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हेलो एवरीवन, मैं प्रियांक शर्मा एक सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट आप लोगों के सामने फिर से आ गया हूं एक नई स्ट्रेटजी को लेकर। आजकल मार्केट में जो हाल चल रहा है, मुझे पता है आप सभी लोग एक ही बात से परेशान हैं कि पूरी मार्केट लाल हो गई है और हमें अभी बहुत ज्यादा जरूरत है एक ऐसी स्ट्रेटजी की जिससे कि सही स्टॉक सिलेक्शन कर सकें और इस मार्केट के अंदर भी हम लोग कुछ बेहतर रिजल्ट निकाल सकें। आज एक ऐसी ही स्ट्रेटजी लेकर आ गया हूं और वह भी स्विंग ट्रेडिंग को लेकर। हां, तो अगर आप जॉब करते हैं, तो यह स्ट्रेटजी आपके लिए है। अगर आप कोई बिजनेस करते हैं, यह स्ट्रेटजी आपके लिए भी है। अगर आप एक फुल टाइम ट्रेडर हैं, लेकिन आपको स्विंग करना पसंद है, तो यह स्ट्रेटजी आपके लिए है। अगर आप एक इंट्राडे ट्रेडर हैं, तो भी आपको इस स्ट्रेटजी को सीखना चाहिए क्योंकि इस कांसेप्ट को लगाकर आप लोग अपने लिए इंट्राडे प्लान भी बना सकते हैं। तो ऐसी स्ट्रेटजी लेकर मैं अब आप लोगों के सामने आ गया हूं कि भले ही आप जॉब करते हो पूरे दिन स्क्रीन देखने की जरूरत नहीं है। चार्ट को मार्केट खत्म होने के बाद देखो अगले दिन एंट्री लो स्टॉप लॉस लगाओ टारगेट लगाओ और अपने ऑफिस के काम में लग जाओ। ऐसा भी हो सकता है प्रियांक बिल्कुल हो सकता है। सिखाता हूं आपको अपनी सबसे फेमस स्विंग स्ट्रेटजी के बारे में जिसको मैं बोलता हूं एमटीएफ स्ट्रेटजी। एमटीएफ सुनासना सा नाम लग रहा है। यह वो वाला एमटीएफ नहीं है कि मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी की बात कर रहा हूं। मैं बात कर रहा हूं मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस की स्ट्रेटजी कि अलग-अलग टाइम फ्रेम को एनालिसिस करके वो भी मार्केट आवर्स के बाहर एनालिसिस करके हम लोग कैसे कंसिस्टेंटली प्रॉफिट भी जनरेट कर सकते हैं या फिर एक ऐसा ट्रेडिंग सिस्टम बना सकते हैं जहां से कि प्रॉफिटेबिलिटी ज्यादा हो जाए। क्या सर लॉस भी हो सकता है? देखो लॉस तो होता ही है। स्टॉप लॉस तो ट्रेडिंग का पार्ट है। लेकिन अच्छी स्ट्रेटजी वह है जो आपको इस तरह की विन रेट दे कि आपके लॉसेस कम हो और प्रॉफिट ज्यादा हो। तो ऐसी स्ट्रेटजी की बात करने वाला हूं। ज्यादा बातें नहीं करूंगा। चलूंगा सीधा बोर्ड पर और आप लोग देख रहे हैं मैंने यहां पर ट्रेडिंग व्यू का चार्ट ओपन कर लिया है। आपको ऐसा ही एक चार्ट किसी भी ब्रोकर के चार्ट में मिल जाएगा। अगर आप किसी ब्रोकर को यूज़ करते हैं, तो आप उसके अंदर वह चार्ट देख सकते हैं। अगर आप किसी और ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर को यूज़ करते हैं, तो उसके अंदर भी आपको ऐसा चार्ट मिलेगा। मैं यूज़ कर रहा हूं कैंडल स्टिक्स का चार्ट। आप लोगों को इस स्ट्रेटजी के लिए कैंडल स्टिक का चार्ट ही यूज़ करना है। हकशी या लाइन चार्ट को यूज़ नहीं करना है। ठीक है? आप लोग मेरे चार्ट में देख पा रहे होंगे कि मैंने जो कैंडल स्टिक्स अप क्लोज हैं, अप क्लोज मतलब बुलिश कैंडल स्टिक्स हैं, उनको ग्रीन कलर में शो किया है और जो कैंडल स्टिक्स डाउन क्लोज हैं, उनको मैंने ब्लैक कलर में शो किया है। तो कंफ्यूजन नहीं होना कि सर लाल रंग क्यों नहीं दिख रहा है? इतना लाल मार्केट में ऑलरेडी देख रहे हो। यहां पे ब्लैक से काम चला लो। ठीक है? तो चलो करते हैं शुरू को। पहले समझेंगे उस स्ट्रेटजी को कि स्विंग स्ट्रेटजी का मतलब क्या है? एमटीएफ स्ट्रेटजी का मतलब क्या है? स्विंग ट्रेडिंग क्या होती है? पहले इस बात को समझेंगे और फिर उस स्ट्रेटजी को देखेंगे। काम कैसे करती है और कमाल की बात यह होने वाली है यह स्ट्रेटजी स्टॉक्स में भी चलेगी और इंडेक्स में भी चलेगी। सो मुझे बाजार के माहिर की टीम ने बोला है कि सर स्टॉक्स में करके दिखाओ इंडेक्स पे तो आपके चैनल पर भी अवेलेबल है। तो इसलिए मैं आपको अभी यहां पर स्टॉक के ऊपर दिखाने वाला हूं। सो पहले समझते हैं स्विंग ट्रेडिंग होती क्या है? सो देखो कि कोई भी इस तरह की ट्रेडिंग जिस ट्रेडिंग को आप कुछ वक्त के लिए होल्ड करते हो, दिनों के लिए होल्ड करते हो। जैसे कि आप किसी स्टॉक, सिक्योरिटी, इंडेक्स, किसी भी ऐसे या कमोडिटी को जैसे गोल्ड, सिल्वर होते हैं। किसी भी ऐसे सिक्योरिटी को आप ट्रेड करते हो जिसको आप मान लीजिए आज बाय करते हैं और आप उसको होल्ड करते हैं। अब 1 दिन, 2 दिन, तीन दिन इवन एक वीक तक के लिए भी। इसको हम लोग बोलते हैं स्विंग ट्रेडिंग। मतलब एक स्विंग से दूसरे स्विंग तक के लिए ट्रेड करना। तो यहां पर आपको बेनिफिट क्या मिलने वाला है कि आप तसल्ली से एंट्री लेने के बाद बैठ सकते हो। अब मार्केट को चलने दो और मार्केट को जो करना है वह करने दो। आपने अपना स्टॉप लॉस टारगेट लगा दिया। 1 दिन, 2 दिन, 4 दिन, 5 दिन, 10 दिन जितना भी टाइम लगेगा आपका टारगेट निकल के आ जाएगा। वैसे मैं 10 दिन तो बहुत ज्यादा बोल रहा हूं। यूजुअली मुझे तो 2 दिन से 4 दिन के अंदर ही मैक्सिमम टारगेट या स्टॉप लॉस मिल जाते हैं। हालांकि कुछ ट्रेड्स में कभी-कभी आपको एक से दो हफ्ता भी लग सकता है। तो, उसके लिए आपको तैयार रहना है। इसको हम क्या बोलेंगे? स्विंग ट्रेडिंग। अब इसको करने के लिए आपको क्या करना है? आपको करना है मल्टीपल टाइम फ्रेम्स का यूज़। इसके अंदर हम जो टाइम फ्रेम यूज़ करने वाले हैं, वह फिक्स हैं। जैसे सबसे पहले हम लोग जो टाइम फ्रेम पर एनालिसिस करेंगे, वो होगा वीकली चार्ट। दूसरा जो टाइम फ्रेम हम लोग यूज़ करने वाले हैं डेली चार्ट। और तीसरा जो टाइम फ्रेम हम लोग यूज़ करने वाले हैं, वो होने वाला है कोई छोटा टाइम फ्रेम जिसके अंदर मैं आपको फ्लेक्सिबिलिटी देता हूं। आप चाहे 15 मिनट यूज़ कीजिए, आप 30 मिनट यूज़ कीजिए, 1 घंटा यूज़ कीजिए। मैं जिस टाइम फ्रेम को यूज़ करता हूं, वह होता है 15 मिनट का चार्ट। कमाल की बात क्या होने वाली है कि अगले 10 से 15 मिनट के अंदर आपको यह स्ट्रेटजी उंगलियों पर याद भी होने वाली है और साथ में कैसे स्टॉक सिलेक्शन करना है इसके बारे में भी हम लोग बात करने वाले हैं। तो जल्दी से चलो समझो इस चीज को। तो आप वीकली टाइम फ्रेम पर क्या करेंगे? वीकली टाइम फ्रेम से आप समझेंगे मार्केट के स वीडियो में आगे बढ़ने से पहले एक इंपॉर्टेंट अनाउंसमेंट जितने भी लोग क्रिप्टो ट्रेडिंग करते हैं उन सबकी एक परेशानी है कि अभी एक्सचेंजेस की फीस काफी ज्यादा है। पर क्या आपको पता है आप इस फीस पर 10 से 20% तक की सेविंग कर सकते हो। अगर आप वीडियो के डिस्क्रिप्शन में दिए हुए लिंक से अपना अकाउंट बनाते हो तो जल्दी से जाइए और डिस्क्रिप्शन में तीनचार एक्सचेंज के लिंक है जो आपकी पसंद का है उस पर अपना अकाउंट बनाइए और फीस में 10 से 20% तक की बचत बनाओ जो आपका प्रॉफिट बन सकता है। तो चलिए वीडियो वापस शुरू करते हैं साइकोलॉजी को। ठीक है? वीकली चार्ट से हम लोग क्या करेंगे? इसका यूज़ करेंगे मार्केट के साइकोलॉजी को समझने के लिए। डेली टाइम फ्रेम का हम लोग क्या यूज़ करेंगे? स्टॉक सेलेक्शन के लिए कि हमें किस ट्रेड के किस स्टॉक के अंदर जो है अपना इस स्ट्रेटजी को देखना है या ट्रेड करना है। उसके लिए हम लोग डेली टाइम फ्रेम का यूज़ करेंगे और 15 मिनट के टाइम फ्रेम को हम लोग यूज़ करेंगे एंट्री लेने के लिए। तो अब आप समझे होंगे तीनों टाइम फ्रेम काेंस क्या है? ठीक है? आगे बढ़ते हैं। अब वीकली टाइम फ्रेम से शुरू करेंगे। जिससे हमें क्या पता चलना था? साइकोलॉजी का पता चलना था। तो साइकोलॉजी से क्या मतलब है? अब देखो मार्केट की साइकोलॉजी बनती कैसे है? एक साइकोलॉजी वो होती है जब हम ट्रेड के अंदर होते हैं और हम लोग डर रहे होते हैं। कोई राम राम राम राम नाम जप रहा होता है कि मेरा टारगेट ना हो जाए। मेरा स्टॉप लॉस ना हो जाए कि पोजीशन को होल्ड रखूं कि नहीं रखूं उस तरह के इमोशंस होते हैं। बट एक साइकोलॉजी बनती है एनवायरमेंट से। चारों तरफ की सोसाइटी से कैसे? जैसे कि न्यूज़ चैनल, Twitter, टेलीग्राम, सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स जो आप लोगों को बताते हैं। तो अक्सर आप जब टीवी खोलते हो, न्यूज़ देखते हो तो न्यूज़ में क्या दिखाई देता है आपको? न्यूज़ में अक्सर बोला जाता है मार्केट के अंदर तेजी दिखी, मार्केट के अंदर गिरावट दिखी। अगर आपने बहुत ध्यान से उन एक्सपर्ट्स को सुना होगा तो ज्यादातर लोग इस तरह से बात करते हैं इस मार्केट में या इस स्टॉक के अंदर तेजी दिखी क्योंकि यह अपने पिछले वीक के हाई से इतने परसेंट ऊपर चल रहा है या पिछले वीक के लो से इतना परसेंट नीचे चल रहा है या पिछला दिन जहां क्लोज हुआ है उससे वो इतने परसेंट ऊपर चल रहा है। तो अक्सर आप लोगों ने सुना होगा बातें इस तरह से होती है और ऐसा क्यों होता है? क्योंकि जो लोग बड़े फंड्स को लेकर ट्रेड करते हैं जो इंस्टीट्यूशनल मनी है वो लोग थोड़े ही हमारी तरह की आरएसआई का चार्ट लगा कर बैठे हैं कि ट्रेंड लाइन खींच के ट्रेड कर रहे हैं वो लोग किस तरह से ट्रेड करते हैं वो लोग इसी साइकोलॉजी से ट्रेड करते हैं कि मार्केट किस जगह पर किस प्राइस लेवल पर ट्रेड कर रही है वो पिछले वीक के हाई से कितना ऊपर है कितना नीचे है क्या ये अच्छे प्राइसेस हैं क्या ये अच्छे प्राइसेस नहीं है जिससे कि हम लोगों की एक साइकोलॉजी बनती है कि यह स्टॉक बुलिश है कि बेरिश है आज मैं आपको सिखाऊंगा कि कैसे आपको इस माइंडसेट को ब्रेक करके इसके ऑोजिट ट्रेड करना है। ऑोजिट ट्रेड करना है। बिल्कुल भाई सेबी क्या बोल रही है अभी कि 90% लोग जो है ट्रेडिंग के अंदर अभी पैसा लॉस कर रहे हैं। सिर्फ 10% लोग कमा रहे हैं। हालांकि यह बात दुनिया के हर फील्ड में सेम ही है। किसी भी फील्ड में देख लो कामयाब लोगों की संख्या सिर्फ 10% ही होती है। ठीक है? लेकिन ट्रेडिंग के अंदर वो जो 10% लोग हैं वो लोग ऐसा अलग क्या कर रहे हैं कि वो लोग पैसा कमा पा रहे हैं क्योंकि वो जो भीड़ है ना 90% की वो उनसे अलग सोच रहे हैं। बस आपको ऐसे ही सोचना है। तो इसमें हमने क्या सोचना है कि जभी भी प्राइस क्या सोचेंगे कि जभी भी हमारा प्राइस जो है वो किसी भी वीक के जैसे मान लीजिए यह कोई वीक है। आज संडे है। ऐसा मान लेते हैं। संडे नहीं है। लेकिन मान लीजिए आज संडे है और यह पिछले वीक की कैंडल स्टिक है। अगर मार्केट इसके हाई के ऊपर जाती है, तो चारों तरफ़ बातें होती हैं कि यह स्टॉक बुलिश है। इसमें तेज़ी आई है और अगर यह इसके नीचे जाती है, तो चारों तरफ़ बातें होती है कि ये स्टॉक वीक है। पिछले वीक से नीचे ट्रेंड कर रहा है। आपको क्या करना है? आपको इंतज़ार करना है कि यह मार्केट जब इसके ऊपर चल रही है और ज़्यादातर लोग इस बारे में बात कर रहे हैं कि प्राइस जो है पिछले वीक के हाई के ऊपर कर रहा है। आपको क्या सोचना है? उन लोगों की तरह ना सोचकर आपको सोचना है। हो सकता है कि यह एक ट्रैप हो। क्या हो? यह ट्रैप हो। हो सकता है कि यह धोखा हो। हो सकता है न्यूज़ इसलिए फैलाई जा रही है कि मार्केट तेजी में है जिससे कि हम लोग बाय करने आ जाए और जो वो इंस्टीट्यूशनल मनी है वह कहीं सेलिंग ना कर दे। तो आपको क्या सोचना है? उसके ऑोजिट सोचना है। अगर मार्केट पिछले वीक के लो के नीचे जा रही है तो आपको क्या सोचना है कि यह ट्रैप भी हो सकता है। अब देखो दो ही चीजें होंगी। मार्केट मान लीजिए पिछले वीक के लो के नीचे गई या तो गिर जाएगी नीचे चली जाएगी या फिर आपको ट्रैप करके वापस पंप हो जाएगी। दो ही सिचुएशन है। इस वाली स्ट्रेटजी में हम लोग इस वाले कांसेप्ट पे वर्क करेंगे कि ये ट्रैप करके वापस आएगी। हमारा ध्यान इस बात पे होगा कि ये ट्रैप करके वापस आ रही है। समझे? तो हमने क्या करना है? अगर नीचे चली गई तो जाने दो। कोई बात नहीं। नीचे जा रही थी। वैसे भी जा रही थी। हमें तो वैसे भी कुछ नहीं मिल रहा था। मार्केट वीक के ऊपर के बाद ऊपर चली गई तो जाने दो। हमें वैसे भी कुछ नहीं मिल रहा था। लेकिन अगर वो यहां पर ट्रैप करके वापस आ जाए तो आपको बहुत अच्छी ट्रेड मिल सकती है। आपको क्या करना है? ऑोजिट सोचना है। जभी भी मार्केट ज्यादातर लोगों के अपोजिट चलती है तो वो बहुत मोमेंटम से बहुत तेजी से चलती है और बहुत अच्छे रिजल्ट्स आपको प्रोड्यूस करके देती है। इसीलिए हम लोग यहां पर वीकली चार्ट से क्या समझेंगे? हम लोग समझेंगे मार्केट के साइकोलॉजी को। तो साइकोलॉजी को समझने का मतलब क्या है? हम लोग इस तरह से देखेंगे कि अगर मार्केट किसी भी वीक के हाई के ऊपर अगले हफ्ते में जाती है तो अगर वह ब्रेकआउट होकर ऊपर जा रही है तो ठीक है। बट अगर मार्केट यहां पर फेक आउट करती है। फेक आउट मतलब फेक ब्रेकआउट। फेक ब्रेकआउट को मैं शॉर्ट में फेक आउट बोल देता हूं। तो फेक आउट करके अगर नीचे आती है तो हम लोग सेलिंग की ट्रेड देखेंगे। इसी तरह से अगर मार्केट पिछले वीक के नीचे जाती है तो हम लोग यह भी उम्मीद करेंगे कि यह ट्रैप हो सकता है और ट्रैप हो सकता है। है या नहीं हमें नहीं पता इसलिए ऐसा नहीं यहीं पे बाय कर लेंगे या यहां पर डायरेक्टली सेल कर देंगे। नहीं तरीका मैं बताऊंगा अभी कैसे करेंगे और जब मार्केट वापस आएगी तो हम लोग यहां पर बाय की ट्रेड देखेंगे। बस आपको ज्यादातर लोगों के अपोजिट करना है। इतनी आसान सी स्ट्रेटजी है। अब इसको मैं जल्दी से आपको बताता हूं एग्जीक्यूट कैसे करना है। तो सबसे पहली चीज जैसा मैंने आपको बताई कि हमने पहली चीज क्या समझनी है कि पहला टाइम फ्रेम देखना है वीकली। तो सबसे पहले आप क्या काम करेंगे? जो पिछला हफ्ता होगा जो भी पिछला हफ्ता होगा आप उसका हाई और उसका लो दोनों मार्क कर लेंगे कि यह मेरे पिछले वीक का हाई है और यह मेरे पिछले वीक का लो है। यह काम तो आप कर ही सकते हो। आपने यह कर लिया। अब आपको क्या करना है? नेक्स्ट डे यानी कि जैसे मंडे मंडे आया। मंडे को पूरे दिन कुछ नहीं करना है। पहले मार्केट में न्यूज़ आने दो। पहले प्राइस को ट्रेड करने दो। तो प्राइस को या तो हाई के ऊपर या तो लो के नीचे या तो हाई के ऊपर या लो के नीचे ट्रेड करने दो। अब आपको क्या करना है? वेट करना है कि प्राइस इसके नीचे जाए या ऊपर जाए और या तो मंडे को या ट्यूसडे को या वेडनेसडे को या थर्सडे को। अगले चार में से किसी भी दिन मार्केट वापस आकर इस लेवल के नीचे क्लोजिंग कर दे। अब ध्यान देना क्लोजिंग बोला है। ओपनिंग कहीं भी कर सकता है। अगर मार्केट नीचे गई हुई थी तो ऊपर आके इसके ऊपर बस क्लोजिंग कर दे। मैं आपको बता रहा हूं यह वो स्ट्रेटजी है मेरे चैनल पर जिसको मैंने आज से तकरीबन 4 महीने पहले पब्लिकली अपने YouTube चैनल पर बताया था। और आज के दिन अभी तक भी सबसे ज्यादा कमेंट्स इस स्ट्रेटजी के बारे में आते हैं कि सर आज एमटीएफ बना हुआ था वहां पर और हमें यह रिजल्ट मिला। अब रिजल्ट क्या मिलता होगा वो तो आप समझ ही गए होंगे। तो आगे समझना अभी स्ट्रेटजी का जब एग्जीक्यूशन सिखा रहा हूं बहुत इंपॉर्टेंट होने वाला है। ठीक है? सो आपको क्या करना है? क्लोजिंग का वेट करना है। वो मंडे को भी हो सकता है, ट्यूसडे को भी हो सकता है, वेडनेसडे को भी हो सकता है। हो सकता है मंडे ऐसा रहे प्राइस। ट्यूसडे ऐसा रहे और वेडनेसडे को ऐसे क्लोजिंग कर दे। तो हमारा सेटअप कब बनेगा? वेडनेसडे को बनेगा। क्लोजिंग के बाद पहले नहीं बनेगा। अब क्लोजिंग प्राइस कब देखते हो आप? 3:30 के बाद। तो मंडे को कुछ करना ही नहीं। 3:30 के बाद चेक करना है क्लोजिंग ऊपर हुई कि नहीं? मार्केट आवर्स में स्क्रीन देखनी पड़ी। नहीं मंडे को नहीं बना। कोई बात नहीं। ट्यूसडे को बनेगा। ट्यूसडे को बना। मार्केट आवर्स में स्क्रीन देखनी पड़ी। नहीं। 3:30 के बाद और अगले दिन सुबह 9:15 बजे के पहले कभी भी देख लो। फुर्सत से जब टाइम मिले। इस तरह से आपको देखना है। और जिन स्टॉक्स में ऐसा हो जाए उसी का आपको स्टॉक सिलेक्शन करना है। इस तरह से आप कर लोगे स्टॉक सिलेक्शन। अब आप बोलोगे तो सर मैं क्या 6000 स्टॉक्स हैं मार्केट में छ के 6000 का ऐसा देखूंगा नहीं आपको क्या करना है एमटीएफ स्ट्रेटजी जो ज्यादातर लोग यूज़ करते हैं वो करते हैं जहां पे ट्रेडिंग ज्यादा होती है तो आप एफएओ के स्टॉक्स पकड़ लो 100 150 स्टॉक्स हैं या निफ्टी 200 निफ्ट्टी 50 निफ्ट्टी 100 इस तरह के इंडेक्स के स्टॉक्स पकड़ लो सिर्फ 50 स्टॉक देखने ऐसे स्क्रॉल करोगे ना तो भी दिख जाएंगे इतना आसान सा काम है मार्केट आवर्स के बाद करना है स्टॉक सिलेक्शन हो गया बस तीसरा काम अब आपको क्या करना है छोटे टाइम फ्रेम पे जाना है जो हमने 15 मिनट सेलेक्ट किया था और उस पर करना है मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट का वेट। अब जितने लोग मुझे इतने टाइम से फॉलो कर रहे हैं उन सबको तो पता है कि मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट क्या होता है। जिनको नहीं पता है उनको मैं बता देता हूं अभी कि मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट का आपको क्या वेट करना है। यह मार्केट का हाई है पिछले वीक का और यह पिछले वीक का लो है। ठीक है? अब मार्केट ऐसे जाके ऐसे आ गया है। डेली क्लोजिंग कर दी है। अब आपको क्या करना है? यह लो बनने से पहले जो जो हाई बनने से पहले जो हाईएस्ट हाई है जो हाईएस्ट हाई है इसको बनाने से पहले इस लेवल के नीचे जो भी लास्ट लो बना होगा कौन सा बना होगा मान लीजिए ऐसे प्राइस गया तो यह वाला जैसे ही यह ब्रेक होता है आपकी मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट हो जाती है इसी तरह से नीचे मार्केट ऐसे गई ऐसे गई फिर ऐसे आके ऐसे ऐसे ऐसे आके मान लीजिए कर रही है कर रही है सबसे नीचे लो कौन सा बना हुआ है ये वाला बना हुआ है इससे से भी नीचे गया है वो। इससे ठीक पहले का जो हाई है जो इसके ऊपर हो वो कौन सा है? ये वाला। तो जैसे ही यह ब्रेक हुआ डन। यह वाले लो से पहले हाई कहां था? यह था। यह ब्रेक नहीं हुआ था तो आपकी स्ट्रेटजी नहीं बनी या मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट नहीं हुआ। तो जैसे ही मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट हुआ डन। आपकी ट्रेड कंप्लीट आपका ट्रेड सेट अप कंप्लीट। ट्रेड तो अब हम लेंगे। बस जैसे ही ये स्ट्रक्चर ब्रेक होता है, आपको लेनी है एंट्री। स्टॉप लॉस रखना है इस लो के नीचे और टारगेट करना है मिनिमम 1:1 या फिर प्रीवियस वीक का हाई। अगर आपने लॉन्ग लिया है तो प्रीवियस वीक का हाई, शॉर्ट लिया है तो प्रीवियस वीक का लो वो आपका मैक्सिमम टारगेट रहेगा और मिनिमम 1:1 रखेंगे। इस तरह से स्टॉप लॉस टारगेट लेंगे। इतनी आसान सी स्ट्रेटजी है। जल्दी से एक चार्ट पे दिखा देता हूं। आप लोगों को 1 मिनट में समझ में आएगी। देखो अब यहां पर जैसे बीकेएम को चाहिए था स्टॉक लेकिन स्टॉक के साथ एक समस्या है। आप सब लोगों को पता है अभी सेबी का एक नया नियम आ गया है कि हम लोग कम से कम 3 महीने पुराना डाटा ही यूज़ कर सकते हैं आप लोगों को दिखाने के लिए। तो चाहूं तो मैं आपको यहां पे लाइव भी दिखा सकता हूं लाइव प्राइस में ये स्ट्रेटजी। बट हम लोग क्योंकि मैं तो वैसे भी एक सेबी आ रहे हूं। तो हमें तो हमेशा रूल्स का फॉलो करना चाहिए। ठीक है? तो थोड़ा सा पीछे चलेंगे और 3 महीने पहले तक प्राइस को हम हटा देते हैं और उसके बाद चेक करेंगे इस स्ट्रेटजी को। इसलिए मैं रीप्ले मोड यूज़ कर रहा हूं। तो आप लोगों को बताना जरूरी था कि क्यों कर रहा हूं मैं। 3 महीने पहले यानी कि अभी फरवरी है तो नवंबर तक का प्राइस डाटा हम लोग कट कर देते हैं। यह हमने नवंबर तक का प्राइस डाटा कौन सी तारीख आ गई? 18 नवंबर। ठीक है? यह 4 नवंबर आ गया। 3 महीने, 4 महीने लगभग हो गए। इसको हम लोग कट कर देते हैं यहां पर या नवंबर से भी थोड़ा पीछे चल लेते हैं। यहां तक कट कर देते हैं। ये अक्टूबर में आ जाते हैं सेफ्टी के लिए। अब हम लोग देखेंगे किसी भी वीक में ये स्ट्रेटजी बनी होगी। वो वीक मैं आपको दिखा देता हूं। तो देख लेते हैं। कई सारे वीक में मुझे दिखाई दे रही है। यहां पर बनी होगी। यहां पर बनी होगी। यह मैं आपको दिखा रहा हूं होमवर्क के लिए। देख लेना। यहां पर भी बनी होगी। इस वाली कैंडल स्टिक में भी बनी होगी। इस वाली कैंडल स्टिक में भी बनी होगी। यहां पर भी बनी होगी। अच्छा लास्ट वाले में भी बनी है। चलो यहीं से देख लेते हैं और काटना नहीं पड़ेगा। यहीं पर देख लेते हैं। देखो यहां पर बनी है। तो मैं आपको दिखाता हूं कैसे बनी है। मान लेते हैं यह वीक है। ठीक है? और इसमें हम इस वाले हफ्ते को काट दे रहे हैं लास्ट वाले को क्योंकि यहां पर बनी है। यहीं पर देख लेते हैं। टेंशन ही नहीं। यह आपका हफ्ता है। मान लीजिए आज संडे का दिन है। आप बैठे हो और आपने यह चार्ट ओपन कर लिया जो कि है Industries का। ठीक है? आपको क्या करना है? सबसे पहला काम वीकली टाइम फ्रेम पे जाना है। वीकली चार्ट है, वीकली चार्ट है। ठीक है? आपको हाई एंड लो मार्क कर लेने हैं। तो, आपने सिंपली यह अपना हाई मार्क कर लिया इस हफ्ते का और इस पर आप चाहे तो लिख सकते हैं। क्या लिख देंगे? प्रीवियस वीक हाई। आप यहां देख पा रहे होंगे। एक हम लोग मार्क कर लेंगे प्रीवियस वीक लो। क्योंकि हमें तो नहीं पता अब मार्केट नीचे जाएगी कि ऊपर। तो हम लोग ऐसे मार्क करके रखेंगे और यहां पर लिख देंगे प्रीवियस वीक लो। सिंपल है। ठीक है? अब आप क्या करोगे? मंडे का वेट करोगे। और मंडे के दिन में सुबह कुछ नहीं करना। मंडे के क्लोजिंग का वेट करोगे। तो डेली चार्ट पर जाएंगे। डेली चार्ट पर आ गए और अब आप मंडे को देखेंगे इस चार्ट को आकर और ऐसा आप हर एक स्टॉक के साथ करने वाले हो। चाहे तो निफ्ट्टी 50 के सारे स्टॉक या बैंक निफ्टी के या निफ्टी 100 के जो भी। ठीक है? नेक्स्ट कैंडल स्टिक का वेट करते हैं। नेक्स्ट कैंडल स्टिक बन गई मंडे को। मंडे को क्या हुआ? एक इनसाइड बार बनी है जिसने ना लो के नीचे ट्रेड किया ना हाई के ऊपर ट्रेड किया हम कुछ नहीं करेंगे छोड़ देंगे दूसरा स्टॉक देख लेंगे ट्यूसडे के दिन हमने देखा कैंडल स्टिक अंदर बनी है कुछ नहीं हुआ हम कुछ नहीं करेंगे हम लोग वेट करेंगे और यह काम आप कर रहे हो जॉब करते हुए बिज़नेस करते हुए क्योंकि आपको स्क्रीन मार्केट आवर्स में देखनी नहीं है वेडनेसडे को देखो मार्केट ने क्या किया है मार्केट कुछ वक्त के लिए हाई के ऊपर गया है ठीक है हाई के ऊपर गया है मार्केट यहां पर और क्लोजिंग कहां दी है? क्लोजिंग इसने इसी दिन इसके नीचे दी है। तो सेम डे भी दे सकता है। अगर ऊपर ट्रेड करके नीचे क्लोजिंग दे रहा है तो सेम डे भी चलेगा। और अगर यह ऐसे यहां पे क्लोज हुआ होता और अगले दिन ऐसे नीचे वापस क्लोजिंग देता तो भी चलेगा। उससे कुछ फर्क नहीं पड़ता। कम से कम एक बार प्राइस हाई के ऊपर चला जाए और क्लोजिंग वापस अंदर दे दे। बस इतना काम करना है। आपका हो गया स्टॉक सिलेक्शन। अब मंडे, ट्यूसडे, वेडनेसडे हो गया। अब थर्सडे को आपको मार्केट आवर्स में पहली बार अपनी चार्ट को ओपन करना है। मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट देखना है 15 मिनट के चार्ट पे और एंट्री लगा देनी है। फिर देखा जाएगा क्या होने वाला है। तो 15 मिनट के चार्ट पर चलेंगे और हम देखेंगे कि 15 मिनट के चार्ट पर मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट हो गया है कि नहीं। अगर अभी हो गया है तो अगले दिन मॉर्निंग में 9:16 पर ही एंट्री ले लो। 15 पर ही ले लो। एएमओ लगा के रख दो आफ्टर मार्केट ऑर्डर। कोई दिक्कत नहीं है। अगर नहीं हुआ है तो आपको थोड़ी देर मार्केट आवर्स यहां पे देखना पड़ेगा एक बार। तो देखते हैं हुआ है कि नहीं हुआ है। सो जो मार्केट जब हाई के ऊपर गई है, हाई के ऊपर गई है सबसे पहले तो अगर आप देखेंगे मार्केट ने हाई के ऊपर ट्रेड किया सबसे पहले यहां पर। सही बात है। यहां पर किया। इसको बनाने के लिए कौन सा लो सबसे पहले था? यह वाला। सही बात है। क्या यह लो ब्रेक हुआ? नहीं। उसके बाद मार्केट और ऊपर चली गई। तो हाईएस्ट हो गया यह वाला। ठीक है? इससे पहले वाला लो कौन सा है? यह वाला। यह क्या ब्रेक हुआ है? नहीं। अगर ब्रेक हो चुका होता, मान लो प्राइस यहां पर होता, तो हम लोग अगले दिन मॉर्निंग में इस लेवल के पास अगर प्राइस आता ट्रेड ले लेते। सिंपल सा है। लेकिन क्योंकि अभी तक लो ब्रेक नहीं हुआ है तो हम लोग थर्सडे के दिन थोड़ा सा वेट करेंगे। एक दो कैंडल स्टिक बन जाए और यह ब्रेकआउट हो जाए। अगर थर्सडे पूरे दिन ब्रेकआउट नहीं होता तो आपको ट्रेड नहीं लेनी। यह ध्यान रखना है। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। और देखते हैं प्राइस क्या करता है। अगले दिन आप देखेंगे ओपनिंग यहां हुई। यह हुई। ठीक है? हम लोग अपने लेवल को मार्क करके रख लेते हैं। तो मान लीजिए आपने या तो यह मार्क किया होगा या तो यह वाला लो मार्क किया होगा। दोनों में से कोई भी मार्क करेंगे चलेगा। कोई सा भी मार्क करेंगे चलेगा। या तो ये वाला या यह वाला दोनों चलेंगे। कोई दिक्कत वाली बात नहीं क्योंकि दोनों बहुत पासपास हैं। जब कोई दो लो बहुत पासपास होते हैं। आप किसी एक से काम चला सकते हो। ठीक है? कैंडल ने अभी तक ब्रेकआउट करा? नहीं करा। नीचे क्लोजिंग नहीं दी है। यह देखो। अब नीचे मार्केट ने क्लोजिंग दे दी। तो अगर आप लोगों ने मेरे इमीडिएट फेक आउट की स्ट्रेटजी को देखा था तब तो आप इमीडिएट फेक आउट का वेट कर सकते हो। नहीं तो सिंपल है बस इस क्लोजिंग के बाद अगर यह क्लोजिंग बहुत पास है इस लेवल के तो इस लेवल के आसपास आप कहीं भी एंट्री लोगे चलेगा। मतलब अगर अगली कैंडल स्टिक में यहीं एंट्री मिल जाए बहुत बढ़िया है। इसके ऊपर मिल जाए और बढ़िया है। अच्छा रिस्क टू रिवॉर्ड बन जाएगा। अगर मार्केट में यहां पास में भी बन रही है तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। हमारे पास प्रीवियस वीक लो तक का टारगेट है। 1:1 हमें मिल जाना चाहिए। तो मैं यहीं पर चला देता हूं कि मान लेते हैं मार्केट ने यह जो कंडीशन बनाई अगली कैंडल स्टिक ने देखो अगली कैंडल स्टिक जो बनी इमीडिएट फेक आउट नहीं किया है और यह यहीं पर है तो अब आप ट्रेड में एंट्री ले सकते हैं। तो हम क्या करेंगे? शॉर्ट पोजीशन लगाएंगे। शॉर्ट पोजीशन का टूल लगा देते हैं। अब इस कैंडल स्टिक में आपने कहीं भी एंट्री ली हो कोई दिक्कत नहीं। मान लीजिए आपने इमीडिएट फेकआउट के लिए वेट भी किया और यहां पर ही एंट्री ली सबसे नीचे तो भी देखो आपको स्टॉप लॉस रखना है इस हाई के थोड़ा सा ऊपर जिससे कि वीक ना आके आपको स्टॉप लॉस कर दे और मिनिमम 1:1 आपका टारगेट पहला है तो यह आपका पहला टारगेट है 1:1 का यहां पर इसको मैं मार्क कर देता हूं यह आपका पहला टारगेट है और दूसरा टारगेट कौन सा रहेगा हमारा प्रीवियस वीक का लो जो कि है हमारा यह वाला तो आप पहले टारगेट पर अपनी थोड़ी पोजीशन बुक कर लेंगे और अपना स्टॉप लॉस एंट्री के आसपास किसी हाई पर लगा देंगे और बाकी छोड़ देंगे। अब देखते हैं मार्केट में क्या हुआ। मार्केट आई आपकी एंट्री अच्छे से फिल करी। उसके बाद मार्केट ने लगभग थोड़ी देर बाद ही आपका पहला टारगेट लगभग कंप्लीट कर दिया। नहीं तो बाद में कंप्लीट कर दिया। एंड देन मार्केट नीचे आई और यह प्रीवियस वीक लो का टारगेट कंप्लीट। यह थी आपकी एमटीएफ स्ट्रेटजी। इतनी आसान। क्या करना है? वीक के हाई मार्क करने हैं, लो मार्क करने हैं। प्राइस को फेक आउट का वेट करना है। एक साइड में वापस क्लोजिंग का वेट करना है। और यह सारा काम मार्केट आवर्स से बाहर। स्क्रीन कब खोलनी है, किस दिन खोलनी है? बस जब आपको मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट चेक करनी है। वो भी कई बार पिछले दिन ही हो चुकी होगी। आपको सीधा एंट्री करनी है, स्टॉप लॉस लगाना है, टारगेट लगाना है। इतनी आसान। कोई इंडिकेटर सीखने की जरूरत नहीं। प्राइस एक्शन को समझो, साइकोलॉजी को समझो और स्विंग ट्रेडिंग करना शुरू करो। तो, पसंद आई यह स्ट्रेटजी। कमेंट करके मुझे जरूर बताना कि आप लोगों को स्ट्रेटजी कैसी लगी और आप लोगों के यह काम आ रही है कि नहीं आ रही क्योंकि मुझे पता है यह आने वाली है। ठीक है? बाकी आप लोग मुझे होल्ड वि प्रियांक पर फॉलो कर सकते हैं। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग। टेक केयर। बाय-ब।