Fibonacci Retracement Trading Strategy | ICT + SMC Trading Course (Ep.6) | Liquidity Sweep — backtested on Indian market data | FakeTrades
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Fibonacci Retracement Trading Strategy | ICT + SMC Trading Course (Ep.6) | Liquidity Sweep

Neeraj joshi · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:30 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational lecture on ICT concepts (OTE, Fibonacci retracement, standard deviation, order blocks, displacement) for chart analysis refinement — no mechanical, rule-based trading strategy with defined

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (4899 words)
दोस्तों स्वागत है आपका हमारे एडवांस ट्रेडिंग कोर्स के पार्ट सिक्स में जिसमें आज हम बात करने वाले हैं ओटीई यानी ऑप्टिमल ट्रेड एंट्री के बारे में फिबोनाची के बारे में स्टैंडर्ड डेविएशन के बारे में एंट्री रिफाइनमेंट इंस्टीट्यूशनल एंट्री मॉडल और कॉन्फ्लुएंस बिल्डिंग के बारे में इससे पहले ऑलरेडी हम आपको बहुत सारे कांसेप्ट क्लियर कर चुके हैं जो हमारी इससे पहले की वीडियोस आई हैं जिसमें हमने आपको आईसीटी एंड फ्रैक्टल मार्केट स्ट्रक्चर लिक्विडिटी डीलिंग रेंज प्रीमियम डिस्काउंट सीबीडीआर सीआईएसडी डिस्प्लेसमेंट फेयर वैल्यू गैप इनवर्स फेयर वैल्यू गैप पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट और ऑर्डर ब्लॉक्स के बारे में ऑलरेडी बता चुका है। तो चलिए इस टॉपिक को समझते हैं जो कि आज हम ट्यूसडे को बता रहे हैं। इसके बाद जो हमारा नेक्स्ट लेक्चर आएगा उसमें हम आपको मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस के बारे में बताएंगे जो कि सैटरडे को आएगा। फिर ट्यूसडे और फिर सैटरडे को यानी हर ट्यूसडे और हर सैटरडे को हमारा एक लेक्चर आ रहा है। तो चलिए इसको शुरू करते हैं। लेकिन शुरू करने से पहले वीडियो को लाइक करके अपनी अटेंडेंस जरूर मार्क कर दीजिएगा। और आपकी ऐज क्या है? आप कहां से इस वीडियो को देख रहे हैं? यह कमेंट करके जरूर बताइएगा। तो चलिए समझते हैं हमारे सबसे पहले कांसेप्ट ओटीई के बारे में। ओटीई यानी ऑप्टिमल ट्रेड एंट्री। आईसीटी का एक ऐसा कांसेप्ट है जो मार्केट में हाई प्रोबेबिलिटी रिट्रेसमेंट ज़ोन को आइडेंटिफाई करने के लिए यूज़ किया जाता है। जिससे हम बेटर रिस्क रिवॉर्ड वाले ट्रेड्स ढूंढ सकते हैं। हमारी जो एंट्री की लोकेशन होगी वो काफी बेटर हो सकती है। लोकेशन के बारे में हमने इससे पहले भी बात की है। हमारा जो ड्रॉडाउन होगा उसके चांसेस भी कम होंगे। साथ ही यह हमारी हेल्प करता है हाई प्रोबेबिलिटी एंट्रीज ढूंढने के लिए। यहां पर एक चीज आपको क्लियर कर दूं कि ओटीई कोई स्ट्रेटजी नहीं है बल्कि आपकी जो भी स्ट्रेटजी है उसको रिफाइन करने का ये एक टूल है। अब ओटीई को अगर आप देखेंगे तो आपको ये बिल्कुल फिबोनाची रिट्रेसमेंट जैसा देखने को मिलेगा। अगर आपको नहीं पता फिबोनाची रिट्रेसमेंट क्या है तो मैं आपको बता दूं कि ये कुछ स्क्रीन में इस तरीके का नजर आता है और इसका भी हम काफी ज्यादा ट्रेडिंग में यूज़ करते हैं। लेकिन यहां पर ओटीई जो है वो बिल्कुल इसी तरीके का नजर आता है। मतलब एक्चुअल में अगर आप चार्ट पे लगाएंगे तो आपको बिल्कुल सेम भी दिखाई दे सकता है। और टूल हम फिबोनाची वाला ही यूज़ करते हैं। बट फिबोनाची रिट्रेसमेंट में क्या है? यहां पर हमें काफी सारे लेवल्स दे रखे हैं। जैसे 0.236 का भी लेवल है, 0.382 का भी लेवल है। और उसके अलावा भी काफी लेवल है। तो ओटीई में हम क्या करते हैं? हम इन सारे लेवल्स पे नहीं जाते हैं बल्कि जो सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट लेवल्स हैं जैसे कि ये 0.5, 0.62 और 0.79 का जो लेवल है हम इन पे ज्यादा फोकस करते हैं। क्योंकि आईसीटी ये मान के चलता है कि जो बड़े इंस्टीटशंस हैं उनकी जो एंट्री होने के चांसेस हैं वो इन्हीं लेवल्स के पास सबसे ज्यादा होते हैं। यहां पर मैं एक और चीज आपको क्लियर कर दूं कि ये जो 0.5 का लेवल है ये यहां पर प्रीमियम एंड डिस्काउंट के भी काम आता है जो कि हमने इससे पहले डिस्कस किया है। इसके अलावा 0.62 और 0.79 का जो लेवल है यह एंट्री रिफाइनमेंट के काम आता है। चलिए सीधा इसको चार्ट पे समझते हैं। अब ओटीई को चार्ट पे समझने से पहले अगर आप क्रिप्टो के फ्यूचर्स में ट्रेड करने के लिए अपना अकाउंट ओपन करना चाहते हैं, तो आप डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन कर सकते हैं। यह इंडिया में एफआईओ रजिस्टर्ड है। मैं खुद भी इसका यूज़ करता हूं। और अगर आप हमारे लिंक का यूज़ करके डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन करते हैं, तो आपको हमारी तरफ से अधीराई का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन बिल्कुल फ्री में मिलता है। बट इसके लिए हमने आपको डिस्क्रिप्शन में Google फॉर्म का लिंक दे रखा है। उसको जरूर फिल कर लीजिएगा। साथ ही डेल्टा एक्सचेंज का लिंक भी आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। इसके अलावा अगर आपने कभी भी हमारे लिंक के थ्रू डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन किया है या फिर आप करते हैं तो हम आपको हमारे प्राइवेट Telegram चैनल में भी ऐड करेंगे जहां पर हम आपको पूरे डिटेल में लाइव मार्केट एनालिसिस रेगुलरली देते रहते हैं। तो उसके लिए भी आपने सेम Google फॉर्म को फिल करना है। तो Google फॉर्म जरूर फिल कीजिएगा। तो ओटीई को समझने के लिए हम आ चुके हैं चार्ट पे। चार्ट पे आने के बाद आपने क्या करना है? आपने यहां पर आपको एक फिबोनाची रिट्रेसमेंट वाला टूल मिलता है। आपने इस टूल को सेलेक्ट कर लेना है। उसके बाद अगर मान लीजिए आप शॉर्ट करना चाहते हैं या शॉर्ट करने की एंट्री देखना चाहते हैं तो आपने हाई टू लो जो हमारा फिबोनाची रिट्रेसमेंट है उसको मार्क करना होता है। और अगर आप बाय करने की एंट्री देखना चाहते हैं तो लो टू हाई आपने मार्क करना होता है। अब यहां पर आपको करंट चार्ट दिखाई दे रहा है। आप इसमें देख सकते हैं कि अगर मान लीजिए इससे आगे का चार्ट अभी नहीं बन रखा होता। आप यह मान के चलिए और मैं देखना चाहता कि भाई मुझे यहां पर शॉर्ट करना है तो मैं कहां पे कर सकता हूं। तो इसके लिए हमें क्या करना है? हमें यह दिखाई दे रहा है स्विंग हाई। हम इससे लेके आए जो हमने यहां से फिबोनाची टूल को सेलेक्ट कर रखा है उसको। तो यहां पर आपको दिखाई दे रहा है स्विंग हाई है और हम शॉर्ट करने की एंट्री यहां पे प्लान करना चाहते हैं। मान लीजिए इसके आगे का चार्ट नहीं बन रखा है। तो हमने क्या किया? हमने ये था स्विंग हाई। स्विंग हाई से मार्क करना शुरू किया और यहां पे स्विंग लो यह वाला था। हम यहां तक इसको लेकर गए और उसके बाद सेम लेवल पे यह वाला हमारा स्विंग लो था। सेम लेवल पे जाने के बाद हमने इसको थोड़ा सा आगे को एक्सटेंड कर देना है। कुछ इस तरीके से। तो ऐसे हम मार्क करते हैं हमारे ओटीई को और फिबोनाची रिट्रेसमेंट को भी कुछ इसी तरीके से मार्क किया जाता है। लेकिन जब आप फिबोनाची रिट्रेसमेंट टूल को मार्क करेंगे तो यहां पर क्या होगा ना यहां पर आपकी जो सेटिंग्स होंगी वो डिफरेंट होंगी। तो इसके लिए आपने क्या करना है? जो सेटिंग्स मैंने यहां पर लगा रखी हैं, आपने उन सेटिंग्स को ही सेलेक्ट कर लेना है। बेसिकली जो यहां पर फालतू के सेलेक्ट हो रखे थे, हमने उनको हटा दिया है। और ये हमने यहां पर सेटिंग्स कर दी है जिसमें 1, 0.5, 0.79, 0.62 और ज़ीरो लेवल हमने यहां पर सेलेक्ट कर रखा है। इसके अलावा हमने थोड़ा बहुत कलर की सेटिंग्स कर रखी हैं जो आप करना चाहते हो तो कर सकते हो, नहीं करना चाहो तो वो आपके ऊपर है। तो आप यहां से इन सेटिंग्स को कॉपी कर सकते हो और उसके बाद आपने ओके पे क्लिक कर देना है। अब जैसे ही आप यहां पर अपना जो ओटीई है उसको मार्क कर देते हैं तो अब देखिए हम सबसे पहली चीज हमें यहां पर क्या समझ आ रही है? सबसे पहली चीज हमें समझ आ रही है यहां पर प्रीमियम डिस्काउंट के बारे में। देखिए जो 0.5 का लेवल है इससे नीचे का जो एरिया है मतलब यहां से लेके यहां तक का जो एरिया है ये हमारा डिस्काउंट लेवल है। और जो इससे ऊपर का एरिया है वो हमारा क्या है? वो हमारा प्रीमियम ज़ोन है। मतलब 0.5 आपको यह दिखाई दे रहा है। इससे नीचे डिस्काउंट है। इससे ऊपर प्रीमियम ज़ोन है। तो अगर आप शॉर्ट करना चाहते हैं तो आप महंगे से महंगे में बेचना चाहेंगे ना तो आपने देखना है कि जब प्राइस 0.5 से ऊपर है आप तब शॉर्ट करने के बारे में सोचेंगे। और अगर आप बाय करना चाहते हैं जो कि इस केस में तो नहीं बन रहा है। लेकिन मान लीजिए आप बाय करना चाहते हैं तो फिर आप 0.5 लेवल के नीचे करेंगे। मैं आपको दूसरा एग्जांपल दिखाऊंगा। उसमें आपको चीजें क्लियर हो जाएंगी। तो पहली चीज तो आपको यहां से ये समझ आ रही है कि चीज प्रीमियम में मिल रही है या फिर डिस्काउंट में मिल रही है। अब इसके बाद दूसरा जो सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट यहां पर ओटीई हमारी हेल्प करता है वो है एंट्री रिफाइनमेंट में। तो एंट्री रिफाइनमेंट को इस तरीके से समझो कि अगर मान लो मैं यहां पर अपना शॉर्ट करने का कुछ प्लान कर रहा होता तो हो सकता है मैं यहां पर शॉर्ट कर देता। यहां पर शॉर्ट कर देता। अब अगर मैं यहां पर शॉर्ट करता तो कोई प्रॉब्लम नहीं है। प्राइस तो नीचे गई है। लेकिन ध्यान से यहां पर एक बात समझो कि अगर मैं यहां पर शॉर्ट करता तो मेरा जो स्टॉप लॉस होता वो मुझे करीब-करीब यहां पे रखना होता जो कि एक काफी बड़ा स्टॉप लॉस होता। जबकि ये जो ओटीई है ये मुझे बता रहा है कि भाई जो प्राइस है ना वो 0.62 या 0.79 के लेवल तक भी जा सकती है। जो कि इस केस में अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको दिखाई देगा कि प्राइस 0.79 के लेवल तक गई है। अगर आप वहां तक वेट नहीं भी करते आप 0.62 के लेवल पे भी अपनी एंट्री लोगे तो आपका जो स्टॉप लॉस होगा अब वो छोटा होगा। यानी यहां पर हमारा जो स्टॉप लॉस है अगर हम उसको छोटा रखना चाहते हैं, बड़े टारगेट के पीछे जाना चाहते हैं तो उसके लिए हम इसकी सबसे पहले हेल्प ले सकते हैं। तो अब आपको थोड़ा बहुत ओटीई कीेंस समझ आ गई होगी। तो चलिए अब एग्जांपल देखते हैं। वहां से चीजें आपको और बेटर क्लियर होंगी। तो अब देखिए यहां पर हमारे सामने एक प्लेन चार्ट है और यहां पर क्योंकि हमें दिखाई दे रहा है कि भाई अप ट्रेंड चल रहा है। तो मैं यहां पर बाय करने की एंट्री लूंगा। लेकिन अब वो एंट्री मुझे कहां पर लेनी है? क्या मुझे यहीं पर बाय कर लेना चाहिए? यहां पर बाय करना चाहिए। कहां पर बाय करना चाहिए? यह मैं समझना चाहता हूं। तो बाय करने के लिए हम क्या करेंगे? यह जो हमारा ओटीई है या जो फिबोनाची रिट्रेसमेंट टूल है उसको लो टू हाई लगाते हैं। अब वो कैसे लगाना है? इसके लिए देखिए यहां पर आपको दिखाई दे रहा है ये हमारा फिबोनाची रिट्रेसमेंट टूल है। हमने इस पे क्लिक किया। उसके बाद हम गए। यह हमारा लो वाला लेवल है। तो हम लो वाले लेवल पे आ गए और लो लेवल से लेके हम हाई तक इसको लेकर गए हैं। ये हो गया हाई। अब हाई पे जाने के बाद सेम लेवल पे हमने इसको थोड़ा सा आगे को एक्सटेंड कर देना है। कुछ इस तरीके से। तो ऐसे हम अपने ओटीई लेवल को मार्क कर सकते हैं। फिबोनाची रिट्रेसमेंट ही है। बस यहां पर हमने कुछ लेवल्स को हटा दिया है। इसलिए हम उसको ओटीई यानी ऑप्टिमल ट्रेड एंट्री बोल रहे हैं। तो अब देखिए इस केस में हमें पता है कि जब प्राइस 0.5 के लेवल के ऊपर है। इसका मतलब अभी प्राइस प्रीमियम लेवल पे है। अगर ये 0.5 लेवल के नीचे आती है तो हमें पता चल जाएगा कि प्राइस जो प्राइस है वो अब डिस्काउंट लेवल के पास आ गई है। तो पहला तो हमें पता है कि यहां पर बाय करने की एंट्री प्लान करना एक अच्छा ऑप्शन नहीं है। जबकि अगर मैं यहां पर कहीं पे बाय करने की एंट्री प्लान करूंगा तो वह एक बेटर ऑप्शन हो सकता है। लेकिन सिर्फ इतना ही देख के तो हम अपनी एंट्री प्लान नहीं करेंगे। तो अब चलिए देखते हैं कि जब मैंने ओटीई मार्क कर दिया तो उसके बाद आखिर चार्ट में हुआ क्या? तो यहां पर आप देख सकते हैं इसके बाद प्राइस सीधा गिरी और गिरते-गिरते हमारे 0.62 का जो लेवल है इसके पास तक प्राइस यहां पर आ चुकी थी। अब जैसे ही प्राइस 0.62 के लेवल के पास आ गई तो अब हमें यहां पर कोई ना कोई कंफर्मेशन देखना था कि भाई ऐसा भी तो हो सकता है प्राइस यहां से और नीचे गिर जाए। तो मुझे पता तो होना चाहिए कि एक्चुअल में प्राइस यहां से बढ़ेगी या फिर नहीं बढ़ेगी। तो इसके लिए अगर आप ध्यान से चार्ट को देखेंगे तो आपको दिखाई देगा कि यहां पर एक्चुअल में चेंज ऑफ कररेक्टर भी हुआ था और वो चेंज ऑफ करैक्टर आप कैसे मार्क करेंगे? देखिए यहां पर मैं आपको मार्क करके दिखाता हूं। आप देख सकते हैं पहले डाउन ट्रेंड चल रहा था। अगर हम इससे लगते हुए लाइन मार्क करें तो यहां पर हमारा एक ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ था। उसके बाद आप देख सकते हैं यहां पर भी हमारा एक ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ था जो कि डाउन ट्रेंड में था। उसके बाद हम यहां से लगते हुए लाइन मार्क करते लेकिन प्राइस इस लेवल के नीचे नहीं आई। यानी हमारा यहां पर ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर नहीं हुआ है। तो अब हम क्या करेंगे? अब इससे पहले वाला जो हाई था यानी इससे लगते हुए हमने लाइन ड्रॉ की और जैसे ही कोई कैंडल इसके ऊपर क्लोजिंग दे देती है तो हमें पता है कि यहां पर क्या है? यहां पर हमारा चेंज ऑफ करैक्टर हो चुका है। तो एक तो देखिए हमें दिखाई दे रहा है कि प्राइस 0.62 के लेवल से रिवर्स कर रही है। दूसरा हमें दिखाई दे रहा है कि भाई यहीं पर चेंज ऑफ करैक्टर हुआ है। और तीसरा अगर आप ध्यान से देखेंगे तो यहां पर आपको एक फेयर वैल्यू गैप बनता हुआ भी नजर आ रहा है। तो अगर प्राइस अब दोबारा से फेयर वैल्यू गैप के पास आती है तो यहां पर हम अपना बाय करने का जो ट्रेड था उसको प्लान कर सकते थे। यह हमने अपना फेयर वैल्यू गैप मार्क कर दिया है। अब अगर प्राइस दोबारा से यहां पे आती है तो यहां पर हम अपनी इस तरीके से जो एंट्री थी उसको प्लान कर सकते थे। तो अब इसके बाद देखते हैं कि आखिर मार्केट में क्या हुआ। आप देख सकते हैं कि प्राइस जो है वो वापस से इस लेवल के पास आई है। तो हम यहां पर अपनी एंट्री ले लेते। हमारा जो स्टॉप लॉस होता वो ये वाला जो लो है इससे थोड़ा सा नीचे होता या फिर अगर आप सेफ चलना चाहते हैं ना तो ये जो 0.79 का लेवल है आप इससे थोड़ा सा नीचे भी अपना स्टॉप लॉस रख सकते हैं। तो हमने यहां पर अपना स्टॉप लॉस रखा। रही बात टारगेट की तो हम 1:2 का अपना टारगेट जो था वो प्लान कर सकते थे। या फिर आप जीरो का जो ये लेवल है वहां तक का टारगेट लेकर चल सकते हैं। अब इसके बाद देखते हैं कि कहां पर जाकर हमारा जो टारगेट था वो अचीव हुआ होता। तो आप देख सकते हैं कि यहां से प्राइस बढ़ने लग गई। प्राइस बढ़ती चली गई और यहां पर मैं इसको थोड़ा सा स्पीड बढ़ा देता हूं। तो अब आप देख सकते हैं कि प्राइस बढ़ती गई। पहले हमारे टारगेट के पास से ही थोड़ा सा रिवर्स हो गई थी। फिर प्राइस हमारी यहां पर चल रही थी। वापस से एंट्री के पास आई। उसके बाद देख सकते हैं फिर से थोड़ा सा नीचे आई थी प्राइस। एक बार तो हमारे देखिए अब यहां पर जाकर आप देख सकते हैं कि सीधा प्राइस जो थी वो हमारे टारगेट से बहुत ऊपर निकल गई थी। तो इस तरीके से आप अपने ट्रेड्स को प्लान कर सकते हैं। तो ये तो मैंने आपको एक बुलिश का एग्जांपल दिखा दिया है। अब इसके बेसिस पे शॉर्ट कैसे करना है चलिए वो भी देखते हैं। तो जो शॉर्ट करने का एग्जांपल है वो हमने यहां पर मार्क कर रखा है। आप देख सकते हैं मार्केट डाउन ट्रेंड में चल रहा था। तो यहां पर हमें शॉर्ट करने के बारे में प्लान किया और साथ ही हमें यहां पर दिखाई दे रहा था कि भ ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर भी हो रहा है। तो जब तक ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हो रहा है इसका मतलब जो ट्रेंड है वो कंटिन्यू हो रहा है। तो हमने क्या किया? हमने इस हाई से यह वाला जो लो था इससे लगते हुए अपना ओटीई मार्क किया और उसको थोड़ा सा आगे को एक्सटेंड कर दिया है। कुछ इस तरीके [संगीत] से। तो अब यह जब हमने मार्क कर दिया तो इसके बाद देखिए यहां तक तो हमें कोई ट्रेड लेना नहीं था। हमें पता है कि भाई 0.5 से ऊपर जब प्राइस जाएगी तभी हम कोई शॉर्ट करने के बारे में सोचेंगे क्योंकि अभी ये डिस्काउंट ज़ोन के पास है। हमें प्रीमियम में जब जाएगा तब जाके सेल करना है। तो उसके बाद देखिए जो प्राइस है वो 0.5 के लेवल के ऊपर निकल गई। [संगीत] अब 0.5 के लेवल के ऊपर तो निकल चुकी है। लेकिन अब शॉर्ट करने से पहले मुझे कंफर्मेशन चाहिए। तो कंफर्मेशन के लिए मुझे यहां पर एक ऑर्डर ब्लॉक दिखाई दिया। देखिए यहां से एक डाउन साइड का इंपल्सिव मूव आया था। तो उससे पहले की जो कैंडल है उसके हाई एंड लो से रखते हुए मैंने एक एरिया ड्रॉ कर दिया और वो जो एरिया था वो था मेरा ऑर्डर ब्लॉक। और उसके बाद जैसे ही प्राइस हमारे ऑर्डर ब्लॉक के पास आई है। आप देख सकते हैं उसने एक इंपल्सिव डाउन साइड का मूव दिया है। तो हम क्या कर सकते थे? हम जैसे ही प्राइस 0.79 के लेवल के पास आती है, यहीं पर कहीं पर अपना शॉर्ट कर सकते थे। हमारा जो स्टॉप लॉस होता वो ये जो ऑर्डर ब्लॉक है इससे थोड़ा सा ऊपर होता और टारगेट के लिए हम 1:2 लेकर चल सकते थे या फिर ये जो स्विंग लो है हम यहां तक का भी टारगेट लेकर चलते तो ये भी एक अच्छा खासा टारगेट था। अब ये चीजें आप जितना ज्यादा प्रैक्टिस करोगे जितनी बार देखोगे कि हां भाई यहां पर सीआईएसडी है यहां पर ऑर्डर ब्लॉक है। यहां पर एफजी है तभी आपको ये चीजें समझ आएंगी। अगर सिर्फ एक एग्जांपल देख लोगे और सोचोगे कि मुझे सब क्लियर हो जाएगा तो पॉसिबल नहीं है। खुद से भी प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। तो अब चलिए बात करते हैं स्टैंडर्ड डेविएशन की। स्टैंडर्ड डेविएशन के बारे में जब हम सीबीडीआर वाला लेक्चर बता रहे थे उसमें हमने थोड़ा बहुत आपको स्टैंडर्ड डेविएशन के बारे में बताया था। लेकिन यहां पर डिटेल में डिस्कस करेंगे और साथ ही हम आपको बताएंगे कि स्टैंडर्ड डेविएशन का आप सीबीडीआर के अलावा कैसे यूज़ कर सकते हैं। तो स्टैंडर्ड डेविएशन से हम यह पता करने की कोशिश करते हैं कि प्राइस कहां तक रिट्रेस कर सकती है और कहां तक एक्सपेंड कर सकती है। देखो ओटी से हमने यह तो पता कर लिया कि प्राइस कहां से रिवर्स हो रही है। मतलब कहां से उसमें मूव आएगा। लेकिन कितना मूव आएगा, कहां तक प्राइस जाएगी, यह हमें पता चलेगा स्टैंडर्ड डेविएशन से। अब यह जो स्टैंडर्ड डेविएशन है, इसके लिए भी हम फिबोनाची रिट्रेसमेंट टूल का ही यूज़ करते हैं। बस वहां पर हम थोड़ी बहुत सेटिंग्स चेंज कर लेते हैं। तो वो क्या सेटिंग्स हैं वो भी मैं आपको चार्ट में दिखाता हूं। और उसको यूज़ कैसे करना है ये भी चार्ट पे समझते हैं। तो स्टैंडर्ड डेविएशन को समझने के लिए यहां पर आप देख सकते हैं। मैंने एक प्लेन चार्ट ओपन कर रखा है। अब सबसे पहले मैं एंट्री प्लान कर रहाऊंगा। तो उसके लिए मैंने क्या किया होगा? मैं यहां पर गया और यहां पर जाने के बाद मैंने फिबोनाची रिट्रेसमेंट को सेलेक्ट किया। लो टू हाई इसको मार्क किया। ये था मेरा लो। ये था मेरा हाई और हाई से मैंने थोड़ा सा एक्सटेंड कर दिया। तो इस तरीके से मैंने मार्क किया। अब 0.62 के लेवल के पास मुझे एंट्री मिल गई होगी जो कि आप देख सकते हैं कई सारे कंफर्मेशन है। अभी उस पे ज्यादा डिटेल में नहीं जाते हैं क्योंकि हमें यह समझना है कि ठीक है हमें एंट्री तो मिल चुकी है। मैं यहां पे मार्क भी कर देता हूं। हमारी जो एंट्री है हमें जो एंट्री है वो मान लेते हैं यहां पर मिल गई है। मैंने अपना जो स्टॉप लॉस है वो ये जो वन का लेवल है इससे थोड़ा सा नीचे रखा है क्योंकि छोटा सा ही था यहां पे हमारा जो स्टॉप लॉस था। तो अब मुझे समझना है कि भाई मेरा टारगेट कहां तक हो सकता है। तो इसके लिए हमें क्या करना है? ये तो मैंने मार्क कर लिया है। तो अब मुझे क्या करना है? अब मुझे इसकी सेटिंग्स चेंज कर लेनी है। और वो सेटिंग्स चेंज करने के लिए हम आ गए हैं सेटिंग्स पे। और सेटिंग पे जाने के बाद यहां पर हमें इसे मार्क कर लेना है इसे एज अ स्टैंडर्ड डेविएशन। तो स्टैंडर्ड डेविएशन के लिए हमने ये वाली सेटिंग्स मार्क करनी है। -3, -2, -1, -1.5, 1, 0.5 और 0। जैसे ही यह मार्क करने के बाद हम ओके पे क्लिक करते हैं तो अब आप देख सकते हैं कि आपका यह जो फिबोनाची रिट्रेसमेंट है यह चेंज हो चुका होगा और अब यह हमें बता रहा है कि हमारा जो टारगेट है वो सबसे पहले तो प्राइस जो है वो ज़ीरो के लेवल पे जा सकती है और अगर इसके बाद जाती है तो -1 के लेवल तक भी जा सकती है। तो अब आप इस तरीके से अपना यहां पर जो टारगेट है उसको मार्क कर पाएंगे। तो इसके बाद देखते हैं कि प्राइस कहां तक गई थी। तो आप देख सकते हैं कि जो प्राइस है वो हमारे -1.5 के लेवल पे जाने के बाद रिवर्स हुई थी। तो इस तरीके से आप यहां पर स्टैंडर्ड डेविएशन को मार्क कर सकते हैं और अपना जो टारगेट है उसको प्लान कर सकते हैं। यह तो मैंने आपको बाय का एग्जांपल दिखाया। अब शॉर्ट का एग्जांपल भी देख लेते हैं। तो शॉर्ट करने के लिए हमें यहां पर प्लेन चार्ट दिखाई दे रहा था। हमने क्या किया? हमने हाई से लो तक हमने ये जो हमारा फिबोनाची रिट्रेसमेंट था इसको मार्क किया जिसमें हमने जो लेवल्स डिसाइड कर रखे थे वो ओटीई के थे। अब हमें पता है कि प्राइस या तो 0.5 का जो लेवल है इसके बाद 0.62 से रिवर्स हो सकती है या 0.79 से रिवर्स हो सकती है। अब देखते हैं कि प्राइस कहां से रिवर्स हुई। देखिए 0.62 के लेवल से प्राइस यहां पे रिवर्स हो चुकी है। अब 0.62 के लेवल से जब प्राइस रिवर्स हो रही थी तो अब मुझे जानना है कि भाई यहां पर प्राइस जो है वो कहां तक जा सकती है। तो अब मैंने अपनी एंट्री मान लो किसी भी लॉजिक के बेसिस पे मैंने अपनी जो एंट्री है वो यहां 0.62 के लेवल के पास रख ली। मेरा जो स्टॉप लॉस रहेगा वह तो मुझे पता है कि यह जो हाई है इससे थोड़ा सा ऊपर यानी यहां पर कहीं पे मैं अपना स्टॉप लॉस रख सकता हूं। अब हमें टारगेट डिसाइड करना है। तो इसके लिए हम क्या करेंगे कि हम जाएंगे सेटिंग्स पे। सेटिंग्स पे जाने के बाद जो हमारी यहां पर सेटिंग्स हैं, कौन सी वाली? हमारी स्टैंडर्ड डेविएशन की जो सेटिंग्स हैं, हमने उसको मार्क कर देना है जो कि यहां पे मार्क हो चुकी है। बेसिकली मैंने क्या कर रखा है? मैंने यहां पर टेंप्लेट्स बना रखी हैं। आप भी यहां पर अपनी टेंप्लेट्स बना सकते हैं। अगर आप यहां पे टेंपलेट में जैसे स्टैंडर्ड डेविएशन सेलेक्ट करेंगे तो यहां से स्टैंडर्ड डेविएशन वाले मार्क्स हो जाएंगे। अगर हम यहां पर ओटीई सेलेक्ट करेंगे तो ओटीई मार्क हो जाएगा। अगर आप यहां पे प्रीमियम डिस्काउंट सेलेक्ट करेंगे तो वो भी मार्क हो सकता है। तो यहां से हमने स्टैंडर्ड डेविएशन वाले जो हमारे इस लेवल्स थे उनको मार्क कर दिया। उसके बाद ओके पे क्लिक कर दिया। अब देखिए ये हमें बता रहा है कि यहां पर आपने एंट्री तो ले ली है। अब आपका जो टारगेट होगा वो पहला टारगेट तो ये ज़ीरो के लेवल के पास हो सकता है। दूसरा टारगेट ये -1 का जो लेवल है यहां तक हो सकता है। तो [संगीत] चलिए देखते हैं कि जो -1 का लेवल है वहां तक प्राइस जाती है या नहीं जाती है। तो आप देख सकते हैं तो गाइज़ बिल्कुल -1 का जो लेवल है वहां तक गई है और इवन इसके आगे के भी क्या-क्या टारगेट्स हो सकते हैं वो भी आपको यहां पर दिखाई दे रहे हैं। तो इस तरीके से आप स्टैंडर्ड डेविएशन का अपने टारगेट्स डिसाइड करने के लिए यूज़ कर सकते हैं। तो अब चलिए एक फाइनल एग्जांपल देखते हैं जिसमें जो कुछ मैंने आपको सिखाया है सब कुछ को मिला के देखेंगे। वीडियो पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। साथ ही डेल्टा एक्सचेंज में अकाउंट ओपन करने के बाद नीचे Google फॉर्म दे रखा है उसको जरूर फिल कर लीजिएगा। तो इस एग्जांपल को ध्यान से देखना। तो सबसे पहले समझिए ये हमें एक हाई दिखाई दे रहा था। यह हमें एक लो दिखाई दे रहा था। तो हमने क्या किया? हमने हाई एंड लो को मार्क कर लिया और उसके बाद हम वेट कर रहे थे कि अगर ऊपर की लिक्विडिटी स्वीप होगी तो हम शॉर्ट करने का ट्रेड लेंगे। नीचे की लिक्विडिटी स्वीप होगी तो हम बाय करने का ट्रेड लेंगे। इसके बाद हमें दिखाई देता है कि प्राइस जो है वो हमारे इस हाई को स्वीप कर देती है। स्वीप करने का मतलब यह है कि प्राइस इसके लेवल से ऊपर जाती है और वापस इसके नीचे आ जाती है जिससे यहां पर जिनके भी स्टॉप लॉस रहे होंगे उन सबके जो स्टॉप लॉस हैं वो हिट हो गए होंगे। तो अब जब यह हो जाता है तो हमें पता है कि हमें यहां पर अब शॉर्ट करने का ट्रेड लेना है। लेकिन वो शॉर्ट करने का ट्रेड हम लेंगे कैसे? तो इसके लिए हम वेट करते हैं कि भाई प्राइस थोड़ा नीचे आए एक लो बनाए जिससे हम अपना फिबोनाची रिट्रेसमेंट या कहें कि ओटीई लेवल को मार्क कर सकें। तो उसके बाद क्या होता है? प्राइस यहां से नीचे आती है और इस लेवल तक आ जाती है। अब जब प्राइस इस लेवल तक आती है, तो हम यह वाला जो हाई है, इस वाले हाई से यह वाला जो हमारा लो है, इस वाले लो तक अपना फिबोनाची रिट्रेसमेंट मार्क कर लेते हैं। यानी ओटीई को मार्क कर लेते हैं। और उसके बाद हमें दिखाई देता है कि जैसे ही प्राइस दोबारा से 0.62 के लेवल के पास आती है, हमें दिखाई देता है कि वहां से क्या है? वहां से प्राइस अब रिवर्स होने लगी है। तो हमें पता है कि 0.62 के लेवल से प्राइस रिवर्स हो सकती है। बस हमें उससे पहले एक कंफर्मेशन चाहिए था। तो वो जो कंफर्मेशन है वो हमें यहां पर दिखाई दिया डिस्प्लेसमेंट के रूप में। अब ये डिस्प्लेसमेंट क्या है? हम आपको पहले भी बता चुके हैं। बेसिकली ये वाला डिस्प्लेसमेंट एक ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर ही था। लेकिन जहां पे ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ है वहां पर एक एफवीजी बन रखा है। तो अगर एफजी के साथ ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर होता है तो उसको हम क्या बोलते हैं? उसको हम बोलते हैं डिस्प्लेसमेंट। [संगीत] तो यहां पर हमें एक डिस्प्लेसमेंट दिखाई दिया। इसलिए हमने 0.62 का जो लेवल था यहां पर अपना शॉर्ट करने का ट्रेड लिया। हमारा जो स्वीप वाला लेवल था उससे थोड़ा सा ऊपर हमने अपना स्टॉप लॉस रखा। और रही बात टारगेट की तो टारगेट के लिए हमने क्या किया? यह जो हमने यहां पर अपना फिबोनाची रिट्रेसमेंट मार्क कर रखा था इसकी ही सेटिंग्स को वापस चेंज किया और हमने इसको कर दिया यहां पर स्टैंडर्ड डेविएशन। तो जैसे ही हमने अपना स्टैंडर्ड डेविएशन मार्क किया तो उसके बाद पहला टारगेट हम अपना यह जो पहले ज़ीरो का लेवल था यहां तक रख सकते थे। लेकिन उसके बाद हमें पता है कि यहां पर लिक्विडिटी थी तो प्राइस इससे नीचे आएगी। इसलिए हमने अपना जो टारगेट था वो - 0.5 का लेवल रखा और आप देख सकते हैं प्राइस वहां पर आई थी और ऐसे हमारा जो टारगेट था वो हिट हो जाता। तो इस तरीके से आप ये सारे कांसेप्ट को एक साथ मिलाकर यूज़ कर सकते हैं। तो इस लेक्चर में मैंने आपको ये सारे जो कांसेप्ट्स थे इनको क्लियर कर दिया है। अब जो हमारा नेक्स्ट लेक्चर होगा उसमें मैं आपको बेसिकली मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस के बारे में बताऊंगा जिसमें हम मंथली बायस, वीकली बायस, डेली बायस, टॉप डाउन एनालिसिस, मार्केट नैरेटिव और डायरेक्शनल बायस के बारे में बात करेंगे। लेकिन मैं आपको फिर से कह रहा हूं कि ये चीजें जब तक आप खुद से प्रैक्टिस नहीं करोगे, खुद से बहुत सारे चार्ट्स को नहीं देखोगे तब तक अच्छे से समझ नहीं आएंगी। इसलिए जो भी यहां पर सीख रहे हो उसको खुद से प्रैक्टिस भी करो। वीडियो पसंद आई है तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। डेल्टा एक्सचेंज का लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। साथ ही Google फॉर्म का लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। अगर आप ये पूरी प्लेलिस्ट देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक करके देख सकते है। और इस प्लेलिस्ट को देखने से पहले अगर आप बेसिक टू एडवांस ट्रेडिंग समझना चाहते हैं तो ये वाली प्लेलिस्ट देख लीजिएगा। धन्यवाद।

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