Strategy That Works in Every Market Condition? | Ft. Uday Chandra — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Strategy That Works in Every Market Condition? | Ft. Uday Chandra

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Analysed 13 Sep 2026, 07:00 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not auto-backtested — honestly, we can't. AI-decoded: Directional + Non-Directional hybrid strategy: RSI-driven (40–60 range = Iron Condor; above 60 = Bullish directional; below 40 = Bearish directional) with balanced 1:1 payoff Iron Condors and dynamic

We give real option backtests only for fixed-entry option-selling structures (weekly credit/ratio spreads) priced on real cached NIFTY premiums. This one is an options structure we don't have cached premiums for, which needs intraday/tick option data and a chart-signal engine we don't have — so we show no number rather than a misleading proxy. Flagged for a hand-built review.

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Full transcript (9109 words)
हर सक्सेसफुल आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है। तो मेरा स्टार्टिंग से ही तीन औरत का हाथ है। सर आप 6 साल के एक्सपीरियंस के साथ हमें क्यों सिखाते हैं? लास्ट सिक्स इयर्स से हम मार्केट के अलावा और कुछ किए ही नहीं। सोशल लाइफ ज़ीरो है। सब कुछ जीरो है। जो स्ट्रेटजीस करते हैं वो ईयर ऑन ईयर बेसिस पे कंसिस्टेंसी जो है वो पाना बहुत मुश्किल है। बट हम लोग अगर डायरेक्शनल और नॉन डायरेक्शनल कंबाइन कर दे तो फिर ये ईयर ऑन ईयर जो कंसिस्टेंसी है इसको पाना बहुत इजी हो जाता है। तो हम लोग इस स्ट्रेटजी में जब भी बनाएंगे तो हम लोग ऐसा ही ये बेसिकली हमने सर ट्रेंड को जल्दी कैच करने के लिए हां इक्विटी में क्या है कि बुल मार्केट में तो पैसा बनता है बट ऑप्शंस थोड़ा जरूरी है। सर अभी तो मुझे बहुत एक्साइटिंग लग रहा है। तो चलिए आप मुझे अब सेटअप बता दीजिए एक्सजेक्टली वो क्या है? सेटअप बताने से पहले एक हम बैक टेस्ट डाटा शो करने वाले हैं। एंड ये बैक टेस्ट डाटा हम सिर्फ सीएजीआर के लिए नहीं शो कर रहे हैं। इसमें बहुत एक इंटरेस्टिंग चीज आपको बताने वाले हैं। सेटअप समझाइए। मैं ऑलरेडी बहुत हाई हो चुका हूं। दो-ती साल में जो हमारा कैपिटल उसमें थ्री टाइम्स हुआ था वो सारा मतलब आंखों के सामने जैसे हम इस तरीके से रिफ्रेश कर रहे हैं। रात के 2:00 बज रहा था इस तरीके से रिफ्रेश कर रहे हैं और $0000 उसमें से निकलते जा रहे हैं। हेलो एवरीवन एंड वेलकम बैक टू अनदर पडकास्ट एंड आज हमारे साथ है उदय चंद्र सर जो कि पिछले छ साल से मार्केट्स में एक्टिव हैं। एंड आप लोगों को डाउट होगा कि बस छ साल का एक्सपीरियंस और सर आज यहां हमें सिखाने आए हैं। क्या रीजन है? क्यों आए हैं? क्योंकि आई एम वेरी मच श्योर कि बहुत सारे लोग आप में से ऐसे होंगे जो 10 साल 20 साल ऑलरेडी मार्केट्स में होंगे। सो लेट मी स्टार्ट फ्रॉम दैट क्वेश्चन ओनली कि सर आप छ साल के एक्सपीरियंस के साथ हमें क्यों सिखाने हैं? सबसे पहले तो थैंक यू सो मच ऋषभ जी फॉर इनवाइटिंग मी। और इसके पीछे दो तीन फैक्टर्स हैं। मार्केट में क्या है कि कुछ लोग 10-15 साल से भी होते हैं बट वह थोड़े से स्टक होते हैं। उनको रीजन एक्सजेक्टली पता होता है कि वो लोग क्यों स्टक है बट फिर भी वो लोग बाहर नहीं निकल पाते। एंड कुछ लोग ऐसे भी होते हैं आप लोग देखे होंगे कि वो दो-ती साल या चार साल में ही बहुत अच्छा करने लगते हैं। तो इसके पीछे का रीज़न सबसे बड़ा तो हमको लगता है कि भगवान का कृपा है। एंड उसके बाद जो एक्सपीरियंस वाला पार्ट है। तो लास्ट सिक्स इयर्स से हम मार्केट के अलावा और कुछ किए ही नहीं। मतलब समझिए कि सोशल लाइफ जीरो है। सब कुछ जीरो है। 6 इयर्स से सिर्फ यही चीज की है। एंड समझिए कि 10 12 घंटे रोज का मिनिमम था। एंड वहीं पे अगर मान लीजिए कोई पर्सन बिजी है या कोई जॉब कर रहा है और वो एक से दो घंटे ही मार्केट को दे पा रहा है। और उसका अगर एक्सपीरियंस 10-15 साल का भी है तो वो नेट जो आवर्स मार्केट को दिया है वो बहुत कम दिया है एज़ कंपेयर टू अगर कोई पर्सन 3 साल भी रोज का 12 घंटे दे रहा है तो। तो यह एक फैक्टर है और तीसरा फैक्टर यह है कि मान लीजिए किसी चीज पर हम छ साल काम किए हैं। वो हम सिखाने के लिए आ गए। अगर कोई 18 साल का मान लीजिए कोई पर्सन है जो कुछ नया जानता है और उस पे वो दो-ती साल से काम किया है तो उसके लिए उससे हम सीखने के लिए एकदम रेडी हैं। तो इसमें क्या है कि नॉलेज शेयरिंग जो है वो बेसिकली हम लोग कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि किसी का एक्सपीरियंस ज्यादा है, कम है तो उससे हम लोग नहीं सीखेंगे या ज्यादा वाले से ज्यादा सीखेंगे। ऐसा। ओके। परफेक्ट सर। सो अभी मैं कन्विंस हो गया हूं। एंड आई एम वेरी मच श्योर कि आपने ये पिछले छ साल में बहुत सारे सेटअप डेवलप किए होंगे। बहुत सारे स्ट्रेटजीस जो आपके लिए काम करती होंगी। कुछ बहुत सारी स्ट्रेटजी ने काम नहीं किया होगा। तो ऐसी वो क्या कुछ स्ट्रेटजीस हैं या मैं ऐसे कहूं कि क्या वो एक स्ट्रेटजी है जो आज हमारी ऑडियंस के साथ शेयर कर सकते हैं कि हां आप ये फॉलो कीजिए। मैं पिछले पांच छ साल से ये फॉलो कर रहा हूं। एंड मेरे लिए बहुत अच्छा काम किया उस सेटअप ने। तो आज हम लोग एक स्ट्रेटजी पढ़ने वाले हैं जिसमें हम लोग डायरेक्शनल और नॉन डायरेक्शनल को कंबाइन करके बनाएं। ओके। एंड जैसे इसमें मेजर प्रॉब्लम यह होता है कि लोग जब नॉन डायरेक्शनल करते हैं तो वो रैंडमली हमेशा जो है वो करते रहते हैं। जिसकी वजह से जो कंसिस्टेंसी है वो उनको नहीं मिल पाता। या जो लोग डायरेक्शनल करते हैं उनको क्या होता है कि मान लीजिए कोई ईयर बहुत ज्यादा डायरेक्शनल चला गया तब तो उनका अच्छा प्रॉफिट होता है। बट कोई ईयर अगर साइडवेज चला गया तो उसमें उनको प्रॉफिट ज्यादा नहीं हो पाता। और यही प्रॉब्लम नॉन डायरेक्शन वालों को भी है। 2024 जैसा ईयर था वो बहुत ज्यादा ट्रेंडिंग था। तो उसमें प्रॉफिट बनाना टफ हो गया था। और 25 बहुत ज्यादा साइडवेज था तो उनका ज्यादा प्रॉफिट हुआ। तो बेसिकली क्या है कि वो जो स्ट्रेटजीस करते हैं वो ईयर ऑन ईयर बेसिस पे कंसिस्टेंसी जो है वो पाना बहुत मुश्किल है। बट हम लोग अगर डायरेक्शनल और नॉन डायरेक्शनल कंबाइन कर दे तो फिर ये ईयर ऑन ईयर जो कंसिस्टेंसी है इसको पाना बहुत इजी हो जाता। एंड ये स्ट्रेटजी समझिए कि लास्ट 2022-23 में ही हम लोग जो है वो बिल्ड करना स्टार्ट कर दिए थे। एंड 2 साल पहले हमको एग्जैक्टली पता चल गया था कि अगर हम लोग सिर्फ नॉन डायरेक्शनल करते हैं बिना सिस्टम या बिना बायसनेस के साथ तो हम लोग ऑप्शन सेलिंग में ज्यादा दिन तक सस्टेन नहीं कर पाएंगे। तो उस रीज़न से ऐसे स्ट्रेटजीस पे ज्यादा मेरा फोकस बढ़ गया। ऐसे स्ट्रेटजीज़ बिल्ड करने लगे जिसमें थोड़ा सा हम लोग बायर्स यूज़ करने लगे। एंड उसी से रिलेटेड आज एक स्ट्रेटजी पढ़ने वाले हैं। परफेक्ट। सो सर मैं इसको ऐसे कह सकता हूं कि जो अभी कैश का रूल आया रोज चेंज होता रहता है कि मॉर्निंग में मार्केट इस टाइम ओपन होगा इस टाइम क्लोज होगा शाम को एंड बहुत सारे गैप अप गैप डाउन होते रहते हैं। तो सब चीजों से इस स्ट्रेटजी पे इस सेटअप पे कोई इफेक्ट नहीं पड़ने वाला है। मार्केट में कुछ भी हो जाए कोई भी बहुत बड़ी न्यूज़ आ जाए क्योंकि हम डायरेक्शन देख के ट्रेड बना रहे हैं अपना। तो बेसिक ये हमारा सेटअप रहने वाला है। हमारा मेन यह है कि हम लोग पहले बायर्स देख रहे हैं। एंड दूसरा चीज़ यह है कि हमारा जो मैक्सिमम रिस्क है वो डिफाइंड है। मतलब ट्रेड बनाने के टाइम भी हमको पता रहेगा कि मेरा मैक्सिमम इतना लॉस हो सकता है। एंड इस रीज़न से हमारे को कोई भी मार्केट कंडीशन में चाहे विक्स 50% बढ़ जाए या हमारा मार्केट में 10% गैप डाउन हो जाए। हमारा जो लॉस है वो लिमिटेड ही रहने वाला है। एंड इस रीज़न से हम लोग लॉन्ग टर्म में प्रॉफिटेबल ही रहेंगे ऐसे स्ट्रेटजीज़ करके। ओके। परफेक्ट सर। सो सर अभी देरी नहीं करते हैं। एकदम चार्ट्स पे चलते हैं। आपके रूल्स पे चलते हैं एंड हम वहां से स्टार्ट करते हैं। ठीक है? तो हम लोग सबसे पहले स्टार्ट करते हैं इसके रूल्स से। उसके बाद हम लोग डायरेक्टली एग्जांपल्स देखेंगे, चार्ट्स पे देखेंगे और सारी चीजें डिटेल में एग्जांपल्स के साथ समझेंगे। ओके सर। तो इस स्ट्रेटजी को हम लोग डायरेक्शनल प्लस कंडोर बोलते हैं। इसका बेसिक कांसेप्ट ये है कि हम लोगों को पहले आइडेंटिफाई करना है कि मार्केट अभी डायरेक्शनल में है। मतलब ट्रेंडिंग है या साइडवेज है। अगर मार्केट ट्रेंडिंग है तो हम लोग आयरन कॉन्टोर नहीं करते। हम लोग डायरेक्शनल स्ट्रेटजीज़ करते हैं। एंड अगर मार्केट सपोज़ साइडवेज है तो हम लोग पता करते हैं। अगर हमको पता है कि मार्केट साइडवेज रहने वाला है तो हम लोग आयरन काउंटर करते हैं। तो हमेशा हम लोग एक स्ट्रेटजी नहीं करते। और हर टाइम में हमारा एक ही कुछ चलता रहेगा। या तो हमारा आयरन काउंटर चलेगा या तो हमारा सिंपल कोई एक डायरेक्शनल स्ट्रेटजी चलेगा। इसके पीछे सिंपल हम लोग कांसेप्ट यूज़ करते हैं आरएसआई का। ठीक है? अब आप डेली टाइम फ्रेम पे आरएसआई को अगर देखेंगे तो जो मैक्सिमम टाइम हमारा मार्केट साइडवेज होता है वो आरएसआई 40 और 60 के बीच में ही होता है। एंड मैक्सिमम टाइम हमारा आरएसआई जब 60 के ऊपर जाता है तभी मार्केट बुलिश होता है। एंड 40 के नीचे जाता है तभी हमारा मार्केट बेरिश होता है। तो हम लोग इसी आईडिया के ऊपर काम करने वाले हैं कि जब मार्केट 40 और 60 आरआई के बीच में रहेगा तो हम लोग कंडोर बना देंगे। एंड जब मार्केट 40 के नीचे या 60 के ऊपर जाएगा तो हम लोग बेरिश या बुलिश हम लोग एक डायरेक्शनल स्ट्रेटजी बना देंगे। एंड सारे स्ट्रेटजीस का जो रिस्क है वो प्रॉपर्ली डिफाइन रहेगा। तो इसी आईडिया के ऊपर हम लोग काम करने वाले हैं। बट सर लोग तो कहते हैं कि 60 के ऊपर ओवरबॉट हो जाता है तो वहां से रिवर्सल आएगा और 40 के नीचे ओवरसोल्ड हो जाता है तो वहां से भी रिवर्सल आ सकता है। देखिए आरएसआई जो इंडिकेटर है ना वो समझिए कि बोल सकते हैं हम कि वर्ल्ड का बेस्ट इंडिकेटर है। एंड जितना ये बेस्ट है उतना ही कम इसको लोग समझते हैं। इसका दो-तीन ही यूजज़ हैं। एक्चुअल में अगर हम आपको बताएं तो इसका ओवरसोल्ड और ओवरबॉट का जो रीज़न होता है, वह इस तरीके से काम नहीं करता। इसमें दो फैक्टर जो है वह सबसे ज्यादाेंट होता है। मार्केट अगर 60 के ऊपर गया आरएसआई तो वह उसके बाद और ट्रेंडिंग होता है और अगर सपोज 70-80 गया तो उसके बाद और ट्रेंडिंग होता है। जैसे मान लीजिए एक एग्जांपल आपको देते हैं। मान लीजिए हमारा आरएसआई 80 पे चल रहा है। राइट? एंड प्राइस सपोज 100 के आसपास चल रहा है। अगर आरएसआई 80 टू 85 या 90 गया तो वो जो हमारा प्राइस है वो 100 टू 200 300 भी जा सकता है। तो इतना ज्यादा प्राइस बहुत ज्यादा स्ट्रेच करता है। आरएसआई थोड़ा-थोड़ा स्ट्रेच करता है। तो ये पहला काम है। अब इस रीज़न से जो ओवरबॉट और ओवरसोल्ड वाला जो कांसेप्ट है वो एग्जैक्टली इस तरीके से काम नहीं करता। वो तब काम करता है जब हम लोगों को आरएसआई में डायवर्जेंस दिखता है। वो एक अलग कांसेप्ट है। हम लोग कभी बाद में बात कर लेंगे। तो आरएसआई का बस यही दो काम है और यही दो काम हम लोग जो है और इसके अलावा और आरएसआई में जितने भी कांसेप्ट्स हैं वो यूज़फुल हैं। ठीक है? तो सर अगर बहुत सारे ऐसे ट्रेडर्स होंगे जो आरएसआई नहीं यूज़ करते होंगे तो क्या वो अपने जो भी उनके खुद के इंडिकेटर्स जो यूज़ करते हैं उसको भी अप्लाई करके डायरेक्शन फाइंड आउट कर सकते हैं। चलेगा। इसमें क्या है कि अगर आपका जैसे मान लीजिए कि हम लोग क्या कर रहे हैं? अह बाकी इंडिकेटर्स से आप बुलिश और बेरिश फाइंड कर लेंगे। बट साइडवेज फाइंड करना आपको टफ होगा। हम वो साइडवेज जो है वो आरएसआई सबसे अच्छा बताता है। तो इस रीज़न से अब आरएसआई जैसा कुछ इंडिकेटर आपको मिल गया तो यूज़ कर सकते हैं। ऐसे आरएसआई बेस्ट है। परफेक्ट। तो सर अभी तो मुझे बहुत एक्साइटिंग लग रहा है। तो चलिए आप मुझे अब सेटअप बता दीजिए। एग्जैक्टली वो क्या है? सेटअप बताने से पहले एक हम बैक टेस्ट डाटा शो करने वाले हैं। एंड यह बैक टेस्ट डाटा हम सिर्फ सीएजीआर के लिए नहीं शो कर रहे हैं। इसमें बहुत एक इंटरेस्टिंग चीज आपको बताने वाले हैं। तो इस पर्टिकुलर बैक टेस्ट में जैसे तीन साल का ये बैक टेस्ट है। इसमें हम लोग देख सकते हैं कि 2024 में, 25 में और 26 में कितना रिटर्न्स है वो हम लोग लिखे हुए हैं। बट इसमें जो डिवाइड किए हैं हम कि 11% नॉन डायरेक्शनल बना है और 32% डायरेक्शनल बना है। उसी तरीके से 2025 में 35% नॉन डायरेक्शनल बना है और 12% डायरेक्शनल बना है। एंड 26 में ज़्यादातर नॉन डायरेक्शनल बनाए। इसलिए हम उसको एज़ इट इज़ छोड़ दिए। अब इसका मतलब क्या है कि 2024 अह बहुत ट्रेंडिंग ईयर था। तो ट्रेंडिंग ईयर में नॉन डायरेक्शनल पैसा कम बनेगा। तो इस रीज़न से उसमें 11% ही बना और अह और जो डायरेक्शनल स्ट्रेटजीज़ है उसमें हमको 32% बना। बट जब 25 आया तो 25 जो है वो एग्जैक्टली अपोजिट हो गया। 25 साइडवेज हो गया। तो 25 में हमारा जो नॉन डायरेक्शनल था इसमें वो ज्यादा दे दिया और डायरेक्शनल कम दे दिया। इस स्ट्रेटजी का सबसे ज्यादा जो इंटरेस्टिंग चीज है वो यही है कि मार्केट कैसा भी रहे यह लगभग हर साल कंसिस्टेंट जो रिटर्न बनाने का इसमें कैपेबिलिटी है। तो बेसिकली हम डायरेक्शनल और नॉन डायरेक्शनल रिटर्न्स या मूव्स जो है दोनों दोनों ही हम कवर करने को कवर कर रहे हैं। हां ठीक है सर परफेक्ट। तो अभी सर हमने बैक टेस्ट देखा है। एंड एक बार सर मुझे दिखा दीजिए कि ऑलरेडी हम 32% है। आठ महीने हो चुके हैं इस ईयर में। देन 2025 में हमारा 47 देन उसके प्रीवियस ईयर 24 में 43% तो ऑलमोस्ट हमारा मैं सब चार्जेस माइनस करके भी चलूं तो 40% के आसपास हमारा कुछ बन वो हम लोग देखेंगे जैसे ये नेट नेट तो 45 है बट हम लोग ये भी देखेंगे कि चार्जेस के बाद क्या सीए बचेगा और बहुत लोग जैसे एक लॉट पे करते हैं उनका क्या बचेगा जो 10 लॉट पे करता है उनका क्या बचेगा वो सब भी हम लोग परफेक्ट सर बट सर उसके पहले मुझे आप सेटअप समझाइए मैं ऑलरेडी बहुत हाइप हो चुका हूं ठीक है तो सेटअप हम लोग स्टार्ट करते हैं तो जो पहले कांसेप्ट हम लोग डिस्कस किए उसी कांसेप्ट पे हम लोग काम करने वाले हैं। एंड जो इसका आईडिया है वो सिंपल है कि जब 40 60 के बीच में रहेगा तो आयरन काउंटर बनाएंगे। ट्रेंडिंग होगा तो एक वन टू वन डायरेक्शन स्ट्रेटजी वो बनाएंगे बुलिश और अगर 40 के नीचे जाएगा तो हम लोग बेरिश ट्रेड बनाएंगे। इसमें हमारा जो पे ऑफ है वो इस तरीके से जो है वो देखने को मिलता है। अगर हम लोग बेरिश बनाने वाले हैं तो हमारा इस तरीके का पे ऑफ बनता है। इसको हम लोग एग्जैक्टली बना के दिखाने वाले हैं आपको लाइव। अभी आपको शॉर्ट तीनों पे ऑफ दिखा देते हैं। फिर हम लाइव इसको बना देते हैं। ठीक है सर। तो यह हमारा बेरिश का पे ऑफ है। जो हम लोग बुलिश का पे ऑफ है वो इस तरीके से देखने को मिलता है। एंड हमारा जो कॉडोर है वो इस तरीके का देखने को मिलता है। अब इसमें कॉडोर में भी हम लोग एक चीज याद रखेंगे कि हम लोग जैसे नॉर्मली जो आयरन कंडोर बनाते हैं वो क्या करते हैं कि सेल करके और जो बाय लेग है वो बहुत दूर कर देते हैं। उससे क्या होता है कि वो आप आयरन काउंटर नहीं बना रहे। वो आप एक तरीके से हैेज ले रहे हैं मार्जिन बेनिफिट के लिए। क्योंकि हमको सेफ्टी उसमें नहीं मिलता। अगर हमको बहुत बड़ा गैप अप गैप डाउन हो तो 202% उसमें लॉस आराम से हो सकता है। तो इस रीजन से हम जो हम आयरन कंडोर बनाएंगे वह 1 1 आयरन कॉर्नर बनाएंगे। अब ये ऐसा 1 1 का इसका मतलब ये है कि हमारा जो लॉस और प्रॉफिट है आयरन कॉर्नर में दोनों 1 वन होना चाहिए। लॉस हम ज्यादा रखेंगे ही नहीं ताकि बड़े गैप अप गैप डाउन पे भी हमको प्रॉब्लम ना हो। इस कंडीशन में हमारी विन रेट ज्यादा होनी चाहिए। हां विन रेट इसमें क्या होगा कि थोड़ा सा आपका रेंज छोटा होगा बट हमारा लॉस कभी भी बड़ा नहीं होगा। ठीक? तो लॉस बड़ा नहीं होगा तो ऑटोमेटिकली। अब इसमें बायर्स यूज़ कर रहे हैं तो यह भी ज्यादा मैटर को नहीं करता। तो हम लोग सबसे पहले समझते हैं कि इसका आरएसआई का जो सेटिंग है वो किस तरीके से रखना है इजी के लिए। तो हम लोग आरएसआई ऐड कर देंगे। आरएसआई ऐड करने के बाद हमारा इनपुट्स में ये सारे सेटिंग्स होंगे। एंड देन स्टाइल में हम लोगों को ये सारी चीजें रखनी है। बट जो ये 70 होता है उसको हम लोग 60 कर देंगे। एंड इसको हम लोग 40 कर देंगे। ओके। तो इस तरीके से हमारा जो आरएसआई है वो शो करेगा। ये बेसिकली हमने सर ट्रेंड को जल्दी कैच करने के लिए किया। हां बिल्कुल। अब इसमें हमारा कांसेप्ट यही है कि हमारा जैसे ही 40 और 60 के बीच में आरएसआई है तो हम लोग आयरन कॉन्टोर बनाएंगे। अगर हमारा जो आरएसआई है वो सपोज़ यहां पे अगर देखेंगे तो वो 40 के नीचे चला गया और वहीं से ट्रेंडिंग मूव हमारे को आया। वापस से जब ये 40 के अंदर आया तो वापस से साइडवेज हो गया। हां। राइट? राइट? उसके बाद जब वाप अब अब इसमें क्या होगा ना कि बीच-बीच में थोड़ा स्पाइक्स दे के वापस भी अंदर आते हैं तो उसके लिए हम लोग जैसे मान लीजिए कि कोई कैंडल में आरएसआई 60 के ऊपर क्लोजिंग हो गया बट जिस कैंडल में क्लोजिंग हुआ है ना उसके हाई के ऊपर हम लोग ट्रेड लेते हैं सेकंड कैंडल भी राइट अब इसमें हमारा यही है देखिए अगर आप देखेंगे तो जब ट्रेंडिंग हमारे को मार्केट दिखेगा तो आपको हमेशा ये दिखेगा कि आरएसआई जो है वो हमारा हमेशा 40 के नीचे ही रहता है बड़े-बड़े ट्रेंड्स में। एंड जब साइडवेज मार्केट रहता है तो साइडवेज में हमेशा मार्केट 40 और 60 के बीच में ही हमारे को देखने को मिलता है। तो इसमें एग्जांपल हम लोग डायरेक्टली स्टार्ट करते हैं। एंड लेक्स जो है वो भी हम लोग उसी में डायरेक्टली समझ लेंगे। सर जुलाई के एक्सपायरी का जो पहला ट्रेड था वो देखते हैं। हम ठीक है। अब जुलाई में हम लोग अगर देखें तो यहां पे अगर हम लोग देखते हैं जुलाई जून यहां पे है और जुलाई तो सबसे पहले हम लोग जून के जो लास्ट जून का जो एक्सपायरी है वहां पे हम लोग पहले चलते हैं। ठीक है? जून का एक्सपायरी 30 को है तो हमारा 30 को जून वाला एक्सपायरी का ट्रेड एग्जिट हुआ होगा। राइट? अब 30 को हम लोग अगर देखेंगे तो क्या हमारा आरएसआई 40 और 60 के बीच में है? तो हम लोग जुलाई का जो है वो आयरन कॉन्ट्रास्टर सिंपल बना देंगे। ओके? राइट? तो हम लोग यहां पे सिंपली क्लोजिंग बेसिस पे जैसे जुलाई जून का जो एक्सपायरी है उसको एंड होते-होते हम लोग वापस जुलाई का बना देंगे। ठीक है? अब जुलाई का हम लोग एक्सपायरी चूज़ कर लिए। अब हम लोग जो बात किए ना कारन कॉन्ट्रोर 1 बनाने का। अब इसमें हम क्या कर रहे हैं ना फिक्स नहीं कर रहे हैं कि कौन सा लेग जो है वो आपको एग्जैक्टली लेना है। फिक्स करने से क्या होता है? अब हम आपको बोल देंगे सपोज़ कि आप 100 पॉइंट आप 200 पॉइंट्स सेल करो 400 बाय करो। अब ये जो है ना हमेशा सेम नहीं रहता। विक्स अगर बहुत ज्यादा है तो यही 400 पॉइंट्स और 200 पॉइंट्स हमारा का जो पे ऑफ है वो अलग देंगे। विक्स अगर बहुत कम है तो ये उस समय अलग देंगे। तो इस रीजन से हमारा जो रोल है वो ये है कि आपको आयरन कंडर 1:1 बनाना है एंड उसके लिए जो भी लेग्स आपको लेना पड़े वो आप ले लीजिए। कैसे सर? एक बार। अब जैसे सपोज यहां पे सिंपल एक जो शॉर्ट आयरन कंडर का एक फीचर होता है उस पे हम लोग क्लिक कर दिए। अब इसमें आपको क्या दिख रहा है कि हमारा जो मैक्सिमम लॉस है वो थ्री है एंड मैक्सिमम प्रॉफिट नाइन है। मतलब हमको अभी इसको 1 जो है वो करना पड़ेगा। तो हम लोग जो पुट है उसको थोड़ा सा दूर कर देते हैं इस तरीके से। ठीक है? राइट? एंड जो कॉल है उसको भी हम लोग थोड़ा सा दूर कर देते हैं इस तरीके से। ठीक है? तो अब जैसे देखिए ऑलमोस्ट ये हमारा 1 का बन गया। 6% हमारा रिवॉर्ड है एंड मैक्स लॉस 4.6% है। तो हम लोग इस स्ट्रेटजी में जब भी आयरन कॉन्टोर बनाएंगे तो हम लोग ऐसा ही आयरन काउंटर बनाएंगे। मतलब हमको अननेसेसरी जो विंग्स में लॉसेस होते हैं वो ज्यादा नहीं रखना। ठीक है? ठीक है। अब हम लोग इस ट्रेड को चलने देंगे कब तक? जब यह अगर हम देखें तो हमारा थर्ड जुलाई को हमारा 60 के ऊपर क्लोजिंग आ गया था आरएसआई में। तो थर्ड जुलाई का जब हाई ब्रेक होगा तो हम लोग इस ट्रेड को एग्जिट करके और बुलिश में चले जाएंगे। तो यहां पे हम लोग डायरेक्टली थर्ड जुलाई को आते हैं। मेरे को देखना है सर कि थर्ड जुलाई को हुआ क्या यहां पे? हम यहां पे अगर देखें तो एग्जैक्टली थर्ड जुलाई को अगर आप देखेंगे यहां से थर्ड जुलाई को हमारा क्लोजिंग 60 के ऊपर हो गया। एंड हमारा सब जितने भी चीज़ हैं वो सब क्लोजिंग बेसिस में ही करना है। तो थर्ड जुलाई को हमारा लॉस कुछ भी नहीं है। हम राइट? अब यहां पे हम लोग एग्जिट करके नया ट्रेड बना देंगे। बस जैसे हम बोले कि एक बार हाई जो है वो ब्रेक हो जाने दीजिए। उससे हमारा विंड रेट इंक्रीस हो जाता है। ब्रेक हो गया। तो सिक्स्थ जुलाई को ब्रेक हुआ है। अगर आप ध्यान से देखेंगे तो। तो सिक्स्थ जुलाई को हम लोग आएंगे। एंड 6्थ जुलाई को हो सकता है 10:00 बजे 11:00 बजे जब भी ब्रेक हुआ होगा हम लोग उसको एग्जिट कर दिए। अब ट्रेड को एग्जिट करने के बाद अब हमारा जो आरएसआई है वो 60 के ऊपर हो गया है। अब हम लोग डायरेक्शनल बनाएंगे। राइट? ये क्लोजिंग बेसिस पे क्लोजिंग बेसिस पे ही बनाएंगे। अब अगर ये क्या होता? अगर ये ट्रेंड कंटिन्यू हो जाता तो हमारा डायरेक्शनल प्रॉफिट हो जाता। बट ये क्या किया? वापस से ये अंदर आ गया। तो इसका मतलब हमारा जो डायरेक्शनल ट्रेड था उसको एग्जिट करके वापस से हम लोग आयरन कॉन्ट्रोर बना देंगे। अब ये आयरन कॉन्टोर जब हम लोग बनाए तो यहां से ये पूरा डीके हो गया। तो चलिए इसको देखते हैं। तो सर वहां पे हमने लॉस बुक किया होगा फिर। हां लॉस बुक किया हुआ है। तो जैसे हम लोग यहां पे सिंपल ट्रेड बना के और वन टू वन जो हम लोग डिस्कस कर रहे थे तो वन टू वन बेसिकली बनाने के लिए ना हमारा जो फर्स्ट लेग होगा वो एट द मनी से 50 पॉइंट्स दूर पे हम लोग बाय करेंगे एंड हम लोग जो सेल करेंगे वो हम लोग 200 पॉइंट्स पे सेल करेंगे एंड देन अगेन नेक्स्ट बाय हम लोग करेंगे 250 पे इस तरीके से और इसको हम लोग यहां पे जो सेल लेग है उसको डबल क्वांटिटी में इस तरीके से बना दिए। अब आप सोच के चलिए कि हमारा अगर ये ट्रेंड कंटिन्यू हो जाता तो हमारा पूरे मंथ का प्रॉफिट ये अकेले ट्रेड जो है वो देके चला जाता। राइट? अगर मार्केट ये ट्रेड जो है वो नहीं देके साइडवेज रह जाता तो हमारा पूरे मंथ का प्रॉफिट कॉडोर देके चला जाता। अगर मार्केट नीचे चला जाता तो हम लोग इसी ट्रेड को बेरिश में बनाते। वो भी पूरे मंथ का प्रॉफ़िट देके चला जाता। तो इसमें आप एक चीज समझ रहे होंगे कि मार्केट कैसा भी रह रहा है ना हमारा हर मार्केट सिनेरियो के लिए तीनों हमारा कंडीशन है। हमारे पास बुलिश भी है, बेरिश भी है और साइडवेज भी है। तो इस रीज़न से ऑलमोस्ट हर मंथ में हमारे को प्रॉफिट में निकलने को मिल जाता है। सर एक बार ये ट्रेड सिमुलेट करके। अब इसमें अगर आप देखेंगे तो हमारा जो क्लोजिंग हुआ है वापस से आरएसआई जो है वो 60 के नीचे क्लोज हुआ है। 8 जुलाई को हुआ। तो 8 जुलाई को हम लोग इस ट्रेड को वापस से एग्जिट कर देंगे लॉस में। राइट? अब इसमें हमारा 1.5% का लॉस चल रहा है। इसको हम लोग एग्जिट कर देंगे। एंड एग्जिट करने के बाद अब पुराने वाला आपको याद होगा 0.6 0.7 के आसपास लॉस चल रहा होगा। इसमें 1.5 तो टोटल टू 2.2 के आसपास जो है वो लॉस चल रहा है। अब हम लोग इसको वापस से आयरन कॉन्टोर जो है वो बना देंगे। सेम लॉजिक पे हम लोग वापस से आयरन कॉन्ट्रोर बनाएं। एंड इस तरीके से वापस से 1:1 हम इसको कर देते हैं। इसका स्ट्राइक सेक्शन बेसिकली है कि हमारा 1:1 का रिस्क रिवॉर्ड कहां पे आएगा। उसके बेसिस पे हम पूरा सेलेक्ट कर। अब हम लोग अगर आयरन कंडर नॉर्मली भी कर रहे हैं ना तो ये जो हम आयरन कंडर बनाने का तरीका बता ये बेस्ट आयरन कंडर है। आप अगर आयरन कंडोर किसी भी रूल से कर रहे हैं सिर्फ आयरन कंडर बनाते टाइम ये जो कर लेंगे ना तो आपका विन रेट और प्रॉफिटेबिलिटी और इंक्रीस हो जाएगा क्योंकि लॉस हमारा इसमें बहुत लिमिटेड होता है। सर इसमें विक्स का भी कुछ रोल रहेगा। विक्स इसमें ज्यादा रोल नहीं होता। रीजन यह है कि आप सपोज आयरन कंडोर बना रहे हैं और आयरन कंडोर में हमारा विक्स यहां से हम लोग देख सकते हैं विक्स अगर हमारा 50% भी इंक्रीस हो जाता है तो आयरन कंडोर पे कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। बट सिर्फ ये वाले आयरन कंडोर में अगर आपने आयरन कंडोर जैसे नॉर्मल होता है वो वाला बनाया है तो उसमें जो बाइंग लेग होता है वो बहुत छोटा होता है। तो इस रीज़न से उसमें विक्स जब बढ़ता है तो जो सेलिंग लेग पे लॉस आता है वो बाइंग कंपनसेेट नहीं कर पाता। तो इस रीजन से उस विक्स का बहुत ज्यादा इंपैक्ट होता है और ये बहुत बैलेंस्ड आयरन कंडोर है इसलिए इस पे विक्स का इंपैक्ट भी नहीं आता। एंड अगर विक्स गिरता है तो पॉजिटिव इंपैक्ट जरूर आता है बट नेगेटिव ज्यादा नहीं आता। और जो हम लोग वन टू वन स्ट्रेटजी डिस्कस किए हैं वो भी हम अगर देखेंगे तो उसमें भी बाय दो है और सेल दो है। तो उस रीज़न से उसमें भी विक्स का इंपैक्ट कोई भी नहीं आता। ठीक है सर। परफेक्ट। अब इसको हम लोग चलने देंगे। अब जो हमारा रूल है इसमें ये है कि सपोज़ कीजिए कि हमारा ये जो ट्रेड है वो चल रहा है। राइट? हम बट हमारा यह भी हो सकता है ना कि आरएसआई हमारा 60 और 40 के बीच में ही रहे बट हमारा जो यह ट्रेड है वह ब्रेक इवन से बाहर निकल जाए। कभी-कभी होता है। तो अगर ब्रेक इवन से बाहर निकलता है एंड आरएसआई 406 के बीच में ही है तो हम लोग अगेन आयरन काउंटर नया बना देंगे। वो पूरा हम एग्जिट करेंगे। एग्जिट करके हम 1 का एक और आयरन उससे क्या होगा कि हमारा इस आयरन कॉर्नर में ब्रेक इवन से बाहर हम लोग चले गए थे और उस वाले आयरन कॉर्नर में हम लोग बीच में आ जाएंगे। ठीक है। सर एक बार सिमुलेट करके देखते हैं। अगर ये बाहर जाएगा तो हम फिर से बना देंगे। ठीक है? तो इसको हम लोग डायरेक्टली सिमुलेट करते हैं। अब इस स्ट्रेटजी में क्या है ना कि हमारे को जैसे बहुत स्ट्रेटजीज़ ऐसे होते हैं जिसमें हमको 15 मिनट, 20 मिनट, 30 मिनट से सिमुलेट करना पड़ता है। इसमें हमारे को बहुत फास्ट सिमुलेट कर सकते हैं क्योंकि हमको डायरेक्टली चार्ट्स पे दिख रहा है कि किस दिन हमारा बाहर निकला। तो ये हम लोग सिमुलेट करते जा रहे हैं। अब हमारा क्या है? एक्सपायरी जो है वो 28थ को है और प्राइस क्या हुआ? इसके बीच में आया और अगर आप देखेंगे तो इसी रेंज में हमारा जो है वो एक्सपायरी इसी रेंज में एक्सपायरी हो गया। तो जो इस पर्टिकुलर मंथ में हमारा जो प्रॉफिट है वो हमारा पूरा प्रॉफिट आयरन कंडोर ने दे दिया। राइट? तो जो हमारा लॉस हुआ था उस लॉस को कंपनसेेट करके और हम लोग नेट नेट प्रॉफिट में आ गए। उसमें आई गेस 23% का 2.% का तो नेट नेट हमारा इसमें अगेन 56% का जो प्रॉफिट है वो आ गया चार्जेस एंड ऑल सारे निकाल के। सर, क्या यह इतना ही ईजी है जितना आप बता रहे हैं। एंड इतना ही आसान है ये करना। हां, इतना ही आसान है। इसका रीज़न यह है कि किसी भी मंथ में साइडवेज अगर हुआ, तो उसका प्रॉफ़िट हमको आयरन कॉर्नर में मिल जाता है। अगर वो मंथ ट्रेंडिंग हुआ बुलिश में बुलिश में मिल जाता है। अगर वो मंथ बेरिश हुआ बेरिश में मिल जाता है। मतलब बेसिकली क्या है ना कि हम लोग अगर गलत हो रहे हैं इसमें। अब देखिए स्टार्टिंग में दो बार हम लोग गलत रहे तो हम लोग जैसे ही गलत होंगे हम लोग उसमें जो लॉस हो रहा है उसको हम बढ़ने ही नहीं दे रहे हैं। उसको हम 1% 1/2% पे निकाल दे रहे हैं। अब मान लीजिए कि ऐसे मंथ्स आते हैं जिसमें क्या होता है कि हम लोग पहले आयरन काउंटर बनाए और आयरन काउंटर बनाने के बाद वो ट्रेंडिंग हो गया। तो जैसे ही उसमें 1आध लॉस हो रहा है ना हम लोग आयरन काउंटर हटा दे रहे और डायरेक्शन में चले जा रहे हैं। अगर वो डायरेक्शन चल गया तो पूरा मंथ का प्रॉफिट दे गया। अगर नहीं चला वापस आयरन कंडोर में और वापस आयरन कंडर में जब आए तो आयरन कंडोर अगर डके हो गया तो वायरन कंडोर में प्रॉफिट हो गया। अगर मान लीजिए आयरन कंडर भी प्रॉफिट ना देके बेरिश हो गया तो हमारा फिर प्रॉफिट बेरिश में चला जाएगा। चला जाएगा। तो इस रीज़न से कोई भी मार्केट कंडीशन में इसमें हमारे को प्रॉफिट में निकल सर इसमें और बहुत सारे इंटीग्रेसेस होंगी जो कि छोटे-छोटे डिटेल्स होंगे जो आपने यहां नहीं बताए बट आपने कहीं तो बताए होंगे वो मैं कैसे सीख सकता हूं? इसको और डिटेल में और एडवांस तरीके से कोर्स में बताएं हैं। एंड उस कोर्स में एक और स्ट्रेटजी हम लोग डिस्कस करते हैं जो इससे भी बेटर हमको लगता है और वह ज्यादा हमको पसंद है। और उस कोर्स में हम लोग पे ऑफ ग्राफ बनाना और जितने भी छोटी-छोटी चीजें हैं बहुत अच्छे से हम लोग सीखते हैं। एंड उस कोर्स का जो लिंक है वो डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में जो है वो मिल जाएगा। उसमें आप लोग जाके एनरोल कर सकते हैं। सर अभी हमारा मंथ एंड हो गया, हमारा एक्सपायरी हो गया एंड हमारा ट्रेड एग्जिट हो गया है 9 पॉइंट सम प्रॉफिट पे। अभी मेरा जो नेक्स्ट मंथ का लेग बनेगा वो कैसे बनेगा? और एक आपने मुझे अभी तक बियरिश का ट्रेड नहीं दिखा रहा। वह भी प्लीज़ दिखा दीजिए। ठीक है? तो इसमें हम लोग अभी 28थ जुलाई को हैं एंड 28थ जुलाई को हमारा एग्जिट हो गया। अब यहां पे हम लोग 28थ जुलाई अगर आते हैं तो देखेंगे कि 28थ जुलाई को भी मार्केट जो है वो 40 और 60 के बीच में ही है। तो हम लोग अगेन क्या करेंगे? यहां से फिर से जो आयरन कॉर्नर है वो हम लोग नेक्स्ट मंथ के लिए बना देंगे। मतलब सेम डे जो हमारा 28 जुलाई को एग्जिट किए हैं ट्रेड उसी दिन हम लोग 25th अगस्त के लिए वापस से आयरन कंडर बना देंगे। एंड इसको भी हम लोग फास्ट तरीके से थोड़ा सा आपको सिमुलेट करके दिखा देते हैं। इसमें अब सिंपली हम लोग 1:1 जो है वो बना देते हैं जल्दी से। इसको देखिए परफेक्ट बनाना टाइम के साथ हम लोग सीख जाएंगे। एंड ये आयरन कंट्रोर बेस्ट है। तो थोड़ा सा इसमें टाइम लगता है लेकक्स एग्जैक्टली सेलेक्ट करने के लिए। तो हम लोग ट्रेड बना दिए। ट्रेड बनाने के बाद आपको दिख रहा होगा कि इसमें क्लोजिंग जो है वो थर्ड अगस्त को 60 के ऊपर क्लोज हो गया। राइट? बट थर्ड अगस्त को इसके ऊपर नेक्स्ट कैंडल ने हाई ब्रेक नहीं किया। हम ध्यान से देखेंगे तो इसमें हमारा बुलिश में एंट्री हुआ है हम राइट अब ये ट्रेड जो है वो हमारा यहां से बना बट बुलिश में हमारा एंट्री हुआ नहीं और ये ट्रेड हमारा चलता रहा और इसमें सॉरी सर मैं ऑडियंस के लिए जस्ट मेंशन कर दूं कि थर्ड अगस्त को कैश का पहला सेशन था हां तो एक वो भी यहां पे हम देख लेते हैं सेटअप में कैसे काम करता है। ठीक है? तो इसमें हम लोग डायरेक्टली क्या करते हैं? जैसे ये प्राइस हमारा ऊपर गया और प्राइस वापस से नीचे आ गया। तो हम लोग थोड़ा सा आगे चलते हैं एंड थर्ड को हम लोग देखते हैं कि क्या होता है। 1.7% का लॉस क्लोजिंग बेसिस पे। इतना सब कुछ होने के बाद भी मतलब आप समझिए कि आयरन कॉनडोर बनाए आपका आयरन कॉडोर के प्राइस बाहर चला गया और आपका लॉस है 1.57% बाहर गया तो हम एडजस्ट करेंगे सर क्लोज करके। हां। अब इसमें हमारा सिंपल सा यही है कि हम लोग जो इसमें आयरन कॉडोर बनाए थे। अब ये क्या है कि हमारा आरएसआई के ऊपर निकल गया है 60 के ऊपर। राइट। अब जैसे इसमें क्या है कि अब ये जो हम डिस्कस किए थे कि जब हमारा एग्जिट हो रहा है तो देखना है कि क्या 60 के ऊपर निकला है तो ये निकल चुका है बट हमारा बुलिश एंट्री आया नहीं है तो हम लोग सेम काउंटर को होल्ड करेंगे ओके राइट हम इसको क्लोज करके नया सेम आयरन काउंटर नहीं बनाएंगे वो इसलिए नहीं बनाएंगे क्योंकि वो 60 के नीचे नहीं है आरएसआई ऊपर ही है। ओके मतलब अभी मेरा चांस है जैसे देखिए अभी हमारा चांस है कि अगला कैंडल जो है वो हमको बुलिश एंट्री दे देगा तो फिर इस वाले कॉन्ट्रो को एग्जिट करने का कोई लॉजिक नहीं है कि नया रन काउंटर बना तो हम लोग इसको चलने दिए और हमारा क्या हुआ नेक्स्ट डे उसका जो हाई है उसका ब्रेक ही नहीं हुआ और व वापस जो प्राइस है वो हमारा अंदर आ गया। ठीक है सर अगर मेरा हाई इधर कहीं भी ब्रेक हो जाता है प्रीवियस कैंडल का तो मैं वहां पे एग्जिट वापस से एग्जिट करके हम लोग फर्स्ट कैंडल का नहीं हां जो क्लोज किया है देखिए जो 60 के ऊपर क्लोज किया है जो थर्ड अगस्त का कैंडल है उसके हाई के ऊपर अगर प्राइस हमारा निकल जाए ओके किसी भी दिन किसी भी दिन हम लोग एंट्री करते हैं ठीक है एंड इससे फायदा क्या होता है जैसे देखिए आप ये भी रूल फॉलो कर सकते हैं कि डायरेक्टली क्लोज हुआ और हम लोग शिफ्ट कर गए बट इससे क्या होता है ना कि जो एंट्रीज हैं हमारे वो ज्यादा हो जाती हैं। जैसे मान लीजिए मंथ में हमारा दो एंट्री करना है बट इससे तीन हो जाता है। तो कोई दिक्कत नहीं है करने में बट एक एक्स्ट्रा इसको रूल को ऐड करने से ना हमारा विन रेट थोड़ा बढ़ जाता है। ठीक है? अब इसको हम लोग अगेन सिमुलेट करते हैं और एक्सपायरी तक देखेंगे तो ये वापस से जो अगस्त में भी एक्सपायरी है वो हमारा ऑलमोस्ट मैक्सिमम प्रॉफिट पे आके एक्सपायर हो गया और ट्रेड हमारा एक ही ट्रेड हमारा जो है वो एक्सपायर हो गया 9.5 पे और चार ही लेग्स में हमारा परफेक्ट कंप्लीट। एंड सर मैं जैसे देखा अभी कि 80,000 का मेरा कैपिटल लगा है। एंड एवरेज कैपिटल सर इतना ही रहता है हमारा। हां ऑलमोस्ट परफेक्ट। इसमें जो वन टू वन हम लोग बनाते हैं उसमें 1.2 तक जाता है। तो 1.2 लेके हम लोग चल सकते हैं कैपिटल। ठीक है परफेक्ट। सर मुझे कांसेप्ट तो बहुत इंटरेस्टिंग लगा एंड ये पूरा सेटअप ऐसा लगा कि मैं मार्केट कैसा भी है वहां पे बना हुआ हूं। स्ट्रेंथ के साथ बना हुआ हूं। बट अभी भी मेरा वो चार्जेस का जो आपने स्टार्टिंग में बोला था कि वो वो कैसे होंगे? आपने वो नहीं बताया तो सर वो भी बता दीजिए प्लीज। हम ठीक है? तो जो बैक टेस्टिंग हम पीपीटी में ऐड किए हैं वो स्टॉक मॉक पे मैनुअली करके ऐसे 2024, 25 और 26 का तीनों मैनुअली करके और यहां पे पीपीटी में हम डाल दिए। इसमें हम लोग ये डिस्कस कर रहे थे कि नेट नेट इसका अगर सीएजीआर निकालते हैं तो 45 के आसपास आता है। अब सबसे इंपॉर्टेंट चीज है कि हमारा चार्जेस के बाद क्या बचेगा? तो अब देखिए बहुत तरीके के ट्रेडर्स होते हैं। कुछ लोग एक लॉट से करते हैं। कोई दो लॉट से, तीन लॉट से, 10 लॉट से, 30 लॉट से। अब ऑप्शन सेलिंग में चार्जेस एन जब से बढ़ा है तो पोजीशनल स्ट्रेटजीस पे तो ज्यादा इंपैक्ट नहीं पड़ा बट फिर भी जो कम लॉट से करते हैं ना उनको ये पता होना चाहिए कि उनका चार्जेस हर स्ट्रेटजी में कितना जाएगा क्योंकि कुछ लोग क्या करते हैं स्ट्रेटजी स्टार्ट कर दी बाद में पता चला कि कुछ बचा ही नहीं तो इस स्ट्रेटजी में एक लॉट से अगर हम लोग करते हैं और आप एक लॉट से कोई भी ऑप्शन सेलिंग स्ट्रेटजी करते हैं तो आपका 30 टू 35% चार्जेस में जाएगा प्रॉफिट का प्रॉफिट का 30 टू 35% चार्जेस में आपका जाएगा आप कोई भी स्ट्रेटजी करते हैं एक लॉट से क्योंकि क्या है कि जो ब्रोकरेज है वह एक लॉट पे भी उतना ही लगता है। 10 लॉट पे उतना ही लगता है। 30 लॉट पे उतना ही लगता है। अब जैसे-जैसे हमारा लॉट्स बढ़ता है तीन लॉट पे अगर कोई कर रहा है तो उसका 20 से 25% चार्जेस जाता है प्रॉफिट का। अगर वो सपोज 1 लाख प्रॉफिट किया है तो उसका ऑलमोस्ट 20-25,000 प्रॉफिट जाएगा। राइट? पूरे साल में अगर कोई पांच लॉट से कर रहा है तो उसका 16% चार्जेस जाता है प्रॉफिट का। और अगर कोई 10 लॉट या उससे ज्यादा से करता है तो उसका 10% चार्ज जाता है पोजीशन में। तो समझिए कि ऑप्शन सेलिंग तो है वो तो ऐसे ही है। अब मान लीजिए कोई 10 लाख प्रॉफिट किया, 20 लाख प्रॉफिट किया मोर देन 10 लॉट्स से तो उसका चार्जेस 2 लाख ही जाएगा। एंड कोई एक लॉट कर रहा है तो ब्रोकरेज वो उतना ही दे रहा है। इस रीज़न से उसका थोड़ा चार्जेस ज्यादा जाएगा। तो ये पता होना चाहिए और इस स्ट्रेटजी का भी ऐसे है। सर ये जब चार्जेस सुनते हैं ट्रेडर्स तो ऐसा धकधक होने लगता है कि अभी कैसे होगा? एंड अभी तो मार्केट टफ होती जा रही है। इसमें देखिए क्या है कि चार्जेस जो है वो तो आपको दे ही रहे हैं। राइट? बट इस वीडियो से आपको एक्सजेक्टली पता चल गया कि चार्ज आप दे कितना रहे हैं और हर स्ट्रेटजी में आपको इतना देना ही पड़ेगा। तो वो तो देना ही है। वो तो पता होना चाहिए सिंपल। ठीक है? एंड इसी स्ट्रेटजी को थोड़ा और एडवांस तरीके से हम लोग कोर्स में भी डिस्कस किए हैं जिसमें ये सारी चीजें थोड़े से और इंप्रूव हो जाते हैं सारे रिजल्ट्स एंड एवरीथिंग। तो वो हम लोग कोर्स में जो है वो सारा डिस्कस किए हैं। परफेक्ट परफेक्ट सर। सर आपने ये सेटअप को ऐसे बताया जैसे आपने स्टार्टिंग में मेंशन किया कि आप 5 साल छ साल से आप मार्केट्स में है और मार्केट्स को आपने दिन रात देखा है एंड वो फील भी हुआ उस पूरे सेटअप में पूरे स्ट्रेटजी में तो सर आपकी जर्नी कैसी रही मतलब पांच छ साल मार्केट्स में इतने यंग एज में देना बहुत ही टफ काम होता है बहुत कम लोग करते हैं सो क्या रहा है सर आपका एग्जैक्ट जर्नी जर्नी तो मेरा सिंपल ही रहा ज्यादा एक्स्ट्राऑर्डिनरी नहीं था स्टार्टिंग से ही टॉपर थे और उसके बाद जब हम लोग कोटा गए तो एग्जैक्टली डिसाइड नहीं था कि क्या करना तो वहां पर किसी से भी रैंडमली पूछ के सिंपली जो है वो साइंस चूज कर लिए और जो है पढ़ना स्टार्ट कर दिए। वहां पर दो साल अच्छे से पढ़े बट कुछ दिक्कत की वजह से लास्ट में कुछ तीन मंथ में कुछ दिक्कत हो गया। उसकी वजह से जो एडवांस ये होता है जेई का वो नहीं निकला। फिर मन बना लिया कि कॉलेज ही जाना। अब वापस से रिपीट नहीं करना। बट कॉलेज में जब गए तो जो कोडिंग एंड ऑल होता है वो समझ ही नहीं आ रहा था। बीटेक हम बीटेक है। तो बीटेक जब करने गए कॉलेज में तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। मतलब कोडिंग चूज़ कर लिए थे और वो कोडिंग भी चूज़ किए थे किसी से कुछ के मतलब खुद से नहीं चूज़ किए थे और वो समझ नहीं आ रहा था तो फिर क्या होता था कि बीच-बीच में हमको हमेशा लगता था कि ये चीज हमको समझ नहीं आ रहा है तो इस बेसिस पे हमको कोई जॉब क्यों देगा तो फिर हम नए-नए चीजें खोजना स्टार्ट किए और बहुत सारी चीजें ट्राई की जैसे Instagram पे जो ड्रॉपशिपिंग होता है वो कोई प्रोडक्ट्स बना के जैसे यूएस से हम बहुत सारे प्रोडक्ट्स को इंपोर्ट करके सेल करते थे कमीशन बेसिस पे भी सेल करते थे तो बहुत कुछ जो है इसमें हम लोग किए थे और फिर धीरे-धीरे अचानक ट्रेडिंग के बारे में थोड़ा सा पता चला। वह हमको पता चला जैसे मेरी सिस्टर है वह 2017-1 से ही इन्वेस्ट करती है। म्यूच्यूल फंड्स में तो वो हमेशा बोलती रहती थी कि कॉलेज में सारा पैसा वेस्ट कर रहे हो। कुछ तो डालो। तो थोड़ा सा हम सुनते-सुनते एक दो बार डाले और वीडियोस देखना स्टार्ट कर दिए। 2020 में ही कोविड में उस समय मेरा शायद सेकंड ईयर चल रहा था। तो स्टार्ट कर दिए तो बहुत ज्यादा इंटरेस्टिंग लगने लगा। अब एक वीडियो स्टार्ट हुआ बस वो लूप मेरा चलते गया। मतलब कब हम 1000 वीडियो देखें, 2000 वीडियो देखें, 3000 वीडियो देखें, 4000 वीडियो ऐसा मतलब आपसे कन्वर्सेशन में भी आपको पता चल रहा होगा कि आप किसी के बारे में पूछ लीजिए। हम सबको देखे हुए हैं। आपका सारा वीडियोस देखे हैं। सबका वीडियोस हम देखे हुए हैं। तो मेरा वीडियोस जो है वो स्टार्टिंग से हम लोग देखते गए। और फिर इतना इंटरेस्ट आ गया कि हम सेकंड ईयर में काइंड ऑफ पढ़ाई छोड़ दी। कॉलेज में तो थे बट पढ़ाई एकदम छोड़ दिए। बिल्कुल। अब हम लोग कोविड की वजह से जब हम लोग घर पे आ गए तो घर पे जो एग्जाम्स होते थे उसमें हम लोग पास हो गए क्योंकि कोविड था सारा चीटिंग पे हमारा हम लोग पास हो गया अगर हम लोग कॉलेज में होते तो फिर फेल ही होते कॉलेज में तो ऐसे ही करके पास हो गए बट जो फुल इंटरेस्ट था वो ट्रेडिंग में ही चला गया और बीच-बीच में ऐसा होता था कि 6 महीने अचानक से ट्रेडिंग को दिए और फिर अचानक से हिट किया करे कॉलेज में कुछ पढ़ना भी चाहिए क्योंकि जॉब जो है वो नहीं मिलेगा क्योंकि ट्रेडिंग में उस समय बहुत छोटे कैपिटल्स थे मदर अंदर से कुछ कैपिटल लेके करते थे तो उससे ऐसा तो नहीं था कि बहुत अच्छा प्रॉफिट होता था तो हिट हमेशा करता था तो एकद महीना फिर वापस से पढ़ने लगते थे कोर्सर्सेस करने लगते थे YouTube पे कोडिंग का फिर जब एग्जाम फिर जब क्वेश्चंस करने बैठते थे तो क्वेश्चंस नहीं बनते थे तो फिर सोचते थे कि छोड़ो फिर ट्रेडिंग तो ये लूप तो ये लूप जो है वो मेरा चलते रहता था 6 महीने ट्रेडिंग 2 महीने कोर्स फिर ट्रेडिंग फिर कोर्स तो फिर सोचे कि नहीं होगा मेरे से कोडिंग फिर छोड़ दिए बुरी तरीके से और फैमिली का काफी सपोर्ट रहा कैपिटल एंड ऑल जब हम मांगे फैमिली से तो मिल गया। उस समय हम लोग आई गेस 7 लाख के आसपास 7 8 लाख के आसपास मदर जो है वो उन्होंने दिया था। एंड वो मतलब स्टार्टिंग के लिए इनफ था आई गेस। और स्टार्टिंग से ही अगर आप देखें तो फैमिली का जो सपोर्ट है मेरा बहुत अच्छा रहा है। जैसे होता है ना कि हर सक्सेसफुल आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है। तो मेरा स्टार्टिंग से ही तीन औरत का हाथ है। मतलब अभी हम एज अ मतलब अभी सक्सेसफुल खुद को हम नहीं मानते। बट स्टार्टिंग से ही तीन औरत का मेरे जो है वो हाथ रहा है। पहला मदर, पहला मदर है, फिर होने वाली वाइफ है और फिर सिस्टर है। और फिर सिस्टर का जब शादी हुआ तो जो हमारे ब्रदर इन लॉ है वो और एक्स्ट्रा सपोर्टिव है इस फील्ड में। तो स्टार्टिंग से ही सपोर्ट जो है वो रहा है। एंड ये ये जो है ना वो हम बहुत एक बड़ा फैक्टर मानते हैं मार्केट में टिकने के लिए। अगर कोई पर्सन है जिसका फैमिली सपोर्ट नहीं कर रहा है ना तो उनको टिकना थोड़ा सा हार्ड हो जाता है। ये हम देखे भी हैं। मतलब जितने मेरे फ्रेंड्स हैं जो ट्रेड करते हैं वो हम देखे हैं थोड़ा सा और इसी के साथ-साथ फिर एक बार क्या हुआ था कि कोविड के बाद जब 2021 में शायद तो 2021 तक ठीक हो गया था। मेरा जो प्रॉफिट्स था वो बनने लगा था। इक्विटी हम स्टार्टिंग में बहुत ज्यादा करते थे। ऑप्शन सेलिंग थोड़ा हम बाद में स्टार्ट किए थे और बाइंग हम 1 महीने ही किए हैं। उससे ज्यादा किए ही नहीं है। बाइंग 1 महीने में पता चल गया था कि मेरे से नहीं होगा। हां। हां तो थोड़ा सा जब स्टेबिलिटी हुआ इक्विटी में और ऑप्शन सेलिंग भी थोड़ा बहुत करने लगे थे तो हम सोचे कि अब हम अकेले रहेंगे एंड बाहर जाके थोड़ा सा जो कॉलेज है मेरा कॉलेज के बाहर में ही एकद साल अकेले रहेंगे थोड़ा ग्रोथ के लिए हम मतलब हम ऐसा शुरू से ही सोचते थे कि अकेले रहने पे ग्रोथ होता है तो हम चले गए और 3 महीने का सेविंग लेके गए थे और जो ट्रेडिंग अकाउंट में पैसा था वो तो था ही वैल्यू में कितना होगा सर सेविंग जैसे मेरा वहां का मंथली एक्सपेंस 10-12 था तो बैंक में 30 40 लेके चले गए थे और बाकी सारा कैपिटल ट्रेडिंग में ही था और यह सोचे थे कि जैसे-जैसे प्रॉफिट्स होगा वैसे हम उसमें से निकाल के और अपना मंथली एक्सपेंस चलाते रहेंगे। तो वहां पर हम जैसे ही गए ना तो हुआ क्या कि जो 2021 का अक्टूबर वाला जो फेस था जहां पर मार्केट बेरिश हो गया वहीं से और मेरा जो उसमें इक्विटी ट्रेडिंग हम करते थे स्विंग ट्रेडिंग उसमें हम मिस्टेक कर दिए थे और जिसकी वजह से कुछ जो मेरा कैपिटल है कुछ स्टॉक्स में फंस गया कोई पोर्टफोलियो हम एक बनाए थे जैसे स्मॉल केस बनाए थे तो उसमें क्या हुआ कि मार्केट गिरा तो वो डिप चला गया अब डिप गया तो फिर हम उसको सेल तो कर नहीं सकते और उस समय जो ऑप्शन सेलिंग स्ट्रेटजी हम लोग बनाए थे एक स्ट्रेटजी जो हम बहुत पहले बनाए थे वो उसका परफॉर्मेंस खराब खराब हो गया। तो ऐसा हो गया कि 3 महीने में जो मेरा ट्रेडिंग का जो प्रॉफिट्स है वो जीरो हो गया। नेगेटिव ही हो गया। तो अब सोच रहे थे कि 3 महीने बाद जो है वो क्या करेंगे? मतलब मांग सकते थे घर से मांग सकते थे। बट ऐसा हो गया था कि नहीं घर से तो नहीं मांगना। करना है खुद से ही करना नहीं तो वापस चले जाना है। तो 3 महीने बाद सेविंग्स खत्म हुआ और उसके बाद प्रॉफिट्स भी हम विड्रॉ नहीं कर सकते थे क्योंकि प्रॉफिट्स हुआ ही नहीं था। फिर वापस घर जाना पड़ा। फिर वापस घर जाने के बाद फिर वापस से सारी चीजें वापस से स्टार्ट किए। फिर से ऑप्शन सेलिंग स्ट्रेटजीज़ बनाना स्टार्ट किए। क्योंकि उस समय हम यह समझ आ गया कि इक्विटी में क्या है कि बुल मार्केट में तो पैसा बनता है बट ऑप्शंस थोड़ा जरूरी है। फिर धीरे-धीरे इक्विटी के भी कुछ सिस्टम्स ऐसे बना दिए जो बियर मार्केट में भी ठीक चलते हैं। बट इसी तरीके से जो जर्नी है वो जो है वो स्टेबल हो गया। फिर 2023 से पढ़ाना भी स्टार्ट कर दिए। तो काफी अच्छा हो गया। उसके बाद से। परफेक्ट सर। एंड बहुत सारे लोग हमारे ऑडियंस में होंगे जो जिन्होंने आपकी स्टोरी सुनी जिन्होंने आपकी जर्नी सुनी और बहुत ही रिलेट कर पाए होंगे कि उन्होंने भी ऐसे ही कुछ कोविड के बाद से स्टार्ट किया और आज जहां पे भी हैं वो वो पूरा एक प्रोसेस फॉलो करके आए हैं जिससे आप करके आए। बट सर छ साल हुआ आपकी ट्रेडिंग को तो उस फेज में आपने बहुत सारे आई बिलीव लॉसेस किए होंगे। बहुत सारे अच्छे प्रॉफिट्स किए होंगे। तो अगर आपके पास कुछ ऐसे एग्जांपल्स है जो आप हमारे साथ शेयर कर पाए कि हां यह एग्जांपल है कि मैंने यहां बहुत अच्छा प्रॉफिट किया था या इस साल मेरा बहुत अच्छा गया था और इस साल मेरा बहुत ही खराब गया था। तो इसमें एक एक्सपीरियंस है मेरा बट उससे पहले प्रॉफिट वाला अगर बताएं देखिए स्टार्टिंग से हम इक्विटी ट्रेडिंग और ऑप्शन सेलिंग ही किए हैं। तो इसमें ऐसा नहीं होता कि अचानक से आपको इतना प्रॉफिट हो गया। राइट? क्योंकि थोड़ा वो स्टेबल ही चलता है। ऑप्शन सेलिंग में प्रॉफिट फिक्स है। इक्विटी में भी फिक्स ही है। तो इक्विटी और ऑप्शंस में अगर हम देखें तो मैक्सिमम मेरा जो हाईएस्ट अगर परफॉर्मेंस देखें तो फोर फाइव मंथ्स में एक बार बहुत अच्छा 50 40 50% बन गया था। तो हाईएस्ट मेरा यही है कैपिटल पे। अमेजिंग ये किस साल की बात? ये 2024-25 में ही होगा। तो अच्छा खासा चारप महीने में भी 40 50% अच्छा बन गया था। तो मेरा हाईएस्ट है। बयरर्स में जनरली होता है कि उनका अचानक से 10 गुना 20 गुना हो गया। तो वो सेलर्स और इक्विटी में नहीं होता। तो बेस्ट फज़ यही है मेरा। और बैड फज़ का अगर हम बात करें तो जैसे क्रिप्टो में इन्वेस्टिंग जो है वो क्रिप्टो में इन्वेस्टिंग भी हम करते हैं। तो वो जो क्रिप्टो का जो साइकिल होता है वो भी हम अच्छे से थोड़ा पकड़ लेते हैं। तो 2022-23 में एग्जैक्टली जब बॉटम बना था बिटकॉइन का 20,000 22,000 का तो हमको पता चल गया था कि बॉटम है। एंड वहां पे हम अच्छा खासा अमाउंट जो है वो डालना स्टार्ट कर दिए थे। जब तक बुल रन आया 2024 25 तक तो ऑलमोस्ट जो कैपिटल है मेरा वो वहां से थ्री टाइम्स ऑलमोस्ट हो गया। एंड उसके बाद क्या हुआ कि जो इंडियन प्लेटफार्म पे हम करते थे। उसके बाद हम सोचे कि ये जो अमाउंट है वो ज्यादा हो गया है। एंड इस रीजन से इस अमाउंट को हम हार्ड वॉलेट में शिफ्ट कर देते हैं। क्योंकि क्या होता है कि अह जो बाकी प्लेटफॉर्म्स है वो हैक हो सकते हैं। तो हम हार्ड वॉलेट में शिफ्ट कर दिए। अब हार्ड वॉलेट में शिफ्ट किए तो क्या हुआ कि हमको कुछ प्रॉब्लम आया एक दिन तो प्रॉब्लम आया तो हम सपोर्ट टीम से ट्राई किए कनेक्ट करने का बट उसी में से किसी ने स्कैम कर दिया एंड जो मेरा हार्ड वॉलेट था वो हैक हो गया और जो जितने भी समझिए दो-ती साल में जो हमारा कैपिटल उसमें थ्री टाइम्स हुआ था वो सारा मतलब आंखों के सामने जैसे हम इस तरीके से रिफ्रेश कर रहे हैं रात के 2:00 बज रहा था इस तरीके से रिफ्रेश कर रहे हैं और $0000 उसमें से निकलते जा रहा है तो वह सबसे बड़ा मतलब वो लॉस का फेस तो नहीं है बट वो काइंड ऑफ हैक हो गए चोरी हो गया था वो भी सर आपके एक ऐसे फज़ में जब आपने स्टार्ट किया तीन चार साल ही आपको मार्केट में हुआ इतना बड़ा आपको शौक लगा आई बिलीव बहुत सारे लोग हमारी ऑडियंस में होंगे जो आपसे ऑप्शन सेलिंग के बारे में स्विंग के बारे में एंड क्रिप्टो के बारे में जैसे आपने मेंशन किया बहुत कुछ सीखना चाहते होंगे तो मैं उनको रिक्वेस्ट करूंगा कि आप प्लीज कमेंट करके बताइए कि आप सर से नेक्स्ट वीडियो में क्या सीखना चाहेंगे सर के साथ ऑलरेडी हमने वीडियोस प्लान किया हुआ है बट जितना ज्यादा आप इंगेज करके कमेंट्स में बताएंगे कि हां हमें ये स्पेसिफिक टॉपिक पे सीखना है एंड सर आपने अभी जब डेक्टिस दिखा रहे थे तो मैंने देखा कुछ लीप स्ट्रेटजी भी लिखा हुआ था साइड में वो भी कुछ शाफ का स्ट्रेटजी है। हां उस स्ट्रेटजी में क्या होता है कि वो हम लोग क्वार्टरली एक्सपायरी में करते हैं। जैसे एक होता है वीकली मंथली और एक तीन महीने दूर का एक्सपायरी होता है। तो 3 महीने के दूर के एक्सपायरी में वो स्ट्रेटजी करते हैं। वो स्ट्रेटजी वर्किंग पीपल के लिए समझिए कि अ बेस्ट चीज है। वरदान है। क्योंकि उसमें टाइम बहुत कम, रिटर्न्स बहुत अच्छा एंड एडजस्टमेंट्स बिल्कुल नहीं। तो जो जो चाहिए होता है ना वर्किंग को वो एक्सक्टली उस स्ट्रेटजी। ओ परफेक्ट। तो सर वो स्ट्रेटजी अगला डिस्कस करें अगर हमारी ऑडियंस कमेंट करें। हां बिल्कुल डन। तो अगर आप कमेंट्स में लीप लिखते हैं एलईएपी लीप लिखिए एंड हमें बताइए कि आप इंटरेस्टेड हैं एंड वो क्वार्टरली एक्सपायरीज की स्ट्रेटजीस हम आपके साथ शेयर करेंगे। जितने ज्यादा कमेंट्स जितनी जल्दी आप कमेंट्स करेंगे, वीडियो को लाइक करेंगे, चैनल को सब्सक्राइब करेंगे, हम उतनी जल्दी वो वीडियो लेके आएंगे। सो प्लीज गो अहेड एंड डू दैट एंड आप जाके सर का कोर्स चेक आउट कीजिए। उसका लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। आप बहुत अच्छे से एक बहुत ही स्ट्रक्चरर्ड वे में आप सीख पाएंगे कि कैसे ऑप्शन सेलिंग को करना है। इवन आप मार्केट को कम समय देना चाहते हैं। एंड अनलिमिटेड लॉस को कैसे हैेज करें। आप उससे कैसे बचें। तो ऑप्शन सेलिंग का सबसे बड़ा पेन पॉइंट है। एंड अभी के मार्केट में नॉन डायरेक्शनल ऑप्शन सेलिंग ऑलमोस्ट जो नहीं हो पा रही है उससे कैसे बच सकते हैं? सब कुछ सीख सकते हैं आप। सो एंड उसका लिंक इस डिस्क्रिप्शन एंड पिन अकाउंट में आपको मिल जाएगा। सो वि दैट थैंक यू सो मच सर फॉर जोॉइनिंग अस टुडे एंड आई होप ऑडियंस हमें बहुत सारा प्यार देगी ऑडियंस को आप मुझे तो आप बहुत अच्छे लगे आपसे सीख के बहुत अच्छा लगा एंड आप हमारी ऑडियंस भी उतना ही अच्छे से हमें इंगेजमेंट के थ्रू बता कि उनको भी अच्छा लगा थैंक यू थैंक यू सो मच ऋषभ जी एंड थैंक यू सो मच एवरीवन थैंक यू सर थैंक यू सो मच एवरीवन एंड हम आपसे मिलेंगे अगले वीडियोस

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