Full transcript (5703 words)
गाइस कैसा हो अगर मैं आपको बोलूं कि मार्केट आज जो मर्जी कर ले लेकिन जैसे ही इस ग्रीन लाइन पे आएगा ना तो एक बहुत स्ट्रांग सपोर्ट रिजेक्शन जरूर दे सकता है। चार्ट को आगे प्ले करते हैं और देखते हैं मार्केट ने वैसा किया है या फिर नहीं किया है। मार्केट ने दिन भर जो मर्जी किया लेकिन जब इस ग्रीन लाइन पे आया जो हमने ड्रॉ करी हुई थी। मार्केट ने एक बहुत स्ट्रांग पुलबैक यहां से देने की कोशिश करी। अब बहुत सारे लोग यह भी बोल सकते हैं कि भाई चार्ट बनने के बाद कोई भी प्रिडिक्ट कर सकता है एक लाइन ड्रॉ करने में कितनी ज्यादा मेहनत लग रही है। बिल्कुल सही बात आप बोल रहे हैं। लेकिन अगर मैं लाइन के ऊपर यह इंडिकेटर लगा दूं तो ये लाइन मैंने उसी इंडिकेटर के सपोर्ट लेवल पर ड्रॉ करी थी जो चार्ट पर पहले ही ड्रॉ हो जाता है। ये जो इंडिकेटर है इसको बोलते हैं सीपीआर प्लस पिवट [संगीत] पॉइंट। और यह मार्केट में वह लेवल्स बता देता है मैथमेटिकल सपोर्ट और रेजिस्टेंस के जहां पर मार्केट स्ट्रांग रिजेक्शन या फिर स्ट्रांग ब्रेकआउट और ब्रेकडाउन दे सकता है। और आप देखना चाहेंगे तो एक बार यहां पर, एक बार यहां पर, एक बार यहां पर इवन जब मार्केट फॉल भी कर रहा है ना, तो बहुत बड़े-बड़े फॉल उन्हीं लाइन से रेजिस्टेंस लेकर के कर रहा है। अब आप बोलेंगे कि जब हम सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस यूज़ करते हैं और हमें आता है यूज़ करना, तो हम यह वीडियो क्यों देखें? [संगीत] क्योंकि गाइज़, यह कोई नॉर्मल सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस इंडिकेटर नहीं है। यह इंडिकेटर मैथमेटिकल सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस लेवल्स क्रिएट करता है जो फ़ूले से डिराइव होते हैं। आपने बहुत बार सुना होगा राइट कि यूनिवर्सल लैंग्वेज मैथमेटिक्स होती है। तो ट्रेडिंग की भी जो एक लैंग्वेज है ना वो मैथमेटिक्स है। अगर आपको मैथमेटिकल बेस्ड काम करना आ गया तो बहुत हद तक आपकी एक्यूरेसी और प्रिसिजन इंप्रूव हो जाता है। लेकिन इस चीज को बहुत कॉम्प्लिकेटेड दिखाने की कोशिश मैं नहीं करूंगा। बल्कि मैं इस वीडियो के अंदर आपको स्टेप बाय स्टेप इस पूरे ट्रेडिंग सिस्टम का एक ब्रेकडाउन देने वाला हूं। यह इंडिकेटर चार्ट पे कैसे लगाना है? वहां से भी मैं शुरू करूंगा और धीरे-धीरे करके कि इस पर जो पिवट लेवल्स हैं, इस पर जो सीपीआर है, पहले तो वो होता कैसे है? वो किस फार्मूले से बनता है और फिर आगे जाकर के कि उस पर आपको बायस किस तरीके से बनाना है, कब उस पर बाय करना पड़ता है, कब उस पर सेल करना पड़ता है एंड फाइनली उस पर एक प्रॉपर स्ट्रेटजी जिसको हम बना करके मार्केट में अप्लाई भी कर सकते हैं, बैक टेस्ट भी कर सकते हैं और साथ में फ्रंट टेस्ट भी कर सकते हैं। तो, यह सारी की सारी शंका आज आपकी इसी वीडियो में दूर होने वाली है। बिना समय गवाए आइए डाइव इन करते हैं एंड लेट्स गेट स्टार्टेड। तो गाइस, आई हैव बीन यूजिंग दिस इंडिकेटर और ट्रेडिंग सिस्टम फॉर मेनी मेनी इयर्स। मैं बहुत जब शुरू में भी ट्रेडिंग आज से आठ साल पहले जब मैंने स्टार्ट करी थी, तो मैंने ये वहां पे से भी स्टार्ट किया यूज़ करना। मेरे को सीपीआर पसंद तो आता था लेकिन धीरे-धीरे करके इसकी कॉम्प्लेक्सिटीज को मैंने खत्म किया। क्योंकि शुरू में जो बंदा देख रहा है ना वो चार्ट पे देख के उसे ऐसा लगता है कि भाई नासा का टर्मिनल बना दिया है। तो वैसा नहीं है। इसलिए मैं बहुत सिंपल इसको ब्रेकडाउन करूंगा। पहले मैं चार्ट से इसको हटा ही देता हूं। और फिर इसके एडवांस लेवल तक भी हम जाएंगे। यह मत घबराइएगा कि मैंने अगर सोलाना का चार्ट लगाया हुआ है या फिर मैंने अगर गोल्ड का चार्ट नहीं लगाया या मैंने निफ्टी का नहीं लगाया। आप इसको कहीं पर भी यूज कर सकते हैं। सेम सिस्टम आपका हर जगह यूज़ होता है बिकॉज़ इट इज अ प्राइस एक्शन स्ट्रेटजी और प्राइस एक्शन सिस्टम। तो सबसे पहले ना जैसे इंडिकेटर आपको कैसे लगाना है? इंडिकेटर पे आप आ जाइए। ट्रेडिंग व्यू पे है ये। ये फ्री इंडिकेटर है। आप लिखेंगे सीपीआर विद पवॉट लेवल्स। तो इस तरीके से ये फर्स्ट वाला जब आप क्लिक करेंगे तो ये यहां पे आपका आ जाएगा इस तरीके का। अब जैसे ही आप लगाएंगे थोड़ा सा घबराहट होती है कि भ क्या है? कौन सा लेवल यूज़ करें? कौन सा ना करें? ये तो मैं मैनुअली भी बना लेता। लेकिन नहीं दोस्तों इस पर ना कुछ लेवल्स बंद कर देते हैं। एक तो S3 और R3 बंद कर देते हैं और फिलहाल नीचे के ये तीन लेवल्स भी बंद कर देते हैं। इनका यूज़ क्या है और क्या नहीं है वो भी बताता हूं। सबसे पहले गाइस ये लेवल्स हैं क्या? देखो अभी जो चार्ट पर लेवल्स आपके बचे हुए हैं ना उनको बोलते हैं गाइस पिवट लेवल्स। अब ये पिवट्ट लेवल्स होते क्या है? देखिए गाइस पिवट लेवल्स आर नथिंग बट सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस। सपोर्ट और रेजिस्टेंस ही होते हैं। लेकिन ये मार्केट में जो बनते हैं ना ये ऑटोमेटिक बनते हैं। इसको मैकेनिकल जरूरत नहीं है कि भ आदमी को बनाने पड़ेंगे डेली उठ के। खुद से बनते हैं और फार्मूला से बनते हैं। जैसे पिछले दिन के प्राइस एक्शन में क्या हाई बना, क्या लो बना और क्या क्लोज बना। इन तीनों को जब आप कंबाइन करते हो और एक फार्मूला के अंदर डालते हो तो आपको पिवट लेवल्स मिल जाते हैं। सिंपल एज दैट। ये इसका फार्मूला है। हमें याद रखने की जरूरत नहीं है। बट जस्ट बिकॉज़ आपको डिटेल में नॉलेज चाहिए होती है और जाननी भी चाहिए चीजों को ताकि आप उसको जब यूज़ कर रहे हो आपको हर चीज पता हो। तो ये इस फॉर्मूले से डिराइव होते हैं। बट इंडिकेटर बना हुआ है। तो फार्मूला लगाने की जरूरत नहीं है। अब जो ऊपर के लेवल्स हैं वो ऑब्वियसली रेजिस्टेंस होंगे। जो पहला बनता है रेजिस्टेंस उसको R1 बोलते हैं। जो दूसरा बनता है उसको R2 बोलते हैं। इस पर R3 भी बन सकता है। R3 भी आप बना सकते हो। यूज़ कर सकते हो। बट अभी मैंने ऑफ किया हुआ है। रीज़न बीइंग क्योंकि इंट्राडे पे हमें R3 और S3 की इतनी जरूरत होती नहीं है। बहुत दूर होते हैं। तो R3 को मैं अभी हटा दूंगा। तो R1 ये वाला हो गया। R2 ये वाला हो गया। नीचे क्या होगा? सपोर्ट होगा। तो पहला सपोर्ट हो जाएगा S1 दूसरा सपोर्ट हो जाएगा S2। सिंपल ये पिवट लेवल्स S1, S2, R1, R2 आपके रेजिस्टेंसेस और सपोर्ट होते हैं। बनते कैसे हैं? पिछले दिन के हाई, लो और क्लोज के फॉर्मूले से। अब बाकी का इंडिकेटर भी हम ऑन कर लेते हैं। इस पर तीन लेवल्स और हैं। पीपी, सीआर और सीएस। और फिलहाल के लिए अब मैं यह पिवट लेवल्स बंद कर देता हूं। अब देखिए ये जो बीच का जो ये पार्ट मैंने ऑन किया ना ये तीन डंडियां जो मैंने ऑन करी ये तीन डंडियां ना अलग-अलग नहीं है। ये एक ही तरीके का बॉक्स है आप ये मान लो। और इसी बॉक्स को हम बोलते हैं सीपीआर। अब ये सीपीआर किस खेत की मूली है भाई? ऊपर वाले तो पिवट लेवल्स हो गए। उनका यूज़ केस भी बताता हूं इसके बाद। लेकिन ये सीपीआर क्या होता है? गाइज़ सीपीआर होता है सेंट्रल पिवट रेंज। यह भी बिल्कुल एक फ़ूले से बनता है। बट इसका फार्मूला थोड़ा सा और ज्यादा इंप्रूव्ड और और ज्यादा डीप हो जाता है। हालांकि हमें वह भी याद करने की जरूरत नहीं है। वह भी हम इंडिकेटर से ही कर लेंगे। बट इसका फार्मूला भी पिछले दिन के प्राइस एक्शन से ही डिराइव होता है। सबसे खूबसूरत चीज क्या होती है? जैसे ही मार्केट खत्म होता है और पहला कैंडल स्टार्ट हो जाता है अगले दिन का, तो यह पूरा सीपीआर चार्ट पर आ जाता है और उसके बाद हिलता नहीं। तो इंडिकेटर यूज़ करते टाइम क्या प्रॉब्लम्स आती थी कि भाई इंडिकेटर लैगिंग होता है। मूविंग एवरेज अभी ऊपर की तरह बोलता था। अभी नीचे हो जाता है। मतलब बहुत जल्दी ग्रिड की तरह रंग बदल देता है। लेकिन यहां पर ऐसा नहीं होगा। एक बार सीपीआर बन गया तो बन गया। अब सीपीआर के गाइज़ ध्यान से सुनना। तीन लेवल्स होते हैं। ठीक है? एक होता है टॉप पिवट। ठीक है? सबसे ऊपर वाला पवट, एक होता है पवट पॉइंट में यानी कि मिडिल पिवट जो मेन पिवट होता है इसका। ठीक है? और एक होता है बॉटम पिवट। ठीक है? तो, इन तीनों को मिलाकर के आपका बन जाता है सीपीआर यानी कि सेंट्रल पवट रेंज। यह मार्केट का सबसे स्ट्रांग ज़ोन है। मार्केट का सबसे मैग्नेटिक ज़ोन है। मीन रिवर्सल ज़ोन है। और बहुत ज्यादा मैं बोलूंगा बयर और सेलर की फाइट का ज़ोन। सर अगर सीपीआर है हमारे पास रिवर्सल के लिए, ब्रेकआउट के लिए तो हमें पिवट पॉइंट्स क्यों लगाने पड़ते हैं? ये बहुत अच्छा क्वेश्चन हो सकता है। देखिए सीपीआर और पिवट पॉइंट्स जब हम साथ में मिलाते हैं तो स्ट्रेटजी और ज्यादा पावरफुल हो जाती है। सीपीआर को आप इस तरीके से समझ लीजिए कि सीपीआर भी सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस ज़ोन की तरह एक्ट करता है। बल्कि सबसे ज्यादा स्ट्रांग सपोर्ट और सबसे ज्यादा स्ट्रांग रेजिस्टेंस सीपीआर पे ही मिलता है। लेकिन सीपीआर ना आप समझो कि एक सरपंच है पंचायत का। आप सरपंच को बिल्कुल मान देंगे। लेकिन बाकी के लोग जब तक नहीं बैठेंगे तो फिर सरपंच सुनाएंगे किसे? तो यहां पर सबसे मेजर डिसीजन होगा लेकिन बाकी लोगों की भी रिक्वायरमेंट है ताकि आपका पूरा का पूरा सिस्टम क्रिएट हो। तो यहां पर सीपीआर क्या हो जाता है? आपका मीन ज़ोन जहां पे से मार्केट में मेजर पुश मिलेगा हमें। लेकिन जो हमें रिवर्सल्स या ब्रेकआउट्स कभी-कभी ट्रेड करने हैं वो हमें इन पिवट्स पे जाकर के मिलेंगे। अब आगे जाकर के हम कभी जरूर पढ़ेंगे कि पिवट्स का भी क्या क्लासिफिकेशन हो जाता है। पिवट में स्टैंडर्ड पिवट होते हैं, फिबोनाची पिवट होते हैं। बट आप फिलहाल के लिए नॉर्मल वाले भी यूज़ करोगे तो कोई दिक्कत नहीं आने वाली। आपको चीजें समझा दी है मैंने कौन सी क्या चीजें। अब मैं सारा इंडिकेटर ऑन कर देता हूं। तो आई थिंक आपको अब देखने में प्रॉब्लम नहीं होगी और सब चीजें समझ में आ जाएंगी। ठीक है? तो आप देख रहे हो बीच वाला जो ज़ोन हो गया वो CPR हो गया। नीचे वाले आपके S1 और S2 हो गए। ऊपर वाले R1 और R2 हो गए। बस ये इंडिकेटर हमें चार्ट पर लगाना है। और अगर आप इतने तक लगा चुके हैं तो अब आपको बस ये समझना है कि इनको यूज़ कैसे किया जाता है। अब सबसे पहले यूज़ करने के लिए सीपीआर की एक चीज हमें और समझनी पड़ेगी कि सीपीआर ना तीन चीजों से मिलता है। तीन डंडियों से बनता है। टॉप पवट, मिडिल पिवट और बॉटम पवट। ये आपने सीख लिया। लेकिन ये डंडियां ना विड्थ में चेंज होती रहती हैं। कई बार सीपीआर चौड़ा बन सकता है, वाइड बन सकता है और कई बार बहुत पतला बन सकता है। अगर आपको समझना है सीपीआर को और डिटेल के अंदर कि भाई सीपीआर के और मैकेनिक्स और और ज्यादा डिटेल्ड इबोरेशन को तो मैंने यह वाली वीडियो के अंदर और डिटेल में बता रखा है। इसके बाद जाकर के जरूर यह वाली देख लेना। फिलहाल के लिए अभी हम क्या समझ रहे हैं कि हमने इनको कंबाइन करके कैसे अपना बायस बनाना है और इसको मार्केट में हम अपनी स्ट्रेटजी के अंदर इनकर्पोरेट भी कर सकते हैं। तो दोनों को कंबाइन करके और स्ट्रेटजी बनाने से पहले सीपीआर का एक औरेंस आपको समझना पड़ेगा कि सीपीआर ना पिवट पॉइंट की तरह सिंगल लाइन तो नहीं है। ये ना तीन लाइनों से बनता है। तो तीन लाइनें थोड़ी चौड़ी भी बन सकती है आपस में और थोड़ी पतली भी बन सकती हैं। तो इनको सेम तरीके से ट्रेड करना और सेम समझना ये सबसे बड़ी गलती हो जाती है। तभी जाकर के जब हम इन्हें कंबाइन करेंगे ना और आप यूज़ करोगे तो आपकी स्ट्रेटजी और ज्यादा पावरफुल होगी। देखो सीपीआर को तीन तरीके से समझा जाता है। जब सीपीआर वाइड बने तो आपको ये समझना है कि उस दिन स्ट्रांग सपोर्ट और स्ट्रांग रेजिस्टेंस मार्केट को मिलेंगे। मान लो मार्केट ऊपर से नीचे आ रहा है तो इस पर टकर करके मार्केट बहुत स्ट्रांग सपोर्ट लेगा। इसको तोड़ना मुश्किल है। सीपीआर नैरो है ना दुबला पतला है तो इसको तोड़ना आसान है। फॉर एग्जांपल अगर कोई हट्टाकट्टा आदमी आपकी आकर के गाड़ी ठोक दे तो आप अचानक से उसके लिए गालियां नहीं निकालते। पहले आप आदमी की शक्ल देखते हो, शरीर देखते हो, कद काटी देते हो, फिर बोलते हो अरे भाई साहब आपने क्या कर दिया? वहीं अगर कोई छोटा बच्चा अपनी साइकिल लगा दे और मतलब आपको लग रहा है कि यार इसको तो मैं अच्छे से निपटा दूंगा तो आप उसके साथ हो सकता है अपनी टोन भी बदल दो। आप नहीं बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं आपने देखा होगा जनरली ऐसा चलता है। अपने ऊपर मत लीजिएगा। वो मार्केट में भी चलता है। जिस दिन दुबला पतला सीपीआर है ना देखो तो इसकी इज्जत ही नहीं हुई। लेकिन जिस दिन मार्केट में स्ट्रांग सपोर्ट और स्ट्रांग वाइड सीपीआर बन रहा है उस दिन मार्केट में कोशिश मतलब लग जाएगी पूरे प्राइस को इसको तोड़ने के लिए लेकिन फिर भी हो सकता है कि वो ना तोड़ पाए। यहीेंस होती है सीपीआर के विड्थ की। अब एक ऐसी चीज जो हो सकता है अगर आप बहुत डिटेल में सीपीआर को समझते तो ही इस पर काम कर पाएंगे। ये आपको किसी किताब में भी हो सकता है मिले या ना मिले। मैंने खुद फाइंड आउट किया है इसको। अपनी पास्ट स्टडीज में जब मैंने सीपीआर पे काम करना शुरू किया था। लेकिन एक चीज है कि ये आपको क्रिप्टो में बनता हुआ बहुत कम दिखेगा। ये आपको निफ्टी साइड ज्यादा दिखेगा। जैसे सीपीआर बनता है। अब वो चाहे वाइड है, चाहे वो नैरो है। कई बार प्राइस इसको बिना टच करे एक मोमेंटम दे देता है। लेकिन सीपीआर की तो वैल्यू है बिकॉज़ सीपीआर एक मीन रिवर्सल है। मतलब मार्केट में उसकी वो सरपंच साहब है। राइट? तो अब सरपंच साहब को आगे भी काम में लिया जाएगा। मान लीजिए अगर यहां पर सपोर्ट नहीं मिला ना इस दिन तो यह वाला बॉक्स आप आगे जाकर के ऐसे रेक्टेंगल की तरह एक्सटेंड कर देना और अगर कभी मार्केट आता है ना इस ज़ोन में तो मार्केट जरूर यहां से एक सपोर्ट देगा ही देगा मोस्ट ऑफ द केसेस में। क्यों देगा? क्योंकि इसको बोलते हैं वर्जिन सीपीआर। ठीक है? सीपीआर अगर एक दिन नहीं वर्क किया है किसी सपोर्ट पे या रेजिस्टेंस पे और वो टच नहीं हुआ है। तो अगर हो सकता है आने वाले कुछ दिनों में यह भी जल्दी हो जाना चाहिए। ऐसा नहीं कि भ आप एक साल बाद देख रहे हैं। अगर आने वाले एक से दो दिन में अगर प्राइस उसी ज़ोन में आता है जो सीपीआर के लेवल्स बने थे तो मार्केट हो सकता है वहां से अच्छा सपोर्ट या फिर रेजिस्टेंस ले ले। ये चीज भी आपको याद रखनी है। अब आपने ना डिटेल्स में बेसिक्स को समझ लिया कि सीपीआर क्या होता है? पिवट पॉइंट क्या होता है। लेकिन अब टाइम आ चुका है इन दोनों को कंबाइन करने का कि भ कौन से पॉइंट से एग्जैक्टली हम बाय करेंगे? कौन से पॉइंट से एग्जैक्टली हम सेल करेंगे। लेकिन बाय और सेल करने के लिए एक इंपॉर्टेंट चीज की नीड होती है व्हिच इज ब्रोकर। एंड ये जो 60 सेकंड्स अब मैं आपके लेने वाला हूं और जो आपको वैल्यू दूंगा ये सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्योंकि लोग क्या करते हैं ट्रेडिंग सीख जाते हैं और ब्रोकर गलत चूज़ करते हैं। उसकी वजह से उनका पैसा हमेशा कहीं ना कहीं फंसा रहता है और वो ना मेंटल पीस में ट्रेडिंग नहीं कर पाते। मैं जिस ब्रोकर पे ट्रेड करता हूं मैं आपको बता देता हूं। मैं वन ऑफ दी बेस्ट ब्रोकर्स इन इंडिया शार्क एक्सचेंज पे ट्रेड करता हूं। अभी भी मेरा एक लाइव ट्रेड चल रहा है जो लगभग ₹30,000 का प्रॉफिट अभी लाइव में मुझे चल रहा है। ठीक है? मैंने आपके सामने ही ओपन किया है। अब ये जो ब्रोकर है ये सबसे पहली चीज ये एफआईयू रजिस्टर्ड है। जभी भी आप क्रिप्टो ट्रेडिंग करने जाओगे आपको बहुत सारे ऑप्शंस मिलेंगे। कुछ आपको ल्यअर करेंगे कि भाई हम छोटे-मोटे चार्जेस लेकर के करवा देंगे। कुछ आपको कुछ बोलेंगे कुछ बोलेंगे। सबसे पहली चीज आपको चेक करना है कि मैं एफआईयू रजिस्टर्ड ब्रोकर पे ट्रेड कर रहा हूं या नहीं कर रहा हूं। एफआईयू रजिस्टर्ड क्या होता है? देखिए क्रिप्टो ट्रेडिंग इंडिया में इतनी ज्यादा स्ट्रिक्ट क्यों होती जाती है? मैं आपको बताता हूं रीज़न बिकॉज़ लोग ना क्रिप्टो के थ्रू मनी लॉन्डर कर देते हैं। इसीलिए ट्रेडर्स को प्रॉब्लम ना हो। एफआईयू यानी कि फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट मॉनिटर करती है ब्रोकर्स को कि कहीं यहां पर ऊपर नीचे के काम तो नहीं हो रहे। तो अगर आपके ब्रोकर के पास एफआईयू रजिस्टर्ड सर्टिफिकेशन है इसका मतलब वो कॉन्फिडेंटली लीगली काम कर रहे हैं। जिसके पास नहीं है उसका मतलब कुछ धांधलेबाजी चल रही है। तो शार्क एक्सचेंज इज वन ऑफ द एफआयू रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स इन इंडिया जिस पर मैं ट्रेड करता हूं और मेरी पूरी कम्युनिटी यहां पर ट्रेड कर रही है। आप अगर नीचे के लिंक से अकाउंट ओपन करवाते हैं तो आपको क्या मिलने वाला है? यह हमारी प्राइवेट क्रिप्टो कम्युनिटी है और आप देखेंगे इस पर मैंने एग्जैक्टली अभी ये ट्रेड डाला हुआ था कि मैंने कहा बेस्ट प्राइस फॉर पोजीशनल ट्रेडर्स टू एंटर शॉर्ट ऑन इथेरियम। आप देखेंगे उस टाइम मेरा ट्रेड चल ही रहा था। स्टार्ट ही हुआ ब्रेक इवन पे था और अभी आप देखेंगे ₹30,000 का प्रॉफिट चल रहा है यहां पर आपके सामने। अगर आप भी मेरे सारे ट्रेड्स देखना चाहते हैं जो मैं अभी आगे अपनी स्ट्रेटजी सीपीआर बेस पे देता हूं। पोजीशनल बेस पे देता हूं। तो नीचे से जो भी आपको डिस्क्रिप्शन में प्रोसेस मिल रहा है शार्क एक्सचेंज पर अकाउंट ओपन करवा लेना। स्टेप नंबर वन, स्टेप टू अपनी बेसिक केवाईसी आप करवा लेना। स्टेप थ्री बेसिक फंड ऐड करके एक से दो छोटे-मोटे ट्रेड मार लेना। जब आप यह प्रोसेस कंप्लीट कर लेंगे ना तो आपको नीचे ही एक डिस्क्रिप्शन में लिंक मिलेगा Telegram बॉट का। आप उस पर जाइए अपनी प्रोफाइल में जाइए यहां पर पर्सनल इंफॉर्मेशन में। यह आपकी यूजर आईडी आ जाएगी। यहां पे मैंने अभी थोड़ा हाइड करी हुई है। आप शो सेंसिटिव इनफो करेंगे आपकी यूजर आईडी आ जाएगी। इसको आप डालिए Telegram बॉट पे और वहां से आपको आ जाएगा हमारी कम्युनिटी का लिंक जिससे आप आ करके हमारे साथ फ्री ऑफ कॉस्ट ये सारे के सारे ट्रेड्स देख सकते हैं और अगर आपको ट्रेड्स लेने भी हैं तो उन्हें भी ले सकते हैं। लेट्स गेट बैक टू द टॉपिक। अब गाइज़ बहुत सारी चीजें क्लियर हैं। सीपीआर क्या होता है? पवॉट पॉइंट क्या होता है? और कौन से ब्रोकर पे हमें ट्रेड करना है। लेकिन अब ट्रेड लेना कहां पर है एग्जैक्टली? उससे पहले आपको एक चीज़ समझनी है कि बायस कैसे बनता है? बायस इज़ कि मतलब अगर मार्केट मान लो कहीं पर खुला है तो आप कैसे पता लगाओगे कि आज मुझे बाइंग साइड ज्यादा तगड़ा मूव मिलेगा या सेलिंग साइड। अगर यह भी डिसाइडेड नहीं है तो आप ट्रेडिंग नहीं कर रहे हो। फिर तो आप गैंबलिंग कर रहे हो। यह सीपीआर से बहुत ईजीली डिसाइड हो जाता है। आपको क्या करना है? सीपीआर के ना गाइस अगर प्राइस ऊपर ओपन होता है स्टेप नंबर वन तो उस दिन आपका सेलिंग का बायस नहीं होना चाहिए। क्यों नहीं होना चाहिए? बिकॉज़ सीपीआर ना एक बहुत स्ट्रांग सपोर्ट और एक बहुत स्ट्रांग रेजिस्टेंस प्रोवाइड करता है। अगर प्राइस ऊपर खुल रहा है, इसका मतलब प्राइस ऑलरेडी एक बुलिश स्टांस में है। यानी कि पीछे कुछ ऐसा हुआ है कि सीपीआर यहां बना है और उसके ऊपर प्राइस खुला है। तो यानी कि अगर प्राइस सीपीआर के ऊपर है तो आपका एक बायस होगा वो क्या होगा कि मुझे आज बुलिश साइड के ट्रेड्स लेने हैं। देखो आप ऑब्वियसली बियरिश साइड के भी पकड़ सकते हो। लेकिन शुरू में जब आप एक बिगिनर हो ना आप दोनों दिशाओं का प्लान करके जाओगे तो एक भी दिशा सक्सेसफुली नहीं पकड़ पाओगे। तो आपको सीपीआर के ऊपर जब प्राइस ओपन है ना तो सिर्फ ध्यान किस साइड देना है? बुलिश साइड। मार्केट यहां से 1000 पॉइंट टूट जाए कोई प्रॉब्लम नहीं है। जाने दीजिए मार्केट को। लेकिन जब आपको यहां पर सीपीआर पे मार्केट मिलेगा ना, आपको बहुत स्ट्रांग सपोर्ट मिलेगा और आपको बुलिश साइड के ट्रेड्स बहुत अच्छे परफॉर्म करते हुए मिलेंगे। इसका उल्टा अगर प्राइस सीपीआर के नीचे खुला है तो आप क्या करेंगे? आप बियरिश स्टंस बना करके मार्केट में बैठेंगे। यानी कि जभी भी प्राइस सीपीआर के नीचे है तो आप उस दिन बुलिश बाय करने का नहीं सोचेंगे। चाहे मार्केट फिर यहां से 5000 पॉइंट चला जाए। क्योंकि होगा एक दिन ऐसा होगा जिस दिन आपको लगेगा कि काश मैं बाय करता नीचे मार्केट खुला है और ऊपर जाते वक्त मेरे को प्रॉफिट बन जाता लेकिन वही दिन आपके 100 दिन भी खराब करता है। तो आपको हमेशा सबसे पहले क्या करना है? स्टेप वन अपना बायस बनाना है। अगर बायस स्ट्रांग नहीं होगा डिसिप्लिन नहीं होगा तो यह स्ट्रेटजी ऑटोमेटिकली फेलियर की तरफ जल्दी चली जाएगी। तो स्टेप नंबर वन अपना बायस बनाइए। दूसरी चीज मार्केट सिर्फ सीपीआर के ऊपर जब खुलता है ना तो इट्स नॉट इनफ कि मुझे बाय कर देना चाहिए। कई लोग क्या करेंगे? जैसे ही सीपीआर के ऊपर खुला वो बाय कर देंगे। ये सबसे बड़ी मिस्टेक है। आपको वेट करना है मार्केट में पुलबैक का। अब ये पुलबैक क्या होता है? इसको मैं थोड़ा सा साइड में आपको समझा देता हूं। आप ना कुछ भी यूज़ करते हो, चाहे आप एसएमसी यूज़ कर लो, ICT यूज़ कर लो, सब चीजें डिराइव होती हैं प्राइस एक्शन से। प्राइस का दोस्तों, एक नेचर होता है। मार्केट अगर ऊपर की तरफ जा रहा है ना, तो सिर्फ यह हरी झंडी लेकर के नहीं जा सकता। बीच-बीच में इसको हिचगोले खाने पड़ेंगे। मार्केट इस तरीके की पहाड़ी बनाता है। इसको बोलते हैं पुलबक। फिर यहां से दोबारा स्ट्रेंथ आएगी तो मार्केट यह हाई ब्रेक करेगा। अब दोबारा एक पहाड़ी बनाए। फिर मार्केट में स्ट्रेंथ आएगी तो हाई ब्रेक करेगा। यानी कि मार्केट एक हायर हाई और हायर लो का पैटर्न ज़रूर बनाता है और यही मार्केट को ऊपर की तरफ लेकर के जाता है। अब कुछ लोग इसको ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर से चेंज ऑफ करैक्टर से भी देखना शुरू करेंगे बट सब कुछ प्राइस एक्शन से डिराइव होता है। नीचे की साइड मार्केट इस तरीके का स्ट्रक्चर बना के जाएगा और यह मार्केट का ऐसा स्ट्रक्चर है जो चेंज नहीं हो सकता। आप अगर चार्ट पे भी देखना चाहोगे तो अब आपको दिख रहा है कि मार्केट अगर जब नीचे जा रहा है तो किस तरीके से जाता है मार्केट? मार्केट अपने ही स्ट्रक्चर को फॉलो करके जाएगा और जब मार्केट ऊपर की साइड जाता है तो भी मार्केट अपने स्ट्रक्चर को फॉलो करके जाएगा। तो आपको हमेशा ना मार्केट में पुलबैक पे नीचे के पुलबैक अगर ऊपर अगर सेल करना है तो बुलिश पुलबैक चाहिए और बाय करना है तो बियरिश पुलबक चाहिए। अब यह पुलबैक कहां तक आएगा वो हम देखेंगे अपने सीपीआर लेवल पे। इस पर ना दो तरीके होते हैं। एक होता है डिफेंसिव तरीका, एक होता है एग्रेसिव तरीका। जो थोड़े से ना ट्रेडर्स ऐसे हैं जिनको यह लगता है कि मुझे आई जस्ट वांट टू बी वेरी परफेक्ट इन माय ट्रेडिंग। मुझे स्टॉप लॉस नहीं लेना है या फिर मैं दिन में सिर्फ एक ट्रेड पर काम करना चाहता हूं। वो थोड़ा सा डिफेंसिव खेलेंगे। अभी मैं दोनों को सेग्रगेट कर दूंगा। और जो बंदे थोड़े से अग्रेसिव हैं, जो कुछ ट्रेड्स ले सकते हैं, जिनका पोज़शन साइजिंग थोड़ा बेटर रहता है, दो से तीन ट्रेड्स पे दिन पे काम कर सकते हैं। वह इस वाले एग्रेसिव सेटअप पे काम करेंगे। अब दोनों सेटअप्स क्या है देख लीजिए। जब प्राइस ऊपर है, बुलिश स्टांस पुलबक हुआ, स्टार्ट करेंगे बाइंग करना। लेकिन अगर मार्केट सीपीआर के ऊपर एक ग्रीन कैंडल की क्लोजिंग दे रहा है, तब यहां पर बाय करना स्टार्ट होगा। दैट इज योर बुलिश एंट्री। यह है डिफेंसिव सेटअप। अब जिसको डिफेंसिव सेटअप नहीं जाना क्योंकि क्रिप्टो एक वोलेटाइल है। मैं भी डिफेंसिव सेटअप पे नहीं प्ले करता हूं। मैं अग्रेसिव सेटअप पे बाय करता हूं। सीपीआर के ऊपर मार्केट खुला। यहां पे पुलबैक लिया। जैसे ही टच किया ना पहला सीपीआर का बैंड मैं वहां पर बाय कर देता हूं। दैट इज द मोस्टेंट थिंग फॉर मी। बिकॉज़ अब मेरा रीज़न क्या है? सुनो। मैं अग्रेसिव एंट्री क्यों प्ले करता हूं? क्योंकि सोचो अगर मार्केट यहां पे आया और अगर डिफेंसिव के लिए मैं वेट कर रहा हूं और मार्केट ने बहुत बड़ा कैंडल बना दिया। अब हुआ क्या? मुझे यह नहीं है कि मार्केट बहुत ऊपर चला गया। उसका दिक्कत नहीं है। दिक्कत है कि अब मेरा स्टॉप लॉस भी तो बड़ा हो गया। अगर आप एक ट्रेडर हो ना, तो आप हमेशा बड़ा प्रॉफिट बनाने की नहीं सोचोगे। आप छोटा लॉस करने की सोचोगे। अगर मैं अग्रेसिव एंट्री लेता हूं उसमें मैं हो सकता है एक से दो बार गलत भी हो जाता हूं। लेकिन जब मैं एंट्री लूंगा तो मेरे स्टॉप लॉसेस छोटे रहेंगे। एग्रेसिव एंट्री पे और डिफेंसिव एंट्री पे स्टॉप लॉसेस बड़े रहते हैं। इसलिए डिफेंसिव एंट्री के अपने पर्क्स हैं और एग्रेसिव एंट्री के अपने पर्क्स हैं। दोनों के प्रोज़ एंड क्स हैं। तो जो भी जिस तरीके की आपकी पर्सनालिटी है ना उस तरीके का आप अपने लिए एक सिस्टम बना लेना। बट दोनों बढ़िया काम करेंगे। ऐसा नहीं है। दिस इज़ योर फर्स्ट सेटअप कि आपका एंट्री स्ट्रक्चर कहां पर बन रहा है। पिवट पॉइंट पे किस तरीके से एंट्री लेनी है वो ध्यान से समझ लीजिए। आगे जाकर के कंफ्यूजन हो जाए इसलिए मैं आपको एग्जैक्टली वो बता रहा हूं जो पिन पॉइंट होगा मार्केट में। देखिए कई बार क्या होगा बुलिश बायस बना मार्केट ऊपर खुला नीचे आया आपने यहां पर पुलबैक पे एंट्री बनाई मार्केट थोड़ा सा ऊपर गया लेकिन डंप हो गया आपने अपना स्टॉप लॉस बुक किया और आपने वेट किया सेकंड एंट्री का अब बुलिश बायस है तो एंट्री तो बाइंग साइड ही होगी सर जो हमने रूल बनाया है सेलिंग साइड नहीं लेंगे तो इसको जाने दीजिए कोई एक ऐसा लेवल जरूर बनता है मार्केट में जहां पर मार्केट सपोर्ट लेता है जैसे S1 एक लेवल हो गया और S2 एक लेवल है। फॉर एग्जांपल मार्केट S1 पे आया। जैसे ही मार्केट पे S1 टच हुआ। अब जो हमने पहले एग्रेसिव अप्लाई किया है ना वह यहां पर S1 में अप्लाई नहीं करेंगे। बिल्कुल जो लोग आदत देख करके चले गए वह यहीं पर फंस जाते हैं क्योंकि उनको पता ही नहीं था कि सेकंड एंट्री कैसे राइट लेनी है। क्यों नहीं करेंगे? क्योंकि जब ये तीन डंडी वाला सपोर्ट और रेजिस्टेंस जितना स्ट्रांग काम करता है ना उतना ये एक डंडी वाला काम नहीं करेगा। इस पर हमें टच होते ही नहीं लेना है बल्कि कंफर्मेशंस का वेट करना है एंट्री स्ट्रक्चर का। जैसे कि मैंने बताया ना ये सरपंच साहब है तो इनकी वैल्यू ज्यादा है। इस वाले सपोर्ट की वैल्यू नहीं है। कई बार मार्केट जब टूटता चला जाता है ना इन सपोर्ट से तो बहुत तगड़े तरीके से गिरता चला जाता है तो हमारा रिस्क बहुत बड़ा हो जाएगा। तो हम क्या करेंगे? जैसे हमने यहां पे रिवर्सल ट्रेड किया है एग्रेसिवली। यहां पे हम डिफेंसिव हो के ट्रेड करेंगे क्योंकि ऑलरेडी हम एक स्टॉप लॉस ले चुके हैं। राइट? तभी तो यह एंट्री बन रही है। तो मार्केट जब आएगा ना तो यह बहुत नीचे जाने की कोशिश करेगा। जाने दीजिएगा इसको। यह जितना नीचे जाएगा उतना हमारे लिए बढ़िया है। अगर मार्केट इस लेवल के नीचे जाता है, क्लोज कर जाता है या फिर वीक बना देता है। कोई फर्क नहीं पड़ता। नीचे जाना चाहिए। जैसे ही मार्केट नीचे जाकर के चाहे क्लोजिंग दे ना दे लेकिन नीचे जाता है, थोड़ा सस्टेन करता है और ऊपर के लिए एक फेक आउट कर देता है। अब हुआ क्या? नीचे ब्रेकआउट दिखाया लेकिन हो गया फेक आउट। तो हम इस फेक आउट कैंडल जो ग्रीन बनेगी अभी चार्ट पे भी बताता हूं उस पर एंट्री ले सकते हैं। फॉर एग्जांपल मैं आपको एग्जांपल दिखा देता हूं। अब जैसे गाइज़ यह वाला एक ट्रेड यहां पर हमें मिला है। बहुत ब्यूटीफुल। मार्केट ने क्या किया? देखो ओपनिंग कहां है मार्केट की। भले ही ये रेड कैंडल है बट ये खुला ना सीपीआर के ऊपर है। सीपीआर के ऊपर मार्केट ओपन हुआ है यहां पर। ठीक है? आपने टच करते ही ले लिया अग्रेसिव एंट्री। एंट्री लिया आपका स्टॉप लॉस चला गया। नो प्रॉब्लम। जहां पे भी अभी बताऊंगा कि कैसे स्टॉप लॉस और टारगेट्स अलाइन करने हैं। आपका चला गया। एंट्री फेल हो गई बेसिकली। अब मार्केट को टूटने दीजिए। मार्केट टूट रहा है, टूट रहा है, टूट रहा है। एक पॉइंट पे ना मार्केट सपोर्ट के नीचे जाता है, ट्रेड करता है नीचे। लेकिन मार्केट ग्रीन कैंडल नीचे जाने के बाद ऊपर ही क्लोज कर देता है। हमारी कंडीशन फुलफिल हो गई। दो ही तो कंडीशन है कि मार्केट नीचे जाए सपोर्ट के क्लोज हो जाता है तो भी अच्छा है। वीक बनाता है तो भी अच्छा है। और ग्रीन कैंडल क्लोज हो। अब वो सेम ही कैंडल पे हो गया तो और भी बढ़िया चीज है। कोई भी प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन ग्रीन चाहिए। अगर ये रेड कैंडल क्लोज होता है रेड पे नहीं लूंगा एंट्री। नीचे रेड चला जाए लेकिन क्लोज ग्रीन का होना चाहिए। और ग्रीन अगर नीचे जाकर के भी ग्रीन क्लोज हो जाए तो कोई दिक्कत नहीं है। उस पर क्या है स्ट्रेंथ हमें मिल चुका है और मार्केट ने फेक आउट क्रिएट कर दिया। तो यहां पर हमारी एंट्री बन सकती है। इतने एस तरीके से हम लोग स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। तो एग्जैक्टली इस पॉइंट पर एंट्री बन सकती है जब मार्केट क्लोज हुआ है। क्लोजिंग से पहले एंट्री नहीं लेनी है क्योंकि मार्केट फिर आपको भी फेक आउट कर सकता है। मार्केट में जैसे ही क्लोज हो जाए और उसके बाद देखो मार्केट ने क्या मोमेंटम क्रिएट किया है। तो हमने इस वीडियो के अंदर क्या अभी तक कांसेप्ट्स क्लियर करे कि सीपीआर पर अगर आप रिवर्सल ट्रेड्स करते हैं जो कि पूरा मार्केट का नेचर ही है तो आप बहुत अच्छे तरीके से मार्केट के प्राइस एक्शन को फॉलो कर पाएंगे। ट्रेंड की डायरेक्शन में भी बैठ पाएंगे। बिकॉज़ ट्रेंड कब चेंज हो रहा है ना आप एग्जैक्टली उस पॉइंट से मार्केट में एंटर हो रहे हैं। दूसरा अगर ट्रेंड फेल हो भी जाता है तो एक लेवल उससे भी नीचे वाला आपको जरूर मिलता है मार्केट में अपनी रीएंट्री करने का। बट अगेन ऑन कंफर्मेशंस ये आपका पूरा का पूरा एक ट्रेडिंग सिस्टम तैयार हो जाता है। अब मार्केट में ना एक चीज की कमी अभी भी है। वो है हमारा राइट स्टॉप लॉस और राइट टारगेट्स कहां पर होंगे? कितना लेना है? 1:2 लेना है, 1:3 लेना है, 1:4 लेना है और स्टॉप लॉस कहां पर रखना है? गाइज़ यह थोड़ा ना लोग एक ही वीडियो में दबाने की कोशिश कर देते हैं कि सब कुछ समझा दूं। लेकिन गाइस स्टॉप लॉस को रखने के भी तीन तरीके होते हैं। स्टॉप लॉस रखा जाता है कि भाई या तो आप स्विंग पे रख लो या आप कैंडल्स के नीचे रख लो या फिर आप एटीआर से रख लो। यह तीन तरीके हैं जिस पर मुझे लगता है कि अभी 20 मिनट्स और लग जाएंगे उसी चीज को डिटेल में समझाने में और टारगेट्स को भी बहुत मल्टीपल तरीके से रखा जा सकता है। आइदर आप पार्शियल बुकिंग वाले रख लो या फिर डायरेक्ट बुकिंग वाले रख लो या फिर आप ट्रेल भी कर सकते हो। तो मुझे लगता है कि इस पर एक पार्ट टू जरूर रिक्वायर्ड है। बिकॉज़ अगर मैं जल्दीबाजी करने की कोशिश करूंगा तो फिर वो सिस्टम नहीं रह जाएगा। वो अगेन एक YouTube वीडियो रह जाएगा। आप मुझे बताइएगा क्या आप इस वीडियो को देखने में इंटरेस्टेड हैं जो पार्ट टू में स्टॉप लॉस और टारगेट्स का बनाऊंगा और डिटेल में समझाऊंगा और फिर हम एक पूरी बैक टेस्टिंग भी करेंगे एक्जेक्टली उस सिस्टम को जो मैंने आपको बताया। अगर आप इंटरेस्टेड हैं थोड़े से भी तो आपको अपना इंटरेस्ट कमेंट्स में मुझे जरूर बताना चाहिए। बिकॉज़ मैं भी वीडियोस बनाता हूं आपके लिए टाइम निकाल कर के। अगर इंटरेस्ट है तो कमेंट में बस इतना लिख दीजिए आपका क्या नाम है और आप कहां से बिलोंग करते हैं। मुझे पता चल जाएगा कि मेरा परिवार कितना बड़ा है और कितना ज्यादा वो लोग इंटरेस्टेड हैं। मैं जल्दी से जल्दी पार्ट टू बनाने की जरूर कोशिश करूंगा। आल्सो गाइज़ आप अगर हमारी फ्री Telegram कम्युनिटी में नहीं है तो आप कम से कम ₹500 का नुकसान भी कर सकते हैं। कैसे मैं आपको बताता हूं। गाइज़ मैंने उस पर एक गिव अवे प्लान किया है जिस पर ₹50,000 मेंबर्स होते ही फ्री Telegram कम्युनिटी के अंदर हम एक ट्रेडर को ₹50,000 कैपिटल का गिव अवे करने वाले हैं। यानी कि वो उस ट्रेडिंग कैपिटल को यूज़ कर सकता है, निकाल सकता है, विथड्रॉ कर सकता है जो उसको करना है। आल्सो Telegram कम्युनिटी जितनी ज्यादा स्ट्रांग होगी ना क्योंकि मेरे नाम से बहुत सारे लोग फेक टेलीग्राम चैनल्स चला चला के गंदे गंदे स्कैम्स कर रहे हैं। [संगीत] लोगों से पैसा ले रहे हैं। तो मैं चाहता हूं कि अगर हमारी कम्युनिटी इतनी स्ट्रांग हो जाए तो लोग गलत चैनल्स पे जाएंगे। तो उसको सपोर्ट करने के लिए भी और गिव अवे [संगीत] को भी सपोर्ट करने के लिए और जीतने के लिए आप Telegram चैनल को नीचे से सब्सक्राइब कर लीजिएगा। इट्स फ्री कंप्लीटली फ्री है आप लोगों को लेकिन डिस्क्रिप्शन से ही ज्वाइन कीजिएगा क्योंकि तभी आप राइट Telegram चैनल में एंटर हो के गिव अवे में पार्टिसिपेट भी कर पाएंगे। दैट्स ग्रेट गाइस। आई होप यू हैड अ ग्रेट टाइम। तब तक के लिए स्वस्थ रहिए, मस्त रहिए, खुश रहिए एंड सबसेेंट [संगीत] सबका आदर कीजिए। जल्दी मिलते हैं। [संगीत]