Intraday Trading Strategies | Pivot Point Trading Strategy | CPR Trading Strategy — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Intraday Trading Strategies | Pivot Point Trading Strategy | CPR Trading Strategy

Neeraj joshi · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:13 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Pivot Point (Camarilla/PPP) + CPR (Central Pivot Range) combined strategy: buy between pivot and R1 with targets at R1/R2; sell between pivot and S1 with targets at S1/S2; avoid overbought (>R2) and o

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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🔴 Live forward test (no hindsight — only trades the rules fired AFTER we published this verdict)

Tracking since 2026-07-07 — no qualifying signals have fired yet. The engine re-checks every night on fresh data; results appear here the day the rules trigger.

Full transcript (3971 words)
दोस्तों पिछले कुछ महीने से हमें आप लोगों के रेगुलर कमेंट्स ए रहे द पावर पॉइंट और सीपीआर से रिलेटेड स्ट्रीट्स बताने के लिए तो आज की वीडियो में हम आपको पेमेंट और सीपीआर के कंबाइंड स्ट्रीट्स बताने वाले हैं तो चलिए इस वीडियो को शुरू करते हैं लेकिन ध्यान रहे की ये वीडियो सिर्फ एजुकेशनल परपोज के लिए है तो अगर आप ट्रेडिंग करते हैं तो अपने रिस्क पर करें और कभी भी लोन लेकर ट्रेडिंग ना करें क्योंकि सब बहुत बड़ी मुसीबत में पद सकते हैं [संगीत] तो दोस्तों स्ट्रेटजी को समझने के लिए सबसे पहले आपको समझना होगा की पे वर्ड पॉइंट और सीपीआर इंडिकेटर क्या होता है तो पहले मैं आपको पेमेंट के बारे में बताऊंगा उसके बाद मैं आपको सीपीआर के बारे में बताऊंगा तो अगर पॉइंट की बात करें तो एक्चुअल में यह सिर्फ सपोर्ट और रेजिस्टेंस होते हैं जो की एक पार्टिकुलर टाइम पीरियड की हाई लो और क्लोजिंग प्राइस का एवरेज करके निकले जाते हैं जैसे अगर आप आज का पेपर निकलना चाहते हैं तो आपको कल की हाई लो और क्लोजिंग प्राइस को ऐड करके उसे थ्री से डिवाइड करना होगा इससे इनका एवरेज निकल जाएगा जो की आपका फेवरेट पॉइंट होगा ऐसे ही अगर आप वीकली या मंथली पावर निकलना चाहते हैं तो आपको लास्ट वीक की जो हाई प्राइस है लो प्राइस है और जो क्लोजिंग प्राइस है उसको जोड़कर उसे थ्री से डिवाइड करना होगा और ऐसे आपको वीकली और मंथली पावर पॉइंट भी मिल जाएगा बट अच्छी बात ये है की ये सारी कैलकुलेशन आपको खुद से करने की जरूरत ही नहीं है क्योंकि आजकल जो भी चैटिंग सॉफ्टवेयर आप उसे करते हैं उसमें पेमेंट पॉइंट का इंडिकेटर होता है जिसको जैसे ही आप लगाएंगे वैसे ही ये सारी कैलकुलेशन ऑटोमेटेकली हो जाएगी और वहां पर मार्क हो जाएंगे अब ये जो पेपर पॉइंट होता है इसको उसे करने के लिए इसके साथ ही आपको तीन सपोर्ट और तीन रेजिस्टेंस की भी जरूरत पड़ती है जिसको भी आप फॉर्मूला के थ्रू इजीली कैलकुलेट कर सकते हैं लेकिन उसको भी आपको कैलकुलेट करने की जरूरत नहीं है क्योंकि व्यूअर पॉइंट के इंडिकेटर में ये सब कुछ इंक्लूड होता है तो चलिए सीधा चार्ट पर चलते हैं और वहां पर मैं आपको पेपर पॉइंट का इंडिकेटर लगाकर दिखाता हूं इस इंडिकेटर को लगाने के लिए आप चाहे जिस भी चैटिंग सॉफ्टवेयर का उसे करते हैं वहां पे इंडिकेटर नाम का एक सेक्शन होता है आपने उसे पे क्लिक करना है और वहां पर फेवरेट लिखकर सर्च करना है जब आप पेमेंट लिखकर सर्च करेंगे तो यहां पर पॉइंट स्टैंडर्ड नाम का एक इंडिकेटर होगा आपने इस पर क्लिक कर देना है अब जैसे ही आप इस पॉइंट इंडिकेटर को लगा देंगे तो ये देखने में बहुत ज्यादा कन्ज्यूरिंग लग रहा होगा तो आपको डरने की जरूरत नहीं है बस यहां पे एक सेटिंग का ऑप्शन है आपको वहां पर जाना है है और वहां पर जाकर आप इसको थोड़ा सा इजी कर सकते हैं तो यहां पर आप जैसे ही सेटिंग पर क्लिक करेंगे तो यहां पर सबसे पहले आप शो प्राइसेस वाले ऑप्शन को उनते कर दीजिएगा उसके बाद S4 और S5 को भी एंड टेक कर दीजिए और r4 और r5 को भी एंटीक करने के बाद ओके पे क्लिक कर दीजिए जब आप ऐसा करेंगे तो यह थोड़ा सा अब पहले के कंपैरिजन में कम कन्ज्यूरिंग लगेगा अब अगर आप इसे ध्यान से देखेंगे तो आपको दिखाई देगा की यहां पे एक पी नाम की लाइन है जो की हमारा पेपर पॉइंट है इसके ऊपर R1 r2 और r3 हमारे रेजिस्टेंस है और S1 S2 और S3 हमारे सपोर्ट हैं तो दोस्तों अब आपको पेपर पॉइंट इंडिकेटर लगाना तो ए गया है तो अब समझते हैं की इसको उसे कैसे करना है तो दोस्तों पे वर्ड पॉइंट इंडिकेटर के अकॉर्डिंग अगर शेयर की जो प्राइस है वो पे वर्ड पॉइंट के ऊपर ओपन होती है तो बहुत ज्यादा चांसेस हैं की उसे दिन मार्केट रहेगा और शेयर की प्राइस बढ़ेगी तो आप वहां पर बैंक कर सकते हैं और अगर मार्केट पे उनके निको ओपन होता है तो बहुत चांसेस है की उसे दिन मार्केट beerrest रहेगा तो वहां पर आप शॉट सेल या फिर पुट ऑप्शन बाय कर सकते हैं जैसे यहां पर आपको नजर ए रहा है की शेयर की जो प्राइस है वह पावर्ड पॉइंट के ऊपर ओपन हुई थी और उसके बाद मार्केट उसे दिन बुलिस रहा और शेयर की प्राइस बढ़ बढ़कर R1 तक चली गई थी तो अगर आप चाहते तो आप इसको देख कर बिना कर सकते द लेकिन सिर्फ इसको देखकर बाय नहीं करनी है इसके साथ आपको सीपीआर का भी उसे करना होगा और वो कैसे करना है वो मैं आपको आगे बताऊंगा पहले हम पेपर पॉइंट को अच्छे से समझ लेते हैं तो अब यह एक दूसरा एग्जांपल देखो यहां पे जो शेर की प्राइस है वो पावर पॉइंट के नीचे ओपन हुई थी और उसके बाद शेयर की प्राइस गिरती चली गई तो आप चाहते तो यहां पर आप शॉट कर सकते द या फिर आप पुट ऑप्शन बाय कर सकते द तो सबसे पहली चीज तो यह बताता है की अगर शेयर की जो प्राइस है वह पेपर पॉइंट के ऊपर ओपन होती है तो बहुत ज्यादा चांसेस है की उसे दिन शेयर की प्राइस बढ़ती रहेगी और मार्केट उसे दिन जोश रहेगा और अगर शेयर के नीचे ओपन होती है तो बहुत ज्यादा चांसेस हैं की उसे दिन मार्केट बेरस रहेगा और शेयर की प्राइस गिरती जाएगी अब दूसरी चीज पर पॉइंट यह बताता है की अगर शेयर की जो प्राइस है वह पे वर्ड पॉइंट और रेजिस्टेंस वैन के बीच में है तो आप वहां पर बैंक कर सकते हैं और R1 को अपना पहला टारगेट लेकर चल सकते हैं अब अगर आपका पहला टारगेट अजीब हो जाता है तो उसके बाद आप r2 को अपना सेकंड टारगेट लेकर चल सकते हैं जैसे यहां पर आपको टाटा मोटर्स के केस में नजर ए रहा है की शेयर की जो प्राइस है वो R1 और पी के बीच में ओपन हुई थी उसके बाद शेर की प्राइस बढ़ाने लगी और सबसे पहले इसने R1 पे टारगेट अचीव किया और उसके बाद R1 को ब्रेक करके सीधा r2 तक इसकी शेयर की प्राइस गई तो यहां पर आपको r2 तक टारगेट मिल सकता था अब इसकी अपोजिट सिचुएशन की बात करें तो अगर शेयर की जो प्राइस है वह पेमेंट और सपोर्ट वैन के बीच में तो आप चाहे तो यहां पर है या फिर पोर्ट ऑप्शन ले सकते हैं तो अगर आप इसमें शॉट करते हैं तो आपका सबसे पहला जो टारगेट होगा वो S1 पर होगा और अगर यह टारगेट ब्रेक हो जाता है तो उसके बाद आपका सेकंड जो टारगेट होगा वो S2 पर होगा तो आप इस तरीके से यहां पे शॉर्ट्स शेयरिंग या फिर पोर्ट ऑप्शन लेकर भी ट्रेड कर सकते हैं जैसे इस केस में आपको दिखाई दे रहा है की यहां पर शेयर की जो प्राइस थी वो पे वर्ड पॉइंट के नीचे ओपन हुई थी उसके बाद प्राइस गिरने लगी और सबसे पहला टारगेट इसने एस1 पर दिया उसके बाद इसको भी ब्रेक कर दिया और फिर S2 पर इसने टारगेट दिया अब थर्ड एक्सप्लेनेशन जो हमें पेपर पॉइंट इंडिकेटर से समझ आता है वह यह है की अगर कभी शेयर की जो प्राइस है वो r2 से भी ऊपर चली जाती है तो इसका मतलब यह माना जाता है की अब शेयर ओवर बोर्ड जॉन में जा चुका है और इसके बाद ट्रेन रिवर्सल हो सकता है तो जब भी शेयर की प्राइस r2 से भी ऊपर निकल जाती है तो वहां पर आपको बिना नहीं करनी होती है वहां पर बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं की ट्रेंड रिवर्स हो जाएगा होगा जरूरी नहीं है की प्राइस ऑटो को क्रॉस करते ही ट्रेंड रिवर्स हो जाए कई बार r3 तक भी प्राइस जाती है और एवं आर फॉर तक भी चली जाती है जिसको हमने यहां पे हाइड कर रखा है बट अगर प्राइस r2 के ऊपर चली जाती है तो वहां पर बाय करना रिस्की हो सकता है क्योंकि उसके बाद ट्रेंड रिवर्सल के बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं जैसे इस केस में भी आपको नजर ए रहा है की यहां पर शेयर की जो प्राइस है वो जैसे ही r2 के ऊपर गई उसके बाद थोड़ी देर वो आरटीओ के ऊपर रही और उसके बाद ट्रेंड रिवर्स हो गया और वापस प्राइस गिर कर R1 के पास ए गई और अगर इसकी अपोजिट सिचुएशन की बात करें तो अगर कभी शेयर की प्राइस S2 के पास तक जाती है यानी सपोर्ट तू के पास तक जाती है और उसको भी क्रॉस कर देती है तो यह माना जाता है की स्टॉक ओवर सोल जॉन में जा चुका है और इसके बाद यहां से ट्रेन रिवर्स हो सकता है तो आपको S2 के पास पर पोर्ट ऑप्शन बाय नहीं करना है या फिर shortcil नहीं करना है क्योंकि यहां पर trendersal के बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं वजह से इस केस में भी नजर ए रहा है की शेयर की जो प्राइस है वो S2 के नीचे जाने के बाद और ज्यादा नीचे नहीं गिरी और वहां से ट्रेन रिवर्सल हो गया तो दोस्तों ये तीन चीज हमें पीड़ित पॉइंट इंडिकेटर से समझ आती हैं लेकिन सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये है की अगर आप सिर्फ पेपर पॉइंट इंडिकेटर का उसे करेंगे तो आपको बहुत बार फेक सिग्नल मिलेंगे जिससे आपको बहुत ज्यादा बार लॉस हो जाएगा जैसे अगर आप ये वाला एग्जांपल देखें तो यहां पर शेयर की जो प्राइस थी वो पे वर्ड पॉइंट के ऊपर ऊपर हुई थी तो इस हिसाब से तो यहां से शहर की प्राइस को ऊपर जाना चाहिए था लेकिन उसके बाद शेयर की प्राइस थोड़ी देर वहीं पे मूव की और उसके बाद वापस नीचे ए गई तो इस केस में अगर अपने बैंक की होती तो आपको लॉस हो गया होता और ऐसा सिर्फ एक एग्जांपल नहीं है ऐसे बहुत सारे एग्जांपल है जैसे यहां पर भी शेयर की प्राइस पूरे पॉइंट के नीचे ओपन हुई थी तो इस हिसाब से तो प्राइस को और नीचे जाना चाहिए था लेकिन प्राइस वापस ऊपर चली गई और सीवर पॉइंट के आसपास ही मूव करती रही तो अगर इस केस में भी आपने सेल किया होता को यहां पर भी लॉस हो जाता तो अगर आप सिर्फ इंडिकेटर का उसे करेंगे तो ऐसे में आपको बहुत बार फेक सिग्नल देखने को मिलेंगे जिससे आपको बार-बार लॉस होता रहेगा इसलिए आपको सिर्फ पेपर पॉइंट इंडिकेटर का उसे नहीं करना है आप या तो इसके साथ प्राइस एक्शन का उसे करें कैंडल स्टिक पैटर्न का उसे करें चैट पैटर्न का उसे करें और अगर उनका उसे नहीं कर सकते या फिर नहीं करना चाहते तो फिर आप इसके साथ सीपीआर का उसे कर सकते हैं तो चलिए अब सीपीआर के बारे में जानते हैं वैसे दोस्तों अगर आप ट्रेडिंग के लिए बेस्ट डीमैट अकाउंट खुलवाना चाहते हैं तो आप एंजेल वैन में अपना बिल्कुल फ्री डीमैट अकाउंट खुला सकते हैं और अगर आप जीरोधा में अकाउंट खुलवाने की सोच रहे हैं तो मैंने दोनों का ही लिंक डिस्क्रिप्शन पे दिया है तो डिस्क्रिप्शन जरूर चेक कर लीजिएगा तो दोस्तों सीपीआर की फुल फॉर्म होती है और ये जो सीपीआर है ये तीन लाइंस से मिलकर बनता है जिसमें जो बीच वाली लाइन होती है इसको सेंट्रल पर कहा जाता है या फिर सिंपली हमेशा फेवरेट का सकते हैं और ये वही से पेपर है जो की पॉइंट इंडिकेटर में भी उसे किया जाता है इसके जो ऊपर वाली लाइन होती है उसको टच यानी टॉप सेंटर पे बट और जो नीचे वाली लाइन है उसको ई यानी बॉटम सेंट्रल पे वर्ड कहा जाता है अब ये एक ऐसा इंडिकेटर है जो की आपको ज्यादातर चैटिंग सॉफ्टवेयर देखने को नहीं मिलेगा एवं ट्रेडिंग व्यू की वेबसाइट पे भी ये इंडिकेटर आपको डायरेक्टली देखने को नहीं मिलता है बल्कि कुछ जो कम्युनिटी स्क्रिप्ट्स होती है वहां पर ये इंडिकेटर हमें देखने को मिलता है तो इस इंडिकेटर को लगाने के लिए आपको सबसे पहले इंडिकेटर वाले सेक्शन में जाना होगा और यहां पर जाकर आपको लिखना होगा सीपीआर जब आप ये लिखेंगे तो आपको दिखाई देगा की ये जो कम्युनिटी स्क्रिप्स है यहां पर आपको ये इंडिकेटर देखने को मिल रहा है यहां पे बहुत सारे लोगों ने इस इंडिकेटर को बना रखा है आप चाहें तो इसमें से किसी को भी चूज कर सकते हैं लेकिन इसमें से कुछ सही से कम नहीं करते हैं तो हमने जब रिसर्च की तो हमें दिखाई दिया की ये जो सीपीआर विद लेवल्स और सीपीआर बाइक कस वाला इंडिकेटर है ये सही से कम कर रहा था तो अगर आप इस इंडिकेटर को लगाना चाहते हैं तो आपको सिंपली इस पर क्लिक कर देना है जैसी आप इस पर क्लिक करेंगे तो आपकी जो पुरी स्क्रीन थी और जो पूरा चार्ट था उसके ऊपर इतनी सारी ड्राइंग्स बन जाएंगी की आपको चार्ट ही नज़र नहीं आएगा और आपको कुछ भी समझ नहीं आएगा की ये है क्या तो इसको इजीली समझने के लिए और इसको सिंपलीफाई करने के लिए आपको सबसे पहले इस वाले इंडिकेटर की सेटिंग में जाना होगा इस इंडिकेटर की सेटिंग खोलने के लिए ऊपर जहां पे ये इंडिकेटर लगा हुआ है आपको यहां पर जाना है और यहां पर सेटिंग का एक ऑप्शन ए रहा है आपने इस पर क्लिक कर देना है तो अब इस इंडिकेटर की सेटिंग खुल चुकी है तो यहां पर आपको डेली पेमेंट के अलावा बाकी जितने पे वर्ड देखने को मिल रहे हैं आपको उन सबको इंटेक कर देना है उसके बाद आपको स्टाइल वाले सेक्शन पे जाना है और यहां पे डेली पुव्वु डेली ई और डेली पीसी के अलावा बाकी जितने ऑप्शन आपको देखने को मिल रहे हैं आपने उन सबको untake कर देना है है इसके बाद जैसे ही आप ओके पर क्लिक करेंगे तो यहां पर आपको सीपीआर के सिर्फ तीन ही लेने देखने को मिलेगी जिसके बारे में मैंने आपको बताया है की इसमें जो ऊपर वाली लाइन होती है उसको कहा जाता है टॉप सेंट्रल यानी टच जो नीचे वाली लाइन होती है उसको कहा जाता है ई यानी बॉटम सेंटर और जो बीच वाली लाइन होती है वो pivvert होता है तो पहली चीज जो सीपीआर हमें बताता है वो ये है की अगर इसकी जो तीनों लाइन है उनके बीच में गैप है जैसे यहां पे आपको दिखाई दे रहा है इसकी जो तीनों लाइन थी उनके बीच में गैप है तभी ये तीनों लाइन आपको प्रॉपर्ली नजर ए रही है तो उसे दिन मार्केट सिदेवेज रहेगा मतलब ना मार्केट बहुत ज्यादा ऊपर जाएगा ना बहुत ज्यादा नीचे जाएगा तो अगर आप ऐसे में पाएंगे सेलिंग करेंगे तो आपको लॉस होने के चांसेस ज्यादा होंगे इसलिए आपको सिदेवेज मार्केट में ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए तो अगर इस वाले केस में आप देखेंगे तो यहां पर नीचे ओपन हुई थी तो इस हिसाब से तो यहां से शेयर की प्राइस को गिर जाना चाहिए था और अगर आप सिर्फ पेट इंडिकेटर को देख रहे तो आप यहां पर शायद कर देते या फिर पुट ऑप्शन ले लेते लेकिन जब आपने कल लगाया तो आपको दिखाई दिया की अरे भाई यहां पे तो तीनों लाइनों के बीच में डिफरेंस है इसका मतलब आज जो शेयर है वो सिदेवेज रह सकता है तो ऐसे केस में आप यहां पर ट्रेड नहीं लेते और आप इस फेक सिग्नल से बच जाते ऐसे ही इस केस में भी आपको दिखाई दे रहा है की शेयर की जो प्राइस है वो पे वर्ड पॉइंट के ऊपर ओपन हुई थी तो पे वर्ड पॉइंट इंडिकेटर के अकॉर्डिंग तो यहां से शेयर की प्राइस को बढ़ाना चाहिए था लेकिन सीपीआर में आपको दिखाई दे रहा है की इन तीनों लाइनों के बीच में गैप है इसका मतलब है की आज मार्केट सिदेवेज रह सकता है और जैसा हमने सोचा था बिल्कुल वैसा ही हुआ मार्केट सिदेवेज रहा तो जब भी ऐसा होता है तब आपको इस स्ट्रीट्स के अकॉर्डिंग ट्रेड नहीं लेना है अब दूसरी चीज जो हमें सीपीआर इंडिकेटर बताता है वो यह है की अगर यह जो तीनों लाइन है ये एक दूसरे के बहुत ज्यादा क्लोज ए जाती हैं कई बार तो इतनी क्लोज आती है की यह तीनों लाइन एक ही लाइन जैसी नजर आती हैं तो जब भी ऐसा होता है उसे मार्केट ट्रेंड में रहता है या तो अप्रैल में रहेगा या तो डाउन ट्रेन में रहेगा जैसे इस केस में आपको दिखाई दे रहा है की जो शेयर की प्राइस है वो प्रा पॉइंट के नीचे ओपन हुई थी और यहां पर सीपीआर की तीनों लेने एक दूसरे के बहुत ज्यादा क्लोज हैं तो आप चाहते हैं तो यहां पे ट्रेड ले सकते द तो अगर आपने यहां पे शॉर्ट स्टाइल किया होता तो उसके बाद शेयर की प्राइस गिरती गई उसने सबसे पहले फर्स्ट सपोर्ट को थोड़ा और उसके बाद शेयर की प्राइस सेकंड सपोर्ट तक गई थी तो आप अपना टारगेट S2 पर रख सकते द अब इसका एक दूसरा एग्जांपल देखें तो यहां पे आपको दिखाई दे रहा है की शेयर की जो प्राइस है वो पेमेंट पॉइंट के ऊपर ओपन हुई थी एवं R1 के पास ओपन हुई थी तो आप चाहते तो आप यहां पर कॉल पोजीशन ले सकते द और उसके बाद शेयर की जो प्राइस थी वो r2 तक गई तो आप अपना टारगेट r2 पे रख सकते द क्योंकि मैंने आपको बताया है की r2 से ऊपर अगर कभी शेयर की प्राइस जाती है तो यह माना जाता है की स्टॉक ओवरबोर्ड जोन में ए चुका है और उसके बाद ट्रेंड रिवर्स हो सकता है और आपने देखा की जैसे ही प्राइस r2 के थोड़ा ऊपर गई उसके बट ट्रेंड वर्ष होने लग तो यहां पर आप अपना टारगेट r2 तक रख सकते द आपको r2 से ऊपर अपना टारगेट नहीं रखना है क्योंकि वहां पर ट्रेंड रिवर्स होने के बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं अब दोस्तों तीसरी चीज जो सीपीआर हमें बताता है वो ये है की अगर कभी शेयर की जो प्राइस है वो सीपीआर को टच ही नहीं करती है मतलब जैसे इस केस में आपको दिखाई दे रहा है सीपीआर पूरा ऊपर है और शेयर की प्राइस पूरे दिन नीचे रही है उसने सीपीआर को टच ही नहीं किया है इसको वर्जिन सीपीआर भी कहा जाता है तो अगर कभी ऐसा होता है तो आपको क्या करना है आपको नेक्स्ट दे सीपीआर की जो लाइन है जो पिछले वाले दिन की सीपीआर की लाइन है उसको थोड़ा सा आगे को एक्सटेंड कर देना है तो उसके बाद नेक्स्ट दे जैसे ही शेयर की प्राइस पिछले वाले दिन के सीपीआर के पास तक जाएगी तो वहां पर ट्रेंड रिवर्स होने के चांसेस बहुत ज्यादा होंगे जैसे इस वाले केस में आपको दिखाई दे रहा है एक दिन पहले शेर की प्राइस ने सीपीआर को टच नहीं किया था तो अगर इस लाइन को हम थोड़ा सा आगे एक्सटेंड कर देते तो हमें दिखाई देता है की जैसे ही शेयर की प्राइस देव पिछले वाले दिन के सीपीआर के पास तक गई तो वहां से ट्रेन रिवर्स हो गया और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एक बहुत स्ट्रांग रेजिस्टेंस की तरह कम करता है तो आप इस केस में चाहे तो शॉर्ट सेल कर सकते हैं या फिर पुट ऑप्शन ले सकते हैं अब दोस्तों आज के केस में भी आपको दिखाई दे रहा है की शेयर की जो प्राइस है उसने सीपीआर को टच ही नहीं किया और ये एक वर्जन सीपीआर हो गया तो अब इस केस में आपको क्या करना है आपको जो ये की वाली लाइन है ना इसको थोड़ा सा आगे को बढ़ा देना है उसके बाद जैसे ही शेयर की प्राइस इस सीपीआर को कभी टच करेगी तो बहुत ज्यादा चांसेस होंगे की यहां से ट्रेंड रिवर्स हो जाएगा तो आप चाहे तो यहां पे आप बैंक भी कर सकते हैं तो दोस्तों अब मैं आपको एक बार सनराइज करके बताता हूं की पेपर पॉइंट और सीपीआर इंडिकेटर का उसे कैसे किया जाता है ताकि अगर आपको कोई भी कन्फ्यूजन होगा तो वो यहां पर क्लियर हो जाएगा तो दोस्तों सबसे पहला पॉइंट है ट्रेडिंग के लिए उसे किया जाता है और ये हमें मार्केट का ट्रेंड बताता है मैंने आपको बताया था की अगर शेयर की प्राइस है वह पेड़ पॉइंट के ऊपर ओपन होती है तो इस इंडिकेटर के अकॉर्डिंग उसे दिन मार्केट बुलिश रहेगा और उसकी प्राइस बढ़ती रहेगी और अगर पूरे पॉइंट के नीचे ओपन होती है तो उसे दिन मार्केट डाउन ट्रेंड में रहेगा और शेयर की प्राइस गिरती रहेगी दूसरा मैंने आपको बताया था की अगर आप इस इंडिकेटर के बेसिस पर बाइंग करना चाहते हैं तो वो आपको पेपर पॉइंट और R1 के बीच में करनी चाहिए जिसमें आप R1 को अपना फर्स्ट और r2 को अपना सेकंड टारगेट लेकर चल सकता है और अगर आप सेलिंग करना चाहते हैं तो वो आपको पे वर्ड पॉइंट और एस1 के बीच में करनी चाहिए जिसमें आप एस वैन को फर्स्ट और S2 को अपना सेकंड टारगेट लेकर चल सकते हैं और थर्ड पॉइंट में मैंने आपको बताया था की अगर शेयर की प्राइस r2 के ऊपर चली जाती है तो यह माना जाता है की शेयर ओवर बोर्ड जोन में जा चुका है तो वहां पर आपको बाय नहीं करनी है क्योंकि उसके बाद ट्रेंड रिवर्स हो सकता है और शेयर की प्राइस और नीचे गिर सकती है और ऐसे ही अगर कभी शेयर की जो प्राइस है वो S2 के भी नीचे चली जाती है तो ये माना जाता है की स्टॉक ओवर सोल्ड जॉन में जा चुका है और उसके बाद ट्रेंड रिवर्स हो सकता है और शेयर की प्राइस बढ़ सकती है अब 4 पॉइंट में मैंने आपको बताया था की पावर पॉइंट इंडिकेटर में फेंक सिग्नल्स बहुत ज्यादा मिलते हैं इसलिए अगर आप सिर्फ फेवरेट पॉइंट के बेसिस पर ट्रीट करेंगे तो आपको बहुत बार लॉस भी देखने को मिलेगा इसलिए आपको हमेशा पेपर पॉइंट के साथ या तो प्राइस सेक्शन का उसे करना चाहिए या फिर एटलिस्ट सीपीआर का उसे तो करना ही चाहिए अब सीपीआर में मैंने आपको बताया था की अगर सीपीआर की तीन लाइंस एक दूसरे से दूर है तो उसे दिन मार्केट सिदेवेज रह सकता है इसके इस स्ट्रेटजी के बेसिस पर आपको उसे दिन ट्रेन नहीं लेना चाहिए लेकिन अगर सीपीआर की तीन लाइंस एक दूसरे के बहुत क्लोज हैं तो इसका मतलब है की उसे दिन मार्केट ट्रेंड में रहेगा तो अगर मार्केट पे ओपन हुआ है तो आप कॉल ऑप्शन या बैंक ट्रेड ले सकते हैं और अगर मार्केट नीचे ओपन हुआ है तो आपको ऑप्शन या शॉर्ट सेल करने का ट्रेड ले सकते हैं इसके बाद लास्ट में मैंने आपको वर्जिन सीपीआर के बारे में बताया था जिसमें अगर शेयर की प्राइस को टच नहीं करती है तो एक्सटेंड करना है और फिर नेक्स्ट दे वो जो पॉवर्ट लाइन है वो एक स्ट्रांग रेजिस्टेंस या सपोर्ट की तरह कम करेगी डिपेंडिंग ऑन डी सिचुएशन तो दोस्तों अब ये सब दोबारा बताने के बाद मुझे लगता है की आपको पे वर्ड पॉइंट और सीपीआर से रिलेटेड सभी चीज क्लियर हो गई होंगी पर ध्यान रखें की इन दोनों को कंबाइंड करने के बाद भी कई बार आपको फेंक सिग्नल्स मिलेंगे इसलिए बिना किसी रिस्क मैनेजमेंट के ट्रेडिंग मत कीजिए और अगर आप इसके साथ कैंडलेस्टिक पैटर्न का उसे करेंगे तो इससे आपको और बटोर रिजल्ट्स मिल सकते हैं वैसे रेस्ट मैनेजमेंट और कैंडलेस्टिक पैटर्न के ऊपर हमने वीडियो बनाई है जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन पे दिया है तो आप उन वीडियो को भी देख सकते हैं इस तरह की और वीडियो देखने के लिए वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें हमारे सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स का लिंक और फ्री डीमैट अकाउंट का लिंक डिस्क्रिप्शन पे दिया है तो डिस्क्रिप्शन जरूर चेक कर लीजिएगा अगर आपने यहां तक वीडियो देखिए तो आप हमारे लिए बहुत ज्यादा स्पेशल है कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद

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