Full transcript (20320 words)
वह कोई चार्ट नहीं देखते हैं। कोई इंडिकेटर नहीं देखते हैं। मार्केट पे व्यू भी नहीं बनाते हैं। मार्केट चाहे ऊपर जा रही हो, नीचे जा रही हो, साइडवेज चल रही हो, उससे उनकी स्ट्रेटजी को, उसके रिजल्ट्स को कोई फर्क नहीं पड़ता है। ये ऑप्शंस जो है वो पूरा है तो गेम परम्यूटेशन, कॉम्बिनेशंस और प्रोबेबिलिटी का। और वही तो हम पढ़ाते ही हैं। लॉस होता है तो कितना होता है या फिर होता ही नहीं है। मैक्सिमम लोग क्या है जो चार्ट देखते हैं ना उनको एक्चुअली चार्ट देखना ही नहीं आता। राइट? करेक्ट। प्रॉब्लम क्या होती है? जब तक मैं आपको कहूंगा नहीं ना कि देखो ये वाला पैटर्न बन रहा है। आपको वो दिखेगा भी नहीं। करेक्ट। कितने परसेंटेज चांसेस रहता है सर कि आपको रोल ओवर करना पड़ेगा? अभी 80 85% अपना ट्रेड जो है वो बिना एडजस्टमेंट के निकल जाता है। अगर हमारा रेंज सही है रेंज के हिसाब से ट्रेड सही है। अगर हमारे पास कैपिटल नहीं है ज्यादा तो हम क्या करें? फिर मुझे ये भी बताइए कि कब ट्रेड नहीं बनेगा? आप मार्केट पे होप पे बैठे हो कि यार ऐसा हो जाए, वैसा हो जाए। [संगीत] नहीं एक दिन में कोई अमीर नहीं बन सकता। अगर सिस्टेटिक तरीके से करेंगे, मैथमेटिक्स को समझेंगे तो प्रॉफिट भी होता है और लगातार उसको प्रॉफिट बनाया भी जा सकता है। हर महीने बनाया जा सकता है। दो-ती% ट्रेडिंग को एक इन्वेस्टर के माइंडसेट से सोचना पड़ता है। करेक्ट। वेलकम ट्रेडर्स एंड इन्वेस्टर्स टू अनदर एपिसोड ऑफ द लर्न कास्ट सीरीज दैट वी आर डूइंग हियर एट ट्रेड वाइज़। वी हैव विद अस टुडे अमेजिंग एक्सपर्ट। जिस एक्सपर्ट के साथ मैं बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहा था कि उनको कब इस सीरीज पर बुलाएं और उनसे डिटेल में सीखें। मैं बहुत ही आज एक्साइटेड हूं। उनसे आज डिटेल में सीखेंगे, समझेंगे कि क्या फ्रेमवर्क, क्या सिस्टम्स वो यूज करते हैं स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में। आज हमारे साथ हैं चिराग जैन जी। उन्होंने अपना पूरा करियर पिछले 15 से 20 साल मैथमेटिक्स रिसर्च के बेसिस पर कैसे ट्रेडिंग इन्वेस्टिंग करनी है उसमें बनाया है। उनके जो व्यू पॉइंट हैं वो बहुत ही रेडिकल है। बहुत लॉजिकल है और एक स्ट्रक्चरर्ड फ्रेमवर्क वो फॉलो करते हैं। हम उनसे आज सीखेंगे कि कैसे ट्रेडिंग करते हुए एस्पेशली ऑप्शन ट्रेडिंग करते हुए चार्ट्स देखना इंडिकेटर्स देखना ज्यादा हेल्पफुल नहीं है। वो कोई चार्ट नहीं देखते हैं। कोई इंडिकेटर नहीं देखते हैं। मार्केट पे व्यू भी नहीं बनाते हैं। मार्केट चाहे ऊपर जा रही हो, नीचे जा रही हो, साइडवेज चल रही हो, उससे उनकी स्ट्रेटजी को, उसके रिजल्ट्स को कोई फर्क नहीं पड़ता है। दिस इज व्हाट इंट्रीड मी टू इनवाइट हिम टू दिस लर्न कास्ट सीरीज। वेलकम सर। वेरी वेरीरी एक्साइटेड टू हैव यू हियर एंड आज आपसे डिटेल में सीखेंगे कि कैसे आपने मैथ्स से स्टार्ट करके, रिसर्च से स्टार्ट करके, ट्रेडिंग इन्वेस्टिंग में आए और फिर एक सक्सेसफुल आपने करियर बनाया। थैंक यू। थैंक यू फॉर दिस अपॉर्चुनिटी। यस कोशिश करेंगे कि जितना भी बेस्ट ऑफ माय नॉलेज है वो आपके सब व्यूअर्स तक पहुंचा सके। यस ग्रेट टू हैव यू सर। सर इसी से स्टार्ट करते हैं। आपने अपना करियर आपने इंजीनियरिंग की। यस। आपने इंजीनियरिंग की एंड देन यू स्टार्टेड योर ओन कोचिंग फॉर जेई स्टूडेंट्स। आपने आईआईटी के स्टूडेंट्स को पढ़ाना शुरू किया। मैथमेटिक्स पढ़ाना शुरू किया। और फिर वहां से आपने एक ट्रांजिशन किया टुवर्ड्स योर ओन ट्रेडिंग जर्नी आल्सो और मैं अभी भी पढ़ा रहा हूं। अभी भी पढ़ा रहे हैं आप। तो ये स्विच कैसे हुआ? आप अपने बारे में थोड़ा सा बताइए कि आपकी जर्नी कैसी रही? अब बेसिकली टीचिंग मेरा शुरू से पैशन रहा था कि भाई बच्चों के साथ में जुड़ाव एक रहता है। तो वो शुरू से रहा था। तो मैंने टीचिंग को तो एज अ करियर पहले से ही डिसाइड करके ही रखा था कि मैं बच्चों को तो पढ़ाऊंगा ही पढ़ाऊंगा। और सबसे ज्यादा स्ट्रेस रिलीव करने की जगह अगर कोई है ना तो वो है बच्चों के साथ आप क्लास रूम में बैठ जाओ। तो वो तो मेरा आज भी इसीलिए मैं अभी भी थोड़ा बहुत समय जहां पे भी थोड़ा निकल पाता है तो मैं बच्चों की क्लास में चला ही जाता हूं। तो टीचिंग तो मेरा शुरू से पैशन रहा था। इंजीनियरिंग करी उसके बाद मैथ्स में इंटरेस्ट था तो बच्चों को पढ़ाते चले गए। पढ़ाते चले गए। फिर सोचा कि यार कोचिंग अपना खुद का कोचिंग सेटअप डाल देते हैं। कोचिंग सेटअप डाला। सक्सेसफुली चल रहा था। चल रहा था और जैसे-जैसे आदमी के पास क्या है? वो थोड़ा पैसा आने लगता है तो वो सोचता है कि कहीं और इन्वेस्टमेंट किया जाए और दैट इज़ हाउ मेरा भी जर्नी 2015-16 में स्टॉक मार्केट से शुरू हुआ कि भ मैं भी थोड़ा इन्वेस्टमेंट वगैरह चालू करूंगा और धीरे-धीरे धीरे-धीरे फिर इस फील्ड में और जैसे-जैसे सिचुएशंस बनती चली गई वैसे-वैसे मैं अंदर घुसते चला गया और इवेंचुअली फिर आज जहां पर हैं हम लोग जो चर्चा कर रहे हैं वहां तक अपन अमेजिंग अमेजिंग अमेजिंग अच्छा आप मुझे ये बताइए कि ये ये इसका इंटरसेक्शन बहुत इंटरेस्टिंग िंग है मैथमेटिक्स और ट्रेडिंग का क्योंकि बहुत सारे लोग ट्रेडिंग में यहां आके अंदर आके मार्केट के अंदर आके समझते हैं कि जब तक उनको एक्चुअल नंबर्स की मैथमेटिक्स की समझ ना हो जब तक वो इंट्यूशन बेस्ड ट्रेडिंग कर रहे हैं या गट बेस्ड ट्रेडिंग इन्वेस्टिंग कर रहे हैं तब तक उनको नुकसान होता रहेगा। तो मार्केट में आके सीखते हैं मैथमेटिक्स। उनको सीखना पड़ता है। नहीं तो उनका कुछ बन नहीं पाता है। बट यू गेन योर एक्सपर्टीज फर्स्ट इन मैथमेटिक्स। आपने पहले ऑलरेडी अंडरस्टैंडिंग बनाई। आपकी ऑलरेडी उस चीज में एक्सपर्टीज है। फिर आप ट्रेडिंग में आए। इसका पहले इंटरसेक्शन समझाइए कि कैसे आपको वो नॉलेज एक एज देती है मार्केट में मैथ्स की नॉलेज और मैथ्स की अंडरस्टैंडिंग और क्या कॉमनैलिटीज हैं दोनों चीजों में। देखो ट्रेडिंग का जो मेरा जर्नी है ना वो तो मेरा भी नॉर्मल ट्रेडर की तरह ही शुरू हुआ था। तब तक मैं भी ये नहीं समझ पाया था कि मेरा जो मैथ्स का जो बैकग्राउंड है वो इसमें इतना ज्यादा हेल्पफुल हो पाएगा। क्योंकि मैं भी उसी तरीके से चल रहा था जो नॉर्मल एक आदमी ट्रेडिंग करना शुरू करता है वैसे ही। बट जैसे-जैसे वो ट्रेड हम करते चले गए और उसको देखा कि यार ये ऑप्शंस जो है वो पूरा है तो गेम परम्यूटेशन कॉम्बिनेशंस और प्रोबेबिलिटी का और वही तो हम पढ़ाते ही हैं। हम तब फिर धीरे-धीरे मैंने अपनी पूरी स्ट्रेटजी पूरा सिस्टम जो है वो इस चीज के ऊपर डेवलप करना शुरू किया। थोड़ा रिसर्च करना शुरू किया। थोड़ा पेपर ट्रेड से चालू किया। एंड देन इवेंचुअली वो पूरा सेटअप जब बन के एक बार रेडी हो गया फिर धीरे-धीरे जब वो प्रॉफिट में कन्वर्ट होने लगा तो उसमें और इंप्रूवमेंट आने लगे और प्रॉफिट में कन्वर्ट होने लगा तो और इंप्रूवमेंट आने लगे। अल्टीमेटली देखो आप सिस्टम कोई भी बनाओ जब तक पैसा नहीं बनता है तब तक आपका कॉन्फिडेंस बिल्ड अप नहीं होता है। हमारा भी ये बैकग्राउंड मुझे हेल्प करेगा ये शुरू में मुझे नहीं पता था। लेकिन जब इस बैकग्राउंड का मैंने यूज़ करना शुरू किया और मुझे पैसा बनना शुरू हुआ तो वो इवेंचुअली अपने आप मेरे को यह समझ में आ गया कि यही कोर है इसी पे चलना है और इसी को अगर कंटिन्यू करेंगे तो अपन इसमें और इंप्रूवमेंट करते जाएंगे करते जाएंगे और आज भी मेरा जो सिस्टम है उसके अंदर मैं आज भी इंप्रूवमेंट करने की कोशिश करते ही रहता हूं और कॉम्बिनेशंस क्या-क्या बना सकते हैं और प्रोबेबिलिटी को कैसे इंक्रीस कर सकते हैं तो वह पूरी प्रोसेस जिसमें मतलब बैक टेस्टिंग जो होता है ना जो सबसे कोर रोल है। तो अलग-अलग सिनेरियोस, अलग-अलग केसेस उसको मैं आज भी जो मेरा समय होता है उस समय पे मैं उसको बैक टेस्टिंग ही करता रहता हूं। अगर इस समय ये किया होता तो क्या बनता? ये किया होता तो क्या बनता? जब शुरू करा था तब उतना टेक्नोलॉजिकली सपोर्ट भी नहीं था। अब तो इतने सॉफ्टवेयर आ गए हैं बैक टेस्टिंग वगैरह के। तो अब तो बहुत आसान हो गया। मैंने तो पेपर पे स्टार्ट किया था कि प्राइसेस लिखना लिखना कि यार इस तरीके से करते हैं। तो अब तो इतने सॉफ्टवेयर भी आ गए हैं। तो वो बैक टेस्टिंग कर कर के कर कर के कर कर के अलग-अलग टाइप के मार्केट सिचुएशंस के अंदर अलग-अलग केसेस को इंटेंशनली इंप्लीमेंट करते चले गए। तो उससे आउटपुट पता चलने लगा कि यार ये सिचुएशन है तो अच्छा ऐसा हुआ है। मार्केट में देखो होगा तो तीन ही चीज या तो रैली आएगी या तो मार्केट नीचे गिरेगा या टाइम पास करेगा। पर कब रैली आएगी, कब टाइम पास करेगा, कब गिरेगा ये किसी को नहीं पता है। तो हम अगर हमारी स्ट्रेटजी इस तरीके से बनाएं कि यार मैंने एक लॉजिक लगाया है कि मार्केट गिरना चाहिए लेकिन रैली आ गई बट फिर भी मैं उसमें से कैसे एग्जिट कर सकता हूं। मान लीजिए मुझे लग रहा है मार्केट साइडवेज रहना चाहिए लेकिन फिर भी मार्केट में मंदी आ गई। कोई भी रीज़न से आ गई लेकिन फिर भी हम उसको किस तरीके से निकल सकते हैं। तो हम क्या करते हैं? मेरा कोर चीज क्या है? आज भी मेरा प्रैक्टिस करने का यही तरीका है कि सिचुएशन को जानबूझ के वस्ट बना दो और फिर उसके ऊपर काम करना शुरू करो कि क्या उस वर्स्ट सिचुएशन को भी मैं हैंडल कर सकता हूं। एंड दैट इज हाउ वो धीरे-धीरे ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम वो स्ट्रेटजी जो है वो अपने आप इवॉल्व होती चली गई। होती चली गई होती चली गई। एंड दैट टू जो मैंने आपको बोला कि जैसे-जैसे आपका प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे आपका मोटिवेशन भी बढ़ता जाएगा। आपका काम करने का तरीका भी इंप्रूव होता जाएगा और जो चीज़ कर रहे हो उसके अंदर आपको आइडियाज भी ऑटोमेटिकली आने लग जाएंगे। तो मेरा पूरा कोर जो है वो इसी तरीके से एक्चुअली डेवलप हुआ। तो आपने पहले जब स्टार्ट किया होगा तो तो नॉर्मल ट्रेडर की तरह लॉसेस भी आए होंगे कुछ साल सीखा भी होगा। फिर आगे आपने जो अब आप क्रैश प्रूफ सिस्टम जो आपने ऑलमोस्ट बनाया है कि कुछ भी हो जाए। रैली आए नीचे जाए आपको ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। आपका पैसा बनेगा। शुरुआत मेरी भी वैसी ही हुई थी। वै इंटरेस्टिंग। कितने साल लगे आपको ये सिस्टम बनाने में भी और मुझे लगभग लगभग देखो स्टार्टिंग का एक डेढ़ साल तो मेरा लॉस प्रॉफिट लॉस प्रॉफिट वो मतलब ऐसा समझो कि मस्ती वाला ही चल रहा था कोई बहुत कोई सीरियसनेस भी नहीं किसी ने कहा यार यह वाली चीज ट्राई करो तो यह कर ली किसी ने कहा यह वाली कर लो तो यह वाली कर ली लेकिन उसके बाद मेरे को ना एक चीज जो हिट करी वो यह हिट करी कि यार आप कोई भी ट्रेड करो और यह मैं 100% बोल सकता हूं कि आपके साथ भी यह फील हुआ होगा और आपके जितने भी लोग देख रहे हैं ना उनको भी यह चीज 100% वो फील हुई होगी जो भी ट्रेड करे हैं जैसे आप ट्रेड किया ट्रेड करने के बाद में मान लीजिए आपको प्रॉफिट हुआ या तो लॉस होगा या तो प्रॉफिट होगा दो ही चीज हो सकती है मान लो आपको प्रॉफिट हुआ उसके बाद भी मैक्सिमम लोगों का ये आएगा अरे यार मैं जल्दी निकल गया थोड़ा और रुक जाता ना तो मेरा ये बहुत सही चल रहा था इवन लॉस वाला जो सिनेरियो रहता है उस सिनेरियो में भी लोगों का यही आंसर आएगा अरे यार मैंने तो जल्दी काट दिया अगर थोड़ा रुक जाता ना तो मेरा टर्न अराउंड यहां से हो जाता। मेरा यहां से जल्दी एग्जिट हो गया। तो मैं यह देख रहा कि हर आदमी यही बात कर रहा है। लॉस कर रहा है वो भी यही बात कर रहा है। प्रॉफिट कर रहा है यही बात कर रहा है। इसका मतलब ये है कि कहीं ना कहीं हम प्रॉफिट से जो एग्जिट कर रहे हैं या चाहे लॉस में भी पैनिकिक में आके डिसीजन कर रहा है। कहीं ना कहीं हम जल्दबाजी कर रहे हैं। मतलब मार्केट वो चांस आपको दे रहा है। बस प्रॉब्लम ये है कि आप उस चांस तक बने हुए नहीं हो। तो मैंने क्या किया? अपने सिस्टम से पहली चीज हटा दी कि मुझे एग्जिट नहीं करना है। हम एक सिस्टम बनाएंगे और अपनी चांस का वेट करेंगे। शुरू-शुर में वो काफी टाइम टेकिंग हुआ। फिर धीरे-धीरे जब उसमें अपन प्रोबेबिलिटी लगाते चले गए, लगाते चले गए तो वो टाइम छोटा होता चला गया, छोटा होता गया, छोटा होता चला गया। अब हमारा सिस्टम ऐसा है कि हम कोई भी सिस्टम है उसको प्योरली एडजस्टमेंट बेस्ड रोलओवर बेस्ड हम चलाते हैं और उसको बस एक बार स्टार्ट कर दिया चलाते रहते हैं तो वो अपने आप वो पूरा का पूरा मार्केट आपको चांस दे देता ये स्कोप नहीं रहता कि या अरे यार मैं थोड़ा रुक जाता तो मेरा ये सिचुएशन क्रिएट हो जाता तो वो सिचुएशन अपने साथ नहीं बनती तो अल्टीमेटली मार्केट तो क्या है मीन रिवर्ज़ पे ही चलता है और मीन रिवर्ज़ का मतलब है कि आपका प्रॉफिट है तो भी चाहे लॉस है तो भी आपकी एग्जिट जल्दी हो तो आपको ऐसे ही लगता है और जिससे भी पूछो जवाब यही आता है। तो हमने उसको टाइम बेस ट्रेडिंग उस तरीके से कांसेप्ट को मैंने डेवलप करना शुरू किया और फिर उस तरीके से अपन ने ट्रेड जो है वो स्टार्ट किया। बहुत इंटरेस्टिंग है क्योंकि अगर आप इसको ज्योमेट्री वाइज ज्योमेट्री वाइज भी देखें तो जब भी कोई इंसान चार्ट देख रहा होता है तो चार्ट है क्या? एक्स एक्सिस पे टाइम है, y एक्सिस पे प्राइसेस हैं। और ज्यादातर लोगों का ध्यान व एक्सिस पे होता है, प्राइस पे होता है। कि प्राइस आज यहां है, टारगेट यहां बनेगा, स्टॉप लॉस यहां बनेगा। और उसी के हिसाब से लोग लोग स्ट्रेटजीस बनाते हैं। लोग ट्रेडिंग करते हैं। बट आपने पूरा फोकस एक्चुअली x एक्सिस पे ले आए। टाइम पे ले आए कि मैं यहां एंटर करूंगा, यहां एग्जिट करूंगा। इसके अंदर जो मर्जी हो, ऊपर जाए, नीचे जाए, न्यूट्रल रहे, साइडवेज रहे, मैं अपना पैसा बना के निकल जाऊंगा। एंड यू आर प्लेइंग विथ द प्रोबेबिलिटी। नहीं इसमें भी एक इंपॉर्टेंट चीज है। मैक्सिमम लोग क्या है जो चार्ट देखते हैं ना उनको एक्चुअली चार्ट देखना ही नहीं आता। करेक्ट। प्रॉब्लम क्या होती है? जब तक मैं आपको कहूंगा नहीं ना कि देखो ये वाला पैटर्न बन रहा है। आपको वो दिखेगा भी नहीं। करेक्ट। यस। आपको अगर मैं रैंडम कोई चार्ट ओपन करके दे दूं और कहूं कि देखो यहां पे ये वाला पैटर्न बन रहा है। जब कोई दिखाता है कि देखो ये वाला पैटर्न बन रहा है। तो ये तो क्या होता है कि ये तो बेसिक साइकोलॉजिकल बात है। रोड पे चल रहे हो। कोई ऐसे पत्थर पे भी कुछ ऐसे बना हुआ है और देखो अरे मेरे को वहां पे इस तरीके की इमेज दिख रही है तो आपको पिक्चर भी फिर वही जाती है। तो वो चार्ट के ऊपर भी वैसे ही होता है। मैंने कई बार कोशिश करी कि मैं यार अपने से देखूं मुझे कोई पैटर्न दिख रहा है क्या? वो दिखता ही नहीं है। ट्रेंड लाइन लोग बना लेते हैं कि ये ट्रेंड लाइन कोई भी टॉप, कोई भी बॉटम किसी को भी कनेक्ट कर देते हैं। देखो ये ट्रेंड लाइन है। ये कुछ तो लॉजिक होना चाहिए कि यार हमेशा इस वाली चीज को इस वाली चीज से ही कनेक्ट करना है। तो हम डिसीजन ले पाए। हर बारी आप अलग-अलग चीज को कोई भी दो टॉप को कनेक्ट कर दिया तो ऐसे तो आप कितनी भी लाइन बना सकते हो क्योंकि टॉप्स तो अलग-अलग बनते रहते हैं। अलग-अलग टाइम फ्रेम पे बनाया तो अलग-अलग टाइम फ्रेम पे भी वो अलग-अलग शेप दिखता रहता है। तो वो मेरे को कभी समझ ही नहीं आया क्योंकि उसमें कोई लॉजिक था ही नहीं। चार्ट का सबसे कोर चीज क्या है? जब आपको कोई दिखाएगा कि देखो ऐसा हो रहा है तो तो आपको दिखेगा। बट आपको खुद से दिखता ही नहीं है। जब खुद से दिख ही नहीं रहा है तो उस चीज़ के ऊपर ट्रेड करने का कोई लॉजिक ही नहीं है। लेकिन टाइम जो है और मार्केट घूम फिर के वापस वहां का वहां आएगा वो तो तय है। तो अपन क्यों ना अपनी स्ट्रेटजी अपना सिस्टम उस चीज के ऊपर ज्यादा फोकस करके बनाएं रादर देन जो चीज मुझे विजुअलाइज ही नहीं हो रही है। ऐसा नहीं है कि सबको नहीं होती है। लेकिन मोस्ट ऑफ द लोगों को नहीं होती है। ये मतलब मेरा ऑब्जरवेशन है। तो मैंने इसीलिए उस चीज को थोड़ा साइड करके इस चीज के ऊपर ज्यादा सोचा कि यार यह चीज़ के ऊपर ज्यादा काम कर सकते हैं। वेरी इंटरेस्टिंग। ठीक है? तो आपकी स्ट्रेटजी को डिटेल में भी समझेंगे। पहले आप मुझे बताइए कि इस स्ट्रेटजी को आपने ऑफ कोर्स बहुत सारे लोगों को पढ़ाया भी है, समझाया भी है, ट्रेड वाइज़ प्लेटफार्म पे भी पढ़ाया है। और लोगों ने अडॉप्ट भी किया होगा। क्या इसकी कुछ शॉर्टकमिंग्स हैं? अगर अगर कौन सी मार्केट रिजीम में काम नहीं करती है? हर मार्केट रिजीम में काम कर जाती है। जब लॉस होता है तो कितना होता है या फिर होता ही नहीं है। क्या रिस्क एसोसिएटेड है? पहले वो डिस्कस कर लेते हैं। फिर स्ट्रेटजी पे चलते हैं। बिल्कुल। देखो इसमें दो बहुत इंपॉर्टेंट चीज हैं। मैक्सिमम लोग कहां गड़बड़ कर रहे हैं वो पहले समझना बहुत जरूरी है। मैक्सिमम लोग गड़बड़ कहां कर रहे हैं? या तो वह स्ट्रेटजी को लेके चिपके बैठे हैं कि इसी स्ट्रेटजी पे काम करना है या वो डायरेक्शन को लेके चिपके बैठे हैं कि इसी डायरेक्शन पे काम करना है। प्रॉब्लम ये है कि हर एक स्ट्रेटजी और हर एक डायरेक्शन एक साथ काम कर ही नहीं सकता क्योंकि अगर कर सकता होता तो फिर तो कुछ करने की जरूरत ही नहीं है। मेरा जो कोर कांसेप्ट है वो प्योरली कैलेंडर स्प्रेड्स है। ओके? ठीक है? ऑप्शन को सेल करना है क्योंकि वहां पे मुझे प्रीमियम का बेनिफिट मिलता है। थीटा का बेनिफिट मिलता है और उसमें भी कॉल ऑप्शंस के मैं प्रेफरेंस देता हूं क्योंकि कॉल ऑप्शंस को रोल ओवर करने में आपको जो बेनिफिट मिलता है वो बेनिफिट बहुत ज्यादा मिलता है। मैं आपको एक छोटी सी कैलकुलेशन सिंपल सी चीज एक्सप्लेन करता हूं और बहुत सारे लोगों को हो सकता है ग्रीक्स की समझ भी ना हो। ग्रीक्स का काम ही नहीं है। मैं आपको बता मैं आपको एक बहुत सिंपल सी चीज बहुत एक सिंपल कैलकुलेशन बताता हूं और उसको आप आराम से देख भी सकते हैं। कोई भी नॉर्मल आदमी उसको देख भी सकता है। जैसे सपोज़ करो कि इस वीक का कोई भी ऑप्शन चल रहा है। उसका कोई भी स्ट्राइक है। उसका कुछ प्राइस चल रहा है। अगले वीक का कॉल ऑप्शन का वही स्ट्राइक का प्राइस देखोगे तो रिलेटिवली ज्यादा होता है। हम ठीक है? एटीएम के आसपास का ऑप्शन होता है तो थोड़ा प्राइस वेरिएशन ज्यादा होता है। थोड़ा दूर का इन द मनी है तो उसमें कम होता है। ओटीएम है तो ऑलमोस्ट जीरो हो चुका होता है। तो हो सकता है कि वो रोलओवर कितना भी बेनिफिट आपको मिल सकता है। लेकिन वो ज्यादा होता है। हमने क्या किया कि पिछले 5 साल हर दिन हम क्या करते हैं 10:00 बजे, 12:00 बजे और 2:00 बजे ऑप्शन चेन का फोटो खींच लेते हैं। ओके? और करंट ऑप्शन चेन अगली ऑप्शन चेन मंथ ऑन मंथ वीक ऑन वीक कितना डिफरेंस आ रहा है हम 1000 पॉइंट इन द मनी तक और 1000 पॉइंट ओटीएम तक सारी स्ट्राइक्स का हम एवरेज निकालते रहते हैं डिफरेंस का डिफरेंस का यस और उन सब एवरेजेस का जब आप एवरेज करते हो कभी हाई विक्स रहा होगा कभी लो विक्स रहा होगा कभी कोई बड़ी न्यूज़ आई होगी कभी कुछ नहीं होगा कभी मार्केट फ्लैट होगा तो 5 साल में लगभग सब तरीके के सिनेरियोस आ गए तो वह जो एवरेज हमने वो एवरेज लगभग लगभग 70 टू 80 पॉइंट्स का आता है। ओके 70 टू 80 पॉइंट्स का कॉल ऑप्शन के अंदर रोल ओवर बेनिफिट किसी डिफरेंस वीकली वीकलीस किसी हफ्ते आपको ₹1 ₹150 महंगा मिल जाएगा। किसी हफ्ते ₹50 महंगा मिलेगा। ऑन एन एवरेज ₹80 कभी ₹20 महंगा मिलेगा। कभी वीक्स हाई है तो ₹150 का भी मिल जाता है। ऑन एन एवरेज जो है वो 70 टू 80 के बीच में वो रोलओवर बेनिफिट अपने को मिलता है। और 52 वीक्स है मेरे पास। अगर मैं सिंपली इस 80 को 50 से मल्टीप्लाई कर दूं तो 4000 होता है। व्हिच इज़ इक्विवेलेंट टू ऑलमोस्ट 17 18% निफ्टी का। इतना तो निफ़ी का ग्रोथ ही नहीं है। नहीं है। करेक्ट। व्हिच मींस मैं सिर्फ रोलओवर कर करके रोलओवर करके जितना मुझे प्रीमियम एक्स्ट्रा मिल रहा है, उसी से ही मैं निफ़ी को बीट कर सकता हूं। करेक्ट? करेक्ट। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो ये तो मुझे समझ में आ गया कि मैं अगर कॉल ऑप्शन सेल कर रहा हूं तो सिर्फ टाइम का चैलेंज है। मैं फसूंगा नहीं। क्योंकि मुझे वो बेनिफिट ही उतना उतना उतना उतना मिलता रहेगा। सपोज करो कि अगर अभी मैं 24,000 से स्टार्ट करूं तो भी मैं वो जो प्रीमियम कलेक्ट करते करते करते 34000 का प्रीमियम हो जाएगा पूरे साल में तो निफ्टी 27 28,000 पहुंच भी गया तो भी मेरा ब्रेक इवन है। तो पहली चीज तो मुझे ये समझ में आई कि यार रोलओवर बहुत जरूरी है। आप स्टॉप लॉस करके या वैसे निकल जाओगे तो वो तो एक तरीके से यह सिचुएशन हो गई। बट अगर आप वो रोल ओवर करते जाओगे तो इवेंचुअली मार्केट का जो रिटर्न है वो उससे कम ही आने वाला है। तो पहली चीज तो मैंने ये बिठा दी कि यार मैं रोलओवर पे ही चलूंगा। हम पर रोलओवर में एक सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है कि अगर मान लीजिए आपने ट्रेड लिया और उसी हफ्ते बड़ी मूव आ गई तो जब तक वापस वो नीचे नहीं आता तब तक आपको कोई बेनिफिट मिलेगा नहीं क्योंकि वो बहुत इन द मनी हो गया है तो उसके प्रोटेक्शन के लिए हमने क्या स्टार्ट किया कि थोड़ा ओटीएम फार एक्सपायरी का अपन बाय करते चले व्हिच इज बेसिकली अ कैलेंडर स्प्रेड करेक्ट बस यही पूरा कोर कांसेप्ट है। सारी स्ट्रेटजी सारा सिस्टम उसी के ऊपर टिका हुआ है। दूसरी जो चीज है जो मैंने आपको बताया कि मार्केट का बिहेवियर वो भी हर समय एक जैसा नहीं रहेगा। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो दूसरा चीज क्या है कि कब किस इंटेंसिटी का कैलेंडर स्प्रेड डालना है ये दूसरा इंपॉर्टेंट पार्ट। तो हमने क्या मतलब इंटेंसिटी का मतलब है कि कभी हमने बाय लेग थोड़ा एकदम अग्रेसिव रख दिया कि यार यहां से ऊपर की तरफ जाने की प्रोबेबिलिटी थोड़ी ज्यादा लग रही है। यहां से नीचे की आने की प्रोबेबिलिटी ज्यादा है तो अपन ने सेल लेग को थोड़ा सा हैवी रख दिया। तो पूरा जो गेम है क्लोजर टू एटीएम आपके हां पूरा जो गेम है वो गेम ये है कि आप जो बाय कर रहे हो और जो सेल कर रहे हो करना आपको फार मंथ का बाय है करना आपको वीकली सेल है और उस सेल को एडजस्ट करना है करना आपको यही है लेकिन कितना दूर का ऑप्शन या कितना क्लोज का ऑप्शन बाय करना है या कितना क्लोज का या कितना दूर का सेल करना है वो कॉम्बिनेशन डिपेंडिंग अपॉन निफ्टी के लेवल अपन ने डिसाइड कर लिया तो एक पूरा फ्रेमवर्क बना लिया और बस उस फ्रेमवर्क को हम कांस्टेंटली रन करते जा रहे हैं, करते जा रहे हैं, करते जा रहे हैं। वो अपने आप आपको रिजल्ट दे दे रहा है। वेरी इंटरेस्टिंग, वेरी इंटरेस्टिंग। और यह मतलब अगर इतना ये रिस्क प्रूफ, क्रैश प्रूफ है तो बहुत सारे इंस्टीट्यूशनल मनी भी आता होगा कैलेंडर स्प्रेड्स में। कैलेंडर स्प्रेड्स में बहुत लोग करते हैं। हां। मैंने बताया ना प्रॉब्लम क्या है? जैसे आपने कैलेंडर स्प्रेड बनाया। तो आप हमेशा उसी तरीके का कैलेंडर स्प्रेड बनाओगे। हम हम हम लोग कैलेंडर स्प्रेड जो बनाते हैं वो कैलेंडर स्प्रेड अलग-अलग तरीके का बनाते हैं। कभी हमारा बाय लेग इन द मनी है, सेल ओटीएम है। कभी हमारा बाय ओटीएम है तो सेल इन द मनी है। मतलब हम वो कॉम्बिनेशन को डिपेंडिंग अपॉन निफ्टी का लेवल अपन जो है उसको प्ले करते रहते हैं। करेक्ट। तो उससे क्या है कि अपनी प्रोबेबिलिटी जो है वो काफी इंप्रूव हो जाती है। अमेजिंग नाइस। बहुत सारे आपके स्टूडेंट्स ने ये इंप्लीमेंट भी किया होगा। कुछ इंटरेस्टिंग स्टोरीज बताई है। उन्होंने बोला हाउ मच रिटर्न्स हैव दे मेड हाउ मच? सी अ ऑन एन एवरेज हम तो देखो इसमें भी एक बहुत बड़ा गेम है। मार्केट में ना ऑप्शन ट्रेडिंग में लॉस का ये भी सबसे बड़ा प्रॉब्लम है कि आप एक्सपेक्टेशन क्या लेके आ रहे हो? हम हमेशा ये कहते हैं कि आपका एक्सपेक्टेशन जो है ऑप्शन ट्रेडिंग में वो 2 से 3% की रेंज में होना चाहिए मंथली। प्रॉब्लम क्या है? लोगों को 10% 12% 15% वैसीव वैसी आदत बनी हुई है। कई सारे महीने ऐसे होते भी हैं जहां वो रिटर्न बन भी जाता है तो वो भी उनकी हैबिट को खराब करता है। तो एक्सपेक्टेशन जो है ना वो अगर आपने 2 टू 3% की रखी है और उसको आप अगर केवल सिस्टमैटिक तरीके से चैनलाइज कर लो ना तो बड़े ईजीली आप बना सकते हो। बड़े ईजीली बना सकते हो। कांसेप्ट हमारा बहुत सिंपल है। कांसेप्ट हमारा बहुत सिंपल है। प्रॉब्लम ये है कि उसको फॉलो करना जरूरी है। बोरिंग प्रोसेस है और बोरिंग प्रोसेस को करना प्रॉब्लम क्या है? सबको रोज कुछ ना कुछ करना है। रोज उनको चाहिए कि आज ट्रेड डालू शाम तक एक प्रॉफिट होना चाहिए। फिर ट्रेड डालू शाम तक प्रॉफिट होना चाहिए। ऐसा हो सकता होता तो आदमी हर आदमी यही काम शुरू कर देगा। तो संभव नहीं है। आपको कभी ऐसा टाइम आएगा जब आपका बहुत जबरदस्त रिटर्न बनेगा। कभी ऐसा टाइम भी आएगा कि आपने जो ज़ोन डिसाइड किया है और उस ज़ोन में जो आपने ट्रेड किया है मार्केट उस ज़ोन के अगेंस्ट बिहेव करने लग जाए तो आपको डिसिप्लिन के साथ उसको रोलओवर भी करते रहना पड़ेगा। शायद डेढ़ दो महीने आपको ट्रेड को होल्ड भी करना पड़ जाए। पर अगर आप वो पेशेंस ले आए और अपनी जो एक्सपेक्टेशन है उसको एक कनंफाइंड फॉर्म में रखा तो प्रॉफिट 100% बन जाएगा। दिक्कत वहीं पे आ रही है। मेरे साथ कई सारे पार्टिसिपेंट इवन जो हम लोग ऑनलाइन जैसे पढ़ाते भी हैं तो इतने सारे पार्टिसिपेंट है। मैं कई सारे लोग ऐसा भी हैं जो कास्टेंटली अपडेट करते रहते हैं कि इतना रिटर्न बन गया, इतना रिटर्न बन गया, ये रिटर्न बन गया और कई सारे लोग हैं वो सीखने के बाद भी नुकसान कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि हर आदमी प्रॉफिट कर रहा है। सीख लिया कांसेप्ट सीख लिया फिर भी नुकसान कर रहे हैं क्योंकि वो माइंडसेट नहीं बदल रहे। माइंडसेट एक चीज है माइंडसेट। दूसरा चीज है सही लेवल पे सही तरीके का ट्रेड और तीसरी इंपॉर्टेंट चीज है कि अगर उस लेवल पे जो भी आपने ट्रेड डाला है मार्केट ने वैसा बिहेव नहीं किया तो डिसिप्लिन के साथ उसको पेशेंस के साथ उसको रूल टू रूल चलाना। ये तीन चीज अगर कर लेंगे तो 100% प्रॉफिट बन जाएगा। तीन में से जहां पे गड़बड़ करोगे तो फिर तो नुकसान होने की प्रोबेबिलिटी बढ़ जाएगी। कितने परसेंटेज चांसेस रहता है सर कि आपको रोल ओवर करना पड़े। अब हम लोग इस लेवल पर पहुंच गए हैं कि अगर हम ज़ोंस और वो ट्रेड करें तो आउट ऑफ 10 ट्रेड्स हमारे आठ बिना रोलओवर के चल जाते हैं। रोलओवर के बिना एडजस्टमेंट के निकल जाते हैं। 10 में से दो ट्रेड होते हैं जहां पे अपने को थोड़ा और और यही लर्निंग है। एक समय था जब हमारे 10 में से चार-चार पांचप ट्रेड एडजस्टमेंट में जाते थे। आज 10 में से दो हैं। धीरे-धीरे एक पे भी अचीव करेंगे। धीरे-धीरे और उसको और इसीलिए मैं आज भी बैक टेस्टिंग करता हूं। आज भी वो सिनेरियोस अलग-अलग अभी पीछे वॉर हुई। इस वॉर सिनेरियो में बहुत सारे ऐसीऐसी चीजें नई अपने को आईडिया आया तो उसके ऊपर अपन तरह-तरह के तरह-तरह के इंप्लीमेंट करना स्टार्ट किया। तो वो चीज को तो देखो सीखते तो रहना ही पड़ेगा। 100% तो कभी हो नहीं सकता लेकिन अभी 80 85% अपना ट्रेड जो है वो बिना एडजस्टमेंट के निकल जाता है। अगर हमारा रेंज सही है रेंज के हिसाब से ट्रेड सही है तो हमारा काम बन जाता है। और ये एक ऐसी स्ट्रेटजी है जहां पे आपको ज्यादा टाइम भी स्पेंड नहीं करना रहता होगा। टाइम ज़ीरो ज़ीरो दिन में एक बार देखना है बस आपके लेवल पे है तो ट्रेड करना है नहीं लेवल पे तो खत्म बस बाकी बंद करिए अपना काम करिए एंजॉय करिए जो लोग पार्ट टाइम ट्रेडिंग करना चाहते हैं जिनको बहुत ज्यादा मार्केट को ऐसे ट्रैक नहीं करना है उनके लिए तो ये दी बेस्ट है राइट प्रॉब्लम उनके लिए है जिनको पूरे दिन भर स्क्रीन को देखना है तो वहां पे तो टेंशन है क्योंकि वो कुछ ना कुछ करेगा और करेगा तो गड़बड़ ही करेगा ये भी तय है क्योंकि वो इन्फ्लुएंस हो के डिसीजन होगा तो जितना कम स्क्रीन देखोगे उतना बेहतर है। राइट? ठीक है सर। हम हमने एक समरी समझ ली कि स्ट्रेटजी है क्या और क्या-क्या नंबर्स एसोसिएटेड है इसके साथ। आपने बता दिया कि आठ बार तो ऐसे निकल जाती है। दो बार सिर्फ एडजस्टमेंट होगा, रोलओवर होगा। इसको अब फ्रॉम बेसिक टू एडवांस लेवल क्रॉस करते चलते चले जाते हैं। समझाते हैं पूरा अच्छे से समझाते हैं। अगर आपके पास कोई पीपीटी है तो वो आप शेयर कर लीजिए। पूरा आप समझा दीजिए एक बार स्ट्रेटजी कि क्या कैसे अगर किसी को इंप्लीमेंट करनी रही होगी तो कैसे इंप्लीमेंट? तो तीन चीजें हमारी स्ट्रेटजी की सबसे कोर है। यस। सबसे पहली है रेंज। यस। आपको कब किस तरीके का कैलेंडर स्प्रेड डालना है ये क्लियर होना चाहिए। दिस इज सबसे कोर जो चीज है वो ये है। क्योंकि आप हर समय एक जैसा ट्रेड डाल के पैसा नहीं बना सकते। तो सबसे पहली चीज है आपका रेंज। तो रेंज को हमने बहुत सिंपल से डिफाइन कर दिया कि मार्केट किस स्पेस से चल रहा है। यूजुअली जैसे अगर मैं आपसे एक सवाल पूछूं फॉर एग्जांपल ऑलदो सवाल पूछना आपका काम है। लेकिन एक सवाल जैसे जनरली कि भ निफ्टी है या हमारा सेंसेक्स है जो बेंचमार्किंग इंडेक्स है तो उसका ऑन एन एवरेज ईयरली रिटर्न कितना है? 10 12% 10 12% तो जो 101% जो रिटर्न है दैट इज अ फेयर वैल्यू अगर 101% से वो ग्रोथ हो रहा है तो ऑब्वियस सी बात है कि यह एक तरीके का वो फेयर चल रहा है। अगर उससे ज्यादा ग्रोथ कर रहा है किसी पर्टिकुलर टाइम फ्रेम में उससे ज्यादा ग्रोथ कर रहा है तो इस चीज की हाई प्रोबेबिलिटी है कि वो वहां से नीचे आएगा। रीज़ कोई भी हो सकता है। रीज़ कोई भी हो सकता है। रीज़न आज दिन तक दुनिया में कोई प्रेडिक्ट नहीं कर पाएगा। और सेम वे उससे कम परफॉर्म कर रहा है। तो वो एक बार रिवर्ट करके ऊपर जाने की कोशिश करेगा। तो हमने तीन लेवल्स जो है वो अपने ट्रेडिंग के बना दिए। फर्स्ट इज कि व्हाट इज द लाइफटाइम हाई? या सबसे अभी जो लाइफटाइम हाई का जो लेवल है वो क्या है? फॉर एग्जांपल अभी जैसे 26300 का जो ज़ोन है दैट इज लेवल नंबर वन। व्हाट इज द फेयर वैल्यू? फेयर वैल्यू मतलब अगर निफ्टी 11% से ही ग्रोथ कर रहा होता तो अभी क्या वैल्यू होनी चाहिए? तो उसके लिए भी हमने क्या किया है कि अलग-अलग क्रैश जितनी भी बार हुए हैं लास्ट कोविड वाला क्रैश हुआ था तो वहां से रेफरेंस पॉइंट लिया है। उसके पहले जैसे 2015 में जब क्रैश हुआ था उसके पहले 208 में जब क्रैश हुआ था 2000 तो हमने अलग-अलग क्रैश को रेफरेंस पॉइंट करते हुए वहां से लेके नेक्स्ट क्रैश तक हम और क्रैश का मतलब 25% से ज्यादा का फॉल ओके तो वो अलग-अलग अपन ने रेफरेंस पॉइंट्स जो हैं वो अपन ने लिए हैं। तो हमारा लास्ट रेफरेंस पॉइंट जो है वो है कोविड वाला। ओके। ठीक है? तो कोविड के समय जो हमारा हाई था 12430 यस। ठीक है? जनवरी 2020 में बना था। तो वो हमारा रेफरेंस पॉइंट है। तो वहां से अगर मैं 11-1% से ग्रो करूं और टू बी प्रिसाइज़ली पीछे का हिस्टोरिकली अगर आप देखोगे जो अलग-अलग क्रैश से जो ज़ोन है तो वो 11.7% निकल के आता है। आपने 10 टू 12 बोला मैं क्योंकि मेरे को तो एग्जैक्ट कैलकुलेट करना है तो दैट इज़ 11.7% ओके? तो अगर 11.7% से ही वो ग्रोथ कर रहा होता तो अभी ऑलमोस्ट छ साल हो गए तो कहां होना चाहिए? दैट इज फेयर वैल्यू और वो कहां कितना आएगा? अभी अगर आप करंट बात करो तो लगभग 24600 24800 का ज़ोन है। दैट इज द फेयर वैल्यू। फेयर वैल्यू। अब 26,300 आपका हाई है। 24,600 आपका अभी फेयर वैल्यू है। इन दोनों के बीच में जो गैप है, उतना ही गैप नीचे की तरफ और डाल दो। दैट इज द एक्सट्रीम लेवल। तो ये हमारे तीन ज़ोन हो गए। गॉट इट नाउ बहुत सिंपल सी चीज है। अगर मैं जितना 26300 के क्लोजर होऊंगा हम मेरा माइंडसेट मोर ओवर सेल हैवी बाय लाइट करेक्ट यस अगर मैं 24600 के आजू-बाजू हूं तो माय कांसेप्ट इज बोथ शुड बी इक्वल इक्वल गॉट इट अगर मैं उससे नीचे जो नीचे का जो लेवल है वो लगभग 22800 का आ रहा है अभी गॉट इट ठीक है तो अगर मैं 22800 के आसपास में हूं तो बाय हैवी सेल लाइट वै नाइस सिंपल वै ठीक है अब ऐसा नहीं है कि 22800 से नीचे जा नहीं सकता। बिल्कुल जा सकता है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] वहां पे आपकी हैेजिंग काम करेगी। वहां पे आपका रोल ओवर, वहां पे आपका एडजस्टमेंट। ऐसा भी नहीं कि 26300 के ऊपर नहीं जा सकता। बिल्कुल जा सकता है। वही वो 10 में से जो दो ट्रेड है वहां पे आपको वो कांसेप्ट को यूज़ करते चलना है। लेकिन अगर वो पर्टिकुलर ज़ोन में है तो मेरे को सिंपल थ्यरी। अब मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि किस कंट्री का प्रेसिडेंट आके क्या ट्वीट कर रहा है। करेक्ट। मेरा 24600 के आसपास निफ्टी है तो मैं थोड़ा सा न्यूट्रल रहूंगा। अगर वो नीचे 22800 के आसपास अगर आया तो मैं बाय साइड थोड़ी हैवी रहेगी। सेल साइड थोड़ी लाइट रहेगी ताकि मेरा मार्केट के ऊपर जाने पे रिवॉर्ड ज्यादा बने। नीचे जाने पे जो है वो रिस्क कम बने और सेम वे ऊपर की तरफ। अब मुझे उससे फर्क नहीं पड़ता कि वो 26300 से 27 जा रहा है। मैं मेंटली प्रिपेयर्ड हूं। अगर जाएगा तो मैंने ऑलरेडी हैेज कर रखा है ए और मैं रोल ओवर करके उस चीज को बैलेंस आउट कर लूंगा। अगर वो 24600 पे है वहां टाइम पास कर रहा है तो मुझे अच्छा प्रॉफिट हो जाएगा। नहीं कर रहा है कोई दिक्कत नहीं है। मैं मेंटली प्रिपयर्ड हूं कि भ उसको मुझे एडजस्ट करना है मैनेज करना है क्योंकि ऑलरेडी मैंने ट्रेड तो सारा हैड्डी है क्योंकि बाय और सेल दोनों है। बाय और सेल किस प्रपोर्शन में आप रखते हो किस प्रपोर्शन में आप रखते हो वो इंपॉर्टेंट जो है वो गेम हमारा हो जाता है। तो मेरा कोर [नाक से की जाने वाली आवाज़] लेवल बेस। तो सबसे पहली चीज है रेंज। तो हम सबसे पहले रेंज को बना लिया। रेंज समझ ली। उस रेंज के हिसाब से मुझे ट्रेड करना है। अब वो रेंज किस वजह से आई है उससे कोई मतलब नहीं है। जितना आप टुवर्ड्स जिस भी तरफ होंगे उस तरीके से आप अपना स्केलिंग प्लस माइनस करते चलिए। ठीक है? दैट इज नंबर वन। अब दूसरा जो आता है ट्रेड क्या करना है? और इसमें मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह प्राइस आज की डेट में आया कहां से है। तो हिस्टोरिकली मुझे कोई आई डोंट हैव टू लुक एट द चार्ट। हिस्टोरिकल किस कौन से ट्रेंड में है मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। एक्सैक्टली उससे कोई मतलब नहीं है। हम तो इस तरीके से एनालिसिस करते हैं कि फॉर एग्जांपल 26300 है हम और मेरा फेयर वैल्यू 24600 पे आ रहा है हम तो एकदम बहुत कॉन्फिडेंटली गिरेगा 100% वहां आना ही आना है। उसको एक बार उसको छूना ही है। हां और अगर उसके नीचे है तो यहां से घूमेगा एक बार उसको छूना ही है। हां हां ठीक है। उसी कांसेप्ट पे चलते हैं। उसी पे ट्रेड करते हैं। अब ये हो सकता है कि उसमें टाइम लगे। हां। तो टाइम लगेगा तो कोई बात नहीं बट ऐसे टाइम ही तो लगेगा आपकी क्योंकि मान लो 26000 के पास ही है अपर बैंड के पास है और बहुत बुलिश मोमेंटम में आपको दिख रहा है बट आप वो देखते ही नहीं है उससे कोई लेना देना नहीं क्योंकि चार्ट इंडिकेटर से कोई मतलब नहीं वो मैं आपको एक चीज और बताता हूं अब देखो इसमें भी एक इंटरेस्टिंग चीज है ठीक है थोड़ा सा टेक्निकल है लेकिन वो ऑटोमेटिक फायदा कर जाती है देखो हमने 22800 के आसपास हमारा स्टांस ये है कि ऊपर जाएगा यस तो हमने बाय हैवी रखा है, सेल लाइट रखा है। ठीक है? अब चांसेस क्या होगा? नीचे जा सकता है तो ही प्रॉब्लम होगी। ऊपर जा रहा है तो तो प्रॉब्लम होनी ही नहीं है। क्योंकि हमारा तो व्यू ही क्लियर है। नीचे जाएगा तो ही दिक्कत है। वो नीचे जाता है ना तो भी दिक्कत नहीं होता है तो भी फायदा हो जाता है। उसका सबसे बड़ा रीज़न क्या है पता है? रीज़न ये है कि 20 टू 800 अगर निफ्टी आया है तो 100% आपका विक्स बढ़ा होगा। हम और विक्स अगर आपका बड़ा होगा तो रोल ओवर बेनिफिट डेढ़-150 दो200 पॉइंट का मिल जाएगा हम और आप उस पे और नीचे जा रहा है तो और विक्स बढ़ने ही वाला है हम तो वो ऑटोमेटिकली वो आपको कवर अप कर देता है 26300 पे है आप 100% उठा लो विक्स एकदम लो होगा अंडरस्टुड 10 11 पे होगा तो जितना मीन के पास है विक्स उससे एंटी कोरिलेटेड है एक्सक्ट्ली तो अपने को तो वो चीज का भी बेनिफिट हो रहा है गॉट इट गॉट तो मीन के पास जितना जाएगा उतना आपको रोल ओवर बेनिफिट कम मिलता है बट आपको फायदा हो जाता है। एक्सैक्टली। तो अपना जो चीज है वो वहां पे भी वो चीज अपने आप ही ऑटोमेटिकली फायदा कर जाती है। तो आप अपना स्ट्रेटजी अगर आप एक चीज को डिसाइड कर लो और उस चीज को डिसाइड करके आप आइडियली बैठ जाओ और थोड़ा सा लंबा सोचो एक दिन दो दिन नहीं। अल्टीमेटली बनने तो वही वाला है। 30 35% रिटर्न। ऐसा तो है नहीं कि आप कुछ नया सोच लोगे तो 100% रिटर्न हर साल बना लोगे। तो संभव ही नहीं है। बनने तो वही वाला है। जब बनने रिटर्न भी वही बनने वाला है। टाइम भी वही है तो फिर मैं रोज-रोज़ की मार्केट की जो ये झिगझ है वो क्यों देखूं? अरे आज गैप अप हो गया। अरे आज गैप डाउन हो गया। अरे आज ये हो गया। अरे आज वो हो गया। तो वो टेंशन ही क्यों रखना? राइट? अभी इसमें भी एक चीज को आप देखोगे ना कि मोस्टली मोस्टली अगर आप पूरे 5 साल का जब जब लाइफटाइम हाई चेंज हुआ है तो वो डाटा चेंज होगा। बाकी फेयर वैल्यू तो वही चलता रहेगा और उसके हिसाब से नीचे का लेवल अप यस आप देखो मोस्टली गैप अप्स जितने भी आप उठा के देखोगे वो फेयर वैल्यू के आजू-बाजू से ही गैप अप या गैप डाउन हुए हैं। मतलब मैं ये नहीं कह रहा हूं कि वही सही है। लेकिन आप देखोगे कि अगर 10 बारी ऐसा गैप अप हुआ है या ऐसा गैप डाउन हुआ है जो एकदम से ऑप्शन सेलर जो सेलिंग बेस स्ट्रेटजी करता था तो उसके लिए तो गैप अप गैप डाउन इज़ लाइक टेंशन वाला काम। लेकिन आप देखो कि वो हमेशा फेयर वैल्यू के आजू-बाजू से ही ज्यादातर हुआ है। हम या तो फेयर वैल्यू के आजू-बाजू से हुआ है और अगर नहीं हुआ है तो नीचे या ऊपर से अगर हुआ है तो वो फोयर वैल्यू पे आपको लेके आ रहा है सीधा-सीधा टुवर्ड्स फेयर वैल्यू और वो आपको हमेशा बेनिफिट करता है। तो मैंने तो ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम यही सीखा है। तो मैंने उस तरीके से ही चीजों को इवॉल्व करना शुरू करा। मार्केट देखना ही बंद कर दिया। क्या है क्या नहीं है? कोई बात नहीं। यह मैनेज हो जाएगा। अपना तो अब एक कोर वर्ड यही है मैनेज हो जाएगा। वै इंटरेस्टिंग। तो रेंजेस समझ आ गए और ये समझ आ गए कि हमें करना क्या है। कुछ एग्जांपल्स के थ्रू अगर आप समझाएं तो ज्यादा मजा आएगा। हां बिल्कुल। बेसिकली जैसे अपन ने एक रेंज वाला पार्ट जैसे यस बना लिया। ठीक है? अब दो तरीके से आप कैलेंडर स्प्रेड बना सकते हो। एक कॉल में एक पुट में। या तो आप कॉल में बना लो या तो पुट में बना लो। तो उस केस में आप हमेशा बाय लेग हैवी रखो। हम बाय लेग को लाइट रखो और सेल लेग को हैवी रखो। मतलब बाय ओटीएम रहेगा और सेल थोड़ा सा इन द मनी रहेगा। ठीक है? तो वहां पे आप अगर ऊपर के ज़ोन में हो तो [गला साफ़ करने की आवाज़] थोड़ा पुट ऑप्शन प्रेफर करो। नीचे के ज़ोन में हो तो कॉल ऑप्शन प्रेफर कर लो। या तो ऐसा कर सकते हो या आप इन द मनी और एटीएम को ऊपर नीचे स्वाइप करते चलो। जो आपकी स्ट्राइक्स हैं उनको थोड़ा-थोड़ा स्वाइप करते चलो। [खांसने की आवाज़] ठीक है? तो [गला साफ़ करने की आवाज़] जैसे मैं एक सिंपल सा एग्जांपल बताता हूं। फॉर एग्जांपल अभी पीछे में वॉर जैसा सिचुएशन यस ठीक है अब वॉर जैसा सिचुएशन हुआ मार्केट नीचे गिरा ठीक है पर कहां से गिरा 26000 के लेवल से हम करेक्ट 26000 के लेवल के आसपास निफ्टी आराम से आपका जनवरी फरवरी में ट्रेड कर रहा था एक बार बजट के टाइम पे जरूर डिप आई लेकिन वापस वो 26 के आसपास ही पहुंच गया और वहां से वो फॉल करा हम ठीक है अब कहने के लिए कोई भी ये कह सकता है कि ये तो वॉर हो गई नहीं तो तो वो ऊपर ही जाने वाला था बट बट हो गई ना कुछ भी रीज़ आ गया ना हम मतलब वॉर ना होती तो कुछ और आ जाता कुछ भी उसको आना ही रीज़ क्या होगा वो कुछ नहीं आप रशिया यूक्रेन वाला उठा के देखो आप फेयर वैल्यू से ऊपर चल रहे थे आप अडानी वाला उठा के देखो आप फेयर वैल्यू से ऊपर चल रहे थे आप इसके पहले जो इजराइल हमास वाला हुआ था तब आप फेयर वैल्यू से ऊपर चल रहे थे इसके पहले जब आप इलेक्शन रिजल्ट के बाद सितंबर 2024 से नीचे गिरे तब आप फेयर वैल्यू से ऊपर चल रहे थे और वहां से सारे बड़े करेक्शन आए और हम उस समय पे ऑल ऑलरेडी मंदी के लिए प्रिपयर्ड थे। हां, जून से लेके जैसे सितेंंबर जब मार्केट राइज किया तो ऑब्वियस सी बात है हमारा ट्रेड फंस गया। हमें एडजस्टमेंट करना पड़ा बिकॉज़ वी वर नॉट एक्सपेक्टिंग दैट रैली क्योंकि हम 50-50 थे। फेयर वैल्यू पे थे तो हम 50-50 थे। लेकिन वहां से वो उसने आपको एक मौका दे दिया। उसमें आपका एग्जिट हो गया। तो अपने को जो ट्रेड बनाना है वो बेसिक मार्केट सेंस के हिसाब से बनाना है। बेसिक मार्केट सेंस का मतलब है कि हमारा रेंज क्या है? उस रेंज के हिसाब से मैं अपना पूरा ट्रेड सेटअप जो है वो बना लूंगा। ठीक है? ठीक है? अब जैसे अगर आप इस पे देख पाएं, ठीक है? तो तीन बेसिक सी चीज है कि ट्रेड क्या करना है? ये हमारी रेंज से रिलेटेड चीज है। ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़] कि भ एंट्री का क्या क्राइटेरिया होना चाहिए? हम बेसिक मार्केट का सेंटीमेंट क्या है? व्हिच मींस किस रेंज में हम चल रहे हैं और उसके हिसाब से अपने को कौन सा ऑप्शन सेलेक्ट करना है। यही पूरा गेम है। हम दिस इज द गेम। अगर आप ये गेम समझते हो तो बाकी का तो ठीक है। प्रॉफिट आएगा नहीं तो एडजस्टमेंट। प्रॉफिट नहीं तो एडजस्टमेंट। तो एंट्री करने के लिए सबसे पहली चीज आप किस ज़ोन में हो? तो आपको किस तरीके का सेटअप बनाना है। दैट इज़ नंबर वन। हम ठीक है? मैं आपको तीनों एग्जांपल बता दूंगा कि भ इस तरीके के ज़ोन में ये सेटअप बनाना है। इस तरीके के ज़ोन में ये सेटअप बनाना है। इस तरीके के ज़ोन में ये सेटअप बनाना है। नंबर वन। ठीक है? मार्केट के तीन ही टाइप के सिनेरियो हो सकते हैं। या तो आप फेयर वैल्यू के आसपास होंगे या तो लाइफटाइम हाई के आसपास होंगे या तो एकदम एक्सट्रीम लो या उसके नीचे होंगे। या तीन ही सिनेरियो हो सकते हैं। ठीक है? उन तीन सिनेरियो के हिसाब से अगर आप ऊपर की तरफ हो, अगर आप ऊपर की तरफ हो तो आपको पूरा का पूरा जो सेटअप है वो पुट साइड पे बनाना है। हम पुट साइड पे बनाना है। पुट साइड पे बनाना है का मतलब है कि आपको वो सेटअप उस तरीके से क्रिएट करना है कि भ मार्केट के नीचे जाने पे मुझे एडवांटेज हो। कंसोलिडेशन पे भी एडवांटेज हो। ऊपर जाएगा तो मैं मैनेज करूंगा। हम सेम वेग एक्सैक्टली एकदम बॉटम वाली साइड पे है। तो आपको कॉल ऑप्शन में बनाना है। तो वहां पे आपका रोल बहुत सिंपल है कि अगर मार्केट ऊपर जाएगा तो मुझे बेनिफिट होगा। मार्केट कंसोलिडेट करेगा तो मुझे बेनिफिट होगा। अगर वहां से भी मार्केट नीचे गया तो मेरे को चीजों को बैलेंस करना है। और अगर आप फेयर वैल्यू के आजू-बाजू कहीं पे भी हॉवर कर रहे हो तो आपको ईदर कॉल और पुट कोई सा भी आप चूज़ कर सकते हो। तो उसमें हम कॉल को थोड़ा प्रेफरेंस ज्यादा देते हैं क्योंकि उसमें रोल ओवर बेनिफिट्स अच्छा रहता है। ठीक है? फिर आप इसको मल्टीपल भी कर सकते हो। जैसे फॉर एग्जांपल आप पांच लॉट में कर रहे हो। ऐसा तो है नहीं कि भ एक ही ट्रेड कर लिया। पांच लॉट में कर रहे हो तो ऊपर की तरफ है तो हमें पता है कि पुट में बनाना है। लेकिन चांसेस तो हैं कि मार्केट ऊपर भी जा सकता है और भी। तो यार चार लॉट मैंने पुट के डाल दिए। एक सेफ्टी के लिए कॉल का डाल दिया। अगर मैं एकदम मिडिल में हूं तो तीन कॉल के डाल दिए। तीन पुट के डाल दिए या दो-दो दोनों के डाल दिए या एक-एक दोनों के डाल दिए। थोड़ी गुंजाइश रख ली कि जिस भी तरफ मार्केट जाएगा तब ऐड कर लूंगा। हम सेम वे नीचे की तरफ। तो अगर आप मल्टीपल लॉट से कर रहे हो तो आप वो भी चीज को ऐड कर सकते हो। उससे आपका रिवॉर्ड थोड़ा घट जाएगा क्योंकि ऑब्वियस सी बात है कि पूरा एक जैसा रखते तो ज्यादा रिवॉर्ड आता। एक आपने रखा है तो वो एक एक को तो नलिफाई कर देगा। तो रिवॉर्ड तो तीन का आएगा। लेकिन रिस्क भी तीन का है। तो रिस्क भी आपकी रिड्यूस हो जाएगी। तो तीसरा जो सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट है कि आप ऑप्शंस जो सेलेक्ट कर रहे हो कॉम्बिनेशन जो सेलेक्ट कर रहे हो वो किस तरीके से सेलेक्ट करना है तो जिसकी जितनी कैपिटल उतना कंजर्वेटिव रहना है वन गो में नहीं जाना है मान लो मैं 10 लॉट में काम कर सकता हूं तो मुझे 10 लॉट में कर सकता हूं और मेरा रेंज भी अपर वाला है फिर भी मैं सात लॉट ही पुट के डालूंगा या आठ ही पुट के डालूंगा दो कॉल के डाल दूंगा हम ठीक है तो थोड़ा सा उसमें हम कंजर्वेटिव भी हो जाते हैं और उससे क्या होता है कि एक एडवांटेज ये भी मिल जाता है कि इन केस कोई वैसा सिचुएशन बन गया कि भाई एकदम वन वे रैली आ गई या वह आ गई तो अपने को कुशन मिल जाएगा। वहां पे क्या है अपने को एक सेफ्टी नेट मिल जाती है। तो ऑप्शन का जो सिलेक्शन है वो सबसे क्रूशियल है। वो सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट होता है। तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक-एक लॉट में कर रहे हो तो टॉप पे पुट करो, बॉटम पे कॉल करो, मिडिल में कोई भी कर सकते हो पर कॉल को प्रेफर करो। फिर डिपेंडिंग अपॉन जितना ऊपर है या नीचे है। अब एग्जैक्टली तो ऐसा होगा नहीं कि वहीं पे होंगे। उन दोनों रेंज के मिडिल में भी हो सकते हैं। तो आप पुट प्रेफर कर दो। इन दोनों के मिडिल में है तो कॉल प्रेफर कर दो। वो थोड़ा आप उस तरीके से हल्का सा अपना माइंड अप्लाई कर सकते हो। एंड द सेकंड थिंग मल्टीपल लॉट्स में कर रहे हो तो थोड़ा सा कुशनिंग दे दो कि आप ट्रेड टू ट्रेड भी हैज कर रहे हो। ट्रेड तो आपका हैज है ही पर ट्रेड टू ट्रेड भी आप हैज कर रहे हो। गॉट इट। ठीक है? ये हो गया अपना सिंपल। अब जब मैंने पुट और कॉल इस तरीके से चेंजेस किया हम जैसे ही मैंने पुट और कॉल इस तरीके से चेंजेस किया तो एक चीज तो बड़ी क्लियर हो गई कि मेरे को अब सेल लेग हैवी रखने हैं और बाय लेग लाइट रखने हैं। सेल लेग को हैवी रखना है और बाय लेग को लाइट रखना है। ठीक है? ये तो हमारा कांसेप्ट एकदम क्लियर हो गया। ठीक है? क्योंकि हम कॉल और पुट में चेंज कर रहे हैं। अगर आप सिर्फ कॉल में करना चाहते हो तो कभी सेल हैवी पुट लाइट कभी बाय लाइट कभी बाय हैवी सेल लाइट वो चेंजेस कर लो। ग्रेट तो सर हमने अभी तक समझ लिया कि स्ट्रेटजी है क्या? हमने ज़ोंस बना लिए और आपने ये भी बता दिया कि जब अपर रेंज के पास होगा तो हमें क्या करना है? लोअर रेंज के पास होगा तो क्या करना है? कॉल और पुट को कैसे बैलेंस करना है? ये भी आपने समझा दिया। अब इसको एग्जांपल्स के थ्रू समझते हैं। अगर आप किसी स्पेसिफिक ड्यूरेशन का स्पेसिफिक किसी मंथ का एग्जांपल लेना चाह तो वो भी ले सकते हैं। आप बताओ जो बता दोगे वो मंथ का ले लेंगे। कोई दिक्कत नहीं है। ऐसा करते हैं जो अभी रिसेंट ज्यादा वोलेटाइल इवेंट हुआ जहां पे बहुत सारे लोग घबरा गए थे। वॉर चल रही थी तो लोगों ने वहां पे नुकसान भी करवाया है। तो आपकी स्ट्रेटजी देखती हैं उस मंथ में कैसे रिएक्ट की थी। मार्च का देख लेते हैं। मार्च मार्च का। यस। अब मैं ना आपको बहुत इंटरेस्टिंग चीज बताता हूं। जैसे मैंने आपको यह कहा कि हमें कॉल और पुट को बैलेंस आउट करके चलना है। ठीक है? तो दो चीज़ हैं। एक तो हमने सही अपॉर्चुनिटी के हिसाब से ट्रेड लिया होगा तो डेफिनेटली प्रॉफिट आएगा। हम ठीक है? वो तो प्रॉफिट आएगा ही आएगा। बट अगर समझो हमने गलत तरीके से भी ट्रेड करा है इफ इन केस। ठीक है? बटकि हम रोलओवर पे चल रहे हैं। हम एडजस्टमेंट पे चल रहे हैं तो वो गलत ट्रेड भी आपको प्रॉफिट बना के देगा। तो मैं पहले आपको उसका एक जेन्युइन केस बताता हूं कि इस तरीके से ट्रेड करना है। फिर मैं आपको उसका दूसरा पार्ट भी बताता हूं फॉर सेम मंथ। ठीक है? ठीक है? तो वो मार्च महीने का जैसे [गला साफ़ करने की आवाज़] हम लोग जो है वो एक बार देखते हैं। तो देखो ट्रेड कैसे करना है? सबसे सिंपल चीज है। आपने पहले यह डिसाइड कर लेना है कि मुझे कॉल में एंट्री करनी है कि पुट में एंट्री करनी है। नंबर वन नंबर दो मल्टीपल लॉट्स में है अगर आप तो प्रपोर्शन उस तरीके से कि मेरी बायसनेस ऊपर की तरफ है तो पुट थोड़ा हैवी कॉल में थोड़ा कम और नीचे की तरफ है तो कॉल में थोड़े से हैवी पुट में थोड़े से कम। ठीक है? अब सबसे पहले आपको क्या करना है? मंथली एक्सपायरी ले लेनी है। कैलेंडर स्प्रेड है। कैलेंडर स्प्रेड का सिंपल फंडा है। फार एक्सपायरी बाय करना है। क्लोजर एक्सपायरी सेल करना है। ठीक है? तो मंथली एक्सपायरी को बाय करेंगे। वीकली एक्सपायरीज को सेल करेंगे। अब मंथली एक्सपायरी के अंदर भी दो चीजें हैं कि कौन सी वाली मंथली ले। तो अगर मंथ के बिगनिंग बिगनिंग में कर रहे हो तो करंट ले लो क्योंकि टाइम है उसमें। अगर आप मिड ऑफ द मंथ में चल रहे हो तो नेक्स्ट मंथ से आप शुरुआत कर लो। तो सबसे पहले जैसे आपने मंथली एक्सपायरी ले ली। अब मंथली एक्सपायरी के अंदर आपको जब भी एंट्री करोगे तो कभी विक्स हाई होगा, कभी लो होगा, कभी अ मार्केट के अंदर वोलेटिलिटी, कभी मार्केट के अंदर न्यूज़, कभी मार्केट के अंदर सेलिंग प्रेशर, बाइंग प्रेशर, अलग-अलग सिचुएशनंस तो बनती रहेगी जिसको कोई प्रिडिक्ट कर नहीं पाया। करेक्ट। ठीक है? तो मैंने जैसा आपको बताया कि हमारा जो फंडा है दैट इज कि हम उसको ट्रैक ही नहीं करते हैं। तो हमने जैसे लेवल्स फिक्स कर दिए वैसे प्राइिंग फिक्स कर दी। ओके? तो पहला मेरा प्राइिंग क्या है कि मंथली एक्सपायरी में जो जो भी ऑप्शन 200 के आसपास चल रहा है हम मैं उसको ही बाय करूंगा। क्या उसकी रीजनिंग क्या है? उसकी मैं आपको एक सिंपल सी रीजनिंग बताता हूं। हमने ऐसे तीन प्राइस पॉइंट जो है वो सेलेक्ट करे हैं। 200, 150 एंड 450। 150 और 450 सेलिंग के लिए है। 200 वो बाइंग के लिए है। अच्छा। अच्छा वो आए कैसे वो भी बड़ा इंटरेस्टिंग है। वो भी मैं जस्ट आपको एलिब्रेट करता हूं। जैसे मैंने अभी आपको बताया कि लास्ट 5 साल में हमने जो रोलओवर रोलओवर रोलओवर रोलओवर बेनिफिट्स जो हैं उस रोलओवर बेनिफिट्स को एवरेज आउट किया। अपना एवरेज आउट किया। तो वह एवरेज आउट करते समय यह चीज़ हमने सबसे ज़्यादा सेंस करी कि जो सबसे ज़्यादा स्विंग है हम सबसे [गला साफ़ करने की आवाज़] ज़्यादा जो स्विंग है जो सबसे ज़्यादा जो डेल्टा क्रिएट हो रहा है वो 200 सवा5 की रेंज में जो ऑप्शन है हम वो थोड़ा सा ओटीएम हो सकता है। अगर विक्स लो है तो एटीएम के आसपास भी हो सकता है। उसप सबसे ज्यादा हो रहा है। ओके। सेम वे नीचे की तरफ 150 और 450 सेलिंग लेग में अगर आपके फेवरेबल है तो उसमें आपको सबसे ज्यादा चीज जो है वो जनरेट हो रही है। ठीक है? दूसरी चीज क्या है? हमको उसको बैलेंस भी करना था। हम तो बैलेंस करने के लिए हमने क्या किया कि 200 के थ्री ओके? 150 450 के वन वन वन वन तो 600 तो टोटल 600 इधर टोटल 600 इधर। तो मेरा ट्रेड जो है वो बैलेंस भी बन गया। समझ गए? तो मंथली एक्सपायरी के अंदर अपन ने 200 का जो प्राइस पॉइंट है वह प्राइस पॉइंट अपन ने चूज़ कर लिया। अब 200 में भी दो-तीन ऑप्शन हो सकते हैं। भ कोई 212 हो सकता है, 215 हो सकता है, 192 हो सकता है, 195 हो सकता है, 188 हो सकता है। एग्जैक्ट तो मिलेगा नहीं। हम तो जो भी एक ऊपर का प्राइस और एक नीचे का प्राइस जो भी दो प्राइस होंगे उनमें से जो राउंड फिगर प्राइस है राउंड फिगर का मतलब जैसे 25000 25100 25200 25300 ऑड स्ट्राइक नहीं राउंड फिगर वाली जो है वो कम ज्यादा हो के चलेगा बट राउंड फिगर वाली स्ट्राइक है उसी पे काम करेंगे ठीक है मैं एक एग्जांपल से आपको समझाता हूं आपने जैसे मार्च का बोला तो मैं मार्च की ही एग्जांपल से आपको एक्सप्लेन करता हूं फॉर एग्जांपल मैं आपको फर्स्ट मार्च पे ले चलता हूं ठीक फर्स्ट मार्च को तो छुट्टी थी। संडे था तो सेकंड मार्च मार्च। ठीक है? तो सबसे पहले मुझे मंथली एक्सपायरी सेलेक्ट करनी है। तो मैं यहां पे ये मार्च की मंथली एक्सपायरी सेलेक्ट कर देता हूं। ठीक है? लगभग लगभग थोड़ा टाइम जाने देते हैं। आधे घंटे बाद ट्रेड करते हैं। एकदम 9:15 पे तो मार्केट जस्ट ओपन ही हुआ है। तो हमने क्योंकि स्टार्ट ऑफ द मंथ में ही थे तो उसी मंथ की एक्सपायरी चूज़ कर। अगर यही 15 17 तारीख के आसपास तो अप्रैल कर लेते हैं। ठीक है? अब आप यहां पे देखो कि जो निफ्टी है वो लगभग लगभग 24966 चल रहा है। यानी ऑलमोस्ट अराउंड 25000 चल रहा है। 25000 चल रहा है। व्हिच इज़ उस समय का आपका जो फेयर वैल्यू था दैट इज 24,200 उससे थोड़ा सा ऊपर। ठीक है? तो ऑब्वियस सी बात है कि आप पुट ऑप्शन प्रेफर करोगे। ठीक है? पुट ऑप्शन जो है वो आप प्रेफर करोगे। ठीक है? तो मैं क्या कर रहा हूं? इसकी जो ऑप्शन चेन है इसमें पुट ऑप्शन के अंदर मैं सारी डील कर रहा हूं। ठीक है? पुट ऑप्शन के अंदर सारी जो डीलिंग है वो करता हूं। तो जैसे सपोज़ कीजिए कि पुट ऑप्शन के ऊपर अपने को डील करना है। तो अब कॉल वाली साइड क्या है? छोड़ दो। छोड़ देनी है। उसको देखना ही नहीं है। ठीक है? अब पुट ऑप्शन के अंदर जैसे मैंने आपको कहा कि भ 200 का प्राइस पॉइंट जो है वो अपने को ट्रेड करना है। अब आप अगर यहां पे ध्यान से देखेंगे तो आपको दो ऑप्शन यहां पे दिखेंगे। एक दिख रहा है 192.5 एक दिख रहा है 208.6 करेक्ट। ठीक है? एक 24500 है एक 550 है। तो कंफ्यूजन है कौन सी वाली लें? 500 ले। तो हमने कहा राउंड फिगर वाली ही लेनी है। राउंड फिगर है। ठीक है? तो 500 इज़ अ राउंड फिगर नंबर। तो उसी को अपने को प्रेफर करना है। तो ये मैंने यहां पे बाय पे क्लिक कर दिया। और तीन लॉट मुझे बाय करने हैं। 200 * 3 वि इज 600 150 + 450 वो एक-एक करेंगे वि इज 600 तो मेरा ट्रेड जो है वो प्रीमियम वाइज बैलेंस हो जाएगा। करेक्ट। ठीक है? तो ये मैंने यहां पे तीन लॉट जो है वो बाय कर दिए। ठीक है? तीन लॉट जो है वो हमने इसके बाय कर दिए। ठीक है? ठीक है? ये पहला काम हो गया। अब दूसरा काम क्या करना है अपने को? जो वीकली एक्सपायरीज है हम। ठीक है? उसको सेल करना है तभी कैलेंडर बनेगा। तो एक 150 का प्राइस, एक 450 का प्राइस। ठीक है? तो ये बैलेंस हो गया दोनों के एक-एक लॉट। ठीक है? ठीक है? अब यहां पे एक इंटरेस्टिंग चीज है। देखो टोटल हमने सेल किए हैं दो, बाय किए हैं तीन। व्हिच मींस अगर हमारे डायरेक्शन के ऑोजिट भी मार्केट गया हम है ना? तो भी हम इसको मैनेज कर पाएंगे। मैं आपको अभी ये दोनों चीजें एक्सप्लेन करता हूं कि कैसे दोनों साइड पे ट्रेड काम करेगा। हम और रिस्क कहां पे आ सकती है और वो रिस्क कवर कैसे होगी ताकि एक्चुअली ये फुल प्रूफ नो लॉस बन जाए। ठीक है? तो मैं आपको एक्सप्लेन करता हूं। पहले मैं ये दोनों पोजीशंस जो है वो डाल देता हूं। ठीक है? ठीक है? तो सपोज़ कीजिए कि मैं यहां पे अब आपका वीकली एक्सपायरी जो है वो ओपन कर देता हूं। ठीक है? तो मार्च का अगर मैं वीकली देखूं तो सेकंड मार्च को तो नेक्स्ट डे एक्सपायरी ही है और दो ही को ट्रेड कर रहा है तो 10th मार्च से स्टार्ट करते हैं। ठीक है? यह हमने 10th मार्च का ऑप्शन चेन जो है वो ले लिया। ठीक है? सो मुझे एक 150, एक 450 ये दो ऑप्शंस जो है वो करने हैं और उसमें भी अगेन वही राउंड फिगर वाले तो 150 के लिए आप देखोगे ना आपको एक 139 और 151 दो दिख रहे हैं। सो हम 151 वाला ले लें क्योंकि वो 24700 है। तो ये मैंने सेल कर दिया एक लॉट। ठीक है? इसके बाद 450 वाला मैंने तो 24500 का हमने बाय किया था। हां बाय स्ट्राइक से कोई लेना देना। ठीक है। हमें तो प्रीमियम से मतलब है। स्ट्राइक कोई भी हो उससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। ठीक है। अब 450 का जो है वो अगर हम देखें तो आपको दो ऑप्शन दिखेंगे 435 465 हम तो हम प्रेफर करेंगे 465 क्योंकि वो राउंड फिगर है। वाला। ठीक है? तो ये मैंने यहां पे इसको भी सेल कर दिया। ठीक है? तो ये मेरा ट्रेड प्रीमियम वाइज बैलेंस हो गया। हम ठीक है? अब देखो तीन चीजें यहां पे मैं आपको एक्सप्लेन करता हूं। उस पे आप फोकस करना। सबसे पहला हमने रेंज के हिसाब से बनाया। तो रेंज के हिसाब से हमने पुट ऑप्शन चूज़ किया है। क्योंकि हम क्या अस्यूम करके चल रहे हैं? यहां से प्रोबेबिलिटी नीचे जाएगा। नीचे की ज्यादा है। क्योंकि प्रोबेबिलिटी नीचे की ज्यादा है और वो नीचे फेयर वैल्यू तक आना चाहिए। हमेशा हम इसी कांसेप्ट से चल रहे हैं। फेयर वैल्यू तक आना चाहिए। नहीं। 24,200, 24,000 तक वो आना चाहिए। हमारे पास पुट के तीन बाय लेग है। करेक्ट। और सेल के दो ही लेग हैं। तो इवेंचुअली ऑटोमेटिकली प्रॉफिट में आ ही जाएगा। रीज़ क्योंकि हमारे पास बाय लेग तीन है तो तीन साइड पे प्रॉफिट होगा दो साइड पे लॉस आएगा। ऑब्वियस सी बात है कि वो कंपनसेट कर जाएगा। कर जाएगा। दूसरी चीज क्या है? एक प्रोबेबिलिटी ये भी बन सकती है कि भ जरूरी तो नहीं है कि आए ऊपर भी जा सकता है। जा सकता है। अब ऊपर जब जाएगा तो वीकली ऑप्शंस तो जीरो हो जाएंगे। हम आपने टोटल 600 बाय किया है। तो मार्केट ऊपर चला गया। लेट्स से 25400 तक भी चला गया तो ये दोनों मिला के तो जीरो हो गए। करेक्ट। यानी 600 तो आपके आ गए। बाय लेग में कुछ ना कुछ तो प्रीमियम रहा ही रहा होगा। जीरो तो होगा नहीं। तो भी आप प्रॉफिट में आ जाओगे। करेक्ट करेक्ट। करेक्ट। यानी कि अगर बड़ी मूव नीचे की तरफ आई, मार्केट आपके हिसाब से चला तो पैसा लेके जाओगे। मार्केट आपके हिसाब से नहीं भी चला ऊपर की तरफ भी बड़ी मूव आ गई तो भी आप पैसा लेके जाओगे। राइट? यानी कि नीचे अगर 24,000 आ गया तो तो हमारा काम हो गया। ऊपर 24500 चला गया तो ये दोनों 25500 चला गया तो दोनों जीरो हो जाएंगे तो भी हमारा काम हो गया। अब सवाल आता है कि मान लो मार्केट इधर ही टाइम पास करता रहा तो अगर इधर ही टाइम पास करता रहा तो हम रोल ओवर करते जाएंगे। करते जाएंगे करते जाएंगे। कभी ना कभी तो या तो वो ऊपर 500 पॉइंट या नीचे 500 पॉइंट जाएगा। ऐसा तो है ही नहीं कि निफ्टी को हिलना ही नहीं है। अच्छा मान लो हाइपोथेटिकली मैं तो कह रहा हूं वर्स्ट इन केस ऐसा हो जाए कि पूरे महीने निफ्टी प्लस माइनस 500 पॉइंट भी ना हो। हालांकि आजकल तो ऐसा हो गया कि एक दिन में होने लग गया लेकिन मान लो पूरे महीने नहीं हो तो हम बाय लेग को अगले महीने रोल ओवर कर लेंगे। टाइम ही तो लगेगा एट द एंड ऑफ़ द डे निफ्टी को 245 25500 या तो नीचे में 24000 कोई एक लेवल तो आना ही आना है। जैसे ही आया हमारा काम हो गया। जितना देर से आएगा बस वही हमारा रिस्क है। वही हमारा पेशेंस है। वही हमारा डिसिप्लिन है। राइट राइट। मतलब हम ये भी नहीं कह रहे हैं कि आप एक तरफ की तरफ देखो। दोनों में से कोई भी तरफ मूव आ गया। इसीलिए मैंने आपको कहा कि इसी ट्रेड को मैं कॉल में भी आपको करके दिखाऊंगा। इसका पे ऑफ चार्ट चार्ट समझा समझा सकते हैं एक बार। पे ऑफ चार्ट वैसे हमारे तो इरिलेवेंस है क्योंकि हम स्ट्राइक देख ही नहीं रहे हैं। पे ऑफ चार्ट वैसे तो इरिलवेंस है। लेकिन अगर आप देखना चाहे तो उसको देख सकते हैं। कोई इशू नहीं है। तो इसमें आप देखेंगे कि ऊपर की तरफ आपको कोई रिस्क नहीं दिख रही। हां नीचे की तरफ बड़ी मूव आ गई तो कोई रिस्क नहीं है। वो भी बीच में एक डेंट है वो डेंट रोल ओवर से कवर होगा। हां वो डेंट जो है तो जैसे-जैसे आप रोल ओवर करोगे आपको ज्यादा प्रीमियम मिलेगा वो जो नीचे की तरफ का जो विड्थ है वो रिड्यूस होता चला जाएगा। एंड इवेंचुअली आपका वहां से कवर अप हो जाएगा। ऑलदो हम पे ऑफ को उतनीेंस नहीं देते क्योंकि ऑब्स्ट्रा उठा लो चाहे कोई सा भी प्लेटफार्म उठा लो। देखो आपको यहां पे नीचे ना एक स्टार मार्क भी अगर यहां लिखा होगा तो होगा जनरली आप अगर उसको बनाएंगे ना वहां पे स्ट्रेटजी बिल्डर में तो वहां लिखा हुआ आता है कि कैलेंडर स्प्रेड्स के अंदर पे ऑफ जो है वो थोड़ा वेरीरी करेगा क्योंकि वो लोग भी क्योंकि दो अलग-अलग एक्सपायरीज है। सो यू कैन नॉट कंपेयर करेक्ट। तो उस तरीके से जो थोड़ा सा इसमें ये सिचुएशन बनती है। ठीक है? अब हमको क्या करना है? ट्रेड तो बना लिया। हम अब ट्रेड को चलाना कैसे है? तो मैंने आपको सिंपल सी चीज़ बताई कि रोल ओवर हम कि [गला साफ़ करने की आवाज़] भाई उसको आप घुमाते रहिए घुमाते रहिए घुमाते रहिए एक्स्ट्रा प्रीमियम मिलता रहेगा द मोमेंट निफ्टी ने कोई भी ऊपर की तरफ या नीचे की तरफ मूव दिया आपका काम हो गया बन जाएगा तो जो 24700 और 25400 की पुट जो आपने शॉर्ट करी है हम आपको क्या करना है जैसे ही एक्सपायरी आएगी तो इनको एग्जिट करना है और फिर से अगली एक्सपायरी की शॉर्ट कर देनी है इमीडिएटली पहले क्या होता था कि हम 10 की है तो 10 को भी कर सकते थे। पर अबकि कैलेंडर स्प्रेड में मार्जिन बेनिफिट हटा दिया है। हम तो अपने को 10 वाला जो है वो नाइन डेट को कर लेना है। क्योंकि 10 डेट को आपको वो मार्जिन बेनिफिट नहीं लगेगा। तो इसमें पूरा मार्जिन लगेगा सेल का तो फिर बहुत कॉस्टली हो जाएगा। उसके सामने फिर रिटर्न फिर छोटा हो जाएगा। तो अपने को नाइन डेट को ये काम कर लेना है। 9 डेट तक अगर हमारा टारगेट आ जाए काम खत्म। नहीं टारगेट आता है तो इसको चेंज कर लो। सिंपल। गॉट इट। ठीक है? अब टारगेट क्या है? हम यह भी एक क्वेश्चन है कि भ कितना टारगेट क्या टारगेट होगा? ठीक है? तो लगभग लगभग ये स्प्रेड आप बनाओगे तो ₹1.5 लाख के आसपास का आपका कैपिटल लगेगा। ऑप्शन सेलिंग और अब टारगेट आप अपने हिसाब से डिसाइड कर लो। आपको 3% में कंफर्टेबल है। 4% 5% 6% 7% जितना बड़ा टारगेट उतना टाइम का रिस्क। हम सीधी सी गणित है। करेक्ट। टारगेट सारे आएंगे। करेक्ट। यू कैन टेक 10% का टारगेट भी बट टाइम ज्यादा लगेगा। हम 3% है तो बहुत फ्रीक्वेंटली आएगा। तो वो आप अपने हिसाब से आपको आप अपने लिए चूज़ करते हैं। सी आई यूज टू प्रेफर तीन से 4% में मैं काट देता हूं। ठीक है? ठीक है? क्योंकि अगर मुझे महीने में तीन से 4% बन रहा है और किसी महीने में दो ट्रेड की अपॉर्चुनिटी आ गई हम तो फेयर इनफ है। क्योंकि मैं मार्केट की वोलेटिलिटी से भी तो दूर हो रहा हूं। तो मैं यूजुअली 3 टू 4% इज़ माय एग्जिट क्राइटेरिया। एंड अगर मेरे को किसी महीने अर्ली एग्जिट हो गया है तो दो अपॉर्चुनिटी मिल गई तो फेयर है मेरे लिए। बाकी हर एक का देखो अपना-अपना एपेटाइट। ठीक है? एक नॉर्मल आदमी को स्टार्ट 3% से करना चाहिए। 93% तो लॉस ही कर रहे हैं। करेक्ट। आप 3% रिटर्न बनाओ। वो भी तो पहले बनाओ। वो भी तो इंपॉर्टेंट है। अब पहले आप उस 7% में तो आओ कि जो प्रॉफिट कर रहे हैं फिर बड़े प्रॉफिट की चर्चा करेंगे। तो ये सबसे इंपॉर्टेंट। अब देखो मैं इसको एक-ए दिन रन करके देखता हूं। ठीक है? तो मान लेते हैं एक दिन के बाद। देखो एक ही दिन में इसमें 3175 का आपको प्रॉफिट दिख रहा है। ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़] एक और दिन के बाद देखो आप लगभग 2720 के आसपास का आपको प्रॉफिट दिख रहा है। एक और दिन के बाद 4351 का प्रॉफिट दिख रहा है। एक और दिन के बाद अच्छा मार्केट किस डायरेक्शन में मूव कर रही है ये भी देख वो भी देख लेते हैं। देखिए मैं एकदम वापस बैक चलता हूं। 2 मार्च में। हां। ठीक है। अभी आप निफ्टी का लेवल देखिए। 24996 25,000 मान के चलना। [गला साफ़ करने की आवाज़] एक दिन के बाद 24413 थोड़ी नीचे आई है। तो हमारी सही डायरेक्शन में जा रही है जो हमने प्रेडिक्ट किया था या जो सोचा था। नीचे जा रही है। लेकिन अच्छी खासी नीचे गई है। अच्छी खासी नीचे गई है। 400 500 पॉइंट का डिफरेंस आया है। करेक्ट। ठीक है? फिर एकआध दिन के बाद और देखिए तो वहीं पे टाइम पास कर रही है। 24600 तो प्रॉफिट पे कोई डेंट नहीं है। एकआध दिन के बाद और देखा तो भी वहीं पे कर रही है। लेकिन आपका प्रॉफिट बढ़ रहा है। रीज़ क्योंकि थीटा का डके हो रहा है। थीटा डके हो रहा है। क्योंकि वो तो वहीं के वहीं के ऑप्शन है। तो ये प्रॉफिट आपका बढ़ता जा रहा है। अब ये 9 मार्च और आप एकदम से प्रॉफिट में राइज़ देखिए। हम एक्चुअली क्या हुआ? 1000 पॉइंट का गैप डाउन हो गया। हम और आपका प्रॉफिट एकदम से बूस्ट कर गया क्योंकि क्योंकि आपका कांसेप्ट वही था कि मार्केट नीचे की तरफ जाएगा बड़ी मूव आ सकती है क्योंकि आप हायर ज़ोंस पे हो वो आई आपको प्रॉफिट हुआ जब तक नहीं आई थी तो भी प्रॉफिट चल रहा था हम प्रॉफिट में कोई डेंट नहीं था लेकिन एक ही ट्रेड आपको 7 8% बना के दे गया क्योंकि जैसे ही अब इमेजिन कीजिए कि अगर पूरे साल केवल दो बार केवल दो बार आपका मीन रिवर्शन राइट हो हम काम हो गया करेक्ट 7 8% 10% ये 12% का रिटर्न है हम दो बार मतलब 24% तो यही निकल गया बाकी आप हर महीना सिर्फ एक डेढ़ एक डेढ़% भी कर दिया तो भी काम हो गया बन गया करेक्ट बट वो दो महीने जो है ना वो दो महीने आपको तभी मिलेंगे जब आप 12 के 12 महीने डिसिप्लिन रहोगे ट्रू ये जरूरी है राइट रिवर्ज़ जो है वो आपको छ से आठ बार मिलेगा पर वो मिलेगा तभी जब आप 12 के 12 महीने जो आपने फरवरी में फॉलो किया हो, जनवरी में भी फॉलो किया हो, मार्च में भी फॉलो किया होगा तो ही मिला होगा। नहीं तो नहीं मिला होगा। हम ठीक है? तो ये आपने एकदम से वो गैप डाउन हुआ और आपको ये सिचुएशन जो है वो बन गई। करेक्ट। अब यही चीज को मैं कॉल में आपको करके दिखाता हूं। यही सेम चीज। अच्छा चलो आप सर मुझे ये भी बताइए कि कब ट्रेड नहीं बनेगा? ये भी मुझे जानना है कि इसमें तो लग रहा है कि हर हफ्ते में ट्रेड ले सकते हैं। बिल्कुल ले सकते हैं। हां। और हर हफ्ते ले सकते हैं। बिल्कुल ले सकते हैं। हर हफ्ते लेंगे। ठीक है। पर इसमें एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज है वो भी मैं आपको बताता हूं। देखिए आपका एवरेज रोल ओवर बेनिफिट क्या है? राइट? 70 टू 80 पॉइंट्स। 70 टू 80 पॉइंट्स। कॉल में और पुट में। ठीक है? 70 टू 80 पॉइंट्स का ये थोड़ा सा मैथमेटिकल होगा। बिकॉज़ मैं तो थोड़ा मैथ्स का हूं। तो शायद व्यूअर्स को समझने में थोड़ा आगे पीछे लगे। हम लेकिन 70 टू 80 पॉइंट्स का हमारा रोल ओवर बेनिफिट होता है और दो सेल स्ट्राइक है हम यानी 150 पॉइंट्स का हमारा रोल ओवर बेनिफिट करेक्ट ठीक है 150 पॉइंट्स का हम एवरेज मान के चलते हैं कि रोल ओवर बेनिफिट हमने मार्च में 10थ की एक्सपायरी ली है और मार्च के एंड आने में हमको तीन रोल ओवर मिलेंगे 10 से 17 करोगे 17 से 24 करोगे और ये 30 पे जाओगे तो आपको तीन रोल ओवर मिलेंगे यानी कि 40 पॉइंट्स आपको रोल ओवर बेनिफिट से कवर हो जाएगा। ठीक है? तो उसका डबल जो गैप है ना बाय और सेल के बीच में बाय और सेल के बीच में वो 900 से ज्यादा नहीं होगा। हम बस ये एक छोटी सी चीज आप ध्यान रख लोगे ना तो आपका ट्रेड बहुत सेफ रहेगा। वो 100% रिजल्ट दे देगा। हम क्योंकि भ मेरे को पता है कि बेनिफिट की लिमिट ये है। फिर क्या होता है? देखो गैप जब ज्यादा होता है ना तो प्रॉब्लम क्या होती है? आप मार्केट पे होप पे बैठे हो कि यार ऐसा हो जाए वैसा हो जाए नहीं हमको 2x से ज़्यादा रिस्क नहीं लेना है हम तो 450 इज़ माय बेनिफिट अगर चार ऑल ओवर मिल रहे हैं मान लो तो 600 तो 1200 का गैप उससे ज्यादा नहीं तीन है तो 450 तो 900 का गैप उससे ज्यादा नहीं अब देखो गैप कैसे जैसे देखो आपने दो स्ट्राइक है एक है 24500 बाय वाली करेक्ट और जो सबसे टॉप वाला जो सेल है वो 25400 00 है 25400 मैक्सिमम गैप इज 900 या ट्रेड बना दो कोई दिक्कत नहीं है। फिर से अभी वापस आप डालने की कोशिश करोगे। ठीक है? अभी मान लो फिर से ये तो एग्जिट कर दिया। हम अगले दिन फिर ट्रेड डालते हैं। पहले आप एक बार देख लो कि जो 200 150 और 450 वो जो गैप आ रहा है वन 200 वाले पे और 450 वाले पे करेक्ट। क्या वो गैप मैं जितने रोल ओवर कर सकता हूं उससे डबल से ज्यादा है तो छोड़ दीजिए। नहीं करना है। हम हम मार्केट पे डिपेंड हो के ट्रेड नहीं करना है। अपना गणित के ऊपर डिपेंड हो के ट्रेड करना है। करेक्ट करेक्ट। तो ये ट्रेड सेफ है। कोई इशू नहीं है। बिंदास जाने दो कर सकते हैं। देखो अब इसी को मैं कॉल में आपको बना के दूं। सेम टाइम पे वही टाइम एग्जैक्टली वही डेट हम इसको कॉल के अंदर बनाते हैं। बट इस इस कैलकुलेशन से मैं सच समझ पा रहा हूं कि ज्यादा अच्छे ट्रेड्स आपके फर्स्ट वीक में बनते होंगे। नहीं नहीं नहीं ऐसा। आप सेकंड वीक थर्ड वीक में बनाओगे। अप्रैल का ले लोगे। हां। तो ठीक है। नेक्स्ट मंथ का ले सकते हो। तो फिर बेनिफिट और लंबा मिल जाएगा तो मिल जाएगा तो आप ट्रेड उसका प्रॉब्लम नहीं है और आप ऐसा भी सोच सकते हो कि भ मार्च में नहीं बन रहा है मान लो तो लेट्स टेक अप्रैल अप्रैल का लेके स्टार्ट कर लेते हैं स्टार्ट करेक्ट करेक्ट तो वो भी आप प्रेफर कर सकते हो उसमें भी कोई इशू नहीं है बट जनरली थ्री टू फोर रोल ओवर्स हम 1000 तक का गैप वो बढ़िया रहता है उससे आपकी रिस्क भी लिमिटेड रहेगी करेक्ट करेक्ट और रिवॉर्ड आने की प्रोबेबिलिटी क्योंकि देखो एक सिंपल सी चीज है जितना बड़ा गैप होगा ना हम आपको उतनी ही बड़ी मूव चाहिए अपने रिवॉर्ड के लिए। करेक्ट करेक्ट समझ गए। और बड़ी मूव आपके हाथ में नहीं है। हां या राइट। छोटी मूव तो आएगी आएगी। मार्केट रुकने नहीं वाला है। उसको चलना तो है। अभी हमारा रेंज कितना सिंपल सा था कि यार नीचे में 500 600 पॉइंट आ जाए या ऊपर में 500 600 वो फेयर आस्क है। यस यस। इतनी तो आप आस्क मार्केट से रख सकते हो। एक महीने के अंदर। ऐसा नहीं होगा कि एक महीने के अंदर निफ्टी जो है वो 500 पॉइंट ऊपर या नीचे में से कोई ना हो। हां वो होता है बस वो पॉसिबिलिटी नहीं है। ठीक है? और अगर नहीं भी है मान लो नहीं भी हुआ तो एक आध महीना आपने रोल ओवर कर दिया तो तो 100% हो जाएगा। राइट राइट पर जब आपने वो गैप को रख दिया 1000 तो पॉसिबिलिटी थोड़ी सी प्रॉब्लमेटिक हो जाती है कि यार उतना जाएगा कि नहीं जाएगा वो अश्योरेंस थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है। तो जितना कम रेंज उतना चांसेस आपके ज्यादा हो जाते हैं। इसीलिए बाकी तो बनाने के लिए क्या मैं अभी बैठ के मान लीजिए 3 महीने दूर का बना लूं तो मेरे पास 10 रोलओवर है तो भले 2000 पॉइंट की रेंज बना ली लेकिन 2000 पॉइंट का मतलब अब आप मार्केट से उम्मीद कर रहे हो कि भाई 24 वाला 26 हो जाए या 22 हो जाए वो गलत आस्क है करेक्ट 24 वाले से आप 24 23 फेयर आस्क है तो गैप कम वो बेटर रहता है राइट ठीक है अब यही चीज को सेम टाइम पे हम कॉल में एक बार बना के देखते हैं ठीक है कोई प्राइस में चेंज नहीं कुछ भी चेंज नहीं ठीक है मैं इसको पूरा रिसेट कर देता हूं। ठीक है? हम और यहां पे मैं ये मार्च की एक्सपायरी ले लेता हूं। ठीक है? तो प्राइस वही 200 वाला ही लेना है। तो कॉल में जो 200 का प्राइस है वो देखो ये आपको मिलेगा लगभग लगभग 25600 181 है। ठीक है? ठीक है? इसको मैं बाय कर लेता हूं और ये तीन लॉट। ठीक है? फिर इसके बाद मुझे सेल करना है 150 और 450। करेक्ट। ठीक है? तो मैंने यहां पे क्या किया? 150 और 450 मेरे को लेना है वीकली ऑप्शन। तो यह मैंने यहां पे 10 मार्च 10 मार्च का एक्सपायरी ले लिया और 150 और 450 का ऑप्शन ले लेता हूं। ठीक है? सो 150 पे मेरे को मिलेगा लगभग लगभग 25300 हम ठीक है? ये सेल कर देता हूं एक लॉट और 450 पे मेरे को मिलेगा 24700। ठीक है? मैं इसको भी सेल कर देता हूं। राइट डन है? तो ये मैंने ये ट्रेड बना दिया। ठीक है? अब इस ट्रेड के अंदर भी गेम वही है। नीचे की तरफ 24,700 के नीचे चला जाएगा तो मेरा काम हो जाएगा क्योंकि सेल लेग के प्रीमियम ख़ बाय लेग का बचेगा ही बचेगा और ऊपर की तरफ ऊपर की तरफ अगर 1000 पॉइंट की मूव आ गई तो मेरा काम हो जाएगा क्योंकि तीन बाय है सेल दो ही है तो वो मेरा काम हो जाएगा बट यहां पे हमारा रेंज ऊपर की तरफ 1000 है नीचे की तरफ 500 है पिछले वाले में नीचे की तरफ 1000 था ऊपर की तरफ 500 और ये हमने डिसाइड करा रेंज की वजह से रेंज की वजह क्योंकि हायर ज़ों्स में है तो लेट्स टेक अ चांस ऑन लोअर साइड। अगर लोअर ज़ोन में है तो लेट्स टेक अ चांस ऑन हायर साइड। बट आप कह रहे हैं इसमें पैसा बन जाएगा। पैसा तो बनेगा ही [हंसी] क्योंकि मूवमेंट तो आनी ही है। आनी ही आनी है। पर प्रोबेबिलिटी की बात हो गई। इट इज़ गेम ऑफ़ प्रोबेबिलिटी कि उसकी प्रोबेबिलिटी ज्यादा है और उसकी प्रोबेबिलिटी कम है। यस यस। पैसा तो इसमें भी बनेगा। राइट? देखिए हम बनाते हैं। और वही गैप डाउन वाले डेट तक देख लेंगे। तो ये देखिए एक दिन के बाद हम क्योंकि नीचे गया था। राइट? सेल के प्रीमियम्स आप देखिए 35 और 171 रह गए। बाय के जीरो तो हुए नहीं। करेक्ट। 5% लेके निकल गए आप। हम 6% बन गया एक ही दिन के अंदर। हम वही मार्केट नीचे गया था। पुट साइड पे 3000 था। हम पहले कॉल साइड पे 10,000 है। क्योंकि पुट पे नीचे की तरफ बड़ी मूव चाहिए। छोटी मूव पे काम नहीं होगा। राइट? राइट। कॉल पे नीचे की तरफ छोटी मूव चाहिए तो छोटी मूव हो गई। अब आप इमेजिन करिए कि आप मल्टीपल लॉट्स में काम कर रहे हो और दोनों का कॉम्बिनेशन चला रहे हो। तो अब आपके लिए क्या सिचुएशन होगी? कुछ जगह पे +500 और कुछ जगह पे -500 पे काम हो जाएगा। बड़ा प्रॉफिट जैसे यहां आ रहा है और +000 और -000 पे काउंटर में बड़ा प्रॉफिट। हम अब आप सोचिए कि मार्केट में बड़ी मूव का टेंशन ही खत्म। हम और अगर टाइम पास करता रहेगा तो कॉल का भी रोलओवर बेनिफिट, पुट का भी रोलओवर बेनिफिट। कहीं ना कहीं तो जाएगा। ऐसा तो है नहीं कि 25,000 का मार्केट पूरे महीने 25,000 इसमें टुवर्ड्स द एंड जाके रोलओवर भी करके देखते हैं एक बार कि रोलओवर में भी कैसे आप एडजस्ट करते हैं। ये देखिए एक और दिन के बाद ठीक है। एक और दिन के बाद ये प्रॉफिट आपका कांस्टेंट है। और आप देखिए 15,000 बन रहा है। हां गैप डाउन वाले दिन। राइट राइट। एक्सैक्टली सेम टाइम फ्रेम है। कॉल भी करा, पुट भी करा। हां बड़ी मूव आई तो बल्ले बल्ले है। किसी भी डायरेक्शन में छोटी मूव आई तो रोल ओवर कर के कर के इंतजार कर रहा है बड़ी मूव आने का। एक ऑप्शन सेलिंग बेस स्ट्रेटजी वाला हमेशा ये सोचता है कि बड़ी मूव ना आए। करेक्ट। हम हमेशा ये सोचते हैं कि आजा भाई कोई टेंशन नहीं। नहीं आएगी हम रोल ओवर करते रहेंगे। करते रहेंगे करते रहेंगे और आई तो दोनों साइड में आप देख लो। कॉल देख लो चाहे पूछ लो। यू विल सी द सेम आउटपुट ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट। अब ₹1.5 लाख पे ₹15,000 तो अच्छा रिटर्न है। हम कोई दिक्कत ही नहीं और वो भी आपको 10 दिन में बन रहा है। करेक्ट यस 10 भी दिन नहीं है। सेकंड को स्टार्ट किया था नाइन को ही खत्म। हफ्ता ही एक हफ्ता हो गया। तो वो आपके लिए बेटर हो गया। तो पहला डर कि आपके लिए बड़ी मूवमेंट का टेंशन खत्म हो गया। करेक्ट। चाहे जिस भी डायरेक्शन में आ जाए। मार्केट में डर तो सबसे ज्यादा इसी चीज का रहता है कि यार कुछ बड़ा हो गया और वो बड़ा भी कौन सी डायरेक्शन में हो गया। तो आप इमेजिन कीजिए कि 1000 पॉइंट का गैप अप हो रहा है। गैप डाउन हो रहा है। मतलब आपके लिए तो बल्लेबले है। वो गैप अप हो तो भी बल्लेबले और गैप डाउन हो तो भी बल्लेबले है। चाहे आपने कॉल में किया हो चाहे आपने पुट में किया हो। ये पहला एडवांटेज। दूसरा एडवांटेज अगर मार्केट नहीं मूव कर रही है। ठीक है? अभी मैंने थोड़ी देर पहले आपको जब रोलओवर के पॉइंट्स बताए थे तो उसमें भी एक चीज आपको बताई थी कि अगर एटीएम के आसपास है तो बेनिफिट ज्यादा मिलता है। अगर दूर है तो बेनिफिट कम मिलता है। हमारा ट्रेड तो तभी नहीं चलेगा जब मार्केट मूव नहीं किया है। मतलब एटीएम के आसपास है। तो हमको वो बेनिफिट भी ज्यादा मिलेगा। हम सिर्फ 75 कैलकुलेट करके चल रहे हैं। लेकिन एक्चुअली वो 100 110 100 110 का एवरेज निकल के आएगा। तो वो भी अपने को बेनिफिट है। सिर्फ अब कभी-कभी तो क्या एकदम ही ऐसा हो जाए कि रोल ओवर बेनिफिट ही नहीं मिल रहा है। विक्स भी पूरा ड्रॉप हो गया और कुछ भी नहीं चल रहा है। मार्केट बिल्कुल मूव ही नहीं कर रहा है। तो कोई बात नहीं एक महीने का टाइम बढ़ा लो। इससे ज्यादा तो क्या है? एक महीने का समय बढ़ा लो। 2 महीने में तो मूव करेगा ही करेगा। इवेंचुअली आप सो इंपॉर्टेंट चीज क्या है कि अपने पास वेट करने का ऑप्शन है। अपने पास ये चीज का भी टेंशन नहीं है कि यार टाइम का पर रिटर्न जो है जैसे 3% 4% वो जल्दी आ जाता है। 10% 12% का रिटर्न बड़ी मूव आएगी तो ही आएगा। तो आप थोड़े से डिपेंडेंट हो जाते हो। करेक्ट करेक्ट। तो जितना बड़ा रिटर्न आपको चाहिए तो उतना मार्केट पे थोड़े से आप डिपेंडेंट होगे। लेकिन अगर तीन-4% की आप अगर आस्क लेके चलोगे तो बड़े कम राइट। क्लियर? अब इसमें भी एक बहुत इंटरेस्टिंग चीज मैं बताता हूं। ये तो ट्रेड हो गया जैसे। ठीक है? नाउ हमारा जो कोर कांसेप्ट है वो है सिस्टम। हम जो हम लोग पार्टिसिपेंट को भी सबको समझाते हैं। दैट इज़ सिस्टम। अब इस स्ट्रेटजी के अंदर एक बात तो आपको क्लियर हो गई कि भ बड़ी मूव आई तो मेरी बल्लेबले है। चाहे ऊपर की तरफ चाहे नीचे की तरफ। बड़ी मूव आई तो मेरी बल्लेबले है। ठीक है? अब आप सोचो इमेजिन करिए कि आपको थोड़ा सा बड़ा कैपिटल इनफ्लो करना है। ठीक है? मान लीजिए 10 लाख, 3 लाख आपको एक अच्छी कैपिटल इनफ्लो करनी है। तो बड़ी मूव की तो टेंशन खत्म हो गई। नाउ आप इसके साथ में काउंटर ट्रेड्स करिए। जैसे नॉर्मल बटरफ्लाई है। अगर बड़ी मूव आई तो 5000 का लॉस होगा। अगर मार्केट रुक गया तो 80000 का प्रॉफिट होता। प्रोबेबिलिटी उसकी बहुत लो होती है। ए शेप बनता है। प्रोबेबिलिटी इज़ वेरी लो। पर बड़ी मूव में रिस्क इज़ वेरी मिनिमम और रिवॉर्ड अगर मार्केट वहीं रुक गया तो बहुत ज्यादा होगा। अब इमेजिन कीजिए कि आपने तीन लॉट इसके डाल के सामने दो बटरफ्लाई डाल दिए। हम बड़ी मूव आई इट विल गिव यू बिग अमाउंट वहां से ₹10000 चला भी गया तो जाने दो ना क्या दिक्कत है बन गया मान लीजिए मार्केट रुका रह गया इसमें एडजस्टमेंट करोगे लेकिन वो आपको बड़ा प्रॉफिट देगा हम ऐसे क्यों नहीं सोच सकते और अब मार्केट से हम मुझे कोई लेना ही देना नहीं है सोचना पड़ेगा थोड़ा डिफरेंट तरीके से राइट अगर उसको करोगे ना और यही हमारा कांसेप्ट यही है कि आप सिस्टमैटिक ट्रेडिंग करो बड़ा कैपिटल आप जैसे नॉर्मली इक्विटी में भी कोई कहता है कि थोड़ा आईटी में डाल दो थोड़ा बैंक में डाल दो थोड़ा वैसे आप अलग-अलग स्ट्रेटजी में डाल रहे हो। अब आप सबसे पहले तो आप ऑलरेडी प्रोबेबिलिटी के साथ चल रहे हो कि आपकी रेंज के हिसाब से आप ट्रेड बना रहे हो। उस ट्रेड के साथ आप एक काउंटर ट्रेड भी बना रहे हो और प्लस आप रिस्क को भी मैनेज करके चल रहे हो कि यार वो गैप अगर ज्यादा है तो मैं ट्रेड नहीं डालूंगा। मैं शांति से बैठ जाऊंगा। उसके बाद अगर आप यह सोचोगे कि भ पैसा नहीं तो पॉसिबिलिटी नहीं है। वह बनना ही बनना है। अब हमें ना चार्ट देखने की ज़रूरत है, ना इंडिकेटर से मतलब है, ना वॉर से मतलब है, ना किसी के ट्वीट से मतलब है, ना किसी के गुस्से से मतलब है। हमें क्या लेना देना? हम तो कहते हैं रोज ट्वीट डाल। कभी गैप डाउन हो तो हम [हंसी] काट दे। फिर गैप अप हो तो काट दे। करेक्ट। करेक्ट। करेक्ट। ठीक है। तो ये चीज को क्या है? इसमें एक इंटरेस्टिंग चीज और मैं ऐड करता हूं। जैसे सपोज़ कीजिए कि आपने इसको तीन लॉट में बना दिया और दो लॉट में बटरफ्लाई बनाके छोड़ दिया। मार्केट नीचे की तरफ बड़ी मूव आ गई। ठीक है? इसका प्रॉफ़िट बुक कर दिया और बटरफ्लाई को छोड़ दो। उसमें तो मैक्सिमम लॉस 1000 ही है। 1500 ही है। दो लॉट में है। 4000 5000 यहां पे आप 400 तो बना लिया। ट्रेड तो काट चुके हो। 400 तो प्रॉफिट बुक कर चुके हो। 5 7000 की मैक्सिमम रिस्क है उसकी। ठीक है? उसको छोड़ दो। गलती से उस महीने में रिवर्सल आके वापस उसी जगह आ गया तो 40 आप लेके बैठे हो 30 35 और वो दे दे नहीं आया तो जो 5000 तब जाना है वो तो तब भी जाना ही है बुक कर लो बाद में हां करेक्ट वो तो तब भी जाना है कोई बात नहीं वो तो हम मान के ही चल रहे हैं और शांति से बंद करके बैठ जाओ अगर गलती से और मैं आपको एक डाटा बताऊंगा कि आउट ऑफ अगर आप 100 मंथ्स कैलकुलेट करो तो मोर देन 65 मंथ्स 65% % से ज्यादा मंथ ऐसे जिसमें निफ्टी का क्लोजिंग टू क्लोजिंग 2% से कम है। हम तो विद इन मंथ मूवमेंट आती नहीं है। विद इन मंथ बड़ी मूव आ गई लेकिन घूम के वापस आ गया। ऊपर है तो ये अब मान लो बड़ी मूव नीचे आई आप ये प्रॉफिट बुक करके बटरफ्लाई को रख के छोड़ दिया। 65% चांसेस है कि वो बटरफ्लाई भी लॉस कवर करके आपको पर पर इसमें प्रॉब्लम पता है क्या है? प्रॉब्लम यह है कि अगर यह दो ही दिन में मूव आ गई उसके बाद पूरे महीने कुछ नहीं करना है। आपको शांति से बंद करके बैठ जाना है। वो होता नहीं है लोगों से। वो उनको करना ही करना है। वो क्या करेंगे? आज 400 डाला कल फिर ट्रेड डालेंगे। मेंटालिटी वहां वहां पे दिख रहा है कि अब रिस्क बड़ा होगा लेकिन फिर भी वो ट्रेड डालेंगे। क्यों? क्योंकि अरे ज्यादा से ज्यादा क्या होगा? ये प्रॉफिट आया इसमें से कुछ चला जाएगा और अल्टीमेटली फिर नेट नेगेटिव हो जाता है। सारा ही चला जाता है। तो यही प्रोसेस को देखो कॉल में करो चाहे पुट में करो बड़ी मूवमेंट ऊपर आएगी चाहे नीचे आएगी आपको पैसा बना के देके जाएगी और कंसोलिडेट कर रहा है तो आप रोलओवर करते चलिए रोल ओवर करते चलिए रोल ओवर मैं आपको एक कंसोलिडेशन का एग्जांपल एग्जांपल देते हैं। उसका रोल ओवर आप बढ़िया कोई भी महीना आप चूज़ करके देखो जिसमें प्योर मार्केट हिला ही नहीं। मतलब 5 600 पॉइंट ऊपर 5 600 पॉइंट नीचे गया ही नहीं हो। मैं आपको बताता हूं। आप चाहे तो नवंबर का महीना ले लो। चाहे तो दिसंबर का महीना ले लो। मार्केट प्योर जैसे कंसोलिडेट कर रहा है। और मैं आपको रिवर्स पोजीशन बना के बताता हूं। फिर भी प्रॉफिट दिखाता हूं। रिवर्स का मतलब है मान लो अगर हायर ज़ोन में है और हम कॉल में कर रहे हैं। हम पुट में करना चाहिए। कॉल में करते हैं तो भी आउटपुट और अगर हम लोअर ज़ोन में हैं और उस समय पुट में करते हैं तो भी आउटपुट। ठीक है? सिर्फ हमें रोल ओवर करना है। उसको रोल ओवर का कांसेप्ट समझ जाएंगे तो बढ़िया आ जाएगा। दिसंबर दिसंबर महीना आपको करके दिखाता हूं। मान लो यह मैं दिसंबर महीने में चला गया पहली तारीख पे ही हम ठीक है तो ये पहली दिसंबर कर दिया। ठीक है? तो दिसंबर है तो दिसंबर का मंथ एंड ले लो। यस अब आप देखो निफ्टी कहां पर है? 26 ऑल टाइम हाई ऑलमोस्ट। यानी लॉजिकली तो आपको पुट पे करना चाहिए। करेक्ट। करेक्ट। यस। लॉजिकली तो आपको पुट ऑप्शन पे करना चाहिए। तो पुट में तो फायदा होगा क्योंकि इसके ऊपर मार्केट गया ही नहीं। गया ही नहीं है। ठीक है? तो वो मैं दिखाऊंगा तो सबको वो तो कोई बात नहीं मैं कॉल में करके दिखाता हूं। ठीक है। ठीक है। इस जगह पे कॉल पे करके दिखाता हूं। देखो आप फंडा वही 200 का बाय करो। देखो तो ये 200 वाला मैं बाय करता हूं। ठीक है? 200 देखो आपको ये मिलेगा 180.95 ठीक है? हम 26,700 का कॉल। ये बाय कर दिया तीन लॉट। और सेल क्या करना है? 150 और 450। ठीक है? तो ये मैं दिसंबर की वीकली एक्सपायरी पे चल। देखो सेकंड दिसंबर को एक्सपायरी है। एक्चुअली हम वन डे बिफोर एक्सपायरी एडजस्ट ही कर देते हैं। अभी फर्स्ट दिसंबर है तो सेकंड लेने का तो मतलब कोई फायदा नहीं है। 9 दिसंबर से स्टार्ट करते हैं। ठीक है? और हम लोग 150 और 450 को प्रेफर करते हैं। सो 150 और तो देखो 150 में आपको मिलेगा 26400 26400 बढ़िया। ये सेल 26400 यस। ये एक लॉट कर दिया। ठीक है? और 450 में आपको मिलेगा 25,900। ठीक है। ठीक है। अब आप इसको देखिएगा। ये हो गया। ठीक है? अब देखो एक दिन के बाद हम गलत ट्रेड डाल रहे हैं। याद रखिएगा। जस्ट उल्टा इमेजिन ऑोजिट डायरेक्शन डाल रहे हैं। यस। अब एक दिन के बाद ये आपको 4000 के आसपास का प्रॉफिट दिखा रहा है। ठीक है? और 1 दिन के बाद आप पहुंचे 7000 का दिखा रहा है। 3% वाले का तो काम हो गया। हम 3% वाले का तो 2 दिन में काम हो गया। बैठ जाओ शांति से महीना भर। हम हम चलो हम रोल ओवर को भी चलाते हैं। अब आप देखो चार तारीख को ये इतना आ रहा है। 5 तारीख को 5500 आ रहा है। 8 तारीख को 4000 आ रहा है। 4000 आ गया। चलो लेट अस्यूम कि 4000 अभी बड़ा प्रॉफिट तो नहीं है। नहीं है। दो 3% है। तो मेरा टारगेट थोड़ा बड़ा है। तो मैं रोल ओवर करता हूं। तो मुझे कुछ नहीं करना है। देखो ये 5.65 की है ना करेक्ट। इसको कट कर दो। ठीक है? और ये 249.5 की है। इसको भी कट कर दो। ठीक है? और इसकी जगह पे अगली एक्सपायरी यानी कि दिसंबर की 16 हम सेम स्ट्राइक 26400 एंड 25900 अच्छा आपको और कुछ भी चेंज करने की जरूरत दोबारा से सेल कर देंगे नहीं है ठीक है तो कौन सी थी 24 25900 एंड 25900 देखो ये मैंने सेल करी या और 26400 करेक्ट ये मैंने सेल करी ठीक है अच्छा मैं आपको रोलओवर भी बताता हूं रोलओवर से क्या ये क्या हो गया शायद बैक प्रेस हो गया। कोई नहीं दोबारा कर लेते हैं। वापस मान लीजिए यह फर्स्ट दिसंबर है। हमारा दिसंबर का एंड एक्सपायरी हो गया। हमको 200 का बाय करना है। सो ये हमने 26700 था ना हम ये तीन लॉट बाय कर दिए। वीकली ऑप्शंस में मुझे सेल करना है। ये दिसंबर का 9 450 और 150 ये मुझे सेल करने हैं। तो 450 150 सो एक तो ये था 133.6 वाला वन लॉट एंड 44 इसका सर ये प्रपोर्शन रेशियो मेंटेन करके चलना पड़ेगा। अगर मेरे को कैपिटल बढ़ाना है तो मेरे को इसी तीन और वन 31 वन वाले रेशियो में आगे 622 वाला हो जाएगा। और जितना कैपिटल बढ़ाते जाओ कॉल और पुट का रेशियो भी चेंज करते जाओ थोड़ा सारा कॉल में नहीं डालना है। सारा पुट में नहीं डालना है। प्लस उसके साथ-साथ कुछ ऐसी स्ट्रेटजीस जो एकदम टेक्स्ट बुक बेस्ड स्ट्रेटजीस हो जो कंसोलिडेशन पे बड़ा प्रॉफिट दे। उनको अपने को ऐड करते चलो। तो अपना कैपिटल जितना आप डवर्सिफाई करोगे तो रिस्क उतना कम हो जाएगा। कम होता जाएगा। कि अब देखो कैसा हो गया कि आपके टोटल तीन टाइप के सेटअप हो गए। मान लीजिए आपकी बड़ी कैपिटल है तो तीन टाइप का सेटअप हो गया। एक सेटअप ऐसा है जो +500 पे आपको पीक प्रॉफिट दे रहा है। करेक्ट। एक सेटअप ऐसा है जो +1000 पे आपको पीक प्रॉफिट दे रहा है। और एक सेटअप ऐसा है जो मार्केट के वहीं रुकने पे पीक प्रॉफिट दे रहा है। तो एक तो ये एडवांटेज सिमिलरली जो +500 दे रहा है वो -000 पे पीक दे रहा है और जो +000 वाला है वो -500 पे दे रहा है। तो आपके लिए एक तरीके से ज़ोन बन गया। ठीक है? और आप ऐसा भी कर सकते हो। फॉर एग्जांपल जैसे ही आपने ट्रेड स्टार्ट किया। जैसे ही मान लीजिए मार्केट ऊपर की तरफ जाना शुरू हुई 500 पॉइंट ऊपर गई तो जो +500 पे पीक देने वाला था ना उसको काट ही दो सिस्टम से हटा दो प्रॉफिट बुक करके नाउ लेट्स सेटल भाई नीचे आया तो कंसोलिडेशन वाले को काट दो और ऊपर चला गया तो दूसरे वाले को काट दो दूसरे वाले को करेक्ट अब यहां से अगर एक बार मार्केट ऊपर गया तो उसके बाद या तो फॉलो अप बाइंग आएगी या तो रिट्रेसमेंट आएगा होगा तो एक ही चीज़ फॉलो अप आई तो एक तो कट ही चुका है दूसरा भी कट जाएगा और रिट्रेसमेंट आया तो दूसरा कट जाएगा तो एक बचेगा यानी दो में तो आप पिक प्रॉफिट लेके ही निकल रहे हो। एक में रिस्क है उसमें आप एडजस्टमेंट कर रहे हो। तो सेफ्टी फुल हो जाएगी। मतलब टेंशन ही नहीं है। नॉर्मल स्ट्रडल स्ट्रेंगल जो बेचते रहते हैं और वही ऐसे टेंशन लेते हैं कि अरे 1000 पॉइंट का गैप अप हो जाएगा क्या होगा? लोग करते हैं सर 1000 पॉइंट दूर-दूर की कॉलें पुटें बेच बेच के बहुत अल्फा जनरेट होता रहता है। लेकिन एक बार एक बड़ी मूव आती है। वो तीन चार महीने का सारा खा जाती है। करेक्ट। हमारा सबसे बड़ा एज यही है कि बड़ी मूव का टेंशन ही नहीं है। बड़ी मूव का आपको टेंशन ही नहीं है। तो हम उस इंटेंशन से थोड़ा काम कर रहे हैं। आप जितना रेंज के हिसाब से डवर्सिफाइड रहोगे ना उतना आपका प्रॉफिट होने का चांसेस ज्यादा है। हम फिर कुछ नहीं देखना है। हम एक थंब रूल बना दिया। 26 पे एंट्री करी है। 26,500 पे दिस सेट ऑफ ट्रेड्स एग्जिट करने हैं। 27 पे ये एग्जिट करने हैं। 26,500 जाके 25 आया तो ये एग्जिट करना है। दूसरे को एडजस्ट कर लेना है। अगर कोई महीना ऐसा निकल गया जिसमें ऐसे और ऐसे स्विंग आ गई या ऐसे और ऐसे स्विंग आ गई 1000 पॉइंट वाली तो आपके तो तीनों ही प्रॉफिटेबल हो जाएंगे। करेक्ट। तीनों ही प्रॉफिटेबल हो जाएंगे। और वो बहुत कॉमन है। हां। कि मार्केट 700, 800, 1000 पॉइंट चला था, गिर गया। राइट राइट। ये तो बड़ी कॉमन चीज है। तो आपके लिए वो भी टेंशन नहीं है। ठीक है? तो ये हमने कॉल ऑप्शन में जैसे करा था तो सेकंड डेट को प्रॉफिट था। थर्ड डेट को प्रॉफिट था। फोर्थ डेट को भी प्रॉफिट था। फिफ्थ डेट को भी प्रॉफिट था और एट्थ डेट तक ये हमारा प्रॉफिट था। हमने इसको एग्जिट कर दिया व्हिच इज़ 5.65 एंड 249.5। ठीक है? अब इसकी जगह पे मैं दिसंबर की जो अगली एक्सपायरी है व्हिच इज़ 16 दिसंबर। इसको मैं शॉर्ट करता हूं। सेम स्ट्राइक करनी है 26400 25900 वो इन द मनी हो एटीएम हो ओटीएम उससे कोई लेना देना नहीं मर्जी हो हमें उससे कोई उससे कोई मतलब नहीं 26400 और 25900 तो ये मैंने 26400 को सेल कर दिया और ये मैंने 259 अच्छा उसका प्रीमियम भी कितना मर्जी कोई मतलब नहीं है हमें उससे कोई मतलब नहीं है हम तो वेट कर रहे हैं ना बड़ी मूव आए हम ठीक है बस हमें क्या लेना देना प्रीमियम क्या है क्या नहीं मैं आपको यहां पे एक चीज और दिखाता हूं देखो आपने जो 20 6400 को एग्जिट किया है। वो कितने में एग्जिट किया है? 5.65 पे। और वापस जो सेल हुई है वो कितने में हुई है? 62.45 तो आपको लगभगल लगभग 57 पॉइंट मिल गया। मिल गया। करेक्ट। और 25900 जो आपने एग्जिट करी है वो कितने में करी है? 249 पे और सेल कितने में हुई है? 340 340 यानी लगभग 90 पॉइंट ये मिल गया। 90 और 57 लगभग लगभग 150 के आसपास पहुंच गए। जो मैं आपको बोल रहा था कि रोल ओवर बेनिफिट तो 150 पॉइंट की रिस्क तो मेरी कम हो गई। कम हो गई। अगले हफ्ते और कम हो जाएगी। अगले हफ्ते कम और हो जाएगी। इवेंचुअली तो वो जीरो होनी होनी है क्योंकि आप रोल ओवर करते ही जाओगे तो क्या होगा? हम तो अगर कंसोलिडेट कर गया तो इस तरीके से आपकी रिस्क जो है वो ऑटोमेटिकली रिड्यूस भी होती चली जाएगी। ठीक है? अब मैं इसको 16 डेट तक रन करता हूं। हम ठीक है? तो ये आप रोलओवर सेम स्ट्राइक करनी है और उसमें बेनिफिट क्या मिला वो वो भी आपको क्लियर हो गया। अच्छा इसमें एक चीज और देखिए एक इंटरेस्टिंग चीज आपका बाय लेग स्टार्टिंग में कौन सा था? 26700 का 26700 और जो बड़ा वाला सेल है वो कौन सा है? 25,900 गैप कितना है? 800 हां 800 पॉइंट्स का करेक्ट करेक्ट। 700 हां ठीक है। ठीक है। हमारे पास तीन रोल हो गए। यस यस यस ट्रेड सेफ है। टेंशन नहीं आएगा। हां। ये भी ध्यान रखते हुए चलना है कि ट्रेड बनेगा कि नहीं बनेगा। तो कुछ दिन ऐसा भी हो सकता है जब हाई वीक्स हो तो हो सकता है कि ट्रेड ना भी बने तो चुपचाप बैठ जाने का। कोई बात नहीं। हम जरूरी थोड़ी है कि हर दिन कमाना है। राइट राइट राइट अब आप देखिए एक और दिन के बाद देखिए हां ठीक है 15000 का आ गया प्रॉफिट तो जितना आप उसको सिस्टमैटिक तरीके से फ्रेम करते जाएंगे करते जाएंगे करते जाएंगे प्रॉफिट आता ही आता है आता ही आता है आता ही आता है हम या तो आपका ट्रेड नहीं बन रहा होगा या तो ट्रेड बन रहा होगा तो प्रॉफिट करेक्ट करेक्ट अब आप प्रपोशंस लगा लो अगर आप अलग-अलग अलग-अलग थोड़ा थोड़ा डवर्सिफाई कर दो। वै इंटरेस्टिंग। लोग जबरदस्ती ऑप्शन को बदनाम कर रहे हैं कि नुकसान होता है। ट्रेड ही गलत तरीके से कर रहे हो तो नुकसान ही होगा। करेक्ट। [हंसी] राइट? ट्रेड ही गलत तरीके से कर रहे हो तो फिर नुकसान होने के अलावा कोई पॉसिबिलिटी ही नहीं है। अब हमें इससे क्या अब देखो हम दिसंबर की बात करी, हमने चाहे मार्च की बात करी, चाहे कोई से भी महीने की आवाज उठा लो। हम मैं आपको एक सिंपल सी चीज बताता हूं। 2025 2024 2023 इवन 2026 के भी जितने भी महीने हो गए हम आप बैक टेस्ट करके देख लीजिए रेंज के हिसाब से सिर्फ दो बार एडजस्टमेंट होगा पिछले 40 महीनों में सिर्फ दो बार एडजस्टमेंट होगा 38 टाइम्स वन फ्लो में आपका टारगेट आ रहा है प्रोवाइडेड आपका टारगेट 5% तक का है तो अब वो तो आप सोचो कि मेरे को तो 15 चाहिए तो तो फिर एडजस्टमेंट करना पड़ेगा वो अलग बात रियलिस्टिक भी है। 5% इज गुड इनफ। 5% तक की आपकी आस्क है। तो आउट ऑफ 40 मंथ 38 मंथ ओपनली आप बैक टेस्ट करके देख लीजिए। यू विल बी और सिर्फ दो बार एडजस्टमेंट करनी पड़ रही है। मैं तो ये कह रहा हूं कि वो दो महीने एडजस्टमेंट मत करके लॉस भी खा लो तो भी क्या दिक्कत है। हां सही बात है। सही बात है। पर वो समझना पड़ेगा। वो समझने की बात है कि आप किस ज़ोन में हो। किस तरीके का प्रपोशन अपने को रखना है और किस तरीके से अपने पैसे को अपने को एलोकेट करना है। अगर आपके पास कम कैपिटल है तो आप एक लॉट से करो तो स्ट्रिक्टली ज़ोन को फॉलो करो। अगर आपके पास थोड़ी ज्यादा कैपिटल है तो ज़ोन के साथ थोड़ा सा डवर्सिफिकेशन कर दो। और अगर आपके पास और ज्यादा कैपिटल है तो मल्टीपल स्ट्रेटजीस हम को ट्रेड कर लो। आपकी सेफ्टी भी फुल हो जाएगी। आउटपुट भी फुल हो जाएगा। राइट? राइट? वेरी इंटरेस्टिंग। वेरी इंटरेस्टिंग। और ओपनली मैं बता रहा हूं। आप कोई सा भी महीना उठाओ और बैक ट्रस्ट करके देख लो। और और इंटरेस्टिंग चीज क्या है? ये तीन महीने तीन ट्रेड जो हमने करे ये हमने गलत ट्रेड डाला है। हां अभी तो मतलब कॉल में कर रहे हैं जो कि गलत है। पुट में तो और ज्यादा फायदा बनता है। दिसंबर के अंदर निफ्टी एक बार 25,300 आया है। आप चार्ट उठा के देख लीजिए। करो पुट में ट्रेड कोई दिक्कत ही नहीं है। करेक्ट करेक्ट। करेक्ट। और माइनस000 वाला बेनिफिट मिल जाता है। अगर मान लीजिए कि एकदम लो विक्स की वजह से वो ना भी मिले और जनवरी में कैरी कर लिया है तो नीचे निफ्टी तो 24500 भी आया है। हम राइट राइट राइट वेरी इंटरेस्टिंग। आई थिंक ये बहुत ही काफी सारे लोगों के लिए आई ओपनर होगा कि ऐसी सिस्टम्स ऐसे फ्रेमवर्क भी एक्सिस्ट करते हैं जो कि ऑलमोस्ट जीरो रिस्क है ये। कोई भी रिस्क नहीं है इसमें। आप रोल ओवर टाइम का रिस्क टाइम का रिस्क है क्या आप वेट कर सकते हैं टाइम इज द रिस्क वेट कर सकते ड्रॉ डाउन तो ठीक है पार्ट एंड पार्सल ऑफ द राइट तो तो आप स्टॉप लॉस भी लगाते हो कोई कहता है कि हमारा स्टॉप लॉस सिर्फ 2% का है अरे बैक टू बैक तीन ट्रेड में स्टॉप लॉस लग गया तो 6% नहीं होता करेक्ट ड्रॉ डाउन हो जाता है यस तो बात तो वही है बस वो उसको ऐसे लगता है कि नई शुरुआत करी तो नया 2% अरे घुमा फिरा के तुम 10 ट्रेड गलत करोगे तो 20 टका तो वहां भी नुकसान कर सकता है करेक्ट करेक्ट करेक्ट करेक्ट बट फिर ये वाला थॉट तो नहीं आएगा काश रुक जाता काश ये कर लेता अरे अरे आया था अरे वो हुआ था वो तो टेंशन तो हमारा कोर कांसेप्ट जो है ना वो कैलेंडर स्प्रेड्स और उस कैलेंडर स्प्रेड्स को अलग-अलग तरीके से आप जैसे प्ले कर सकते हो ना दैट इज दी बेस्ट वे कैलेंडर आपको बड़ी मूव से हैेजिंग प्रोवाइड करता है। ठीक है? और बड़ी मूव में प्रॉफिट भी बना के देता है। बना के देता है। नहीं बहुत अच्छा है ये। क्योंकि एक एक इसमें सबसे बेटर बढ़िया चीज जो वो ये है कि किसी भी ट्रेडर को चार्ट के सामने नहीं बैठना है। तो जो इमोशंस प्ले आउट होते हैं चार्ट के सामने बैठ के वो गलतियां नहीं करेगा ट्रेडर आपको मैथमेटिक्स इज वर्किंग फॉर यू। ठीक है? आपको मैथ्स का सपोर्ट कर रही है आपको और वही मैथ्स आपको प्रॉफिट बना के देती है। ये जो प्राइस पॉइंट है और ये जो एवरेज रोल ओवर बेनिफिट है ये हमारा 5 साल का रिसर्च है। राइट? हम रोज यही काम करते हैं। राइट? राइट? हम पोस्ट मार्केट टाइम ज्यादा देते हैं ड्यूरिंग द मार्केट कम टाइम देते हैं कि यार आज क्या सिनेरियो रहा विक्स कितना प्लस माइनस हुआ क्या रोल ओवर बेनिफिट आया विक्स कितना प्लस माइनस हुआ क्या रोल ओवर बेनिफिट आया वीक ऑन वीक मंथ ऑन मंथ दोनों एनालिसिस करते हैं क्योंकि अपने को कभी-कभी बाय लेग को भी रोल ओवर करना पड़ सकता है। तो हम मंथ ऑन मंथ भी करते हैं। मंथ ऑन मंथ वो जो नंबर है दैट नंबर इज समवेयर अराउंड 200 टू 250 ये आता है। एवरेज रोल ओवर ठीक है? वीक ऑन वीक जो है वो 70 80 70 80 के आसपास जो है वो अपना आता है। बट मंथ और मंथ बहुत रेयर हमको करने की जरूरत पड़ती है। बट वो तरीके से अगर आप चलेंगे तो आप लॉन्ग रन में जो है वो अच्छा आउटपुट जो है वो बहुत ही बढ़िया। नहीं आई थिंक बहुत लोगों के डाउट्स भी क्लियर हो गए होंगे कि जरूरी नहीं कि ऑप्शंस में ट्रेडिंग करना मतलब बहुत ही रिस्की और आपको ड्रॉडाउन बड़े-बड़े ड्रॉडाउन होते होंगे और जैसे लोग नंबर सुन के डर जाते हैं कि 90% का तो लॉस ही होता है। अगर सिस्टमैटिक तरीके से करेंगे मैथमेटिक्स को समझेंगे तो प्रॉफिट भी होता है और लगातार उसको प्रॉफिट बनाया भी जा सकता है। हर महीने बनाया जा सकता है। 2 3% ट्रेडिंग को एक इन्वेस्टर के माइंडसेट से सोचना पड़ेगा। करेक्ट? यस। अभी सपोज़ करो मैं तो एक एग्जांपल की बात बता। अभी 26,000 जब निफ़ी था तो भी तो लोगों ने एंट्री करी होगी ना। ठीक है। एक अच्छा इन्वेस्टर जो होगा उसको अगर अभी आप सलाह दोगे जब निफ्टी ऑलरेडी 15% 10% डाउन है तो आप क्या सलाह दोगे? लॉस बुक करने की तो नहीं देंगे। भ आपने फंडामेंटली अगर अच्छा लिया है तो 15% ड्रॉ डाउन है। कोई बात नहीं बने रहो। मार्केट आएगा ऊपर। थोड़ा कैपिटल हो तो यहां और ऐड करो। यही तो हम सलाह दे रहे हैं ना। तो जब वहां पे वो चीज़ आप इंप्लीमेंट कर रहे हो तो यहां क्यों नहीं कर रहे? यहां पे भी इम्लीमेंट। ट्रेडिंग बोलना ही नहीं चाहिए। इसको ऑप्शंस नो नो रिस्क ऑप्शंस इन्वेस्टिंग बोलना चाहिए। हां मैं मैं सिर्फ वही चीज़ कितना ड्रॉडाउन आएगा 10% ड्रॉ डाउन तो अभी निफ्टी भी तो 10% डाउन है। ज्यादा आता है उसमें निफ्टी का ड्रॉ 40% तो जब आप उस जगह पे बैठे हो पोर्टफोलियोज़ तो कई लोगों की कितने-कितने परसेंटेज डाउन है। तो वहां पे तो आप यही सलाह देते हो ना कि अपनी एसआईपी कंटिन्यू रखो। अभी तो टॉप अप करने का टाइम है। अभी तो इस चीज का टाइम है। तो हम जब इस मेथोडोलॉजी से ट्रेड करते हैं तो फिर वो चीज माइंडसेट क्यों नहीं लाते? राइट? बिल्कुल बिल्कुल। और हमारी तो प्रोबेबिलिटी बहुत छोटी है। 500 और 1000 पॉइंट पे ही है। करेक्ट करेक्ट। 500 और 1000 पॉइंट पे ही है। उसमें तो प्रोबेबिलिटी भी बड़ी-बड़ी है। क्योंकि आपको पूरा 10% में सामने 10% रिवर्सल चाहिए। तो थोड़ा सा माइंडसेट अगर आदमी बदल दे ना और थोड़ा सा डवर्सिफाइड हो के ट्रेड करे। रिटर्न 1% बनता है। पर प्रॉब्लम कहां आएगी? वो ट्रेडिंग को ट्रेडिंग के माइंडसेट से जाएगा। उसको रोज ट्रेड करना है। रिस्क बड़ी भी होगी तो अरे पहले बहुत बना है। उसमें से छोटी रिस्क ले लेते हैं। ये कर लेते हैं। अभी ये ऐड कर लेते हैं। अभी वो ऐड कर लेते हैं। और वो इवेंचुअली उसके लिए एक मतलब वो क्या बोलते हैं? श्राप की तरह हो जाता है। फिर वो बच जाता है। करेक्ट यस यस। डिसिप्लिन जो है वो कोर है। यस। वो बहुत जरूरी है। यस यस यस। और आई थिंक ये ये जो लोग ऑफ कोर्स बहुत सारे बिगिनर्स भी देखते हैं सेशन को तो उनको हो सकता है कुछ टर्मिनोलॉजी वगैरह समझ ना आती हो। इसीलिए हम बोलते भी हैं कि आपका जो लर्निंग है YouTube पे स्टार्ट होनी चाहिए एंड इट शुड इवेंचुअली टर्न आउट टू बी वेयर यू स्पेंड टाइम इन्वेस्ट टाइम समझे आप इस चीज को। हो सकता है बहुत सारे लोग स्क्रीन को देख के भी घबरा रहे हो कि हमें नहीं पता होता कि कॉल ऑप्शन पुट ऑप्शन में किस तरीके से ये स्प्रेड बनाना भी है। तो ऑफ कोर्स वी कंडक्ट लाइव क्लासेस आल्सो विद यू सर और उसमें भी लोग पार्टिसिपेट करेंगे तो डिटेल में सीखेंगे वहां पे हम ज्यादा टाइम इन्वेस्ट करके बेसिक टू एडवांस सब कुछ कवर करते हैं। बढ़िया सर मेरे मेरे पास कुछ क्वेश्चंस होंगे आपके लिए इस स्ट्रेटजी को लेके भी और इन जनरल जो ट्रेडर्स को हम एडवाइस दे सकते हैं उन क्वेश्चंस की तरफ चल लेते हैं एक बार। सर आपने हजार लोगों को पढ़ाया है और बहुत सारे लोग आपकी स्ट्रेटजी भी फॉलो करते होंगे। हो सकता है काफी लोग स्ट्रेटजी अच्छे से फॉलो ना कर पाते हो और कोई कोई ना कोई गलती करके लॉस में रहते हो। वो एक गलती जो आप स्पेसिफिकली मेंशन करना चाहोगे कि जो लोगों को व्यूअर्स को अवॉइड करनी है। ये गलती तो मत करो। जब ट्रेड नहीं बन रहा है तो नहीं करना है। चाहे एक महीना बैठना पड़ जाए। हम रूल मतलब रूल उसको फॉलो करना ही करना है। ये कई बार क्या होता है? सिर्फ फोमो में हम ट्रेड करते हैं और उसमें हम हमारा प्रॉफिट भी गवा देते हैं। इस चीज को अवॉयड ठीक है? आपके एक मंथ में रेगुलरली कितने ट्रेड बनते हैं? एक दो बस एक या दो? ठीक है? अगर एक चीज या एक इमोशन जो आपके दिमाग में आता हो जब एकदम से मार्केट क्रैश हो जाती है वो क्या है? आपका रिएक्शन क्या रहता है? और रिटेल ट्रेडर को क्या करना चाहिए? देखो मार्केट जब एकदम से क्रैश हो जाती है तो सबसे पहली चीज कि हमारी स्ट्रेटजी में तो पैसा बन रहा होगा। ये तो तय है। वहां से प्रॉफिट बुक करके अपना इन्वेस्टमेंट में डाल दो और शांति से बैठ जाओ। कुछ नहीं क्योंकि वहां इन्वेस्टिंग की अपॉर्चुनिटी यहां पे अपने को आउटपुट मिल गया है। इवेंचुअली विक्स भी बढ़ा होगा तो हमारा नया ट्रेड बन भी नहीं रहा होगा। शांति से बैठ जाना है। सबसे बेस्ट तो यही है। ठीक है। ठीक है। आपने जो स्ट्रेटजी समझाई इसमें कुछ लोगों को ऐसा लग सकता है कि क्योंकि सर मैथ्स के प्रोफेसर हैं तो सर ने तो मैथ्स पूरी सीखी हुई है। तो क्या हमारे लिए इंप्लीमेंट करना इजी रहेगा? अगर हमें मैथ्स अच्छे से नहीं आती है। पहली पहला क्वेश्चन ये है और दूसरा अगर हमारे पास कैपिटल नहीं है ज्यादा तो। तो हम क्या करें फिर? देखो मैथ्स का रोल रिसर्च में है। राइट? ट्रेड तो हम फिक्स्ड कर रहे हैं। करेक्ट। ठीक है? तो रिसर्च तो आप चाहे तो हमसे डायरेक्टली भी ले सकते हैं। करेक्ट थ्रू आपके पास बहुत सारे ऑशंस है ही। ठीक है? लेकिन फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि मैथ्स एस सच बैरियर नहीं है पर आपको थोड़ा-थोड़ा सीखना चाहिए ताकि आप एक्चुअली जो रिसर्च हम आपको डायरेक्टली प्रोवाइड कर रहे हैं वो आप उसको एनालिसिस कर सको। वरना तो फिर ये वही बात हो जाएगी कि यार मैं सिर्फ किसी को ब्लाइंडली कॉपी कर रहा हूं। तो उससे लॉन्ग रन में पैसा नहीं बनेगा। क्योंकि आज जहां निफ्टी है आज से 3 साल बाद वहां पे नहीं होगा। तो रिसर्च करना जरूरी है। अभी के लिए आपका काम हो जाएगा। लेकिन फॉर द टाइम बीइंग आपको वो प्रैक्टिस थोड़ी-थोड़ी करनी शुरू करनी पड़ेगी। और इसका सबसे बेस्ट तरीका है बैक टेस्टिंग। यस यस। और कैपिटल सर अगर कैपिटल इतना ज्यादा नहीं है तो देखिए जिनका कैपिटल ज्यादा नहीं है ना तो मेरा पर्सनल ये मानना है कि उसको ऑप्शन ट्रेडिंग करना ही नहीं चाहिए। ठीक है जो 5000 10000 20000 और ये जो लोग कहते हैं कि ये 20 टाइम्स हो जाएगा 30 टाइम्स हो जाएगा वो होता नहीं है एक आध ट्रेड में जरूर हो सकता है मैं उससे डिनाई नहीं करूंगा बट उसके लिए बहुत बहुत जबरदस्त लेवल की स्किल सेट चाहिए टेक्निकली फंडामेंटली बहुत डिसिप्लिन होना जरूरी है बट 99.99% वो सिचुएशन प्रॉफिटेबल कभी नहीं होती आप अल्टीमेटली वहां पे पैसा लूज कर जाओगे। और एक और सबसे बड़ी प्रॉब्लम यहां क्या होती है? रिवेंज ट्रेडिंग। हम पहले आप ₹5,000 हार जाते हो। हम फिर उस पांच को कवर करने के लिए आप 10 से ट्रेड करते हो। हम फिर 10 को कवर करने के लिए 15 से ट्रेड करते हो और ऐसे करते-करते आप एक्चुअली लाख डेढ़ लाख गवा देते हो। रादर देन दैट आप उतना कैपिटल कलेक्ट करो और उसके बाद सिस्टमेटिक ट्रेडिंग करो। करेक्ट करेक्ट। अमेजिंग। आपका अब काफी सालों से आप ट्रेडिंग कर रहे हैं और बहुत सारे लोगों से भी जुड़े हुए हैं। आपका टिपिकल ट्रेडिंग डे की रूटीन क्या रहती है? सुबह से लेके शाम तक आप क्या करते हैं? क्योंकि आप चार्ट्स के सामने तो बैठते नहीं। देखिए मैं आपको बताऊं सबसे इंपॉर्टेंट चीज है पोस्ट मार्केट। मैं थोड़ा सा टाइम लूंगा इसके अंदर। हम आपको एक जर्नल बनाना है। मैंने अपने प्रीवियस जितने भी इंटरेक्शन है उनमें भी यह चीज़ सबको कही है कि आपको एक जर्नल बनाना है। कुछ भी नहीं समझ में आता है। आप उसमें केवल इतनी चीज मेंशन करो। आज हाई कितना था? आज लो कितना था? आज एवरेज कितना वॉल्यूम हुआ? आज मार्केट ऊपर से नीचे अगर आया है तो रीज़ंस क्या-क्या थे? नीचे से ऊपर की आया है तो रीज़ंस क्या-क्या थे? वो सिर्फ लिखना है। आपको पता होंगे। अनडाउटेडली मैं मानता हूं कि आपको पता होंगे। लेकिन उसको लिखना है रोज का एक पेज एक जर्नल आप बनाओ आप छ महीना सिर्फ इस काम को करो पोस्ट मार्केट बाकी आपको मार्केट टाइम पे सिर्फ दो बार आपके ट्रेड की पोजीशन देखनी है बाकी कुछ करना ही नहीं है हम आपको खुद ब खुद समझ में आ जाएगा कि यार ऐसे ऐसे ऐसे ही मार्केट चलो प्रॉब्लम क्या है सबको 9:15 से लेके 3:30 में काम करना है 3:30 से लेके अगली 9:15 तक काम करना नहीं है आप वो जर्नल बनाओ और बैक टेस्टिंग 2 आवर्स पर डे आपको इसमें देना है एक आपका नोट बनाओ समरी ऑफ द मार्केट फॉर वन डे 30 मिनट्स और डेढ़ से दो घंटे का बैक टेस्टिंग बाकी आपको कुछ नहीं करना है क्या है आप पैरेलल दूसरी जॉब करो अपना बिजनेस करो कुछ भी करो आप इसमें बढ़िया कर सकते हो और उसमें टाइम का कोई कंस्टेंट नहीं है जब आप फ्री हो रात को सुबह जल्दी दोपहर में जब फ्री हो तब करो वै नाइस अगर आपका खुद का बेटा या बेटी कल से कहते हैं कि मुझे ट्रेड करना है और मुझे आप सिखाओ लेसन सिखाओ क्या दो-तीन फंडामेंटल लेसंस आप उनको सिखाओगे और क्या डायरेक्शन दोगे कि बेटा ऐसे स्टार्ट करो या बेटी ऐसे स्टार्ट करो। सबसे पहली चीज तो मैं उनको यही चीज कहूंगा कि जब तक तुमको पूरा नॉलेज नहीं आ जाता है तब तक ट्रेडिंग में आना नहीं है। नंबर वन नंबर दो वंस यू गेट कंप्लीट नॉलेज। 6 महीना सिर्फ बैक टेस्टिंग करना है और फॉरवर्ड टेस्टिंग पेपर ट्रेड करना है। रियल मनी से ट्रेड ही नहीं करना है। हम उसके बाद आपको धीरेधी धीरे धीरे इवेंचुअली जो है वो उसके अंदर इनवॉल्व होना है। एक दिन में कोई अमीर नहीं बन सकता। राइट? बिजनेस है। आप कोई रेस्टोरेंट भी ओपन करोगे तो पहले एक करोगे, फिर दो करोगे, तीन करोगे। ऐसा तो नहीं है कि यार मुझे एक बिज़नेस डालना है तो चलो सीधा 10 शहरों में एक साथ चालू कर दिया। करेक्ट। तो यह भी वैसा ही है। अगर आपको ₹1 करोड़ का इन्वेस्टमेंट करना है तो यू स्टार्ट विद ₹1 लाख। पहले उसके ऊपर 10% रिटर्न तो बनाओ। हम देन 20 पे स्विच करो। देन 40 पे स्विच करो। तो मैं उनको यही कहूंगा कि सिक्स मंथ प्रैक्टिस करो और फिर जो भी कैपिटल है जिससे भी आपको टारगेट कर रहे हो उसको आप धीरे-धीरे धीरे-धीरे ग्रेजुअली उसके अंदर इससे आपका माइंडसेट बहुत अच्छा डेवलप। हम आप अपनी लर्निंग जर्नी में जब आप चीजें सीख रहे थे तो कौन से कोई ऐसी बुक्स हो जो कोई या फिर कोई ऐसी वीडियोस हो जो आपको ये अभी तक याद हैं कि मैंने ये कांसेप्ट्स यहां से सीखे और मुझे बहुत अच्छे से समझ आया और उसी को आज भी मैं रेफर करता हूं। मैं दो चीज बताता हूं। एक तो एक बुक है शेल्डन नेटनबर्ग की है ऑप्शन वोलेटिलिटी एंड प्राइसिंग। ओके। वो बुक मेरी पहली बुक है जो मैंने पढ़ी थी। वैसे मैंने तो काफी सारी मुझे बुक्स का बहुत शौक है तो मैं उसको रीड आउट करते रहता हूं। बट वो मेरी पहली बुक है जो मैंने पढ़ी थी और उसको मैं कम से कम चार पांच बार पढ़ चुका हूं। वो बुक अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग में जा रहे हो तो आपको वो जरूर से पढ़नी चाहिए। दैट इज नंबर वन। नंबर दो अगर आई डोंट नो मैं कुछ YouTube का लिंक यहां पे डिस्कस कर सकता हूं कि नहीं। तो एक यूएस का एक टेस्टी ट्रेड करके है। टेस्टी ट्रेड या टेस्टी लाइव ऐसा नाम है। वो नाम दो तीन बार चेंज कर चुके हैं। उस समय टेस्टी ट्रेड होता था। आप सर्च करेंगे तो वो मिल जाएगा। उसका एक ऑप्शन का पूरा 15-15 मिनट्स के वीडियो सीरीज है जिसमें 120 130 वीडियो है। वै इंटरेस्टिंग पूरी लाइंस है। हम उसको जरूर गो थ्रू करना है। उसका लिंक भी डाल सारी चीजें जो है वो आपको उसमें वै इंटरेस्टिंग वेरी इंटरेस्टिंग। एक कांसेप्ट जो बहुत ही अंडर रेटेड है ट्रेडिंग में और एक कांसेप्ट जो लोग बहुत बहुत ज्यादा बात करते हैं बट ओवरेटेड है उसके उसके बारे में इतनी ज्यादा कोई बात नहीं होनी चाहिए एक अंडर रेटेड और एक ओवरेटेड अंडर रेटेड तो यही है हां कि आप मैथमेटिकली बिना चार्ट बिना इंडिकेटर के ट्रेड कर सकते हो बस पेशेंस और डिसिप्लिन की जरूरत है राइट बट वो लोगों को करना नहीं है ओवर रेटेड मुझे ऐसा लगता है कि जितने आप मल्टीपल इंडिकेटर्स लगा के जो ट्रेडिंग करते हो ठीक है उसको एक हाइप बना लिया है एक्चुअली सारे के सारे इंडिकेट प्राइस एक्शन और मूविंग एवरेजेस का कॉम्बिनेशन ही है। बस नाम बदल बदल के फैंसी नाम दे दे के उसको ऐसे ऐसे ऐसे हाइप क्रिएट कर रहे हैं। बट वो चीज जो है मुझे नहीं लगता कि वो बहुत इफेक्टिवली काम कर रहे हैं। हम हम वेरी इंटरेस्टिंग। ज्यादातर आप ऑप्शन सेलिंग कर रहे हैं। ऑप्शन बाइंग में क्या आपका ओपिनियन है? जो लोग अभी तक ऑप्शन बाइंग कर रहे हैं उनको क्या एडवाइस होगी? मैंने अभी थोड़ी देर पहले भी आपको एक चीज बोली। लो कैपिटल की यहां पे रिक्वायरमेंट नहीं है। मतलब आप स्ट्रेट अवे सिर्फ ऑप्शन बाइंग के ऊपर रिलाई कर ही नहीं सकते। मेरा तो कोर कांसेप्ट ये है और ना ही नेकेड सेलिंग करना है क्योंकि उसमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है। जितना आप कॉम्बिनेशंस को प्ले करोगे उतना ही आपकी प्रोबेबिलिटी और पीस ऑफ़ माइंड बढ़ता जाएगा। हम वेरी गुड। सर आपने ज्यादा चीजें सीखी हैं जेई कोचिंग में या फिर ट्रेडिंग में? [हंसी] अ देखो ज्यादा बड़ी कमाई कहां है आपकी वहां पे? देखो कमाई तो ट्रेडिंग में ज्यादा है। राइट? ठीक है? कोचिंग में मेहनत ज्यादा है। हां। पर सेटिस्फेक्शन भी वहां ज्यादा है। राइट? वहां पे आपका स्ट्रेस भी रिलीव हो जाता है। क्योंकि जब आप बच्चों के साथ और मुझे कहीं ना कहीं ऐसा लगता है कि जितना मैं बच्चों के साथ रहता हूं हम उतना मुझे और डिसिप्लिन और मोटिवेशन मिलता है। क्योंकि हम दिन भर उनको यही सिखाते रहते हैं कि आपको सिलेक्शन करना है। इतना तैयारी करो इतना तैयारी करो तो फिर बैक ऑफ द माइंड मेरे भी दिमाग में आता है कि यार मेरे को भी तो इस जगह पे एक जगह तक पहुंचना है और ऊपर जाना है और ऊपर जाना है तो मैं आज अपना रूटीन कैसे स्किप करूं क्योंकि हम बच्चों को यही सिखाते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए पढ़ना मैंडेटरी है तो हम अपने आप को फिर वही सिखाते हैं कि कुछ भी हो जाए बैक टेस्टिंग मैंडेटरी है हम तो वो मेरे लिए और आपके बच्चों का एग्जाम दो साल में एक साल में एक बार आता है आपका रोज एग्जाम चल रहा होता है मार्केट में वेरी गुड इंटरेस्टिंग सर तो आई एम वेरी हैप्पी क्योंकि आज मैं भी सीखा बहुत सारी चीजें और नई चीजें सीखने को मिली। मैं बहुत कन्विंस्ड हूं आपकी स्ट्रेटजी से और आपके फ्रेमवर्क से। मैं खुद भी अब इस वीडियो के बाद लगूंगा थोड़ी रिसर्च करूंगा इस पे कन्विक्शन और बिल्ड करूंगा और मुझे अच्छा लग रहा है मैं तो इसको अडॉप्ट करूंगा इस स्ट्रेटजी को इस फ्रेमवर्क को भी है और आप अडॉप्ट करेंगे परमानेंट मुझे याद करेंगे। बिल्कुल और मुझे लग रहा है कि बहुत सारे व्यूअर्स भी आज इस स्ट्रेटजी से जिस तरीके से आपने समझाया एक मैथमेटिकल अप्रोच से समझाया। लोग कन्विंस हुए होंगे कि ऑप्शन ट्रेडिंग सिर्फ नाम सुन के डर नहीं जाना है। उसको समझना है अच्छे से। अगर एक लॉजिकल अप्रोच रखेंगे थोड़े बहुत नंबर समझ जाएंगे तो उस पे भी हम जीत पा सकते हैं। सेफ वे में भी जीत पा सकते हैं। एक अच्छे रिटर्न्स बनाए जा सकते हैं रेगुलरली। सो दैट इज व्हाट आवर व्यूअर्स वुड हैव आल्सो लर्नड। थैंक यू सो मच फॉर कमिंग ऑन दिस पडकास्ट सर। एंड जितने लोग और भी सीखना चाहेंगे ऑफ कोर्स मैंने पहले भी मेंशन किया। हम रेगुलर क्लासेस भी करते हैं आपके साथ। तो डिटेल में आप वहां पर भी सीख सकते हैं सर से। थैंक यू सो मच सर।