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आप ऐसा कैसे कह सकते हो कि स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता। सब लोग 80% एक्यूरेसी, 90% एक्यूरेसी, नो लॉस स्ट्रेटजी ऐसे भी बोलते हैं।
यह बिगेस्ट ल एंड बिगेस्ट मिथ इन स्टॉक मार्केट है। आज हमारे साथ कॉन्वर्सेशन में है रविंद्र रोकड़े। यह एक प्रॉप डेस्क ट्रेडर हैं जो $ मिलियन का अकाउंट हैंडल करते हैं। एंड इनके पास करीबन 15 साल से भी ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इनका ट्रेडिंग स्टाइल इंट्राडे है एंड इस पॉडकास्ट में आप कैपिटल मैनेजमेंट, रिस्क मैनेजमेंट और साइकोलॉजी पे बहुत कुछ सीखने वाले हैं। इनका मानना है कि स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता। तो आइए जानते हैं कि ऐसा ये क्यों कह रहे हैं। प्रॉप डेस्क पे कैपिटल मैनेजमेंट कैसा होता है? कितना आप लोग डिप्लॉय करते हो कैपिटल एक ट्रेड के लिए। मैं अभी $ मिलियन हैंडल करता हूं। बट मेरे कुछ स्टूडेंट्स हैं। कोई $25,000 पर है, कोई $50,000 पर है। लेकिन ये बहुत पुराने स्टूडेंट हैं। 6 मंथ से अगर आपने लॉस नहीं किया है और हर दिन ट्रेड किया है तो आप ट्रेडर हो। अगर किसी का माइंडसेट बहुत स्ट्रांग है तो वह कॉइन टॉस पे भी प्रॉफिट कर सकता है।
कॉइन टॉस पे भी
कॉइन टॉस पे भी प्रॉफिट कर सकता है। यहां से आगे आपको स्ट्रेटजी ना ₹1 बढ़ने वाला बताने वाली है ना ₹10 नीचे आने वाला बताने वाली है। रिटेल ट्रेडर का सबसे बड़ा प्रॉब्लम है। फेवर में जाते समय जब ग्रीन कैंडल्स बनते जाती है तो उसको वो प्रॉफिट अपना लगने लगता है।
जब ट्रेडर ट्रेड करता है तो टारगेट भी तो स्ट्रेटजी बताती है।
नहीं बताती। व्हाट इज व्हाट इज द बिगेस्ट प्रॉब्लम ऑफ रिटेल ट्रेडर? फियर हम
ट्रेड ओवर ट्रेडिंग
ठीक है
बकवास है सर आपने मेरे सामने एक बहुत ही कंट्रोवर्शियल स्टेटमेंट बोल दिया है कि स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता
जी
सर मैं तो नहीं मानता क्योंकि हर कोई स्ट्रेटजी ही जानना चाहता है सबके पास वो जो ट्रेड सीक्रेट होता है मेरे ख्याल से वो स्ट्रेटजी ही होता है तो आप ऐसा कैसे कह सकते हो कि स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता मैं पहले आपको एक एग्जांपल देता हूं हम एग्जांपल डिस्कस करते हैं और फिर मैं आपको ये एक्सप्लेन करता हूं इन डिटेल्स क्योंकि ये पूरा साइकोलॉजिकल पॉइंट है। तो इसको डिटेल में एग्जांपल के साथ एक्सप्लेन करेंगे तो लोग कोरिलेट कर पाएंगे। फॉर एग्जांपल ऐसा क्यों होता है? 10 में से पांच छह ट्रेड ही किसी के राइट जाते हैं। ठीक है? अब किसी ने ₹100 प्रीमियम पे कोई कॉल बाय की। ठीक? अब ₹100 प्रीमियम पे बाय की। किसी ने 200 पे सेल की। किसी ने 110 पे सेल की, किसी ने 1120 पे सेल की।
ठीक है? अब अगले दो ट्रेड में ये हुआ कि जिसने 200 पे सेल की उसका भी और ये बचे दो इनका भी 30-30 पॉइंट का स्टॉप लॉस हिट हो गया। अगले दो ट्रेड में।
ओके।
ठीक। अब हुआ ये कि जिसने 100 पॉइंट बुक किए थे उसके 30-30 करके 60 पॉइंट्स गए। अभी भी उसके पास 40 पॉइंट्स है।
हम
प्रॉफिट। बट जिसने 10-10 पॉइंट और 20-20 पॉइंट बुक किए थे, उनके 60 पॉइंट्स जा चुके हैं।
ओके।
ठीक?
हम
अब अगर स्ट्रेटजी वही थी, ट्रेडर अलग-अलग थे। एक 100 तक होल्ड कर पाया और एक 110 में डर गया। एक 120 में डर गया। ऐसा क्यों हुआ? क्या वजह होगी? अल्टीमेटली फियर
डर पर इस डर को एड्रेस करना बहुत जरूरी है। अब मुझे बताओ डर इज इट अ पार्ट ऑफ अ स्ट्रेटजी। नॉट ऐसा कह नहीं सकते क्योंकि
नहीं डर इज़ नॉट एट ऑल अ पार्ट ऑफ़ स्ट्रेटजी। स्ट्रेटजी क्या होती है? स्ट्रेटजी इज़ जस्ट अ सेट ऑफ़ रूल्स। कि यहां पे बाय करना है। यह फॉर्मेशन होगा तब बाय करना है।
बाय करना है। इट इज अ सेटअप। ठीक है? अब बहुत सारे लोग ऐसे भी ट्रेड करते हैं। मुझे लगता है ऊपर जाएगा। मुझे लगता है नीचे जाएगा। एंटीिसिपेशन एंड प्रेडिक्शन कहते हैं इसको।
बट पॉइंट पर आता हूं मैं। जैसे आपने कहा कि आपको लगता है कि स्ट्रेटजी से ही प्रॉफिट होता है। सब लोग 80% एक्यूरेसी, 90% एक्यूरेसी, नो लॉस स्ट्रेटजी ऐसे भी बोलते हैं।
ये बिगेस्ट ल एंड बिगेस्ट मिथ इन स्टॉक मार्केट है। ओके।
कड़वा है बट सच है।
क्यों गड़वा है सर? क्योंकि जब आप राइट आने की कोशिश करते हो आप मुझे बताइए 10 में से नौ बार राइट कौन आएगा जो ₹100 का रिस्क लेके ₹10 बुक कर रहा है
हम
क्योंकि ₹1 का रिस्क है आपका और ₹10 तो यूं ही आ जाएगा
सात आठ बार आपका 50 पे जाकर भी 110 पे आ जाएगा
बिल्कुल
बट जिस बार वापस नहीं आएगा वो क्या करेगा आपका जो 110 बुकिंग है ये पांच बार भी आपने प्रॉफिट किया होगा अकेला एक जो 100 माइनस जाने वाला है वो तो लेकर भी जाएगा और जेब से भी लेकर जाएगा
हम
और यही सब ट्रेडर्स के साथ हो रहा है।
सर, बहुत लोग एक्यूरेसी पे भी बहुत ज्यादा फोकस करते हैं कि वैसी स्ट्रेटजी मिल जाए जिसकी एक्यूरेसी 100% हो या 90% हो
या नो लॉस स्ट्रेटजी भी हो गया कि सबको थोड़ा-थोड़ा कमाना है और उसमें ही खुश है। बट आपकी जितने मैंने ट्रेडिंग स्टाइल देखा है, टेंपरामेंट देखा है तो उसमें आपके मेजॉरिटी ट्रेड्स गलत जाते हैं। मतलब आप लॉस में बुक करते हो बट वो जो विनिंग ट्रेड्स हैं उसमें आप बहुत ज्यादा कमाते हो।
जी। तो इसके बारे में थोड़ा एक्सप्लेन करिए और कैसे एक रिटेलर इसे अपने ट्रेडिंग सिस्टम में ला सकता है। जी
सबसे पहले यह आपने जो क्वेश्चन पूछा इसको कहते हैं बिग रिस्क रिवॉर्ड रेशियो।
ठीक है? और कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ेगा।
मतलब अगर आपको एक ट्रेड में 1:4 1:10 लेना है तो आपको इसके पीछे दो ट्रेड जो 1:1 जाकर रिटर्न आ रहे हैं। कोई 1:2 जाकर रिटर्न आ रहा है उसको वापस देना पड़ेगा मार्केट। रिटेल ट्रेडर का सबसे बड़ा प्रॉब्लम है। फेवर में जाते समय जब ग्रीन कैंडल्स बनते जाती है तो उसको वह प्रॉफिट अपना लगने लगता है।
हम
जबकि वो नोशनल प्रॉफिट है।
इट इज़ नॉट रियलाइज्ड वन।
और जब वो उसको अपना समझेगा तो फिर ₹1 भी प्रॉफिट है, ₹1000 भी प्रॉफिट है और 10,000 भी प्रॉफिट है। एनीथिंग इन ग्रीन इज़ अ प्रॉफिट। राइट?
तो फियर 1000 पे भी ट्रिगर हो सकता है, ₹00 भी ट्रिगर हो सकता है। बट अगर आप एक स्टबन ट्रेडर हो, अपने आपको बोलते हो कि ये मेरा रिस्क था और इतना मुझे प्रॉफिट चाहिए नहीं तो मुझे लॉस बुक करना है।
ओके?
देन ओनली यू विल बी एबल टू बुक अ बिग रिस्क रिवॉर्ड रेशियो। अब आते हैं आपके क्वेश्चन पर। आपने कहा ऐसा क्यों होता है? रिटेल ट्रेडर 80% 90% एक्यूरेसी चस कर रहा है।
हम
उसको सही चीज बोलो वो सही चीज भी चस करेगा ना। ओके।
आप कंसिस्टेंटली उसको वो खाना खिला रहे हो और उसको लग रहा है कि यही होता है। मुझे एक बात बताइए। जितने भी वीडियोस स्टॉक मार्केट में सोशल मीडिया पर अवेलेबल है, एवरीवन इज टॉकिंग अबाउट 80% एक्यूरेसी, 90% एक्यूरेसी।
एक्यूरेसी इज द बिगेस्ट मिथ ऑफ द स्टॉक मार्केट। स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता।
सर मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं बहुत सारे रिटेल ट्रेडर्स में खुद का कन्विक्शन नहीं होता। किसी और का कहा कन्विक्शन होता है।
तो शायद उसकी वजह से भी ये लोग होल्ड नहीं कर पाते।
अब आप मुझे बताइए 90 95% रिटेल ट्रेडर के पास जो स्ट्रेटजी है क्या उन्होंने खुद बैक टेस्ट की हुई है?
नहीं लगता। सबने कहीं ना कहीं किसी से कॉपी की है। हम है ना? सिंपल है। कोई बोलता है आरएसआई ओवरसोल्ड है बाय कर लो। कोई बोलता है मूविंग एवरेज साथ में क्रॉसओवर दे रहा है। डबल कंफर्मेशन है बाय कर लो। कोई बोलता है स्टॉcस्टिक भी ओवरसोल्ड है। तीन सिग्नल है बाय कर लो। बट ये तीनों चीजें आपको कहां तक पहुंचा रही है? पहले ये बताइए।
ये पहुंचा रही है आपको एंट्री तक।
ओके।
है ना?
अब आपको मैं बताता हूं व्हाट इज दी एब्सोल्यूट करेक्ट स्टेटमेंट इन स्टॉक मार्केट। ट्रेडिंग इज 10% स्ट्रेटजी और स्किल कह लो एंड 90% माइंडसेट।
ओके? मतलब माइंडसेट का इतना बड़ा वेटेज है।
90 मैं तो ये बहुत ज्यादा यू कैन से डिप्लोमेटिक आंसर दे रहा हूं। मेरे हिसाब से 100% माइंडसेट है।
ओके।
अगर किसी का माइंडसेट बहुत स्ट्रांग है तो वो कॉइन टॉस पे भी प्रॉफिट कर सकता है।
कॉइन टॉस पे भी
कॉइन टॉस पे भी प्रॉफिट कर सकता है। मेरा माइंडसेट इतना स्ट्रांग नहीं है। इसलिए मुझे कोई रीजनिंग लगती है। अब सबसे पहले ये समझते हैं सर स्ट्रेटजी का रोल क्या है? हम
स्ट्रेटजी आपके माइंड को एक क्वेश्चन प्रोवाइड करती है कि भाई तूने एक राइट चीज को ट्रेड किया है।
राइट जगह पर ट्रेड किया, राइट वजह से ट्रेड किया है। हां।
ये स्ट्रेटजी का रोल है। तो ये सारी चीज कहां तक आके खत्म हो रही है? एंट्री हम
यहां स्ट्रेटजी का रोल समाप्त हुआ। दी एंड यहां से आगे आपको स्ट्रेटजी ना ₹1 बढ़ने वाला बताने वाली है ना ₹10 नीचे आने वाला बताने वाली है। यह सारी चीज अब आप इसके बाद जो महसूस करोगे फील करोगे वो आपकी माइंडसेट फीलिंग्स इमो इमोशंस होंगे। सर मुझे रिटेल ट्रेडर का एक और वजह से कन्विक्शन नहीं आता ट्रेड में क्योंकि सर वो हमेशा एक नीड लेके आता है कि मुझे आज ₹5,000 की जरूरत है क्योंकि मेरे को ये घड़ी लेनी है।
जी
या मुझे इस वेकेशन पे जाना है तो मुझे ₹10,000 चाहिए। तो मेरे घर के एक्सपेंसेस निकालने हैं।
बिल्कुल ईएमआई निकालनी है। सबसे पहले तो
जी मैक्सिमम लोगों का यही है। कोई लग्जरी के लिए ट्रेडिंग नहीं कर रहे हैं। वो अपने नीड्स एंड वांट्स कंप्लीट मतलब जो कहते हैं हम लोगों को कि हमारे कमिटमेंट ऑफ मंथ कंप्लीट करने के लिए ट्रेड कर रहे हैं। और ये उसके लॉस का सबसे बड़ा रीज़न है।
जब आप किसी भी चीज को कमिट कर देते हो तो आप सबसे पहले इसको सैलराइड वे से देख रहे हो। हम
आप मंथ में कुछ निकालना चाहते हो तो सैलरी निकालना चाहते हो। पर ट्रेडिंग इज अ बिज़नेस। बट यहां पर रिटेल ट्रेडर क्या कर रहा है? अपनी जो हार्ड अर्न मनी है जिसकी उसको अभी सख्त जरूरत है उस पर पैसे कमाने आया है। हम
ये पैसे उसको ऑलरेडी उसकी नीड है। ये पैसों से उसको अपना घर चलाना है। ये अगर लॉस हो गया तो वो क्या करेगा? इसका उसके पास कोई जवाब नहीं है। और वो पैसा लेकर आओगे तो आप आपके ब्रेन पर एक प्रेशर क्रिएट कर रहे हो। देयर इज अ ह्यूज डिफरेंस बिटवीन ट्रेड एंड ट्रेडिंग।
सर थोड़ा इसको इबोरेट करेंगे। ट्रेड और ट्रेडिंग का फर्क क्या है?
फर्क क्या है? जी। सो हम ट्रेडिंग करते हैं।
हां।
हमारा पर्पस क्या है? सबका जितने भी हम ट्रेड करते हैं हम उन सबका पर्पस क्या है? पैसा कमाना।
पैसा कमाना। प्रॉफिट।
ठीक है? इसमें कोई कोई भी दिक्कत नहीं है। बिल्कुल सही वजह है ट्रेडिंग। हम प्रॉफिट करने के लिए आए हैं।
हम
यहां पर वो सबसे बड़ी गलती करते हैं। वो ये सोचते हैं हम ट्रेड प्रॉफिट करने के लिए आए हैं।
हम ट्रेडिंग प्रॉफिट करने के लिए आए हैं। ट्रेड नहीं। ओके?
सो क्या है?
ट्रेड इज अ इंडिविजुअल एंटिटी। ट्रेड इज अ इंडिविजुअल एंटिटी एंड ट्रेडिंग इज अ कलेक्शन ऑफ 50 100 ट्रेड्स। सबको क्या लगता है? व्हाट इज व्हाट इज द बिगेस्ट प्रॉब्लम ऑफ रिटेल ट्रेडर? फियर हम
ट्रेड ओवर ट्रेडिंग।
ठीक है।
बकवास है। कैसे सर?
कॉज एंड इफेक्ट पता है आपको? नहीं नहीं सर एकदम बेसिक से समझाइए। ठीक है? ये जो तीन चीजें हैं ये किसी चीज के रिप्रोगशन है।
ठीक है?
ये अल्टीमेट प्रॉब्लम नहीं है।
प्रॉब्लम कहीं और से शुरू हो रही है। और मैं चाहता हूं कि एक-एक रिटेल ट्रेडर इस चीज को अच्छे से समझे ताकि वो एक्चुअल रूट कॉस्ट तक पहुंच पाए। आपने पूछा था सर जब मैं ट्रेड करता हूं जब ट्रेडर ट्रेड करता है तो टारगेट भी तो स्ट्रेटजी ही बताती है। नहीं बताती। हर मोमेंट पर जब चार्ट मूव होते रहता है, फिर रेड कैंडल से डर क्यों लगता है ऐसे ट्रेडर को? मूव करते-करते एक रेड कैंडल आ जाती है। पीछे जाके देखते हैं यहां कोई रेजिस्टेंस है क्या?
हम
अरे ये तो रेजिस्टेंस दिखाई दे रहा है। चलो यहां पर एग्जिट कर लेते हैं। नीचे आने वाला है।
हम ये तो एनालिसिस पैरालिसिस हो गया ना सर। एंट्री के बाद किस चीज का एनालिसिस? एनालिसिस तो एंट्री तक था ना।
बिल्कुल।
तो एंट्री के बाद अगर एनालिसिस कर रहे हो तो डरे हुए हो ना।
अब वो डर की रीज़न खोज रहे हैं हम लोग।
हां।
अब देखिए वो डर का रीज़न है। ये ट्रेड आपको प्रॉफिट बुक करने की जरूरत इसलिए है क्योंकि आपको 10 में से नौ बार राइट आना है। हम्म।
अगर आप 10 में से नौ बार राइट नहीं आओगे तो किसी महान पुरुष ने आपको कहा है आप प्रॉफिटेबल नहीं बन सकते
और आपने उसकी बात मान ली है। तो मुझे बताइए जो ट्रेड आपका राइट गया आपको उसको कॉपी करना है या जो रॉन्ग गया उसको कॉपी करना है?
हम
आपका जो राइट ट्रेड गया
उसी को ज्यादा रिपीट करना है।
उसी को रिपीट करना है ना आपको। तो आपने राइट ट्रेड स्टडी करना चाहिए कि रॉन्ग रॉन्ग ट्रेड स्टडी करना चाहिए।
राइट को ही करना है। एब्सोलुटली राइट ट्रेड करना चाहिए स्टडी। और लोग बैठे हैं रॉन्ग ट्रेड्स को लेकर। बट सर आज की तारीख में फिर एक रिटेल ट्रेडर पैसा कैसे कमाएगा? क्योंकि वो जॉब कर रहा है कहीं ना कहीं। वो एक एडिशनल इनकम के लिए स्टॉक मार्केट में आया है।
जी कि कहीं थोड़ा ज्यादा कमाई हो जाए और कि स्टेबिलिटी के लिए सैलरी तो आ ही रही है। जी बिल्कुल।
तो अभी इसमें इस बीच में गलत क्या है कि ये उसका एक्स्ट्रा पैसा कमाना गलत है।
बिल्कुल नहीं।
या बिल्कुल नहीं। या उसका मतलब सर्टेनिटी तो है उसके पास ऑलरेडी। तो फिर
रियल मतलब जॉब से जॉब से तो कमा ही रहा है।
हां। ठीक है। एक क्वेश्चन पूछता हूं सर मैं आपसे। मुकेश अंबानी जी या कोई भी रतन टाटा भी किसी को भी मोनोपोली किसी बिनेस में करने नहीं देते थे। हम
बराबर है। जब भी उसको लगता था कि यार कोई एक मार्केट का एडवांटेज ले रहा है अपना प्रोडक्ट लेकर आते थे रतन रतन टाटा जी। ठीक है? वो बोलते थे मोनोपोली नहीं होगी। मोनोपोली से प्राइस मैनपुलेट करोगे और महंगा बेचोगे। मैं ये क्यों बता रहा हूं आपको? बिजनेसमैन अपॉर्चुनिटी फाइंड आउट करता है। हम
जहां पे उसको ज्यादा प्रॉफिटेबिलिटी नजर आती है वो वहां पर बिज़नेस करता है। रतन टाटा जी एक्सेप्शन है।
हां
वो तो सही में भारत रत्न है क्योंकि वो प्रॉफिट के लिए बिज़नेस नहीं करते थे। लोगों के भलाई के लिए बिज़नेस करते थे। उससे उनको कुछ छोटा सा 1% 10% मिल जाए तो वो चैरिटी में भी बांट देते थे। है ना? इंडस्ट्रियलिस्ट है वो। बट हम मुकेश अंबानी जी की एग्जांपल लेते हैं। उनको ये टेलीकॉम बिज़नेस में रुचि आई। Jio आके मार्केट डिसररप्ट कर दिया फ्री में देकर। हम
अब फ्री में तो सबको पता था नहीं है कम कभी तो चार्जेस शुरू हो गए अब प्रॉफिटेबल हो गई है कंपनी 5 साल बाद है ना
हम
पॉइंट ये है वो लोग किसी को भी मोनोपोली नहीं करने दे रहे हैं वन दूसरा कोई भी बिज़नेस प्रॉफिटेबल लगता है तो उसमें घुस जाते हैं
हम
आपका पैसा एक दिन में डबल हो रहा है सर
आप महीने में कैपिटल 10 टाइम्स करना चाहते हो
हम
तो मुकेश अंबानी जी के लिए इससे बढ़िया अपॉर्चुनिटी कहां पर है
ये बात भी
सोच के देखो आप
अरे यार बेचारा आदमी मेहनत कर रहा है और पूरे साल में 25 टका, 15 टका, 20 टका कमा रहा है। उसको यह नहीं दिख रहा है कि यार कोई रवि नाम का ट्रेडर है। वह द मतलब एक ही महीने में 10 10 गुना कैपिटल कर रहा है। चलो पेट्रोलियम बंद करते हैं। ट्रेडिंग शुरू करते हैं। क्यों नहीं कर रहे हो वो शुरू से?
हम
आसमानी गोल देख रहे हो आप। क्यों रिटेल ट्रेडर फंस रहा है। उसका कैपिटल 1 लाख का है।
हम
वीडियो देख रहा है 10 करोड़ वाले का। रिटेल ट्रेडर इससे रिलेट ही नहीं कर पा रहा है। वह रियलिस्टिक अप्रोच ही नहीं रख रहा है। जब वह बोलेगा ना सर मुझे महीने के 5 ही% कमाने हैं। दुनिया ब्यूटीफुल हो जाएगी उसकी ट्रेडिंग की। जी यही है। 5% बहुत ज्यादा हो गए सर। 60% इन अ ईयर।
हम
देखिए अनरियलिस्टिक गोल कौन रखता है जिसके जेब में 10,000 और 500 है। कोई 10 करोड़ वाला आपने बोलते हुए देखा है कि मुझे 10 करोड़ पे 10 करोड़ कमाने हैं? नहीं सर।
नहीं।
मैंने नहीं देखा। नहीं देखा है। वो बोलता है मेरे पास 10 करोड़ कैपिटल है। अगर 5% भी बन गया ना तो मजा आ जाएगा। सर वो तो 2% के लिए भी रेडी है। आपके गोल अनरियलिस्टिक है। ये थर्ड रीज़ आपके माइंड पे प्रेशर क्रिएट हो रहा है। सी मार्केट पैटर्न्स में घूमती है।
आई एम अ बिग फैन ऑफ़ पैटर्न्स। जब भी कोई पैटर्न बनता है वो भला ही उसी इंसान ने नहीं बनाया हो बट उसी के स्ट्रेंथ के इंसान ने बनाया होता है।
बात समझिए जब हेड एंड शोल्डर बन रहा है तो सेकंड हेड एंड शोल्डर भी उसी के जैसे पावर के इंसान ने बनाया होता है।
बिल्कुल
और इसीलिए पैटर्न रिपीट इटसेल्फ कहते हैं।
हम
सेकंड क्वेश्चन फिबोनाकी की रिट्रेसमेंट 60 पे आया और वापस पुलबक आया तो बाय करना चाहिए। 50 पे आया तो 33% पे आया तो इस पे आया तो उस पे आया तो बाय करना चाहिए। बोलते हैं लोग क्या होता है वहां पर
सर वहां पे मतलब पता नहीं क्रूशियल लेवल्स बोलते हैं
कुछ क्रूशियल कुछ नहीं है उसमें बकवास है फिबोनाकी रिट्रेसमेंट दुनिया का सबसे बड़ा फॉल्सिफाइड चीज है
बट चलता क्यों है देखो मैं बोल रहा हूं गलत है और फिर भी बोल रहा हूं चलता क्यों है
हां सर ये तो आपने खुद का ही
कॉन्ट्रोवर्सी मतलब कंट्रोवर्शियल हो गया ये कंट्राडिक्ट कर दिया आपने ये स्टेटमेंट को नहीं
कॉन्ट्राडिक्ट नहीं है आप उसके पीछे का लॉजिक तो समझो मैं ये कह रहा हूं कि आपको फिबोनाकी पता है आपको विश्वास आ गया। मुझे फिबोनाकी पता है। मुझे विश्वास आ गया। 1 लाख लोगों को फिबोनाकी पता चला। सबको विश्वास आ गया।
अब वह 1 लाख लोगों ने निफ़ी में 60 के लेवल पे आकर बाउंस होने पर सबने ऑर्डर मारे। कहां जाएगा मार्केट?
सबने बाय कर लिया। कहां जाएगा मार्केट?
ऊपर जाएगा।
तो ये फिबोनाकी की वजह से चला कि सब लोगों ने मिलकर वही पॉइंट फॉलो किया इसलिए चला।
सब लोगों ने मिलकर फॉलो किया इसलिए चला।
तो बताओ फिबोनाकी ने क्या किया इसमें? कुछ भी नहीं। एंड सर इसी के अराउंड आपकी मैंने सुना स्ट्रेटजी भी है इमंबैलेंस के अराउंड तो उस पे हम बाद में आते हैं।
बिल्कुल बिल्कुल मैं अभी यहां पर क्या होगा? फिर से कंट्रोवरर्शियल सेटमेंट है। क्या है
आप तो अभी वोट डिंग है अगर थे स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता और फिर आप अभी आपकी स्ट्रेटजी की बात कर रहे हैं। नहीं सर मैं स्ट्रेटजी की बात नहीं कर रहा हूं। मैं बोल रहा हूं कोई सेट ऑफ रूल्स अगर आप रिपीटेडली फॉलो करोगे तो वो रूल्स आपके गुलाम बन जाएंगे।
हम
अगर आप आरएसआई ओवरसोल्ड फॉलो कर रहे हो तो उसी को फॉलो करो। उसमें पीएचडी कर लो।
ठीक है?
कोई मूविंग एवरेज क्रॉसओवर फॉलो कर रहा है तो मूविंग एवरेज क्रॉसओवर में पीएचडी कर लो। मैं नहीं बोलता हूं इमंबैलेंस से ही प्रॉफिट होता है। नहीं
हम
यार मैं खुद बोलता हूं 20% राइट आना है।
क्योंकि मैं मानता हूं बचोगे तो और भी लड़ोगे।
इसका इसका स्टॉक मार्केट्स के क्या कोरिलेशन है? कैपिटल सेफ रहेगा ना कल फिर से ट्रेड करने के आओगे।
आज ही 1 लाख कमाने के लिए 1 लाख दाव पे लगाओगे। प्रीमियम जीरो हो गया ना तो घर पे खाली हाथ जाओगे। कल क्या लड़ोगे? हम
स्ट्रेटजी है, माइंड है। लड़ोगे कैसे?
किसी ने सिखाया ही नहीं कि ऑप्शन कर, चाहे इक्विटी कर।
हम
कैपिटल डबल नहीं होता दोस्त। रिटेल गलत सपने देख रहा है। अब इसने सबने चीजों ने क्या किया? उसके माइंड में प्रेशर क्रिएट किया। प्रेशर ने उसको राइट आने का फोर्स क्रिएट किया। वो राइट आने के चक्कर में वो छोटे प्रॉफिट करने लगा।
छोटे प्रॉफिट करने के चक्कर में अब उसके छोटे प्रॉफिट हो रहे हैं। बड़े लॉस हो
लॉस बड़े हो रहे हैं।
ट्रेड डालते ही पल्पिटेशन, ए्जायटी ये सारी चीजें होती है। पसीना आना
ट्रेड डालते ही इनिशिएट करते ही होता है।
सर मैंने भी एक्सपीरियंस किया। हाथ में स्वेट आने लग जाता है।
होता है। क्यों? क्योंकि यू आर एक्सपेक्टिंग प्रॉफिट आउट ऑफ दैट ट्रेड। मैं आपको सबसे बड़ा गिविक बताता हूं। लॉस के लिए ट्रेड करके देखो सर।
सर ये क्या कह रहे हो? लॉस के लिए ट्रेड करो।
बिल्कुल लॉस के लिए ट्रेड करके देखो। मेरा मैं जब भी ट्रेडिंग डे पर ट्रेड करता हूं मेरे हर ट्रेडर को बोलता हूं लॉस के लिए ट्रेड करना है।
हम आप सोचोगे ये चीज अब इसके बाद समझनी बहुत जरूरी है। ये पॉइंट इतना क्रूशियल है ये लोग क्या सोचते हैं लॉस के लिए ट्रेड करना है। बोल दिया लोग डिसपॉइंट होते हैं। पूरा सॉल्यूशन सुनो मैं क्या बोल रहा हूं। अब एक एग्जांपल देता हूं। आपके जेब में ₹10,000 हैं।
ठीक है?
आप रास्ते से जा रहे हो। एक छोटी बच्ची बिल्कुल कपड़े फटे हुए हैं। भीख मांगने आपके पास आ गई। आपको उसकी दया आई क्या आप उसको पूरे 10,000 निकाल के दोगे नहीं दोगे क्यों दया तो आ गई
बट सर मैक्सिमम क्या करोगे 500 500 के 10 नोट है ना आपके पास 20 नोट है
उसमें से एक निकाल के दे दोगे
हम
ले बेटा ड्रेस भी खरीद ले खाना भी खा ले
हम
है ना
क्यों पूरे 10 क्यों नहीं दिए
क्योंकि सर मुझे भी तो जरूरत है
क्योंकि आप दे रहे हो क्योंकि आप दे रहे हो लेते समय तो करोड़ चाहिए ना सर आपको जब आपको चाहिए आपके पास आने वाला है तो कितना चाहिए?
करोड़। करोड़।
लेकिन देते समय माइंड ह्यूमन का काम करना शुरू हो गया।
हम
है ना? जब आप देने के लिए ट्रेड कर रहे हो तो आप चाहते हो जितना मिनिमम दे सकूं उतना दूं। सही है हम।
अब आप ट्रेड के बारे में सोच के देखो। मुझे देना है।
अब जैसे मैं कहूंगा देना है। अब हिम्मत होगी क्या 1 लाख का ट्रेड खड़ा करने की?
नहीं सर।
नहीं होगी।
नहीं होगी।
अब आप क्या बोलोगे? भाई अगर देना ही हैज़
है। ज्यादा से ज्यादा 2000 देते हैं और कोई बहुत ही शक्तिमान है जैसे आपने वो लड़की को 500 दे दिए कोई तो 10 20 ही देगा ₹100 देगा लेकिन कोई बड़ा ही है कि भाई मेरा डेरिंग बहुत है
तो वो 5000 देगा लिमिट हो गई ना क्योंकि देना है
मार्केट को मुझे पैसे देने हैं अब उसने उसके ये सोच के क्या किया सबसे पहला अपना मनी मैनेजमेंट ठीक कर लिया
हम
ऑप्शन सेलर को ये करने की जरूरत नहीं है एक्सचेंज ही भगवान है उसके लिए
सर तो इससे आपने अब तक हमारी जितनी की बात हुई। उससे मेरे को दो पॉइंट बहुत ज्यादा क्लियर हो गए। आपका फोकस एक मनी मैनेजमेंट पे बहुत ज्यादा स्ट्रांग है। जी।
दूसरा रिस्क टू रिवॉर्ड रेशियो पे बहुत ज्यादा स्ट्रंग है। क्योंकि जब आप बोल रहे हो कि एक्यूरेसी कम है फिर भी हम पैसा बनाएंगे।
बिल्कुल।
तो मतलब आपका रिस्क टू रिवॉर्ड बहुत तगड़ा होगा कि ₹1 लगा रहे हो तो आप एक का रिस्क ले रहे हो तो 10 कमा रहे हो सामने।
नहीं मैं 1:4 लेता हूं क्योंकि मैं इंट्राडे ट्रेडर हूं। तो 1:10 थोड़ा सा डिफिकल्ट हो जाता है। कुछ-कुछ स्टॉक्स में आता है।
बट मैथमेटिकल कैलकुलेशन जब मैं आपको बताऊंगा तो आपको समझ आएगा कि 1:4 इज अ गुड रिस्क टू ऑर्डरशिप। और आप एक प्रोब डेस्क चलाते हो
जी
तो ऑब्वियसली वहां पर एग्जैक्टली क्या फॉलो होता है? कैसे सिस्टम्स फॉलो होते हैं? क्योंकि ऑब्वियसली वहां पे आपके पास बहुत बड़ा कैपिटल है।
जी
तो आप उस इतने बड़े कैपिटल से ट्रेड कर रहे हो और कहीं ना कहीं सही हो तभी वो कंटिन्यू होता है।
जी
तो वो उधर के कौन से रूल्स हैं जो आज हम हमारे व्यूअर्स के साथ शेयर कर पाएंगे।
वहां पे सिंपल रूल है। आप आपकी स्ट्रेटजी लेकर आओ।
मैं
कोई भी अपना अपनी स्ट्रेटजी लेकर आ सकता है।
जो भी मैं आपको मेरी स्ट्रेटजी नहीं सिखाऊंगा। आपको आपकी स्ट्रेटजी लेकर आनी है।
सिंपल ट्रेड आपके स्ट्रेटजी से होगा। एग्जिट आपके स्ट्रेटजी से नहीं होगा।
ओके।
कंपलसरी आपको मिनिमम 1:3 रिस्क रिवॉर्ड रख सकते हो तो ही आपका वेलकम होता है। अदरवाइज नहीं होता है सर। ठीक।
क्योंकि उस ट्रेडर को स्ट्रेटजी पे कॉन्फिडेंस है।
हम
मैं मुझे उसके स्ट्रेटजी पे भी कॉन्फिडेंस नहीं है और मुझे उसके खुद पर भी कॉन्फिडेंस नहीं है। उस पर मुझे कॉन्फिडेंस है। अगर वो 1:3 लेगा ना तो वो कॉइन टॉस से भी पैसे बना लेगा। तो आपका इधर प्रॉप डेस्क पर कैपिटल मैनेजमेंट कैसा होता है? कितना आप लोग डिप्लॉय करते हो कैपिटल ट्रेड एक ट्रेड के लिए?
सिंपल है। देखो अभी मैं तो थोड़ा सा प्रो हूं। प्रॉप ट्रेड एंड टेस्ट पहले से ही करता हूं।
बहुत पहले से 208 से सीखा हुआ है। इसलिए मैं अभी $ मिलियन हैंडल करता हूं। बट मेरे कुछ स्टूडेंट्स है कोई $000 पर है कोई $0000 पर है लेकिन ये बहुत पुराने स्टूडेंट है अब नई रिक्रूटमेंट कर रहा हूं फिर से नए लोगों को ले रहा हूं उसका सिर्फ सिंपल सा कंडीशन है आप सिक्स मंथ के लिए प्रॉफिटेबल होने चाहिए कंसिस्टेंट कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं है कि 100% और 200% का रिटर्न होना चाहिए बस आपको कैपिटल सेव करते आना चाहिए 6 मंथ से अगर आपने लॉस नहीं किया है और हर दिन ट्रेड किया है तो आप ट्रेडर हो मेरे लिए आप ट्रेडर हो आपने ₹1 भी अगर कमाया है ना ग्रीन में तो आप ट्रेडर हो। हम
मुझे कोई मायने नहीं रखता कि आप प्लस में हो कि नहीं हो। आपने छ महीने अगर आपने कैपिटल को डेंट नहीं पड़ने दिया और हर दिन भी ट्रेड किया है तो आपसे बेहतरीन ट्रेडर कोई नहीं बन सकता। इतने स्ट्रांग माइंडसेट वाले आप ट्रेडर हो।
सर किसी को ये जॉइ करना हो तो कैसे कर सकते हैं?
अप्रोच कर सकता है। नंबर्स मिल जाएंगे। उनको आप शेयर कर देना। वो अपना सिक्स मंथ का स्टेटमेंट्स शेयर करें। चिंता ना करें। केवल मुझे दो-तीन चीजें आपसे समझनी है। आपका हाईएस्ट लॉस वाला ट्रेड कितना है? हाईएस्ट प्रॉफिट वाला ट्रेड कितना है? और आप कैसे रिस्क रिवॉर्ड रेशियो को फॉलो करते हो?
ओके? मुझे कोई दूसरी चीज नहीं चाहिए।
मैं स्ट्रांगली बिलीव करता हूं जो बंदा पहले से रिस्क रिवॉर्ड फॉलो कर रहा है। भले ही अभी स्ट्रगल कर रहा है वो देर सवेेर प्रॉफिटेबल बन जाएगा। 100% बन जाएगा। लेकिन जो 90% एक्यूरेसी के पीछे पड़ा है, 80% नो लॉस स्ट्रेटजी भगवान मालिक है। एक एग्जांपल देता हूं। पेड़ है और कोई पेड़ काटने आया है।
हम
अब वह पेड़ काटते समय 15 अलग-अलग जगहों पर वार करेगा तो पेड़ गिरेगा क्या?
नो
और एक ही जगह पर वार करेगा तो
गिरेगा।
गिरेगा
हम
पूरा मतलब जिसे कहते हैं 100 वही है।
काटने वाला करवत वही है। हर चीज वही है। इंसान भी वही है। अब पेड़ गिर रहा है। पहली बार पेड़ नहीं गिरा। क्यों?
क्योंकि सर हमने कंसंट्रेट कर दिया हमारे एक्शंस। एक ही चीज पे
दैट इज दी मोस्ट वंडरफुल थिंग इन ट्रेडिंग। आप आपके पूरे ब्रेन को कंसंट्रेट कर दो एक सेटअप पर
और बोलो कि मुझे आठ बार रॉन्ग आना है। दो बार राइट आऊंगा कैपिटल बच जाएगा। सर एक तो मेरा वो सवाल है कि आप स्ट्रेटजी कहते हो उसका वेटेज नहीं है। बट कुछ तो होता ही होगा जो आप फॉलो करतेगे एंट्री क्राइटेरिया के नाम पे।
ठीक है? और दूसरा आप इंट्राडे ट्रेड करते हो तो इंट्राडे में ट्रेड्स वैसे ही बहुत कम हो जाते हैं क्योंकि इंडियन मार्केट 6 1/2 घंटे के लिए खुला रहता है। तो गैप्स बहुत ज्यादा होते हैं
और गैब्स में ही आपका मेजर रिटर्न बन जाता है।
जी बिल्कुल
तो ऐसे टाइम पे आप 1:4 का रिवॉर्ड कैसे लेके आते हो?
जी।
सबसे पहले मैं ये डिस्क्लेमर देना चाहता हूं। मैं अभी आपको थोड़ा सा मेरा स्ट्रेटेजी के बारे में एक्सप्लेन तो कर रहा हूं। बट स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता। मैं फिर से बोल देता हूं। ठीक है?
इट्स ऑल अबाउट माइंडसेट। ठीक है?
लेकिन फिर मैं ये स्ट्रेटजी क्यों यूज़ करता हूं? फिर कॉइन टॉस पे ट्रेड नहीं क्यों नहीं करता? कॉइन टॉस से मेरा माइंड स्टेबल नहीं रहेगा।
हां।
मुझे उसप कॉन्फिडेंस नहीं आएगा। मैं जब किसी रीज़न से ट्रेड करूंगा तो मुझे रीज़न पे कॉन्फिडेंस आएगा। इसलिए मैं एक रीज़न से ट्रेड करता हूं जिसे कहता हूं इमंबैलेंस। थोड़ी देर पहले मैंने आपको इम्बैलेंस की डेफिनेशन एक्सप्लेन की। इमंबैलेंस मींस डिमांड क्वांटिटी और सप्लाई क्वांटिटी में जब ह्यूज डिफरेंस आ जाता है तो सिग्निफिकेंट प्राइस मूवमेंट होती है क्योंकि एक साइड मतलब बयर की साइड
दूसरे साइड की क्वांटिटी को एक रेट पे फुलफिल नहीं कर पाती।
हां।
ये सिंपल रीज़न है। दिस इज़ व्हाट इमंबैलेंस इज़। अब इमंबैलेंस सीधा-सीधा जब मैंने क्वांटिटी वर्ड यूज़ किया तो वॉल्यूम से कंसर्न आ गया।
तो आई एम अ वॉल्यूम फॉलोअर।
ओके?
अब लोग कहते हैं अरे सर वॉल्यूम कहां चलता है? बट आप जो वॉल्यूम की बात कर रहे हो और मैं जो वॉल्यूम की बात कर रहा हूं इसमें जमीन आसमान का अंतर है। तो मैं जो इमंबैलेंस फॉलो करता हूं उससे बड़े मोमेंट्स 1:4 1 भी मिल सकता है क्योंकि
यस क्योंकि स्टॉक 2020-20% मूव कर जाते हैं। तो चलिए मैं आपको चार्ट पे दिखाता हूं लॉस के लिए कैसे ट्रेड करते हैं।
बिल्कुल सर।
ये बीएएमएल का चार्ट ओपन है।
कल हमने तीन ट्रेड किए थे। एक बीएएमएल किया था, एक आईfसीआई किया था और एक सोलर इंडस्ट्रीज किया था। ठीक है?
मैं तीनों के चार्ट एक्सप्लेन करूंगा। आपको तीनों में सिमिलरिटी नजर आएगी। है ना? और मैंने कहा है कि इंट्राडे में भी बड़ा रिस्क रिवार्ड मिलता है।
शर्त ये है कि आपने राइट रीजन के साथ ट्रेड करना चाहिए और लॉस के लिए ट्रेड करना चाहिए। तो चलो हम लॉस के लिए ट्रेड देखते हैं कैसे किया मैंने।
अब इसमें आप देखोगे तो ये जो पूरा पोर्शन है जहां पे फर्स्ट टाइम वॉल्यूम जनरेट हुआ था।
अब आपको लगा होगा कि मैंने चारप दिन का चार्ट रख दिया है 1 मिनट टाइम फ्रेम का और इसमें कैंडल्स तो दिखाई नहीं दे रही है। कैंडल्स की जरूरत ही नहीं है। डोजी बन रही है, हैमर बन रही है, सॉलिड कैंडल बन रही है, थ्री सोल्जर आ रहे हैं, थ्री क्रो आ रहे हैं। कोई कोई चीज की जरूरत नहीं है। ठीक? अब देखते हैं कि ये वॉल्यूम आने के पहले जहां पर मैं अभी माउस रखा है मैंने यहां पर 57000 का क्वांटिटी का वॉल्यूम है। स्टॉक का रेट है 4000
हम
4000 और 57000 क्वांटिटी ये लगभग हो गया 25 से 30 करोड़ का वॉल्यूम इन अ सिंगल मिनट
इन अ सिंगल
इन अ सिंगल मिनट नाउ क्वेश्चन इज इज इट पॉसिबल फॉर अ रिटेल ट्रेडर
आई डोंट थिंक सो
नो 30 करोड़ एक बार कर लेगा कोई एचएआई हम
बट वो कंटीन्यूअस 5 मिनट तक 2020 करोड़ 25-25 करोड़ के ट्रेड कर रहा है पॉसिबल है
नहीं नहीं पॉसिबल है एब्सोल्यूट इंस्टीट्यूशनल फुटप्रिंट्स है ये
ये रिटेल का काम नहीं है ठीक अब यहां पर हुआ क्या अगर आप इसके पिछला चार्ट देखोगे तो कंप्लीट साइडवेज है जहां मैं माउस को होवर कर रहा हूं
साइडवेज क्यों है यहां पर रिटेल ट्रेडर ट्रेड कर रहा है आप मैं हमारे जैसे स्मॉल क्वांटिटी वाले लोग ट्रेड कर रहे हैं जो हार्डली इमंबैलेंस क्रिएट करते हैं।
मैं यह नहीं बोलता हूं सप्लाई डिमांड नहीं है।
यही सबसे बड़ी मिस्टेक है ट्रेडर की कि वो सप्लाई डिमांड बोलकर छोड़ देते हैं चीजों को। अरे जहां पर एक क्वांटिटी भी ट्रेड हो रही है तो वो सप्लाई डिमांड ही हुआ ना बट इमंबैलेंस नहीं हुआ।
हम
तो इमंबैलेंस तक पहुंचोगे तो सप्लाई डिमांड को अच्छी तरीके से समझ पाओगे।
अब यहां आते हैं। तो एवरेज ट्रेडिंग यहां पर चल रही होगी। अप्रोक्समेटली पर मिनट 20 लाख, 30 लाख, 40 लाख का ट्रेड हो रहा होगा। अचानक से कोई एक मिनट में 30 करोड़ का सौदा पंच कर रहा है। क्या वो 30 करोड़ क्वांटिटी पंच करने वाले को हम लोग एज अ रिटेलर एक दाम पर उसकी पूरी क्वांटिटी दे पाएंगे क्या?
नहीं नहीं
बिल्कुल नहीं देगा।
तो उससे इम्बैलेंस क्रिएट होगा।
हम
उसके बाइंग क्वांटिटी में और हमारे सेलिंग क्वांटिटी में इमंबैलेंस क्रिएट होगा।
अब इससे होगा क्या? इससे होगा ये कि उसे बढ़ते दाम पर अलग-अलग रिटेलर से उसकी क्वांटिटी फुलफिल करवानी होगी। हम
तो जब वो 20 लाख का ट्रेड हो रहा था तो स्टॉक 1.1.2% मूव हो रहा था। 30 लाख का ट्रेड 30 करोड़ का ट्रेड हो रहा है तो स्टॉक 1% 2% मूव हो रहा है।
अब इसमें हुआ ये कि जब उसने फर्स्ट टाइम बाय किया
उस समय तो मैंने केवल उसको खोज कर निकाला
कि ये मेरा फेवरेबल जो बहुत बड़ा इमंबैलेंस लेके आने वाला एक स्टॉक है जो मुझे 1:4 1:5 रिस्क रिवॉर्ड दे सकता है। मैं बात कर रहा हूं इसमें पॉसिबिलिटी है। देगा ही मैं सर्टेनिटी की बात नहीं कर रहा हूं। मैं बोल रहा हूं मुझे एक रीजन के साथ ट्रेड करना है।
मैं देख रहा हूं कि इसमें वो रीज़ प्रेजेंट है जिससे ये जो इंस्टट्यूशन फर्स्ट टाइम आया इसने जो मूवमेंट करवाई अगर ये फिर से आता है तो ये बहुत बड़ी मूवमेंट करवा सकता है।
बिल्कुल ये जस्ट एजमशन है।
हम
और राइट रीज़न पे एजम्पशन है।
तो मैंने क्या अपने आपको कहा कि इमंबैलेंस वाला स्टॉक ह्यूज वॉल्यूम से दिखाई देगा। यहां पर ह्यूज वॉल्यूम से वो स्टॉक मुझे दिखाई दिया। मैंने उसको शॉर्टलिस्ट किया।
हम
मैं आपको दूसरा भी स्टॉक दिखाऊंगा। तीसरा भी दिखाऊंगा और आज एक स्टॉक में स्टॉप लॉस हिट हुआ वो भी दिखाऊंगा। जो मेरे स्टूडेंट्स ने ट्रेड किए उनका स्टॉप लॉस हिट है वो भी दिखाऊंगा। सब में आपको एक ही पैटर्न नजर आएगा।
जो मैंने कहा था ना एक जगह पर वार करने वाली बात वो ये है।
तो ये बीईएमएल के चार्ट पे ये एक्सेप्शनल वॉल्यूम आया।
हम अब वॉल्यूम आ गया। वॉल्यूम आने की वजह से स्टॉक जो रोज रेंज में अटका हुआ था। अचानक से बड़ी मूवमेंट कर गया।
हम
ठीक है? जहां पे रोज वो 2% के रेंज में ट्रेड कर रहा होगा। मान लो 3% के आज वो 3% केवल 5 मिनट में भाग गया। 4% 5 मिनट में भाग गया। अब यहां पर रिटेल ट्रेडर क्या सोचता है? रिटेल ट्रेडर सोचता है यार 3% तो इसकी रेंज है।
हम
5% भाग गया और कितना ऊपर जाएगा?
बिल्कुल।
अब वो शॉर्ट का रीज़न ढूंढता है।
हम यहां रेजिस्टेंस आ रहा है। यहां रेजिस्टेंस आ रहा है। चार्ट अगर 52 वीक्स हाई क्रॉस नहीं किया है तो मैं आपको गारंटी देता हूं। रिटेल ट्रेडर लाखों रेजिस्टेंस खोज के दिखा देंगे आपको। हम कोई 1 मिनट के टाइम फ्रेम पे, कोई 5 मिनट के, कोई 15 मिनट पे आप उसको पूछो। वो बोलेगा मैं आपको अभी पैदा करके देता हूं रेजिस्टेंस। ये रिटेल की हैबिट है।
पर उसके मन मन का वहम है। सब मन का वहम है। यहां पर इंस्टीट्यूशन ने मूवमेंट करवाया। रिटेल ट्रेडर सेल करने को आया। अब सेल करने को जब आएगा इंस्टीट्यूशन क्या करता है? लिक्विडिटी क्रिएट करता है। आप उसको एक्यूमुलेशन और डिस्ट्रीब्यूशन नाम देते हो और ये टेक्निकल नाम देकर छोड़ देते हो। इंस्टीट्यूशन जो अपना रिटेल ट्रेडर जो बेचारा जिसको कोई नॉलेज नहीं है वो सोचता है ये एक्यूमुलेशन और डिस्ट्रीब्यूशन है क्या? हम
इंस्टीट्यूशन आपको उसके अपोजिट डायरेक्शन में बैठवाने की तैयारी करना। ओके?
इज इट नॉट राइट? अब इंस्टिट्यूशन को अगर बहुत बड़े मात्रा में बाय करना है तो उसको कौन लगेगा?
बहुत सारी सेलर्स।
बहुत सारे सेलर्स लगेंगे। अब बहुत सारे सेलर्स लाने के लिए उसको कुछ तो गिमिक करना होगा। अब जब प्राइस इस तरीके की मूवमेंट करके ऊपर जाती है और हल्का डिक्लाइन करती है। यहां पर सारे इंडिकेटर लगा दो।
मेरा चैलेंज है यहां पर 90% इंडिकेटर्स जो ऑसिलेटर्स है ऑसिलेटर्स मतलब जो प्राइस के नीचे लगते हैं। इंडिकेटर्स मतलब जो प्राइस के ऊपर लगते हैं।
जो ऑसिलेटर्स है वो सारे ओवरबॉट ज़ोन बताएंगे।
हम
सारे इंडिकेटर्स जो है वो क्रॉस अंडर बताएंगे। और एक रिटेलर को सेल कॉल जनरेट करके देंगे। रिटेलर यहां पर सेल के लिए बैठेगा। मार्केट साइडवेज हो जाएगा। जिस तरीके से यह साइडवेज हो गया।
अब ये कब तक साइडवेज होगा? आप वॉल्यूम पे नजर डालिए। मैं इसको थोड़ा सा ज़ूम करके बताता हूं। ये कब तक साइडवेज हो रहा है आपको समझ आएगा। चार्ट पर हल्का सा जूम कर लेते हैं। अब देखिए इस पॉइंट से इस पॉइंट तक अगर मैं आपको बोलूंगा आपको वॉल्यूम में क्या ऐसा इंपॉर्टेंट पॉइंट है जो नजर आ रहा है तो क्या कहना चाहोगे?
सर मेरे को तो स्टार्टिंग वाला एक पॉइंट दिखाई दे रहा है जहां पे काफी बड़ी कैंडल्स बनी है यहां पे। करेक्ट।
और यहां से नीचे आते समय यहां तक क्या दिखाई दे रहा है?
एकदम ड्राई अप हो गई है वॉल्यूम।
मतलब वॉल्यूम रिड्यूस होता जा रहा है।
हां।
क्या साइन है सर ये? सर वापस से इमंबैलेंस हट गया है। वापस नॉर्मल हो गया।
यह साइन है। इंस्टिट्यूशन ने पहले बाय किया हम
पहले मोमेंट में भगा दिया।
हां।
अब वो बोलता है कि अब मैं लिक्विडिटी आने देता हूं। आई वांट लिक्विडिटी
टू बाय मोर।
अब वो लिक्विडिटी आने दे रहा है और एक्यूमुलेट करता जा रहा है। अब वो रुका नहीं है। अपना ट्रेड उसने रोका नहीं है।
ट्रेडिंग स्टॉप नहीं है। इंस्टेड ऑफ़ बाइंग ऑन मार्केट रेट ही इज़ बाइंग ऑन लिमिट रेट। ओके
रिटेल सेल कर रहा है इंस्टीट्यूशन बाय कर रहा है 90% रिटेलर को तो टेक्निकल एनालिसिस ने शॉर्ट कॉल दिया है ना सर तो फिर रिटेल बाय कैसे आ सकता है यहां पर नहीं आ सकता
यहां पर सेल कर रहा है और सेल करते करते वॉल्यूम इतना ड्राई हो गया है इसका मतलब अब इंस्टिट्यूशन ये सोच रहा है यार एक्यूमुलेशन कर तो रहा था मैं अब सेल करने को नया बंदा आ ही नहीं रहा है
हम जितना एक्यूमुलेट कर सकता था तो कर लिया मैंने अब नया बेस फॉर्मेशन करना होगा। यहां से फिर से अपनी फिर से क्वांटिटी लाता है। फिर से मार्केट रेट पे बाय करता है। और जो ऊपर के रेट पे डाले हुए ऑर्डर है उनको बाय करता हुआ निकलता है।
फिर से डिस्ट्रीब्यूशन, फिर से एक्यूमुलेशन, फिर से डिस्ट्रीब्यूशन, फिर से एक्यूमुलेशन। देखिए ऊपर गया वन साइड वॉल्यूम लेकर,
फिर साइडवेज हो गया। फिर ऊपर गया वन साइड वॉल्यूम लेकर, फिर साइडवेज हो गया। फिर ऊपर जाएगा वन साइड वॉल्यूम लेकर।
हम
अब अगर फिर से वॉल्यूम आता है तो मैं फिर से बीएएमएल में ट्रेड करूंगा। हम
अब लोग बोलेंगे सर इतना नीचे से इतना ऊपर तक आ गया है। अप्रोक्समेटली परसेंटेज चेंज देखते हैं हम लोग इसका। अप्रोक्सिममेटली 20% भाग चुका है।
हम
अभी 20% मूवमेंट के बाद भी आप बाय करोगे तो
और सर
होने के चांसेस हाई है।
ये सर एक दिन का ही है लगभग लगभग अगर देखा जाए तो
और आप बोल रहे थे 1 4 कैसे मिलता है?
ये 20% का मूव एक दिन का।
वन डे मूव है और हम अनफॉर्चुनेटली 1:4 वाले ट्रेडर है तो हम निकल गए थे। हम
हमने 1 4 बुक कर लिया।
बट पॉइंट इज आपको जो डाउट था कि 1 4 कैसे मिल सकता है? रॉन्ग काउंटर चूज़ करोगे तो कैसे 1:4 मिलेगा? और इतना भाग गया और कितना भाग जाओगे? ये माइंडसेट से देखोगे आप ये सोच कर क्यों नहीं देखते? रिटेल क्या सोच रहा है? इतना भाग गया इस मोमेंट में वो इतना ज्यादा भाग गया और कितना भागेगा? इंस्टेड अगर वो ये सोचता रोज तो नहीं भागता। हम
आज अचानक इतना भागा है क्या वजह है और अगर यही वजह प्रेजेंट है तो ये तो 20% भी भाग सकता है हम
ये सोचा रिटेलर ने
नहीं
क्यों नहीं सोचा सर
सर क्योंकि वहां तो वो प्रॉफिट बुकिंग का सोच रहा है
नहीं हां एक्सजेक्टली प्रॉफिट प्रॉफिट बुकिंग तो पहले तो बाय ही नहीं किया है उसने प्रॉफिट बुकिंग का
सर जिसके पोर्टफोलियो बेच देगा हां जिसका पोर्टफोलियो होगा लेकिन यहां पर रिटेलर ये सोच रहा है सेल साइड में कैसे बैठूं शॉर्ट के लिए इतना ऊपर गया और कितना ऊपर जाएगा सर उसका कोई दोष नहीं है उसको सिखाया ही वही गया है हम ओवरबॉट आता है तो सेल करो। सर 1 मिनट के टाइम फ्रेम पर, 5 मिनट के टाइम फ्रेम पर ओवरबॉट ओवरसोल्ड होता है। आप वन आवर टाइम फ्रेम, वन डे टाइम फ्रेम, वन वीक टाइम फ्रेम पे ओवरबॉट ओवरसोल्ड बोलोगे ना तो कुछ लगेगा कि ठीक है बहुत बड़े रिट्रेसमेंट 6 महीने के रिट्रेसमेंट को ये ओवरबॉट बोल ओवरसोल्ड बोल रहा है।
हम
6 महीने के बाद जो टॉप लगाया उसको ओवर सोल्ड बोल रहा है। ओवरबॉट बोल रहा है।
ये बोला तो समझ में आता है। इंट्राडे में ओवरबॉट हो गया। ओवरसोल्ड हो गया यार। वो इंस्टीट्यूशन बैठा है। कल इसने कितना पैसा डाला उसका अंदाज भी नहीं है आपको। 2000 3000 करोड़ पंप किया है उसने उस स्टॉक में।
इतना पैसा पंप करने वाला ट्रेडर 20% नहीं भगाएगा उसको और आप 5% भागने पर उसको ओवरबॉट बोल देते हो। सेलिंग आएगी बोलते हो। आपकी माइंड की वायरिंग इस तरीके से कर दी गई है कि इंडिकेटर ऑसिलेटर भगवान हो गए और आपको असली मूवमेंट करने वाली चीज ही नहीं पता। हम
अब मैं आपको दूसरा स्टॉक दिखाता हूं। ये तो मैंने एक एग्जांपल दिया सर भागा था ये IFCI ये भी ट्रेड किया था
सर इसमें मेरा वॉल्यूम से एक और सवाल है बहुत लोग वॉल्यूम को नहीं भी मानते हैं और बहुत सेलिंग साइड पे भी जब ऐसी वॉल्यूम आ रही है तब हमें क्या करना चाहिए
शॉर्ट करना चाहिए
तब हमें और शॉर्ट करना चाहिए बिल्कुल इट इज अ सिंपल थिंग देयर इज नो वे इन दिस होल वर्ल्ड टू नो व्हिच इज द बॉटम एंड व्हिच इज द टॉप
ओके
इवन डोंट राइट जब पता ही नहीं है और तरीका ही नहीं है टॉप और बॉटम पकड़ने का तो क्यों ट्राई कर रहे हो हाथ जला ला रहे ले रहे हो। बॉटम पकड़ने के चक्के में छुरी छुरी पकड़ रहे हो।
टॉप पकड़ने के चक्कर में बुर्ज खलीफा पे जाने की कोशिश कर रहे हो। पता चल रहा है वो और 100 माले ऊपर जा रहा है।
क्यों कर रहे हो सर? लेकिन इसका उल्टा रिटेलर्स बहुत अच्छे से कर लेते हैं कि
यही तो कर रहे हैं।
टॉप पे बाय और बॉटम पे सेल कर लेते हैं।
नहीं टॉप पर बाय नहीं करते सर वो। वो ऐसा लगता है आपको उसने टॉप पर बाय किया। वो टॉप पर बाय नहीं है। सर प्रेडिक्ट ही नहीं कर सकते। तो मेरा कहना है जहां बाय किया वहां से 1% नीचे स्टॉप लॉस लगाओगे तो आप राइट हो। वहां पर भी राइट हो क्योंकि अकॉर्डिंग टू मी एंड आई नीड टू आस्क यू वन क्वेश्चन टेल मी वि इज द बेस्ट बाय
व्हिच इज द बेस्ट बाय सर ये तो सबका अपना-अपना होगा लेकिन
नहीं
52 वीक्स हाई ब्रेक करने वाला स्टॉक बेस्ट बाय है सर
करेक्ट
और 52 वीक्स वाला लो ब्रेक करने वाला बेस्ट सेल है सर
रीज़न अरे यार कुछ तो किया होगा कंपनी ने जो 52 वीक का हाई तोड़ रहा है बिल्कुल और कुछ तो गलत किया होगा कंपनी ने जो 52 वीक्स का लो तोड़ रहा है
हम
तो और भी लो तोड़ेगा ना सर
बिल्कुल
तो पॉइंट ये है 52 वीक्स हाई पे बाय किया हाई पे बाय करके उसी कैंडल का लो स्टॉप लॉस लगा दिया अब अगर वो कंसिस्टेंट हर वीक पे वीक हाई लगाते जाएगा तो मुझे बड़ा रिवॉर्ड मिलेगा और नीचे आ जाएगा तो थोड़ा सा स्टॉप लॉस लेके चला जाएगा। मैंने हाई पकड़ने की कोशिश नहीं की है।
आपको लग रहा है कि वो हाई पकड़ने की कोशिश है
क्योंकि आप बिना स्टॉप लॉस के ट्रेड कर रहे हो। अभी आईएफसीआई का एग्जांपल देखिए। चार्ट चेंज हुआ है। हम
अगर मैं रेट हटा दूं और स्टॉक का नाम हटा दूं तो आपको लगेगा बीईएमएल का चार्ट है।
हां
कॉपी पेस्ट चार्ट है। यहां पर मैंने आपको कहा था ना मैं आपको सबसे बेस्ट मेथड बताऊंगा। वो बेस्ट मेथड ये है। अगर आप आपके विनर ट्रेड को कॉपी पेस्ट करने में कामयाब हो गए। आपके जैसा ट्रेडर पूरे दुनिया में कोई नहीं है।
हम व्हाट इज ट्रेडिंग? कॉपी योर बेस्ट जैकपॉट ट्रेड एवरी टाइम। ओके।
हर बार आपको मैं अगर बीईएमएल कंसिस्टेंट कॉपी करता बैठा ना तो मेरे 10 में से चार या पांच वन फोर आराम से चले जाएंगे सर।
हम
तो ये आईएससी उसी का एक बिल्कुल रिफ्लेक्शन है। वॉल्यूम देख लो नीचे
आउटस्टैंडिंग वॉल्यूम। अब आपने कहा था सर वॉल्यूम तो बहुत लोग बोलते हैं फेक होता है। गलत है ये क्योंकि वो लोग सर ये जो मूवमेंट है ना ये इसमें का कोई बड़ा वॉल्यूम को कंसीडर कर रहे हैं। मैं तो इसको देख भी नहीं रहा हूं। मैं उस वॉल्यूम को कंसीडर करता हूं जो वॉल्यूम आने के कारण पिछले दो-तीन दिन का चार्ट बिल्कुल वॉल्यूम का जमीन के अंदर घुस चुका है। समझो मैं क्या बोल रहा हूं। आज का वॉल्यूम इतना स्ट्रांग और इतना बड़ा होना चाहिए कि इसके सामने पिछले दो-तीन दिन का वॉल्यूम का डाटा
जीरो लगे
बिल्कुल दिखे ही ना
हम और वो स्टॉक को मैं पिक करता हूं ट्रेड करने के लिए और उसके बाद भी बोलता हूं कि 20% एक्यूरेसी चाहिए
हम
सो अब यहां देखिए आईएफसीआई में कितना आउटस्टैंडिंग वॉल्यूम प्ले किया है। दिख रहा है आपको? है ना? हमारा एंट्री यहां पर था। 57 उसके बाद इसने टॉप लगाया लगभग 60 59.90 हमने एग्जिट नहीं किया सर रीज़
हमारा ₹1.20 पैसा स्टॉप लॉस था।
हम
₹4.80 टारगेट था। उसने हमारे फेवर में ₹3 का ₹2 का ₹3 का मूवमेंट किया। 57 टू 60
₹1.80 पैसा अभी भी बाकी था।
बाकी है।
हमने उसको रेट के थोड़ा ऊपर ट्रेल करके छोड़ दिया।
3:20 पे ऑफ हुआ। पोजीशन की एंट्री का टाइम देखिए आप। 10:47 एग्जिट का टाइम 320 मुझे बताइए 10:47 की एंट्री 320 का एग्जिट जब आपका ये ट्रेड ओपन है तो दूसरा ट्रेड करने का मन करेगा नहीं
गया ओवर ट्रेडिंग हवा में
अब आपको स्टॉप लॉस जो हिट हुए वो दो स्टॉक दिखाता हूं आपको लगेगा कि वो भी इसी तरीके से रिफ्लेक्शन ऑफ़ बीईएमएल है। एक था सोलर Industries जिसमें कल स्टॉप लॉस हिट है। अब यहां से इसमें इंस्टीट्यूशनल वॉल्यूम की एक्टिविटी शुरू हुई है 21 तारीख से। हम ठीक है? 21 तारीख का वॉल्यूम देखिए और उसके पिछला वॉल्यूम देखिए। बिल्कुल आउटस्टैंडिंग है। पिछला 90% से ज्यादा वॉल्यूम
दिखाई भी नहीं दे रहा है। जमीन में चला गया है। तो ये एक्टिविटी किसने की होगी?
इंस्टीट्यूशन।
इंस्टीट्यूशन ने। क्वांटिटी पर रेट कितनी है? 121000 10,000 स्टॉक का रेट है 14,000 बिल्कुल।
है ना? मतलब लगभग 14 15-15 करोड़ पर मिनट ट्रेड है।
इज इट अ रिटेल ट्रेड? नो
नो।
सो जो वॉल्यूम लोग बात कर रहे हैं वो जो कहते हैं ना पांच कैंडल में 100-100 100-100 क्वांटिटी है और अचानक 1000 क्वांटिटी आ गई। वो उसकी बात कर रहे हैं। मैं तो उसको देखता तक नहीं सर।
हम
मुझे चाहिए वैल्यू में वो रिटेल के औकात के बाहर जाना चाहिए। पर मिनट वैल्यू वो 10-10 करोड़ कर रहा है और यहां पर कंसिस्टेंट देखिए कम से कम छ सात कैंडल है।
60-70 करोड़ का तो ट्रेड कर लिया उसने। 70 करोड़ रिटेल ट्रेडर कर सकता है पर वहां पे रुका है वो नहीं रुका है। आप इसका चार्ट आगे देखते जाइए। अब हमारी पहली एंट्री सोलर इंडस्ट्रीज में ये है। दिस कितने बजे? 9:16 17 पे।
ओके।
एग्जिट कहां पर है? 320 1:4 नहीं आया। हम
और रेड टू रेड ट्रेल भी हिट नहीं हुआ।
हां।
तो 1 2.2 2.3 पर आकर वो क्लज़ करता है उस दिन इस जगह पर।
हम
और हमारा 1:2 पर एग्जिट हो गया। हाथ से बुक नहीं किया सर। तो अगर सोलर इंडस्ट्रीज का ट्रेड ओपन है तो कोई दूसरा ट्रेड करने का मन करेगा?
नहीं।
गया वो ट्रेड तेल लेने। हम
पॉइंट ये है आपको आपके बीमारियों का इलाज ये नहीं समझ में आ रहा है कि जब आप 10 सेकंड में ट्रेड एग्जिट कर दोगे मार्केट अभी भी 6 घंटा जिंदा है आपके अंदर का ट्रेडर तो और ट्रेड करने को बोलेगा ना आपको
हम
और जब और ट्रेड करने जाओगे तो क्या होगा
और अभी 5 सेकंड पहले आप बोल रहे थे कि ऊपर जाएगा निफ्टी
हम
दुनिया के 15 इंडिकेटर एनालिसिस करके
10 सेकंड में ऐसा कौन सा तूफान आ गया अब आप उसको शॉर्ट कर रहे हो
हम
बट सर अगर कोई ऐसा स्टॉक हम ले लिया जिसका मार्केट कैप बहुत कम है तो उसमें भी ये होने के चांसेस ज्यादा है ना तो वहां पे तो बहुत कम मार्केट कैप के साथ ये चीज सेम कोई रिटेलर भी कर सकता है
बहुत वंडरफुल क्वेश्चन पूछा है आपने और यहां आती है सेकंड कंडीशन बट जो बिल्कुल इलिक्विड Z ग्रुप स्टॉक्स है उसमें 20 करोड़ का ट्रेड होगा
नहीं
नहीं होगा वो तो रिटेल का फेवरेट है इंस्टीट्यूशन का कहां फेवरेट है वो
हम
तो रिटेलर अगर 10 लाख का माल खरीदने को वहां पर आएगा तो इंस्टीट्यूशन 10 लाख का ही सेल करेगा करेगा। रिटेलर अगर 10 लाख का सेल करना चाहता है तो इंस्टट्यूशन 10 लाख का ही बाय करेगा।
इंस्टीट्यूशन कैन नॉट बाय बिय्ड द सेल लिमिट।
अगर एक सेलर 100 करोड़ का माल नहीं बेचना चाहता तो बायर 100 करोड़ का माल खरीद ही नहीं सकता है। हां।
है ना? तो वो जो आप बोल रहे हो ना इलिक्विड स्टॉक्स या बहुत जेड ग्रुप स्टॉक्स वो स्टॉक्स में इंस्टीट्यूशन एक्टिविटी कैच ही नहीं होगी। क्योंकि हमने उसको एक फिल्टर लगा के रखा है। 10-20 टाइम्स तो होना ही चाहिए। साथ ही में मिनिमम 4 करोड़ का एक मिनट में वॉल्यूम कंपलसरी है।
ओके?
तो 4 करोड़ रेयरली एक आध बार आ सकता है। उसमें बार-बार
4 करोड़ का नंबर कहां से आया?
4 करोड़ का नंबर कहां से आया? बहुत अच्छा क्वेश्चन आपने पूछा है फिर से। 4 करोड़ का नंबर ये पहले 1 करोड़ था 2016 में। जब मैं अपना खुद का इंट्राडे ट्रेडिंग करता था तब मैं 1 करोड़ का फिल्टर लगा के ट्रेड करता था और तब स्टॉक 2020% वन वन सीआर बाय करके ही जाते थे। ओके।
फिर कोरोना आया।
हां। रिटेलर जहां पर 20 लाख, 25 लाख, 30 लाख रिटेलर ट्रेड करते थे इंट्राडे 1 करोड़, 2 करोड़ हो गए। हम
अब जब 20 लाख, 30 लाख रिटेलर थे तो उसको मैनपुलेट करने के लिए पर मिनट वन सीआर भी काफी था।
हम
जब वो 1 करोड़ 2 करोड़ रिटेलर हो गए तब उसको मैनपुलेट करने के लिए पावर भी ज्यादा लगने लगी।
तो 1 करोड़ वाले स्टॉक चलना बंद हो गए। मैं आते थे मैं ट्रेड करता था 1 1:2 जाकर रिटर्न आ रहे हैं। मैं बोल रहा हूं ये क्या प्रॉब्लम हो रही है? तब पता चला कि रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ने की वजह से रिटेल की लिक्विडिटी बढ़ गई।
अब अगर सेलर ही इतने मात्रा में सेल कर रहा है जिसको एक करोड़ से मैनपुलेट नहीं किया जाता तो इंस्टिट्यूशन को भी अपनी पावर बढ़ानी पड़ेगी।
तो मैंने अपना फिल्टर 1 करोड़ से चेंज करके 2 करोड़ पे किया।
फिर और पार्टिसिपेशन बढ़ा तो 3 करोड़ किया। आज जो 2025 में 4 करोड़ है। हो सकता है 2026 में वो 8 करोड़ 10 करोड़ भी हो।
बिल्कुल। लेकिन मैंने मिनिमम 4 करोड़ तो फिल्टर लगाया ही है। साथ ही में मैं 10 करोड़ के ऊपर वाला ही ट्रेड करता हूं। मेरे कई सारे स्टूडेंट्स हैं जो 4 करोड़, 5 करोड़ के ट्रेड करते हैं। लेकिन मैं 10 सीआर से ऊपर वाला ही ट्रेड करता हूं। क्योंकि आपकी जब पर ट्रेड रिस्क बढ़ जाती है तो आपको हाई लिक्विड में जाना पड़ता है।
हम
तो जहां पे इंस्टिट्यूशन 25 करोड़, 30 करोड़ जैसे मैंने आपको बीएएमएल दिखाया या आईएफसीआई या ये एग्जांपल है सोलर इंडस्ट्रीज यहां पे 15-15 16 करोड़ पर मिनट है।
तो उसमें मेरा 50 लाख का पोजीशन दिखाई नहीं देगा। हम लेकिन अगर कोई स्टॉक में एक ही करोड़ वॉल्यूम हो रहा है उसमें मैं 50 लाख की पोजीशन ले रहा हूं तो वो क्लियरली विज़िबल है क्योंकि मेरे मेरे क्वांटिटी से भी इम्बैलेंस आ सकता है
और तुरंत मेरे मेरी एंट्री स्लीपेज में आ जाएगी
बिल्कुल आपकी और ऊपर चली जाएगी
बट आप ईएमएल में एंट्री करके देखो आपको ₹2 के अंतर में एक करोड़ का भी माल मिल सकता है
हम
कल के दिन में जो हमने कल ट्रेड किया जब इतनी लिक्विडिटी थी तब तो तो आपको ₹2 में भी एक करोड़ मिल सकता था
तो पॉइंट वही है कि आपको आपकी कैपेसिटी के अनुसार भी वॉल्यूम को इनक्रीस करते जाना पड़ेगा
और सर सर ये रही बात ट्रेंडिंग मार्केट्स की। बट अब मैं मार्केट देखता हूं कि इसमें बोलता है कि तीन होते हैं। लाइक 70% ऑफ़ द टाइम कहते हैं साइडवेज रहता है।
20% टाइम कहते हैं ट्रेंडिंग रहता है और 10% टाइम रहता है कि डाउन साइड रहता है उसमें।
सर आपने रिटेल ट्रेडर के प्रॉब्लम का सॉल्यूशन दे दिया। इस क्वेश्चन में ही कैसे मैं आपको एक्सप्लेन करता हूं।
इट इज़ एब्सोलुटली राइट दैट द 70% ऑफ़ द टाइम्स मार्केट रिमेन साइडवेज। देयर इज़ नो डाउट अबाउट दैट। क्योंकि यही नेचर है मार्केट का। जब तक एक मार्केट स्प्रिंग की तरह कोई एक चार्ट चार्ट बोल रहा हूं मैं मार्केट वर्ड नहीं यूज़ कर रहा हूं। कोई एक चार्ट स्प्रिंग की तरह कंप्रेस्ड नहीं रहता है तो उसको छोड़ने के बाद का जो मूवमेंट आता है वो वैसे नहीं आएगा।
हम
अगर वो ऐसे ऐसे ऐसे मूव कर रहा है तो उधर ही अटका रहेगा। ओके।
बट जब तक वो स्प्रिंग की तरह कंप्रेस्ड नहीं रहता है और आपने देखा होगा निफ्टी में अचानक से 200 पॉइंट की मूवमेंट आ जाती है। लेकिन उसके पहले तीन दिन तक साइडवेज था।
हम
क्या हो रहा था? वहां पर बिल्कुल एक स्मालेस्ट रेंज में दो साइड एक्यूमुलेट कर रही थी
और इंडेक्स में इंस्टीट्यूशन ही ट्रेड करता है। तीन दिन से कॉल राइटर भी एक्यूमुलेट कर रहा है और तीन दिन से पुट राइटर भी एक्यूमुलेट कर रहा है।
दोनों की हैवी पोजीशंस क्रिएटेड है।
दोनों की हैवी पोजीशंस क्रिएटेड है। अब दोनों में से एक को तो हार माननी पड़ेगी।
हम
बराबर है। हार मानना आप उसको लॉस में मत डालिए क्योंकि उसने तीन दिन पहले शॉर्ट किया था। उसका प्रीमियम अभी ऑलरेडी 70% गल चुका होगा।
तो ऑलरेडी वो प्रॉफिट में है। वो भी प्रॉफिट में है। कॉल राइटर भी प्रॉफिट में, पुट राइटर भी प्रॉफिट में है।
जो खरीद रहा है वही लॉस में है।
जो जो बाय कर रहा है वो लॉस में है। ऑब्वियस है।
ठीक है? तो अब इसमें होगा क्या? जब वो एक साइड की पोजीशन स्क्वेयर ऑफ करना शुरू करेगा
उस साइड में बड़ा मोमेंटम आएगा।
हम
द मोमेंट इंस्टीट्यूशन विल स्टार्ट स्क्वेयरिंग ऑफ ह पोजीशंस। एक साइड में उसके्व ऑफ की वजह से मोमेंटम आएगा।
हां। फर्स्ट सेकंड साथ में बाय करने वाला और उसको सपोर्ट करेगा।
साथ में अगर रिटेलर भी जुड़ता है तो और बड़ा मोमेंट आएगा। इस तरीके से तीन दिन से जो स्प्रिंग की तरह अटका हुआ था वो छूटा।
यहां पे कोई भी रिटेलर का पोजीशन खड़ा नहीं है सर। क्योंकि रिटेलर ने अगर वहां पे प्रीमियम पे ₹100 पे खरीदा भी होगा ना। 110 पे सेल ऑर्डर लगा के रखी होगी उसने।
70 पे स्टॉप लॉस नहीं लगाया होगा उसने। 110 पे सेल ऑर्डर कि भ कभी गलती से कहीं एक स्पाइक आ जाए और मेरा 10 पॉइंट मिल जाए। हम
और फिर सर पर हाथ मार के बैठा है सर 400 चला गया। देख यार मैंने ऐसा किया था 400 चला गया। मेरे कई सारे जो मुझे कॉल करते हैं मुझे पूछते हैं सर एक दिन तो ऐसा आएगा ना मेरा 100 का प्रीमियम 400 हो जाएगा।
हम
जरूर आएगा। और मैं ये भी गारंटी देता हूं आपका ट्रेड भी होगा। बट आपका 100 में से 100 बिट बाय करके 110 पे एग्जिट होगा और आपकी आंखों के सामने 400 जाएगा। हम
और जिस दिन आपको वाकई में 400 मिल गया तो समझना आपने 3:29 पे बाय किया था और 9:16 पे एग्जिट किया है और गैप अप या गैप डाउन का आपको प्रॉफिट हुआ है। ये कड़वा है बट सच है। रिटेल ट्रेडर ट्रेड को होल्ड नहीं कर पाता क्योंकि उसको 90% ऑफ़ द टाइम्स राइट आना है सर।
हम
मेरा इस पडकास्ट के माध्यम से केवल एक मोटिव है। रिटेल ट्रेडर को बताना कि यार भाई मत पीछा कर 90% का। नहीं होता है कुछ 90%। हम
30% राइट कर 5% घर पर लेकर जा सिंपल है। सात ट्रेड 7% लेकर जाएगा और तीन ट्रेड 12% देकर जाएगा 1:4 में 5% बचेगा जेब में 60% साल का हो गया। महीने में 10 ट्रेड हो रहे हैं केवल।
10 ट्रेड की बात है। बट यहां पर सबसे बड़ा एडवांटेज क्या आ रहा है? सर तीन बार राइट आने के लिए मेरा एक ट्रेड भी स्टॉप लॉस खाता है तो मुझ पर प्रेशर नहीं आता है क्योंकि मुझे अभी भी नौ चांस बचे हैं जिसमें से तीन बार राइट आना है।
दूसरा भी स्टॉप लॉस खाता है तब भी प्रेशर नहीं आता है क्योंकि अभी भी मेरे पास आठ चांस बचे हैं और उसमें से मुझे केवल तीन ही मैच जीतने हैं।
हम
जब मुझे 10 में से नौ मैच जीतने का प्रेशर आएगा ना, तो मैं आधे बीच में मैच छोड़ के भाग जाऊंगा। बिलकुल।
ये साइकोलॉजिकल पॉइंट है। और इसीलिए मैंने आपको पहला स्टेटमेंट क्या कहा? स्ट्रेटजी से प्रॉफिट नहीं होता। प्रेशर नहीं लोगे तो डर नहीं आएगा। डर नहीं आएगा तो आप कम रिस्क पर ज्यादा पैसा कमाना चाहोगे। कम रिस्क लोगे तो डर नहीं आएगा। डर का दूसरा सॉलशन। कम रिस्क लोगे तो एग्जिट करने का मन नहीं करेगा क्योंकि प्रॉफिट भी तो कम ही दिखाई देगा। हम छोटा ही दिखाई देगा। तो एग्जिट नहीं करोगे तो दूसरा ट्रेड करने का मन नहीं करेगा। दूसरा ट्रेड करने का मन नहीं करेगा तो ओवर ट्रेडिंग नहीं होगी। ओवर ट्रेडिंग नहीं होगी तो बड़े रिस्क रिवॉर्ड लोगे। बड़े रिस्क रिवॉर्ड लोगे तो 20% 30% एक्यूरेसी के साथ भी कैपिटल बचा लोगे और कैपिटल बचा लोगे तो कल फिर से जिंदा हो लड़ोगे। आपकी जर्नी में कौन से थोड़े लो पॉइंट्स हमें बता दीजिए और कौन से हाई पॉइंट्स बने और उस बीच में ऐसी कौन सी चीजें हुई जिससे आपका ये साइकोलॉजी इंप्रूव हुआ।
सबसे पहले मेरे लो पॉइंट के लिए जिम्मेदार था मेरा एजुकेशन। आप सोचोगे एजुकेशन तो एजुकेशन हम शेयर कर रहे हैं वो
इंप्रूवमेंट करवाता है।
मैं एमएसए मैथमेटिक्स ड्रॉप आउट हूं और एमबीए मार्केटिंग किया है मैंने।
तो एमएसए मैथमेटिक्स जब सेकंड ईयर में ड्रॉप किया मैथ्स 2 + टू 4 + 4 8 मतलब देयर इज़ ऑलवेज परफेक्शन।
हम
इफ देयर इज़ ऑलवेज परफेक्शन देन स्टॉक मार्केट इज़ आल्सो अ परफेक्शन। हम होता नहीं है वैसे लेकिन
अभी समझाया मैंने 10 में से दो ही बार राइट आना है क्योंकि आपका यही पैटर्न अब आप मुझे बताइए क्या आपको बीएएमएल का चार्ट आईएफसीआई का चार्ट और सोलर इंडस्ट्रीज का चार्ट एक जैसा दिखा कि नहीं दिखा
हम काफी सिमिलर
कॉपी पेस्ट थे
हम
बिल्कुल सेम सिचुएशन क्रिएटेड थी इमंबैलेंस की
हम
ठीक है बट आप क्या गारंटी के साथ बोल सकते हो कि जिस ट्रेडर ने जिस इंस्टीट्यूशन ने जिस बड़े व्यक्ति ने सोलर में ट्रेड किया जिसने आईएफसीआई में ट्रेड किया और जिसने बीए बीएमएल में ट्रेड किया। तीनों एक ही है
नहीं।
नहीं बराबर है। तो हो सकता है बीएएमएल में ट्रेड करने वाले के पास 5000 करोड़ थे।
आईएफसीआई में ट्रेड करने वाले के पास 1000 करोड़ थे और सोलर वाले सोलर ट्रेड करने वाले के पास शायद 500 करोड़ थे। तो वो 500 करोड़ करके थक गया। इसलिए वापस नीचे आ गया।
वो 1000 करोड़ डाल के 6% भगाया और इसने 5000 करोड़ डालकर 20% भगाया।
बिल्कुल। तो इंस्टीट्यूशन सेम है। ताकत इनिशियली सबकी सेम दिखाई दे रही है। बट वो लेटर ऑन कितना कंटिन्यू होता है वो 1:4 तक पहुंचेगा ना। इसलिए सर्टेनिटी तो नहीं है।
हम
मैं इसमें सर्टेनिटी ढूंढ रहा था और उसने मेरा लो पॉइंट हिट करवाया। लेकिन फॉर्चूनेटली विद द गॉड्स ग्रेस महादेव की कृपा से मैं जॉब कर रहा था। और जॉब करते समय आपको पता है कितनी लिमिटेड सैलरी आती है। तो सैलरी का पहले अपना मंथली कमिटमेंट निकालो। फिर छोटा सा जो पैसा बचा वो स्टॉक मार्केट में डालो और ऐसे दो-ती साल 4 साल 5 साल लॉस में चले गए। तो अगर एक बात बोलूं मैं जितने भी रिटेलर इंडिया में हैं वो सारे मिलकर अगर एक ही इंडिकेटर फॉलो करने लग जाए ना तो एक रिटेलर इंस्टीट्यूशन बन जाएगा।
नहीं हो सकता क्योंकि हम 10,000 लोग 10 करोड़ लोग 10 अलग 10 करोड़ अलग दिमाग। एक बोल रहा है बाय होगा। एक बोल रहा है सेल होगा। अब इस चक्कर में मैं परफेक्शन ढूंढता रहा। परफेक्शन था नहीं। लॉस होता गया। फिर फ़ॉर्चूनेटली बिकॉज़ ऑफ़ माय मैथमेटिकल बैकग्राउंड आई गॉट अ गुड अपॉर्चुनिटी इन प्रॉप ट्रेडिंग डेस्क। हम जहां पर मुझे एक चीज का क्वेश्चन मिला और यह बहुत बड़ा लर्निंग पॉइंट है। यहां समझ में आएगा कि जैसे कहा आपने थोड़ी देर पहले कि रिटेलर अपनी पूरी पूंजी लगा देता है एक ट्रेड में और वही उसका सबसे बड़ा वीक पॉइंट है। इसका मुझे सशन क्या मिला ये बता रहा हूं मैं आपको।
तो खुद का पैसा हार कर थक गया था और प्रॉप ट्रेडिंग डेस्क है। उसने मुझे इंटरव्यू लिया, मेरा रिटन टेस्ट लिया, ऐपटीट्यूड चेक किया। सब में क्वालीफाई हुआ तो मुझे जॉब मिली ट्रेडर की।
इट वाज़ अ जॉब।
आई गॉट आई आई यूज्ड टू गेट अ स्टाइप एंडेंड 4000 बक्स। और वहां मैंने जर्नी स्टार्ट की तो मुझे टाइपिंग सिखाई गई।
और ट्रेडिंग में टाइपिंग
ट्रेडिंग में टाइपिंग कितना अटपटा है बट लिटरली टाइपिंग सिखाई गई। क्योंकि आपको एंट्री करना आना ये कोई बड़ी बात नहीं है। अंधा भी एंट्री कर लेगा। एग्जिट पे कंट्रोल आना चाहिए। इसलिए हमें टाइपिंग सिखाते कंट्रोल q कंट्रोल कंट्रोल पी कंट्रोल q कंट्रोल पी कंट्रोल q एक बाय का ऑर्डर है एक एक सेल का ऑर्डर है मार्केट पर तो थोड़ा 3 सेंट माइनस आपको एग्जिट करना है
ओके
2 सेंट माइनस आपको एग्जिट करना है
ये रूल था
तो $2 अगर आपकी टोटल एम टू एम माइनस हो रहा है ये मेरे दूसरे प्रॉप ट्रेड में जो मैंने यूएस मार्केट का प्रॉप जॉइन किया था वहां पर ये रूल था आप कितनी क्वांटिटी की पोजीशन बनाते हो पता नहीं आप कितना पोजीशन बना रहे हो मुझे नहीं कोई लेना देना अगर आपका एम टू एम $2 माइनस है तो आपका पोजीशन कट हो जाएगा चाहिए टॉलरेंस 5 सेंट्स मतलब $25 सेंट्स के ऊपर गया तो आपका ट्रेडिंग बंद
ओके
आप 1000 ट्रेड करो आप दिन में 1000 ट्रेड डालो एंट्री करने के बाद - $2 आपका पोजीशन एग्जिट होना चाहिए
ये रूल था बट पहले मैं वो एक्सप्लेन करता हूं जैसे मैं प्रॉप ट्रेडिंग डेस्ट में पहुंचा वहां मेरी सबसे बड़ी लर्निंग क्या है जब मैं पहला ट्रेड मार रहा हूं मैंने तो अपने जेब से कोई भी अकाउंट में पैसे नहीं डाले
हम $2000 की बाइंग पावर है मेरे पास
इसको को रुपीज़ में कन्वर्ट मत करो क्योंकि ₹2000 ₹2000 ही है
हम
यूएस वालों के लिए।
हां। तो मुझे पहली बार ऐसे फील हुआ कि मुझे डर नहीं लग रहा है बटन दबाते समय क्योंकि मेरे जेब से कुछ नहीं जाने वाला है।
हां लॉस फॉर द
और फिर मैंने कुछ दिन $20 $30 का लॉस किया होगा। हर दिन आ रहा हूं तो $2000 ही दिखाई दे रहे हैं अकाउंट में। क्योंकि प्रॉप ट्रेडिंग डे का एक और रूल था कि वो आपकी कैपिटल को माइनस नहीं करते। ओके। m2 माइनस आपका टोटल एम टू एम माइनस आपका कैलकुलेशन अकाउंट्स बनते जा रहा है बट आपको बाइंग पावर वही मिलेगी जो कल थी
ओके तो रोज आके मुझे $2000 मिल रहे हैं ट्रेड करने के लिए ये दूसरा लर्निंग था मेरे लिए और इस वजह से जब मेरा वो पहला ट्रिगर तो फियर था ना
हम
100% राइट आने का फियर वो चला
खत्म हो गया
गायब हो गया अब राइट ही क्यों हुआ जब मेरे जेब से कुछ नहीं जा रहा है
हम
तो स्टॉप लॉस बुक करते हैं फिर वहां पे कुछ एक डेढ़ साल काम किया वो छोड़ा मैंने और उसके बाद यूएस की प्रॉपर्टी ज्वाइन की जो मैंने अभी दूसरा एग्जांपल दिया। वहां वहां जो लर्निंग मिली है वहां से फिर एक मेंटर भी मिले मुझे यूएस से ही साइकोलॉजी के मैंने एक $00 देकर एक कोर्स किया था जहां मेरी साइकोलॉजी पूरी रिवायर कर की है मेरे उस मेंटर ने। मैं वहां पर एक सीखा। उन्होंने मुझे जब ये कहा ना कि जब $2 माइनस दिखे और आप एग्जिट करो तो मैं क्या मेरे जैसे न्यू ट्रेनीज़ सारे के सारे किसी का लॉस $2 सेंट $25 सेंट हो रहा है। कट नहीं रही है पोजीशन बटन नहीं दब रहा है हाथ से।
पर जैसे ही वो थ्रेशहोल्ड क्रॉस हुआ ऑटो स्क्वेयर ऑफ हो जा रहा है। तो 10 पे कटा किसी का दोस्त 21 पे कटा। फिर वो आदत लगते लगते लगते 10 दिन में आदत लगी $2 पे काटने की। हम
समझ नहीं आ रहा है कि क्या हो रहा है। प्रोसेस समझ नहीं आ रही है। लेकिन फिर उसके बाद कुछ ट्रेड्स फेवर में जाने लगे। हम
तो वहां पे तो कोई रूल ही नहीं बताया था। रूल तो माइनस में ही बताया था।
तो ऊपर जाने पे कोई रूल नहीं है।
रूल एक ही कट नहीं करोगे आप।
अच्छा एक किया तो एक हफ्ते के लिए ट्रेडिंग बंद।
विनिंग पोजीशन आप कट नहीं करोगे।
ओके।
आपको सिर्फ टेक केयर करना है - $2 का।
विनिंग पोजीशन शुड नॉट बी क्लोज्ड। इट शुड बी क्लोज्ड बाय एडमिनस क्या कहते हैं उसके डिस्क्रीशन से होगा हम तो कुछ ट्रेड्स $8 प्लस गए कुछ ट्रेड्स $10 प्लस गए तो एडमिन आके बोलता था $6 पे एसएल डाल $8 पे एसएल डाल $10 पे एसएल डाल पता चला मैंने 100 ट्रेड्स किए उसमें से 60 टू 70 लॉस ट्रेड
ओके 60 टू 70 लॉस
लॉस ट्रेड अराउंड 25 26 ट्रेड्स हैं कुछ इसमें रेट टू रेट भी हिट हो गया था पर अराउंड 20 वगैरह ट्रेड्स ऐसे थे जो प्रॉफिट में है और पूरा अकाउंट प्रॉफिट में है।
ओके।
वहां लाइट लगा कि हर बार राइट आने की जरूरत ही नहीं है।
मैं खुद के अकाउंट में क्यों नहीं कर पा रहा हूं। फिर मुझे ऐसा लगा कि यार ये तो जैकपॉट लगा है। फिर खुद का अकाउंट फिर से स्टार्ट किया। बिलीव मी। उसके बाद मैंने और लॉस किया।
अरे अभी तो हमने सब कुछ सीख लिया।
सीख लिया। बट तब तो मैंने सीखा दूसरे के पैसों पर। अब मैंने खुद का पैसा डाला। फिर से आग लगानी शुरू कर दी। क्योंकि जब मैं खुद का पैसा डाल रहा था अब वो $2 वाला रूल ढाबे पर बैठ गया था।
अब वो नहीं आ रहा था माइंड में। वो एंट्री तक था कि 1000 माइनस काट दूंगा और ऊपर वाला होल्ड करूंगा। 1000 प्लस आते ही काट देता था मैं
और 1000 माइनस में पोजीशन ही नहीं कटती थी। फिर से एक फिर को थोड़ा सैलरी अच्छी थी। बैकअप अच्छा था तो $500 का एक कोर्स किया। जब वो मैंने कोर्स किया उस ट्रेडर ने मेरे लास्ट $300 ट्रेड्स का एनालिसिस मुझे बताया। एक एक्सेल फाइल में उसको मैंने मेरे 300 ट्रेड्स भेजे। उसको मैंने उसके चार्ट्स भेजे। उसने उसको एनालाइज किया और मेरा सेशन किया और सेशन में समझाया व्हाट डू यू थिंक? मुझे पहला क्वेश्चन उसका ये था कि व्हाट डू यू थिंक अगर आपका रिवॉर्ड 1:2 होता, 1:3 होता, 1:4 होता, 1:5 होता और 1:10 होता, तो इनमें से आपका प्रॉफिटेबल कौन सा होता? मैंने बोला कौन सा भी नहीं। जब ₹2 बुक कर रहा होता प्रॉफिटेबल नहीं होता तो 1:5 में कैसे क्या प्रॉफिटेबल होगा? उसने मुझे एक्सेल शीट दिखाई और मैं लिटरली उसके सामने मीटिंग में हूं। टीम व्यूअर से मीटिंग होती थी तब हम
टीम व्यूअर से मीटिंग में हूं और मैं रो रहा हूं। यार मैंने ही लिए हुए ट्रेड ये कि कोई तो मैनपुलेशन नहीं कर रहा है। ये तो मेरे ही ट्रेड बता रहा है। वो बोलता है तूने कभी ये ट्राई नहीं किया कि तूने एग्जिट करने के बाद चार्ट का क्या हुआ?
ओके।
कभी सोचा ही नहीं ना एग्जिट करने के बाद हम क्या करते हैं? नेक्स्ट ट्रेड।
हां।
वो ट्रेड तो गया ना। उसकी स्टडी कहां करते हैं? हम ₹1000 प्लस बुक किए। हम तो स्टडी वो जिसने 10,000 लेकर गए उसकी कर रहे हैं ना।
हां। उसने जब मुझे वो सब शीट दिखाई 1:2 में प्रॉफिटेबल, 1:3 में प्रॉफिटेबल, 1:4 में सबसे ज्यादा प्रॉफिटेबल, 1:5 में प्रॉफिटेबल, 1:10 में प्रॉफिटेबल। मैं इतना शॉक था, मैं सोच रहा था कि सब तो राइट कर रहा था यार मैं। पर फिर भी प्रॉफिटेबल नहीं हो रहा हूं। उसने मुझे सिंपल सशन बताया। उसने बोला फिर से कोई प्रॉफिट इंडेस्ट जॉइन कर। यह चीज अप्लाई कर जब तुझे 1 4 की आदत लगेगी तेरे खुद के वजह से एडमिन के वजह से नहीं जब तू खुद होकर बुक करेगा ऑटोमेटिकली सबकॉन्शियस डेवलप हो जाएगा और बाद में तू खुद का भी कैपिटल हैंडल कर पाएगा बट अभी और तू कुछ गलत नहीं कर रहा है मैं आपके माध्यम से सभी रिटेल ट्रेडर को कहना चाहता हूं आप कुछ गलत नहीं कर रहे हो ये सबके साथ होता है और यहां से सीखोगे नहीं ना तो फिर और होता जाएगा
हम
अपने आप को रोको बोलो कि यह राइट है। मैं यह राइट करूंगा। आप फिर से आरएसआई नहीं चल रहा है तो मूविंग एवरेज। मूविंग एवरेज इससे नहीं होता प्रॉफिट। प्रॉफिट जो बोलते हैं ना अभी मैं अगर आपको पूछूं कि ये 90% जो व्यूअर्स हैं आपके जो भी ये पडकास्ट देखेंगे अगर मैं उनसे एक क्वेश्चन पूछता हूं कि व्हाट अकॉर्डिंग टू यू इज माय स्टेटमेंट इज़ राइट? 10% स्ट्रेटजी अ स्किल और 90% माइंडसेट इज अ ट्रेडिंग? क्या ये मेरा स्टेटमेंट सही है? तो सब लोग हां कहेंगे। हम
सब लोग ईमानदारी से मैं बोलता हूं आपको हां कहेंगे। कोई बोलेगा 80% कोई बोलेगा 75% बट अल्टीमेटली माइंडसेट को बड़ा वेटेज देंगे।
हां
स्ट्रेटजी क्यों ढूंढ रहे हो?
हर वीडियो स्ट्रेटजी के लिए देखने आ रहे हो।
और ये मानते हो कि 90% माइंडसेट का इन्वॉल्वमेंट है। क्राइम तो आप खुद कर रहे हो। एक रिटेल ट्रेडर खुद कर क्राइम नहीं कर रहा है। जब वो खुद बोलता है कि मैं मानता हूं 90% माइंडसेट है। और क्या कर रहा है? स्ट्रेटजी उसके सर्चेस देखो। उसको बोलना जा मेरे अपने Google पर सर्चेस देख बेस्ट स्ट्रेटजी इन द वर्ल्ड बेस्ट इंट्राडे स्ट्रेटजी बेस्ट स्विंग स्ट्रेटजी नो लॉस स्ट्रेटजी जाके शर्म आने लायक सर्चेस है अपने जो जो बोगे वही पाओगे जो ढूंढ रहे हो वही मिलेगा ना
हम
फिर वहां पे माइंडसेट की बात करने वाला कोई कोई मिलेगा ही नहीं 90% एक्यूरेसी बताने वाला ही मिलेगा एक बार देखो तो पूछ कर कि सर माइंडसेट कैसे राइड करूं क्या बड़े-बड़े लोग मिल जाएंगे मार्क डगलस मिल जाएगा मार्क डगलस का स्टेटमेंट क्या है पता है? इवन इफ यू आर ट्रेडिंग वन पैटर्न अगेन एंड अगेन रिपीटेडली देयर इज नो गारंटी बिकॉज़ ईच इवेंट इज इंडिपेंडेंट ऑन ईच अदर।
हम
तो मैंने बीईएमएल ट्रेड किया।
हम
वही स्ट्रेंथ के साथ आईएफसीआई ट्रेड किया। दोनों ट्रेड का एक दूसरे के साथ कोई कोरिलेशन नहीं है। बीएएमएल चला इसलिए आईएफसीआई चलेगा ही। सोलर चलेगा ही। अगर मैं ऐसा समझ रहा हूं तो मैं अपने आप को बेवकूफ बना रहा हूं।
करेक्ट। एव्री इवेंट इज इंडिपेंडेंट ऑन ईच अदर। जब तक इंट्राडे ट्रेडर और रिटेल ट्रेडर अपने आपको यह नहीं बताता उसका स्ट्रगल इनएविटेबल है। जारी रहेगा। उसको जमीन पे आना होगा। पहले अपने एक्सपेक्टेशंस को रियलिस्टिक करना होगा। उसको बोलना होगा जैसे मुझे किसी ने जॉब दिया क्योंकि मैं इंजीनियर हूं। चार साल इंजीनियरिंग की तब मुझे किसी ने 20,000 का जॉब दिया। हम
वैसे ही चार साल स्टॉक मार्केट सीखूंगा तो स्टॉक मार्केट भी मुझे पैसे देगा। करेक्ट।
इंजीनियरिंग मैंने पहले साल ईएक्सटीसी में की, दूसरे साल मैकेनिकल में की, तीसरे साल कंप्यूटर साइंस में की, चौथे साल सिविल में की। ऐसा हुआ?
नहीं। पहले साल कॉमन सब्जेक्ट थे। सेकंड ईयर से थर्ड, फोर्थ ईयर तक तीन साल मैंने कंप्यूटर साइंस किया।
हम्म।
तब जाके कंप्यूटर साइंस वाले ने जॉब दिया। तीन साल मैंने प्रोडक्शन किया। इसलिए मैं Mahindra एंड Mahindra के फ्लोर पे खड़ा हूं।
हम्म। मैं जब एक चीज को घिस रहा हूं तब कोई मुझे जॉब दे रहा है।
करेक्ट।
मार्केट में 50 चीजें कर रहे हो। मार्केट पैसे कैसे देगा? पॉइंट ये है आप अपने आप से झूठ बोल रहे हो क्योंकि आप अपने आपको सच नहीं बताना चाहते। क्योंकि 50 लाख लॉस हो चुका है। किसी का 10 लाख लॉस हो चुका है। और उसको एक दिन में रिकवर करना है। सर जल्दी 20 लाख हो जाएगा। रिकवर नहीं होगा। पाइल ऑन हो जाएगा।
हम एंड इफ यू डोंट वांट टू पाइल ऑन योर लॉसेस स्टॉप। वेट करो माइंडसेट को राइट बिलीव आप मुझे बताइए एलन मस्क आप में और मुझ में क्या फर्क है सर उसके आईक्यू का
ना माइंड का भगवान ने उतने ही ग्राम का माइंड उसको दिया है आपको दिया है मुझे दिया है
हम
उसने उसका सही इस्तेमाल किया डेरिंग की लोगों से पैसे उठाए बड़ा बिजनेस किया हम डर रहे हैं आप बिजनेस करना शुरू करो मैं बिजनेस करना शुरू करो हमारे घर वाले क्या बोलते हैं नहीं बेटा बेटा सेफ वाला इनकम वाला ही काम कर। बिनेस में रिस्क होती है।
हम
99% घर लोगों के घर वाले यही बताते हैं। तो हमारा माइंड ही रिवायर इतना डरपोक तरीके से किया गया है। वही माइंड का उतने ही साइज के माइंड का बंदा इतना बड़ा प्रोग्रेस कर रहा है।
कोई अलग नहीं पुरजे फिट किए भगवान ने उसको। सेम चीजें दी है जो हमें दी है। हम राइट वे में नहीं कर रहे। उसने राइट वे में कर दिया। इसके बाद मेरे को लगता है कई सारे लोगों को आपका प्रोसेस बहुत ज्यादा इंटरेस्टिंग लगेगा या इस वीडियो में तो हमने काफी हद तक माइंडसेट की बात करी कैसे हम हमारा कैपिटल मैनेजमेंट बेटर कर सकते हैं कितना कैपिटल डिप्लॉय करना चाहिए उसका एक हमें आईडिया आ गया है
तो हम इसका एक और वीडियो बनाने बनाते हैं जहां पर हम स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस से स्टार्ट करेंगे कि आप ये स्टॉक्स फिल्टर आउट भी कैसे करते हैं
जी मैं एक-एक चीज इन डेप्थ इन डिटेल्स रिटेल के मतलब अपने व्यूअर्स के साथ शेयर करने को तैयार हूं क्योंकि मैं चाहता हूं एक बार कोई भी बंदा मेरे वजह से अगर माइंडसेट चेंज कर लेता है ना तो यह मेरे लिए बिल्कुल विन विन है। तो मैं आपको पूरी प्रोसेस स्टॉक फिल्टरिंग से लेके कौन सा सॉफ्टवेयर यूज़ करता हूं। ये सारी चीज मैं डिटेल में चार्ट पर आपको एक्सप्लेन करने के लिए बिल्कुल आई एम रेडी फॉर दिस।
ओके सर। तो आई गेस हमारे व्यूअर्स को काफी हद तक समझ में आया होगा कैसे अपना माइंडसेट शिफ्ट करना है। कैसे किधर सबसे ज्यादा वेटेज देना है। स्ट्रेटजी के पीछे ना भागकर कैसे वो अपने खुद के ट्रेड्स को अगर बेटर मैनेज करेंगे तो कहीं ना कहीं प्रॉफिटेबिलिटी अपने आप ही आ जाएगी।
आई होप आप सभी को ये वीडियो पसंद आया होगा। ये पडकास्ट पसंद आया होगा। ये कॉन्वर्सेशन पसंद आया होगा। अगर आपको ये कन्वर्शन पसंद आया है तो फटाफट इस चैनल को सब्सक्राइब कर दीजिए क्योंकि सर के साथ हम एक प्रोसेस इन डेप्थ वीडियो हम जल्दी लेके आने वाले हैं इसी चैनल पर तो इस फटाफट इस वीडियो को लाइक कर दीजिए ताकि अगला वीडियो आप तक सबसे पहले पहुंचे एंड आई होप आपको माइंडसेट रिवायरिंग का कांसेप्ट समझ में आया होगा अगर आपको सर का प्रोसेस और इन डेप्थ सीखना है तो प्लीज फटाफट कमेंट करिए माइंडसेट तो हम सर का एक पूरा प्रोसेस का वीडियो इस चैनल पे जल्दी रिलीज़ करेंगे जहां पर सर ने स्टेप बाय स्टेप स्टेप हमें बताया है स्टॉक सिलेक्शन से लेके स्टॉक आइडेंटिफिकेशन किससे किसमें हम ट्रेड लेंगे किसमें हम नहीं लेंगे सब कुछ इन डिटेल एक्सप्लेन किया है तो वह वीडियो अगर आपको जल्दी से जल्दी इस चैनल पर चाहिए तो फटाफट कमेंट करिए माइंडसेट तो मिलते हैं अगले वीडियो में