Master 10 Powerful Trading Strategy in Just 10 Minutes! 🚀 | By Priyank Sharma — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Master 10 Powerful Trading Strategy in Just 10 Minutes! 🚀 | By Priyank Sharma

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Analysed 01 Aug 2026, 03:15 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational price-action and technical analysis concepts (support/resistance, breakouts, fake-outs, three-drive pattern, EMA scalping, RSI divergence, liquidity sweep, BAMS) taught without a single me

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (2172 words)
हे एवरीवन मैं प्रियांक शर्मा एक सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट अपs में आप लोगों को फिर से स्वागत करता हूं इस वीडियो में जो बहुत ही इंटरेस्टिंग वीडियो होने वाली है क्योंकि मैं आप लोगों को बताने वाला हूं 10 कांसेप्ट वो भी सिर्फ 10 मिनट में। तो चलो शुरू करते हैं। सबसे पहले बात करेंगे सपोर्ट और रेजिस्टेंस। देखो ट्रेडिंग के अंदर सपोर्ट और रेजिस्टेंस सीखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। लेकिन मैं आपको सिखाऊंगा एक गजब का शॉर्टकट कि आप 15 सेकंड में भी सपोर्ट रेजिस्टेंस लगा सकते हो। कैसे देखो एक कैंडल स्टिक होती है। एक कैंडल स्टिक के अंदर चार ही चीजें सच होती हैं। वो चार चीजें क्या होती है? प्राइस का ओपनिंग या क्लोजिंग प्राइस और प्राइस का हाईएस्ट प्राइस और लोएस्ट प्राइस। ये चार चीज रियल है। बाकी सब अस्यूम करते हैं हम लोग। मानते हैं। अगर आप किसी भी बड़े टाइम फ्रेम के इन चार लेवल को ड्रॉ कर दो तो छोटे टाइम फ्रेम पर ये सपोर्ट रेजिस्टेंस की तरह काम करते हैं। कैसे? चलो दिखाता हूं। अब आप देखो मैंने क्या किया है? एक दिन के कैंडल स्टिक यानी कि वन डे टाइम फ्रेम की कैंडल स्टिक के ओपन लो हाई क्लोज मार्क कर लिए हैं। अब हम चलेंगे 5 मिनट के चार्ट पर और देखेंगे क्या ये लेवल अगले आने वाले दिनों में सपोर्ट रेजिस्टेंस की तरह काम करते हैं या नहीं करते हैं। तो लेट्स सी परफेक्ट। इतना काफी है आपके समझने के लिए। देखिए यह वही चार लेवल है। यहां से प्राइस एक्शन शुरू होता है। प्राइस एक्शन शुरू होने के बाद आप देखते हो प्राइस यहीं से गिरता है। यहीं सपोर्ट लेता है। यहीं से पलटता है। यहीं पर रिएक्शन देता है। रेजिस्टेंस की तरह यूज़ होता है। हाई यहीं बनाता है और आगे जाकर लो भी यही बनाता है। तो किसी भी प्रीवियस डे प्रीवियस वीक के ओएचएलसी नेक्स्ट डे आपके लिए सपोर्ट रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। दूसरा तरीका सपोर्ट रेजिस्टेंस ड्रॉ करने का क्या होता है? उसके लिए आप लोग यूज़ कर सकते हैं फिबोनाची टूल को। इस वाले टूल को आपको क्या करना है? क्लिक कर लेना है और इस इंडिकेटर को सेलेक्ट कर लेना है। अब जिस भी रेंज के बीच में आप सपोर्ट रेजिस्टेंस ड्रॉ करना चाहते हैं, आपको सिंपली क्या करना है? अपने कर्सर को लेके जाना है। मान लेते हैं आप इस हाई और इस लो के बीच में सपोर्ट रेजिस्टेंस ड्रॉ करना चाहते हैं। तो आपको पहले क्लिक लेफ्ट साइड में करना है और राइट साइड में दूसरा क्लिक करना है। ये ध्यान रखिए कि फिबोनाची को हमेशा स्विंग लो और स्विंग हाई के बीच में ड्रॉ करते हैं। और प्राइस नीचे जा रहा हो चाहे ऊपर। हमेशा पहले लेफ्ट साइड पहला क्लिक और राइट साइड दूसरा क्लिक करते हैं। और जो ये लेवल्स आ गए आपके ये लेवल्स आपके लिए रेडीमेड सपोर्ट रेजिस्टेंस का काम करते हैं। सपोर्ट रेजिस्टेंस ट्रेड कैसे करते हैं? आपके मन में ये सवाल आ गया होगा। चलो इसको समझाता हूं। तो मान लीजिए आपके पास ये जो रेड लाइन है ये किसी बड़े टाइम फ्रेम का सपोर्ट रेजिस्टेंस आपने ड्रॉ करके रखा हुआ है। तो सबसे पहले आपको समझना होता है ब्रेकआउट। तो ब्रेकआउट को कैसे ट्रेड करते हैं? कभी भी प्राइस किसी लेवल को ब्रेक करके आगे चला जाता है। जैसे मान लीजिए ये आपका रेजिस्टेंस है। प्राइस आया ब्रेक किया और ऊपर चला गया। तो इसको हम लोग बोलते हैं ब्रेकआउट। अब इस ब्रेकआउट को ट्रेड कैसे करते हैं? तो सिंपल मान लीजिए प्राइस जो है यहां से एक कंसोलिडेशन करता है। कंसोलिडेशन के बाद इस तरह से ब्रेकआउट देता है। तो ब्रेकआउट ट्रेड करने के दो तरीके होते हैं। पहला तरीका कि आप क्या करते हैं? ब्रेकआउट के बाद रीिटेस्ट पर ट्रेड करना पसंद करते हैं। इसको बोलते हैं रीिटेस्ट। और आप यहां पर एंट्री लेते हैं। स्टॉप लॉस इसके नीचे रखते हैं। ठीक है? दूसरा तरीका होता है जो मुझे थोड़ा ज्यादा पसंद होता है। कंफर्मेशन पर ट्रेड करना। तो कंफर्मेशन पर कैसे ट्रेड करते हैं? जभी भी आप किसी ब्रेकआउट को देखें रीिटेस्ट होने दें। यहां पर एंट्री अवॉइड करें। जब पहला हाई ब्रेक हो जाए मार्केट स्ट्रक्चर यहां शिफ्ट हो जाए। यहां पर एंट्री प्लान करें। इसके नीचे स्टॉप लॉस और ऊपर की तरफ अपना टारगेट प्लान करें। तो इस तरह से आप ब्रेकआउट को ट्रेड कर सकते हैं। सो अभी हमने जो ब्रेकआउट का कांसेप्ट समझा उसमें आप लोगों को एक छोटी सी दिक्कत कभी-कभी आएगी। क्या? कभी-कभी प्राइस ऐसे जब ब्रेकआउट कर रहा होगा या जैसे किसी रेजिस्टेंस लेवल को ब्रेक कर रहा होगा उसके बाद ऊपर जाने की जगह नीचे गिर जाएगा। अब जब ये नीचे गिर जाएगा तो इसे बोलते हैं हम लोग फेक ब्रेकआउट। और मैं शॉर्टकट में इसको क्या बोलता हूं? फेक आउट। इसको कैसे ट्रेड करते हैं? किसी भी लेवल पर अगर कोई कैंडल स्टिक इस तरह से ब्रेकआउट दे कि कैंडल का क्लोजिंग ऊपर दे, लेकिन नेक्स्ट ही कैंडल स्टिक इस लेवल के नीचे वापस से क्लोज कर दे, तो इसको बोलते हैं इमीडिएट फेकआउट। इसको ट्रेड कैसे करते हैं? जैसे ही ये कैंडल स्टिक जो ब्रेकआउट कैंडल थी इसके नीचे क्लोज करती है जैसे यहां पर क्लोज करने के बाद आप यहां पर एंट्री प्लान कर सकते हैं। इसके ऊपर स्टॉप लॉस प्लान कर सकते हैं और नीचे की तरफ मिनिमम 1:1 टारगेट कर सकते हैं और बाकी इसको ट्रेल कर सकते हैं। तो इस तरह से अगर कभी कोई ब्रेकआउट फेल हो जाए तो आपको देखना है कि ब्रेकआउट कैंडल के नेक्स्ट कैंडल ही वापस नीचे क्लोज ना हो जाए। सपोर्ट रेजिस्टेंस को ट्रेड करने के लिए अब मैं आप लोगों को सिखाता हूं एक और पैटर्न वो भी बिना किसी इंडिकेटर के जिसको मैं बोलता हूं थ्री ड्राइव पैटर्न वन ऑफ द बेस्ट प्राइस एक्शन पैटर्न्स आई हैव एवर लर्नड। ठीक है? चलिए इसमें क्या करना होता है? हमने इंतजार करना होता है कि प्राइस जो है जो जल्दी शॉर्ट या जल्दी लॉन्ग लेना चाहते हैं उनको मार्केट से बाहर कर दें। जैसे कैसे देखेंगे? अब आप यह देखिए। जैसे प्राइस ये हमारे पास एक रेजिस्टेंस लेवल है जो कि हमने बड़े टाइम फ्रेम से ड्रॉ किया है। अब मार्केट जब इसके पास आया तो अक्सर लोग इस तरह की कैंडलस्टिक देखकर सेल करना शुरू कर देते हैं। तो हमने क्या करना है? जो लोग जल्दी सेल कर रहे हैं उनके स्टॉप आउट होने का वेट करना है। कितनी बार? दो बार। सो देखिए जिन्होंने यहां सेल किया वो यहां पर स्टॉप आउट हो गए एक बार। फिर जिन्होंने दोबारा सेल किया वो यहां स्टॉप आउट हो गए दो बार। तो इस तरह से आप देखोगे जब कभी आपके पास इस तरह से एक के बाद एक तीन हाईज़ बने और मार्केट पलट कर पिछले लो को ब्रेक कर दे। इस हाई और इस हाई के बीच में कोई भी लो ब्रेक कर दे। तो जब यह ब्रेक होता है, आप यहां पर अपनी एंट्री प्लान कर सकते हैं। यहां स्टॉप लॉस और मिनिमम 1:1 का आप टारगेट प्लान कर सकते हैं। साथ में उसको स्टॉप लॉस एंट्री पर करके ट्रेल भी कर सकते हैं। तो इस पैटर्न को हम लोग बोलते हैं थ्री ड्राइव पैटर्न। ठीक है? अब मैं आप लोगों को वॉल्यूम इंडिकेटर के बारे में दो गजब की बात बताने वाला हूं। पहला चीज हम लोगों को ऐसा लगता है चार्ट में जो नीचे वॉल्यूम होता है यह कलर के हिसाब से यह बताता है इस दिन ज्यादा बाइंग हुई या इस दिन ज्यादा सेलिंग जबकि ऐसा नहीं होता ये होता है ट्रेडिंग वॉल्यूम तो इसका मतलब ये है कि अगर आप दोनों ही कलर को सेम कलर में कन्वर्ट कर दो जैसे कि रेड और ग्रीन दोनों को ब्लैक कर दो तभी भी आपको सेम ही इनेशन बताता है। क्यों? क्योंकि ये आपको सिर्फ एक इंफॉर्मेशन देता है। वो क्या होती है कि जैसे यहां पर अगर हम कर्सर लेके जाएं तो इस पर्टिकुलर दिन यानी कि 14 मई 2025 को कितना वॉल्यूम ट्रेड हुआ या कितने स्टॉक्स ट्रेड हुए बाय और सेल मिलाकर। तो इस तरह से पहला चीज यह सोचना बंद कर दीजिए। दूसरा चीज हमें ऐसा लगता है कि बड़े बार का मतलब है ज्यादा बाइंग या ज्यादा सेलिंग उस दिन हुई होगी तो कैंडल स्टिक बड़ी होनी चाहिए। ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता। आप देखिए यहां पर यह बार आपको बड़ी दिखाई दे रही है तो आपको इसके साथ एक बड़ी कैंडल स्टिक दिख रही है। करेक्ट? लेकिन यहां देखिए ये एक इससे भी बड़ी कैंडल स्टिक है और इसकी बार इससे भी छोटी है। तो कभी भी कैंडल स्टिक के साइज पर और बार के साइज पर मत जाइए। अब मैं आपको एक इंडिकेटर के बारे में बताने वाला हूं। यह जो नीली लाइन आप देख रहे हो, इसे बोलते हैं ईएमए यानी कि एक्सप्पोनेंशियल मूविंग एवरेज। और मैं यहां पर यूज़ कर रहा हूं ईएमए 21 को। इसका मतलब मैंने इसके अंदर 21 का इनपुट डाल दिया है। ठीक है? अगर आप इसको यूज़ करते हैं तो आप इसके साथ एक बहुत ही बेहतरीन स्कैल्पिंग स्ट्रेटजी बना सकते हो। कैसे? आपको सिर्फ ये करना है जभी भी प्राइस एक तरफ से दूसरी तरफ ईएमए को क्रॉस करे। पहली कैंडल के क्लोज होते ही जैसे यहां पर आपको नेक्स्ट तीन कैंडल स्टिक के अंदर एक ऑोजिट कलर की कैंडल स्टिक चाहिए जो हमें यहां पर दूसरे नंबर में दिख रही है। जैसे ही ये कैंडल स्टिक बनती है आप इसके हाई के ऊपर अपनी एंट्री प्लान कर सकते हैं। इसके नीचे जो भी स्विंग लो बना है या इस कैंडल का लो आपके लिए स्टॉप लॉस और एक बहुत बड़ा टारगेट आप यहां पर प्लान कर सकते हैं। जिसमें 1.5 आवर का पहला टारगेट आइडियल माना जाता है। इस स्ट्रेटजी को आप स्कैल्पिंग कंटीन्यूएशन सेटअप के लिए सबसे बेहतर तरीके से यूज़ कर सकते हो। ध्यान क्या रखना है कि इस पूरे सेटअप के दौरान कोई भी कैंडल स्टिक ऊपर क्लोज होने के बाद नीचे क्लोज ना हो। बस इतनी सी बात। अब हम लोग बात करने वाले हैं ब्रेड बटर स्ट्रेटजी की। जी हां, इसके लिए हम लोग एक इंडिकेटर यूज़ करते हैं आरएसआई रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स। और बस इतनी सी बात हमें चेक करनी है कि कब यह प्राइस इस आरएसआई के साथ डायवर्जेंस बनाता है। यानी कि एक ही डायरेक्शन को फॉलो नहीं करता है। जैसे ये देखिए प्राइस आपको दिखाई दे रहा है नीचे की तरफ आ रहा है और आरएसआई आपको दिख रहा होगा ऊपर की तरफ जा रहा होगा। जनरली ये ऐसा नहीं करते एक ही डायरेक्शन में मूव करते हैं। अगर आपको ऐसी चीज होते हुए दिखाई दे जब आरएसआई की वैल्यू 30 के नीचे हो या फिर 70 के ऊपर। तो 70 के ऊपर या 30 के नीचे अगर आपको यह चेंज दिखाई दे तो आपको सिर्फ वेट करना है एक हाई या लो के ब्रेक होने का। जैसे यहां पर यह हाई ब्रेक हुआ। आप इसके बाद यहां अपनी एंट्री प्लान कर सकते हैं। इसके नीचे स्टॉप लॉस लगा सकते हैं और मिनिमम 1:1 को अपना पहला टारगेट और उसके बाद ट्रेलिंग स्टॉप लॉस के हेल्प से आप लोग अपना रिस्क टू रिवॉर्ड बेहतर करके अपना ट्रेड सेटअप बना सकते हो। अब मैं आपको जो कांसेप्ट सिखाने वाला हूं उसे आप लोग शायद जानते होंगे स्टॉप लॉस हंटिंग के नाम से। लेकिन मैं इसको बोलता हूं लिक्विडिटी। टेक्निकल एनालिसिस में लिक्विडिटी का मतलब होता है ऐसी जगह जहां बहुत सारे ऑर्डर्स लगे हो। इसका मतलब वो ऑर्डर स्टॉप लॉस या लिमिट ऑर्डर हो सकते हैं। प्राइस के अंदर एक खास बात क्या होती है? प्राइस जभी भी किसी डायरेक्शन में जा रहा होता है तो वो कोशिश करता है हमेशा कुछ लिक्विडिटी को स्वीप करके ही आगे बढ़े। जैसे कि इस एग्जांपल में आपको समझाता हूं। मान लीजिए प्राइस को यहां से यहां तक जाना है। तो वो सीधे भी जा सकता था, स्विंग बनाते हुए भी जा सकता था। लेकिन एक स्पेशल चीज हुई है जिसको पढ़ना सीख गए तो आपका प्राइस एक्शन देखने का नजरिया बदलने वाला है। कैसे? देखो प्राइस स्विंग हाई बनाते हुए तो जा रहा है लेकिन इसने इस जगह पर एक अलग हरकत की। वो क्या है? यहां देखिए प्राइस ने ऊपर जाने से पहले इस लो के नीचे जितने भी स्टॉप लॉस थे उनको स्वीप कर दिया और उसके बाद ऊपर चला गया। इसी घटना को बोलते हैं लिक्विडिटी स्वीप। लिक्विडिटी स्वीप समझने के साथ-साथ आपको एक और जबरदस्त कांसेप्ट समझना है। वो क्या है? वह होता है ब्रेक इन मार्केट स्ट्रक्चर यानी कि बीएएमएस। कभी भी जब आपको लिक्विडिटी स्वीप दिखाई दे जैसे आपको यहां दिखाई दिया कि एक फेक आउट हुआ है। अगर इसके बाद प्राइस अपोजिट डायरेक्शन में पिछले हाई को ब्रेक कर देता है तो इसको हम बोलते हैं बीएएमएस हुआ है। और मोर लाइकली प्राइस इसके बाद इस तरह से जाना पसंद करता है। जहां पर आप इस जगह पर अपनी एंट्री प्लान कर सकते हो। इस लो के नीचे अपना स्टॉप लॉस और ऊपर की तरफ मिनिमम 1:1 का टारगेट। तो इस तरह से लिक्विडिटी के कांसेप्ट से आप बीएमएस को भी ट्रेड कर सकते

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