If you have ₹10,000 Trade this Simple Strategy | Mukul Choudhary — backtested on Indian market data | FakeTrades
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If you have ₹10,000 Trade this Simple Strategy | Mukul Choudhary

Upsurge Club · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:59 PM IST
★★★☆☆ 3.0 / 5

Why 3.0/5? (stars grade the EDGE — per-trade expectancy, consistency, drawdown — not the headline return)

  • A real but modest per-trade edge: +0.13R across 11,888 trades
  • Convex payoff 5.0 — winners far bigger than losers
  • Only 22% of trades win — the rare big winners must keep showing up
  • 3 of 9 tested years were negative (2018, 2025, 2026) — the edge is regime-dependent
  • Max drawdown -53% on the ₹2L portfolio — the compounded return came with deep pain along the way

Verdict

Auto-backtested. AI-decoded: EMA 50-based trend-following strategy with pullback entries on 15-30min or 1hr timeframes in crypto futures. Ran on 159 large/mid-caps, real costs. 11,888 trades, win 22%, payoff 5.01, expectancy +0.13R/trade (avg +0.57%/trade).

This is a marginal edge. The payoff is convex (winners run well past the average loser). Reasonably consistent (67% of years positive).

Mechanically decoded from the transcript and scored from the metrics. Flagged for human review; a hand-vetted verdict can override it.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?

🔴 Live forward test (no hindsight — only trades the rules fired AFTER we published this verdict)

Tracking since 2026-07-06 — no qualifying signals have fired yet. The engine re-checks every night on fresh data; results appear here the day the rules trigger.

Is it profitable? (green above the line = made money, red below = lost it)

₹2,00,000 portfolio (max 5 positions, across the stock universe — real delivery costs)

Return-38.4%
CAGR-5.9%
Max drawdown-53.3%
Trades774 · 129 won
₹200,000 → ₹123,131  ·  2018-07-09 → 2026-06-08
201820192020202120222023202420252026
-18%-24%+14%+22%-10%+9%-14%+4%-19%

Simulated on the 159 large/mid-cap universe. Capital-constrained, daily mark-to-market.

Year by year (every trade the rules fired, across the tested stocks)

YearTradesWin %ExpectancyAvg return / trade
201877819% -0.16R -1.35%
2019160520% +0.02R -0.12%
2020128628% +0.48R +3.65%
2021138124% +0.18R +0.94%
2022159521% +0.00R -0.20%
2023143028% +0.59R +2.40%
2024142221% +0.09R +0.31%
2025168419% -0.03R -0.49%
202670717% -0.17R -0.97%

Where this strategy made & lost money (the full stock-by-stock breakdown — 158 stocks, incl. 2026)

#StockTradesWin%Avg/tradeBestTotal2026
1 ████████ 6624% +8.0% +173% +531% +51%
2 ████████ 6624% +3.7% +74% +243% +47%
3 ████████ 7219% +0.8% +44% +56% +42%
4 ████████ 7616% +0.7% +92% +54% +37%
5 ████████ 6829% +6.4% +164% +434% +36%
6 ████████ 7225% +2.6% +94% +187% +31%
7 ████████ 8624% +2.1% +68% +177% +31%
8 BHEL free peek 7027% +2.8% +81% +199% +30%
9 ████████ 6023% +8.2% +274% +490% +28%
10 ████████ 2218% -0.8% +24% -19% +27%
11 ████████ 4641% +4.5% +55% +206% +26%
12 ████████ 7923% +0.7% +66% +55% +20%
13 ████████ 4615% +1.2% +51% +54% +16%
14 ████████ 5932% +1.5% +56% +86% +12%
15 ████████ 6620% +0.4% +25% +26% +12%
16 ████████ 6834% +2.5% +43% +170% +11%
17 ████████ 7321% +0.6% +51% +46% +10%
18 ████████ 7420% +1.0% +41% +75% +9%
19 ████████ 6825% +1.7% +62% +117% +8%
20 ████████ 7524% +0.9% +34% +70% +7%
21 ████████ 7420% +0.2% +30% +17% -32%
22 ████████ 7121% +2.0% +48% +141% -26%
23 ████████ 7618% -0.2% +40% -18% -25%
24 ████████ 8119% -0.1% +38% -5% -25%
25 ████████ 8421% +0.5% +44% +44% -25%
26 ████████ 3628% +2.5% +60% +89% -24%
27 ████████ 6517% -0.4% +37% -24% -23%
28 ████████ 9020% -0.2% +50% -16% -23%
29 ████████ 9316% +0.0% +84% +3% -23%
30 ████████ 2425% +2.4% +44% +57% -23%
You can see the numbers — see the names. Unlock every stock in this breakdown and download it as Excel. The worst stock in this table returned -24% under these exact rules — one wrong pick costs many times the unlock.

Educational backtest output only — not investment advice or a recommendation to buy/sell any security. AI-generated from stored historical data; not 100% accurate. Past performance is not indicative of future results.

On the index (same rules applied to NIFTY & BANKNIFTY)

IndexTradesWin%Expectancy (R/trade)Avg return/trade
NIFTY8525% +0.23R +0.46%
BANKNIFTY10323% +0.10R +0.19%
Full transcript (4978 words)
जो यह 24 घंटे की मार्केट है, इसका एक सबसे बड़ा इशू क्या होता है कि इसमें लोगों को समझ में नहीं आता कि ट्रेड कब करना है। सबसे बेस्ट पार्ट इन मार्केट्स का क्या है कि आपको लेवरेज मिलती है। ऑन एन एवरेज 1x से लेके 100x मैं आपको एक सिंपल डिफरेंस बताऊंगा। जैसे इंडियन मार्केट्स के अंदर प्रॉब्लम क्या रहता है कि आपको सेट ऑफ स्ट्रेटजीस पे ही काम करना पड़ता है। एक सेट टाइम फ्रेम में काम करना पड़ता है। ट्रेंड ट्रेंड बहुत जरूरी होता है। या तो हम ट्रेंड के अगेंस्ट काम करते हैं। ट्रेंड के साथ काम करते हैं। यहां पर क्या होता है? यहां पर आपको जो प्राइस एक्शन होता है वो बहुत ज्यादा तो बार-बार प्राइस क्या कर रही है? जब ये मूविंग एवरेज के पास जा रही है और सम सॉर्ट ऑफ़ बेरिश एंगल्फिंग और ये सब चीजें बना रही है तो प्राइस क्या कर रही है? ड्रॉप कर रही है। बाजार जब टॉप पे होता है अगर वहां पर बायर नहीं है कोई तो उसका मतलब वहां पर जो मास है वो अवेलेबल नहीं है बाय [संगीत] करने के लिए। वो लोअर लेवल्स ढूंढ रहा है। इस टाइम पे ना ट्रेड्स ढूंढ रहे होते हैं जबरदस्ती। हमें ढूंढना नहीं है। हमारा काम क्या है? यहां पर प्राइस ने डिप लेके नीचे निकलना है। सेम चीज ऊपर गई और धीरे-धीरे यहां से डिप लेके नीचे गई। यह यहां पर हमारी एंट्री आ गई। एक जो खराब पार्ट है क्रिप्टो मार्केट का वो क्या है? वो यह है। हाय एवरीबॉडी वेलकम टू अपs अगर आप इंडियन मार्केट्स से क्रिप्टो मार्केट्स में शिफ्ट कर रहे हैं एंड आपको थोड़े बेसिक्स नहीं पता स्ट्रेटजी नहीं पता सिस्टम नहीं पता तो आज इस वीडियो में आपकी हेल्प करने वाला हूं। सो फर्स्ट थिंग अगर मैं आपको एक सिंपल डिफरेंस बताऊं कि क्रिप्टो मार्केट्स और इंडियन मार्केट्स में क्या फर्क है? क्रिप्टो मार्केट्स 247 ओपन होती है। 365 डेज ओपन होती है। यहां पर कोई हॉलिडज़ नहीं होती। जैसे हमारे इंडियन मार्केट्स में हॉलिडेज़ होती हैं। ऐसा यहां पर कुछ नहीं होता। इंडियन मार्केट्स एक सेट टाइम पीरियड के लिए चलती हैं। लगभग सुबह 9:15 से लेके 3:30 के बीच में रहता है सब कुछ। एंड इंडियन मार्केट्स में जो न्यूज़ होती हैं जो सब चीजें होती हैं या तो मार्केट से पहले आती हैं, मार्केट के बाद आती हैं। फिर हमें ओवरनाइट एक रिस्क रहता है कि यूएस मार्केट्स कैसे परफॉर्म करेंगी, फिर अगले दिन गैप अप, गैप डाउन ये सब चीजें होती हैं। बट ये सारी चीजें क्रिप्टो मार्केट्स में नहीं होती। बिकॉज़ ये इंटरनेशनल मार्केट्स हैं और यहां पर वॉल्यूम भी बहुत ज्यादा होती है। एंड इनको अ जो ट्रेडिंग होती है इसमें बहुत ज्यादा लीनियर होती है। जैसे इंडियन मार्केट्स के अंदर प्रॉब्लम क्या रहता है कि आपको सेट ऑफ़ स्ट्रेटजीज़ पे ही काम करना पड़ता है। एक सेट टाइम फ्रेम में काम करना पड़ता है। यहां पर क्या होता है? यहां पर आपको जो प्राइस एक्शन होता है वो बहुत ज्यादा लीनियर तरीके से मिलेगा। तो आप काम भी बेहतर तरीके से कर पाएंगे। जो आपने टेक्स्ट बुक प्राइस एक्शन पढ़ा हुआ है वो यहां पर बेटर काम करता है एज़ कंपेयर टू इंडियन मार्केट्स। ऑलराइट। सो बिफोर आई गो अहेड हम लोग काम किस में करने वाले हैं? हम लोग काम मोस्टली फ्यूचर्स में करने वाले हैं। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में काम करेंगे। इंडियन मार्केट में भी आपने काम किया हुआ है। या तो आप काम स्पॉट पे करते थे। जैसे कि SBI का आपने कोई कैश में स्टॉक ले लिया या फिर उसके फ्यूचर में आपने काम किया। उसके ऑप्शंस में आपने काम किया। सेम चीज़ आप यहां पर भी कर सकते हैं। बट हम यहां पर स्पेसिफिकली काम करने वाले हैं फ्यूचर्स के अंदर। अब इंडियन मार्केट्स में आपको पता है कि जो फ्यूचर्स होते थे वह एक्सपायरी होती है। मंथली एक्सपायरी होती है। जैसे जैन एक्सपायरी, फेब एक्सपायरी, मार्च एंड सो एंड सो ऑन। यहां पर ऐसा कुछ नहीं होता। यहां पर परपेचुअल फ्यूचर्स होते हैं। इसका मतलब इनकी कोई एक्सपायरी नहीं होती है। अगर फॉर एग्जांपल आपको लगता है कि बिटकॉइन मैं आज इस प्राइस को खरीदता हूं और इसमें ₹500, ₹800,000 का स्टॉप लॉस लगाता हूं और यह स्टॉप लॉस मान लो हिट ही नहीं होता। जैसे मार्केट एक रिवर्सल दे देती है और अगले 3 महीने तक ऊपर रहती है। आपकी पोजीशन तब भी ओपन रहेगी। तो ओवरऑल इस मार्केट के अंदर आपको ऑपरेट करने में बहुत इजी रहता है कि आपको बार-बार शिफ्टिंग नहीं करनी पड़ती है। बार-बार आपको यह रोलिंग नहीं करनी पड़ती है फ्यूचर्स की। तो आप एक ही के साथ आराम से काम कर सकते हो। एंड ऑलमोस्ट क्रिप्टो मार्केट्स के अंदर आपको पता है कि बहुत सारे इंस्ट्रूमेंट्स अवेलेबल हैं। बट हम लोगों का काम क्या है? हमें डिस्ट्रैक्शन नहीं चाहिए। एक जो खराब पार्ट है क्रिप्टो मार्केट का वो क्या है? वो यह है कि ये 24 घंटे ओपन होती है। तो अगर हम एक ओवर ट्रेडर हैं। हमारी ट्रेडिंग ही ओवर ट्रेडिंग वाली है। हमारा अगर लॉस हो जाता है तो हम रिकवरी के पीछे भाग जाते हैं। फिर हम एक दो चीजें और करने लग जाते हैं। तो ये मार्केट इन लोगों के लिए एक बहुत डेंजरस साबित हो सकती है। तो हमें क्या करना होता है? हमें अपने सेट ऑफ रूल्स बनाने हैं। तो सेट ऑफ रूल्स में सबसे पहले हमें क्या करना है? हमें इसमें हजारों कॉइंस, फ्यूचर्स सब ट्रेड हो रहे हैं। हम सब में ट्रेडिंग नहीं कर सकते। हम स्कैनर ढूंढेंगे तो हमें हमेशा ट्रेड मिलते रहेंगे। तो 24 घंटे में आप सोच सकते हैं कि हम एक दो ट्रेड में काम चला ही नहीं पाएंगे। वी हैव टू गो विद मल्टीपल ट्रेड्स। 10 10 20 ट्रेड हम लेते रहेंगे। तो उससे क्या होगा? हमारी कैपिटल भी रोड होगी। हम ब्रोकरेज भी देते रह जाएंगे। हम ओवरऑल प्रॉफिट में कभी आ ही नहीं पाएंगे। तो हमें क्या करना है? हम बिटकॉइन में काम करेंगे। हम इथेरियम में काम करेंगे। ये हमारे दो स्पेसिफिक हैं। ओके? अगर आपके पास पैसे कम है तो आप इथेरियम और सोलाना में काम कर लीजिए। अगर आपके पास डिसेंट पैसे हैं, आप ₹60000 लाख लेके आ रहे हैं बाजार के अंदर तो आप बिटकॉइन में भी काम कर सकते हैं। अगर आपके पास पैसे कम है, ₹ ₹1,000 से शुरू कर रहे हैं, तो आप इथेरियम और सोलाना से शुरू कर लीजिए। बिकॉज़ उनकी वैल्यू कम है, ब्रोकरेज भी कम लगती है और आप बहुत कम अमाउंट से यहां पर शुरुआत कर सकते हैं। अब अगर आपको गोल्ड ट्रेड करना है, तो आप गोल्ड भी ट्रेड कर सकते हैं। तो, पैक्स जी यूएसडीटी होता है। ठीक है? तो आपको कॉनसेक्स में मिल जाता है। तो आप वो भी ट्रेड कर सकते हैं। तो कोई प्रॉब्लम नहीं है उस चीज़ के अंदर भी। और उस और सबसे बेस्ट पार्ट इन मार्केट्स का क्या है कि आपको लेवरेज मिलती है। लेवरेज की अगर हम बात करें ऑन एन एवरेज 1x से लेके 100x एंड फर्दर एंड फर्दर आपको मिलती है। अब इंडियन मार्केट्स में आपको पता है कि इंडियन मार्केट्स के अंदर जो लेवरेज का पार्ट है वो क्या है? वो फ्यूचर्स पे आपको 8x 9x मिलता है। ऑप्शंस पे कोई लेवरेज होती नहीं है। एंड जो स्टॉक्स होते हैं उसमें आपको डेली की लेवरेज 5x मिलती है। ओके? यहां पर क्या है? यहां पर आप 25x लेवरेज भी यूज़ करते हैं तो आप एक स्मॉल अकाउंट को ग्रो कर सकते हैं। ओके? तो यहां पर ग्रोथ आपकी पॉसिबल है एंड एक छोटे अमाउंट से भी आप ग्रो करने का सोच सकते हैं। ओके? ये सबसे इंपॉर्टेंट एडवांटेज है। बट लवरेज का एक वर्स्ट पार्ट भी है। अगर आपको लेवरेज का मीनिंग नहीं पता। आपको यही नहीं पता कि लेवरेज के साथ आपकी रिस्क भी इनक्रीस होती है और आपका डिसीजन ही नहीं है रिस्क मैनेजमेंट पे तो लेवरेज आपको प्रॉब्लम क्रिएट करके दे सकती है। तो आज जो मैं आपके साथ स्ट्रेटजी शेयर करूंगा बहुत सिंपल टू द पॉइंट स्ट्रेटजी है जो आप इज़ली यूज़ कर सकते हो। एंड उस स्ट्रेटजी का मेन ऑब्जेक्टिव क्या है कि आप जो भी ट्रेड्स ले रहे हो जो भी कुछ कर रहे हो एक सिस्टम के साथ कर रहे हो। एक सेट लेवरेज के साथ कर रहे हो। लेवरेज आप कुछ भी लो। लेवरेज का मेन ऑब्जेक्टिव है कि आप जब ट्रेड ले रहे हो तो उस समय आपका जो मार्जिन है वो कम से कम ब्लॉक हो। हम लेवरेज को बस उस शॉर्ट से यूज़ कर रहे हैं। हम लोग इसलिए यूज़ नहीं कर रहे हैं कि हम ज्यादा से ज्यादा खरीद लेंगे। हमें वैसे नहीं करना क्योंकि हमारी रिस्क भी इंक्रीस होगी। वो हमेशा ध्यान रखिएगा। ऑलराइट। सो अब हम एक काम करते हैं। अब हम लोग आ जाते हैं कि हमारी स्ट्रेटजी सिस्टम क्या रहेगा। ओके? तो लेट्स कम ऑन द स्क्रीन एंड लेट्स अंडरस्टैंड। तो अगर मैं अभी आपके सामने स्क्रीन दिखाऊं तो मैं क्या करने वाला हूं? मैं स्क्रीन पे सबसे पहले मैं तीन-चार चीजें ऐड करूंगा। तो फर्स्ट थिंग इज़ 50 मूविंग एवरेज एक्सप्पोनेंशियल। उसके बाद 10 मूविंग एवरेज और 20 मूविंग एवरेज। यह तीन चीजें मैंने ऐड करनी है अपने चार्ट पे और यह बहुत स्पेसिफिक रहेगा और रूल्स क्या रहेंगे मेरे? मैं रूल्स बता देता हूं। एक बार रूल्स से पहले मैं आपको बता देता हूं कि आपको काम कैसे करना है। देखो जब भी आप ट्रेडिंग करते हो, ठीक है? तो ट्रेडिंग करने से पहले मैं एक बार इसको हटा देता हूं और हम ट्रेडिंग की पहले बात करते हैं। जब भी हम ट्रेडिंग करते हैं जब भी हम कोई चीज करते हैं ना तो हमेशा हमारे पास दो तरीके होते हैं। हमें हमेशा डायरेक्शन को समझना है। ट्रेंड ट्रेंड बहुत जरूरी होता है। या तो हम ट्रेंड के अगेंस्ट काम करते हैं ट्रेंड के साथ काम करते हैं। ये दो चीजें होती है। ट्रेंड के साथ काम करेंगे तो एक रिवर का फ्लो जैसे होता है ना कि अगर रिवर का फ्लो राइट हैंड साइड पे है। आप कंकर राइट हैंड साइड पे फेंकोगे तो वो ईजीली जाएगा। बट अगर आप इसी को ऑोजिट फेंकोगे तो उसको ऑोजिट जाने में बहुत प्रॉब्लम होगी। वह विद द फ्लो ही जाने वाला है। तो हमारा काम क्या है कि जिस तरफ फ्लो है ना हम उस तरफ काम करें तो हमें एक जो रिस्ट्रिक्शन होता है या रिस्ट्रेंट जो है ना वो थोड़ा हमें कम मिलता है। ठीक है? रेजिस्टेंस हमें कम मिलता है। हमारा मेन ऑब्जेक्टिव ये होता है। ओके? तो अब आप अगर आप लोगों ने डॉऊ थ्योरी पढ़ी हुई है तो आपको पता होना चाहिए कि मार्केट क्या करती है? ऐसे ऊपर जाती है। फिर एक लो बनाती है। फिर मार्केट ऊपर जाती है। पिछला जो हाई बनाया था उसको क्रॉस करती है। तो हायर हाई बनाती है। फिर एक लो बनाती है। जो पिछला लो था उसके ऊपर क्लोज होती है। तो मतलब हायर लो बना रही है। फिर दोबारा जाती है ऊपर फिर दोबारा आ जाती है। अब तक ऐसा बनता रहेगा मार्केट एक अप ट्रेंड में। जितना हायर टाइम फ्रेम उतना बेटर। तो अगर मुझे पता है डेली टाइम फ्रेम पे ये हो रहा है तो मेरा ओवरऑल जो मेरा ट्रेंड जो डायरेक्शन होगा वो अपसाइड पे होगा। अगर वन ऑवर पे भी चीज़ मैच हो रही है तो गुड इनफ। मुझे समझ में आ रहा है कि 1 एच पे और वन डी पे मतलब वन डे पे और वन ऑवर पे दोनों में मार्केट डायरेक्शन अप है। तो मुझे क्या करना है? मुझे अप साइड ट्रेड करना है सिंपल। ओके? इवन इफ अगर 15 मिनट पे या 5 मिनट पे डाउन साइड ट्रेड आ रहा है मैं डाउन नहीं करूंगा। मैं अप ही ट्रेड प्लान करूंगा। ओके? मेरा क्योंकि मुझे अपना डायरेक्शन बड़े वाला मिल गया है कि मुझे कहां ट्रेड करना है। समझ गए? अब यहीं पर मार्केट लेट्स से अब मार्केट ने एक लो बनाया और अब अगला मार्केट ना इस हाई को क्रॉस नहीं कर पाई। अब मार्केट ने क्या किया? एक लोअर हाई बना दिया और फिर मार्केट ने एक लोअर लो बना दिया। तो अभी मार्केट ने क्या किया? हायर हाई, हायर लो बना रही थी। अभी मार्केट ने क्या कर दिया? लोअर हाई बना दिया और लोअर लो बना दिया। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब यह है कि मार्केट में कुछ चीज बदल गई है। जो पार्टी पहले आ रही थी बाय करने के लिए वो पार्टी अब शायद थक गई है या वो इस लेवल पे इंटरेस्टेड नहीं है। एक सीधा एग्जांपल देता हूं। अगर आप iPhone लेने जाते हैं। अगर आज iPhone ₹1,9,000 का है। ड्यू टू समथिंग iPhone एकदम से ₹1,15,000 के हो जाते हैं। तो अब इनको वही लोग लेंगे जिनको नीड है या जिन जिनको आज चाहिए जिनमें सब्र नहीं है। वही लोग इन प्राइसेस में लेंगे। यहीं पर अगर एक Flipkart की सेल आ जाती है या किसी और ब्रांड की सेल आ जाती है और वहां पर यही iPhone 70,000 80,000 के हो जाते हैं तो जिनके पास पैसे भी नहीं है वो भी यहां वहां का जुगाड़ करके उसको खरीदने की कोशिश करेंगे क्योंकि उस टाइम में उनको वैल्यू फॉर मनी लग रहा है। सेम चीज यहां पर भी है कि बाजार जब टॉप पे होता है अगर वहां पर बायर नहीं है कोई तो उसका मतलब वहां पर इस टाइम पे मेन जो मास है वो अवेलेबल नहीं है बाय करने के लिए वो लोअर लेवल्स ढूंढ रहा है। ठीक है? तो यही है कि मार्केट लोअर लेवल्स ढूंढने आ रही है फॉर एक्सेप्टेंस। क्लियर है? तो उससे हमें ट्रेंड क्लियर हो जाता है कि मार्केट क्या कर रही है। मार्केट एक अ जब तक एक हमें मूव नहीं मिलता मार्केट अभी एक डाउन ट्रेंड में है और जैसे ही प्राइस दोबारा लो मारना बंद कर देती है और फिर हायर हाई मारने लग जाती है तो उसका मतलब मार्केट वापस से ट्रेंड में आने लग गई तो आप देख सकते हैं यहां पर क्या हुआ मार्केट यहां डाउन ट्रेंड में थी यहां पर अप ट्रेंड में आ गई तो इस तरीके से ना मार्केट पूरे टाइम घूमती रहती है अप ट्रेंड से लेके डाउन ट्रेंड फिर दोबारा अप ट्रेंड फिर डाउन ट्रेंड ऐसे मार्केट चलती रहती है पूरे टाइम तो आपको डायरेक्शन समझना है अगर अप है तो अप ट्रेड करेंगी डाउन है तो आप डाउन ट्रेड करेंगे क्लियर है तो डायरेक्शन वाला पार्ट इज क्लियर। आ जाते हैं स्ट्रेटजी वाले पार्ट पे। स्ट्रेटजी क्या होने वाली है आपकी? दोस्तों वीडियो में आगे बढ़ने से पहले एक बात समझना बहुत जरूरी है। बहुत सारे ट्रेडर्स को लगता है जैसे वो क्रिप्टो मार्केट्स में ट्रेड लेते हैं। मार्केट तुरंत उनके अगेंस्ट चलने लगती है और शायद आपने भी ये चीज फील की होगी। लेकिन ये कोई कोइंसिडेंस नहीं है। यह लिक्विडिटी का गेम है जो इंस्टीट्यूशन ट्रेडर्स प्ले करते हैं। और इसमें आपके स्टॉप लॉसेस, पैनिकिक एग्जिट्स एंड ओवर लेवरेज पोजीशंस ही उनके लिए लिक्विडिटी बनती है। एंड मैं भी इस ट्रैप में फंसा था एंड मैंने काफी लॉसेस भी किए। और जब मैंने इंस्टीट्यूशन ट्रेडर्स का लॉजिक समझा और उनकी डायरेक्शन में ट्रेड करना शुरू किया तब चीजें बदलना शुरू हो गई। सो दोस्तों अगर आप भी सेम गलती रिपीट नहीं करना चाहते हो तो मैंने अब सर्च पे बनाया है एक कोर्स जिसमें आप सीखोगे कि मार्केट कब बाय एंड सेल मोड में जाता है। लिक्विडेशन मैप के थ्रू आप किस तरीके से हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप्स ढूंढ सकते हैं और एक रूल बेस्ड इंट्राडे स्ट्रेटजी विद प्रॉपर एंट्री एंड एग्जिट। तो ट्रेडर्स जब तक आप लिक्विडिटी को नहीं समझते मार्केट आपको लॉसेस के थ्रू सिखाता रहेगा। इसीलिए डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक को जरूर चेक करो और इंस्टीट्यूशन के लॉजिक के साथ ट्रेड करना शुरू करो। चलिए अब वापस चलते हैं अपनी स्ट्रेटजी पर। आप 50 मूविंग एवरेज डालेंगे, आप 20 मूविंग एवरेज डालेंगे एक्सपोनेंशियल और आप 10 मूविंग एवरेज डालेंगे। तो गेम प्लान क्या है? इफ प्राइस इज़ बिलो 50 ईएमए तो आप बस शॉर्ट के बारे में सोचेंगे। अब यहां पर हम जो टाइम फ्रेम यूज़ करेंगे अगर आप बिगिनर हैं एक तो आई वुड सजेस्ट कि आप टाइम फ्रेम यूज़ करें मिनिमम टू मिनिमम 15 मिनट्स। 15 मिनट से आप नीचे ना जाए। ठीक है? 5 मिनट 1 मिनट में पॉइंट क्यों नहीं है क्रिप्टो मार्केट में काम करने का? बिकॉज़ यह 24 घंटे की मार्केट है। 1 मिनट 5 मिनट बहुत छोटा टाइम फ्रेम। आप स्कैल्पिंग इस मार्केट में करेंगे तो आप कॉल्स देते रह जाएंगे। कोई फायदा नहीं है। तो बेटर ये है कि हम लोग थोड़े बड़े टाइम फ्रेम पे काम करें। तो मेरा सजेशन होगा कि 15 मिनट 30 मिनट में आपको एक टाइम पकड़ लीजिए। 30 मिनट्स और 15 मिनट्स टोटली अप टू ये दोनों अच्छे टाइम फ्रेम्स हैं। तो आप इनमें से कोई एक टाइम फ्रेम पकड़ लीजिए। ओके? धीरे-धीरे आपको वन ऑवर टाइम फ्रेम पे जाना है क्योंकि जो बड़े ट्रेड्स मिलते हैं, राइडिंग ट्रेड्स मिलते हैं जिसमें आप चार-चार पांच-प दिन होल्ड करते हो और एक बड़ा प्रॉफिट बनता है वो आपको वन ऑवर के टाइम फ्रेम पे मिलता है। ओके? तो पहले आप 15 30 मिनट पे थोड़ा प्रैक्टिस करिए कि आपकी हिम्मत खुले एंड आप धीरे-धीरे वन ऑवर टाइम फ्रेम पे शिफ्ट करें जहां पर आप बड़े ट्रेड्स होल्ड कर सकें। ओके? तो ये सिस्टम हो गया। तो अब आपको क्या समझ में आया? आपको यह समझ में आया कि अगर प्राइस 50 ईएमए के नीचे है तो हम लोग शॉर्ट करेंगे और अगर प्राइस 50 एमए के ऊपर है प्राइस इज़ अबव 50 ईएमए तो आप क्या करेंगे? आप लॉन्ग करेंगे। ये चीज़ बिल्कुल एब्सोल्यूट क्लियर हो गई है कि आपने कब काम करना है। तो यहां पर जो येलो लाइन है ये आप देख सकते हैं 50 ईएमए क्या है? ये वाली लाइन है येलो लाइन। ठीक है? तो प्राइस अगर येलो लाइन के नीचे है 30 मिनट के टाइम फ्रेम पे। तो हम लोग क्या करने वाले हैं? मैं यहां 30 लेके चल रहा हूं। बाय डिफ़ॉल्ट 30 मिनट के टाइम फ्रेम पे अगर प्राइस नीचे हो तो आप क्या करेंगे? आप सेल ही देखेंगे। आप लॉन्ग देखेंगे ही नहीं। ठीक है? अभी कहां करना है, कैसे करना है, वह समझाऊंगा। पहले यह बेसिक रूल है। कोई भी नीचे आप कुछ नहीं करने वाले। को कोई से भी लिक्विडी लिक्विडिटी का गैब हो, स्वीप हो, पहला स्टेप होता है कि आपने यह फॉलो करना है। बाद में हम धीरे-धीरे अपने सिस्टम को ट्वीट करते हैं लिक्विडेशंस के लिए। क्योंकि लिक्विडेशन अगर आपने सीख ली, तो आपका सिस्टम बुलेट प्रूफ हो जाता है। ओके? यह सिस्टम हो गया। अब नेक्स्ट स्टेप क्या होता है? नेक्स्ट स्टेप होता है जो दूसरी मूविंग एवरेजेस हैं 10 एंड 20 उसका क्या रोल है? देखो मुझे यह समझ में आ गया कि मार्केट 50 मूविंग एवरेज से नीचे है तो मैं सेल करूंगा ऊपर है तो बाय करूंगा। ये तो बड़ा टाइम फ्रेम हो गया। अब छोटे में भी मुझे कुछ चाहिए कि मैं वहां पर एक सिस्टम बना सकूं और मैं उसके बेसिस पे ट्रेड कर सकूं। ओके? तो मैं क्या करने वाला हूं? अगर 10 मूविंग एवरेज 20 के ऊपर है और यह दोनों के दोनों 50 मूविंग एवरेज के ऊपर है, तो मैं बाय करूंगा। ठीक है? क्लियर है? उसके बाद अगर 50 मूविंग एवरेज 20 से ऊपर है और 20 10 से ऊपर है तो मैं क्या करूंगा? मैं सेल करूंगा। प्रीटी सिंपल। अब यहां पर ट्रिक क्या है? ट्रिक ये है कि मुझे जो बाइंग करनी है वो मुझे करनी है पुलबैक पे। ठीक है? पुलबैक किस टाइप का होना चाहिए? मार्केट मान लो ऐसे ट्रेंड कर रही है। ऐसे ट्रेंड कर रही है मार्केट। ऐसे ट्रेंड कर रही है। मैं चज़िंग नहीं करूंगा। मुझे चाहिए कि मार्केट एक पुलबैक दे मूविंग एवरेज तक का। वहां पर सम सॉर्ट ऑफ डब्ल्यू पैटर्न बनाए या बुलिश एंगल्फिंग बनाए या मॉर्निंग स्टार पैटर्न बनाए ऐसा कुछ भी बनाती है। मैं वहां पर बाइंग प्लान करूंगा और टारगेट प्रीवियस हाई है उसके ऊपर जो भी मेरे 1:2 1:3 जो भी टारगेट मिलेगा मैं उसको टारगेट करने वाला हूं। मेरा इतना सिंपल सा सीन होता है। बट मुझे पुलबैक चाहिए। अब मैं आपको चार्ट में समझाता हूं कि पुलबैक का मतलब क्या है? अगर आप यहां देखेंगे अगर मैं थोड़ा सा ज़ूम इन करता हूं एंड आई विल विल मेक यू अंडरस्टैंड। देखिए अगर आप यहां पर देखते हैं। प्राइस क्या कर रही है? प्राइस ने यहां पर ड्रॉप दे दिया। आप देख सकते हैं इससे पिछले वाले दिन पे भी येलो वाली लाइन पे ट्रेंड नहीं आ रहा। प्राइस ऐसे ही साइड साइड ही घूम रही है। ठीक है? आप देख रहे हो ऐसे ही घूम रही है। यहां पर प्राइस ने एक डाउन ट्रेंड दिया। अब आप देखो एक पुलबैक आया। एज़ यू कैन सी पुलबैक आया। अब ये तीन कैंडल का जो कॉम्बिनेशन है ये क्या बन रहा है? ये सम सॉर्ट ऑफ़ आपका एक इवनिंग स्टार कैंडल बन रही है। क्योंकि हम शॉर्ट जाने का प्लान कर रहे हैं। मॉर्निंग स्टार बनती है लॉन्ग के लिए। इवनिंग स्टार बनती है शॉर्ट के लिए। ठीक है? अगर और बड़ी कैंडल होती तो और एग्जैक्ट बन जाता। बट हम एक आसपास का लेके चलते हैं। ठीक है? तो हमने क्या किया? हमने यहां पर शॉर्ट बनाया। स्टॉप लॉस 50 मूविंग एवरेज के ऊपर रहेगा। ठीक है? बफर देके रखेंगे हमेशा हम। आप देख सकते हैं प्राइस ने धीरे-धीरे अपटे देने की कोशिश की। अल्टीमेटली नीचे आ गई। फिर दोबारा कोशिश की ऊपर जाने की। यहां पर देखो सम सॉर्ट ऑफ़ बेरिश एंगल्फिंग बनाने की कोशिश कर रही है। फिर प्राइस नीचे आ गई। तो बार-बार प्राइस क्या कर रही है? जब ये मूविंग एवरेज के पास जा रही है और सम सॉर्ट ऑफ़ बेरिश एंगल्फिंग और ये सब चीजें बना रही है। तो प्राइस क्या कर रही है? ड्रॉप कर रही है एकदम से। तो हमारा काम क्या हमें यही ढूंढना है। अब आप में से काफी लोगों का सवाल आता है कि बाजार जब ये ऐसे साइडवेज हो जाता है तब हम लोग क्या करें? ठीक है? ये सवाल आता है। प्रॉब्लम ये होती है कि आप में से ना काफी लोग ना इस टाइम पे ना ट्रेड्स ढूंढ रहे होते हैं जबरदस्ती। हमें ढूंढना नहीं है। हमारा काम क्या है? प्राइस नीचे आई। यहां पर प्राइस ने डिप लेके नीचे निकलना है। क्या यह चीज़ हो रही है यहां पर? यहां तक तो नहीं हुई थी। अगले दिन प्राइस ने क्या किया? सेम चीज़ ऊपर गई और धीरे-धीरे यहां से डिप लेके नीचे ज गई। यह यहां पर हमारी एंट्री आ गई। तो, मोस्ट ऑफ़ द टाइम्स वी आर ट्राइंग टू फाइंड एन एंट्री। तो, हमें वह नहीं करना। हमें थोड़ा रिलैक्स करना है और हमें जहां पर हमें मौका मिल रहा है, वह काम करने वाले हैं। ठीक है? अभी मैं आपको एक टाइमिंग का भी सीन बता दूंगा। पहले मैं आपको रूल्स बता देता हूं। आप यहां पर देख लो प्राइस क्या कर रही है? एज़ यू कैन सी प्राइस ऊपर जा रही है। ठीक है? अब आप देखो ये मूविंग एवरेज से थोड़ा दूर है। 50 मूविंग एवरेज से थोड़ा दूर है। हमारी कोशिश क्या होती है? ये मूविंग एवरेज सबके आसपास कुछ एंट्री मिल जाए जिससे हमें डिस्काउंट एंट्री मिल जाए। कुछ अच्छी सी। प्राइस क्या कर रही है? प्राइस नीचे जा रही है। ठीक है? यहां पर प्राइस ने क्या किया? प्रीवियस एसएल हंटिंग करी। यहां पर आप देखो। ठीक है? फिर धीरे-धीरे यहां पर प्राइस ने बुलिश एंगल्फिंग कैंडल इसे बनाया। आप यहां पर बाइंग प्लान कर सकते हो या अगले दिन बाय प्लान कर सकते हो। प्राइस क्या कर रही है? प्राइस ऊपर जा रही है। समझ गए? तो इसी टाइप के बार-बार ट्रेड्स बनते रहेंगे। जब भी मार्केट साइडवेज होती है। देखो यहां पर देखिए आप। यहां पर क्या कर रही है मार्केट? जब तक मार्केट यह देखिए प्राइस ऊपर गई डिप लिया उसने। बुलिश एंगल्फिंग बनाई ट्रेड ठीक है प्राइस नीचे गई बुलिश एंगल्फिंग काइंड ऑफ पैटर्न बनाया ऊपर गई यहां पर क्या हुआ यहां पर मार्केट ने फेलियर दे दिया मोस्ट प्रोबब्ली आप कॉस्ट टू कॉस्ट निकलोगे आपका एसएल जाएगा आप निकल गए उसके बाद से आप देखो हमें क्या चाहिए हमें चाहिए सम सॉर्ट ऑफ़ पुलबैक चाहिए अगर हमें पुलबैक मिल जाता तो हम लोग ट्रेड लेंगे तो आप देखो हमें यहां पर एक पुलबैक मिल गया मूविंग एवरेज के पास हमने यहां पर ट्रेड उठाया हमारा स्टॉप लॉस लगभग यहां पर था ठीक है ना प्राइस ने क्या किया प्राइस ने हमारा स्टॉप लॉस यहां पर कट कर दिया फिर दोबारा से प्राइस यही चीज कर रही है। फिर हमने दोबारा यहां पर बाइंग की। स्टॉप लॉस नीचे रखा। अल्टीमेटली हमने पैसे बना दिए। तो क्या हुआ? एक बार हमने ट्रेड लिया। ठीक है? तो यहां पर हम कॉस्ट टू कॉस्ट गए। फिर हमने दोबारा एक ट्रेड लिया यहां पर अगले दिन। ठीक है? यहां पर क्या हुआ? एक मार्केट ने मूव नहीं दे पाई मार्केट। ठीक है? ऊपर निकली। हमने एक कॉन्ट्रा ट्रेड लिया क्योंकि हमें दिख रहा है कि मूविंग एवरेजेस के ऊपर अब टिकने लग गई है। सब चीजें होने लग गई। हमने ट्रेड लिया। हमने पैसे बना लिए। तो हम लोग क्या कर जब ये स्पेसिफिक कंडीशन आ रही है ना हम तभी काम कर रहे हैं। अब आप लोगों को यह पता होगा कि जो यह 24 घंटे की मार्केट है इसका एक सबसे बड़ा इशू क्या होता है कि इसमें लोगों को समझ में नहीं आता कि ट्रेड कब करना है। तो मैं अभी आपको ना एक आसान भाषा में चीज समझा देता हूं कि आप ट्रेड कैसे करने वाले हैं। आपको ना इसको मार्क करना है सेशंस के बाद। तो इस मार्केट में तीन सेशन होते हैं। एशिया सेशन, लंदन सेशन और न्यूयॉर्क सेशन। ओके? तो जो लंदन सेशन है सॉरी एशिया सेशन है वो सुबह 5:30 से लेके लगभग आपका 2:30 तक चलता है। ठीक है? तो हम लोग क्या करेंगे? 2:30 तक ऐसे ग्रीन कैंडल मार्क कर देंगे। हमें पता है ये यहां तक का ये जो फज़ है ना ये हो गया आपका एशिया सेशन। उसके बाद नेक्स्ट फज़ आता है आपका लंदन सेशन। वो आपका लगभग अ एक से आपका शुरू होता है और वो आपका चलता है अराउंड 10:00 बजे तक। रात को 10:00 बजे तक चलता है आपका वो। यह यहां पर एक सेकंड यहां तक 10:00 बजे तक इसको मैं येलो कर लेता हूं। इसको मैं येलो कर लेता हूं तो आपको पता रहेगा। फिर हमारा शुरू होता है न्यूयॉर्क सेशन 8:00 बजे। ठीक है? यह समर्स में 7:00 बजे शुरू होता है। और लंदन सेशन जो है वो 12:30 शुरू होता है। ठीक है? तो एक-ए घंटा शिफ्ट हो जाता है। तो इसको मैं ब्लू कर लेता हूं। लाइट ब्लू। ठीक है? और यह आपका बंद होता है अराउंड 230। तो, आप देख सकते हैं आपके पास फसेस आ गए। अंडरस्टैंड? यह ऐसे करके ना आपके पास फेसेस आ गए हैं। मार्केट बट गई है इन फसेस के अंदर। तो, जब आपको फेसेस मिल जाता है ना, आप अगर उन फेसेस में काम करेंगे, ट्रैप्स बनते हैं, लिक्विडेशंस बनती हैं। सब चीजें बनती हैं, तो आप उसमें काम करते हैं। ठीक है? तो लिक्विडेशन एक बहुतेंट कांसेप्ट होता है। अगर आप लिक्विडेशन ढंग से पढ़ लो तो आपके लिए बहुत इजी होता इजी हो जाता है। आप प्राइसेस को ढंग से पढ़ पाते हैं। बट दैट इज़ फॉर अ डिफरेंट डिफरेंट डे डिफरेंट टॉपिक। बट अभी सिंपल स्ट्रेटजी सिंपल चीज को आप आगे फॉलो करेंगे। एंड दैट्स इट। बार-बार डे एंड डे आउट आपको उसी पैटर्न को रिपीट करना है। अपने डज़ बांट लीजिए। एशिया सेशन जो होता है वह बहुत कम वोलेटिलिटी का होता है। ईजी होता है काफी। तो आप उसको ट्रेड कर सकते हैं। आपको थोड़ा गोल्ड ट्रेड करना है तो आप लंदन सेशन को ट्रेड कर सकते हैं। ठीक है? अगर आपको क्रिप्टो गोल्ड जो भी ट्रेड करना है आप न्यूयॉर्क ट्रेड करेंगे उसमें आपको वोलेटिलिटी ज्यादा मिलेगी। उथल-पुथल ज्यादा होगी। तो अगर आपके पास कैपिटल कम है तो उस सेशन को आप थोड़ा अवॉइड कर सकते हैं। उसमें क्वांटिटी कम में ट्रेड कर सकते हैं। ओके? इस तरीके से अगर आप मार्केट को देखेंगे तो एक सिंपल सिस्टम आपके पास आ गया है जिसको आप डे एंड डे आउट आराम से यूज़ कर सकते हो। आपको ध्यान एक चीज़ का रखना है जो मैं बार-बार रिपीट कर रहा हूं। रिस्क का। रिस्क बहुत इंपॉर्टेंट है। लेवरेज देख के यूज़ करिएगा। आंख बंद करके कोई भी लेवरेज लेने की ज़रूरत नहीं है। आपको लेवरेज वही लीजिए जो आप हैंडल कर सकते हैं। ठीक है? तो यहां पर भी आप देख सकते हैं 50x मार्जिन हो रखा है। ठीक है? आपको BTC जो भी ट्रेड करना है आपको समझना होगा एक चीज़ कि अगर आप लेट्स से आप वन BTC ट्रेड कर रहे हो। ठीक है? मतलब BTC का 10% आप ट्रेड कर रहे हो। एक BTC का 10% आप ट्रेड कर रहे हो। अगर आपका स्टॉप लॉस लेट्स से आपका स्टॉप लॉस है 800 पॉइंट्स का। ठीक है? तो आपका जो स्टॉप लॉस है वह आ गया अराउंड $80 का। $80 का अगर आपका स्टॉप लॉस है आप ले सकते हो? नहीं ले सकते हो उसको और आधा करो। 0.05 लीजिए। क्वांटिटी डिसाइड करिए। लेवरेज सब कुछ नहीं है। लेवरेज तो बस आपको एक्सेस दे देगा कम पैसे में एक अमाउंट उठाने का। बट वो देखिए वो जो हम अमाउंट जब उठा रहे हो तो स्टॉप लॉस मैच कर रहा है उससे। अगर स्टॉप लॉस मैच नहीं कर रहा आपके रिस्क के साथ तो कृपया मत उठाइए। ओके? तो ये छोटी सी चीज़ है। इसका ध्यान रखिए। क्रिप्टो मार्केट्स में आपको लेवरेज मिलती है जो कि बहुत अच्छी चीज़ है बट उसका मतलब यह नहीं है कि आप रैंडमली ट्रेड करेंगे। ओके? आई होप दिस हेल्प्स। वीडियो अच्छी लगी तो लाइक शेयर करना ना भूलिएगा। मिलते हैं अगली वीडियो में।

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