I Tested 10,000 Liquidity Sweep & Found a Trading Strategy | Trading for Beginners — backtested on Indian market data | FakeTrades
FakeTrades.in
← all strategies

I Tested 10,000 Liquidity Sweep & Found a Trading Strategy | Trading for Beginners

Neeraj joshi · watch on YouTube ↗
Analysed 25 Oct 2026, 08:38 AM IST
★★★☆☆ 3.0 / 5
🌐
Heads up: this strategy was originally created for the crypto market. We applied the exact same logic to Indian stocks & indices and the backtest completed successfully — every result below is on Indian market data.

Why 3.0/5? (stars grade the EDGE — per-trade expectancy, consistency, drawdown — not the headline return)

  • ✓ A real but modest per-trade edge: +0.22R across 240 trades

Verdict

Auto-backtested. AI-decoded: Liquidity sweep + engulfing candle pattern on 4H/5M timeframe (bullish after low sweep, bearish after high sweep) with 1:2 risk-reward; backtested on 5-year crypto data showing 48.6% win rate and cons Ran on 159 large/mid-caps, real costs. 240 trades, win 47%, payoff 1.52, expectancy +0.22R/trade (avg +0.29%/trade).

This is a real edge. Reasonably consistent (88% of years positive).

Mechanically decoded from the transcript and scored from the metrics. Flagged for human review; a hand-vetted verdict can override it.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?

Is it profitable? (green above the line = made money, red below = lost it)

₹2,00,000 portfolio (max 5 positions, across the stock universe — real delivery costs)

Return+18.3%
CAGR+2.4%
Max drawdown-6.4%
Trades233 · 110 won
₹200,000 → ₹236,516  ·  2019-04-18 → 2026-06-08
20192020202120222023202420252026
+1%+5%+4%+2%+3%+1%+1%+1%

Simulated on the 159 large/mid-cap universe. Capital-constrained, daily mark-to-market.

Year by year (every trade the rules fired, across the tested stocks)

YearTradesWin %ExpectancyAvg return / trade
20191953% +0.45R +0.51%
20204448% +0.31R +0.66%
20214146% +0.25R +0.35%
20223546% -0.06R +0.11%
20233057% +0.53R +0.40%
20243139% +0.02R -0.01%
20252544% +0.14R +0.02%
20261540% +0.09R +0.08%

Where this strategy made & lost money (the full stock-by-stock breakdown — 117 stocks, incl. 2026)

#StockTradesWin%Avg/tradeBestTotal2026
1 ████████ 425% +0.0% +6% +0% +6%
2 ████████ 450% +1.2% +6% +5% +5%
3 ████████ 1100% +2.6% +3% +3% +3%
4 ████████ 1100% +3.0% +3% +3% +3%
5 ████████ 475% +0.9% +2% +3% +2%
6 ████████ 425% -0.7% +2% -3% +1%
7 ████████ 3100% +4.5% +5% +13% +0%
8 JINDALSTEL free peek 475% +1.9% +5% +8% +0%
9 ████████ 2100% +3.8% +4% +8% +0%
10 ████████ 2100% +3.9% +4% +8% +0%
11 ████████ 2100% +3.7% +4% +7% +0%
12 ████████ 2100% +3.0% +3% +6% +0%
13 ████████ 2100% +2.9% +3% +6% +0%
14 ████████ 1100% +6.2% +6% +6% +0%
15 ████████ 450% +1.2% +7% +5% +0%
16 ████████ 560% +1.0% +3% +5% +0%
17 ████████ 250% +2.3% +6% +5% +0%
18 ████████ 560% +1.0% +3% +5% +0%
19 ████████ 450% +1.1% +7% +5% +0%
20 ████████ 250% +2.7% +8% +5% +0%
21 ████████ 20% -3.0% +-3% -6% -3%
22 ████████ 520% -1.0% +3% -5% -2%
23 ████████ 10% -2.1% +-2% -2% -2%
24 ████████ 425% +0.0% +5% +0% -2%
25 ████████ 250% -0.1% +2% +0% -2%
26 ████████ 250% +0.4% +3% +1% -2%
27 ████████ 250% +2.0% +6% +4% -2%
28 ████████ 540% +0.3% +5% +1% -1%
29 ████████ 30% -2.9% +-3% -9% +0%
30 ████████ 10% -5.6% +-6% -6% +0%
You can see the numbers — see the names. Unlock every stock in this breakdown and download it as Excel. The worst stock in this table returned -9% under these exact rules — one wrong pick costs many times the unlock.

Educational backtest output only — not investment advice or a recommendation to buy/sell any security. AI-generated from stored historical data; not 100% accurate. Past performance is not indicative of future results.

Full transcript (5466 words)
मैंने पिछले 5 साल में बने 10,000 लिक्विडिटी स्वीप को बैक टेस्ट किया है ताकि आपको यह ना करना पड़े और उसके बेसिस पे मैं बताने जा रहा हूं कि कौन सी स्ट्रेटजी काम करती है और कौन सी नहीं। यहां पर हमने टोटल 4 लाख कैंडल्स को बैक टेस्ट किया था। तो चलिए सीधा मेरी स्क्रीन पे चलते हैं। यहां पर हमने पूरा रिजल्ट दिखाने के लिए आपके लिए एक वेबसाइट बना रखी है जिसमें आप देख सकते हैं कि 3,97,300 टोटल बार्स थे। यह वो टाइम फ्रेम था जिसमें हमने 5 साल में बैक टेस्ट किया है। और यहां पर मैं आपको बता दूं कि जो हमने लिक्विडिटी स्वीप मार्क किए हैं वो 4 घंटे के टाइम फ्रेम में है और जो एंट्रीज हैं वो 5 मिनट के टाइम फ्रेम में है। अब यहां पर हमने बहुत सारे तरीके की एंट्रीज प्लान की है। जैसे यहां पर आप टोटल चार तरीके देख सकते हैं जिसके बेसिस पे हमने एंट्री की है। लिक्विडिटी स्वीप तो हुआ है बट उसके बाद एंट्री किसके ऊपर होगी यह सबसे ज्यादाेंट होता है। तो यहां पर जो चार तरीके हमने फॉलो किए हैं उसमें जो सबसे पहला तरीका है उसके बेसिस पे जैसे ही लिक्विडिटी स्वीप होता है उसके बाद अगर कोई बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न बनता है या बयरिश एंगल्फिंग पैटर्न बनता है हम उसके बेसिस पे एंट्री करते हैं। दूसरी जो हमारी स्ट्रेटजी है उसमें जैसे ही लिक्विडिटी स्वीप होता है उसके बाद जब एफवीजी बनता है और फिर प्राइस जब एफवीजी को टैप करती है तब हमारी एंट्री होती है। इसके बाद थर्ड जो हमारा एंट्री मॉडल है इसमें एफवीजी बनता है। लेकिन यहां पर एफवीजी बनने के डायरेक्ट बाद हम एंट्री ले लेते हैं। टैब का वेट नहीं करते। एंड फाइनली जो हमारा फोर्थ एंट्री मॉडल है इसमें लिक्विडिटी स्वीप के बाद हमने आईएफजी का यूज किया है। तो चारों एंट्री मॉडल मैंने आपको बता दिए हैं। इनमें से जो एंट्री मॉडल सबसे बढ़िया काम कर रहा होगा उस स्ट्रेटजी को मैं लास्ट में आपको डिटेल में भी बताऊंगा। अभी फिलहाल मैं आपको बता दूं कि ये डाटा क्रेडिबल है ये आपको पता कैसे चलेगा। तो इसके लिए हमने पिछले 5 साल का MT5 का जो डाटा था उसको पूरा डाउनलोड किया। उसके बेसिस पे हमने ये अपनी कोडिंग की [संगीत] और उसके बाद जाके हमने पूरा जो टेस्ट है उसको किया है। साथ ही फिर आपको रिजल्ट दिखाने के लिए हमने ये पूरी वेबसाइट बना रखी है जिस पे हम आपको रिजल्ट दिखा रहे हैं। यानी हमने जो भी स्टैंडर्ड प्रोसीजर होता है उसी का फॉलो किया है। तो अब चलिए एक-एक करके इन सारी स्ट्रेटजीस का बैक टेस्ट देखते हैं। सबसे पहले हम फ्रैक्टल की बात करें यानी जो हमने हाई एंड लो मार्क किया है वो हमने 4 घंटे के टाइम फ्रेम पे मार्क किया है। हम 1 घंटे का टाइम फ्रेम भी यूज़ कर सकते हैं। उस पे जो रिजल्ट होगा वो डिफरेंट निकल कर आएगा। लेकिन 4 घंटे के टाइम फ्रेम में हमने देखा कि चीजें बेटर काम कर रही थी। इसलिए हमने 4 घंटे का टाइम फ्रेम सेलेक्ट किया। अब इसके बाद एंट्री मॉडल सेलेक्ट कर लेते हैं। तो टोटल यहां पे चार एंट्री मॉडल हैं। सबसे पहले एफवीजी मार्केट वाला मॉडल सेलेक्ट करेंगे। क्या है वो भी मैं आपको बताऊंगा। इसके बाद यहां पर आप स्वीप में देख सकते हैं। या तो हम यहां से सेलेक्ट कर सकते हैं कि सिर्फ विक से स्वीप हुआ हो हम उसको लेंगे या फिर बॉडी क्लोज वाला स्वीप हुआ हो हम उसको लेंगे या फिर हम किसी को भी लेंगे। तो हमने एनी सेलेक्ट कर लिया है। अब इसके बाद हमारे लिए रिस्क रिवॉर्ड इंपॉर्टेंट होता है। अब अगर आप रिस्क रिवॉर्ड बढ़ाते चले जाओगे तो वहां पर विन रेट कम होगा। तो हमने 1:2 का रिस्क रिवॉर्ड रखा है। हम इसको आगे चलके बढ़ाकर भी आपको दिखा सकते हैं। इसके बाद इनिशियल कैपिटल जिस पे हमने बैक टेस्ट किया है वो $00 की है। और रही बात रिस्क पर ट्रेड की तो हमने 1% रिस्क पर ट्रेड रखा है आपको ये रिजल्ट दिखाने के लिए। तो सबसे पहले इस स्ट्रेटजी का अगर हम रिजल्ट देखेंगे तो आप देखकर बिल्कुल शॉक हो जाओगे क्योंकि इस स्ट्रेटजी ने यहां पर अब थोड़ा सा जो क्योंकि इतना सारा डेटा है तो कैलकुलेशन होने में थोड़ा सा टाइम लग जाता है। तो यहां पर रिजल्ट निकल कर आ गया है। अगर हम ये सारी कंडीशन फॉलो करते हैं और एफवीजी मार्केट को यूज़ करते हैं। एफवीजी मार्केट का मतलब है कि जैसे ही एफवीजी बना, हमने वैसे ही एंट्री ले ली। हमने टैब का वेट नहीं किया है। तो इस केस में यह जो स्ट्रेटजी है, इसका विन रेट सिर्फ 34.9% का है। अगर मैं 1:2 लेके चल रहा हूं और 1% पर ट्रेड का रिस्क रिवॉर्ड लेके चल रहा हूं। यानी इसका मतलब यह है कि आपकी जो कैपिटल है वो आगे जाके बिल्कुल खत्म हो गई होती। आप देख सकते हैं कि $00 की जो कैपिटल है वो किस तरीके से आगे जाकर बिल्कुल $800 के आसपास बचती। उसके बाद हो सकता है कि ट्रेड ही नहीं बन रहा होगा। तो यहां पर टोटल 1600 ट्रेड के बाद आपकी कैपिटल हो चुकी होती ज़ीरो। यानी आपने 3-4 साल, 5 साल मेहनत करी और आखिर में हाथ में कुछ भी नहीं आया। अब अगर मैं इस जगह पर रिस्क रिवॉर्ड को थोड़ा सा बढ़ा के देखूं। जैसे अगर मैं 1:3 का रिस्क रिवॉर्ड कर दूंगा तो यहां पर भी आप देख सकते हैं कि इसमें भी ओवरऑल लॉस है। अगर मैं रिस्क रिवॉर्ड को बढ़ा लेता हूं थोड़ा और तो यहां पर भी आप देख सकते हो कि टोटल लॉस है। अगर मैं रिस्क रिवॉर्ड को यहां पर 1:2 रख लेता हूं। लेकिन रिस्क पर ट्रेड को बढ़ा देता हूं। 1:2 कर देता हूं। तो उसके बाद भी आप देख सकते हैं हर सिचुएशन में अगर हम टैब का वेट नहीं करेंगे तो इसका मतलब लॉस होगा लिक्विडिटी स्वीप होने के बाद हम एफपीजी के बेसिस पर एंट्री ले रहे हैं लेकिन टैब का वेट नहीं कर रहे हैं। तो ये स्ट्रेटजी तो यहां पर काम नहीं कर रही है। तो अब चलो जो दूसरी स्ट्रेटजी है जिसमें टैप होगा उसको भी टेस्ट कर लेते हैं। तो यहां पर हमने एफपीजी टैब पे क्लिक किया। ऐड टू चार्ट पे क्लिक किया। तो आप देख सकते हैं यह स्ट्रेटजी भी चार्ट पे ऐड हो चुकी है। अब इसके बेसिस पे क्योंकि यहां पर जो कंडीशंस है वो बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। तो इतने ज्यादा ट्रेड्स मिले ही नहीं है। तो अगर इतने ज्यादा ट्रेड्स नहीं मिले हैं तो जाहिर सी बात है कि चार्ट जो है वो हमारा पहले ही खत्म हो चुका होगा। क्योंकि इसमें होता क्या है कि सबसे पहले यहां स्ट्रेटजी समझो। हो क्या रहा है कि सबसे पहले यहां पर पहले तो एफवीजी बनना चाहिए। यानी ऐसी नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल बने। उसके बाद अगली कैंडल यहां पर आकर टैप भी करें। तो हर बार ऐसा नहीं होता। बहुत कम बार होता है इसलिए उतने ज्यादा ट्रेड ही नहीं हो पाए हैं और यहां पर बिल्कुल आइडियल कंडीशन चल रही है क्योंकि आपको पता है कि एल्गो काम कर रहा है। थोड़ा बहुत तो आप खुद से भी चेंज कर सकते हैं। लेकिन इस केस में भी आप देखेंगे कि यह जो स्ट्रेटजी है इसने कोई खास प्रॉफिट नहीं दिया है और यहां पर टोटल 174 ट्रेड्स बनाए हैं। अगर मैं इस जगह पर अपना जो रिस्क पर ट्रेड है उसको बढ़ा के 2% कर देता हूं तो अब आप देख सकते हैं अगेन कोई भी हमें फायदा नहीं हुआ। अगर मैं यहां पर विन रेट को बढ़ा के 1:3 कर दूं तो भी आप देख सकते हैं कोई भी खास यहां पर फायदा नहीं हुआ है। यानी यह स्ट्रेटजी भी अच्छे से काम नहीं कर रही है। लॉस दे रही है। अब इसके बाद आ जाता है हमारी आईएफजी वाली स्ट्रेटजी। चलो इसको भी लगा के देख लेते हैं। तो आईएफजी के लिए हमने यहां से आईएफजी सेलेक्ट कर लिया। बाकी 1:2 वाली कंडीशन पे ही टेस्ट करेंगे और यहां पर रिस्क पर ट्रेड को 1% रखेंगे। तो यहां पर आप देख सकते हैं रिस्क पर ट्रेड मैंने 1% कर लिया है। अब ऐड टू चार्ट पर क्लिक करते हैं। तो अब आप देख सकते हैं थोड़ी बहुत यहां पर कैलकुलेशन चल रही है। तो यहां पर आप देख सकते हैं कि ये जो आईएफपीजी वाला चार्ट है वो भी हमारे स्क्रीन पे आ चुके हैं। तो यहां पर आप देखेंगे कि कई जगह पे ट्रेड्स ने काम किया था तो कैपिटल बढ़ रही है। कई जगह पे लॉस हो रहा है। तो यहां पर कैपिटल घट भी रही है। पूरा यहां पर आपको हिसाब देखने को मिल रहा है। तो अब आप देख सकते हैं कि ठीक है यह स्ट्रेटजी तो काम कर रही है। इसमें इसका जो विन रेट है वह सिर्फ 36.7% का है। जिसके बाद 5 साल में आपको 84.7% के रिटर्न्स बने हैं। तो अब ये जो रिटर्न्स हैं ये बुरे नहीं है लेकिन शायद आपकी एक्सपेक्टेशन इससे ज्यादा होगी। तो यहां पर आप रिस्क पर ट्रेड को अगर बढ़ा लेंगे यहां पर जैसे ही हम रिस्क पर ट्रेड को बढ़ाते हैं तो अब आप देखेंगे कि आपके जो रिटर्न्स हैं वो भी बढ़ चुके हैं। जो अमाउंट है वो भी बढ़ चुका है। अब यहां पर अगर हम रिस्क रिवॉर्ड को बढ़ा लें तो आप देखेंगे कि भाई मैंने 1:4 का रिस्क रिवॉर्ड रखा है। तो अब हमारा जो विन रेट होगा वो घट गया होगा। देखो यहां पर जो हमारा विन रेट है वो 25% का रह गया है। लेकिन उसके बाद आप देख सकते हैं कि रिटर्न्स भी कुछ खास नहीं बने हैं। यानी रिस्क रिवॉर्ड भी बहुत ज्यादाेंट है। अगर मैं 1:3 का रिस्क रिवॉर्ड लेके चलूंगा तो यहां पर आप देख सकते हैं यहां पर हमारे जो रिटर्न्स हैं वो कम बने हैं। यानी 1:2 अगर मैं लेके चल रहा हूं तो फिर यहां पर जो हमारा ट्रेड है वो ज्यादा सही बैठ रहा है। हमने रिस्क पर ट्रेड जो है वो 2% का रखा है। अब फाइनली हमारे बैक टेस्ट में जो सबसे बेस्ट स्ट्रेटजी निकल कर आई है, मैं आपको वो स्ट्रेटजी दिखाता हूं। लेकिन पहले उस स्ट्रेटजी को ना थोड़ा समझ लेते हैं क्योंकि आखिर में जब वो स्ट्रेटजी बेटर है मैं आपको बता रहा हूं तो उस स्ट्रेटजी को देखना भी हमारे लिए जरूरी है समझना भी जरूरी है लेकिन उससे पहले अगर आप बिटकॉइन इथेरिया में गोल्ड में इंडिया में रहते हुए लीगली ट्रेड करना चाहते हैं एफआईओ रजिस्टर्ड प्लेटफार्म के थ्रू तो आप डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन कर सकते हैं। लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करने पर आपको हमारी तरफ से अराई का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन तो मिलता ही है। साथ ही हम आपको हमारे प्राइवेट Telegram ग्रुप में ऐड भी करेंगे। बट उसके लिए नीचे Google फॉर्म दे रखा है। हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करने के बाद उस Google फॉर्म को भी जरूर फिल कर लीजिए। तो अब चलिए यह जो स्ट्रेटजी है इसको समझते हैं। तो इस स्ट्रेटजी में सबसे पहली चीज जो आपने समझनी है वो है एंगल्फिंग कैंडल। तो यहां पर मैंने Google में एंगल्फिंग कैंडल ओपन कर ली है। तो एंगल्फिंग कैंडल दो तरह की होती है। एक होती है बेयरिश एंगल्फिंग दूसरी होती है बुलिश एंगल्फिंग। तो यहां पर आपको एंगल्फिंग कैंडल दिखाई दे रही है। एंगल्फिंग कैंडल कहती क्या है? पहले ये समझो। अगर आपको दिखाई देता है कि एक रेड कलर की कैंडल बनी है। सबसे पहले रेड कलर की कैंडल बनी छोटी कैंडल थी। उसके बाद एक ग्रीन कलर की कैंडल बनती है जो कि रेड कैंडल की कैंडल के क्लोज के नीचे ओपन होती है। यानी यहां पर जाकर ओपन हो रही है। और यह जो रेड कैंडल है इसके ऊपर जाकर क्लोज हो जाती है। यानी अगर आप इस ग्रीन कैंडल के ओपन एंड क्लोज से लगते हुए इस तरीके से लाइन ड्रॉ करेंगे तो यह जो रेड कैंडल है यह पूरा इसके अंदर आ जाती है तो इसको हम एंगल्फिंग कैंडल कहते हैं। और क्योंकि इसके बाद वाली जो कैंडल है जिसने एनंगल्फ किया है वो ग्रीन कलर की है इसलिए यह बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न है। और इसका उल्टा अगर आपको दिखाई देता है कि एक ग्रीन कलर की कैंडल बनी है और उसके बाद एक रेड कलर की कैंडल बनती है जो कि ग्रीन कलर की कैंडल के क्लोज के ऊपर ओपन होती है और ग्रीन कलर की कैंडल के ओपन के नीचे जाकर क्लोज हो जाती है। तो अगर आप इस रेड कलर की कैंडल के ओपन एंड क्लोज से लगते हुए लाइन ड्रॉ करेंगे तो ये पूरी ग्रीन कैंडल इस रेड कैंडल के अंदर आ जाएगी। तो इसलिए ये क्या है? ये एक बेयरिश एंगल्फिंग पैटर्न है। अब इसके पीछे लॉजिक क्या है? थोड़ा सा वो भी समझ लेते हैं। तो यहां पर लॉजिक यह है कि अगर रेड कलर की कैंडल बनी है इसका मतलब उस पर्टिकुलर टाइम पे सेलर्स ज्यादा हावी थे इसलिए वो प्राइस को नीचे लेके गए और उसके बाद अगर ग्रीन कलर की कैंडल बनती है जो कि उसके नीचे से ओपन हो रही है और सीधा उसके ऊपर तक जा रही है। मतलब जितना सेलर्स प्राइस को नीचे लेके गए थे बयरर्स उससे नीचे से लेके आए और ऊपर तक लेके चले गए। इसका मतलब बयरर्स बहुत ज्यादा अग्रेसिव हैं। तो इसलिए यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस होते हैं और इसका उल्टा होता है तो प्राइस के गिरने के चांसेस होते हैं। तो एंगल्फिंग कैंडल का लॉजिक आपको क्लियर हो गया। तो अब चलिए सीधा स्ट्रेटजी समझ लेते हैं। तो यहां पर हमने सबसे पहले क्या करना है? हमने 4 ऑवर के टाइम फ्रेम में जाना है और हाई एंड लो को मार्क कर लेना है। तो हाई एंड लो मैंने मार्क कर लिया है। अब देखिए यहां पे एक चीज का ध्यान दीजिए। अभी यहां पर जो प्राइस चल रही है वो 78,000 के आसपास चल रही है। जो मैंने लो मार्क कर रखा है वो 77,869 का मार्क कर रखा है। मोटा-मोटा 600 पॉइंट के आसपास का लो है। तो 600 पॉइंट तो बिटकॉइन नीचे आ सकता है। लेकिन यहां पर जो मैंने हाई मार्क कर रखा है वो 3000 पॉइंट का है। अब एकदम से प्राइस के 3000 पॉइंट जाने के चांसेस जो होंगे वो बहुत कम होंगे। तो हमारे लिए जरूरी नहीं है कि हर बार हम हाई भी मार्क करें। तो आपका लो मार्क करके भी काम चल सकता है। लेकिन मार्क कर भी लोगे तो कोई नुकसान नहीं है। और अगर आपको हाई एंड लो मार्क करने में कंफ्यूजन होता है तो आपने क्या करना है? आपने 4 ऑवर के टाइम फ्रेम में जाना है। उसके बाद इंडिकेटर में जाओ और यहां पर ना फ्रैक्टल लिख के सर्च करो। जैसे ही आप फ्रैक्टल लिख के सर्च करोगे तो आपको दिखाई दे रहा है विलियम फ्रैक्टल्स। आपने इस पे क्लिक कर देना है। जैसे ही आप इस पे क्लिक करते हो तो यहां पर आप देख सकते हो इस तरीके से हाई एंड लो आपको यहां पर चार्ट में देखने को मिलता है। तो जैसे ही यहां पर अगर यह डॉट बन चुका है या एरो बन चुका है तो इसका मतलब यह लो है और यह वाला जो है यह हमारा हाई है क्योंकि वहां पर आप देख सकते हो एक एरो बन रखा है। मैं इसका जो कलर है वो हमने बाय डिफॉल्ट वाला यूज़ करते हैं। तो बाय डिफॉल्ट में ऊपर वाला आपको दिखाई दे रहा है। हाई है तो ग्रीन कलर का होगा। लो है तो रेड कलर का होगा। तो हमने ये लो इस तरीके से भी आप मार्क कर सकते हो। तो 4 घंटे के टाइम फ्रेम में हमने हाई एंड लो को मार्क कर लिया। चलो हाई भी मार्क कर ही देता हूं ताकि कोई वो ना [संगीत] रहे। तो इस तरीके से हमने हाई एंड लो मार्क कर लिया। अब हमने क्या करना है? अब हमने आ जाना है 5 मिनट के टाइम फ्रेम में। तो यहां से हम सीधा 5 मिनट के टाइम फ्रेम में आ जाते हैं। अब 5 मिनट के टाइम फ्रेम में आओगे तो फिर 5 मिनट का हाई एंड लो हमारे लिए रेलेवेंट नहीं है। तो यहां पर हम क्या कर सकते हैं? फ्रक्टल को बंद भी कर सकते हैं। आप मैनुअली भी अपनी आंखों से देख के भी हाई एंड लो मार्क कर सकते हो। तो अब जब आपने 4 घंटे के टाइम फ्रेम में हाई एंड लो मार्क कर लिया है, 5 मिनट के टाइम फ्रेम में आ गए हैं तो अब आपने वेट करना है कि प्राइस या तो हाई को स्वीप करे या तो लो को स्वीप करे। अगर आपको नहीं पता कि हाई एंड लो को स्वीप करना क्या है तो चलिए वो भी दिखा देता हूं। तो यहां पर एक बार चार्ट को रिसेट कर देता हूं ताकि चीजें हमें बड़ी-बड़ी नजर आए। तो यहां पर आप देख सकते हैं वही हमारा हाई एंड लो है। बट मैंने यहां पर चार्ट को थोड़ा सा बड़ा कर लिया है। इसलिए आपको चीजें जो हैं वो काफी दूर नजर आ रही हैं। तो अब हमें वेट करना है स्वीप होने का। स्वीप क्या होता है वो आप यहां पर देख सकते हैं। अभी तक फिलहाल स्वीप नहीं हुआ है और क्योंकि हम 5 मिनट के टाइम फ्रेम में देख रहे हैं तो स्वीप इतनी जल्दी होता हुआ नजर भी नहीं आएगा। तो यहां पर आप देख सकते हैं कि अब हमें एक स्वीप होता हुआ नजर आया है। अब ये स्वीप है क्या? चलिए समझिए। तो स्वीप का मतलब होता है कि जब भी आपको दिखाई देता है कि प्राइस जो है वो इस लो से नीचे जाती है। हमने यहां पर अपना लो मार्क कर रखा था ना तो प्राइस इस लो के नीचे आई तो इस कैंडल में नीचे आ गई थी और वापस से इस ग्रीन कलर की कैंडल में आप देख सकते हैं कि जो लो था प्राइस वापस से उसके ऊपर चली गई है। तो पहले प्राइस इस लो के नीचे आई उसके बाद वापस से ऊपर चली गई। तो इसका मतलब बहुत सारे लोग जिन्होंने यहां पर पहले बाय कर रखा होगा उनका यहां पर स्टॉप लॉस रहा होगा तो उनका स्टॉप लॉस हिट करवा दिया गया है। तो इसको कहा जाता है लिक्विडिटी स्वीप करना। तो अब जब लिक्विडिटीज को स्वीप कर लिया गया है तो अब हमें वेट करना है एक ऐसे पैटर्न का जो कि बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न हो। ध्यान रखो जब नीचे का लिक्विडिटी स्वीप होता है तो प्राइस के बढ़ने के चांसेस होते हैं और प्राइस बढ़ेगी तो हम जाहिर सी बात है बुलिश एंगल्फिंग ढूंढेंगे और ऊपर का स्वीप होता है तो प्राइस के गिरने के चांसेस होते हैं। तो वहां पर हम बेयरिश एंगल्फिंग पैटर्न को देखेंगे। तो यहां पर मैं आपको एक चीज दिखाऊं तो जैसे ही यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि प्राइस ने स्वीप किया है ना उसके साथ ही आपको दिखाई देगा कि यहां पर एक एंगल्फिंग पैटर्न भी बन चुका है। मैं इसको ज़ूम करके दिखाता हूं तब आपको ज्यादा बढ़िया नजर आएगा। यहां पर आप देख सकते हो कि हमारा पहले रेड कलर की कैंडल बनी थी। उसके बाद एक ग्रीन कलर की कैंडल बनी है। जिसकी बॉडी के क्लोज से लगते हुए आप लाइन ड्रॉ करेंगे तो आपको दिखाई देगा कि पूरी जो रेड कैंडल है वो उसके अंदर आ चुकी है। यह देख सकते हैं। ग्रीन कलर की कैंडल के क्लोज से लगते हुए मैंने इस तरीके से एक एरिया ड्रॉ किया। आपको दिखाने के लिए कर रहा हूं। आपको करने की जरूरत नहीं है। और यह जो हमारी ग्रीन कलर की कैंडल है, इसके ओपन से लगते हुए एक एरिया ड्रॉ किया। तो, आप देख सकते हैं कि जो इससे पहली वाली रेड कलर की कैंडल है, वो पूरा इसके अंदर आ चुकी है। यानी यह क्या है? यह है हमारा एक बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न जो कि मैंने आपको दिखा भी दिया था। तो जैसे ही यह पैटर्न बन जाता है, तो उसकी अगली कैंडल में यानी यहां पर हम अपनी लॉन्ग करने की पोजीशन ले सकते हैं। हमारा जो स्टॉप लॉस रहेगा वो ये जो लो है इससे थोड़ा सा नीचे देखिए मार्जिन छोड़ते हुए रखेंगे तो बेटर रहेगा। वहां पे हमारा स्टॉप लॉस रहेगा। और रही बात टारगेट की तो 1:2 का हम टारगेट लेकर चल सकते हैं। तो 1:2 का जो हमारा टारगेट है वो करीब-करीब यहां पर आपको बनता हुआ नजर आता है। तो इस तरीके से हमारा यहां पर आप देख सकते हैं कि ट्रेड बन गया है। अब ट्रेड कैसा परफॉर्म कर रहा था वो देखने के लिए चलिए देखते हैं आगे क्या होता है। तो यहां पर आप देख सकते हैं कि इसके बाद जो प्राइस है वो यहां से थोड़ा सा नीचे आती है फिर बढ़ने लग जाती है। और अभी आप देख सकते हैं प्राइस थोड़ा हमारी इस रेंज में ही घूम रही है। फिर यहां पर रेंज में घूम रही है। और आगे चल के आप देखेंगे तो आपको दिखाई देगा कि हमारा जो टारगेट है वो यहीं पर ही इवन हिट हो चुका था। तो इस तरीके से आप अपना जो ट्रेड है उसको प्लान कर सकते हैं। इवन मैं यहां पर एक और चीज आपको दिखाता हूं। देखो अगर मैंने मान लो यहां पर एंट्री नहीं ली तो उसके बाद मुझे फिर से एक और एनंगल्फिंग पैटर्न देखने को मिला है। यहां पर आप देख सकते हैं ग्रीन कलर की कैंडल है। लेकिन इससे पहले की जो रेड कैंडल है अगर मैं इसके ओपन एंड क्लोज से लगते हुए लाइन ड्रॉ करूं तो ये क्या है? यह हमारा एंगल्फिंग पैटर्न है। एंगल्फिंग पैटर्न में विकेंट नहीं होती है। ओपन एंड क्लोज यानी बॉडी ही इंपॉर्टेंट होती है। तो यह जो ग्रीन कलर की बॉडी है इसके अंदर पूरी हमारी रेड कलर की कैंडल आ रही है। तो जाहिर सी बात है कि यहां से उसके बाद प्राइस के बढ़ने के चांसेस हैं। तो आप इस जगह पे भी एंट्री ले सकते थे। यहां पर भी अपना स्टॉप लॉस रख सकते थे। इवन फिर से आपको आगे चल के एक और बार एंगल्फिंग पैटर्न देखने को मिला है। आप देख सकते हैं यहां पर एक काफी बड़ी ग्रीन कलर की कैंडल है और जो रेड कैंडल है अगर इनकी बॉडी से लगते हुए मार्क करोगे तो एक और एंगल्फिंग पैटर्न आपको देखने को मिल रहा है। तो कई जगह पे आपको यहां पर एंट्री मिल रही थी। तो इस तरीके से आप अपनी जो एंट्री है वो प्लान कर सकते हैं। अब इसका एक बेयरिश एग्जांपल भी देख लेते हैं। तो यहां पर आप देख सकते हैं मैंने 4 घंटे के टाइम फ्रेम में हाई एंड लो मार्क कर रखा है। अगर प्राइस ऊपर जाके स्वीप करेगी तो हम शॉर्ट करने की एंट्री लेंगे। नीचे जाके स्वीप करेगी तो हम बाय करने की एंट्री लेंगे। तो हमने 4 घंटे में जब मार्क कर लिया तो अब हम आ जाते हैं 5 मिनट के टाइम फ्रेम में। तो जैसे ही हम 5 मिनट के टाइम फ्रेम में आते हैं तो यहां पर आप देख सकते हैं कि जो प्राइस है वो अभी बीच पे चल रही है। हमें वेट करना है स्वीप होने का। तो चलिए देखते हैं कि आगे चल के कहां पे स्वीप होता है। तो यहां पर अगर आप ध्यान से देखेंगे मैं थोड़ा इसको बड़ा कर देता हूं। तो आपको दिखाई देगा कि ऊपर का जो है यानी ऊपर की साइड पे लिक्विडिटी स्वीप हो चुका है। अब अगर ध्यान से देखेंगे तो ही आपको दिखाई देगा। मैं इसको और ज्यादा ज़ूम करता हूं। तो यहां पर जो स्वीप हुआ है वो विक [संगीत] से हुआ है। मतलब प्राइस पहले इस हाई के ऊपर गई और उसके बाद वापस से उसने इसके नीचे क्लोजिंग दे दी है। यहां पर विक बन रखी है। तो अगर विक से भी स्वीप होता है तो यह तो और बेटर स्वीप होते हैं। तो यहां पर आप देख सकते हो कि प्राइस ने पहले इस हाई को स्वीप किया और फिर इसके नीचे क्लोजिंग दे दी है। तो जैसे ही ऐसा होता है तो अब हमें वेट करना है एंगल्फिंग कैंडल के बनने का और इस बार हमें बेरिश एंगल्फिंग कैंडल चाहिए। और यहां पर आप देख सकते हैं कि जहां पर यह स्वीप हुआ है उसी जगह पर हमें एक बेयरिश एंगल्फिंग कैंडल बनती हुई नजर आ रही है। यह जो ग्रीन कलर की कैंडल है अगर मैं इस तरीके से देखूं तो आपको दिखाई देगा कि ग्रीन कैंडल का जो ओपन एंड क्लोज है वो पूरा इस रेड कैंडल ने एंगल्फ कर लिया है। तो इसके बाद वाली कैंडल में यानी यहां पर मैं अपनी शॉर्ट करने की एंट्री ले सकता था। हमारा जो स्टॉप लॉस है वो इस हाई से थोड़ा सा ऊपर रहेगा। और रही बात टारगेट की तो 1:2 का हम इस तरीके से अपना जो टारगेट है वो लेकर चल सकते हैं। तो अब चलिए देखते हैं कि हमारा यहां पर ट्रेड में क्या हुआ होता। तो अब आप देख सकते हैं कि जो प्राइस है वो थोड़ा बहुत ऊपर नीचे जा रही थी। यह 5 मिनट का टाइम फ्रेम है। इस चीज का जरूर ध्यान रखना। तो 5 मिनट के टाइम फ्रेम में एकदम से प्राइस जरूरी नहीं है कि नीचे जाने लग जाए। लेकिन आगे चल के आप देख सकते हैं कि प्राइस जो है वो आराम से नीचे आ जाती है और हमारा 1:2 का जो टारगेट है वो बन जाता है। तो इस तरीके से स्ट्रेटजी काम करती है। अब चलिए इस स्ट्रेटजी का जो बैक टेस्ट है वो भी मैं आपको दिखा देता हूं। तो यहां पर हमने क्या कंडीशन यूज़ की है? 4 ऑवर के टाइम फ्रेम में हाई एंड लो मार्क किया है। साथ में हमने क्या देखा है? एंगल्फिंग कैंडल को देखा है। इसके अलावा जो हमारा रिस्क रिवॉर्ड है वो 1:2 हम लेकर चल रहे थे। कैपिटल $10,000 की मान के चलते हैं और रिस्क पर ट्रेड 1% का रख लेते हैं। तो अब चलिए इसको चार्ट में ऐड करता हूं। तो जैसे ही मैं इसको चार्ट में ऐड करूंगा तो इसका रिजल्ट देखकर आपको बिल्कुल मजा आ जाएगा। देखिए ये जो तीन स्ट्रेटजी थी उनका रिजल्ट कहां पर है और ये जो हमारी स्ट्रेटजी है इसका रिजल्ट देखिए कहां पर जा रहा है और जो मैंने आपको स्ट्रेटजी बताई एग्जैक्टली वही बैक टेस्ट किया गया है। पिछले 5 साल के डाटा पे यहां पर आप कैंडल देख सकते हैं इसमें बैक टेस्ट किया गया है। तो अब आप देखो अगर आप सेम कंडीशन के साथ इसको यूज़ कर रहे होते तो यहां पर आपका जो विन रेट निकल कर आता वो 48.6% का निकल कर आता। टोटल आपने जो रिटर्न्स बनाए होते वो यह होते और टोटल अमाउंट भी आप यहां पर देख सकते हैं। यहां पर आपको चार्ट भी दिखाई दे रहा है। अगर इसको आप ज़ूम करके देखेंगे तो यहां पर मैं आपको पहले ट्रेड से दिखाता हूं। देखिए पहले ट्रेड में अगर हमने चारों स्ट्रेटजी यूज़ की होती तो फर्स्ट ट्रेड के बाद यहां पर आप देख सकते हैं चारों स्ट्रेटजी के बेसिस पर लॉस हो रहा है। सेकंड स्ट्रेटजी में जो हमारी एनंगल्फिंग वाली स्ट्रेटजी है इसने लॉस दिया है। तीनों स्ट्रेटजी ने बेटर परफॉर्म किया है। ऐसे में आपको लगेगा कि भाई पहली वैरी स्ट्रेटजी अच्छी है। ये वाली स्ट्रेटजी बेकार है। थर्ड ट्रेड में भी आप देख सकते हैं कि जो एंगल्फिंग पैटर्न है इसने हमें कोई खास प्रॉफिट नहीं दिया। इसके बाद फोर्थ ट्रेड में आप देखेंगे तो यहां पर भी हमें कोई खास प्रॉफिट नहीं हुआ। फिफ्थ ट्रेड में हमें थोड़ा सा प्रॉफिट हुआ था एंगल्फिंग पैटर्न के बेसिस पे। जबकि जो एफवी टैप वाली स्ट्रेटजी थी वो सबसे बढ़िया परफॉर्म कर रही थी। इसके बाद आगे बढ़ते हुए चले जाएं तो 20 ट्रेड के बाद आपको दिखाई देगा कि भाई यहां पर हमारी जो एनंगल्फिंग स्ट्रेटजी है अब वो थोड़ा बहुत प्रॉफिटेबल आई है। जबकि आईएफपीजी जो स्ट्रेटजी है वो सबसे बेटर परफॉर्म कर रही है। अब इसके बाद अगर मैं 30 ट्रेड में आ जाऊंगा तो आपको दिखाई देगा कि भाई अब हमारी जो एनंगल्फिंग वाली स्ट्रेटजी है उसने यहां पर थोड़ा बहुत अब हमारे जो रिटर्न्स हैं वो सबसे हाईएस्ट बनाने लग गई है। इसके बाद हम चलते हैं 40 ट्रेड पर। 40 ट्रेड के बाद आप देख सकते हैं कि हमारी जो एंगल्फिंग स्ट्रेटजी है वह लीड पे चल रही है। इसके बाद अब हम आगे बढ़े और 60 ट्रेड पर देखेंगे तो आपको दिखाई देगा कि भाई 60 ट्रेड के बाद जाके हमारी जो एंगल्फिंग स्ट्रेटजी है वो अलग ही लीडर निकल के आई है। अब इसके बाद अगर मैं 70 ट्रेड पे चले जाऊंगा तब आपको दिखाई देगा कि भाई बाकी स्ट्रेटजीस ओवरऑल लॉस देने लग गई हैं। जबकि एंगल्फिंग स्ट्रेटजी जो है यह बढ़िया परफॉर्म कर रही है। अब जाते हैं सीधा 100 ट्रेड के बाद देखते हैं कि क्या हुआ होता। अब यहां पर आप देख सकते हैं 100 ट्रेड के बाद जो एंगल्फिंग स्ट्रेटजी है इसने ऑलमोस्ट हमारी कैपिटल के ऊपर 32% के रिटर्न्स दिए होते। जबकि एफवीजी टैप वाली स्ट्रेटजी ने लॉस दिया होता और बाकी दो स्ट्रेटजी ने भी 10 से 11% के आसपास का प्रॉफिट दिया है 100 ट्रेड के बाद। लेकिन सोचो कितने लोग हैं जो एक स्ट्रेटजी के बेसिस पर 100 ट्रेड लेते हैं। बहुत कम लोग हैं। लेकिन हो सकता है कि जब आप एक स्ट्रेटजी को यूज कर रहे हो उस टाइम पे उसका लूजिंग स्ट्रीक चल रहा है। [संगीत] जिस वजह से लॉस हो रहे हैं उस टाइम पे वो स्ट्रेटजी काम नहीं कर रही है। लेकिन लॉन्ग टर्म में जो स्ट्रेटजी काम कर रही है हमारे लिए वो इंपॉर्टेंट होता है। यहां पर आप ड्रॉडाउन भी देख सकते हैं। देखिए यह जो हमारी एनंगल्फिंग वाली स्ट्रेटजी है इसका जो ड्रॉडाउन है वो बहुत कम है। जबकि आप यहां पर देखेंगे एफवीजी टैप वाली जो स्ट्रेटजी है इसका जो ड्रॉडाउन है वो सबसे ज्यादा निकल कर आ रहा है जो मेरे लिए भी बहुत ज्यादा सरप्राइजिंग है। विन रेट की बात करेंगे तो आपको दिखाई दे रहा है कि यहां पर भी हमारी जो एंगल्फिंग स्ट्रेटजी है उसका विन रेट सबसे ज्यादा है। ट्रेड लॉजिक मैंने आपको ऑलरेडी बता रखा है और डेटा क्रेडिबिलिटी भी हमने आपको यहां पर दिखा रखी है। तो इससे हमें समझ आ रहा है कि एक स्ट्रेटजी को पहले तो हमें अच्छे से बैक टेस्ट करके देखना चाहिए और उसके बाद स्ट्रेटजी काम कर रही है ना तो फिर आराम से 10 20 [संगीत] 30 ट्रेड से पहले तो स्ट्रेटजी को बदलने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। अगर आपने स्ट्रेटजी को टेस्ट कर रखा है तो आगे चलके जब आप देखोगे जब मैं यहां पर 200 ट्रेड को देखूंगा तो यहां पर आप देखो 200 ट्रेड के बाद बहुत ज्यादा सिग्निफिकेंट डिफरेंस हमें यहां पर देखने को मिल जाएगा। अब देखो 200 ट्रेड्स हमारे हुए थे इस जगह पे और यहां पर हमारी जो स्ट्रेटजी थी एंगल्फिंग पैटर्न वाली उसने हमें 70% के रिटर्न्स दिए होंगे। जबकि बाकी जो स्ट्रेटजी हैं उन्होंने हमें नेगेटिव रिटर्न्स दिए थे। और यहां पर मैं एक चीज और आपको दिखा देता हूं। मैंने जो स्वीप टाइप है उसको एनी सेलेक्ट किया है। अगर मैं विक सेलेक्ट करूंगा ना तो ये जो रिजल्ट हैं ये और ज्यादा डिफरेंट हो जाते हैं। ऐड टू चार्ट पे क्लिक करके एक बार चेक कर लेते हैं। आप देखोगे और ज्यादा बेटर काम करेगा अगर मैं सिर्फ एनंगल्फिंग को यूज़ करूं। तो देखो सेम स्ट्रेटजी है लेकिन यहां पर हमने जो बॉडी वाले स्वीप है उनको छोड़ दिया है। सिर्फ विक वाले स्वीप को लिया है। और ऐसे में आप देख सकते हैं हमारे जो रिटर्न्स हैं वो और बेटर हो गए हैं। लेकिन मैं आपको कहूंगा आप बॉडी और स्वीप दोनों को देख सकते हैं। क्योंकि जब आप मैनुअली ट्रेड करेंगे तो ऐसे में आप कई चीजें अपनी आंखों से भी देख रहे हैं। कहां पर चीज स्ट्रांग लग रही है, वीक लग रही है, वो भी आप खुद से समझ सकते हैं। तो मैं उम्मीद करता हूं कि आज की जो यह वीडियो आपको पसंद आई होगी। इसके लिए हमने बहुत ज्यादा मेहनत की थी। तो वीडियो को लाइक एंड चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। साथ ही आप कौन सी स्ट्रेटजी के ऊपर ऐसा बैक टेस्ट देखना चाहते हैं, यह कमेंट करके जरूर बताइएगा। क्रिप्टो में ट्रेड करने के लिए डेल्टा एक्सचेंज का लिंक डिस्क्रिप्शन पे दे रखा है। हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करोगे तो Google फॉर्म का लिंक भी डिस्क्रिप्शन पे दे रखा है फॉर एक्स्ट्रा बेनिफिट्स। अगर बेसिक टू एडवांस ट्रेडिंग सीखना चाहते हो तो ये वाली प्लेलिस्ट देख लेना। और अगर एडवांस ट्रेडिंग को और ज्यादा डीप में सीखना चाहते हो तो ये वाली प्लेलिस्ट देख लीजिएगा। धन्यवाद।

💬 Trader reviews (traded this? tell others what really happened)

No reviews yet — be the first. Real experiences help other traders more than any backtest.

User opinions, not investment advice. Reviews are moderated before publishing.