SHOCKING Trading Secret no one is talking about | $7 Million Account — backtested on Indian market data | FakeTrades
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SHOCKING Trading Secret no one is talking about | $7 Million Account

Upsurge Club · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:34 PM IST
★★★☆☆ 3.0 / 5

Why 3.0/5? (stars grade the EDGE — per-trade expectancy, consistency, drawdown — not the headline return)

  • A real but modest per-trade edge: +0.22R across 240 trades

Verdict

Auto-backtested. AI-decoded: Intraday institutional accumulation zone strategy: identify exceptional volume spike (20x average), confirm retail weakness in opposite direction via low volume/small candles, then buy on institution' Ran on 159 large/mid-caps, real costs. 240 trades, win 47%, payoff 1.52, expectancy +0.22R/trade (avg +0.29%/trade).

This is a real edge. Reasonably consistent (88% of years positive).

Mechanically decoded from the transcript and scored from the metrics. Flagged for human review; a hand-vetted verdict can override it.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?

🔴 Live forward test (no hindsight — only trades the rules fired AFTER we published this verdict)

Tracking since 2026-07-06 — no qualifying signals have fired yet. The engine re-checks every night on fresh data; results appear here the day the rules trigger.

Is it profitable? (green above the line = made money, red below = lost it)

₹2,00,000 portfolio (max 5 positions, across the stock universe — real delivery costs)

Return+18.3%
CAGR+2.4%
Max drawdown-6.4%
Trades233 · 110 won
₹200,000 → ₹236,516  ·  2019-04-18 → 2026-06-08
20192020202120222023202420252026
+1%+5%+4%+2%+3%+1%+1%+1%

Simulated on the 159 large/mid-cap universe. Capital-constrained, daily mark-to-market.

Year by year (every trade the rules fired, across the tested stocks)

YearTradesWin %ExpectancyAvg return / trade
20191953% +0.45R +0.51%
20204448% +0.31R +0.66%
20214146% +0.25R +0.35%
20223546% -0.06R +0.11%
20233057% +0.53R +0.40%
20243139% +0.02R -0.01%
20252544% +0.14R +0.02%
20261540% +0.09R +0.08%

Where this strategy made & lost money (the full stock-by-stock breakdown — 117 stocks, incl. 2026)

#StockTradesWin%Avg/tradeBestTotal2026
1 ████████ 425% +0.0% +6% +0% +6%
2 ████████ 450% +1.2% +6% +5% +5%
3 ████████ 1100% +2.6% +3% +3% +3%
4 ████████ 1100% +3.0% +3% +3% +3%
5 ████████ 475% +0.9% +2% +3% +2%
6 ████████ 425% -0.7% +2% -3% +1%
7 ████████ 3100% +4.5% +5% +13% +0%
8 JINDALSTEL free peek 475% +1.9% +5% +8% +0%
9 ████████ 2100% +3.8% +4% +8% +0%
10 ████████ 2100% +3.9% +4% +8% +0%
11 ████████ 2100% +3.7% +4% +7% +0%
12 ████████ 2100% +3.0% +3% +6% +0%
13 ████████ 2100% +2.9% +3% +6% +0%
14 ████████ 1100% +6.2% +6% +6% +0%
15 ████████ 450% +1.2% +7% +5% +0%
16 ████████ 560% +1.0% +3% +5% +0%
17 ████████ 250% +2.3% +6% +5% +0%
18 ████████ 560% +1.0% +3% +5% +0%
19 ████████ 450% +1.1% +7% +5% +0%
20 ████████ 250% +2.7% +8% +5% +0%
21 ████████ 20% -3.0% +-3% -6% -3%
22 ████████ 520% -1.0% +3% -5% -2%
23 ████████ 10% -2.1% +-2% -2% -2%
24 ████████ 425% +0.0% +5% +0% -2%
25 ████████ 250% -0.1% +2% +0% -2%
26 ████████ 250% +0.4% +3% +1% -2%
27 ████████ 250% +2.0% +6% +4% -2%
28 ████████ 540% +0.3% +5% +1% -1%
29 ████████ 30% -2.9% +-3% -9% +0%
30 ████████ 10% -5.6% +-6% -6% +0%
You can see the numbers — see the names. Unlock every stock in this breakdown and download it as Excel. The worst stock in this table returned -9% under these exact rules — one wrong pick costs many times the unlock.

Educational backtest output only — not investment advice or a recommendation to buy/sell any security. AI-generated from stored historical data; not 100% accurate. Past performance is not indicative of future results.

Full transcript (9456 words)
इसमें जादू नहीं है। यह स्ट्रेटजी में जादू नहीं है। इसमें केवल एक लॉजिकल रीज़न प्रेजेंट है। क्योंकि ट्रेडिंग में जिसने अपना परफेक्ट जैकपॉट सेटअप कॉपी करना सीख लिया मार्केट उसको नहीं हरा सकता। ट्रेडिंग ये गेम स्ट्रेटेजी एंड माइंडसेट दोनों के कॉम्बिनेशन का है। उसी तरीके से एक ट्रेडर जब हम इनिशिएट करते हैं उसके दो पार्ट होते हैं। फर्स्ट बिफोर एंट्री सेकंड आफ्टर एंट्री। द वे यू कैन नॉट बी राइट ऑल द टाइम द सेम वे यू कैन नॉट बी रोंग ऑल द टाइम। हाय एवरीवन। आज हम रविंद्र रोकड़े सर के साथ हैं। जैसा कि आपने इनका पडकास्ट देखा होगा। वहां पर हमने साइकोलॉजी पे कैसे हमें मास्टरी करनी है। हमारा माइंडसेट कैसे इंप्रूव करना है और एक्यूरेसी से ज्यादा हमें हमारे रिस्क टू रिवॉर्ड रेशियो को अच्छे से सेट करना है जिससे हम एक प्रॉफिटेबल ट्रेडर बन पाएं। तो जिन्होंने भी वो पॉडकास्ट नहीं देखा है तो इसी चैनल पे उनका पॉडकास्ट है तो वो वो भी जाकर देख सकते हैं। उससे आपको काफी हद तक समझ में आ जाएगा आपका माइंडसेट कैसा होना चाहिए ट्रेडिंग का। यह मैं इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि उनका मानना है कि स्ट्रेटजी का वेटेज बहुत कम होता है। माइंडसेट का वेटेज बहुत ज्यादा होता है। इसके लिए मैं चाहता हूं आप सभी लोग अगर ये वीडियो पहली बार देख रहे हैं तो वो पडकास्ट पहले देखें। तो जिन्होंने भी वो पॉडकास्ट देखा होगा उन्हें पता होगा कि हमें उनका प्रोसेस आज समझना है। >> वेलकम रविंद्र सर। >> थैंक यू। तो आपका जो इंट्राडे का सेटअप है आज हम वो समझने वाले हैं कि उसमें आप कैसे ट्रेड्स आइडेंटिफाई करते हैं। क्योंकि पिछली बार जब हमने बात करी थी इसके बारे में तो हमने समझा था कि जो भी इंस्टीट्यूशन के फुटस्ट्स हैं हम उनको आइडेंटिफाई करते हैं एंड उसके अकॉर्डिंगली खुद को प्लेस करते हैं। >> जी >> तो शुरू से शुरू करते हैं >> कि पहला इन लोगों को ही हम क्यों फॉलो कर रहे हैं। जी सबसे पहले तो थैंक यू एंड सेकंडली जैसा आपने कहा कि मैं कहता हूं कि स्ट्रेटजी का वेटेज बहुत कम है टू बी वेरी प्रिसाइज़। मैं हमेशा कहता हूं कि स्ट्रेटजी का रोल केवल 10% है एंड 90% माइंडसेट का भी रोल है। और इसी वजह से मुझे ऐसा लगता है कि ज्यादा एम्फसाइज़ माइंडसेट पे करना चाहिए। एट द सेम टाइम अगर जैसे मैंने आपको पिछले पडकास्ट में आपको समझाया कि आप जब एक ही चीज पर बार-बार बार-बार वार करते हो या फिर एक ही चीज को बार-बार इस्तेमाल करते हो तो आपका माइंड कहीं ना कहीं फिननेस की तरफ जाता है। आप उसमें ज्यादा परफेक्शन पाते हो। परफेक्शन नॉट इन अ केस कि आप कितना एक्यूरेसी ला रहे हो। परफेक्शन मतलब आप उसी चीज को रिपीटेडली विद अ प्रिसाइज़ परफेक्शन यूज़ कर पा रहे हो। तो उससे आपकी प्रोबेबिलिटी बढ़ती है। सो माय पॉइंट इज़ आई विल एक्सप्लेन कंप्लीट प्रोसेस। मैं आज आपको पूरी स्ट्रेटजी एक्सप्लेन करूंगा और काफी सिंपल स्ट्रेटजी है। आपको दिख रहा होगा चार्ट केवल प्राइस और वॉल्यूम लगा हुआ है। मैं कोई भी इंडिकेटर फॉलो नहीं करता। मैं सपोर्ट रेजिस्टेंस फॉलो नहीं करता। मैं बिलीव करता हूं ये चार्ट कहां जाएगा किसी को भी नहीं पता। >> ओके? >> मैं ये स्ट्रांगली बिलीव करता हूं कि देयर इज नो वे इन दिस होल वर्ल्ड टू नो वेयर द प्राइस विल मूव ऑफ एनी स्टॉक। बट एक बहुत अच्छा क्वेश्चन आपने मुझे पूछा था जब हम पडकास्ट कर रहे थे कि सर 70% ऑफ द टाइम्स तो मार्केट साइडवेज ही होता है हम >> और आपने प्रिसाइजली जब वो बोला था तो आपके माइंड में निफ्टी थी >> या इंडेक्स था या बैंक निफ्टी थी >> बट बिलीव मी व्हेन यू से दिस दिस इज़ अब्सोलुटली राइट फॉर एव्री चार्ट लुक एट दी दिस बीएएमएल का चार्ट ये कंप्लीट पोर्शन आपको साइडवेज दिखाई दे रहा होगा >> है ना >> और अगर मैं इसका नाम और रेट दोनों हटा दूं तो कहीं ना कहीं जाकर निफ्टी बैंक निफ्टी जैसा भी दिखाई दे रहा होगा। >> है ना? और आप जो मुझे पूछ रहे थे आपका कहना ये था कंसर्न ये था कि ये रेंज में रिटेल ट्रेडर अपना 70% ट्रेड करता है और अपना कैपिटल खो देता है। और जब एक्चुअली वो इस जगह ट्रेड करने आता है उस समय उसका कॉन्फिडेंस भी गिरा हुआ होता है। मोराल भी डाउन होता है और ये ट्रेड वो होल्ड नहीं कर पाता या फिर इस मूव को वो कैपिटलाइज नहीं कर पाता। >> बिल्कुल। आज मेरा रिस्पांसिबिलिटी यह है बाय बाय एक्सप्लेनिंग माय प्रोसेस हाउ टू अवॉयड दिस एंड हाउ टू ट्रेड हियर ओनली >> ओके >> ठीक >> तो मैं सबसे ये कहना चाहता हूं कि पहले तो मैं ये समझाना चाह रहा हूं आपको 70% मार्केट को कैसे अवॉइड करें जो साइडवेज है और केवल जहां मोमेंटम का रीजन प्रेजेंट है उसको कैसे ट्रेड करें बीट निफ्टी बैंक निफ्टी और स्टॉक्स बट माय फेवरेट इंस्ट्रूमेंट इज स्टॉक स्टॉक मैंने आज तक कोई ऑप्शन वाला बिलेनियर नहीं देखा है। लेकिन स्टॉक वाले बिलेनियर सबने देखे हैं। >> हम >> स्टॉक में वो पोटेंशियल है। आपका रियलिस्टिक अप्रोच रखिए, फीट ऑन ग्राउंड रखिए तो आप स्टॉक से भी एक अच्छा रिटर्न जनरेट कर सकते हो। ठीक है? तो अब मैं अपने स्ट्रेटजी को एक्सप्लेन करने के पहले सबको ये बताना चाहता हूं कि जिस तरीके से मैंने अपने प्रीवियस ब्रॉडकास्ट में क्लियर कहा है, स्ट्रेटजी में जादू नहीं होता। हम >> स्ट्रेटजी केवल एंट्री दिलवाती है। इस पॉइंट पे मैं दो मिनट एक्सप्लेन करना चाहता हूं। स्ट्रेटजी एंड माइंडसेट इनके रोल्स पहले मैं आपको डिफाइन करके देता हूं। >> ठीक है? >> ट्रेडिंग ये गेम स्ट्रेटजी एंड माइंडसेट दोनों के कॉम्बिनेशन का है। >> उसी तरीके से एक ट्रेड जब हम इनिशिएट करते हैं उसके दो पार्ट होते हैं। फर्स्ट बिफोर एंट्री सेकंड आफ्टर एंट्री। >> ठीक है? सो जो फर्स्ट पार्ट है बिफोर एंट्री इट इज ऑल अबाउट स्ट्रेटजी सेटअप रूल्स सिस्टम एंड एंट्री के बाद का जो सेकंड पार्ट है इट इज़ ऑल अबाउट स्ट्रांगेस्ट ऑफ़ द माइंडसेट। एंट्री के बाद आपको आपकी स्ट्रेटजी नहीं बताएगी चार्ट कहां जाएगा। >> वो आपका ब्रेन बताएगा तू कहां तक होल्ड कर सकता है। उसकी लिमिट पहले खत्म होती है या तेरी लिमिट पहले खत्म होती है। ठीक है? तो ये सब ध्यान में रखो और अब मैं आपको अपना सेटअप समझाता हूं। बहुत सिंपल है। मैं यह बिलीव करता हूं देयर इज ओनली वन रीज़ व्हाई द प्राइसेस ऑफ एनी प्रोडक्ट मूव्स इन द मार्केट। >> बी इट अ स्टॉक मार्केट और हमारा रियल लाइफ मंडई जो रहता है सब्जी मंडी वो ले लो। उसमें किसी भी प्रोडक्ट का दाम जो मूवमेंट करता है वो इमंबैलेंस की वजह से करता है। >> मान लो अचानक बहुत बारिश हो गई। क्रॉप सड़ गया या तो बारिश ही नहीं हुई। उसकी वजह से क्रॉप ही नहीं हो पाया। तो शॉर्टेज ऑफ़ सप्लाई आ जाता है। डिमांड तो उतनी ही है। अब वो डिमांड को मीट करने के लिए सप्लाई अवेलेबल नहीं है। तो सप्लाई इमंबैलेंस का एडवांटेज लेते हुए जो ₹20 किलो की चीज है हमने देखा होगा कई बार अपने लाइफ में प्याज हर साल कहीं ना कहीं कभी ₹ केजी कभी ₹1 केजी हो जाता है। >> कभी सोना तो नहीं होता। >> कभी देखा है सोना ₹1 लाख किलो ₹1 लाख किलो से ₹5 लाख किलो हो गया नहीं होता। >> इतना इम्बैेंस नहीं होता। नहीं होता क्योंकि वो प्रोडक्ट की डिमांड भी लिमिटेड है और सप्लाई भी लिमिटेड है। >> बट प्याज ये जो डेली कंज्यूमबल प्रोडक्ट्स है इसकी डिमांड सप्लाई में बहुत ज्यादा इमंबैलेंस आता है। इसके दो रीज़ंस हैं। एक तो ये डेली कंजमशन वाला है तो डेली नीड्स है बट डेली नीड तो दूध की भी है। >> उसमें क्यों नहीं इमंबैलेंस आता? क्योंकि उसमें प्रोडक्शन हम कंट्रोल कर सकते हैं। प्याज या क्रॉप के मामले में हम प्रोडक्शन कंट्रोल नहीं कर सकते। इसलिए इन प्रोडक्ट्स के दाम में हर साल आपको इमंबैलेंस नजर आता है। सेकंड रीजन है अनऑर्गेनाइज्ड वे ऑफ डूइंग फार्मिंग। >> किसी भी फार्मर अभी आप मेरे पास बीएएमएल में कौन एक्टिविटी कर रहा है ये सारा डेटा प्रेजेंट है। >> हम >> यहां पे मैं क्लियर कह सकता हूं रिटेल है। यहां पे मैं इंस्टीट्यूशन मार्क कर सकता हूं। और ये मेरे पास क्लियरली प्रेजेंट है। इसे मैं कहता हूं ऑर्गेनाइज्ड वे ऑफ़ प्रेजेंटिंग अ डेटा। मेरे पास पूरा डाटा अवेलेबल है टू लुक आफ्टर स्टक्स, इंडाइससेस, क्रिप्टो करेंसीज और फॉरेक्स कुछ भी हो ये मेरे पास पूरा डाटा अवेलेबल है। ठीक है? लेकिन ऐसा डाटा फार्मर्स के पास अवेलेबल नहीं होता। तो उसके पास सिर्फ पास्ट हिस्ट्री होती है। सोयाबीन के दाम पिछले साल ₹3000, ₹3600 से लेके 12,000 गए। तो इस साल भी मैं सोयाबीन ही ग्रो करूंगा। >> प्याज का दाम पिछले साल 120 था। मैं इस टाइम इस टाइम भी प्याज ही ग्रो करूंगा। और ये मेंटालिटी की वजह से उसके पास राइट डाटा नहीं होता। अब उसने ये सोचा तो उसने ये सोचते समय ये नहीं सोचा कि सारे लोग भी ऐसा ही सोच रहे होंगे >> और फिर एक्सेसिव पैदावार हो जाती है। जैसे टमाटर का एक बार हुआ था ₹3 किलो बिक रहा था तो लोगों ने फार्मर्स ने वो टमाटर अपने खेत में डालकर उस पर ट्रैक्टर चलवा दिए। >> ये है अनऑर्गनाइज्ड मार्केट होने का नतीजा। अब यह ऑर्गेनाइज्ड है और यहां यह वॉल्यूम हमें सब चीजें क्लियर क्लियर शो करता है। तो सबसे पहले हम मार्केट के पार्टिसिपेशंस को जानते हैं। >> उसके नेचर को जानते हैं और हम उसको एक पर्टिकुलर फार्मूले में डालने की कोशिश करते हैं। >> छोटा सा फार्मूला है। मैं बताने की कोशिश करता हूं। स्टॉक मार्केट में देयर आर टू टाइप ऑफ एंटिटीज। वन इज़ रिटेल एंड वन इज़ इंस्टीट्यूशन। हम >> तीसरी कोई कैटेगरी नहीं है। एचएआई बोलोगे तो वो रिटेल में आएगा। हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल रिटेल में आता है। द बिगेस्ट रिटेल इन्वेस्टर इज़ राकेश जो उसको भी रिटेल इन्वेस्टर ही कहते हैं जो कि जब इंस्टीट्यूशन के साइज का ट्रेड करता है। है ना? बट कैटेगरी दोज़ हैं। सिर्फ दो कैटेगरी है। इन दो कैटेगरी में ट्रेड कितने टाइप के होंगे? तीन टाइप के ट्रेड होंगे। एक तो रिटेल रिटेल के साथ ट्रेड करेगा। >> हम >> इंस्टीट्यूशन इंस्टीट्यूशन के साथ ट्रेड करेगा या तो रिटेल इंस्टीट्यूशन के साथ ट्रेड करेगा। इसके अलावा चौथा टाइप हो ही नहीं सकता। >> रिटेल इंस्टीट्यूशन के साथ या इंस्टीट्यूशन रिटेल के साथ बात एक ही है। >> ठीक है? >> अब अगर मैं ये तीनों ट्रेड के एट्रिब्यूट्स प्राइस और वॉल्यूम के अकॉर्डिंग निकाल लूं तो मैं क्या इजीली इमंबैलेंस आइडेंटिफाई नहीं कर पाऊंगा? बिल्कुल। >> अब देखते समय ही पता चल रहा है कि इमंबैलेंस वाली सिचुएशन केवल ये एक है। >> हम >> यहां पर भी बैलेंस सिचुएशन है। यहां पर भी बैलेंस सिचुएशन है। >> अब मुझे सिर्फ इतना स्टडी करना है कि ये तीन टाइप के ट्रेड जब होते हैं तो हमें चार्ट पर क्या दिखाई देता है? >> तो सबसे पहले देखते हैं रिटेल टू रिटेल ट्रेड जब होता है तो चार्ट पर क्या दिखाई देता है। >> जब रिटेल है जैसे आप और मैं आपने 50 क्वांटिटी बेची मैंने 50 50 क्वांटिटी खरीद ली। हम >> तो छोटी सी क्वांटिटी ट्रेड कर रहा है तो जो वॉल्यूम साइड है उसमें छोटा सा वॉल्यूम बार दिखाई देगा >> और कैंडल भी ऊपर छोटी क्रिएट होगी। ठीक है? >> अब आते हैं इंस्टीट्यूशन टू इंस्टीट्यूशन ट्रेड। यहां थोड़ा सा ट्रिकी है। लोगों को लगेगा कि यार इंस्टीट्यूशन टू इंस्टीट्यूशन में बहुत बड़ा भागेगा और बहुत बड़ा नीचे आ जाएगा। नहीं। मान लीजिए जो बाय कर रहा है उस इंस्टीट्यूशन को 400 सीआर का परचेस करना है। उसी समय दूसरे इंस्टीट्यूशन को 400 सीआर का सेल करना है। >> हम >> अब दोनों अगर एक रेट पे एग्जीक्यूशन करेंगे तो एक रेट पे इसका माल इसके अकाउंट में शिफ्ट हो जाएगा। पैसा उसके अकाउंट में शिफ्ट हो जाएगा। मतलब ट्रेड एक रेट पे ही एग्जीक्यूट होगा। बिलकुल। >> किसी के माइंड में डाउट आएगा सर ऐसा भी तो हो सकता है यह कि 600 करोड़ बाय करना चाहता है। >> हम >> बिल्कुल हो सकता है। इसमें कोई दो राय नहीं है। बट जब ये 600 करोड़ बाय कर रहा है और ये 400 करोड़ सेल कर रहा है तो ये दोनों का 400 करोड़ का ट्रेड तो एक रेट पे एग्जीक्यूट हो जाएगा। >> हम >> अब बची हुई इसकी 200 करोड़ की जो क्वांटिटी है ये किससे खरीदेगा? >> रिटेल से। तो अल्टीमेटली वो इस कैटेगरी में आएगा। >> हम >> ना कि इस कैटेगरी में। इसलिए इंस्टीट्यूशन टू इंस्टीट्यूशन जब ट्रेड होता है तो वॉल्यूम का बार बिल्कुल बहुत ह्यूज दिखाई देगा बट कैंडल ऊपर बिल्कुल रिटेल की तरह बनेगी >> हम >> क्योंकि उसमें एक ही रेट पे पूरा ट्रेड हो गया। अब आते हैं लास्ट ट्रेड पे रिटेल टू इंस्टीट्यूशन और इसको तो मुझे ड्रॉ करके दिखाने की भी जरूरत नहीं है। मैं आपको बताने की कोशिश करता हूं कैसे ड्रॉ करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ये जो हो रहा है ये रिटेल टू इंस्टीट्यूशन है। >> हम >> रीज़न सिंपल है। यहां के कैंडल के साइजज़ देखो आप। और इन कैंडल के साइजज़ देखो। 6 घंटे में मार्केट जितना मूव नहीं किया उतना केवल एक इंस्टीट्यूशन के कैंडल ने उससे ज्यादा मूवमेंट करवा दी। >> वो भी 1 मिनट के। 1 मिनट के बिकॉज़ यह 1 मिनट टाइम फ्रेम लगाया हुआ है हमने। अब यहां पर क्या मैजिक हुआ? मैजिक कुछ भी नहीं है। क्योंकि क्या होता है ना एक रिटेल ट्रेडर जब कोई नई चीज देखता है उसको मैजिक ढूंढने की कोशिश करता है। इसलिए मैं बार-बार इंटरप्ट करके ये बोलता हूं इसमें जादू नहीं है। ये स्ट्रेटजी में जादू नहीं है। इसमें केवल एक लॉजिकल रीज़न प्रेजेंट है। >> मैं ये कह रहा हूं व्हाट इज़ लॉजिकल रीज़न? लॉजिकल रीज़न इज़ जब साइडवेज मार्केट पड़ा हुआ है। यहां पे केवल रिटेल टू रिटेल ट्रेडिंग चल रही है। >> हम >> रिटेल खरीद रहा है, रिटेल बेच रहा है। अब वो हमेशा बैलेंस में ट्रेड करता है। इसीलिए आप देखते होंगे कि हमारा माइंड डेवलप हो जाता है। कोई भी स्टॉक 0 टू 3% के रेंज में ही फंसा होता है। >> हम >> क्योंकि आप इस चार्ट में और इस चार्ट में कोई डिफरेंस ही नहीं कर रहे हो। जब आपको समझ आएगा कि रेंज बाउंड होने के रीज़ंस अलग है और मोमेंटम के रीज़ंस अलग है तो आप ऑटोमेटिकली मोमेंटम वाली जगह पर ही ट्रेड करने लगोगे। >> अब क्वेश्चन आएगा सर निफ्टी में और बैंक निफ्टी में तो वॉल्यूम होता नहीं है। स्पॉट में वॉल्यूम होता नहीं है और मैक्सिमम लोग ऑप्शन ट्रेड करने के लिए स्पॉट के चार्ट देखते हैं। >> तो वॉल्यूम देखने की जरूरत ही नहीं है। वॉल्यूम के वजह से प्राइस पे क्या इफेक्ट पड़ रहा है? कैंडल के साइजज़ बड़े-बड़े बनते जा रहे हैं। हम >> तो वॉल्यूम छोड़ दो और जहां-जहां एवरेज कैंडल जो साइज है निफ्टी के चार्ट पे या बैंक निफ्टी के चार्ट पे उसके मुकाबले चार-चार पांच-प गुना कैंडल बनने लग जाए वो दिन मोमेंटम का है। उसी दिन ट्रेड करना है। है ना? बट आई डोंट पर्सनली एनकरेज पीपल टू ट्रेड ऑप्शंस। ऑप्शंस इंस्ट्रूमेंट आर मींट फॉर हैेजिंग पर्पस। और हैेजिंग मतलब होता है शॉर्टिंग। >> अपने किसी ट्रेड को सेव करने के लिए या मिनिमाइजिंग योर रिस्क उसके लिए हैेजिंग किया जाता है। अब आप उसको प्रॉफिट के लिए यूज करोगे तो आप खुद ही उसके नेचर के अगेंस्ट ट्रेड कर रहे हो। इसलिए मैं ऑप्शन को पर्सनली नए ट्रेडर को या फिर स्ट्रगलिंग ट्रेडर को इनकरेज नहीं करता। >> बट सर अगर कोई रिटेल ट्रेडर है उसे एक हेल्दी लेवरेज लेना है और कम पैसों में लेना है तो उसके लिए क्या जरिया हो सकता है? हेल्दी लेवरेज प्रोडक्ट अपना इक्विटी भी है। यहां पर इंट्राडे में फाइव टाइम्स लेवरेज मिलता है। इसमें होता क्या है? अगर मान लो आपके अकाउंट में ₹1 लाख है तो आप इसको 5 लाख यूज़ कर सकते हो। हम >> है ना? तो इससे होता क्या है? अल्टीमेटली आपने 5 लाख यूज़ करके 1% ऑफ़ द कैपिटल का रिस्क लेकर 5-प% 44% आप दिन का भी बना रहे हो। अगर आपकी मतलब एक आधा महीना ऐसा चला जाता है कि आपके 10 ट्रेड में से आठ ट्रेड सही चले गए तो आपने अल्टीमेटली 1:4 लेकर 32% बना लिया इसमें >> हम >> है ना? तो 32% बनने की वजह से आपकी कैपिटल बहुत फास्ट ग्रो होगी। ऐसा तो नहीं होगा ऑप्शन के जैसा कि एक दिन में डबल हो जाएगा। >> लेकिन ऑप्शन में 1 दिन में डबल भी कहां होता बॉयकॉट भी होता है। >> एक दिन में डबल प्रीमियम होता है। >> आपका ट्रेड एक दिन में डबल नहीं होता है। और पिछले पडकास्ट में मैंने क्लियर बताया जो 5 लाख पे 5 लाख कमाया ऐसा बताता है उसका एक्चुअल कैपिटल 10 करोड़ होता है। >> वो रियलिटी नहीं है। तो रियलिटी को एक्सेप्ट करो। अब मैं अपने स्ट्रेटजी पे आता हूं। सबसे पहले लोगों के माइंड में डाउट आ रहा होगा बीईएमएल ही क्यों? >> करेक्ट। ये कहां इधर तक आप कैसे पहुंचे? >> कैसे पहुंचे? ये वॉल्यूम आया ठीक है सर। यह बड़ी-बड़ी कैंडल बनी बहुत अच्छी बात है। बट बीएमएल कैसे पता चला? फर्स्ट क्वेश्चन एंड सेकंड क्वेश्चन इसी समय कैसे पता चला? >> हम >> है ना? तो मैनुअली इट इज ह्यूमनली इंपॉसिबल। >> हम >> हम इसको खुद होकर मैनुअली सर्च करके नहीं निकाल सकते। बहुत आप शॉर्टकट यूज़ कर सकते हो। हाईएस्ट हाईएस्ट परसेंटेज चेंज वाले स्टॉक्स निकाल लिए। ये बहुत कुछ कर सकते हो। बट देयर इज अ ब्यूटीफुल फिल्टर और स्क्रीनर चार्टिंग व्हिच इनेबल्स टू आइडेंटिफाई ह्यूज वॉल्यूम स्टॉक ईजीली। >> सो दिस इज अ चार्टिंग स्क्रीनर व्हिच आई यूज़ फॉर फिल्टरिंग द स्टॉक। हमने इनह हाउस भी बनाया हुआ है स्क्रीनर। वो भी हम यूज़ करते हैं ट्रेडिंग डेस्क पर जहां पर कम्युनिटी ऑफ़ ट्रेडर्स बैठते हैं साथ में ट्रेड करते हैं। तो एक ही स्क्रीनर पे सब लोगों को वो एडवांटेज मिल जाता है। बट ये स्क्रीनर करता क्या है? तो सबसे पहले आपको स्क्रीनर की कंडीशंस पढ़नी होगी। 4 करोड़ 20 टाइम्स 6 करोड़ 10 टाइम्स। ये दोनों कंडीशन मैं आपको डिटेल में एक्सप्लेन करने की कोशिश करता हूं। 4 करोड़ 20 टाइम्स का मतलब होता है कि पिछले तीन दिन के उसके 1 मिनट टाइम फ्रेम पे एवरेज वॉल्यूम जो भी होगा उसके मुकाबले अभी करंट कैंडल का वॉल्यूम करंट बार का वॉल्यूम 20 टाइम्स होना चाहिए। >> ओके? >> 20 टाइम्स ह्यूज एट द सेम टाइम। अब इसमें होगा क्या? जो Z ग्रुप स्टॉक्स है या स्माल कैप स्टॉक्स है या एक्सट्रीमली स्माल कैप स्टॉक है उसमें तो 10-10 क्वांटिटी का ट्रेड होता ही रहता है। अचानक से 100 क्वांटिटी का ट्रेड हो गया तो 10 टाइम्स 20 टाइम्स तो ऐसे ही हो जाएगा। >> उसको अवॉइड करने के लिए सेकंड कंडीशन उसमें है फोर सीआर। >> ओके? >> अब वो स्टॉक्स इतने छोटे होते हैं कि 4 सीआर में तो वो 5 टका का सर्किट पे लग जाएंगे। >> है ना? तो इसलिए 4 करोड़ वहां पे आने की गुंजाइश कम होती है। सेकंड एडवांटेज ये है 4 करोड़ SBI, Reliance, Maruti, Bajaj Finance इन स्टॉक्स में तो हर मिनट में आता है। >> 4 करोड़ वैल्यू >> फिर इसको कैसे अवॉइड करें? तो टाइम्स >> टाइम्स >> 20 टाइम्स कभी भी ब्लू चिप स्टॉक में कभी वॉल्यूम आता नहीं है। >> और इसीलिए जो रेंज बाउंड स्टॉक्स हैं पड़े हुए वो हमें कभी डिस्टर्ब नहीं करेंगे। हम >> और हमें हमेशा ऐसा ही स्टॉक्स उस उससे शॉर्टलिस्ट करने मिलेगा जहां बड़ा वॉल्यूम और बड़ी मूवमेंट दिखाई दे रही है। >> ओके >> अब दूसरा क्वेश्चन लोगों के माइंड में आता है सर 7% तो भाग गया है। 8% भाग आप जब ढूंढ के निकाल रहे हो 6% तो ऑलरेडी अप है। >> वही >> तो सिंपल सा आंसर है सर। जब वो साइडवेज पड़ा था तो उसके पास रीजन प्रेजेंट था साइडवेज पड़े रहने का। और आप इसको ट्रेड करके बोलते हो तू भाग। रिटेल रीडर क्या मिस्टेक कर रहा है? वो साइडवेज क्यों पड़ा है? क्योंकि उसमें साइडवेज पड़े रहने का रीजन प्रेजेंट है। अब आप उसको बोलो तू सोया है तो भी भागने लग तो नहीं भागेगा। लेकिन अब जब वो भाग रहा है 5% मूव कर गया है। अब आप उस पे डाउट कर रहे हो इतना भाग गया और कितना भागेगा? जिस रीज़न से वह 5% भागा, उसी रीज़न से वह 20% भी भाग सकता है। >> और फिर से वही बात >> हम्। >> भागेगा ही। यह कंपलशन थोड़ी है। हम तो लॉस के लिए ट्रेड कर रहे हैं। >> मैं आपको लॉस के लिए ट्रेड करना सिखा रहा हूं। ट्रेडिंग प्रॉफिट के लिए करना है। ट्रेड तो लॉस के लिए ही करना है। उसके एडवांटेज मैंने अपने पहले पडकास्ट में बता दिए हैं। वो लोग देख सकते हैं ताकि उनको ये समझ आए कि लॉस के लिए ट्रेड करने से आप कि चार जो मिस्टेक हो रही है >> साइकोलॉजिकल लेवल पर वो कंप्लीटली अवॉइड हो जाएगी। मतलब आप उस मिस्टेक से छुटकारा पा लोगे। है ना? तो अब चार्ट पे चलते हैं और मैं आपको स्टेप बाय स्टेप मेरी प्रोसेस समझाता हूं। >> तो स्टॉक कैसा स्क्रीन करते हैं वो तो आप सबको समझ आ गया है। वो सॉफ्टवेयर का पार्ट है और सॉफ्टवेयर की रिस्पांसिबिलिटी है। >> एक बार स्टॉक उस स्क्रीनर में आ गया। अब मेरी रिस्पांसिबिलिटी क्या है? >> अब ऐसा तो नहीं है कि वहां पर एक ही स्टॉक आया होगा बीएमएल कल की तारीख में। >> लगभग 2025 स्टॉक आए थे। >> ठीक है? >> जो एक्सेप्शनल वॉल्यूम जनरेट कर रहे थे। आए होंगे 100 स्टॉक। उसमें से जो क्राइटेरिया फुलफिल कर रहे थे 2025 हो गए। अब इस 2025 में भी ये जो क्राइटेरिया है एक्सेप्शनल वॉल्यूम मैं उसे कहता हूं जिसके आने के कारण पिछला 90% पोर्शन दिखे ही ना >> बिल्कुल ना के बराबर हो जाए। इतना बॉटम में घुस जाए और ये बंच में वॉल्यूम आए जिससे मुझे क्लियर पता चले कि इंस्टीट्यूशन इज़ नॉट जस्ट बाइंग फॉर अ मिनट। >> ही इज़ इंटरेस्टेड इन बाइंग कंटीन्यूअसली। वो बिल्कुल कंटिन्यूसली बाय करना चाहता है। अब इंस्टट्यूशन के इस बाइंग पर बड़ा क्वेश्चन ये है। आपको कैसे पता कि यह कंटिन्यू होने वाला है। >> हम >> नहीं पता है। >> और लेकिन बट एंटर कहां करना है वो तो अभी जानना है। >> वो तो अभी स्टेप बाय स्टेप आगे बढ़ रहा हूं मैं। सबसे पहला पहला डाउट तो ये आएगा कि आपको कैसे पता कि ये स्टॉक ये और आगे बढ़ने वाला है। आपको कैसे पता कि यहां पे फिर से वॉल्यूम आने वाला है। नहीं पता है मुझे। मुझे नहीं पता भी करना है। >> ओके? >> मुझे सिर्फ मेरा सेटअप कंप्लीट होने पर ट्रेड करना है और यह सोचना है कि जब मैं 10 बार ऐसे करूंगा तो दो बार वो 1:4 जाएगा। >> क्योंकि मैंने क्या कहा? द वे यू कैन नॉट बी राइट ऑल द टाइम द सेम वे यू कैन नॉट बी रोंग ऑल द टाइम। >> आप हमेशा सही नहीं हो सकते। उसी तरह से हम आप हमेशा गलत भी नहीं हो सकते। दो बार से ही आना है। आप जब देख रहे हो इस चीज को तो ये सोच के देख रहे हो क्या ये हर बार चलेगा? >> नहीं सर हर बार नहीं चलेगा। लेकिन इसमें वो लॉजिकल रीज़ प्रेजेंट है जिसके कारण ये 20% जाना चाहिए। अब हो गया स्क्रीनिंग। ये स्टॉक हमने यहां शॉर्टलिस्ट कर लिया। ये मोमेंटम आ गया। यहां हमें ये पता चला है कि बीएमएल नाम का एक स्टॉक है जिसमें आज पोटेंशियल है कि ये 20% भी भाग सकता है। नाउ व्हाट? नाउ सेकंड स्टेज क्योंकि कोई स्टॉक में जब इंस्टीट्यूशन आता है तो वो ए शेप में नीचे भी आता है। आपने बहुत बार देखा होगा भागते समय भी उसी तेजी से गया और नीचे आते समय भी उसी तेजी से आ गया। >> बिल्कुल >> ये तो एंट्री करते ही सुसाइड अटेम्प्ट है। है ना? तो इसके लिए हमारी सेकंड स्टेज है स्क्रीनिंग की जिसमें हम कहते हैं अब हमें ये देखना है हु इज़ ट्रेडिंग ऑन द अपोजिट डायरेक्शन। >> ठीक है? >> बाय पता चल गया स्ट्रेंथ है, सब कुछ है। अपोजिट डायरेक्शन में कौन ट्रेड कर रहा है? इसका सिंपल सा फार्मूला है। जब वॉल्यूम रिड्यूस होने लगे और छोटे-छोटे कैंडल से साइडवेज जाने लगे 100% है यहां रिटेल ट्रेड कर रहा है। सो नो इंस्टीट्यूशन इज़ इंटरेस्टेड इन सेलिंग दिस स्टॉक ऑन द अपोजिट डायरेक्शन। >> क्योंकि अगर बाय इंस्टीट्यूशन ने किया है और सेल भी इंस्टीट्यूशन कर रहा है और इस तरीके से नीचे लेकर आ रहा है तो अब ये स्टॉक में मैं इंटरेस्टेड नहीं हूं। ओके। >> मुझे पता ही नहीं कि बायर इंस्टीट्यूशन स्टंग है या सेलर इंस्टिट्यूशन स्टंग है। तो इमंबैलेंस का मेरे माइंड में कोई भी थॉट नहीं आ रहा है। बट अब यहां पर क्या मैच हुआ है? ये तो स्ट्रांग बाय हो गया >> और रिटेल ने बिल्कुल स्लो स्लो सेल कर दिया। >> अब मैं फिर से सतर्क हूं। >> तो सर प्रीवियस लो को नहीं ब्रीच करना चाहिए। मतलब >> ऐसा कोई जरूरी नहीं है। एज़ फज़ इट इज़ जनरेटिंग लो कैंडल्स ये ऐसे यहां तक भी ऐसे आता है ना तब भी मुझे फर्क नहीं पड़ता। >> ओके? प्रोवाइडेड दैट यहां पर कोई भी ऐसी स्ट्रेंथ नहीं होनी चाहिए। ये लो ये लेवल्स सब आपके माइंड का केवल वहम है। लेवल्स नहीं होती, लॉस नहीं होते, कुछ नहीं होता है। केवल रिएक्शन होता है। जैसे मान लो 1 लाख रिटेल ट्रेडर हैं। हम ग्रुप करते हैं। मानते हैं कि हम सब 1 लाख मिलकर एक जैसा सोच रहे हैं। एक एग्जांपल के लिए वो 1 लाख रिटेल ट्रेडर ने हर किसी ने इस स्टॉक में इस लेवल को टच करने के कारण यहां पर सबने बाइंग शुरू कर दिया तो ये मूवमेंट तो रिटेल ही नहीं लेके आएगा >> हम >> तो अल्टीमेटली गेम किस चीज का हुआ क्या आप सब लोग उस पॉइंट पर एक जैसा सोच रहे हो या नहीं सोच रहे हो >> हम >> इंस्टीट्यूशन के कंडीशन में वो वो कंडीशन अप्लाई नहीं होती इंस्टीट्यूशन के केस में क्यों नहीं होती बहुत सिंपल चीज है उसके अकेले में वो वो 1 लाख लोगों की कैपेसिटी है। >> तो उसी को उसको किसी को साथ में लेकर नहीं चलना है। तो वही मैंने आपको जब फिबोनाकी का बताया था फिबोनाकी में जादू नहीं है। फिबोनाकी को फॉलो करने वाले लोगों में जादू है। >> जब 60 के लेवल 1 लाख लोग फॉलो करेंगे और एक ही चार्ट को देखेंगे और वो 60 के लेवल पर आएगा और सब लोग एक जैसा रिएक्ट करेंगे तब वो मूव करेगा। हम >> फिबोनाकी में जादू नहीं है। आरएसआई में जादू नहीं है। रिएक्शन में जादू है। तो अगर 90% लोग बोथ सिस्टम को फॉलो कर रहे हैं तो वो सिस्टम परफॉर्म करेगा। >> है ना? तो यहां पर क्या किया मैंने? मैंने ये देखा कि यहां पर वीकनेस आ रहा है या नहीं आ रहा है। ये कैसे पता चला मुझे वीकनेस? मैंने इस जगह पर वीकनेस आइडेंटिफाई किया। >> हम >> ये वीकनेस कैसे पता चला? वॉल्यूम तो लो है। >> वॉल्यूम लो है तो ये रिटेल का काम है। >> कैंडल के साइजज़ लो है ये भी रिटेल का काम है। तो अल्टीमेटली इंस्टीट्यूशन के अपोजिट डायरेक्शन में रिटेलर सेल करने की कोशिश कर रहा है। >> हम >> मैं एक बार फिर से एक्सप्लेन करना चाहता हूं। यहां पर रिटेल सेल क्यों कर रहा है? ये बहुत इंपॉर्टेंट है समझना। अब क्या होगा? अगर आप इसको बड़े टाइम फ्रेम पे लगाओगे तो कहीं ना कहीं पीछे यहां पर कोई रेजिस्टेंस दिखाई देगा। हम >> और रिटेलर तो वही ढूंढता है। कोई रीज़ ढूंढता है। >> उसको रेजिस्टेंस दिखाई देगा। ये यहां नीचे आने के वजह से आप मूविंग एवरेज लगा कर देखो। इस पर मूविंग एवरेज ये कर रहा होगा। आरएसआई भी ये कर रहा होगा। >> हम >> स्टॉकस्टिक भी यही कर रहा होगा। और Bिंजर बैंड एक्स ये ऐसी ट्रेड कर रही होगी और ये ऐसे फट गई होगी। हम >> और जैसे ही इसको टच करके थोड़ा सा भी लो आता है तो लोग बोलते हैं इसको शॉर्ट करना है। मतलब सारे इंडिकेटर बिना प्लॉट किए हमने दिखा दिए क्या कर रहे होंगे। आप प्लॉट करके देख लो। यही मिलेगा। >> एक प्लॉट करके देखते हैं सर। >> आरएसआई करेक्ट सर बहुत पॉपुलरली फॉललोड होता है। >> जी लगाइए। आरएसआई लगा दीजिए। >> बैंड वेंजर बैंड लगाओ। >> दोनों लगाओ। वेंजर बैंड में लगाओ। आरएसआई भी लगाओ। जो भी आपका बेसिक क्राइटेरिया वो लगा दो। अब आरएसआई लगाओ। बस सही। अब देखिए >> सर एग्जैक्ट जैसा आपने बोला है विदाउट इंडिकेटर लगाए आपने सेम बता दिया है क्योंकि यहां पे ओवरबॉट हो गया है और बिंजर बैंड से टच हो के वापस आ रहा है। >> आ रहा है। >> मैंने कोई जादू नहीं की सर। मैंने आपको जैसे कहा है लास्ट टाइम >> कि मैंने 60- 70 इंडिकेटर यूज़ करके देख लिए। सब लोग बेवकूफी बना रहे हैं। अल्टीमेटली हम सब लोग मिलकर क्या रिएक्शन देते हैं उस चीज पर वही इंडिकेटर डिसाइड करता है। ठीक है? बट ये मैंने कैसे प्लॉट किया? वो कैसे समझा कि ये हो रहा होगा आप अब एक और रिसर्च कीजिए। Google पे जाकर कोई भी इंडिकेटर का फार्मूला सर्च कीजिए वीवप वगैरह छोड़कर। वो तो अभी वॉल्यूम पे बने हैं। लेकिन 90% इंडिकेटर्स 90% इंडिकेटर्स के इसमें ओपन, हाई, लो और क्लोज इसी का कॉम्बिनेशन होता है। अब अगर प्राइस ऐसे करेगी तो इंडिकेटर भी ऐसे ही करेगा। >> हम >> प्राइस साइडवेज है तो बिल्कुल रेंज में ट्रेड कर रहा है। जैसे ही फटा तो ऊपर का बैंड ऊपर चला गया। नीचे का बैंड नीचे आ गया। इंडिकेटर में जादू है ही नहीं। आप केवल एक अपने माइंड को रीज़ बताना चाहते हो कि मुझे क्यों ट्रेड करना है वहां पर। >> इसीलिए मैं बोलता हूं कि इंडिकेटर ऑसिलेटर्स आर मिथ। वो उसमें कोई जादू है नहीं। तो आपने लगा कर तो देख ही लिया है। अब आते हैं यहां पर रिटेल ट्रेडर के एक रेजिस्टेंस ढूंढने वाला रिटेल ट्रेडर किसी का ट्रेंड लाइन ऐसे आ रहा होगा वो ट्रेडर उसके बाद इंडिकेटर वाला ट्रेडर तीनों को ऊपर यहां पर सेल का सिग्नल मिला है। >> बिल्कुल। >> अब ये सेल सिग्नल से क्या हुआ? ये सेल सिग्नल से इंस्टीट्यूशन को लिक्विडिटी मिलना शुरू हुई। क्योंकि इंस्टीट्यूशन ने पंप किया >> और ये पंप करते ही अब इसके पास इसको पता है यहां पर इतने ज्यादा रिटेलर अवेलेबल नहीं है जिसको मैं बाय कर सकूं। >> अब मुझे चाहिए लिक्विडिटी वो जबरदस्ती अपनी बाइंग को रोकता है और एक्यूमुलेशन स्टार्ट करता है। जैसे ही वो एक्यूमुलेशन स्टार्ट करता है सारे इंडिकेटर ऑसिलेटर जो ऊपर चढ़ चुके हैं वो सेल सिग्नल जनरेट करते हैं। वो सेल नए-नए ट्रेडर सेल करने को आते हैं और इंस्टीट्यूशन इसको एक्यूम्युलेट करता जाता है। अब इसी चार्ट की ब्यूटी देखो। एक्यूमुलेट करते समय शुरुआत में तो ज्यादा रिटेलर आ रहे थे >> और कम होते गए और अब यहां पर देखो साइज क्या है >> खत्म ही हो गए सर >> खत्म ही हो गए अब ये खत्म होने तक उसने उसको पूरा का पूरा डाइजेस्ट कर लिया >> हम >> लेकिन अब उसके पास तो और पैसा है बाय करने के लिए >> एक बार एक्यूमुलेट कर लिया दो चीजें यहां पर कंफर्म की मेरे अपोजिट डायरेक्शन में कौन ट्रेड कर रहा है >> ठीक है >> ठीक है ये मैंने मेरे लिए कंफर्म की इंस्टिट्यूशन ने अपने आप के लिए की >> इंस्टिट्यूशन ने खुद के लिए क्यों क्योंकि इंस्टीट्यूशन ये चाहता है कि अगर कोई बड़ा प्लेयर यहां पर सेल करने के लिए रेडी है तो मैं टाइम वेस्ट क्यों करूं? सारा का सारा माल उससे ही खरीद लेता हूं। >> बराबर है क्योंकि उसको ये मोटिव नहीं है कि यहां से 20% भगाना है। उसका मोटिव है आज मुझे ये पूरी बाइंग कंप्लीट करनी है। >> फिर आप मुझे गिरते हुए रेट में दो। >> उसको नहीं फर्क पड़ता। ये तो उसकी मजबूरी है कि कोई दूसरा इंस्टीट्यूशन बीईएमएल बेचना नहीं चाहता। इसलिए ओवर द विंडो ट्रेड नहीं हुआ उनका और उसको रिटेल से खरीदना पड़ रहा है। ये मजबूरी है। अब माइंड में क्वेश्चन आएगा सर ये कर क्यों रहा है ऐसा? अरे कोई न्यूज़ होगी जो उसके पास होगी। वो इस कंपनी में ऑलरेडी इन्वेस्टर होगा। >> हम >> तो कंपनी ने कोई नया प्रोजेक्ट लाया होगा। कुछ तो ऐसा कंपनी ने नया कुछ शुरू किया है जिस प्रोजेक्ट के वजह से या जो नया इंड्यूअर है उसके वजह से उसे लग रहा होगा कि इसमें अगले 5 साल में और पोटेंशियल है तो आज वो पूरा इन्वेस्टमेंट डालकर कंपनी को कुछ इन्वेस्ट किया होगा इनडायरेक्टली शेयर्स बढ़ाया होगे अपने >> और उसके बाद स्टॉक मार्केट में उसका एडवांटेज लेने के लिए अपनी कुछ और कैपिटल लगा दी। >> सर आपने जैसा अभी मेंशन किया कि उसको तो माल खरीदना है। >> तो शायद गिरते हुए में भी वो खरीदता रहेगा। हां। >> तो वैसी सिचुएशनंस को हम कैसे अवॉयड करें? क्योंकि कई बार ऐसा होगा कि भले ही वॉल्यूम बहुत हाई है लेकिन गिरता ही जा रहा है कंटीन्यूअसली स्टॉक। >> ऐसा नहीं होगा। देखो जब वॉल्यूम बहुत हाई होगा वहां पे दो पॉसिबिलिटी होगी। इंस्टीट्यूशन इज़ ट्रेडिंग विद इंस्टीट्यूशन। >> हम >> तो उसमें क्या हुआ? बहुत ह्यूज वॉल्यूम आया नीचे। कैंडल छोटी बनी और फिर प्राइस नीचे आ गया। फिर और एक वॉल्यूम आया बड़ा। फिर यहां पर इंस्टीट्यूशन टू इंस्टिट्यूशन नीचे आया। लेकिन जब इंस्टीट्यूशन रिटेल से ट्रेड कर रहा है ये तो कंपलसरी होना ही है। ये अवॉयड इट इज़ अनअवॉयडेबल। >> लेकिन आपने एक बहुत अच्छा क्वेश्चन पूछा था कि सर वॉल्यूम तो फेक होता है। >> हां >> सर हम तो कई बार कितना वॉल्यूम देखते हैं हम वो बेस्ट फाइव बाय बेस्ट फाइव सेल की विंडो देखते हैं। उस विंडो में जो टोटल बाय क्वांटिटी दिखाई देती है। टोटल सेल क्वांटिटी दिखाई देती है इस साइड में। वो तो कितनी बार हमने ट्रैक की है? 4 लाख बायर है। 1 लाख सेलर है। फिर भी स्टॉक नीचे आ रहा है सर। बिल्कुल। >> है ना? >> हां, ये तो सर देखा है हमने। >> मैं बात कर रहा हूं इस क्वांटिटी को और आप बात कर रहे हो फेक क्वांटिटी की। क्या डिफरेंस है दोनों में? आप पेन लो, इरेजर लो और इसको मिटा कर दिखाओ। >> सर ये तो कैसे मिटाया? >> क्यों? >> सर ये तो चार्ट में >> ये एग्जीक्यूटेड है। >> हम >> इट इज ऑलरेडी हैपेंड। ये एग्जीक्यूट हो चुकी है। ये किसी ने बाय कर लिया है। उसके फुटप्रिंट्स छोड़ कर गया है। वो अनग्जीक्यूटेड पेंडिंग क्वांटिटी है। किसी ने राइट क्लिक करके कैंसिल कर दी ना ऑर्डर तो वो टोटल बाय क्वांटिटी 4,400 भी नहीं दिखाई देगी। मतलब आप उस क्वांटिटी पे बिलीव कर रहे हो जो एग्जीक्यूटेड नहीं है। जो केवल फेक क्रिएट की है आपको उल्टे डायरेक्शन में बैठाने के लिए। >> ओके? जिस तरीके से रेजिस्टेंस पे लाके रोका जिस तरीके से थोड़ा सा रिट्रेस करके इंडिकेटर को सेल करवा दिया सिग्नल ट्रेंड लाइन के पास बराबर रोक कर उस ट्रेंड लाइन वाले को सेल करवा दिया उसी तरीके से उसने ये भी गिमिक किया टोटल बाय क्वांटिटी में अपनी लोअर सर्किट पे बाय क्वांटिटी डाल के रख दी होगी लोगों को लग रहा होगा कि अरे कितना बड़ा बाइंग है इसमें लोग बाय करने जा रहे हैं और अपना माल उसको डंप करे जा रहे हैं सेल किए जा रहे हैं >> ऐसे स्टॉक में रिटेल ट्रेडर कई ज्यादा फंसते हैं बट इस क्वांटिटी को मिटा कर दिखाओ। इस क्वांटिटी को मिटा कर दिखाओ। नहीं ये एग्जीक्यूट हो गई है। मतलब इसके इंटेंशनंस हमें प्योरली पता है। बट यहां पर रिटेल क्या सोचता है? सर यहां पकड़ लेते ना तो बहुत मजा आता। यहां कैसे पकड़ते? सर आपको तो पता ही था पहले इसमें इंस्टीट्यूशन आया है। >> है ना? हमें तो उनका क्या कहना है कि इंस्टीट्यूशन है। ये पता चलने के बाद आप इस जगह पे क्यों नहीं बाय कर रहे हो? >> बिल्कुल। >> ठीक। >> हां। >> ये इंस्टीट्यूशन आ गया। आपने इस जगह में से कहीं पे भी बाय कर लेना चाहिए था। हम >> आपके सामने ये सब हाइड साइड में आपको ये सब लग रहा है क्योंकि ये सब हो गया है। आप मुझे गारंटी देते हो। मैं यहां पे बाय कर लेता हूं। मुझे आप गारंटी दे सकते हो। इसके बाद वॉल्यूम आने वाला है। >> अगर ये पांच दिन ऐसे रहा पड़ा हुआ तो मुझे तो 320 को मार्केट बाहर निकाल देगा। >> हम >> मतलब मुझे पता ही नहीं कि फिर से इंस्टिट्यूशन आएगा कि नहीं आएगा। अब मैंने क्या किया? इसमें एक स्टेप ऐड कर दी। अपोजिट डायरेक्शन तो पता कर लिया और ये इंड पहले तो ये इंडिकेटर हटा देते हैं। ये इंडिकेटर बहुत परेशान करते हैं। लोग बोलेंगे ये हो रहा है इंडिकेटर से प्रॉफिट नहीं होता। इंडिकेटर फेक होते हैं और इंडिकेटर लगा के बैठे हैं चार्ट में। ठीक? अब लग रहा है क्लीन। ठीक है? तो सबसे पहले हमने अपना कचरा हटा दिया। हम >> अब ये देखते हैं। सो पॉइंट इज़ यहां पर जब ये इंस्टीट्यूशन एक्यूमुलेट कर रहा है। इस ज़ोन में मैंने दो चीज़ कंफर्म की। बाय करते समय तो स्ट्रांग प्लेयर ने बाय कर लिया। सेल करते समय वीक प्लेयर सेल कर रहा है। >> अब मुझे चाहिए सिर्फ एक साइन कि ये इंस्टीट्यूशन अभी भी खत्म नहीं हुआ है और ये स्टिल इंटरेस्टेड है इस स्टॉक में। वो पता चलेगा यहां पर फिर से बाइंग करने से। और जैसे ही वह फिर से बाइंग करने लगता है विदाउट हैविंग अ सिंगल थॉट इन माइंड आई बाय इट एंड आई कीप अ स्टॉप लॉस एट अ स्विंग लो सिंपल >> सर आपने ये भी बोला था कि आप चार्ट पैटर्न्स नहीं देखते हो >> जी >> तो एग्जैक्टली हम हमारा पोजीशन कैसे आइडेंटिफाई कर रहे हैं >> पोजीशन नहीं आइडेंटिफाई कर रहे मैं केवल ये देख रहा हूं पहले जिसकी वजह से मैंने स्टॉक को शॉर्टलिस्ट किया है उसके अपोजिट डायरेक्शन में वीकनेस पड़ा हुआ है और वही प्लेयर फिर से बाइंग कर रहा है >> तो उसकी बाइंग आते ही हम घुस जाएंगे। >> मैं बिल्कुल घुस जाऊंगा और यहां पर स्टॉप लॉस लगा दूंगा। >> ओके। >> अब इसकी क्या गारंटी है? चलेगा ही। >> बिल्कुल भी नहीं। >> कोई गारंटी नहीं है। इसीलिए तो मैं लॉस के लिए ट्रेड कर रहा हूं। ट्रेड फॉर लॉस। >> ओके। >> मैं से स्ट्रेट अवे इसमें उतनी ही क्वांटिटी बाय करूंगा जिससे मेरे कैपिटल को केवल 1% का डेंट पड़े और उतनी क्वांटिटी ट्रेड करके। जैसे फॉर एग्जांपल सबको समझने के लिए इस स्टॉक में अगर 40 पॉइंट का स्टॉप लॉस है >> और मेरा 20K का रिस्क है >> हम >> तो मैं इसमें 500 क्वांटिटी बाय करूंगा ऑलरेडी मेरा 20 के का रिस्क आ जाएगा >> तो आपने 20,000 को 40 से डिवाइड कर दिया तो उसका आपसे क्वांटिटी आ गया >> जी >> तो अगर इसे हम फार्मूला में बोले तो किसी का भी जितना रिस्क कैपेसिटी है >> उसको आपको क्या करना है आपको सिर्फ इतना देखना है कि एंट्री पॉइंट क्या है स्टॉप लॉस क्या है इन दोनों के डिफरेंस का पॉइंट पता चल गया आपका आपका कैपिटल ₹1 लाख है। >> मनी मैनेजमेंट का बहुत सिंपलेस्ट रूल है ये। इसका 1% होता है वन के। वन के आपकी पर ट्रेड रिस्क हो गई। अब ये वन के को ही हर ट्रेड में गवाना है। >> ओके। >> गवाना है। देना है। >> हां। >> और पडकास्ट में रीजनिंग बहुत अच्छे से मैंने एग्जांपल के साथ समझाई है। तो ये वन के देना है मुझे। अब वन के में ₹40 के स्टॉप लॉस में मुझे केवल वन के देना है। >> तो कितनी क्वांटिटी करूंगा तो वन के जाएगा? >> 25। >> तो 25 क्वांटिटी में मेरा वन के करेक्ट। >> चला जाएगा। >> अब होगा क्या? मेरा हर ट्रेड पे रिस्क 1000 आ रहा है। इसका मैजिक ही अलग है। >> हम >> अब आपको लगने लगेगा एक रिटेल ट्रेडर को यार मैं जब पहले ट्रेड कर रहा था तो किसी ट्रेड में 5,000 जा रहे हैं। किसी ट्रेड में 20,000 जा रहे हैं। किसी में 500 जा रहे हैं। ये भी मेरे लॉस का रीज़न हो सकता है। ये तो मुझे पता ही नहीं था। >> और जब आप वन के वन के वन के वन के देते जाओगे। आपको डेंट नहीं आएगा। आपके माइंडसेट को डेंट नहीं आएगा। आप अपने को पावरफुल महसूस करोगे और बड़े रिस्क रिवॉर्ड के लिए जैसे ये मूव आया है होल्ड करोगे। मैं एक स्टॉक और दिखाना चाहता हूं ताकि इसका कोरिलेशन बना रहे। ये पता करें लोग कि मैं कितना अच्छा कॉपी करने वाला स्टूडेंट हूं। >> हम >> क्योंकि ट्रेडिंग में जिसने अपना परफेक्ट जैकपॉट सेटअप कॉपी करना सीख लिया मार्केट उसको नहीं हरा सकता। >> बिल्कुल। >> तो एक बार हम आईएफसीआई ओपन करते हैं। हमने स्टॉक का नाम चेंज किया। हम >> ठीक है? लेकिन अगर मैं आपको पूछूं अगर मैं नाम इरेज़ कर दूं और ये रेट इरेज़ कर दूं तो क्या आपको यह बीएएमएल का ही क्लोन नहीं नजर आ रहा है? >> बिल्कुल सर रफली वही आ रहा है। >> रफली वही आ रहा है। मैं आपको पहले कंडीशंस बता देता हूं। एक्सट्रीमली ह्यूज वॉल्यूम >> जिसने पिछला वाला वॉल्यूम बिल्कुल टाइनी कर दिया है। >> वो टाइनी होने के कारण और एक कैंडल के साइजज़ बड़े-बड़े आए हैं। एक्सट्रीमली ह्यूज इमंबैलेंस। राइट? अब ये इमंबैलेंस की वजह से हुआ क्या? मैंने इस स्टॉक को कर लिया शॉर्टलिस्ट। हम >> अब मैं वेट कर रहा हूं रिटेल का जहां पर वॉल्यूम रिड्यूस होता हुआ बिल्कुल डेड हो जाए >> हम >> यहां पर देखिए वॉल्यूम रिड्यूस होते होते होते इस पोर्शन में वॉल्यूम ने पूरा डेड मतलब अब उसको एक्यूमुलेट करने के लिए भी कोई भी लिक्विडिटी प्रेजेंट नहीं है। अब उसको अगर खरीदना है तो फिर से इस तरीके की एक्टिविटी करके खरीदनी पड़ेगी। हम >> और जब वो फिर से एक्टिविटी स्टार्ट की तो हमारी एग्जैक्ट एंट्री 57 पे है और 56 का स्टॉप लॉस है। ₹1 ₹1.20 पैसे का स्टॉप लॉस है। ₹4.80 का टारगेट था। तो ये 60 ही गया तो हमने क्या किया था? हमने केवल ₹57.10 पे अपना स्टॉप लॉस ट्रेल करके छोड़ दिया। रीज़न हमें नहीं पता कौन सा स्टॉक परफॉर्म करेगा, कौन सा नहीं करेगा। BML परफॉर्म कर गया। और ये एट द एंड ऑफ़ द डे हमने इसको 320 को स्क्वायर ऑफ किया। अगर आप देखोगे इस इस जगह पर हमने इसको स्क्वायर ऑफ किया। यहां पर इस पॉइंट पर यहां स्क्वायर ऑफ किया है। >> हम >> अब इसका एडवांटेज क्या है? सर वो तो 60 पे गया था। आपको तो मिल रहा था आपने एग्जिट। मुझे नहीं पता ना वो 62 नहीं जाएगा। हम >> आप प्रेडिक्ट करने की कोशिश नहीं सर वहां पर तो बहुत अच्छा टॉप बना था तो फिर तो जाना ही नहीं है सर नहीं पता हमें कौन सा टॉप बना था वैसे टॉप तो यहां पर कई सारे थे >> एक लात में तोड़ दिए ना इसने जब इमंबैलेंस आता है जब स्ट्रेंथ आता है तो कोई सपोर्ट नहीं रहता कोई रेजिस्टेंस नहीं रहता सारे वो शकल्स ब्रेक करते हुए ऊपर जाता है >> ठीक है >> तो आप अगर देखोगे तो इसके एट्रिब्यूट्स इसके कैरेक्टरिस्टिक्स बीएएमएल के चार्ट के कैरेक्टरिस्टिक्स बिल्कुल कॉपी पेस्ट है >> कोई भी डिफरेंस आपको नजर नहीं आ रहा है। मतलब अगर आप कहोगे कि रवि आप तो बिल्कुल बेस्ट कॉपी करने वाले ट्रेडर हो। >> तो मैं प्राउडली कहता हूं अगर आप भी एक रिटेलर भी एक अच्छा कॉपी करने वाला ट्रेडर बन जाए तो उसके प्रॉब्लम्स ही सॉल्व हो जाए। >> उसको करना क्या है? जो बेस्ट ट्रेड उसने किया है उसको ओपन करें। एक-एक उसका एट्रिब्यूट लिख ले और बोले कि जब ये एट्रिब्यूट्स फिर से मुझे चार्ट पर नजर आएंगे तभी मैं ट्रेड करूंगा। हम >> मेरा चैलेंज है उसके 10 में से चार बराबर आए या तीन बराबर आए वो प्रॉफिट में ही उठेगा। रीज़ ये चार और तीन एक-एक ट्रेड चार-चार के लॉस कवर करने के साइज का होगा। >> बिल्कुल। >> इसीलिए एक्यूरेसी और इसका मैं पीछा नहीं करता। अब रूल क्या है? जैसे ही फिर से री एंटर किया। मैंने वॉल्यूम आया फिर से वापस से मैंने यहां पर एंट्री की। यहां स्टॉप लॉस लगा दिया। ठीक? रूल नंबर टू। एंट्री करने के बाद अगर कोई भी ट्रेड मेरा 1:2 जाता है हम >> तो मैं इमीडिएटली उसको रेट के पास ट्रेल कर देता हूं। >> ओके? >> क्योंकि अब मैं स्टॉक को बोल रहा था कि ये ले ₹1000 लेकर जा >> हम >> क्योंकि मैं लॉस के लिए ट्रेड कर रहा हूं। >> तो मैंने एंट्री करते समय स्टॉक को क्या कहा? टेक दिस ₹1000 फ्रॉम माय पॉकेट माय अकाउंट। उसने नहीं लिए और मुझे 2000 प्लस दिखा रहा है। >> अब मैं क्या बोल रहा हूं? नहीं चाहिए। आई डोंट वांट दिस ₹2000। मुझे यह ₹2000 बिल्कुल भी नहीं चाहिए। लेकिन अब जब मैं तुझे वो 2000 दे रहा था जो तूने नहीं लिए अब मैं वो भी नहीं दूंगा। >> हम >> अब मैं तुझे ₹1 भी नहीं दूंगा। तू जो ये 2000 दे रहा है ना मुझे यही वापस लेकर जा। >> ओके। >> मेरे जेब से मैं ₹1 भी नहीं दूंगा। तो सबसे पहले मैंने डिटच कर लिया अपने आपको इस 2000 से। >> कैसे? यह मेरा नहीं है। >> ये मार्केट तेरा है। तू वापस लेके जा। अब मेरे जेब से रुपया भी नहीं जाएगा। लेकिन >> करेक्ट। >> ये 1:2 पर। अब 1:3 आ जाए तो इन सम केसेस 1:3 आते ही मैं 1 पे ट्रेल कर देता हूं। >> हम >> अब जितना मैं देना चाहता था उतना तो मुझे चाहिए। >> हम >> और जैसे ही 1:4 आता है विदाउट एनी हेज़िटेशन हम स्क्वेयर ऑफ कर देते हैं। >> ओके। >> लेकिन बीईएमएल के केस में तो 1:10 भी चला गया। >> ना ही पता था ना सर। >> पता होता तो फिर आईआरसीआई भी 1:10 होल्ड करता मैं। >> तो इसका सिंपल मैथ्स है। अगर मैं 10 ट्रेड करता हूं >> सर अगर हम ट्रेल करते जाए उसी के साथ तो मतलब जैसे हमने अभी ट्रेल किया >> जी >> तो उसी में जैसे बीएएमएल में और ऊपर गया तो हम ट्रेल करते ही जाएंगे >> तो कुछ ट्रेडर ने ट्रेल भी किया तो उनका 1:4 पे ही ट्रेल हिट हो गया क्योंकि क्या होता है प्राइस ऐसे जाते हुए ऐसे ही एक स्विंग लेती है और फिर ऐसे ऊपर चली जाती है। >> ओके >> तो इसमें मैं सबसे पहले मैथ्स समझाना चाहता हूं आपको। ये मैथ्स अगर आपको समझ आएगा तो मेरा एग्जिट का रीज़ आपको समझ आएगा। मान लीजिए मेरे 10 ट्रेड 1 4 गए >> हम ठीक है। >> इतना आपका मार्केट का एक्सपीरियंस है। उस विडम से मुझे बताइए आउट ऑफ दी 10 जो सारे के सारे 1:4 गए हैं। 1:10 तक कितने जाएंगे? >> सर हार्डली एक या दो? >> एक या दो? हम कंजर्वेटिव में पकड़ते हैं एक >> और बहुत हाई एक्सपेक्टेशन से पकड़ते हैं दो। >> ठीक है? तो दो का कैलकुलेशन करते हैं। मान लो ये 10 में से 1:10 दो ट्रेंड्स चले गए। >> ठीक है? तो मुझे कितने पॉइंट परसेंट मिले? 20% लेकिन ये 20% कमाने के लिए मैंने बचे हुए आठ ट्रेड में ये 1 4 जो मिल रहा था इसको ज़ीरो किया >> क्योंकि रेट टू रेट ट्रेल करना पड़ेगा। आप 1 2 भी नहीं कर सकते क्योंकि वो 1:2 आकर 1:10 चला जाएगा। >> रेट ट्रेल खाकर कर जाएगा। तो आपको तो हमेशा ज़ीरो पर रहना पड़ेगा। हां। >> अब अगर आप जीरो पर ट्रेल हो तो आपने बाय डिफॉल्ट उस दो में 1:10 लेने के लिए इस दो में 1:10 लेने के लिए इस आठ के 1:4 वापस दे दिए। >> बट सर उन आठ में भी जरूरी थोड़ी ना ये 1:4 हुए होंगे। मतलब वहां पे तो कुछ तो लॉस में हिट हो गए होंगे। >> नहीं, नहीं। मैं तो कंसीडर ही कर रहा हूं कि जो 10 1:4 गए। >> क्वेश्चन क्या है? कि 1:10 क्यों ना होल्ड करें। क्यों ना आगे और ट्रेल करे? उस क्वेश्चन का आंसर दे रहा हूं मैं। कि मैं ये कंसीडर कर रहा हूं कि 10 के 10 1:4 तो पहुंच गए। >> ये 10 ट्रेड मैं वो पकड़ रहा हूं जो 1:4 गए। >> मैं 1:10 क्यों नहीं होल्ड करता? उसका रीज़न बता रहा हूं आपको। तो 1:10 टू जाएंगे तो 20% मिलेंगे कंसीडरिंग 1% रिस्क पर ट्रेड। ठीक है? अब मुझे बताइए ये आठ ट्रेड में मैंने 32% वापस कर दिए। >> हम >> 32% रिटर्न कर दिए। जस्ट टू मेक 20%। >> करेक्ट। अब सिर्फ 1:4 से 10 ट्रेड का कैलकुलेट करोगे तो 40% आएगा। हर ट्रेड में 4% >> तो अल्टीमेटली बड़े रिस्क रिवॉर्ड लेते समय आपको बहुत सारे 1:4 वापस देने पड़ेंगे। और जब आप उसको वापस दोगे तो आपको एंड ऑफ़ द डे रिजल्ट पता चलेगा कि अगर मैं वो 10 ट्रेड में 1:4 लेता ना तो 40% बन जाते। अगर यहां पर तीन भी ट्रेड राइट आ रहे हैं मेरे >> तो भी >> तब भी 30% ही बन रहे हैं। >> तो ये मैथ समझना बहुत जरूरी है। ये मैथ समझने के लिए थोड़ा सा टाइम लगता है। क्यों लगता है? क्योंकि अगर आप मैथमेटिकली स्किल में थोड़ा सा कमजोर हो ना तो आप एक तो बहुत स्ट्रांग माइंडसेट के होंगे तो आप बोलोगे मुझे फर्क नहीं पड़ता। मुझे तो 1 ही लेना है। >> हम >> भले ही एट द एंड ऑफ़ द डे 1:4 करके वो 100 ट्रेड्स का परसेंटेज रिटर्न उतना ही हो एक लेने के बराबर। तब भी मैं एक में ही 1 लेना चाहता हूं। >> मैं इसे कहता हूं स्ट्रांगेस्ट ऑफ द माइंडसेट। जो भी ट्रेडर 1 ले पा रहा है ना उसके माइंडसेट का कोई इनकंपेरेबल है। वो बंदे ने कॉइन टॉस पर भी जिंदगी भर पैसे कमाने चाहिए। इतना स्ट्रांग माइंडसेट है। मेरा माइंडसेट इतना स्ट्रांग नहीं है। मेरा माइंडसेट 1:4 पर आकर खत्म हो जाता है। इसके आगे मैं नहीं बर्दाश्त कर सकता क्योंकि मैं इंट्राडे ट्रेडर हूं। >> बिल्कुल। स्विंग ट्रेड में तो मेरे कब HDFC Bank, Infosys इसमें कब से पोजीशन पड़े? इतने बार नीचे ऊपर कर लिया है। इलेक्शन के टाइम पे इतना नीचे हो गया तो मैंने तो देखा भी नहीं पोर्टफोलियो। >> रीज़न क्या है? फिर वहां पर मेरा माइंड क्यों स्ट्रांग है? क्योंकि मैंने बेस्ट ऑफ़ द माइंड्स के हाथ में मेरा पैसा दिया हुआ है। >> क्योंकि जिस दिन HDFC बैंक डूबेगा सब डूब चुका होगा ऑलरेडी। >> करेक्ट। >> है ना? तो फिर वहां पर फिर मैं रिस्क रिवॉर्ड नहीं कैलकुलेट करता। फिर 1:4 पे वहां नहीं डरता मैं। फिर वहां मैं बड़े रिवॉर्ड्स लेता हूं। है ना? बट इस केस में मैं 1:4 इस वजह से लेता हूं। अब सेकंड क्वेश्चन सर जो भी दो स्टॉक डिस्कस किए, एक आईसीआई किया, एक बीईएमएल किया पर ब्लूचिप स्टॉक तो है ही नहीं इसमें। हां नहीं है। >> ब्लू चिप स्टॉक ना होने का रीजन है कि इंस्टीट्यूशन को पता है कि अगर मुझे राकेश झुंझुनुवाला जी के जैसा टाइटन पकड़ना है या हर्षद मेहता जी के जैसा एसीसी पकड़ना है >> हम >> तो मुझे ऐसा स्टॉक पकड़ना होगा जिसकी लिक्विडिटी इतनी कम हो जिसको मैनपुलेट करके ₹10 का 1 लाख लाइक एमआरएफ कर सके। >> एमआरएफ क्यों स्प्लिट नहीं कर रहा है? एमआरएफ का तो अभी तक कितना स्प्लिट हो जाना चाहिए था। करेक्ट। >> क्यों नहीं? बीएसई जस्ट 7000 गया तो उसने स्प्लिट कर दिया >> क्योंकि लिक्विडिटी बढ़ती है। शेयर्स में नंबर ऑफ़ शेयर्स बढ़ते हैं। >> एमआरएफ नहीं बढ़ाना चाहता क्योंकि उसको मैनपुलेट करना मुश्किल हो जाएगा। जब इक्विटी बढ़ेगी, नंबर ऑफ शेयर्स बढ़ेंगे तो उसमें मैनपुलेशन करना थोड़ा सा डिफिकल्ट हो जाता है। >> इसलिए ब्लूचिप स्टॉक में इंस्टीट्यूशनल एक्टिविटी या मुझे ट्रेड्स बहुत रेयरली और बहुत कम मिलते हैं। मेरे मैक्सिमम ट्रेड्स मिड कैप स्टॉक्स में होते हैं और इंट्राडे होते हैं। >> निफ्टी 500 कह लो या थोड़े से 5 थोड़े स्माल कैप की तरफ जाने वाले ट्रेड्स भी मैं करता हूं। >> ओके। और सर जैसा हमने बीएएमएल में देखा था कि थोड़ी सी वॉल्यूम आते ही ड्राई डाउन हो गई थी दूसरी टाइम में वॉल्यूम और उसके बाद जब वापस से स्पाइक आया तब तब हमने एंटर किया लेकिन यहां पे आईएफसीआई में जैसे वॉल्यूम बनी और वो मेंटेंड ही रही और मतलब भले ही स्टॉक >> यहां तक मेंटेंड रही हम >> और यहां ड्राई डाउन नहीं हुई उसके बाद इतने पोर्शन में ड्राई डाउन हुई हम इसी का वेट कर रहे थे। तो ड्राई डाउन होने का वेट करना है। >> बहुत जरूरी है। जब तक आपको यह पता नहीं जैसे फॉर एग्जांपल अगर मैं कहूं खली है एक साइड में उसकी फाइट है। >> हम >> आप किस पे पैसे लगाओगे? >> खली पे लगाएंगे तब उसका जब पीक था तब तो बहुत अच्छा लगता था। >> लेकिन अगर मैं कहूं अपोजिट डायरेक्शन में भिक्षो है तो? >> तो रुक जाएंगे। >> तो रुक जाएंगे। मतलब आप जब तक अपोजिट डायरेक्शन में कौन है ये पता नहीं करते तब तक उसपे पैसे नहीं लगाएंगे। आज इंडिया का मैच है। आप किस पे पैसे लगाओगे? >> सामने वाले पे डिपेंड करता है। >> मतलब अगर ऑस्ट्रेलिया है तो आप बोलोगे आज बैटिंग नहीं करनी लेकिन अफगानिस्तान है तो बैटिंग करोगे। बस मैं वही कर रहा हूं। मैं बोल रहा हूं इंस्टीट्यूशन है। चलो इंडिया की टीम खेल रही है। पता चल गया है मुझे। अब मुझे पता करना है कि अपोजिट डायरेक्शन में कौन सी टीम खेल रही है। >> हम >> और एक बार मुझे कंफर्म हो जाता है कि अपोजिट डायरेक्शन में एक्सट्रीमली वीकनेस आ चुका है और इंस्टीट्यूशन स्टिल एक्सिस्ट। मैं इमीडिएट ट्रेल कर लेता हूं। ट्रेड कर लेता हूं। >> ओके? यह मेरा सिंपलेस्ट मेथड। कोई रॉकेट साइंस नहीं, कोई इंडिकेटर ऑसिलेटर नहीं। क्योंकि सारे इंडिकेटर यहां पर आकर आपको सेलिंग का ही कॉल देंगे। कोई ये नहीं बोलेगा कि ये और ऊपर जाएगा, ये और ऊपर जाएगा। कहां जा रहा है देखो आप। यहां इंडिकेटर थक चुके हैं। आप लगाओ फिर से इंडिकेटर। यहां पे वॉलिंजर बैट सेल दे रहा होगा और आरएसआई ओवरसोल्ड होगा। >> बिल्कुल। >> ओवरबॉट होगा। सॉरी। तो रीज़न क्या है सर? इंडिकेटर और ऑसिलेटर्स आर फॉलोअर्स। प्राइस इज लीडिंग। >> प्राइस पहले फॉर्म होती है, प्राइस जहां जाती है, वहां इंडिकेटर अपने डायरेक्शन को चेंज कर लेते हैं। बट वॉल्यूम शोज़ दी इंटरेस्ट। और मैंने क्या कहा? आप ऐसा एक ग्रुप जमा करो जो 5 लाख रिटेल ट्रेडर है जो एक जैसा सोचते हैं और एक स्टॉक में एक साथ बाय करने वाले हैं। आप इंस्टिट्यूशन बन जाओगे। बट इट इज़ प्रैक्टिकली इंपॉसिबल। ये 5 लाख दिमाग को एक जैसा सोच करवाना। हम >> ये इंपॉसिबल है बट वो 5 लाख के कैपेसिटी का एक इंस्टिट्यूशन अगर उसका तो सोच बदलेगा नहीं >> हम >> और इसीलिए इंस्टीट्यूशन को मैं फॉलो करता हूं और लॉस के लिए ट्रेड करता हूं। ये सुनना बहुत जरूरी है। ट्रेड फॉर लॉस से क्या चार एडवांटेजेस मिलते हैं हमने पडकास्ट में ऑलरेडी डिस्कस कर लिया है। मेरी सबसे रिक्वेस्ट है। एक बार लॉस के लिए ट्रेड करने से क्या फायदा होता है? ये आप उस पॉडकास्ट से जरूर सुने। यह मेरी सबसे रिक्वेस्ट है। >> आई होप आप सभी को यह वीडियो में काफी ज्यादा मजा आया होगा। इसकी मेजरली दो लर्निंग्स है कि कैसे हम इंस्टीट्यूशन को फॉलो कर रहे हैं। एंड दूसरा सिर्फ लॉस के लिए ट्रेड करना है। एंड आई होप आपको इसके पीछे का रीज़न बहुत अच्छे से समझ में आया होगा कि हम ये क्यों करते हैं। एंड सर का पूरा सेटअप समझ में आया होगा। एंड इसके कॉम्बिनेशन के साथ अगर आप ट्रेड करेंगे तो कहीं ना कहीं आपको सक्सेस मिलने के चांसेस बहुत ज्यादा है। लेकिन यह सेटअप इनफ नहीं है। अगर आपने वो पडकास्ट नहीं देखा है तो ये सेटअप बहुत हद तक अधूरा ही है। अगर आपको इस सेटअप पे सच में करनी है तो वो सर का माइंडसेट समझना बहुत ज्यादा जरूरी है। तो आई वुड रिक्वेस्ट कि आप वो पॉडकास्ट जरूर जाकर देखें। एंड अगर आपको बहुत मजा आ रहा है एंड सर से और भी कुछ सीखना है, समझना है, जानना है तो प्लीज कमेंट करके हमें बताइए। तो हम सर के साथ कई और टॉपिक्स पे भी बात करेंगे और गहराई से समझेंगे उन सभी टॉपिक्स को। तो आई होप आप इस वीडियो को अपने दोस्तों के साथ शेयर करेंगे एंड इस वीडियो को लाइक करेंगे ताकि ऐसे इंटरेस्टिंग वीडियोस आप तक और कई सारे ट्रेडर्स तक सबसे पहले पहुंचे। तो मिलते हैं अगले वीडियो

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