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अगर हजार के हजार लोगों को आपकी स्ट्रेटजी प्रोवाइड करी जाए। क्या सभी लोग प्रॉफिट बना पाएंगे कि जब आपकी स्ट्रेटजी समझ रहे हैं उससे पहले प्रीरिक्विजिट क्या है? हमें कैसा माइंडसेट रेडी करना पड़ेगा अपने। कितना भी अच्छा स्ट्रेटजी बना लो अगर आपका रिस्क मैनेजमेंट और टेंपरामेंट राइट नहीं है तो आप लॉन्ग टर्म मार्केट में सस्टेन नहीं कर पाओ। मोस्टली ट्रेडर्स आर इंटरेस्टेड टू नो कि स्ट्रेटजी जल्दी से मुझे बता दो और जल्दी से उसको अप्लाई करना शुरू कर दो। क्योंकि सबको ना जल्दी है और जिनको जल्दी है उनको मार्केट बहुत दूर छोड़ के आया है। अगर आप देखेंगे तो एमएसीडी ने डाउन साइड क्रॉस किया है। लेकिन वो हमें करना नहीं है। वो करना है। कॉल बाय करनी है। कॉल बाय करनी है और ये दोनों जो बैंड लगे हुए हैं इसके ऊपर होना चाहिए प्राइस। अगर कैंडल्स बैंड के बीच में चला गया है तो भी मैं ट्रेड नहीं करूंगा। वो साइडवेज मार्केट है। मैं यहां पे जब चेक करता हूं तो यहां पे मैंने देखा कि ये प्राइस 56 पॉइंट पे जाकर के मार्केट क्लोज हो गया। ये जो मोमेंटम आते हैं ये वाले मोमेंटम। ठीक है? इनको कैसे कैच कर सकते हैं? तो यहां पे देखो नेक्स्ट डे मार्केट यहां पे भी ग्रीन है। बहुत सारे लोग हैं जो स्कैल्पिंग करना तो चाहते हैं। आपकी प्रैक्टिस है Wagon R ड्राइव करने की और आपको एकदम से Ferari मिल गई। कार में कोई प्रॉब्लम नहीं है। रोड में भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। प्रॉब्लम है आपकी प्रैक्टिस में और आपके टेंपरामेंट में। जैसा मैंने बताया कि इंट्राडे में या स्कैल्पिंग में क्विक मनी का जो अट्रैक्शन है। पर हमें लगता है कि बस हम पैसे लगाएंगे और थोड़ी देर में पैसे बन जाएंगे और हम पे आउट लेंगे और अपनी लाइफ के प्रॉब्लम को सॉल्व कर लेंगे। क्या ये थॉट प्रोसेस गलत है आपके अकॉर्डिंग? क्योंकि यह एक ऐसा बिज़नेस है जितनी देर हम हाय गाइस, वेलकम टू अपs। दोस्तों, यह मार्केट हम सभी लोगों को अलग-अलग तरीके से टेस्ट करता है। जहां पर इन्वेस्टर के पॉइंट ऑफ व्यू से उसकी पेशेंस टेस्ट होती है, वहीं पर इंट्राडे ट्रेडर के पॉइंट ऑफ व्यू से भी बहुत सारी टेस्टिंग्स होती हैं। कैसे वो मार्केट में सर्वाइव कर पाएगा, सस्टेन कर पाएगा? ये सारी चीजें। लेकिन सबसे ज्यादा अगर किसी की पेशेंस और सबसे ज्यादा अगर किसी की स्किल टेस्ट होती है वो होती है ऑप्शन बायर की। इसीलिए मार्केट में बहुत ही कम ऑप्शन बायर हैं जिनका प्रोफेशन ऑप्शन बाइंग का है। बहुत ही कम ऐसे ट्रेडर हैं जो ऑप्शन बाइंग को सालों साल कर रहे हैं और वहां पर प्रॉफिटेबल भी हैं। आज हमारे साथ एक ऐसे ही ट्रेडर मौजूद हैं जिनको मार्केट में 17 प्लस इयर्स का एक्सपीरियंस है। आपने इनको हमारे प्लेटफार्म पे पहले भी देखा है और इन्होंने अपने एक्सपीरियंस से हमें बहुत सारे बिहेवियर, इमोशन और रिस्क मैनेजमेंट की टेक्निक्स बताई हैं। दोस्तों आज मेरे साथ है अनिमेश के सर। अनिमेश जी थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग अस टुडे एंड थैंक यू सो मच फॉर गिविंग अस टाइम और अपनी नॉलेज शेयर करने के लिए एग्री करने के लिए कि कैसे हम ऑप्शन बाइंग के थ्रू पैसा कमाने के बारे में सोच सकते हैं। देखिए हर किसी की एक स्किल होती है क्योंकि स्किल एक्वायर करना भी मुश्किल काम होता है। टाइम टेकिंग प्रोसेस होता है। हर कोई इतना टाइम स्पेंड नहीं कर पाता है। लेकिन आपने एग्री किया कि आप अपनी स्ट्रेटेजी शेयर करेंगे। यही हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। सो सर आज हम क्या डिस्कस करने वाले हैं? हमारी जो पहले ऑफ कैमरा डिस्कशन हुई है दैट इज इंडेक्स ऑप्शन बाइंग। ट्रस्ट मी मुझे लगता है ये सबसे मुश्किल काम है। तो आर वी श्योर कि हम यही डिस्कस करने वाले हैं। यस हम इंडेक्स ऑप्शन बाइंग एंड स्कैल्पिंग के ऊपर भी बात करेंगे। मैं आपको दो स्ट्रेटजीस आज देने वाला हूं। नॉट ओनली वन और हमें लास्ट वीडियो में बहुत सारा लोगों ने प्यार दिया और बहुत सारे लाइक्स एंड कमेंट्स आए। तो मेरा ड्यूटी बनता है कि मैं अपने ऑडियंस को अच्छे तरीके से हेल्प करूं। सर हम सीधा स्ट्रेटजी पे चलेंगे। लेकिन उससे पहले बस एक मेरा क्वेश्चन है। सर बड़ा सिंपल सा क्वेश्चन है। 1000 ट्रेडर या उससे भी ज्यादा लोग इस समय पॉडकास्ट को देख रहे हैं। सेशन देख रहे होंगे। करेक्ट। अगर हजार के हजार लोगों को आपकी स्ट्रेटजी प्रोवाइड करी जाए। क्या सभी लोग प्रॉफिट बना पाएंगे या कौन सी ऐसी चीज है जो उनको स्ट्रेटजी सीखने से पहले मास्टर करनी पड़ेगी? थैंक यू फॉर आस्किंग दिस क्वेश्चन एंड थैंक यू फॉर इनवाइटिंग मी ओवर हियर अगेन। सबसे इंपॉर्टेंट चीज जो आपने क्वेश्चन पूछा कि अगर एक ही स्ट्रेटजी सबको पता चल जाएगी तो कितने लोग प्रॉफिटेबल हो सकते हैं? कितने लोग नहीं हो सकते? और या फिर मेरा एक और भी क्वेश्चन था इसके अंदर कि क्या चीज ऐसी हम पहले से माइंड में बिठा के बैठे कि जब हम आपकी स्ट्रेटजी समझ रहे हैं उससे पहले प्रीरिक्व्विजिट क्या है? हमें कैसा माइंडसेट रेडी करना पड़ेगा अपने लिए? बहुत जगह बोला जाता है कि एक ना ज़ीरो सम गेम है और यह बोला जाता है कि मार्केट में ना लिमिटेड कुछ लोग प्रॉफिट करेंगे, कुछ लोग लॉस करेंगे। लाइक एन एनी कॉम्पिटिटिव एग्जाम यहां पे इस तरह से इसको इमेजिन किया जाता है। बहुत सारे एग्जांपल्स लिए जाते हैं। जाते हैं। मैं आपको एक नया व्यू देता हूं इस पे पॉइंट पे कि सबसे इंपॉर्टेंट चीज ना ये कोई जीरो सम गेम लगता है लेकिन है नहीं। रीज़न बीइंग यहां पे एक पूल है जिसमें पैसा हर साल या हर महीने नए अकाउंट्स जुड़ते चले जा रहे हैं। नया पैसा इनफ्लो होता है। टेक्निकली देखा जाए तो वो लग सकता है जब आप इसके ऑक्शन मार्केट थ्योरी पे जाके स्टडी करेंगे तो देयर इज़ अ समथिंग एल्स। मतलब वो उस तरह से मार्केट नहीं काम करता। ये ऑक्शन मार्केट थ्योरी के कांसेप्ट पे काम करता है। आईडिया यह है कि इस मार्केट में अगर 100 लोग हैं तो 100 के 100 लोग भी प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। मैं एक एग्जांपल देता हूं। मान लीजिए मैंने ₹100 पे कोई स्टॉक या प्रीमियम बाय करा। ठीक है? और मैंने 120 पे जाके एग्जिट कर दिया। ठीक? जिस पॉइंट पे मैं 120 पे एग्जिट कर रहा हूं उस समय भी कोई खरीद रहा है और वो 120 पे खरीद के 160 पे सेल कर रहा है। तो एट अ सेम पॉइंट दो लोग प्रॉफिट भी कर सकते हैं। और अगर मैंने दोनों गलत कर दिया। मान लो मैं 100 पे बाय करा और वो आ गया 80 या 60 तो मुझे लॉस होगा। और जो 60 पे बाय कर रहा है अगर नीचे आ गया तो वह भी लॉस हो जाएगा। आईडिया यह है कि मार्केट में हर कोई प्रॉफिटेबल हो सकता है। लेकिन कितने लोग होंगे यह डिपेंड करता है कि आपका टेंपरामेंट जो सबसे इंपॉर्टेंट चीज है मार्केट में दैट इज योर साइकोलॉजी योर माइंडसेट वो आपका बिहेवियर टुवर्ड्स द सेटअप टुवर्ड्स द मार्केट टुवर्ड्स द रिस्क मैनेजमेंट वो डिफाइन करेगा कि आप मार्केट में सस्टेन कर पाएंगे या नहीं। सबसे इंपॉर्टेंट चीज सेकंड जो मैंने नोटिस करा है कि इसका कंपैरिजन कॉम्पिटिटिव एग्जाम से किया जाता है। पॉइंट यह है कि कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में तो आपके पास एक लिमिटेड सीट्स हैं। लिमिटेड मैक्सिमम लोग आते हैं या लिमिटेड लोगों का सिलेक्शन होगा। यहां पे ऐसा नहीं है। यहां पे आप 100 के 100 लोग भी प्रॉफिटेबल हो सकते हैं और 100 के 100 लोग भी लॉस मेकिंग हो सकते हैं। डिपेंड करेगा कि आपकी अंडरस्टैंडिंग टुवर्ड्स द मार्केट और आपकी प्रैक्टिस कैसी है। ये कोई ये ये नॉन ज़ीरो सम गेम है। यू कैन से कि यहां पे हर कोई चीजें कर सकता है। मेरा ऐसा मानना है। सर 100 के 100 लोग प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। लेकिन एट द सेम टाइम नहीं हो सकता। टाइम नहीं हो सकता। क्योंकि मतलब 100 लोग प्रॉफिट कमा सकते हैं लेकिन अलग-अलग टाइम पे कमा सकते हैं। अलग-अलग पॉइंट इन टाइम पे कमा सकते हैं। करेक्ट। तो आपने सर एक बात बोली टेंपरामेंट होना चाहिए, इमोशन होनी चाहिए। ये बात मैं एक डिसेंट पीरियड से मार्केट में हूं और हमारे बहुत सारे ऐसे व्यूअर्स हैं जो कई सालों से मार्केट में हैं। 2020 के बाद से तो बहुत सारी एक वेव आई है। ये वर्ड बहुत सारे लोगों ने बहुत बार सुन लिया है। एग्जैक्टली क्या होता है? करना क्या होता है हमें इसके अंदर? सर आपके इस मॉनिटर पे या स्क्रीन पर मैं लोगों को दिखाना चाहता हूं कि एक डाटा सेबी ने पब्लिश किया था कि 93% लोग मार्केट में लॉस करते हैं और 7% लोग प्रॉफिट करते हैं। मैंने इसको थोड़ा सा ब्रेकडाउन किया। अच्छा मैंने इसको अपने जो मेरा एक्सपीरियंस है और मेरे जो मेंटीज है जो मेरे से सीखते हैं तो मैंने उनसे देखा कि 93% में से 80% लोग ऐसे हैं जो अभी भी रैंडम ट्रेडिंग रैंडम टिप्स पे काम करते हैं। केवल 17% लोग हैं जो YouTube पे जाकर के कंटेंट देखते हैं। जैसे हमारा कॉनेंट देखेंगे या इस तरह के बहुत सारे कंटेंट हमारे चैनल पे देखते हैं। कंटेंट देखना और अपनी स्ट्रेटजी सिंपलीफाई करना या स्ट्रेटजाइज करना या उसको डिज़ाइन करना वह एक दोनों अलग बॉल पार्क है। मतलब पॉइंट ये है कि मैंने मुझे कोई कुकिंग करनी है। मैंने कोई रेसिपी बनानी है या यू कैन से कोई डिश बनानी है। तो मैंने उसके इंग्रेडिएंट्स के बारे में तो जान लिया लेकिन मैंने उसका इस यू कैन से रेसिपी का जो रेश्यो होना चाहिए हम कि कितनी क्वांटिटी में क्या चीज डलेगी वो हमने नहीं सीखा है। हमने ये तो सीख लिया कि आरएसआई क्या है? हमने यह तो सीख लिया कि एमएसीडी क्या है? मूविंग एवरेज क्या है? लेकिन आरएसआई कितना यूज़ करना है और कितना नहीं करना है, यह भी इंपॉर्टेंट है। एमएसीडी कितना यूज़ करना है, कितना नहीं यूज़ करना है, ये भी हर इंडिकेटर का अपना एक ट्रॉस एंड क्स है। हर जगह वो वर्क नहीं करता, हर जगह वो फेल नहीं होता। इसीलिए मैंने देखा कि जब हम इस चीज को जाकर के देखते हैं ना तो 80% जो ट्रेडर्स हैं वो मार्केट में तो उनका तो चांस यह है कि अगर वो बिल्कुल भी एजुकेशन में नहीं आ रहे हैं तो या अपने को स्किल अप नहीं कर रहे हैं तो देयर इज़ नो चांस कि वो मार्केट में आगे चलके सर्वाइव कर पाएंगे। 13% जो स्ट्रेटजी जंपिंग में लगे हुए हैं कि आज मैंने ये स्ट्रेटजी डिजाइन कर ली। आप किसी की भी स्ट्रेटजी मिनिमम 100 डेट तक आपको फॉलो करनी पड़ेगी। आप पेपर ट्रेड करो या जैसे भी करो उसका आपको डाटा निकालना पड़ेगा। जब तक वो डाटा आपके फेवर में नहीं आ रहा है तब तक आप इस किसी भी स्ट्रेटजी को टिक मार्क नहीं कर सकते। मेरा ऐसा मानना है और सिर्फ स्ट्रेटजी का रोल मेरे अकॉर्डिंग ट्रेडिंग में सिर्फ 10% है। मतलब आप कितना भी अच्छा स्ट्रेटजी बना लो अगर आपका रिस्क मैनेजमेंट और टेंपरामेंट राइट नहीं है तो आप लॉन्ग टर्म मार्केट में सस्टेन नहीं कर पाओगे। क्योंकि मैंने भी ऑब्जर्व किया है और आपने भी देखा होगा कि मोस्टली ट्रेडर्स आर इंटरेस्टेड टू नो कि स्ट्रेटजी जल्दी से मुझे बता दो और मैं जल्दी से उसको अप्लाई करना शुरू कर दूं क्योंकि सबको ना जल्दी है और जिनको जल्दी है उनको मार्केट बहुत दूर छोड़ के आया है। करेक्ट जिनको जल्दी है। पॉइंट ये है कि आप किसी भी ट्रेडर को उठा लीजिए। जितने भी लोग मार्केट में सक्सेसफुल होते हैं, आज हम लोगों को देखते हैं कि अच्छा इन्होंने पैसा बनाया, आप हो गए, मैं हो गया या और भी ट्रेडर्स हैं जो मार्केट हम लोग आज अभी 6 महीने से मार्केट में नहीं आए हैं। वी आर हियर फ्रॉम लास्ट 17 इयर्स। उसके पीछे एक रिगरस प्रोसेस है। उससे कोई गुजरना नहीं चाहता है। दिस इज द रीज़न कि हमें बस क्विक इंडिकेटर, क्विक पाइन स्क्रिप्ट, क्विक इस तरह की चीजें चाहिए होती है। अभी वो tlegram पे कॉल्स आती थी। अब वो इंडिकेटर पे कॉल आती है। बाय कर लो, सेल कर लो, टारगेट लगा लो। इतना इजी आई डोंट थिंक सो कि ऐसा है। इसके लिए थोड़ा सा अंदर जाना पड़ता है। तो आपका जो पॉइंट है कि सब लोग कर सकते हैं कि नहीं कर सकते? बिल्कुल कर सकते हैं। लेकिन खुद को पहले इंप्रोवाइज करना पड़ेगा। स्ट्रेटजी तो इंपॉर्टेंट है। वेरीेंट उसके बिना तो नहीं होगा। वो एक पूरे यू कैन से सिस्टम का एक पार्ट है ट्रेडिंग सिस्टम का। लेकिन पॉइंट ये है कि टेंपरामेंट एंड रिस्क मैनेजमेंट अगर आपने सेटल कर लिया तो आपकी एवरेज स्ट्रेटजी भी आपको आउटपरफॉर्म करके रिजल्ट दे सकती है। मैं इस टेंपरामेंट और रिस्क मैनेजमेंट दोबारा से आऊंगा। पहले आपकी स्ट्रेटजी के थ्रू मैं आऊंगा इसके अंदर। एक बार हम स्ट्रेटजी को डिस्कस करना शुरू करते हैं। श्योर गाइस मैं यहां पर सभी अपने व्यूअर्स से रिक्वेस्ट करूंगा कि प्लीज मेक श्योर कि क्योंकि सर ने बताया है कि वो स्कैल्पिंग स्ट्रेटजी डिस्कस करने वाले हैं। इंडेक्स इंट्राडे ऑप्शन बाइंग स्ट्रेटजी के बारे में बात करने वाले हैं। तो ये मुश्किल चीजें हैं। ये आसान चीजें नहीं है। इसीलिए प्लीज मेक श्योर कि आप ड्राइव करते-करते खाना खाते-खाते देखिए अगर आप इस पॉडकास्ट को कैसे भी देखेंगे वो तो आपकी मर्जी है। लेकिन इस पॉडकास्ट का अगर आपको सबसे अच्छा बेनिफिट उठाना है तो बाकी सारे काम को छोड़कर आप तसल्ली से लैपटॉप, डेस्कटॉप, पीसी, टैबलेट कुछ लेकर बैठिए और आराम से स्ट्रेटजी को समझिए। सो दैट आपके माइंड में भी जो क्वेश्चंस हो वो कमेंट्स में डालते रहिएगा। आई विल मेक श्योर आई एनश्योर कि मैं आपके सारे क्वेश्चंस के आंसर जरूर करवाऊंगा जैसे हमने पिछली बार भी किया था। तो प्लीज मेक श्योर कि सारे काम छोड़कर स्ट्रेटजी को समझिएगा। और जो टेंपरामेंट और रिस्क मैनेजमेंट की सर बात कर रहे हैं वो सारी चीजें हम एक-एक करके कवर करने वाले हैं। तो प्लीज मेक श्योर पूरे फोकस के साथ स्टार्ट करते हैं। सर सर इस स्ट्रेटजी से पहले मैं दो तीन पॉइंट कवर करना चाहता हूं। सबसे पहली चीज स्कैल्पिंग या इंडेक्स ऑप्शन पे लोग काम क्यों करना चाहते हैं? स्कैल्पिंग या इंडेक्स ऑप्शन पे जो इंट्राडे हम ट्रेड करते हैं। सबसे पहली चीज है कि हमें फास्ट रिजल्ट चाहिए। ठीक है? मैं यही कहने वाला था। है ना? सब सबसे जो मैंने अभी एक रिसेंटली एक ऑब्जरवेशन किया कि हमें ना रील्स और शॉट्स देखने की आदत पड़ गई है। अटेंशन इमोशनल स्पैन कम हो गया। तो उसकी वजह से स्कैल्पिंग को मैं रील्स की फॉर्मेट में रखता हूं। इंट्राडे ट्रेडिंग को मैं रखता हूं यू कैन से एक मूवी के फॉर्मेट में। 3 घंटे की एक मूवी है। राइट? और अगर आप पोजीशनल लॉन्ग टर्म जाते हैं तो उसको मैं एक रखता हूं वेब सीरीज के फॉर्मेट की फॉर्म में। राइट? ये मैंने डिजाइन किया। बहुत सारे लोग हैं जो स्कैल्पिंग करना तो चाहते हैं। मतलब इट इज़ लाइक आपकी प्रैक्टिस है। अ Wagon R ड्राइव करने की और आपको एकदम से Ferrari मिल गई। कार में कोई प्रॉब्लम नहीं है। रोड में भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। प्रॉब्लम है आपकी प्रैक्टिस में और आपके टेंपरामेंट में आप एकदम से हमारे रिफ्लेक्सेस डेवलप हुए हैं। हम उतनी फास्ट एक्शन ले ही नहीं पाएंगे। शायद करेक्ट। पॉइंट ये है कि हम ट्रेन कर सकते हैं। लेकिन बिना ट्रेनिंग के जब हम जाकर के कोई भी इंडिकेटर या कोई भी टाइम फ्रेम पे उसको यूज़ करते हैं तो वो इंडिकेटर्स हमारे लिए काम नहीं करते। फिर हमें लगता है इंडिकेटर्स में प्रॉब्लम है। प्रॉब्लम ट्रेडर में ज्यादा है। सिस्टम में कम है। राइट? स्ट्रेटजी मैं बताने की कोशिश करता हूं आपको। सबसे एक दो तीन इंपॉर्टेंट पॉइंट है ऑडियंस को मैं बताना चाहता हूं कि स्कैल्पिंग में जो हमारे साथ बिगिनर ऑडियंस हैं उनको मैं बता दूं कि आप ओवरनाइट रिस्क नहीं लेते इंट्राडे में और स्कैल्पिंग में आपको क्विक प्रॉफिट हो सकता है अगर आपने स्ट्रेटजीस को प्रॉपर और अपने टेंपरामेंट को प्रॉपर पोजीशन साइज करके मार्केट में अप्लाई किया तो जैसा मैंने बताया कि इंट्राडे में या स्कैल्पिंग में क्विक मनी का जो अट्रैक्शन है और हमें लगता है कि बस हम पैसे लगाएंगे और थोड़ी देर में पैसे बन जाएंगे और हम पे आउट लेंगे और अपनी लाइफ के प्रॉब्लम को सॉल्व कर लेंगे। बिफोर वी सर प्रोसीड क्या ये थॉट प्रोसेस गलत है आपके अकॉर्डिंग? यस बिल्कुल गलत है। द पॉइंट इज कि आप एक ट्रेड में सक्सेसफुल हो सकते हैं। मान लेते हैं आपने किसी दिन ट्रेंडिंग मार्केट है। आपने मॉर्निंग में कोई स्टॉक या इंडेक्स को बाय किया या शॉर्ट किया और उसमें प्रॉफिट आ गया। हम हमारा माइंड ना ट्रेन हो जाएगा कि अब ऐसा कल भी होगा। ऐसा परसों भी होगा। तो हम नेक्स्ट डे भी आएंगे उसी इंपल्स के साथ या उसी इमोशंस के साथ और मार्केट उस दिन फ्लैट हो गया। तो हर दिन एक ही स्ट्रेटजी काम नहीं करेगी। इन द सेंस हर दिन एक थॉट प्रोसेस काम नहीं करेगा। तो आपको मार्केट सिनेरियोस के अकॉर्डिंग खुद को एडप्ट करना पड़ेगा। मान लो आज मार्केट ही फ्लैट है तो आप स्कैल्पिंग में क्या करोगे या इंट्राडे में क्या कर लोगे? या मार्केट ट्रेंडिंग है तो वहां पे आप प्रॉफिट निकाल के ले जा सकते हो। तो रॉन्ग एक्सपेक्टेशन डेवलप हो जाती है। तो वही मैं बोलता हूं चाहे स्कैल्पिंग हो, चाहे इंट्राडे हो, इंडेक्स हो, कुछ भी हो, आपको एटलीस्ट 100 ट्रेड्स का सेट ऑफ डाटा बनाना पड़ेगा। एक दिन किसी भी ट्रेडर को प्रॉफ़िट आ सकता है। मुझे भी आ सकता है, किसी और को भी आ सकता है। लेकिन कंसिस्टेंटली 100 ट्रेड के बाद अगर हम नेट नेट अह हमें प्रॉफ़िट आ रहा है, तो मींस हमारी स्ट्रेटजी में एज है। देन वी आर गुड। देन वी आर गुड और वो फिर आपके लिए लॉन्ग लास्टिंग चीजें काम कर सकती हैं। वो फिर आपको पूरा वर्कआउट करना पड़ेगा। छोटे से कुछ पॉइंट्स हैं। जैसे इन जो स्कैल्पिंग है ना वो एक्साइटिंग लगती है इन कंपैरिजन टू इन्वेस्टिंग, स्विंग ट्रेडिंग। तो लोगों को लगता है कि क्यों होल्ड करना है? हर चीज की ना मैं यहां पे कवर करना चाहता हूं ये पॉइंट कि हर चीज की अपनीेंस है। हमारी आपकी पॉकेट में अगर अभी ₹4000 पड़े हैं, ₹5,000 पड़े हैं तो उसकी भी अपनीेंस है। राइट? हमारे बैंक में जो पैसे पड़े हैं एफडीस में वो भीेंट है। एसआईपी भीेंट है। स्कैल्पिंग भीेंट है। आप स्विंग ट्रेडिंग की भीेंस है। मतलब हम ये नहीं करेंगे कि एक बस हमारे पास जो ट्रेडिंग कैपिटल है वो हमने एक ही स्टाइल पे पूरा लगा दिया। वो तो फाइनेंस का बेसिक प्रिंसिपल ही कैपिटल बजटिंग का। कैपिटल बजटिंग डवर्सिफिकेशन हमें स्ट्रेटजीस का डवर्सिफिकेशन भी करना चाहिए। जैसे हम सेक्टर डवर्सिफाई करते हैं ना स्विंग ट्रेडिंग में जाकर के वैसे स्ट्रेटजीस का डवर्सिफिकेशन भी इंपॉर्टेंट है। हम लोग चलते हैं स्ट्रेटजी के ऊपर। सब एक इंपॉर्टेंट पॉइंट कि स्कैल्पिंग में हमारा जो कैपिटल कम लगता है या हमें लगता है कि बहुत छोटे अमाउंट में हम शुरू कर सकते हैं। ये बहुत बड़ा अट्रैक्शन पॉइंट है। आज के जो जेंजीस हैं या यूथ जो मार्केट में अभी एंटर हुए हैं उनको ये लगता है कि ये तो बहुत इजी है। जॉब छोड़ देते हैं और ये जितनी मेरी जॉब आएगा सैलरी में उतना तो मुझे लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा। ये रॉन्ग एक्सपेक्टेशन है। आपको प्रूफ करना पड़ेगा खुद को पहले मार्केट में। तब आप स्कैल्पिंग इंट्राडे स्विंग सब प्रॉफिटेबल है। आपको करना आना चाहिए। स्ट्रेटजी पे जंप करते हैं। सर कैपिटल कितना चाहिए ये आप बताएंगे हमें बाद में? तो कैपिटल एक ऐसी चीज है जिसके बारे में मैं ये नहीं बोल सकता कि इस इतना कैपिटल मिनिमम इंपॉर्टेंट है या इससे ज्यादा आप करेंगे तो प्रॉब्लम है। आपको सबसे पहले जो मैं रूल यूज़ करता हूं या मैं अपने ट्रेडर्स को गाइड करता हूं वो ये कि सबसे पहले आप अपनी पॉकेट देखिए कि आपका मंथली इनकम कितना है? उसमें से आपको एक पोर्शन ऑफ अमाउंट किनारे करना है फॉर द ट्रेडिंग। मेरे पास ₹1 लाख हैं। ₹1 लाख जिसमें से मेरा ₹30,000 ईएमआई जाती है। ₹30,000 मेरे घर का एक्सपेंस है। ₹40,000 ₹0000 ₹0000 बचे। ₹40,000 बचने में मेरा ₹20,000 एसआईपी चला जाता है। तो मेरी सारी बेसिक नीड्स फुलफिल है। अब ₹20,000 एक्स्ट्रा पड़े हुए हैं। ₹0000 पड़े हैं। अब आप उसमें से अपनी मान लो आपको ट्रेडिंग शुरू करनी है। ट्रेडिंग के लिए कैपिटल बहुत लास्ट की चीज होती है। मतलब लोगों को लगता है कैपिटल जितना ज्यादा होगा उतनी अच्छी ट्रेडिंग होगी। हां। ये मिसकंसेस नहीं होता। ऐसा नहीं होता है। आपको सबसे इंपॉर्टेंट चीज़ है कि आपको जो भी स्ट्रेटजी करनी है, मान लो आपको इंट्राडे करना है, स्कैल्पिंग करना है, इंडेक्स पे करना है। तो आपको मार्जिनस पता है कि निफ्टी पे कितना मार्जिन लगेगा। मेरा ऐसा मानना है कि जितना कैपिटल आपके पास है, उसका इंटू फाइव आपके ब्रोकिंग अकाउंट में होना चाहिए। फॉर एग्जांपल ₹10,000 में अगर एक लॉट आ रही है, तो आपके पास ₹00,000 होना चाहिए। होना चाहिए। अब ट्रेडर को लगता है क्यों रखा हुआ है ₹40,000? उस पे भी लॉट्स ले लेते हैं। पांच लॉट पे काम कर लेते हैं। तो वह एक रिस्क मैनेजमेंट का कॉन्सप्ट है कि आपके पास 40,000 का बफर कैपिटल होगा। जितना कैपिटल आपके पास पीछे होगा उतना आपका मार्केट में कॉन्फिडेंस ज्यादा होगा। जिनको पैसे की जरूरत नहीं है वही मार्केट में प्रॉफिटेबल हो पा रहे हैं। ये बहुत सही बात आपने बताई है। जिनको पैसे की जरूरत नहीं है वही प्रॉफिटेबल हो पा रहे हैं। जो जो स्ट्रेस में नहीं ट्रेड कर रहे हैं वही प्रॉफिटेबल हो पा रहे हैं। हां। उसका सबसे बड़ा कारण अगर आपको करना है ये चीज़। मान लो हमारे साथ जो भी ट्रेडर्स करते हैं उनको बस ये मार्केट को बताना नहीं है कि आपको जरूरत है। हम अगर आप सिस्टम पे बैठे हैं और अगर अपने माइंड में चल रहा है कि मुझे जरूरत है मुझे पैसे मिल जाए या किसी तरीके से पैसा आ जाए फिर नहीं मिलने वाला तो आपको मार्केट मैनपुलेट करके मैनपुलेट करके आपका कैपिटल ले जाएगा और बहुत बड़ी प्रॉब्लम है सर थोड़ा-थोड़ा कैपिटल करके लोगों को लगता है स्कैल्पिंग में 10,000 चले गए, 5,000 चले गए, 20,000 चले गए। धीरे-धीरे करके लोगों ने 10-15 लाख मार्केट में इसी तरह से दे आए हैं। अगर वो कैलकुलेट ही करें ना तो उनको लगेगा इससे बेटर तो हम सही से कर लेते तो ज्यादा सर 10-15 लाख आप आई वुड से बड़ा ही आपने कंजर्वेटिव नंबर है पीपल हु कम टू मी आफ्टर ट्रेडिंग फॉर अ लॉन्ग टाइम दे आर टॉकिंग अबाउट अ फ्यू करोड़ और एटलीस्ट 50 60 70 लाख की बात होती है वहां पर। पॉइंट वही है ना कि धीरे-धीरे वैसे हमारे लीकेज होता है ना जो लीकेज होती है वो लीकेज हमें पता नहीं चलता। जैसे दीवारों पे सीलन आती है ना तो वो धीरे-धीरे दीवार को खत्म कर रही होती है। बाद में एकदम से सब प्रॉब्लम आ जाती है। तो हमें अब वो एक बोलते हैं ना कि आपके पर्स में कैंसर हो गया है। यू कैन से आपके बैंक अकाउंट में या आपके ट्रेडिंग अकाउंट में कैंसर धीरे-धीरे आपको वो परेशान करेगा। तो इस हैबिट से बाहर निकलिए। स्कैल्पिंग प्रॉफिटेबल है। 100% प्रॉफिटेबल है। करना आना चाहिए। सर मैंने अपनी इस डिस्कशन का पहला एक लर्निंग यह निकाली है कि आपके पास अगर आपको ₹000 से ट्रेडिंग करनी है तो ₹1 लाख आपके अकाउंट में होने चाहिए। या फिर मैं यह बोलूं कि अगर आपके अकाउंट में ₹1 लाख हैं तो आपको सिर्फ 2025,000 से ही ट्रेडिंग करनी चाहिए। ज्यादातर पैसा अपना फ्री रखना चाहिए वहां पर। वो आपको कुशन प्रोवाइड करता है। राइट? सर आपको वही मिलता है जो आप होते हो। आपको वही मिलता है जो जो आप होते हो। इसका क्या मतलब हुआ? इसका मतलब है कि अगर आप एक अंदर से ट्रेडर नहीं हो और आप बस एक बैगर की तरह मार्केट में आए हो। हम तो मार्केट आपको कुछ भी नहीं देगा और अगर आप डिर्विंग कैंडिडेट बन जाते हो अगर आप अपने को कैपेबल बनाते हो आपको लगता है कि यस मैं स्कैल्पर हूं आज मुझे लॉस हो गया दैट इज अ डिफरेंट मैटर बट मेरा अंदर का जो मेंटल साइकी है मेरा जो सॉफ्टवेयर है इंटरनल वो एक स्कैल्पर का है या ट्रेडर का है व्हाटएवर तो आपको मार्केट ना आपको हिला नहीं पाएगा अभी मार्केट आपको रोज हिलाता है वेरी गुड थॉट क्यों हिलाता है क्योंकि आप अंदर से स्ट्रांग नहीं हो हम तो अगर आप फॉर एग्जांपल मैं एक हम लोग स्ट्रेटजी पे आएंगे राइट क्योंकि ऑडियंस भी वेट करती है इस स्ट्रेटजी के लिए लेकिन पॉइंट बस वही है ना कि मैं हर पडकास्ट में हर सेशन में ये चीजें रिपीट करता हूं और मेरा एंगल यही है कि बात पहुंचे अगर मान लेते हैं मेरी पॉकेट में ₹1 लाख मान लो और मेरे सामने एक एक्सपेंस आया ₹1.5 लाख का तो मैं स्ट्रेस में आ जाऊंगा ₹0000 का डेफिसिट है। अगर मेरी पॉकेट में ₹1 लाख और मेरे पास एक्सपेंस आया ₹30,000 का इजी है। ठीक? पॉइंट ये है कि जो स्कैल्पिंग का जो रिक्वायरमेंट है उसका फाइव एक्स आपका टेंपरामेंट भी होना चाहिए। एक होता है फाइनेंसियल कैपिटल एक होता है मेंटल कैपिटल। हम फाइनेंसियल कैपिटल हम ले आएंगे ₹1 लाख। आप ₹1 लाख का मेंटल कैपिटल कैसे लाएंगे? ये तो बिल्ड करना पड़ेगा। ऐसा मुझे लगता है। यस। ये ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम बिल्ड होगा। और इसके लिए आपको मेंटल ट्रेनिंग जैसे हम लोग ट्रेडिंग के सिस्टम्स बनाते हैं ना ऐसा ना मेंटल सिस्टम्स भी बनाने पड़ते हैं। मेंटल स्ट्रेटजीस भी बनानी पड़ती हैं कि ऐसा होगा तो हम क्या सोचेंगे? हम बाद में हमको पता होता है हमें नहीं करना चाहिए था ये लेकिन उस समय क्या हुआ ऐसा कि हम कर गए और वो धीरे-धीरे करके वो हमारा पैसा चला गया तो पॉइंट मेरा यही है कि मेंटल कैपिटल और आपका जो ट्रेडिंग कैपिटल है दोनों आपको इंक्रीस करना पड़ेगा और जिसमें से दोनों में इंपॉर्टेंट मेंटल कैपिटल है इमोशनल कैपिटल जिसको आप बोल सकते हो राइट क्वेश्चंस और भी हैं लेकिन मेरे ख्याल से स्ट्रेटजी पे चलेंगे बिल्कुल स्ट्रेटजी पे चलेंगे और कवर करेंगे चीजों को यस यस यस हम लोग पुराने डेटा पे डिस्कस करेंगे ठीक है सेबी के कंप्लायंस की वजह से हम पुराने पुराने 3 मंथ्स पुराने डाटा पे डिस्कस करेंगे। मैं इसको बहुत अच्छा मानता हूं। रीज़न बीइंग कि बहुत से लोग पूछते हैं ना कि सर ये स्ट्रेटजी आज काम कर रही है, कल काम करेगी क्या? तो ये बहुत अच्छा है कि अगर पुराने डेटा पे हम चीजों को चेक कर पा रहे हैं तो देयर इज़ अ हाई प्रोबेबिलिटी कि आप जाके मार्केट में लाइव मार्केट में तो कोई भी चेक कर सकता है। हम पुराने डेटा पे चेक करेंगे। इसके लिए आपके पास डाटा भी ज्यादा है और स्टेप बाय स्टेप हम आपको यहां पे किसी भी ऑडियंस को यह नहीं सोचना है कि यहां पे कोई ऐसी मैजिकल स्ट्रेटजी मिल जाएगी जिसको मैं कल जाऊंगा अप्लाई करूंगा। दिस इज़ नॉट अ कंप्लीट स्ट्रेटजी। दिस इज़ अ कॉनसेप्चुअल लॉजिक फॉर स्ट्रेटजी। इस मैं हमेशा बोलता हूं कि एक ट्रेडर से आप नहीं सीख सकते। जब आप जैसे सचिन तेंदुलकर है। ठीक है? उसने अपने करियर में आचरेकर सर से सीखा। उन्होंने फिर बहुत सारे जो उनके कॉम्पिटिटिव बैट्समैन थे उनके मैच देखे उनसे सीखा तो कंटीन्यूअस उन्होंने ना अपनी लर्निंग करते रहे तब वो स्मार्ट तब वो अपनी फील्ड पे सर्वाइव कर पाते हैं। फिर उन्होंने उन्होंने शेन वॉन से भी सीखा और मैगला से भी सीखा। उन्होंने बॉलर से भी सीखा फील्ड आपके जो फील्डिंग प्लेयर्स होते हैं उनसे सीखा। बैट्समैन हैं उनसे सीखा। मतलब अगर आपका लर्निंग एटीट्यूड है ना तो आप एक वीडियो से बहुत कुछ निकाल सकते हैं और लर्निंग एटीट्यूड नहीं है तो आप फिगर आउट करोगे कि कोई ऐसी स्ट्रेटजी मिल जाए जिसमें बैक टेस्टिंग डाटा नीचे दिखा रहा हूं प्रॉफिट फैक्टर कितना है और एंड एंड कितना प्रॉफिट है सर यहां पे आपको कोई स्पून फीडिंग करने नहीं बैठा है टू बी वेरी फ्रैंक स्टॉक मार्केट इज़ अ ब्रूटल वर्ड यहां पे कोई स्पून फीडिंग करने नहीं बैठा और वो करेगा भी नहीं पॉइंट मेरा यह है कि आपको अगर मैं अपनी स्ट्रेटजी मान लो एग्जैक्टली बता दूं बता दूंगा मैं कांसेप्ट बताने जा रहा हूं आज लेकिन लेकिन उस स्ट्रेटजी को आप फॉलो नहीं कर पाएंगे जब तक आप उसको अपना नहीं बनाएंगे। सेम कार होती है सर। आपके पास भी सेम कार है। मेरे पास भी सेम कार है। मान लो आपके पास Honda City है। मेरे पास भी Honda City है। हम दोनों अलग ड्राइव करेंगे सर। कार के मैकेनिक्स सेम है। लेकिन जब ट्रैफिक आएगा तो वहां मैं क्या करूंगा? और आप क्या करेंगे? दोनों डिफर हो जाएगा। कैन वी से कि आपकी स्ट्रेटजी सीख कर मैं यहां पर अपना कुछ ट्वीक उसके अंदर ऐड कर दूंगा। वो मेरी स्ट्रेटजी बन जाएगी। दिस इज़ द पॉइंट। पॉइंट ये है कि आपने इतने सारे मैं ऑडियंस से और सबसे बोलता हूं कि आपने इतने सारे वीडियोस देखे हैं। उसमें कुछ पॉइंट्स होते हैं बड़े क्लिकबल होते हैं। आपके माइंड में क्लिक कर जाते हैं। उनको निकालिए नोट करिए। 10 15 20 ट्रेडर से आप सीखिए। सबके पॉइंट्स लिखिए और उसको मिक्स करिए अपने इंटेलिजेंस को यूज़ करके। अपने ऊपर भरोसा तो करना पड़ेगा। मतलब यू आर ट्रस्टिंग मी मोर देन योरसेल्फ। मोर देन योरसेल्फ। व्हिच इज नॉट राइट। आपको मेरे देखो मेरा भरोसा मेरा बिल्ड हुआ है ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम। मैंने बहुत सारे लोगों से सीखा। आपको भी यही एटीट्यूड अब अगर आप रखेंगे तो आप भी अपना एक वर्जन निकाल पाएंगे। कल को हो सकता है आप मेरी जगह बैठ के यहां पे पॉडकास्ट कर रहे हो। एट दैट आई वांट कि मैं अपने मेंटी से चाहता हूं कि आज से 5 साल बाद वो आ करके लोगों को सिखाएं ना। मेरा समय है आज मैं 10 साल बाद नहीं रहूंगा या मार्केट में या 15 साल बाद नहीं रहूंगा। तो कोई और तो आएगा ना मार्केट तो रहेगी। तो आई वांट एक लॉन्ग टर्म राइट प्रोसेस कि उससे जो सही ट्रेडर्स हैं रियल में सर बहुत सारे स्ट्रगल्स हैं बहुत सारे फस कॉल्स आते हैं कि रियल में वो स्ट्रगल कर रहे हैं और 10 साल से कर रहे हैं क्योंकि उनको एक मैजिकल स्ट्रेटजी का एक किसी होली ग्रे स्ट्रेटजी हमें कोई चाहिए। जबकि उनसे पूछो तो उनको पता है कि ऐसा कुछ नहीं होता। हम लेकिन कहीं ना कहीं उनको शॉर्टकट का नहीं मिलेगा सर। शॉर्टकट नहीं मिलेगा। टू बी वेरी फ्रैंक। आगे बढ़ते हैं। चलिए हमने इंडेक्स कौन सा यूज़ करेंगे सर हम? सर हम निफ्टी यूज़ करेंगे। ओके। ठीक है गाइस सभी लोग प्लीज निफ्टी का चार्ट ओपन कर लीजिए और जो टाइम फ्रेम सर बता रहे हैं उसको लेकर बैठिएगा सो दैट आप साथ में ये सारे इंडिकेटर या प्राइस एक्शन जो भी सर बताने वाले हैं वो अपने सामने चेक कर पाएं प्लीज सर राइट तो सबसे इंपॉर्टेंट चीज है कि हमारे सामने एक हमें मैं एक एग्जांपल यूज़ करता हूं वो मैं आपके साथ भी यूज़ करूंगा कि मुझे आज मार्केट में क्या करना है मैं ये जो स्कैल्पिंग का सेटअप मैं बताने जा रहा हूं या इंट्राडे का सेटअप बताने जा रहा हूं ये बिगिनर फ्रेंडली है। यह कोई बहुत एडवांस सेटअप नहीं है। पॉइंट ये है कि शुरुआत में आपको ना बहुत सिंपल सेटअप से शुरुआत करनी चाहिए। फिर धीरे-धीरे आपको वो मार्केट ना बताने लगता है। फिर आप एडवांस करते हो। इस सेटअप में सिंपलीसिटी ये है कि आपको एक दिन पहले पता होगा कि मुझे आज कॉल के लिए सोचना चाहिए या पुट के लिए सोचना चाहिए। सबसे इंपॉर्टेंट चीज जैसे कि अगर मैं एक चार्ट को ये जो आपके सामने चार्ट दिख रहा है ना ऑडियंस को भी दिख रहा है स्क्रीन पे हमारे तो ये कैंडल स्टिक का चार्ट है। ठीक है? निफ्टी का चार्ट है डेली चार्ट कैंडल स्टिक का। इस पे हमें बहुत सारा नॉइज़ दिख रहा है। जैसे यहां पे मार्केट में थोड़ा सा नॉइज़ है। यहां पे नॉइज़ है। अब मुझे मुझे तो स्मूथ चाहिए। मुझे चाहिए कि मुझे क्लियर कट पता हो कि कल सबको यही जानना है कि मार्केट क्या लगता है। राइट? मार्केट क्या लगता है। ये किसी को नहीं पता क्या लगता है। टू बी वेरी फ्रैंक। मार्केट को ही पता है कि वो उसको क्या लगता है। ठीक है ना? तो बेटर होगा कि हम मार्केट को फॉलो करें रादर देन प्रेडिक्ट करें। प्रेडिक्ट करें। ठीक है? तो मैंने मैंने अपनी लाइफ में प्रेडिक्शन से ज्यादा फॉलोइंग पे फोकस किया। दैट वर्क्स फॉर मी। उससे आपको नेक्स्ट डे स्ट्रेस भी नहीं रहता व्हाइल डूइंग द ट्रेन कि अगला कैंडल क्या बनेगा? प्रेडिक्शन में आप वैसे एनीवेज अपने व्यूज के साथ बायस हो जाते हो तो बायसनेस खत्म हो जाती है। अगर आप प्रेडिक्ट नहीं कर रहे हो। अगर मैं प्रेडिक्शन के ऊपर आपको एग्जांपल्स दूंगा आता हूं मैं उस पे। पहले हम लोग स्ट्रेटजीस पे आते हैं। तो हम सबसे पहले इस चार्ट को हकेन ऐशी कैंडल पे कन्वर्ट करेंगे। इस हकेन ऐशी कैंडल्स का बेनिफिट ये होता है कि वो चार्ट को ना बिल्कुल स्मूथ कर देता है। मतलब अगर मैं कैंडल्स देखूं यहां पे तो जैसे रेड कैंडल है हम तो जैसे हाई हकेशी का फार्मूला ये कहता है कि हकेन ऐशी का जो मैथमेटिकल कैलकुलेशन है और जैपनीज कैंडलस्टिक का मैथमेटिकल कैलकुलेशन है दोनों अलग-अलग है। हाई और लो सेम रहता है। ओपन और कज चेंज हो जाता है। हकेन ऐशी का अगर प्रीवियस कैंडल रेड कलर का बना है तो हकेशी ये बोलता है कि अगर आप पुराने डाटा को जाके चेक करेंगे। आपको खुद देखना पड़ेगा। मैं इस चार्ट को पूरा अगर ज़ूम आउट करके देखूं तो मोस्ट ऑफ द टाइम क्या हो रहा है? अगर ग्रीन कलर का कैंडल बन रहा है तो नेक्स्ट डे देयर इज़ अ हाई पॉसिबिलिटी कि ग्रीन डे ग्रीन कैंडल बनेगा। हर जगह काम नहीं करेगा। यहां पे आप देखिए यहां पे इसने ग्रीन कैंडल बनाया था लेकिन रेड कैंडल बन गया। बट ऐसा कम हो रहा है। अगर ग्रीन बन रही है तो लगातार कई ग्रीन बनती जा रही है। मैं आपसे बोलना चाहता हूं ऑडियंस से कि सबसे इंपॉर्टेंट चीज हमें ऑडियंस को समझना चाहिए कि देयर इज़ नो 100% फाइनल फार्मूला इन द मार्केट। वो कई सारे फार्मूलेज़ को मिला करके आपको अपना फार्मूला डिजाइन करना है। बनाना पड़ेगा। तो हकेन ऐशी 100% नहीं है। आरएसआई 100% नहीं है। कोई भी चीज़ 100% नहीं है। तो हकेन ऐशी से एक्सपेक्टेशन हमें रखनी है 60 टू 70%। अगर कोई भी चीज़ 60 टू 70% वर्क कर रही है तो वो हमारे बकेट में होगी। हम मतलब दिस इज माय स्ट्रेटजी बकेट। मैंने इस ट्रेडर से यह सीखा, दूसरे से यह सीखा, तीसरे और अपना एक बकेट तैयार किया और उसको मार्केट में अप्लाई। जैसे हम सब्जी बनाते हैं कि जितना नमक चाहिए, ज्यादा भी नहीं चाहिए, कम भी नहीं चाहिए। रेसिपी आपको प्रॉपर डिफाइन करनी पड़ेगी। तो आपकी एक्सपेक्टेशन रिस्क टॉलरेंस अलग है, मेरी अलग है। सब्जी अलग-अलग होती है। सबकी अलग है। मुझे हो सकता है कि बहुत ज्यादा स्पाइसी पसंद हो, आपको ना पसंद हो। करेक्ट। करेक्ट। तो अब यहां पे जैसे मान लेते हैं कि ग्रीन कलर का कैंडल बना तो अब मुझे स्कैल्पिंग करनी हो या इंट्राडे करना हो। शुरुआत में हमें अपने मेंटल लोड को कम करना है। अच्छा। मतलब क्या हो गया है कि 1 मिनट का चार्ट जब हम स्कैल्पिंग पे देखते हैं या 5 मिनट का चार्ट हम इंडेक्स ट्रेडिंग इंट्राडे पे देखते हैं तो 1 मिनट का चार्ट देखते ही ना हमें स्ट्रेस आने लगता है। अगर हम 1 मिनट का देखेंगे एक-ए मिनट में ग्रीन रेड ग्रीन रेड बन रहा है। बहुत स्ट्रेस होता है। बहुत स्ट्रेस होता है। और तो शुरुआत में क्या करना चाहिए? मैं उसको बताने की कोशिश जिससे आपकी रियल ग्रोथ होगी। स्ट्रेटजी से ज्यादा आप मेरी बातों पे ध्यान देंगे तो आपको ज्यादा हेल्प मिलेगी। सबसे पहला काम आप डेली कैंडल का यूज करेंगे अपनी स्कैल्पिंग पे। सर इंट्राडे स्कैल्पिंग में डेली का क्या यूज़ है? द आईडिया इज कि हमें बायस निकालना है। हमें एक दिन पहले पता होना चाहिए कि कल मैं कॉल की तरफ सोचूंगा या पुट की तरफ सोचूंगा। ओके? इससे हेल्प ये मिलेगी कि आप जब मार्केट में जाएंगे ना तो आपको बिल्कुल कूल एंड काम टेंपरामेंट के साथ आपको चार्ट दिखेगा इंट्राडे में। देखो 3:30 के बाद सबको सब कुछ दिखता है। है ना? 3:30 के बाद सबको दिखता है कि हाई क्या था? लो क्या था? और कहां पे ट्रेड करना चाहिए था। 9:15 पे वही ट्रेडर चेंज हो जाता है। उसको कुछ नहीं समझ में आता है। उसको लगता है पता नहीं यह सब क्या हो रहा है और फिर वो गलतियां करना शुरू करता है। तो मैं उस गलतियों को सिंपलीफाई करता हूं चार्ट पे। तो सबसे पहले मैं एक मार्किंग लगाता हूं यहां पे अ दिस इज़ द ग्रीन कैंडल। तो मैंने डिसाइड करा कि मुझे ना नेक्स्ट डे यह वाला सेकंड नवंबर 23 का चार्ट है। अब मुझे नेक्स्ट डे कॉल सोचना है। मैं सोच के गया कि मुझे आज ग्रीन कैंडल बनी है। ग्रीन कैंडल बनी है। अब मेरे को यहां पे जो भी मार्केट में होगा अगर मान लो मार्केट नीचे ही चला जाए छोड़ दीजिए उस मार्केट को। मतलब आपको छोड़ना आना चाहिए। अगर आपको ग्रो करना है तो पहले आपको छोड़ना आना चाहिए। आपको बिल्कुल अपनी चीज पे फोकस करना है। देयर आर 100्स ऑफ स्ट्रेटजी। लाइफ का भी यही रूल है। सर हम किसी भी मैरिज में जाते हैं ना तो देयर आर लॉट ऑफ रेसिपीज और है ना उसमें से हमें सिलेक्टेड हम चेरी पिकिंग कर लेते हैं और अपना साइड में हो करके उसको एंजॉय करते हैं। राइट हम सब कुछ नहीं ले लेते और अगर आप नहीं ले अगर आप ले भी लेंगे तो आप खा नहीं पाएंगे और फिर वो वेस्टेज होगा तो यहां पे वो मनी का वेस्टेज होता है। राइट तो इसके बाद हम यहां पे ग्रीन पे आ गए। अब हम इसी कैंडल का एनीवेज सर वैसे तो मुझे क्वेश्चन के लिए वेट करना चाहिए अभी लेकिन आउट ऑफ क्यूरोसिटी मैं पूछ रहा हूं। मुझे समझ में आया जो आपने थोड़ा सा बताया अभी ग्रीन बनेगा तो हम अगले दिन बाय कॉल की तरफ सोचेंगे। कब करेंगे वो बताने वाले हैं। लेकिन इससे दो कैंडल पहले मुझे एक डोजी दिख रही है। हां। इसके अगले दिन हम क्या करेंगे? सर डोजी जो कैंडल है अगर देखो डोजी कैंडल वैसे तो हैके नशी में मैं जो यूज़ करता हूं वो मैं सिर्फ कलर ऑफ द कैंडल यूज़ करता हूं। तो यह क्योंकि यह ग्रीन कलर है तो अगले दिन फिर हम बाय कर सकते हैं उसको। हां। बहुत ज्यादा स्पेसिफिक होने की शुरुआत में जरूरत नहीं है। ठीक है। जब इसको छोड़ भी सकते हैं। छोड़ देते हैं। अभी एक्सपर्टीज की तरफ नहीं जाएंगे। अभी हम सिंपल और मतलब मेरा जो प्रिंसिपल है ना किस प्रिंसिपल कीप इंडेक्स स्ट्रेटजी सिंपल। अच्छा। ठीक है ना? इस पे हम रखेंगे या कीप इंडेक्स स्कैल्पिंग सिंपल। कुछ भी बोल सकते हैं आप। सिंपल रखना है शुरुआत में। नहीं क्योंकि ना ऑलरेडी बहुत सारा है इमोशंस का प्रॉब्लम रहता है और हम स्ट्रेटजी भी कॉम्प्लेक्स कर लें तो परेशान हो जाएंगे। द केस मे और मे नॉट बी सिंपल बट द स्ट्रेटजी शुड बी सिंपल। यस। तो यहां पे ग्रीन कलर का कैंडल है। हम नेक्स्ट डे बुलिश हैं। ठीक है। ठीक है। अब मैं थर्ड नवंबर का थर्ड नवंबर 23 का या मैं रीसेंट थोड़ा सा डाटा ले लेता हूं। मैं किसी और एग्जांपल को लेता हूं। नहीं ये तो बहुत ज्यादा पुराना हो जाएगा। लेट्स से मतलब एज लॉन्ग एज हम डाटा निकाल सकते हैं इंट्राडे के अंदर। हां, धन के प्लेटफ़ॉर्म पे तो धन के प्लेटफॉर्म पे तो निकल ही जाएगा। निकल ही जाएगा। ठीक है ना? अब मैंने जैसे यहां पे ठीक है। यह अप्रैल वाला डेट यह वाला ले लेते हैं। ठीक है? यह ग्रीन कैंडल है। मुझे नेक्स्ट डे सोचना है 15 अप्रैल 25 को कि मुझे क्या करना है। तो मैं 5 मिनट का चार्ट ओपन करूंगा। ठीक है? पहले मैं आपको इंडेक्स का बता रहा हूं। फिर मैं आपको स्कैल्पिंग का बताऊंगा। ठीक है? तो इंडेक्स पे जब मैं गया यहां पे तो मैंने यहां पे ना कुछ इंडिकेटर्स लगा रखे हैं। अ एक एमएसीडी लगा रखा है जिसकी थोड़ी वैल्यू्यूज मैंने चेंज करी हैं। एक ईएमए बैंड लगा रखा है हाई लो पे। ये मैं अभी बता दूंगा। मैं लगा के भी दिखा दूंगा कैसे लगाना है इसको यूज़र्स को। वैसे 11th अप्रैल 25 को चलते हैं। तो हम यहां पे गए। दिस इज़ 11th अप्रैल 25। दिस इज़ 11th अप्रैल 25। हमारे सामने ये चार्ट आ गया। 11th को हमने नोटिस करना शुरू किया तो हम ट्रेड 12th को करेंगे। राइट? ट्रेड 12थ को करेंगे। राइट? तो 12th भी नहीं रहा था। आई थिंक वो वीक है। तो 15th को 15 को ट्रेड करेंगे। ठीक है? अब यहां पे अगर आप ध्यान से देखें तो मार्केट में ग्रीन कलर का कैंडल है। हमें नेक्स्ट डे सिर्फ कॉल के बारे में सोचना है। ठीक है? अब यहां पर क्या हुआ? मार्केट ने सुबह-सुबह एक तो ये गैप अप हो गया मार्केट में। ठीक है? और इस कभी भी गैप अप हो जाए तो आप एटलीस्ट 5 10 मिनट्स वेट करना पड़ेगा आपको मार्केट सेटल डाउन करने के लिए कि थोड़ा सा जो ऑर्डर्स होते हैं वो सेटल डाउन हो जाए। उसके बाद हम एक ट्रेंड थोड़ा सा फॉर्म हो जाए तो हम अपने इंडिकेटर्स को यूज़ करना शुरू करेंगे। कितना गैप अप? एटलीस्ट अगर 100 200 पॉइंट का गैप अप है बहुत छोटा गैप अप है 25 30 50 पॉइंट का तो फिर उतना सिग्निफिकेंट नहीं है। 100 पॉइंट से ऊपर 5% के आसपास या 4% से हां आप इतना अगर सोचेंगे क्योंकि ना जो इंडिकेटर्स होते हैं उनको नहीं पता कि गैप अप हो गया या गैप डाउन हो गया तो उनको आपस में प्राइस के साथ सिंक होने में थोड़ा टाइम लग जाता है। ठीक है? तो यहां पे जैसे अगर हम आए तो यहां पे किसी भी पॉइंट पे मुझे कोई ट्रेड नहीं मिल रहा है। ना मेरा एमएसीडी मुझे क्रॉसओवर पे कोई ट्रेड दे रहा है। यहां पे डाउन साइड ट्रेड आ रहा है। अगर आप देखेंगे तो एमएसीडी ने डाउन साइड क्रॉस किया है। लेकिन वो हमें करना नहीं है। वो हमें करना है। कॉल बाय करनी है। कॉल बाय करनी है। और ये दोनों जो बैंड लगे हुए हैं इसके ऊपर होना चाहिए प्राइस। वो तो है हमारा। है ना? वो उसके ऊपर है लेकिन डाउन साइड है तो हम ट्रेड नहीं करेंगे। अगर कैंडल्स बैंड के बीच में चला गया है तो भी मैं ट्रेड नहीं करूंगा। वो साइडवेज मार्केट है। तो ये दिन मेरा अवॉयड हो गया पूरा। ठीक है? इनफैक्ट अगर आप इस दिन की रेंज देखेंगे तो ये तो आप छोड़ ही दीजिए। ये 23670 अप्रोक्स और दिस इज़ 7 350 अराउंड 100 पॉइंट्स का मूव है। सर आपने बोला कि स्टार्टिंग के 510 मिनट के आसपास हमें अवॉइड करना चाहिए अगर गैप अप हो जाए तो। हमने अवॉयड कर लिया। लेकिन उसके बाद क्योंकि आपकी 5 मिनट्स कैंडल लगी हुई है तो शुरू के 10 मिनट के बाद भी प्राइसेस बैंड से ऊपर हैं। एमएसीडी बुलिश चल रहा है। फ्रेश बाय नहीं दिया। उसने तो 10:00 बजे के बाद जाके सेल दिया। इससे पहले जो एमएसीडी बाय में था और बैंड के ऊपर प्राइसेस थे। यहां पर हमें कुछ नहीं करना है। नहीं हमें यहां कुछ नहीं करना है। यहां सिंपल रखेंगे। हम कर तो बहुत कुछ सकते हैं यहां पे। लेकिन इनिशियली हम कुछ नहीं करेंगे। देखो मैं ऐसा सोचता हूं कि हर दिन ट्रेड करना जरूरी नहीं है। अगर मेरे क्वालिटी सेटअप्स में चीजें आएंगी तो मैं करूंगा नहीं तो मैं नहीं करूंगा। यहां पर क्या होता तो मैं ट्रेड कर सकता। हां अगर अगर ये एमएसीडी क्रॉस करता ठीक है और बैंड के आसपास प्राइसिंग होती या थोड़ी दूर भी होती तो हम एक बार सोच सकते थे वहां पे अपनी प्लानिंग कर सकते थे एंट्री करने की। ठीक है? ठीक है? नेक्स्ट डे पे चलते हैं क्योंकि ये वाला दिन भी हमारा ग्रीन क्लोज हुआ है। ठीक है। अब यहां पे आते हैं। ये वाला दिन हमारा नेक्स्ट डे ये वाला दिन भी हमारा ग्रीन क्लोज हुआ है। जी। अब जब मैं यहां पे आया तो मेरे को यहां पे हमारी फेवरेबल कंडीशंस दिख रही हैं। ठीक है? तो अब मैंने यहां पे ये मेरा क्रॉस हो रहा है एमएसीडी यहां पे। अगर आप ध्यान से देखें ब्लू लाइन यहां पे रेड लाइन को कट कर रही है और ज़ीरो लाइन का जो क्रॉसओवर होता है वहां पे भी हमें एक एंट्री पॉइंट मिल रहा है। जी। जी तो जब कभी भी हम इंडेक्स ट्रेडिंग करेंगे तो हमारा टारगेट इनिशियली बहुत से लोग क्या करते हैं कि ट्रेलिंग स्टॉप लॉस शुरू में पोजीशन साइजिंग पिरामिडिंग ये सारी चीजों पे चले जाते हैं शुरुआत में ही पॉइंट ये है कि अगर हम पहले सिंपल स्ट्रेटजीस को फॉलो करें तो हम पहले कंसिस्टेंसी बिल्ड कर पाएंगे तो मेरा पॉइंट है कि आप इसमें से वन 1.5 या 1:2 मैक्सिमम आपको टारगेट लेके निकल जाना चाहिए शुरुआत में। हम ट्रेड कहां पर ले रहे हैं? हम ट्रेड ले रहे हैं इस पॉइंट पे। ठीक है? कैंडल ऊपर क्लोज होते ही बैंड के ऊपर कैंडल क्लोज हुई हमारी 5 मिनट्स वाली। हां यहां पे जैसे यह वाला कैंडल क्लोज हुआ इसका हाई यहां पे ब्रेक हुआ तो यहां पे हम अपना ऑर्डर लिमिट ऑर्डर डाल के रख सकते हैं और हम यहां पे एक एंट्री अपनी बना सकते हैं। सर एमएसीडी की दोनों लाइन हमें पॉजिटिव टेरिटरी में चाहिए या सिर्फ एमएसीडी का हिस्टोग्राम पॉजिटिव चाहिए या सिर्फ क्रॉसओवर चाहिए? एग्जैक्टली एमएसीडी में हम क्या देख रहे हैं? एमएसीडी में हम क्रॉसओवर देख रहे हैं। पहली चीज हम और उसके बाद जीरो लाइन के ऊपर अगर आ गया तो मोमेंटम है। आप जीरो लाइन के नीचे भी बाय कर सकते हैं। लेकिन अगर जीरो लाइन के ऊपर है देयर इज़ अ हाई चांस कि उसको क्योंकि उससे पहले जीरो लाइन के नीचे उसने क्रॉस ओवर दिया। क्रॉस ओवर नीचे दिया था। अब यहां पर यहां पे जैसे ही आप देखोगे यहां पे विद इन व्यू मिनट्स है ना? यहां पे 5 मिनट के अंदर इसने अपना जीरो लाइन भी क्रॉस कर दिया। ठीक है? पैरामीटर मैं बता देता हूं। इसका जो डिफॉल्ट पैरामीटर होता है वो कुछ और होता है। वो होता है 12 269 राइट? यहां पे हम यूज़ कर रहे हैं 8218 फॉर इंट्राडे। मुझे मैंने जब इसको पुराने डाटा पे जाके देखा तो मुझे इस पे रिजल्ट्स बेटर मिले। तो वही मैं आपको यहां पे सजेस्ट करूंगा कि आप एक बार ट्राई कर लें। बाकी आप ऑलवेज आप ट्वीट कर सकते हैं अपने पैराटर्स अपने अकॉर्डिंग। लेकिन मेरे को ये ठीक लगा। ठीक है? ठीक है? यहां पे हाई ब्रेक हुआ। मैंने यहां पे मार्किंग कर ली। एक एग्जांपल यहां पे ले लेते हैं। जस्ट फॉर द डिस्कशन। यहां पे हमने एक एंट्री पॉइंट बनाने की कोशिश की। 23340 हम अब जिस कैंडल पे मेरा बाय आया है हम उसी कैंडल का लो मेरा स्टॉप लॉस हो सकता है। अब इस केस में अगर आप देखेंगे तो स्टॉप लॉस ट्रिगर हुआ है। ठीक है? तो इसमें हम क्या करते हैं? जब मैंने ये चीज़ बहुत बार देखी तो बहुत लोग बताते हैं ना जिस कैंडल पे है आई आई उसी के नीचे लो पे लगा दीजिए। तो मैंने जब उसको वर्कआउट किया तो वो वर्क नहीं कर रहा था। मतलब वो रेशियो नहीं बन रहा था। हम तो मैंने जब यह मेरे मेरा बैंड लगाने का पर्पस ही यही है कि मैं स्टॉप लॉस ट्रेलिंग और स्टॉप लॉस और जो मार्केट साइडवेज हो जाता है उसका सशन यह बैंड है। हम यह बैंड क्या लगा हुआ है? ईएमए 21 का जो सेटिंग है डिफॉल्ट सेटिंग क्लोज पे होता है। जब आप क्लोज पे लगाते हैं यहां पे तो वो इस तरीके से ड्रॉ होगा। आपको दो ईएमए लगाने हैं। एक 21 हाई पे, एक 21 लो पे। मैंने यहां पे एंट्री बनाने की कोशिश की। मेरा लो पॉइंट यह वाला मेरा स्टॉप लॉस होगा इस वैल्यू पे। ओके? मतलब जो ईएमए की जो वैल्यू चल रही होगी वो मेरा स्टॉप लॉस होगा। तो अगर मैं यहां पे 340 पे बाय करने की कोशिश करता हूं तो मेरा स्टॉप लॉस होगा 314 एप्रोक्सिममेटली 25 पॉइंट का मेरा स्टॉप लॉस है। अच्छा और मेरा टारगेट यहां से अ यू कैन से 50 पॉइंट्स का मेरा टारगेट होगा मैक्सिमम क्योंकि मेरा जितना स्टॉप लॉस है उतना ही मैं टारगेट इनू टू मैं टारगेट करूंगा और जैसे ही प्राइस 1:1 पे पहुंचेगा मैं वहां पे अपना स्टॉप लॉस कॉस्ट टू कॉस्ट कर दूंगा ताकि मुझे शुरुआत में अपने को सेफ रखना है। यह हम फ्यूचर्स की बात कर रहे हैं या कॉल की बात कर रहे हैं? कॉल की। अच्छा। आप सेम सेटअप आप कॉल पर जाकर लगा के देखेंगे तो वहां पर भी एप्रोक्समेट ये सिचुएशन बन रही होगी। देखो हमारे पास पुराना बहुत डाटा होता नहीं है ऑप्शन का या जिस प्लेटफॉर्म्स पे होता है तो वो प्रीमियम प्लेटफॉर्म्स होते हैं। धन पे आपको पुराना डाटा निफ्टी पे जाके अगर आप चेक करोगे तो एप्रोक्समेट आपको रिजल्ट्स मिल जाएंगे। एट द मनी इन द मनी पे काम करना है। कितना इन द मनी? वन लेवल डाउन। जो सेंटर हमारा एट द मनी हो गया इन द मनी वन लेवल डाउन बहुत नीचे जाएंगे तो वर्कआउट नहीं करेगा क्योंकि मार्केट मोमेंटम डिफरेंट तरीके से आएगा और फिर वो धीरे-धीरे मूव करेगा आपका जितना पॉसिबिलिटी ऑफ मोमेंटम होना चाहिए उतना होगा नहीं ओके और ओटीएम में अगर आप बहुत दूर चले जाएंगे जस्ट फॉर द सेक ऑफ के प्रीमियम सस्ता मिल रहा है वो तो फिर डजंट मेक सेंस थीटा डीके का प्रॉब्लम शुरू हो जाएगा तो यहां पे हमने बाय करने की कोशिश की और यहां से अगर मैं टारगेट देखता हूं तो मुझे 50 पॉइंट चाहिए ठीक है तो मेरे को यहां पे 29 पॉइंट्स तक गया ये। ठीक है? अब मैं मुझे तो नहीं पता कि यहां के बाद अब यहीं पे ट्रेडर को लगता है कि मैं क्या करूं। मतलब मेरा टारगेट भी नहीं हुआ और ये नीचे आ गया तो ये एंट्री फेल हो गई। राइट? इस पॉइंट ऑफ टाइम पे आपको जब ये आपका स्टॉप लॉस 25 लगा था तो 50 पॉइंट का आपका टारगेट था। जैसे ही 25 पॉइंट अचीव हुए आप अपना स्टॉप लॉस कॉस्ट टू कॉस्ट कर दीजिए। सबसे पहली चीज़ है कि जो हमने रिस्क लिया उसको हम सेव कर लेंगे। अवॉयड कर दिया। अवॉइड कर दिया हमने। अब वो आपका स्टॉप लॉस जाके कट गया। अब ये ना एक पूरा एक गेम हो गया। हमने एंट्री ली, चार्ट देखा, एनालिसिस किया, ट्रेड लिया, वेट किया और जाकर के कॉस्ट टू कॉस्ट निकला। तो ये जब पूरा प्रोसेस हम कंप्लीट करते हैं ना फ्रॉम स्टार्ट टू एंड तो ट्रेडर के अंदर एक इमोशन आता है। टाइम वेस्ट हो गया। ये ये तो सेटअप बेकार हो गया। सर मार्केट में पॉइंट वही है ना कि अगर हम हर सेटअप पे प्रॉफिटेबल सोचना चाहते हैं। अभी तो वह हमारी सबसे बड़ी गलती है। अगर एक साड़ी का दुकानदार ये सोचेगा कि ग्राहक को दिखाया और साड़ी खरीद के नहीं गए वो तो टाइम वेस्ट हो गया तो मुझे नहीं लगता कि वो बिज़नेस कर रहा है। वो जुआई खेल रहे थे। राइट? इट्स अ मैटर ऑफ कि आप सीरीज ऑफ ट्रेड कंप्लीट करेंगे। वही मैं बार-बार बोल रहा हूं। 100 ट्रेड्स उसमें से मैक्सिमम ट्रेड आपके प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। होने चाहिए अगर एज निकालनी है या एटलीस्ट रिस्क एंड रिवॉर्ड आपका अच्छा होना चाहिए। मतलब 50% भी अगर आपकी एक्यूरेसी डेवलप कर पा रहे हो 1:2 पे आ रहे हैं आप तो इट्स गुड। आपका रिस्क एंड रिवॉर्ड मिलाकर के आप प्रॉफिटेबल हो जाएंगे। अगर एक्यूरेसी अच्छी आ रही हो और अगर आप 1: 1.5 भी ले रहे हैं तो भी आप प्रॉफिटेबल हो जाएंगे। तो आईडिया ये है कि हमें हर ट्रेड पे प्रॉफिटेबल होने के बजाय 100 पीरियड के या 100 ट्रेड्स के बाद हमें सोचना है कि हम प्रॉफिटेबल हो पा हो भी पा रहे हैं या नहीं। तो ये ट्रेड को पूरी वैल्यू देनी है। अपॉर्चुनिटी तो थी ना अगर ये चला जाता तो अभी आप कहते नहीं बहुत बढ़िया ट्रेड था। क्योंकि इसने कॉस्ट टू कॉस्ट दे दिया तो अरे वेस्ट हो गया टाइम। फिर हम अब इसमें ब्रोकरेज आप अपना देख सकते हैं। थोड़ा बहुत बफर लगा लीजिए। एक पॉइंट ऊपर या दो पॉइंट ऊपर अपना ब्रोकरेज सेव कर सकते हैं। अब नेक्स्ट पॉइंट आते हैं। यहां पे हमाराकि कैंडल ग्रीन है तो मैं दूसरा ट्रेड भी यहां पे बाय करने के बारे में सोचूंगा। यहां पे कॉल गाइस यहां पे। ठीक है ना? अबकि ये देखो कैंडल के बीच में बैंड के अंदर है। बैंड के अंदर है। अब यहां पे ना मैंने जो मेरा अगर किसी ने पुराना पडकास्ट देखा होगा तो वहां पे मैंने 34 ईएमए का यूज़ किया था फॉर द इंट्राडे ट्रेडिंग इन स्टॉक्स। निफ्टी पे ना थोड़ी वोलेटिलिटी डिफरेंट होती है स्टॉक के कंपैरिजन में। स्टॉक की वोलेटिलिटी चेंज होती रहती है। ज्यादा होती है निफ्टी की उतनी नहीं होती है। तो इसमें मैंने एक ट्वीक करा है छोटा सा। एक ईएमए हम और लगाएंगे। एक ईएमए हम और लगाएंगे। दैट इज ऑन क्लोजिंग बेसिस 21 पे ही। ओके। और उसको हम कलर रखेंगे रेड। ठीक है? अब यहां पे क्या चेंज होगा आपके माइंड में? देखिए यहां पे आपको जीरो लाइन के नीचे एमएसीडी में इसको मैं थोड़ा सा साइड कर लेता हूं। राइट? ऐसे कर लेते हैं। ठीक है? यहां पे हमें क्रॉसओवर मिलता है। जी। मैंने जो रेड लाइन लगाई अगर मैं रेड लाइन ना लगाऊं तो मुझे ये अभी लगेगा कि यहां ट्रेड नहीं लेना चाहिए बैंड के बीच में। बैंड के बीच में मोस्ट ऑफ द ट्रेडर पूछते हैं कि बैंड मान लो किसी रेंज में फंस गया है प्राइस तो वो ब्रेकआउट किधर लेगा? अपसाइड लेगा या डाउन साइड लेगा? तो अगर आप एक बैंड बनाते हैं। उस बैंड की एक मीडियन लाइन भी बना देते हैं। जैसे बोलिंजर बैंड में भी होता है। एक मीडियन लाइन होती है 21 की। तो यहां पे अगर हम 21 ईएमए क्लोजिंग बेसिस पे रख लेते हैं। तो हमें यहां पे एक प्राइस स्ट्रक्चर भी दिख रहा है। अगर आप ध्यान से देखेंगे कि ये हमारा लो है। ये हमारा सॉरी मैं कलर इसका ब्लू कर लेता हूं। इनफैक्ट हमें येलो कर ले। कौन सा कलर ले लें? ब्लैक कलर। लेटर ले लेते हैं। ब्लैक ले लेते हैं। हां। तो यहां से यह गया। नीचे आया। और यहां पर ऊपर जब आया तो इसने यह हाई ब्रेक कर दिया। तो ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हो गया। ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हो गया। आप एसएमसी में जाएंगे तो इसी को बीओएस बोलते हैं हम लोग। ठीक है? यहां पे हमारा एक ट्रेड बन सकता है। अब पैटर्न रीडिंग इज नॉट वेरी फ्रेंडली फॉर द बिगिनर्स क्योंकि उनको लगता है कि सब्जेक्टिविटी बहुत ज्यादा हो जाती है। यहां पे हम एंट्री बना सकते हैं। अगर आप थोड़े से रिस्क अंडरस्टैंड करते हैं तो आप यहां पे एंट्री बना सकते हैं और आपका स्टॉप लॉस इतना छोटा सा है। मतलब आप अग्रेसिव ट्रेडर्स जो हैं वो यहां पर बना सकते हैं और कंजर्वेटिव ट्रेडर्स थोड़ा सा ऊपर यहां पर ऊपर बना सकते हैं। तो यहां दोनों के लिए जो स्टॉप लॉस रहेगा वो नीचे वाली लाइन ही रहेगी ईएमए का ईएमए का लोअर वाला 21 ईएमए का लोअर वाला तो अगर मैं यहां पे एंट्री बना रहा हूं तो मेरा जो प्राइस है दैट इज 23320 एप्रोक्स ठीक है और यहां पे मेरा लो बैंड का लेवल है वो है 302 18 पॉइंट का मेरा स्टॉप लॉस बन रहा है कैश में 10 पॉइंट का ऑप्शन पे बनेगा अप्रोक्सिममेटली यहां से मेरा टारगेट है अगर 20 पॉइंट है तो 40 पॉइंट मेरा टारगेट है यहां पे मैंने एंट्री किया होगा और मेरा टारगेट 40 पॉइंट्स का है तो मेरे को यहां पे ईज़ली 40 पॉइंट मिल मिल रहे हैं हम जो आपका डेस्क प्लेटफार्म है या धन प्लेटफार्म है उस पे जाकर के आप ऑर्डर पहले से लगा सकते हैं। आप पहले से लिमिट ऑर्डर लगा के रखें क्योंकि ऑप्शंस के जो प्राइसिंग होते हैं वो जाकर के स्पाइक लगा के वापस तुरंत आ जाते हैं। तो आप एग्जिट नहीं कर पाएंगे उतनी जल्दी क्योंकि फिर यू नीड मतलब वो वो थोड़ा फास्ट हो जाएगा। इसीलिए आप थोड़ा टारगेट यहां पे 1:2 ले के निकल जाइए। तो हमने दो ट्रेड चेक करे। एक में हमारा 1 कॉस्ट टू कॉस्ट हुआ। सेकंड हमारा प्रॉफिटेबल हुआ। धन प्लेटफार्म पे तो सामने जहां पे स्कैल्पर लिखा है वहां पावर स्कैल्पर में जाके हम ऑप्शन चार्ट भी देख सकते हैं। यहां बट नेवर लेस यहां पे हां पावर स्कैल्पर पे हम जाके देखते हैं। ट्रेड पे फोकस रखते हैं। अब यहां पे क्या होता है? ये एक दूसरा यहां पे अभी भी हमारा ग्रीन कैंडल चल रहा है। डेली चार्ट हमारा कैंडल ग्रीन है। हमें ट्रेड बुलिश ही करना है। यहां पे क्रॉसओवर आता है। इस पॉइंट ऑफ टाइम पे इसका हाई। अब इतनी बड़ी कैंडल बन गई। बहुत सारे ट्रेडर पूछते हैं सर इतनी बड़ी कैंडल बन गई। क्या मुझे इग्नोर करना चाहिए? इस पॉइंट ऑफ टाइम पे स्पाइक लगने का वापस रिवर्स करने का चांसेस होता है। तो इनिशियली क्या होता है कि देखो जब आप स्ट्रक्चर देखोगे तो मुझे तो यहां पे ये हाई ब्रेक हो गया है। हम ठीक है? अगर आप यहां पे देखोगे जाके तो ये वाला हाई जो डे हाई था वो यहां ब्रेक हुआ है। हम तो मेरे को तो दिख रहा है लेकिन जो बिगिनर है उसको शायद ये चीज ना दिखे। तो मैं कहता हूं सिंपल जब आपने रूल बनाया है तो आप उस रूल को फॉलो करेंगे। यहां पे हाई अगर आपका ब्रेक हो गया है तो आप यहां पे ट्रेड ले लीजिए। लेकिन एनिमेश सर यहां पे हमारा स्टॉप लॉस बहुत ज्यादा दूर नहीं हो जाएगा क्या? हां। तो, ऐसी कंडीशन में जब जब कभी भी ऐसा बड़ा कंडीशन हो, तो जो कैंडल आपके प्रीवियस कैंडल जो बड़ी बनी है, उसका 50% लेवल मतलब वह आप यहां पे एक हमारा जो फाइबोनेकी टूल है उससे हम इसका हाई और इसका लो अगर हम निकालेंगे, तो ये एप्रोक्सिममेटली 50% के आसपास हमारा ये वाला जो लेवल है 23,630 ये हमारा स्टॉप लॉस हो सकता है। हम मतलब अगर आप फाइबोनेकी नहीं भी यूज़ करना चाहते हैं, तो आप सिंपल आप क्या करेंगे? इस कैंडल का जो 50% है एप्रोक्समेट यहां पे या ये वाला हाई आप कहीं पे स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अब ट्रिगर हो गया तो ठीक है। मतलब फिर हमें आगे अपॉर्चुनिटी मिलेगी। अब ये मैं तब बोल रहा हूं जब कैंडल थोड़ी सी बहुत ही बड़ी कैंडल बन गई है तब नहीं तो अदरवाइज आप बैंड का ही लो एंड हाई यूज़ करेंगे। यहां पे हमने ट्रेड लिया। अब मान लेते हैं कि यहां पे मेरा स्टॉप लॉस था से 23390 हमारा एंट्री लेवल है 395। राइट? और यहां पे मान लेते हैं हमारा स्टॉप लॉस बन रहा है 360 35 पॉइंट का हमारा स्टॉप लॉस बन रहा है। अब यहां से हमारा मिनिमम टारगेट होगा अ 70 पॉइंट्स। अच्छा यहां पे जब हम बाय करेंगे तो हमारा 70 पॉइंट टारगेट होगा। यहां पे मैं जब जाकर के इसको चेक करता हूं तो मैंने यहां पे देखा। मैं यहां पे जब चेक करता हूं तो यहां पे मैंने देखा कि ये प्राइस 56 पॉइंट पे जाकर के मार्केट क्लोज हो गया। तो क्या मैं इसको कैरी ओवर करूं? इंट्राडे पोजीशन मेरी अभी भी मेरे फॉर्म में है। क्या मुझे कैरी ओवर करना चाहिए? तो आई डोंट थिंक सो कि इंट्राडे को स्विंग से मिक्स करना चाहिए। हम अगर इंट्राडे 330 हो गया या 325 के आसपास हम ट्रेड क्लोज करके चले जाएंगे। तो यहां पे भी आपको कुछ गेन मिल गया। अब पॉइंट आता है कि ये जो मोमेंटम आते हैं ये वाले मोमेंटम। ठीक है? इनको कैसे कैच कर सकते हैं? उसके बारे में भी बात कर लेते हैं। तो यहां पे देखो नेक्स्ट डे मार्केट यहां पे भी ग्रीन है। हम मैं जब यहां पे गया तो मैंने देखा यहां पे जब मैं बाय करने गया तो इसका हाई के ऊपर इसका जो कैंडल का क्लोज है वो उतना सिग्निफिकेंटली आया नहीं। इनफैक्ट चलो मान लो आपने ले भी लिया। ठीक है? वैसे तो क्लोजिंग बेसिस थोड़ा सा देख सकते हैं आप 5 मिनट पे। मान लो आपने यहां पे ट्रेड लिया और वो आपका स्टॉप लॉस हो गया। एक्सेप्ट दैट अ स्टॉप लॉस एंड मूव ऑन। क्योंकि स्टॉप लॉस पे क्या होता है ना कि एक हमारे माइंड में एक कैलकुलेशन चलती रहती है कि यह मेरा एफर्ट वेस्ट चला गया। यह मेरा एफर्ट प्रॉफिटेबल हो गया। आपको जिस पूरे दिन जब आप ट्रेड कर रहे हैं ना तो आपके माइंड में यह नहीं आना चाहिए कि मेरा एफर्ट प्रॉफिटेबल हुआ या लॉस मेकिंग हुआ। मेरे माइंड में यह आना चाहिए कि मैंने एफर्ट राइट स्ट्रेटजी से लिया। वो वर्कआउट नहीं किया। वो 100 ट्रेड के बाद हम कैलकुलेट करेंगे। लेकिन आज की मार्केट में हमें उसको प्रॉपर्ली फॉलो करना है। अगर आपने स्ट्रेटजी को डिजाइन करी है। मतलब ये एक कांसेप्ट है। आप इसमें और इंडिकेटर्स और अपने परम्यूटेशन कॉम्बिनेशन लगा के इसको इंप्रोवाइज हमेशा कर सकते हैं। वो कोई फिक्स रूल नहीं है कि जो मैंने बताया वही आपको करना है और वही रिजल्ट्स मिलेंगे। 21 पीरियड की जगह 13 पीरियड ईएमए यूज़ कर सकते हैं। एमएससीडी के पैरामीटर फ्लैट डिफ़ॉल्ट यूज़ कर सकते हैं। आपके आपकी चॉइस है। आपको जहां पे कंफर्ट आए वहां पे आप कर सकते हैं। ठीक है? कहने का मतलब है कि दिन में अगर हम चार ट्रेड ले रहे हैं तो दो के स्टॉप लॉस भी कटेंगे। लेकिन जो दो ट्रेड प्रॉफिटेबल होंगे वह सारा प्रॉफिट हमारा हमारे सारे लॉस को रिकवर कर देगा। एग्जांपल यहां पे नेक्स्ट ट्रेड आता है हमारा इस पे हमने हाई पे लिया। छोटा सा स्टॉप लॉस था। यहां पे वापस हमारा 1:1 हमारा कॉस्ट टू कॉस्ट निकल जाएगा। अब ये वाला जो ट्रेड है इसमें हमें लगेगा कि सर ये पूरा हम कैसे कैच कर सकते हैं। हम तो मालूम है क्या होता है कि मैंने जो ऑब्जर्व करा है इमोशनली जब आप इस तरह के ट्रेंड देखते हो ना तो यह ट्रेंड आप कैप्चर तभी कर सकते हो जब आपको छोटे-छोटे प्रॉफिट आते हो। मतलब आपकी जेब में अगर ₹00 हैं तो आप ₹ लाख का बिज़नेस के बारे में नहीं सोच सकते। आपकी जेब में ₹5 लाख मान लेते हैं या आपके पास तो आप एक डेढ़ लाख का बिजनेस सोच सकते हैं। कोई छोटा सा शॉप या कोई एक छोटी-मोटी चीज कुछ सोच सकते हैं। ऑनलाइन ऑफलाइन कुछ कर सकते हैं। ट्रेडिंग में भी यही होता है। जितना कैपिटल आपके पीछे होगा आपके बैंक अकाउंट में होगा या आपके ट्रेडिंग अकाउंट में होगा उतना आप मार्केट में आगे की तरफ सोच सकते हैं। बड़े टारगेट्स के बारे में कैप्चर कर सकते हैं। क्योंकि बिगिनर को यह कैच करने के लिए टेक्निकली तो बहुत सिंपल दिख रहा है कि यहां पे बाय करो, यहां पे एग्जिट कर लो। बट इमोशनली यह कैप्चर करना मुश्किल हो जाता है। बिकॉज़ हर जब भी कैंडल प्रॉब्लम क्या है कि हर थोड़ी-थोड़ी देर पे कैंडल फ्लक्चुएट करते हैं। और जब फ्लक्चुएशन आता है तो हमें लगता है यहां से टर्न करेगा। यहां से टर्न कर जाएगा तो क्या होगा? ये तो इतना तो कोई कैप्चर कर ही नहीं पा रहा है। वही कैप्चर कर पा रहा है जिसको पैसे की कोई वैल्यू नहीं है। इनफैक्ट करेक्ट। मेरे लिए मतलब लगा के भूल गया है और वो जैसे कि आपने पहले भी बताया कि जिसको उस पैसे की जरूरत नहीं है वही कमा पाएगा उसके अंदर। मनी इज जस्ट अ नंबर। जितनी देर आप मार्केट में काम कर रहे हैं क्योंकि यह एक ऐसा बिजनेस है जितनी देर हम प्राइस चार्ट को देख रहे हैं, प्रॉफिट एंड लॉस को देख रहे हैं उतना हम कंफ्यूज हो रहे हैं। तो ये नंबर्स का बिनेस है। तो आपको कभी भी प्रॉफिट ये नहीं सोचना है कि आज मेरे 5000 बन गए। आपके 10,000 चले गए। ये नहीं सोचना है। आपको पॉइंट्स में कैलकुलेशन करना है। आज मेरे पॉइंट्स कितने बने? फॉर एग्जांपल मैंने 10 लॉट पे काम किया। 20 पॉइंट कैप्चर करे। कुछ और वैल्यू आएगी। मैंने 100 लॉट पर काम किया। मैंने 20 पॉइंट कैप्चर करे। कुछ और वैल्यू आएगी। पॉइंट सेम है। तो अगर ट्रेडर अपनी थिंकिंग प्रॉफिट एंड लॉस से हटा दे और पॉइंट्स पे ले आए। उसका ये टारगेट हो कि मुझे ना पॉइंट्स निकालने हैं। मुझे प्रॉफिट लॉस नहीं निकालना है। हम तो व्हाइल डूइंग द ट्रेडिंग उसका साइकी चेंज हो जाएगा। हम तो वो पॉइंट्स के पीछे जाएगा। क्योंकि देखो ये जो चार्ट है ना ये चलता रहेगा। जब आप मार्केट में नहीं भी थे ट्रेडर्स तब भी यह मार्केट चल रहा था। आप नहीं रहेंगे तब भी यह चलता रहेगा। तो हमारा काम ये है कि हम एक लिमिटेड पीरियड ऑफ टाइम के लिए यहां पे आए हैं। हमें 10 20 साल का एक इंपॉर्टेंट हमारा करियर फज़ है या ट्रेडिंग करियर फज़ है या जो भी आप सोच सकते हैं। उसी में जो करना है करना है। हम तो एक बहुत ही इंटेलिजेंस तरीके से नहीं सोचना है। वाइस तरीके से सोचना है। मतलब इंटेलिजेंस ये कहती है कि यहां ये सब मुझे चाहिए। विज़डम ये कहती है कि मुझे जरूरत कितनी है? और इंटेलिजेंस के चक्कर में बहुत सारे ट्रेडर्स बहुत सारी स्ट्रेटजी का कलेक्शन बना चुके हैं। अपने फोल्डर्स उनके रेडी हैं। लेकिन उनकी वो प्रॉफिट नहीं कर पा रहे हैं। दिस इज़ द डिफरेंस बिटवीन प्रॉफिटेबल ट्रेडर एंड स्ट्रगलिंग ट्रेडर। मतलब कुछ तो रैंडम ट्रेडर उनको छोड़ देते हैं। सीखने के बाद भी प्रॉफिट क्यों नहीं आ रहा है? उसकी वजह बता रहा हूं। सर, एक ऑप्शन ट्रेडर के लिए क्या चीज़ ज्यादा इंपॉर्टेंट होती है? स्पॉट प्राइस, फ्यूचर प्राइस, ऑप्शन चेन या ग्रीकक्स? मेरे हिसाब से अगर आप बाइंग कर रहे हैं इंट्राडे बाइंग कर रहे हैं तो कैश मार्केट का जो प्राइस सेक्शन है और प्रीमियम का जो प्राइस सेक्शन है या जो आप सेटअप बनाओगे वो इंपॉर्टेंट उतना भी अगर आप देखेंगे तो आप सिग्निफिकेंटली अच्छा कर पाएंगे। ऑप्शन चेन ग्रीक्स या डेल्टा वेगा जो भी हम चीजें ग्रीक्स देखते हैं उसका इंट्राडे में इंप्लिकेशन फॉर एग्जांपल शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिए उतना मुझे यूज़फुल नहीं लगा अभी तक। ऑलदो आई हैव स्टडीड ऑप्शन ऑप्शन सेलिंग में जब हम जाते हैं तो वहां पर उन चीजों की बहुत अच्छी रिक्वायरमेंट्स हैं। बहुत अच्छा हम उससे चीजें निकाल सकते हैं। लेकिन इंट्राडे में आई फील कि टेक्निकल वर्क्स मच बेटर देन दैट? सर हमारी जो स्ट्रेटजी है वो प्राइममेरली ब्रेकआउट के ऊपर बेस्ड है कि एज एन वो ऊपर ब्रेकआउट दे रहा है। हाउ डू यू डिफरेंशिएट बिटवीन अ फॉल्स ब्रेकआउट एंड अ जेन्युइन ब्रेकआउट? फॉल्स ब्रेकआउट और जेन्युइन ब्रेकआउट में सबसे इंपॉर्टेंट जो फर्क है, इसीलिए मैंने यहां पे ना यह लगाया हुआ है एमएसीडी। ठीक है? एमएसीडी की वजह से क्या हो रहा है कि हम अ अगर एमएसीडी और बैंड दोनों एक साथ क्रॉस कर रहे हैं तो देयर इज़ अ हाई पॉसिबिलिटी कि वो ब्रेकआउट होगा। अच्छा दूसरी इंपॉर्टेंट चीज है कि कुछ लोग वॉल्यूम भी देखते हैं। ठीक है? आप वॉल्यूम भी लगा सकते हैं अपने सिस्टम पे अगर देखना चाहें तो। मतलब द आईडिया इज़ कि मैं चीजों को कॉम्प्लेक्स इसलिए नहीं कर रहा हूं यहां पे क्योंकि आई फील कि स्टार्टिंग में बहुत सारे पैरामीटर्स ऐड कर देने से। वॉल्यूम को या ऑर्डर फ्लो को या और भी चीज़ अभी डेस्क पे ऑर्डर फ्लो हमारा ल्च हो गया है। ठीक है? वो सारी चीजें यूज़ करने से हमारी एक्यूरेसी तो इंप्रूव हो जाएगी। नो डाउट। लेकिन इस स्ट्रेटजी को पहले आप सिंपल वैनिला तरीके से इसको फॉलो करके दिखाइए। दिस इज़ चैलेंज कि आप 100 डेज इस स्ट्रेटजी को पेपर ट्रेड करके दिखाइए। हम फिर हम इसमें नए-नए नोसेस ऐड करते चले जाएंगे। मतलब फर्स्ट बोलते हैं ना कि रूल ब्रेक करने के लिए पहले आपको रूल्स पता होने चाहिए। तो पहले मैं रूल्स बताता हूं कि ब्रेकआउट पे एंट्री कहां फेल हो रही है। ब्रेकआउट में एंट्री फेल भी हो रही है कि नहीं हो रही है। तो मैंने पैराटर्स उस तरीके से एडजस्ट करे हुए हैं कि ताकि आपको रिजल्ट्स मिल सकते हैं। ओके। तो सर स्ट्रेटजी तो अनडाउटेडली क्योंकि आपके 17 साल के बड़े एक्सपीरियंस से निकली हुई है। तो एक बिगिनर के लिए वेरी ऑनेस्टली थोड़ा सा मुश्किल तो रहेगा बट मेरे ख्याल से अगर एक बिगिनर यहां से शुरू करें कि एंड प्लीज करेक्ट मी इफ आई एम रोंग। एक बिगिनर अगर इस थॉट से ही स्टार्ट करें कि आपकी ग्रीन हाई कन बनी हुई है तो आपको कल बाय आपको कॉल की तरफ जाना है। अगर रेड हाई कनेक्शन में बनी है तो आपको सेल की या फिर पुट की तरफ जाना है और फिर उसके बाद उस बैंड और एमएसीडी और कुछ एक दो चीजों को साथ में यूज़ करके कांसेप्ट आपका यूज़ करें लेकिन अपने अकॉर्डिंग वो स्ट्रेटजी को ट्वीट करना। मैं वही बोल रहा हूं कि दिस इज़ नॉट अ स्ट्रेटजी। दिस इज़ अ कॉनसेप्ट का्सप्ट। राइट? दिस इज़ अ लॉजिक कि मुझे डेली चार्ट के फेवर में इंट्राडे में ट्रेड करना है। हम अब आप इसको एमएसीडी से भी ट्रेड कर सकते हैं। आरएसआई से भी कर सकते हैं। मूविंग एवरेज सिंपल से भी कर सकते हैं। आप प्राइस एक्शन से भी कर सकते हैं। मतलब आप कुछ मत लगाइए। आप प्राइस एक्शन से भी इस चीज को कर सकते हैं। पॉइंट मेरा ये है कि जैसे शुरू में ना साइकिल हम जब चलाते हैं ना तो साइकिल चलाना जब सीखते हैं तो हमें एक बैलेंसर के साथ सिखाई जाती है। वो बैलेंसर क्या काम करते हैं? अगर आप थोड़ा सा डिसबैलेंस हुए तो वो सपोर्ट कर देता है। लेकिन जब आप एक्सपीरियंस हो जाते हैं, जब आप 510 साल मार्केट में गुजार लेते हैं तो आपको शायद उन बैलेंसर की जरूरत नहीं होती। तो आप रियल फन वही है। राइट? लेकिन मैं मेरा वही बोलना है कि फन इंपॉर्टेंट है या ए पॉइंट से बी पॉइंट तक पहुंचनाेंट है। पहुंचना। राइट? मतलब एक ईगो होती है कि मैं ना प्राइस एक्शन देख लेता हूं। मैं एसएमसी पे ट्रेड करता हूं। मैं ऐसा करता हूं, वैसा करता हूं। देर लॉट ऑफ़ पीपल जो एसएमसी में लॉस करते हैं। मतलब वही तो पॉइंट है ना कि कांसेप्ट आपने सीख लिया, एडवांस कांसेप्ट सीख लिए और आप उसको अप्लाई कर नहीं पा रहे। सीखो इतना सीखो, थोड़ा सीखो। उसको अप्लाई करने करके दिखाओ पहले मार्केट में अपने बिहेवियर के साथ। वो मेरे लिए बहुत इंपॉर्टेंट चीज है। मैं हर सेशन में यही चीजें कवर करता हूं क्योंकि मेरा जो एक्सपीरियंस है वो यही बोलता है कि आप सिंपल मूविंग एवरेज से भी प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। इफ यू नो हाउ। सर, यहां पर हमने अह इंट्राडे ऑप्शन बाइंग इन इंडेक्स। यह हमने सीखा। दो क्वेश्चन है मेरे। क्या सिर्फ निफ़ी ही बेस रहेगा या ससेक्स, बैंक निफ्टी हम इनको भी यूज़ कर सकते हैं। यूज़ कर सकते हैं। आप ससेक्स पे भी कर सकते हैं, बैंक निफ्टी पे भी कर सकते हैं। सेम स्ट्रेटजी या सेम कांसेप्ट को आप वहां पे अप्लाई कर सकते हैं। कोई प्रॉब्लम नहीं है। और एट द मनी और स्लाइटली इन द मनी ऑप्शन में ही हमने काम करना है। मतलब फाइव डेल्टा या फिर सिक्स डेल्टा के आसपास पे हमने रहना है। और वही स्टॉप लॉस और टारगेट का हमें वहां पर ऐ करना है। इसको अगर मैं स्कैल्पिंग पे कन्वर्ट करना चाहूं। जैसे मैंने बताया कि इस मुझे इसको स्कैल्पिंग पे कन्वर्ट करना है। तो सबसे पहली चीज़ मुझे क्या करनी है? अह स्कैल्पिंग की टाइम विंडो हमें डिसाइड करनी पड़ेगी। क्योंकि हर समय स्कैल्पिंग करना ठीक नहीं होता है। मेरा ऑब्जरवेशन ये है। तो 9:30 से 11 सुबह का 1 1/2 आवर्स आप स्कैल्पिंग के लिए निकाल सकते हैं या आफ्टरनून में 2 टू 3:30 ये आपका स्कैल्पिंग विंडो हो सकता है। जब सबसे ज्यादा वोलेटाइल टाइम्स होते हैं। वोलेटाइल टाइम्स होते हैं। जहां पे आपको फ्लैट होने के चांसेस मार्केट के नहीं है। नहीं है। तो मुझे क्या करना है? मुझे कुछ नहीं करना है। मुझे बस इसी चार्ट 5 मिनट के चार्ट को 1 मिनट पे चेंज कर देना है। मैं इसी चार्ट को जैसे ही 1 मिनट पे चेंज करूंगा मैं चला जाता हूं उसी टाइम फ्रेम पे। थोड़ा सा मुझे डाटा पीछे जाना पड़ेगा। राइट? अब यहां पे एग्जांपल ले लेते हैं। यही वाला दिन ले लेते हैं कि इस दिन में मुझे स्कैल्पिंग करनी है। 16th मान लेते हैं 16th अप्रैल को स्कैल्पिंग करनी है। तो मैं 16th अप्रैल की स्कैल्पिंग पे जाता हूं। यह मेरा 16th अप्रैल का चार्ट आ गया। राइट? स्कैल्पिंग में थोड़े से रूल्स डिफरेंट हैं। 1 2 की जगह हम सिर्फ 1 या 1.5 को टारगेट करेंगे क्योंकि आपकी एक्यूरेसी ज्यादा हो सकती है क्योंकि टारगेट छोटे हैं। और वोलेटाइल टाइम्स पे आप काम कर रहे हैं। और सबसे इंपॉर्टेंट एक चीज़ आप कर सकते हैं। आप ज़ीरो लाइन की जो एंट्री है यहां पे अगर इस पॉइंट पे कोई एंट्री आ रही है तो उसको आप अवॉइड करेंगे। आप मैगडी का जो नीचे का लेवल है जीरो लाइन के नीचे का उसको लेने की कोशिश करेंगे। मतलब दिस इज़ अ काइंड ऑफ रिवर्सल ट्रेड। ज़ीरो लाइन पे जब कट करता है तो दिस इज़ अ काइंड ऑफ़ अ ब्रेकआउट ट्रेड। तो हम ब्रेकआउट की जगह थोड़ा सा रिवर्सल ट्रेड करने की कोशिश करेंगे ताकि हमारा स्टॉप लॉस छोटा बने। जबभी भी हम सेम हक राशि हमारी जब कल ग्रीन बनी हुई है तो आज हम यहां पर कॉल बाय करेंगे। फ्यूचर्स बाय करेंगे। और यहां पर एक माइनर सा ट्वीक ये है कि हम 1 मिनट के टाइम फ्रेम पे आएंगे इंस्टेड ऑफ़ 5 मिनट्स के चार्ट के। करेक्ट। और 1 मिनट का टाइम फ्रेम है जब एमएसीडी हमें बाय देगा और वो एमएसीडी आपका 8218 है अगर वो यहां पर बाय देगा और सेम टाइम पर अगर हमें ऊपर बैंड में मुझे आप पता नहीं है अगर बैंड में भी रिकवरी चाहिए या नहीं चाहिए लेकिन एमएसीडी में रिकवरी आई है तो हम यहां पर बाय आप बैंड को यहां पे मतलब अगर आप स्कैल्पिंग कर रहे हैं तो आप बैंड को थोड़ी देर के लिए इग्नोर कर सकते हैं क्योंकि आप बहुत छोटे टाइम फ्रेम के लिए जा रहे हैं। और दूसरा इंपॉर्टेंट पॉइंट अगर आप बैंड लगा के भी रखे हुए हैं तो एटलीस्ट आपको बैंड से पता तो चल रहा है ना कि मार्केट किस ज़ोन में है। जैसे मैं एक एग्जांपल यूज़ करता हूं कि जब हम कार ड्राइव करते हैं, हमें पता होता है कि ए पॉइंट से बी पॉइंट हम जा रहे हैं। हमें रास्ता भी पता है। लेकिन हम फिर भी जीपीएस ऑन कर लेते हैं। हम मैं तो जरूर कर लेता हूं। राइट? उससे क्या होता है? एक मेंटल सेटिस्फैक्शन होता है। आपको ट्रैफिक पता चलता रहता है। आपको ड्यूरेशन पता चलता है। काफी चीजें हेल्प मिलती है। मेंटल सेटिस्फैक्शन। तो ये इंडिकेटर अगर आप लगा के रखेंगे तो आप कंफर्ट फील करेंगे। एवरीथिंग इज इमोशंस। तो हमें कंट्रोल्स स्क्रीन पे लगाने पड़ेंगे। तो यहां पे जब इसने क्रॉस किया इसका हाई ब्रेक होगा। ठीक है? अब यहां पर ट्रेडर पूछेंगे कि सर मेरा स्टॉप लॉस कितना होगा? तो जो प्रीवियस कैंडल जो भी होगी उसका लो हमारा स्टॉप लॉस हो सकता है। तो मान लो मैंने यहां पे इस कैंडल पे मुझे क्रॉसओवर मिला। इसका हाई कटते ही मैंने बाय एंटर किया या मैं इसी कैंडल पे भी कर सकता हूं। इसकी नेक्स्ट कैंडल पे भी कर सकता हूं। और ये मेरा लो स्टॉप लॉस हो सकता है। जितना भी डिफरेंस है उसका 1:1.5 हमारा टारगेट होगा। और हम जरा सा भी नहीं सोचेंगे कि यह अभी चला जाएगा ऐसा हो जाएगा। यह हो जाएगा वाला प्रॉब्लम बहुत बड़ा है। जो हो रहा है वो ट्रेड करना है। जो हुआ था या जो होगा वो ट्रेड नहीं करना है। मार्केट में प्रेजेंट मोमेंट पे रहना है और उतना टारगेट लेके मार्केट से निकल जाना है। ऐसे करके आपको दिन में हो सकता है स्कैल्पिंग में चारप ट्रेड भी मिल जाए क्योंकि नंबर ऑफ फ्रीक्वेंसी बढ़ जाएगी 1 मिनट के टाइम फ्रेम पे। तो इस तरह से आप स्कैल्पिंग में इसको कन्वर्ट कर सकते हैं सेम सिस्टम को। ग्रेट। सो जो मुझे समझ में आया है कि आपने स्ट्रेटजी ज्यादा फोकस किया है कांसेप्ट पे डिस्कस करने को। तो आई आई वुड रेकमेंड एवरीवन। आई वुड सजेस्ट एवरीवन कि आप भी इसको कांसेप्ट की तरह ही देखिए। इट इज नॉट अ स्ट्रेटजी। ऑफ कोर्स सर ने अपने सारे रूल्स बता दिए हैं। लेकिन इंपॉर्टेंट चीज ये है कि आप इसको कांसेप्ट के फॉर्म में देखिए। अपना ट्वी जरूर ऐड कीजिए। क्योंकि जो एक्चुअल आपको सक्सेस मिलने वाली है वो शायद इसी ट्वीक से मिलने वाली है। इंस्टेड ऑफ कि आप पूरी की पूरी स्ट्रेटजी रेप्लिकेट कर लीजिए। आप स्ट्रेटजी रेप्लिकेट कर सकते हैं। लेकिन प्लीज मेक श्योर किसी भी स्ट्रेटजी को यूज करने से पहले बैक टेस्ट कर लीजिए। सो दैट यू स्टार्ट फीलिंग कंफर्टेबल। जैसा कि सर ने बताया कि इंपॉर्टेंट चीज स्ट्रेटजी नहीं है। इंपॉर्टेंट चीज आपका ट्वीक है। इंपॉर्टेंट चीज आपका कंफर्ट है। क्योंकि पैसे आपके कंफर्ट से बनने हैं। पैसे आपके कन्विक्शन से बनने हैं। राइट सर? राइट। एक एक एग्जांपल ले रहा हूं छोटा सा प्लीज। राइट कि सबसे पहली चीज जो मार्केट में जब हम आते हैं ना तो हमें चज़ नहीं करना है। लेट द मार्केट कम्स टू यू। जैसे हम एक एग्जांपल यूज़ करते हैं कि आप शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में जब जाते हैं, मॉल में जाते हैं तो वहां पे ना आपको बहुत सारे आइटम्स देखते रहते हैं। इन इन पे सेल चल रही है, इतने प्राइस चल रहा है। आप सब बाय नहीं कर लेते। आप वहां पर सेलेक्ट करते हो एस पर योर नीड एंड एस पर योर पॉकेट। हम तो ये मार्केट ना आपको ऐसे दे दिया गया है कि आप जाओ और सब कुछ हमें लगता है हमें सब करना। सबके मोबाइल में क्रिप्टो भी है, गोल्ड भी है, निफ्टी भी है, सब कुछ करना है सबको। ये सबसे बड़ा प्रॉब्लम है। आप एक इंडेक्स ऑप्शन को सेलेक्ट कर लीजिए। आप स्कैल्पिंग सेलेक्ट कर लीजिए और उस स्टाइल पे आप टिक जाइए। मिनिमम 3 मंथ्स। वो स्टाइल की जो एज होगी वो आप बाहर आने लगेगी। तो एक माइंड ट्रिक मैं यहां पे यूज़ करता हूं। दैट इज़ कॉल्ड सेलेक्ट। सबसे पहली चीज आपको स्कैन करना है। स्कैन केयरफुली। सेकंड एंटर क्वालिटी ट्रेड्स ओनली। अब क्वालिटी ट्रेड का डेफिनेशन क्या है? जो हमारे सिस्टम में आ रहे हैं वो हमारे क्वालिटी ट्रेड है। मान लेते हैं कि आपके सिस्टम में ट्रेड नहीं आया और वो बहुत लंबा चल गया। हम तो कहीं ना कहीं फोमो वाली फीलिंग आती है कि मेरे से छूट गया। हम तो अगर आप पिछले जाकर के चार्ट्स एटलीस्ट 100 चार्ट्स को जाके स्टडी करेंगे तो कई बार ऐसा हुआ होगा। राइट? पॉइंट वही है ना कि हम मार्केट में आगे 3 महीने टिक पाएंगे। यह इस पे डिपेंड करेगा कि हमने पहले 3 साल का डाटा स्टडी किया है कि नहीं। मतलब पीछे के स्टडी आपको मार्केट में हेल्प करती है डेटा टेस्टिंग में। नहीं तो क्या होता है कि हम थोड़ा सा कुछ सीखा। ये स्ट्रेटजी अभी ट्रेडर्स लगाएंगे और ट्रेड करने की कोशिश करेंगे। एक दो ट्रेड प्रॉफिट में जाएंगे। एक दो ट्रेड लॉस में जाएंगे। फिर स्ट्रेटजी चेंज कर देंगे और ये वीडियो डिस्कार्ड कर देंगे और स्ट्रेटजी डिस्कार्ड हो जाएगी। दूसरा है लिमिट ओवर ट्रेडिंग। अब ओवर ट्रेडिंग पे एक बहुतेंट पॉइंट सब लोग कहते हैं कि दिन के तीन ट्रेड करो या एक लिमिट बनाने की कोशिश करते हैं। मेरा यह है कि ओवर ट्रेडिंग अगर आपके सिस्टम में कोई भी ट्रेड नहीं आ रहा है हम और आपने एक भी ट्रेड कर दिया तो वो ओवर ट्रेडिंग है। और अगर आपके सिस्टम में 10 ट्रेड आ रहे हैं और विद इन द सिस्टम है तो वो ओवर ट्रेडिंग नहीं है। यू कैन डेफिनेटली डू दैट ट्रेड्स। फिर उसके बाद आता है ई सेलेक्ट। सेलेक्ट में ई आता है एलिमिनेट नॉइस। तो हमें सबसे पहले नॉइज़ खत्म करनी है। वह मैंने डेली चार्ट और आपका जो 21 ईएमए 5 मिनट और 1 मिनट पर उसको लगा करके मैंने वो नॉइज़ एलिमिनेट कर दिया है। उसके बाद आई गो टू कंट्रोल इमोशंस। वही जो मैंने शुरुआत की थी इस पॉडकास्ट में कि इमोशंस का बहुत बड़ा रोल है। चाहे वो इंडेक्स ट्रेडिंग हो, चाहे वो स्कैल्पिंग हो, चाहे वो स्टॉक ऑप्शंस हो। तो वो आपको एडजस्ट करनी पड़ेगी और फिर ट्रेड स्मार्ट। आपको इंटेलिजेंट नहीं होना है। आपको स्मार्ट होना है। देयर इज अ डिफरेंस। इंटेलिजेंस यह कहती है कि मुझे सब कुछ चाहिए। मुझे परफेक्ट चाहिए। मुझे एकदम पिन पॉइंट एंट्रीज चाहिए। ऐसा कोई किसी को सब कुछ नहीं मिलता है मार्केट में। आपको ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम एवरेजिंग करके प्रॉफिटेबल होना है। और अपने को एक लॉन्ग टर्म जब आप सोचेंगे ना कि एटलीस्ट मुझे 5 साल मार्केट में रहना है। तो आप ये छोटी-मोटी गलतियां नहीं करेंगे। और जब आप यह सोचेंगे मुझे आज पैसा चाहिए, कल पैसा चाहिए क्योंकि मार्केट को लोगों ने एटीएम मशीन समझ रखा है कि मुझे पैसे की जरूरत पड़ी। चलो जल्दी से ट्रेड करते हैं, पैसे निकालते हैं और प्रॉब्लम को सॉल्व करते हैं। इतना सिंपल नहीं है। लाइक एनी अदर करियर आपको यहां पे टाइम देना पड़ेगा। थैंक यू सो मच एनिमेश सर। दैट वास अ ब्यूटीफुल इंटरेक्शन विद यू। और बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो बहुत ही ऑनेस्टली देखिए आपके लिए बड़ा ही आसान था कि आप ऐसे कुछ एग्जांपल प्रिपेयर करके लाते और हमें दिखाते कि ये देखो इसमें भी प्रॉफिट आ रहा है। इसमें भी प्रॉफिट आ रहा है। हम पर्टिकुलर डेट पे चलें। मैंने देखा कि आप बिल्कुल लाइव तरीके से समझा रहे थे कि रैंडमली आपने डेट सेलेक्ट करी और वहां से कैसा भी एग्जांपल आ रहा है। क्योंकि आपका फोकस ही ये था कि आई एम नॉट डिस्कसिंग द कंप्लीट स्ट्रेटजी। आई एम डिस्कसिंग द कॉन्सेप्ट। और यहीं पर मैं अपना जो आपकी सबसे इंपॉर्टेंट लाइन है जो आपकी स्लाइड में मैं देख पा रहा हूं। दैट इज़ आई वुड लाइक टू टेल टू माय व्यूअर्स। यहां पर लिखा हुआ है अपॉर्चुनिटीज़ विल ऑलवेज एक्सिस्ट। डिसिप्लिन इज व्हाट मेक्स द डिफरेंस। कांसेप्ट सर ने आपको दे दिया है। लेकिन अब आपका डिसिप्लिन है। आपकी बैक टेस्टिंग है। आपका कन्विक्शन है। कन्विक्शन आपकी बैक टेस्टिंग से ही आएगा। आप सर की स्ट्रेटजी को मल्टीपल टाइम पीरियड्स पे डिफरेंट डेटा पॉइंट्स पे चाहे निफ्टी हो, सेंसेक्स हो, बैंक निफ्टी हो या जिस भी इंडेक्स में आप ट्रेड करना चाहते हैं, आप उन सब पे ट्राई कीजिए, प्रैक्टिस कीजिए। आई एम वेरी वेरीरी श्योर कि आपको इस पूरी स्ट्रेटजी से और इस पूरे कांसेप्ट से बहुत कुछ सीखने को मिलने वाला है। दोस्तों, जैसा कि सर ने बताया कि यह एक कांसेप्ट है। लेकिन आपको इसको एग्जैक्टली स्ट्रेटजी में कैसे कन्वर्ट करना है? क्या आपका रिस्क मैनेजमेंट होना चाहिए? क्या पोजीशन साइजिंग होनी चाहिए? कितने लॉट्स से आप स्टार्टिंग में ट्रेड कर सकते हैं? कितने लॉट आपको अवॉइड करने चाहिए? क्या आपका ट्रेलिंग स्टॉप लॉस होना चाहिए? कौन-कौन से प्रोडक्ट्स के रिजल्ट्स कैसे रहते हैं? और पिन पॉइंट बहुत सारे एग्जांपल्स ये सारी चीजें अनिमेश सर ने अपने कोर्स में डिस्कस की है। इस कोर्स का लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। जाके चेक कर लीजिए। इंट्राडे ऑप्शन बाइंग आसान काम नहीं है। लेकिन सर ने कोशिश करी है इस कोर्स में आपके लिए आसान बनाने की। एक पॉइंट मैं ऐड करना चाहता हूं यहां पे ऑडियंस के लिए कि मैंने इसमें एक पाइन स्क्रिप्ट का इंडिकेटर भी फ्री ऑफ कॉस्ट उसमें दिया है। वो इंडिकेटर मैंने ऐसा नहीं है कि वो इनवाइट ओनली इंडिकेटर है कि मैं हूं उसका एक्सेस दूंगा। आप उसका मैंने कोड दे दिया है। आप उस कोड को जाके यूज कर सकते हैं। कोई भी इंडिकेटर मैजिकल इंडिकेटर नहीं होता है। आपको सबसे पहले कॉन्टेक्स्ट समझना होता है मार्केट का। फिर स्ट्रेटजी बनानी होती है। फिर उसको टेस्ट करनी होती है। फिर मार्केट में अप्लाई करनी होती है। तो डोंट गो इन दिस ट्रैप कि कोई मैजिकल इंडिकेटर है जो आप खरीद लेंगे और कल से अप्लाई करेंगे और वो प्रॉफिट बनाने लगेगा। ऐसा कुछ नहीं होगा। प्रॉफिट आप ही को बनाना पड़ेगा। प्रॉफिट आप ही की प्रॉफिट आपको बनाना पड़ेगा और जो मैंने इंडिकेटर का स्क्रिप्ट दिया है वो आप यूज कर सकते हैं बैक टेस्टिंग डेटा पे। यहां पे मैं किसी को ये नहीं बोलूंगा कि ये स्ट्रेटजी जाके कल आपको अप्लाई करनी है। आपको ये कांसेप्ट को अब मैं दोबारा ये पॉइंट इसलिए ऐड कर रहा हूं क्योंकि इट इज़ेंट। कहीं ऐसा ना लगे कि ये स्ट्रेटजी परफेक्ट है और जाकर के हम इसको अप्लाई कर देंगे। ये एक कांसेप्ट है। आपको जाकर के मार्केट में पुराने डेटा पे हमारे लॉजिक को अपने लॉजिक को जो आपने अभी तक सीखा है। अगर आप देखो मैं एक एक इंपॉर्टेंट पॉइंट लास्ट में एक मिनट जोड़ना चाहता हूं। अगर आप अभी तक सक्सेसफुल नहीं हो पाए हैं या अगर आप अभी स्ट्रगल कर रहे हैं या आपको लग रहा है कि मुझे कुछ आता भी है या नहीं आता है तो ट्रस्ट मी आपको बहुत कुछ आता है। डॉट्स कनेक्ट नहीं हो पा रहे हैं। बहुत सी ऐसी चीज होंगी जो आपको पक्का पता होंगी कि ये काम करती हैं। उनको आप इस स्ट्रेटजी के साथ कंबाइन कीजिए और अपना एक मॉडल डेवलप कीजिए और इस स्ट्रेटजी को ऐसे मेरे साथ बहुत सारे जैसे आपके बहुत सारे वीडियोस हैं, मेरे बहुत सारे वीडियोस हैं। उनको देख करके अपना मॉडल बनाइए और उसको मार्केट में जाके आप टेस्ट करके अप्लाई करिए। आपको देयर इज़ हाई चांस कि आपको रिजल्ट मिलेंगे। करेक्ट। द आईडिया इज़ नॉट टू शेयर द ट्रेडिंग स्ट्रेटजी विद यू। द आईडिया इज़ टू शेयर द एजुकेशन विद यू। तो जो भी आपकी ट्रेडिंग स्ट्रेटजीज़ हैं, जो भी आपके कांसेप्ट है, आप उसको एजुकेशन के पॉइंट ऑफ व्यू से लीजिए। और सर के जो एग्जांपल्स हैं जो वो रिस्क मैनेजमेंट के अराउंड, बिहेवियर के अराउंड डिस्कस करते हैं। दे आर द रियल गेम चेंजेस। और वो सारी चीजें कोर्स में सर ने डिस्कस करी हैं। तो प्लीज मेक श्योर नीचे जाके आप डिस्क्रिप्शन में कोर्स के लिंक को चेक कर लीजिए। क्या-क्या सर ने पढ़ाया है वो सब कुछ आपको मेन्यू में दिख जाएगा। उसके इंडेक्स में दिख जाएगा। प्लीज मेक श्योर कि अगर आप एक इंट्राडे ऑप्शन बयर बनना चाहते हैं, अगर यह आपका सपना रहा है, तो इस कोर्स को चेक आउट जरूर कर लीजिएगा। थैंक यू सो मच टू एवरीवन एंड प्लीज मेक श्योर इस पूरे कांसेप्ट के अराउंड अगर आपका कोई भी क्वेश्चन है या कोई भी डाउट है तो कमेंट्स में डाल दीजिए। सर विल मेक श्योर कि उन सारे क्वेश्चंस के आंसर जरूर किए जाए। थैंक यू सो मच। जाने से पहले वीडियो को लाइक कर दीजिए और चैनल सब्सक्राइब कर लीजिए। थैंक यू सो मच सर। थैंक यू। थैंक यू सो मच।