Results Trading Strategy Revealed 😱 How to Trade Big Moves 🔥 | Harsh Bhagat — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Results Trading Strategy Revealed 😱 How to Trade Big Moves 🔥 | Harsh Bhagat

Harsh Bhagat · watch on YouTube ↗
Analysed 28 Oct 2026, 08:55 AM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational/fundamental analysis of quarterly earnings (result season) with no mechanical, rule-based entry/exit rules; discretionary trade timing based on earnings surprise vs. expectations.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Know someone trading this?
Full transcript (6321 words)
इंडियन स्टॉक मार्केट में अगर सबसे ज्यादा पैसा कभी बन सकता है वो है रिजल्ट सेशन। अब आधे को यह नहीं पता कि रिजल्ट सेशन होता क्या है और जिनको पता है उनको यह नहीं पता कि रिजल्ट सेशन में ट्रेड कैसे किया जाता है। आज मैं रिजल्ट सेशन की एक ऐसी स्ट्रेटजी बताने वाला हूं जिससे आप रिजल्ट सेशन में आने वाले 5 10% का मूव एक दिन में कैप्चर कर पाओगे। अब यह मूव कितना ज्यादा होता है उसका एक एग्जांपल देता हूं। अगर एक स्टॉक 1% मूव करता है और अगर आप ऑप्शन ट्रेडर हो और ऑप्शन बाइंग करते हो 1% मूवमेंट स्टॉक के अंदर आपको 40 से 50% रिटर्न दे सकता है ऑप्शन बाइंग के अंदर। ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट के अंदर आपको 50% का रिटर्न मतलब 1 लाख की कैपिटल पर 500 का प्रॉफिट हो सकता है। ये 1% स्टॉक के मूवमेंट पर। रिजल्ट सेशन वाले दिन पता है कितना स्टॉक मूव करता है। कभी 5% कभी 10% 1 दिन में 5 से 10% की मूवमेंट आती है रिजल्ट सेशन वाले दिन। जस्ट इमेजिन अगर 1% पे 50% बनता है तो 5 और 10% पर कितना प्रॉफिट हो सकता है? और यह कोई एक दिन की बात नहीं कह रहा हूं। यह महीनों महीनों रिजल्ट सेशन चलता है और डेली ऐसी अपॉर्चुनिटीज़ देता है। तो यह एक दिन पैसा बनेगा इतना नहीं काफी दिन बन सकता है। अगर आपको राइट स्ट्रेटजी पता है, राइट आपके पास गाइडेंस है, राइट नॉलेज है। तो आज की वीडियो में रिजल्ट सेशन का बेसिक कि रिजल्ट सेशन होता क्या है? और रिजल्ट सेशन का एडवांस कि उसमें काम कैसे किया जाता है? वि लाइव चार्ट एग्जांपल्स आपको मैं आज इस वीडियो के अंदर सिखाने वाला हूं। सो इस वीडियो को एंड तक देखना बिकॉज़ ऐसी वीडियो मुझे लगता नहीं है कि पूरे YouTube पे आपको मिलने वाली है। यह अपना एक्सपीरियंस आपके साथ शेयर कर रहा हूं। पिछले 8 9 साल से मार्केट में हूं और काफी सालों से स्टॉक्स ऑप्शन में काम कर रहा हूं और जो भी मैंने सीखा है आज की वीडियो में बताने वाला हूं। तो बहुत ही प्रीमियम नॉलेज है। अगर आप उसको यूज़ करते हो तो आपको बेनिफिट मिल सकता है। तो सबसे पहले समझते हैं कि रिजल्ट सेशन होता क्या है? अब जैसे आप स्कूल में पढ़ते थे तो एक रिपोर्ट कार्ड हमें मिलती थी। रिपोर्ट कार्ड हमें बताती थी कि पिछले कुछ महीनों में हमने कैसा परफॉर्म किया। उसी तरीके से कंपनीज़ की भी रिपोर्ट कार्ड होती है जो कि कंपनी हर 3 महीने में मार्केट में शेयर करती है कि कंपनी ने 3 महीने में कैसा परफॉर्म किया। 3 महीने में यानी कि क्वार्टर यानी कि क्वार्टरली बेसिस पर जो है कंपनी रिजल्ट्स जो है वह अपना मार्केट में डिक्लेअर करती है। तो 3 महीने का एक क्वार्टर होता है और साल में चार क्वार्टर होते हैं। तो यानी कि हर कंपनी साल में चार बार अपना रिजल्ट डिक्लेअर करती है। तो हर एक कंपनी की चार अपॉर्चुनिटी तो यही हो गई और उसके बाद जब यह रिजल्ट डिक्लेअर करती है तो मार्केट में मूव आता है वो अलग। तो वो हम बाद में समझेंगे। लेकिन उससे पहले समझते हैं कि रिपोर्ट कार्ड यानी कि कंपनी के क्वार्टरली रिजल्ट्स के अंदर क्या-क्या चीजें होती है जिस पर हमें ध्यान देना है। तो कंपनी के पांच चीजों पे हमें रिजल्ट के अंदर ध्यान देना है। तो पहला पॉइंट हो गया रेवेन्यू और या फिर सेल्स। तो एक कंपनी ने 3 महीने में कितनी सेल्स करी? ₹100 की उनके पास एक प्रोडक्ट है और उन्होंने 10 लोगों को बेच दिया। यानी कि ₹1000 उन्होंने कमाए। तो ₹1000 की सेल्स हुई। तो यह तो हो गया रेवेन्यू या फिर सेल्स। सेकंड पॉइंट इज़ ऑपरेटिंग मार्जिन यानी कि एबिटा। अब एबिटा क्या होता है? ऑपरेटिंग मार्जिन क्या होता है? ₹1000 की तो सेल्स हुई। कंपनी ने उसमें से कितना कमाया? अब मान लीजिए ₹100 का एक नोटबुक है तो ₹100 की नोटबुक के अंदर मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट होगी। यानी कि नोटबुक बनाने में कितना खर्चा आया? उसको सप्लाई करने में कितना खर्चा आया? सब कुछ निकालकर कंपनी की जेब में कितना आया? यानी कि ₹100 की नोटबुक है। तो कंपनी ने मान लो कमा लिए ₹20 तो ₹20 जो है कंपनी का ऑपरेशन मार्जिन हो गया। एबिटा हो गया। अब एबिटा का मतलब क्या है? अर्निंग बिफोर इनकम टैक्स डेप्रिसिएशन एंड अमोइजेशन। यानी कि डेप्रिसिएशन, अमोटाइजेशन, इंटरेस्ट, टैक्सेस से पहले जो इनकम है वो ₹20 है। यानी कि जो कंपनी ने ₹100 की नोटबुक बेची उसमें से उन्होंने ₹20 कमाया। लेकिन ₹20 थोड़ी ना उनकी जेब में आ जाएगा। गवर्नमेंट भी तो आएगी। बोलेगी भाई एक काम करो हमें भी टैक्स दो थोड़ा सा। तो उनको टैक्स देना है। फिर कुछ डेप्रिसिएशन भी होगा, अमोटाइजेशन भी होगा, इंटरेस्ट भी क्या पता उनका कोई लोन चल रहा हो तो उस पे चला जाए। तो ये सब कुछ हटाने के बाद बचता है नेट प्रॉफिट। तो हमारा तीसरा पॉइंट जो हमें ध्यान देना है वो नेट प्रॉफिट। यानी कि टैक्सेस, इंटरेस्ट, डेप्रिसिएशन, एम मोनेटाइजेशन ये निकालने के बाद कंपनी के पास कितना बच रहा है? ₹100 की एक नोटबुक बेची। ₹100 की नोटबुक के अंदर कंपनी ने ऑपरेशन मार्जिन यानी कि एबिटा कमाया ₹20। ₹20 में मान लो ₹5 टैक्सेस वगैरह सब कुछ निकालकर नेट प्रॉफिट बचा ₹15। तो यानी कि ₹100 से ₹15 जो है कंपनी ने कमाए। फोर्थ पॉइंट हो गया अर्निंग पर शेयर। यानी कि हर एक शेयर पर कंपनी ने कितना कमाया। मान लीजिए कंपनी के अह 10 शेयर हैं मार्केट में और कंपनी की जो टोटल जो उनका जो प्रॉफ़िट हुआ वह ₹100 हुआ। तो कंपनी ने हर एक शेयर पर ₹10 कमाया। तो वो होता है अर्निंग पर शेयर। उससे हमें समझ आता है कि अर्निंग पर शेयर अगर कंपनी की ज्यादा है तो यानी कि उसके शेयर होल्डर्स ने ज्यादा पैसा कमाया। अगर हम कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हैं किसी तो हमें ज्यादा प्रॉफिट हुआ। हो सकता है कंपनी फिर उसको डिविडेंड के रूप में दे। हो सकता है शेयर का प्राइस बढ़ जाए। तो यह सब फायदे जो है अर्निंग पर शेयर ज्यादा होने से एक शेयर होल्डर को हो सकते हैं। तो अर्निंग पर शेयर भी देखनी है कि अगर आप कंपनी को देख रहे हो तो अर्निंग पर शेयर कितनी है उसको देखकर ही इन्वेस्ट भी करना चाहिए। तो गाइस अगर आपको पता चल गया है कि हम सेफ रजिस्टर्ड बन चुके हैं तो इसका मतलब यह है कि हम सिर्फ आपको सिखा नहीं रहे। हम आपको ट्रेड्स भी देना स्टार्ट कर चुके हैं। अगर आपको हमारे ट्रेड्स चाहिए और अभी फ्री ऑफ कॉस्ट है। कोई आपको चार्जेस नहीं देने। आप चेक करिए कि कैसी हमारी परफॉर्मेंस है। हम कैसे ट्रेड्स दे रहे हैं। हर एक चीज आप चेक कर सकते हैं और ट्रेड्स का फायदा उठा सकते हैं। फ्री ऑफ कॉस्ट। कमेंट सेक्शन में डिस्क्रिप्शन में मैंने लिंक डाला है आईएडी मनी का। आप वहां पर जाइए। आईडिया सेक्शन में जाइए। आईडिया सेक्शन में विितारा नाम से आपको हमारे ट्रेड्स मिलना शुरू हो जाएंगे। आप अगर आज फ्राइडे को देख रहे हैं तो मंडे से आप विitारा ट्रेड्स का फायदा उठाना शुरू कीजिए। मिलते हैं विitारा ट्रेड्स में। Idea सेक्शन के अंदर। तब तक के लिए वीडियो में बढ़ते हैं। फिफ्थ पॉइंट है वन ऑफ़ द मोस्टेंट पॉइंट इज़ गाइडेंस। कि मान लीजिए इस क्वार्टर का रिजल्ट तो आ गया है। सेल्स भी देख लिया, ऑपरेशन मार्जिन भी देख लिया, नेट प्रॉफिट भी देख लिया, अर्निंग पर शेयर भी देख लिया। अभी यह तो था इस क्वार्टर का। कंपनी ने गाइडेंस क्या दी? यानी कि कंपनी को क्या लगता है कि नेक्स्ट क्वार्टर क्या हो सकता है? अभी मान लो इस क्वार्टर अच्छा रिजल्ट आया। लेकिन कंपनी ने बोल दिया कि नेक्स्ट क्वार्टर हमें लगता है कि सेल्स थोड़ी डाउन हो सकती है। ग्लोबल इकोनॉमिक क्रंच की वजह से या फिर कोई भी इशू की वजह से सेल्स जो है वो कम हो सकती है। अब ये कम हो सकती है या फिर बोल सकती है कि ज्यादा हो सकती है। तो ये कम या ज्यादा में ही बहुत सारी चीजें हो जाती है। वो एग्जांपल बताऊंगा तो समझ आएगा। अभी अगले पॉइंट पे बढ़ते हैं। तो अभी तक आपने समझा कि रिजल्ट सेशन होता क्या है और रिजल्ट सेशन के अंदर क्या-क्या पॉइंट्स पर हमें ध्यान देना है। अब नेट प्रॉफिट जो है वो ज्यादा बढ़कर आया है या फिर ऑपरेशन मार्जिन जो है एबिटा जो है वो बढ़कर आया है। आपको कैसे पता कि बढ़कर आया है। कैसे? किसी चीज से कंपेयर करना पड़ेगा ना। मान लीजिए मैं 11th क्लास में था तो मैंने 80% मेरे को मार्क्स आए थे और 12th में आया तो मेरे 90% मार्क्स आए। यानी कि 11th से ज्यादा आए। तो मैंने अपना 12th का मार्क्स जो है वो 11th से कंपेयर करा। राइट? तो आपको भी मान लो इस क्वार्टर की पहला होता है Q1 क्वार्टर अप्रैल से लेकर हमारा जून तक अप्रैल से लेकर जून तक हमारा पहले 3 मंथ्स फिर होता है जुलाई से सितंबर अगले तीन महीने फिर अक्टूबर से दिसंबर अगले तीन महीने फिर जनवरी से मार्च Q4 लास्ट के तीन महीने फिर साल एंड नया फाइनेंसियल ईयर स्टार्ट तो मान लो हम Q1 Q2 Q3 Q4 चार क्वार्टर होते हैं तो मान लो हम Q4 के अंदर है और Q4 का रिजल्ट आ चुका है अब मुझे जानना है कि Q4 का रिजल्ट अच्छा है या नहीं है तो मेरे पास दो ऑप्शन या तो मैं प्रीवियस क्वार्टर से कंपेयर करूंगा। Q3 का रिजल्ट कैसा था? यानी कि अक्टूबर से दिसंबर का जो रिजल्ट आया था कंपनी का वो कैसा था? उससे मैं कंपेयर करूंगा। मान लो कंपनी का रिजल्ट जो है वो ₹100 आया था। ₹100 प्रॉफिट आया था अक्टूबर से दिसंबर के बीच में और जनवरी से मार्च के अंदर 120 आया। अब 120 आया मतलब अच्छा आया। तो क्वार्टर टू क्वार्टर जो है वह बेटर आया। तो जब भी हम क्वार्टर टू क्वार्टर कंपैरिजन करते हैं यानी कि प्रीवियस क्वार्टर से इस क्वार्टर। फिर एक कंपैरिजन होता है ईयर ऑन ईयर बेसिस पे। ईयर ऑन ईयर बेसिस मतलब कि अभी हम Q4 में हैं। यानी कि जनवरी से मार्च के बीच में हम हैं। एग्जांपल दे रहा हूं। है नहीं हम। तो अभी हम Q4 में हैं। तो इस Q4 में जो रिजल्ट आया कंपनी का वो आया ₹120। ₹120 इस कंपनी का रिजल्ट आया Q4 में। Q4 में पिछले साल यानी कि अभी चल रहा है 2026। तो 2025 के Q4 में रिजल्ट क्या आया था? इसको कंपेयर करने को कहते हैं ईयर ऑन ईयर बेसिस कंपैरिजन। यानी कि इस साल 2026 के Q4 में ₹120 कंपनी ने कमाए और 2025 के Q4 में कंपनी ने ₹100 कमाए। तो ₹100 से 120 हुआ। यानी कि कंपनी का रिजल्ट जो है वो बेटर हुआ। तो हमने ईयर ऑन ईयर बेसिस पे कंपैरिजन करा। तो एक होता है क्वार्टर टू क्वार्टर बेसिस पे कंपैरिजन यानी कि पिछले क्वार्टर से इस क्वार्टर में अच्छा था या बुरा था। एक होता है ईयर टू ईयर कंपैरिजन यानी कि प्रीवियस ईयर से इस ईयर जो है कैसा रिजल्ट रहा। तो इस तरह से हम कंपेयर करते हैं रिजल्ट अच्छा था या बुरा था। तो अब समझते हैं कि हम इसको समझ क्यों रहे हैं कि क्वार्टर टू क्वार्टर ईयर ऑन ईयर बेसिस। इसको हम इसलिए समझ रहे हैं क्योंकि हमें समझ आता है कि रिजल्ट अच्छा आया या बुरा आया। अगर ईयर ऑन ईयर बेसिस रिजल्ट अच्छा आया या फिर क्वार्टर टू क्वार्टर बेसिस रिजल्ट अच्छा आया तो इसका मतलब ये है कि प्राइस जो है वो बढ़ सकता है स्टॉक का। तो हमें अपसाइड रैली जो है मार्केट में देखने को मिल सकती है और अगर रिजल्ट अच्छा नहीं आया तो मार्केट के अंदर अंदर डाउन साइड जो है फॉल देखने को मिल सकता है। अब इसका चार्ट पर जाकर आपको एग्जांपल दिखाता हूं कि यह कब हुआ था लास्ट टाइम और उससे क्या मार्केट में इंपैक्ट आया। तो हम बात कर रहे हैं सोलर इंडस्ट्रीज की। तो सोलर इंडस्ट्रीज ने 13 अगस्त को जो है अपना रिजल्ट निकाला अभी एक-दो महीने पहले। मतलब 13 अगस्त को निकाला, Q2 में निकाला मतलब Q1 का रिजल्ट Q2 में निकाला। Q2 का रिजल्ट Q3 में आता है। 3 महीने का रिजल्ट 3 महीने बाद ही तो आएगा ना। तो, Q1 का रिजल्ट Q2 में आया। तो यह Q1 का रिजल्ट है। अभी सबसे पहले बात करते हैं रेवेन्यू की क्योंकि एक-एक करके स्टेप बाय स्टेप कि रेवेन्यू क्या है? मार्केट में 3500 करोड़ उन्होंने जो है सेल्स करी। 300 करोड़ की सेल्स करी। 70% ईयर ऑन ईयर अपसाइड है। यानी कि पिछले साल से 70% ज्यादा सेल्स हुई है। तो वेरी पॉजिटिव न्यूज़ फॉर सोलर इंडस्ट्रीज। एबिटा जो है वो 1000 करोड़ यानी कि 3.500 करोड़ में से उनकी जेब में कितना है? ऑपरेशन मार्जिन कितना है? तो 82% जो है वो बड़ा है। पिछले साल से 82% ज्यादा आया है। अब उसमें से सब कुछ हटाकर इंटरेस्ट टैक्सेस डेप्रिसिएशन एमोटाइजेशन हर एक चीज हटाकर उनकी जेब में नेट प्रॉफिट कितना आया? सब कुछ टैक्स वगैरह रिमूव कर कर। उनकी जेब में आया नेट प्रॉफिट 652 करोड़। तो 35000 करोड़ की सेल्स हुई। 1000 करोड़ का एबिटा था और उसमें से जो है उनकी जेब में आया 650 करोड़। यानी कि 93% ज्यादा है पिछले साल से अगर आप कंपेयर करो। तो यह जो है काफ़ी एक पॉज़िटिव न्यूज़ है सोलर इंडस्ट्रीज के लिए। ठीक है? एक कंपनी है। सोलर इंडस्ट्री मतलब पूरी इंडस्ट्री नहीं सोलर इंडस्ट्री नाम की एक कंपनी है। अब इनकी रेवेन्यू गाइडेंस क्या है? एफवाई 27 के लिए वो बोल रहे हैं कि 14,000 करोड़ हम कमाएंगे। अभी उन्होंने कमाया ₹3500 करोड़। वो बोल रहे हैं हम 14,000 करोड़ कमाएंगे एफवाई 27 के अंदर। तो रेवेन्यू पॉजिटिव है, एबिटा पॉजिटिव है, नेट प्रॉफिट पॉजिटिव है, रेवेन्यू जो गाइडेंस है उनकी वो भी पॉजिटिव है। तो स्टॉक के अंदर क्या होना चाहिए? स्टॉक के अंदर क्या होना चाहिए? अब एग्जाम देखते हैं कि क्या हुआ। स्टॉक जो है वो अपने ऑल टाइम हाई पर जो है उसने अपने ऑल टाइम हाई को क्रॉस करा। 8% से ज्यादा मूव सिर्फ एक कैंडल के अंदर आया। एक कैंडल में 8% से ज्यादा मूव और उसके बाद भी कैंडल रुकी नहीं है। उसके बाद भी स्टॉक जो है वो भागता रहा। क्यों भागता रहा? इतना अच्छा रिजल्ट आया तो क्यों ना हम उसमें इन्वेस्ट करें। इसी तरीके से इन्वेस्टर उसके अंदर ऐड हुए और उसके बाद रिजल्ट के बाद स्टॉक जो है वो रॉकेट हो गया। दूसरा एग्जांपल देखते हैं। रिजल्ट डेट है 24 जुलाई। 24 जुलाई को जो है रिजल्ट आया। कौन सी कंपनी? लालपैथ। डॉ लालपैथ लैब्स है उसका रिजल्ट आया। रेवेन्यू क्या है? रेवेन्यू जो है वो 19% बढ़कर आया। एबिटा जो है वो 28% बढ़कर आया। नेट प्रॉफिट जो है वो 27% बढ़कर आया ईयर ऑन ईयर बेसिस पे। तो रिजल्ट जो है बेसिकली वो पॉजिटिव आया। पिछले साल से कंपेयर करें तो सब कुछ बढ़कर आया है। तो रिजल्ट पॉजिटिव है। तो कंपनी में क्या होना चाहिए था? स्टॉक जो है वो ऊपर जाना चाहिए था। ठीक है? अब देखिए उस दिन क्या हुआ? नेक्स्ट डे जो है वो 7.5% जो है वो डॉ. Lalp लैब्स जो है वो बढ़ा हुआ था। 7.5% 1 दिन के अंदर कब स्टॉक मूव करते हैं ऐसे? यह पावर है रिजल्ट सेशन की। और अभी इतना नहीं है। सिर्फ इतना आसान होता तो फिर सब पैसा कमा लेते। राइट? ऐसा भी होता है कभी-कभी कि रिजल्ट अच्छा आता है लेकिन उसके बाद भी स्टॉक में फॉल आ जाता है। रिजल्ट बुरा आता है लेकिन फिर भी स्टॉक के अंदर रैली आ जाती है। तो वो सिनेरियो के बारे में भी डिस्कस करने वाले हैं। तो उसके लिए वीडियो में बने रहो। सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट अगर ये पॉइंट समझ लिया तो रिजल्ट सेशन छोड़ो। पूरी मार्केट, पूरी ट्रेडिंग, स्टॉक, मार्केट की आधी कंफ्यूजन आपकी दूर हो जाएगी। अभी हमने कंपेयर करा ईयर ऑन ईयर बेसिस पे, क्वार्टर ऑन क्वार्टर बेसिस पे। रिजल्ट जो है पिछले क्वार्टर से बेटर आया तो स्टॉक के अंदर रैली आ जाएगी। पिछले साल से बेटर आया तो भी स्टॉक के अंदर रैली आ जाएगी। लेकिन हर बार वैसा नहीं होता। अब क्यों नहीं होता? यहां पर एक पॉइंट आता है वन ऑफ द मोस्टेंट पॉइंट एक्सपेक्टेशन। सिर्फ प्रॉफिट अच्छा आया तो मार्केट के अंदर रैली आएगी। कंफर्म नहीं है। आपको यह भी देखना है कि मार्केट में लोगों की इन्वेस्टर्स की एक्सपेक्टेशन क्या थी और फिर रिजल्ट कैसा आया। कंपनी की एक्सपेक्टेशन थी कि ₹100 प्रॉफिट करेगी। कंपनी ने प्रॉफिट कर लिया 120। एक्सपेक्टेशन कितनी थी? ₹100। इन्वेस्टर सब सोच रहे थे कि ₹100 प्रॉफिट आएगा तो बहुत अच्छा प्रॉफिट है। उन्होंने 120 का प्रॉफिट कर लिया। यानी कि एक्सपेक्टेशन से अच्छा। इस सिनेरियो में रैली आ सकती है कि एक्सपेक्टेशन से अच्छा करा। सब इन्वेस्टर और बाय करेंगे। कंपनी की एक्सपेक्टेशन थी प्रॉफिट करेगी ₹100 और उन्होंने कर दिया ₹100। प्रॉफिट तो ₹100 एक्सपेक्टेशन जो थी वही करा ना लेकिन उसके बाद भी हो सकता है कभी-कभी रैली ना आए। तो वो क्यों ना आए क्योंकि एक्सपेक्टेशन ही तो बीट हुई है। यह तो एक्सपेक्टेड था। राइट? यह तो मुझे पता ही था कि आज मैं राजमा चावल खाऊंगा। क्या नई बात है। लेकिन अगर मैंने सोचा आज मैं करेले की सब्जी खाऊंगा और मम्मी आकर बोले कि तेरे लिए मैंने राजमा चावल बनाया है। घी डालकर वाह वाह वाह मतलब दिल खुश हो जाएगा। उसी तरीके से इमोशंस जो है वो स्टॉक मार्केट में भी काम करते हैं। आज मेरी एक्सपेक्टेशन थी ₹100 कंपनी कमाएगी। उन्होंने 120 कमा लिए। वाह वाह वाह इन्वेस्ट करो। एक्सपेक्टेशन जितनी थी राजमा चावल मिलेंगे उतने ही मिल गए। ₹100 प्रॉफिट करेगी। ₹100 प्रॉफिट ही कर लिया। ठीक है इट्स फाइन। तो हो सकता है कभी-कभी मार्केट में एक्सपेक्टेशन के बाद फॉल आ जाए। एक्सपेक्टेशन थी कि ₹100 प्रॉफिट करेगी और ₹80 प्रॉफिट किया। राजमा चावल की एक्सपेक्टेशन थी। मम्मी ने करेला पकड़ा दिया। मम्मी ये क्या करते हो? मूड खराब कर दिया। वैसे ही कंपनी तुमने ₹100 का प्रॉफिट करना था। क्या करा तुमने? अच्छे से काम नहीं करा तुमने। ₹80 का ही प्रॉफिट किया। एक्सपेक्टेशन से कम रिजल्ट आने के बाद मार्केट में फॉल आ सकता है। यानी कि अच्छा रिजल्ट आया। 100% ईयर ऑन ईयर बेसिस पे ग्रोथ करी कंपनी ने। लेकिन एक्सपेक्टेशन थी 120% तो 20% कम रह गया। तो एक्सपेक्टेशन से खराब आया। तो इस वजह से रिजल्ट के बाद जो है स्टॉक्स के अंदर फॉल आ सकता है। तो कंपनी ने प्रॉफिट करा इतना जानना सिर्फ जरूरी नहीं है। एक्सपेक्टेशन क्या थी और रियलिटी क्या है? यह अगर आपने समझ लिया, आप जाकर बैक टेस्ट करो इसको। आपको जो रिजल्ट्स मिलेंगे, वह आउटस्टैंडिंग मिलेंगे। तो, यह पहला रीज़न है कि अच्छा रिजल्ट आने के बाद भी मार्केट के अंदर फॉल आ गया। दूसरा रीज़न है गाइडेंस। फ्यूचर गाइडेंस कंपनी क्या दे रही है? अब जैसे हमने डिस्कस किया था अगर कंपनी बोलती है कि हमने इस साल 10,000 करोड़ कमाए और अगले साल जो है हम 14,000 करोड़ सोलर इंडस्ट्रीज का एग्जांपल लेते हैं। हम 14,000 करोड़ कमाने वाले हैं एफवाई 27 के अंदर। यानी कि बड़ा अपनी जो सेल्स है वो बढ़ने वाली है। तो फ्यूचर के लिए कंपनी जो है वो स्ट्रांग है, कॉन्फिडेंट है। यानी कि फ्यूचर गाइडेंस भी बहुत डिपेंड करती है। अगर कंपनी ही श्योर नहीं है। कंपनी बोल रही है हो सकता है बन जाए और या फिर कंपनी ने बोल दिया कि करंट सिनेरियो को देखकर लगता है कि जो सेल्स है वो कम रह सकती है। अब अगर कंपनी ने यह बोल दिया तो स्टॉक के लिए नेगेटिव है। तो अगर गाइडेंस अच्छी है तो भी स्टॉक के अंदर रैली आ सकती है। गाइडेंस खराब है तो स्टॉक के अंदर फॉल आ सकता है। रीज़न थ्री जिसके ऊपर बहुत कम बहुत कम लोग ध्यान देते हैं और यह इतना इंपॉर्टेंट है यह पूरा खेल बदल देता है। सब कुछ अच्छा है। रिजल्ट भी अच्छा आया है। एक्सपेक्टेशन से ज्यादा आया है लेकिन उसके बाद भी शेयर गिरा देते हैं। शेयर के अंदर फॉल आ जाता है। अब वो क्यों आ जाता है? हो सकता है कि ऑलरेडी जो रिजल्ट है वो प्राइस इन हो चुका हो। प्राइस इन का मतलब क्या है? रिजल्ट आने से पहले इस शेयर का प्राइस ऑलरेडी काफी ऊपर आ चुका है। ऑल टाइम हाई पर आ चुका है। ऑल टाइम हाई पर आ चुका है। और रिजल्ट में अगर एक्सपेक्टेशन जितना रिजल्ट आ गया ₹100 एक्सपेक्टेड था ₹100 आ गया तो तो मुझे लगता है कि मैक्सिमम टाइम जो है वहां से शेयर को गिरा दिया जाएगा क्योंकि रिजल्ट आना था पॉजिटिव। एक्सपेक्टेशन जितनी थी उतना ही आया। जितना था उतना आ गया ना। ₹100 का शेयर था वो 150 उन्होंने रिजल्ट सेशन से पहले ही चढ़ा दिया। तो जिस दिन रिजल्ट है उससे पहले आपको यह नोटिस करना है कि शेयर का प्राइस ऑलरेडी बढ़ा हुआ है या फिर नीचे है। बॉटम पर है। अगर बॉटम पर है मैक्सिमम टाइम ऐसा होता है कि मार्केट में वहां से रैली आती है। सिर्फ प्राइस कहां पर है स्टॉक का वो भी बहुत मैटर करता है। लो पर है और एक्सपेक्टेशन जितना रिजल्ट आ गया तो रैली आ सकती है। हाई पर है और एक्सपेक्टेशन जितना रिजल्ट आ गया तो वहां से फॉल आ सकता है। हाई पर है और एक्सपेक्टेशन से ज्यादा अच्छा रिजल्ट आ गया जैसे सोलर इंडस्ट्रीज के अंदर हमने देखा ऑल टाइम हाई को ब्रेक कर दिया। तो यह तब होता है जब एक्सपेक्टेशन से भी बहुत अच्छा रिजल्ट आ जाए और एक्सपेक्टेशन से बेकार आएगा फिर तो फॉल आना स्वाभाविक ही है। तो अच्छा रिजल्ट आना काफी नहीं है। एक्सपेक्टेशन भी देखनी है और उसके साथ गाइडेंस भी देखनी है और उसके साथ प्राइस की मूवमेंट भी देखनी है। रिजल्ट आने से पहले ऑलरेडी तो नहीं भागा स्टॉक या फिर रिजल्ट आने से पहले वो नीचे बॉटम पर ही है। तो ये अगर आपने समझ लिया बहुत ज्यादा टाइम नहीं लगता यह 5 मिनट का काम है। लेकिन इसको एक्सपीरियंस लाने में थोड़ा सा समय आपको लगेगा। और इस पूरे सिनेरियो का ऑोजिट भी हो सकता है। एक ऐसा सिनेरियो भी है जिसके अंदर इसका ऑोजिट हो सकता है। यानी कि रिजल्ट वीक आया उसके बाद भी रैली आ गई मार्केट में। तो अभी हमने समझा कि रिजल्ट अच्छा आया फिर मार्केट में रैली आई। मैं आपको एक ऐसा सिनेरियो बताने वाला हूं। रिजल्ट खराब आया उसके बाद भी मार्केट के अंदर रैली आ गई। तो वो कब होता है उसको ध्यान से समझना। मान लीजिए मुझे एक्सपेक्टेशन थी कि कंपनी जो है वह ₹100 का लॉस करेगी। ₹100 का लॉस करने वाली थी और वह लॉस करती है ₹70 का। यानी कि मुझे एक्सपेक्टेशन खराब की थी लेकिन उन्होंने अच्छा कर दिया। ₹100 का लॉस करना था। 70 कर दिया। एक्सपेक्टेशन से कम लॉस करा है। एक्सपेक्टेशन से कम लॉस करा है। यह पॉजिटिव है मार्केट के लिए और मार्केट के अंदर रैली आ सकती है। अब मान लीजिए मेरे को एक्सपेक्टेशन थी कि ₹100 का लॉस करेगी और 120 का लॉस कर दिया। एक्सपेक्टेशन से भी ज्यादा लॉस कर दिया तो गई गुजरी कंपनी है। फिर मार्केट में और नीचे ऑल टाइम लो को भी और ब्रेक करेगी। ऐसा भी सिनेरियो हो सकता है। तो हमने समझा रिजल्ट सेशन होता क्या है और रिजल्ट सेशन के अंदर क्या-क्या चीजें हमें देखनी है। क्वार्टर टू क्वार्टर बेसिस ईयर ऑन ईयर बेसिस को कैसे कंपेयर किया जाता है। उसके बाद एक्सपेक्टेशन का खेल हमने समझा। अच्छा रिजल्ट आने के बाद भी मार्केट में मूवमेंट मूवमेंट आ जाती है और बुरा रिजल्ट आने के बाद भी जो है मार्केट के अंदर रैली आ जाती है। अब इसके एग्जांपल भी एक बार समझ लेते हैं। तो बात करते हैं विp्रो की। विp्रो का रिजल्ट आया 16 जुलाई को। एक्सपेक्टेड प्रॉफिट था। यानी कि इतना तो प्रॉफिट करना ही चाहिए विp्रो को। 3460 करोड़ का। एक्चुअल में जो प्रॉफिट हुआ 3325 करोड़ का। यानी कि प्रॉफिट ही किया है विp्रो ने लेकिन एक्सपेक्टेशन से कम किया है। एक्सपेक्टेड रेवेन्यू था 24737 करोड़। लेकिन किया कितना? 24480 737 और 480 एक्चुअल जो है 480 करा। यानी कि एक्सपेक्टेशन से कम किया। अरे विp्रो तो प्रॉफिट में है ना? उसके बाद भी एक्सपेक्टेशन से कम किया और क्या हुआ अगले दिन? Wipo नेक्स्ट डे गैप डाउन ओपनिंग करती है। और कितना परसेंट फॉल दिखाती है? अराउंड 1.4% एक तो गैप डाउन करती है। फिर अर्ली ट्रेड में स्टॉक 2.5% तक डाउन हुआ। यानी कि पहले तो 1.5% डाउन ओपन हुई। उसके बाद 2.5% टोटल जो है वो पूरे दिन मार्केट ने डाउन साइड का मूव दिखाया। अच्छा रिजल्ट आने के बाद भी विp्रो जो है वो गैप डाउन हुई और मार्केट में पूरे दिन गिरती रही। तो ये है पावर ऑफ एक्सपेक्टेशन। तो नेक्स्ट एग्जांपल की बात करते हैं डॉ. रेड्डी। अब इस स्टॉक के अंदर इस एग्जांपल में मैं आपको बताने वाला हूं कि बुरा रिजल्ट आने के बाद स्टॉक के अंदर क्या हो सकता है। 22 जुलाई को जो है डॉ रेड्डी का जो है वह रिजल्ट आता है। सारा टाइम एंड एंड एवरीथिंग इज मेंशंड हियर। रेवेन्यू जो है 870 करोड़ करा डॉ. रेडी ने और पिछले साल जो है सेम क्वार्टर में ₹8500 करोड़ यानी कि इयरली बेसिस पर जो है वो लॉस में है। कम रेवेन्यू हुआ और फिर नेट प्रॉफिट की बात करें तो नेट प्रॉफिट 1400 करोड़ था। सेम क्वार्टर में पिछले साल और इस क्वार्टर में 450 यानी कि 1000 करोड़ कम प्रॉफिट हुआ है। तो प्रॉफिट भी 68.7% कम हुआ है। रेवेन्यू भी 5.6% कम हुआ है। तो रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों कम है। वीक रिजल्ट आया और नेक्स्ट दिन क्या हुआ? 8.5% का गैप डाउन डॉ. रेड्डी के अंदर देखने को मिला और 52 वीक्स लो पर डॉ. रेड्डी पहुंच गया। यानी कि पूरे साल के सबसे लो पर जो है वो डॉक्टर रेडी पहुंच गया। अब जस्ट इमेजिन देखिए मैंने जैसा आपको बोला कि एक्सपेक्टेशन जो है वो बहुत इंपॉर्टेंट है और रिजल्ट जो है वो एक्सपेक्टेशन के बेसिस पे ऑलरेडी कभी-कभी प्राइस इन भी हो चुका होता है। प्राइस इन हो चुका है मतलब कि हम एक्सपेक्ट कर रहे हैं कि डॉ रेड्डी के अंदर खराब रिजल्ट आएगा। तो शेयर जो है वो काफी टाइम से पहले ही गिरना शुरू हो जाता है। अब ध्यान से देखिए डॉ. Redडी पिछले कुछ दिनों से गिर ही रहा था और फिर रिजल्ट जो है बहुत ही खराब आया तो बहुत ज्यादा गिर गया। रिजल्ट आने से पहले स्टॉक की मूवमेंट आपको बता देगी कि रिजल्ट कैसा आने वाला है। कभी-कभी रिजल्ट एक्सपेक्टेशन से अच्छा आएगा। एक्सपेक्टेशन जितना आएगा या फिर खराब आएगा। अच्छा आया और प्राइस बॉटम पर है तो रैली आएगा। सेम आया जितना एक्सपेक्टेशन था। अगर ऊपर है तो फॉल आ सकता है। नीचे है तो रैली आ सकता है। खराब आ गया तो नीचे है तो और नीचे जा सकता है। ऊपर है तो फिर और नीचे आ सकता है। तो इतने से ही आप बहुत कुछ समझ जाओगे। बट इट रिक्वायर्स प्रैक्टिस। एक और एग्जांपल लेते हैं। HDFC बैंक 18 जुलाई को रिजल्ट आता है। 5% जो है ईयर ऑन ईयर रिजल्ट जो है प्रॉफिट में है। बढ़कर आया है। एनआईआई जो है 6.7% बढ़कर आई है। तो रिजल्ट अच्छा है ना? HDFC ने प्रॉफिट कमाया है। ईयर ऑन ईयर बेसिस नेट प्रॉफिट भी अच्छा है। एनआईआई भी अच्छी है। लेकिन एस्टीमेट कितना था? एस्टीिमेशन कितना था? तो नो ये ये सारी एजेंसीज है जो एस्टीमेट का जो है लगाती है फिगर निकालती है तो नोम्यूरा ने एस्टीमेट किया था कि 800 8780 करोड़ जो है वो HDFC कमाएगा HDFC ने कमाया 19000 करोड़ से ज्यादा लेकिन Kotak ने एस्टीमेट किया था कि 195000 करोड़ 19691 करोड़ जो है वो कमाने चाहिए HDFC बैंक अब Kotak जो है वो थोड़ा ज्यादा स्ट्रांग है इन टर्म्स ऑफ एस्टीिमेशन तो इसलिए Kotak का जो है वो एस्टीिमेशन माना गया Kotak ने बोला 19691 96 आना चाहिए। आया 1960 यानी कि 600 करोड़ जो है वो लगभग 600 करोड़ कम रिजल्ट आया। एक्सपेक्टेशन से कम था। एनआईआई भी जो है वो आनी चाहिए थी 34353 करोड़। एक्सपेक्टेशन है ये। लेकिन आई कितनी? 33000 करोड़। यानी कि वो भी 1000 करोड़ जो है वो एनआई भी जो है वो कम आई। तो एक्सपेक्टेशन से कम आया। और अगले दिन क्या हुआ? 5% HDFC बैंक को गिरा दिया गया। 5% का फॉल नेक्स्ट डे और उसके बाद भी HDFC गिरता गया। गिरता गया गिरता गया और HDFC उससे पहले देखो प्राइस को उठाया गया। यह भी होता है। प्राइस को उठाया जाता है और प्राइस को उठाया जाता है ताकि सारे बाइंग कर ले और फिर अगले दिन एक्सपेक्टेशन है कि मार्केट के अंदर फॉल आएगा। प्राइस को बढ़ाया हुआ है। सबने बाय करा हुआ है। अगले दिन 5% फॉल कर दिया। सबको ट्रैप और उसके बाद HDFC [संगीत] Bank ऊपर ही नहीं गया। नीचे ही जाता रहा। इस तरह से भी मार्केट के अंदर ट्रैपिंग चलती है। तो एक दिन पहले अगर आप बाइंग सेलिंग कर रहे हो स्टॉक के रिजल्ट के लिए तो आपको यह समझना होगा कि एस्टीिमेशन जो है वह बहुत जरूरी है समझना। एस्टीमेट अगर समझ गए और एक्सपेक्टेशन समझ गए प्राइस का बिहेवियर समझ गए तो नेक्स्ट डे आपको प्रॉफिट हो सकता है। नहीं तो नेक्स्ट डे आपको लॉस भी हो सकता है। तो रिजल्ट सेशन में ट्रेड करने के दो तरीके हैं। पहला जिस दिन रिजल्ट आया उस दिन ट्रेड करो। यानी कि अगर मार्केट में रिजल्ट 3:30 से मार्केट के क्लोजिंग से पहले आ गया तो फिर तो उसी सेम डे जो है मार्केट के अंदर मूवमेंट आपको देखने को मिल जाएगी। लेकिन अगर रिजल्ट जो है वो 3:30 के बाद आया यानी कि मार्केट ओवर होने के बाद आया फिर आपको रिजल्ट का जो मूव है वो आपको नेक्स्ट डे देखने को मिलेगा। तो सेम सिनेरियो में दोनों सिनेरियो में आप कैसे रिजल्ट को ट्रेड कर सकते हो। सेम डे कैसे करना है वो तो आपको मैंने समझा दिया कि आपको एक्सपेक्टेशन देखनी है। उसमें रियलिटी क्या हुई उसके हिसाब से मार्केट में मूव आ सकता है और मार्केट में ऑलरेडी प्राइस इन हो चुका है या नहीं हुआ यह आपको देखना है। अगले दिन ट्रेड करना है या फिर सेम डे करना है तो आपको तीन चीजें उसके अंदर और देखनी है। तो फर्स्ट पॉइंट इज़ प्राइस एक्शन। प्राइस एक्शन क्या कह रहा है? मान लो आज मार्केट क्लोज होने के बाद रिजल्ट आता है और स्टॉक अगले दिन गैप अप ओपन होता है। वो स्टॉक जो है वो ऊपर ओपन होता है, फ्लैट ओपन होता है या फिर डाउन ओपन होता है। इससे आपको समझ आ जाएगा कि उस दिन सेम डे जो है मार्केट मूवमेंट किस साइड दे सकती है। अगर गैप अप ओपन हो रहा है तो उसके अंदर सेकंड चीज आपको देखनी है वॉल्यूम कितनी है। वॉल्यूम क्या नॉर्मल डेज़ जितनी ही है या फिर ज्यादा है? स्पाइक है वॉल्यूम के अंदर। अगर वॉल्यूम में स्पाइक है यानी कि जो बड़े प्लेयर्स है वो एक्टिव है उस ट्रेड के अंदर उस दिन। अगर स्पाइक्स नहीं है, इसका मतलब यह है कि मार्केट के अंदर जो है ज्यादा मूवमेंट देखने को नहीं मिलेगी। तीसरा पॉइंट है फॉलो थ्रू। यानी कि मान लीजिए गैप अप ओपन हुआ। लेकिन गैप अप होने के बाद क्या मार्केट सेम डायरेक्शन के अंदर गया या फिर मार्केट ने रिवर्सल लिया। मैं निकला था घर से एक जगह जाने के लिए लेकिन मैं घर से निकला और मैं घर में वापस आ गया। इसका मतलब मैं जाना ही नहीं चाहता था। मैं निकला कहीं जाने के लिए घर से और मैं वहां पहुंच गया। इसका मतलब मैं जाना चाहता था। उसी तरीके से स्टॉक मार्केट में रिजल्ट सेशन वाले दिन अगले दिन मार्केट में गैप अप हुआ। गैप अप होने के बाद मार्केट में रिवर्सल आ गया। इसका मतलब स्टॉक ऊपर जाना ही नहीं चाहता। और अगर गैप अप होने के बाद सेम डायरेक्शन में विद वॉल्यूम अगर मार्केट में स्टॉक मूव कर रहा है इसका मतलब प्राइस में और ऊपर रैली आने के चांसेस है। गैप डाउन हो गया। वॉल्यूम ज्यादा है और गैप डाउन कंटिन्यू आपको दिखा रहा है। सेम डायरेक्शन में ही स्टॉक जा रहा है। इसका मतलब यह है कि मार्केट में सेम डायरेक्शन में फॉल आ सकता है। अगर मार्केट फ्लैट ओपन होती है, वॉल्यूम ज्यादा है और फ्लैट ओपन होने के बाद रिजल्ट भी अच्छा है और मार्केट अपर डायरेक्शन में जा रही है तो इसका मतलब यह है कि मार्केट सेम डायरेक्शन में ऊपर जा सकती है। तो ये तीन पॉइंट्स जो है वो मार्केट के रिएक्शन को समझने के लिए है। एक्सपेक्टेशन रिजल्ट को समझना सीखना तो हमने कर लिया लेकिन मार्केट में चार्ट का चार्ट को देखकर भी आप मार्केट का रिएक्शन समझो तो आपने जो समझा एक्सपेक्टेशन रेवेन्यू एंड एवरीथिंग वो आपको समझकर आपको एक कॉन्फिडेंस देगा कि हां मार्केट में जो प्राइस है वो ऊपर जा सकता है। लेकिन अगर आप यह प्राइस को चार्ट को भी कंफर्म कर लो। चार्ट के रिएक्शन को भी कंफर्म कर लो। फिर डबल कंफर्मेशन होगी कि प्राइस जो है वह ऊपर जा सकता है और फिर आप लंबे टाइम के लिए उस स्टॉक को होल्ड भी कर सकते हैं। अब सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट रिजल्ट सेशन देखे कहां? अरे जब यही नहीं पता कि रिजल्ट आया क्या है तो कैसे इतना सब कुछ कर लोगे? तो रिजल्ट सेशन देखेगा तो पहला एनएससी की वेबसाइट पे आपको मिल सकता है। दूसरा जो भी कंपनी का रिजल्ट आया है उस कंपनी की वेबसाइट पे आप देख सकते हो। तीसरा जो सबसे सिंपल होता है। आप स्क्रीनर पे या फिर मनी कंट्रोल पे चले जाओ। लेट्स से मैं स्क्रीनर की बात करता हूं। स्क्रीनर पर जाओ। यहां पर होम पेज पर ही क्वार्टरली रिजल्ट्स आपको दिख रहा है। यहां पर आप जाओ और क्वार्टरली रिजल्ट के अंदर देखो Indank housing, TCS और बाकी सारे जो स्टॉक्स है इन सबकी जो है यहां पर आपको पूरी लिस्ट आपको मिल रही है। सारा रिजल्ट एवरीथिंग इज हियर। सो, आप सारी कंपनियों का रिजल्ट जो है वो एक पेज पे देख सकते हैं। एंड दिस इज़ द इज़िएस्ट वे यू कैन हैव फॉर चेकिंग द रिजल्ट। सो बेसिक रिजल्ट देखने के लिए यह वन ऑफ़ द बेस्ट ऑप्शन है। बिकॉज़ आपको हर जगह जाने की जरूरत नहीं है। यहां पर आपको सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाएगा। तो क्वार्टर टू क्वार्टर बेसिस पे कंपैरिजन करना है वो भी यहां मिल जाएगा। ईयर ऑन ईयर बेसिस पे कंपैरिजन करना है वो भी यहां मिल जाएगा। तो सब कुछ एक जगह पर है। अब यहां पर उन्होंने यह भी बताया कि एबिटा जो है वो कम हुआ है, नेट प्रॉफिट ज्यादा हुआ है, ईपीएस ज्यादा हुआ है। हर एक चीज आपको यहां पर देखने को मिल सकती है। उसके अंदर भी आपको और डिटेल में जाना है। तो इस पे क्लिक करोगे तो यहां पर आपको पूरा पर्चा खुल जाएगा। तो यहां पर हर एक जो है सेप्टेंबर का, दिसंबर का, मार्च का हर एक क्वार्टर का रिजल्ट जो है वह यहां पर आपको देखने को मिल सकता है। तो आप डिटेल्ड जो है वो एनालिसिस अपनी कर सकते हैं। लेकिन इतना पीछे जाना नहीं है। ईयर ऑन ईयर बेसिस और क्वार्टर टू क्वार्टर बेसिस इज़ इनफ। इतना भी आप कर लोगे तो बहुत हद तक आप रिजल्ट में काम करना सीख जाओगे। तो अगर मैं पूरी वीडियो के अंदर हमने क्या बात करी और किस-किस चीजों पे आपको फोकस रखना है रिजल्ट सेशन में उसको मैं शॉर्ट के अंदर छह पॉइंटर के अंदर आपको एक्सप्लेन करता हूं। फर्स्ट आपको क्वेश्चन पूछना है कि सेल्स कितनी हुई? सेकंड आपको क्वेश्चन पूछना है कि एबिटा कितना हुआ? थर्ड आपको क्वेश्चन पूछना है कि एबिटा के बाद प्रॉफिट चे में क्या है? नेट प्रॉफिट कितना है? प्रॉफिट बढ़ा या नहीं बढ़ा? सेल्स बढ़ी या नहीं बढ़ी? ये क्वेश्चन आपके पास होना चाहिए। फिर उसके बाद क्वेश्चन है कि ईयर ऑन ईयर बेसिस और क्वार्टर टू क्वार्टर बेसिस जो है वो रेवेन्यू और यह जो रिजल्ट है वह इनक्रीज हुआ है या फिर डिक्रीज हुआ है। फिर मैनेजमेंट की जो गाइडेंस है वो पॉजिटिव है या नेगेटिव है। यानी कि मैनेजमेंट ने कमाए हैं 500 करोड़ इस साल और अगले साल बोल रहे हैं फिर 60,000 करोड़ कमाएंगे। तो पॉजिटिव है या नेगेटिव है? 500 करोड़ इस साल कमाए हैं और अगले साल जो है सेल्स कम हो सकती है। अगर ऐसा बोल दिया तो नेगेटिव है। तो गाइडेंस समझना बहुत जरूरी है। और सिक्स एंड वन ऑफ द मोस्टेंट मार्केट की एक्सपेक्टेशन क्या थी? एक्सपेक्टेशन से बेटर आया तो रैली आ सकती है। कम आया तो फ़ॉल आ सकता है। अगर आपको यह छह क्वेश्चन के आंसर समझ आ गए तो आप बहुत अच्छे से रिजल्ट को समझ चुके हो और रिजल्ट के अंदर प्ले कर सकते हो आफ्टर गेटिंग सम एक्सपीरियंस। थोड़ा सा रिजल्ट को समझो। उसके बाद देखो कि रिजल्ट आपके डायरेक्शन में हुआ या नहीं हुआ। इस रिजल्ट सेशन ऑलरेडी जो स्टार्ट हो चुका है जब आप यह वीडियो देख रहे हो तो बहुत सारे रिजल्ट आ चुके हैं। नौ से ज्यादा कंपनियों के रिजल्ट आ चुके हैं और बाकी सारी कंपनीज़ जो है अपना रिजल्ट्स निकालने वाली है। सो बी रेडी फॉर दैट और यह सिलसिला पूरे साल चलता है। पूरे साल ये रिजल्ट आते रहते हैं। तो जस्ट इमेजिन आपको हर रोज हर हर साल हर क्वार्टर हर रोज आपको एक मौका जरूर मिलता है। लेकिन वो मौका अभी तक आप इनकैश नहीं कर रहे थे। उसमें आप काम नहीं कर रहे थे। अब आपको वो मौके पर काम करने का भी मौका मिल गया है क्योंकि मैंने आपको रिजल्ट की स्ट्रेटजी बता दी है। सो आई होप आज की वीडियो आपको बहुत अच्छी लगी होगी। कैसी लगी आज की वीडियो? आपको सीखने को मिला रिजल्ट सेशन के बारे में और ऐसी अमेजिंग वीडियो और हम लाने वाले हैं प्रीमियम नॉलेज आपके साथ शेयर करने वाले हैं अपनी नेक्स्ट वीडियोस में एव्री फ्राइडे एट 7 pm। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए जय हिंद।

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