Power of Trading | Same Stocks Every Day on Intraday — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Power of Trading | Same Stocks Every Day on Intraday

Trading Chanakya · watch on YouTube ↗
Analysed 07 Oct 2026, 08:02 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. 15-minute opening-range breakout (ORB) on high-volatility individual stocks (ATR >3-4%), with one trade per day, fixed 3 PM exit, and ATR-2x maximum stop-loss rule.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Know someone trading this?
Full transcript (4315 words)
ट्रेडिंग के अंदर जो काम करता है वह करता है दिमाग। नया ट्रेडर अगर नॉर्मली ट्रेड ले रहा है यह सोच समझ के यहां से ऊपर जा सकता है, नीचे जा सकता है तो बार-बार दोस्तों वह गलतियां करता है। तो आज की वीडियो के अंदर एक ऐसी स्ट्रेटजी आपके साथ शेयर कर रहा हूं जो एक सिंगल स्टॉक के ऊपर एक स्ट्रेटजी आप फॉलो करते रहेंगे तो पैसा बनने के हायर चांसेस रहते हैं। लेकिन मार्केट के अंदर दोस्तों रिस्क रहता है। तो यह दोस्तों डिस्क्लेमर है मेरी तरफ से। जरूरी नहीं है पैसा बना पाओगे लेकिन करीब जरूर पहुंच सकते हो। डेफिनेटली आपको यह हेल्प जरूर करेगा। हम एक स्ट्रेटजी की बात कर रहे हैं जिसके अंदर आपको यह फिलहाल जो होचपच होते हैं ना मार्केट के अंदर कभी मार्केट लगता है ऊपर जाएगा, नीचे जाएगा। ये सारी चीजें खत्म हो जाएगी। तो चलिए एक बार स्ट्रेटजी को समझते हैं। सीखते हैं कि कैसे किया जा सकता है। [संगीत] तो स्क्रीन के ऊपर दोस्तों आपको नोटिस करना है आपको एक स्टॉक सेलेक्ट करना है सबसे पहले। ठीक है? कोई एक स्टॉक सेलेक्ट करिए और उस स्टॉक की कुछ खास बात होनी चाहिए। स्टॉक सेक्शन बड़ा इंपॉर्टेंट है। अगर स्टॉक सेक्शन ठीक नहीं है तो रिजल्ट आपके खराब हो जाएंगे। यानी लॉस होने के चांसेस बन जाएंगे। अब जैसे कि मान लेते हैं कोई स्टॉक ऐसा है जो दिन भर में 1% ही ऊपर नीचे करता है। 1% के दायरे में काम करता है। आपको क्या लगता है उस स्टॉक के अंदर ट्रेड करके क्या पैसे बन जाएगा? मुझे नहीं लगता कोई खास पैसा बनने वाला है। क्योंकि वोलेटिलिटी नहीं है। अगर वोलेटिलिटी नहीं है तो बीच के पैसे निकाल कैसे पाओगे? तो आपने देखा होगा कि बैंक निफ्टी के अंदर बहुत सारे लोग ऑप्शंस करते थे। है ना? इंट्राडे ऑप्शंस करते थे। जैसे ही वीकली एक्सपायरी खत्म हुई तो बहुत सारे लोग शिफ्ट हो गए। ज्यादातर लोग क्रिप्टो में शिफ्ट हो गए। निफ्टी में कोई खास लोग ट्रेड नहीं कर रहे हैं क्योंकि वोलेटिलिटी नहीं है। अगर किसी चीज के अंदर वोलेटिलिटी नहीं है तो पैसा नहीं बन सकता। पहली चीज यह है। तो इंट्राडे में पैसा बनाना है। वोलेटिलिटी चाहिए। 2 4 5% ऊपर नीचे होती हो वो चीज। तो पहली चीज आपको यह देखनी है कि कोई ऐसा स्टॉक देखना है जिसका एटीआर 3% 4% से ज्यादा होना चाहिए। तो जैसे कि देखिए एक स्टॉक है Vedanta। ठीक है? मैं एग्जांपल के लिए ले रहा हूं। कोई बाइंग एंड कोई सेलिंग रिकमेंडेशन नहीं है। सिर्फ एग्जांपल के लिए हम इसको देख रहे हैं। तो अब यहां पर देखिए मैं इसकी सेटिंग में इंडिकेटर में जाता हूं और इसमें देखिए मैं एक एटीआर लगा लेता हूं। एटीआर लगाने से मुझे यह पता लग जाएगा इस स्टॉक की डेली वोलेटिलिटी है कितनी। ठीक है? तो एटीआर की एक बार सेटिंग में चले जाते हैं। यह देखिए मैं सेटिंग में गया और इसकी लाइन को मैंने वाइट कर दिया ताकि आपको विज़िबल अच्छे से हो। ठीक है? तो यहां पर अगर आप नोटिस करेंगे जो एटीआर है इसका अभी भी देखिए 9 के आसपास है। यहां देखिए लगभग 10 12 के आसपास था। स्टॉक दोस्तों ट्रेड कर रहा था ₹260 के आसपास। ठीक है? ₹260 में ₹9 का एटीआर है। यानी 4% की वोलेटिलिटी है इस स्टॉक में। ₹9 ऊपर नीचे हो जाता है। यानी 4% ऊपर या नीचे हो सकता है एक दिन में। तो मुझे ऐसे स्टॉक चाहिए जो 3% से ज्यादा का वोलेटिलिटी हो उसके अंदर और लिक्विडिटी अच्छी हो। अच्छा ट्रेड होता है स्टॉक के ऊपर। तो Vedanta डेरिवेटिव्स के अंदर भी ट्रेड होता है और वोलेटिलिटी भी अच्छी है। तो ऐसा स्टॉक मुझे चूज़ करना है। तो मैंने इसलिए एग्जांपल ले लिया Vedant का। ऐसे बहुत सारे स्टॉक हो सकते हैं। ठीक है? तो पहला दोस्तों रूल ये है कि अगर आप इंट्राडे करना चाहते हो तो एटीआर आपका बहुत अच्छा होना चाहिए। अब दोस्तों बात आती है कि कब हम एंट्री लेंगे, कब हम एग्जिट लेंगे, स्टॉप लॉस कहां लगाएंगे? कि ये कैसे हम समझे? दूसरी इंपॉर्टेंट चीज जो मैं बहुत सारे ट्रेडर को समझाने की कोशिश करता हूं। ट्रेड लेने से पहले आपको यह समझना चाहिए कि उसको करने में कितना एक्सपेंसेस आपका लगने वाला है। देखिए कई स्ट्रेटजी ऐसी है। मान लेते हैं कि मैं ₹00 इंट्राडे में लेकर के आया। ₹00 लाने के बाद मैं एक महीना अगर मैं उसके ऊपर ट्रेड करता हूं तो ₹5,000 तो मेरा ब्रोकरेजेस और ट्रांजैक्शन कॉस्ट चले जाता है। यानी मेरी कैपिटल का 10% तो इनको करने में चले जाता है। तो अगर दोस्तों मैं यह करने जाऊंगा ना तो ऑब्वियसली आप मार्केट से पैसा नहीं बना पाओगे। 10% ट्रांजैक्शन कॉस्ट जाना यानी महीने का 120% जाना कोई भी दोस्तों मैंने ऐसा ट्रेडर नहीं देखा हाल फ़िलहाल में कि 120% कंसिस्टेंट हर साल का कमाता हो। तो उससे ज्यादा तो आप क्या दे रहे हो? चार्जेस वगैरह ही दे रहे हो। तो कमा नहीं सकते। तो आपका रूल ये होना चाहिए कि अगर आप ₹00 लेकर के आए हो मार्केट में तो साल भर में 10% से ज्यादा ट्रांजैक्शन कॉस्ट नहीं जाना चाहिए। जितना कम उतना अच्छा। जितना ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम होगा उतना आपके लिए बेटर होगा। तो बात समझ रहे हैं? मैं क्या कहने की कोशिश कर रहा हूं? अगर ₹50,000 लेकर के आ रहे हैं तो ₹5,000 से ज्यादा साल भर में नहीं जाना चाहिए। महीने का ₹500 से ज्यादा नहीं जाना चाहिए। बात समझ रहे हैं? अगर यह चीज दोस्तों आपने समझ ली है, तभी दोस्तों मार्केट में सर्वाइव कर पाओगे क्योंकि ट्रेड कितना ही कर लो यह सारा ट्रांजैक्शन और ब्रोकरेजेस आपका जाने वाला है। वो चले जाएगा नहीं बना पाओगे पैसा। ठीक है? सेकंड इंपॉर्टेंट चीज ट्रेडिंग की हमें पता लग गया। अभी कुछ कैलकुलेशंस वगैरह कर लेंगे तो हमें समझ में आएगा। अब बात कर लेते हैं डायरेक्शन की। देखिए 1960 में 1960 में एक स्ट्रेटजी इंप्लीमेंट हुई थी जिसका नाम था ओआरबी यानी ओपनिंग ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट। ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट में प्रोफेशनल ट्रेडर क्या करते थे? 15 मिनट, आधे घंटे और 1 घंटे की रेंज में वह यह कैप्चर करते थे कि कहां पर बड़ा प्लेयर पोजीशंस क्रिएट कर रहा है। अगर यह रेंज ब्रेक होती है तो उनको एक आईडिया लगता था। यकीन मानिए कि जितना अच्छे से यह स्ट्रेटजी उस टाइम काम करती थी, यह स्ट्रेटजी आज भी काम करती है। बस समस्या यह है स्टॉक सिलेक्शन गलत हो जाता है और हम इंडेक्स गलत चूज़ कर लेते हैं जिसकी वजह से नुकसान हो जाता है। ठीक है ना? तो अब हम समझेंगे कैसे कर सकते हैं। तो सबसे पहले हमने स्टॉक सिलेक्शन अच्छा कर लिया। दूसरा हमने यह भी देख लिया ब्रोकरेजेस वगैरह हमें थोड़ी कैलकुलेट करनी है भाई ट्रेड में कितना लगने वाला है। तो हमारी स्ट्रेटजी बड़ी सिंपल है। हम ओआरबी करेंगे तो 15 मिनट की दोस्तों हम एक कैंडल देखेंगे। उस कैंडल को देखने के बाद हम उसका हाई और लो मार्क्ड कर लेंगे। उसके बाद हम वेट करेंगे इसका हाई ब्रेक होता है या लो ब्रेक होता है। जैसे ही दोस्तों हाई ब्रेक हुआ वैसी एंट्री लॉन्ग साइड हो जाएगी। अगर लो ब्रेक होता है तो शॉर्ट साइड हो जाएगी। ध्यान रखना है एक दिन में एक ही ट्रेड लेना है। या तो लॉन्ग का पहले मिल गया तो लॉन्ग का लेना है। शॉर्ट का पहले मिल गया तो शॉर्ट का लेना है। सिर्फ इतना ही आपको ध्यान रखना है। क्योंकि अगर दो ट्रेड लेने जाओगे तो दो ट्रेड में क्या होगा? दो ट्रेड में एंट्री लेनी पड़ेगी। दो ट्रेड में एग्जिट लेना पड़ेगा। दोनों के चार्जेस लगते हैं। ब्रोकरेजेस लगेगा। ट्रांजैक्शन कॉस्ट लगेगा। सर्वाइव नहीं कर पाओगे ट्रेडिंग में। तो इसलिए जो पहले मिल जाएगा वो लेंगे। काफी लोग स्ट्रेटजी कैसे बनाते हैं कि लॉन्ग का मिल गया। एंट्री ले ली। ठीक है? स्टॉप लॉस क्या है? नीचे है। अगर वह स्टॉप लॉस लग गया तो शॉर्ट की एंट्री ले ली। हमें यह काम नहीं करेंगे। हम एक एंट्री लेंगे। तो अगर लॉन्ग का मिल गया तो स्टॉप लॉस उस कैंडल के नीचे रहेगा। अगर हाई का मिल गया अगर शॉर्ट का मिल गया तो उस कैंडल के ऊपर स्टॉप लॉस रहेगा। बस पूरे दिन का एक खेल है। उससे ज्यादा और कुछ नहीं करना है। सेकंड इसमें एक चीज और आपको इंप्लीमेंट करनी है। समटाइ्स आपको बहुत बड़ी-बड़ी कैंडल्स मिलती है। बहुत बड़ी कैंडल्स फॉर्म्ड हो जाती है। उस केस में समझ नहीं आता कि स्टॉप लॉस कहां इतनी बड़ी कैंडल स्टॉप लॉस ले नीचे भी आ गया मार्केट तो बड़ा नुकसान हो जाएगा। अब उससे आपको कैसे निमटना है मैं वीडियो के बीच में आपको बताऊंगा। तो एक बार हम इसको इंप्लीमेंट करके देखते हैं। समझाने की आपको कोशिश करते हैं कि ये काम कैसे करता है। तो Vedanta का स्टॉक है। 15 मिनट का टाइम फ्रेम हमने ले लिया है। ठीक है? थोड़ा सा दोस्तों हम इसको पीछे लेकर के जाएंगे। करंट के डाटा के ऊपर मैं कोई एनालिसिस आपको नहीं दिखाऊंगा। तो थोड़ा सा हम पीछे लेकर के जाएंगे। कुछ एग्जांपल्स मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूं। वह ध्यान देना। ठीक है? तो, एक एग्जांपल दोस्तों, यह देखिए। यह ओआरबी का बहुत अच्छा एग्जांपल है। इसमें आप ध्यान दीजिए। 19 तारीख को एक कैंडल फॉर्म्ड हुआ था। यह ठीक है? ये ये कैंडल फॉर्म्ड हुआ था। ठीक है? यह 15 मिनट का यह वाला कैंडल था। ठीक है? क्या हुआ? इस कैंडल का हाई ब्रेक हुआ। हाई ब्रेक होने के बाद स्टॉप लॉस हमारा नीचे लग गया। और हम अपनी पोजीशन को 3:00 बजे काट देंगे। 3:00 बजे या 3:15 पे अपनी पोजीशन काट देंगे। चाहे हमें प्रॉफिट आ रहा हो, चाहे लॉस आ रहा हो, जो भी आ रहा हो, चाहे ब्रेक इवन पर हो, अगर हमारा स्टॉप लॉस नहीं लगा, स्टॉप लॉस देखिए यहां नीचे है। तो यहां पर दोस्तों हम काट देंगे। तो जितना हम कमाने आए थे, उसका एटलीस्ट 1:1 तो हम मार्केट से कमा के निकल कर गए। निकल कर ले गए हैं। ठीक है? अब देखते हैं। देखिए इस दिन हमें कुछ नहीं मिला। यह देखिए पूरा दिन 15 मिनट की रेंज के अंदर ही मार्केट रहा। तो कुछ भी नहीं था इस दिन वेदता में। अब यहां पर देखिए इस दिन क्या हुआ? इस दिन भी मार्केट देखिए अंडर में ट्रेड कर रहा था। कोई मार्केट के अंदर मूवमेंट नहीं था। शुरुआत के 15 मिनट में ही मार्केट ट्रेड कर रहा था। ठीक है? तो यह आपको ध्यान देना है और यह देखिए एक बहुत ही अच्छा ट्रेड है। यह वाला ट्रेड देखिए Vedanta में इसका देखिए हाई ब्रेक हुआ। हाई ब्रेक होने के बाद देखिए क्लोजिंग देखिए कहां होती है। तो इतना बड़ा आप मोमेंटम कमा पाए। ठीक है? ईजी। तो इसमें देखिए कुछ भी आपके लिए मुश्किल नहीं था। आपको यह नहीं समझना था कि कहां से ऊपर जाएगा, कहां से नीचे जाएगा। बड़ा प्रॉफिट आएगा, बड़ा प्रॉफिट लोगे। स्टॉप लॉस आपका डिसाइडेड है। तो, यह दोस्तों, मार्केट के अंदर आपने चेक आउट कर लिया और मार्केट के अंदर प्ले कर लिया। सिर्फ इतना ही करने से आपको अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। अब इनमें दो-तीन चीजें जरा समझने की कोशिश करते हैं। समटाइ्स आप देखेंगे मार्केट ना बहुत बड़ी बनती है। कैंडल बहुत बड़ी बनती है। जैसे कि देखिए यह वाली कैंडल देखिए बहुत बड़ी कैंडल है। तो अगर आप ये देखेंगे ₹303 से लेकर के ₹304 ₹5 से लेकर के और 297 की ये कैंडल है और यह ₹305 से लेकर के तो ऑलमोस्ट अगर मैं बात करूं ₹8 की कैंडल है बीच का जो गैप अगर आप देख रहे हैं ₹8 का गैप है। लगभग 3% का गैप है। 2.5 से 3% का गैप है। ऑब्वियसली इतना बड़ा स्टॉप लॉस आप नहीं ले सकते। तो जब भी गैप आपके लिए बहुत बड़ा हो तो मैं आपको एक रूल बता रहा हूं जिस रूल को आपको इंप्लीमेंट करना है। आप एक रेंज देख लीजिए एटीआर की। ठीक है ना? एवरेज ट्रू रेंज देख लीजिए। 15 मिनट का टाइम फ्रेम है। तो जब आपको एक ट्रिगर मिला बाय का तो आप देखिए एवरेज ट्रू रेंज क्या है? तो यहां पर मुझे दिखाई दे रहा है 1.8 एवरेज ट्रू रेंज है। ठीक है? ₹1.8। इसको मल्टीप्लाई कर दीजिए टू से। ठीक है? तो मेरे पास एक फिगर आएगी 3.6 यह मेरा स्टॉप लॉस बन जाएगा यानी एटीआर को 2x कर दीजिए तो एटीआर के 2x से ज्यादा स्टॉप लॉस आपका होना ही नहीं चाहिए किसी भी स्टॉक के अंदर। यह आपका मैक्सिमम स्टॉप लॉस है। अगर इससे छोटा स्टॉप लॉस बना है अच्छी बात है। वो ले लो। कैंडल अगर उससे छोटी बनी है वो आप इंप्लीमेंट कर सकते हो। 3.6 से ज्यादा बड़ा आपको स्टॉप लॉस नहीं लेना है। समटाइ्स मार्केट ट्रैप करता है, ऊपर जाता है, नीचे आ जाता है। तो, हमें यह पैसा बचाना है। एक तो हमें यह बचाना था। इससे आपकी स्ट्रेटजी काफी हद तक अच्छी प्रॉफिटेबल हो सकती है क्योंकि आपका स्टॉप लॉस सीमित हो गया। एटीआर के 2x से ज्यादा नहीं लेना है। वोलेटिलिटी के 2x से ज्यादा नहीं लेना है। ठीक है? अब यहां पर दोस्तों, हम बात कर लेते हैं चार्जेस की। चार्जेस किस तरीके से लगने वाले हैं। फिर मैं आपको एक प्रैक्टिकल इंप्लीमेंटेशन करके दिखा दूंगा। आपको समझ में आ जाएगा कैसे प्ले करना होता है। अब यहां पर ध्यान दीजिए। मान लेते हैं कि मैं Vedant को बाय कर रहा हूं। मैं मार्केट में ₹1,000 मान लेते हैं लेकर के आया हूं। ठीक है? तो मैं इंट्राडे में बाय कर रहा हूं। ₹10,000 पे लेकर आया हूं। तो मैं कितनी क्वांटिटी बाय करूंगा? ऑलमोस्ट 30 35 35 क्वांटिटी बाय करूंगा। ठीक है? और रिक्वायर्ड मार्जिन कम लगेगा आपको। आपको ऑब्वियसली इंट्राडे में मार्जिन आपको मिल जाता है। फिर भी मैं सोच रहा हूं कि हम सभी पैसे अपने लगा रहे हैं। कोई मार्जिन वगैरह नहीं ले रहे हैं। तो यहां पर दोस्तों जो हमारा खरीदने का पैसा लगेगा वह आप ध्यान दीजिए। ₹5 खरीदने का लगेगा। ठीक है? नॉट बैड। और अगर मैं सेलिंग पर जाऊंगा अगर मैं इस पोजीशन को काटता हूं तो लगभग ₹7 मेरा सेलिंग का लगेगा। मैं फायर्स की बात कर रहा हूं। यह जो फायर्स ट्रेडिंग प्लेटफार्म है। तो मोटा-मोटा मान लेता हूं ₹12 मेरा लगने वाला है। ठीक है? एक दिन में मैं ₹12 खर्च करने वाला हूं। मैं डेली मार्केट में ट्रेड लूंगा। ऑब्वियसली किसी किसी दिन मार्केट ट्रिगर नहीं देगा। एक रेंज में रहेगा तो उस दिन छोड़ देंगे। ठीक है? तो मान लेते हैं कि मैं 20 दिन ट्रेड करता हूं। 20 डेज ट्रेड कर रहा हूं। मल्टीप्लाई बाय 12। ठीक है? तो मेरा खर्चा लग रहा है ₹240। ₹10,000 में ₹240 2.5% होता है। ध्यान रखना कम नहीं होता है। ₹240 कम नहीं है। अगर आपको लग रहा है ₹240 क्या है? बहुत ज्यादा है। मल्टीप्लाई करो 12 महीने से। 12 महीने में लगातार ट्रेड कर रहा हूं। तो लगभग 2880 मैंने मार्केट को पे कर दिया। 30% तो मैं 30-40% तो कमाने आया था मार्केट में साल भर में। इतना ही पैसा बनता है। अगर मैं ट्रेडिंग कर रहा हूं 30 40 50% अगर बहुत अच्छा मैं कर रहा हूं। तो इतना तो दोस्तों मेरा चला ही गया। मार्केट से मैं पैसा नहीं बना पाऊंगा। तो इस तरीके की स्ट्रेटजी कितनी इंप्लीमेंट कर लेना मार्केट से पैसा बनने ही नहीं वाला क्योंकि 30% आपका ब्रोकरेज या ट्रांजैक्शन कॉस्ट में जाने वाला है। जितना कमाओगे ब्रोकर ले जाएगा, ट्रांजैक्शन कॉस्ट ली जाएगी, गवर्नमेंट ले जाएगी, एक्सचेंज ले जाएगा, स्टैंप ड्यूटी ले जाएगी, जीएसटी ले जाएगा। इतने सारे चार्जेस लगते हैं एक ट्रेड में। मैं आपको दिखाऊं। यह देखिए प्राइस ब्रेक इवन पे देखिए। ट्रांजैक्शन कॉस्ट ब्रोकरेजेस एसटीटी सीटीटी एसटीटी जीएसटी सीबी के चार्जेस स्टैंप ड्यूटी एनएससी इन्वेस्टर प्रोटेक्शन टैक्स लगता है इतने सारे लगते हैं आपके टैक्सेस लगते हैं चार्जेस लगते हैं एक्सचेंज के ट्रांजैक्शन कॉस्ट लगते हैं इतनी सारी चीजें लगती है एक ट्रेड को लेने में तो ऐसे नहीं बन पाएगी बात तो इसलिए जो छोटा रिटेल ट्रेडर होता है ना वह मार्केट से पैसा नहीं बना पाता है अब मैं आपको इसका सशन बता रहा हूं कैसे सशन होगा जरा इसको समझते हैं [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं 10,000 पर ट्रेड लेने जाऊंगा। कुछ होगा नहीं। ठीक है? अब मैं मान लेते हैं 1000 क्वांटिटी पर ट्रेड लेने जा रहा हूं। 1000 क्वांटिटी पे। ठीक है? मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप जाओ और 1000 क्वांटिटी पे काम करो। आपको समझना है कि कांसेप्ट क्या है? किस तरीके से मार्केट के अंदर काम होता है। तो 1000 क्वांटिटी अगर मैं लेता हूं तो लगभग मेरे पास ₹3 लाख में इन्वेस्ट कर रहा हूं। बात समझ रहे हैं? ₹3 लाख इन्वेस्ट कर रहा हूं। ठीक है? अब प्राइस ब्रेकअप में जाते हैं। अब देखते हैं क्या होगा। अब मेरा पैसा कितना लग रहा है? ₹111 बेचने का लग रहा है। और खरीदने का देख लेते हैं कितना लग रहा है। ₹44 खरीदने का लग रहा है। तो मोटा-मोटा ₹155 मेरा लग रहा है। वापस कैलकुलेटर खोलते हैं और देखते हैं कि अगर मेरे पास 3 लाख की कैपिटल है और ₹155 मैं पे कर रहा हूं पर डे। 20 दिन पे करता हूं तो कितना पैसा जाता है? ₹3100 मल्टीप्लाई करो 12 महीने। 12 महीने में काम करता हूं। कितना जाता है? ₹3700 ₹3 लाख की कैपिटल में लेकर के आया था। तो ₹3 लाख की कैपिटल में 10 12% हुआ। तो अगर यह 10 12% की रेशो आती है, अब मैं कंफर्टेबल ज़ोन में हूं। ठीक है? अब मैं कंफर्टेबल ज़ोन में हूं। क्योंकि 10 12% से ज्यादा में नहीं दे सकता। तो इसलिए रिटेल ट्रेडर मार्केट में नहीं कमा पाता है। पहली बात तो स्ट्रेटजी नहीं पता। दूसरा यह नहीं पता कहां एंट्री लेनी है, कहां एग्जिट लेनी है। एंट्री एग्जिट ले भी लिया तो टारगेट बड़ा बुक करना है, छोटा बुक करना है, यह नहीं पता। तो, इतने सारे कॉम्प्लिकेशंस रिटेल ट्रेडर को आते हैं। इसलिए मार्केट में पैसा नहीं बना पाते। कैलकुलेशंस करिए। कितना देने वाले हो, कितना लेने वाले हो समझ में आएगा। तो अगर मैं इस स्ट्रेटजी से 35% 40% भी कमा लेता हूं तो भी दोस्तों मैं यह पैसा दे पाऊंगा ईजीली क्योंकि 12% चले जाएगा। कोई प्रॉब्लम मेरे को नहीं होने वाली। तो यही दोस्तों आपको समझना है। ठीक है? तो यह कैलकुलेशन कर लेना। साल भर में 10% 12% से ज्यादा नहीं जाना चाहिए। नहीं कर पाओगे सर्वाइव। इस चीज का ध्यान रखना। अब चलिए बात कर लेते हैं कि इसको कैसे हम प्रैक्टिकली इंप्लीमेंट करते हैं। ठीक है? तो यहां पर देखिए फायर्स में मेरे को एक बेनिफिट यह मिलता है। मुझे ना एक रीप्ले बटन मिलता है। बार रिप्ले बटन इस पे आपको आना होता है। तो आप एक बार इस पर आइए। अच्छा इसमें एक इंपॉर्टेंट चीज है। मैं आपको बता रहा हूं। वोलेटिलिटी आपको देखना है। उस स्टॉक के ऊपर आप ट्रेड नहीं कर सकते जो मार्केट के अंदर साइडवेज बना हुआ है। तो एक इंडिकेटर आपको यूज़ करना है। इंडिकेटर का नाम है एडीएक्स। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स मस्ट है कि यह डेली टाइम फ्रेम पे जो एटी एडीएक्स है वो 25 के ऊपर होना चाहिए। अगर वो 25 के ऊपर है तभी स्टॉक को कंसीडर करना नहीं तो मत करना। नहीं तो वो ट्रेंडिंग नहीं है। 25 से ऊपर होगा तभी ट्रेड लेंगे। ठीक है? तो अभी देखिए Vedanta 25 से ऊपर है। 28 के आसपास चल रहा है। मैं बिल्कुल यह नहीं कह रहा हूं कि आपको इसके ऊपर ट्रेड करना है। लेकिन इस तरीके के स्टॉक को आपको फाइंड करना है। ठीक है? तो आप देखिए मैं यहां पर रिप्ले में जाता हूं। रिप्ले में हम प्रैक्टिस कर सकते हैं अपनी ओआरबी की। ठीक है? तो मैं 5 मिनट का टाइम फ्रेम ले लेता हूं। ठीक है? सारी चीज हमने चेक कर ली और मैं फिलहाल पिछले चार्ट में मैं ये देखना चाहता हूं कि पुराने डाटा पे कब ये 25 से ऊपर था। तो अगर मैं यहां पर देखूं लगभग दिसंबर में दिसंबर टू जनवरी 25 से ऊपर चल रहा था। यह देखिए यह देखिए यह 25 से ऊपर देखिए इस पर्टिकुलर रेंज में एडीएक्स 25 से ऊपर था। तो यह स्टॉक सिलेक्शन मैं कर सकता हूं। इस पर्टिकुलर एरिया में मैं ट्रेड करने के बारे में प्लान करूंगा। ठीक है? तो अब एक बार हम रिप्ले में जाते हैं। तो रिप्ले में हम प्रैक्टिस कर सकते हैं। तो 5 मिनट का टाइम फ्रेम लिया है मैंने। तो सबसे पहले चार्ट को पीछे करते हैं और दिसंबर जनवरी का लगाते हैं। 2025 ठीक है और ठीक है। अब देखिए यहां पर मैं लगा लेता हूं। यह देखिए यह अब यह लग गया है। अब यहां से देखिए हम ट्रेडिंग अपनी प्रैक्टिस कर सकते हैं कि बेसिकली क्या है। देखिए ओआरबी करने से पहले जिस भी चीज के ऊपर आप ओआरबी कर रहे हो सबसे पहले बैक टेस्टिंग कर लेना दो-ती महीने का क्योंकि रिजल्ट आने में दो-ती महीने लग सकते हैं। आपको प्रॉफिटेबल होने में भी कई बार टाइम लगता है। कई बार वो ड्रॉडाउन आता है। रिकवरी बाद में आती है। तो आरबी करने से पहले बैक टेस्ट कर लो। चीजें काम कर रही है नहीं कर रही। मैनुअल बैक टेस्ट कर लो। थोड़ा टाइम लगेगा। देन उसके बाद आप करेंगे तो अच्छे रिजल्ट्स मिलने के चांसेस आपके हमेशा रहेंगे। तो एक काम करते हैं इसको थोड़ा सा प्ले करते हैं आगे। अब देखिए अब ये हमारा फ्रेश डे स्टार्ट हुआ है और उसकी पहली 5 मिनट की कैंडल बनी है। ठीक है? दूसरी कैंडल देखते हैं कहां बनी है। तीसरी कैंडल देखिए कहां बनी है। अब हम क्या करेंगे? मार्क कर लेंगे। इसका हाई मार्क कर लिया हमने। इसका लो मार्क कर लिया। जो चीज फर्स्ट ब्रेक करेगी वहां ट्रेड लेंगे। ठीक है? तो अब देखते हैं कहां ब्रेक होता है। तो एक कैंडल हम आगे बढ़ाते हैं। अब ये देखिए हमारा हाई ब्रेक हो गया। तो मैं क्या करूंगा? 1000 क्वांटिटी मैं बाय कर लूंगा। ठीक है? अब देखिए जो स्टॉप लॉस है वो मैं देख रहा हूं कहां बन रहा है। स्टॉप लॉस लगभग है 1% के आसपास। तो ठीक है। 1% के आसपास कोई बुरा नहीं है। क्योंकि इस पर्टिकुलर स्टॉक के अंदर 34% की मूवमेंट रहती है। तो 1% अगर मैं स्टॉप लॉस ले भी लूंगा तो कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि अगर 3% 4% ऊपर भाग गया तो मेरे को बड़ा पैसा मिलने वाला है। तो अब देखिए मैं इसको प्ले करता हूं। देखते हैं क्या रहता है। अब 3:00 बजे तक मैं इसको प्ले करूंगा। मेरा स्टॉप लॉस डिसाइडेड है। अगर वह आ गया तो मैं एग्जिट करूंगा। अब देखिए यह देखिए मेरा स्टॉप लॉस डिसाइडेड है। ऑलमोस्ट स्टॉप लॉस के पास आ गया है। ठीक है? अब यह देखिए ट्रिगर हो गया। तो मेरे को ₹2000 का नुकसान हो गया। अब यहां पर मेरी ट्रेडिंग बंद हो गई है। अब इसी तरीके से दोस्तों मैं इसको आगे प्ले करूंगा। इसको यहां छोड़ दूंगा। मैं फालतू इसमें दिमाग नहीं लगाने वाला क्योंकि आज मेरा काम हो चुका है। एक दिन में एक ट्रेड मैक्सिमम। ठीक है? अब नेक्स्ट डे आ गया। देखिए पहली कैंडल हमारी फॉर्म्ड हो गई है। वो आप देख रहे हैं। सेकंड फॉर्म्ड हो गई है। तीसरी फॉर्म्ड हो गई है। मैं वेट कर रहा हूं इस तीन कैंडल का हाई ब्रेक हो जाए या लो ब्रेक हो जाए। जो चीज़ फर्स्ट ब्रेक होगी, मैं ट्रेड में जाऊंगा। तो, यहां पर देखिए, हम इसको प्ले करते हैं। यह देखिए, यह प्ले कर यह देखिए। अब देखिए इसका हाई ब्रेक हुआ है। ठीक है? हाई ब्रेक हुआ है तो हम यहां पर इसको बाय कर रहे हैं। अब यहां पर इसको प्ले करते हैं। देखते हैं क्या रहता है। ठीक है? अब यह देखते हैं पूरे दिन क्या मोमेंटम रहता है इसमें। चलिए 3:00 बजे के आसपास ट्रेड को ओवर कर देंगे। 2:00 बजे है 3 ठीक है? तो 3:00 बजे के आसपास दोस्तों हम आ गए हैं और यहां दोस्तों हमारा ट्रेड क्लोज हो गया। तो जो पिछले दिन हमने नुकसान करा था ऑलमोस्ट पूरे नुकसान की भरपाई हो चुकी है। सिर्फ ₹80 बचा है। ठीक है? सेम चीज हम अगले दिन दोहराते हैं। एक दो तीन कैंडल दोस्तों फॉर्म्ड हो गई है। अब यह देखिए। अब या तो हाई ब्रेक हो या चाहे लो ब्रेक हो। यहां देखते हैं क्या होता है। तो देखते हैं। ठीक है? लो ब्रेक हुआ तो हम शॉर्ट करेंगे। ठीक है? के शॉर्ट कर दिया। हमारा स्टॉप लॉस डिसाइडेड है ओआरबी के ऊपर। बहुत बड़ी कैंडल नहीं बनी है। बहुत बड़ी बनी होती तो हम एटीआर का 2x लेते। तो अब देखते हैं क्या होता है। अब देखिए हम प्रॉफिटेबल आ गए। 1000 पे प्रॉफिटेबल है। तीन दिन हमने ट्रेड करा है। देखते हैं आज के दिन क्या रहता है। 2600 हम प्रॉफिटेबल है। और हमारा रूल बड़ा सिंपल है जो हमने रखा हुआ है। वही 3:00 बजे के आसपास हम ट्रेड को काट देंगे। प्रॉफिट मार्केट डिसाइड करती है। हम डिसाइड नहीं करते कि कितना देना है। ठीक है? 3 बज गए। ठीक है? ₹1600 का दोस्तों प्रॉफिट आ गया। ठीक है? तो जो एक दिन लॉस हुआ था, एक दिन रिकवर हो गया, दूसरे दिन प्रॉफिट आ गया। समझ में आ गया? ओआरबी कैसे करते हैं? स्टॉक सेलेक्शन कैसे करते हैं? किन स्टॉक को चूज़ करना होता है। बड़ी कैंडल बन जाए तो क्या करते हैं? ओवर ट्रेड नहीं करना होता। ब्रोकरेज कैलकुलेट करनी होती है। कितना लगने वाला है? 10% साल का लगने वाला है तो मैं कंफर्टेबल हूं। अदरवाइज़ मैं कंफर्टेबल नहीं हूं। तो इतना दोस्तों आपको करना है। ओआरबी में सक्सेसफुल आप हो सकते हो। जिस भी स्टॉक पर ट्रेड करने वाले हो मैनुअल बैक टेस्ट कर लो। थोड़ी मेहनत कर लो। चीजें क्लियर हो जाएंगी। काम करना आसान हो जाएगा। तो मैं आपको यही सजेस्ट करता हूं। अच्छे से ट्रेड करें। सोच समझ के ट्रेड करें। बेमतलब के ब्रोकरेजेस एंड ट्रांजैक्शन कॉसिस्ट बिल्कुल मत दीजिए। मिलता हूं दोस्तों नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए गुड बाय। गॉड ब्लेस यू। बाय दोस्तों।

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