Options Trading Is NOT Gambling - If You Build a Framework First | Big Bull Series Ep-92 — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Options Trading Is NOT Gambling - If You Build a Framework First | Big Bull Series Ep-92

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Analysed 01 Aug 2026, 02:48 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational/mentoring podcast on trading psychology, option data interpretation, and risk management — no mechanical, backtestable trading strategy presented.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (15573 words)
हम अभी YouTube पे हैं बुल सीरीज में। तो अभी भी जो हम वीडियोस करेंगे उसमें कुछ सिखाएंगे। तो यह कोई भी व्यूअर इस वीडियो को क्यों देखें? Twitter आपको सपना दिखा रहा है। 2 लाख कमा लोगे, 4 लाख कमा लोगे। तो वो प्रॉपर फ्रॉड है। हम प्रॉफिट वाली साइड ज्यादा सोचते हैं कि 80 हो जाएगी, 100 हो जाएगी, इतना प्रॉफिट हो जाएगा। हमारा लॉस वाली साइड ध्यान कम है। पर ट्रेडिंग में हमें वो सोचना है जो मेरे कंट्रोल में है। जैसा गाड़ी का एग्जांपल है। तीन शीशे आप अगर देख रहे हैं यहां भी आप दो से तीन मिनर लगा लीजिए। वो आपका चार्ट डाटा हुआ वो कुछ भी हो सकता है। वो ट्रेडिंग में हम जब पार्ट टाइम इनकम के लिए आते हैं लेट्स सी। तो [संगीत] हम वह 5, 10,000 की जगह 1 लाख सोचते हैं जो मेरी सैलरी भी नहीं है शायद। हर कोई दूसरे के अपोनेंट के दिमाग में झांकना चाहता है। सेम चीज़ ट्रेडिंग है। अगर मैं ऑप्शन बायर हूं तो मुझे झांकना चाहिए कि सेलर क्यों सोच रहा होगा? उसके मन में क्या चल रहा है? 8.95 का लॉस हुआ। - 6.4 6.4 का प्रॉफिट हुआ। तो कितना हुआ ये? 2.55 इसको एज अ बिज़नेस समझो। बिज़नेस में भी लॉस होता है। हां। मान लीजिए आपने एक दुकान चलाई है। अगर आपके आज सेल नहीं हुई तो आप खाली बैठे हो तो आप घर जाके बोलोगे कि यार आज सेल नहीं हुई। जैसे मैंने कोई स्प्रेड्स कहा या इंट्रेंसिक वैल्यू कहा। आप इसको खुद चेक कीजिए। एक्सपायरी तो हर हफ्ते हो रही है। तो आप खुद इंटरेस्टिंग की वैल्यू खुद निकाल के देखिए। मेरे बोलने पे ना जाइए। तरुण वेलकम स्टॉक पार्सल अप यू आई हैव बीन अ टर ऑफ़ द लास्ट एक डेढ़ साल से आप सिखा रहे हैं स्टॉक ऑप्शंस इंडेक्स ऑप्शंस में बाइंग, सेलिंग एंड लॉट मोर। मैं आपकी इंट्रोडक्शन लेने से पहले सीधा एक सवाल पूछता हूं। अपने YouTube पे हैं अभी। और मैंने आपकी क्लास का लिस्ट देखा अभी कि पिछले कुछ समय से आप क्या क्लासेस दे रहे हैं स्टॉक पार्सल में। तो उसमें से एक क्लास है। YouTube से ट्रेडिंग कर रहे हो फिर भी आप लॉस में हो। तो YouTube से सीखना अच्छी बात नहीं है। ये एक क्लास है कुछ। हम अभी YouTube पे हैं बिग बुल सीरीज में। तो अभी भी जो हम वीडियोस करेंगे उसमें कुछ सिखाएंगे। तो ये कोई भी व्यूअर इस वीडियो को क्यों देखे जब हम खुद ही कह रहे हैं क्लास में कि YouTube से नहीं सीखा जा सकता। थैंक यू फॉर इनवाइटिंग मी। YouTube पे जो एजुकेशन है उसमें आपको ये देखना है कि इंटेंशन क्या थी? अगर तो मान लीजिए Twitter आपको सपना दिखा रहा है। 2 लाख कमा लोगे, 4 लाख कमा लोगे तो वो प्रॉपर फ्रॉड है। ओके। मैं आपको बताना चाहता हूं कि ट्रेडिंग फ्रेमवर्क क्या होता है? आप अपना कैसे बनाएंगे? मेरा फॉलो नहीं करना है। आप अपना बनाइए और यहां से इंस्पिरेशन लीजिए कि किस तरीके से आप अपना एक ट्रेडिंग फ्रेमवर्क बनाएं जो आपकी नीड को सूट करे, आपके रिस्क प्रोफाइल को सूट करे और ऑफ कोर्स जिसको आप लॉन्ग टर्म के लिए फॉलो कर पाएंगे। तो स्ट्रक्चर क्या होता है ट्रेडिंग सेटअप का उसके बारे में बात करेंगे। रादर पर्टिकुलर स्ट्रेटजीस की ये मैजिकल कुछ नहीं होगा। मैजिकल कुछ नहीं है। बहुत सारे वीडियोस आ रहे हैं कि मैंने 5 लाख से ₹10 करोड़ बनाया अक्रॉस ट्रेडिंग सेगमेंट्स। चाहे इंडियन मार्केट में चाहे बाहर। और वह अपना कोई सेटअप बता देते हैं। तो आर यू सेइंग के उनका सेटअप एक नॉर्मल व्यूअर को समझ नहीं आएगा। वह खुद नहीं लगा पाएगा। एंड यू हैव टू यूज़ योर ओन सेटअप। करेक्ट। बिकॉज़ मार्केट इज़ वैरी डायनेमिक। एंड मार्केट में एक चीज़ स्ट्रेटजी है। दूसरा पार्ट ह्यूमन है। लाइक मैं और आप इमोशंस मार्केट में मेरा और आपका अलग-अलग होगा। रिएक्शन अलग होगा। पर्सनल लाइफ अलग हो सकती है। पहनने में, खाने में। हर चीज में हम लोग डिफरेंट हैं। दैट्स व्हाई वी आर ह्यूमन बीइंग्स। राइट? बट मैं आपको कहूं कि आप ये चीज़ खाना शुरू कर देंगे। आप नहीं खाएंगे। आपका चॉइस नहीं है। हो सकता है आपकी बॉडी सूट ना करे उस चीज को। बहुत सारी चीजें हो सकती है। सेम चीज ट्रेडिंग है। हर ट्रेडिंग सेटअप का एक ड्रॉबैक है। एक फायदा है, एक नुकसान है। वो क्या होगा? जब तक आप यह नहीं समझेंगे तब तक आप यह नहीं बता सकते कि ये आपके लिए सही है कि गलत है। तो अगर वो 5 से 50 करोड़ कर रहा है तो वो कुछ और उसका लॉजिक हो सकता है। अब कि उसके पास हो सकता है 50 करोड़ का फंड हो। तो उसके लिए 5 लाख का लॉस करना रिस्क नहीं है। वो 5 का 50 लाख बना के 10 ट्रे लेनी है उसको बैक टू बैक। एंड दैट्स अ गैंबलिंग माइंडसेट कि अगर मैं 10 में से पांच बार सही हो गया और रिस्क अवार्ड उसने बढ़ा दिया तो वो पैसा बन जाएगा। सो कॉपी पेस्ट कभी काम नहीं करता। एनीथिंग लाइक आई थिंक विराट कोहली को देख के मैं क्रिकेटर नहीं बन जाऊंगा। करेक्ट कि मैं मुझे पता है ऐसे कैसे घटना है? ऐसे सांस लेना है। बट प्रैक्टिस मेरा नेचुरल गेम क्या होगा? वो मैटर करता है। सेम चीज ट्रेडिंग के अंदर है। मेरा पर्सनल इमोशंस क्या है? मैं कैसा इंसान हूं? मैं जल्दी चिढ़ जाता हूं बातों से। रिएक्ट करता हूं। क्या फर्क पड़ता है? हां ये ह्यूमन बिहेवियर से ट्रेडिंग में क्या फर्क पड़ता है? यस। तो मेरा मानना है कि सबसे पहले हमें जानना चाहिए कि मैं कैसा पर्सन हूं और उसको मानना भी चाहिए। जैसे पर्सनली मैं बहुत जल्दी अग्रेसिव नहीं होता और आई कैन से मैं बहुत जल्दी नहीं लेता तो मैं स्कैल्पिंग नहीं करता क्योंकि मुझे वो सूट नहीं करती चीज़ बहुत जल्दी आपको डिसीजन लेना है मिनट्स में और यू नो बहुत जल्दी पोजीशन वो बढ़ा लेते हैं एक लॉट से 10 लॉट पे आ जाते हैं जो प्रोफेशनली मैंने देखा है तो मैं वो नहीं कर पाया तो मैंने शुरू में ट्राई किया एकद महीने में छोड़ दिया क्योंकि मुझे वो सूट नहीं हुआ इमोशंस हैं मुझे वो जो फ्लक्चुएशन है एम टू एम की स्टॉप लॉस टारगेट जो वो बहुत जल्दी-जल्दी करते थे कौन कर सकता है ऑप्शंस बाइंग किस तरह का इंसान कर सकता है उसके एट्रिब क्या है? ओके। सबसे पहले अपना ये जानना चाहिए कि मैं क्यों मार्केट में आ रहा हूं। लाइक मेरा ट्रेडिंग से क्या आउटकम मैं एक्सपेक्ट कर रहा हूं। एग्जांपल के तौर पर इंडिया में अगर हम बात करें पार्ट टाइम जॉब लेट्स से मैं और आप वर्किंग प्रोफेशन है। हम कहीं जॉब करते हैं। तो हम पार्ट टाइम इनकम के लिए सब लोग ढूंढते हैं। बट कॉमन हमारे यहां पे क्या हम लोग करते हैं ट्यूशन पढ़ा लेंगे। कोई छोटी म्यूजिक पढ़ा लेंगे। मैथ्स पढ़ा लूंगा। मैं इंजीनियरिंग तो मैं इंजीनियरिंग की क्लासेस ले लूंगा। 2 घंटे 3 घंटे। तो जो मुझे आता है मैं वो भी सिखाऊंगा। और आप जानते हैं लिमिटेड है। मैं ट्यूशन पढ़ा रहा हूं। लेट से ₹500 मैं चार्ज कर रहा हूं। 10 स्टूडेंट में ₹5,000 हुए। एक घंटा सेशन कर रहा हूं, दो घंटा कर लूंगा, डबल कर लूंगा। करेक्ट? बट ट्रेडिंग में हम जब पार्ट टाइम इनकम के लिए आते हैं, लेट्स सी। तो हम वो 5 10,000 की जगह 1 लाख सोचते हैं जो मेरी सैलरी भी नहीं है शायद। करेक्ट। तो वो माइंडसेट बहुत प्रॉब्लम है कि आप किस लिए मार्केट में आ रहे हो। अगर आप पार्ट टाइम के लिए आ रहे हो। लेट्स से समबडी इज़ वर्किंग और उसको टाइम है वो इन्वेस्टेड करना चाहता है। तो माइंडसेट भी वैसा होना चाहिए। बिकॉज़ यू आर पुटिंग जस्ट अ लेस टाइम देयर रेदर देन योर जॉब। 30 दिन जॉब करके जो सैलरी मिल रही है वह आपको 2 घंटे में कमानी है तो वो प्रॉब्लम है। वो हर जगह प्रॉब्लम है। तो तरुण शांदिल हैज़ बीन अराउंड इन स्टॉक मार्केट स्पेस। अभी हम बात कर रहे थे अराउंड 10 12 साल 14 साल से हैं। यस प्रोफेशनलली 10 इयर्स है। प्रोफेशनली 10 इयर्स। उम्र उतनी नहीं है अभी लेकिन उसके बावजूद 10 साल से मार्केट में हो। तो ये सेबी रजिस्टर आ रहे हैं। एंड स्टॉक पार्सल में ट्यूटर हैं 1/2 साल से। एंड मार्केट को समझते हैं फ्रॉम ऑप्शंस बाइंग। आपने शुरुआत वैसे कहां से की थी? स्विंग इंट्रा इन इक्विटी वगैरह कुछ करते थे या शुरू से ऑप्शंस पे तो नहीं आए हो? नो स्विंग तो स्टार्ट स्विंग से किया था एंड धीरे-धीरे मैं ऑप्शंस में आया। ओके एक क्लास मैंने और देखी आपकी के आप ट्रेडिंग कर रहे हो बट कंसिस्टेंसी जीरो ऐसा कुछ है आपका क्लास का टाइटल स्टॉप्स बता देता हूं। एक कंसिस्टेंट ट्रेडर का जनरल रूटीन क्या होता है फ्रॉम अ मॉर्निंग टू इवनिंग बेसिस इफ समबडी इज लाइक अ फुल टाइम ट्रेडर तो वो पूरे दिन में क्या-क्या करता है एक्टिविटीज ओके तो ट्रेडिंग में सबसे इंपॉर्टेंट आपका प्रैक्टिस है लाइक प्रिपरेशन है बिफोर गोइंग इंटू द मार्केट्स कि लेट्स से मुझे कल ट्रेड लेना है राइट तो लेट्स से हम निफ्टी की बात कर लेते हैं एग्जांपल के तौर पर मैं हर बार निफ्टी पे ट्रेड करता हूं फॉर एग्जांपल तो आफ्टर मार्केट क्लोजेस मुझे देखना चाहिए आज क्या हुआ क्या प्राइस एक्शन था ऑप्शंस में ओपन इंटरेस्ट क्या हुआ एंड आफ्टर दैट मैं कल की प्लानिंग शुरू करूंगा हम्। अपने प्लेवल्स मार्क कर सकते हैं। राइट? एंड वी कैन टेस्ट समथिंग। अगर कोई स्ट्रेटजी मान लीजिए एक्सपायरी डे है, नॉन एक्सपायरी डे है, वी कैन जो हमारा डेटाबेस है, जो मेरा इनिशियल सेटअप है, मैं उसको पहले टेस्ट कर सकता हूं। सेकंड थिंग बिफोर मार्केट ओपंस। ऑफ कोर्स आप जानते हैं न्यूज़ फ्लो बहुत सारा है। ओवरनाइट क्या-क्या हुआ यूएस मार्केट। ये प्री मार्केट में हम थोड़ा पढ़ सकते हैं। बिकॉज़ न्यूज़ इंपॉर्टेंट है। खासकर वॉर की वजह से। रिसेंटली जो वॉर चल रहा है, उससे न्यूज़ फ्लो बहुत ज्यादा है। तो उसका क्या इंपैक्ट हो सकता है बिफोर ओपनिंग मार्केट्स, हम उसको थोड़ा क्या मैं एक्जेक्टली क्या देख रहा हूं? मतलब सुबह सुबह जल्दी उठ रहा हूं। आई आई वुड से यस बिकॉज़ मार्केट ओपन लाइक लेट से 8:30 के आसपास मार्केट में क्या हो सकता है न्यूज़ फ्लो के हिसाब से। न्यूज़ में कहां मनी कंट्रोल में देख रहा हूं। मैं क्या कर रहा हूं एक्सैक्ट? आई प्रेफर राइट नाउ एआई बिकॉज़ वो समराइज़ कर देता है किसने क्या बोला, कहां क्या हुआ और पूरी-पूरी रिपोर्ट्स आ जाती है। तो वो आई आई प्रेफर एआई राइट नाउ। कि वो गिव मी 10 थिंग्स बिफोर ओपन मार्केट्स। तो वो मुझे लाइव दे देगा कि यह चार चीजें 10 चीजें हैं जो मार्केट पे इंपैक्ट कर सकती है। कोई एग्जांपल दो तीन चीजों का कि जो आपको लगे अच्छा इसका इंपैक्ट पड़ सकता है। जैसे क्रूड ऑयल बेसिकली इंडियन मार्केट हम इंडिया क्रूड इंपोर्ट करता है तो मार्केट पे बड़ा इंपैक्ट है उसका। आपने रिसेंटली देखा कि गोल्ड बढ़ा था तो उसका बहुत बड़ा इंपैक्ट है। तो बेसिकली कमोडिटीज का एक्शन देखते हैं और बैंक्स का फेडरल बैंक यूएस बैंक्स और इंडियन बैंक में कुछ हुआ होगा। आरबीआई ने कुछ अगर मान लीजिए कोई न्यूज़ फ्लो है उसको थोड़ा देखना पड़ता है। बिकॉज़ बैंकिंग का डायरेक्ट रिलेशन है आरबीआई से तो वो थोड़ा सा देखना चाहिए। पड़ना चाहिए कि क्या-क्या इस पे बोला है। कुछ अगर कुछ ऐसा हुआ होगा। तो इन न्यूज़ स्पेस को लेके समझ में आ गया कि गोल्ड मूव हो रहा है। फेड ने कुछ कर दिया। कमोडिटी में और क्रूड ऑयल का कुछ दाम बढ़ रहा है, गिर रहा है। इन न्यूज़ स्पेस को लेके मार्केट में जब जाओगे तो क्या करने वाले हो? ओके। तो फर्स्ट ऑफ ऑल मैं पर्सनली 9:30 तक तो वेट करता हूं। अच्छा 15 मिनट कुछ नहीं। 15 मिनट कुछ नहीं करना चाहिए। बिकॉज़ लेट द मार्केट सेटल। अगर वो गैप अप है, गैप डाउन है। मार्केट को सेटल होने देना चाहिए। हम इनिशियली एक मन बना के चले जाए मार्केट में कि आज बाय ही करना है। दैट्स अ प्रॉब्लम। लेट द मार्केट सेटल। बिकॉज़ इनिशियली जो ऑर्डर्स होते हैं, वह इंस्टीटशंस की तरफ से आते हैं। जो बल्क ब्लॉक डील्स होती हैं बेसिकली स्टॉक्स के अंदर उसका विंडो 9 टू 9 एंड 8 होता है। एंड आफ्टर दैट वो रिफ्लेक्ट होना शुरू होता है धीरे-धीरे। तो खासकर अगर आप इंडेक्स ट्रेडिंग कर रहे हैं बिकॉज़ इंडेक्स इज़ अ मेड ऑफ़ स्टॉक्स। तो जो स्टॉक्स हैं अगर उनमें कोई रिएक्शन आएगा ऑफ कोर्स इंडेक्स उसको एकदम मूव करेगा। चाहे थोड़ी देर में वो सेटल भी हो जाएगा। बिकॉज़ ऑफ़ रिजल्ट कोई न्यू स्लो हो सकता है पर्टिकुलर स्टॉक के ऊपर। तो लेट देम सेटल जब मार्केट और ऑफ कोर्स लिक्विडिटी। लिक्विडिटी इज़ वे बेटर आफ्टर 9:30. बिकॉज़ जो रश वाला है वह निकल गया है। प्रॉपर मार्केट देन स्टार्ट हो जाती है। मेरा मानना यह है कि 9:30 के बाद इज़ वे बेटर। तो 9:30 पे ठीक है। तो व्हाट एक्साक्ट्ली आर यू? 9:30 बजे क्या कर रहे हो? कि ऑब्जरवेशन शुरू हो गया कि मेरा सेटअप बनना शुरू हो सकता है या नहीं या ऑलरेडी ट्रेड लेने की सोच से ही बैठे हो। यस। तो नो सोच लेके नहीं बैठे हैं। सेटअप ऑफ कोर्स अगर हमने सेटअप अगर हमारा कोई सिग्नल दे रहा है कि मुझे बाय करना चाहिए, सेल करना चाहिए। बेरिश बुलिश उस पे हम अगर उस समय मार्केट में हमें दिख रहा है पोजीशन तो वी कैन टेक इट एंड ऑफ कोर्स आई डू स्टॉक ऑप्शंस। सो मेरी स्कैनिंग 9:30 पे शुरू हो जाती है। आउट ऑफ 200 स्टॉक्स एफएनओ में है। उसमें से कौन-कौन से शेयर जो मैंने एक दिन पहले लेट्स से मेरे पास 10 शेयर्स की लिस्ट थी। नाउ आई विल चेक देम कि इन 10 में से क्या हुआ है। ओके कि इनमें से किसी में कोई ब्रेकआउट है, कोई सपोर्ट रेजिस्टेंस जो भी मेरा कोई लेवल मार्क किया है, कोई इंपॉर्टेंट डेटा पॉइंट है, तो आई विल चेक एट 9:30। आफ्टर दैट आई विल डिसाइड कि इन 10 में से दो में सिग्नल आया है। शुड आई टेक इट ऑर नॉट एज़ पर माय रिस्क रिवॉर्ड। तो वहां से शुरुआत होगा। पिछले दिन जो मार्केट क्लोज़र के बाद कुछ एनालिसिस किया होगा पोस्ट मार्केट उसका इस्तेमाल कब होता है? यस। तो दैट इज टू वॉच लिस्ट। अच्छा टू मेक अ वॉच लिस्ट कि अगर हम स्टॉक ऑप्शंस की बात करें बिकॉज़ 26 के आसपास एफएनओ में शेयर्स हैं। सारे शेयर्स तो ट्रेड भी नहीं करने हैं हमें। ऑलमोस्ट आई प्रेफर स्टॉक अबव 200 आर क्लोज टू 89000 बिकॉज़ लॉट साइज़ मैटर करता है। 100 टू 1000 के बीच में ईज़ली लिक्विडिटी है। उसके अबव लॉट साइज में थोड़े दिक्कत आएगी। अच्छा तो आई प्रेफर कि लॉट साइज थोड़ा छोटा हो। तो अगर आप फिल्टर करेंगे स्टॉक्स को तो आपके पास 80 90 100 शेयर ही आएंगे। तो उसको मैं स्कैन करता हूं अ डे बिफोर। मैंने आज मान लीजिए स्कैन किया। मुझे फाइव टू सिक्स शेयर्स आइडेंटिफाई हुए हैं कि ये बुलिश एंड बेरिश पॉसिबल है इसके अंदर। ठीक है? है ना? एक दिन पहले रियल मार्केट में जब मार्केट ऑन होगी। आई विल चेक अगेन कि ऑप्शन चेन में कुछ बदलाव आया है। फ्यूचर बिल्ड अप में कोई बदलाव आया है। बिकॉज़ एफएओ में ट्रेड करना है तो डाटा इज़ की। चार्ट तो आपके सामने विज़िबल है बट ऑप्शन डाटा एंड फ्यूचर बिल्ड अप ये रियल टाइम में चेंज हो रहा है। एंड ये आपको बता रहा है कि पोजीशंस बुलिश जा रही है, बेरिश जा रही है। किस साइड पोजीशंस चल रही है। बताओ यार इसको ऑप्शन डाटा में क्या देखते हैं आप? यस। तो बेसिकली इक्विटी में अगर हम बात करें सिंपल सी बात है। मैंने कोई शेयर बाय किया लेट्स से और आपने सेल किया। तो वी डोंट नो रियल मार्केट में कि किसने बाय किया, किसने सेल किया। हम राइट एग्जैक्टली कौन कितना बड़ा प्लेयर है यह पता नहीं चलता आफ्टर मार्केट क्लोज पता चल सकता है अगर व्हील्स होंगी राइट ब्लॉक डील्स होगी बल्क एंड ब्लॉक डील जिसमें क्वांटिटी आप करोड़ों में करते हैं अदरवाइज पता भी नहीं चलेगा बट ऑप्शंस के अंदर ये बात क्लियर है अगर मैंने कॉल ऑप्शन बाय की है तो किसी ने सेल की होगी बिकॉज़ मार्केट में बायर सेलर दोनों चाहिए आपको तभी ट्रेड पॉसिबल होगा अगर बायर है तो कोई सेलर भी होगा एंड बिकॉज़ बायर सेलर है तो व्यू भी ऑपोजिट होगा हम्म कोई बुलिश होगा कोई बेरिश होगा तो ओपिनियन का डिफरेंस है कैपिटल का डिफरेंस है रिस्क का डिफरेंस है और वी कैन से रिटेल एंड इंस्टिटशंस हम ये बात कर सकते हैं कि हम दो धड़ों में अगर बांटेंगे तो इस तरीके से हम डिफरेंस निकाल सकते हैं तो मार्केट के अंदर डेटा इज कि कौन बायर है कौन सेलर है एंड व्हाई ही इज़ बाइंग एंड सेलिंग दैट्स माय इंटेंशन इस ऑप्शंस डाटा का एक्चुअल में मेरे को मिल भी गया अगर तो हाउ आई एम गोइंग टू यूज़ दिस अपने ट्रेडिंग डिसिशन के लिए यस तो डाटा में सबसे इंपॉर्टेंट आप ये देखिए दो लोग हैं एक बायर एक सेलर है तो हमें समझना है लेट से मैं बायर हूं 20000 की कॉल ऑप्शन निफ्टी [गला साफ़ करने की आवाज़] का एग्जांपल ले लेते हैं हां मैंने बाय करी है। आपने सेल की है तो ऑफ कोर्स हमारा व्यू अलग होगा। मैं चाहता हूं मार्केट बढ़े तभी मैं कॉल ऑप्शन बाय कर रहा हूं। आपने सेल की है तो आप चाहते हैं मार्केट गिरेगी। या स्टेबल भी रहेगी, न्यूट्रल ले रहेगी तो भी आपको फायदा क्योंकि ऑप्शन जीरो हो जाएगी। तो अब हम दोनों का अलग-अलग व्यू है। पर मार्केट तो एक साइड जाएगी या ऊपर या नीचे या तो मैं प्रॉफिट में हूं या आप प्रॉफिट में। सो ये है ऑप्शन डाटा में हमें ये समझना है कि ऑप्शन बायर सेलर। पैसा दोनों लगा रहा है। पर डिफरेंस है बायर का सिर्फ प्रीमियम पे करना है। लेट्स से ₹20 ₹50 की कॉल थी तो मैं बस ₹50 पे करूंगा और उतना लूज भी करूंगा। बट आपने सेल किए तो आपका लॉस अनलिमिटेड है और आप पैसे भी ₹1.5 लाख दे रहे हो एग्जांपल के तौर पर। तो अब ये सोचना है हमें कि बयर सेलर दोनों लोग ट्रेड कर रहे हैं। कैपिटल दोनों अलग लगा रहे हैं। राइट? मैं कम लगा रहा हूं आप ज्यादा लगा रहे हैं। बट आप ऐसा रिस्क क्यों ले रहे हो? क्योंकि आपका प्रॉफिट तो लिमिटेड है। आप सिर्फ वो ₹20 या ₹50 का प्रीमियम कमाओगे। आप ₹1.5 लाख लगा के सिर्फ ₹5,000 कमाने का सोच रहे हो। राइट? अगर मैं ये कहूंगा। तो मुझे ये समझना है और मेरा ये तरीका है कि सेलर ज्यादा रिस्क ले रहा है। तो पैनिकिक भी वही करेगा। लेट्स से मार्केट बढ़ जाती है। मार्केट 20,100 आ जाती है। ऑप्शन भी बढ़ जाएगी। अब मैं तो प्रॉफिट में हूं क्योंकि बायर हूं पर आप टेंशन में क्योंकि आपने सेल की है। तो अब आपको सोचना पड़ेगा कि मैं एग्जिट करूं अपनी पोजीशन स्टॉप लॉस लगाऊं क्योंकि आपकी ऑप्शन बढ़ के डबल हो गई है। तो नाउ डिसीजन आपका है। सेलर लॉस में मेरा एक डाउट है। लेकिन मैं पैनिकिक में क्यों होऊंगा? क्योंकि ठीक है मेरी सजा ले रहा हूं। लेकिन मेरा रिवॉर्ड का चांस भी आपसे डबल है। करेक्ट। मेरा टू आउट ऑफ थ्री है। आपका वन आउट ऑफ थ्री है। करेक्ट। तो उस केस में पैनिकिक का रिलेटिबिलिटी क्या है? बिकॉज़ ठीक है मैं रिस्क ज्यादा लेके आया हूं। देखिए मेरा रिवॉर्ड भी ज्यादा है ना आपसे। मतलब परसेंटेज ऑफ़ परसेंटेज होने का चांस ऑफ़ रिवॉर्ड इज़ हायर डबल एक्चुअली देन यू। यस। तो हमें यही स्टडी करना है। हमें यही एनालाइज करना है कि कब कब सेलर एडवांटेज में है। कब कब वो डिसएडवांटेज में है। क्योंकि जब आप डिसएडवांटेज केसेस बताओ कुछ एग्जांपल। एग्जांपल के तौर पर लेट्स से मार्केट 20,000 चल रही है और हमने वही कॉल बाय की है। अब अगर मार्केट बढ़ जाए तो आप लॉस में मैं प्रॉफिट में हो। राइट? सो हम डाटा को चार्ट के साथ क्लब करेंगे। ठीक है? हम चार्ट पे देख रहे हैं कि कोई ब्रेकआउट लेवल है या रेजिस्टेंस लेवल है जिसका ब्रेकआउट हो रहा है तो अगर ब्रेकआउट हो रहा है तो मार्केट ऊपर जा सकती है यहां से पॉसिबिलिटी है इसके ऊपर सस्टेन करती है लेट्स से 20100 के ऊपर सस्टेन करती है फॉर लेट्स से 20 30 मिनट नाउ सेलर सोचने लगेगा कि यार ये तो सस्टेन कर रही है मार्केट शुड आई एग्जिट ऑ नॉट बिकॉज़ देन आपको डिसीजन लेना है कि आप लॉस में हो बट इट कैन बी मल्टीप्लाई वेरी क्विकली इंडेक्स के अंदर तो ऑप्शन ओआई के अंदर चेंजज़ आएंगे जो सेलर विल स्टार्ट डिक्रीजिंग देयर पोजीशन दे विल स्टार्ट एग्जिट देयर पोजीशन क्यों? क्योंकि वो लॉस में है और मार्केट सस्टेन कर रही है। नाउ दिस इज़ एडवांटेज फॉर बाय। बिकॉज़ आप बेच रहे हो। आपने आपने सेल की थी। नाउ यू हैव टू इट बैक। आपको खरीदनी पड़ेगी ऑप्शन और आप खरीदोगे किससे? या तो कोई नया ट्रेडर आ रहा होगा या हां बेचोगे जो बेचूंगा। मैं ना बेचूं तो आप तो फंस गए क्योंकि आपको तो हर हालत में लॉस लेनी है। तो आप हाईएस्ट प्राइस वेट करना शुरू कर दोगे। लेट्स से अगर 100 थी तो आप बोलेंगे 101 पे ले ले। तो नाउ यू आर क्रेडिटिंग अ डिमांड फॉर दैट ऑप्शन। बिकॉज़ आपने बेची थी। अब आप बाय करने जा रहे हो। तो देयर विल बी मोर डिमांड फॉर दैट ऑप्शन। लेकिन आपने ऑप्शन भी वही पिक किया जिसमें मेरा लॉस हो सकता है। यस कि मार्केट ऊपर जा रही है। करेक्ट आउट ऑफ द थ्री कि मार्केट स्टेबल रहती है या गिरती। उन दोनों केसेस में मैं पैनिकिक नहीं करता। करेक्ट। द ओनली पॉइंट व्हेयर आई विल पैनिकिक इज़ मार्केट गोज़ अप। ये वो वाला सिचुएशन है। लेकिन बाकी के दो सिचुएशनंस। यस। तो दैट्स व्हाई ऑप्शन ट्रेडिंग के अंदर हमें कभी भी सिंगल एक डिसीजन या एक सिंगल पॉइंट ऑफ़ एक्शन पे ट्रेड नहीं लेना चाहिए। मेरा मतलब है सिर्फ चार्ट को देख के ट्रेड मत करो। सिर्फ डेटा को देख के ट्रेड मत करो। क्लब बोथ ऑफ़ दैट। बिकॉज़ देन यू विल ट्राई टू मेक अ सेंस कि चार्ट पे क्या हो रहा है और सेम टाइम डेटा पे क्या हो रहा है। फॉर एग्जांपल तो ये निफ्टी का चार्ट है एंड ऑफ कोर्स ओल्ड डेटा है। सेबी की नई रेगुलेशंस एजुकेशन के लिए पिछले एक महीने का डाटा अलाउ करती हैं। लाइव ट्रेडिंग अभी भी अलाउड नहीं है। तो हम पिछले एक महीने के पुराना डाटा देख रहे हैं। यस। तो दिस इज़ अ डेली चार्ट बिकॉज़ मैं एक दिन पहले तैयारी करता हूं। तो उस बेसिस पे हमने ये डाटा निकाला है। तो इस पे मुझे ये दिख रहा है कि निफ्टी बार-बार हाई तो बना रहा था बट यहां से फॉल बैक भी है। मल्टीपल तो आप एक ऑप्शन बायर की तरफ से सोच रहे हो। यस। मैं डायरेक्शन पे टिक करना चाह रहा हूं या डायरेक्शन जाना चाहता हूं। मार्केट यहां से बुलिश होगी या बेरिश हो। दो केसेस हैं कि यहां पे मार्केट ब्रेकआउट आ सकता है और ऊपर बढ़ सकती है। दूसरी चीज़ मार्केट यहां से वापस से गिर सकती है जो पहले इंसिडेंसेस में हुआ है। ठीक है? राइट? तो अब यहां पे आरएसआई पे डायवर्जेंस है। टेक्निकली अगर मैं बात करूं जिसका मतलब है कि मोमेंटम ढीला बढ़ रहा है। थक रहा है। स्टॉक बेशक बढ़ रहा है। इंडेक्स बढ़ रहा है बट मोमेंटम फेवर नहीं कर रहा इंडेक्स को। तो दिस इज़ अ सेटअप। आरएसआई बेरिश है। कहां से देख रहे हो आप आरएसआई? यह यहां पे जब मार्केट ने यहां पे हाई लगाया था 25,000 आरएसआई था 70 के आसपास पर अभी 25378 का हाई लगा तो मार्केट आ गया आरएसआई आ गया 60 पे तो अगर मार्केट बढ़ रहा है आरएसआई नहीं बढ़ रहा इसका मतलब मोमेंटम ढीला बढ़ रहा है आरएसआई मींस मोमेंटम क्या एक इंडिकेटर कोई भी इज इनफ फॉर अस टू टेक अ डिसीजन नो नो बिलकुल नहीं तो लेट से डाटा वाइज मुझे लगता है कि मार्केट ऊपर जाने के चांस कम है बट मैं इसको वैलिडेट कैसे करूं राइट कंफर्म कैसे करूं ताकि मैं कोई पोजीशन बना पाऊं यस तो सेकंड थिंग इज ऑप्शन चेन। तो अभी हम किस थॉट से डाटा देखने जा रहे हैं? क्या फीडबैक लेके आए हैं हम चार्ट से कि ऊपर जा रहा है लेकिन आरएसआई नीचे जा रहा है। यस। एंड वी वांट टू बी श्योर कि मोमेंटम अब किस तरफ जाएगा? यस। मार्केट पे एक रेजिस्टेंस दिख रहा है। या इस लेवल पे आके बार-बार नीचे भी आ रही है। तो पॉसिबल है कि मार्केट एक रिवर्सल दिखाए यहां से। या ब्रेकआउट होगा। या ब्रेकआउट होगा। करेक्ट। तो ऑप्शन डाटा हम समझेंगे। ऑप्शन चेन। ऑप्शन डाटा मींस ऑप्शन चेन। ऑप्शन चेन में सारी ऑप्शन स्ट्राइक प्राइसेस होती हैं। उसके सामने उनके प्राइसेस होते हैं। एंड आल्सो ओआई। ओआई का मतलब होता है ओपन इंटरेस्ट। एग्जांपल के तौर पर मान लीजिए 25,400 की जो कॉल ऑप्शन है इस पे ओआई है 29210। यानी इतने नंबर ऑफ कॉन्ट्रैक्ट्स यहां पे ओपन खड़े हैं। तो नंबर ऑफ कॉन्ट्रैक्ट मतलब एक लॉट एक कॉन्ट्रैक्ट। तो यहां पे 29010 लॉट्स लॉट्स खड़े हैं। अब ये बाय भी हैं और सेल भी हैं। तो हम ये नहीं कह सकते कि ये बायर ही बैठा है। बोथ साइड है। बिकॉज़ जब बाय की होगी तो किसने सेल भी किया ऑप्शन। यानी इतने नंबर ऑफ कॉन्ट्रैक्ट्स यहां पे ओपन खड़े हैं। मींस बयर भी हैं, सेलर भी हैं। तो ट्रेड अभी ओपन है। उन्होंने क्लोज नहीं किया। कितना अच्छा होता हमें पता लग जाता कि बायरर्स कितने हैं इसमें से सेलर्स कितने हैं? इक्वल है। अच्छा इक्वल ही होता है। बिकॉज़ मैं एक बाय कर रहा हूं। हो सकता है बेचने वाला 10 कर रहा होगा पर नंबर ऑफ़ बायरर्स कम हो सकते हैं। नंबर ऑफ़ बायर्स यार। नंबर ऑफ़ बायरर्स एंड नंबर ऑफ़ सेल्स। हां। लॉट ऑफ़ सेल्स। हां। ऑफ कोर्स। तो वी डोंट नो दैट। एक्सैक्टली। बट यहां पे हमें ये समझना है कि व्हाई समबडी इज़ बाइंग एंड सेलिंग? हम ये सेलर के माइंडसेट को जानना चाहता हूं मैं कि अगर मैं यहां पे सेलर हूं तो मैं क्या बेच के सोच रहा हूं। मैंने क्या सोचा कि मैं यहां पे सेल करने जाऊंगा क्योंकि बायर तो मैं समझ रहा है कि बुलिश मान रहा है मार्केट को पर सेलर क्या सोच रहा होगा उसके मन में क्या चल रहा है यह सिंपल मैं क्रिकेट का एनालिसिस आपको समझाना चाहता हूं फाइनल ओवर चल रहा है 10 रन चाहिए मुझे तो बैट्समैन एक तो प्रिडिक्ट मूव कर सकता है कि मैं इस तरीके से शॉट खेलूंगा ये बॉल आ सकती है एक तो पहले ही वो मूव कर गया या टर्न कर गया या थोड़ा ऑफ साइड से बाहर आ गया कि मैं यहां को टच करूंगा बॉलर के दिमाग में भी होगा कि अगर यह मूव करेगा तो मैं वाइड करने का ट्राई करूंगा मैं इसके पैर में बॉल मारने का ट्राई करूंगा बाहर एक्सर एक बॉलर एक बैट यस तो वहां माइंडसेट की गेम चल रही है और बहुत बार आप देखेंगे बॉलर बॉल नहीं डाल रहा। सिर्फ ऐसे ही रन अप कर लेता है। बिकॉज़ ही वांट टू टेस्ट कि आप करना क्या चाहते हो? आपने प्रीमूव तो नहीं किया। राइट? तो हर कोई दूसरे के अपोनेंट के दिमाग में झांकना चाहता है। सेम चीज ट्रेडिंग है। अगर मैं ऑप्शन बयर हूं तो मुझे झांकना चाहिए कि सेलर क्यों सोच रहा होगा? उसके मन में क्या चल रहा है सिचुएशन के अकॉर्डिंग। तो वो हमें डाटा बता सकता है। तो यहां पे हम चेक करते हैं ओआई ओपन इंटरेस्ट। कितने ऑप्शन या कॉल पुट पे कितने कॉन्ट्रैक्ट्स ओपन खड़े हैं। बाइंग कॉल एंड पुट बोथ साइड। अब इसमें यह क्वेश्चन आ सकता है कि यह बयर है या सेलर है? हमें किसकी तरफ से देखना चाहिए? तो उसका आंसर आप करेंगे। मार्केट में रिस्क में कौन है सबसे ज्यादा? सेलर। सेलर। बिकॉज़ अगर ये ऑप्शन ₹100 की है। यहां से 200 होगी, ₹00 हो सकती है तो उसका लॉस मल्टीप्लाई हो जाएगा। पर बयर को तो ₹100 का लॉस होना है। तो वो ज़ीरो तक भी वेट करेगा। उसको पता है 100 से नीचे नहीं जाएगा। बट सेलर का लॉस मल्टीप्लाई हो सकता है। बिकॉज़ सेलर इज़ ऑलवेज एट अ रिस्क। कैपिटल भी आप ज्यादा लगा रहे हो। सो हमें हमेशा मार्केट को ऑप्शन सेलर के नजर देखना चाहिए। चाहे आप बायर ही हो। सेलर के पर्सेक्ट बिकॉज़ मैं ये देखना चाहता हूं कि जब जबब आप गलती करेंगे तब-तब मैं पैसा कमाऊंगा एज अ ऑप्शन बायर बिकॉज़ दैट्स अ वेरी क्लियर थिंग कि बायर तभी प्रॉफिटेबल होगा जब सेलर लॉस में होगा। वो भी यही देख रहा है लेकिन यस वो भी यही देख रहा है। बिल्कुल यस। सो बिकॉज़ जैसा आपने कहा कि सेलर का हमारा विनिंग परसेंटेज ज्यादा है। तो एज अ ऑप्शन बयर मुझे ये केयरफुल रहना चाहिए कि मैं हर बार ट्रेडिंग के सेटअप के बाद ही ट्रेड लूं। इमोशंस पे ट्रेड नहीं लूं। न्यूज़ पे ट्रेड ना लूं। क्योंकि वहां पे एज सेलर का है। मेरा नहीं है। तो मुझे कंफर्मेशन चाहिए फ्रॉम डेटा। तो, इसको हम देखते कैसे हैं? बहुत सिंपल है। आज की डेट में आपके ब्रोकर्स में यह मिल जाता है और यह एनएससी का डाटा है। ईज़ली अवेलेबल है। इसके लिए आपको कुछ टूल की ज़रूरत नहीं है। ईज़ली डाटा आपको मिल जाता है। डेटा में सबसे पहले हमें देखना है सबसे ज्यादा ओआई किस स्ट्राइक ऑप्शन पे है। कॉल साइड और पुट साइड। जिस कॉल के ऊपर हाईएस्ट ओआई होगा। हमें वो आइडेंटिफाई करनी है। तो हम कर लेते हैं। तो हम यहां देख पा रहे हैं 26,000 की जो स्ट्राइक है कॉल ऑप्शन हाईएस्ट ओआई दिख रहा है 3,53,587। आप देखिए इससे ज्यादा ओआई किसी भी स्ट्राइक में अवेलेबल है। 353587 26000 कॉल ऑप्शन यानी करंट मार्केट्स पे जब भी हम ये देख रहे हैं 600 पॉइंट अबव हाईएस्ट ओआई यानी इस कॉल ऑप्शन पे बयर सेलर का इंटरेस्ट सबसे ज्यादा है। हम बोल सकते हैं उनकी रुचि है इसको ट्रेड करने में। तो जो हाईएस्ट ओआई होता है कॉल साइड उसे हम रेजिस्टेंस मानते हैं। अच्छा। क्यों? क्योंकि यहां पे सेलर चाहता है कि मार्केट इस लेवल के ऊपर ना जाए। इसलिए वो सेल कर रहा है। तो चाहता है मार्केट 26,000 के अबव ना जाए तो ये ऑप्शन जीरो हो जाएगी और वो पूरा प्रीमियम जो भी है बेच दे रहे हो मेरे को एक अगर सपोर्ट भी बताओगे है ना हां ओके तो ओके बट लॉजिकल है के 25400 पे मैंने देखा कि सबसे ज्यादा ओआई पड़ा है इन टर्म्स ऑफ़ क्वांटिटी 26000 की कॉल पे 26000 की कॉल पे तो दिस इज़ फॉर टुडेज़ ट्रेड अभी की ट्रेड के हिसाब से देखा जाए अगर मुझे अभी का घुसना है एंट्री करना है तो मेरे को अगर रेजिस्टेंस मार्क करना है तो एक तो 26000 पे हम कर सकते हैं पहला हां पहला ठीक है फिर उसके बाद हम देखते हैं कि जो करंट प्राइस चल रहा है उसके के आसपास कौन सी स्ट्राइक पे हाईएस्ट ओआई है यानी 25400 के आसपास कौन सी स्ट्राइक पे सेकंड हाईएस्ट आई है तो वो हम देखेंगे तो वो हमें मिल रहा है 25400 की कॉल ऑप्शन पे 292 जो हमने सबसे पहले देखा यस कि इस करंट मार्केट प्राइस जो एट द मनी हम कॉल कह सकते हैं जो अभी भाव चल रहा है 29210 कॉन्ट्रैक्ट खड़े हैं सेकंड हाईएस्ट प्राइस 25400 पे अब ये ऐड द मनी कॉल ऑप्शन है और यहां पे इतने सेलर है यानी ये लोग चाहते हैं कि 25400 के ऊपर मार्केट ना जाए बिकॉज़ ऐड द मनी बेचना सबसे रिस्की काम प्रीमियम भी सबसे ज्यादा है। ऑलमोस्ट ₹100 है यहां पे कंपेयर टू 26000। तो, यह लोग चाहते हैं या यह इनका व्यू है कि मार्केट इसके ऊपर ना जाए। यह इनका इंटेंशन है। तो, हम इस लेवल को एज अ रेजिस्टेंस मार्क कर सकते हैं कि 25,400 के ऊपर जब तक मार्केट नहीं गई, सेलर डरने वाला नहीं है क्योंकि उसका व्यू है कि 25,400 के नीचे एक्सपायरी करे। तो यहां से मुझे एक चीज कंफर्म हुई कि जो मुझे चार्ट पे दिख रहा था कि रेजिस्टेंस है तो वो कंफर्म हो गया कि रेजिस्टेंस तो यहां पे है। तो जब तक ब्रेकआउट ना हो लेट्स से अगर मुझे आपको लग रहा है मार्केट बढ़ सकती है। मुझे लगता है मार्केट बढ़ सकती है। मैं तब तक बाय ना करूं जब तक मार्केट स्पॉट प्राइस पे इस लेवल के ऊपर ट्रेड ना करे। थोड़ी देर के लिए लेट्स से 15-20 मिनट तक टिक ना जाए। एक दो कैंडल मैं कहूंगा वेट करना चाहिए। जब तक वो टिकेगी नहीं मार्केट इसके ऊपर तब तक एक रैली नहीं आ सकती। तो अगर मुझे यहां पर कॉल बाय करनी है मैं तब तक नहीं करूंगा जब तक मार्केट इस लेवल के ऊपर सस्टेन ना करे फॉर अ वाइल सस्टेन का मतलब क्या है 15-20 मिनट ट्रेड हो जाए 25400 पे यस इसके अबव स्पॉट प्राइस मेरा इसके अबव कुछ तक रहे यस इसके ऊपर क्लोज रहे 5 मिनट देखें आप 15 मिनट की कैंडल देखेंगे तो तीन-चार कैंडल इसके अबव दिखनी चाहिए उससे क्या कॉन्फिडेंस मिलेगा मेरे को उससे कॉन्फिडेंस ये मिलेगा क्योंकि जब मार्केट इस लेवल को क्रॉस करेगी तो सेलर हैव टू डिसाइड कि अगला लेवल कौन सा अगला लेवल क्या होगा सो उनके अंदर वो पैनिकिक मोड शुरू हो सकता है कि अगर मार्केट यहां से 50 पॉइंट बढ़ गई तो ऑप्शन जल्दी बढ़ेगी अब बिकॉज़ दैट्स अ इन द मनी ऑप्शन स्लाइटली इन द मनी ऑप्शन है तो जो बढ़ने का दर है कॉल का वो ज्यादा हो जाएगा क्योंकि डेल्टा हाई होगा इस ऑप्शन का अगर मार्केट मान लीजिए 25425 चल रही है तो ये ऑप्शन 6070 डेल्टा की होगी 60 डेल्टा की होगी क्योंकि डेल्टा हाई होगा इस ऑप्शन का अगर मार्केट मान लीजिए 25425 चल रही है तो ये ऑप्शन 60 डेल्टा की होगी तो अब मार्केट अगर ₹100 बढ़ेगी तो ये ₹60 बढ़ जाएगी तो सेलर का नुकसान है वो बढ़ जाना शुरू हो जाएगा तो अब उनके डिसीज़ लेना है का सोचना पड़ेगा। लेकिन अगर मार्केट कंसोलिडेट 15-20 मिनट नहीं होती है, गिर जाती है उसी लेवल से तब तक मतलब हमें कॉल बाय तभी करनी चाहिए। मैं तभी करता हूं जब तक मार्केट सस्टेन ना करे। सस्टेन कर गई तो मैं लॉन्ग में बाय कर सकता हूं। बुलिश जा सकता हूं। नहीं तो सेटअप नहीं बना। तब तक बुलिश सेटअप नहीं है। अब बेरिश की बात कर लेते हैं कि क्या बेरिश सेटअप है या नहीं है। बिकॉज़ हम एक मन बना के नहीं जाएंगे मार्केट में कि ऑलरेडी मुझे ऐसा करना है। मार्केट जो कह रही है मैं उसके अकॉर्डिंग प्लान कर। तो अब हम पुट साइड चलते हैं। तो आप देखेंगे सेम लॉजिक जो हमने कॉल में किया हम पुट में देखेंगे। तो पुट पे हाईएस्ट हुआ 25,000 की पुट ऑप्शन पे है 236807 तो यानी इस लेवल की जो पुट ऑप्शन जो बेच के बैठे हैं सेलर हैं वो चाहता है मार्केट 25,000 के ऊपर रहे और मार्केट 25,400 चल रही है। तो उनका जो व्यू है करेक्ट है अभी तक तो क्योंकि मार्केट 400 पॉइंट ऊपर खड़ी है। जब तक मार्केट इसके लेवल के नीचे ना आए तब तक वो लॉस में नहीं है। तो ये सपोर्ट है। क्यों? क्योंकि सेलर यहां पे कंफर्टेबली बैठा है। 25,400 पे अगर मार्केट रहे तो 25,000 की ऑप्शन जीरो हो जाएगी। हम् क्योंकि वह ओटीएम ऑप्शन है। यस। तो 400 पॉइंट का बफर है ऑप्शन सेलर के पास इस ऑप्शन में। तो यह सपोर्ट है। तो यह हमें समझ आ रहा है। रिस्पेक्ट भी कर सकते हो कि ठीक है सपोर्ट है। अब सेकंड हाईएस्ट ओआई देखते हैं। तो वो मुझे दिख रहा है 25,400 पे 18,89,670 ये हाईएस्ट ओआई है। सेकंड हाईएस्ट ओआई। यानी ये जो पुट ऑप्शन सेलर हैं ये चाहते हैं कि मार्केट 25,400 के अबव जाए नीचे ना जाए। अगेन ऐड द मनी ऑप्शन बेच रहे हैं। तब आप देख रहे हैं कॉल और पुट पे स्पॉट प्राइस पे जो 25,800 है ऑलमोस्ट इक्वल सा हुआ है। कॉल में ज्यादा है, पुट में कम है। कॉल में ज्यादा है। तो यहां पे बराबर की लड़ाई चल रही है। ऑलमोस्ट बराबर की 189 289 और 189 तो यानी कॉल साइड पे थोड़ा ज्यादा हुआ है कंपेयर टू पुट ऑप्शन। बट हम कह सकते हैं कि लड़ाई बराबर है। जो मैं मैं बीच में रोकना चाह रहा हूं। सॉरी बट जो आरएसआई हमारा गिर रहा था जो हम वहां से मार्केट को देख के आए थे कि ऊपर जा रही है और जो हम अभी देख रहे हैं हाउ एम आई कनेक्टिंग दीज़ टू थिंग्स टुगेदर। मैं चेक लिस्ट में बिलीव करता हूं एग्जांपल के तौर पर कि जब हम गाड़ी चलाते हैं तो हम थ्री मिर्स देखते हैं। हां। राइट? फॉर आवर सेफ्टी कि हम रॉन्ग साइड्स ओवर्स ना करें। कोई पास ना आ जाए और मैं गलत ना चला। तो तीन में से दो भी अगर आपको सही दिख रहे हैं तो आप डिसीजन ले लेते हैं। एक से भी ले लेते हैं जनरली लोग। बट दो कन्फर्मेशन चाहिए। देखनी चाहिए। तो मेरा ट्रेडिंग में सेम लॉजिक है कि मैं चार्ट पे मैं बेरिश हूं। लेट्स से अगर डाटा भी बेरिश आ रहा है तो आई एम कंफर्म मैं डिसिशन ले सकता हूं। अच्छा बट अभी आप देखिए चार्ट पे दिख रहा है कि रेजिस्टेंस तो है। एंड डेटा आल्सो शोइंग दैट कि इस लेवल पर रेजिस्टेंस तो है। नाउ दिस इज़ कंफ्यूजन स्टेट कि ऊपर भी है, नीचे भी है। पर डेट दिखा रहा है कि कॉल पे ज्यादा है, पुट पे कम है। तो ऐसे केस में भी मैं यह वेट करूंगा जब तक मार्केट 25,400 के नीचे कंसोलिडेट ना करे। मार्केट इसके नीचे अगर थोड़ी देर रहे तो मैं बेरिश जाऊंगा। बेरिश बेरिश हो गया। तो कंफर्मेशन हमें इस तरीके से करना है। डाटा एंड चार्ट को क्लब करना है। अगर यहां क्लियर होता कि रेजिस्टेंस मान लीजिए पुट पे हमारा ओआई इतना ना होता तो मैं कहता कि ठीक है कॉल हम बाय कर सकते हैं। काफी दूर रेजिस्टेंस है। 26,000 का रेजिस्टेंस बहुत दूर है। पर करंट कॉल पे ही इतना रेजिस्टेंस है। तो लड़ाई बराबर की चल रही है। सेलर के मन में बराबर की है। तो वो चाहते हैं कि मार्केट यहीं पे एक्सपायर करे। दैट्स व्हाई दोनों सेल कर रहे हैं अगर हम एक बात करें। पर दोनों सही एक होगा। या तो कॉल सेलर या पुट सेलर। ये ट्रेड कब एक बयर के लिए और इजी हो जाती फ्रॉम डेटा पर्सेक्टिव। वो क्या कौन से स्ट्राइक प्राइस पे क्या हाईएस्ट देखता वो आए कि उसको लगता था कि यह तो यार फ्री का पैसा पड़ा। लेट से अगर मार्केट 25400 चल रही है और रेजिस्टेंस 25600 होता सेकंड हाईएस्ट कॉल में तो मैं बुली जा सकता था क्योंकि 200 पॉइंट दूर है रेजिस्टेंस हम 200 पॉइंट बहुत होते हैं। बहुत होते हैं। बट करंट प्राइस पर ही कॉल पे सेकंड हाईएस्ट तो वही है। इसका मतलब वो चाहते नहीं है कि इसके ऊपर भी जाए। तो यहां पे मैं डिसएडवांटेज नहीं हूं एज अ बायर। क्योंकि सेलर पैनिकिक नहीं करेगा इसलिए। अगर रेजिस्टेंस दूर है तो वह आने देगा कि 26 25600 तक आने दो कोई दिक्कत नहीं अब करंट मार्केट प्राइस या स्पॉट प्राइस जो है अगर हाईएस्ट उसका जो अगर अगला जो स्ट्राइक प्राइस पे जो ओआई का डिफरेंस है अगर वो बहुत ज्यादा है तो दैट्स अ इजी यस डायरेक्शन डायरेक्शन फॉर मी कि अभी का ट्रेड बना हुआ है ले लेना चाहिए यस अगर कॉल पे ज्यादा होते पुट पे कम होते तो फिर भी हम बेरिश जा सकते बट ऑलमोस्ट लड़ाई इनकी बराबर की चल रही है। बट ओके इज इट दिस इजी कि मैं सिर्फ ओआई देख के वॉल्यूम देख के कॉन्ट्रैक्ट्स का डिसिशन ले सकता हूं। मेरा ट्रेडिंग का सिंपल फ्लो यह रहता है। मैं मानता हूं कि सबसे पहले हम व्यू बनाते हैं। व्यू हमारा बन गया। लेट्स से मैं यहां बेरिश जाना चाहता हूं। मैं अग्रेसिव ट्रेडर हूं। तो लेट्स से मुझे यहां पे बेरिश जाना है। अब मुझे रिस्क रिवॉर्ड देखना है। अब रिस्क रिवॉर्ड ये है कि मार्केट यहां से कितना गिर सकता है। निफ्टी यहां से 100 200 300 कितना पॉइंट गिर सकता है। क्योंकि रेजिस्टेंस तो हमारा सामने ऊपर 100 पॉइंट का भी नहीं है। तो अब सपोर्ट 25,000 पे है। यानी यहां से 400 पॉइंट दूर सपोर्ट है सेकंड सपोर्ट। और अगर हम चार्ट पे भी इस चीज़ को देखें 24,600 के आसपास है। जो लास्ट टाइम यहां पे मार्केट ने बाउंस बैक किया था। तो यानी 800 कम से कम यहां से बहुत ज्यादा 800 पॉइंट से ज्यादा हो गया। तो गिरने के लिए स्पेस काफी है। तो अगर मैं बेरिश जाऊं तो लेट्स से मैं 25400 पे चल रहा है। तो मैं 2500 या 600 का स्टॉप लॉस लगा सकता हूं। लेट्स से मैं 100 पॉइंट का लगाता हूं 25,500 का। तो 100 पॉइंट का स्टॉप लॉस और नीचे मुझे 200300 पॉइंट का टारगेट मिल सकता है। तो रिस्क रिवॉर्ड यहां फेवरेबल है। तो और क्वांटिफाई करो रिस्क रिवॉर्ड को। मेरा मानना है। मान लो कि आपके पास लाख रुपया है। आप इसको ट्रेड में बांटो। तो सबसे पहले हम ऑप्शन में हम एक चीज़ समझे। अगर इंडेक्स मूव करेगा तो ऑप्शन भी मूव करेगा। करेक्ट? बट अगर इंडेक्स 100 पॉइंट मूव करेगा अपर साइड और लोअर भी 100 करेगा तो 50 पॉइंट ऑप्शन बढ़ेगी। मान लीजिए तो मेरा तो प्रॉफिट लॉस इक्वल हो गया। 50-50 का हो गया। ₹50 कमाना, ₹50 कमाना। अगर मेरा निफ्टी 100 पॉइंट ही मूव करे बोथ साइड। मैं चाहता हूं कि मेरा जो स्टॉप लॉस हो निफ्टी के लेवल पे वो 1:2 का हो। यानी अगर मैं 100 पॉइंट ऊपर पे रेजिस्टेंस ले रहा हूं तो 200 पॉइंट मार्केट गिरनी भी चाहिए। तभी मैं ट्रेड लेता हूं। अगर ये 1 1 होता कि 25300 पे सपोर्ट होता और 25500 पे मार्केट रेजिस्टेंस मैं स्टॉप लॉस ले रहा हूं तो 1:1 हो गया। ऑलरेडी 1 हो गया। और आप ये कैसे मान सकते हैं कि 100 पॉइंट मैं पूरा ले सकता हूं। हो सकता है मैं 60 पे निकल जाऊं 70 पे निकल जाऊं। पैनिकिक भी हो सकता है। हो सकता है मार्केट 80 पॉइंट से रिवर्स कर जाए। मैं टारगेट 100 का लेके बैठा था। तो मेरा मानना है कि अगर मार्केट 200 पॉइंट का मैं नीचे मान रहा हूं तो उसमें से अगर हाफ भी आया 860 70% भी आया तो भी आई विल मेक सम मनी। तो रूम फॉर एरर वहां पे है। मार्जिन ऑफ़ एरर हम माय क्वेश्चन इंटेंट वाज़ कि लेट्स से हम किसी भी एक सपोर्ट रेजिस्टेंस लेवल पे बैठे हैं। चाहे वह 200 पॉइंट का है और 200400 का पॉइंट का भी है। मान लो 100 200 पॉइंट का भी है। तो अगर आपके पास x हैं आप बाइंग पूरा इकट्ठा करोगे। पूरा लाख डिप्लॉय कर दोगे और अगर करते भी हो या नहीं भी करते हो तो हाउ डू यू ब्रेक दैट मनी? और फिर उसके बाद उसके एग्जिट में वो पैसा कैसे काटोगे? ओके। तो मैं हमेशा ट्रेडिंग को देखता हूं कैपिटल को कि मैं कितने लॉसेस ले सकता हूं। यानी कितनी गलती कर सकता हूं। मान लीजिए मैं हर ट्रेड में 2000 का लॉस लेता हूं। तो आप देखिए 1 लाख कैपिटल में मैं 50 गलत ट्रेड कर सकता हूं। करेक्ट। मेरी कैपिटल वाइप आउट हो जाएगी। अगर मैं 50 ट्रेड गलत कर गया। तो मैं कितनी गलती अफोर्ड कर सकता हूं मैं उस तरीके से कैपिटल को डिवाइड करता हूं। लेट्स से मेरा रिस्क 5000 पर ट्रेड लेने का है। लेट्स से तो मैं सिर्फ 20 गलत ट्रेड कर सकता हूं जो कि रिस्की है। 20 ट्रेड गलत हो सकते हैं। बहुत ईजीली हो सकते हैं। पर जब मैं 50 गलत ट्रेड करूंगा या 40 करूंगा तो नंबर ऑफ ट्रेड मैंने बढ़ा दिए। तो प्रोबेबिलिटी ऑफ़ गेटिंग राइट इज़ देयर। मेरे पास माउंस बैक का टाइम है। अगर मेरे 20 ट्रेड गलत हुए और अगले 20 में मैं ब्रेक इवन भी आ गया तो मैं कैपिटल सर्वाइव कर सकता हूं। पर अगर कैपिटल रिस्क ज़्यादा है अप ट्रेड तो मैं 20 ट्रेड में ये वाइप आउट हो सकता हूं। तो मैं देखता हूं कि मैं कितनी गलती अफोर्ड कर सकता हूं। ये कैसे डिसाइड होता है? हां। तो लेट्स से मैं इंट्राडे करता हूं और मेरा रिस्क रिवॉर्ड ₹3000 पर ट्रेड है। तो ₹1 लाख में 33 ट्रेड मैं गलत कर सकता हूं अप्रोक्सिममेटली। नहीं मैं कह रहा हूं ये 3000 में कैसे डिसाइड किया आपने? हां। वो हमें डिसाइड करना है कि एस पर योर रिस्क रिवॉर्ड रिस्क कैपिटाइट पर ट्रेडर हर किसी का अलग-अलग हो सकता है। कोई 1000 करे कोई 1500 करे तो ये सब्जेक्टिव है। ये सब्जेक्टिव है। ये इसके लिए कोई रूल बनाया जा सकता है। किसी को कुछ नहीं पता कि मैं लाख की 20 ट्रेड लूं, 50 लूं या 100 ट्रेड लूं। ₹1000 की। इज देयर ए नाइस टू थ्री पॉइंटर थिंग दैट समबडी कैन टेल एंड डिसाइड? यस। तो मेरा इसमें सबसे सिंपल तरीका है अगर आप जॉब कर रहे हैं तो जो आपकी सैलरी है उसके इक्वल अमाउंट से ही ट्रेडिंग शुरू करनी चाहिए। ये डिप्लॉयड अमाउंट है या टोटल अमाउंट? टोटल अमाउंट। टोटल अमाउंट किसी की सैलरी 500 है। हां, तो उसको ट्रेनिंग 5,000 से शुरू करनी चाहिए। उसका रीज़न यह है 1 महीने की सैलरी। हां, उसका रीज़न यह है कि अगर हमने 50,000 लॉस भी कर दिया, तो आप समझना कंपनी ने एक महीना फ्री काम किया। आपको बहुत दुख नहीं होगा। बट अगर आपकी सेविंग 5 लाख कंपनी के ऊपर आपने बिल फाड़ दिया। [हंसी] कंपनी को ही तो दिया पैसा। नहीं। बट हम ये कह सकते हैं कि आपको पर्सनली बहुत दुख नहीं होगा कि एक महीना फ्री काम कर लिया। पर कंपनी को बताना नहीं है। हां, बताना नहीं है। पर अगर आपकी सेविंग है तो आप सेविंग से यूज़ मत कीजिए। क्योंकि यह पर्सनल आप देखिए जो जॉब करता है उसको एक सैलरी फिक्स मिलती है और हर कोई उसे डिसटिस्फाई होगा बढ़नी चाहिए थी। सब चाहते हैं। बट अगर आपने वो लॉस कर दिया है कैपिटल तो समझ लीजिए आपने 12 महीने में से 11 महीने सैलरी मिली एक बिना फ्री काम किया। ओके। बट अगर हमने कैपिटल मेरी 50,000 सैलरी है और मैं 5 लाख एक साथ लगा दूं। मेरी सेविंग है। सो मैं अपने 10 महीने की सैलरी उड़ा रहा हूं। अगर मैं एकदम से वो सारा लॉस खर्चा तो मेरा सजेशन रहता है कि मैं पर्सनली यही किया है कि सैलरी से स्टार्ट करो। अगर लॉस हो भी गया तो अगले महीने सैलरी आ जाएगी तो मुझे टेंशन कम होगी कि चलो मैंने उतना ही लॉस किया जितना मैं कमा रहा था। 500 मेरा टोटल कैपिटल होगा। कैपिटल हो गया। अब यहां से मैं डिप्लॉयड कैपिटल पर ट्रेड कैसे डिसाइड करूं? यस। तो इसके लिए हम मैटर करता है हम किस इंस्ट्रूमेंट को ट्रेड करते हैं। हम निफ्टी करते हैं, बैंक निफ्टी करते हैं, इंडेक्स ऑप्शन करते हैं। तो आप देखिए इंडेक्स में जो लॉट साइज है, हम उसके अकॉर्डिंग चल सकते हैं। 50 65 के आसपास का लॉट होता है। जनरली निफ्टी के अंदर 75 भी था। तो 20 पॉइंट्स मतलब 1500 2000 तो इंट्राडे में 2000 का स्टॉप लॉस इज़ सफिशिएंट बिकॉज़ अगर आप इससे कम लेंगे तो निफ़ी पे 10 पॉइंट बहुत जल्दी मोमेंटम आ सकता है। तो स्टॉप लॉस जल्दी हिट हो जाएगा आपका। तो ये एक बॉल पार्क है कि इस रेंज के आसपास से स्टार्ट किया जा सकता है क्योंकि उसमें आप 25 ट्रेड गलत कर सकते हो फिर हम आप उस तरीके से सोचिए कि 25 ट्रेड मैं गलत कर सकता हूं। जो कि बहुत अनरियल है कि अगर लगातार ही बैक टू बैक 25 ट्रेड गलत करना ऑफ कोर्स दैट्स प्रैक्टिकली पॉसिबल बट उससे आपको रिलैक्सेशन भी आएगी कि मैं कुछ तो गलत कर रहा हूं। क्या माहौल होता है एक्सपायरी के दिन? इंडेक्स ट्रेडिंग की बात करें। मान लो के 1:00 बज गया दोपहर का। इंडेक्स ट्रेडिंग के अंदर मेरा मानना है कि बाइंग 230 तक ही करनी चाहिए। उसके बाद नहीं करनी चाहिए। क्योंकि उसके बाद अनप्रिडिक्टेक्ट मूव आ जाते हैं। और इसका कारण आपने भी देखा जेन स्ट्रीट अगर मैनपुलेशन हो रही है हमें पता नहीं है। वो तो बाद में पता चल रही है कि ऐसा हो रहा था। तो वह 230 के बाद बहुत ज्यादा चेंजेस आते हैं। तो अगर आप इंट्राडे ट्रेडर हैं मैं प्रेफर करता हूं कि एक्सपायरी डे पे उससे पहले ही खत्म कर लिया जाए ट्रेड एंड वाले तक नहीं जाना चाहिए। खासकर इंडेक्स पे वो रिसेंटली जैसा पिछले एक दो साल में मोमेंटम हुआ है कि बहुत बड़े स्विंग आ रहे हैं तो वो प्रॉब्लम मेकर है। कंसिस्टेंसी आप उस पे ला नहीं सकते। बार-बार जीरो हीरो बट किसी ने अगर मान लो के कोई हाई रिस्क ट्रेडर है जो कि बहुत एक्सपीरियंस ट्रेडर होना चाहिए। सिर्फ हीरोज़ जीरो वाले भी होते हैं कहीं ना। तो जो 1 से 2:00 बजे एक्सपायरी के दिन ट्रेड करना चाह रहा है और वो ओआई का डाटा देख रहा है और उसको पता लग रहा है कि नंबर्स बहुत जल्दी मूव हो रहे हैं और कुछ-कुछ स्ट्राइक प्राइस पे ही जमावड़ा हो रहा है और कुछ पे तो बिल्कुल वाइड अप होना शुरू हो गया है। तो वो क्या चीजें देखेगा जिसके बेस पे वो डिसीजन ले सकता है सिर्फ इसको देख के या चार्ट्स को भी साथ में देख के। ओके। तो एक्सपायरी डेज जैसा मैंने कहा 2:30 के बाद आपको बंद कर देना चाहिए सिस्टम। एक से पहले ही करना चाहिए। एक से 2:00 बजे है अभी। हां। तो उस समय आप देखेंगे तो ऑप्शन अपनी टाइम वैल्यू काफ़ी हद तक लूज़ कर चुका है। जो बचेगा वह इंट्रेंसिक वैल्यू बचेगा। करेक्ट। तो यहां पे आप इंट्रेंसिक वैल्यू को यूज़ करके एक्सपायरी लेट्स से मार्केट 25400 चल रही है। आपको लग रहा है कि एक्सपायरी यहां से 100 पॉइंट ऊपर हो सकती है। तो जो आपकी जो स्ट्राइक प्राइस है उसका अभी मान लीजिए अभी ₹50 एग्जांपल के तौर। तो अगर मार्केट 100 पॉइंट ऊपर एक्सपायरी करेगी तो आपके जो ऑप्शन का जो इंटरेस्टिक वैल्यू होगा वो आप निकाल सकते हैं। लेट्स से 25400 चल रही है मार्केट। ₹50 की ऑप्शन है। ₹2,500 पे एक्सपायरी होती है तो वो ऑप्शन का जो प्रीमियम वो ₹100 होगा एक्सपायरी के टाइम वो होगा। दैट्स अ मैथ वो इंटरेस्टिंग वैल्यू है। वो होगा ही होगा। क्योंकि वैल्यू खत्म हो चुकी है। करेक्ट। तो अगर मैंने उसको 50 में बाय किया है तो मैं सिर्फ ₹50 कमाऊंगा ऊपर। पर लेट्स से मैंने उसको 60 पे बाय किया है तो 40 पॉइंट कमाऊंगा। राइट? और मान लीजिए मार्केट एक्सपायर हो जाती है 25,450 पे तो ₹50 की रहेगी तो मैं कुछ नहीं कमाऊंगा। तो अगर आपको लगता है कि मार्केट यहां से 200 पॉइंट ऊपर एक्सपायर करेगी जो ज़ीरो हीरो में लोग करते हैं कि एक्सपायरी का एक्सपेक्टेशन काफी हाई होता है। तो वह 52 वीक्स ट्रेडिंग होती है तो उसमें से वो 10 बार ही होगा। इतना भी नहीं होता है। जो वाइल मोमेंटम आपसे हैं बहुत कम होता है। तो अब हम बात करते हैं कि मैं पोजीशनल ट्रेडिंग कैसे करता हूं। सो एग्जांपल के तौर पर ये ले लेते हैं और Jio फाइनेंसियल का ये है 4 मार्च 2025। ओके। तो स्टॉक सपोर्ट यहां पे बनाने की ट्राई कर रहा है। अभी बनी नहीं है। मार्केट चल ही रही है। इस दिन अभी ट्रैक देख रहा हूं मैं इसको। तो सबसे पहले चार्ट पे देखेंगे तो यह एक सपोर्ट थी 238 की जो ब्रीच होगी मार्केट की अभी जो नई सपोर्ट है वह 199 200 बेसिकली एक सपोर्ट यहां पे आज ही लिया पहली बात दूसरी बात सेम चीज़ आरएसआई आरएसआई आप देखेंगे यहां पे भी आरएसआई डायवर्जेंस है तो मैं आरआई डायवर्जेंस पे काफी काम करता हूं क्योंकि मेरी इस पे काफी स्टडी है और बैक टेस्टेड है तो ये एक वन ऑफ द थिंग है जो मैं पर्सनली काफी प्रेफर करता हूं बट विद कंबाइन करके तो एक तो यहां पे आरआई डायवर्जेंस है कैसे डवर्जेंस है जब स्टॉक 220 का लो बनाया आरएसआई 20 के आसपास थी बट अभी 205 चल रहा है। यानी स्टॉक तो गिर गया है। गिर गया। ₹30 और गिर गया है। बट आरएसआई बढ़कर 25 के आसपास है। ओके। यानी मोमेंटम नहीं गिर रहा। बेसिकली आरएसआई शोइंग कि जो ये ट्रेंड गिर रहा था ये थक रहा है। अब यहां से अप ट्रेंड आने की पॉसिबिलिटी है। बट वो आ जाएगा कल आएगा वी डोंट नो। तो हमें कब तक कुछ दिन होल्ड करनी पड़ेगी। करेक्ट? एंड लेट्स से अगर मुझे लगता है यहां से ये बढ़कर वापस 220 जा सकता है। तो इट मे टेक टाइम 2 दिन, 4 दिन, 5 दिन, 7 दिन और ऑप्शन एक महीने का टाइम होता है हमारे पास। यस। तो हम वेट भी कर सकते हैं अगर ये वापस यहां से बाउंस बैक करे। बट इसमें एक प्रॉब्लम है कि ओवरनाइट कैरी कैसे करेंगे? जैसा आपने कहा कि अगर हम फ्राइडे इसको हम ले रहे हैं दो दिन छुट्टी होगी या तीन दिन होल्ड करेंगे नॉर्मली तो टाइम वैल्यू का लॉस भी होगा। प्लस डायरेक्शन का भी लॉस है। अगर मार्केट गैप डाउन होगी डायरेक्टली ये 200 के आसपास खुल जाएगा। तो मुझे लॉस हो सकता है। राइट? तो पहले हमने चार्ट पे समझा कि सपोर्ट तो है यहां से बाउंस बैक आ रहा है। तो यहां पे हम बुलिश कह सकते हैं कि चार्ट पे सेंटीमेंट बुलिश है। मार्केट ट्रेंड रिवर्सल ट्रेंड रिवर्सल यहां से हो सकता है। बट कंफर्मेशन हम एक बार डाटा देखते हैं। ओके ऑप्शन चेन जिसे हमने कहा था कि सेम टाइम पे ऑप्शन चेन भी देख लेते हैं। सो अब डेटा से वेरीफाई कर लेते हैं। तो सबसे पहले ऑप्शन चेन खोलते हैं हम देखते हैं। तो स्टॉक जो अभी स्पॉट पे चल रहा था 206 मॉर्निंग का टाइम है 1032 तो यह मैंने एक दिन पहले स्कैन किया ऑफ कोर्स और चलते मार्केट में दिख रहा है जैसा मैंने आपको कहा था कि मेरे ये रडार पे था कि सपोर्ट के पास है शेयर पर जब तक एक ग्रीन कैंडल ना बने कन्फर्मेशन का मैं वेट करूंगा तो चार्ट पे वो आ जाएगी कन्फर्मेशन तो मैं साथ में डाटा को भी चेक करूंगा सेम टाइम पे तो डाटा में सबसे पहले हम देखते हैं हाईएस्ट ओआई सेम लॉजिक है जो जो हम यूज़ करते हैं तो कॉल में हाईएस्ट ओआई हमारा 230 की कॉल ऑप्शन पे है और वो है 3989 3989 लगभग 4000 कॉन्ट्रैक्ट्स के आसपास है। सेकंड हाईएस्ट ओआई 220 पे 3981 ऑलमोस्ट उतना ही है। ऑलमोस्ट उतना ही है। तो हम कह सकते हैं 220 और 230 एक रेजिस्टेंस है। रेजिस्टेंस है। क्योंकि सेलर इन कॉल 240 पे कितना है? 240 पे 2678 हां तो कम है कम है। 210 पे है 3418 348 यहां पे हैवी प्रॉफिट बुकिंग एग्जिट होने की चांसेस हैं। चांसेस है और ये बहुत क्लोज है। तो 210 पे भी 210 तो 206 चल रहा है ये। तो सबसे बड़ा ओआई 230 फिर 220 और उसके बाद 210 बट 210 बहुत क्लोज है। तो हम हमेशा से फर्स्ट और सेकंड को लेंगे। तो वो 220 दिख रहा है मुझे। तो जो मैं कह रहा हूं कि चार्ट पे मुझे लग रहा है कि बाउंस बैकक आ सकता है। डाटा इज़ शोइंग कि 220 230 एक मेजर रेजिस्टेंस है। तो शायद यहां तक शेयर जा सकता है। पर इसके ऊपर जाने में दिक्कत आएगी। अब चलते हैं पुट साइड। तो पुट साइड में हाईएस्ट वाई है 200 पे। 2324 2300 कॉन्ट्रैक्ट खड़े हैं। ये पुट सेलर हैं। इनका व्यू है कि मार्केट 200 के ऊपर एक्सपायर करेगी। और कोई सिग्निफिकेंट इंटरेस्ट नहीं है। 220 पॉइंट गिरेगी मार्केट। नहीं। यह चाहते हैं कि 200 के ऊपर एक्सपायर करेगा शेयर। हम्। अच्छा ऊपर एक्सपायर उसके नीचे ना गिरे। उसके नीचे ना गिरे। तो 200 की पुट वाले चाहते हैं मार्केट ऊपर जाएगी यहां से और 220 230 वाले कहते हैं कि इसके ऊपर ऊपर नहीं जाएगी। तो अभी एक रेंज बन के आ गई है। करेक्ट। 200 नीचे 190 का पुट बता सकते हैं। 190 पे है 1191 हां तो बहुत फर्क है। आधा रह गया। यानी मेजर सपोर्ट 200 है। 200 है। तो अब दो चीजें मैच कर रही है। एक चार्ट पे जो मेरा सपोर्ट था 199 200 बेसिकली और ओआई पे जो सपोर्ट है यानी 200 इज रियल अ सपोर्ट। लगता है चार्ट और डेट को देख के कि 200 तो एक सपोर्ट है दोनों साइड से ये मैच हो रहा है। करेक्ट। अब हम रेजिस्टेंस देखें तो 220 और 230 230 पे भी जा रहा है। तो चार्ट पे अगर आप देखेंगे तो चार्ट पे तो सीधा रेजिस्टेंस 238 पे है। तो यहां भी मेरा व्यू ऑलमोस्ट सिमिलर ही है। सिमिलर ही है। 220 230 ऊपर और चार्ट थोड़ा ज्यादा बुलिश है डाटा से। डाटा से करेक्ट? पर अगेन जैसा आपने कहा ओवरनाइट है तो प्रॉब्लम हो सकती है। ठीक है? तो अब वापस से वही पे चलते हैं। तो सबसे पहले अगर मैं ऑप्शन बायर हूं मैं क्या करता? मैं 205 की कॉल देख रहा हूं जो एट द मनी चल रही है। बिल्कुल स्पॉट प्राइस पे चल रही है। वो चल रही है 8.95 ₹8.95 अच्छा और 1650 का लॉट है। 1650 का लॉट है। तो लगभग 15000 14700 के आसपास 1600 1650 का कॉन्ट्रैक्ट है। अच्छा 1650 का है। हां 1650 का कॉन्ट्रैक्ट है। लगभग 15000 ₹15,000 का रिस्क है। ऑलमोस्ट एग्जैक्ट है वैसे। यानी अगर मैं यह ऑप्शन बाय कर लूं ऑलमोस्ट ₹9 की है तो बयर हूं तो 15000 जीरो हो सकता है और प्रॉफिट पोटेंशियल अनलिमिटेड है क्योंकि बयर हूं तो मार्केट ऊपर जा सकती है बट प्रॉब्लम इज कि ओवरनाइट टेंशन है और अगर मार्केट मान लीजिए खुलती ही गैप डाउन है तो मैं कुछ भी नहीं कर सकता ये ऑप्शन अगर हाफ पे खुल गई ₹4 पे तो मैं सीधा ₹7500 के लॉस पे हूं इसमें मैं स्टॉप लॉस भी काम नहीं करेगा अगर मार्केट गैप डाउन हो जाए तो अब प्रॉब्लम है कि कैसे हम ओवरनाइट पोजीशन को प्रोटेक्ट करें ऐसा मैं क्या करूं जिससे ये मार्केट अगर मेरे अगेंस्ट भी चली जाए तो मुझे लॉस ज्यादा ना हूं। एक सबसे सबके मन में आता है कि पुट बाय कर लेते हैं। बट आपने कॉल बाय की तो आप टाइम वैल्यू पे कर रहे हो। पुट भी बाय करोगे तो टाइम वैल्यू डबल पे करोगे। भी पे करोगे। तो अगर सैटरडे संडे के बाद मंडे खुलेगा तो टाइम वैल्यू तो आपको डबल लॉस हो रहा है। दो बार दिया। दो बार दिया आपने कॉल का भी और पुट का भी। और मार्केट अगर फ्लैट खुल गई तो नुकसान आपको डबल है। कॉल साइड भी होगा, पुट साइड भी होगा। तो ये तो कोई सशन नहीं हुआ। तो अब क्या करें? तो ओवरनाइट के लिए हम स्प्रेड्स में इस पोजीशन को कन्वर्ट कर रहे हैं। अब स्प्रेड का मतलब है जब हम एक से ज्यादा स्ट्राइक प्राइस को चूज़ कर रहे हैं। अब इसको करने के काफी सारे तरीके हैं और यह आप देखेंगे तो ब्रोकर्स में आना भी शुरू हो चुका है। अब हमारा इंटरेस्ट ये जानने में है कि हम इसको अपने अकॉर्डिंग कैसे करें। एक तो रेडीमेड आप देखेंगे ब्रोकर्स में मिल जाता है। ये कोई नई बात नहीं है। बट वो आपके लिए सही है। अगेन वही बात है कि आप कॉफी पीजिए क्योंकि मैं कॉफी पीता हूं। तो जरूरी नहीं है आप वो करेंगे। करेक्ट? आपके रिस्क प्रोफाइल क्या है? आपको कितना रिस्क लेना है? उसके अकॉर्डिंग पोजीशन बनानी चाहिए। तो रेडीमेड को कॉपी नहीं करना चाहिए। एज इट इज जब तक आपको खुद समझना हो। अब ऑप्शन में सबसे इंपॉर्टेंट जो चीज है समझने की है कि ऑप्शन मैथमेटिक है। इस पे आंसर गलत दो और दो चार ही होंगे। 2 + 2 4 होगा। बिकॉज़ मैथमेटिक्स। अब इसके लिए हमें एक चीज़ समझनी है। ऑप्शन का प्रीमियम जो ये ₹9 मिलके बना है। ये दो चीज़ हैं। एक इंट्रेंसिक वैल्यू एक टाइम पे। टाइम वैल्यू जो डेली डिक्रीज़ करेगा। इंट्रेंसिक वैल्यू वो वैल्यू जो एक्सपायरी पे बचेगी। राइट? बिकॉज़ हर ऑप्शन के इंट्रेंसिक वैल्यू एक्सपायरी पे बचेगी। बचेगी। इसी को हम कैटेगराइज़ कराते हैं। एटीएम, ओटीएम आईटीएम। राइट? एटीएम और ओटीएम के अंदर कोई इंट्रेंसिक वैल्यू नहीं है। इसलिए वो ऑप्शन सस्ती है। आप देख सकते हैं 210 की ऑप्शन ₹6 की है। 220 की ₹3 की और 230 की 1.45। अब ये सारी ऑप्शन बहुत सस्ती हैं क्योंकि इनकी कोई इंट्रेंसिक वैल्यू नहीं है राइट नाउ। और जितनी भी ऑप्शन आपकी 190 195 इन सबकी एक-एक इंट्रेंसिक वैल्यू होगी। स्पॉट प्राइस जैसे उस तरफ जाएगा वो चेंज होगा। अब इसका निकालने का बहुत सिंपल तरीका है। कॉल के केस में आपको बता देता हूं। स्पॉट प्राइस माइनस स्ट्राइक प्राइस ये आपका इंट्रेंसिक वैल्यू है। ओके? तो हम मान लेते हैं स्पॉट प्राइस 205 चल रहा है और स्ट्राइक प्राइस 200 ले लेते हैं। तो इस ऑप्शन का प्रीमियम अभी चल रहा है 11.95 ₹11.95 95 पैसे और 205 का स्पॉट प्राइस तो एज पर द फार्मूला स्पॉट प्राइस माइनस स्ट्राइक प्राइस तो ₹205 - 200 200 ₹5 ₹5 तो ये ₹12 में से ₹5 तो इंट्रिंसिक है। बाकी जो बचता है वो टाइम वैल्यू है। ठीक है? अब ये टाइम वैल्यू ज़ीरो हो जाएगी एक्सपायरी पे। तो अब मान लेते हैं एक सिंपल सा मैथ करते हैं कि मान लीजिए एक्सपायरी होती है 210 पे हम् तो एक्सपायरी पे स्पॉट प्राइस हो जाएगा 210 स्पॉट प्राइस ही एक्सपायरी जिस दिन चल रही होगा तो हमारा स्ट्राइक 200 है। फ़ूला क्या था? स्पॉट प्राइस माइनस स्ट्राइक प्राइस तो 210 - 200 यानी ये ऑप्शन एक्सपायरी अगर ₹10 पे हो जाए तो ₹10 की रहेगी तो आप तब भी लॉस में हो। ₹2 की क्योंकि आपने ₹12 में बाय किया है। ₹11 में तो ₹2 नुकसान होगा। तो अगर मार्केट स्पॉट प्राइस पे भी रही जो चल रहा है ₹4 भी ऊपर गई तो भी आपको साइडवेज भी रही तो ₹2 का नुकसान होगा नुकसान होगा और यह समझना जरूरी है क्योंकि एक्सपायरीज इंट्रेंसिक वैल्यू के अकॉर्डिंग ही चलेगी तो अब मान लीजिए मैं आज भी ये मानता हूं कि 220 पे एक्सपायरी हो जाएगी तो मेरी जो ऑप्शन 205 की है ये हो जाएगी ₹1 की ऑलमोस्ट ₹1 की और अब यह ₹9 की चल रही है तो आई विल स्टिल बी प्री प्री प्रॉफिटेबल पर अगर यह मार्केट एक्सपायर करती है 200 पे तो यह ज़ीरो हो जाएगी क्योंकि इंट्रेंस माइनस नहीं हो सकती कभी तो मतलब मुझे लॉस हो जाएगा तो स्प्रेड्स का जो बनाना बनाने का जो तरीका है वो इंट्रेंसिक वैल्यू से ही है। ओके। अब कैसे? मैंने 205 बाय कर ली ₹9 के आसपास। हम जैसा हमने कहा मैं बुलिश हूं तो मुझे वही बाय करनी है। मैं चाहता हूं मार्केट बढ़े। कॉल ऑप्शन बढ़ेगी। पर जैसा ओवरनाइट का टेंशन है तो मैं एक हाईएस्ट बाय की कॉल सेल कर दूंगा। ओके। उससे होगा क्या? पहली बात इस पे मार्जिन पैसे ज्यादा नहीं लगेंगे। हम आपका मार्जिन बेनिफिट मिलेगा आपको। क्यों? क्योंकि एक आपने बाय करी है, एक सेल करी है। इस ऑर्डर में करी है आपने। तो जो मार्जिन है वो ब्रोकरेज कम कर देते हैं। और इसका जो कारण है वो मैं आपको बताता हूं जो बहुत समझना जरूरी है क्योंकि हम इसको निकाल के करते हैं। खुद निकाल सिंपल तरीके से कैलकुलेट करेंगे। हमें कोई पे ऑफ़ ग्राफ की जरूरत नहीं है। ठीक है? वो वो कोई बहुत इंपॉर्टेंट नहीं है। मैं और आप खुद निकाल सकते हैं क्योंकि ये मैथ है। तो हमने क्या किया? 205 की कॉल बाय कर दी 8.95 और 210 की हमने सेल कर दी 6.40 पे। ओके? 6. 40 40 पे। तो अब आप और मैं निकालेंगे एक्सपायरी मान लीजिए जहां पे आप बोलेंगे वहीं कैलकुलेशन करेंगे कि लेट्स से एक्सपायरी इस पॉइंट पे होती है। हम बताइए आपको कहां आप जो बोलेंगे वही कैलकुलेशन 200 पे [गला साफ़ करने की आवाज़] लेके चलते हैं। चलो तो मान लेते हैं 200 पे एक्सपायरी हो जाए। तो एक हमने बाय करी एक सेल करी है। एक-एक करके बात करेंगे। पार्ट्स में लेके चलेंगे। तो जो मैंने बाय करी है तो 205 स्ट्राइक प्राइस है। स्पॉट प्राइस 200 है। तो आप इंटेंसिक वैल्यू निकालिए एक्सपायरी पे तो ज़ीरो हो जाएगी क्योंकि 200 - 205 तो वो तो नेगेटिव आ जाएगा। और नेगेटिव इंटेंसिक वैल्यू हो नहीं सकती। हम तो मैं यहां पे इंट्रेंसिक वैल्यू के आगे ज़ीरो लिख दूंगा। ओके? तो एक्सपायरी पे इंट्रेंसिक वैल्यू ज़ीरो है। और बिकॉज़ एक्सपायरी डे होगा तो टाइम वैल्यू भी जीरो हो जाएगी। ज़ीरो हो जाएगी। तो तो यानी ये ऑप्शन ज़ीरो हो जाएगी। पर मैंने इसको बाय किया था 8.95 95 पैसों के तो उतने का मुझे लॉस हो जाएगा। ₹9 का नुकसान हो गया। लगभग -8.95। अब सेकंड स्ट्राइक की बात करते हैं। 210 210 तो स्पॉट प्राइस 200 सेम ज़ीरो हो जाएगी। ज़ीरो हो जाएगी। क्योंकि आपका स्ट्राइक प्राइस हायर है स्पॉट प्राइस नीचे तो ये भी ज़ीरो हो जाएगी। कोई टाइम वैल्यू नहीं, कोई इंट्रेंसिक वैल्यू नहीं। बट इसको मैंने सेल किया है 6.4 पे तो यहां तो मुझे प्रॉफिट होगा क्योंकि मैंने 6.4 पे सेल किया मैं ऑलमोस्ट जीरो के पास बाय कर रहा हूं 10 पैसे 20 पैसे पे मान लीजिए तो मुझे यहां पे लगभग इतने का फायदा हो जाएगा तो नेट नेट मुझे लॉस ही होगा क्योंकि 8.95 का लॉस हुआ -6.4 6.4 का प्रॉफिट हुआ तो कितना हुआ ये? 2.55 तो 2.55 का मुझे नुकसान हुआ। इसको हम लॉट से मल्टीप्लाई कर देंगे 1650 से तो ये तो अच्छा बात नहीं है मेरा। 3300 3400 के आसपास 3400 हो गया। 3400 का लॉस हो जाएगा। हम यहां लिख लेते हैं 3400 का लॉस हो जाएगा। अब मान लेते हैं 190 में एक्सपायर हो जाती है। मान लीजिए और भी गिर गया शेयर। हम बुलिश थे। हम गलत हो गए। 190 तक चला गया तो मैथ सेम रहेगा। हां क्योंकि ऑप्शन तो जीरो जीरो जीरो हीरो ही है। इंटरेस्टिंग वैल्यू तो जीरो ही है। तो अगर जितना मर्जी मार्केट गिर जाए हां मेरा लॉस यही होगा। मेरा लॉस फिक्स है। 2.55 जो आपने अभी निकाला है। एज एन ऑप्शन बायर 3400 ही मेरा लॉस होगा। लॉस होगा। पर मैंने कैपिटल 15,000 लगाई थी। अगर मैं सिंगल ट्रेड करता तो मैं कैपिटल लॉस नहीं कर सकता किसी भी हालत में। तो पांच ट्रेड तो ले ही सकता हूं। अगर मैं गलत पांच ऐसे ट्रेड ले लूं बैक टू बैक तो भी कैपिटल तब जाके जीरो हो रही है। और ये तब है जब मैं 200 पे ही एग्जिट हुआ हूं। 200 से नीचे भी होगा। फिर 205 और 210 पे मैंने दो पोजीशन बनाई है। हां इसको बढ़ा भी सकते हैं। 220 कर सकते हैं। बट ये डिपेंड करता है मुझे कितना रिस्क लेना है। पर ये बहुत कंजर्वेटिव पोजीशन थी मेरी। यस। थोड़ा रिस्की करूं तो क्या होएगा? रिस्की करेंगे तो हम जो प्रॉफिट पोटेंशियल है वो भी बढ़ जाएगा और लॉस का भी बढ़ जाएगा। जहां आपको ये ₹2.50 का लॉस है। इसको हम डबल कर लेते हैं। तो हम 220 भेज सकते थे। तो लॉस आपका ₹6000 का हो जाएगा। मैक्सिमम। चलो इसको उल्टा लेके चलते हैं। लेट्स से 200 की बजाय 220 होता है। एक्सपायरी? हां। हां निकाल लेते हैं। तो अब 220 पे एक्सपायरी होती है। तो अब 205 हमने बाय की थी। 220 मार्केट चल रही है। इसकी इंट्रेंसिक वैल्यू ₹1 ₹15 इंटेंसिक वैल्यू जाएगी। टाइम वैल्यू तो ज़ीरो ही रहेगी बिकॉज़ एक्सपायरी डे है। तो ये ऑप्शन एक्सपायरी पे लगभग ₹15 की चल रही होगी। तो इसमें आपको प्रॉफ़िट हो जाएगा क्योंकि आपने 8.95 पे बाय की थी। ₹6 का प्रॉफ़िट। लगभग ₹6 के आसपास फायदा। ₹.5 पैसे। अब चलते हैं दूसरी साइड। तो 210 वाली जो स्ट्राइक है वह भी इंट्रेंसिक वैल्यू होगी उसकी क्योंकि 220 मार्केट चल रही है। ₹10 का इंट्रेंसिक रहेगा। हम जब सेल सोचते हैं तो हमारे मन में इसको निकालने का सबसे सिंपल तरीका क्या है? मैं समझता हूं जब आपने देखा कि सेल किया है तो आपके मन में सीधा प्रॉफिट लॉस चला गया। है ना? कि मैंने सेल की है 210 की मार्केट डू 20 चली गई तो मैं लॉस में हूं। है ना? कितना लॉस होगा? लॉस से पहले हम सिंपल समझेंगे इसकी इंट्रेंसिक वैल्यू क्या होगी। सिंपल इसको सिंगल सिंगल मान के चलिए आप कि आपने 210 बेची है बस। क्योंकि हम प्रॉफिट लॉस पहले निकालना शुरू करते हैं। वो दिमाग प्रॉब्लम हो जाती है क्योंकि कंफ्यूजन हो जाता है। सिंगल सिंगल चीज़ लेनी चाहिए। तो इसकी निकाल लेते हैं। ₹10 की इंटेंसिक वैल्यू रहेगी 220 - 210 स्पॉट प्राइस माइनस स्ट्राइक प्राइस। ₹10 हो गया ये। ₹10 टाइम वैल्यू ज़ीरो क्योंकि एक्सपायरी है। तो ये ₹10 की चलेगी एक्सपायरी पे। बट अब आपने सेल की थी 6.40 पे और ₹10 चल रही है। तो यहां मुझे लॉस होगा। कितना होगा वो हमने निकाल लिया। ₹3.60 पैसे ना। ₹10 मैंने किया था। ओके। तो 205 में मुझे प्रॉफिट हुआ ₹ और 210 में लॉस हुआ 3.60 नेट नेट मुझे 255 के आसपास इतना ही बना होगा 240 50 245 245 का प्रॉफिट हुआ तो मेरा प्रॉफिट और लॉस फिक्स हो गया इस केस में 1650 की लॉट थी लॉट के हिसाब तो उतना ही है उतना ही है वन वन बोल सकते हैं तो 1:1 हो गया ये रिस्क रिवॉर्ड तो जैसा आपने कहा था कि अगर कोई अग्रेसिव ट्रेडर होगा तो वो 220 कर लेगा तो आपका रिस्क भी बढ़ जाएगा और रिवॉर्ड भी बढ़ जाएगा बट इसमें भी मैं बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लिया मैंने ना 205 और 210 की मेरी पोजीशन है तो 200 और 220 के बीच में ही हूं है तो बहुत ज्यादा बड़ा रिस्क नहीं ले रहा हूं। तो 1:1 लॉजिकल लगता है। करेक्ट। प्लस इसमें लाइक मैं इसको कैसे देखता हूं? अगर मान लीजिए मैं इसको बढ़ा भी लूं। 215 कर लूं या 20 कर लूं तो मेरा जो मान लीजिए मैक्सिमम लॉस पोटेंशियल ₹8,000 का है या ₹6,000 का है। तो उसके मैं हाफ पे वो कर लूंगा। ऐसा किसी ने कहा है कि मुझे पूरे लॉस का वेट करना है। पर 230 और 240 पे हमारा रेजिस्टेंस पड़ा हुआ है। तो आई कुड हैव एग्जिटेड सम पार्ट ऑफ माय पोजीशन 220। 220 का। बट देन थोड़ा-थोड़ा इसको मैं ट्रेल कर सकता हूं। मोर लेस। एक एक्सपीरियंस्ड तीन चार साल 5 साल पुराना ट्रेडर वो कितना पोजीशन एग्जिट लोड करेगा यहां पे 220 पे कितना निकालेगा 230 पे कितना निकाल लेगा 240 पे इसी एक्सैक्ट नंबर्स के बीच में जैसा हमारा इनिशियल टारगेट था कि 220 238 तक हमारा चार्ट पे भी रेजिस्टेंस था तो उसके आसपास निकाला जा सकता है। कितना-कितना निकालता रहूंगा मैं 230 पे मैं 50% निकाल दूंगा। आई वुड से मैं पूरा भी निकाल सकता हूं। कारण क्या है? मुझे पता है कि मेरा रेजिस्टेंस 230-40 पे पड़ा हुआ है। हां बट मेरा इंटेंशन ये है कि मैं अपने पोटेंशियल का जब 80% पहुंच जाता हूं प्रॉफिट का तो मैं पोजीशन एग्जिट कर देता हूं। सो वी कैन मूव इन टू नेक्स्ट ट्रेड। यह भी तो ट्रेड है प्रॉफिटेबल वाली। हां, बट बिकॉज़ मैक्स प्रॉफिट आपका एक्सपायरी के पास होगा। आपको ज्यादा होल्ड करना पड़ेगा। मेरे को समझाओ। यह वाली बात समझाओ। मैं समझा नहीं। मैक्सिमम प्रॉफिट एक्सपायरी के पास होगा। मतलब बिकॉज़ जो आपने सेल की है वो टाइम वैल्यू लूज़ करेगी क्लोज टू एक्सपायरी। तो अगर चारप दिन में चलेगी तो मैक्स प्रॉफिट आपका आ जाएगा 5 6000। तो व्हाई वुड वी होल्ड इट? क्योंकि हम एक-एक लॉट में ट्रेड कर रहे हैं ना तो या तो वो पूरी काटेगा उसको पार्सल वाला तो फंडा नहीं बचेगा ना एक लॉट में तो सारी निकालनी पड़ेगी। 67000 जो भी मिल रहा होगा। अच्छा क्योंकि एक्सपायरी आ गया है। एक्सपायरी ना भी आएगा। नहीं मैं नहीं फिर समझा। मैं एक्सपायरी को लेके आपने 4 तारीख को बाय किया। मान लो कि मैंने मंडे पे बैठे हैं अपन। यह डिसीजन 220 की एग्जिट का हम मंडे को ले रहे हैं। अब बताओ। ये छ दिन में आ गया 220। अच्छा कितने दिन लगे उसको ये भी देखना है। हां ऑफ कोर्स। क्योंकि अगर मान लीजिए आ गया तो मैक्स में जो पूरा मैक्स प्रॉफिट होगा ना वो तो एक्सपायरी पे जाके निकलता है। क्योंकि ये थोड़ा सा इिकलड होगा ना। इिक तो नहीं होगा। मगर जो इंट्रेंसिक वैल्यू एक्सैक्टली इंट्राडे में थोड़ी ना चलेगी। वैसे मतलब क्या है ना सर कि हम कैसे इसको बनाते हैं। एक्सप्रेशन मैंने मंडे बना ली। मेरे को पता है कि मेरे को ₹8000 पे आने हैं और 7000 जाने हैं या 6000 जाने हैं। 8000 जाने हैं जो भी है। जैसे ही यह 7000 दिखा देगा और यह दिखा देगा अगर 220 चला गया तो मैं उसी दिन निकल जाऊंगा। मैं ₹1000 के लिए क्यों वेट करूं? क्यों वेट करूं? मेरे पास इतना रूम नहीं है कि मैं बहुत ज्यादा प्रॉफिट क्योंकि कंसोलिडेशन भी हो सकता है। और दूसरी बात अगर स्टॉक वहां से नीचे आ गया तो आपको दुख रहेगा कि मैंने निकाला नहीं एग्जिट। तो मैं पर्सनली 70-80% पे निकाल देता हूं। बिकॉज़ ऑफ कोर्स स्टॉक अगर इतना भाग गया 25 से 220 तो वो पॉज तो करेगा। थोड़ा मोमेंटम तो लूज़ कर सकता है। अच्छा इसमें एक्चुअल स्टॉक को देखोगे आप? हां। एक्चुअल स्टॉक का मूवमेंट भी देख रहे हो। करेक्ट। हम चार्ट के साथ डाटा को दोनों मैच कर रहे हैं। अगर स्टॉक बढ़ रहा है और डाटा उसको सपोर्ट कर रहा है। जैसे इस केस में ओआई माइनस होना शुरू हो गया। इस पे है हम दिखा सकते हैं आपको। ओआई माइनस शुरू हो गया तो वो तो बहुत ही स्ट्रांग इंडिकेटर हो गया ना? हां 210 से हम 4000 के अराउंड थे ओआई पे। तो नेक्स्ट डे 210 की कॉल पे 600 कॉन्ट्रैक्ट माइनस हो चुके हैं। 600 तो वो ऑलमोस्ट 1/3 के आसपास हो जाएगा इसका। और 220 जो बिग रेजिस्टेंस था वहां पे भी 200 कॉन्ट्रैक्ट माइनस हुए हैं। तो यानी 2 दिन के अंदर ही ओआई माइनस होना शुरू हो चुका है क्योंकि स्टॉक बढ़ता दिख रहा है। तो सेलर वाइंड अप कर रहा है। वह और ऊपर जा रहा है। तो अभी हाईएस्ट ओआई आपका 220 पे ही है 4000। मैंने कुछ क्वेश्चंस कमेंट से आए हैं यूज़र्स के जो कि ऑप्शंस बाइंग में स्पेसिफिकली दे आर लुकिंग कि एक रिटेल ऑप्शन बायर जो एक दो साल से ट्रेडिंग कर रहा है। कंसिस्टेंटली लॉस में है। उनके ट्रेड लॉक देख के कोई कॉमन पैटर्न समझ में आता है कि सब यही तरह की चीजें सिर्फ अगर ट्रेड लॉक्स देख ले तो कुछ कॉमैरिटी दिखती है। यस। जो दो साल लगातार ट्रेड कर रहा है। यस। क्या दो तीन चीजें क्या होती है? सबसे पहले कि ट्रेडिंग जो कर रहे हैं उसमें एक प्रॉपर पैटर्न नहीं है। एक फॉर्मेट नहीं है। आज मैं दो लॉट में कर रहा हूं। कल को मैं 20 में कर लूंगा। कारण क्या है? अगर मुझे प्रॉफिट हुआ तो मन में आएगा कि बढ़ा लेते हैं क्वांटिटी। लॉस हुआ तो रिकवरी के मोड में क्वांटिटी बढ़ा सकता हूं। तो कभी भी आपको ट्रेडिंग एक स्ट्रेटजी को कभी टेस्ट करना हो तो उस पे ही टिके रह जब तक आप 50 टू 60 ट्रेड ना कर लें। जब आप 50 100 ट्रेड कर लेंगे। आप उसको चेक कर सकते हैं कि इनमें से 25 बार गलत हुआ, 100 बार गलत हुआ। आप सिर्फ एक सेटअप एक लॉट पे आपने 10 ट्रेड किए फिर आप एक दो लॉट में कर दोगे तो वह गलत है क्योंकि जब मार्केट डाउन आएगी या आपके अगेंस्ट मार्केट गई इसे वेरियंस कहते हैं कि एग्जांपल के तौर पर एक बहुत सिंपल एग्जांपल करते हैं कि मान लीजिए कॉइन टॉस कर रहे हैं और अगर आप जीत गए तो ₹10 मैं आपको दूंगा मैं जीत गया तो आप तो मान लीजिए हमने टॉस किया आठ बार टेल आ गया मैं जीत गया आप हार गए तो ₹80 मैंने कमा लिए ठीक है आपने 20 में आप फिर भी लॉस में हो बट अगर हम बढ़ा लें 100 में करें 500 में करें 1000 में करें तो आप जानते हैं प्रोबेबिलिटी 50-50 है। हमेशा 50-50 रहेगी। करेक्ट? तो हो सकता है कि शुरू के मेरा लक लग गया कि आठ बार मैं जीत गया। ट्रेडिंग में भी सेम चीज़ है। अगर हम एक सेटअप यूज़ कर रहे हैं तो उस पे लॉसेस आने हैं। पर जब वो आए तब आपकी क्वांटिटी बढ़ चुकी थी तो आप डबल लॉस में हो। तो एक स्टार्टअप पे एक स्ट्रेटजी पे टिकना चाहिए। नंबर ऑफ ट्रेड्स सफिशिएंट हो तभी आपको स्केल करना चाहिए। सर ये वही पॉइंट से कनेक्ट होता है कि जो हम कह रहे थे कि अगर मेरे पास लाख है या ₹00 है तो कितने नंबर ऑफ गलत ट्रेड मैं ट्रेड्स ले सकता हूं गलत। सो डिफाइन होता है तो उससे मेरे नंबर ऑफ ट्रेड्स बढ़ेंगे। यस किसी ने पूछा कि एक लॉस ऑप्शन सबसे पूछ भी रहा है कि क्या ऐसा होता है? दूसरा ओटीएम जब लेते हैं या कोई भी स्ट्राइक प्राइस पिक करते हैं तो सबसे सस्ता लेने का जो साइकोलॉजी है कि जो नहीं लेना चाहिए सिर्फ ये देख के उस साइकोलॉजी को क्यों कैसे ब्रेक किया जाए कि सिर्फ प्राइस मत देखो। ओके सिर्फ सस्ते वाले को मत देखो। ओके। तो मार्केट में मेरा मानना है कि मेरे हाथ में लॉस ही है। आई कैन कंट्रोल ओनली लॉस। मैं कितना लॉस करूंगा? ₹50 के ऑप्शन मैं 40 में बेचूंगा, 20 में बेचूंगा या ज़ीरो में बेचूंगा। तो, यह मेरे कंट्रोल में है। बट हम प्रॉफिट वाली साइड ज्यादा सोचते हैं कि 80 हो जाएगी, 100 हो जाएगी, इतना प्रॉफिट हो जाएगा। हमारा लॉस वाली साइड ध्यान कम है। कारण क्या है? हमें लगता है कि नेगेटिव हो जाएगा, नेगेटिव हो जाएगा। यह बहुत कॉमन थिंकिंग है कि बुरा ना सोचो। वैसा हो सकता है। पर ट्रेडिंग में हमें वह सोचना है जो मेरे कंट्रोल में है। तो, अगर कोई लॉस मेकर ट्रेडर है, सबसे पहले यह देखना चाहिए हमें कि मैं क्या कर रहा हूं। मेरा एंट्री पॉइंट कैसा है? क्या कोई उसका एक सिस्टम है, एक फ्रेमवर्क है या मैं रैंडमली कर रहा हूं। पहली चीज़ तो यह। दूसरी चीज़ तो देखिए ऑप्शन सस्ता महंगा वह उसकी इंट्रिंसिक वैल्यू से ही है। सिंपल सी बात है। अगर मार्केट कोई ऑप्शन 25600 की है तो वह दूर है इसलिए इंट्रेंसिक वैल्यू कम है उसकी और उसमें टाइम वैल्यू ही है। तो आप ये सोच के ट्रेड कीजिए एक्सपायरी कहां हो सकती है? ये आपका एक्सपेक्टेशन तो होता है। अगर मैं बायर हूं तो मैं चाहूंगा एक्सपायरी यहां पे हो जाए। तो अगर वो एक्सपायरी के एक्सपेक्टेशन मैं बहुत ज्यादा रख लेता हूं। अब इसके लिए एक सिंपल इंडिकेटर है एटीआर। हम एवरेज टू रेंज वो आपको आईडिया देता है कि मार्केट इंट्राडे में कितना मूव करता है। ओके? एग्जांपल के तौर पर निफ्टी की एटीआर मान लीजिए 400 पॉइंट की है। तो यानी ऑन एन एवरेज निफ्टी एक दिन में 400 पॉइंट मूव कर रहा है। बट लेट्स से मैं देख रहा हूं 12:00 बजे तब तक मार्केट ऑलरेडी 350 पॉइंट मूव कर चुकी है और एटीआर 400 पॉइंट की है। तो लेस प्रोबेबिलिटी है कि मार्केट और बढ़ जाएगी। 50 पॉइंट ही बचे हैं मेरे पास। तो ऐसे में अगर मैं ट्रेड करूंगा तो मैं गलती करूंगा क्योंकि ऑलरेडी काफी मोमेंटम आ चुका है। तो इससे आप चेक कर सकते हैं कि एटीआर से कि कितना मोमेंटम ऑलरेडी आ चुका है। तो जो सस्ती ऑप्शन है अगर मान लीजिए मोमेंटम 200 पॉइंट बचता है तो तब भी वो चीज अगर काम कर पाएगी पर मोमेंटम हमारा 700 पॉइंट का एक्सपेक्टेशन है और एटीआर 400 मोमेंटम पे तो कभी नहीं काम करेगा नहीं है। तो ओटीएम थोड़ा नजदीक का चल सकता है बट बहुत इसलिए नहीं चलता क्योंकि मार्केट का एक्सपेक्टेशन हाई है और उतना तो वो चलती भी नहीं है। टेंस मनी इसकी कुछ जितना चल सकता था जितना चल सकता था उससे उतना ही और एक्सपेक्ट कर रहे हैं हम 4700 के एग्जांपल्स तो थोड़ा रियलिस्टिक नहीं है प्रैक्टिकली नहीं है मार्केट एक ट्रेड में किसी का 50% लॉस हो गया जितना सोचा था अगर सोचा था तो यह भी नहीं सोचते वैसे सोचा था कि 5000 का लॉस करना है ₹2500 का लॉस ले चुका अब उसके पास तीन ऑप्शन है वो होल्ड कर सकता है वो एवरेज कर सकता है या वो एग्जिट कर सकता है क्या करना चाहिए एग्जिट करना चाहिए सबसे इजी चीज अगर कुछ समझना आए एग्जिट कर लो देखिए मार्केट रोज चलनी है या कभी बंद नहीं हुई कोविड में बंद नहीं हुई तो कभी बंद नहीं हो हम ट्रेड तो रोज होगा। मार्केट रोज मूव करेगी। तो आज अगर मुझे समझ नहीं आ रहा तो मैं एग्जिट कर लूंगा। कुछ ना करना बेटर है लॉस करने से। क्योंकि अगर मैंने लॉस किया तो फिर अगले दिन रेवेंज ट्रेडिंग का आ जाएगा और वो कभी उस गड्ढे से बाहर नहीं आ सकता। तो एग्जिट करना बेटर है। अगर कुछ क्लेरिटी ना हो एग्जिट कर दो। क्योंकि उसके बारे में जितना सोचोगे उतना कंफ्यूजन क्रिएट होगा। और जो जो एवरेज करता है लेट्स लेट्स ब्रेक दैट माइंडसेट कि जो एवरेज करता है वो किस माइंडसेट से एवरेज कर रहा होता है। उसको क्या लग रहा होता है? उसे यह लग रहा है कि अब मेरी मान लीजिए मैंने ₹20 की ऑप्शन बाय की थी। दो लॉट बाय किए थे। अभी ऑप्शन 15 की हो गई है। तो मैं चार लॉट बाय कर देता हूं। मेरी एवरेज 167 आ जाएगी। फॉर एग्जांपल तो अब ये 16 से अगर 20 भी चला गया तो ₹4 है। मैं पैसा कमा लूंगा। मुझे 20 के ऊपर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी ऑप्शन को। ये माइंडसेट है कि यहां से अगर मेरी कॉस्ट तक भी चला गया ना तो भी मैं पैसा कमा जाऊंगा क्योंकि क्वांटिटी ज्यादा है। और नीचे का सोचते नहीं है तो ऑफ कोर्स जो वो नीचे जाएगा तो वो दैट्स व्हाई एवरेजिंग कभी काम नहीं करती। अच्छा एवरेजिंग कब काम करती है? डिलीवरीज में मैं कह सकता हूं कि कुछ हद तक क्योंकि आप वहां लॉन्ग टर्म व्यू है आपका। मान लीजिए मैंने कोई शेयर वहां पे टाइम वैल्यू टाइम यस अगर मैं 200 पे शेयर को बाय कर रहा हूं वो 190 आ गया तो लॉन्ग टर्म व्यू है तो मैं फिर से बाय कर लूंगा। कोई प्रॉब्लम नहीं होगी ज्यादा। पर ऑप्शन के अंदर एवरेजिंग कभी काम नहीं करेगा। क्योंकि वो बहुत जल्दी फ्लक्चुएट करेगा। और हम सोच भी नहीं पाएंगे कि वो ₹10 कब होगी, कब जीरो हो जाएगी। तो वो सारा पैसा चला जाता है। सबसे बड़ा प्रॉब्लम लॉस का यही है। जनरली लोग छोटे लॉस को बड़ा लॉस एवरेजिंग के कारण ही बनाते हैं शायद। इनिशियल हमने 2000 सोचा था पर वो दो का 20 हो गया। वो कैसे हो गया वो किसी को आईडिया नहीं लगा। यही चीज लॉस रिकवरी अगला क्वेश्चन ऐसा ही कुछ है कि लॉस रिकवरी करने की एजेंसी ऑप्शंस बाय को स्पेसिफिकली कैसे हर्ट करती है। कोई ऐसा पैटर्न जो बार-बार आप स्टूडेंट्स में या लोगों में देखते हैं। देखिए लॉस रिकवरी जो गलत है। कांसेप्ट गलत है। मेरा मानना ये है कि लॉस हो गया तो भूल जाओ। इसको एज अ बिज़नेस समझो। बिज़नेस का भी लॉस होता है। हां। मान लीजिए आपने एक दुकान चलाई है। अगर आपकी आज सेल नहीं हुई तो आप खाली बैठे हो तो आप घर जाके बोलोगे कि यार आज सेल नहीं हुई। थोड़ा सा आप परेशान होंगे। दो दिन नहीं हुई तो आप किसी फ्रेंड को पूछोगे कि यार नुकसान हो रहा है। मैं क्या करूं? हम तो वो आपको क्या सलाह देगा कि कोई बात नहीं टाइम लगेगा। पर मार्केट में आपको पैसा बन जाएगा। धीरे-धीरे आपका बिज़नेस ग्रो कर सकता है। पर ट्रेडिंग में अगर हमें लॉस हो गया तो मुझे नेक्स्ट डे प्रॉफिट करना है। ऐसा क्यों? तो माइंडसेट हम दोनों जगह बराबर अप्लाई नहीं करते ना। अगर मैं उसको बिज़नेस मानता हूं तो लॉस हो गया तो कोई बात नहीं। नेक्स्ट डे ट्रेड कर सकता हूं। तीन दिन चार दिन के बाद ट्रेड करूंगा क्योंकि बिज़नेस में हम कहते हैं कि मार्केट बन रही है अगर आप चार दो दिन छ दिन खाली बैठे हो कोई बात नहीं मार्केट तो बन रही है एक क्वेश्चन है कि सर बिनेस आप स्टॉक मार्केट को बिनेस कह रहे हो पर बिनेस में 90% लोग लॉस नहीं कर रहे ये उनका कहना है पर ट्रेडिंग में करे [गला साफ़ करने की आवाज़] पर लेट्स सी तो मेरा इसमें एक सिंपल सा एनालिसिस है कि जब हम बिज़नेस करते हैं मान लीजिए मैंने एक शॉप चलाई है अगर मैं तीन दिन तक सेल नहीं कर रहा हूं तो मैं परेशान होऊंगा घर वालों को बताऊंगा फ्रेंड्स को बताऊंगा वो क्या कहेंगे कि कोई बात नहीं आप बैठे रहो हो टाइम लगता है मार्केट बनने में। आप रोज दुकान खोलोगे, लोग आपको पहचानेंगे और धीरे-धीरे आपकी सेल बढ़ जाएगी। तो यानी हम वहां पे समय को वैल्यू दे रहे हैं कि धीरे-धीरे आप प्रॉफिटेबल हो जाओगे। टाइम देना पड़ेगा। बट ट्रेडिंग के अंदर अगर मैं लॉस कर रहा हूं तो मुझे नेक्स्ट डे रिकवरी करनी है। क्यों? क्योंकि मुझे लगता है कि लॉस बुरी चीज है। मुझे लॉस नहीं होना चाहिए था। हम तो माइंडसेट हमारा सेम नहीं है। तो अगर आपका बिजनेस माइंडसेट आप स्टॉक मार्केट में डालेंगे तो अगर लॉस हो गया तो कोई बात नहीं। आप समझिए जैसा वो दुकानदार खाली बैठा था। आप खाली बैठे हैं आज लॉस में बैठे हैं तो माइंडसेट का प्रॉब्लम है? बिजली का खर्चा भी देते हैं जब खाली होते हैं तो वो तो नुकसान होता ही है। करेक्ट ये ये क्या इज दिस कनेक्टेड टू ईगो यूजर का ट्रेडर का? यस मैं पर्सनली मानता हूं कि सबसे ट्रेडिंग करने से पहले हमें जानना चाहिए कि हम किस टाइप के पर्सन हैं। हम मैं बहुत अग्रेसिव पर्सन हूं। मैं बहुत डिसीजन लेने में मुझे टाइम लगता है। मुझे कन्फर्मेशन बायस है कि मुझे एकदम मैं सोच नहीं पाता हूं। ऐसा भी पर्सनालिटी हो सकती है किसी की। सबसे पहले खुद की पर्सनालिटी चेक करनी चाहिए। उसका सिंपल आंसर है स्विंग ट्रेडिंग। सबसे पहले आप स्विंग ट्रेड स्टार्ट करो। अगर आप इक्विटी की बात कर रहे हो या ऑप्शन कर रहे हो तो स्प्रेड से स्टार्ट करो। इंट्राडे करने से पहले क्योंकि अगर आप वह 3 से छ महीने उसको झेल लिया अगर आपने स्विंग ट्रेडिंग देख लिया क्योंकि वहां पे आपको प्रॉफिट भी होगा, लॉस भी होगा। आपका मन भी करेगा जल्दी एग्जिट करूंगा। क्योंकि स्विंग ट्रेडिंग है तो वहां पे आपके पास समय आपके फेवर में है। सही में है। लॉस बहुत बड़ा नहीं हो सकता आपका। हां। तो अगर आपने वह झेल लिया, तो फिर आप इंट्राडे में आ सकते हैं। हम् क्योंकि आपको समझ आ रहा है कि मैं झेल पा रहा हूं। इंट्राडे जो मोमेंटम आ रहा है प्रॉफिट लॉस मैं देख पा रहा हूं। तो अगर कोई शुरू से ही इंट्राडे में आता है तो उसे तो आईडिया नहीं कि ऐसा होता होगा तो वो इमोशन का स्विंग हो जाता है और वो उसे उभर ही नहीं पाता। एडजस्ट करने का टाइम ही नहीं मिला किसी को। उसको भी टाइम नहीं मिलता। जैसे स्टॉक को नहीं मिल रहा है। लास्ट क्वेश्चन धरुन के एक चीज बताओ कि इस पॉडकास्ट के बाद रिटेल ट्रेडर जो के मार्केट में थोड़ा सा स्ट्रगल कर रहे हैं वो कल से कोई एक चीज जो वो करना बंद कर दें कि ये बिल्कुल मत करना। ट्रेडिंग बंद करने को मत कह देना बस। ओके तो मतलब कोई बिहेवियर कोई हैबिट यस सो मेरा एक मानना है कि देखिए मार्केट में मैं हमेशा एंट्री को डिफाइन कर सकता हूं एग्जिट मार्केट के हाथ में हो सकती है प्रॉफिट और लॉस कुछ भी हो पता होना चाहिए कि मेरे को एग्जिट कब करना है बिना सोचे हां नहीं बट मेरा जो एंट्री क्राइटेरिया वो टफ होना चाहिए मतलब प्रॉब्लम क्या होती है मैंने ट्रेड ले लिया उसके बाद मैं सोचता हूं कि अरे लॉस हो गया प्रॉफिट हो गया तो उस समय आप नहीं डिसीजन ले सकते किसी के लिए भी आसान नहीं है एज अ ह्यूमन बीइंग आप जल्दी-जल्दी सब कुछ नहीं कर सकते बट अगर मैं एंट्री लेते ही कंडीशंस लगा दूं। मान लीजिए मेरे पास 10 स्टॉक स्कैन होते हैं। मैं उनमें से दो में सेटअप रेड या दो में ट्रेड करूंगा। अगर नहीं है तो नहीं करूंगा। जब तक ट्रेडर यह जान लेगा ना कि नहीं ट्रेड करना भी आपने पैसा बचा लिया है तब तक कोई सक्सेसफुल नहीं हो सकता। क्योंकि मार्केट में खाली ही बैठना है। आप कहीं अगर जॉब करते हैं तो हर दिन काम नहीं होता। एकद दिन रिलैक्सेशन भी होता है। तो यहां पर भी एकद दिन खाली बैठ गए तो कोई बड़ी बात नहीं है। तो जब तक हम एंट्री टाइट नहीं करेंगे कि मेरा क्राइटेरिया टफ होना चाहिए ताकि मुझे बाद में क्या होगा वह सोचना ना पड़े। तो वह पहले हो सकता है। तो मेरा मानना है एंट्री अगर आप कंट्रोल करेंगे, पैराटर्स लगाएंगे जैसा गाड़ी का एग्जांपल है। तीन शीशे आप अगर देख रहे हैं यहां भी आप दो से तीन मिरर लगा लीजिए। वो आपका चार्ट डाटा हुआ कुछ भी हो सकता है। वो मैंने जैसा कहा हर एक का अपना-अपना ट्रेडिंग का सिस्टम है। आपका कुछ हो सकता है मेरा कुछ हो सकता है। जो भी हो आप एक से ज्यादा पैराटर्स को यूज़ कीजिए। क्योंकि आप खुद को कन्विंस कर रहे हैं कि ये ट्रेड सही है कि गलत है। मेजरली मेजरली मतलब बेसिकली यू आर दी मिरर ऑफ योर ट्रेडिंग स्टाइल। करेक्ट तो वो बंद कर दो जो ये चीजें हैं। बट बहुत मजा आया तरुण। थैंक यू। ग्रेट टू हैव यू एंड यू हैव बीन एनएस टू स्टॉक पाठशाला द लास्ट फ्यू इयर्स और बहुत सारे स्टूडेंट्स का माइंडसेट भी क्लियर किया है। टेक्निकली यू विल आल्सो हैव हेल्प देम एंड वो दिखता भी है। इस डिस्कशन से काफी लोगों को और क्लियर हो चुका होगा। थैंक यू फॉर बीइंग हियर एंड थैंक यू फॉर डिस्कसिंग। और यह डिटेल में समझाना स्प्रेड्स का कांसेप्ट मैंने उतना नहीं समझ था मेरे को डेफिनेशन के अलावा। आज मुझे कांसेप्ट एटलीस्ट थ्योरेटिकली पता लग गया है। आई होप कि बाकी लोगों को भी पता लगा हो। जो भी हमने डेट एनालिसिस किया है वो एक महीने मिनिमम एक महीने चार्ट के ऊपर है। उसके पीछे भी हो सकता है। एक साल पुराना भी हो सकता है। और ये ओनली फॉर एजुकेशन पर्पस है। कुछ भी कॉन्ट्रैक्ट जो हमने डिस्कस किए हैं दे शुड नॉट बी ट्रेडेड इन द मार्केट क्योंकि हमने यूज़ किया है। यस। तो दिस इज बेसिकली ओल्ड डेटाबेस जो मैं रिकॉर्ड करता हूं। और एक चीज मैं कहना चाहूंगा इस पडकास्ट के बाद एक चीज जो मेरी लाइफ का मंत्रा भी है जो आप लोग आपको अच्छा लगे तो आप फॉलो करना। तो एक सिंपल रशियन प्रोवर्ब है ट्रस्ट बट वेरीफाई। तो मैं मानता हूं कि जैसे मैंने कोई स्प्रेड्स कहा या इंट्रेंसिक वैल्यू कहा आप इसको खुद चेक कीजिए। हम् एक्सपायरी तो हर हफ्ते हो रही है। तो आप खुद इंट्रेंसिक वैल्यू खुद निकाल के देखिए। मेरे बोलने पे ना जाइए। मैथमेटिकली मैथमेटिक्स जैसे कहा स्पॉट प्राइम ने स्ट्राइक प्राइस। आप एक्सपायरी होने वाली होगी। जब भी आप वीडियो देख रहे हैं। आप चेक कीजिए। आप देखिए कि क्या थर्सडे को या ट्यूसडे को ऑप्शंस इंट्रेंसिक वैल्यू के आसपास मूव कर रही है कि नहीं। आपको पता चल जाएगा। और किसी को भी आप किसी को भी अगर देखें फॉलो करें तो मेरा मानना है कि मैं ट्रस्ट वर्ड वेरीफाई बिना वेरीफाई करे मैं किसी की बात नहीं मानता मैं खुद की बात नहीं मानता जब तक मैं किसी चीज को एस्टेब्लिश ना कर दूं क्योंकि हम खुद को झूठ नहीं बोल सकते बहुत लंबे समय तक अगर मैं किसी को ये कह रहा हूं कि ये स्ट्रेटजी प्रॉफिटेबल है और मुझे पता है कि लॉस मेकर है तो मैं खुद से झूठ नहीं बोल सकता आपको बोल सकता हूं पर मैं खुद ट्रेड नहीं कर पाऊंगा उसके ऊपर करेक्ट तो अपना बनाइए किसी सिस्टम को अगर कोई चीज आपको अच्छी लगी आज के सेशन से आप अपने सिस्टम में अपने ट्रेडिंग सेटअप में कोई चीज ऐड करनी हो तो कर सकते हैं। पूरा सिस्टम बदलना एकदम नहीं चाहिए। एक-एक चीज आपको मेरी कोई बात अच्छी लगी, किसी और की कोई बात अच्छी लगी। कांसेप्ट पे जाइए। रिजल्ट पे मत जाइए। आउटपुट पे मत जाइए। आउटपुट मत जाइए। कुछ अच्छा लगा आपको देखने का कि यार ये चीज आपने अच्छी की है तो उसको कॉपी कर लीजिए। मैं जब जॉब करता था तो मैं एक मैनेजर ने बड़ा अच्छा कहा था कि आप जैसा आप मार्च में काम कर रहे थे वैसा दिसंबर में कर रहे हो। तो आप आगे तो बढ़े नहीं। आप वहीं पे हो। आप कुछ चेंज कीजिए। इतना सा चेंज कीजिए जिससे आपकी लाइफ बेटर हो रही है। सिस्टम बेटर हो रहा है। जो भी आप जैसा भी काम कर रहे हैं ट्रेडिंग के अंदर मैं पहले कुछ करता था अब कुछ कर रहा हूं। धीरे-धीरे प्रोग्रेशन है और आगे भी होगा क्योंकि मार्केट तो बदल रही है। कुछ ना कुछ बदलता रहेगा। मार्केट हमेशा डायनेमिक है। पर हम खुद को कांस्टेंट बना लेते हैं। इसीलिए वो हर्ट करता है। मार्केट के साथ हमें भी डायनेमिक होना ही पड़ेगा। बदलना पड़ेगा। मार्केट पे बदलना तो पड़ेगा। ग्लैड्स दे आर वेरी वेरीरी वाइस वर्ड्स। वेरी प्रैक्टिकल वर्ड्स एज वेल। एंड थैंक यू अगेन फॉर बीइंग हियर। थैंक यू फॉर मीटिंग।

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