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🚀 Pair Trade क्या है? | Options Trading में Pair Trade कैसे काम करता है? #PairTrade #learntrading

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Analysed 07 Oct 2026, 03:53 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not auto-backtested — honestly, we can't. AI-decoded: Pair-trading strategy buying OTM call + put on two correlated instruments (stocks/indices) that diverge; hold 3-5 days for premium convergence; mechanical reversion-to-mean on pairs with hedged payoff

We give real option backtests only for fixed-entry option-selling structures (weekly credit/ratio spreads) priced on real cached NIFTY premiums. This one is directional option BUYING (needs intraday/tick option data), which needs intraday/tick option data and a chart-signal engine we don't have — so we show no number rather than a misleading proxy. Flagged for a hand-built review.

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Full transcript (3841 words)
ऑप्शन के ट्रेड करते हैं तो क्या तरीका होना चाहिए? कैसे सर्वाइव कर सकते हैं? क्या चीज़ उनके लिए बेहतर हो सकती है? पेयर ट्रेड प्रेयर ट्रेड कोई नई चीज नहीं है। काफी पुरानी है और काफी लोग इसको यूज़ करते हैं, देखते हैं। लेकिन ऑप्शन के संदर्भ में इसको कैसे करना है? ऐसे दो इंस्ट्रूमेंट का चुनाव करेंगे, दो स्टॉक का चुनाव करेंगे या एक इंडेक्स या दो इंडेक्स का चुनाव करेंगे। जब जैसे आप लोग आर्बिट्रास करते हैं [संगीत] [संगीत] हेलो गुड मॉर्निंग राधे-राधे आप सभी को नमस्कार तो आज मैं आप लोगों के लिए एक वीडियो रिकॉर्ड कर रहा हूं जो खास करके लो कैपिटल जिनके पास है जिनकी कैपिटल साइज कम है कम है मतलब जिनकी कैपिटल साइज ₹1 लाख तक है अप टू तो उनको इस मार्केट में अगर ऑप्शन के ट्रेड करते हैं तो क्या तरीका होना चाहिए? कैसे सर्वाइव कर सकते हैं? क्या चीजें उनके लिए बेहतर हो सकती है? समझने की कोशिश करते हैं। जनरली ऑप्शन की ट्रेड जो अब है वो काफी टफ हो चुकी है। रीज़न कि आप देख रहे हैं बहुत से नए-नए नियम आ रहे हैं जिसके कारण और दूसरी कि प्रीमियम मेल्टिंग का तो है ही। तो ये सारी चीजें कहीं ना कहीं एक ऑप्शन के बयर के लिए काफी मुसीबत बना के रखता है। अब तो सेलर भी मुसीबत में है। तो उन्हीं मुसीबत से निपटने के लिए मैंने आप लोगों के लिए कहा कि भाई कुछ ऐसी चीजें डेवलप करो और देखने की कोशिश करो जो आपके काम की हो। तो उसी में पेयर ट्रेड पेयर ट्रेड कोई नई चीज नहीं है। काफी पुरानी है और काफी लोग इसको यूज करते हैं, देखते हैं। लेकिन ऑप्शन के संदर्भ में इसको कैसे करना है इसको समझने की कोशिश करते हैं ताकि ताकि जिनकी कैपिटल साइज लो है या जो बाजार को पूरी तरह नहीं समझ पाते हैं उनके लिए। इस पे अभी हमारी आरएडी और चल ही रही है। पूरी तरह से संपूर्ण नहीं हुआ है। यह बात आप समझेंगे। अह तो आप आज की क्लास में देखेंगे कि किस प्रकार सीखा जाता है, आरएडी किया जाता है। किस प्रकार रियल ट्रेड में जाकर देखा जाता है। उतार-चढ़ाव को देखा जाता है। कुछ ट्रेड भी आपके सामने होंगे। लेकिन उस ट्रेड को जब तक ये वीडियो आप देखेंगे मैं उससे निकल चुका होगा तो उससे कोई रेगुलेशन रिस्क नहीं आने वाला है। ये क्योंकि उसको दिखाने का पर्पस आपके है कि आप इसको देखें। क्या रिस्क है? इसको समझते हैं और पेयर का चुनाव कैसे करते हैं? तो सबसे पहले पेअ ट्रेड क्या होता है? पेयर ट्रेड होता है कि कोई ऐसे दो इंस्ट्रूमेंट का चुनाव करेंगे। दो स्टॉक का चुनाव करेंगे या एक इंडेक्स या दो इंडेक्स का चुनाव करेंगे। जैसे आप लोग आर्बिट्राज करते हैं कि आबिट्राज में एक साइन वेव होता है। वैसे ही पेयर ट्रेड में भी साइन वेव होता है। तो ऐसे पेयर का चुनाव करेंगे जिनके साइन वेव अपने आसपास में हो। मतलब कि एक चले तो दूसरा भी उसके साथ चलता रहे। जस्ट लाइक ऐसे समझ लीजिए। मान लीजिए हमें कोई पेयर बनाना है और हमें लगता है कि निफ्टी बुलिश है तो निफ्टी अगर ऐसे ऊपर जा रही है तो दूसरा जो इंस्ट्रूमेंट होगा वो भी उसके साथ ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे करके जाता रहे। ऐसा नहीं हो कि एक है जो गिर के ऐसे आ जाए और निफ्टी जो है वो बढ़ के ऐसे चला जाए। ये वाली अगर पोजीशन हो जाती है तब तो पेयर ट्रेड का कोई मूल्य ही नहीं है। तब तो हमें कहीं ना कहीं भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। तो ये चीजें नहीं होनी चाहिए। तो हमें उस स्क्रिप्ट को देखना है। उसको देखने के बहुत से तरीके हैं। आप बहुत सारे सॉफ्टवेयर आप आ गए हैं। उस सॉफ्टवेयर के थ्रू भी देख सकते हैं। या आप मैनुअल भी ट्रैक करेंगे।कि मैं मैनुअल ट्रैक करता हूं। मैं कोई सॉफ्टवेयर का यूज़ नहीं करता हूं अभी फिलहाल लेकिन जांच जारी है। जैसे ही कोई रिलायबल सोर्स मिलेगा कि नहीं इस पे हमें डाटा जो चाहिए वो बेहतर मिल रहा है। तो उस ओर मूव करेंगे। अभी बहुत सारे इस सॉफ्टवेयर को देख रहे हैं। चेक करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑब्स्ट्रा को भी देखे हैं और भी चीजों को देख रहे हैं। तो जहां पे भी रिलायबल लग जाएगी जो मेरा काम आसान कर सके, टाइम बचा सके उसकी ओर मूव करेंगे। लेकिन अभी तक मैं मैनुअल को ज्यादा वेटेज दे रहा हूं। क्योंकि मैंने देखा है कि सॉफ्टवेयर के थोड़ा जाने पे उतनी एक्यूरेसी नहीं होती है जितनी मैनुअल में होती है। वो चीजें हैं। तो आपको पेयर ट्रेड करने के लिए पहले तो ऐसे दो पेयर का चुनाव करना है कि जिसमें कि आसपास साइन वेव की तरह चल रही हो। एक ऊपर नीचे करके कोई दिक्कत उसमें नहीं हो। ऐसा हो एक अपोजिट नहीं हो कि इधर नॉर्थ एक साउथ चला जाए। ऐसा वाला हमें नहीं चाहिए। तो उसका आपको देखना है। और आपको करना क्या है कि ज्यादा नहीं पूरे महीने के लिए दो से तीन पेयर को चूज़ कर लीजिए। ज्यादा की जरूरत नहीं है। दो से तीन पेयर को चूज़ कर लीजिए। पांच किए तो बहुत अच्छा लेकिन पांच हर बार नहीं मिलता है। यह ध्यान रखिएगा। तो दो से तीन चूज़ कर लेना है। अभी दो से तीन जो आप चूज़ कर लेते हैं, इन्हीं पेयर में हम पूरे महीने ट्रेड करते रहेंगे। हमें ज्यादा की जरूरत नहीं है। अब करना कैसे है? पहले तो देखना है इस पेयर में कि कौन सा ऐसा स्टॉक है जो या कौन सा है जो अपने रेजिस्टेंस के पास चला गया है और कौन सा है जो उससे कम बढ़ा है और अपने सपोर्ट के आसपास खड़ा है। मतलब एक रेजिस्टेंस के आसपास हो या आरएसआई वगैरह बहुत ज्यादा बढ़ गया हो या कुछ भी ऐसी साइन बना हो और दूसरा कहीं ना कहीं अपने सपोर्ट के पास हो। तो जो रेजिस्टेंस के पास होगा या जो ज्यादा बढ़ गया होगा उसको पेयर में हम लोग सेल करते हैं और नीचे वाली को हम लोग बाइंग करते हैं। मान कर कि अब ऊपर जाने का इसका काम है और इसका काम नीचे जाने का है। तो इससे क्या होता है कि हमें कभी-कभी बोथ पेयर में प्रॉफिट हो जाता है। लेकिन ऑप्शन के संदर्भ में इसे ट्रेड कैसे करेंगे? ऑप्शन में संदर्भ में करने के लिए हम क्या करते हैं कि जो पेयर नीचे रहता है तो इसको ऊपर जाना है तो उसके हम लोग कॉल ऑप्शन को बाइंग करते हैं और इसके पुट ऑप्शन को बाइंग करते हैं। बाइंग कैसे करते हैं? एक चीज ध्यान रखिएगा कि इसको हम अगर बाइंग करने जा रहे हैं तो अगर कॉल ऑप्शन ₹00 की है तो पुट ऑप्शन भी ₹00 की होनी चाहिए। अगर कॉल ऑप्शन ₹10,000 की है तो पुट ऑप्शन भी ₹10,000 की होनी चाहिए। प्लस माइनस आप यहां पे 8 से 10% मैक्सिमम रख सकते हैं। मैक्सिमम इससे ज्यादा मत रखिएगा। इससे ज्यादा में समस्या हो जाएगी। कोशिश होनी चाहिए कि 5% में रहे तो बहुत अच्छा है। लेकिन 8 से 10% मैक्सिमम आप रख सकते हैं। प्लस माइनस मतलब क्या हुआ? एक हो गया 11,000 का एक है 10,000 का। तो ये चलेगा कोई ज्यादा इसमें इशू आपको नहीं आने वाली। लेकिन ऐसा ना एक 15,000 का हो जाए, एक 10 का एक 15,000, एक 10,000 तो आपको कहीं ना कहीं मुश्किल में ला सकता है अगर आप गलत हुए तो। तो यह मत कीजिएगा। ये चीज़ हो गई। दूसरी चीज इसका फायदा क्या है कि आपको इसको मैंने इसमें एक रूल डेवलप किया है थ्री डज़ रूल। मतलब आज अगर मैंने पेयर बनाया है तो तीन दिन के अंदर मुझे प्रॉफिट आना चाहिए। अगर तीन दिन तक प्रॉफिट नहीं आता है तो या तो उस पेयर को आप पूरी तरह काट के निकल जाओ। माइनर सा लॉस हो सकता है। चाहे माइनर सा प्रॉफिट हो सकता है। उसमें हम प्रॉफिट नहीं बोलेंगे क्योंकि ब्रोकरेज भी लगता है यहां और टैक्स भी। तो उस केस में हम एक बार निकल जाएंगे और ऑब्जर्व करेंगे कि क्या हो रहा है उसमें मोमेंटम आ रहा है नहीं या दूसरे पेयर की तलाश करेंगे मोस्टली इसमें थ्री डेज में प्रॉफिट आ जाता है या इसको ज्यादा से ज्यादा अगर मंथ में समय बना है तो आप पांच दिन रख लीजिए रीज़न क्या है थ्री टू फाइव डेज रखने का कि इसके बाद प्रीमियम गलने लगेगी आपकी आपकी प्रीमियम आप मान लीजिए आपने दोनों में पे किया है 300000 तो प्रीमियम 5 दिन में ही गल के करीब 2 से 4000 आपकी प्रीमियम गल सकती है अगर इतने दिन में प्रॉफिट नहीं आया तो मुफ्त में हमारा नुकसान होगा। तो अगर फाइव डेज रखते भी हैं तो इससे ज्यादा नुकसान मेरा शायद नहीं होगा। अभी तक नहीं पाया गया। बाद में हो जाए कोई पेयर चल जाए, कोई नहीं चले ये अलग चीजें हैं। कोई गारंटी नहीं है। लेकिन हर ट्रेड का अपना एक नियम है। तो यह ध्यान रखिएगा इसमें हमको एग्जिट कर लेनी है। मोस्टली इसमें प्रॉफिट आ जाता है। लेकिन इसमें हम एग्जिट कर लेनी है। उसे ज्यादा बर्दाश्त नहीं करना है। जो इतने में नहीं हुआ तो हम नहीं देखेंगे। फायदा क्या है कि आप इसमें एक सीई में होते हैं और एक पीई में होते हैं सेम पेयर के। अलग-अलग। तो इस तरह ऑटोमेटिक हैेज होता है। एक दूसरे को हेज करके चलते हैं। आप एक कॉल साइड में एक पुट साइड में है तो एक दूसरे को हैज करके चलते हैं। नतीजा क्या होता है कि आपको प्रॉफिट होता है कभी-कभी दोनों में प्रॉफिट होता है।कि एक रेजिस्टेंस पे और एक सपोर्ट पे आप करने जा रहे हैं पेयर का तो उसमें यूज़ होता है। आप पेयर का कैसे चुनाव करते हैं? उसके लिए भी हम लोग नियम बना रहे हैं कि कैसे चुनाव करें? पहला तो नियम यह बनाए हैं कि जो ज्यादा बढ़ गया है उसको हम लोग सेल करेंगे। जो कम बढ़ा है उसको बाइंग करेंगे। और फिर ए वाइसवरसा करते रहेंगे। फिर ए चला ए आया तो फिर इसमें आ जाएंगे सी। इसमें आ जाएंगे पी ही करते रहेंगे पूरे मंथ। ये बात ध्यान रखिएगा। तो बस इतना ही करना है। अब स्टॉक सिलेक्शन करने के लिए पेयर ढूंढने के लिए आपको पहले ट्रैक कीजिए कि कौन सा पेयर है जो एक साथ चल रहा है। इसमें बहुत सारे सॉफ्टवेयर का भी यूज़ कर सकते हैं आप। वो आपको मिल जाएगा। ऑब्स्ट्रा है या अन्य जगह पे भी मिल जाता है। लेकिन वो पूरी तरह से सिर्फ उस पे आश्रित होकर ट्रेड करेंगे तो फंस जाएंगे। आपको अपनी मैनुअल भी चेक करना है। क्योंकि वहां पर आपको 30-40 आएंगे तो 30-40 आप ट्रेड नहीं कर सकते। उसमें से एक दो का ही आपको सिलेक्शन करना है और उन्हीं एक दो में आपको मेहनत करना है तो आपको कहीं ना कहीं पेयर ट्रेड में फायदा हो सकता है। पैसा इसमें अगर आप 20,000 कैपिटल है तो भी पेयर ट्रेड एक पेयर बन जाएगा और 3,000 है तो भी पेयर ट्रेड बन जाएगा। इसका मतलब अगर 1 लाख तक आपकी कैपिटल है तो आप पेयर ट्रेड इसमें आराम से महीने का बना सकते हैं। दो-तीन पेयर बन जाता है और कुछ ज्यादा इसमें एडजस्टमेंट की जरूरत नहीं पड़ती कि हम स्प्रेड करें। स्प्रेड को रेश्यो में कन्वर्ट करें तो ज्यादा पैसा लगेगा। ऐसा कुछ नहीं होता है। थ्री टू फाइव डेज रखेंगे रिजल्ट सामने आ जाता है। दूसरी चीज है कि हमें प्रॉफिट बुक करने का कब करना चाहिए? प्रॉफिट बुक का नियम है यही कि हमने जो कैपिटल इन्वेस्ट किया है अगर उस कैपिटल का 7 टू 10% हमें आ जाता है तो पहला हमें उसको ट्रायल रेसल रख लेंगे। 7 टू 10% आया तो ये ट्रायल हो गया। मतलब हम इसके नीचे नहीं जाने देंगे। हम आराम से बैठे रहेंगे। तो बढ़ता ही रहता है। जनरली घटता नहीं एक बार बढ़ गया तो और उसके बाद आप आगे बढ़िए और जहां भी आपको 20% प्लस मिलता है आप अपना चेक करते रहिए कि मुझे कहां पे निकलना है, कैसे निकलना है, इसकी तैयारी करते रहिए। ये आपके ऊपर है। कभी-कभी होता है कि पेयर डबल भी हो जाता है। जो पेयर होते हैं डबल हो जाते हैं। जितनी जैसे पेयर बनाया तो पेयर इस तरह से डबल हो जाता है।कि ऑप्शन है तो उसके बिहेवियर ऐसे ही है। तो इन चीजों को थोड़ा बैक टेस्ट कीजिए अपने स्तर से चेक कीजिए। कोई गारंटी नहीं है। कोई सलाह नहीं है और पूरी स्टडी है।कि ये हमारी आरएडी के फेज में भी है और मुझे लगता है कि एक आध महीने और लगेंगे। उसके बाद यह कहीं ना कहीं धरातल पे आ जाएंगे और जिसको कि हम ट्रेडिंग टूल्स में शामिल कर सकते हैं।कि ऑप्शन पे आरएडी में है। फ्यूचर में क्यों नहीं किया जा रहा है? क्योंकि फ्यूचर में तो ठीक-ठाक है। प्रीमियम गलने का रिस्क नहीं है। बट वहां पे एक रिस्क क्या है फ्यूचर में कि कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि पेयर के कोई फ्यूचर में काफी तेज़ गिरावट हो जाती है और कोई रुका रहता है। तो उस केस में स्क्रीन पे बड़े लॉस दिखाते हैं। मान लीजिए आप फ्यूचर के ट्रेडर हैं तो 30 से 4ज़ के लॉस जो होते हैं नॉर्मल होते हैं फ्यूचर ट्रेडर के लिए स्क्रीन पे। तो वह चीज़ आपको दिखा देंगी। लेकिन जो नए-नए आए हैं उन तो फंस जाएंगे ना क्योंकि रोलवर जो करते हैं 3000 दिखता रहता है फिर रोलवर करते हैं फिर अगले महीने जाते हैं तो फ्यूचर ट्रेडर में रिस्क होता है तो जिसके कारण अगर ऑप्शन में जाते हैं तो ये रिस्क इतना बड़ा नहीं दिखेगा क्योंकि हम वहां लिमिटेड रिस्क अनलिमिटेड गेम पे खड़े हैं जिसके कारण हमारी कोशिश है कि ऑप्शन में डेवलप करें और ऑप्शन में डेवलप के कारण ही इसमें थ्री टू फाइव डेज का नियम लगाया गया है कि इससे ज्यादा हम होल्ड नहीं करेंगे जनरली इतने में पैसा देना होता है दे देता है गलाना होता है गला जो करना होता है इतने में कर लेता है उसमें ज्यादा इंपैक्ट आपको देखने को नहीं मिलेगा। तो आप लोग इस पे आरटी कीजिए, सीखने की कोशिश कीजिए। इसलिए मैंने सोचा कि नई चीजें है आप लोगों तक पहुंचाए और आप भी थोड़ी सी मेहनत करें और हम भी अभी लर्निंग फेज में इसमें है थोड़ी सी और चीजें जानने की आवश्यकता है क्योंकि ऑप्शन में है और इसमें जो लो कैपिटल है उनके लिए भी ये बेहतर हो सकता है क्योंकि उनको भी ज्यादा स्ट्रेस नहीं देता है और महीने का दो से तीन पेयर काफी होता है। उसी पेयर में आप तीन से चार बार या तीन से पांच बार ट्रेड कर लीजिए तो बहुत होता है। तो क्योंकि इसको ऑफिस जाने वाले भी लोग भी करके छोड़ सकते हैं। बार-बार देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। बार-बार ट्रैक करने की जरूरत नहीं है। आपने जब पेयर देखा पेयर बना दिया अपना काम खत्म रखे रहिए और अपना दो-चार दिन में जब भी आपको आ रहा है निकलना हो अपना निकल जाइए तो कोई दिक्कत की बात इसमें नहीं होती पोजीशन हेज होता है तो चलिए आइए इधर देखते हैं अभी मैंने एक पेयर बनाया है और उसको जब तक आप ये वीडियो देखेंगे मैं इस पेयर से निकल जाऊंगा ये बात ध्यान रखिएगा एक पेयर मैंने यहां पे बना रखे हैं ध्यान से देखिएगा इस पेयर को मैं निकल जाऊंगाकि अब आप लोगों तक वीडियो पहुंचाए हैं तो इसको निकलना पड़ेगा क्योंकि होल्ड के किए हुए हैं जब तक तब तक आप तक पहुंचाएंगे नहीं। जैसे एक पेयर मॉर्निंग में था आप यहां ऑर्डर में जाएंगे। यह तो अलग था। इसको छोड़ दीजिए। इसको ट्रैक कीजिए 9:40 में है ना Mahindra एंड Mahindra का 35 ये कल लिया हुआ पोजीशन था और आज इसमें एग्जिट हो गया। मतलब 3 दिन का जो मैंने समय बताया कि 3 दिन का होता है। तो यहां पे क्या थी? एक पुट थी Mahindra& Mahindra की और निफ़ी की कॉल थी। है ना? जिसको हमने एग्जिट कर लिया। तो एक नई पोजीशन क्रिएट हुई है 12:31 पे पेयर की जिस जहां पर Maruti की कॉल ऑप्शन बाइंग है 247 पे 14000 की और 24600 की निफ्टी की पुट ऑप्शन बाइंग है। तो उसका क्या रिजल्ट है? आप देखेंगे यहां पे में कि एक में तो ₹750 का लॉस दे रहा है और एक में ₹344 का प्रॉफिट दे रहा है। तो यही चलता रहता है। कभी यह प्रॉफिट में इतना आ जाएगा, कभी इतना लॉस में आ जाएगा और फिर जब चलना शुरू करेगा तो लगभग दोनों में मोस्टली प्रॉफिट देखने को मिलता है। कभी-कभी एक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। एक कम घटता बढ़ता है। जैसे यहां पे आप देखिए। है ना? एक में 4200 की प्रॉफिट है और एक में 3400 की है। तो ये चीजें चलता रहता है। मोस्टली दोनों में आ जाता है। कभी-कभी एक में आता है प्रॉफिट नहीं आता है और कभी-क प्रीमियम गलने से दोनों में नुकसान हो सकता है। बट क्या होता है कि पोजीशन को ये हैेज करके रखता है। एक इधर जाएगा तो एक इधर जाएगा। तो जिससे कि आप पूरी तरह से जो होता है ना कि आप एक बायर हो तो बायर के पास ज्यादा रूम नहीं होता हैेजिंग करने के लिए क्योंकि उसके पास कैपिटल कम है तो वहां पे कहीं ना कहीं बायर के लिए एक हैेजिंग को बना देता है औरकि एक पेयर भी होता है जिसका फायदा हमें देखने को मिलता है तो इस प्रकार से भी एक बायर को आप हैेजिंग कर सकते हैं और उसका फायदा आपको देखने को मिल सकता है तो देखिए कैसे जैसे कि देखिए मॉर्निंग में हमने निकला यहां पे डेंसिटी में आ जाता है कि नहीं निकलते तो क्या होता है तो नहीं निकल तो बता रहा है कि कुछ खास नहीं होता। 7 2 ₹900 और एक्स्ट्रा आता आपको नहीं यहां 200 इसमें है और यहां 2250 और एक्स्ट्रा आता नहीं निकलते तो बीच में 22-2300 चला गया था। मतलब 2200 25 तक मतलब कि ओवरऑल एक लॉट में करीब 9500 9800 के आसपास प्रॉफिट गया था। 7700 के आसपास इसको हमने कट कर दिया। चूंकि आप लोगों तक वीडियो पहुंचानी थी और उसके बाद इसको नया भी टेस्ट कर रहे थे तो इसको भी कट कर देंगे। तब आपको वीडियो पहुंचाएंगे ताकि आप लोग इस प्रकार बनते हैं देख पाएंगे और अभी आरएडी जारी है। आरएडी में क्या होता है कि आप हिट एंड रन करते हैं। आपको नहीं पता होता है कि क्या चीजें हैं। बस ये बेसिक टूल्स है कि आपको जब पेअर बनाते हैं तो किस प्रकार बनाते हैं। क्या-क्या चीजों को देखते हैं। आपको ये पता हो गया कि हां जिस तरह होता है कि कॉल पुट। अब इन सबको चार्ट को आपको देखना होगा। डाटा को भी देखना होगा। पर महीने का दो से तीन पेयर बनाते हैं तो आपको कहीं ना कहीं उसमें सुविधा हो जाती है। उसमें ज्यादा रिस्क नहीं होता है। ज्यादा रिस्क इसलिए नहीं होता है कि हम बोथ साइड में हैं। ऐसे तो वन साइड में है तो पलट गया तो गए। यहां तो बोथ साइड में है तो आपको ज्यादा रिस्क नहीं होता है और लिमिटेड रिस्क यहां पे है।कि हम तो बाइंग कर रहे हैं तो लिमिटेड रिस्क में है और तीन दिन तक होल्डिंग है तो जिसके कारण कि प्रीमियम गलने की जो समस्या है वो कम होगी। लेकिन इसमें एक चीज और ध्यान रखिएगा कि जब हम एक्सपायरी के नजदीक जाएंगे मतलब 15 तारीख के बाद जाएंगे और पेयर ट्रेड करना है तो हमेशा ध्यान रखिएगा कि हम आईटीएम में एंट्री करने की कोशिश करेंगे ना कि एटीएम में अभी आप देख सकते हैं कि एटीएम के आसपास एंट्री है। हल्का आईटीएम या आईटीएम हो सकता है। लेकिन उस समय कोशिश होगी कि हम 60% 70% आईटीएम में रहें। आईटीएम में रहने से क्या होता है कि आपको प्रीमियम जो गलने का इंपैक्ट है वह ज्यादा नहीं पड़ेगा और आप बचे हुए रहेंगे। तो पेय ट्रेड में अगर आप 15 तारीख के बाद जाते हैं तो कोशिश होनी चाहिए कि हम आईटीएम में रहे। आईटीएम में होने से आपका इंपैक्ट जो है प्रीमियम गलने का वो कम होगा। हमारी तो कोशिश होगी 80 90% आईटीएम में रहो अगर मिल जाए लिक्विडिटी हो वहां तो लेकिन आईटीएम आपको जिंदा रखेगी और आपको कोई किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। तो जिनके पास भी मान लीजिए कैपिटल कम है, लो है या जिनको समझ में नहीं आता कि इतने कम कैपिटल में हैेजिंग कैसे करें? मैं स्प्रेड भी नहीं कर पाऊंगा या रेशियो नहीं कर पाऊंगा। मेरे पास उतने रूम्स नहीं है पैसे का और करना हमें यही है। तो उनको एक बार इसको सीखना चाहिए, समझना चाहिए, इसको देखना चाहिए और इस पे आप भी आरएडी कीजिए, सीखिए। मैंने कहा कि जिस तरह आबिट्राज करते हैं साइन वेव होता है सेम इसमें भी उसी तरह से होता है। तो जो आर्बिट्राज करते हैं उनके लिए भी काफी सहूलियूत होगी इसको समझने के लिए। फ्यूचर के लिए इसलिए नहीं डिस्कस कर रहे हैं कि वहां पे हम लोग अनलिमिटेड रिस्क पे खड़े होते हैं। उसको करने के लिए हैेजिंग करना होगा बोथ साइड में। तब जाकर वो बेहतर होगा। अन्यथा अनलिमिटेड रिस्क में रहेंगे तो एक तरह से परेशानी उत्पन्न करेगा। ओके? तो चलिए थैंक यू। जब तक आपको ये वीडियो पहुंचेगी तब तक मैं पोजीशन को कट कर दूंगा। ये बात को ध्यान रखिएगा। ठीक है? ओके थैंक यू। धन्यवाद। तो मुझे लगता है कि इससे एक नया कांसेप्ट आपको मिला कि इस तरह से किया जा सकता है। और अभी मेरे आरएडी के फज़ है। मैं अभी खुद ही कर रहा हूं। देख रहा हूं ट्राई करके कि क्या-क्या चीजें होंगी। रियल ट्रेड में जब आप जाते हैं देखिए पेपर में तो सक्सेस हो गया। कोई दिक्कत नहीं। पेपर में आप छछ महीने एक एक साल बैक टेस्ट करेंगे सफल हो जाएंगे। जब रियल ट्रेड में आते हैं ना आप तो वहां पे असली टेस्टिंग होती है और विदाउट असली टेस्टिंग मैं किसी को कैसे कह सकता हूं कि ये चीजें इस प्रकार काम करेगी नहीं करेगी क्योंकि उसके बाद ही बाजार आपको गलत साबित करेगी। तो इसलिए रियल ट्रेड में जाना होता है और उसमें लॉट काफी कम होते हैं। एक लॉट दो लॉट होते हैं जिससे कि हमें पता चलता रहे कि हम क्या करें और मैं आपको बता दूं कि पेयर ट्रेड में अगर हमारा ट्रेड लॉस में चला गया 10,000 12,000 तो वहां पे हम उसको एवरेज भी किया जा सकता है पेयर ट्रेड को। ये बात ध्यान एक बार एवरेज की इजाजत होती है और उसके बाद आपको कहीं ना कहीं उसके बाद भी लॉस सस्टेन करता है तो निकलना चाहिए। तो पेयर ट्रेड क्योंकि वो साइन वेव चलता है तो एक एवरेज की भी इजाजत होती है। बात ध्यान रखिएगा। तो वो अभी रूल बना रहे हैं। लॉट ऑफ़ चीज़ बनेंगे इसमें ऐड होंगे। बट अभी आपसे डिस्कस करने का पर्पस है कि आपके थट्ट्स ओपन हो कि ऐसा भी हो सकता है बाजार में और इस प्रकार भी किया जा सकता है तो आप कहीं ना कहीं कुछ और ढूंढने की कोशिश करेंगे। ओके थैंक यू धन्यवाद।

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