Live Bank Nifty Option Trading 📈 | Intraday Trading by Intraday Hunter — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Live Bank Nifty Option Trading 📈 | Intraday Trading by Intraday Hunter

Intraday Hunter · watch on YouTube ↗
Analysed 21 Oct 2026, 06:46 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Discretionary intraday equity trade with gap-up momentum entry; no mechanical, rule-based trigger defined for backtesting.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (1588 words)
[संगीत] हेलो एवरीवन कैसे हो आप सब लोग? तो यहां पे मार्केट ओपन हो चुका है। ओवरऑल हमें कुछ गैप अप वगैरह देखने को मिला है। ऐसा ही ससेक्स और निफ्टी के अंदर ओपनिंग है। तो यहां पे हम कॉल साइड का ट्रेड बनाने वाले हैं। पहले ट्रेड बना लेते हैं। उसके बाद हम डिस्कस करेंगे कि यहां पे बाइंग करना क्यों ठीक रहेगा। 1170 क्वांटिटी यहां पर बाय कर लेते हैं। 55700 का कूल ऐड करेंगे। सेम क्वांटिटी के साथ ससेक्स में ऐड करेंगे 900 क्वांटिटी और निफ्टी में ऐड करेंगे 1430 क्वांटिटी। तो यहां पे हमने अपना ट्रेड बना लिया। ट्रेड बनाते ही 18,000 24,000 के आसपास लॉस नजर आ रहा है। बात करते हैं कि यहां पे हमने बाइंग मार्केट के अंदर क्यों किया है। अब देखिए ओवरऑल कल का अगर आप चार्ट देखते हो यानी कि मंडे का अगर आप चार्ट देख तो आपको क्या नजर आएगा कि बैंक निफ्टी ने ज्यादा मोमेंटम किया नहीं। ना ही मार्केट ज्यादा ऊपर गया ना ही मार्केट ज्यादा नीचे गया। लेकिन जिस प्रकार का ससेक्स और निफ्टी के अंदर सेलिंग हुआ था। तो यहां पे बैंक निफ्टी के अंदर भी कहीं ना कहीं सेलर ही ज्यादा बैठे होंगे। वैसे तो देखिए ऐसे ही साइडवेज मार्केट में क्या होता है? एक ही प्राइस लेवल के ऊपर बायर और सेलर दोनों बैठे रहते हैं। लेकिन क्योंकि ससेक्स और निफ्टी ने कंटिन्यू सेलिंग दिया था। निफ्टी के अंदर भी हमें कंटिन्यू सेलिंग नजर आ रहा है। तो ऐसे में यहां पे बयर मार्केट के अंदर निकल गए होंगे। सेलर यहां पे मार्केट के अंदर बैठे होंगे। अब देखिए हो सकता है बैंक निफ्टी में बड़ी क्वांटिटी वगैरह में सेलर ना बैठ के गए होंगे क्योंकि ये ज्यादा नेगेटिव नहीं था। लेकिन ससेक्स और निफ्टी में ओवरऑल सेलर ही यहां पे बैठे होंगे। इन्हीं सेलर को टारगेट बनाने के लिए हमने यहां पे कॉल्ड साइड का ट्रेड अपना बना लिया है। कभी-कभी क्या होता है सिचुएशन ऐसी हो जाती है कि मार्केट तो नेगेटिव होता है लेकिन हॉलिडे वगैरह होने के कारण सेलर वहां पे अपनी ट्रेड होल्ड करके नहीं जाते। तो उसमें तो हमारे लिए समस्या हो जाती है लेकिन जिस प्रकार का ओपनिंग है मार्केट ने ओपन होते ही बढ़ना शुरू कर दिया है। तो ओवरऑल यहां पे सेलर मार्केट के अंदर बैठे हैं जिनको अपना हम टारगेट बना सकते हैं। इसी बात को समझते हुए यहां पे हमने कॉल साइड का ट्रेड बनाया और मार्केट ने कहीं ना कहीं पॉजिटिव मोमेंटम करना भी शुरू कर दिया है। थोड़ा बैंक निफ्टी पीछे रह सकता है क्योंकि ये नेगेटिव ज्यादा नहीं हुआ। तो हो सकता है यहां पे सेलर ज्यादा ना बैठे हो तो थोड़ा पीछे रहेगा लेकिन नेट में पॉजिटिव मोमेंटम कहीं ना कहीं निकाल देगा जिसमें अपना टारगेट वगैरह मार्केट के अंदर अचीव हो पाएगा। अभी यहां पर वेट करेंगे। चलने देते हैं। तो यहां पर देखिए अपना प्रॉफिट इनक्रीज होना शुरू हो चुका है। इवन इससे भी ऊपर चला गया था। अब देखिए अगर बैंक निफ्टी मोमेंटम साथ के साथ में आ जाए तो टारगेट भी अपना हम बड़ा रख लेंगे। अदरवाइज अकेले ससेक्स और निफ्टी मोमेंटम होता है तो नॉर्मल टारगेट तो हमें लेके जाना ही जाना है। छोटा सा रेजिस्टेंस लेवल है। लेकिन ये लेवल ऐसे नहीं होते। देखिए यहां से मार्केट अगर घूम जाए और ब्रेकडाउन कर दे फिर तो हम मान सकते हैं कि नेगेटिविटी में चला जाएगा। अदरवाइज यहां से रिट्रेसमेंट तो दे सकता है लेकिन ओवरऑल मार्केट पॉजिटिव मोमेंटम निकालता रहेगा क्योंकि हमारे पास सेलर के एसएल अवेलेबल है। अगर एसएल अवेलेबल ना होते ना तो यह रेजिस्टेंस खाता और फिर मार्केट इसको क्रॉस नहीं कर पाता। तो यहां पे हल्का सा रेजिस्टेंस ले सकता है। इवन रिट्रेसमेंट वगैरह भी हो सकता है। लेकिन डायरेक्शन चेंज हम तब मानते हैं ऐसे रेजिस्टेंस की जब मार्केट अपने लोअर पॉइंट का ब्रेकडाउन कर दे। तब जाकर हो सकता है नेगेटिविटी हमें नजर आएगी। अदरवाइज ये थोड़ा बहुत रेजिस्टेंस वगैरह लेने के बाद ओवरऑल हमें ब्रेकआउट वगैरह निकाल के मार्केट दे सकता है और उसमें ओवरऑल अपना टारगेट वगैरह भी अचीव हो जाएगा। बैंक निफ्टी मोमेंटम करता है ना तो बात अपनी जल्दी बनती है। अच्छा प्रॉफिट नजर आना शुरू हो गया क्योंकि बैंक निफ्टी ने मोमेंटम करना शुरू कर दिया। ऐसे नहीं कि सेंसेक्स और निफ्टी पैसा बना के नहीं देता। हमारी क्वांटिटी ही बैंक निफ्टी में ज्यादा होती है। अगर हम क्वांटिटी सेंसेक्स और निफ्टी में ज्यादा रखेंगे तो वहां से भी अच्छा पैसा बनेगा। लेकिन बैंक निफ्टी एक अच्छा इंडेक्स है जो मोमेंटम वगैरह ठीक करता है तो हम जरूर रखते हैं उसमें क्वांटिटी। टारगेट हमें कहां मिलेगा? अगर अकेला बैंक निफ्टी मोमेंटम करता है तो लगभग 820 के आसपास हमें मिल जाएगा क्योंकि हमने जब मार्केट नीचे मिल रहा था लगभग 63040 के आसपास एंट्री बनाया था तो 200 पॉइंट में टारगेट आराम से अचीव हो जाता है। अदरवाइज सेंसेक्स और निफ्टी साथ चलेंगे तो टारगेट अपना और भी जल्दी अचीव हो जाएगा। ऑप्शन बाइंग का यही फायदा है। देखिए टाइम पर अगर आपको अच्छे से दो-तीन कैंडल भी मिल जाते हैं ना पॉजिटिव वाले तो टारगेट आपका अचीव होता हुआ नजर आता है। लेकिन वहीं पर अगर टाइम लग जाए फिर मोमेंटम आता है तो उसमें मार्केट में प्रॉफिट उतना नहीं बन पाता। तो अभी फास्ट मोमेंटम है तो टारगेट भी हम अच्छा रखेंगे। तो अभी देखिए मार्केट के अंदर काफी अच्छा प्रॉफिट नजर आ रहा है 280 के आसपास। इवन इससे भी ऊपर चला गया था। तो क्या हम टारगेट यहां पर बुकिंग करके निकल जाए? अभी नहीं निकलते हैं। अभी तो यहां पर और वेट किया जा सकता है। थोड़ा टारगेट को हम बड़ा करके निकलेंगे। क्योंकि अगर यहां से रिट्रेसमेंट करके चलता ना फिर तो हमें छोटा प्रॉफिट लेके जाना पड़ता जो नॉर्मल होता। लेकिन अभी मार्केट कंटिन्यू मोमेंटम है। छोटा-मोटा कैंडल बनाएगा तो मार्केट फिर से ऊपर निकल जाएगा क्योंकि यहां पे ज्यादा लोग बाय वगैरह कर नहीं पाएंगे। थोड़ी बहुत जो बायर आएंगे उनको रिजेक्शन वाली कैंडल देखकर मार्केट भगा देगा। लेकिन ज्यादा बायर तब आते हैं जब रिट्रेसमेंट करके मोमेंटम करना शुरू कर देता है। तो रिट्रेसमेंट हुआ नहीं कंटिन्यू मार्केट ऊपर जा रहा है तो टारगेट हम यहां पे बड़ा करेंगे। स्पेशली बैंक निफ्टी में अच्छा मोमेंटम हो रहा है तो बात अपनी और भी अच्छी बनेगी। तो यहां पे टारगेट हम बड़ा ही रखने वाले हैं। अभी एग्जिट वगैरह प्लान यहां पे नहीं बनाना है। अब देखिए ज्यादातर ट्रेडर क्या करते हैं? लॉस वाले ट्रेड में ज्यादा दिमाग लगाते हैं। इस ट्रेड को कैसे बचाया जा सकता है। वहां पे हम कैपिटल ज्यादा लगाकर लॉस को कवर करने की कोशिश करते हैं। वो चीज करने से अच्छा है कि जो ट्रेड आपका प्रॉफिट में जा रहा है उसमें पैसा भी आप ज्यादा लगा सकते हो या फिर कम से कम उसमें बैठकर देख सकते हो कि क्या इसमें कुछ और बन सकता है। क्योंकि जब डायरेक्शन सही होगा ना उसमें ही पैसा आपका बन पाएगा। अभी मोमेंटम आने देते हैं। काफी अच्छा प्रॉफिट हमें नजर आ रहा है। अभी एग्जिट वगैरह नहीं करेंगे। बढ़ने देते हैं। कोई रिट्रेसमेंट होके मोमेंटम करेगा उसमें तकलीफ दे सकता है। मार्केट विदाउट रिट्रेसमेंट रिजेक्शन वाली कैंडल के साथ मोमेंटम करेगा तो ज्यादा प्रॉब्लम हमें नहीं होगी। अभी वेट करेंगे। तो यहां पे अपना प्रॉफिट हम बुक कर लेते हैं। वैसे तो देखिए रिजेक्शन छोटे ही हो रहे हैं। लेकिन कोई भी रिजेक्शन अगर कोई बड़ी रिट्रेसमेंट में कन्वर्ट हो गया तो हमें निकलने का मौका नहीं देगा मार्केट। क्योंकि जो डायरेक्टली हमारे पास सेलर वगैरह के एसएल अवेलेबल थे उनको हम ऑलरेडी अपना टारगेट बना चुके हैं। क्योंकि जो भी यहां पे सेल करके बैठा हो उसके एसएल 74,500 के आसपास ही होने चाहिए। इवन यहां पे भी निकल गए हो लेकिन ब्रेकआउट के बाद वो डेफिनेटली निकल गए होंगे। ऐसे ही हमें निफ्टी वगैरह के अंदर नजर आ रहा है कि जो भी यहां पे सेल वगैरह करके बैठा होगा उनको मार्केट अपना ऑलरेडी टारगेट बना चुका है। तो ऐसे में अब हम और फर्दर वेट नहीं करेंगे। यहां पे एग्जिट वगैरह लेके चले जाते हैं। जब तक कंटिन्यू मोमेंटम था हम बैठे थे। लेकिन अब अगर रिट्रेसमेंट वगैरह अगर हो जाता है तो फिर दोबारा से ऐसा प्रॉफिट नजर मार्केट के अंदर नहीं आएगा। तो बड़ा ही सिंपल ट्रेड था आज और ऐसे ट्रेड कम मिलते हैं लेकिन जब मिलते हैं तो बड़ा अच्छा दिन जाता है क्योंकि हमें डायरेक्टली नजर आ रहा था कौन कैसा ट्रेड यहां पे बना के बैठा है। हमें कंटिन्यू सेलिंग देखने को मिला तो ऐसे में यहां पे सेलर ही बैठे होंगे। बायर तो मार्केट के अंदर भाग गए होंगे। इन्हीं सेलर को टारगेट बनाने के लिए हमने गैप अप वगैरह के केस में अपना कॉल साइड का ट्रेड बनाया था। हालांकि आज तो कुछ ऐसी सिचुएशन थी क्योंकि डायरेक्टली यहां पे सैलरी होनी चाहिए। अगर फ्लैट मिलता, गैप डाउन मिलता तब भी इन सेलदर को अपना हम टारगेट वगैरह बना पाते। लेकिन उनमें थोड़ा सा रिस्क बढ़ जाता लेकिन गैप अप में यह काम और भी अच्छा हो जाता है क्योंकि डायरेक्टली हमें सेदर को टारगेट बनाने का मौका मिल जाता है। उन्हें निकलने के कोई चांस नहीं होता कि वो बच जाए। यहां पे अगर किसी ने पुट का ट्रेड बनाया, गैप अप दिया तो उसे भागना ही पड़ेगा। दूसरा उसके पास रास्ता नहीं होता। अब फ्लैट टू गैप डाउन में थोड़ा कभी-कभी वह बच जाते हैं। लेकिन गैप अप में सीधा हमें टारगेट ही बनाना था। उसके अकॉर्डिंग ट्रेड बनाने का मौका मिला और काफी जबरदस्त मोमेंटम दिया। यह हमारे लिए अच्छी बात रही।

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