Only Swing Trading Strategy you need in 2026 | Ankur Patel — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Only Swing Trading Strategy you need in 2026 | Ankur Patel

Analysed 01 Aug 2026, 03:34 PM IST
★★★☆☆ 3.0 / 5

Why 3.0/5? (stars grade the EDGE — per-trade expectancy, consistency, drawdown — not the headline return)

  • A real but modest per-trade edge: +0.22R across 240 trades

Verdict

Auto-backtested. AI-decoded: Delayed Episodic Pivot (DEP) strategy: buy stocks post-earnings after neglected/sideways phase shows strong volume spike, wait for consolidation into tight candles, then buy on breakout of prior candl Ran on 159 large/mid-caps, real costs. 240 trades, win 47%, payoff 1.52, expectancy +0.22R/trade (avg +0.29%/trade).

This is a real edge. Reasonably consistent (88% of years positive).

Mechanically decoded from the transcript and scored from the metrics. Flagged for human review; a hand-vetted verdict can override it.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?

🔴 Live forward test (no hindsight — only trades the rules fired AFTER we published this verdict)

Tracking since 2026-07-06 — no qualifying signals have fired yet. The engine re-checks every night on fresh data; results appear here the day the rules trigger.

Is it profitable? (green above the line = made money, red below = lost it)

₹2,00,000 portfolio (max 5 positions, across the stock universe — real delivery costs)

Return+18.3%
CAGR+2.4%
Max drawdown-6.4%
Trades233 · 110 won
₹200,000 → ₹236,516  ·  2019-04-18 → 2026-06-08
20192020202120222023202420252026
+1%+5%+4%+2%+3%+1%+1%+1%

Simulated on the 159 large/mid-cap universe. Capital-constrained, daily mark-to-market.

Year by year (every trade the rules fired, across the tested stocks)

YearTradesWin %ExpectancyAvg return / trade
20191953% +0.45R +0.51%
20204448% +0.31R +0.66%
20214146% +0.25R +0.35%
20223546% -0.06R +0.11%
20233057% +0.53R +0.40%
20243139% +0.02R -0.01%
20252544% +0.14R +0.02%
20261540% +0.09R +0.08%

Where this strategy made & lost money (the full stock-by-stock breakdown — 117 stocks, incl. 2026)

#StockTradesWin%Avg/tradeBestTotal2026
1 ████████ 425% +0.0% +6% +0% +6%
2 ████████ 450% +1.2% +6% +5% +5%
3 ████████ 1100% +2.6% +3% +3% +3%
4 ████████ 1100% +3.0% +3% +3% +3%
5 ████████ 475% +0.9% +2% +3% +2%
6 ████████ 425% -0.7% +2% -3% +1%
7 ████████ 3100% +4.5% +5% +13% +0%
8 JINDALSTEL free peek 475% +1.9% +5% +8% +0%
9 ████████ 2100% +3.8% +4% +8% +0%
10 ████████ 2100% +3.9% +4% +8% +0%
11 ████████ 2100% +3.7% +4% +7% +0%
12 ████████ 2100% +3.0% +3% +6% +0%
13 ████████ 2100% +2.9% +3% +6% +0%
14 ████████ 1100% +6.2% +6% +6% +0%
15 ████████ 450% +1.2% +7% +5% +0%
16 ████████ 560% +1.0% +3% +5% +0%
17 ████████ 250% +2.3% +6% +5% +0%
18 ████████ 560% +1.0% +3% +5% +0%
19 ████████ 450% +1.1% +7% +5% +0%
20 ████████ 250% +2.7% +8% +5% +0%
21 ████████ 20% -3.0% +-3% -6% -3%
22 ████████ 520% -1.0% +3% -5% -2%
23 ████████ 10% -2.1% +-2% -2% -2%
24 ████████ 425% +0.0% +5% +0% -2%
25 ████████ 250% -0.1% +2% +0% -2%
26 ████████ 250% +0.4% +3% +1% -2%
27 ████████ 250% +2.0% +6% +4% -2%
28 ████████ 540% +0.3% +5% +1% -1%
29 ████████ 30% -2.9% +-3% -9% +0%
30 ████████ 10% -5.6% +-6% -6% +0%
You can see the numbers — see the names. Unlock every stock in this breakdown and download it as Excel. The worst stock in this table returned -9% under these exact rules — one wrong pick costs many times the unlock.

Educational backtest output only — not investment advice or a recommendation to buy/sell any security. AI-generated from stored historical data; not 100% accurate. Past performance is not indicative of future results.

Full transcript (9695 words)
तो सर अभी आपने कहा कि आप स्विंग ट्रेडिंग करते हो और आप फंडामेंटल्स को जीरोेंस देते हो। ऐसा क्यों सर? रिसेंटली अगर आपने देखा होगा कि सारे बैटिंग एप्स को बैन कर दिया गया। जैसे रेखा झुनझुनवाला ने पहले ही वो पूरा स्टेक खाली कर दिया उनका जो नजारा में था। तो अब रिजल्ट आया नहीं। उससे पहले उन्होंने काम कर काम कर दिया। वो ना हो उसके लिए भी हमारे पास पूरा प्लान है। वो पूरा सेटअप मैं आपको समझाऊंगा। रिएक्शन बना। अर्निंग के बाद ये स्टॉक ने 17% का मूव दिया। एंड यू कैन सी कि 8336 ओके 83 83 टाइम्स वॉल्यूम यहां पे। अब रिटेलर मिलके तो इतना बड़ा वॉल्यूम जनरेट नहीं कर सकते वो हम जानते हैं। तो हो सकता है कि उस केस में आपको 100% 150% की मूव मिल जाए। अगर आप समझो कि स्टॉक खुलता ही 18% है। आपके लिए जगह ही 2% की बची है तो सेम डे तो आपका बाय करना लॉजिक नहीं बनेगा। फ्रेमवर्क है पूरा। दूसरा कि स्माल कैप एंड मिड कैप का स्टॉक होना चाहिए। अगर मैं सारे आपको प्रैक्टिकल एग्जांपल दिखाऊंगा। तो सर ये तो आपने एकदम ही शांतिपूक वाली ट्रेडिंग हटा दी। तो सर अभी आपने कहा कि आप स्विंग ट्रेडिंग करते हो और आप फंडामेंटल्स को जीरोेंस देते हो। ऐसा क्यों सर? मतलब अ मैं ना फंडामेंटल्स मैं खुद को जानता नहीं हूं कि फंडामेंटल्स कैसे चेक करते हैं। पहला रीज़न तो एक ये है। एंड स्विंग ट्रेडिंग में मेरा मानना ये है कि आप जब फंडामेंटल मोस्टली चेक करते हो तो आप बड़े मूव्स के लिए चेक कर रहे हो। लाइक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट कर रहे हो या एक पोजीशनल बड़ी बैट ले रहे हो। तो मैं जब 30 50 70% के लिए के जो मूव होते हैं वो ट्रेड करने होते हैं मुझे तो उसके लिए जो खराब स्टॉक होते हैं जिनके फंडामेंटल अच्छे नहीं होते वो भी तो 30-50% के मूव देते हैं जब अच्छा मार्केट होता है तब खराब मार्केट में तो फंडा अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक भी नीचे आते हैं। हां सो वो एक रीज़न है कि मैं फंडामेंटल्स चेक नहीं करता। ओके बट तो सर आपका जो फ्रेमवर्क है एपिसोडिक पाइवट पे तो आज आप मुझे वो सिखाइए कि जिसको देख के आप ट्रेड करते हैं एंड आप काफी कंफर्मेशन देखते हैं कि मतलब आप भले ही रिजल्ट आए नहीं आए लेकिन उसके रिएक्शन को देख के आप ट्रेड करते हैं। तो वो बहुत ही इंटरेस्टिंग होगा आज हमारे सभी व्यूअर्स के लिए सीखने के लिए। तो आज उस पे बात करते हैं पक्का। सो एपिसोडिक पाइव जो ये वर्ड है ना ये वर्ड मैंने पहली बार सुना था यूएस के एक ट्रेडर है प्रदीप पांडे ओके स्टॉक बी के नाम से उनका प्रोफाइल है Twitter पे और उनके प्रोफाइल पे पहली बार मैंने सुना था क्रिस्टजन कोला मैगी और ये जो चीज जो वर्ड है ये जो सेटअप है वो प्रदीप बंदे ट्रेड करते हैं। तो यूएस मार्केट में अगर आपको पता हो कि वहां पे सर्किट फिल्टर नहीं रहते। तो वो क्या करते हैं कि किसी भी स्टॉक का अगर रिजल्ट के बाद अगर रिएक्शन अच्छा आया तो वो इंट्राडे में ट्रेड कर लेते हैं। इंट्राडे में मतलब क्योंकि वहां पे लिमिट नहीं रहती। वहां पे आप 15% स्टॉक बड़ा होगा तो भी वो 150% 200% भी ऊपर जा सकता है। हमारे यहां मैक्सिमम 20% अगर कैश का स्टॉक रहा तो 20% एंड एफ एंडओ का रहा तो फिर उसके लिमिट वो होल्ड हो के होने के बाद वो फिर से ट्रेड होता है। मतलब 25 30% पहुंच जाता है। हां पहुंच जाता है। सो पहले दिन पे हम तो इंडियन मार्केट में तो ट्रेड नहीं कर पाते। सो उसकी वजह से हमें ईपी से डिलेड ईपी के सेटअप के मुझे शिफ्ट होना पड़ा क्योंकि आप ईपी तो ट्रेड नहीं कर पाओगे इंडियन मार्केट क्योंकि आप इंट्राडे ट्रेडिंग स्विंग ट्रेडिंग करो तो वो अगर आप समझो कि स्टॉक खुलता ही 18% है अगर रिजल्ट के बाद तो आपके लिए जगह ही 2% की बची है तो सेम डे तो आपका बाय करना लॉजिक नहीं हां स्टॉप लॉस भी बहुत बड़ा हो जाएगा क्योंकि 18% के बाद आप स्टॉप लॉस कैसे और पहले दिन पे अगर आपको आपने देखा होगा कि अह वो मार्केट के मूव्स अगर स्टॉक ने रिजल्ट अच्छा दिया होगा तो बहुत वोलेटाइल रहेगा स्टॉक का वो पर्टिकुलर डे के जब स्टॉक के रिजल्ट आए हैं तो वो सारी चीजों में ना आना पड़े। एटलीस्ट मेरे रिस्क डिफाइन रहे क्योंकि अल्टीमेटली जब आप स्विंग ट्रेडिंग या किसी भी टाइप का ट्रेडिंग करोगे आपका रिस्क डिफाइन होना बहुत जरूरी है। तो वो रिस्क को डिफाइन करने के लिए जब ये मूव आ जाता है उसके बाद थोड़े दिन अगर स्टॉक वहां पे होल्ड करता है तो उसके बाद उसको बाय करना मैं ज्यादा प्रेफर करता हूं क्योंकि वहां पे आपका रिस्क भी डिफाइन हो जाएगा और आपके स्टॉप लॉसेस भी कम बन जाएंगे और आपको अभी भी वह मौका क्योंकि स्टॉक्स ने अगर वह मूव दिया है वह रिजल्ट के बाद वह रिएक्शन दिया तो अल्टीमेटली वह कोई बड़े बायर ने बाय किया है। तो अगर वह फिर से बाय करने आता है तो हमारा भी उसके साथ एक कहते हैं ना कि इंस्टीट्यूशन के साथ बाय करो। तो यह अल्टीमेटली वही स्ट्रेटजी है कि आपको इंस्टीट्यूशनल बाय के साथ ही आप एक स्टॉक बाय कर रहे हो। ओके अ सर आगे बढ़ने से पहले मेरा एक सवाल है कि अभी जब हम मार्केट्स में देखते हैं हम तो रिसेंटली अगर आपने देखा होगा कि सारे बेटिंग एप्स को बैन कर दिया गया था। तो उसमें nzar टेक्नोलॉजी अगर आपको पता हो तो वो कंपनी ये सब कंपनीज़ के फंडिंग में या इनवॉल्वड है अच्छे खासे जिन्हने इन्हें एप्स बनाए हैं। तो अभी हमने देखा कि अ जैसे रेखा झुनझुनवाला ने पहले ही वो पूरा स्टेक खाली कर दिया उनका जो नजारा में था नजारा में तो अब मैं ये कह रहा हूं कि इन लोगों के पास एक्स्ट्रा इनफेशन तो रहती है तो अब रिजल्ट आया नहीं उससे पहले उन्होंने काम कर दिया काम कर दिया और मैं यही मान रहा हूं कि रिजल्ट चलो बहुत अच्छा आया लेकिन वो पहले ही अपना काम करके बैठे रिजल्ट पे तो एक्साइटेड हो के हम लोग खरीद रहे हैं हम हमने खरीदा वो ऊपर गया और उन्होंने अपना माल निकाल दिया वो ना हो उसके लिए भी हमारे पास पूरा प्लान है वो पूरा सेटअप मैं आपको समझाऊंगा कि आपका जो आपका जो क्वेश्चन है बहुत वैलिड है कि रिजल्ट पे तो सब लोग बाय करेंगे तो हम भी क्यों बाय करें? हमको पर्टिकुलर एक एक फ्रेमवर्क मैं आपको दूंगा कि अगर वो सेटअप वहां पे बन रहा है तभी आपको ट्रेड करना है। आपको हर एक रिजल्ट जाके बाय नहीं करने क्योंकि वैलिड है कि अगर स्टॉक का रिजल्ट अच्छा आया होगा। अगेन मैं जाके रिजल्ट नहीं चेक करता। सबसे पहला वो डिस्क्लेमर के मैं रिजल्ट नहीं दिखता। मैं जाके इसके रिएक्शन देखूंगा। स्टॉक का रिएक्शन क्या होगा वो मैं चेक करूंगा। पूरा स्लाइड है मेरे पास। मैं आपको समझाऊंगा कि कैसे ये सेटअप डेवलप होता है और कैसे आपको बाय करना रहता है। ठीक है सर बिल्कुल। तो सबसे पहले तो हमारे मार्केट में ना चार क्वार्टर रहेंगे तो आपके लिए अपॉर्चुनिटी ज्यादा हो जाएगी क्योंकि आप आप समझो कि एक साल में प्रमोटर चेंज कितने हुए होंगे या रेगुलेटरी अगर गवर्नमेंट का कोई पॉलिसी आ गया कि गवर्नमेंट ने जैसे आपने बताया कि भ ये चेंज हो गया पॉलिसी गेमिंग एप का। अब कहां पे कोई पॉजिटिव हो रहा है न्यूज़ कि भ रेल्वेज के कोई कॉन्ट्रैक्ट मिल रहा है या कंटेनर बन रहे हैं कुछ भी या डिफेंड के स्टॉक में अभी रिसेंटली आपने लास्ट दो सालों में देखा होगा तो पॉजिटिव न्यूज़ आ रहा है तो वो सारी चीजें ना अगर सरप्राइजिंग लग रही है मार्केट उस पे सरप्राइजिंग रिएक्शन दे रहा है उसको फोकस करना है आपको एंड क्वार्टरली अर्निंग आपके हर बार आपको मौके ज्यादा मिलेंगे अल्टीमेटली क्या होगा कि आप न्यूज़ ट्रैक नहीं कर पाओगे न्यूज़ अगेन न्यूज़ में हो सकता है कि ऑलरेडी वहां पे पहले बाइंग हो चुकी हो अर्निंग आपको चार एक साल में चार बार मौका देगी जब क्वार्टरली अर्निंग आएगी तो हर बार जो भी स्टॉक ने अच्छा परफॉर्म दिया है या अच्छा रिएक्शन दिया है अर्निंग के बाद तो उसको जाके आप ट्रैक कर सकते हैं। तो दैट इज द मेन रीज़न कि आप पहले ब्लोआउ अर्निंग आप चेक करो कि प्रमोटर चेंज ये एपिसोडिक बाय बनता क्यों है? ये रिएक्शन क्यों आते हैं कि जहां पे एक प्रमोटर ने कोई चेंज लिए है कि भ अच्छा प्रमोटर एंटर हो रहा है कंपनी में और कंपनी या मार्केट उसको रिएक्ट कर रहा है कि भ ये कम प्रमोटर का पैक रिकॉर्ड अच्छा है तो उसकी वजह से कंपनी में कुछ अच्छा ग्रोथ हो सकता है और दूसरा मैंने बताया कि रेगुलेटरी शिफ्ट आ सकता है सर तो एक तो प्रमोटर चेंज बहुत ही रेयर इवेंट लगता है मेरे को यूजुअली इतना होता नहीं होता नहीं है अर्निंग्स ब्लो आउट फिर भी समझ में आ रहा है एंड पॉलिसी चेंज बहुत ज्यादा कॉमन है हम तो एक साल में मैक्सिमम आपको मौके अर्निंग्स ही देंगे क्योंकि हर क्वार्टर में ये अर्निंग आने वाली है। हम ठीक है? अब अर्निंग से जैसे मैंने आपको अभी पहले बताया कि अर्निंग में रिजल्ट क्या है, कैसा है वो मुझे कुछ लेना देना नहीं है। मैं जाके रिजल्ट चेक ही नहीं करूंगा। मैं यही चेक करूंगा कि कौन से स्टॉक का रिजल्ट आया। मेरे स्कैनर जो होंगे वहां पे रन करके मुझे पता चल जाएगा कि ये स्टॉक के रिजल्ट आए। तो उस स्टॉक के रिएक्शन कैसे है? एंड ऑफ द डे आज अर्निंग आया मान लो तो आज शाम को जब भी मैं स्कैन करूंगा तो वो स्टॉक के रिएक्शन कैसे थे उसके ऊपर? तो उस स्टॉक की मैं लिस्ट बना के चलूंगा। जैसे कि आप समझो कि 1 महीने तक अपना अर्निंग चलता रहता है। तो आप अगर बीएसई से वो डाटा निकाल के बैठोगे देखोगे कि भ ये स्टॉक का रिजल्ट आया है तो आपको जस्ट रन करना है कि भ इस स्टॉक ने अर्निंग के ऊपर अच्छा मूव दिया है। हम तो उसको ही बस ट्रैक करना है आपको। ठीक है? बाकी कुछ चेक करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अल्टीमेटली अगर उसका अर्निंग भी अच्छा है। मान लो कि स्टॉक का अर्निंग बहुत अच्छा है। लेकिन वहां पे रिएक्शन नहीं है तो क्या काम का है। मैं चाहता हूं कि वहां पे बाइंग हो। वहां पर स्ट्रांग बाइंग हो उस स्टॉक के अंदर ताकि मुझे पता चले कि यहां पर इंस्टीट्यूशनल एक्टिविटी हुई है। सो एक रीजन वही है कि हम रिएक्शन देखेंगे। हम रिजल्ट नहीं देखेंगे। रिजल्ट की क्वालिटी नहीं देखेंगे। अब आते हैं इसके क्राइटेरिया के जो एपिसोडिक पाइवोट या डिले डीपी का जो क्राइटेरिया क्या है? क्योंकि किसी भी सेटअप आप ऐसे जाके बाय नहीं कर लोगे। तो सबसे पहला ये होगा कि स्टॉक ना नेगलेक्टेड होना चाहिए। ठीक है? नेगलेक्टेड से मेरा मतलब यह है कि स्टॉक जब यह अर्निंग कैंडल बनती है ना उससे पहले स्टॉक आइदर डाउन ट्रेंड में होना चाहिए या साइडवेज फज़ में होना चाहिए। ठीक है? मतलब हम कोई भी ट्रेंडिंग स्टॉक नहीं पकड़ेंगे। नहीं पकड़ेंगे। तो इससे क्या होगा? आपने जो बताया ना कि अगर स्टॉक का अर्निंग अच्छा है ना तो सबको पता होगा। तो सरप्राइज़ एलिमेंट। सरप्राइज़ इज अ कीवर्ड हियर कि आपके लिए भी सरप्राइज़ होगा। स्ट्रीट के लिए भी सरप्राइज़ होगा। मान लो कि किसी को पता ही नहीं था कि अच्छा ये स्टॉक ने इतना अच्छा रिजल्ट दे दिया। बाकी जो पंडित इसका जो रिजल्ट का मान लो कि अस्यूम करके बैठा है कि इसका रिजल्ट इतना आएगा लेकिन उससे भी स्टॉक ने अगर अच्छा आउटप कर दिया रिजल्ट दे दिया तो वो रिएक्शन आपको पता चल जाएगा क्योंकि सबको पता है कि रिजल्ट पहले रिजल्ट से पहले बाइंग हो जा रही है लेकिन कोई स्किप कर गया होगा स्टॉक को भाई इस स्टॉक का तो ऐसा रिजल्ट आएगा हमने सोचा नहीं था। सो नेगलेक्टेड एक पहला एक क्राइटेरिया है। ये फ्रेमवर्क है पूरा कि जहां पे एक पहला नेगलेक्टेड होना चाहिए। नेग्लेक्टेड से मेरा मतलब यही है कि स्टॉक साइडवेज हो या डाउन ट्रेंड हो। अगर स्टॉक रिजल्ट से पहले 25-50% चला हुआ है तो आपको वो स्टॉक रिएक्शन आपके काम का नहीं क्योंकि वो हो सकता है कि सेल और न्यूज़ हो जाए कि स्टॉक का अर्निंग अच्छा आ गया और वहां पे बेच देना है तो ये पहला सबसे क्राइटेरिया होगा। दूसरा कि स्माल कैप एंड मिड कैप स्टॉक होना चाहिए। अगर आप TCS, Reliance, ITC वहां पे जाके ऐसे सोचोगे कि भ यहां पे एक एपिसोडिक पाइवेट बन जाए कि यहां पे अर्निंग का तो क्योंकि वो ऑलरेडी बहुत बड़ी कंपनी है। आप ना ऐसी कंपनीज़ पकड़ रहे हो जहां पे टर्न अराउंड बन सकता है। स्टॉक एक ये क्या होता है कि पहले क्वार्टर का आपको रिजल्ट पकड़ना है कि पहली बार स्टॉक ने डाउन ट्रेंड या साइडवेज ट्रेंड के बाद अच्छा रिजल्ट पोस्ट किया। तो उसके हो सकता है कि आने वाले दो से तीन क्वार्टर भी उसके अच्छे बन सकते हैं क्योंकि स्टॉक में कुछ तो हुआ है इंस्टीट्यूशनल बाइंग अगर इतनी बड़ी हुई है तो वो 15 20% के मुंह के लिए तो बाय नहीं करेंगे तो स्टॉक के अंदर पोटेंशियल होता है कि वो बहुत बड़ा मूव दे इस केस में आपको एक क्वार्टर से दो क्वार्टर और होल्ड भी करना पड़ सकता है अगर स्टॉक स्ट्रांग होल्ड कर रहा है तो तो सेकंड रीज़न कि आप मिड कैप स्टॉक बाय करोगे या स्माल कैप स्टॉक बाय करोगे क्योंकि अगर बहुत बड़ी कंपनी आपने बाय की इस रिएक्शन के ऊपर तो वहां पे ऑलरेडी बहुत सारी चीजें हो चुकी है तो वो इतना बड़ा मार्केट कैप होगा तो वो उतना रिएक्शन देगा नहीं तीसरा यह है कि आप जैसे मैंने कि म्यूच्यूल फंड एंड जो इंस्टीट्यूशनल है उसकी अंडर ओनरशिप वहां पे दिखनी चाहिए। तो अगर ऐसा कोई स्टॉक है कि ऑलरेडी वहां पे बाइंग दिख रही है कि भ ये म्यूचल फंड ने ये स्टॉक पहले से बाय करके रखा और बहुत सारे म्यूच्यूल फंड तो आपको पता होगा कि भ वो वो न्यूज़ ऑलरेडी फैक्टर इन थी स्टॉक का जो अर्निंग आया था वो ऑलरेडी फैक्टर इन था। तो वो एक चीज होनी चाहिए कि वो स्टॉक्स अंडर ओनरशिप होना चाहिए। तभी तो वो बाय करने आएंगे। अल्टीमेटली जो आपका आईडिया है कि सरप्राइज़ एलिमेंट की वजह से लोग बाय करने आएंगे। बड़े हाउस बाय करने आएंगे तो वो पहले से उनका अंडर ओनरशिप होगा तभी तो बाय करेंगे। अगर ऑलरेडी उनके पास होगा तो वो बाय करने क्योंकि वो तो फिर रिटेलर ही बाय कर रहा होगा और चौथा होना चाहिए कि स्टॉक एक तो बी गैप अप या स्ट्रांग वॉल्यूम होना चाहिए। बी गैप अप या उसका रिएक्शन एंड ऑफ द डे जब अर्निंग आया तो उस दिन का जो कैंडल होगा ना वो स्ट्रांग होना चाहिए। स्टॉक ने वॉल्यूम अच्छा खासा एवरेज वॉल्यूम से बड़ा वॉल्यूम होना चाहिए मिनिमम थ्री टाइम्स। तो तभी तो आपको पता चलेगा कि स्टॉक में कुछ बड़ा हो रहा है। कोई रेग बिल्कुल चेंज हो रहा है। एक कह सकते हैं कि चेंज ऑफ करैक्टर हो रहा है स्टॉक के अंदर कि सडनली बहुत बड़ा वॉल्यूम बिल्ड हो चुका और प्राइस में भी वही एक्शन दिख रहा है। तो ये चार मेन क्राइटेरिया रहेंगे। ये चार फ्रेमवर्क रहेंगे आपका कि नेगलेक्टेड स्टॉक स्माल कैप मिड कैप होना चाहिए एंड एक स्ट्रांग अर्निंग रिएक्शन होना चाहिए। तो डिलेड ईपी जैसे मैंने बताया कि अब आप पहले दिन पे पहुंच चुके हैं। मैं सारे आपको प्रैक्टिकल एग्जांपल दिखाऊंगा। तो अब पहले आप समझिए कि यह डिलेड ईपी क्यों बेटर काम करेगा? क्योंकि पहले दिन जैसे हमने डिस्कस किया पहले दिन तो आप जाके उसको बाय नहीं कर पाओगे क्योंकि वो रिस्क रिवर्ड ही मैच नहीं होगा। हमारे मार्केट में आपका रिस्क रिवर्ड ही मैच नहीं होगा। तो जब आप डिलेड ईपी बाय करोगे अभी तो आपने देखा ना कि भ अर्निंग दिन तक हमने डिस्कस किया दैट इज ईपी हम ये एपिसोड पाइवर्ड बन चुका है स्टॉक का कि भ यहां पे कोई एपिसोड हो रहा है कि स्टॉक ने कररेक्टर अपना पूरा चेंज कर लिया स्ट्रांग बाइंग आ चुकी है। अब वहां पे बाय नहीं करना। उसके बाद स्टॉक जब थोड़े साइडवेज कैंडल बनाए छोटे कैंडल बनाना क्योंकि रिजल्ट इन दिन के ऊपर स्टॉक ने बड़ा कैंडल बनाया होगा। हम तब उसके बाद जब भी स्टॉक छोटे-छोटे कैंडल बनाना स्टार्ट करे उसके ऊपर आप बाय करोगे। तो मतलब आपने यह डिलेड एपिसोडिक पवट इंडियन मार्केट इंडियन मार्केट के लिए हिसाब से डिजाइन किया है। क्योंकि इंडियन जैसे अब आप समझिए कि अब रिटेलर के भी लिए भी 20% का सर्किट है और इंस्टीट्यूशन के लिए भी 20% 20% का सर्किट है। तो जब इंस्टीट्यूशन इसको एक्यूमुलेट कर रहे होगे तब रिटेलर भी यहां पे बाय कर सकता है। क्योंकि आप बाकी जो नॉइस है उसको स्किप करोगे और आपको स्ट्रक्चर एक क्लीन मिलेगा। जब एपिसोडिक पाइव ट्रेड करोगे तो पहले दिन पे नॉइज़ ज्यादा होगा लेकिन डिले डीपी ट्रेड करोगे तो वहां पे रिलेटिवली वॉल्यूम भी कम हो चुका होगा और वोलेटिलिटी भी कम हो चुकी होगी तो इसीलिए आपका आपको क्लियर स्ट्रक्चर मिलेगा स्टॉक का पहले दिन पे आपको कोई स्ट्रक्चर नहीं मिलेगा अनलेस कि आप इंट्राडे टाइम फ्रेम पे लेके जाओ लेकिन जो अगर कोई ऑफिस के साथ ये ट्रेड कर रहा हो और इंट्राडे ट्रेडर नहीं है तो उसके लिए ये बस की बात नहीं है और वहां पे सबसे पहला जो आपने बताया कि 15% के मूव के बाद आपके स्टॉप लॉसेस मैच नहीं करेंगे वहां पे तो इसीलिए डिले डीपी जो रिएक्शन पहले दिन के बाद अगर चारप पांच मिनिमम दो से चार वीक में यह मिल जाता है आपको रिएक्शन। आइडियली 5 से 10 दिन में आपको यह सेटअप मिल जाता है। अर्निंग आया उसके बाद अगर 5 से 10 दिन अगर आप वेट करोगे तो ये छोटे कैंडल बिल्ड होने होना स्टार्ट हो जाएंगे और वहीं पे आपको अपना ये अटेम्प्ट करना रहेगा। ओके? और एक चीज़ कि क्या ईपी नहीं है। अब हमने ये देख लिया कि डिलेड ईपी क्या है? लेकिन डिले डीपी क्या नहीं है? वो भी आपको जानना पड़ेगा कि ऐसा ना हो कि हमने सेटअप समझ लिया और उसी सेटअप को अच्छा यह स्ट्रांग रिएक्शन आ गया उसको ट्रेड कर लेना है। तो स्टॉक ऑलरेडी अगर न्यूज़ के चलते या अर्निंग के चलते एक स्ट्रांग ट्रेंडिंग स्टॉक हो तो उसको नहीं करना। अगर स्टॉक में वॉल्यूम नहीं है क्योंकि अल्टीमेटली हमें चाहिए इंस्टीट्यूशनल एक्टिविटी। अगर वहां पे स्टॉक में वॉल्यूम नहीं है तो वो आपके काम का चीज है नहीं क्योंकि वहां पे कोई है नहीं। और अगर ऑलरेडी कोई इंस्टीट्यूशनल को हाईली ओन कर रहा है वहां पे नाम है तो वो करना नहीं। एंड अगर कुछ केस में ऐसा बनता है कि स्टॉक्स ने मूव तो दिया 15% का अर्निंग के रिएक्शन पे गैप अप भी हुआ लेकिन एंड ऑफ द डे अगर स्टॉक वो 15% की कैंडल अगर 2% पे या 3% पे कैंडल क्लोज हो रही है तो वहां पे भी लोग वो इंस्टीट्यूशन को होल्ड करने नहीं बैठा क्योंकि रिएक्शन अच्छा इतना स्ट्रांग रिएक्शन नहीं है। सो वो भी आपको चेक करना पड़ेगा। अब कुछ प्रैक्टिकल एग्जांपल देख ले इसके। बिल्कुल सर। तो अगर एक एग्जांपल देखिए तो शारदा एनर्जी का ये चार्ट है। ओके सर अभी तक तो हम सिर्फ एपिसोडिक पाइवेट पे हमने कंडीशंस डिस्कस करी थी कि एक्यूमुलेशन होना चाहिए, नेगलेक्टेड स्टॉक होना चाहिए और अभी आपके चार्ट में मुझे तीन चार चीजें दिख रही है। ठीक है? तो एक-एक करके आप ब्रेकडाउन करके हमें बताइए कि कौन सी चीज क्या है और वो क्या कंडीशन हमें बताती है। परफेक्ट परफेक्ट। तो सबसे पहले अगर सबसे सिंपल चीज़ से स्टार्ट करें तो ये जो मूविंग एवरेजेस तो आप देख रहे हैं एक्सप्पोनेंशियल मूविंग एवरेज है। ओके। है। ठीक है? तो वो तीन मूविंग एवरेजेस है। एक जो आपने ये ऑरेंज दिख रहे हैं दैट इज़ 10 डे। ओके। डेली चार्ट है एंड डेली के चार्ट पे एक्सप्पोनेंशियल मूविंग एवरेजेस है। सेकंड जो ब्लू लाइन है दैट इज़ 20 डे। हम एंड जो पर्पल लाइन है दैट इज़ 50 डे। ओके? 10 20 50 20 50 मोस्टली जब भी स्टॉक आपके एपिसोडिक पाइवट के लिए जो डिले डीपी के लिए सेटअप होंगे वो 50 डे के आसपास से ही बन रहे होंगे। क्योंकि आपको एक स्टॉक नेगलेक्टेड जैसे मैंने अगर स्टॉक दो-ती महीने से कुछ नहीं करेगा तो 20-50 के आसपास होगा। हम सो वो बेसिक चीज है। ठीक है? जैसे कि आप राइट टॉप पे देख रहे हैं। ये मैंने एक बनाया है। एंड इस ये सारे इंडिकेटर की जो भी लिंक होगी मैं आपके साथ शेयर कर दूंगा। व्यूअर को भी मिल जाएगा ये। ओके? तो यहां पे आप देख रहे हैं कि आर वॉल पहले जो राइट टॉप कॉर्नर पे देख रहे हैं। तो वो वॉल्यूम के लिए है। वॉल्यूम जो नीचे है लेकिन उसका काउंट मुझे चाहिए था कि एवरेज वॉल्यूम से कितना इंक्रीस हो के वॉल्यूम आया है। एंड ये कितने पीरियड का एवरेज कंसीडर? ये 50 डे के एवरेज वॉल्यूम से है। 50 डे सिंपल से एवरेज अगर आप ये देख रहे हो तो अभी आज जो रिजल्ट के बाद ये रिजल्ट है पता नहीं ये आज क्यों नहीं आ रहा कुछ ग्लिच होगा। पता नहीं ये अर्निंग ये अर्निंग की वजह से ये रिएक्शन आया एनर्जी में। अब ये रिलेटिव वॉल्यूम है वो कंपेयर टू जब समझो कि अगर डेली के एवरेज वॉल्यूम से मैच होगा ना तो वो 100% आएगा। सो अगर स्टॉक 1 लाख ट्रेड हो रहा है, 1 लाख स्टॉक्स ट्रेड हो रहा है तो वो 100% यहां पे आएगा। ही आएगा। हां। अब आप समझो कि यहां पे कितना नंबर आया? 3 गुना ऊपर है। 3 गुना ऊपर है। 36 गुना ऊपर होगा। सॉरी 36 गुना ऊपर। 36 गुना ऊपर है। करेक्ट करेक्ट। मींस कि कोई बहुत बड़ी बड़ी बाइंग हुई है यहां पे। दैट टू अर्निंग के बाद। आप अगर एक दिन पहले जाके देखोगे यहां पे तो ये वॉल्यूम बिल्कुल एवरेज से कम होगा या एवरेज के आसपास होगा। लुक एट दिस। तो ये एवरेज से आधा है दो-ती दिन पहले। अब ऐसे स्टॉक में सडनली ऐसा क्या हो गया इस अर्निंग में कि स्टॉक ने ऐसा मूव दे दिया। कि जहां पर आप देख रहे हैं बाकी दिनों में अब स्टॉक में सडनली वॉल्यूम देखिए इसके नीचे जो है वॉल्यूम की वैल्यू है। ओके मतलब स्टॉक का प्राइस इन 50 डे का जो ट्रेड हुआ उसका दोनों का सब्सट्रैप्शन होगा। ये ओके मल्टीप्लिकेशन होगा कि वहां पे उसको इंटू कर दें कि अपन कि स्टॉक का जो प्राइस है और 50 डे का जो एवरेज जो ट्रेडिंग वॉल्यूम हुआ होगा तो वो मुझे क्या चाहिए कि अगर स्टॉक वॉल्यूम उस पे वॉल्यूम ठीक-ठाक होना चाहिए। हम क्योंकि अगर 2 5 करोड़ का अगर वॉल्यूम बन रहा होगा तो वो बहुत इनलिक्विड स्टॉक हो गया। वो मैं ट्रेड नहीं करता क्योंकि आपको एंट्री एग्जिट के लिए भी तो स्टॉक अच्छा खासा वॉल्यूम होना चाहिए। तो मतलब अगर समझ लेते हैं ₹100 का शेयर है और 1 लाख क्वांटिटी का एवरेज वॉल्यूम है तो मतलब वो 1 करोड़ का हां ट्रेड तो वहां पे 1 करोड़ आ रहा है। यहां पे 1 करोड़ लिख के आएगा। आपको वो चाहिए 5 10 करोड़ के ऊपर। 5 10 करोड़ के ऊपर चाहिए। ठीक है? तो वो ये अगेन यहां पे कोई बाय सेल वाली चीज़ नहीं है। अपने पास अपना टाइम बच जाएगा। मुझे वो मैनुअली जाके चेक नहीं करना पड़ेगा। ठीक है? तो वो एक चीज़ है। दूसरा एक चीज़ है जो अभी नहीं दिख रहा। 1 मिनट में उसको ऐड कर दूं। दैट इज़ सर्किट फ़्टर। अब आप देखोगे यहां पे राइट में 20% दिख रहा है आपको। हम तो हमारे मार्केट में क्या है कि हमें सर्किट फ़िल्टर रहता है। ठीक है? तो अगर मैं कोई स्टॉक अर्निंग पे रिएक्शन दे रहा है और वहां पे 5% का ही स्टॉक होगा तो वो 5% मुझे पता चल जाएगा। स्टॉक अगर अगर पुराने कहीं पे चार्ट पे अगर आप देखोगे यहां पे के स्टॉक का अगर सर्किट फिल्टर चेंज भी हुआ होगा ना तो वो भी आपको पता चल जाएगा कि अह स्टॉक पहले 5% में था या 10% में गया। अगर जब भी स्टॉक ने ये बैक में चेंज किया होगा। अभी ये स्टॉक 20% की सर्किट में है तो वो मैक्सिमम हमारे मार्केट की जो लिमिट है 20% की उसको मैच कर रहा है। तो मुझे पता चल जाएगा कि अगर यहां पे स्टॉक अगर आगे जाके अगर 5% में गया तो मुझे एटलीस्ट ये ना मुझे बहुत बार ऐसा होता था कि सेटअप बहुत अच्छा मिलता था लेकिन फिर जाके मैं Zerodha में डालता तो पता चलता कि स्टॉक तो 5% में है। ओके तो वो स्टॉक मैं ट्रेड नहीं क्योंकि वो टू टी कैटेगरी में होगा। ट्रेड टू ट्रेड एएसएम जीएसएम जो हमारे मार्केट में रहते हैं तो उनको मैं ट्रेड नहीं करता। सर तो ये ये कैसे आता है ये? ये मैं आपको इंडिकेटर दे दूंगा और आप अपने चार्ट को अपने जो ट्रेडिंग व्यू में है ऐड टू फेवरेट करोगे तो अपने चार्ट पे आ जाएगा। ठीक है? ठीक है? और नीचे जो है वो बिल्कुल वॉल्यूम प्लेन वॉल्यूम का है कि जहां पे आप देख रहे हो एचवीक, एचवीवाई, एचवी दिखेगा। इसका मतलब ये है कि स्टॉक ने हाईएस्ट वॉल्यूम इन द क्वार्टर जनरेट किया है। हाईएस्ट वॉल्यूम इन द ईयर किया है यहां पे। एंड यहां पे आप देख रहे हो कि फिर से बैक टू बैक हाईएस्ट वॉल्यूम इन द क्वार्टर एंड हाईएस्ट वॉल्यूम इन द ईयर। हम तो हर एक फ्रंट पे आप चेक कर रहे हो कि स्टॉक का प्राइस ऊपर प्राइस एक्शन भी चेक कर रहे हो क्योंकि वॉल्यूम इज अ बिग गेम है। इसके अंदर वॉल्यूम ही सबसे बड़ा गेम है। प्राइस तो है ही ऊपर जाएगा लेकिन वॉल्यूम भी तो चाहिए होगा आपके। तो आपको हर एक फ्रंट पे यहां पे भी वॉल्यूम कंफर्मेशन आप ले रहे हैं। यहां पे भी एंड सर्किट चेक करें कि भ सर्किट वाला ना हो कोई चीज यहां पे भी। तो टेक्निकली आप यहां पे इसको देखोगे कि पहले दिन पे ये रिएक्शन है। ठीक है? अब आप वेट करोगे स्टॉक का कि भ डिलेड ईपी ये आपका ईपी बन चुका। यहां तक यह ईपी है। अब डिलेडी ईपी किसके कहोगे कि स्टॉक जब भी थोड़ा पॉज लेने लगेगा ना बिल्कुल साइडवेज लुक एट दिस। तो अब आप एक समझिए कि स्टॉक जो थोड़े दिन पहले जिसका आर आपने देखा कि 36 टाइम था वो 163 हो चुका नीचे आ गया वॉल्यूम धीरे-धीरे। तो ये वो ड्राई अप फज़ है कि जहां पे इंस्टीट्यूशन एक्यूमुलेट करना स्टार्ट कर दिया धीरे-धीरे या अगर वीक हैंडर हो गए जो जिसने बाय किया होगा वो निकलना स्टार्ट करेंगे। तो यहां पे एक्यूमुलेशन स्टार्ट होने लगा कि लुक एट दिस। तो ये 55 पे पहुंच गया। अब जो 36 टाइम था वो आधा पहुंच चुका है वॉल्यूम। करेक्ट। सो ये आपको हर एक फ्रंट पे आपको एक तो ये लो रिस्क मौका भी देगा क्योंकि यहां पे पहले दिन पे मौका नहीं मिल रहा था लेकिन अब आपको लो रिस्क मौका भी मिल रहा है। आप इसके ऊपर आप इसका बाय इनिशिएट कर सकते हैं। ओके तो ये जो ग्रीन कैंडल है उसके ऊपर का हम बाय इनिशिएट कर देंगे। हां यहां पे जो भी छोटा सा अगर पेवर्ड फॉर्म होता है लुक एट दिस तो यहां पे कुछ भी फॉर्म होता है ऐसा तो आप इसका हाई अपना मार्क करके बैठो और जब भी ये क्रॉस इसका हाई क्रॉस करे आप इसके ऊपर बाय कर लो। ओके और मतलब वीक के ऊपर का प्राइस बाय कर लेंगे। अब आपकी प्रैक्टिस के ऊपर है कि अगर आपने प्रैक्टिस कर ले इसमें थोड़ा तो आप कैंडल के हाई प्रीवियस कैंडल के हाई के ऊपर भी बाय कर सकते हो। आपको थोड़ा इसके अंदर प्रैक्टिस करना है। आपको मल्टीपल सेटअप इसके जाके स्टडी करोगे तो आपके लिए इजी हो जाएगा। ठीक है? ठीक है? अब इसमें एक और सेटअप भी डिस्कस करें। तो ईकेसी जो भी रिसेंट अभी बना है। तो यहां पर भी आप देख सकते हैं पहले कंडीशन अगर हम कंडीशन वाइज जाकर चेक करें कि पहली कंडीशन हमारी यही है कि स्टॉक बिल्कुल साइडवेज होना चाहिए। ठीक है? तो आप देख रहे हैं कि स्टॉक पहले नीचे आ रहा है एंड फिर ये साइडवेज एक्शन स्टॉक का स्टार्ट हुआ है। ठीक है? अब यहां से अर्निंग पे ये रिएक्शन बना। अर्निंग के बाद ये स्टॉक ने 17% का मूव दिया एंड यू कैन सी कि 8336 ओके? 83 83 टाइम्स वॉल्यूम यहां पे। हाईएस्ट वॉल्यूम इन द ईयर। ओके। तो यहां पे बड़ी इंस्टीट्यूशनल बाइंग का क्लियर। अब अब रिटेलर मिलके तो इतना बड़ा वॉल्यूम जनरेट नहीं कर सकते वो हम जानते हैं। तो अब यहां पे हमें वेट करना है कि भ कोई साइडवेज एक्शन बिल्ड हो। जब भी ये साइडवेज एक्शन बिल्ड होने लगे जब इसका हाई जब भी क्रॉस करे दैट्स योर बाय पॉइंट। अब इसके ऊपर आप बाय कर सकते हैं। ओके। तो इसके ऊपर हम बाय कर लेंगे। एंड सर इसे ट्रेल हमें कब तक करते रहना है? इसका सबसे पहले स्टॉप लॉस आपका 4 5% रहेगा। मतलब क्योंकि आप बड़ा रूम बहुत टाइट स्टॉप क्योंकि ये ऑलरेडी ये टाइट कैंडल है। अगर आप देखोगे 148 तो ये 5 6% का ही कैंडल ऊपर से नीचे रेंज होगा। एंड सर ये इसमें अपने आप एक बेस सबने ही बनाया है। हम लाइक मतलब अगर हम देखेंगे वो जो प्राइस है कि वो नीचे आता है और उस लिमिट तक में ही आता है। नहीं आता। हां एक तो उसी उधर ही स्टॉप लॉस हम रख लें हमारा। उसका नीचे आप अपना स्टॉप लॉस रख सकते हैं। अगर स्विंग लो अगर आइडियली 5% से ज्यादा आपका स्टॉप लॉस नहीं होना चाहिए जिसके जिसके अंदर ठीक है? और आप ट्रेल तब तक करोगे यहां पे 20 ऐसे ट्रेल करना बेस्ट रहेगा। अगर आप प्रॉफिटेबल ट्रेड क्योंकि आप अगर वो आपका स्टॉप लॉस हो गया तो आपको 20 से ट्रेड कुछ लोग यही समझते हैं कि भ इसको 20 से बाय करने के बाद भी नहीं बाय करो तो उसके उस पॉइंट के आपका स्टॉप लॉस फिक्स होना चाहिए उधर से पांच हां उधर से 5% लेकिन अगर आपने एंट्री कर ली तो उसको फिर 20 से ट्रेल करो ओके सो जब तक ये स्टॉक 20 के नीचे क्लोज नहीं होता क्योंकि अब ये क्वार्टर इसका पहला अच्छा हो सकता है कि आने वाले दो क्वार्टर भी इसका और अच्छा परफॉर्मेंस दिखाए तो एक क्वार्टर से दूसरे क्वार्टर तक स्टॉक ने बहुत अच्छा परफॉर्म कर दिया होता है। बिल्कुल। तो एक और एग्जांपल अगर हम ले रिसेंट से ही इग्जिगो। ठीक है? अब exगo में भी अगर आप देखो सबसे पहला ये के आईपीओ के बाद स्टॉक ने पहली बार अर्निंग पे ऐसा कोई रिएक्शन दिया है। हम एंड आप चेक कर लीजिए आरवॉल अपने आप 5 टू7 52 टाइम्स वॉल्यूम। बिल्कुल। ठीक है? हाईएस्ट वॉल्यूम इन द ईयर। हाईएस्ट वॉल्यूम इन द ईयर होना ये जरूरी। ये तो ये ये इंडिकेटर देता है। अदरवाइज आपको यही देखना है कि आरओल कितना स्ट्रांग आ रहा है। थ्री टाइम्स से मिनिमम जितना ज्यादा हो उतना बेटर है। जितना ज्यादा उतना बेटर है। स्टॉक पहले क्या स्टॉक ने कोई परफॉर्म करके दिया है? बिल्कुल नहीं। स्टॉक आईपीओ आया तब से कुछ भी किया नहीं स्टॉक ने। बिल्कुल साइडवेज था। यहां पे जब भी ये साइडवेज एक्शन स्टार्ट हुआ है। अब छोटी कैंडल आप देखिए सिमिलरिटी देखिए। हर एक डिलेड ईपी का सिमिलरिटी देखिए कि धीरे-धीरे करके जब भी आप इसका हाई क्रॉस करें। अब आपके पास वो एरिया भी आ गया है कि जब भी यह इसका हाई क्रॉस करे या नीचे वाले दो कैंडल अब अब वो अब प्रैक्टिस से आएगा। अब अब तीन कैंडल टाइट हो चुकी है यहां पे तो यहां पे शिप कर दीजिए और इसका हाई के ऊपर आप बाय करिए। बट सर इसकी कुछ लिमिट है कि ये कैंडल का साइज इतने परसेंट अमूमन ये 2 2.5% के आसपास रहता है ये कैंडल। टाइट कैंडल आप समझिए कि ये परसेंटेज चेंज जो रहेगा ना ये यहां पे ये आप देख रहे हैं आप इस एरिया पे जो आप देख रहे हैं 5.43 दिख रहे हैं तो आप देखिए यहां पे 281 0.08 तो आप ये समझिए कि जो कैंडल का पर रेंज पहले तो कुछ दिन पहले 19% था वो बिल्कुल नीचे आके 0.08% का हो चुका। वॉल्यूम पे भी देखिए नीचे कि पहले वॉल्यूम में बहुत बड़ा वॉल्यूम आया बिल्कुल ड्राई वॉल्यूम हो चुका। मतलब यहां पे मानो कि एक्टिविटी टोटली कंप्लीट ड्राई हो चुकी है। तो वो वही चीज है कि इसके बाद उस स्टॉक को उठाएंगे। ओके? बट सर इसमें अधिकतर बार वॉल्यूम में अधिकतर बार क्या सर ये जो हम वॉल्यूम देखते हैं इसमें दो कॉम्पोनेंट हो जाते हैं। एक तो डिलीवरी हो जाता है, एक इंट्राडे हो जाता है। हम तो कई बार ऐसा भी होता है कि इंट्राडे का वॉल्यूम बहुत अच्छा स्पाइक होता है। कोई डिलीवरी नहीं लेता है। एंड ऐसा स्पाइक्स बन जाते हैं कुछ-कुछ चार्ट में। हम तो वैसे टाइप के चार्ट्स हम कैसे अवॉयड करें? क्योंकि उसके बाद उधर भी थोड़ा एक ड्राई अप होता है वॉल्यूम और शायद मैं एंटर कर जाऊंगा ऐसे कोई स्टॉक में भी क्योंकि ये आपकी बात सही है कि कई बार डिली लेकिन मैं ना डिलीवरी कितनी परसेंटेज डिलीवरी गई या इंट्राडे वो ज्यादा चेक नहीं करता ओके क्योंकि हर एक केस में मैं रिजल्ट नहीं चेक करूंगा तो भी मेरा स्टॉप लॉस 5% का रहेगा। डिलीवरी वॉल्यूम चेक करूंगा तो भी मैं अपने रिस्क मुझे पता है कि किसी जब भी हम ट्रेड कर रहे हैं आप सेटअप जाके अटेम्प्ट करोगे क्योंकि जब स्टॉक ने अल्टीमेटली मूव करना होगा अगर क्योंकि ये जो स्ट्रांग कैंडल है दैट इज मैं इसके ऊपर बैट कर रहा हूं कि अर्निंग के बाद अगर स्टॉक ने इतना बड़ा रिएक्शन दिया मतलब कोई तो बड़ा प्लेयर इसके अंदर एंटर हुआ है हम अब हो सकता है कि कुछ बार जैसे के स्टॉक फंडामेंटली अच्छा ना हुआ लेकिन फिर भी उसने मूव दे दिया डिलीवरी परसेंटेज उतना बड़ा ना आया तब भी उसने मूव दे दिया और इस केस में ये भी हो सकता है कि मैंने फ मैंने मैंने अगर फर फंडामेंटल चेक नहीं किए तो मेरे स्टॉप लॉसेस भी हो सकते हैं। तो हर एक केस में हमारा जो प्रोबेबिलिटी है वो 10 में से चार ट्रेड चार से पांच ट्रेड की ही रहने वाली है। तो मैं ज्यादा डिटेल में इसीलिए नहीं जाता कि भ मेरा ये सेटअप है कि ये अर्निंग का मुझे मूव मिल रहा है। अर्निंग से पहले वो नेगलेक्टेड है और फिर वो लो रिस्क के मुझे मौका दे रहा है। मैं उसको जाके ट्रेड कर लूंगा। ओके। तो सर मतलब ये तो एकदम ही रिलैक्स्ड बिल्कुल सिंपल। कोई भी ये समझो कि कोई ऑफिस पे जा रहा है तो वो वीकेंड में बैठेगा। उसको डेली ये करने की भी जरूरत नहीं है। वीकेंड में सैटरडे संडे आराम से बैठेगा। पूरे वीक का जो भी रिजल्ट आए उसको चेक करना है। वो उसमें से अगर बहुत अच्छे रिजल्ट आए तो 15 स्टॉक उसको बहुत अच्छे रिजल्ट आए तो अदरवाइज ये चार पांच ही आपको नंबर मिलेंगे। फिर आप उसको देखोगे कि भ आप जब आप इसको स्कैन करोगे तो आपके पास ये कैंडल होगा। हम ये आपके पास कैंडल होगा। आपने चेक यही करना है कि स्टॉक ने पहले मूव दिया है कि नहीं। अगर स्टॉक ने पहले मूव दिया तो उसको कंप्लीटली इग्नोर कर दो। हम वो भी हम डिस्कस करते हैं कि मेजोरिटी में मेरे को ऐसा लग रहा है कि पहले ही मूव दे चुका होगा स्टॉक। इसीलिए तो इसीलिए तो आपको कम नंबर मिलेंगे ना। कब नंबर ऑफ स्टॉक आपको कम मिलेंगे। तभी हमारा वो सरप्राइज हां सरप्राइज इसीलिए मैंने बोला कि वो कीवर्ड है। ओके? क्योंकि आप जब एक ऑफिस के साथ ट्रेड कर रहे हो तो आपको वो हेडेक नहीं चाहिए कि भ आप डेली स्टॉक को ट्रैक करो। फिर वहां पे कुछ हुआ है कि नहीं। फिर उसका बाय डालो। वो स्कैनिंग आपका टाइम डेली लगाओ। यहां पे आपको कम रिस्क कम रिस्क मिलेगा। आपका टाइम भी स्क्रीन टाइम भी बहुत कम हो जाएगा और रिवार्ड आपको बड़ा मिलेगा। ओके? क्योंकि ये पहला क्वार्टर आप समझिए कि अगर स्टॉक में कुछ बड़ा हो रहा है या कुछ बिल्कुल चेंज हुआ है स्टॉक के अंदर तो ये आने वाले दो तीन क्वार्टर स्टॉक ने तो हो सकता है कि उस केस में आपको 100% 150% भी मूव मिल जाए। तो अंकुर सर अपन ने स्ट्रेटजी जो आपने बताई एपिसोड एक प्राइवेट वाली अपन ने वो सीख ली है। लेकिन मेरे पोर्टफोलियो में एक आज एक स्टॉक है। ठीक है? जो हमारी ऑलमोस्ट सारी कंडीशंस फुलफिल कर रहा है। बस उसमें ना अभी तक कोई न्यूज़ नहीं आई है। ना प्रमोटर चेंज का कुछ पता पड़ता है। ना कोई गवर्नमेंट पॉलिसी चेंज है। बट फिर भी उसमें सेम वो वॉल्यूम स्पाइक दिख रहा है। वो डाउन ट्रेंड से जो चेंज इन शिफ्ट बोल रहा है वो चीज दिख रही है। आप अगर वो ओपन कर पाए तो हम ऑडियंस के साथ एग्जांपल शेयर कर सकते हैं। उसका नाम है एक्शन कंस्ट्रक्शन। एएस करके करके है ना? तो सर मतलब जैसा कि सबको दिख रहा होगा हमारे व्यूअर्स को कि डाउन ट्रेंड में स्टॉक जी। एंड अभी एक वॉल्यूम स्पाइक दिखा है उसमें। तो क्या हम ऐसी कंपनीज़ भी हमें ट्रेड करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए? मेनली अगर आपको अभी यहां पे कुछ नहीं दिख रहा कि न्यूज़ के अगर एंड ऑफ़ द डे क्योंकि ये ड्यूरिंग द डे बीड हो रहा है। ठीक है? तो एंड ऑफ़ द डे अगर जाके आप कुछ देख रहे हो कि भ न्यूज़ के कुछ है। अभी तो नहीं पता हमें। हो सकता है कि बाद में कुछ ऐसा हो कि अपडेट एनएससी पे कुछ दे रहा है कि न्यूज़ तो आप कर सकते हैं। अगर न्यूज़ है कोई बड़ा ऑर्डर मिला। लेकिन मोस्टली मैं कहता हूं कि अर्निंग या कोई मैनेजमेंट शिफ्ट होगा वो ज्यादा क्योंकि ऑर्डर्स का भी मोटा-मोटी पता होता है कि भ ये कंपनी को ऑर्डर मिलने वाला है। तो वो एज एन मैं उसको एपिसोडिक प्राइवेट की तरह वो रिएक्ट नहीं करेगा इसको। तो ये नॉर्मल इसमें बहुत सारे ऐसे कैंडल बन रहे होंगे। पहले भी ऐसा कोई कैंडल बना होगा जहां पे नीचे से एक अच्छा स्ट्रांग वॉल्यूम दिखा होगा। तो हर एक वॉल्यूम पे अगर आप ऐसे अर्निंग का जो मैंने बताया कि अर्निंग के बाद सरप्राइज एलिमेंट यहां पे है। नो डाउट। बट क्या उसका कोई रीजनिंग नहीं है अपने पास या हो सकता है कि कुछ नॉर्मल भी बन रहा हो ऐसे ही बन रहा हो ऐसा भी कुछ कंडीशन हो सकता है तो उस वजह से मैं इसको कंसीडर नहीं करूंगा वही क्योंकि मतलब स्कैनर में हमारे तो ये आ जाएगा आ जाएगा हां बस वही है कि एक न्यूज़ का कंफर्मेशन या बैकिंग होना कंपलस बैकिंग होना चाहिए हां वरना उसके बगैर हम ट्रेड नहीं करेंगे इसके बाद बाद में जो हमारी कंडीशन है कि साइडवेज अगर जा रहा है और अगर आपको दिख रहा है कि कुछ न्यूज़ थी और उसका साथ में वो प्राइस भी उस तरीके से बिहेव कर रही है तो आप उसको ट्रेड कर सकते हैं। ठीक है बिल्कुल तो सर ये तो आपने एकदम ही शांतिपूक वाली ट्रेडिंग बता दी तो सर फिर बाकी टाइम आप करते क्या हो बाकी टाइम मैं वो कैसे करता हूं ओके तो आप मतलब भले ही आप फुल टाइम ट्रेडर है एंड आपने इतनी सिंपल फुल टाइम ट्रेडर हो ना मैं खुद को तो पहले मैं फुल टाइम ट्रेडर इसीलिए मैं नहीं बोलता क्योंकि ट्रेडिंग अगर आप अनलेस आप ऑप्शन ट्रेडर हो या इंट्राडे ट्रेडर हो आपको स्क्रीन के सामने पूरा दिन बैठे रहने का लॉजिक नहीं है क्योंकि आप समझो कि मेरे मोस्टली ट्रेड ना सुबह 9:30 10 से पहले मेरे ट्रेड ऑर्डर हो जाते हैं। जब भी मार्केट अच्छा होता तब इसके बाद आप क्या करोगे? जब आप एक स्विंग ट्रेडर हो आपको आपने अपने बाय ऑर्डर प्लेस कर दिए। आपने अपने स्टॉप लॉसेस प्लेस कर दिए। अब आप जाके करोगे क्या? उसको देख के करोगे क्या? क्योंकि स्टॉक तो अपने आप जो करना होगा अगर आपका स्टॉप लॉस होगा तो आप स्टॉप लॉस अपना ट्रिगर करोगे। जब भी आपका टारगेट आएगा अपना प्रॉफिट बुक करने का टाइम तब आप अपना अलर्ट रख के होगे। तो आपको पूरा दिन फिर स्क्रीन के सामने बैठे रहने का कोई लॉजिक नहीं होगा। क्योंकि जब स्विंग ट्रेडिंग का सीजन भी ना तीन महीने होगा। आप हिस्ट्री उठा के देख लो। एक साल में आपको तीन महीने के ही अच्छे मौके मिलेंगे। हां एक मौका आता है। वो मौका आता है वहां पे आप अपना काम कर लो। अगर आप पूरा दिन उसके सामने बैठे रहे अगर इंट्राडे ट्रेडर हो ऑप्शन ट्रेडर हो जो आप करते तो अलग चीज है। स्विंग ट्रेडिंग के लिए मैंने और ये बहुत लेट समझा। मैं भी पहले यही अभी मैं बोल रहा हूं कि स्क्रीन के सामने बैठने की लेकिन मैं बहुत लेट समझा ये चीजें भी 2022 तक मैं यही करता रहा था। ये स्क्रीन के सामने बैठे रहो। अब आपके स्टॉक ऊपर नीचे हो रहे हैं। आप भी ऊपर उसके साथ ऊपर नीचे हो रहे हो। कई-कई बार आप गलती इसीलिए करोगे कि आपका स्टॉक इंट्राडे में थोड़ा नीचे आ गया। आपने देखा था उसका 192 गया। आपकी 187 की बाइंग थी। अब 192 से वो आ गया 188 तो आप उसको एग्जिट कर लोगे। और दूसरे दिन उसका आप देखोगे कि लिटरली ये मेरे साथ हुआ था। मैंने एक दिन आई थिंक जून 2023 में अ एक ही दिन में मैंने ये दो स्टॉक बाय किए थे। आई कैन टेक दैट एग्जांपल के बीएसई एंड शक्ति पंप। अरे सर शक्ति पंप में तो मैंने ही बाय किया था। तो हुआ यह कि जब भी मैंने इसको बाय किया ना क्योंकि मेरे दो ट्रेड थे। हां इसको बाय किया दोनों को एक साथ एक ही दिन में। अब शक्ति पंप में मेरा स्टॉप लॉस हो गया। ओके। तो शक्ति पंप में मेरा स्टॉप लॉस हुआ ना तो मैंने देख रहा हूं। अब मैं देख नहीं रहा था। अगर मैंने बीएस का स्टॉप लॉस अगर मैं उस टाइम पे स्क्रीन के सामने नहीं होता तो मैं बीएसई में एग्जिट नहीं करता। क्योंकि शक्ति पंप में मेरा स्टॉप लॉस हुआ तो मैंने फिर बीएससी में भी एग्जिट कर लिया। वो मैं वो मैनुअली एग्जिट कर लिया क्योंकि बीएसई में भी मेरा ट्रेड था। मैंने उसको बाय किया। ₹2 ही ऊपर था। मैंने बोला कि नहीं अब शक्ति पंप तो स्टॉप लॉस गए तो यह भी ये भी स्टॉप लॉस जाएगा। करके निकाल दिया। देखा तो फिर वो 150% का मूव गया बाद में। सर बीएसई का तो मूव पिछले साल बहुत खतरनाक ही रहा है। तो आप स्क्रीन के सामने होगे तो आप गलती करोगे। ये सारी गलतियां करोगे। अब हमने ये अभी तक हमने डिस्कस कर लिया कि ईपी क्या है? अब डिलेड ईपी क्या नहीं है? आपको कौन से सेटअप नहीं देखने वो भी कुछ डिस्कस कर ले। तो अब ये Jio फाइनेंसियल का चार्ट है 2024 का। हम अब आप यह देख रहे हैं कि अर्निंग से अर्निंग के बाद यहां पे 10% का कैंडल आया और वॉल्यूम भी 1600% का है। लेकिन वो एग्जैक्ट वही सिनेरियो जो आप बोल रहे थे ना कि मैक्सिमम स्टॉक्स में अर्निंग से पहले मूव आ जाए। लुक एट दिस। तो ये अर्निंग से पहले 52% चल चुका है। बिल्कुल। तो यह डिले यहां आप अगर सिर्फ रिएक्शन देखोगे ना तो आप यह गलती करोगे कि आपने यह देखा कि रिएक्शन तो स्टॉक का अच्छा है। यहां पे सरप्राइज़ एलिमेंट नहीं है। सरप्राइज़ का मतलब ये नेगलेक्टेड का मीनिंग हम इसीलिए देख रहे हैं क्योंकि आप देखोगे आने वाले दिनों में ये भी टाइट रेंज में गया बट यहां पे आपको मौका नहीं मिला। ये अल्टीमेटली नीचे गया फिर बाद में गद्दी। तो ये ब्रेकआउट का अटेम्प्ट हुआ यहां पे। अब कोई कहते हैं ना बहुत लोग पूछते होंगे आपको भी कि ये फेक ब्रेकआउट से बचना कैसे है? तो ये चीज़ अगर आप चला हुआ स्टॉक में जाके ब्रेकआउट देखोगे जो ऑलरेडी स्टॉक अच्छा खासा चल चुका है तो वहां पे ही क्योंकि मैक्सिमम लोग वहीं पे फसेंगे जहां पे ऑलरेडी बाइंग आज लुक एट दिस तो ये गया नीचे अभी तो आप किसी और का माल खरीद आप किसी और को अपने स्टॉप लॉस लेके किसी और का आप अपने को दे रहा है वो स्टॉक्स तो इस चीजों से समझिए ये डिले डीपी नहीं है जब ऑलरेडी चीजें स्टॉक्स आपके अर्निंग से पहले वो ऑलरेडी स्टॉक ने मूव दे दिया तो वो डिले डीपी नहीं है। ठीक है तो सर अभी तो मेरे लिए दो दुविधाएं हैं। पहला तो आपने बोला कि ये स्टॉक स्कैन कैसे कर सकते हैं? हम वो बताइए आप हमें। मैं आपको एक वॉल्यूम स्कैन दूंगा और वो स्कैनर से जैसे मेरे को बताया कि आपको पहला दिन का ही जो क्योंकि ये अल्टीमेटली एक एक्सपेंशन हो रहा है। तो पहले दिन पे जब ये स्टॉक स्कैन हुआ या ये एक्सपेंशन दिया होगा वो आपके स्कैन में आ जाएगा। बिल्कुल सिंपल सा स्कैन है। आप चाहो तो आप भी बना सकते हो कि मुझे चाहिए क्या कि 6.5% ऊपर की कैंडल बनी हो क्योंकि 5% सर्किट वाले स्टॉक आए नहीं। कई बार इसीलिए आपको 4% वाले स्टॉक आप स्किप भी कर जाओगे अगर रिएक्शन आया होगा तो मुझे क्या चाहिए कि स्टॉक में एंड ऑफ द डे 6.5% का मूव दिया अगेन क्योंकि 5% वाला सर्किट वाला आया नहीं स्टॉक का एवरेज वॉल्यूम जो 50 डे का एवरेज वॉल्यूम है वो थ्री टाइम्स ज्यादा ट्रेड हुआ तो जहां पे आपके आर वाल 300 से ऊपर आ जाएगा मिनिमम 300 चाहिए मिनिमम 300 के ऊपर ही चाहिए मिनिमम थ्री टाइम्स तभी होगा कि 100% से अगर तभी वो 300 से ऊपर आएगा और तीसरा के ₹30 के ऊपर का स्टॉक हो और एवरेज वॉल्यूम आप समझो कि अगर आपका अकाउंट हो तो मैं जा रहा कि 500 से ज्यादा ट्रेड दैट पर्टिकुलर डे ट्रेड हो तो आपको जो स्कैनर ना यह नंबर ये ये कैंडल लाके देगा। तो अब आपका काम यही है कि आप आराम से बैठो और देखो कि कैसे ये साइडवेज छोटी-छोटी कैंडल बन रही है। छोटी-छोटी कैंडल बन रही है तब इसके ऊपर बाय एंड इसका नीचे का स्विंग लो का आपका स्टॉप लॉस या 5% का स्टॉप लॉस। इतना सिंपल चीज है ये। तो सर आपने स्ट्रेटजी और स्ट्रेटजी की कंडीशन तो हमें समझा दी लेकिन सर आपने बोला कि स्टॉक्स का स्कैनर भी बना सकते हैं हम। जी। तो वो कैसे बना सकते? तो स्कैनर के लिए एक और वीडियो कर लेंगे सर आपके साथ एक कंप्लीट जहां पे मल्टीपल जो स्कैनर होंगे वो आपको मैं बता दूंगा कि कैसे स्कैनर्स भी वर्क करते हैं। तो हम एक इन डेप्थ अलग से वीडियो बना देते हैं जिसमें हम सिर्फ स्कैनर्स डिस्कस करेंगे। एंड ऐसे पर्टिकुलरली स्टॉक्स की कंडीशन क्या-क्या होनी चाहिए वह सब हम डाल के उस स्कैनर को रन करेंगे और देखते हैं हमारे लिए कौन से स्टॉक्स निकल के आते हैं। एंड जिसको भी अंकुर सर से स्विंग ट्रेडिंग के बारे में और जानना सीखना और समझना है तो उसका लिंक हमने डिस्क्रिप्शन में दिया हुआ है। सर ने एक बहुत ही इन डेप्थ कोर्स बनाया है अब सर्च के साथ जो आप सभी को एक बहुत ही बेहतर स्विंग ट्रेडर बनने में हेल्प करेगा। तो अगर जिसको भी और स्विंग ट्रेडिंग के बारे में सीखना समझना है तो वो जाकर उस कोर्स को भी देख सकता है। तो सर अभी तो बहुत सारे लोगों को फुल टाइम ट्रेडर बनना ही होता है और आपने इतना शांतिपूर्वक सेटअप बना रखा है खुद फुल टाइम ट्रेडर होके हम क्योंकि बहुत लोग को होता है ना कि मैं अभी 9 टू सिक्स कर रहा हूं। उसके बाद तो मेरे को सिर्फ 9 टू 3 करना है। मैं 6 घंटे में फ्री हो जाऊंगा। उसका तो क्या ही काम है और आप तो उतने में भी एकद घंटे में करके फ्री हो जाता हूं। तो बाकी टाइम फिर मतलब करते क्या हो आप? क्योंकि सबको शौक तो होता है फुल टाइम ट्रेडर बनने का लेकिन वो बचे हुए टाइम में करेंगे क्या? पहली बात तो यही कि मैं खुद को फुल टाइम ट्रेडर मानता नहीं हूं। क्योंकि आई डोंट थिंक जैसे मैंने बताया कि इंट्राडे ट्रेडर या ऑप्शन ट्रेडर जो स्क्रीन के सामने जिनको बैठ के मैनेज करना पड़ता है उन्हीं को एक फुल टाइम ट्रेडर कह सकते हैं। और फुल टाइम ट्रेडर का एक एक टैग ये भी कहता है कि भ उसका पूरा इनकम ट्रेडिंग से ही आता हो। तो ऐसा भी नहीं है कि मेरा पूरा इनकम ट्रेडिंग से आता हो। ओके। तो मेरा ट्रेडिंग करने का मेन रीज़न एक यही है कि मैं किसी के अंडर काम करना नहीं चाहता। और बहुत सारे लोगों का जो आप बोल रहे हैं ना कि जिनको जॉब छोड़ के करना है तो मैं उनको वही एडवाइस करता हूं कि आप एक जो फिक्स इनकम है आपकी छोड़ के फुल टाइम ट्रेडिंग में आ रहे हो अगर आपके पास नो डाउट कि टाइम बहुत रहता है वो मैंने नोट किया कि जब आप ट्रेडिंग कर सिर्फ ट्रेडिंग कर रहे हो तो आपके पास टाइम बहुत कुछ है। तो आप उस आपको अप स्किल कर सकते हैं। आप कुछ नया सोच सकते हो या मैं मोस्टली बुक रीड करता हूं और कुछ अभी एआई सीख रहा हूं तो कुछ ना कुछ सीखता रहता हूं। तो अपने आपको बिजी अगर आप अपने आपको ऑक्यूुपाई रख पा रहे कुछ नई स्ट्रेटजी सीखो। तो मेरी मोस्टली लोगों को यही एडवाइस रहती है क्योंकि मैं खुद से क्योंकि मैं ऐसे टाइम पे इस मार्केट में आया था मुझे पता भी नहीं था कि एक फुल टाइम ट्रेनिंग कोई ऐसा प्रोफेशन होता है। सर तो आपका बैकग्राउंड मेरा बैकग्राउंड ये था कि मैं मेरा टैक्सी का बिज़नेस था। ओके। मैं आउट ऑफ इंडिया था पहले तो वहां इंडिया आया तो मैं फिर टैक्सी का ये बिज़नेस किया था दोस्तों के साथ अहमदाबाद में। और फिर उस टाइम पे टैक्सी भी मेरे ड्राइवर चले तो मेरे पास टाइम ही टाइम है। तो एक फैमिली फंक्शन में ऐसा स्टॉक के स्टॉक मार्केट के बारे में बात हुई थी और वहां से मैंने Suzzelon के बारे में सुना। उस फंक्शन में Suzelon की बात हुई थी। 2000 आई थिंक 16 की बात है। तो फिर बाद में मैंने देखा उस स्टॉक को ट्रैक किया थोड़े टाइम। न्यूज़पेपर में ट्रैक कर रहा था। तो देखा कि ये स्टॉक तो ऊपर गया। फिर वो स्टॉक नीचे आया तो मैंने उसको बाय अच्छा खासा बाय कर लिया और फिर वहां से मैंने प्रॉफिट पहले उसी स्टॉक में लॉस भी किया। तो टाइम उस पॉइंट पे बहुत था। फिर मैंने यह क्योंकि एक अब ये स्टॉक मार्केट वाली चीज़ एक बार मैंने वो टेस्ट कर लिया। फिर मैं डेली टीवी के सामने हूं। सुबह देख रहा हूं वो स्टॉक T20 आ रहा है। जो बोले वो बाय किए जा रहा हूं। फिर एक अल्टीमेटली मेरी वाइफ ने मुझे बोला कि भ तू अपना टाइम वेस्ट करा। ऐसे तो तू अगर स्टॉक ट्रेडिंग करना ही चाहता है तो उसको सीख के कर। उसका कुछ सिस्टम होगा। फिर मैंने फिगर आउट किया। सीखना स्टार्ट किया। थोड़े बहुत कोर्सेस भी ज्वाइन किए और कुछ ना उसके बाद पता चला कि आपको ना फुल टाइम ट्रेडिंग ऐसा कुछ प्रोफेशन भी होता है लेकिन फिर दो चार साल उसी में लगा दिया कि आप पूरा दिन स्क्रीन के सामने आपको लगता है कि जितना टाइम आप स्क्रीन पे दोगे उतना पैसा कमाओगे लेकिन ऐसा होता नहीं है। बहुत लेट ये रियलाइज हुआ कि आप ट्रेडिंग के साथ और भी बहुत कुछ कर सकते हैं। आप जैसे कि मैंने बुक लिखी है तो आप बुक लिख सकते हैं। बुक रीड कर सकते हैं। अपने आपको अपस्किल कर सकते हैं। बहुत सारी चीज़ हैं जहां पे आप अपने आपको मैं यह कहूं कि जितने कम ट्रेड करोगे ना जितना आपका ट्रेडिंग में टाइम आपकी एक सिस्टम ऐसी होनी चाहिए कि आप आपकी बाकी की लाइफ भी डिस्टर्ब ना हो। आप जॉब के साथ भी ट्रेड कर सकते हो। हां आपके अगर आप काफी लोगों का प्रॉब्लम ये होता है कि जॉब पे वो प्रेशर होता है। उसी वजह से उनको जॉब छोड़ के फुल टाइम ट्रेडिंग लेकिन फुल टाइम ट्रेडिंग का भी कोई और प्रेशर होगा। सो जब तक आपके पास कोई स्टेबल इनकम ना हो किसी भी को अगर स्टॉक मार्केट में फुल्ली इन्वेस्टेड होके काम करना है तो आपके पास एक स्टेबल इनकम आपको चाहिए होगी कि जहां पे क्योंकि मार्केट की इनकम काफी वोलेटाइल रहेगी। मार्केट वोलेटाइल है तो मार्केट की इनकम भी आपके पास वोलेटाइल ही होगी। तो जब तक आपके पास स्टेबल इनकम ना हो तो मैं यही सजेस्ट करूंगा कि आप स्टेबल स्टेबल इनकम के ऊपर पहले फोकस करिए और फिर अपने ट्रेडिंग में आपके पास कोई अल्टीमेटली आप देखिए मेरे पास पूरा दिन का टाइम है लेकिन मैं ऐसी सिस्टम पे ट्रेड कर रहा हूं कि जहां पे मेरा टाइम ना जाए क्यों आप टाइम ही ट्रेड कर रहे हो ना आप अगर 9 से 3 अगर आप ट्रेड कर रहे हो तो आज जरूरी नहीं कि आप रोज पैसा कमा के जाओगे और ये भाई काफी लेट रियलाइज हुआ 2022 एंड में मुझे ये रियलाइज हुआ कि यार ऐसी कोई सिस्टम होनी चाहिए कि जहां पे आप पूरा दिन ट्रैक ना करो क्योंकि अब मेरा ट्रेड यही होता है कि मैं सुबह 10:00 बजे 10:30 बजे मेरा ट्रेड जो क्योंकि मोस्टली मेरे ट्रेड सुबह में ट्रिगर हो जाते हैं। कई बार अगर मार्केट अच्छा है तो शाम को भी ट्रेड होते हैं। लेकिन इन बिटवीन पीरियड आपको पता है कि इंडियन मार्केट में उतना 11:00 बजे से 2 2:30 बजे तक उतना ज्यादा एक्टिविटी रहता भी नहीं है। तो अगर आपके जीटी ऑर्डर्स है तो वो अपने आप ट्रिगर हो जाएंगे। तो आपको और पूरा दिन मार्केट में करने की जरूरत क्या है? फिर अपनी एंट्री के बाद तो स्टॉक्स ही अपना-अपना काम कर रहे होंगे ना। आपके जो भी ऑर्डर्स प्लेसमेंट तो हो चुका होगा। तो फिर आपको तो कुछ करने की जरूरत नहीं उसके बाद। तो मतलब आप मतलब मार्केट के बाद भी जीटी ऑर्डर डाल के डाल के हां शांति से बैठ जाओ। शांति से आपका बस दिन में आपका जो स्कैन करना होगा एक आधा घंटा अब वो भी पहले आपको एक घंटा लगेगा धीरे-धीरे वहां पे भी अब मैं 600 स्ट्रॉक स्कैन करता हूं तो मुझे 15-20 मिनट लगते हैं। पहले वही काम करने में मुझे 2 घंटे लगते थे क्योंकि अब आपके आई सेट हो चुके है ना। आपको पता है कि आपको एक ही चीज के ऊपर फोकस करना है कि भ ये अपना सेटअप है और उसी को देखना है। पहले जब आप सीख रहे होते तो आप हर एक सेटअप आप कप एंड हैंडल भी देखोगे। फिर इनवर्टेड हेड एंड शोल्डर भी देखोगे। अब आपको पता है कि यही पिन पॉइंट है कि मेरा यह सेटअप है। उसी को देखना है और उसी को ट्रेड करना है। और मतलब आपके मेरे को लग रहा है आपके वाइफ का ही बहुत बड़ा रोल रहा है। ये जी बिल्कुल जी बिल्कुल कि उनका ही इन्फ्लुएंस था कि भ सिस्टम से कर या मतलब सीख के करो। पहले तो बस जो टीवी पे बोलते थे और टीवी पे भी मुझे यही था कि वो लोग मुझे बोल रहे हैं कि ये जो ऊपर जाएगा मान लो क्योंकि वो इंट्राडे के लिए बोल रहे थे और मेरे जो मान लो कि आज भी स्टॉक बोले तो वो भी मेरे लिस्ट में होगा वो भी मैंने बाय कर लिए होगे। कल आगे और 20 बोले तो वो भी मैंने भाई एक पॉइंट पे मेरे पास 70-80 स्टॉक रहते थे ऐसे। फिर पूरा पोर्टफोलियो उसको लॉस बुक किया। फिर पता चला कि ये इस तरीके से काम नहीं होता। एक तो टिप से पैसा नहीं बनेगा। आपको सीखना पड़ेगा क्योंकि आप अल्टीमेटली आपके पास एक लाइफ स्किल ये लाइफ स्किल ही है। स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग एक एक स्किल ही है जो आपको डेवलप खुद से सीखनी पड़ेगी और आपकी पर्सनालिटी के हिसाब से ये जो सेटअप है शायद किसी और को सूट ना करे। हम अल्टीमेटली अगर कोई चाहता है कि जिसको थ्रिल चाहिए कि भाई डेली मुझे मार्केट से कुछ लोग होते हैं ना जो डोपामाइन रिलीज़ के लिए ही ट्रेड करते हैं तो उनको ये सेटअप सी वो नहीं करेगा। अब मैं उस ज़ोन में हूं। मुझे लग रहा है कि जैसे-जैसे 40 के पास पहुंच रहे हैं। लग रहा है कि भ अब और टाइम चाहिए कि भ मैं क्रिकेट खेलना चाहता हूं तो वो खेल सकूं। बुक रीड करना चाहता हूं तो वो कर सकूं। बाकी कुछ सीखना चाहता हूं तो वो वहां पे टाइम लगा सकूं। तो मार्केट से काम कट डाउन करके वहां पे लगाते हैं। फिर तो सर ये तो काफी इंटरेस्टिंग रहा आपका सेटअप एंड जो भी मतलब वर्किंग प्रोफेशनल है उनके तो बहुत बेहतर हो जाएगा कि मार्क मतलब ऑफिस से फ्री होने के बाद भी बस जीटी ऑर्डर डाल के वो ये चीज फॉलो कर सकते हैं। बट सर अभी इसमें मेरे को ऐसा लग रहा है बहुत सारी चीजें ऐसी है जो मेरे को आपसे जाननी सीखनी समझनी है। तो इस वीडियो को यहीं पर रखते हैं और आगे हम तीनचार वीडियो और बनाते हैं जिसमें हम आपका स्कैनर समझेंगे और दो-तीन आपने और इंटरेस्टिंग कांसेप्ट मेरे को बताएं तो उस पे भी बात करेंगे श्योर। तो जो लोग को भी ये पडकास्ट पसंद आया तो फटाफट से लाइक कर दो और इस चैनल को सब्सक्राइब कर दो क्योंकि हम सर के साथ और भी वीडियोस लेके आने वाले हैं। एंड अंकुर सर को हम ऐसे आसानी से जाने नहीं देंगे। तो इनके साथ और कांसेप्ट सीखेंगे। एंड अगर आपको उन वीडियोस को मिस नहीं करना है तो इसके लिए इस चैनल को सब्सक्राइब कर दो। और अगर हमारा एफर्ट अच्छा लग रहा है तो लाइक कर दो इस वीडियो को।

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