MY OPTION SELLING PORTFOLIO | EXPIRY DAY TRADING | Option Sailor — backtested on Indian market data | FakeTrades
FakeTrades.in
← all strategies

MY OPTION SELLING PORTFOLIO | EXPIRY DAY TRADING | Option Sailor

Option Sailor · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:00 PM IST
★½☆☆☆ 1.5 / 5

Verdict

Real minute-level backtest. Scored as the nearest tested variant: straddle sold at 09:20 with NO stop-loss, square-off 15:15, on 2,119 real trading days 2015–2026 (1-minute NIFTY option premiums — every crash, election and expiry day included), real charges and spread, 1 lot.

Net ₹+13,688 (≈ ₹+1,140/yr, +0.8%/yr on ~₹1.5L margin — roughly breakeven after costs), 61% green days, avg ₹+6/day, max drawdown ₹-173,390. Yearly: 2015: ₹+1,573. 2016: ₹-29,884. 2017: ₹-7,436. 2018: ₹-27,323. 2019: ₹-52,116. 2020: ₹-20,614. 2021: ₹+30,164. 2022: ₹-19,732. 2023: ₹+13,035. 2024: ₹+18,907. 2025: ₹+111,729. 2026: ₹-4,615.

Worst days: 04-Jun-24 ₹-41,806 | 20-Sep-19 ₹-24,488 | 16-Jun-22 ₹-24,333 | 17-Apr-25 ₹-21,961 | 12-May-25 ₹-21,456. The per-leg stop caps normal disasters, but it fills at market on the breach — a violent single minute can blow through it (see the worst-day figure). Without a stop-loss this family is a time bomb — the same grid's no-SL cells give back years of gains on single event days (elections, crashes).

Intraday premium-selling verdicts are scored against our precomputed 12-year variant grid; the nearest variant to this video's described rules is shown. Flagged for human review.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?
Full transcript (2716 words)
एक बार जब आप एक्सपायरी डे ट्रेडिंग करना सीख जाते हो, आपको करनी आ जाती है, तो आप यह मानिए हर एक्सपायरी डे एक पे चेक की तरह हो जाती है कि हर एक्सपायरी डे पे मुझे एक पेचेक मिलेगा। और यह फीलिंग है यह बड़े कमाल की है। लेकिन एक्सपायरी डे जितनी रिवॉर्डिंग होती है उतनी ही ज्यादा पनिशिंग भी हो सकती है। और इसीलिए यहां पे एडजस्टमेंट आना, आपका सेटअप सही होना सब कुछ आपको पता होना चाहिए। अगर आप मुझे फॉलो करते हो तो आपको पता है मैंने Telegram पे भी और वैसे भी आप लोगों के साथ शेयर किया था। जो चैनल मेंबर है उनके साथ भी मैंने शेयर किया था। प्लस मैंने Telegram पे भी आप लोगों को बताया था कि मैं एक्सपायरी डे ट्रेडिंग पे कुछ रिसर्च कर रहा हूं। मेरा कुछ काम चल रहा है। जब वो हो जाएगा तब मैं आपके साथ शेयर करूंगा। तो काफी टाइम से इस पे मैं वैसे अपने बैक एंड पे रिसर्च कर रहा था। देन उसके बाद मैंने इसको धीरे-धीरे एक-एक लॉट से ट्रेड करना स्टार्ट किया और अब मैं इसमें थोड़ा स्केल अप भी कर रहा हूं। तो इसके क्या रिजल्ट्स हैं? मेरे बैक टेस्टिंग है। उसमें क्या सेटअप था? क्या उसके रिजल्ट हैं? वो सब कुछ मैं आपको बताता हूं। तो चलिए टाइम को वेस्ट नहीं करते हैं। मैं आपको स्क्रीन के ऊपर लेकर चलूंगा और बताऊंगा कि एक्सपायरी डे ट्रेडिंग हम किस तरह से कर सकते हैं। यह जो सेटअप है, यह ससेक्स और निफ्टी में मैंने किया है। तो, ऐसा नहीं है कि मैं कोई भी एक्सपायरी को यहां पे मिस कर रहा हूं। जो मैं आपको दिखाऊंगा, मेरे किए हुए ट्रेड्स हैं, वह मैं आपको दिखाऊंगा। तो, इसमें यह नहीं है कि मैंने प्रॉफिटेबल है, वह आपको दिखा दिया। इस तरह से। नहीं, हर एक्सपायरी डे को मैंने ट्रेड लिया। मतलब एक भी एक्सपायरी बीच में छूटी नहीं है। तो हर एक्सपायरी डे को मैंने ट्रेड लिया जिसमें से जो ईजी एक्सपायरी है वो भी उसमें है। जो टफ है वो भी उसमें है। तो उसका पूरा रिजल्ट है वो किस तरह का है? सो दैट कि मार्केट का हर तरह का अपडाउन है वो उसके अंदर इनवॉल्वड है। तो उसका रिजल्ट क्या है? वो सब कुछ मैं आपको दिखाता हूं। इसके पीछे का मेरा सेटअप क्या है? मेरा लॉजिक क्या है? सब कुछ मैं आपको यहां पे दिखाता हूं। तो चलिए अब स्क्रीन के ऊपर चलते हैं। लेकिन हां स्क्रीन पर जाने से पहले मैं आपको बता दूं। अगर आपने अभी तक अपने Telegram चैनल को ज्वाइन नहीं किया है तो नीचे मैंने लिंक दे दिया है। लिंक के थ्रू आप अपने Telegram चैनल को ज्वाइन कर सकते हो। वहां पे मैं आप लोगों के साथ अपडेट्स हैं वो शेयर करता रहता हूं। तो चलिए अब स्क्रीन के ऊपर चलते हैं। तो देखिए ये मैं आपको ले आया हूं स्क्रीन के ऊपर। अब यहां पे ये जो ट्रेड्स आपको दिख रहे हैं ये पूरा जो मैंने अपने ट्रेड्स लिए हैं वो मैं आपको यहां पे दिखा रहा हूं। यहां पे अगर आप देखोगे तो कुछ यह पूरा 1 महीने का ट्रेड है। जून में जून से पहले मैं इसको रियल मनी के साथ ट्रेड नहीं कर रहा था। जून से पहले मेरा वैसे चल रहा था। देखिए इसके पीछे का लॉजिक क्या है पहले तो वो मैं आपको बता देता हूं। मैं पोजीशनल ट्रेडर हूं। आप सभी को पता है। लेकिन अभी ये जो यूएस और ईरान का जो चल रहा था तो उसमें पोजीशनल में बड़ा रिस्क था वो खड़ा हो गया था कि ओवरनाइट मैं कैरी करके ले जा रहा हूं पोजीशन। तो एक रिस्क था और जिस तरह का सन की ये बंदा है डोनल्ड ट्रंप वहां पे मैं अपना पैसा किसी के सनक के ऊपर लूज़ नहीं करना चाहता। तो आई वाज़ नो ट्रेडिंग टू बी वेरी ऑनेस्ट। मैं इस दौरान ट्रेड नहीं कर रहा था। पर फिर अंदर से एक आया कि यार इस तरह से तो कल को कुछ और इवेंट आएगा तो मैं ट्रेड कर ही नहीं पाऊंगा। तो इस वजह से और मैंने क्या किया? मैंने एक्सपायरी डे ट्रेडिंग है उस पे थोड़ा सा रिसर्च करना शुरू किया। तो पहले मैंने पूरा वो किया अपना एक सेटअप बनाने की कोशिश की और फिर जून मंथ से और मैंने एक-एक लॉट के साथ यहां पे ट्रेड किया और अभी जुलाई से मैं इसको 10 15-15 लॉट के साथ अभी यहां पे स्केल अप कर रहा हूं। तो यहां पे वही ट्रेड्स हैं जो आपको दिख रहे हैं। जून मंथ है वो ऑलमोस्ट 3035,000 का जो प्रॉफिट है वो आपको यहां पे दिख रहा है। एनीवेज ट्रेड्स मैं आपको दिखाता हूं। एक-एक एक्सपायरी का अलग-अलग से जो ट्रेड है वो मैं आपको यहां पे दिखाता हूं। अगर आप यहां पे देखोगे 4 जून को मैंने जून मंथ से मैंने स्टार्ट किया था। तो 4 जून को ससेक्स की एक्सपायरी थी। उसमें मैंने एक लॉट से ट्रेड किया और उसको मैंने क्लोज किया ऑलमोस्ट ₹2200 के प्रॉफिट के ऊपर। ठीक है? यह ऑलमोस्ट 1.5% का प्रॉफिट है कैपिटल डिप्लॉयड पे। इसके बाद आ जाता है उससे अगली जो एक्सपायरी देखिए मैंने कोई भी एक्सपायरी बीच में छोड़ी नहीं है। 9 जून की जो एक्सपायरी है वह निफ्टी की एक्सपायरी थी ट्यूसडे को उसको मैंने क्लोज किया ₹1200 के प्रॉफिट के ऊपर। उससे दो दिन बाद जो अपनी एक्सपायरी थी वीकली एक्सपायरी वो ससेक्स की थी और 11 जून की एक्सपायरी आप जाके देखना किस तरह की रही थी। बड़ी चौपी थी। इसको मैंने नो प्रॉफिट नो लॉस के ऊपर क्लज़ किया। 136 का मुझे यहां पे लॉस हुआ है। सो ऑलमोस्ट नो प्रॉफिट नो लॉस के ऊपर मैंने इसमें कई कई सारे एडजस्टमेंट करने पड़े हैं। अगर आपको याद हो मैंने यह भी आप लोगों के साथ शेयर किया था। ठीक है? इसके बाद 16 जून की जो निफ्टी की एक्सपायरी थी उसमें एक लॉट पे मुझे ₹1300 का यहां पे प्रॉफिट हो रहा है। ठीक है? इसके बाद अगर आप आगे आओगे तो 18 जून की जो एक्सपायरी थी, यहां पे मुझे ₹400 का प्रॉफिट है। वह हुआ है। यह भी थोड़ी सी चौपी एक्सपायरी थी और यहां पे एक टाइम पे मैं लॉस में था। मैंने आप लोगों के साथ शेयर किया था। ठीक है? ठीक है? तो यहां पे भी मेरा प्रॉफिट वो छोटा सा है। ₹500 के प्रॉफिट के ऊपर ही क्लोज किया। यहां पे कई सारे एडजस्टमेंट है वो भी करने पड़े थे। इसके बाद आती है 23 जून की एक्सपायरी। 23 जून की एक्सपायरी में मैंने 15 लॉट के साथ शेयर की थी। एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट था वो मैंने किया था। तो 23 जून की एक्सपायरी में अगर आप देखोगे तो मुझे 13,000 का यहां पे प्रॉफिट दिख रहा है। लेकिन यह प्रॉफिट अच्छे खासे लॉस में था। जो मैं आपको बता रहा था मैंने आपके साथ शेयर किया था वो 18 जून की नहीं वो 23 जून वाली एक्सपायरी थी। ठीक है? Telegram पे अगर आप देखोगे तो मैंने ये शेयर किया था आपके साथ। तो यहां पे इवन इसके ऊपर आई थिंक मैंने एक डेडिकेटेड वीडियो भी बनाया था। आप लोगों ने देखा होगा। तो ये मैंने 15 लॉट के साथ शेयर किया था और एक टाइम पे इसमें मुझे अच्छा खासा लॉस था। लेकिन देन मैंने एडजस्टमेंट किया और अगर आप देखोगे इससे जस्ट ऊपर 23 जून की जो एक्सपायरी है इससे ऊपर वाली जो एक्सपायरी है यह भी 23 जून की आपको दिख रही है। तो यह दूसरा क्यों दिख रहा है? यह एक रेफरेंस ट्रेड था जो मैंने लिया था। जब यह ट्रेड मेरे मेरा लॉस में था। जब मेरा ओरिजिनल ट्रेड लॉस में था उस टाइम पे मैंने एक रेफरेंस ट्रेड लिया। ठीक है? अब रेफरेंस ट्रेड का अगर आप मुझे लंबे टाइम से फॉलो करते हो तो आपको पता होगा रेफरेंस ट्रेड के पीछे का लॉजिक क्या होता है। रेफरेंस ट्रेड इस तरह से प्लेस्ड होता है कि मेरा जो ओरिजिनल ट्रेड है उसमें अगर लॉस आ रहा है तो रेफरेंस ट्रेड मुझे प्रॉफिट देगा। ठीक है? और रेफरेंस ट्रेड में लॉस तब आएगा जब मेरे ओरिजिनल ट्रेड में प्रॉफिट आ चुका होगा। तो यहां पे एक टाइम पे मुझे ओरिजिनल ट्रेड में लॉस था। इस वजह से मैंने रेफरेंस ट्रेड लिया। लेकिन उसके बाद मार्केट वापस मेरे प्रॉफिट ज़ोन में आया। तो मुझे ओरिजिनल ट्रेड में प्रॉफिट हुआ। अब ओरिजिनल ट्रेड में प्रॉफिट होगा तो रेफरेंस ट्रेड में आपको लॉस होगा लेकिन वो लॉस हमेशा कम होगा आपके ओरिजिनल प्रॉफिट से। सो इस वजह से यहां पे 13,000 का मुझे ओरिजिनल ट्रेड में प्रॉफिट हुआ और ऑलमोस्ट ₹7,000 का मुझे लॉस हुआ जो मेरा रेफरेंस ट्रेड था उसमें। तो 23 जून की एक्सपायरी है। इसमें अगर आप देखोगे तो ओवरऑल मुझे 5,000 का यहां पे प्रॉफिट ही हुआ है। लेकिन उसमें ऑल जो ट्रांजैक्शन चार्जेस हैं वह भी मैंने ऑब्वियसली दिया ही है। ठीक है? इसके बाद आ जाता है 23 जून के बाद आती है 25 जून की सेंसेक्स की एक्सपायरी। इसमें अगर आप देखोगे तो 2900 का मुझे यहां पे प्रॉफिट हो रहा है। ठीक है? इसके बाद आती है निफ्टी की 30 जून की एक्सपायरी। निफ्टी की 30 जून की एक्सपायरी में मुझे 2000 का यहां पे प्रॉफिट हुआ है। इसके बाद अगर आप देखोगे तो अ 30 जून के बाद ससेक्स है। इसका 2 जुलाई को ससेक्स की एक्सपायरी कल के जो एक्सपायरी है उसमें उसमें मुझे 19550 का यहां पे प्रॉफिट हुआ है। अब यह 19550 का इतना बड़ा क्यों हुआ है? क्योंकि जुलाई से मैंने अपना जो लॉट साइज है वो 10 किया है। पहले मैं जून से पहले मैंने वैसे किया। देन जून में मैंने अपना सेटअप है वो डिप्लॉय किया। डिप्लॉय करने के बाद एक-एक लॉट से मैंने किया। ठीक है? उसके बाद बीच में एक दिन मैंने यूं ही अपने जो लॉट साइज है उसको मैंने बढ़ाया। मैंने 15 लॉट से 23 जून को ट्रेड किया। लेकिन उसी दिन और अच्छा खासा एक टाइम पे यह लॉस था। यह 45 46000 के आसपास था। तो आप सोचिए एक-एक लॉट से मैं ट्रेड कर रहा हूं और एक दिन मैंने एक्सपेरिमेंट के तौर पे और बढ़ाया। एक-एक लॉट से कर रहा था तो मैं प्रॉफिट में था। उसके बाद मैंने एक दिन एक्सपेरिमेंट के तौर पे और बढ़ाया। मैं 15 लॉट से मैंने ट्रेड लिया और उसी दिन 46,000 का लॉस मुझे एक टाइम पे उस ट्रेड में हो रहा था। ऑलदो इवेंचुअली मैं 5,000 के प्रॉफिट में उसमें निकला। तो इस तरह से होता है। पोजीशन साइजिंग अगर आप बढ़ा रहे हो तो एक तो इतना अग्रेसिवली नहीं बढ़ाना चाहिए। दूसरा आपका सेटअप बड़ा रोबस्ट होना चाहिए। तीसरा आपको एडजस्टमेंट आनी चाहिए। अगर मुझे एडजस्टमेंट नहीं आते तो सोचिए 45,000 का लॉस मुझे एक टाइम पे हो रहा था। वो इवन और भी बढ़ सकता था। ठीक है? तो मैंने पहले मैंने अपना रिसर्च किया। मैंने कोई ट्रेड नहीं लिया। देन पूरे जून में मैंने एक-एक मंथ का एक-एक लॉट से मैंने ट्रेड किया और जुलाई में अब मैं 10-10 लॉट से ट्रेड कर रहा हूं। इसका अपडेट है जुलाई मंथ का। यह भी आगे मैं आपको देता रहूंगा कि जुलाई मंथ में आगे किस तरह से मैं ट्रेड करता हूं। ऑलदो इस वीक मैं छुट्टी पे हूं तो इस एक्सपायरी पे मैं कोई ट्रेड नहीं लूंगा। जो कमिंग वीक है इसमें लेकिन वैसे अब मेरी जो पोजीशन साइजिंग है वह 10-10 लॉट से रहेगी। तो यह पूरा मैंने आपको दिखाया अगर आप देखोगे तो दो 4 जून से और 2 जुलाई तक जो भी मैंने ट्रेड लिए हैं इसमें ये दो एक्सपायरी हैं। ये दो भी नहीं इवन ये एक एक्सपायरी है जो मेरी लॉस में रही है। बाकी सारे एक्सपायरी है वो मैंने प्रॉफिट में क्लज़ की हैं। ठीक है? तो किसी भी एक्सपायरी में एज सच कोई मेजर लॉस है वो नहीं हुआ है। लेकिन एक लॉट से ट्रेड करना इज़ अ डिफरेंट थिंग। बड़े कैपिटल साइज से जब हम ट्रेड करते हैं, वह अलग है। तो, इसका अभी भी पूरा जो अह एक अह सही रिजल्ट होता है, वह मैं आपको जुलाई के एंड में दे पाऊंगा। यह तो इनिशियल जो मेरा बैक टेस्टिंग है, उसका रिजल्ट है। बेसिकली कि रियल मनी से जब हम ट्रेड करते हैं, तो क्या होता है? देखिए, एक होता है पेपर पे ऑब्जर्व करना। उसमें एक रिजल्ट आया। देन उसके बाद एक-एक लॉट रियल मनी से ट्रेड करना। उसका कुछ रिजल्ट आएगा। देन उसके बाद उसी को अगर मैं थोड़ा स्केल अप करके करता हूं तो सब कुछ उसमें इन्वॉल्व होता जाता है। तो अगर मैं मेरी बड़ी कैपिटल वहां पे डालूं उससे पहले मैं हर एक एस्पेक्ट के ऊपर और उस ट्रेडिंग सिस्टम को चेक करना चाहता हूं कि वो कितना रोबस्ट है। उसके क्या लूप होल्स हैं। क्या बड़े कैपिटल पे भी वो उतना ही एफिशिएंटली चल रहा है। तो सब कुछ मैं वहां पे टेस्ट करना चाहता हूं। तो पहले मंथ का जो रिजल्ट है वो मैंने आप लोगों के साथ शेयर किया है। अब जुलाई से मैंने 10-10 लॉट पे अभी स्टार्ट करूंगा। 2 जुलाई को मैंने ट्रेड लिया है। कमिंग वीक में मैं छुट्टी पे हूं। बाहर हूं तो वहां पे मैं कोई ट्रेड नहीं ले पाऊंगा। तो उसके बाद बचे हुए जो भी है एक्सपायरीज हर हर वीक में दो एक्सपायरी होती है। एक ससेक्स एक निफ़ी तो उसका जुलाई के एंड में मैं आपको 10 लॉट के साथ क्या रिजल्ट रहता है वो भी आपको बताऊंगा। ठीक है? तो यह रिजल्ट है। यह मैं आप लोगों के साथ पोस्ट करना चाहता था। यह काफी प्रॉमिसिंग है। अ अपार्ट फ्रॉम दिस जैसे जून से पहले वैसे मैं कर रहा था। उसमें भी काफी प्रॉमिसिंग उसमें रिजल्ट आए। अभी भी काफी सही रिजल्ट आ रहे हैं। बड़े लॉट के साथ किस तरह के रिजल्ट आते हैं वो भी मैं आपको जुलाई के एंड में शेयर करूंगा। बाकी सेटअप क्या है वो अगर मैं आपको बताऊं तो सेटअप सिंपल है। एक ट्रायंगल को बेसिकली यहां पे मैं सेल कर रहा हूं। वीडियो बहुत ज्यादा लंबा हो जाएगा अगर एक वीडियो मैं करूंगा। आप मुझे कमेंट करके बता दीजिए। मैं इसका कंप्लीट जो सेटअप है क्या इसमें किस तरह से एडजस्टमेंट होते हैं? क्या वैसे तो स्ट्रेंगल है। स्ट्रेंगल को मैं सेल कर रहा हूं। लेकिन उसके पीछे भी क्या लॉजिक रहता है वो मैं आपको बता दूंगा एक वीडियो में। बाकी आप मुझे कमेंट करके बता दीजिए। बाकी मोटा-मोटी अगर मैं आपको बताऊं एक ट्रायंगल को मैं सेल करता हूं और जो 23 से 25 26 27 इस रेंज में आप यह मानिए 20 से 30 के बीच का जो प्रीमियम है वो मैं टारगेट करता हूं निफ्टी में और अगर सेंसेक्स की बात करूं तो 70 से 80 के आसपास का जो प्रीमियम है वो मैं क्रेडिट लेता हूं ससेक्स के अंदर। ठीक है? तो यह क्रेडिट मैं लेता हूं। देन उस क्रेडिट को ही यूज़ करके अगर एडजस्टमेंट करने पड़ते हैं तो वह मैं करता हूं और उसका रिजल्ट है जो मैंने आपको यहां पे दिखाया है। बाकी इसका डेडिकेटेड वीडियो अगर आपको चाहिए कि यह सेटअप में क्या एडजस्टमेंट होते हैं? किस तरह से वह प्रीमियम सेलेक्ट करने के पीछे का क्या लॉजिक है सब कुछ मैं आपको अगले वीडियो में बता दूंगा। आप मुझे कमेंट करके बता दीजिए। तो चलिए थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग द वीडियो। यह एक अपडेट था जो मैं आप लोगों को देना चाहता था क्योंकि tlegram के ऊपर तो मैं आपको बता रहा था काफी दिन से कि भाई मैं कुछ कर रहा हूं। सो ये वो चीज थी 1 महीने का। अब मेरे पास डाटा था प्रॉपर कि हर एक्सपायरी का। अब देखिए इसमें एक भी एक्सपायरी मैंने स्किप नहीं की है कि कोई टफ है तो उसको छोड़ दिया। नहीं हर दिन मैंने ट्रेड किया है। तो इसी तरह से ये जो इसका आउटकम आया वो मैंने आपको बताया। काफी सही लगा। अब जुलाई में जब थोड़े से लॉट साइज को बढ़ा के 10 लॉट के साथ मैं करूंगा। वहां पे क्या आउटकम रहता है वो मैं आपको और बताऊंगा। सो दैट हर एक एस्पेक्ट पे इसको मैं बैक टेस्ट कर लूं। तो चलिए थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग द वीडियो। आई होप यह वीडियो आपको पसंद आया होगा। अगर वीडियो अच्छा लगा तो मेक श्योर आप वीडियो को लाइक करें, चैनल को सब्सक्राइब करें। दिस इज सतपाल साइनिंग ऑफ।

💬 Trader reviews (traded this? tell others what really happened)

No reviews yet — be the first. Real experiences help other traders more than any backtest.

User opinions, not investment advice. Reviews are moderated before publishing.