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Try This Intraday Strategy In 2026 | Nifty , Stocks & Options

HOLD with Priyank Live · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:21 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational content on gap-filling theory; explains a price-action concept (gaps fill bidirectionally) but provides no mechanical rule-based entry/exit logic for backtesting.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (4260 words)
यूजुअली हम लोग गैप अप और गैप डाउन इंडियन मार्केट्स के अंदर काफी हद तक देखते हैं। लेकिन उनके अंदर की एक खास बात कि उनकी जब गैप फिलिंग होती है, उसका सही मायने क्या होता है? जो अधिकतर लोगों को या तो पता नहीं होता या फिर उनको इंटरनेट पर कोई बताता नहीं है। अब होता क्या है? हम लोग कई बार यह सोचते हैं कि मार्केट जब ऊपर से नीचे की तरफ आता है, इसको ऐसे फिल कर देता है, तो यहां पर हमारा गैप फिल हो जाता है क्योंकि मार्केट ने इस गैप को फिल कर दिया। ये यूज़ुअल थ्योरी है। लेकिन मेरा मानना यह है। तो मार्केट ने क्या किया? पहले ऊपर गया फिर नीचे गया। अब आप यहां देखेंगे कि प्रियांक सर यहां पर तो यह जगह थोड़ी सी फिल रह गई है। यह जगह पूरी तरह से फिल नहीं है। इस जगह पे तो थोड़ा सा गैप रह गया। अब क्या कि इतना फिल हो चुका इतना बचा हुआ है। मैं इसको थोड़ा प्ले करके देख लेता हूं कि जब प्राइस वापस आया क्या प्राइस ने इसको फिल करा था कि नहीं करा था? आपके मन में क्वेश्चन आ सकते हैं। प्रियांक सर ने सेलेक्ट करके दिखाए हैं। चलो आपके मन में यह आ गया। कोई बात नहीं। वाले हालांकि मैंने तो आप मुझे कहीं से भी बोलेंगे वहां से आपको दिखा दूंगा लेकिन मजा तब आएगा जब आपको दिखेगा। हेलो एवरीवन मैं प्रियांक शर्मा आप सबका आज अपs प्लेटफार्म पे स्वागत करता हूं। आज की वीडियो थोड़ी खास है क्योंकि आज हम ना सिर्फ एंट्रीज लेना सीखेंगे गैप्स का यूज करते हुए बल्कि गैप थ्योरी के एक बहुत ही इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट को समझेंगे जो अधिकतर लोगों को या तो पता नहीं होता या फिर उनको इंटरनेट पर कोई बताता नहीं है। यूजुअली हम लोग गैप अप और गैप डाउन इंडियन मार्केट्स के अंदर काफी हद तक देखते हैं। लेकिन उनके अंदर की एक खास बात कि उनकी जब गैप फिलिंग होती है, उसका सही मायने क्या होता है और कब एक ओपनिंग गैप को पूरी तरह क्लोज माना जाता है। आज की वीडियो में समझेंगे और फिर इस कांसेप्ट का यूज़ करके मैं तो आपको एक तरीका बताऊंगा ही लेकिन आप लोग अपनी किसी भी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का यूज़ करके वहां पर ट्रेड कर सकते हैं। तो चलो वीडियो को शुरू करते हैं और चार्ट्स पर चलते हैं। यहां पर मैं निफ्ट्टी 50 का चार्ट यूज़ कर रहा हूं और थोड़ा पुराना डाटा लेंगे क्योंकि आप लोगों को पता है सेबी के कॉम्प्लायंस के हिसाब से हम लोग एटलीस्ट 90 डेज ओल्ड डाटा ही यूज करते हैं। तो वीडियो रिकॉर्डिंग के हिसाब से 3 महीने पुराना डाटा मैं यहां से हटा दे रहा हूं लगभग जो है यहां तक का डाटा हम हटा देते हैं जनवरी का। अब यहां पर मैं कोई एक गैप लूंगा और उस गैप को आपको समझाने की कोशिश करूंगा कि बेसिकली गैप थ्योरी क्या है? पहले आप वो समझ। ठीक है? सो मान लेते हैं ओपनिंग गैप आपको पता है। चलिए नहीं पता है मैं बता देता हूं। जैसे कभी भी क्या होता है मार्केट जब हमारी सवा 3:30 बजे शाम में बंद होती है तो उसके बाद वो ओपन होती है अगले दिन सुबह 9:15 बजे। अब इस बीच में कंपनीज़ तो बंद होती नहीं। उनके रेवेन्यूज़ बंद नहीं होते। रिजल्ट्स ऑफ नहीं होते। न्यूज़ बंद नहीं होती। तो कहीं ना कहीं इस गैप के बीच में भी ओवर द काउंटर मार्केट्स के अंदर ट्रेड्स चल रही होती है। साथ में जब मॉर्निंग में मार्केट प्री मार्केट में ओपन होती है उस बीच में भी ऑर्डर्स मैचिंग होती है। जिसकी वजह से अगले दिन जब ट्रेडिंग की शुरुआत होती है तो पिछले दिन के क्लोजिंग प्राइस से अलग आपका जो है एक गैप दिखाई देता है। यहां पर आपको यह भी समझना है कि जब अगले दिन मार्केट ओपन हो रही होती है तो आपको जो प्राइस दिखाई देते हैं वह लास्ट ट्रेडेड प्राइस और ओपनिंग प्राइस दिखाई देते हैं छोटे टाइम फ्रेम पर और डेली टाइम फ्रेम पर आपको दिखाई देते हैं क्लोजिंग एंड ओपनिंग प्राइस। इनके बीच का डिफरेंस क्या है? मैं आपको समझा देता हूं। जैसे कि आप देख सकते हैं यहां पर आप देख सकते हैं 21 जनवरी की कैंडल स्टिक है और 22 जनवरी की कैंडलस्टिक है। आपने देखा पिछले दिन मार्केट ने जो क्लोजिंग करी थी वह यहां पर क्लोजिंग करी थी। यानी कि यह आपका 21 जनवरी का क्लोजिंग प्राइस है। ठीक है? और यहां पर आपने देखा जो ओपनिंग प्राइस है 22 जनवरी का जो डेली ओपन है वह आपको यहां पर इस जगह पर दिखाई दे रहा है। आप देखेंगे डेली चार्ट से मैंने पिछले दिन का क्लोजिंग प्राइस और आज के दिन का ओपनिंग प्राइस मार्क किया है। इसको बोलते हैं ओपनिंग गैप। क्या होता है ओपनिंग गैप? प्रीवियस डे क्लोजिंग और आज की ओपनिंग के बीच का गैप। ठीक है? लेकिन अगर आप छोटे टाइम फ्रेम पर चलेंगे 15 मिनट, 5 मिनट, 1 घंटा तो आपको दिखाई देगा कि प्रीवियस डे का जो क्लोजिंग प्राइस है वो छोटे टाइम फ्रेम के क्लोजिंग प्राइस से अलग है। 15 मिनट पर आपको यह प्राइस 25168 दिख रहा है और डेली चार्ट पर यह 157 दिख रहा था। तो, यहां पर आप जो यह गैप देखते हैं, जो एग्जैक्ट फिगर मैच नहीं होता, कई बार हम लोग सोचते हैं कि डाटा का इशू है, चार्ट्स का इशू है। ऐसा नहीं होता। जो आपको छोटे टाइम फ्रेम पर दिखाई देता है। देखो 5 मिनट पर भी आपको यही दिखेगा। 5 मिनट 15 मिनट इस पर कभी चेंज नहीं आएगा। चेंज आएगा हमेशा डेली चार्ट पर। सो यह जो लास्ट प्राइस आपको दिखाई देता है छोटे टाइम फ्रेम पर इसको बोलते हैं एलटीपी लास्ट ट्रेडेड प्राइस। और डेली चार्ट पर आपको जो प्राइस दिखाई देता है, उसको बोलते हैं क्लोजिंग प्राइस। इनमें अंतर क्या है? क्योंकि जिस तरह से प्री मार्केट सेशन होता है उसी तरह से इंडियन मार्केट में एक पोस्ट मार्केट सेशन भी होता है 3:30 के बाद 10 मिनट का जिसके अंदर ऑर्डर्स की मैचिंग होती है और इस प्राइस के बीच में गैप आ जाता है। तो पहली चीज तो यह समझिए ओपनिंग गैप किसको बोलते हैं? प्रीवियस डे क्लोजिंग प्राइस और अगले दिन का ओपनिंग प्राइस। ठीक है? तो गैप आपको समझ में आ गया किसको बोलते हैं? प्रीवियस डे क्लोजिंग और अगले दिन का ओपनिंग। यह हमारे लिए गैप हो गया। अब इसके बीच में होता क्या है? हम लोग अक्सर इस गैप को इस तरह से पढ़ते हैं। कैसे पढ़ते हैं कि मान लीजिए कोई गैप आपके सामने यहां पर इस तरह से ड्रॉ आपने करके रखा हुआ है। यह आपका कोई ओपनिंग गैप है। पिछले दिन जब मार्केट क्लोज हुई थी, उसने अपना क्लोजिंग प्राइस लेट्स सपोज इस तरह से आते हुए यहां पर अपना क्लोजिंग प्राइस करा था और अगले दिन मार्केट ने यहां पर ओपन हो के ट्रेड करना शुरू करा है। ठीक है? इसको हमने बोल दिया ओपनिंग गैप। क्लियर हो गया? अब होता क्या है? हम लोग कई बार यह सोचते हैं कि मार्केट जब ऊपर से नीचे की तरफ आता है, इसको ऐसे फिल कर देता है, तो यहां पर हमारा गैप फिल हो जाता है। क्योंकि मार्केट ने इस गैप को फिल कर दिया। यह यूज़ुअल थ्योरी है। लेकिन मेरा मानना यह है कि मार्केट इस गैप को दोनों डायरेक्शन में फिल करना पसंद करती है। रादर देन एक। मतलब मार्केट इसको यहां पर इस तरह से अगर फिल कर रही है, तो यह एक साइड से गैप फिल हुआ। आधा फिल हुआ। मार्केट एक बार कम से कम वापस इस तरह से ट्रेड जरूर करेगी। अगर मार्केट इस तरह से ट्रेड कर जाती है और दोनों डायरेक्शन में क्यों मैं ऐसा सोचता हूं जब मार्केट ने यहां के बाद यहां पर ओपनिंग करी तो इस साइड में बाय साइड की जो है और इस साइड में सेल साइड की जो एफिशिएंसी है वो मार्केट की बिगड़ गई। इसलिए इसको फिल करने के लिए मार्केट एक साइड नहीं दोनों साइड ही फिल करना पसंद करती है। ऐसा मेरा थ्योरी है। यूजुअली लोग एक साइड को फॉलो करते हैं। मैं दोनों साइड को फॉलो करता हूं। मैं आपको इसको दिखाऊंगा। अब यह फिल करने के लिए क्या होता है? इसको आपको समझना कैसे है कि किस तरह से फिल होता है? तो मान लीजिए इस तरह से आपके पास गैप बना है तो इस गैप को हम लोग जो है फिल तब मानेंगे या तो मार्केट जो है अगले दिन की कैंडल स्टिक या आने वाले किसी भी दिन की कैंडल स्टिक में इस एरिया में विक बना दे। विक मतलब जैसे मान लीजिए कैंडल स्टिक कुछ ऐसी बन जाए जैसे ये है और इसकी विक कुछ इस तरह से चली गई है। या तो विक से फिल कर दे तो इसको पूरा फिल मानेंगे। क्यों? क्योंकि विक का मतलब ही यह होता है कि मार्केट ऐसे नीचे आई होगी और उसके बाद ऐसे ऊपर गई होगी। बेसिक सा कांसेप्ट है। और अगर मार्केट बॉडीज से फिल करे तो मार्केट दोनों साइड की बॉडी बनाएगी। यानी कि मान लीजिए यह डाउन क्लोज बनाया तो एक कैंडल स्टिक जो है वह अप क्लोज भी इसी हिस्से में बनाएगी जिससे कि यह हिस्सा बॉडीज से पूरी तरह फिल हो सके। या तो बॉडीज से और या तो विक से किसी भी एक चीज से इसको फिल होना चाहिए। यह होती है गैप थ्योरी और मैं इसको फॉलो करता हूं। मैक्सिमम ऑफ़ द टाइम मैं इसको मार्केट में होते हुए देख रहा होता हूं। कई बार आपको लगेगा क्या सर हर गैप फिल होता है? नहीं। क्या हर बार ऐसा होगा? नहीं। देखिए मार्केट्स अगर ये थ्योरीज होती हैं तो ये आइडियल कंडीशन में होती है। जैसे नहीं बोलते जब साइंस में हम पढ़ते थे कि निर्वात में वैक्यूम में ये एक्सपेरिमेंट सक्सेसफुल है। उसी तरह से ये थ्योरीज जो होती हैं ये प्रैक्टिकली इसी तरह से फॉलो करती हैं कि अगर मार्केट्स आइडियल है तो उसको इस तरह से फिल करना चाहिए। लेकिन मार्केट्स आइडियल नहीं होती। वहां मैनपुलेशन होता है, न्यूज़ इंपैक्ट्स होते हैं जिसके वजह से हर बार हर एक गैप पूरा फिल नहीं होता। लेकिन अधिकतर टाइम ऐसा होता है जिसका यूज़ हम लोग अपने किसी भी स्ट्रेटजी के अंदर यूज़ करके प्राइस एक्शन को बेहतर समझ सकते हैं। इसके एग्जांपल मैं आप लोगों को दिखा देता हूं। अगर आपको ऐसा लग रहा हो कि यह तो एलियन न्यूज़ है। पहली बार बता रहा है। कोई ऐसा थोड़ी होता है। देखिए, मैं आपको दिखाता हूं। आप यहां पर देखिए मार्केट ने यह क्लोजिंग करी अगले दिन की ओपनिंग नीचे की तरफ करी तो आप देखेंगे मार्केट ने इस गैप को कैसे फिल किया ऊपर गया वीक और नीचे आया पूरी तरह से फिल कर दिया इस गैप को दोनों साइड से फिल किया अगर मार्केट ने इस तरह से विक बनाई है तो प्राइस ने क्या किया होगा यहां पर ओपन किया होगा इस तरह से ऊपर गया होगा उसके बाद नीचे आया होगा तभी तो नीचे आया होगा ठीक है इसके बाद देखिए अगले दिन मार्केट ने यहां पर क्लोजिंग करी। अगली ओपनिंग मार्केट ने कहां पर की? यह यहां पर करी। यह यह आपने देखा कि मार्केट ने यहां पर अगले दिन की ओपनिंग करी। तो प्राइस ने फिर से क्या किया? पिछले गैप को ऊपर तक फिल किया। फिर नीचे गया। वीक से फिल किया मार्केट ने। समझ रहे हो? इसी तरह से अब आप देखोगे यहां पर मार्केट ने अगले दिन की क्लोजिंग कहां पर करी? यहां पर करी। इसके बाद मार्केट ने अगले दिन की ओपनिंग कहां की? यहां पर की। अगले दिन की यह ओपनिंग हो गई आपकी। तो मार्केट ने क्या किया? पहले ऊपर गया, फिर नीचे गया। अब आप यहां देखेंगे कि प्रियांक सर यहां पर तो यह जगह थोड़ी सी फिल रह गई है। यह जगह पूरी तरह से फिल नहीं है। इस जगह पे तो थोड़ा सा गैप रह गया। अब क्या? तो प्राइस इसको फिल करने के लिए फ्यूचर में वापस आया होगा। मेरा ऐसा मानना है इस हिस्से को अगर मैं थोड़ा सा बढ़ा दूं तो अब आप देखेंगे इतना फिल हो चुका है। इतना बचा हुआ है। मैं इसको थोड़ा प्ले करके देख लेता हूं कि जब प्राइस वापस आया क्या प्राइस ने इसको फिल करा था कि नहीं करा था। करा था कि नहीं करा था। अब आप खुद ही देख लो। अब एक साइड से कर दिया क्योंकि बॉडी से करा है तो अप साइड से भी मार्केट करेगा। आज नहीं किया होगा आने वाले टाइम में करेगा। अगर अभी तक मान लीजिए प्राइस एक्शन वहां नहीं पहुंचा होगा तो आप आने वाले टाइम में जभी भी प्राइस रिटर्न होकर आएगा आप देखेंगे कि बॉडी कोई ना कोई अप क्लोज कैंडल स्टिक की शेप इसको फिल करके जाएगी या फिर वीक तो इस तरह से मैं हमेशा देखता हूं कि मार्केट अपने गैप्स को पूरी तरह से फिल करना पसंद करती है पुराने डाटा को हटा देते हैं। ठीक है? क्लियर है? अब इस कांसेप्ट का यूज करके ट्रेड कैसे कर सकते हैं? चलिए कोई एग्जांपल ले लेते हैं आसपास यही ऊपर से ही ले लेते हैं। इसी वाले एग्जांपल को चलिए देखना शुरू करते हैं। अब आप देखिए अब आपको कैसे जो है किसी स्ट्रेटजी से इस कांसेप्ट का यूज़ करेंगे। तो पहला यहीं से शुरू करते हैं। आप मार्क ने देखा मार्केट में आपने अपना प्लान बनाया कि मार्केट ने जो है यहां पर पिछला जो ऑल टाइम हाई था मार्केट ने इसको जो है फेक ब्रेकआउट कर दिया। इमीडिएट फेक आउट कर दिया। इमीडिएट फेक आउट की वीडियो आप लोगों ने मेरी जरूर देखी होगी। राइट? इमीडिएट फेक आउट कर दिया तो हमारा बायस थोड़ा सा बेरिश है कि अभी मार्केट अगले दिन हो सकता है नीचे की तरफ जाए और नीचे की तरफ जाएगी तो कम से कम ये जो ब्रेकआउट कैंडल स्टिक थी पहले वाले ग्रीन इसके लो तक तो जाए ही कम से कम इसके लो तक तो मार्केट जाए ही यह हमारा प्लान अगले दिन का है। अब मान लीजिए आप ट्रेड करने बैठे और मार्केट ने शुरुआत में ही गैप अप या गैप डाउन कर दिया तो आप उसका यूज़ कैसे करेंगे? अब देखिए सेटअप बना है कि नहीं वह अभी हम चेक कर लेंगे। यह आपका प्रीवियस डे क्लोजिंग है। करेक्ट है? तो मैं अगले दिन का ओपनिंग पहले मार्क कर ले रहा हूं क्योंकि अभी मैं पुराना चार्ट देख रहा हूं। लेकिन जब आप लाइव देख रहे होंगे तो आपके पास तो पहले 9:15 पर पहली कैंडल स्टिक बनेगी तो आपको ओपनिंग प्राइस मिल ही जाएगा। तो मैं यहां पर यह अगले दिन का ओपनिंग मार्क अभी से कर ले रहा हूं। यह अगले दिन का डेली ओपन मेरा मिलेगा क्योंकि हो सकता है छोटे टाइम फ्रेम पर यह आपको अलग दिखे। तो मैंने यह ऐसे ही मार्क कर लिया क्योंकि मेरे पास लाइव प्राइस एक्शन नहीं है। तो अब आप सोचिए कि मार्केट ने यहां पे प्रीवियस डे क्लोजिंग करी है। आपने अगले दिन सुबह मार्केट ओपन करी और 5 मिनट के चार्ट पर अब आप वेट कर रहे हैं। मार्केट कहां पर ओपन होगी। तो अगली कैंडल स्टिक ये पहली कैंडल स्टिक बनी तो आपने देखा मार्केट यहां पर ओपन हो गई। अब आप देखिए ओपनिंग प्राइस में फिर से अंतर है कि नहीं है। डेली चार्ट से ओपनिंग और क्लोजिंग प्राइस मार्क करने पर छोटे टाइम फ्रेम में अंतर हमेशा आएगा। अक्सर आएगा 99% टाइम आएगा। यहां पे भी देखो अंतर है। इसलिए अपने डेली ओपन और डेली क्लोजिंग प्राइस हमेशा डेली चार्ट से ही मार्क करना। अब आपने देखा पहली कैंडल स्टिक ने ही नीचे की तरफ एक ओपनिंग दी। उसके बाद एक विक बना दी। यहां पे देखो इस वाले यह वाला मैं सेशन ब्रेक हटा देता हूं। अब आपको थोड़ा और क्लीन दिखेगा। यह कैंडल स्टिक पहली कैंडल स्टिक बन गई। अब आपको क्या पता है? आपके पास इंफॉर्मेशन है। ऊपर की तरफ इतना गैप बचा हुआ है। मार्केट हो सकता है इसको फिल करने के लिए आए। करेक्ट बात है और नीचे की तरफ यह आपका टारगेट है। कम से कम यहां तक तो मार्केट जाएगी। अब आपने प्राइस को देखना शुरू किया। अपनी कोई स्ट्रेटजी मान लेते हैं। आपने लेट्स सपोज मैं आज अपनी ईएमए स्ट्रेटजी ट्राई कर लेंगे या ब्रेड बटर स्ट्रेटजी से देख लेंगे। एग्जांपल तो अब प्राइस ने चलना शुरू किया। आप देख रहे हैं अगर आपकी कोई स्ट्रेटजी यहां पे बन चुकी है। बहुत बढ़िया। आप उसे फॉलो कीजिए। मैं मना नहीं करूंगा। लेकिन लेट्स सपोज प्राइस ने ऊपर जाना शुरू करा तो कई बार हमारे मन में क्या कंफ्यूजन आता है कि मार्केट ने यह ब्रेकउ कर दिया। अब ऊपर जाएगा बुलिश हो जाएंगे और हमने जो प्लान करा था वो हम अपना प्लान बिगाड़ लेते हैं। लेकिन अगर आपको गैप थ्योरी पता है तो आपको पता है कि मार्केट हो सकता है गैप फिल करने के लिए गई हो प्रीवियस डे क्लोजिंग पर इसलिए मैं जल्दीबाजी नहीं करूंगा। इवन यहां पर थोड़ा सा वेट करके देखूंगा। मार्केट ब्रेकआउ कर रही है कि फेक आउट कर रही है। देखते हैं। अब देखिए मार्केट अचानक से इमीडिएटली एक राउंडेड फेक आउट करके जो है नीचे की तरफ आ रही है। ठीक है? अब कोई स्ट्रेटजी ट्राई कर लेते हैं। मान लीजिए ईएमए स्ट्रेटजी आप लगाते हैं तो अगर आप ईएमए लगाते हैं तो मूविंग एवरेज एक्सपोनेंशियल लगा दीजिए। अगर आप आरएसआई लगाते हैं तो आप आरएसआई लगा लीजिए। मैंने दोनों ही लगा लिए। ठीक है? आरएसआई की ब्रेड बटर स्ट्रेटजी को 1 मिनट पे देखेंगे और ईएमए स्ट्रेटजी को 5 मिनट पर देखेंगे। तो अब आप सोचिए आपने अगर यह गैप फिल कर दिया है तो आपके दिमाग में क्या आएगा? आपके दिमाग में यह बात आएगी कि मार्केट ने अगर यह गैप फिल कर दिया है तो कम से कम वापस मार्केट यहां तक फिल करने के लिए आएगी। क्यों आएगी? क्योंकि मार्केट को गैप फिल करना दोनों साइड से पसंद है। अभी एक साइड से फिल हुआ है। एक साइड से भी तो होना चाहिए। अब यह बात अगर आपके दिमाग में है तो आप इसका बेनिफिट उठा सकते हैं। नहीं है तो नहीं उठा पाएंगे। चलिए पहले देख लेते हैं 1 मिनट के चार्ट पर। 1 मिनट के चार्ट पर गए अपनी ब्रेड बटर स्ट्रेटजी देखेंगे। बनी है कि आरएसआई 70 के ऊपर है। बहुत बढ़िया। फिर हमने देखा आरएसआई की वैल्यू थोड़ी ऊपर गई है और प्राइस की नीचे आई है। तो यूजुअली हम पसंद करते हैं प्राइस ऊपर नीचे हो और आरएसआई डायरेक्शन में हो। लेकिन एक बार उल्टा है बट स्ट्रेटजी है। उसके बाद हम स्ट्रक्चर शिफ्ट का वेट करते हैं। यह हमारा लो भी टूटा हुआ है। थोड़ी सी अग्रेसिव ट्रेड है बट बना हुआ है। अब मान लीजिए आपने इस अग्रेसिव ट्रेड के आसपास सोचा एंट्री ले सकते हैं। प्रीवियस डे क्लोजिंग के नीचे भी है मार्केट और आपका ईएमए सेटअप भी बन रहा है 1 मिनट के चार्ट पर। तो लेट्स सपोज़ आपने सोचा कि ट्रेड ले ही लेते हैं। तो अगर आप ऐसे टाइम पे ट्रेड लेंगे तो कई बार हमारे मन में क्वेश्चन आता है टारगेट कहां लगाएं? यहां लगाएं 1:1 पे लगाएं। इस बार आपके पास क्लेरिटी है कि अगर मार्केट नीचे गिरेगी तो डेली ओपन तक आएगी नहीं तो मेरा स्टॉप लॉस कर देगी। सिंपल है। या तो डेली ओपन तक आएगी या तो स्टॉप लॉस कर देगी। क्यों आ रही है डेली ओपन तक? आपका माइंडसेट ऐसा क्यों कहता है कि आपका टारगेट डेली ओपन कम से कम होना चाहिए। क्यों हो रहा कहता है? बिल्कुल सही आपने सोचा क्योंकि मार्केट गैप दोनों साइड से फिल करती है। तो आपके इस कांसेप्ट ने आपको अपने टारगेट पर असर्ड कर दिया और आप इस ट्रेड को इतने लंबे टाइम तक होल्ड कर पाएंगे। 2 घंटे होल्ड कर पाएंगे क्योंकि आपको यह स्ट्रेटजी पता है। ब्रेड बटर स्ट्रेटजी से एंट्री मिल गई। ईएमए स्ट्रेटजी देख लेते हैं। कोई बनी हो तो हम लोग ईएमए जो है 21 यूज़ करेंगे। यहां पर इनपुट्स में गए और ईएमए हम लोग 21 यूज़ करते हैं। मेरी ईएमए 21 की स्ट्रेटजी आपको मिल जाएगी। बड़े प्यार से आप लोग जो है चैनल पर ही देख सकते हैं। ठीक है? अब ईएमए 21 से देखें तो मार्केट ने नीचे क्लोज किया। तीन कैंडल स्टिक में अप क्लोज और यह नीचे की तरफ। तो देखिए हमारे पास यहां पर ईएमए स्ट्रेटजी भी बन गई है। ईएमए स्ट्रेटजी हमारे पास यह बन गई है। यह हमारा स्टॉप लॉस है और हमारा जो है पहला टारगेट 1.5 आर बिल्कुल एग्जैक्ट बन रहा है। पहला टारगेट कंप्लीट हो गया और दूसरा टारगेट हमारा यह है। वह भी मुझे टारगेट कंप्लीट होते हुए ही दिख रहा है। देखते हैं। लेट्स सी हमारा स्टॉप लॉस जो है वह एंट्री पर आ जाएगा। का पहला टारगेट कंप्लीट होते ही या तो हम स्टॉप लॉस एंट्री पर करके ब्रेक इवन हो जाएंगे और नहीं तो अपनी पोजीशन को कैरी करके टारगेट तक अचीव कर लेंगे। ठीक है? तो अब आपने चाहे ईएमए स्ट्रेटजी यूज़ करी हो चाहे ब्रेड बटर। मैंने आपको दोनों क्यों दिखाई? पर्पस यहां पे आपको यह नहीं दिखाना था कि ईएमए या ब्रेड बटर काम कर रही है। वो तो आपको पता ही है। पर्पस यहां पे ये दिखाना था कि यह कांसेप्ट आपके लिए काम कर रहा है कि नहीं कर रहा है। इस कांसेप्ट से आप प्राइस एक्शन को समझ पा रहे हैं कि नहीं समझ पा रहे। प्राइस अगर ऊपर की तरफ गया तो क्यों गया? आपके दिमाग में बात होनी चाहिए। क्या पता गैप को एक साइड से फिल करने के लिए गया हो। अगर एक साइड से फिल करने चला गया तो नीचे की तरफ भी तो आएगा। है कि नहीं? ठीक है? डेली चार्ट में मैं आपको कुछ और एग्जांपल दिखाता हूं जहां पे मैं आपको यह कांसेप्ट ढंग से समझा पाऊंगा कि ऐसा होता है कि नहीं होता है। चलिए देखते हैं। कोई गैप फिलिंग कोई देखते हैं। जैसे यहां देखिए यहां देखिए। अगर आप यहां थोड़ा सा ध्यान से देखेंगे तो क्योंकि मुझे याद है। आप लोग जानते हो मैं डेली मार्केट अपडेट YouTube पर डालता हूं। YouTube पर डेली मार्केट वीडियो मैं जो पोस्ट करता हूं तो मुझे इसलिए याद रहता है उस दिन क्या हुआ था। अब अगर आपको याद है तो यहां देखिए हम लोगों ने डिस्कशन किया था यहां पर अगर आप लोग मुझे रेगुलरली फॉलो करते हैं तो यहां पर हमने यह टारगेट करा था और इसके बाद हमें था कि मार्केट जो है आज वाला गैप यह यहां से यहां तक का जो गैप है यह पूरी तरह फिल करके नहीं आई है। तो मार्केट इस गैप को फिल करने के लिए भी आ सकती है। मार्केट चल रही थी नीचे। बहुत बढ़िया। और अगले दिन मार्केट ने जो प्राइस एक्शन बनाया वह कुछ इस तरह का बनाया। अब देखिए मार्केट ने ऊपर आके इस गैप को फिल करा एक साइड से कि नहीं करा? बचे हुए गैप को बॉडी टू बॉडी। अब हमें पता है कि अगर मार्केट को ऊपर भी जाना है। मान लीजिए अगले दिन ऊपर ही जाना है। हमें यह भी पता है। तो आप क्या कर सकते हो? आपको पता रहेगा कि यह वाला जो हिस्सा बचा हुआ है ना मार्केट कल को कम से कम इस गैप को तो टेस्ट करने के लिए नीचे आएगी। आप यहां पर लॉन्ग प्लान कर सकते हो। अगर आप बुलिश हैं। अगर आप बेरिश हैं तो आपको समझ में आना चाहिए कि यह वाली कैंडलस्टिक इसलिए बनी है जिससे कि यह गैप को वापस से फिल कर सके। अब अगर बॉडी से फिल हुई है तो अगली अगला गैप जो बाकी दूसरे साइड का गैप है वो कैसे फिल होना चाहिए? कम से कम बॉडी से ही होना चाहिए। या तो विक से हो जाए या तो बॉडी से दोनों बॉडी बननी चाहिए। ठीक है जी। लीजिए आप ऊपर विक बनी है। विक से मतलब दोनों साइड का हो गया और ये इतने हिस्से में बॉडी बनी हुई है। यह देखिए और मार्केट फाइनली अपने टारगेट तक आ गई। आप इस तरह से ही अब अगले गैप को भी आप मार्क कर सकते हैं। आप जहां तक देख लीजिए जिस गैप को देखेंगे मोस्टली आपको यह दिखाई देगा कि मार्केट गैप को दोनों साइड से फिल करना पसंद करती है। अब मैंने तो आपको बता दिया और कुछ एग्जांपल भी दिखा दिए। आपके मन में क्वेश्चन आ सकते हैं। प्रियांक सर ने सेलेक्ट करके दिखाए हैं। चलो आपके मन में ये आ गया कोई बात नहीं। भले हालांकि मैंने तो आप मुझे कहीं से भी बोलेंगे वहां से आपको दिखा दूंगा। लेकिन मजा तब आएगा जब आपको दिखेगा। तो क्या करना है? इस गैप थ्योरी को प्रैक्टिस करनी है, समझना है। प्राइस क्या दोनों साइड से फिल करता है कि नहीं करता है और आपकी जो भी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी है, जो भी आप यूज़ करते हैं, उसके थ्रू अप्लाई करके देखना है कि क्या वो स्ट्रेटजी मेरे इस कांसेप्ट के साथ काम करती है कि नहीं करती। और फिर आपको मुझे कमेंट करके फीडबैक देना है कि आप लोगों को यह कांसेप्ट क्या पहले से पता था? अगर पता था क्या आपने यूज़ किया और अगर आप यूज़ करते हैं तो आपको फायदा पहुंचा कि नहीं। तो, यह सारी बातों के लिए मैं आपके फीडबैक और कमेंट्स जरूर पढूंगा। और अगर आपको वीडियो पसंद आया है तो अपने दोस्तों को भी शेयर करके बता दो कि देखो भाई गैप सिर्फ एक साइड से फिल नहीं होता दोनों साइड से होता है। चलिए मैं आपको मिलूंगा फिर किसी नई वीडियो में। अपना ध्यान रखें अपने परिवार का ध्यान रखिए। टेक केयर बाय बाय

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