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99% ट्रेडर्स सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को तो ड्रॉ करते हैं, लेकिन फिर भी उनका लॉस क्यों हो जाता है? तो आज मैं इसका रीज़न बताऊंगी क्योंकि जितने भी लोग सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को ड्रॉ करते हैं, या तो वह छोटे टाइम फ्रेम को देख के सपोर्ट रेजिस्टेंस ड्रॉ करते हैं या फिर छोटी-छोटी कैंडल्स को देख के ड्रॉ करते हैं या फिर किसी इंडिकेटर ईएमए हो गया या फिर अदर इंडिकेटर हो गया। उसको देख के सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को ड्रॉ करते हैं। जिसकी वजह से वो सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस ब्रेक हो जाता है। अब बहुत सारे लोगों को लगता है कि यहां पे मार्केट चल रहा है। अब सपोर्ट पे है तो सपोर्ट को अगर ब्रेक करेगा तो यहां से मार्केट डाउन साइड की तरफ जाएगा और मार्केट अगर रेजिस्टेंस पे ट्रेड कर रहा है। रेजिस्टेंस को ब्रेक करेगा तो यहां से मार्केट अप साइड की तरफ जाएगा। जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है। जहां पर उनका सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस होता है, मार्केट उसके अपोजिट ट्रेड करता है। और इस तरह सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस ड्रॉ करने की वजह से बार-बार लॉस लोग करते हैं। अब अगर इस तरह से हम बार-बार लॉस करते रहेंगे तो इस गलती की वजह से एक दिन हमारा कैपिटल धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा और हम अच्छे ट्रेड भी नहीं कर पाएंगे। तो आज की इस वीडियो में हम यही बात करने वाले हैं कि स्ट्रांग सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को कैसे ड्रॉ करना है। क्योंकि आप देखते होंगे लाइव पे मैं भी सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को ड्रॉ करती हूं और वो हमारा सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस एक दिन नहीं दो दिन नहीं बल्कि चार से पांच दिन वो सपोर्ट रेजिस्टेंस वर्क करता है। बस डिफरेंस क्या है कि मैं थोड़ा सा हायर टाइम फ्रेम यूज़ करती हूं। एंड मेरे सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस निकालने का तरीका अलग होता है। तो बने रहिए वीडियो में। आज की इस वीडियो में हम यही समझने वाले हैं और आप कमेंट करके बताइएगा कि आप में से कितने लोगों के साथ में यह मिस्टेक होती है। तो चलिए वीडियो को स्टार्ट करते हैं और समझते हैं इसके बारे में। तो सबसे पहले हम क्या समझेंगे कि सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस क्या होता है? आज हम आपको बताएंगे कि स्ट्रांग सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस कैसे ड्रॉ करना होता है? वो भी लाइव चार्ट पर बताएंगे। तो यहां पर हम क्या कर रहे हैं? BTC का चार्ट ओपन कर लिए हैं क्योंकि यह मार्केट तो हमारा 24 * 7 चलता है। तो यहां पर हम BTC का चार्ट लगा लिए हैं। अब अभी आप देखेंगे चार्ट को तो यह नहीं समझ आएगा कि हमें कहां पर सपोर्ट मिल रहा है और कहां पे रेजिस्टेंस मिल रहा है। तो सबसे पहले हम यह समझते हैं कि सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस क्या होता है। इसके लिए आपने देखा होगा बहुत बारी मार्केट हमारा एक लाइन में एक डायरेक्शन में चलता है। कुछ इस टाइप से और इसी ज़ोन के बीच में बार-बार मार्केट हमारा अप एंड डाउन साइड की तरफ चलता रहता है। याद रखें सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस एक कोई लाइन नहीं होती है। सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस एक ज़ोन होता है जो कुछ पॉइंट के रेंज में मार्केट हमारा चलता है। सपोर्ट का मतलब होता है कि जहां पर स्ट्रांग बयरर्स अवेलेबल होते हैं और रेजिस्टेंस का मतलब होता है जहां पर स्ट्रांग सेलर्स अवेलेबल होते हैं। जैसे यहां पर देख लीजिए ये जो एरिया है यहां पर ये जो एरिया है ये क्या है हमारे लिए सपोर्ट है क्योंकि मार्केट बार-बार इसी प्राइस से अपसाइड की तरफ जा रहा है और जहां पर मार्केट पहुंच के बार-बार रिजेक्शन ले रहा है वो एरिया क्या होता है? हमारा रेजिस्टेंस वाला एरिया होता है। अब यह एक लाइन में नहीं होता है। सपोज़ मान लीजिए इसका प्राइस अभी यहां पे ₹100 पे चल रहा है और यहां पे इसका प्राइस ₹20 पे चल रहा था। तो यह ₹20 से ₹100 पे जा रहा है। अब यह ₹100 भी हो सकता है। यहां पे ₹12 भी हो सकता है और यह 99 भी हो सकता है। तो कुछ इसी टाइप से एक ज़ोन में मार्केट अपना अप एंड डाउन करता है। जिस प्राइस से मार्केट हमारा बार-बार अप एंड डाउन करता है, वह एरिया हमारा सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस कहलाता है। डाउन साइड में जहां से डिमांड देखने को मिल रही है, यह ज़ोन हमारा सपोर्ट का होता है। और जहां से बार-बार हमें सप्लाई देखने को मिल रही है। सप्लाई मतलब जहां से मार्केट बार-बार रिजेक्शन ले रहा है, वह एरिया हमारा रेजिस्टेंस एरिया होता है। तो, यह हो गया सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस। अब समझते हैं कि इस सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को हम चार्ट पर कैसे निकालेंगे। तो, पहले हम यहां पे इसको क्लीन कर देते हैं और आ जाते हैं हम अपने लाइव चार्ट पर। अब यहां पे आपको कैंडल कुछ इस टाइप से देखने को मिल रही है और यहां पे मार्केट हमारा अपसाइड की भी तरफ जा रहा है और डाउन साइड की भी तरफ जा रहा है। अब हमें यह नहीं पता चल रहा है कि मार्केट अगर यहां से अपसाइड की तरफ जा रहा है तो कितना अपसाइड की तरफ जाएगा और अगर मार्केट को डाउन साइड की तरफ आना है तो किस लेवल से मार्केट हमारा डाउन साइड की तरफ आएगा। तो यहां लाइव चार्ट पर देख के हमें अभी यह नहीं पता चल रहा है कि कहां पे सपोर्ट है और कहां पे रेजिस्टेंस बना हुआ है और कहां से मार्केट डाउन साइड की तरफ आ सकता है और कहां से मार्केट हमारा अपसाइड की तरफ आ सकता है। तो इसके लिए इंपॉर्टेंट क्या है? सबसे पहले टाइम फ्रेम आप देखिए। टाइम फ्रेम आपको यहां पे क्या लगाना है? वन डे का। वन डे का टाइम फ्रेम जो होता है, वन डे का जो सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस होता है, वह बहुत ही ज्यादा स्ट्रांग होता है। मार्केट उसको जल्दी से ब्रेक नहीं करता है। तो, आपको क्या करना है? सबसे पहले वन डे के टाइम फ्रेम पे आ जाना है। अब हम आपको थोड़ा सा प्रीवियस टाइम पे भी दिखाते हैं। आप वन डे के टाइम फ्रेम पे सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को ड्रॉ कीजिएगा। जैसे यहां पे मैंने क्या किया? एक सपोर्ट की लाइन ड्रॉ कर ली है। अब यहां पे सपोर्ट की लाइन हम कैसे ड्रॉ किए हैं? यहां पर आप देखिए जब हम इस सपोर्ट को यहां पे ड्रॉ कर रहे थे तो हमने ये देखा कि मार्केट किस लेवल से बार-बार अपसाइड की तरफ गया हुआ है। तो आप देखेंगे मार्केट यहां से अपसाइड की तरफ गया है। यहां से अपसाइड की तरफ गया है। यहां से अपसाइड की तरफ गया है। इस लेवल से अपसाइड की तरफ गया है। तो, यह क्या हो गया? हमारा अप साइड की तरफ के लिए एक सपोर्ट बन गया है कि मार्केट जा रहा है तो बार-बार इसी ज़ोन से अपसाइड की तरफ जा रहा है। तो, हमने क्या किया? यहां पे एक लाइन ड्रॉ कर लिया है। सपोर्ट की लाइन। जब मार्केट इससे ऊपर चल रहा है, तो ये क्या बनेगा? सपोर्ट एरिया बन जाएगा। अब अपना रेजिस्टेंस ड्रॉ कर लीजिए। रेजिस्टेंस यहां पे कैसे ड्रॉ होगा? उसके लिए समझिए। रेजिस्टेंस के लिए अब हमें यह देखना है कि ऐसा कौन सा लेवल है जहां से मार्केट बार-बार डाउन साइड की तरफ आ रहा है। तो जब मार्केट यहां पे चल रहा था इस लेवल पे चल रहा था तो हमने देखा मार्केट इस लेवल से यहां पे एक बार अपसाइड की तरफ की कैंडल बनाया और फिर उसके बाद से यहीं पे डाउन साइड की तरफ आ गया। तो हमने क्या किया? यहां से एक रेजिस्टेंस लेवल ले लिया कि मार्केट यहां पे डाउन साइड की तरफ आया है। हो सकता है कि प्रीवियस टाइम पे फिर डाउन साइड की तरफ आए क्योंकि आगे तो अभी मार्केट चली नहीं है। तो हमें कैसे पता चलेगा कि मार्केट बार-बार इसी ज़ोन से डाउन साइड की तरफ आएगा। तो हमने क्या किया? जहां से मार्केट डाउन साइड की तरफ आया है। जहां से कैंडल का हमें रिजेक्शन मिला हुआ है, उस पॉइंट को हम लेंगे और उसके बाद से एक सीधी लाइन ड्रॉ कर देंगे। अब आप देखिए इसी पॉइंट से मार्केट हमारा डाउन साइड की भी तरफ आया है और उसी सपोर्ट से मार्केट हमारा अपसाइड की भी तरफ गया है। अगेन आप देखेंगे तो मार्केट डाउन साइड की तरफ आया और उसी लेवल से मार्केट हमारा अपसाइड की तरफ गया है। तो जब तक मार्केट हमारा यहां पे वन डे के सपोर्ट को रेस्पेक्ट दे रहा है तब तक मार्केट हमारा इस सपोर्ट को नहीं ब्रेक करेगा। कंटिन्यू मार्केट इसी सपोर्ट पे चलेगा और इसी सपोर्ट से बार-बार बार-बार मार्केट हमारा अपसाइड की तरफ जाएगा। तो हमें एक ज़न मिल गया, एक एरिया मिल गया कि मार्केट जब तक अपने सपोर्ट को ब्रेक नहीं कर रहा है तब तक यहीं तक आएगा और जब तक मार्केट अपने रेजिस्टेंस को ब्रेक नहीं कर रहा है, मार्केट क्या करेगा? यहीं तक जाएगा। तो यहां से अगर हम लेवल को देखें तो 85,000 से और 95,000 के रेंज में मार्केट अभी तक यहां पे चल रहा था। अब आप देखेंगे तो 10,000 पॉइंट का हमें यहां पे सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को निकाल के अगर हम ट्रेड करते हैं तो 10,000 पॉइंट के मूवमेंट को कैप्चर कर सकते हैं। तो यही चीज आपको लाइव चार्ट पे भी फोकस करना होता है कि हम बड़े लेवल्स को कैसे आइडेंटिफाई करें? बड़े लेवल्स के लिए हम सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस कैसे ड्रॉ करें? तो यहां पे आपको सबसे पहले क्या करना है? वन डे के टाइम फ्रेम को देखना है। और आप देखिए जब यहां से हमें वन डे के सपोर्ट का ब्रेकडाउन मिला है। 85,000 के लेवल को मार्केट ने ब्रेक किया है तो वहां से आप देखेंगे कि कितना बड़ा हमें डाउनफॉल देखने को मिल गया। लगभग मार्केट हमारा 62,000 तक आया था। अब आप देखिए 85,000 से 62,000 मार्केट यहां पे एप्रोक्स 20,000 प्लस डाउन साइड की तरफ आ गया है। तो ये होता है हमारा स्ट्रांग सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस कि मार्केट अगर ब्रेक नहीं कर रहा है तो तब तक उसी ज़ोन में चलेगा और अगर ब्रेक कर रहा है तो मार्केट उससे ऊपर हमें ब्रेकआउट देगा। यहां पे भी आप देख सकते हैं आप वन डे के सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को ड्रॉ करेंगे। तो कुछ इस टाइप से यहां पे मार्केट बार-बार हमारा इसी लेवल से अपसाइड की तरफ अपसाइड की तरफ अपसाइड की तरफ अपसाइड की तरफ यहां पे जा रहा था। रेजिस्टेंस आप लेवल ड्रॉ कर लीजिए कि जहां से मार्केट बार-बार रिजेक्शन ले रहा है। रिजेक्शन पॉइंट अगर आप ड्रॉ करेंगे तो यह इसका एक लेवल हो गया रिजेक्शन का। दूसरा यह लेवल हो गया और तीसरा यह लेवल हो गया। अब आप देखिए मार्केट उससे ऊपर गया क्या? मार्केट उससे नीचे गया क्या? नहीं गया। तो इसका मतलब है कि मार्केट में हमारा ये स्ट्रांग सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। अब यहां पे आ जाते हैं हम इसको। अभी करंट के मार्केट पे समझते हैं। यह जो लेवल चल रहा है। अभी मार्केट कहां पे चल रहा है? 69,500 के प्राइस पे चल रहा है। अब इसमें सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को ड्रॉ करने के लिए हमें टाइम फ्रेम रखना है वन डे का। अब इस पे आप देखिए मार्केट हमारा अपसाइड की तरफ कहां से जा रहा है। तो मार्केट अप साइड की तरफ जा रहा है इस लेवल से। यहां से जा रहा है। ये वाला अभी हम छोड़ देंगे। ये वाला इसलिए छोड़ देंगे क्योंकि मार्केट अब इससे ऊपर ट्रेड कर रहा है। तो ये इस वाले पॉइंट को अभी हम छोड़ देंगे। इसके ऊपर के पॉइंट को लेंगे। जो अभी करंट मार्केट चल रही है उसके नियर का हम सपोर्ट लेंगे कि मार्केट यहां से हमारा अपसाइड की तरफ जा रहा है। तो एक लाइन हमने यहां पे ड्रॉ कर लिया। यह हो गई हमारी सपोर्ट की लाइन। अब रेजिस्टेंस ड्रॉ करने के लिए आप देखिए कि मार्केट रिजेक्शन कहां से बार-बार ले रहा है। तो रिजेक्शन के लिए हमने क्या देखा? मार्केट इस ज़ोन पे इस लेवल पे बार-बार रिजेक्शन ले रहा है। आपको दिखाते हैं। यह कैंडल आप देखें। यहां पे कैंडल आप देखिए। इधर से आप कैंडल देखें। जितनी भी कैंडल आप देखेंगे सब में क्या मिल रहा है? रिजेक्शन मिल रहा है। तो हमारा वन डे का सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस अगर निकलेगा तो कौन सा हो जाएगा? 71,000 के आसपास का। और सपोर्ट अगर हम देखेंगे तो 66,000 के लेवल का यहां पे हमारा सपोर्ट निकल आया। तो अब बहुत सारे लोगों के मन में यह कंफ्यूजन हो रही होगी कि जब हम वन डे का सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस निकालेंगे और मार्केट वो कई दिन तक ना ही ब्रेकआउट दे रहा है ना ही ब्रेकडाउन दे रहा है तो अब हम एंट्री कैसे बनाएंगे क्योंकि इंट्राडे में हमारी अपसाइड की भी एंट्री बनती है डाउन साइड की भी एंट्री बनती है और ब्रेकआउट की भी एंट्री बनती है तो वह हम कैसे आइडेंटिफाई करेंगे तो पहले आप यहां पे वन डे पे सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस ड्रॉ कर लीजिए याद रखें आपको बहुत ज़्यादा चार्ट पे लाइन भी ड्रॉ नहीं करनी है। दो सपोर्ट डाउन साइड की तरफ और दो रेजिस्टेंस अप साइड की तरफ। बस इसी से आपकी इंट्राडे की भी ट्रेड बन जाएगी। तो अभी हमको क्या करना है? जहां से मार्केट अप साइड की तरफ गया, हमने यहां पे सपोर्ट ड्रॉ कर लिया है। और जहां से मार्केट हमारा बार-बार डाउन साइड की तरफ आ रहा है, हमने वहां पे रेजिस्टेंस ड्रॉ कर लिया है। अब सीधा आ जाते हैं हम फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे। हम यहां से अपने टाइम फ्रेम को चेंज कर लेंगे और आ जाएंगे फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे। जब हम फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे देख रहे हैं तो अभी भी हमको क्या देखने को मिल रहा है? बाय इन द डीप सेल ऑन द राइस। बाय इन द डिप सेल ऑन द राइस। ये चीज हमको देखने को मिल रहा है। अब इसके लिए हमें क्या करना है? इसके लिए हमें फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे भी सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को ड्रॉ कर लेना है। इसके लिए आपको क्या करना है? जहां तक कैंडल हमारी अपसाइड की तरफ मूव की है और अभी जो करंट मार्केट जहां पे चल रहा है उसी लेवल के आसपास में आप यह देखिए कि कहां पे ज्यादा से ज्यादा कैंडल का हमें कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। तो हमने देखा फोर आवर्स की कैंडल बार-बार इसी ज़ोन पे क्लोज हो रही है। इससे नीचे भी नहीं आ रही है और इसको अभी ब्रेक भी नहीं कर रही है। तो हमने क्या किया? यहां पे फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे सपोर्ट को ड्रॉ कर लिया। अब इसी फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे हम क्या करेंगे? अपना रेजिस्टेंस भी ड्रॉ कर लेंगे। रेजिस्टेंस कैसे ड्रॉ करेंगे? रेजिस्टेंस के लिए ये जैसे कैंडल हमारी अपसाइड की तरफ जा रही है। तो हम प्रीवियस टाइम पे देखेंगे कि मार्केट हमारा रिजेक्शन कहां से लिया था प्रीवियस टाइम पे। अब आप प्रीवियस टाइम के लेवल को आप देखें। मार्केट यहीं से डाउन साइड आया था। इससे ऊपर तो नहीं गया। जब यहां पे मार्केट डाउन साइड की तरफ आ रहा था और एक कैंडल बना के अप साइड की तरफ गया। अगेन जो रिजेक्शन मिला हुआ है वह इसी लेवल से मिला हुआ है। कई बारी ऐसा होता है कि इसी पॉइंट में अप एंड डाउन अप एंड डाउन अप एंड डाउन चल रहा है। तो वह सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस फोर आवर्स पे निकालना इजी होता है। लेकिन अभी आप देखेंगे तो यहां पे यह जो कैंडल है हमारी ब्रेकआउट की कैंडल बन रही है। अप साइड की तरफ निकल रही है। तो आपको नहीं पता कि फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे आप क्या सपोर्ट यहां पे क्या रेजिस्टेंस ड्रॉ कर सकते हैं। तो उसके लिए आप पीछे के चार्ट को देख लीजिए। वहां पे आप देखिए कि प्रीवियस टाइम पे हमें रिजेक्शन कहां से मिला हुआ था। तो उससे आप ईज़ली अपना निकालेंगे रेजिस्टेंस। तो हमने क्या किया? यहां पे फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे एक सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस निकाल लिया। अब हमारे चार्ट पे कितनी लाइन ड्रॉ है? हमारे चार्ट पे फोर लाइन ड्रॉ है। दो लाइन इधर है और दो लाइन अप साइड की तरफ है। एक ये हो गई, एक ये हो गई, एक ये हो गई और एक ये हो गई। अब इन्हीं चार लाइन से हमारी ट्रेड भी बन जाएगी। अब ट्रेड लेने के लिए आपको कौन सा टाइम फ्रेम देखना है उसके लिए हम समझते हैं। ट्रेड लेने के लिए हमें 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे सीधा जंप कर जाना है। जब भी मैं लाइव पे ट्रेड लेने के लिए बताती हूं वो मैं 15 मिनट का टाइम फ्रेम बताती हूं। तो ये चीज तो आप लोगों को पता होगा कि एंट्री लेने के लिए हमें कौन सा टाइम फ्रेम देखना होता है? 15 मिनट का। अब 15 मिनट के टाइम फ्रेम को अगर आप देखेंगे तो जल्दी से आप ट्रैप नहीं होंगे। आपकी ओवर ट्रेडिंग नहीं होगी। बहुत जल्दबाजी में आप एंट्री एग्जिट नहीं करेंगे तो 15 मिनट का चार्ट बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है। आपको जब भी एंट्री बनानी हो आप हमेशा 15 मिनट के टाइम फ्रेम को देख के ही अपनी एंट्री आप बनाइएगा। तो हम क्या करते हैं? 4 आवर्स के टाइम फ्रेम पे सीधा जंप कर जाते हैं 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे। अब आप यहां पे आ जाइए 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे। अभी मेरा जो लेवल ड्रॉ हुआ था वो निकल रहा है लगभग 69,600 के नियर। अब आप चाहें तो इसको आप राउंड फिगर में भी कर सकते हैं 69,700 से जहां से बार-बार रिजेक्शन मिल रहा है। मैंने पहले ही बताया है कि यह कोई एक लाइन नहीं होती है। यह क्या होता है? एक ज़ोन होता है। ज़ोन किस टाइप से होता है? आप यहां पे जाइए और इस टाइप से ऐसे एक ज़ोन फिल कर लीजिए। यहां पे एक लाइन आप ड्रॉ कर दीजिए। तो, यह हमारा एक ज़ोन हो गया। इधर से अगर हम ड्रॉ करेंगे, तो यह हमारा एक ज़ोन हो गया। लगभग 500 पॉइंट का आप रख सकते हैं। जोन होता है क्योंकि बीटीसी में जब भी हम कैंडल को देखते हैं ना तो 300, 400, 500 पॉइंट की हमारी एक सिंगल सिंगल कैंडल बनती है। तो अगर हम इतना ज़न नहीं रखेंगे तो वहां पे हम ट्रैप भी हो सकते हैं। तो ये 300 से लेके 500 पॉइंट के रेंज में हमारा क्या होता है? ज़ोन निकलता है। अब आप देखिए हमने वन डे के टाइम फ्रेम पे और फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे यह सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस ड्रॉ किए थे। अब आप देखिए वही सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस अभी हमारा 15 मिनट के भी टाइम फ्रेम पे मैच कर रहा है। मैंने और कोई भी लाइन ड्रॉ नहीं की है। ना ही मैंने 1 ऑवर का टाइम फ्रेम देखा, ना ही मैंने 30 मिनट का टाइम देखा, ना ही मैंने 2 आवर्स का टाइम फ्रेम देखा। मैंने 4 आवर्स का वन डे का चार्ट लगाया और सीधा ट्रेड लेने के लिए हम 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे आ गए। अब एंट्री बनाने के लिए हमको क्या करना है? 15 मिनट के ही चार्ट को देखना है। मार्केट क्या किया? यहां से अपसाइड की तरफ गया इस वाले लेवल से। इसका मतलब है कि यह हमारा एक स्ट्रांग सपोर्ट बन गया है। अभी आप देखेंगे तो मार्केट हमारा इसी ज़ोन से अपसाइड की तरफ गया है। इसका मतलब मार्केट हमारा यह एक स्ट्रांग सपोर्ट बना चुका है। अब यहां से मार्केट अपसाइड की तरफ गया और अपसाइड में मार्केट यहां से रिजेक्शन ले रहा है। अब अगर यहां पे ज्यादा टाइम तक रिजेक्शन लिया तो यह हमारा क्या बन जाएगा? स्ट्रांग रेजिस्टेंस बन जाएगा। इसका मतलब है कि मार्केट अभी इस लेवल को ब्रेक नहीं करने वाला है। अभी इसी ज़ोन में बाय इन द डिप सेल ऑन द राइज़ बाय इन द डिप सेल ऑन द राइज़ चलता रहेगा। अब बाय इन द डिप सेल ऑन द राइज़ का मतलब क्या होता है? बाय इन द डिप का मतलब है कि डिप में बाय करना। मतलब सपोर्ट के लेवल से बाय करना और रेजिस्टेंस के लेवल से सेल करना। यह वाला जो एरिया है हमारा रेजिस्टेंस है और डाउन साइड का जो एरिया है वह हमारा सपोर्ट लेवल है। तो अभी यहां पे हमें रिजेक्शन देखने को मिल रहा है। ब्रेकआउट वाली कैंडल आई थी। अब बहुत सारे लोग यहां पे ट्रैप भी होते हैं। एक चीज आप यहां पे नोटिस कीजिएगा। इस लेवल पे बहुत सारे लोग ट्रैप होते हैं कि यहां से मार्केट हमारा अप साइड की तरफ जा रहा है। चलो अब हम क्या करते हैं? रेजिस्टेंस को ब्रेक किया है। यहां से अपसाइड की एंट्री बना लेते हैं। लेकिन आप मुझे यह बताइए कि जो 15 मिनट की कैंडल यहां पे बनी हुई है और नेक्स्ट 15 मिनट की कैंडल कोई ऐसी आई है क्या जो ब्रेकआउट दे? आप देख लीजिए यहां पे कोई भी ऐसी कैंडल नहीं आई है कि जिससे कैंडल हमें ब्रेकआउट की तरफ मिली हो। तो यहां पे यह क्या हो गया? हमारा फेक ब्रेकआउट हो गया। इसको हम किस में कंसीडर करेंगे? फेक ब्रेकआउट में कंसीडर करेंगे। मतलब अभी तक हमें ब्रेकआउट नहीं मिला है। हम यहां पे कोई भी एंट्री नहीं लेंगे। ब्रेकआउट का मतलब होता है कि एक कैंडल जाए इस टाइप से रिटेस्ट ले और रीिटेस्ट लेने के बाद यह जो हमारी प्रीवियस 15 मिनट की कैंडल है या जो यह हमारा रेजिस्टेंस है इसके ऊपर नेक्स्ट कैंडल का ब्रेकआउट मिले तब वह हमारा रियल ब्रेकआउट होता है। तो आपको क्या करना है? यह यहां से रिजेक्शन मिला है। अभी आपको वेट करना है। अब डाउन साइड की भी एंट्री लेने के लिए आपको तुरंत यहां से डाउन साइड की भी एंट्री नहीं लेनी है। रिजेक्शन दे रहा है। अच्छा है। कंफर्मेशन लेना लेकिन जरूरी है। तो, हम क्या करेंगे? यह जो हमारी 15 मिनट की कैंडल आ रही है, यहां से बार-बार रिजेक्शन ले रही है। और 15 मिनट की कैंडल आ रही है, हम इसी 15 मिनट की कैंडल को भी मार्क कर लेंगे। अब मार्केट अगर इस सपोर्ट को ब्रेक करेगा तो हम क्या करेंगे? यहां से डाउन साइड की एंट्री बना लेंगे और टारगेट क्या रखेंगे? पूरा का पूरा सपोर्ट तक रखेंगे। आप ऐसे बड़े टारगेट के लिए भी जा सकते हैं। बहुत बार ऐसा होता है ना लोगों का क्वेश्चन भी रहता है कि हम बड़े टारगेट को नहीं ले पाते। उसका क्या रीज़न है? उसका यही रीज़न है कि हमें पता ही नहीं है कि मार्केट जाएगा तो कहां तक जाएगा? अप साइड में या फिर डाउन साइड में। तो अब आपको यहां से पता चल गया कि अगर इस सपोर्ट को मार्केट ब्रेक किया तो यहां से मार्केट क्या करेगा? डाउन साइड की तरफ आएगा। तो आप अपने पूरे के पूरे टारगेट को यहां पे ले सकते हैं। 15 मिनट के सपोर्ट को ब्रेक करेगा। सपोर्ट मतलब 15 मिनट की कैंडल को आप हाई पे ही मार्क कर लीजिए। अब इसमें स्टॉप लॉस आपको कैसे रखना है? स्टॉप लॉस हमेशा रेजिस्टेंस के ऊपर का रखिए। 100 200 पॉइंट हमेशा अपसाइड की तरफ रखिए। उससे आपका स्टॉप लॉस जल्दी से कट नहीं होगा। जैसे मान लीजिए 69500 पे हमने ये सपोर्ट लगा दिया है। 69500 के नीचे से हमारी एंट्री बन जाएगी। यहां पे अगर हमारी एंट्री बन रही है तो अब स्टॉप लॉस कम से कम हमारा 70000 का होना चाहिए। जैसे कि यहां पे जो कैंडल का हाई लगा हुआ है कितने पे? 69,900 के अप्रोक्स इस कैंडल का हाई लगा हुआ है। तो हम क्या करेंगे? इस कैंडल के हाई के ऊपर का ही स्टॉप लॉस रखेंगे। वह इस वजह से रखेंगे कि इन केस अगर कैंडल यहां से रिवर्स भी होके जाए तो हमारा स्टॉप लॉस कट ना हो। अब बहुत सारे लोग क्या करते हैं कि अपनी एंट्री भी सही जगह से बना ली। उन्होंने डायरेक्शन भी ठीक-ठाक चूज़ कर लिया है कि मार्केट यहां से डाउन साइड या अपसाइड की तरफ जाएगा। लेकिन स्टॉप लॉस सही नहीं होता है। तो आपको स्टॉप लॉस क्या रखना है? स्टॉप लॉस सही रखने के लिए आपको हमेशा रेजिस्टेंस या सपोर्ट के नीचे रखना है अपना स्टॉप लॉस ताकि आपका वहां पे स्टॉप लॉस कट ना हो और आपकी ही डायरेक्शन में ट्रेड मूव करता रहे क्योंकि जरूरी नहीं कि मार्केट में जब हम ट्रेड बना लिए हैं तो हमारी ही डायरेक्शन में सीधा डाउन साइड की ही तरफ मूव करें या हमारी ही डायरेक्शन में सीधा अपसाइड की तरफ मूव करें। यह तो जरूरी नहीं है। यहां पे मार्केट काफी देर तक कंसोलिडेट भी कर सकता है। अप एंड डाउन भी जा सकता है। ऊपर नीचे भी हो सकता है। तो कई सारी कंडीशन देखने को मिल सकती है। तो उन सारी कंडीशन को उन सारी सिचुएशन को देख के हमें अपना स्टॉप लॉस और टारगेट यहां पे लगाना है। अब अगर 69500 से हमें ब्रेकडाउन मिलेगा तो टारगेट यहां पे हमें क्या मिल जाएगा? 68,600 का। अब आप इस पॉइंट को नोट कीजिए। कितना पॉइंट निकल के आ रहा है? लगभग 900 से 1000 पॉइंट के अप्रोक्स निकल के आ रहे हैं। तो 1000 पॉइंट का गेन हमें बहुत आराम से मिल सकता है। अब यही चीज़ आप अपसाइड में समझ लीजिए कि मार्केट अगर यहां से ब्रेकआउट दिया तो कैसे हमें पता चलेगा कि रियल ब्रेकआउट है। रियल ब्रेकआउट के लिए आपने रेजिस्टेंस तो पहले ही अपना मार्क करके रखा है कि यहां से ब्रेकआउट मिला तो मार्केट यहां तक जाने वाला है। 71,000 तक जाने वाला है। तो, हम क्या करेंगे? इस 15 मिनट के टाइम फ्रेम के बीच में वेट करेंगे। इसके ऊपर अगर कैंडल का ब्रेकआउट मिलता है तो हम 70000 से लेके और 71,000 तक के लिए एक एंट्री बना लेंगे और टारगेट क्या रखेंगे? इसके ऊपर रखेंगे जहां पे हमने रेजिस्टेंस मार्क किया है। और ये स्टॉप लॉस क्या रखेंगे? इस सपोर्ट के नीचे का रखेंगे कि 69,400 पे डाउन साइड की तरफ या 600 पे डाउन साइड की तरफ कैंडल आई है। तो यहां पे उसे 100 पॉइंट डाउन साइड में हम अपना स्टॉप लॉस रख लेंगे। तो इस टाइप से हमारी अपसाइड की भी एंट्री बन सकती है और डाउन साइड की भी एंट्री बन सकती है। अब आज यह ब्रेकआउट हमें क्यों नहीं मिल रहा है? क्योंकि आज सारे फॉरेक्स मार्केट वगैरह क्लज़ है। इस वजह से मार्केट में बहुत ही स्लो मोमेंट देखने को मिल रहा है। नहीं तो सेम टाइम पे ही आपको यहां पे ट्रेड भी बनती हुई दिखाई दे जाती कि यहां से ब्रेकआउट मिल रहा है या फिर ब्रेकडाउन मिल रहा है। अब ज्यादा पॉसिबिलिटी किधर की है वह हमें कैसे पता चलेगा? उसको पता करने के लिए आप यहां पे देखिए 4 आवर्स के टाइम फ्रेम को। 4 आवर्स के टाइम फ्रेम पे एक स्ट्रांग कैंडल आ रही है और 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे भी यहां पे हमें स्ट्रांग कैंडल मिल रही है। तो इसलिए हम थोड़ा सा वेट कर रहे हैं कि मार्केट अगर यहां से ब्रेकआउट देगा तो अपसाइड की तरफ निकल जाएगा। जब भी आपको डायरेक्शन कंप्लीट करना हो, डायरेक्शन को देखना हो, तो आप यह देखिएगा कि फोर आवर्स के टाइम फ्रेम पे भी आपकी अपसाइड की कैंडल हो, 1 ऑवर के भी टाइम फ्रेम पे अपसाइड की कैंडल हो और 15 मिनट के भी टाइम फ्रेम पे अपसाइड की कैंडल हो। तब मार्केट क्या करता है? वहां से अपने मूवमेंट को कंटिन्यू करता है। तो उसके लिए ऐसा नहीं कि आप कहीं से भी एंट्री बना लें। उसके लिए प्रॉपर ब्रेकआउट का वेट करना है। प्रॉपर ब्रेकडाउन का वेट करना है। तभी आपकी एंट्री अच्छी होगी। तो यह होता है सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस निकालने का तरीका। आप इस टाइप से अपना सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस निकालेंगे तो कभी आपसे गलती नहीं होगी। और यह सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस आप लगा के देखिए। एक दिन नहीं, दो दिन नहीं आपका यह एक-एक वीक तक सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस वर्क करेगा। अगर साइडवेज चल रहा है, तो भी वर्क करेगा। ब्रेकआउट दे रहा है, तो भी वर्क करेगा। तो आप इस पे ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस कीजिए और प्रैक्टिस करने के बाद आप कुछ कम क्वांटिटी के साथ में इस पे अपना आप ट्रेड भी अप्लाई कीजिए ताकि आपको यह पता चले कि हां जो हम सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस निकाल रहे हैं वो हमारा बिल्कुल सही तरीका है और इससे हमारी ट्रेड भी बन रही है और इससे हम प्रॉफिट भी बना रहे हैं। तो आई होप आपको यह वीडियो अच्छी लगी होगी और अगर अच्छी लगी है तो आप एक लाइक और एक कमेंट करना ना भूलें। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस