Find the Next Market Move Before Everyone Else (SMC) — backtested on Indian market data | FakeTrades
FakeTrades.in
← all strategies

Find the Next Market Move Before Everyone Else (SMC)

The Trading School · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:27 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational content on price-action structure mapping (SMC-derived concepts: IDM, BOS, CHOCH) for directional bias analysis, not a mechanical rule-based entry strategy.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?
Full transcript (3896 words)
आपके लिए कितना अच्छा होगा अगर आपको पहले से पता हो कि कल का मार्केट किस तरफ मूव कर सकता है या अगर आज सुबह ओपनिंग देखने के बाद आप यह पता लगा सको कि यहां से मार्केट आज अपवर्ड मूव करेगा या डाउनवर्ड आप किसी भी चार्ट में रहो आप इंडियन मार्केट करते हो या कोई स्टॉक करते हो ऑप्शंस करते हो फ्यूचर ट्रेड करते हो आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है स्ट्रक्चर मैपिंग करना स्ट्रेटजी तभी काम करती जब आपके पास मार्केट का सही डायरेक्शन हो क्योंकि एक ही स्ट्रेटजी एक ही समय पे आपको अलग-अलग साइड के एंट्रीज भी दे सकती है। लेकिन अगर आपके पास स्ट्रक्चर मैपिंग का एज है तो आप सही डायरेक्शन में सही साइड की एंट्री सेटअप पे ट्रेड ले सकते हो। तो गाइस आज के वीडियो में हम लोग बात करने वाले हैं स्ट्रक्चर मैपिंग की। एक एडवांस स्टाइल की स्ट्रक्चर मैपिंग जो कि प्राइस एक्शन के स्ट्रक्चर मैपिंग से और ज्यादा बेहतर होगी। मैंने पहले भी आपको प्राइस एक्शन के स्ट्रक्चर मैपिंग के बारे में बताया है और आप लोगों का बहुत सारा प्यार भी मिला है कि आप लोगों को बहुत अच्छे से वह समझ में आया और मार्केट में वह बहुत अच्छे से काम भी कर रहा था। लेकिन फिर भी मैं यह कहूंगा कि एक एडवांस स्टाइल के स्ट्रक्चर मैपिंग से आप अपनी एंट्रीज को और रिफाइन कर सकते हो। और इस स्ट्रक्चर मैपिंग में हम कुछ की पॉइंट्स नोट डाउन करेंगे। सबसे पहले सबसे पहला हायर हाई और हायर लोस। यह हमारे पिछले स्ट्रक्चर मैपिंग में भी था। लेकिन हर हाई एक हायर हाई नहीं होता और हर लो एक हायर लो नहीं होता। सिमिलरली लोअर हाई एंड लोअर लो मतलब हर हाई एक लोअर हाई नहीं होता और हर लो एक नया लोअर लो नहीं होता। इसको कैसे हम रिीडफाइन करेंगे हम यहां समझेंगे। सेकंड पॉइंट एक नया पॉइंट एक नया कांसेप्ट जिसको हम बोलते हैं बीओएस ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर कब मार्केट किसी डायरेक्शन को कंटिन्यू करेगा यह वो सिग्नल देता है। नंबर थ्री चोक सी एच ओ सी एच इसको हम बोलते हैं चेंज ऑफ कैरेक्टर और ये बीओएस क्या है? यह है ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर और नंबर फोर्थ और सबसे जरूरी आई डी एम मतलब इंड्यूसमेंट ये फोर अलग-अलग कांसेप्ट का कॉम्बिनेशन है ये स्ट्रक्चर मैपिंग। यह एक एडवांस स्टाइल की स्ट्रक्चर मैपिंग है। कुछ लोग इसको एसएमसी का भी पार्ट मान सकते हैं। लेकिन हमने इसमें कुछ बेसिक चेंजेस किए हैं एमबीपी में जिससे इसकी एक्यूरेसी और इसका जो बिहेवियर है वो ज्यादा अच्छे से काम करेगा आपके लिए। वीडियो में आगे बढ़ने से पहले हम लोग एक ऐसे ट्रेडिंग प्लेटफार्म के बारे में बात करेंगे जिसमें एक ही प्लेटफार्म पे आप दो चार्ट साथ में एक ही स्क्रीन में देख सकते हो। मतलब यहां पर ड्यूल स्क्रीन फीचर्स होते हैं। आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हो तो आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप अंडरलाइनिंग और डेरिवेटिव का चार्ट साथ में देखो। मतलब निफ्टी का चार्ट भी देखना है। साथ में कॉल या पुट का भी देखना है। या अगर आप चाहते हो कि मैं साथ ही साथ कॉल और पुट के बिहेवियर को साथ में एनालाइज करूं तो वह भी किया जा सकता है। और एक ही चार्ट से आप डायरेक्टली एंट्री या एग्जिट ट्रेड ले सकते हो। मतलब चार्ट में ही डायरेक्टली क्लिक करेंगे तो वहां आप एंट्री भी कर सकते हैं, एग्जिट भी कर सकते हैं। साथ ही साथ डायरेक्टली ड्रैग करके स्टॉप लॉस और टारगेट लगा सकते हो। और सिर्फ स्टॉप लॉस सिंगल एक जगह पर नहीं उसको ट्रेल भी कर सकते हो। और इतना ही नहीं आपके लिए सबसे इंपॉर्टेंट कि आप स्लिपेज से कैसे बचें? तो सिंगल क्लिक पर लिमिट ऑर्डर पर एंट्री होती है। एक ऐसा प्लेटफार्म जिसमें पहले 30 डेज के लिए आपको जीरो ब्रोकरेज लगता है और लाइफ टाइम सिर्फ ₹10 पर ऑर्डर। प्लेटफार्म का नाम है सही। तो सबसे पहले ना मैं एक-एक पॉइंटर को आपको डिटेल से समझाऊंगा। सबसे पहले हम लोगों ने बात करी थी हायर हाई और हायर लो या फिर लोअर हाई एंड लोअर लो। पहले की वीडियो में मैंने यह समझाया है। फिर भी कोशिश कर रहा हूं कि नए व्यूअर्स को एक बेटर व्यू दे सकूं। इसलिए मैं फिर से समझाता हूं। मार्केट जब कभी भी किसी भी लो पॉइंट से एक नया हाई बनाता है और फिर एक नया लो, फिर एक नया हाई, फिर एक नया लो, फिर एक नया हाई। तो, हम यहां देख सकते हैं कि मार्केट में यह हाई है, यह लो है। यह हाई है, यह लो है। यह हाई है। और इसी तरीके से यह एक हाई पॉइंट से मार्केट नीचे गिरा। फिर ऊपर गया, फिर नीचे गिरा, फिर ऊपर गया और फिर नीचे गिरा। हम इसको क्या कहते हैं? ये हाई, ये लो, ये हाई, ये लो। ये हाई, ये लो। अब प्राइस एक्शन में हम इसको हायर हाई, हायर लो, हायर हाई, हायर लो का नाम देते हैं। यहां पर भी एक हाई, एक लोअर हाई। यहां पे लोअर लो। लोअर हाई, लोअर लो। और फिर ये एक नया लोअर लो। प्राइस एक्शन में हम लोग क्या कहते हैं? यही हमारे लिए एक नया हाई बन गया, नया लो बन गया। और इसके कारण एक कॉम्प्लेक्स सिचुएशन बनती है कि मार्केट अचानक से बीच-बीच में स्ट्रक्चर को शिफ्ट करता हुआ दिखता है कि मार्केट अचानक से कभी डाउन ट्रेंड में था। फिर थोड़ा सा एक अप ट्रेंड आया। फिर डाउन ट्रेंड में गया। फिर एक अचानक से अप ट्रेंड का मूव आ गया। और यहां पर बहुत सारे कॉम्प्लिकेशंस होते हैं जिसके कारण हम लोग उसको कई बार इंटरनल ट्रेंड और एक्सटर्नल ट्रेंड का नाम देते हैं। लेकिन इस एडवांस स्ट्रक्चर मैपिंग में सिस्टम थोड़े डिफरेंट हैं। हर हाई एक हायर हाई नहीं है या हर लो एक नया हायर लो नहीं है। उसी तरीके से डाउन ट्रेंड में हर लो एक नया लोअर लो नहीं कहलाता और हर हाई एक नया हायर लो नहीं कहलाता। यहां पे सिस्टम थोड़े डिफरेंट होते हैं। तो यहां से कांसेप्ट चेंज होना शुरू होगा। नाउ वी विल मूव टू सेकंड टॉपिक। सेकंड हमारा टॉपिक है बीओएस। बीओएस मतलब ब्रेक ऑफ ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। अब ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर पे पहुंचने के लिए मैं यह नया वाला हाई हायर हाई एंड हायर लो वाले कांसेप्ट को समझाता हूं। देखिए इस एडवांस स्ट्रक्चर मैपिंग में जब कभी भी मार्केट किसी लो पॉइंट से एक हाई पॉइंट तक जाएगा तो इसे हम सिर्फ हाई कहेंगे। मार्केट वापस नीचे आएगा। अगर मार्केट फिर से ऊपर जाता है तो यह हमारे लिए एक फ्रेश हाई ही होगा। यहां पर भी हम हायर हाई नहीं कहेंगे। लेकिन मार्केट किसी पॉइंट से अगर वापस नीचे आए और प्रीवियस जो लास्ट लो है इसके नीचे अगर मार्केट ट्रैवल करके वापस ऊपर चला जाए तो ही हमें एक नया हायर हाई मिलेगा। और इसी कांसेप्ट को हम कहते हैं न्यू काइंड ऑफ स्ट्रक्चर मैपिंग में हायर हाई। मतलब ये हमारा लो है और ये हमारा हायर हाई है। ठीक है? और ये क्या फॉर्म हुआ? ये हमारा नया हायर लो। इस तरीके से हम ये डिफरेंशिएट कर सकते हैं कि प्राइस कब नॉर्मल हाईज़ बना रहा है और कब एक हायर हाई बना रहा है। अब अगर मार्केट इस हाई पॉइंट को अगर ब्रेक करता है तो फिर हम इसे कहते हैं ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर कुछ और नहीं एक स्विंग हाई का ब्रेकआउट है। यहां पे मैं प्राइस एक्शन के कांसेप्ट को यहां मैच करते हुए आपको बता रहा हूं क्योंकि टर्मिनोलॉजीस कई बार चेंज हो रही है लेकिन सिस्टम वही है। आप किसी हायर हाई को पहले ढूंढे और हायर हाई कब फॉर्म होगा? जब वह लास्ट लास्ट जो हाई फॉर्म हुआ है इसके पहले वाले लो के नीचे एक बार मूव करें और वापस से प्राइस ऊपर जाए और एक नया हाई फॉर्म करें। इस वाले हाई को हम एक हायर हाई कहेंगे। इसके पहले जितने भी हाई है वो सिर्फ नॉर्मल हाईस है। वो रिकॉग्नाइज़ेबल हाईस नहीं है। जब कभी भी प्रीवियस लो के नीचे प्राइस एक बार मूव करे और वापस से ऊपर आए तो तभी हमें एक हायर हाई फॉर्म होता हुआ मिलेगा। अब ये क्या चीज है? इसी को इसी चीज को हम कहते हैं इंड्यूसमेंट या आईडीएम। एक आईडीएम कब फॉर्म होता है? जब कभी भी प्राइस प्रीवियस लो के नीचे ट्रैवल करे या लिक्विडिटी गैब करने जाए। यह एक लिक्विडिटी का ही कांसेप्ट है। आप लोगों ने मेरे पहले के वीडियोस में लिक्विडिटी को समझा होगा। लिक्विडिटी क्यों डेवलप होती है? लिक्विडिटी स्वीप क्यों होती है? लिक्विडिटी की जरूरत क्या है? यह सब कुछ मैंने उस वीडियो में समझाया था। तो, यहां पर भी मार्केट फ्यूल लेने के लिए, फर्दर ऊपर जाने के लिए इस लेवल की लिक्विडिटी स्वीप करता है। और इसी लिक्विडिटी स्वीप को हम यहां इंड्यूसमेंट कहते हैं। अब यहां पर देखिए यहां पे प्रॉपर इंड्यूसमेंट आपको दिख रही है। यह मैंने इंड्यूसमेंट लेवल मार्क किया। इंड्यूसमेंट लेने के बाद लिक्विडिटी लेने के बाद जब कभी भी यह एक हाई बनाता है इसको हमने हायर हाई मार्क किया। अगर मार्केट इस लेवल के ऊपर ट्रैवल किया तब हम इसको कहते हैं ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। मतलब यह कंटिन्यू कर रहा है एक डायरेक्शन में। यहां पर हमें नया हाई फॉर्म होता हुआ दिख रहा है। रिकॉग्नाइज़ेबल हाई फॉर्म होता हुआ दिख रहा है। ऐसी जगह पर ही हम ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर रिकॉग्नाइज़ करते हैं। ये एक सिग्नल होता है कि मार्केट जिस डायरेक्शन में मूव कर रहा है, वहां पे उस डायरेक्शन को कंटिन्यू कर रहा है। तो यहां पे हमें डायरेक्शन क्या दिख रहा है? अप ट्रेंड। हमारी कोशिश क्या है? मार्केट में अपटेंड या डाउन ट्रेंड ढूंढने की या फिर कब मार्केट साइडवेज है? यह फाइंड आउट करने की। तो यहां पर हमने दो और टर्म समझा कि मार्केट कब इंड्यूसमेंट दिखा रहा है। इंड्यूसमेंट होने के बाद ही ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हो सकता है और ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर तभी होगा जब वो हायर हाई को तोड़ के ऊपर जाएगा। अब यहां पे हमारे पास एक हायर हाई है और एक हायर लो है। अब यह लेवल भी मैं मार्क कर देता हूं। ठीक है? मार्केट इसी तरीके से अगर प्रीवियस लेवल की इंड्यूसमेंट लेते हुए जैसे यहां पे फिर से आईडीएम हुआ और इस आईडीएम को लेते हुए मार्केट फिर से ऊपर जाएगा तो यहां पे आपके पास एक और हाई फॉर्म हो जाएगा और इसको हम एक नया हायर हाई रिकॉग्नाइज करेंगे। ठीक है? अगर यह कांसेप्ट आपका क्लियर हो गया है तो हम नेक्स्ट कांसेप्ट की तरफ चलते हैं। दैट इज चोक मतलब चेंज ऑफ कैरेक्टर चेंज ऑफ कैरेक्टर किस तरीके से अब यहां पर देखिए मैं ऐसे स्ट्रक्चर बना देता हूं। यह आपके पास लोअर हाई ये आपका आईडीएम ये आपका हायर हाई मार्केट वापस नीचे आया। यहां से बीओएस ओके। वापस मार्केट इस लेवल के नीचे आता है। आईडीएम हुआ। मार्केट वापस इस लेवल के ऊपर जाता है। मतलब बीओएस हुआ। ओके? मार्केट वापस नीचे आता है। यहां पे आपका आईडीएम हुआ। और वापस मार्केट ऊपर जाता है। तो ये आपका बीओएस हुआ। मतलब मार्केट एक ही साथ आईडीएम और बॉस भी बना सकता है। यहां पे मैंने उसका एग्जांपल दिया। यहां पे हमारे पास बॉस नहीं था। ये प्रीवियस लेवल पे हमारे पास बॉस नहीं था। बॉस तभी बनेगा जब वो प्रीवियस हायर हाई को ब्रेक करके ऊपर जाएगा। यहां पे हमारे पास हायर हाई नहीं है। यहां पे हमारे पास हायर हाई है। ये चीजें आपको चेक करनी पड़ेगी। हायर हाई के ब्रेकआउट को ही हम ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर मानते हैं। नॉर्मल किसी हाई का अगर ब्रेकआउट होता है तो हम उसको ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर नहीं मानते। अब आते हैं चेंज ऑफ करैक्टर पे। चेंज ऑफ करैक्टर कब होगा? अगर मार्केट इस तरीके से हायर हाई और लोअर हाई फाइंड कर ले रहा है। मार्केट अगर इसके ऊपर गया तो आप क्या बोलोगे? ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ। लेकिन मार्केट बाय चांस अगर इसके नीचे आ गया। किस लेवल के नीचे? लोअर हाई के नीचे। तो हम इसको कहते हैं चेंज ऑफ कैरेक्टर या चोक। सिंपल टर्म्स में सिंपल भाषा में अगर समझे मार्केट अगर अप ट्रेंड में है अप ट्रेंड। मार्केट अगर अप ट्रेंड में हायर हाई को ब्रेक किया तो यह बॉस कहलाता है। लोअर हाई को अगर नीचे की तरफ ब्रेक किया डाउनवर्ड। यह अपवर्ड की बात है। यह यह अपवर्ड डायरेक्शन की बात है। अपवर्ड डायरेक्शन में अगर हायर हाई को ब्रेक कर रहा है अप ट्रेंड में तो यह बॉस कहलाता है। और अगर अप ट्रेंड चलते हुए वो लोअर हाई को नीचे की तरफ ब्रेक कर दे तो वो चोक कहलाता है। ठीक है? इसी तरीके से डाउन ट्रेंड में भी बता देता हूं। डाउन ट्रेंड में अगर मार्केट लोअर हाई को नीचे की तरफ ब्रेक करता हुआ चल रहा है तो यह बॉस कहलाता है। और अगर यह वापस रिवर्स होकर लोअर सॉरी यहां पे लोअर लो अगर डाउन ट्रेंड में मार्केट लोअर लो को तोड़ते हुए नीचे की तरफ मूव कर रहा है तो वह बॉस कहलाएगा। अगर लोअर हाई को रिवर्सल में मूव करके ब्रेक कर दिया तो वो हमारे लिए चेंज ऑफ कैरेक्टर मतलब चोक बन जाता है। ड्राइंग में भी एक बार ड्रॉ करके आप लोगों को दिखा देता हूं। मार्केट इस तरीके से मूव कर रहा है। अभी नॉर्मल हाईज़ एंड लोज़ बन रहे हैं। लेकिन लास्ट जो हाई था उसके ऊपर की इंड्यूसमेंट गैब करे या लिक्विडिटी गैब करे। आईडीएम बनाए और वापस से मार्केट यहां पे आ जाए। तो यह हमारे लिए एक नया लोअर लो बन गया। और यह आईडीएम लेवल क्या है? लोअर हाई। मार्केट वापस से अगर इस लेवल को ब्रेक करेगा तो यह हमारे लिए बॉस है। और अगर मार्केट इस लेवल के नीचे चला गया, लोअर हाई के नीचे चला गया तो हमारे लिए चोक है। मुझे लगता है कि कांसेप्ट बहुत सिंपल भाषा में आप लोग को बहुत ईजीली समझ में आई होगी। अब इसी चीज को हम लोग चार्ट में ले चल के देखेंगे। यह है निफ्टी का 1 मिनट का चार्ट और 1 मिनट टाइम फ्रेम मैंने इसलिए सेलेक्ट किया है क्योंकि 1 मिनट में एनालिसिस सबसे ज्यादा टफ होती है। अगर आप वन ऑवर ट्रेड कर रहे हो बहुत अच्छी बात है। 5 मिनट ट्रेड कर पा रहे हो और अच्छी बात है और 1 मिनट अगर आप ट्रेड कर रहे हो तो वो और ज्यादा टफ हो जाता है। तो इफ यू आर क्रैकिंग 1 मिनट देन यू आर डूइंग रियली वेल। अब यहां पर देखिए प्राइस इस लेवल से ऊपर की तरफ मूव करना शुरू किया। ठीक है? यह हाई बन गया। यह लो बन गया। नाउ थोड़ा सा ऊपर जाता है। एक नया हाई, एक नया लो। अभी तक हमारे पास किसी लेवल की इंड्यूसमेंट नहीं हुई है। वापस से मार्केट एक नया हाई बनाता है। अब जब यह मार्केट नीचे की तरफ आ रहा है। ओके? अब यहां पर देखिए इसी को हम कहते हैं आई डी एम। अब आईडीएम के लॉजिक को समझिएगा। लास्ट हाई के पहले वाला जो लो है इस लो के नीचे जब मार्केट जाएगा मतलब लेफ्ट साइड वाला पहले वाला लेफ्ट साइड वाला मैं बार-बार इसलिए मेंशन कर रहा हूं क्योंकि इसी में लोग गलती करते हैं और पीछे नहीं जाना है। जस्ट जो लास्ट हाई बना है उसके पहले वाला जो लो है उसके नीचे अगर प्राइस ट्रैवल करे यहां की लिक्विडिटी गैब करे और वापस से मार्केट अगर ऊपर चला जाए तो इसी को हम आईडीएम कहते हैं। ओके अब मार्केट ने यहां पे क्या फॉर्म किया? दिस इज़ हायर लो। यह पहले जो लो थे यह नॉर्मल लोस है। नाउ दिस इज़ हायर लो। और यह जो प्राइस ने ब्रेकउ दिया है, दिस इज ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। अब हमारे पास नया हायर हाई फॉर्म हुआ है। यह आपको इंडिकेट कर रहा है कि मार्केट ने एक नया हाई और नया हायर लो बनाया। अब देखिए वापस से प्राइस नीचे आया। वापस से प्राइस एक नया हाई बनाता है। ओके? फिर मार्केट नीचे आया। फिर ऊपर गया। अब यहां पे थोड़ा सा रिट्रेस करके वापस ऊपर गया। अब यहां पर देखिए यह हमारे लिए नया नॉर्मल हाई यह हायर हाई नहीं है। और इसके पहले वाला जो यह लो है इस लो के नीचे प्राइस ने यहां ट्रेवल किया। यह है हमारा आइडियल। ओके? वापस से प्राइस ऊपर गया। लेकिन अभी तक बीओएस नहीं हुआ। बीओएस कब होगा? जब इस लेवल को मार्केट क्रॉस करेगा। दिस इज़ बीओएस। और यहां पे हमारा ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ। मतलब मार्केट विल कंटिन्यू अपवर्ड। तो सिग्नल क्या है? स्ट्रक्चर मैपिंग क्या है? अप ट्रेंड के लिए आपको ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर देखना है। ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर कब मिल सकता है? जब पहले आपको इंड्यूसमेंट मिला हो। या फिर इसको थोड़ा सा और ब्रेक कर देते हैं। ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर आपको तब मिलेगा जब आपके पास हायर हाई या हायर लो मिले और हायर हाई हायर लो फॉर्म करने के लिए आपके लिए इंड्यूसमेंट जरूरी है। आईडीएम जरूरी है और आईडीएम लिक्विडिटी से आती है। अगर आपके पास यह नॉलेज है, यह कांसेप्ट की अंडरस्टैंडिंग है, तभी आप मार्केट में एक अच्छा डायरेक्शन एनालिसिस कर सकते हो, स्ट्रक्चर मैपिंग कर सकते हो। इसी तरीके से अब हम डाउन ट्रेंड भी देख लेते हैं। अब ये डाउन ट्रेंड का चार्ट देखिए। मार्केट यहां से गिरना स्टार्ट हुआ। मार्केट ने एक लो और फिर एक हाई फॉर्म किया। मार्केट वापस नीचे आता है। फिर एक लो। फिर एक छोटा सा हाई, फिर एक लो, फिर एक हाई और फिर एक लो फॉर्म करता है। वापस से मार्केट ऊपर जाता है, फिर एक नया लो लगाता है। अब मार्केट ने देखिए इस लेवल के ऊपर ट्रैवल किया। अब यह क्या है? मैंने क्या कहा था? किसी लो के पहले वाला जो हाई है रीसेंट जस्ट लेफ्ट साइड में उसका जो हाई है उसके ऊपर अगर मार्केट ट्रैवल करता है लिक्विडिटी स्वीप करता है तो इसी को हम आईडीएम कहते हैं। मार्केट यहां से वापस नीचे आया और हमें वेट करना है कि मार्केट लास्ट जो हाई है यहां पे लास्ट जो लो है उसके नीचे कब ट्रैवल करें। अब यहां पर अगर आप देखोगे यह लेवल है। ठीक है? जैसे ही आईडीएम फॉर्म किया तो हमारे लिए एक लोअर हाई फॉर्म हो गया और यहां पे लोअर लो बन गया। जैसे ही इसका ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ। अब यहीं से इंडिकेट हो गया था कि मार्केट यहां से डाउन ट्रेंड पे जाएगा। ठीक है? अब यहां से वापस मार्केट नीचे चला जाता है। सिंपल अंडरस्टैंडिंग है। अब ट्रेड कहां से लेना है? दैट इज अ डिफरेंट सिस्टम डिफरेंट लॉजिक ऑल टुगेदर। क्योंकि स्ट्रक्चर मैपिंग सिर्फ कर लेने से एक अच्छे सेटअप की एंट्री नहीं मिल जाती। लेकिन आपके पास एंट्री के कई अलग-अलग लॉजिक हो सकते हैं। लेकिन जरूरी है कि आप डायरेक्शन कैसे फाइंड करो। यहां पर हम लोगों ने यूज किया है एसएमसी की स्ट्रक्चर मैपिंग और उसमें इंप्रूवमेंट किया है आईडीएम और हायर हाई हायर लोस के साथ क्योंकि एसएमसी के स्ट्रक्चर मैपिंग में भी बहुत कंफ्यूजन है सिर्फ हायर हाई हायर लो या लोअर हाई लोअर लोस को लेके। यहां पे हम हर हाई या हर लो को हायर हाई या हायर लो नहीं कह रहे। यहां आईडीएम के बिना नहीं होंगी चीजें एज बीओएस नहीं कहलाएगी और एज चोक नहीं कहलाएगी। अब यहां पे हम एक ऐसा पॉइंट भी देख लेते हैं जहां पे चेंज ऑफ कैरेक्टर होता हुआ दिख रहा हो। अभी यहां पर देखिए अभी रिसेंटली हम लोगों ने इसी चार्ट को ज्यादा लार्जर व्यू में देखने की बजाय ज्यादा ज़ूम इन करके देखा था। अब मैं थोड़ा ज़ूम आउट करके दिखा रहा हूं। यहां से मार्केट नीचे गिर रहा था और इस तरीके की इंड्यूसमेंट लेते हुए मार्केट फर्दर नीचे की तरफ डाउन ट्रेंड ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर करते हुए नीचे आ गया। अब यहां पर देखिए कि मार्केट फिर से एक नया लो बनाता है। फिर हाई एक इनिशियल हाईज़ एंड लोस फॉर्म कर रहा है। अब ये जो हमारे पास लास्ट स्विंग हाई था दिस वन ये वाला जो हमारे पास हाई था इसकी जब तक यह आईडीएम नहीं करेगा तब तक हमारे पास नया ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर नहीं हो सकता था। अब इसने आईडीएम फॉर्म किया। नाउ वी आर गेटिंग लोअर हाई और जैसे ही इस लेवल का यह ब्रेक करे यह हमारे पास ब्रेकडाउन हुआ और यह हमारे लिए बीओएस बन गया। अब अगर मार्केट इस लेवल को क्रॉस करता है जो कि आप यहां देख रहे हो यह क्रॉस किया। जैसे ही मार्केट लोअर हाई को क्रॉस करेगा तो हमारे लिए एक चेंज ऑफ कैरेक्टर बन जाएगा। जब कभी भी हमें ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर मिलता है ना तो हमें लोअर लो दिस पॉइंट और यह लोअर हाई यह वाला पॉइंट मिलता है। मैंने हर बार यही कहा कि अगर लोअर लो को ब्रेक करेगा कंटीन्यूअसली आईडीएम करते हुए तो फिर वो हमारे लिए ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर होगा और अगर वो प्रीवियस लोअर हाई को ब्रेक कर देता है तो वो चेंज ऑफ करैक्टर होगा। अब यहां पर देखिए इस लेवल को क्या हमें चेंज ऑफ कररेक्टर कहना चाहिए या आईडीएम कहना चाहिए। नाउ इट इज़ एन इंटरेस्टिंग पॉइंट। अगर हम इस लेवल को मार्क करें कि इसके पहले वाला स्विंग क्या था? तो यहां पे आपको आईडीएम दिख रहा है आईडीएम। हायर टाइम फ्रेम पे अगर आप जाके देखेंगे तो लास्ट हाई यह वाला पॉइंट है। तो ये चोक की जगह आपके लिए आईडीएम कहलाएगी। क्योंकि जब तक प्रॉपर हायर टाइम फ्रेम पर कैंडल क्लोज नहीं होती तब तक वह क्लियर चौक नहीं है। यह छोटा टाइम फ्रेम 1 मिनट इसमें ट्रैपिंग दिख रही है आपको। यहां पे लिक्विडिटी गैब दिख रही है और यही एक्चुअली आइडियम है। यहां से आपको एक चीज़ समझना है कि किसी भी टाइम फ्रेम पे यह स्ट्रक्चर मैपिंग करना सही नहीं है। आपको एक हायर टाइम फ्रेम पे इस स्ट्रक्चर मैपिंग को करना चाहिए। और मिनिमम जो मैं टाइम फ्रेम सजेस्ट करूंगा दैट इज़ 15 मिनट। मतलब अगर आपको स्कैल्पिंग भी करनी है, दैट टू यू नीड नॉट टू जंप इन 1 मिनट। आप 15 मिनट से स्ट्रक्चर मैपिंग करिए। एंट्री सेटअप आप छोटे टाइम फ्रेम पर जरूर कर सकते हैं। लेकिन आपको हायर टाइम फ्रेम पे अगर आप स्ट्रक्चर मैपिंग करते हैं तो आपके पास बेटर डायरेक्शन एनालिसिस मिलेगी। ओके? तो यहां पे प्राइस ने आईडीएम किया और वापस से इस लेवल पे आपको बीओएस मिल रहा है। ठीक है? ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ और कंटिन्यू मार्केट नीचे चला गया। इस लेवल के ऊपर जब मार्केट जाएगा, अब यह आपके लिए नया लोअर हाई और यह नया लोअर लो फॉर्म कर रहा है। अगर इसके ऊपर मार्केट क्लोज करे यह देखिए यहां जैसे क्लोज किया फर्दर इसके ऊपर क्लोज किया तो मार्केट यहां से फिर ऊपर की तरफ डायरेक्शन में मूव कर जाएगा। याद रखिएगा हायर टाइम फ्रेम विल गिव बेटर रिजल्ट्स एज कंपेयर टू लोअर टाइम फ्रेम। और 1 मिनट, 3 मिनट, 5 मिनट जैसे टाइम फ्रेम पे इंस्ट्रक्शन मैपिंग नहीं की जाती है। 15 मिनट इज द लीस्ट टाइम फ्रेम। 1 घंटा, 4 घंटा, एक दिन विल बी वेरी गुड फॉर डायरेक्शनल एनालिसिस। मुझे लगता है कि इस नए स्ट्रक्चर मैपिंग की आप लोगों को थोड़ी प्रैक्टिस करनी चाहिए क्योंकि विदाउट प्रैक्टिस आप एक अह कॉम्प्लिकेशन में फसेंगे। आपको लगेगा कि यह नई चीज उतना ज्यादा यूज़फुल नहीं है। मेरे लिए तो पहले ही स्ट्रक्चर जो मैं मैप करता था, वह बेटर है। लेकिन मैं यह कहूंगा कि इसको जरूर से प्रैक्टिस करके देखिए। यह आपके ट्रेडिंग रिजल्ट्स को बेटर डायरेक्शन की तरफ लेकर जाएगा।

💬 Trader reviews (traded this? tell others what really happened)

No reviews yet — be the first. Real experiences help other traders more than any backtest.

User opinions, not investment advice. Reviews are moderated before publishing.