Stop Losing Money! Learn Hedging Strategy in 18 Minutes — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Stop Losing Money! Learn Hedging Strategy in 18 Minutes

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Analysed 01 Aug 2026, 02:49 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational explanation of option hedging concept for beginners; no mechanical, backtestable entry/exit rules defined.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (4159 words)
आज डिस्कस करने वाले हैं हम ऑप्शन हैजिंग को। ऑप्शन हैजिंग होता क्या है? किस लिए यह किया जाता है? एक बिगिनर के लिए बेस्ट है या नहीं है? या इसको एक्सपीरियंस जो होल्डर है जो लंबे टाइम से काम कर रखे हैं वो भी इसका यूज़ करते हैं? तो इसके बारे में ही डिस्कशन करेंगे। बाकी जिसको भी यह एजुकेशन या इसके रिलेटेड जो अच्छी लग रही है तो आप प्लीज सब्सक्राइब करके बेल आइकॉन ऑन कर लेना। और इसी पे पेज पे हम लाइव भी आते हैं। आते हैं किस लिए? क्रिप्टो के लिए भी लाइव आते हैं और आपके जो मेजर डाउट होते हैं इंडियन मार्केट के भी जहां पे इंटर एग्जिट वगैरह कोई भी आपका मेजर डाउट हो तो इसलिए भी हम लाइव इसी पेज पे होते हैं। तो इसको बेल आइकॉन ऑन कर लेना और भाई सब्सक्राइब कर लेना। चलो भाई अब टाइम ज्यादा वेस्ट ना करते हुए डिस्कस करते हैं ऑप्शन हैजिंग के बारे में। देखो ऑप्शन हैजिंग का सीधा सा मतलब है मैं जो मानता हूं कि जैसे बिगिनर जो स्टार्ट करता है ट्रेडिंग को तो वो सबसे पहले क्या समझता है कि मार्केट को समझना इंपॉर्टेंट है। कैंडल्स के बारे में जानना इंपॉर्टेंट है। अब यह सब जानने के बाद उसकी परफेक्ट एंट्रियां बनना कितने टाइम बाद स्टार्ट होते हैं। लेकिन स्टार्टिंग में क्या होता है? वह चीजों को क्या समझता है और कैसे ऑप्शन हैज करके उसका वो अपने लॉस को कम कर सकता है। प्रॉफिट देखो स्टार्टिंग में होता क्या है कि हर बिगिनर सोचता है कि मेरा लॉस कम हो। प्रॉफिट कम आएगा चलेगा। इसी चीज को सॉल्व करता है ऑप्शन हैजिंग। इसके मेनम पॉइंट जान लेते हैं। कैसे इसका फायदा है? कैसे हम इसका यूज़ कर सकते हैं? बिगिनर के लिए कितना बेस्ट है? चलो डिस्कस करते हैं। हम देखो सिंपल सा है। सबसे पहले जो भी बंदा ट्रेडिंग स्टार्ट करता है, बिगिनर आता है मार्केट में तो क्या करता है? सबसे पहले इन कैंडल्स के बारे में जानता है। ये अप या डाउन का मूवमेंट हो रहा है। तो यहां से मार्केट अप गई। जैसे आज फरवरी है तो फरवरी में जैसे आज जो मार्केट जो भी ओपन हुआ अप गया, डाउन गया तो सबसे पहले तो वो क्या करता है? कोशिश करता है इस चार्ट को समझने की कि मार्केट में इस चार्ट के अकॉर्डिंग और कैंडल के अकॉर्डिंग वो समझ सकता है कि मार्केट में अप साइड का मूवमेंट रहने वाला है या डाउन का। अब मान लेते हैं कि जैसे बिगिनर है तो वो अगर यहां मार्केट में 9:15 की पहली कैंडल यह है। अब यह अगर थोड़ा उसको आईडिया है या किसी को आईडिया नहीं है तो हमने इसी बेस पे ट्रेडिंग फैमिली पे हमने मैंने अपना मॉर्निंग सेटअप या मार्केट को कैसे एनालाइज कर सकते हैं यहां बाइंग या सेलिंग या किस पर्टिकुलर ज़ोन से मार्केट अप जाएगी या डाउन वो वीडियो भी मैंने डाल रखी है। जाके आप देख सकते हो। उससे आपको यह पता लग जाएगा कि यहां से मार्केट में जो सेलिंग आई है उसका क्या इंपॉर्टेंट रोल है। क्यों आई है और यहां जो बाइंग है वो क्या है और इसमें इन दोनों के बीच में हमें क्या करना चाहिए? कैसे एंट्री है? अब ये देखने के बाद आप समझ जाओगे। मान लेते हैं बिगिनर यह चाह रहा है कि एंट्री लेना यहां पे कि अपसाइड का मूव है। मार्केट में ग्रीन कैंडल बन रही है। अपसाइड जा रही है और यहां से मार्केट गया। तो सिंपल सा है। हम कोई भी अगर बायर हैं तो क्या करते हैं? हम कॉल को बाय करते हैं। अब कॉल बाय किया। ये तो चीजें बन चुकी हैं। तो सिंपल लग रही है कि यहां पर मूव हुआ। यहां से डाउन आ चुकी है मार्केट। अब यहां जब एंट्री बनती है अकेली बाइंग की तो बाइंग में क्या होता है? अगर बार-बार बार-बार उसके अगर थोड़ा सा भी मार्केट साइडवेज रहे या थोड़ा सा रीडश करे यानी कि थोड़ा सा अगर रीडश या साइडवेज रहती है तो बार-बार एक बिगिनर के स्टॉप लॉस हिट होते हैं। अब हिट कैसे हो रहे हैं? अब मान लो यहां एंट्री ली उसने थोड़ा सा मार्केट यहां डाउन आती तो उसको काट देता। अब इन सब चीजों को बचा देता है ऑप्शन हैज। यहां ओवर ट्रेडिंग से बचाता है ऑप्शन हैज करना। प्लस उसके जो अमाउंट होता है क्योंकि ऑप्शन हैज करने में थोड़ा अमाउंट लगता है ज्यादा। और बार-बार अगर वो उसको काटेगा बनाएगा पोजीशन को तो वो सिर्फ बाइंग में कर सकता है। क्योंकि 5 7 10 जो भी वो साइड यूज़ कर रहा है तो वो क्या करेगा? बार-बार 5 7 पॉइंट का स्टॉप लेता जाएगा और अपनी कैपिटल कहीं ना कहीं वो 10 15 10 या 15 20 25% लॉस ही कर लेता है। और ऑप्शन हैज़ क्या करता है? मान लो एक बयर है यहां पर जो बिगिनर आया है उसने क्या किया अगर कोई भी एग्जांपल लेते हैं किसी ऑप्शन चेन से किसी भी ऑप्शन को उसने एग्जांपल के लिए ₹100 का बाय किया अब वो क्या चाह रहा है बाजार अगर उसने कॉल बाय किया है मान लो आज ही तो क्या चाह रहा था बाजार ऊपर जाए और इस प्रीमियम का प्राइस 110 120 150 200 कहने का मतलब क्या है कि यह प्राइस बढ़े तब उसका प्रॉफिट बनेगा और यह होगा कब? जैसे मार्केट में यह कंटिन्यू अपसाइड का मूव बना, तो उसका प्रॉफिट बनना स्टार्ट हो जाएगा। लेकिन अगर मार्केट मॉर्निंग में यहां से स्टार्ट होती, मान लो यहां या यहां स्टार्ट होता और यह साइडवेज मूव होता यह बिल्कुल साइडवेज मार्केट रहती। यह साइडवेज मार्केट रहती तब क्या उसका प्रॉफिट बनता? आपने कई बार देखा होगा कि जब मार्केट में साइडवेज होती है मार्केट, तो दोनों प्रीमियम मेल्ट होना स्टार्ट हो जाते हैं। कॉल हो या पुट हो, किसी में भी प्रॉफिट नहीं बनता। मुश्किल से मार्केट थोड़ा सा मूव एक साइड कॉल साइड गया फिर पुट साइड गया टोटल ट्रैप टाइप या साइडवेज मार्केट होती है जिस और जब यह साइडवेज होती है तो किसी का भी बायर का पैसा नहीं बनता मोस्ट ऑफ क्या करते हैं लॉस ही करते हैं और एक सेबी गाइडलाइन या कोई भी अगर हम जहां सुनते हैं कि 90 95% यानी कि ज्यादा बयर लॉस में ही क्यों क्योंकि जहां बिगिनर स्टार्ट कर रहा है तो उसको वो चीज़ चाहिए होती है कि वह एंट्री बनाए और उसकी एंट्री में स्टॉप लॉस पांच सात पॉइंट या थोड़ा बड़ा स्टॉप लॉस है चलेगा लेकिन उसका लॉस जो हो रहा है यानी कि अगर मान लो ₹100 का प्रीमियम हमने बाय किया था गोल साइड अगर यह अपसाइड एक ही डायरेक्शन में हमारा यानी कि हमारी डायरेक्शन में बाजार ऊपर गया तो हमारा प्रॉफिट होगा और अगर बाजार नीचे आता है तो अगर ये 110 पे यहां 90 पे आ जाए 80 पे आ जाए या 50 पे चला जाए तो एक एक बिगिनर का बायर का लॉस होना स्टार्ट हो जाता है। अब वो सोचता है कि मेरे पास कोई ऐसी स्ट्रेटजी हो कि मैं जो एंट्री लूं मेरा थोड़ा स्टॉप लॉस यानी कि अगर मेरा लॉस जहां 2000 का हो रहा है वो 1000 का हो जाए। तो इसी को सिंपल करने के लिए और लॉस को हाफ करने के लिए जहां हम एक-एक पॉइंट की एंट्री ले रहे थे वहां उस एंट्री को पूरा पूरा अच्छा खासा बनाने के लिए ऑप्शन हैज किया जाता है। सेलिंग का यानी कि सेल करके जब हम सेलिंग करते थे उसमें अमाउंट ज्यादा लगता था। अब यहां ऑप्शन हैज करने में क्या होगा कि अमाउंट भी कहीं ना कहीं कम हो जाता है। यानी कि जहां हमारा अगर एक ऑप्शन को हम सेल करते हैं तो लाख, डेढ़ लाख, 2 लाख के अराउंड जाता है। ग्राउंड फिगर है एग्जांपल के माने। लेकिन अगर ऑप्शन हैज किया तो वही अमाउंट कम हो के 50 55 या ₹0000 का हो जाता है। अभी लोड साइज ज्यादा हो गए बढ़ गए हैं। नहीं तो यही अमाउंट ₹300 में अभी ₹2ज़ में भी इसी अमाउंट से काम चल जाता था ऑप्शन हैज करने में। आप सिंपल समझो इसको। जहां बायर के पास अपॉर्चुनिटी होती है कि बाजार उसी साइड में है। अगर उसने डाउन की पोजीशन बनाया तो डाउन अप की पोजीशन में तो अप कोई भी प्राइस मान लो ₹100 का लिया। अगर कॉल का उसने प्राइस लिया तो उसको अप जाना चाहिए। पुट का लिया तो पुट का भी क्या है? प्राइस बढ़ना चाहिए। मार्केट को नीचे आना चाहिए। प्राइस बढ़ना चाहिए। अगर मार्केट साइडवेज रही तो उसका बनेगा लॉस। अब ऑप्शन हैज़ वाले को चिंता नहीं है। अगर उसने ऑप्शन हैज़ का मतलब सी सिंपल सा मतलब है। उसने क्या कर रखा है? किसी चीज को बेच रखा है। अगर मार्केट साइडवेज है तब भी प्रीमियम मेल्ट होगा। उसका प्रॉफिट बनेगा। अगर मार्केट उसकी डायरेक्शन में गई। मान लो उसने पुट को बेच रखा है। एक और चीज समझते हैं पहले। अगर मार्केट अब जा रही है तो बेचना क्या होता है हमें? पुट को। ठीक है? हमने पुट को बेच दिया। मार्केट अब जा रही है तो यह प्रीमियम क्या हुआ? ₹100 वाला प्रीमियम कहीं ना कहीं 80 का या 70 का या उससे भी नीचे आना स्टार्ट हो जाएगा। तो हमारा सेलिंग में क्या बनेगा? प्रॉफिट। सेम है। अगर यह साइडवेज रहा तब भी तो यह प्रीमियम कहीं नहीं भागेगा। यह भी तो कहीं ना कहीं मेल्ट होगा। मेल्ट होगा तो हमारा प्रॉफिट बनना स्टार्ट हो जाएगा। अब यहां बयर के पास सिर्फ एक सिर्फ एक वही है कि मार्केट उसकी डायरेक्शन में अपॉर्चुनिटी उसके पास है तब उसका प्रॉफिट बनेगा। और सेलर के पास क्या होता है? सेलर के पास दो अपॉर्चुनिटी है। अगर मार्केट साइडवेज तब भी प्रॉफिट बन रहा है। और उसकी डायरेक्शन में मार्केट जा रही है तब भी प्रॉफिट बन रहा है। तो इसी चीज के लिए ऑप्शन हैज यूज़ किया जाता है। ऑप्शन हैज करते कैसे हैं? और इसको कैसे हम अपना जो हमारा लॉस हो रहा है वह उसको हम कम कैसे कर सकते हैं? सिंपल समझते हैं। अगर कोई प्रीमियम हमें लग रहा है कि मार्केट अब जा रही है। अगर हम बायर हैं सिंपल बाइंग करते हैं। हमने मार्केट को जैसा हमने समझा जैसे हमारी एजुकेशन है उसके अकॉर्डिंग किसी भी स्ट्राइक प्राइस को बाय किया और मार्केट ऊपर की कॉल साइड का हमने बाय किया तो मार्केट में हमारा प्रॉफिट बनना स्टार्ट हो जाएगा। प्रॉफिट बन जाएगा। अगर हम सेलिंग या ऑप्शन हैज कर रहे हैं तो हमें करना क्या होगा? अगर मार्केट अप साइड का मूव कर रही है तो हमें किसी पुट के प्राइस को ऑप्शन को हमें क्या करना पड़ेगा? मान लो 100 का एग्जांपल मान लिया 100 का हमने सेल कर दिया। यह हो गई हमारी सीधी-सीधी सेलिंग की। लेकिन सेलिंग में होगा क्या? यहां अमाउंट ज्यादा लगेगा। अब अमाउंट को भी कम कर सकते हैं। वो कैसे कर सकते हैं? सिंपल समझते हैं। अब जैसे यहां जो भी आप ऐप यूज़ कर रहे हो मैं दोबारा रिपीट कर देता हूं। जो भी आप ऐप यूज़ कर रहे हो क्या सुना या नहीं सुना? तो जिस जो भी आपने ऐप यूज़ किया बास्केट मोड ऑन किया सीधा। अब सिंपल सा मतलब है अगर यहां आप बाइंग करते तो आपके पास एक ही वो होता डायरेक्शन होती कि आपकी डायरेक्शन मार्केट गई तो आप कहीं ना कहीं प्रॉफिट बना सकते हो अगर वो साइडवेज तभी आपका लॉस होगा इसी को कम करना है मान लो आज का एग्जांपल लेता मार्केट अप साइड का मूव कर रही है हम बेच क्या सकते हैं खरीदने के लिए हमारे पास कॉल था लेकिन बेचने के लिए क्या होगा पुट अगर मैं सीधा मान लो कोई ₹82 वाला यह पुट बेचता हूं अब यहां पुट बेचने के बाद जो मेरा अमाउंट लगेगा देखो ₹196536 यह अमाउंट ज्यादा है। अगर मैं ऑप्शन हैज करता हूं। हैज मतलब साथ में ही कोई इसका एक मैं कोई प्रीमियम बाय कर लेता हूं। पुट का ही ध्यान रखना कि अगर मैं कॉल को बेच रहा हूं तो कॉल का ही कोई पुट कोई कोई ऑप्शन मैं बाय कर रहा हूं। वो भी जिस ऑप्शन को मैंने बेचा मान लो ₹82 मैंने बेचा। तो इंश्योरेंस के लिए आप इसका नाम इंश्योरेंस रख सकते हो कि एज इंश्योरेंस के लिए कि आपको डर है कि कहीं ना कहीं मेरा लॉस ज्यादा हो तो कहीं ना कहीं मेरा थोड़ा कवर हो जाए। तो उसके अकॉर्डिंग ही मैं कोई ना कोई ऑप्शन बाय कर लूंगा साथ में। तो यह बन जाएगी मेरे लिए ऑप्शन हैजिंग। नाम बहुत सारे हैं इसके। इसको कोई भी आप नाम दे सकते हो। ठीक है? लेकिन इस अमाउंट को सबसे पहला मेजर बात थी कि इस अमाउंट को मैं कम कर सकता हूं। दूसरी बात अगर मान लो मैं इसका 1:2 लेना चाहूं। अगर मैं थोड़ा पैनिकिक हूं, मैं डरा हुआ हूं कि प्रॉफिट कम आएगा, चलेगा। मैं मार्केट डायरेक्शन तो समझ पाता हूं। चार्ट समझ में आता है। लेकिन जैसे ही मैं एंट्री बनाता हूं, मेरा कहीं ना कहीं छोटा-मोटा स्टॉप लॉस जा रहा है और बार-बार मेरी एंट्री हो रही है। और ट्रेड कर पा रहा हूं। तो इसको बचने के लिए और अपनी एंट्रियां पक्की करने के लिए ऑप्शन हैज कर सकते हो। कैसे? अब ऑप्शन हैज़ में आपने क्या किया? सिर्फ यह अमाउंट कम करने के लिए। अब मान लो मैंने ₹82 वाला सेल किया और मान लो मैं इसके अगेंस्ट अगर मैं यहां पे कोई बाय कर लेता हूं पुट को कि मैंने ₹36 वाला कोई बाय किया तो मेरा जो अमाउंट था वह मेरा ₹45,000 रह चुका है। अब मैं इसको बड़ा करता हूं। अब मेरा जो अमाउंट था वह ₹45,000 ₹452 यानी ₹45,000 मेरे लग रहे हैं। एनालाइज करके देखता हूं कि क्या ही मेरा हो सकता है। क्या मेरा लॉस या मेरा प्रॉफिट कितना होगा। इंपॉर्टेंट लॉस प्रॉफिट नहीं है। स्ट्रेटजी ऐसी भी है जिसमें आपको सिर्फ लॉस छोटा सा और प्रॉफिट आपको हमेशा बड़े नजर आएंगे। अब उसको समझना होता है बस। अब यह साइकोलॉजी यह स्ट्रेटजी बनाएगी। यहां देखो जो ये जो दिख रही है ना आपको प्रॉफिट और प्रोबेबिलिटी ये इंपॉर्टेंट ये है 59% और यहां पे लॉस 6000 का और 2974 का प्रॉफिट आपका दिख रहा है। अब ये देख के लोग सोचते हैं कि यार ये कैसी स्ट्रेटजी है? 676 का लॉस दिखा रहा है और 2974 का प्रॉफिट दिखा रहा है। तो ये क्या ही स्ट्रेटजी होगी? ये स्ट्रेटजी अच्छी है। क्यों अच्छी है? सिर्फ आप बाइंग को हटा के आप सिर्फ आपने एंट्रियां पक्की कर बिगिनर के लिए इंपॉर्टेंट क्या होता है कि उसका जो प्रॉफिट बन रहा है थोड़ा कम बने लेकिन लॉस ना हो बस इसने क्या किया है बस इसी चीज को मान लो एग्जांपल के लिए आप कोई प्रीमियम को बाय करते हैं आप किसी भी प्रीमियम को आप बाय करते हैं आप साइड मार्केट जा रहे हो आप कॉल को बाय करते हो तो आपके पास एक ही चीज होती है ना कि मार्केट आपकी डायरेक्शन में जाए तब आपका प्रॉफिट बनेगा मान लो यह 82 और यह ₹81 का प्राइस है कॉल साइड का अब इनमें से मान लो मैं ₹81 को मैं कॉल साइड को बाय करता सुबह मॉर्निंग में यहां पे तो यहां मेरी डायरेक्शन में मार्केट जाती तो मेरा प्रॉफिट बनता अच्छा खासा लेकिन यह मेरी डायरेक्शन से अलग होता या मार्केट साइडवेज होती तब मेरा क्या होता लॉस। अब यहां 20 पॉइंट ये नीचे आया। मान लो 81 सही है। अगर यह नीचे आता 20 पॉइंट तो मेरा जो 20 पॉइंट का जो लॉस हुआ है वह कहीं ना कहीं मैं अगर बार-बार ट्राई करूंगा तो मेरा 20 से 40 होता चला जाएगा। तो वह अगर 20 पॉइंट को भी मेरे को कम करना है तो सिंपल कम कैसे कर सकता था मैं साथ में मैंने जैसे यह पुट वाला मैंने कॉल साइड मार्केट जा रही है मैंने ₹82 वाले को सेल किया और इसके साथ में मैंने बाय क्या कर लिया सिर्फ 28 या ₹36 वाला मैंने कोई बाय कर लिया मान लो 36 वाला मैंने बाय कर लिया अब यह क्या होगा 36 वाला मैंने जो बाय किया है यह मेरा बाय है यह मेरा सेल है अगर मेरी डायरेक्शन में मार्केट जाती है डायरेक्शन मतलब यह पुट ₹80 का मान लेते हैं एग्जांपल अगर 80 से यह 40 आया और यह भी जो हमने जो ₹ मान लेते हैं एग्जांपल के लिए ₹ का था यह और यह भी हाफ हो गया। तो यहां माइनस हुए 15 पॉइंट और यहां माइनस कितने हुए थे? 40 पॉइंट। अब 40 में से अगर मैं -15 करूं तो जो ये जो पॉइंट बचे हैं, यह मेरा क्या बन गया? मेरा प्रॉफिट। जो भी पॉइंट मेरे सामने है, वह मेरा प्रॉफिट है। सेम ऐसे ही क्या होता? अगर मार्केट मेरे अगेंस्ट चली जाती यह ₹80 वाला प्रीमियम अगर यह बढ़ के यानी कि 50 पॉइंट बढ़ जाता तो क्या यह जो मैंने बाय किया ₹30 वाला यह ₹30 वाला क्या करता क्या यह नहीं बढ़ता यह भी तो बढ़ता अगर यह 50 पॉइंट बढ़ा तो यह भी 15 17 20 पॉइंट तो यह भी बढ़ता अब मान लेते हैं 20 पॉइंट बढ़ गया जो यह जो पॉइंट मेरा जो लॉस होना था 50 पॉइंट का यह 20 पॉइंट इसने क्या कर दिया कम कर दिया तो मेरा लॉस कितने पॉइंट का बच गया अब यह 30 पॉइंट का अब यह 30 पॉइंट का लॉस ही मेरा हुआ है। एग्जांपल मैंने क्यों दिया 50 पॉइंट का? सपोज़ करो आप जो बाइंग कर रहे थे वहां जो आप स्टॉप लॉस रखते थे 10 पॉइंट का, पांच पॉइंट का जो भी आपका स्टॉप लॉस आपके सेटअप के अकॉर्डिंग था। अब ऑप्शन हैज़ ने क्या किया? उसको थोड़ा बढ़ा कर कहीं ना कहीं आप 10 पॉइंट जहां 20 पॉइंट भी आप होल्ड कर सकते हो चीज़ों को। और आपका जो लॉस ₹1000 का था वो 500 का। जहां 10,000 का था वो 4 या 5,000 का लॉस आपका दिख रहा है। और यहां पे चीज़ दो हो चुकी है। आपके पास कैसे? अगर यहां साइडवेज मार्केट होती है ऐसे ही तो तब भी आपका प्रॉफिट होता क्योंकि आप प्रीमियम देखोगे ना जब साइडवेज मार्केट में कॉल भी और पुट भी दोनों प्रीमियम कहीं ना कहीं आपको डाउन नजर आएंगे मैच होते नजर आएंगे तो ये मेरे को सबसे बेस्ट लगती है बिगिनर के लिए क्योंकि बिगिनर करता क्या है मार्केट का चार्ट तो समझ में आ गया अप डाउन है लेकिन अगर यहां मार्केट जाएगी यहां जाएगी यहां से नीचे आए थोड़ा सा अगर बाउंस बैक आया तो मेरा स्टॉप लॉस चला गया ये डर होता है और स्टॉप लॉस में स्टॉप लॉस बार-बार क्यों आते हैं जब साइडवेज मार्केट होती है तो मार्केट उसको मौका देती है बार-बार बाय बाय करने का आराम से उसका बाइंग सेल हो जाता है और वह समझता है कि यह एक मार्केट ने अब मैं बात करूं अगर मार्केट ने यह क्या बना लिया एक ज़ोन बना लिया था कि इसको निकलते ही मैं बाय कर रहा हूं। अब इसको यहां से निकाला डाउन आई आराम से बाय कर लेगा। स्टॉप लॉस वापस गई मार्केट स्टॉप लॉस ले लिया। अब दोबारा इस ज़ोन से मार्केट ने यहां से निकाला यहां निकाला अप साइड बाय किया। फिर नीचे आ गई मार्केट। वो बार-बार अपने स्टॉप लॉस हिट करता है। लेकिन अगर ऑप्शन हैज करके बैठे हैं। आराम से बैठा है तो तब भी मार्केट कहीं नहीं जा रही मार्केट। तब भी वह आराम से होल्ड चीजों कर पा रहा है और मार्केट को समझ भी पा रहा है। अब मॉर्निंग में क्या होता है? मेरे बार-बार स्टॉप लॉस हुए तो मैं नेगेटिव पहले ही हो चुका हूं। स्टॉप लॉस मैं बार-बार मेरा ईगो हर्ट होता है। बहुत सों के साथ होता है भाई। ईगो हर्ट होता है। तो वो क्या करता है? मार्केट से फाइट करना स्टार्ट कर देता है। लेकिन ऑप्शन हैज़ क्या करती है? स्लोली स्लोली चीजों को समझाती है। आप मार्केट को समझ नहीं पा रहे हो। आपका जो लॉस है डर है वो आपका कम हो चुका है। सिंपल सा मतलब है इसका। ऐसे करना कैसे है वो चीज आप समझ भी चुके हो। बाकी YouTube पे ये वीडियो मैं अपने ट्रेड वि फैस ये वीडियो इसलिए डाल रहा हूं ताकि आप ऑप्शन हैज को समझ पाओ। बाकी ऑफलाइन बैच बिल्कुल फ्री होते हैं। यहां आके आप सीख सकते हो और ऑनलाइन भी ट्रेड वि फैमिली एप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर लेना। पूरी डिटेल में वहां पे मैंने इसको भी अच्छी तरह और ज्यादा अच्छी तरह बता रखा है। वहां भी आप समझ सकते हो। बाकी सिंपल सा मतलब मैं समझाना चाह रहा था इसका कि जो बिगिनर है जिसको सिर्फ चार्ट समझ में आने लग गया यह अप या डाउन का कि मार्केट कहां से रन होने वाली है इसकी भी वीडियो मैंने डाल रखी है कि आप कैसे मार्केट को समझ सकते हो कि मार्केट अप जाएगी यहां से डाउन या कौन से ज़ोन है जहां से मार्केट गिर सकती है या अप जा सकती है वो इतना समझ में आया तो आप ऑप्शन हैज़ करना स्टार्ट कर दोगे तो आपके लिए आपकी एक्यूरेसी आनी स्टार्ट हो जाएगी मार्केट को और ज्यादा आप समझना स्टार्ट कर दोगे और जहां आपका मेनली क्या होता है बिगिनर आता है अपना पैसा बचाने के लिए यह पैसा बचा और मार्केट समझ में आए। जितना आपको समझ में आना स्टार्ट हो जाए जहां आप अभी मान लो एग्जांपल ₹100 वाली चीज आपने सेल की थी साथ में इसका 1:2 के आसपास रख लो। यानी 40 या 42 या ₹45 का साथ में आप कोई भी ऑप्शन अगर आपने पुट को सेल किया है इसको बड़े को तो पुट को ही आपको बाय करना है 1:2 के आसपास का। 40 42 का जितनी आपकी परफेक्ट एंट्रियां बननी स्टार्ट हो जाए। आप लोगे कि हां ऑप्शन है। मेरे को कहीं ना कहीं अच्छा करके दे रही है। तो इसका क्या कर लेना? 1:3 उसके बाद और अच्छा परफेक्ट हो जाए आपका कि मार्केट को समझना और पैसा बनना स्टार्ट हो जाए 1:4 ऐसे करके सिर्फ आपका फंड है वो जो ये फंड ज्यादा लग रहा था वो हैज हो जाएगा कम हो जाएगा और आहिस्ताआहिस्ता आपका प्रॉफिट या मार्केट भी अच्छी खासी समझ आना स्टार्ट हो जाएगी सिंपल सा मतलब यही था मार्केट में ऑप्शन हैज को क्यों करते हैं लोग क्यों समझते हैं देखो यहां एक सबसे बड़ी चीज़ पता है क्या होती है ऑप्शन हैज तो आप कर लोगे यह आपको थोड़ा-थोड़ा प्रॉफिट देगी ऐसा नहीं बाइंग के अकॉर्डिंग कि आपने 10,000 लगाए और एक बड़ा मूवमेंट आया तो मे बी 10 के 20 हो गए या 4000 हो गए 5000 नहीं आपके अमाउंट का यह एक डेढ़ या मार्केट पे डिपेंड करता है वैसे तो एक या 1ढ़% आसपास जो आपका बन रहा है वो आपका बनाती रहेगी लेकिन आपका लॉस भी इतना ही देगी कि आप देखो कट तो आपको यहां भी करना पड़ेगा अगर आपको लग रहा है कि मार्केट को आप मान लो कोई बंदा समझ ही नहीं पाया मार्केट को कि मार्केट यहां से अप जाएगी या डाउन जाएगी। अब ये ऑप्शन हैज करे या बाय करे लॉस तो वो करेगा। यहां भी आपको अपना रिस्क रिवार्ड फॉलो करना है। बस फर्क यह है कि यहां मार्केट में साइडवेज होगी तब आपका तब भी वहां प्रॉफिट बन जाएगा और मार्केट आपके डायरेक्शन में गई तब भी आपका प्रॉफिट बनेगा। क्योंकि बायर भी तो यही कर रहा है। एक डायरेक्शन देख के तो काम कर रहा है। लेकिन यहां दो उसके पास सेफ साइड है। अगर मार्केट साइडवेज है तब भी प्रॉफिट बन रहा है। और मार्केट है इसकी डायरेक्शन में तब भी प्रॉफिट बन रहा है। और कहीं ना कहीं उसके पास इंश्योरेंस एज ए इंश्योरेंस। उसने जो बाय किया मान लो ₹82 सेल गया था जो 28 का उसने जो बाय किया वो इसका इंश्योरेंस है जहां यह भी तो पॉइंट बढ़ाएगा अगर मार्केट उसके अगेंस्ट गई तो अगर फेवर में आ रही है तो अपना काम बन जाएगा फिर उसका ठीक है तो सिंपल समझाना यहां पे थोड़ा-थोड़ा प्रॉफिट आके मोस्ट ऑफ़ क्या होता है लोग बोर हो जाते हैं कि यार हर रोज थोड़ा-थोड़ा प्रॉफिट बना के क्या ही करूंगा लेकिन भाई थोड़ा-थोड़ा प्रॉफिट बनाना आपको कॉन्फिडेंस बिल्ड करता जा रहा है माइंडसेट बिल्ड करता जा रहा है आपको मार्केट समझा रहा है वो कि मार्केट में काम कैसे कर सकते हो आप अपने आपको रोक रोकना इंपॉर्टेंट है बिगिनर के लिए रोकना एक्सपीरियंस अब रोकोगे कैपिटल होगी तो ही रुकेगा कैपिटल साहब अगर कैपिटल गई हमारी तो क्या कोई यहां बिगिनर्स लेकर नहीं पाता कोई भी ट्रेडर नहीं बन पाता तो सबसे मेरे को अच्छा लगता है यहां पे ऑप्शन हैज करके यहां पे काम करना ऑप्शन हैजिंग को समझाना चाहता था कि यह बिगिनर के लिए अच्छी है और कैसे अच्छी है ठीक है अगर और डिटेल में इसको वीडियो चाहिए तो आप नीचे कमेंट कर देना और सब्सक्राइब करके बेल आइकॉन ऑन कर लेना मैं इस दो ऑप्शन हैज को और डिटेल में आपके बना के आपको बता दूंगा। ठीक है भाई?

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