From Losses to Profits: My Winning Strategy Revealed | Ft. Darshan Rathod — backtested on Indian market data | FakeTrades
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From Losses to Profits: My Winning Strategy Revealed | Ft. Darshan Rathod

Analysed 01 Aug 2026, 03:59 PM IST
★★★½☆ 3.5 / 5

Why 3.5/5? (stars grade the EDGE — per-trade expectancy, consistency, drawdown — not the headline return)

  • Strong per-trade edge: +0.31R expectancy across 3,872 trades
  • Only 36% of trades win — the rare big winners must keep showing up
  • 4 of 9 tested years were negative (2018, 2022, 2025, 2026) — the edge is regime-dependent
  • Max drawdown -21% on the ₹2L portfolio — the compounded return came with deep pain along the way

Verdict

Auto-backtested. AI-decoded: Podcast discusses multiple trading systems (mean-reversion RSI-based and opening-range breakout), but primary focus is on portfolio/multi-system approach rather than a single backtestable archetype; t Ran on 159 large/mid-caps, real costs. 3,872 trades, win 36%, payoff 2.77, expectancy +0.31R/trade (avg +1.76%/trade).

This is a real edge. The payoff is convex (winners run well past the average loser). Reasonably consistent (56% of years positive).

Mechanically decoded from the transcript and scored from the metrics. Flagged for human review; a hand-vetted verdict can override it.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?

🔴 Live forward test (no hindsight — only trades the rules fired AFTER we published this verdict)

Tracking since 2026-07-06 — no qualifying signals have fired yet. The engine re-checks every night on fresh data; results appear here the day the rules trigger.

Is it profitable? (green above the line = made money, red below = lost it)

₹2,00,000 portfolio (max 5 positions, across the stock universe — real delivery costs)

Return+183.6%
CAGR+14.1%
Max drawdown-20.9%
Trades323 · 117 won
₹200,000 → ₹567,295  ·  2018-07-09 → 2026-06-08
201820192020202120222023202420252026
+20%+0%+41%+37%+11%+14%+1%-6%+2%

Simulated on the 159 large/mid-cap universe. Capital-constrained, daily mark-to-market.

Year by year (every trade the rules fired, across the tested stocks)

YearTradesWin %ExpectancyAvg return / trade
201824932% -0.21R -1.52%
201944135% +0.08R +0.41%
202040953% +1.18R +10.33%
202139940% +0.44R +2.50%
202257429% -0.05R -0.60%
202350546% +1.30R +5.60%
202448827% +0.09R +0.11%
202552730% -0.09R -0.75%
202628028% -0.21R -1.25%

Where this strategy made & lost money (the full stock-by-stock breakdown — 158 stocks, incl. 2026)

#StockTradesWin%Avg/tradeBestTotal2026
1 ████████ 2138% +3.7% +47% +78% +47%
2 ████████ 2741% +9.3% +95% +250% +44%
3 ████████ 2421% +0.8% +43% +20% +38%
4 ████████ 2741% +22.6% +182% +610% +37%
5 ████████ 2540% +8.6% +83% +214% +36%
6 ████████ 2843% +5.0% +66% +139% +33%
7 ████████ 2536% +2.6% +68% +66% +27%
8 POLYCAB free peek 2255% +7.6% +55% +166% +24%
9 ████████ 1020% -1.3% +23% -13% +23%
10 ████████ 2658% +13.7% +178% +357% +19%
11 ████████ 1533% +4.6% +53% +70% +18%
12 ████████ 2748% +3.7% +42% +99% +14%
13 ████████ 2631% +3.2% +68% +83% +14%
14 ████████ 2532% +1.5% +53% +37% +14%
15 ████████ 2730% -1.5% +17% -41% +14%
16 ████████ 2839% +3.4% +58% +96% +13%
17 ████████ 2454% +2.8% +21% +68% +12%
18 ████████ 2638% +5.4% +75% +139% +10%
19 ████████ 2945% +1.8% +33% +53% +10%
20 ████████ 2635% +1.9% +40% +49% +10%
21 ████████ 838% +2.6% +37% +21% -24%
22 ████████ 2646% +6.2% +55% +161% -22%
23 ████████ 2250% +1.5% +26% +32% -18%
24 ████████ 3030% +0.3% +56% +9% -17%
25 ████████ 2528% +0.4% +30% +11% -16%
26 ████████ 2236% +2.3% +45% +51% -16%
27 ████████ 3033% +2.1% +38% +63% -16%
28 ████████ 2924% -0.3% +36% -9% -15%
29 ████████ 2730% -0.2% +49% -4% -15%
30 ████████ 2352% +7.9% +97% +182% -15%
You can see the numbers — see the names. Unlock every stock in this breakdown and download it as Excel. The worst stock in this table returned -41% under these exact rules — one wrong pick costs many times the unlock.

Educational backtest output only — not investment advice or a recommendation to buy/sell any security. AI-generated from stored historical data; not 100% accurate. Past performance is not indicative of future results.

On the index (same rules applied to NIFTY & BANKNIFTY)

IndexTradesWin%Expectancy (R/trade)Avg return/trade
NIFTY4045% +0.67R +1.61%
BANKNIFTY4144% +0.46R +1.39%
Full transcript (8460 words)
आप एक घर में फंसे हो। घर आपको बहुत सुंदर लग रहा है बट घर में आग लगी है। अब आप क्या करोगे? आप वो सुंदरता देखोगे या भागोगे? राइट? तो स्ट्रेटजी आपके पास है। आपको नहीं पता कि वो स्ट्रेटजी कैसी है। वो स्ट्रेटजी के ऊपर कन्विक्शन नहीं है। बिकॉज़ आपको उसका बैक टेस्ट रिजर्व्स नहीं पता है। दिस शुड बी माय एंट्री पॉइंट। यहां पे मैं एंट्री करूंगा। ये जो कैंडल है वो क्लोज हो गई है। अब हम हमारे दूसरे ट्रेडिंग सिस्टम के ऊपर आते हैं जो कि बहुत सिंपल है। आज हमारे साथ है मिस्टर दर्शन राठौड़। अ वेरी वेल नोन ट्रेडर, स्टॉक मार्केट कोच एंड मेंटोर। और अपने 10 साल के ट्रेडिंग करियर में इन्होंने जहां ₹50 लाख के लॉस से शुरू किया था वहां पर आज ये ₹200 करोड़ से ज्यादा की कैपिटल पे अपनी स्ट्रेटजीज़ रन करते हैं। तो चलिए सीखते हैं वो स्ट्रेटजी जो सर ने खुद यूज़ की अलोंग विद द बैक टेस्ट रिजल्ट्स। अगर आपका 50,000 का कैपिटल है और उसमें से 25,000 का लॉस हो जाता है। आपको कितना दर्द होगा? होगा। अब आपके पास 50 करोड़ का कैपिटल है और उसमें से 25 करोड़ उड़ जाता है तब आपको कितना दर्द होगा? आपका फेवरेट इंडिकेटर कौन सा है? सब में से कोई एक इंडिकेटर अगर सेलेक्ट करना पड़े, तो दैट इज बेसिकली द सुपर चैन। बाप रे। यह तो बहुत कॉन्ट्राडिक्शन हो रहा है, सर। वन लास्ट क्वेश्चन। आप जो स्ट्रेटेजीस यूज करते हो और जो स्ट्रेटजी पढ़ाते हो उनमें क्या फर्क है? नहीं उसको एक पानी पी के बताता हूं। सो हाय सर। वेलकम टू अपs पडकास्ट। एंड बहुत एक्साइटेड हूं मैं आज इस कन्वर्सेशन के लिए। और सबसे इंटरेस्टिंग बात जो इस पूरी कन्वर्सेशन की मैं रखने वाला हूं, आप अपनी जर्नी के बारे में जो बता रहे थे, आपने कहा कि ₹50 लाख का लॉस आपने अपने इस जर्नी के इनिशियल इयर्स में किया। वहां से आज तक जो आपका 200 करोड़ का एसेट अंडर मैनेजमेंट है। कोई तो ऐसी मैजिकल स्ट्रेटजी रही होगी आपके पास जिससे आपने ये ये जो ये चार्ट है अपना इसको इतना एक्सपोनशियली ग्रो किया है। सो, इस पूरे पॉडकास्ट के अंदर मुझे यह तो जानना ही है। एंड वो स्ट्रैटजी जानने से पहले, आई वाज जस्ट टॉकिंग टू यू इस शूट से पहले, और आपने एक बड़ी इंटरेस्टिंग चीज मुझसे कही थी कि यह जो पूरा लॉजिक है एक स्ट्रेटजी वाला इस पे मैं बिलीव नहीं करता। अब जितने हम YouTube वीडियोस वगैरह देखते हैं, अलग-अलग लोगों को सुनते हैं, दे यूजुअली से दिस कि एक स्ट्रेटजी को मास्टर करो, एक इंडिकेटर को मास्टर करो, एक लॉजिक को मास्टर करो, एक स्टाइल ऑफ एनालिसिस को मास्टर करो। एंड दैट विल मेक यू मनी। एंड व्हाट यू सेड वाज़ कॉन्ट्राडिक्ट इंटू दैट पॉइंट। आई रियली वांट टू नो दैट लॉजिक फ्रॉम यू कि उसका क्या लॉजिक था कि एक स्ट्रेटजी से काम नहीं चलेगा। एंड आप कितनी स्ट्रेटजीस यूज़ करते हैं अपने पर्सनल ट्रेडिंग के अंदर। दैट्स द फर्स्ट क्वेश्चन फॉर यू। सो थैंक यू सो मच अंश फॉर होस्टिंग मी। आवर प्लेजर सर। अभी आप एक चीज देखो। आप एज अ इंस्टिट्यूशन को देखो या कोई हैच फंड को देखो। सबसे पहले हम स्टार्ट करते हैं सीबी के डेटा के ऊपर से। ठीक है? 100 में से 97% एफपीआई एफपीआई एल्गोस क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग फर्म या जो प्रोपराइटरी ट्रेडिंग फर्म जो है वो 100 में से 96 या 97% जो फर्म्स है वो पैसे बनाती है। इट मींस वो कुछ ना कुछ अलग कर रहे हैं। उसके पास कुछ एज है जिसकी वजह से वो मार्केट्स में प्रॉफिट जनरेट करती है। ट्रू। जब आप वो देखते हो और समझते हो कि वो क्यों रिटर्न्स जनरेट कर पा रही है मार्केट से। तो द नंबर वन रीज़न इज़ दैट कि वो किसी एक ट्रेडिंग सिस्टम के ऊपर डिपेंडेंट नहीं रहते। वैसे द अगर आप किसी भी ट्रेडर को देखो तो वो एक ही स्ट्रेटजी में अपना पूरा कैपिटल डिप्लॉय कर देता है। वो स्ट्रेटजी का रिस्क क्या है उसको पता नहीं होता। मोस्टली लेट्स से ऑप्शन बाय करते हैं तो ऑप्शन बाइंग में अपना पूरा कैपिटल डाल देते हैं। अब ऑप्शन बाइंग इज़ अ वेरी रिस्क रिस्की इंस्ट्रूमेंट। वहां पे आपका 100% भी लॉसेस होने के चांसेस हैं। ट्रू। और उसके कंपैरिजन में जब आप एज अ इंस्टिट्यूशन को देखो तो वो मल्टीपल नंबर ऑफ ट्रेडिंग सिस्टम जो है वो यूज करते हैं अपने ट्रेडिंग के लिए। हम अभी जैसे देखो अगर आप क्रिकेट प्ले करते हो तो वो एक पर्सन का सिर्फ गेम नहीं है। वो गेम है फॉर अ टीम जहां पे आपके पास बैट्समैन होगा, बॉलर होगा, विकेटकीपर होगा, एक स्पिनर भी होगा, ऑलराउंडर भी होगा। मिक्स ऑफ पीपल। तो वो मिक्स ऑफ पीपल जाके मैच को जिताते हैं। उसी तरीके से मार्केट्स में अगर आपके पास सिर्फ एक बेस्ट मैन है। आप सिर्फ मार्केट के ट्रेंड को कैप्चर करके पैसे बना रहे हो। आप सिर्फ ऑप्शन बाय करके पैसे बना रहे हो तो आपकी जो प्रोबेबिलिटी ऑफ प्रॉफिट है मार्केट से करने की वो बहुत कम हो जाती है। सो दैट इज व्हाई इंस्टीटशंस हैच फंड्स क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग फर्म्स एंड जो भी प्रॉफिटेबल ट्रेडर्स हैं जो बहुत बड़े कैपिटल के साथ ट्रेड करते हैं वो किसी सिंगल ट्रेडिंग सिस्टम में अपना 100% कैपिटल डिप्लॉय नहीं करते वो ब्रांचेस ऑफ ट्रेडिंग सिस्टम में अपना पूरा कैपिटल जो है वो डिप्लॉय करते हैं। अब रही बात मेरे कैपिटल के ऊपर मैं कितना स्ट्रेटजीस यूज़ करता हूं और कैसे है तो टोटल वी हैव अ मोर देन 25 प्लस ट्रेडिंग सिस्टम्स जिसको हम यूज़ करते हैं और हमारे कैपिटल के ऊपर डिप्लॉय करते हैं। 25 प्लस यस मोर देन दैट और उसमें भी बहुत सारी चीजें जो है वो रिसर्च होती जाती है। कुछ स्ट्रेटजीस ऐड होती है। कुछ स्ट्रेटजीस मार्केट से निकल जाती है। जैसे कुछ रेगुलेशन में चेंज आया। एक्सपायरी मार्केट से चली गई। तो सारी एक्सपायरी रिलेटेड ट्रेडिंग स्ट्रेटजीस जो है वो चली जाएगी। अब आप मान के चलो कि हमने कुछ ऐसी स्ट्रेटजी थी जो निफ़ी की प्रीवियस जहां पे थर्सडे निफ़ी की एक्सपायरी थी वहां पे प्रॉफिट दे रही थी। बट जैसे ही निफ़ी की ट्यूसडे एक्सपायरी शिफ्ट हुई तो वहां पे प्रॉफिट नहीं आ रहा वो स्ट्रेटजीस को तो वो स्ट्रेटजीस निकल जाएगी और उसकी जगह पे नई स्ट्रेटजीस जो अनकोरिलेटेड है वो स्ट्रेटजीज़ वहां पे ऐड होगी और सारी स्ट्रेटजीज़ अपने आप में अनकोरिलेटेड होगी। मतलब कि बेस्ट है दूसरे के कंपैरिजन में। अगर एक ट्रेडिंग सिस्टम ट्रेंड में पैसे बनाती है तो एक ट्रेडिंग सिस्टम नॉन ट्रेंड में पैसे बनाएगी। इट मींस कि जब ट्रेंड सिस्टम पैसे नहीं बना रही। जब एक ट्रेडिंग सिस्टम ट्रेंड में पैसे बना रही है और जब ट्रेंड जो है वो बेसिकली रिवर्स हो जाएगा तो वो ट्रेंड वाली सिस्टम को लॉस होगा तो वहां पे मेन रिवर्ज़ सिस्टम जो है वो पैसे बनाएगी। जब हाई वोलेटिलिटी होगी मार्केट्स में तो एक अलग टाइप की ट्रेडिंग सिस्टम्स जो है वो वर्क करेगी। जब मार्केट में लो वोलेटिलिटी होगी तो मार्केट में एक अलग टाइप की ट्रेडिंग सिस्टम जो है वो वर्क करेगी। तो मार्केट्स के ये सारे सिनेरियोस के लिए आपको एक ब्रांच ऑफ ट्रेडिंग सिस्टम को जो है वो क्रिएट करना है एंड उसको फिर अपने कैपिटल के ऊपर डिप्लॉय करना है ताकि मार्केट्स की कोई भी सिचुएशन हो आप विदाउट इवन वरी आप मार्केट्स को जो है वो आसानी से झेल पाओ। बिकॉज़ मार्केट यहां पे आपके लिए नहीं है, ना मेरे लिए है, ना वो आपको प्रॉफिट करने के लिए आया है, ना मुझे प्रॉफिट करने के लिए आया है। मार्केट्स इज़ रियली अ टफ गेम। बट अगर आप मार्केट्स को समझते हो, मार्केट्स की मतलब मूवमेंट्स को समझते हो, मार्केट्स के सारे सिनेरियोस को समझते हो और वो सारे सिनेरियोस को देख के उसमें स्ट्रेटजीस डिप्लॉय करते हो तो इवेंचुअली जहां मतलब आपका जो प्रॉफिट एंड लॉस कर्व है जहां पे कभी आपको 2 लाख का प्रॉफिट हो रहा है, कभी आपको 2 लाख का नुकसान हो रहा है। वो एक स्मूथ आपका इक्विटी कर्व बनेगा कि आप धीरे-धीरेधी मार्केट से पैसे बनाओगे। बट कंसिस्टेंट सी के साथ आप पीरियड बनाओगे। एक लॉन्गर पीरियड ऑफ़ टाइम तक आप मार्केट से जो है पैसे जनरेट करोगे। सो दैट इज़ अ अप्रोच टू मेक मनी फ्रॉम द मार्केट्स। एंड ये सेम अप्रोच मैं फॉलो करता हूं। एंड ये सेम ही अप्रोच मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि इस अप्रोच से आप डिफरेंट वेज़ से मार्केट्स को देख सकते हो एंड मार्केट से जो है वो रिटर्न जनरेट कर सकते हो एंड ट्रेड कर सकते हो। बट इसमें एक चीज़ सर और आती है कि 25 स्ट्रेटजीज़ मतलब गुड सेट ऑफ़ स्ट्रेटजीज़। बहुत सारे ट्रेडर्स लॉस इसलिए बना पाते हैं या बनाते हैं क्योंकि दे आर कॉन्सेंटली शिफ्टिंग फ्रॉम वन स्ट्रेटजी टू अनदर। यस। राइट? और ये चीज डेटा भी बोलता है और आप जैसे कहा कि 95% ऑफ द बिग प्लेयर्स आर मेकिंग मनी 97% बट व्हेन यू लुक एट द रिटेल ट्रेडर्स ये डाटा एक्जेक्टली ऑोजिट है। ऑोजिट चला जाता है। वहां पे 93% आर लूजिंग मनी। नो इन एफएनओ बट दे आर लूजिंग मनी। यस। तो जैसे बड़े प्लेयर्स आपने कहा कि दिस यूज़ अ सेट ऑफ स्ट्रेटजीस बट दूसरी तरफ हम रिटेलर्स को मना कर रहे हैं कि आप एक के ऊपर फोकस करो या आप कास्टेंटली जंप मत करो। सो व्हाट इज़ दैट वन डिफरेंस जो दोनों की अप्रोच में आ रहा है कि एक मल्टीपल स्ट्रेटजीस रखिए तो सही लेकिन दूसरा मल्टीपल स्ट्रेटजीज़ में जंप करे तो गलत। यस। तो अब इस चीज़ को ना इस तरीके से समझो कि यहां पे गेम हो जाता है कैपिटल का। अगर आपके पास कैपिटल कम है तो आप उसमें मल्टीपल ट्रेडिंग सिस्टम जो है वो बेसिकली कर ही नहीं सकते। आपके पास बहुत छोटा सा कैपिटल है। जब आपके पास कैपिटल बढ़ जाता है तो आप मल्टीपल ट्रेडिंग सिस्टम के ऊपर जो है वो जा सकते हो। जब आपका कैपिटल छोटा होता है तब आप अपने कैपिटल के ऊपर एक सिंपल एग्जांपल देता हूं। अगर आपका 50,000 का कैपिटल है और उसमें से 25,000 का लॉस हो जाता है। आपको कितना दर्द होगा? होगा। ठीक है? आपने अपने कैपिटल का 50% लॉस किया है। अब आपके पास 50 करोड़ का कैपिटल है और उसमें से 25 करोड़ उड़ जाता है तब आपको तो एक फंड मैनेजर इतने बड़े लॉस को कभी सहन नहीं कर सकता है क्योंकि वो एक दूसरे के पैसे मैनेज करता है या वो खुद के पैसे भी मैनेज करता है। तो जब आपका कैपिटल बढ़ता है ना तो आप अपने रिस्क प्रोफाइल को कम करना चाहते हो। अब हम आते हैं कोर आपके क्वेश्चंस के ऊपर कि क्या सही है, क्या गलत है? एक स्ट्रेटजी करनी चाहिए। मल्टीपल ट्रेडिंग सिस्टम करनी चाहिए। एग्जैक्टली एक रिटेल ट्रेडर को करना क्या चाहिए? क्वेश्चन हमारा ये है। करेक्ट। अब रिटेल ट्रेडर बेसिकली अभी क्या हो रहा है कि रिटेल ट्रेडर ने कहीं से भी एक स्ट्रेटजी देखी या किसी के भी कोई वीडियो देख लिया। कोई भी एक सिंपल ट्रेडिंग सिस्टम देख ली और वो जाके उसको यूज़ करने लगता है। राइट? उसे नहीं पता कि वो ट्रेडिंग सिस्टम कब लॉस देती है। करप्ट प्रॉफिट देती है। उसका बैक टेस्ट रिजर्व्स क्या है? पिछले पांच या सात साल में इस ट्रेडिंग सिस्टम का परफॉर्मेंस क्या रहा है? बजट डे में ये सिस्टम ने क्या परफॉर्म किया है? वॉर टाइप की सिचुएशन में ये ट्रेडिंग सिस्टम ने परफॉर्म क्या किया है। वो कुछ नहीं देखता। वो देखता है कि 5 6 7 ट्रेड में तो ये सिस्टम बहुत अच्छे से चल रही है और हर बार चली है तब उसने प्रॉफिट दिया है। ये सिस्टम तो बेस्ट है। पहली सिनेरियो ये है कि वो पता ही नहीं है उसको क्या है। ठीक है? सेकंड सिनेरियो बेसिकली यहां पे ये आ जाता है कि वो अपने रिस्क प्रोफाइल को ही नहीं समझ रहा है। आज अगर आप ट्रेड करने जा रहे हो या आप कोई भी एक बिनेस करने जा रहे हो। आपको पता है कि इस बिनेस में मेरा ₹1000 का नुकसान होने वाला है। ठीक है? आपके माइंड में यह है और आपको पता है कि यार अगर मेरा प्रॉफिट भी होगा तो वो भी समवेयर अराउंड ₹1000 का होने वाला है। ठीक है? ₹1000 से ज्यादा आपके रुपए जाने नहीं वाले। आपका जो टोटल कैपिटल है वो ₹10,000 का है। ठीक है? तो अब आप मेंटली ना प्रिपेयर हो कि आपका जो मैक्सिमम लॉस है वो ₹1000 का है। ठीक है? उससे ज्यादा मुझे लॉस नहीं होने वाला। वेयर एज इन अगर मैं आपकी स्ट्रेटजी यूज़ करता हूं, मैं किसी और की स्ट्रेटजी यूज़ कर लेता हूं, मुझे उसका रिस्क ही नहीं पता। जब मुझे रिस्क नहीं पता ना और मैं उतना लॉस देख लेता हूं और मेरी साइकोलॉजी में मैंने वो इतना बड़ा लॉस कभी देखा नहीं है या लॉस लेना सीखा नहीं है या मुझे नहीं पता कि ये स्ट्रेटजी में कब लॉस आ जाएगा और वो जब आता है तब मैं रिएक्शन करने के लिए जल्दी से स्ट्रेटजी में से एग्जिट कर लेता हूं या तो मैं ये बोल देता हूं कि यार ये तो काम ही नहीं करता। इट इज़ लाइक दिस कि आप एक घर में फंसे हो। घर आपको बहुत सुंदर लग रहा है। बट घर में सुंदरता देखोगे या भागोगे। राइट? तो स्ट्रेटजी आपके पास है। आपको नहीं पता कि वो स्ट्रेटजी कैसी है। आपके आपके वो स्ट्रेटजी के ऊपर कन्विक्शन नहीं है। बिकॉज़ आपको उसका बैक टेस्ट रिजर्व्स नहीं पता है। और जब वो नहीं पता है तो आप क्या करोगे? जल्दी से एग्जिट कर दोगे। आप अपने रूल्स को जो है वो फॉलो नहीं कर पाओगे। और रूल्स को आपने फॉलो नहीं किया तो एट द एंड आपने सारी प्रोसेस को ब्रेक कर दिया है। इवेंचुअली आप लॉस लेके मार्केट से निकलोगे। हम इंटरेस्टिंग। सो अह इफ यू लुक एट द करेक्ट अप्रोच अह इंस्टेड ऑफ कांस्टेंटली जंपिंग फ्रॉम वन स्ट्रेटजी टू अनदर प्रॉपर्ली बैक टेस्ट करके कुछ सेट स्ट्रेटजीस के सेट के ऊपर आपका कन्विक्शन होना चाहिए। दैट इज़ व्हाट यू सजेस्ट। कि आप आज जो भी ट्रेड करना चाहते हो, आपके पास एब्सोलुटली क्लेरिटी होनी चाहिए। हम्म। आज आपको आज से आपके घर जाना है। लेट्स से आपको बीकेसी में जाना है। आपके पास एक मेंटल क्लेरिटी है कि मुझे गोरे गांव से या बोरीवली से बीकेसी जाना है। मेरा डिस्टेंस जो है वो एक घंटे का है। कैब मुझे इतनी देर में पहुंचाएगी। मेट्रो मुझे इतनी देर में पहुंचाएगी। फेयर दोनों के इतने लग रहे हैं। ठीक है। ठीक है। राइट? अब जैसे समझ लो आप घर से नीचे उतरे और आपको पता ही नहीं है या आप जिस लोकेशन से हो। आप अगर बोरीवली पे हो अभी और आपको पता ही नहीं आपका घर कहां पे है। आपको जाना कहां पे है। तो आप कितना कंफ्यूजन में रहोगे। आप हर गली नुक्कड़ पे जाओगे। पूछोगे मेरा घर कहां पे है? तो आप ऑलवेज डल्यूजन और कंफ्यूजन में रहोगे। करेक्ट। तो एक राइट सॉर्ट ऑफ एक्सपेक्टेशन होना एक ट्रेडर को कि मेरी एक्सपेक्टेशन मार्केट से ये है कि मुझे 30% का रिटर्न बनाना है, 40% का बनाना है, 50% का बनाना है, 100% का बनाना है। मुझे मेरी एक्सपेक्टेशन पता है। एक बार आपने अपनी एक्सपेक्टेशन लिख ली। अब आपको यह देखना है कि अगर मुझे 100% रिटर्न भी बनाना है, तो 100% रिटर्न बनाने के लिए मुझे मेरे कैपिटल के ऊपर कितना रिस्क लेना पड़ेगा। इज इट 20%? इज़ इट 30%? इज़ इट 40%? और अगर मैं लेट्स से 30% का रिस्क आता है, तो क्या मैं वो 40% का रिस्क ले सकता हूं मेरे कैपिटल के ऊपर? अगर मेरे पास ₹1 लाख है, तो वो ₹4 लाख या ₹3 लाख चले जाएंगे? तो हाउ आई फील? मुझे कैसा फील होगा उस टाइम पे? क्या मैं अपनी सिस्टम को ऐसे ही फॉलो करते रहूंगा? क्या मैं रूल्स को ब्रेक करूंगा? पैसों को लेके मेरी साइकोलॉजी क्या है? मेरा बैक ऑफ द माइंड कैपिटल कितना है? मेरे पास ओवरऑल कैपिटल कितना है? बट जब आपको क्लेरिटी नहीं होती और आप अपना सारा का सारा कैपिटल डीमेट अकाउंट में लगा देते हो और कोई भी रैंडम स्ट्रेटजी में लगा देते हो बिकॉज़ उसने बोला कि वह स्ट्रेटजी अच्छी है और आपने दो-तीन बार चार्ट को आगे पीछे करते देख लिया कि ये स्ट्रेटजी अच्छी है और आपने बिलीव कर लिया कि ये स्ट्रेटजी अच्छी है। इट डजंट मीन कि ये स्ट्रेटजी अच्छी है। जब तक आपके पास 5 से 10 साल का डाटा नहीं होता। स्ट्रेटजी का पूरा बैक टेस्ट नहीं होता। आई डोंट थिंक सो कि वह स्ट्रेटजी अच्छी है और बैक टेस्टेड स्ट्रेटजी भी कभी-कभी क्या होता है कि आगे जाके काम नहीं करती है। तो ये बहुत कॉन्सेंटली इनवॉल्विंग प्रोसेस है कि यहां पे आपको सीखते रहना पड़ेगा। इंप्लीमेंट करते रहना पड़ेगा। सीखते रहना पड़ेगा। इंप्लीमेंट करते रहना पड़ेगा। बट पीरियड ऑफ टाइम तक आपको एक क्लेरिटी हो जाएगी कि मुझे इतना रिटर्न करना है। ऐसी ट्रेडिंग सिस्टम्स चलानी है। और अब मुझे इसी रिसर्च में जो है आगे बढ़ना है। और ज्यादा कहीं पे दिमाग नहीं लगाना। यह चीज मुझे समझ में आई और इससे रिलेटेड मुझे कुछ और भी क्वेश्चंस आ रहे हैं। बट उसकी मैं बात करूं उससे पहले द हाईलाइट जो इस पूरे पॉडकास्ट का मेरे लिए था दैट वाज़ योर जर्नी फ्रॉम ₹50 लाख का लॉस टू ₹200 करोड़ का एसेट अंडर मैनेजमेंट। आई रियली वांट टू लर्न दैट वन मैजिकल स्ट्रेटजी। या वन नहीं आई मीन द सेट ऑफ़ मैजिकल स्ट्रेटजी जो आपने कहा। अ मुझे आपसे वो स्ट्रेटजी सीखनी है जिससे आपने ये -50 लाख टू 200 करोड़ एयूएम की जर्नी स्टार्ट की है और यह जर्नी जो है पूरी कवर की है। सो क्वेश्चंस मैं बाद के लिए रखता हूं बट कैन यू प्लीज शो अस द स्ट्रेटजी एंड कैन यू प्लीज शो अस कि हाउ यू आर मैनेजिंग एवरीथिंग सॉर्ट ऑफ़ योर पोर्टफोलियो एंड द स्ट्रेटजी दैट यू आर डिप्लइयिंग इन दैट पोर्टफोलियो। कैन वी प्लीज सी दैट? यस यस फॉर श्योर। सो अंश अब मैं आपको हमारी जो स्ट्रेटजीस है उसमें से दो स्ट्रेटजी का कॉम्बिनेशन करके बताता हूं। ऑब्वियसली अगर मैं जो हमारी सारी स्ट्रेटजीस है वो बताऊंगा तो पॉडकास्ट बहुत ज्यादा लंबा हो जाएगा। तो मैं सिर्फ आपको दो ट्रेडिंग सिस्टम बताता हूं। एक ट्रेडिंग सिस्टम जो है वो मेन रिवर्ज़ ट्रेडिंग सिस्टम है। जिसमें हम आरएसआई का यूज कर रहे हैं और निफ्टी फ्यूचर्स में इसको ट्रेड करेंगे। ओके। एंड सेकंड बेसिकली हम ओपनिंग ब्रेकआउ ट्रेडिंग सिस्टम है उसको आज। तो यस अभी मैं उसका सेटिंग वगैरह सब कुछ कर लेता हूं। ऑलराइट जब तक सर ये सब सेटिंग कर रहे हैं इफ यू गाइस आर रियली लाइकिंग द वीडियो एंड दी एंटायर पॉडकास्ट। तो मेक श्योर यू सबस्क्राइब टू दिस चैनल? क्योंकि इस तरह के ढेर सारे पॉडकास्ट ऐसे बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स के साथ हम लेके आते रहते है। सो या इफ डन इट, येट, व्हाट आर यु गाइस डूइंग? इफ यू आर रियली वांट लर्न सबस्क्राइब टू दिस चैनल। एंड सर, लेटस स्टार्ट विथ द स्ट्रेटजी। यस। सो फर्स्ट स्ट्रेटजी में आप यहां पे देखो हम निफ्टी फ्यूचर्स में ट्रेड करेंगे। इंस्ट्रूमेंट जो हम यूज़ करेंगे दैट इज निफ्टी फ्यूचर्स। ओके? टाइम फ्रेम हम 3 घंटे का यूज़ कर रहे हैं यहां पे। हम आरएसआई का जो पीरियड ले रहे हैं दैट इज बट हम आरएसआई का जो ओवरबॉोट एंड ओवरसोल्ड लेवल है, ओवरबॉट लेवल मेरा लिए 85 है। ओवरसोल्ड मेरे लिए 18 है। रेंज और हमने एक्सपेक्ट किया। अब मैं मैं मेरी क्या एक्सपेक्टेशन है और मैं क्या स्ट्रेटजी से सोच रहा हूं कि जब भी मार्केट्स में एक ट्रेंड होता है। ठीक है? मार्केट्स में एक ट्रेंड हुआ और एक टाइम पे फिर क्या होता है कि ट्रेंड बेसिकली आगे और बढ़ नहीं पाता और वहां से मोस्ट प्रोबेब्ली रिवर्सल आता है मार्केट्स में। तो मुझे वो मार्केट से रिवर्सल को कैप्चर करना है। राइट? तो इसके लिए ये पूरी ट्रेडिंग सिस्टम जो है वो बनाई गई है। इट्स कॉल्ड अ मेन रिवर्शन कि जब एक ट्रेंड चल रहा है और ट्रेंड रिवर्स हो रहा है तो रिवर्सल को कैसे मार्केट्स को कैप्चर करें। इस ट्रेडिंग सिस्टम में हमें ये बेसिकली समझ में आएगा और रिवर्सल को हम अच्छे से कैप्चर कर पाएंगे। अब आप देखो सिंपल रूल है। आपको बिल्कुल 2 मिनट में समझ में आ जाएंगे कि इफ आरएसआई क्रॉस अबव 85 मुझे एंट्री लेनी है शॉर्ट की फ्यूचर्स में। 2% का मेरा स्टॉप लॉस है। 8% का मेरा टारगेट है। एंड इफ आरएसआई क्रॉस बिलो 18 राइट? 18 के नीचे जाता है तो दैट इज़ अ ओवरसोल्ड लेवल फॉर मी। मेरी सिस्टम ये बोल रही है कि अभी बहुत ज्यादा जो है वो सेलिंग हो गई है। ओवरसोल्ड हो गया है। यहां से मार्केट्स में अब एक रिवर्सल आ सकता है। तो 2% स्टॉप लॉस के साथ 8% टारगेट में मैं एक एंट्री ले लूंगा। हम्। ये सिस्टम पर्टिकुलरली साइडवेज और रेंज बाउंड मार्केट या जो ट्रेंड का बेसिकली रिवर्सल होता है उसके लिए है। अब इस सिस्टम को हम ना चार्ट में जाके और अच्छे से समझते हैं। यहां पे आप देखो हमने आरएसआई इंडिकेटर लिया हुआ है 14 पीरियड का। 85 उसका अपर है। 18 जो है वो उसका लोअर है। एंड यहां पे हम हम प्लेन वैनिला चार्ट यूज़ कर रहे हैं। और कुछ भी इंडिकेटर्स वगैरह नहीं यूज़ कर रहे हैं। और 3 घंटे का हम टाइम फ्रेम यूज़ यहां पे कर रहे हैं। अब मैं चार्ट को स्क्रॉल करता हूं। अब आप मुझे खुद बताना कि कब आरएसआई ने 85 जो है वह क्रॉस किया है या 18 जो है वो क्रॉस किया है। मैं पीछे ले जाता हूं। अब आप यहां पे देखो ऑन सेवंथ ऑफ़ अप्रैल 2025 आरएसआई क्रॉस्ड मतलब आरएसआई ने अपने से 18 लेवल को क्रॉस करा और नीचे गया। तो यहां पे मेरी एंट्री बनेगी। ये 3 घंटे के कैंडल के क्लोज के ऊपर। दिस शुड बी माय एंट्री पॉइंट। यहां पे मैं एंट्री करूंगा। ये जो कैंडल है वो क्लोज हो गई है। हम राइट? तो यहां पे मेरी एंट्री होगी। एंट्री से मेरा 2% का स्टॉप लॉस होगा। राइट? मेरी एंट्री से अगर 2% मार्केट नीचे जाएगा तो मेरा स्टॉप लॉस हिट होगा। एंड 8% वुड बी माय टारगेट। राइट? तो मेरा टारगेट यहां पे बहुत बड़ा है। बिकॉज़ मैं रिवर्सल एक्सपेक्ट कर रहा हूं और बहुत बड़ा रिवर्सल मार्केट से एक्सपेक्ट कर रहा हूं। हम्म। एंड अब ये दो रूल है। तीसरा मेरा रूल ये है कि जब से मैंने एंट्री करी है और मैंने 2% का स्टॉप लॉस डाला और मेरे फेवर में मार्केट मेरी एंट्री से 2% चल जाता है तो मैंने अपने स्टॉप लॉस को ब्रेक इवन कर दूंगा। तो उसकी वजह से क्या होगा कि या तो मेरा प्रॉफिट होगा या फिर मैं ब्रेक इवन पे निकलूूंगा। या तो मेरा प्रॉफिट होगा या फिर मैं ब्रेक इवन पे निकलूूंगा। और सम सिनेरियोस मैं बेसिकली लॉस में एग्जिट करूंगा। अगर एंट्री लेते ही सीधा मार्केट जो है वो रिवर्स हो गई तो। राइट। राइट? तो दैट इज़ अ बेसिकली अ बाय साइड ऑफ़ कंडीशन। अब हम एक कोई सेल का एग्जांपल भी देखते हैं। यहां पे आप देखो सेल का एग्जांपल भी आपको दिख रहा है कि मार्केट्स यहां पे गया। राइट? इस पर्टिकुलर टाइम पे मैंने यहां पे एंट्री करी। राइट? 2% का स्टॉप लॉस मारा और 8% यहां पे मेरा टारगेट है। एंड मार्केट्स बेसिकली फेल डाउन एंड सम हाउ मेरा जो टारगेट है यहां पे हिट हो गया है। मेरी एंट्री से मुझे 8% जो है वो कैलकुलेट करना है। ठीक है? जहां पे मेरी एंट्री है। तो यह मेरी लॉन्ग साइड की भी कंडीशन है। सेम आपको ट्रेलिंग स्टॉप लॉस करना है। अगर आपकी डायरेक्शन में मार्केट जो है वो थोड़ा बहुत चलता है तो। तो ये बेसिकली मेरी एक सिस्टम हो गई यहां पे कि जहां पे मैं मीन रिवर्शन सिस्टम को यूज़ कर रहा हूं और मार्केट में जब ट्रेंड बेंड होता है या साइडवेज होते हैं या मार्केट रेंज बाउंड होता है। उससे पैसे बनाने की जो है वो ट्राई करता हूं। आते हैं जो कि बहुत सिंपल है। दैट इज बेसिकली ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट। यह ट्रेडिंग सिस्टम किसी बच्चे को भी आ जाएगी। अगर आप यहां पर देखोगे तो हम इंट्राडे कर रहे हैं। इससे सिर्फ पहली वाली सिस्टम मेरी स्विंग भी जा रही 3 ओवरनाइट भी मेरी ट्रेड जा रही है। बट यह वाली सिस्टम मेरी इंट्राडे है। अगर आपको भी ऑप्शन बाइंग में एक दिन प्रॉफिट और दो दिन लॉस होता है और फिर शायद लगता है कि ऑप्शन बाइंग मेरे लिए नहीं है देन प्रॉब्लम ऑप्शन बाइंग में नहीं प्रॉब्लम आपके ट्रेडिंग अप्रोच में है। आया हूं अपर्च पे आप सभी लोगों को सिस्टमैटिकली ऑप्शन बाइंग सिखाने जो स्पेशली उन लोगों के लिए है जो इंट्राडे ट्रेडिंग को डिसिप्लिन के साथ करना चाहते हैं। इस कोर्स में आप सीखोगे इंट्राडे ऑप्शन बाइंग का हेकेनशियन सुपर ट्रेंड का पावरफुल सेटअप फाइव कैंडल ट्रेडिंग सिस्टम जिसमें एंट्री एग्जिट टारगेट स्टॉप लॉस के फिक्स रूल है और साथ ही स्ट्रेटजी एक्यूरेसी एंड परफॉर्मेंस रिपोर्ट विद प्रॉपर रिस्क मैनेजमेंट टेक्निक्स। दोस्तों जब अप्रोच सही होती है तब ऑप्शन बाइंग एक गैंबलिंग नहीं एक डिसिप्लिन अप्रोच बन जाती है। इसीलिए आज ही कोर्स में एनरोल करो। यहां पे क्या कर रहे हैं हम? 9:15 से लेके 3:30 तक ही मेरा ट्रेड होगा। बिकॉज़ इट्स इंट्राडे। हम अब जैसे देखो मैं 15 मिनट का टाइम फ्रेम इसमें यूज़ कर रहा हूं। तो जो पहली कैंडल बनेगी 9:15 से लेके 9:13 वो पहली कैंडल का मुझे हाई मार्क करना है। और पहली कैंडल का बेसिकली मुझे लो मार्क करना है। ओके? राइट? इफ बेसिकली हाई ब्रेक मैं फ्यूचर्स को जो है वो लॉन्ग करूंगा। एंड लो जो है कैंडल का वो मेरा स्टॉप लॉस बन जाएगा। एंड इफ लो ब्रेक्स तो मेरा शॉर्ट में एंट्री होगी। हाई वुड बी द स्टॉप लॉस ऑफ माय। मेरा इसमें कोई टारगेट नहीं है। एट 320 आई सिंपली एग्जिट। अब मैं सिस्टम को आपको चार्ट में समझाता हूं और अच्छी तरीके से आपको समझ में आएगा। मैं आरएसआई इंडिकेटर को इसमें से जो है वो हटा देता हूं। हम यहां पे 15 मिनट टाइम फ्रेम में चलते हैं। और मैं थोड़ा सा सेशन ब्रेक आपके लिए जो वो ओपन करता हूं। जिसकी वजह से हमें पर डे का जो है वो पता चलता रहे कि कैसे-कैसे हो रहा है। राइट? तो एव्री डे का मुझे चार्ट्स जो है वो यहां पे पता चलेगा। अब मैं इस डे का एग्जांपल लेता हूं बिकॉज़ बहुत सिंपल है। ठीक है? 15 मिनट्स का कैंडल हम यूज़ कर रहे हैं। तो यहां पे देखो ये 15 मिनट्स के फर्स्ट कैंडल बनी। तो यहां पे 15 मिनट्स कैंडल का हमने हाई मार्क करा। दिस इज़ हाई ऑफ़ द कैंडल एंड 15 मिनट्स कैंडल का हमने लो मार्क कर दिया यहां पे। आई डोंट नो कि मार्केट्स कहां पे जाएगी। यहां पे मैं खुद डिसाइड नहीं कर रहा हूं कि मार्केट्स नीचे जाएगी, मार्केट्स ऊपर जाएगी, मार्केट्स बेसिकली करेगी क्या? ठीक है? अब आप देखो कि नेक्स्ट कैंडल में मार्केट्स ने अपना लो ब्रेक किया। तो मैंने तो 9:15 से लेके 9:30 होते ही मैंने हाई मार्क करके और लो मार्क करके हाई के पास मैंने डाल दिया था बाय ऑर्डर। लो के पास मैंने डाल दिया था सेल लिमिट ऑर्डर। दोनों में मैंने लिमिट ऑर्डर जो है वो डाल दिया था। यहां पे हाई मैंने बाय ऑर्डर डाला। यहां पे मैंने सेल लिमिट ऑर्डर डाल दिया। अब मार्केट्स नीचे गई तो मेरा सेल ऑर्डर जो है वो ट्रिगर हो गया। इवेंचुअली जो मेरा बाय ऑर्डर है वो मेरा स्टॉप लॉस बन गया। हम ठीक है? मुझे स्टॉप लॉस अलग से लगाने की जरूरत नहीं है। ऑलरेडी मेरा स्टॉप लॉस लग गया है। राइट? इट मींस लगा हुआ है मार्केट्स में। अब मेरी शॉर्ट की एंट्री हो गई। एंड देन एट 320 मैंने सिंपली जो है वो जो 3:20 पे मैंने सिंपली जो है वो बेसिकली मार्केट से एग्जिट करा। हम। अब ये सिस्टम के पीछे का लॉजिक क्या है कि लेट द ट्रेंड राइड। इंट्राडे में मार्केट्स अगर गिरता है, बढ़ता है तो ट्रेंड को बेसिकली राइड करो। ऐसे नहीं कि मैं 1:1, 1:2 या 1:3 में अपना प्रॉफिट जो है वो बुक कर लेता हूं। देयर इज़ अ वेरी रॉन्ग अप्रोच कि मैं 1% का रिस्क ले रहा हूं तो मुझे इतने परसेंट का जो है वो प्रॉफिट आना चाहिए। नहीं। अगर मार्केट्स में ट्रेंड हो रहा है, मार्केट्स आपको प्रॉफिट देने के लिए रेडी है तो आप क्यों बीच में रुकना चाहते हो? करेक्ट। तो ये दो सिस्टम बेसिकली हम कंबाइन कर रहे हैं। और यहां पे बहुत सारे और भी एग्जांपल हैं। अब मैं आपको इसके ट्रेलिंग स्टॉप लॉस का एग्जांपल देता हूं कि लेट्स से मैंने यहां पे शॉर्ट मेरा शॉर्ट यहां पे हो गया और मेरा स्टॉप लॉस कितने पॉइंट का बन रहा है? अराउंड लेट्स से 50 नहीं 100 पॉइंट का स्टॉप लॉस बन रहा है यहां पे मेरा और 50 पॉइंट मार्केट मेरे फेवर में चली जाती है। तो फिर मैं क्या करूंगा? अपने स्टॉप लॉस को ब्रेक इवन कर दूंगा। राइट? तो इस केस में अगर मार्केट्स वहां पर रिवर्स भी होती है तो मेरा लॉसेस नहीं होने वाला। तो अब आई होप इस सिस्टम का यूज़ क्या है कि आपको लॉसेस भी होंगे बट आपको प्रॉफिट भी होंगे। इस सिस्टम की एक्यूरेसी जो है वो बहुत कम है। सामने जो मेन रिवर्ज़ सिस्टम है इसकी एक्यूरेसी जो है वो ज्यादा है। राइट? तो दोनों आपस में एक दूसरे से अनको-रिलेटेड हैं। एक का काम दूसरा है, दूसरे का काम दूसरा है। बट दोनों अपना काम जानते हैं। बट दोनों साथ में मिलते हैं तो उससे बॉन्ड जो है वो स्ट्रांग बनता है। तो ये हमारी दो ट्रेडिंग सिस्टम है जिसको बेसिकली कंबाइन करके हम अपने ट्रेडिंग रिजल्ट्स को और ज्यादा एनहांस कर सकते हैं। गॉट इट सर। बट सर ये जो स्ट्रेटजी आपने बताई पूरी की पूरी ये जैसे कि आपने पहले आरएसआई के बारे में बताया। राइट? जो कि ओवरबॉट ओवरसोल्ड लेवल्स हैं या फिर यह जो ओआरबी जो ओपन ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट्स वगैरह होते हैं। अह यह कोई बहुत ज्यादा रेयर स्ट्रेटजी नहीं है। अगर आप YouTube के ऊपर भी ढूंढेंगे देयर आर थाउजेंड्स ऑफ वीडियोस जो लगभग-लगभग सेम चीज आपको सिखा रहे हैं। एंड स्टिल पीपल आर नॉट एबल टू मेक मनी आउट ऑफ इट। इट सीम्स लाइक इट्स टू सिंपल फॉर पीपल टू फॉलो या फिर वो कन्विक्शन के लिए उनके लिए बहुत ज्यादा सिंपल है या ये स्ट्रेटजी काम नहीं करती है। व्हाट इज द केस? एंड छोटे प्लेयर्स जो बिगिनर्स हैं वो तो ये स्ट्रेटजीस यूज भी करते हैं, ट्राई भी करते हैं। बट जो लोग ₹200 करोड़ की कैपिटल जैसे आप 200 प्लस करोड़ आप इसको हैंडल कर रहे हो आप लोग भी यही स्ट्रेटजीज़ इंडिकेटर बेस्ड स्ट्रेटजीज़ प्राइस एक्शन बेस स्ट्रेटजीज़ यूज़ कर रहे हो। सो मैं पहले आपके सबसे पहले क्वेश्चन के ऊपर आता हूं कि एक रेटेड ये सिंपल ट्रेडिंग सिस्टम ही है। और ये फॉलो करके भी रीटेड ट्रेडर लॉस क्यों कर रहे हैं? सबसे पहले वो क्वेश्चन का आंसर मैं आपको देता हूं। ठीक है? उसके पीछे का रीजन क्या है कि जैसे समझ लो आप किसी एक सिस्टम को फॉलो करने के लिए आपको किसी प्लेयर को जज करना है। लेट्स से आप किसी क्रिकेटर को जज कर रहे हो या आप क्रिस्टियानो रोनाल्डो को जज कर रहे हो तो क्या आप सिर्फ एक मैच से उसको जज कर लोगे विराट कोहली अगर दो मैच में जीरो में आउट हो जाता है तो उससे क्या आप उसको जज करोगे कि ये बहुत खराब प्लेयर है या पांच मैच में भी वो ज़ीरो में आउट हो जाता है तो क्या आप उससे जज करोगे कि दिस इज़ अ नॉट अ गुड प्लेयर आप उसको जज कैसे करोगे कि पिछले 100 मैच में या पिछले दो साल में विराट कोहली ने कितने रन बनाए उसकी परफ परफॉर्मेंस कैसे रही? उसके एवरेज रन क्या रहे? राइट? तो कोई भी सिस्टम हो, कोई भी सिंपल सिस्टम हो, जब आपके पास उसका बैक टेस्टेड डेटा है, आपको उसके ऊपर कन्विक्शन है, तो अब आपके ऊपर आता है कि आपको उसे थ्रूउ द ईयर फॉलो करना पड़ेगा। एक सर्टेन पीरियड ऑफ़ टाइम तक आप सिस्टम को जब फॉलो करोगे तब जाके आपको उसमें से जो है वो रिटर्न जनरेट होना स्टार्ट होंगे। बट आप उसको बीच में ही उस जर्नी को बीच में ही छोड़ रहे हो तो माइट बी आप लॉसेस में एंड करोगे। हम जैसे समझ लो आपने कोई ट्रेडिंग सिस्टम स्टार्ट करी। आपको नहीं पता कि आप वो ट्रेडिंग सिस्टम की जर्नी में कहां पे हो। अभी वो ट्रेडिंग सिस्टम पीक के ऊपर चल रही है। इट मींस अपने प्रॉफिट के पीक के ऊपर चल रही है। वो ट्रेडिंग सिस्टम ड्रॉडाउन में चल रही है या कहां पे भी चल रही है। आपने एंट्री करी और एंट्री करते ही ड्रॉडाउन होना स्टार्ट हुआ। तो आपको लगेगा अरे ये तो बहुत बेकार सिस्टम है। बहुत अच्छा। मैं तो मैंने तो बैक टेस्ट किया था। मैंने चार्ट्स भी स्क्रॉल करके देखे थे। बहुत अच्छा दिख रहा था। लेकिन जब मैं रियलिटी में करने लगा तो मुझे तो लॉसेस हो रहे हैं। तो उस टाइम पे बेसिकली आपका ड्रॉडाउन पीरियड है। वो आपको सहन करना ही पड़ेगा। इट्स अ पार्ट ऑफ गेम। ये मार्केट जो है वो आपको विदाउट ड्रॉडाउन या विदाउट लॉस कभी भी प्रॉफिट पॉसिबल नहीं है। एंड विदाउट प्रॉफिट लॉस पॉसिबल नहीं है। इट्स अ वाइस वरसा। ये होगा ही होगा। करेक्ट। राइट? तो आपको बेसिकली कोई भी एक सिस्टम को या ब्रांच ऑफ सिस्टम को या पोर्टफोलियो एक सिस्टम को आपको सर्टेन पीरियड ऑफ टाइम तक फॉलो करना है। जब आप उसको फॉलो करोगे ना तब जाके आपको एक जो है वो रिटर्न जनरेट होना या बेसिकली एक कंसिस्टेंसी दिखेगी। आप एक प्रोसेस को फॉलो करोगे एंड देन आपको इवेंचुअली जो है वो रिजर्व्स दिखेंगे। सेकंड अब आपके क्वेश्चन के ऊपर आते हैं कि सर आपके पास तो इतना बड़ा फंड है। क्या आप ऐसी स्ट्रेटजीस फॉलो करते हो? तो देखो हमारे फंड की मतलब कुछ परसेंटेज हम सिंपल ट्रेडिंग सिस्टम में यूज करते हैं। बट बाकी के सारी सिस्टम जो है वो बेसिकली लेटेंट फास्ट डेटा की जिसमें जरूरत पड़ती है। जिसमें एक नॉर्मल ट्रेडर बेचारा जो है वो कर नहीं पाएगा। उसके लिए आपको एनएससी में लीज़ लाइन चाहिए। आपके को लोकेशन सर्वर होने चाहिए। आपको एनएससी के पास से सीधा जो है वो डाटा लेना पड़ेगा। एंड बहुत सारी और चीजें हैं कि जिसमें आप अगर लेट्स से एक सेकंड भी मिस करते हो ट्रेड में और अगर एक सेकंड का भी आपको स्लिपेजेस आता है। राइट? तो उससे आपके रिजल्ट्स में इवेंचुअली बहुत ज्यादा इफेक्ट आएगा। टिक बाय टिक। हां जो टिक बाय टिक डेटा होता है उसे बेसिकली टीबीटी डेटा बोलते हैं। सिंपल है कि जो एक-ए सेकंड का जो है वो डेटा बोलता है। बट अगर मेरी सिस्टम का ट्रेड 9:15 1 सेकंड पे आना था और वो 1 सेकंड पे नहीं आना तो उससे भी फर्क पड़ता है। राइट? राइट? जब आप बहुत बड़े कैपिटल को जो है वो संभालते हो तो तो कुछ परसेंटेज हम ऐसी सिंपल ट्रेडिंग सिस्टम जो टेक्निकल बेस है वो स्ट्रेटजीज़ में अपना पैसे लगाते हैं। बट मोस्ट ऑफ द सिस्टम जो है वो क्वांटिटेटिव बेस्ड ट्रेडिंग होती है। थोड़ी सी डिफरेंट होती है देन द नॉर्मल एंड यूजुअल ट्रेडिंग सिस्टम जो कि हम आगे कभी किसी और वीडियोस में डिस्कस करेंगे। लेट अस नो इन द कमेंट सेक्शन बिलो। अगर आपको ये सारी स्ट्रेटजीस वगैरह सीखनी है जो कि बड़े प्लेयर्स एक्चुअली यूज़ करते हैं। अ सो या यू कैन कमेंट डाउन बिलो कि गिव अस सम स्ट्रेटजीस फ्रॉम दर्शन सर। बट सर व्हाट विल कन्वेंस मी मोर इज़ द बैक टेस्टेड डेटा और वो पोर्टफोलियोज़ जहां पे आपने ये स्ट्रेटजी एक्चुअली यूज की है। इफ यू कैन शो लाइक अ ग्लिं्स ऑफ इट किसी तरह से कि ये स्ट्रेटजीस और इस तरह की स्ट्रेटजीस आपने यूज़ करके व्हाट काइंड ऑफ़ मनी व्हाट काइंड ऑफ़ रिटर्न यू जनरेटेड। कैन वी प्लीज सी दैट? श्योर। तो अब मैं आपको बैक टेस्ट दिखाता हूं। सबसे पहले हम अपनी जो ट्रेंड फॉलोइंग सिस्टम है राइट जो हमने ओआरबी ट्रेडिंग सिस्टम जो डिस्कस करी थी उसका मैं आपको बैक टेस्ट दिखाऊंगा। यहां पे आप देखो अप्रैल मंथ में आपको कंटीन्यूअसली ये थ्री इयर्स का हमारे पास डाटा है। तो अप्रैल मंथ में आपको कंटीन्यूअसली लॉस दिख रहा होगा। अगस्त मंथ में कंटीन्यूअसली आपको लॉस दिख रहा होगा कि जो भी मंथ में ज्यादा ट्रेंड नहीं मिला है, इस टाइम पे ये ट्रेंड फॉलोइंग सिस्टम मार खाई गई है। ठीक है? ये ट्रेंड फॉलोइंग सिस्टम नहीं चल रही है। यहां पे मेरे पास सारी क्लेरिटी है। आप देखो बैक टेस्टेड रिजल्ट इट मींस मैक्सिमम मेरा प्रॉफिट कितना होगा पर ट्रेड पे? मैक्स प्रॉफिट पर डे क्या है? मैक्स लॉस पर डे क्या है? मेरा विनिंग रेश्यो क्या है? मेरा लूजिंग रेशियो क्या है? विनिंग डेज कितने हैं? लूजिंग मतलब ईच एंड एवरीथिंग आई हैव द क्लेरिटी। पर लॉट है ये। ये सारा का सारा हमारा पर लॉट है। एक लॉट के ऊपर हमने जो है वो बैक टेस्ट करा हुआ है पूरा। 75 क्वांटिटी आप इसको मान के चल सकते हो। ओके राइट और इसमें जो आपका मोटा-मोटी मार्जिन होगा 3 से ₹3.5 लाख समथिंग का जो होने वाला है ₹ लाख का आपका मार्जिन लगेगा ₹1 लाख ₹ लाख आप एज अ बफर लेके चल रहे हो। ठीक अब अब यहां से जो है वो होली ग्रेव जो है वो स्टार्ट हो गया। अब इसमें मैं एक और बैक टेस्ट जैसे ही ऐड करता हूं। राइट? जो अपना आरएसआई वाला बैक टेस्ट है जो मीन रिवर्ज़ ट्रेडिंग सिस्टम है। सीधा आपको जो लॉसेस के मंथ है जो अप्रैल में आपको लॉस हो रहा था वो प्रॉफिट में कन्वर्ट हो गया। जो आपको अप्रैल में यहां पे भी लॉस हो रहा था वो भी प्रॉफिट में कन्वर्ट हो गया। अगस्त में भी आपके लॉसेस जो ज्यादा थे वो आपके थोड़े बहुत प्रॉफिट में कन्वर्ट हो गए। एंड इवेंचुअली जो आपको बहुत ज्यादा लॉसेस दिख रहे थे वो अब साल में ऐसा हो गया कि भाई आपका तीन से चार महीना जो है वो लॉसेस में रहेगा। मोस्ट ऑफ द मंथ आप प्रॉफिट में निकलोगे। और दो लॉट के हिसाब से यहां पे आप ₹5 लाख का प्रॉफिट करोगे। सेकंड ईयर में आप ₹56,000 का प्रॉफिट करोगे। थर्ड ईयर में आप ₹ लाख समथिंग का जो प्रॉफिट करोगे। तो ये मैजिक है कि जैसे-जैसे आप कंबाइन सिस्टम करते जाते हो वैसे-वैसे आपका जो रिजल्ट है वो एनहांस होता जाता है। एंड जैसे-जैसे आपका रिजल्ट एनहांस होता जाएगा आपके लॉसेस जो है वो डिक्रीज होते जाएंगे। आपका जो पीएनएल कर्व है वो और ज्यादा स्मूथन होता जाएगा। यहां पे मैं वापस आपको चार्ट में दिखाता हूं। यह मेरा इक्विटी कर्व कुछ इस तरीके से दिख रहा है। अब इसमें से अगर मैं कोई एक सिस्टम हटा देता हूं। यहां पे मैंने एक सिस्टम हटाया तो आप देखो ये कितना ऊपर नीचे ऊपर नीचे वाला इक्विटी कर्व हुआ। अब वापस मैं एक सिस्टम को जो है वो ऐड कर देता हूं। तो आप देखना मेरा पीएनएल कर्व कितना स्मूद हो जाएगा। अब यही पीएनएल का मुझे स्मूथ तरीके से जो है वो दिख रहा है। डिप्स काफी यस डिप्स काफी जो है वो कम है। बट यहां पे मैं एक चीज बताना चाहूंगा कि आप जो सी भी स्ट्रेटजी कोई भी वीडियोस देखो किसी का भी कुछ भी देखो स्ट्रेटजी देखने के बाद खुद की ड्यू डलिजेंस एंड खुद बैक टेस्ट करना बहुत ज्यादा जरूरी है। और उसके बाद आपको देखना है कि क्या ये स्ट्रेटजी मेरे लिए बनी है। क्या ये स्ट्रेटजी की साइकोलॉजी मेरे लिए मैच हो रही है। बिकॉज़ आज मैं ये स्ट्रेटजी को फॉलो कर रहा हूं। आगे जाके जब रूल्स, रेगुलेशन, मार्केट्स के रिजीम एंड सिनेरियो चेंज हो तो माइट बी मैं यह स्ट्रेटजी को ड्रॉप करके कोई नई स्ट्रेटजी भी ऐड कर सकता हूं। तो इट्स डिपेंड ऑन मी कि यार मैं क्या कर रहा हूं। तो आप अगर कोई भी स्ट्रेटजी करना चाहते हो तो मेक श्योर आपको इसका बैक टेस्ट जो है और लाइव में थोड़े से कैपिटल के ऊपर टेस्ट जो है वो जरूर करना चाहिए। एंड उसके बाद आपको आगे सोचना भी चाहिए कि मैं ये स्ट्रेटजी को करूंगा। अ एक क्वेश्चन और था सर इसके अंदर कि आपने कहा ये दोनों स्ट्रेटजीस बिल्कुल कोरिलेट नहीं करती है। राइट? तो जब स्ट्रेटजीस को-रिलेट नहीं कर रही है तो दैट इज ट्रू कि जब एक स्ट्रेटजी लॉस बना रही होगी दूसरी लॉस नहीं बनाएगी। करेक्ट? एंड इससे आपका डाउनवर्ड जो रिस्क है वो कुछ हद तक कम हो जाता है। एक तरह से विद इन स्ट्रेटजी आपने एक तरह से डवर्सिफाई कर दिया है। बट इसी के साथ-साथ डोंट यू थिंक इसके अंदर आपकी प्रॉफिटेबिलिटी भी कम हो जाती है क्योंकि जब आपको एक स्ट्रेटजी प्रॉफिट दे रही है। पॉसिबल है कि दूसरी स्ट्रेटजी में आपका लॉस बन रहा है। यस। तो अब देखो मैं इसका आंसर आपको ना देता हूं। जैसे समझ लो इट इज लाइक दिस कि जैसे क्या है कि हम खाने के बाद नीम नींबू पानी या कोई ऐसा कुछ ऐसा पिएंगे ना जिससे हमारा डाइजेशन अच्छा हो जाएगा। डाइजेशन प्रोसेस स्लो भी होगा बट डाइजेशन जो है वो अच्छा होगा। इसी तरीके से अगर लेट्स से एक ट्रेंड फॉलोइंग सिस्टम है जो कि ट्रेंड में पैसे बनाती है और उसके साथ मैं मीन रिवर्जन सिस्टम कर रहा हूं तो मेन रिवर्ज़ सिस्टम तो तभी एक्टिवेट होगी जब ट्रेंड पूरा जो है वो ओवरसोल्ड हो चुका है। अब वहां पे ऑलरेडी मार्केट ऑलरेडी ओवरबॉट हो चुका है। तब जाके वो सिस्टम जो है वो एक्टिवेट होगी। यहां पे आपका ये भी क्वेश्चन है कि सर अगर ये दो सिस्टम को मैंने कंबाइन किया तो माइट बी एक सिस्टम प्रॉफिट बनाएगी। एक सिस्टम मेरा उस टाइम पे लॉसेस भी बनाएगी। तो ये इस तरीके से काम करता है कि सिस्टम को कंबाइन करने से पहले ही आपको देखना है कि एक सिस्टम जब प्रॉफिट कर रही है तब दूसरे सिस्टम में बहुत कम से कम लॉस हो या वो ना के बराबर लॉस हो। राइट? और जब ऐसी सिचुएशन में ये दोनों सिस्टम होती है तभी जाके आपको कंबाइन करना है इसको। क्योंकि दोनों एक दूसरे से वाइस वैसा है। साउथ और नॉर्थ है। बट इसके काम करने का नेचर बहुत अच्छा है। दोनों एक दूसरे को सेम टाइम पे सपोर्ट भी कर रही है कि एक में अगर बहुत बड़ा लॉस हो रहा है तो एक में बहुत अच्छा प्रॉफिट भी हो रहा है। बट एक में अगर बहुत बड़ा प्रॉफिट हो रहा है तो दूसरे में बहुत बड़ा लॉस नहीं हो रहा। वो वहां पे ब्रेक इवन पे या छोटे से लॉस में एग्जिट हो रहा है। करेक्ट? तो ये सारे सिनेरियोस आपको देखने पड़ेंगे। ये सारे सिनेरियोस आपको समझने पड़ेंगे। हम एंड तब जाके आप सिस्टम को जो कंबाइन कर सकते हो। और एक इसका लॉजिक यह भी हो सकता है कि आपका पोर्टफोलियो के रिटर्न्स आपके बड़े ड्रॉडाउन से ज्यादा इंपैक्ट होते हैं और अगर हमने ये कॉम्बो यूज़ किया तो ड्रॉडाउन वैसे ही कम हो गया। तो आपका ओवरऑल रिटर्न वैसे ही नेचुरली बढ़ता रहेगा। यस। बिकॉज़ जब आप बड़े कैपिटल के ऊपर जाते हो ना तो अब आपको बहुत ज्यादा लॉस नहीं देखना है अपने कैपिटल के ऊपर। आपको ये देखना है कि यार डेली बेसिस के ऊपर ना मुझे बहुत ज्यादा पीएनएल वोलेटिलिटी ना देखनी पड़े। जैसे अगर समझ लो आपका कोई 10 लाख का कैपिटल है और आपको हर दिन 2 लाख प्लस दिख रहा है। 2 लाख माइनस दिख रहा है। 2 लाख प्लस दिख रहा है। 2 लाख माइनस दिख रहा है। उससे बेटर है कि अगर आपने कॉम्बिनेशन किया हुआ है तो आपका वो जो 2 लाख प्लस ऊपर नीचे का जो 20% का ऊपर नीचे है वो आ जाएगा आपका 5% 3% 2% 1% के ऊपर। तो जब आपके कैपिटल के ऊपर आपको वोलेटिलिटी ही इतनी ज्यादा नहीं दिख रही है पीएनएल की तब आप पैनिकिक नहीं करोगे। आप आप बेसिकली घबराओगे नहीं। आप वही सेम सिस्टम को जो है वो फॉलो करोगे। एंड सेम टाइम पे आपका जैसे-जैसे कैपिटल बढ़ता जाएगा आप उतना ज्यादा रिस्क के बारे में सोचोगे कि मैं कुछ ज्यादा ही तो रिस्क नहीं ले रहा हूं अपने कैपिटल के ऊपर। रिटर्न बनेगा नहीं बनेगा वो बाद की बात है। बट रिस्क तो मैं ज्यादा नहीं ले रहा हूं। तो इसकी वजह से जब आप मल्टीपल ट्रेडिंग सिस्टम के साथ जाते हो आपका ड्रॉडाउन जो है वह डिक्रीज होता है। सेम टाइम पे आपका रिस्क भी जो है वह कम होता है। एंड आपकी कंसिस्टेंसी एंड पीएनएल जो कर्व है उसमें एक स्मूथनेस आती है। नोट इट सर। सर ये काफी ज्यादा सीरियस बातें हो गई। अब मुझे थोड़ी कुछ इंटरेस्टिंग बातें आपसे जाननी है। और मैं चाहता हूं कि इसका आंसर आप सिर्फ वन वर्ड में दें। या तो एक वर्ड का आंसर आ जाएगा या फिर यस और नो आ जाएगा जो भी आपको लगे। बट वेरी शॉर्ट आंसर। आप अपने पीएनएल का शो ऑफ करते हो क्या? यार सच बताऊं तो पीएनएल का शो ऑफ कौन नहीं करता? तो इट्स ट्रू। ऑलराइट। कभी रिटर्न्स को बूस्ट किया है आपने? रिटर्न को बूस्ट किया? ज्यादा करके बताया ज्यादा करके बताया? नहीं वो नहीं किया है कभी भी। नो नॉट नॉट इवन टू योर इन्वेस्टर्स। नो वो कर ही नहीं वो पॉसिबल ही नहीं है। राइट? बिकॉज़ उसके अकाउंट में उसको दिख रहा है क्या है वो? क्या नहीं है। वो स्ट्रेटजीस किसने क्या रिटर्न जनरेट किया है। तो इट्स नॉट पॉसिबल। आपका फेवरेट इंडिकेटर कौन सा है? सच बताऊं तो प्राइस इज़ द बेस्ट इंडिकेटर दैट आई हैव ऑल सीन। बट अगर सब में से कोई एक इंडिकेटर अगर सेलेक्ट करना पड़े तो दैट इज बेसिकली द सुपर ट्रेंड। उसके अलावा डू यू रियली थिंक कि इंडिकेटर्स काम करते हैं या फिर जो लोग बोलते हैं कि इंडिकेटर्स काम नहीं करते। दैट्स ट्रू। इंडिकेटर्स बेसिकली काम करते हैं नहीं करते हैं वो आपके अप्रोच के ऊपर डिपेंडेंट है। बट अगर वन वर्ड आंसर दूं तो इंडिकेटर्स आर वर्किंग डिपेंड कि आप इंडिकेटर से क्या निकालना चाहते हो। आप कौन से इंडिकेटर को किस तरीके से यूज करते हो। आप एक दिन में कितना टाइम स्क्रीन के सामने बिताते हो? लेस देन अ 5 मिनट्स नॉट मोर देन दैट। क्या आपको पता है कि जो 5 लाख की कैपिटल से ट्रेड कर रहा है वो तीन-ती चारचार 6-छ घंटा स्क्रीन के सामने बैठता है? यस आई नो दैट बिकॉज़ वो एक डिस्क्रीशनरी ट्रेडर है। वो हर बार चार्ट को देख के डिसीजन लेता है। तो इसी वजह से वो पांच छ घंटा बैठता है और चार्ट को देख के देखदेख के डिसीजन लेता है। बिकॉज़ उसके पास ऑलरेडी कुछ प्रीडफाइन नहीं है। सर एक चीज मैंने बहुत सुनी है कि आजकल मार्केट चेंज हो गया। बहुत डायनामिक हो गए हैं। बहुत वोलेटिलिटी भी बढ़ गई है। तरीका चेंज हो गया है। अ आपने अपनी जर्नी 10 साल पहले शुरू की थी। राइट? और आप जिस पाथ के ऊपर चले हैं वो आपको यहां पे लेके आया है। डू यू थिंक आज उसी पाथ के ऊपर सेम तरीके से कोई ट्रेड करे तो उस लेवल तक पहुंच सकता है। सो आंसर इज़ यस। जो मैंने सिस्टम्स फॉलो करी है वो थ्रूआउट द ईयर तो चेंज हुई है। राइट? डिपेंड ऑन द मार्केट कंडीशन। बट अगर कोई सिस्टमैटिक वे से ट्रेड करता है और अपने सिस्टम को ऑटोमेट कर देता है इवेंचुअली दे बिकम अ प्रॉफिटेबल और वो अच्छा खासा एक अच्छा ट्रेडर जो है वो बन सकता है। 2 लाख की कैपिटल से ट्रेड करने वाले आजकल 5-प लाख के तीन-तीचार पांच छह स्क्रीन वाले सेटअप बना रहे हैं। ₹50 करोड़ की ट्रेडिंग करने वाले कितनी स्क्रीन्स देखते हैं सर? सच बताऊं तो ऑनेस्टली हम स्क्रीन ही नहीं देखने और ना ही मेरे पास कोई पांच छह स्क्रीन वाला सेटअप है। हम मैं एक ही लैपटॉप स्क्रीन है जहां पे मैं अपने पूरे डैशबोर्ड को मॉनिटर करता हूं और देखता हूं कि हमारे सारे जो अकाउंट्स हैं उसमें क्या प्रॉफिट एंड लॉस हो रहा है। हमारी स्ट्रेटजीस कैसे इवेंचुअली वर्क कर रही है। कुछ स्लिपेजेस तो नहीं है। कुछ प्रॉब्लम तो नहीं है। स्ट्रेटजीस का जो एग्जीक्यूशन है वो तो सही से हो रहा है। डेटा ठीक से आ रहा है। कुछ एरर तो नहीं आई है। बस इतना ही काम होता है। और वो भी मैं नहीं करता। वो भी टीम है वो करती है और वो देखती है और वो ही सॉल्व कर देती है। बाप रे ये तो बहुत कंट्राडिक्शन हो रहा है सर। वन लास्ट क्वेश्चन आप जो स्ट्रेटजीस यूज़ करते हो और जो स्ट्रेटजी पढ़ाते हैं उनमें क्या फर्क है? जो मैं स्ट्रेटजीस यूज़ करता हूं उसके लिए एक डिफरेंट लेवल ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए। जब आपको एक बहुत बड़े कैपिटल के ऊपर ट्रेड करना है या इन्वेस्टमेंट करनी है। बट जो स्ट्रेटजी मैं पहले यूज़ करता था या जो ट्रेडिंग सिस्टम सिंपल है और आज भी हम हमारे कैपिटल में यूज़ करते हैं वो ट्रेडिंग सिस्टम हम हम जो है वो पढ़ाते हैं और वही ट्रेडिंग सिस्टम जो है वो मैं लोगों को रेकमेंड करता हूं या सिखाता हूं। परफेक्ट। आई थिंक दैट्स ऑल सर। एंड बहुत ही इंटरेस्टिंग था ये कि किस तरह से सिंपल स्ट्रेटजीस को यूज़ करके ये पूरा का पूरा जो आपने आपकी ग्रोथ की जर्नी है वो बताई। एंड एंड आई एम रियली इंस्पायर्ड बाय योर जर्नी। मतलब व्हेन व्हेनएवर आई मीट यू नो यंग ट्रेडर्स तो एक अलग सा कनेक्ट फील होता है एंड इट फील्स लाइक अगर वो कर सकते हैं तो हम भी साथ में साथ में कर सकते हैं। सो या इट वाज़ अब्सोल्यूट प्लेजर टॉकिंग टू यू सर एंड हैविंग अस हियर ऑन अपसर्च पॉडकास्ट और सर ये तो सिर्फ दो स्ट्रेटजीस हुई। मुझे और भी सीखना है। हमारी पूरी ऑडियंस को ये और चीजें सीखनी है। तो कैन वी डू सम मोर लर्निंग वीडियोस मोर स्ट्रेटजी वीडियोस फ्रॉम यू? अब्सोलुटली अगर इस वीडियो में हमें अच्छे खासे कमेंट्स आते हैं। राइट? लोग और ज्यादा सीखना चाहते हैं सिस्टेटिक ट्रेडिंग के ऊपर, एल्गो ट्रेडिंग के ऊपर, या कॉम्बिनेशन ऑफ स्ट्रेटजीस के ऊपर तो हम डेफिनेटली वो सभी व्यूअर्स के लिए वीडियोस बनाएंगे और उसको ज्यादा से ज्यादा एजुकेशन प्रोवाइड करने की ट्राई करेंगे। परफेक्ट। थैंक यू सो मच फॉर बीइंग हियर सर। वंस अगेन एंड आपको कैसा लगा ये पूरा का पूरा वीडियो पूरा पडकास्ट। लेट अस नो इन द कमेंट सेक्शन बिलो। और सर से ऐसी ही और स्ट्रेटजी सीखने के लिए कमेंट्स में लिख दो कि वी वांट सम मोर स्ट्रेटजीस फ्रॉम सर। एंड हम मिलते हैं आपसे ऐसे ही अगले इनफेटिव कंटेंट के साथ। टिल देन लाइक एंड शेयर दिस वीडियो विथ ऑल योर ट्रेडर फ्रेंड्स। और सब्सक्राइब कर दो इस वाले चैनल को भी। और या आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वन। अंटिल देन कीप लर्निंग एंड कीप ट्रेडिंग विद अपसर्च।

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