Option में "Zero to Hero" करने वाली Best Strategy #optionstrading l NIFM Institute — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Option में "Zero to Hero" करने वाली Best Strategy #optionstrading l NIFM Institute

NIFM Institute · watch on YouTube ↗
Analysed 29 Aug 2026, 12:49 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not auto-backtested — honestly, we can't. AI-decoded: Long Strangle: buy OTM call + OTM put during high-volatility expiry weeks (weekly/monthly), deployed 12:00–1:00 PM when premiums are cheap, targeting directional moves of 100–200 points in either dire

We give real option backtests only for fixed-entry option-selling structures (weekly credit/ratio spreads) priced on real cached NIFTY premiums. This one is directional option BUYING (needs intraday/tick option data), which needs intraday/tick option data and a chart-signal engine we don't have — so we show no number rather than a misleading proxy. Flagged for a hand-built review.

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Full transcript (2997 words)
इन्वेस्टमेंट इनसिक्योरिटीज़ आर सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क। प्लीज कैरी आउट योर ड्यू डेलीस एंड रीड ऑल द रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स केयरफुली बिफोर इनवेस्टिंग। चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें। सबसे पहले ताजा वीडियो को देखने के लिए बेल आइकॉन दबाएं। अब यह जो स्ट्रेटजी मैं बताने जा रहा हूं तुम्हें, यह स्ट्रेटजी बहुत अच्छी स्ट्रेटजी है। कम पैसे लगाकर ज्यादा पैसे कमाने वाली स्ट्रेटजी है। बहुत सारे लोग आपने सुना होगा हीरोज़ हीरो करते हैं। ऑप्शंस में है ना ₹1000 लगाए ₹00 बनाए ₹1000 चले गए तो ज्यादा कोई टेंशन वाली बात नहीं है। पर मैं ना तुम्हें एक एक्सपीरियंस बेस्ड एक सच्ची बात बता सकता हूं कि तुमको ना ऑप्शंस बहुत ज्यादा प्रैक्टिस के बाद करना चाहिए या स्ट्रेटजी के साथ करना चाहिए। पर उसमें तीन चीजें ना हमेशा ध्यान रखना कि ऑप्शंस में ना कभी भी अनापशनाप पैसा मत लगाना। अनाप शनाप ऐसा लगाओगे ना क्योंकि ऑप्शन में एक का 10 एक का 20 हो रहा है तो तुम्हें टेंप्टेशन होता है कि यार ₹1 लाख लगा देते हैं ₹00 लगा देते हैं बड़ी रकम कभी भी ऑप्शन में नहीं लगानी चाहिए ऑप्शन में समझदार इंसान वो है जो एक से ₹5000 ऑप्शन में लगा रहा है ठीक है और मैं बोलता हूं बड़ा पैसा केवल तब लगा सकता है कोई जब उसने या तो बहुत बड़ा प्रॉफिट कर लिया हो या फिर वह बहुत ज्यादा एक्सपर्ट बन चुका हो उससे पहले नहीं करना चाहिए यह मेरी आपको एक कुछ भी समझ लो रह सकती जिससे कि तुम एटलीस्ट ऑप्शन से बचे रहोगे। देखो हर चीज को सीखना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि पता नहीं जिंदगी में कौन सा ज्ञान आपके कहां काम आ जाए। पर हर ज्ञान जिंदगी में अप्लाई नहीं किया जाता है। कुछ सिर्फ सीखने के लिए होता है। यहां पर अप्लाई करना बिल्कुल करना सीखने के बाद पर करना बहुत छोटे पैसे से। क्योंकि अगर तुम काबिल बन गए ना तो छोटे को ही बड़ा पैसा बना लोगे। ठीक है? और अगर लालची बन गए जो कि अधिकतर लोग बनते हैं तो देखो लॉस ही होगा। तो अब मैं तुम्हें एक ऐसी स्ट्रेटजी के बारे में पढ़ाने जा रहा हूं जो स्ट्रेटजी बहुत छोटे पैसे को बहुत बड़ा पैसा बना सकती है। कंडीशन एक है कि मार्केट में एक बड़ा मूव आ जाए। तो आप मुझे एक बात बताओ ऐसे कौन से चांसेस होते हैं जब मार्केट में हमेशा वोलेटिलिटी आती है। और वो ऐसे चांसेस होते हैं जब मार्केट में वीकली या मंथली एक्सपायरी हो। आपने देखा है? वीकली और मंथली एक्सपायरी में क्या होता है? मार्केट में वोलेटिलिटी बहुत ज्यादा आती है। आपने देखा है ना? थर्सडे के दिन मार्केट में बहुत वोलेटिलिटी हो जाती है। है ना? तो यह जो स्ट्रेटजी है, यह ऐसे मार्केट व्यू में हम बनाएंगे जहां पर मार्केट में हाई वोलेटिलिटी हो। मार्केट व्यू क्या है? हाई वोलेटिलिटी। और सबसे बड़ी बात है आपको डायरेक्शन नहीं पता होता मार्केट ऊपर जाएगी या नीचे। तो मार्केट कहीं भी जा सकती है ना इदर साइड। यह सच है। तो एग्जांपल के तौर पर मान लेते हैं मार्केट का स्पॉट एग्जांपल के तौर पर मैं ले लेता हूं 24,000 और हाई वोलेटिलिटी का मतलब मेरे लिए 200300 पॉइंट है। तो ऊपर की तरफ मान लेते हैं 24,200 और नीचे की तरफ 23,800 यह हाई वोलेटिलिटी हो गई क्योंकि इंट्राडे में 200 पॉइंट निफ्टी में बहुत बड़ी बात तो नहीं है पर फिर भी हाई वोलेटिलिटी हम मान लेंगे। तो निफ्टी का स्पॉट हमने माना है 24,000। यह मार्केट व्यू हो गया। तो ऐसे मार्केट व्यू में जहां पर मार्केट में एक हाई वोलेटिलिटी आइदर साइड आ सकती है। हम ऐसे मार्केट में ना स्ट्रेटजी डिप्लॉय करते हैं जिसका नाम होता है लॉन्ग ट्रेंगल। क्या नाम है इसका? लॉन्ग स्ट्रायंगल। अब यह जो लॉन्ग स्ट्रायंगल है यह एक्सपायरी स्पेशल स्ट्रेटजी भी मानी जाती है कि वीकली एक्सपायरी मंथली एक्सपायरी में ये डिप्लॉय की जाती है। अब देखो महीने में चार एक्सपायरी और पूरे पूरे आप बोल सकते हो कि पूरे 12 महीने में लगभग लगभग 50 एक्सपायरी आपको मिलती हैं। तो अगर इन्हीं 50 एक्सपायरीज में हम ज्यादा नहीं ₹5000 से ट्राई करें तो बहुत मौके मिल सकते हैं। है ना? ₹5000 से ट्राई करें तो बहुत मौके मिल जाएंगे हमको। तो यह स्ट्रेटजी साल में 50 बार डिप्लॉय की जा सकती है। अब यहां पर यह स्ट्रेटजी डिप्लॉय करने के लिए देखो जैसा कि हमें यहां पर यह नहीं पता कि मार्केट ऊपर जाएगी या नीचे जाएगी यह तो नहीं पता ना पर पता है तो एक बात कि मार्केट में हाई चांसेस हैं वोलेटिलिटी आने के। यानी एक तरफ का मूव आने के चांसेस बहुत ज्यादा हैं। यह हमें पता है। जब हमें यह पता है तो हम क्या करेंगे? हम मार्केट में कॉल और पुट दोनों खरीदेंगे। अब यह जो स्ट्रेटजी है यह डिप्लॉय की जाती है आउट ऑफ द मनी कॉल पर और पुट पर। आउट ऑफ द मनी इसलिए क्योंकि उसके प्रीमियम बहुत छोटे होते हैं। और जब मार्केट एक डायरेक्शनल मूव लेता है 100 150 200 पॉइंट का तो वही आउट ऑफ द मनी बहुत बड़ा प्रीमियम बन जाता है। नमस्कार दोस्तों, क्या आप स्टॉक मार्केट में शुरुआत करने का सोच रहे हैं? और क्या आपको यह समझ में नहीं आ रहा है कि आपकी शुरुआत कहां से होनी चाहिए? तो मैं आपको एक ऐसा कोर्स सजेस्ट करने जा रहा हूं जो आपकी लाइफ चेंज कर सकता है और मैं बात कर रहा हूं एनआईएफएम का एडवांस लेवल ऑफ स्मार्ट इन्वेस्टर कोर्स की जो आपकी लाइफ चेंज कर सकता है। जी हां, आपने सही सुना। एनआईएफएम आपके लिए लेके आया है एक ऐसा शानदार कोर्स जो आपको बताएगा कि किस तरह से आप स्टॉक मार्केट में सक्सेसफुली पैसा कमा सकते हैं। और यह कोर्स है एडवांस लेवल ऑफ स्मार्ट इन्वेस्टर। एडवांस लेवल ऑफ स्मार्ट इन्वेस्टर कोर्स आपको हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी मार्केट की बारीकियों के बारे में जानकारी देता है और यह सभी जानकारियां आपको इस मार्केट में पैसा कमाने में बहुत ज्यादा मददगार साबित होती हैं। तो इस कोर्स को करने के बाद आप मार्केट में सक्सेसफुल ट्रेडर और सक्सेसफुल इन्वेस्टर बन सकते हैं। एक टाइम के बाद इसको डिप्लॉय करने का बेस्ट टाइम है 12:00 से 1:00 बजे। 12:00 से 1:00 बजे प्रीमियम बहुत कम हो जाते हैं और 12:00 से 1:00 अगर आप डिप्लॉय करते हो तो ₹500 में बहुत सारे बहुत सारे आप बहुत सारा मतलब प्रीमियम खरीद सकते हो। लाइक एक दो लॉट तो आराम से मिलते हैं। ठीक है? तो कहने का मतलब क्या है? 12:00 से 1:00 बजे बेस्ट टाइम भी है इसका डिप्लॉय करने का। तो अब सबसे पहले हम क्या करेंगे? हम यह निफ्टी पे अप्लाई कर रहे हैं। तो निफ्टी का स्पॉट मैं यहां पर मान लेता हूं। अस्यूम कर लेता हूं। 24,000 का है और 24,000 के निफ़ी पर मैं एक कॉल बाय करूंगा। कॉल बाय करूंगा। ओटीएम कॉल होगी आउट ऑफ द मनी। तो स्ट्राइक मैं बाय करूंगा यहां पर 2450 50 इसलिए क्योंकि प्रीमियम सस्ता है और 50 इसलिए क्योंकि अगर इसके ऊपर जितना ज्यादा जाएगा मेरा फायदा भी उतना ही ज्यादा होगा। मैं अगर 2400 ले लेता हूं तो हो सकता है उसमें फायदे की जगह नुकसान हो जाए। 24,200 लूंगा तो पक्का नुकसान होगा क्योंकि मार्केट मूव भी वहां से 200 पॉइंट करेगा। तो मुझे आउट ऑफ द मनी लेनी है पर सबसे नियर आउट ऑफ द मनी लेनी है ताकि चांसेस ज्यादा हो जाए। अगर बड़ा मूव आए तो मेरे प्रॉफिट के चांसेस ज्यादा हो जाए। अब यहां पर यह बहुत कम पैसे में मिल रही है। ₹10 मैंने पे किए प्रीमियम के। तो, यहां पर मैं अस्यूम कर रहा हूं कि ₹10 का प्रीमियम है। आप देखते हो ₹5 का प्रीमियम मिल जाता है। ज्यादा हुआ ₹10 का मिल जाता है। ₹10 मान लेते हैं। ठीक है? तो, ₹10 का एक प्रीमियम मैंने यहां पर बाय कर लिया। मेरी कॉस्ट आ गई ₹10। मैंने पे कर दिया। अब इस सिनेरियो में मैं मार्केट के ऊपर हूं बुलिश। ठीक है? तो यहां पर मेरा व्यू क्या है? बुलिश व्यू है। अगर मार्केट ऊपर जाती है तो यह कॉल मुझे पैसा कमा के देगी। ऐसा ही है। पर अगर मार्केट सोचो नीचे चली गई तो क्या होगा? मेरा कॉल में नुकसान हो जाएगा। तो इसीलिए मैं क्या करूंगा? नीचे अगर मार्केट जाती है तो मुझे नुकसान की जगह फायदा हो। इसीलिए मैं एक पुट भी खरीदूंगा। तो मैं पुट बाय करूंगा। तो पुट भी मैं ओटीएम ही बाय करूंगा और स्ट्राइक रहेगा 23950 यानी 50 पॉइंट ऊपर और 50 पॉइंट नीचे। यहां भी हाइपोथेटिकली हमने मान लिया है कि हमारा जो प्रीमियम है वह ₹10 का है और यहां भी मैंने पे किया है। तो यहां पर मैं बेरिश हो गया। एक सेकंड। तो यहां पर मेरा व्यू बेरिश है। यहां पर बुलिश है। जी। इसीलिए तो इसे स्ट्रेटजी बोल रहे हैं। तो स्ट्रेटजी में क्या होता है? दो पोजीशन एक साथ बनानी होती है। आ रहा है समझ में? अब यहां पर ₹10 और ₹10 हमारी नेट कॉस्ट कितनी हो गई? यानी हमारी जो नेट कॉस्ट है वह है ₹20 और यही ₹20 हमारा मैक्स लॉस भी है। यानी खोने के लिए कितना है? कितना? सिर्फ ₹20 मैक्स प्रॉफिट कितना है? वेरी गुड। यानी पाने के लिए अनलिमिटेड पैसा और खोने के लिए सिर्फ ₹20। अब यहां पर ब्रेक इवन। देखो ब्रेक इवन यहां पर निकालने का तरीका क्या होगा? हमारी कॉस्ट को हम माइनस और प्लस करेंगे। क्योंकि हम हमें यहां पर ना इंडिविजुअल ब्रेक इवन नहीं निकालना। टोटल ब्रेक इवन निकालना है। ठीक है? तो यहां पर ब्रेक इवन आएगा। ध्यान से समझिएगा। यहां पर ब्रेक इवन आएगा कॉल का जो स्ट्राइक है उसमें मैं ₹20 ऐड कर दूंगा। तो ₹2,000 ₹0 मेरा ब्रेक इवन आ गया। ठीक है? इसमें मैंने ₹20 या मेरी जो कॉस्ट है ना वो मैंने ऐड कर दी। और ब्रेक इवन जो पुट का आएगा शाबाश। यानी वह माइनस करके आएगा 23 930 यानी मैंने क्या किया इसमें से ₹20 माइनस कर दिए। अब अगर मार्केट 2470 के ऊपर चला जाता है या फिर 23930 के नीचे चला जाता है तो दोनों केस में मेरा प्रॉफिट बन जाएगा। इसी लेवल पर अगर एक्सपायर हो जाएगा तो ना मेरा प्रॉफिट ना मेरा लॉस। अब हम अस्यूम करेंगे कि मार्केट की एक्सपायरी होगी। देखो क्योंकि यह जो स्ट्रेटजी है एक्सपायरी स्पेशल है तो मार्केट की एक पर्टिकुलर एक्सपायरी भी होनी चाहिए। तो अगर एक्सपायरी हो गई मार्केट की उस केस में आपका लॉस प्रॉफिट क्या होगा? एक बार हमें देखते हैं और हम यहां पर अस्यूम करते हैं कि जो एक्सपायरी है मार्केट की वो 24,200 पे हो जाती है। हम यह अस्यूम कर रहे हैं। तो एक्सपायरी हो गई है 24,200 पे। तो अब 24,200 स्पॉट प्राइस बन गया ना? तो अब कौन सा प्रीमियम बढ़ेगा? कॉल साइड वाला। कौन सा जीरो हो जाएगा? पुट साइड वाला। तो अब यहां पर स्पॉट जो प्राइस है, यह पावर ऑफ नंबर थ्योरी इतनी बेहतरीन थ्योरी है कि इसे करने के बाद आप एक अलग अनुभव करेंगे और आपको लगेगा कि शायद इसी चीज की आपको तलाश थी। बहुत सालों की ट्रेडिंग के बाद, इन्वेस्टिंग के बाद आपको शायद ऐसे प्रोडक्ट की जरूरत थी जो मार्केट में आपको वो कॉन्फिडेंस दे पाए जिस कॉन्फिडेंस के साथ आप रोज पैसा कमा पाए और जितना आप चाहें उतना पैसा कमा पाए। तो हमारी यह जो पावर ऑफ नंबर थ्योरी है यह आपको आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करने के लिए है। और आप देखेंगे कि इस थ्योरी को करने के बाद जो आपका कॉन्फिडेंस है, आपकी जो एक्यूरेसी है, आपकी जो क्षमताएं हैं मार्केट से पैसा कमाने की वो बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी। और आप देखेंगे कि जो आपने आज से पहले अनुभव नहीं किया था अपनी ट्रेडिंग के दौरान या इन्वेस्टमेंट के दौरान आप इतना बेहतर अनुभव करेंगे इस कोर्स को करने के बाद। वह बन गया है 24,200 और जो कॉल का हमारा जो कॉल का हमारा यानी स्पॉट माइनस स्ट्राइक होता है तो यहां पर स्पॉट प्राइस माइनस स्ट्राइक प्राइस। अब यहां पर स्पॉट प्राइस हमारा बन गया है 24,200 और हमने जो कॉल की स्ट्राइक खरीदी थी वो खरीदी थी 24, 50। अब यहां पर अगर हम माइनस करेंगे तो ₹150 की वैल्यू आ जाएगी। इसका मतलब है जो हमारा प्रीमियम है जो ₹10 का था वह आ गया है ₹150 तो ₹150 हमें मिले ठीक है पर ₹150 में ₹20 तो हमने दिए भी थे तो माइनस कॉस्ट ₹20 और यह आ गया हमारा नेट प्रॉफिट जो कि है ₹130 तो हमने लगाए अपने एग्जांपल में कितने थे ₹20 और हमने कमाए कितने नेट ₹130 यह हो हो गया हमारा पे ऑफ। दिस इज़ कॉल्ड पे ऑफ। जो आपका लॉस प्रॉफिट होता है उसको पे ऑफ कहते हैं। तो यहां पे पे ऑफ कितना हुआ? ₹130। नेट प्रॉफिट बोल दो, पे ऑफ बोल दो। आ रहा है समझ में? अब इस केस में एक और एग्जांपल हम समझेंगे कि अगर एक्सपायरी होती है ₹23,800 पे तब क्या होगा? तो, यह सब ने लिख लिया। मैं इसे मिटा रहा हूं। अब फार्मूला भी हमारा उल्टा हो जाएगा। अब यहां पर एक्सपायरी हम समझ रहे हैं 22800 23800 पे हुई है। तो यहां पर हमारा फार्मूला उल्टा हो जाएगा स्ट्राइक माइनस स्पॉट हो जाएगा। तो यहां पर स्ट्राइक हमने जो ली थी वो ली थी 23950 और जो एक्सपायरी हुई है वह है 23800। तो इस केस में हमारा जो प्रीमियम बनेगा पुट का वह बढ़कर हो जाएगा 150 पर यहां भी हमने ₹20 जो प्रीमियम पे किया था वह हम माइनस करेंगे। ठीक है? और जो नेट प्रॉफिट हमारा आएगा वो आएगा 130। यह हमारा नेट प्रॉफिट आ जाएगा इस केस में भी। ठीक है? दूसरी स्ट्रेटजी होती है न्यूज़ बेस्ड वाली। क्योंकि ये तो एक्सपायरी स्पेशल है ना। ये तो सिर्फ एक्सपायरी पे ही डिप्लॉय की जा सकती है। न्यूज़ बेस के लिए दूसरी। इसीलिए हम वीकली या मंथली पर डिप्लॉय करते हैं। प्रीमियम कम हो जाते हैं ना 12 1:00 बजे तक। इसलिए 12 1:00 बजे का मैंने सिखाया कम हो जाते हैं। तो रिस्क भी कम हो जाएगा। आप सुबह-सुबह करेंगे तो प्रीमियम थोड़े से तो ज्यादा होते हैं। थोड़ा वेट कर लेंगे कम हो जाएंगे प्रीमियम। इसलिए कम प्रीमियम में ये यूज़ करेंगे ज्यादा अच्छा रहेगा। अब ये देखो कि मार्केट जो है कॉल राइटिंग बढ़ रही है ना और बढ़ रही है। देख रहे हो जब हमने देखा था तो यहां पे दो-दो लाख कॉन्ट्रैक्ट एक 1 लाख कॉन्ट्रैक्ट थे। 33 लाख कॉन्ट्रैक्ट हो गए यहां पे। देखो ये ठीक है? यह देख रहे हो यह बढ़ गया। यह बढ़ गया। यह बढ़ गया। सब बढ़ गए ना? इसलिए मार्केट नीचे आ रही है। और देखो ये यहां पे माइनस वाले देखो जो पुट राइटर थे जो पुट राइटिंग हो रही थी। अब यहां पर देखो यहां पर जो कॉन्ट्रैक्ट थे वो कम होते जा रहे हैं। हां आ गया एक मिनट। ठीक है? तो ये ऑप्शन चेन आपको बता देती है ना भाई मार्केट का डायरेक्शन क्या है? देख ऑप्शन ग्रीक को ना उस तरह से नहीं समझ सकते हम। नॉर्मली क्या होता है? अब ऐसा समझ। अब जैसे ऑप्शन में ना कॉल और पुट है। अब जैसे मान ले यह है तो 24,300 का कॉल का और पुट का दोनों का थीटा तो एक होगा। इसे रिकॉर्ड मत करियो। ठीक है? कॉल और पुट का थीटा दोनों का सेम होगा। अंतर क्या होगा? एक का थीटा डीके करेगा और दूसरे का दूसरे का भी डीके करेगा। दूसरा भी डीके करेगा। पर एक का ज्यादा करेगा, एक का कम करेगा। क्यों? क्योंकि जिस डायरेक्शन में मार्केट होगा, उसका थीटा धीरे-धीरे डके करेगा क्योंकि उसको वोलेटिलिटी बचा देगा प्रीमियम में। अब जैसे मान के चलो आप देख रहे हो कि मार्केट जो है ना इधर देखो यहां पे मैं दिखाता हूं तुम्हें नॉर्मली मान लेते हैं यह है। ठीक है? यह एक एग्जांपल है। अब यहां पर ₹4,600 में ₹30 प्रीमियम डीके हुआ है। तो टेक्निकली बढ़ने के लिए बढ़ना भी तो सेम चाहिए था। पर ये बढ़ा नहीं चाहिए। क्यों? क्यों नहीं बढ़ा? बहुत सारे रीज़न है। क्योंकि डायरेक्शन जहां पे होता है उसमें जो dk है वो ज्यादा होता है। ठीक है? तो थीटा तो दोनों का सेम है। बट dके ज्यादा होगा या कम होगा? यह डायरेक्शन पे डिपेंड करता है। अब कई बार ना लोग न्यूट्रल डाटा करते हैं। यह मैं आगे सिखा दूंगा। हालांकि कोई दिक्कत नहीं है। वह मैं करा दूंगा। बट यह इससे ना कि थीटा कितना है या और बाकी चीजें कितनी है? किस-किस पॉइंट पर डेल्टा कितना है? ये ना बहुत ज्यादा लाइफ में काम नहीं आते हैं। एनआईएफएम के पास बहुत सारे कोर्सेज हैं। जिनमें से एक कोर्स के बारे में मैं अभी आपको इस वीडियो के माध्यम से बताना चाहती हूं। कोर्स का नाम है एडवांस लेवल ऑफ स्मार्ट इन्वेस्टर। यह जो कोर्स है उन्हीं लोगों के लिए बनाया गया है जो इस मार्केट में काम करना चाहते हैं। इस मार्केट से पैसा कमाना चाहते हैं। क्या-क्या चीजें जरूरी होती हैं ट्रेडिंग करने के लिए या इन्वेस्टमेंट करने के लिए वो सारी चीजें हम लोग अपने इस कोर्स के माध्यम से आपको सिखाते हैं। सबसे पहले इस मार्केट में एंटर करने से पहले हमें बेसिक चीजों की नॉलेज होना बहुत जरूरी है। जैसे कि हमें पता होना चाहिए इक्विटी मार्केट क्या है? हमें पता होना चाहिए फ्यूचर एंड ऑप्शन मार्केट क्या है? कमोडिटी मार्केट क्या है? करेंसी मार्केट क्या है? इंडियन मार्केट्स क्या होती हैं? बाहर की मार्केट्स क्या होती हैं? उनमें किस तरीके से काम होता है? कैसे काम होता है? कैसे चीजों को खरीदना है? कैसे बेचना है? दोस्तों इन सभी चीजों के लिए हमारा एक ऑल इन वन कोर्स है जिसका नाम है एडवांस लेवल ऑफ स्मार्ट इन्वेस्टर। एडवांस लेवल ऑफ स्मार्ट इन्वेस्टर के अंदर हम लोग 70% 70% प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देते हैं। आप खुद चीजों को प्रैक्टिकली समझ सकें। एनआईएफएम की बहुत सारी ब्रांचेस हैं। हमारे जो ट्रेनर्स हैं, वह मार्केट के एक्सपर्ट्स हैं। जिनके पास 15 से 20 साल का एक्सपीरियंस है वो सारा का सारा एक्सपीरियंस आपको इस कोर्स के माध्यम से वो अपना शेयर करेंगे।

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