How Traders Ride Big Trends with ATR Ladder on Dhan Charts — backtested on Indian market data | FakeTrades
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How Traders Ride Big Trends with ATR Ladder on Dhan Charts

Analysed 01 Aug 2026, 03:21 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational content about risk management and indicator tuning (ATR trailing stop-loss, Ladder ATR) — no mechanical buy/sell rules, entry signals, or backtestable strategy defined.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (2969 words)
हाय दोस्तों, वेलकम टू धन। दोस्तों, धन चार्ट्स पे अभी रिसेंटली बहुत सारे नए इंडिकेटर्स हमने ल्च करे हैं। लेट मी टेल यू वेरी ऑनेस्टली। यह इंडिकेटर आपके रिस्क मैनेजमेंट को या फिर आपके इमोशनल बायसेस को माइंड में रख के बनाए गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ज़्यादातर ट्रेडर्स जो अपने लॉसेस करते हैं या ज्यादातर ट्रेडर्स के जो लॉसेस होते हैं वो प्राइमरली रिस्क मैनेजमेंट के पॉइंट ऑफ व्यू से या इमोशनल मिसमैनेजमेंट के पॉइंट ऑफ व्यू से होते हैं। ट्रेडिंग स्ट्रेटजी पे हम ऑलरेडी बहुत सारी बातें कर चुके हैं। लेकिन आज उस ट्रेडिंग स्ट्रेटजी को मैंने बहुत बार आपके साथ मल्टीपल ट्रेडिंग स्ट्रेटजीज़ में मैंने आपको बताया है कि अगर आप यह वाली ट्रेडिंग स्ट्रेटजी फॉलो कर रहे हैं तो अपने प्रॉफिट को यहां पर पार्शियली बुक कर लीजिएगा और बाकी प्रॉफिट को ट्रेल कर लीजिएगा। लेकिन ये ट्रेलिंग करते कैसे हैं? इस बारे में हमने आज तक कभी बात नहीं करी है। आज की इस वीडियो में मैं आपके साथ यह डिस्कशन करने वाला हूं कि आप अपने रिस्क मैनेजमेंट को कैसे स्ट्रांग कर सकते हैं। तो हमारे इसी रिस्क मैनेजमेंट की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए हमारे इसी इमोशनल मिस मैनेजमेंट को सॉल्व करने के लिए धन चार्ट्स पे आपके लिए अभी रिसेंटली आपने नोटिस किया होगा बहुत सारे नए इंडिकेटर्स आए हैं। और इन इंडिकेटर्स के आगे अगर आप नोटिस करेंगे तो यहां पर न्यू लिखा हुआ आया है। सो दैट यू नो व्हाट ऑल न्यू वी हैव इंट्रोड्यूस फॉर नाउ। एंड दोस्तों आज की इस वीडियो में मैं रिस्क मैनेजमेंट की एक बड़ी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन आपको देने वाला हूं। आपने बहुत बार मुझसे सुना होगा। मैं हमेशा से यह कहता आया हूं कि मार्केट अगर थोड़ा सा ऊपर जाती है फॉर एग्जांपल अगर मैं स्विंग ट्रेडर हूं और मार्केट अगर मेरे फेवर में 4 5 6% के आसपास जाती है तो मैं पार्शियल प्रॉफिट बुक कर लूं और बाकी प्रॉफिट्स को मैं ट्रेल कर लूं। अब यहां पर ट्रेलिंग के लिए अभी तक आप यूज़ कर रहे थे फॉर एग्जांपल सुपर ट्रेंड हो गया, पैराबॉलिक आवर हो गया या फिर 5 8 13 10 20 पीरियड की कोई मूविंग एवरेज यूज़ कर रहे थे। लेकिन लेट मी टेल यू वन थिंग। ये सारे के सारे पैराटर्स बहुत ही स्टैटिक हैं। तो हमने अब सेकंड फेस के अंदर जो धन चार्ट्स पे इंडिकेटर्स ल्च करे हैं वो सारे डायनेमिक इंडिकेटर्स हैं। डायनेमिक इसलिए है क्योंकि मार्केट लगातार चेंज हो रही है। तो आपका स्टॉप लॉस भी लगातार चेंज होते रहना चाहिए। दोस्तों आज की इस वीडियो में मैं आपके साथ दो ऐसे इंडिकेटर डिस्कस करने वाला हूं जो धन चार्ट्स पे अभी-अभी लॉन्च हुए हैं। और इन इंडिकेटर्स के थ्रू आपका रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रांग हो जाएगा। इन इंडिकेटर्स के थ्रू मैं आपको बताऊंगा कि कैसे आप अपने ट्रेड्स को सक्सेसफुली मैनेज कर सकते हैं। कैसे अपने ट्रेड के रिस्क को मैनेज कर सकते हैं और किस तरीके से अपने स्टॉप लॉसेस को ट्रेल भी कर सकते हैं। आइए विदाउट एनी डिले हम यहां पर चलेंगे धन चार्ट्स पे और देखेंगे दो इंडिकेटर्स ऐसे जो आपको स्टॉप लॉस मैनेजमेंट में हेल्प करते हैं। ऑलदो बहुत सारे इंडिकेटर्स और भी हैं। कुछ इंडिकेटर ऐसे हैं जो ट्रेड जनरेट करके देते हैं। कुछ इंडिकेटर ऐसे हैं जो स्टॉप लॉस मैनेज करते हैं। कुछ इंडिकेटर्स ऐसे हैं जो टारगेट के बारे में बात करते हैं। इस वीडियो सीरीज की अगली वीडियो में आपको कौन से इंडिकेटर के बारे में जानना है आप कमेंट्स में जरूर बताइएगा। लेकिन अभी के लिए पहले हम यहां पर स्टॉप लॉस मैनेजमेंट, रिस्क मैनेजमेंट, इमोशनल मैनेजमेंट कैसे करते हैं, उसको अप्लाई करने के लिए जो इंडिकेटर्स हैं वो मैं आपके साथ डिस्कस करने वाला हूं। यह देखिए पहले मैं आपको बताता हूं प्रॉब्लम स्टेटमेंट। यहां पर मैंने अप्लाई किया एक फाइव पीरियड ईएमए। फाइव पीरियड ईएमए जनरली प्राइसेस के साथ रहता है। लेकिन अगर यह इसके नीचे यहां से प्राइसेस चले गए थे, आपने यहां से एग्जिट कर दिया होगा। शायद आप सोच रहे होंगे कि 5 ईएमए बहुत छोटा है इसलिए हमें यहां से एग्जिट करना पड़ गया। अगर फाइव की जगह 15 होता तो ये प्रॉब्लम ना आती। हां ये प्रॉब्लम ना आती। लेकिन फिर उसके बाद यहां पर एग्जिट कर गए होते। फिर उसके बाद यहां पे एंट्री करी होती। फिर दोबारा यहां पर एग्जिट कर गए होते। उससे पहले यहां पर आपने दो-तीन बार एग्जिट किया होता। यहां पर एग्जिट किया होता। यहां पर एग्जिट किया होता। एंड सो ऑन एंड सो फॉर। दोस्तों, जब मार्केट वोलेटाइल होती है, तो हमारा स्टॉप लॉस भी तो दूर हो जाना चाहिए। क्योंकि अगर वॉर चल रहा है तो ऐसे टाइम पर आपका स्टॉप लॉस दूर होना चाहिए। अगर वॉर नहीं चल रहा नॉर्मल टाइम चल रहा है तो ऐसे टाइम पर आपका स्टॉप लॉस पास होना चाहिए। दैट्स अ वेरी नेचुरल थिंग। लेकिन आपका जो ट्रेडिशनल इंडिकेटर है जो पैराबोलिक सार है, सुपर ट्रेंड है या ईएमए जो मैंने आपको एग्जांपल के थ्रू दिखाया। ये सारे स्टैटिक पैरामीटर्स लेकर चलते हैं। फॉर एग्जांपल सुपर ट्रेंड में वो हमेशा 10 3 ही लेकर चलेगा। वो बात और है कि पिछले 10 पीरियड की अगर वो बढ़ जाएगी तो थोड़ा बहुत एडजस्टमेंट वो भी अपने अंदर कर लेगा। लेकिन अभी के लिए मैं आपको दिखाता हूं कि आप अपने स्टॉप लॉस को सही तरीके से कैसे मैनेज कर सकते हैं। यहां पर नोटिस कीजिए। यह आ जाता है एटीआर। एटीआर बताता है कि मार्केट वोलेटाइल हो गई है या मार्केट यहां पर शांत चल रही है। जिस पीरियड में मार्केट शांत चल रही थी आपका एवरेज ट्रू रेंज मतलब वोलेटिलिटी जो है वो काफी लो थी। ऐसे टाइम पर जब आपकी वोलेटिलिटी बढ़ गई है तो आपका एटीआर बढ़ गया है। और दोस्तों ऐसे टाइम पर ही आपने नोटिस किया था आपका 5 ईएमए हो या 15 ईएमए हो दोनों ने आपके स्टॉप लॉसेस को यहां पर मल्टीपल टाइम्स काटा था। लेकिन अगर आप एटीआर बेस स्टॉप लॉस लगा लेंगे तो ऐसे मूव से आप बच पाएंगे क्योंकि इस पीरियड में जब प्राइसेस बहुत वोलेटाइल हो चुके हैं। ऐसे टाइम पर आपका एवरेज टू रेंज बढ़ चुका है। तो आपका स्टॉप लॉस भी ऑटोमेटिकली दूर हो जाना चाहिए। इसके लिए हम पहला इंडिकेटर यूज करते हैं। मैंने डाला एटीआर। यहां पर आपको दिख रहा है एटीआर ट्रेलिंग स्टॉप लॉस। मैं मोस्टली फोर टाइम्स एटीआर पे काम करता हूं। अब आप यहां पर देखिए जब ये मार्केट शांत थी तो ये एटीआर बहुत ही शांत था। ये एटीआर एसएल बहुत ही शांत था। जब यह मार्केट वोलेटाइल हो गई तो ये एटीआर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। तो मेरा फोर टाइम्स एटीआर ने ऑटोमेटिकली मार्केट को संभाल लिया है। आप चाहें अगर आप एग्रेसिव ट्रेडर हैं तो आप इस पैरामीटर को टू या थ्री के आसपास रख सकते हैं। अगर आप थोड़े से मॉडरेट या कंजर्वेटिव हैं तो इस पैरामीटर को फोर से बड़ा रखिएगा। मैं मोस्टली इस पैरामीटर को फोर से बड़ा रखता हूं। ये मल्टीप्लायर है। मतलब एटीआर को कितने पीरियड से मल्टीप्लाई करना है? आप चाहें तो एटीआर की वैल्यू भी बढ़ा सकते हैं। फॉर एग्जांपल 20 पीरियड एटीआर लेकिन यहां पर वो पिछले 20 पीरियड की एटीआर ले रहा है। ऐसे केस में वो पुराना डाटा जो है उसको ज्यादा रेलेवेंस प्रोवाइड करेगा। तो अगर आप एग्रेसिव हैं तो एटीआर का नंबर बड़ा रखेंगे। अगर आप कंजर्वेटिव हैं तो एटीआर का नंबर छोटा रखेंगे। क्योंकि मैं यहां पर कंजर्वेटिव और मॉडरेट हूं। इसीलिए मेरा एटीआर का नंबर फाइव रहता है और मेरे मल्टीप्लायर का नंबर किस नंबर से मल्टीप्लाई करना है वो यहां पर फोर रहता है। अगर आप एग्रेसिव हैं तो यह नंबर बड़ा हो जाएगा और यह नंबर छोटा हो जाएगा। आप नोटिस कीजिए यह बार-बार आपको ट्रेड प्रोवाइड कर रहा है। लेकिन मैंने आपको पूरा प्रोसेस समझा दिया है। इस केस में मेरा मल्टीप्लायर बड़ा रहेगा। तो आप भी मेरी तरह ट्राई करके देखिए। छोटे टाइम फ्रेम पे, बड़े टाइम फ्रेम पे यहां पर देखिए इस नंबर को छोटा रखिए। ये एटीआई पीरियड को छोटा रखना है। मल्टीप्लायर को बड़ा रखना है। अगर आप कंजर्वेटिव हैं। उल्टा कर देंगे अगर आप एग्रेसिव हैं। अब यहां पर अपने अकॉर्डिंग आप इन पैरामीटर्स को सेलेक्ट कर सकते हैं। अब आप यहां पर देखिए अगर आप 5 मिनट्स के चार्ट पे भी काम कर रहे हैं तो मार्केट जब इतनी ज्यादा वोलेटाइल है आपका स्टॉप लॉस एक बार भी नहीं कटा है। दोस्तों यही आपको कॉन्फिडेंस प्रोवाइड करेगा क्योंकि मार्केट में जब स्टॉप लॉस कटता है तो पैसे से ज्यादा आपका कॉन्फिडेंस जाता है। अगर आपने यहां पर बाय किया है। उसके बाद मार्केट नीचे गई, ऊपर गई, नीचे गई, ऊपर गई। मार्केट बहुत बार आपके लेवल से वापस गई है। आई एम वेरी वेरीरी श्योर कि अगर आपने यहां पर कोई भी और सिस्टम यूज़ करके अपना ट्रेलिंग स्टॉप लॉस यूज़ किया होता या फिर अपने स्टॉप लॉस को प्लेस किया होता। ऐसे टाइम पर आपका स्टॉप लॉस कट जाता। लेकिन आप मजे की बात देखिए। यहां से इसने आपको बाय सिग्नल देना शुरू किया। लगातार बिठा के रखा। तो जब मार्केट ट्रेंड में है उसका एटीआर या उसका ट्रेलिंग स्टॉप लॉस बहुत ही पासपास चल रहा है। जब मार्केट साइडवेज हो जाती है तो वो ऑटोमेटिकली अपने आप को एडजस्ट कर लेता है। दिस इज द ब्यूटी ऑफ़ एटीआर स्टॉप लॉस। तो अगली बार कभी भी मैं यह बोलता हूं कि आप अपने स्टॉप लॉस को ट्रेल कर लीजिए। अगर आप एग्रेसिव हैं तो आप इन पैरामीटर्स को ऑटोमेटिकली एडजस्ट कर लेंगे। अगर आप कंजर्वेटिव हैं तो मेरा सजेशन यह रहेगा कि आप यही पैरामीटर लेकर चलिए। फाइव पीरियड का एटीए और फोर का मल्टीप्लायर। आप चाहे तो फाइव का मल्टीप्लाई भी ले सकते हैं। लेकिन ऐसे टाइम पर आपका स्टॉप लॉस फिर बहुत दूर हो जाएगा। तो मैंने नॉमिनली फाइंड किया है कि मैं फोर का मल्टीप्लाई रखता हूं तो चीजें अच्छी चलती हैं। मैं आपको सेम चीज निफ्टी के चार्ट पे करके दिखाता हूं। अब आप यहां पर देखिए निफ्टी में यहां पर बाय सिग्नल बना था। उसके बाद मार्केट नीचे आई, मार्केट ऊपर गई। अब यहां पर जब मार्केट नीचे आई, आप यह चाहते थे कि मार्केट से आपकी पोजीशन एग्जिट ना हो। अगर मार्केट साइडवेज सी चल रही है, तो। और यह साइडवेज ट्रेंड था। मार्केट आपके स्टॉप लॉस को टेस्ट करके वापस ऊपर आ जाती है। रादर मार्केट अच्छे खासे प्रॉफिट में आ जाती है। इस जगह पर देखिए मार्केट ने आपको 1 दिन के अंदर 250 पॉइंट के आसपास का मूव प्रोवाइड किया है। मार्केट उसके बाद फिर नीचे आती है। इसी लेवल से मार्केट रिवर्स करके ऊपर चली जाती है। यहां पर मार्केट नीचे आती है। फिर दोबारा मार्केट यहां से जब ऊपर चली जाती है। तो देखिए जब यह निफ्टी साइडवेज चल रही है। ऐसे टाइम पर हमारा स्टॉप लॉस जो है वह ऑटोमेटिकली अपने आप को एडजस्ट कर लेता है। दोस्तों, दिस इज़ एटीआर स्टॉप लॉस। दोस्तों, यह मैंने आपके साथ डिस्कस किया है एक इंडिकेटर। अब मैं चलता हूं अगले इंडिकेटर पे जो इसका एडवांस वर्जन है। व्हिच इज़ लेडर एटीआर। लेडर एटीआर क्या होता है? पहले मैं आपको समझा देता हूं। मार्केट में दो टाइप की वोलेटिलिटी होती है। एक होती है ग्रीन वोलेटिलिटी, एक होती है रेड वोलेटिलिटी। आई एम श्योर आप नाम से समझ गए होंगे। एक होती है अपसाइड की वोलेटिलिटी, एक होती है डाउन साइड की वोलेटिलिटी। अब दोस्तों, यहां पर लैडर एटीआर क्या करता है? यह ट्रू रेंज का जो कि एटीआर में ट्रू रेंज होती है। एटीआर मतलब एवरेज ट्रू रेंज। तो, यह तो एवरेज हो गया। अभी जो ट्रू रेंज होती है वो उसका एवरेज निकालता है। वह तो एटीआर भी निकालता है। लेकिन इसका एक ट्विस्ट है। वो ट्विस्ट क्या है? यहां पर समझिए। फॉर द अपवर्ड वोलेटिलिटी यह सिर्फ ग्रीन कैंडल्स को कंसीडर करता है। एंड फॉर द डाउनवर्ड वोलेटिलिटी यह सिर्फ रेड कैंडल को कंसीडर करता है। तो यह नॉर्मल एटीआर नहीं है। यह ग्रीन का एटीआर अलग है। रेड का एटीआर अलग है। मतलब मार्केट अगर ऊपर जा रही है तो ऊपर जाने की वोलेटिलिटी अगर ज्यादा होगी, तो ग्रीन वाला एटीआर जीत जाएगा। अगर नीचे जाने की वोलेटिलिटी ज्यादा होगी मतलब पैनिकिक मूव्स शार्प आ रहे होंगे तो रेड वाला वोलेटिलिटी या रेड वाला एटीआर जीत जाएगा। अब इन दोनों के कॉम्बिनेशन से आपका पूरा का पूरा एक लेडर तैयार हो जाता है। मैं आपको दिखाता हूं पहले इसको चार्ट्स पे अप्लाई करके। यहां पर देखिए मैं एवरेज ट्रू रेंज का ट्रेलिंग स्टॉप लॉस हटा देता हूं। और यहां पर मैंने टाइप किया लेडर एटीआर। लेडर एटीआर में देखिए जब कभी भी आपकी वोलेटिलिटी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे टाइम पर आपकी डाउनवर्ड मूव शार्प हो रही थी। इसीलिए क्योंकि मार्केट जब यहां से ऊपर गई उसके बाद से मार्केट ने यहां पर शार्प रिकवरी नीचे की तरफ दिखाई तो यहां पर आपका लेडर एटीआर ऊपर की तरफ चला गया क्योंकि आपकी रेड वाली वोलेटिलिटी बढ़ गई थी। तो ऐसे केस में इसने इमीडिएटली सेल सिग्नल दिया और उसके बाद आपको इंट्राडे में एक प्रॉफिट का ट्रेड दिया जो कि 73 पॉइंट्स डाउन था क्योंकि इंट्राडे ट्रेड है तो यहां पर मैं आपको एक बड़े टाइम फ्रेम का ट्रेड दिखाता हूं। सो दैट आपके कांसेप्ट क्लियर हो पाएं। यह एक लार्ज कैप स्टॉक लगा लेते हैं। फॉर एग्जांपल B Airtel और डेली चार्ट पर चलते हैं। अब यहां पर आप नोटिस करेंगे जब तक प्राइसेस ऊपर जा रहे हैं तब तक यह एटीआर अपने आप को ऐसे एडजस्ट करता रहेगा कि आप अपवर्ड डायरेक्शन में बैठे रहें। और जब यह मार्केट साइडवेज हो जाएगी तो यह लैडर जो है वो भी शांत हो के बैठ जाएगा। फिर जब मार्केट वापस ऊपर जाना शुरू करेगी तो लैडर ऑटोमेटिकली ऊपर जाना शुरू करेगा। यहां पर नोटिस करेंगे तो इसके जो ट्रेड्स होते हैं वह सुपर ट्रेंड के आसपास के होते हैं लेकिन उससे अलग भी हो सकते हैं। जैसे कि आप यहां पर देखेंगे। तो दोस्तों, यह लेडर एटीआर अपवर्ड और डाउनवर्ड मूव्स की वोलेटिलिटी को अलग-अलग कैप्चर करके उनका एवरेज निकालता है। फिर उनका डिफरेंस निकालता है और फिर आपको बताता है कि इसमें से कौन सा एटीआर इस समय या कौन सा मूव इस समय ज्यादा प्रॉमिनेंट है। उसके बेसिस पे आपको पता लगता है कि मार्केट में ट्रेंड क्या चल रहा है। इसके भी कुछ पैराटर्स होते हैं। लेकिन मैं इसके डिफॉल्ट पैराटर्स यूज़ करता हूं। आप यहां पर इसको स्मूथली यूज़ करना चाहते हैं। तो सबसे पहले आप इसका सिंपल मूविंग एवरेज यूज़ करना शुरू कीजिए। एच फॉर हल मूविंग एवरेज। यहां पर आप सिंपल मूविंग एवरेज पे आइए। तो लैडर एटीआर में सिर्फ आपको एक चीज चेंज करनी है कि आपने इसका एसएमए यूज़ करना है इंस्टेड ऑफ़ एनी अदर थिंग। यहां पर बाय डिफ़ॉल्ट आपको एचएमए दिखेगा। आप एसएमए पे आ जाइए और बाकी मूविंग एवरेज और एटीआर में कोई चेंज मत कीजिए क्योंकि यहां पर आप देखिए हमारा एटीआर मल्टीप्लायर ऑलरेडी फोर का ही यूज़ हो रहा है। अब आप यहां पर देखिए मैं आपको एक इंटरेस्टिंग चीज़ दिखाता हूं। अगर हम यहां से सुपर ट्रेंड अप्लाई करते हैं तो देखिए सुपर ट्रेंड ने यहां पर सेल सिग्नल दिया था। जबकि आपके लेडर एटीआर ने कई कैंडल पहले ही आपको सेल सिग्नल दे दिया था। उसके बाद मार्केट ऊपर भी गई। आपके पास मल्टीपल अपॉर्चुनिटीज थी हायर लेवल पर सेल करने के लिए। ठीक उस तरीके से अगर आप नोटिस करेंगे तो सुपर ट्रेंड ने आपको यहां पर बाय दिया। फिर यहां पर सेल दिया। फिर यहां पर बाय दिया। जबकि लेडर एटीआर ने सीधा एक बार यहां पर बाय दिया था। उसके बाद प्राइसेस यहां से ऊपर ही गए हैं। तो लेडर एटीआर कैन बी सीन एज अ सुपीरियर सुपर ट्रेंड फॉर यू। क्योंकि सुपर ट्रेंड आपके पिछले कुछ दिनों के एटीआर का एवरेज निकालता है। जबकि लैडर एटीआर ग्रीन और रेड का एवरेज अलग-अलग निकालता है। फिर उनका डिफरेंस निकाल के यह देखता है कि कौन जीत रहा है और उसी डायरेक्शन में आपको बिठाता है। तो दोस्तों ये दो इंडिकेटर हैं जो आपको जरूर यूज़ करने चाहिए। और मैंने दोनों इंडिकेटर्स के पैरामीटर्स आपके साथ डिस्कस किए हैं। पहले इंडिकेटर में जहां पर हमने एटीआर एसएल यूज़ किया था वहां पर हमने एटीआर की वैल्यू को फोर कर दिया था। और क्योंकि दूसरे केस में लेडर एटीआर में एटीआर की वैल्यू मल्टीप्लाई ऑलरेडी फोर की थी। हमने यहां पर कोई चेंज नहीं किया। सिर्फ एचएमए हल मूविंग एवरेज जो थोड़ी सी एडवांस्ड होती है, थोड़ी सी ज्यादा वोलेटाइल होती है, उसको हटा के हमने एसएमए कर दिया है। और यहां से आपको ट्रेड जल्दी मिल जाते हैं। यहां से आपको ट्रेड सुपीरियर मिल जाते हैं। तो अगली बार दोस्तों किसी भी एक लेवल पर आपको प्रॉफिट बुक करने की जरूरत नहीं है। जैसे ही आपका प्रॉफिट आए, जैसे ही आपका प्रॉफिट टारगेट आए, आप पार्शियल प्रॉफिट बुक कीजिए और इसके साथ-साथ दोनों इंडिकेटर्स को अप्लाई कर दीजिए। जो पहले आपको एग्जिट देगा, उसके अकॉर्डिंग आप एग्जिट हो जाइए। इस तरीके से आप बड़ा ट्रेंड कैच कर पाएंगे। तो दोस्तों, यह जो इंडिकेटर की मैं सीरीज लेकर आया हूं, यह आप ही की रिक्वेस्ट पर लेकर आया हूं। आप में से बहुत सारे लोगों ने मुझे YouTube लाइव पर बोला था कि आपको यह इंडिकेटर समझने हैं। तो मैं आपको उनके लॉजिक समझा रहा हूं। तो अगली वीडियो में मैं जो इंडिकेटर डिस्कस करने वाला हूं वो सिर्फ इंडिकेटर नहीं है। उसके ऊपर एक कंप्लीट स्ट्रेटजी है। अगर आप वो इंडिकेटर और स्ट्रेटजी जानना चाहते हैं तो कमेंट्स में डवर्स लिख दीजिए। डी ए आर वी एएस। मैं आपको अगली वीडियो में डवर्स इंडिकेटर और उसकी स्ट्रेटजी समझाऊंगा डिटेल में। मिलते हैं अगली वीडियो में। बाय-ब टेक केयर ऑफ योरसेल्फ। जाने से पहले प्लीज मेक श्योर कि वीडियो को लाइक कर दीजिएगा। बाय। इन्वेस्टमेंट्स [घंटी की आवाज़] इन द सिक्योरिटीज मार्केट आर सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क। रीड ऑल द रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स केयरफुली बिफोर इन्वेस्टिंग।

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