं। राइट? जो आपका मोस्टली ट्रेडर्स का फेवरेट होता है कि सर मैं एक फेल एंट्री देखते हैं। ये वाली। ठीक है? दिस इज़ अ फेल एंट्री। राइट? यहां पे हमें एक क्रॉसओवर आया। हमने यहां पे एंट्री बनाई। ठीक है? दिस इज़ वेडनेसडे। हमने लेकिन पहले हमें ये देखना पड़ेगा कि इस समय वीकली चार्ट पे हनशि में बुलिश चल रहा है या नहीं चल रहा। इसका ये यहां पे बुलिश चल रहा है। ठीक है? तो यहां पे हमने एक ये जब इसने ग्रीन लाइन ने इसको कट किया तो मैंने यहां पे एंट्री बनाई। मैं एक्सपेक्ट कर रहा था कि ये आगे जाएगा। हम यहां से टर्न हो गया। तो मेरा ये इतना स्टॉप लॉस ये जो लो था यहां पे कहीं पे मैंने स्टॉप लॉस लगाया था। ये मेरा यहां पे दूसरे तीसरे दिन एग्जिट हो तो सर यह वाला जो हमारा एरिया है यह हकन राशि में वीकली चार्ट पे ग्रीन है। राइट? वो आपने चेक कर लिया। अब मैंने यहां पर बाय किया। अब आप कह रहे हैं जो नीचे वाला जो आपका स्टॉप लॉस है वो स्टॉप लॉस रहेगा। जो आपका 25थ या 26 के आसपास का जो लो लगा था मेरा राइट राइट ये वाला। राइट ये वाला। अब इसका लो कटने पर कटते ही एग्जिट कर दें। सस्टेन करने का वेट करें या कैंडल क्लोज करने का? कैंडल क्लोज होने का। कैंडल क्लोज होने का वेट करें। नहीं तो कई बार वीक में आकर के वो वापस ले जाता है और कैंडल क्लोज नहीं होती है। तो ऑलदो अपना-अपना चॉइस हो सकता है। बट मैं क्लोजिंग बेसिस पे फोकस करता हूं। अब यहां जो लॉस आएगा ना देखो ये अभी हमने यहां पे प्रॉफिट लिया। ठीक है? ये वाला अभी हम लोगों ने पीछे एक ट्रेड डिस्कस किया था जो प्रॉफिट आया था। ये वाला ट्रेड हमने लॉस में किया। अभी मैं इसी तरीके से चेक करता जाऊंगा। तो कुछ प्रॉफिट कुछ लॉस कुछ प्रॉफिट आते जाएंगे। हम स्टॉप लॉस एक वर्ड होता है जिसको लोग बोलते हैं उसको मैं यूज़ बोलता हूं सॉफ्ट लॉस। एसएल मतलब अगर आप उसको सॉफ्टली नहीं लिए क्योंकि वर्ड्स क्रिएट योर वर्ड शब्द आपका संसार बनाते हैं। राइट? जैसा हम बोलेंगे अपने माइंड में मान लो हमने अपने माइंड में बोला कि लॉस लग गया लॉस लग गया। तो आप ये मान के चलना आपको इसी इसी सिस्टम पे लॉसेस वाले ट्रेड ज्यादा दिखने लगेंगे और आप लॉस करने लगेंगे। हम राइट? इट इज़ लाइक कि मैं सबसे पूछता हूं कि इट इज़ वेरी फेवरेट एग्जांपल ऑफ माय सेशंस कि ताजमहल कितनी बार बना? तो अगर मैं आपसे पूछूं तो मोस्ट मे बी आपको आंसर पता हो तो मोस्टली लोग आंसर देते हैं कि एक बार एक बार एक बार बना लेकिन एक्चुअली वो तीन बार बना एक बार बना हमारे माइंड में एक बार बना पेपर पे और एक बार बना रियलिटी पे रियलिटी उसी तरह से जब हम ट्रेडिंग में जाते हैं तो सबसे हमें मेंटल प्रिपरेशन करनी है कि ये जो स्ट्रेटजी है मेंटली कन्विंसिंग लगनी चाहिए। पहली चीज तो माइंड में क्लियर हो जाना चाहिए कि हां ये वर्क करेगी। फिर हम उसको पेपर पे लिखेंगे। क्योंकि कोई भी चीज जिसमें हम सीरियस होते हैं, वहां पर हम पेपर और पेन का यूज करते हैं। राइट? अगर आप जस्ट डिस्कशन कर रहे हैं और इस पॉडकास्ट को एंटरटेनमेंट के लिए देख रहे हैं, तो इट इज़ नॉट यूज़फुल। क्योंकि मैं ऐसा बिलीव कर रहा हूं कि यहां पे जो ऑडियंस है वो बहुत सीरियस है। राइट? और अगर वो पेपर पेन को लिखेगी, प्रॉपर लिखेगी, तो माइंड आपका ना कन्विंस हो जाएगा और आपकी प्रैक्टिस में आ जाएगा कि हां ये रूल्स हैं। जो मैंने रूल्स बताए हैं उनको आप स्टेप बाय स्टेप लिखिए। हम उसके बाद उन रूल्स को आपको बाईपास नहीं करना है। यह नहीं कि आप मेरे रूल्स भी फॉलो कर रहे हैं। 10 रूल और फॉलो कर रहे हैं। तो वो मेरा कहना ये रहेगा इसके अंदर विद योर परमिशन कि आप 10 रूल और फॉलो कीजिए। लेकिन आपके रूल के साथ वो 10 रूल ऐड करके बैक टेस्टिंग कर लीजिए पहले। कॉम्प्लीमेंट करना चाहिए। कहने का मतलब है कि मतलब मैं मोमेंटम स्ट्रेटजी बता रहा हूं। आप काउंटर टू ट्रेंड देख रहे हैं। राइट राइट। आप इंडिकेटर्स एडवांटेजेस लीजिए अपना जो कि देखिए अभी बहुत सारा इनफार्मेशन है लोगों के पास व्हिच इज गुड। लेकिन वो एक तरह का बैगेज भी हो गया है। हम वो उनको ब्लॉक कर रहा है। इंफॉर्मेशन ओवरलोड हो गई। ओवरलोड हो गई है। तो मैं ये चाहता हूं कि आप आपको देखिए जहां पे भी जिनको लॉस आ रहा है ना मैं उनके लिए एक बात बोलना चाहता हूं कि अगर आपको लॉस आ रहा है दैट मींस आप प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। क्योंकि यू नो कि कोई भी ट्रेडर ऐसा नहीं है जिसको सारे ट्रेड लॉस के आए हैं। आपको करना क्या है मालूम है? बहुत छोटी सी ट्रिक होती है। जो प्रॉफिटेबल ट्रेड्स हैं जितने भी आप आपने 100 ट्रेड करे उसमें से 10 प्रॉफिट आए। मान लीजिए आप का सक्सेस रेट बहुत खराब है। वो 10 ट्रेड पे आप ढूंढिए कि क्या सिचुएशन थी चार्ट पे और उन 10 ट्रेड की प्रैक्टिस कर लीजिए लाइक अ ब्रूसली हम 10,000 टाइम्स ढूंढ लीजिए चार्ट पे वो स्पॉट्स कि जब वो प्रॉफिट आया था तो चार्ट पे क्या सिचुएशन बनी थी। अब अगर बस वही अगर आप फॉलो करते चले जाएंगे सक्सेस रेट इंप्रूव हो जाएगा। राइट सर एक सेल का ट्रेड देखें आप? हां प्लीज। तो जैसे यहीं पर 31 जुलाई को हमारा रेड कैंडल बनी थी। राइट? तो अगली कैंडल पे सेल करना है। करेक्ट। अब ये 31 जुलाई को हमारी रेड कैंडल बन गई। अब मुझे नहीं पता था प्रीवियस अब ये रेड यहां पे आने वाली है। फॉर एग्जांपल हम जो ओपन हुआ है हमारा सेवंथ अगस्त का वो डाउन साइड पे है। तो मैं शॉर्ट का ट्रेड ढूंढ रहा हूं। ठीक है? तो सेवंथ अगस्त को मैं जब गया तो मेरे को यहां पे ना यहां पे कुछ कैंडल मिल रही है। राइट? यहां पे कोई सिग्नल नहीं है। हम तो कुछ लोग क्या करते हैं? जंप कर जाते हैं। तो देयर आर टू थिंग्स। देयर इज़ वन इज़ इंडिकेशन एंड सेकंड इज़ कंफर्मेशन। तो हम इंडिकेशन पे ट्रेड नहीं करेंगे कि बस अच्छा रेड कैंडल वीकली की मिल गई। चलो फोमो में आके एंट्री कर गए। अब मान लो अगर आप यहां पे फोमो में आके एंट्री कर गए हम और यहां पे ऊपर चला गया तो आप लॉस कर बैठेंगे हम और अच्छा खासा जो ट्रेड मोमेंटम में आने वाला था वो आपका वेस्ट हो जाएगा। करेक्ट। अब आप कहां पे ट्रेड करेंगे? जब इसने इस डाउन साइड को कट किया यहां पे। राइट? अब आप बोलेंगे सर ये तो यहां से नीचे आया और इसने वापस ऊपर चला गया। तो अगर आप ध्यान से इसको क्लोजली देखेंगे ना तो इसने हाई के ऊपर क्लोजिंग नहीं दी है। हम इस वाले जो ये हमारा स्टॉप लॉस था क्योंकि ऑलवेज जब भी हम स्टॉप लॉस लेंगे तो थोड़ा तो बफर लेंगे ही। तो वहां से थोड़ा अगर हम ऊपर क्लोजिंग बेसिस देखेंगे तो ये कैंडल ने क्लोज नहीं किया। दूसरा इंपॉर्टेंट पॉइंट अगर आप सिग्नल एमए धन को देख रहे हैं तो वह अभी भी रेड है। हम सेकंड थर्डेंट पॉइंट अभी भी जो कैंडल का मोस्टली बॉडी है या मोस्टली सिचुएशन है वो दो बैंड के अंदर चल रहा है। हम दिस इज़ जस्ट अ मैनपुलेशन कि आपने शॉर्ट किया प्राइस स्टॉप लॉस गया और फिर मार्केट में मोमेंटम आ गया और आगे चलके आपका यहां पे टारगेट हो गया। सर, यहां पर मेरा एक क्वेश्चन है कि जैसे यह जो ऊपर मार्केट गई, जनरली मैंने नोटिस किया है मेरे ट्रेड्स के अंदर, यह या तो सुबह 9:15 होता है, या दोपहर को बजे वाली कैंडल पे होता है। 9:15 बजे वाला तो मैं मैनेज कर लेता हूं। अगर यह बजे के आसपास होता है, तो एक डर है जो मैं शाम के लिए कैरी करके जा रहा हूं कि शाम होते-होते प्राइसेस में पुलबैक आ गया है। अब यह नेक्स्ट डे गैप अप खुलेगा। तो इस वजह से भी तो हम डर के एग्जिट कर सकते हैं। देखिए डर ना हो अगर हम जाएं अपने स्पिरिचुअलिटी में तो वहां पे लिखा है ज्ञान से भय का नाश होता है। राइट? तो नॉलेज किल्स फेयर। आईडिया बस ये है कि आपने एक रूल क्यों बनाया है? रूल इसीलिए तो बनाया था ताकि हमें डर ना लगे। हम अगर आप अभी भी डर रहे हैं कि सर वो 3 की कैंडल में स्पाइक आ जाएगी। ऐसा ना हो ये मोमेंट। जो होगा वो आप रोक नहीं पाएंगे। हम करेक्ट? दैट इज व्हाई वी आर क्रिएटिंग द रूल्स। हम उस रूल्स की प्रोबेबिलिटी 70% होनी चाहिए। 90% मिलेगा नहीं और 40% पे 30% पे अगर रिस्क रिवॉर्ड अच्छा नहीं है तो आप नहीं बना पाएंगे। तो स्वीट स्पॉट इज़ 60 टू 70% अगर आप 70% तक अपनी एक्यूरेसी ला पाते हैं तो आपको डरने की जरूरत नहीं है यहां पे क्योंकि वो रूल का पार्ट है आपके। हम्म। मान लीजिए मेरे रूल का पार्ट है कि मुझे लॉस तो होगा। मतलब इन द सेंस ऑफ लॉस को हम कॉस्ट बोलते हैं कि जब भी हम कोई बिजनेस करते हैं या कोई भी छोटा सा वेंचर स्टार्ट करते हैं तो या वहां पे एक फिक्स्ड कॉस्ट होती है कि रेंट आएगा ये होगा और प्लस हमारा बिनेस के कुछ परचेजेस एंड सेल्स के डिफरेंस होता है। एक्चुअली लॉस नाइन में कोई चीज होती नहीं है। इट्स मैटर ऑफ कि हमारा कॉस्ट मैनेज नहीं हो पाया। हम 5 लाख का हमारा फिक्स्ड एक्सपेंस हुआ और हमारी ₹15 लाख की सेल हो गई किसी बिनेस में तो ₹1 लाख का प्रॉफिट है। अब वो ₹5 लाख आपको लॉस नहीं दिखेगा हम साइकोलॉजिकली। लेकिन अगर वो ₹5 लाख आपने लगाया बिजनेस को करने के लिए और उसमें आपको ₹ लाख की सेल आई तो अल्टीमेटली आप 3 लाख के लॉस पे हैं। हम तो मैं वही कह रहा हूं आपका ध्यान लॉस से ज्यादा हाई प्रॉफिट पोटेंशियल ट्रेड्स पे होना चाहिए। सर आपको क्या लगता है कि एक बिगिनर अगर इस स्ट्रेटजी को फॉलो करेगा तो क्या मिस्टेक कर सकता है इसके अंदर वो? सर बिगिनर बहुत सारी मिस्टेक्स कर सकता है। सबसे पहली चीज जो मैं आपको दिखाना चाहता हूं हम लोग चार्ट पे वापस आएंगे। हमारी ऑडियंस देख सकती है स्क्रीन के ऊपर। ये बहुतेंट पॉइंट है। मैं पांच मिनट लूंगा कवर करने के लिए। जंगल का एक लायन होता है और एक सर्कस का लायन होता है। राइट? दोनों लायन है। तो एज अ ह्यूमन बीइंग हमारे अंदर ना दो पर्सनालिटीज होती हैं। एक बहुत एग्रेसिव होती है और एक हम जो दुनिया कहती है वो करते रहते हैं। हम तो स्विंग ट्रेडिंग से ये कनेक्ट कैसे है? क्योंकि ये पॉइंट यहां पे मैंने क्यों यूज़ किया? क्योंकि बहुत सारे लोग अपनी जॉब में खुश नहीं है। हम बहुत सारे लोग अपनी जॉब छोड़ना चाहते हैं। और उनको स्टॉक मार्केट एक ना बड़ा ही ल्यूक्रेटिव ऑप्शन। ल्यूक्रेटिव एंड बड़ा ही ग्लैमरस चीजें दिखती हैं कि बहुत पैसे बनाते होंगे। ऑब्वियसली बनाते हैं लोग। लेकिन एकदम से इंपल्स में आके अगर आप ये चीजें जॉब छोड़ देंगे या आप कोई ऐसा डिसीजन ले लेंगे जिससे आपकी फैमिली एड्रेस आ जाएगी। क्योंकि एज अ ह्यूमन एज अ मेल मुझे मेल डोमिनेंस ट्रेडिंग है। फीमेल डोमिनेंस भी आ गया है। बढ़ गया है। मतलब मेल डोमिनेंस थोड़ा फाइनेंसियल रिस्पांसिबिलिटीज मेल के ऊपर ज्यादा रहती है। तो कई बार हम फ्रस्ट्रेशन में आकर के स्विंग ट्रेडिंग स्टार्ट कर देते हैं। हम फ्रस्ट्रेशन में नहीं स्टार्ट करना। स्विंग ट्रेडिंग को नहीं पता है कि आपकी लाइफ के सरकमस्टेंसेस क्या हैं। मार्केट को नहीं पता है आपकी लाइफ के सरकमस्ट्ससेस क्या हैं। आपके ऊपर कितना लोन है। आपके ऊपर क्या-क्या प्रॉब्लम्स चल रही हैं। क्योंकि देयर इज अ ब्राइट साइड। सब लोग बात करते हैं कि दे आर मेकिंग मनी लाइक ऑफ। लेकिन हमारी लाइफ में भी बहुत सारी प्रॉब्लम्स रहती हैं। राइट? ऐसा नहीं कि वी आर जस्ट मेकिंग एवरीथिंग ईजी ईजी। है ना? देयर आर अ लॉट ऑफ़ रियलिटीज ऑफ आल्सो। तो पॉइंट मेरा यह है कि देयर आर लॉट ऑफ पीपल जो मैंने भी अपनी लाइफ में किया था कि गॉड हैज़ गिवेन अस 24 आवर्स जिसमें से अगर रियल में किसी को आगे बढ़ना है तो 24 आवर्स आपके पास होते हैं तो उसमें से कम से कम 16 घंटे आपको काम करना चाहिए 8 आवर्स यू हैव टू गिव टू योर जॉब और अगर 16 नहीं कर सकते हैं तो 12 से 14 घंटे तो काम करना ही चाहिए और चारप घंटे आपको अपने जंगल के लाइन को जिंदा रखने के लिए करना चाहिए क्योंकि दिन भर 9:00 बजे से लेकर शाम के 6:00 बजे तक हम जॉब में वो करते हैं जो हमारा बॉस कहता हम लेकिन एवरीबडी वांट्स टू बिकम देयर ओन बॉस कि यार ट्रेडिंग करेंगे अपना ऑफिस होगा अपना इनकम होगा बट उसके लिए बहुत डिसिप्लिन रखना पड़ता है इट इज़ नॉट वेरी इजी क्योंकि आपको पता है एज अ ट्रेडर दिस इज़ अ वेरी लोनली प्रोफेशन करेक्ट कोई नहीं होता आपके पास यस यू आर विद योर लैपटॉप एंड व्हाट इज रनिंग इन योर माइंड यू यू ओनली नो दिस और बाहर के लोग सोचते हैं पता नहीं क्या कर रहे हैं ये राइट तो फर्स्ट थिंग इज यू आर द बॉस वहां पे आप वर्क फॉर द अदर्स व्हिच इज गुड डोंट थिंक कि जॉब गड़बड़ है। बहुत से लोग बोलते हैं कि जॉब नहीं करनी चाहिए। जॉब खराब होती है। क्या आपको वहां पर लिवरेज नहीं मिलेगी? आप किसी भी रिच पर्सन को उठाइए। किसी भी वेल्थी पर्सन को उठाइए। उसने कहीं ना कहीं पहले जॉब से शुरू किया था। साथ में उसने अपनी ट्रेडिंग को या बिनेस को बिल्ड किया। तो ट्रेडिंग जब हम स्विंग ट्रेडिंग की बात करते हैं तो ये इतना अच्छा अपॉर्चुनिटी है। आप इंट्राडे फुल स्क्रीन नहीं देखना है। फ्राइडे सैटरडे में बैठकर के आप वीकेंड्स पे काम कर रहे हैं और मंडे को पोजीशन ले रहे हैं। तो आप शाम को 2 घंटा रिसर्च कीजिए ना मार्केट के बारे में। चार्ट्स देखिए सेटअप्स बनाइए। स्ट्रेटजीज़ डेवलप कीजिए। लेकिन सर मैंने ये नोटिस किया है कि जब आपका दिन में लॉस होता है तो शाम को आपको ये सारी रिसर्च करने का भी मन नहीं करता है। अगर वो लॉस आपकी एक्सपेक्टेशन से ज्यादा था या अनएक्सेक्टेड लॉस हो गया या दो-तीन लॉसेस की एक स्ट्रीक हो जाती है। ऐसे केस में आप अपनी रिसर्च पे आपका कॉन्फिडेंस लूस हो जाता है। आप स्ट्रीक ऑफ लॉसेस को कैसे मैनेज करते हो? वेरी गुड। लॉस एंड प्रॉफिट इट्स अ गिमिक फॉर मी। मतलब लॉस प्रॉफिट सब यहां पे यही देखते रहते हैं कि अच्छा आज हमें 1 लाख का नुकसान हो गया, 2 लाख का प्रॉफिट हो गया। यह चलता रहता है। बट रियल थिंग इज़ दिस एज कि हमारी एज क्या बन रही है? राइट? कि मतलब हम मार्केट में ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम क्या करने आए हैं? एक दिन का लॉस या एक दिन का प्रॉफिट आपको डिफाइन नहीं करेगा। मान लो आज मैं 5 लाख का प्रॉफिट कर लूं। इज इट गारंटीड कि मैं कल 5 लाख का लॉस नहीं करूंगा। नो गारंटी। नो गारंटी। वो व्हिच थिंग्स मेक गारंटी? क्या गारंटी करेगा? व्हिच इज योर सेटअप एंड योर ओवरऑल टेस्टिंग्स। दैट इज व्हाई आई से कि रिसर्च इसलिए नहीं करना है कि आप प्रॉफिटेबल हो जाओ या रिसर्च इसलिए नहीं करना है कि लॉस हो जाएगा या व्हाटएवर कोई भी इस तरह की चीजें। द पॉइंट इज रिसर्च हमें इसलिए करना है ताकि हम एक एक्टिव ब्रेन की तरह रहें और अब जब आप रिसर्च करते हो ना तो आपको बहुत सारे इंसाइट्स मिलते हैं कि यार यहां पे अगर हम ये ट्वीक कर देते या यहां पे थोड़ा सा ये कर देते तो आप अपना ना एक पॉइंट्स बना सकते हो जो आपको लगता है कि वर्क कर सकता है। अब आपने क्वेश्चन पूछा कि सुबह लॉस हुआ है तो शाम को रिसर्च करने का मन नहीं करता। तो मैं यहां पर तीन चीजें बताता हूं आपको। थ्री पॉइंट्स। एक होता है कि मैं वो काम करूं जो मुझे पसंद है। राइट? सबको प्रॉफिट पसंद है। एक वो काम होता है कि यार मैं वो करता हूं जो यू कैन से मुझे नहीं पता मैं क्या करता हूं। लेकिन मुझे प्रॉफिट आ जाता है व्हाटएवर। है ना? आई डोंट लाइक व्हाट आई डू। सेकंड थिंग। थर्ड इज़ आपको वो करना है जिसकी जरूरत है। रिसर्च करना कोई लग्जरी नहीं है। इट्स अ नेसेसिटी ऑफ़ दिस बिज़नेस। राइट? आप यह नहीं रिसर्च करना कोई यह नहीं है कि आप कोई रिसर्च कर रहे हो और किसी को शो ऑफ कर रहे हो कि लाइक आप ट्रेडिंग मार्केट में हो एनालिस्ट हो या व्हाटएवर आपकी जरूरत है ये और आप जिस चीज को बार-बार देखते रहते हैं देखतेदेखते वो आपकी लाइफ में आ जाती है आज नहीं तो कल आ जाती है। दिस इज अ फ़िनोमिना। आप नोटिस कीजिए कि इट्स अ हैबिट फॉर्मिंग टाइप ऑफ़ थिंग। अगेन एक स्पिरिचुअल लाइन है कि यथा दृष्टि तथा सृष्टि जैसा हम देखेंगे वैसा हम बनेंगे। तो अगर आप दिन भर चार्ट्स देख रहे हैं या आफ्टरनून में चार्ट देखते जा रहे हैं, देखते जा रहे हैं, देखते जा रहे हैं। आपको कुछ समझ में नहीं आ रहा है। आप देखते रहिए, देखते रहिए, इंडिकेटर्स ट्राई करते रहिए, स्ट्रेटजी बनाते रहिए। एक दिन ऐसा आएगा कि आप अपना टेंपलेट फाइनल कर लेंगे। अब आपका मन नहीं करता है तो मन तो सर हमारा सुबह जॉगिंग करने का भी नहीं होता है। मन तो हमारा हेल्दी खाने का भी नहीं होता है। मन तो हमारा बहुत कुछ कहता है। तो मन के वजह में नहीं आएंगे। तो वो करें जो जरूरी है और रिसर्च जो है वो जरूरी है। रिसर्च भी जरूरी है और जो करना है बोरिंग इज रिच। हम बोरिंग इज रिच। जिन चीजों में बोर्डम है उसी में पैसा है। आप अगर हम 6 घंटे मार्केट के निकाल दें और आई थिंक 6 से 8 घंटे के आसपास का स्लीप का टाइम निकाल लेते हैं। तो ये 12 घंटे हमारे निकल गए या फिर 14 घंटे निकल गए हमारे। बाकी बचे अप्रोक्सिममेटली 10 घंटे के आसपास। इसमें से कितना टाइम आप रिसर्च को देते हैं? मार्केट में एटलीस्ट 2 घंटे आपको रिसर्च करना चाहिए रोज। एक से दो घंटा। अच्छा। मतलब जो आप स्ट्रेटजी फॉलो कर रहे हैं ना उसको देखते रहिए। एक से 2 घंटा आप अभी की बात कर रहे हैं या जब स्टार्टिंग में रिसर्च करते थे। मेरा तो करियर पूरा ही स्टॉक मार्केट पे डिपेंड है। राइट? मैं उनकी बात कर रहा हूं जो किसी और प्रोफेशन में है। अगर आप फुल टाइम ट्रेडर हैं तो मतलब फिर तो आप देयर इज़ नो अदर ऑप्शन। आपको शाम को रिसर्च ही करनी है। मतलब यू आर इन लव विथ द मार्केट्स। वो तो अलग ही चीज़ है। बट व्हेन यू आर लाइक आपकी लाइफ अलाउ नहीं कर रही। वैसे बहुत सारे ट्रेडर्स के मेरे पास फोन आते हैं कि सर मैं करना तो चाहता हूं। मुझे भी बहुत पैशन है। लेकिन बिकॉज़ ऑफ़ लाइफ एक्सपेंसेस एंड थिंग्स मैं कर नहीं पा रहा हूं। तो मैं वहां पर उनको बोलता हूं कि हमें ना अपने सर्कस के लाइन की जिंदगी जो है चलते रहने दो। प्लीज डोंट लीव द जॉब। क्योंकि स्टॉक मार्केट में आप अभी-अभी आए हैं। हम इसका मतलब ये नहीं कि आप कल प्रॉफिटेबल हो जाओगे। ये स्ट्रेटजी अगर आप ये सोच रहे हो कि आज मैं सर से सीख लूंगा इस पॉडकास्ट के थ्रू या मास्टर क्लास के थ्रू और कल से बस सॉल्व हो गया प्रॉब्लम। आपको जाना है इसको पहले बैक टेस्ट करना है देखना है फ्यूचर में जो भी आपका मतलब यू कैन से फॉरवर्ड टेस्टिंग करनी है डाटा मेंटेन करना है अकाउंटिंग करनी है प्रॉपर कि हमने ट्रेड लिया होता तो क्या होता एक बार विजुअली क्लियर होता कि मुझे ये दिख रहा है कि ये हो रहा है जैसे एक टाइगर वुड्स का एक एग्जांपल लेता हूं मैं उनका कहीं पे मैंने आर्टिकल पढ़ा था ही सेड कि मैं गोल पोस्ट जो उनका गेम था वो देखते थे कि ये मैं अगर यहां पे खड़ा हूं ए पॉइंट पे और बी पॉइंट तक मुझे हिट करना है। तो मैं तब तक शॉट हिट नहीं करता जब तक मेरे माइंड में वो मूवी नहीं बन जाती है मूविंग में कि ये उसमें जा रहा है। मतलब आपको 4 घंटे प्रिपरेशन करनी है। एक घंटा एग्जीक्यूशन करना है। हम और लोग 4 घंटा ट्रेडिंग करते हैं और आधे घंटे भी प्रिपरेशन नहीं करते। राइट? दिस इज द रीज़न ऑफ़ लॉसेस। तो आप मैंने यहां पे दोनों चीजें बताई। इसका मतलब ये नहीं है कि जंगल का लयन बहुत वाइब्रेंट है। देखो जब आप स्टॉक मार्केट में आते हो ना देयर इज़ अ कंसिस्टेंट स्ट्रगल हम कि आप अगर जंगल के लयन को देखो तो फिक्स सैलरी नहीं है। हम फिक्स फूड नहीं है लेकिन सर्कस के लयन को पता होता है कि मेरे को इतने बजे खाना मिल जाएगा। इतने बजे पानी मिल जाएगा। राइट? लेकिन जंगल का लयन जंगल का शेर है। राइट? और हम सब जंगल का शेर बनना चाहते हैं। बाय डिफॉल्ट वी आर वेरी स्ट्रांग। बटकि बिकॉज़ ऑफ़ लाइफ एंड रिक्वायरमेंट लाइफ रिक्वायरमेंट तो हम थोड़ा सा बंद जाते हैं। कॉम्प्रोमाइज कर लेते हैं व्हिच इज गुड आई से कॉम्प्रोमाइज अगर आप नहीं करेंगे तो क्या आप अपनी लाइफ या अपने फैमिली की लाइफ रिस्क पे डाल देंगे हम व्हिच इज मतलब आई डोंट थिंक सो ऐसा नहीं करना चाहिए मोटिवेशन में लाइफ नहीं चलती है विज़डम से लाइफ चलती है तो आप पहले अपने सर्कस के लायन को जिंदगी चलते रहने दीजिए जो भी लाइफ की रिक्वायरमेंट्स हैं उनको पूरा हां कुछ एडेड चीजें करते हैं आप जैसे वीकेंड पे पार्टी जरूर करनी है है ना वीकेंड पे ट्रैवल जरूर करना ये सब अगर आप कम कर दें कुछ सालों के लिए एक साल के लिए रिसर्च पे ध्यान दें। अपनी वर्किंग को प्रॉपर्ली करें। स्ट्रेटजी टेस्टिंग करें तो आप बहुत सारे अपने फॉर्मेट्स भी बना सकते हैं। दिस इज माय ट्रू टोटल बिलीफ। और धन का जो प्लेटफार्म है ये इतने तरीके से आपकी हेल्प कर सकता है। मतलब आई एम नॉट प्रमोटिंग धन ओवर हियर। मतलब मैं दिल से धन को यूज़ करता हूं। क्योंकि बिफोर टू दैट आई वाज़ यूजिंग अदर ब्रोकर्स आल्सो। बट जब से धन आया है तो आई फील समथिंग कि ये ट्रूली ना ट्रेडर्स की हेल्प करना चाहते हैं। इंटेंट है। दैट इज व्हाई है ना? दैट इज व्हाई मेड फॉर ट्रेड। हम मेड फॉर मतलब दे आर हैविंग द इंटेंट। मतलब एक होता है कि जस्ट फॉर द सेक ऑफ हम कर रहे हैं। लेकिन नहीं दे मैं आपकी बात से बिल्कुल एग्री करता हूं। मैंने अभी हमारा ये मास्टर क्लास शुरू होने से जस्ट 2 मिनट पहले जो धन के प्रोडक्ट के पर्सन मेरे साथ टच में रहते हैं। मैंने उनको थैंक्स का मैसेज लिखा था। क्योंकि मैंने जब अभी हम धन डेक्स 33 पे आप जब प्लेटफार्म पे आज डिस्कस करने वाले थे तो मैंने जब डेक्स 33 ओपन किया तो अभी कल ही धन ने एक नया प्रोडक्ट ल्च किया एक नया टूल ल्च किया व्हिच इज आरआरजी रिलेटिव रोटेशन ग्राफ और वो मैंने जब हमारे धन के प्लेटफार्म पे देखा क्योंकि मैं अभी तक उसकी पेड सर्विज ले रहा था कहीं से और मैं पिछले 15 साल से आरआरजी यूज़ किया 10-12 साल से आरआरजी यूज़ कर रहा हूं सेक्टर रोटेशन के लिए हां सेक्टर रोटेशन के लिए तो क्वाड्रेंट का्सप्ट यस यस यस मैं सीएमटी के करिकुलम में मैंने पढ़ा था और मैं तब से बहुत बड़ा फैन हूं उसका तो मैंने ये पडकास्ट शुरू होने से जस्ट पहले मैंने उनको को मैसेज किया कि बिग थैंक्स टू यू फॉर दिस। तो जेन्युइनली वो बहुत सारी ऐसी चीजें बनाते रहते हैं। इनोवेटिव इंडस्ट्री फर्स्ट फीचर्स जो है वो लाते रहते हैं। देयर दे नो डाउट अबाउट दिस। जो मतलब मैं तो आप भी बहुत पुराने हो मार्केट में मैं भी बहुत पुराना हूं। तो उस टाइम पे ना इंटेंशन ऑफ़ द ब्रोकर इज टू जू जू जू जू जू जू जू जू जू जस्ट टू मेक द ब्रोकरेज। यस यस। है ना कि उस समय परसेंटेज में ब्रोकरेज चलता था। मतलब दिस इज़ नॉट द पार्ट ऑफ़ दिस पॉडकास्ट बट वी आर डिस्कसिंग इट। बिकॉज़ फॉर द सेक ऑफ कि ऑडियंस को ये समझ में आए कि दिस इज़ नॉट जस्ट अ प्रमोटिंग द थिंग्स। वी आर जेनुइनली ट्राइंग टू हेल्प ट्रेडर्स इन द मल्टीपल कॉन्टेक्स्ट। अब ब्रोकरेज नहीं लेंगे तो फिर पूरा ये सिस्टम चलेगा कैसे? कोलैप्स हो जाएगा। है ना? और दूसरी मुझे याद है आपको भी याद होगा आपने सॉरी टू इंटरप्ट यू। आपको भी याद होगा कि मेरे ख्याल से आप भी ऐसे ही करते होंगे। शाम को 6:15 बजे एनएससी की वेबसाइट से डाटा डाउनलोड करते होंगे। भाव कॉपी डाउनलोड करते होंगे। तब तो ट्रेडिंग व्यू भी नहीं था। आप तो धन के प्लेटफार्म पे ही पूरा ट्रेडिंग व्यू सिस्टम आप एक्सेस कर सकते हैं। तो ये सारी चीजें जो है वो सर बहुत अमेजिंग चीजें कर दी है धन ने और बहुत मतलब ट्रूली मतलब आई एम अ फैन फैन बिग फैन ऑप्शन ट्रेडिंग वाला जो प्लेटफार्म है सेलिंग वगैरह भी मैं करता रहता हूं तो अमेजिंग मतलब जो चीजें बहुत पेड है ना मतलब मैं तो सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से आ रहा हूं मैंने देखा है मतलब एक अच्छा चार्टिंग और मूविंग एवरेज भी अगर ड्रॉट करना है तो ₹00 पे करने लगते थे राइट राइट राइट सर यहां पर वापस अपने टॉपिक पे अगर हम आए कुछ कुछ एक क्वेश्चंस और हैं आप लूजिंग स्ट्रीक को कैसे मैनेज करते हैं क्योंकि आई एम वेरी श्योर जो आपका सिस्टम है मैंने देखा और मुझे जितनी बहुत सिस्टम की समझ है साइडवेज मार्केट होगी तो हमारे लॉसेस छोटे होंगे इसमें कोई डाउट नहीं है लेकिन लॉसेस फिर भी दो तीन चार लगातार हो सकते हैं बिल्कुल हो सकता है ऐसे फज़ को आप कैसे हैंडल करते हैं रिस्क मैनेजमेंट सबसे पहली चीज़ है कि जो भी कैपिटल हम डिप्लॉय कर रहे हैं मान लेते हैं हम ₹1 लाख का प्रोडक्ट खरीदने जा रहे हैं कोई भी स्टॉक खरीदने जा रहे हैं तो एटलीस्ट मेरे पास ₹3 लाख का कैपिटल होना चाहिए मतलब ₹1 लाख हम इन्वेस्ट करें मतलब ये मेरा तरीका है दिस इज़ नॉट अ फाइनेंसियल एडवाइस कि ₹ लाख में से मैं ₹1 लाख इन्वेस्ट करूंगा 2 लाख क्यों क्यों रखेंगे रिस्क मैनेज करने के लिए और मेरा रिस्क पर ट्रेड जो होगा दैट इज़ ओनली वन टू 2% मतलब मैं अगर मेरे पास 3 लाख का कैपिटल है तो मैं दो ₹6000 से ज्यादा का पर्टिकुलर एक ट्रेड में रिस्क नहीं लूंगा। ठीक है? इससे क्या होगा कि अगर आपके लगातार चारप ट्रेड गलत भी हो जाते हैं इन केस लगातार इन दैट केस आल्सो आप पैनिकिक सिचुएशन में नहीं आएंगे। फॉर एग्जांपल आपके पास ₹1 लाख है और आप ₹00 नीचे आ गए यू विल नॉट पैनिकिक लेकिन अगर आप ₹5 लाख नीचे आ गए तो आप यू विल बी पैनिकिक इट्स अ मैटर ऑफ दो चीजें होती हैं। एक तो मनी का परसेंटेज होता है और एक साइके का परसेंटेज होता है। हर इंसान का अलग-अलग है। कोई कहेगा सर मैं 5% पे भी पैनिकिक कर जाऊंगा। कोई होगा कि मैं 50% तक भी देख लूंगा। तो दैट्स व्हाई आई से कि अपने को पहचानना जरूरी है। मान लो आप ऐसी लाइफ स्टाइल पे हो कि जहां पे आपके पास ज्यादा फंड्स नहीं है। राइट? तो आप अगर एमटीएफ का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको आपको बहुत सिलेक्टेड और क्वालिटी ट्रेड्स लेने हैं। अननेसेसरी रिस्क नहीं लेना है। किसी भी स्ट्रेटजी को फॉलो नहीं करना है। पहले बैक टेस्ट करना क्योंकि मैं हूं या धन है या आप हैं या कोई भी आप अपना प्रॉफिट हमारे साथ शेयर नहीं करेंगे। राइट? तो हम आपका अपना लॉस भी शेयर नहीं करेंगे। तो इट्स ये ट्रेडर की खुद की रिस्पांसिबिलिटी है कि वो चीजों को ध्यान से करें। तो कोई प्रॉब्लम नहीं है। मतलब हम लोग जब शुरू किए थे तो बस चीजें यही थी। बहुत लिमिटेड टूल्स थे, बहुत सारी चीजें थी। बट यस रिस्क मैनेजमेंट में जो मुझे हेल्प की है ना वो इंडिकेटर्स ने भी नहीं की है। टू बी वेरीफाइड। नहीं आपकी बात से मैं बिल्कुल एग्री करता हूं कि जो काम रिस्क मैनेजमेंट और इमोशनल मैनेजमेंट और टेंपरामेंट करता है वो कोई और काम नहीं कर सकता है। स्ट्रेटजी का मैक्सिमम पर्पस जो है वो 50% से कम ही रहेगा। 50% से ऊपर तो बाकी सारी चीजों का रोल रहेगा। 100% सर। सो ये बहुत इंपॉर्टेंट चीज है और यहां पर आपके सामने एक पॉइंट दो तीन पॉइंट मैं आपके सामने एग्जांपल दिखाना चाहता हूं कि बहुत सारे लोग बोलते हैं कि सर मेरे पास एक करोड़ का कैपिटल है मैं लगा दूं या कोई आता है कि सर मेरे पास 5 करोड़ का कैपिटल है 50 लाख का बिग फिगर्स बहुत सारे ऐसे बिनेस ओनर्स हैं जो बहुत बड़ा पैसा बनाते हैं एमएसएमई सेक्टर से या अदर चीजों से वो क्या करते हैं उनको लगता है कि मेरे पास बड़ा फंड है तो मैं बड़ा प्लग इन करूंगा तो बड़ा रिजल्ट आ जाएगा व्हिच इज गुड बट व्हाट यू नो अबाउट द स्टॉक व्हाट यू नो अबाउट द सेटअप? आप उस बिनेस के टरामेंट से आ रहे हैं। आप एक डॉक्टर हैं। आपको ब्लड से डर नहीं लगता। करेक्ट? मुझे तो डर लगता है। तो व्हेन यू कम टू द मार्केट्स तो हो सकता है आपको प्राइस फ्लक्चुएशन से डर लगे। मुझे नहीं डर लगेगा। तो उसके यूज टू होने में टाइम लगता है। तो सशन क्या है कि आप पहले ना कुछ क्वांटिटी पे काम करना शुरू करिए। हम आप चाहे तो पेपर ट्रेड करिए। बट पेपर ट्रेड में वो आपको इमोशनल चीजें नहीं बिल्ड अप हो पाएंगी। तो आप थोड़ा सा कैपिटल एक लिमिट बनाइए महीने में कि मैं इतना अमाउंट मेरा जो भी टोटल इनकम है उसका 5% 10% मैं डे हर महीने रिस्क लूंगा लेना ही है क्योंकि वो मार्क जुकरबर की लाइन है ना इफ यू आर नॉट टेकिंग रिस्क यू आर ऑलरेडी टेकिंग अ रिस्क राइट तो पॉइंट ये है कि आप वन कप ऑफ कॉफी मेरा एक एग्जांपल रहता है कि अगर आप एक कप कॉफी बनाना सीख लेते हैं किसी भी तरीके से क्योंकि फर्स्ट कप बनाना मुश्किल है। हम एक बार आपने उसका प्रोसेस समझ लिया तो फिर आपको क्वांटिटी इनक्रीस करनी है। हम्। तो, इफ यू कैन मेक वन कप ऑफ़ कॉफ़ी, यू कैन मेक 100 कप ऑफ़ कॉफ़ीज़ आल्सो। तो, इट्स नॉट द मैटर ऑफ़ मनी, इट्स अ मैटर ऑफ़ प्रोसेस, इट्स द मैटर ऑफ स्ट्रैटजी, इट्स अ मैटर ऑफ़ रिस्क मैनेजमेंट। एंड द मैटर ऑफ कि आप कैसे हैं? करेक्ट। बहुत सारे लोग हैं इसमें। राइट? एक और एग्जांपल ट्रेडर्स को हेल्प करने के लिए। फॉर एग्जांपल, आपकी स्क्रीन पे यहां पे दिख रहा है कि एक घर बना हुआ है। इसको मान लेते हैं कि आपका ये बहुत अच्छा सा घर है। लेकिन इसमें पानी नहीं है। हम तो बिना पानी के हम सर्वाइव नहीं कर सकते। लेकिन आपके घर से थोड़ी दूर पर एक रिवर जा रही है और यू वांट कि वो पानी आपके घर तक आ जाए तो यू कैन नॉट ब्रिंग दैट वाटर इनू द हैंड्स लीकेज हो जाएगा तो आप क्या करोगे बकेट से लाने की कोशिश करोगे या व्हाटएवर तो एक हम पाइपलाइन लगाने की कोशिश करते हैं। मैं ये मैं उनको बोल रहा हूं कि जो लोग सारी चीजें कर लेते हैं लेकिन स्ट्रेटजी नहीं बना पाते या स्ट्रेटजी बना लेते हैं बाकी चीजें नहीं कर पाते। इट्स अ वेरी गुड एग्जांपल। तो हमें एक पाइपलाइन बनाई वो पाइपलाइन क्या है? एक्सेल शीट हम हम लोग एक्सेल शीट पे करोड़पति हो जाते हैं। राइट? कंपाउंडिंग को स्ट्रेच करके और मल्टीपल उसको करते रहते हैं। लेकिन ये पाइप लाइन बना लेने से सिर्फ पाइप लाइन बना लेने से आप के घर में पानी नहीं आएगा। यू नीड टू पुट दैट वाटर पंप। और यहां पे मैंने मोटर पंप को ट्रेडिंग स्ट्रेटजी से रिलेट किया है। जितना ज्यादा पावरफुल आपका ट्रेडिंग स्ट्रेटजी होगा। हम और आप एक चीज और देखो इसी पिक्चर में जिस जो पर्सन बैठा है ना वो वेट कर रहा है हम वेटिंग जो आपको नेक्स्ट इमेज में दिखेगा इसको मैंने स्टॉक मार्केट से कनेक्ट किया है कि अगर आप अपने घर तक पानी ले जाना चाहते हैं मार्केट से मतलब इसको ऐसे सोचिए कि ये आपका बैंक अकाउंट है और यह स्टॉक मार्केट है और बीच में धन है एज अ ब्रोकर तो आप मार्केट में जब ट्रेड करते हो तो कई बार आपके ब्रोकिंग अकाउंट तक तो पैसा आ जाता है फिर वापस चला जाता है घर नहीं ले जा पाते आप उसको हम तो इट्स अ कंप्लीट सीरीज आपको बनानी पड़ेगी ताकि वो जो मार्केट में इतनी सारी अपॉर्चुनिटीज है वो आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचे। तो आपको विजुअलाइज प्रॉपर करना है कि जस्ट ब्रोकिंग या टर्मिनल पे ट्रेड करते से कुछ नहीं होगा या सिर्फ स्ट्रेटजी टेस्टिंग करने से कुछ नहीं होगा। यू नीड टू अंडरस्टैंड द होल स्टोरी एंड यू हैव टू बिल्ड दैट। और इट्स अ मैटर ऑफ अगर मेरे से कोई पूछेगा सर कितना टाइम लगेगा। 3 महीने लगेंगे ट्रेडिंग समझने में और यू कैन से वन ईयर टू 2 ईयर में आप ट्रेडर बन जाते हैं। तो अगर आप इस तरह के पडकास्ट और इस तरह के मास्टर क्लासेस अटेंड करते रहते हैं क्योंकि इसमें वो चीजें शेयर की जाती हैं जो हम लोगों ने 17 इयर्स में डेवलप की हैं जो हमारे लिए काम करती हैं। अदरवाइज दिस इज़ नॉट अ बुकिश नॉलेज। दिस इज़ अ नॉलेज दैट आई अब्सोलुटली हमने जितनी बातें डिस्कस करी है बुक्स में बहुत कम चीजें। दिस इज़ माय पर्सनल एक्सपीरियंस। और इस तरह से मैं सोचता हूं और बहुत सारी चीजें और भी डिस्कस की जा सकती हैं। मतलब टाइम का कंस्ट्रेंट है। नो थैंक यू सो मच सर। थैंक यू सो मच। कोशिश तो हमारी यही रहती है कि जो आपका एग्जांपल था के ट्रेडिंग टर्मिनल से पैसा ब्रोकिंग अकाउंट तक आए फिर आपके घर तक पहुंचे। कोशिश तो हमारी यही रहती है और इसी पॉइंट ऑफ व्यू से हम धन चैनल पे भी इन्वेस्टिंग वि धन पे कमोडिटीज बाय धन पे सारे चैनल्स पे अपने व्यूअर्स के लिए इंटरेस्टिंग और सबसे यूज़फुल चीजें जो है वो कवर करते रहते हैं और आप जैसे स्मार्ट इंटेलिजेंट लोगों को हम बुलाने की कोशिश करते हैं वी आर अब्सोलुटली नॉट अ स्मार्ट नॉट इंटेलिजेंट वी आर जस्ट एवरेज पीपल जिन्होंने बस एक चीज पे सही से फोकस कर दिया है। आप सब कर सकते हैं। मैं ऑडियंस से बोलना चाहता हूं। ऐसा नहीं है कि मेरे पास कोई अलग इंटेलिजेंस है या गॉड हैज़ गिवेन ऑल द पावर्स टू इक्विवेलेंट। बट हमें हम क्या करते हैं ना फंस जाते हैं। बस आप ये देख लो जैसे हम अपना अकाउंटिंग करते हैं ना कि पूरे महीने हमने कितना पैसा कमाया और कहां खर्च किया। वैसे आप पूरे महीने कितना टाइम आपको मिलता है वो आपने खर्च कहां पे किया। हम आप स्ट्रेटजी ट्रेडिंग इज नॉट वेरी टफ। लेकिन बस वही है हम टाइम ही नहीं देना चाहते। हम चाहते हैं कोई रेडीमेड सो कॉल्ड 99 इमीडिएटली कल सुबह लगाएं और पैसे आने शुरू हो गए। हां कोई बहुत सारे फोन आते हैं सर मेरे से डेढ़ करोड़ 2 करोड़ ले लीजिए मैनेज कर दीजिए। तो ये सारी चीजें वर्क नहीं करते सर। थैंक यू सो मच सर फॉर ऑल द इनसाइट्स दैट यू शेयर्ड विद अस। आई आई एम आई एम वेरी श्योर आपने बहुत सारी बुक्स पढ़ी हैं और आई एम वेरी श्योर आपने बहुत सारे अप्स एंड डाउन्स देखे हैं मार्केट में। 17 साल में पूछने की जरूरत ही नहीं कि कितने अप्स एंड डाउन्स देखे होंगे। आई हैव बीन थ्रू दिस माइसेल्फ। तो बहुत बार ऐसा होता है कि लॉसेस नहीं होते। नो नो रिटर्न्स का पीरियड होता है। तब भी आप डीमोटिवेट हो जाते हो। तो बहुत सारी चीजें ऐसी होती है जो आपने बैक टेस्ट किया लेकिन वो एक्चुअल लाइफ में काम नहीं कर रही हैं। सो थैंक यू सो मच सर फॉर शेयरिंग ऑल द इनफार्मेशन एंड ऑल द नॉलेज विद अस। आपके एग्जांपल्स हमेशा से मुझे बहुत ही इंटरेस्टिंग लगते आए हैं। और जिस तरीके से आप चीजें समझाते हैं वो बहुत ही अच्छा लगता है। आई एम वैरी श्योर हमारे व्यूअर्स के माइंड में वैसे तो कोई क्वेश्चन रह नहीं गया होगा अगर कोई होगा तो प्लीज मेक श्योर कि आप उसको कमेंट्स में जरूर डालिएगा। आई विल मेक श्योर कि सर से टाइम लेकर हम सारे क्वेश्चंस के आंसर आपको जल्दी से जल्दी प्रोवाइड कर पाए। और अगला मास्टर क्लास मैंने अभी इस मास्टर क्लास के शुरू होने से पहले ही सर से एक बार का टाइम मैंने और ले लिया है कि नेक्स्ट वीक हम दोबारा मिलेंगे और एक डिस्कशन हम और करेंगे। वैसे तो मैंने सोच इनसे रिक्वेस्ट करी है इनकी बातें सुनने के बाद वो एक टॉपिक है लेकिन आप मुझे जरूर बताइएगा कि आपको कौन से टॉपिक पे इनका एक्सपीरियंस जानना है। आप कौन से टॉपिक पे चाहेंगे कि एनिमेशन सर हमसे बात करें आप इस बारे में कमेंट्स में जरूर लिखिएगा और इस पॉडकास्ट इस मास्टर क्लास को लेकर भी कोई भी क्वेश्चन है कोई भी थॉट्स है कोई भी फीडबैक है कमेंट्स में जरूर लिखिएगा। मिलते हैं अगली वीडियो में। बाय-ब टेक केयर ऑफ योरसेल्फ। थैंक यू सो मच सर। थैंक यू। थैंक यू हिमांशु। थैंक यू फॉर इनवाइटिंग मी। थैंक्स। इन्वेस्टमेंट्स इन द सिक्योरिटीज मार्केट आर सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क। रीड ऑल द रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स केयरफुली बिफोर इन्वेस्टिंग।

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