This Indicator Tells You Where NIFTY Will Move by Expiry (Institutions Use This Data — backtested on Indian market data | FakeTrades
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This Indicator Tells You Where NIFTY Will Move by Expiry (Institutions Use This Data

Sahi Trading · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 02:43 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not auto-backtested — honestly, we can't. AI-decoded: Iron Condor strategy using Expected Move indicator (IV-based volatility bands) to sell OTM options outside the expected move range on NIFTY50 weekly expiries.

We give real option backtests only for fixed-entry option-selling structures (weekly credit/ratio spreads) priced on real cached NIFTY premiums. This one is an options structure we don't have cached premiums for, which needs intraday/tick option data and a chart-signal engine we don't have — so we show no number rather than a misleading proxy. Flagged for a hand-built review.

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Full transcript (1236 words)
आप निफ्टी 50 को एक्सपायरी से एक हफ्ते पहले देख रहे हो वो कई दिन से रेंज बाउंड है। आप सोच रहे हो कि क्या आपको ट्रायंगल बेच देना चाहिए या एक बड़ा मूव आ सकता है जो आपके शॉर्ट पोजीशन को पूरा उड़ा देगा। आप चार्ट्स देखते हो, ऑप्शन चेन देखते हो, की लेवल्स देखते हो। यहां तक कि न्यूज़ भी देखते हो। लेकिन अभी भी आपको कुछ नहीं समझ आ रहा। लेकिन व्हाट इफ मैं कहूं ऑप्शन चेन में आईवी के नंबर्स में कुछ ऐसा छुपा है जो आपको यह प्रेडिक्ट करने में हेल्प कर सकता है कि मार्केट एक्सपायरी डे तक कहां तक मूव कर सकता है। इंटरेस्टिंग ना? अगर आप यह सीखना चाहते हो कि कैसे निफ्ट्टी 50, बैंक निफ्टी या किसी भी एफएओ स्टॉक का यह एक्सपेक्टेड मूव प्रेडिक्ट करना है तब आप एकदम सही वीडियो में आ गए हो। क्योंकि आज हम एक ऐसे इंडिकेटर की बात करने जा रहे हैं जो ऑप्शन चेन देख के आपको यह खुद ही प्रेडिक्ट करके दे देता है कि कहां पर निफ्ट्टी 50 का एक्सपायरी डे पर क्लोज होने का चांस थोड़ा ज्यादा है। एक्सपेक्टेड मूव। एक और इंटरेस्टिंग बात बताऊं। यह वो डाटा है जो इंस्टीटशंस रेगुलरली ट्रैक करते हैं। वीडियो के एंड तक बने रहिएगा क्योंकि हम बस इस इंडिकेटर के बारे में ही नहीं बल्कि इसे यूज करके ट्रेडिंग स्ट्रेटजी के बारे में भी डिस्कस करेंगे। वीडियो शुरू करने से पहले एक जरूरी चीज यह वीडियो सिर्फ एजुकेशनल पर्पस के लिए है और कोई ट्रेडिंग एडवाइस नहीं। दोस्तों एक्सपेक्टेड मूव होता क्या है? इसको एक सिंपल एग्जांपल से समझते हैं। मान लो दोस्तों, आप एक T20 क्रिकेट मैच देख रहे हो। 12 ओवर हो गए हैं और अभी भी स्कोर है 120 फॉर नो लॉस। आपको नीचे स्कोर प्रेडिक्टर रन रेट के हिसाब से दिखा देता है कि इंडिया 200 मार देगा। लेकिन क्या इंडिया 200 मार ही देगा? जरूरी नहीं है ना? क्यों? क्योंकि उसकी बस यह प्रोबेबिलिटी है। एग्जैक्टली वैसे ही एक्सपेक्टेड मूव भी प्रेडिक्शन ही है कि ऑप्शंस मार्केट के हिसाब से एक्सपायरी तक मार्केट किस रेंज के अंदर रहने का सबसे ज्यादा प्रोबेबिलिटी है। एक्सपेक्टेड मूव आता कहां से है? देखिए दोस्तों, इसके लिए कुछ चीजें समझना जरूरी है। ऑप्शंस के प्रीमियम रैंडम नहीं होते। जब प्रीमियम का अमाउंट डिसाइड होता है, उसके पीछे कई फैक्टर्स होते हैं। जैसे डेज लेफ्ट टू एक्सपायरी, स्ट्राइक प्राइस, करंट मार्केट प्राइस और इंप्लाइड वोलेटिलिटी यानी मार्केट एक्सपायरी तक कितना फ्लक्चुएट कर सकता है। और सही का एक्सपेक्टेड मूव इंडिकेटर इन्हीं वेरिएबल्स को यूज़ करके ऑटोमेटिकली एक अपर और लोअर बैंड कैलकुलेट करके सीधा चार्ट पर ही शो कर देता है। यह बैंड्स दिखाते हैं एक्सपायरी तक मार्केट कहां तक मूव कर सकते हैं। यह कैलकुलेट कैसे होता है? इसके लिए एक फार्मूला यूज़ होता है। करंट प्राइस * IB * रूट ओवर नंबर ऑफ डेज टू एक्सपायरी डिवाइडेड बाय 365। ये आपको जो नंबर देगा उसे करंट प्राइस से ऐड करोगे तो आपको अपर बैंड मिल जाएगा और माइनस कर दोगे तो लोअर बैंड मिल जाएगा। चलो एक रियल एग्जांपल से समझते हैं। मान लीजिए निफ्टी 21,500 पर ट्रेड कर रहा है। एक्सपायरी में अभी भी 12 दिन बचे हैं और एटीएम इंप्लाइड वोलेटिलिटी है 14%। अगर इसे फार्मूला में बैठाएं तो पता चलता है मार्केट 545 पॉइंट्स ऊपर या नीचे जा सकती है एक्सपायरी तक। लेकिन बेस्ट चीज यह आपको खुद कैलकुलेट नहीं करना होगा। आप बस किसी एफएओ स्टॉक या इंडेक्स के चार्ट को खोलोगे। एफएक्स में जाके एक्सपेक्टेड मूव सेलेक्ट करोगे और आपको चार्ट में दोनों अपर और लोअर बैंड्स मार्क हुए हुए दिख जाएंगे। बस यही नहीं आप इंडिकेटर की सेटिंग्स में जाकर एक्सपायरी डेट भी चेंज कर सकते हैं। अब हमारे एग्जांपल में ये जो 545 का नंबर आया था ये यूज़फुल कैसे होगा? ये आपको बताता है कि ऑप्शन मार्केट के अकॉर्डिंग हो सकता है कि एक्सपायरी डे पर निफ्टी 21500 + 545 यानी 2245 और 21500 - 545 यानी 2955 के बीच रहेगा। ये चीज का ध्यान रखिएगा कि यह नहीं बोला गया है कि मार्केट ऊपर जाएगा या नीचे। बस इतना बताया गया है कि इसका एक्सपेक्टेड रेंज क्या है? यह इंफॉर्मेशन भी ना लेकिन दोस्तों आपके लिए बहुत ही यूज़फुल हो सकता है। चाहे आप पोजीशनल ट्रेडर हो या ऑप्शन बयर या ऑप्शन सेलर। अगर आप पोजीशनल ट्रेडर हो और प्राइस इन बैंड्स के पास पहुंच रहा है मतलब आप प्रिपेयर हो सकते हो कि या तो रिवर्सल आ सकता है या ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन। बाकी इंडिकेटर्स के साथ कंबाइन करके अगर रिवर्सल के टेंडेंसीज नजर आ रहे हैं तब आप एक ट्रेड में एंटर कर सकते हैं। अगर मान लो आप ऑप्शन बयर हो और निफ्ट्टी 50 ऑलरेडी एक्सपेक्टेड मूव का 90% कवर कर चुका है तब आपको यह पता चल सकता है कि करंट आईवी को कंसीडर करते हुए आपका टारगेट अचीवेबल है भी या नहीं। और ऑप्शन सेलर का एक बार आप ही सोचने का ट्राई करिएगा कि वो क्या करता होगा। देखो ऑप्शन सेलर हमेशा ट्राई करता है हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड्स लेने का। निफ्ट्टी 50 के चार्ट में एक्सपेक्टेड मूव मान लो शो हो रहा है बिटवीन 2410 एंड 24,580। वो देखेगा कि कौन सी स्ट्राइक्स एक्सपेक्टेड मूव के बाहर है। ऐसा इसलिए ताकि अगर निफ्टी 50 एक्सपायरी डे पर एक्सपेक्टेड मूव के बैंड्स तक मूव कर भी गया तब भी लॉस नहीं होगा क्योंकि आप उससे बाहर के कॉल्स और पुट्स को राइट किए हुए होंगे। तो ऑप्शन सेलर्स बैंड्स के भी बाहर के ओटीएम ऑप्शंस सेल कर सकते हैं। शॉर्ट ट्रायंगल में एंटर किया जा सकता है। जैसे अगर हमारा एक्सपेक्टेड मूव 2410 और 24580 के बीच का है 24100 का पुट और 24600 का कॉल सेल किया जा सकता है। लेकिन दोस्तों मैं हमेशा बोलता हूं और इस वीडियो में भी बोलूंगा डेकेड ऑप्शन सेलिंग एकदम भी मत करना क्योंकि एक बड़ा डायरेक्शनल मूव पूरा पीएंडएल को खत्म कर सकता है। इसीलिए जैसे हमारे एग्जांपल में आप 24050 का पुट बाय और 24650 का कॉल बाय करोगे। इसे कहते हैं शॉर्ट आयरन कंडोर। वैसे आयरन कंडोर के बारे में और जानने के लिए आप हमारे कमेंट्स में दिए गए लिंक से उसके फुल वीडियो को देख सकते हैं। अब ये सब जानने के बाद आपको ऐसा लग रहा होगा ना कि कितना रिलायबल है ये एक्सपेक्टेड मूव इंडिकेटर और कितनी बार इससे कैलकुलेटेड रेंज के अंदर ही एक्सपायरी डे पर स्टॉक या इंडेक्स क्लोज हुआ था। तो आपको बता दूं हमारी टीम ने यह बैक टेस्ट किया था और लगभग 84% टाइम्स निफ्ट्टी 50 एक्सपेक्टेड मूव के रेंज के अंदर ही एक्सपायर किया। तो दोस्तों एक बार हम इस कांसेप्ट को रिकॉल करते हैं। पहला एक्सपेक्टेड मूव आपको यह बता सकता है कि अंडरलाइन एसेट का प्राइस किस रेंज में मूव कर सकता है एक्सपायरी डे तक। दूसरा यह कोई डायरेक्शन का इंडिकेशन नहीं देता है। बस यह बताता है कि कितना बड़ा मूव आ सकता है। तीसरा अगर आप ऑप्शन बयर हो तब इसे आप अपने प्राइस टारगेट्स कट चेक करने के लिए यूज कर सकते हो। और फाइनली अगर आप ऑप्शन सेलर हो तब आप एक्सपेक्टेड मूव के रेंज के ओटीएम ऑप्शंस में आयरन कॉडोर में एंटर कर सकते हो। अगर दोस्तों आपको ऐसे ही और इंस्टीट्यूशनल कांसेप्ट्स को सिंपल इंग्लिश में समझना है तो वीडियो को लाइक जरूर करिएगा। कमेंट में इंडिकेटर और इंडिकेटर का नाम लिखिए अगर आपको और इंडिकेटर्स के प्रैक्टिकल स्ट्रेटजीस पर वीडियो चाहिए। मैं हूं सीए सूरज बाकलीवाल। मिलते हैं दोस्तों नेक्स्ट वीडियो में। [संगीत] [संगीत]

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