How To Create Your Own Trading Strategy | Trading For Beginners | Trading Strategies — backtested on Indian market data | FakeTrades
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How To Create Your Own Trading Strategy | Trading For Beginners | Trading Strategies

Neeraj joshi · watch on YouTube ↗
Analysed 27 Oct 2026, 01:18 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Educational content on how to BUILD a trading strategy framework, not a mechanical strategy itself; discusses ingredients (asset class, timeframe, market condition, setup, entry, stop-loss, target, ri

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (3384 words)
आज की वीडियो में हम समझेंगे कि अगर आप अपनी खुद की ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बनाना चाहते हो तो वो स्ट्रेटजी आप कैसे बना सकते हो। आपने देखा होगा बहुत सारे यूर्स की अपनी स्ट्रेटजी होती है। तो ऐसी स्ट्रेटजी [संगीत] आप कैसे बना पाओगे। आज हम ये समझने वाले हैं। वीडियो बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। अगर आप खुद की स्ट्रेटजी बनाना चाहते हो एटलीस्ट ट्राई करके देखना चाहते हो और हो सकता है कि आपकी स्ट्रेटजी बहुत ज्यादा प्रॉफिटेबल भी निकल जाए। एंड इवन मैं आपको ऐसा तरीका बताऊंगा जिससे आपकी स्ट्रेटजी अगर खराब भी परफॉर्म करती है तो उसमें थोड़े बहुत चेंजेस करके आप अपनी स्ट्रेटजी को प्रॉफिटेबल बना सकते हैं। अब जब आप अपनी स्ट्रेटजी बनाना चाहते हैं तो एक स्ट्रेटजी को बनाने को आप एक नई रेसिपी बनाने जैसा समझ सकते हैं। मतलब जब आप एक नई रेसिपी बनाएंगे तो उसमें कुछ ना कुछ इंग्रेडिएंट्स का यूज़ करेंगे। कुछ ना कुछ चीजें आपने पहले से डिसाइड कर रखी होंगी। जैसे अगर आप फास्ट फूड से रिलेटेड कोई रेसिपी बनाना चाहते हैं या आप देसी कोई रेसिपी बनाना चाहते हैं या कोई हेल्दी रेसिपी बनाना चाहते हैं तो कुछ ना कुछ चीज तो आप पहले से प्लान करेंगे। तो ऐसे ही जब आप अपनी एक स्ट्रेटजी बनाना चाहते हैं तो वहां पर आपको प्लान करना होगा कि आप जो स्ट्रेटजी बना रहे हैं वो आप कौन सी एसेट के लिए बना रहे हैं। आप इंडियन मार्केट के लिए स्ट्रेटजी बना रहे हैं। आप क्रिप्टो के लिए स्ट्रेटजी बना रहे हैं। आप फॉरेक्स के लिए स्ट्रेटजी बना रहे हैं। आप इंडेक्स के लिए स्ट्रेटजी बना रहे हैं। यह पहले से आपने डिसाइड करना होगा। डोंट वरी। आगे मैं आपको कुछ चीजें दिखाने भी वाला हूं जो कि हमने बना रखा है। लेकिन एक चीज तो आपने पहले डिसाइड कर लेनी है कि कौन सी एसेट है। अब एसेट डिसाइड करने के बाद दूसरी चीज आपने जो डिसाइड करनी होगी वो होगा कि आप स्ट्रेटजी कौन से स्टाइल के लिए बना रहे हैं। मतलब इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए स्ट्रेटजी बना रहे हो, स्कैल्पिंग करने के लिए स्ट्रेटजी बना रहे हो, स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए बना रहे हो, पोजीशनल ट्रेडिंग करने के लिए बना रहे हो। ये भी बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्योंकि इसी के बेसिस पे आप टाइम फ्रेम डिसाइड करेंगे। अब जैसे-जैसे इंग्रेडिएंट्स आते हुए चलेंगे, वैसे-वैसे स्ट्रेटजी बनाना आसान हो जाएगा ना। जब मान लो आपने इंग्रेडिएंट में आलू रखा है, बेसन रखा है, नमक रखा है, तो शायद घूम फिर के आप पकौड़ी जैसा कुछ बनाएंगे। तो वैसे ही यहां पर आपके पास जैसे-जैसे इंग्रेडिएंट्स होते हुए चले जाएंगे वैसे-वैसे आपकी डायरेक्शन क्लियर होती हुई चली जाएगी। तो सबसे पहले हमने एसेट डिसाइड कर लिया। दूसरा हमने स्टाइल डिसाइड कर लिया। अब स्टाइल डिसाइड करने के साथ-साथ हमें क्लैरिटी आ जाएगी कि हमारा टाइम फ्रेम क्या होगा। जैसे अगर हम इंट्राडे ट्रेडिंग करने के बारे में सोच रहे हैं तो हमारा टाइम फ्रेम या तो 5 मिनट होगा, 15 मिनट होगा या हद से हद 1 घंटे का टाइम फ्रेम होगा जिसमें हम एंट्री लेंगे। एनालिसिस हम बड़े टाइम फ्रेम में भी प्लान कर सकते हैं। तो कुछ चीजें हमें धीरे-धीरे क्लियर हो रही हैं। तो अब आपने मार्केट कंडीशन डिसाइड करनी है जिसमें आपकी स्ट्रेटजी काम करेगी। जिसमें हो सकता है कि आप ट्रेंडिंग देख रहे हैं। जब मार्केट बढ़िया ट्रेंड्स में चल रहा है तब आपकी स्ट्रेटजी काम करे। या हो सकता है कि जब मार्केट रेंज में चल रहा है, आप उसके लिए स्ट्रेटजी बना रहे हैं। आप रिवर्सल को प्रेडिक्ट करने के लिए बना रहे हैं। आप ब्रेकआउट को प्रेडिक्ट करने के लिए बना रहे हैं। आप पुलबैक को प्रेडिक्ट करने के लिए बना रहे हैं। तो यह चीज भी आपने डिसाइड कर लेनी है। क्योंकि उसी के हिसाब से इंग्रेडिएंट लगेंगे। अगर ट्रेंडिंग मार्केट देख रहे हो तो हो सकता है आप ईएमए का यूज़ करो। अब नेक्स्ट आपको अपना सेटअप डिसाइड करना होगा। मतलब मेन इंग्रेडिएंट्स आ गए। जैसे आप सोच रहे हो कि यार मैं सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस पे कुछ ट्राई करके देखता हूं। यार मैं ईएमए पे कुछ ट्राई करके देखता हूं। नहीं यार ये सब छोड़ो। मैं स्मार्ट मनी के कुछ कॉन्सेप्ट हैं। लिक्विडिटी स्वीप के साथ कुछ ट्राई करके देखता हूं कि भाई लिक्विडिटी स्वीप के साथ एफवीपीजी लगाऊंगा तो स्ट्रेटजी काम करेगी या फिर लिक्विडिटी स्वीप के साथ मैं यहां पर एंगल्फिंग कैंडल लगाऊंगा तब स्ट्रेटजी काम करेगी। तो कुछ चीजें आपने यहां पर अब प्लान करनी होगी। बेसिकली एक तरह से जो आपके खाने में इंग्रेडिएंट्स होते हैं वो इंग्रेडिएंट्स अब आपने प्लान करने हैं। अब इसके बाद आती है सबसे ज्यादाेंट चीज लेकिन वो बताने से पहले अगर आप बिटकॉइन इथेरिया में गोल्ड में इंडिया में रहते हुए लीगली ट्रेड करना चाहते हैं तो आप डेल्टा एक्सचेंज में ट्रेड कर सकते हैं। वो इंडिया में एफआईओ रजिस्टर्ड है। और अगर आप हमारे लिंक का यूज़ करके अपना अकाउंट ओपन करते हैं तो आपको हमारी तरफ से अराई का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन मिलता है। लेकिन इसके लिए आपने हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करने के बाद Google फॉर्म को जरूर फिल कर लेना है। दोनों का ही लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। तो अब जो सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज है वो है एंट्री कंडीशन डिसाइड करना। जैसे हो सकता है आपने डिसाइड किया कि आपकी एसेट जो होगी वो बिटकॉइन होगा। आप उसमें इंट्राडे ट्रेडिंग करेंगे जिसमें आपने सोचा है कि आप 15 मिनट के टाइम फ्रेम में एंट्री करेंगे। मार्केट कंडीशन में आपने सोचा है कि आप रिवर्सल को पकड़ने की कोशिश करेंगे क्योंकि ज्यादातर ब्रेकआउट फेक होते हैं तो हम रिवर्सल पकड़ेंगे। यह भी आपने सोच लिया। अब इसके बाद सेटअप के लिए आपने डिसाइड किया कि क्योंकि मैं रिवर्सल प्रेडिक्ट करना चाहता हूं इसलिए मैं यहां पर लिक्विडिटी स्वीप का यूज़ कर सकता हूं। यह अच्छा एक टूल है। तो, आपने लिक्विडिटी स्वीप वहां पे यूज़ कर लिया। साथ ही आपने देखा कि मैं सपोर्ट रेजिस्टेंस पे करूंगा, स्विंग हाई स्विंग लो पे करूंगा। तो, यह कुछ चीजें आपने प्लान कर ली है। तो, अब आपने एंट्री कंडीशन डिसाइड करनी है कि जब लिक्विडिटी स्वीप हो जाता है, उसके बाद आप एंट्री लेंगे या ऊपर की साइड जब लिक्विडिटी स्वीप हो जाता है, तब आप शॉर्ट करने का ट्रेड तब लेंगे जब आपको एक बेयरिश एंगल्फिंग कैंडल बनती हुई नजर आती है। तो, यहां पर आप कुछ एंट्री डिसाइड कर रहे हैं। अब जरूरी नहीं है कि यह चीज प्रॉफिटेबल हो। आपने पहले से डिसाइड करना है कि आप क्या-क्या करेंगे। तो ये चीजें आपने प्लान कर ली। अब जब एंट्री डिसाइड की है तो नेक्स्ट स्टेप में आपको अपने रूल्स के हिसाब से स्टॉप लॉस भी सेट करना होगा। तो आपने अपना स्टॉप लॉस भी डिसाइड किया कि भाई जहां तक स्वीप हुआ था उससे थोड़ा सा नीचे मार्जिन छोड़ते हुए यहां पे मैं अपना स्टॉप लॉस रखूंगा और टारगेट भी अब आपने डिसाइड कर लिया कि जो स्विंग हाई था अब वहां तक का टारगेट लेकर जाओगे और उसमें भी थोड़ा सा मार्जिन छोड़ोगे। तो ऐसे आपने अपनी जो स्ट्रेटजी है उसको पूरा रेडी कर लिया है। अब इसके साथ ही आपने रिस्क मैनेजमेंट के कुछ रूल्स को भी डिफाइन करना होगा। जैसे आप 1 दिन में तीन से ज्यादा ट्रेड नहीं लेंगे। आपका जो स्टॉप लॉस रहेगा वो आपकी कैपिटल के 2% से ज्यादा नहीं होगा। फिर नेक्स्ट स्टेप में कौन सी जगह पे आप ट्रेड नहीं लेंगे यानी नो ट्रेड कंडीशंस भी आपने डिसाइड कर लेनी है। जैसे अगर आपको दिखाई देता है कि मार्केट बहुत चौपी चल रहा है और वहां पर आपको लिक्विडिटी स्वीप होता हुआ नजर आ रहा है तो उसको हो सकता है आप अवॉइड करेंगे। तो ये सारी कंडीशंस भी आपने लिख लेनी है। यानी नो ट्रेड की भी कंडीशंस आपके पास होनी चाहिए। तो जब ये सारी चीजें तैयार हो जाती हैं तो एक तरह से आपकी रेसिपी जो है वो रेडी हो चुकी है। अब बारी आएगी उस रेसिपी को चख के देखने की कि भाई चीज अच्छी बनी है या फिर बकवास बनी है। अब हो सकता है जब आप उसको टेस्ट करके देखो तो आपको दिखाई दे कि भाई यह तो एकदम बकवास चीज बनी है। यानी इसका तो कोई भी फायदा नहीं है। अब ऐसे में आप क्या करोगे? मैं आपको दो ऑप्शन देता हूं। पहला ऑप्शन है कि आप बोलोगे चीज बकवास है। इसको पूरा हटा देता हूं। अब मैं कोई नया सामान लाऊंगा, नया इंग्रेडिएंट लाऊंगा, पूरा नए से मेहनत करूंगा और नई चीज बनाऊंगा। या फिर दूसरा ऑप्शन है कि आप उसी में थोड़े से चेंजेस करने की कोशिश करोगे कि ठीक है 90% काम तो मेरा हो चुका है। मैं इसको थोड़ा सा चेंज करके देखता हूं। यहां पर मैंने क्या किया था? मैंने ज्यादा नमक डाल दिया था। मैं थोड़ा कम नमक डालता हूं। इस जगह पे मैं कुछ और इंग्रेडिएंट यूज़ कर सकता हूं। इसका टेस्ट अच्छा नहीं आ रहा था। तो ऐसे चेंजेस करके देखोगे। बेटर होता है कि आपने जो चीज कर ली है उसमें ही थोड़े बहुत चेंजेस करके देखो। कई बार एक छोटी सी चीज जो होती है ना वो आपकी स्ट्रेटजी को पूरा बदल के रख सकती है। अब खाने में टेस्ट करना तो आपको समझ आ गया है लेकिन स्ट्रेटजी को टेस्ट कैसे करोगे? तो स्ट्रेटजी को टेस्ट करने के लिए आपको उस स्ट्रेटजी को बैक टेस्ट करके देखना होगा। यानी 6 महीने में साल भर में 2 साल के डाटा में आप उसको बैक टेस्ट करो। अब ये आपको मैनुअली करने की जरूरत नहीं है। ज्यादातर केस में आप अपनी स्ट्रेटजी का एक फाइन स्क्रिप्ट बना सकते हैं या फिर आप उसकी एमक्यूएल फाइव फाइल बना सकते हैं। जिसको आप मेटा ट्रेडर में जाकर बैक टेस्ट कर सकते हैं और पाइन स्क्रिप्ट बनाओगे तो फिर आप ट्रेडिंग व्यू में जाकर उसको बैक टेस्ट कर सकते हो। अब बैक टेस्ट में अगर रिजल्ट बिल्कुल खराब निकल कर आता है तो यहां पर आपने ऐसा नहीं है कि उसको स्क्रैप कर दिया। आप वहां पर थोड़े बहुत चेंजेस करके देखो। कई बार छोटे से जो चेंजेस होते हैं ना वो स्ट्रेटजी को पूरा बदल के रख देते हैं। हो सकता है कि जो स्ट्रेटजी लॉस में थी वो छोटा सा चेंज करने पे पूरे प्रॉफिट में आ जाए। हो सकता है टाइम फ्रेम आप गलत यूज़ कर रहे हो जिसकी वजह से वो काम नहीं कर रही है। हो सकता है आप गलत एसेट पे देख रहे हो इस वजह से वो काम नहीं कर रही है। तो ये छोटे से चेंजज़ आपको करने होंगे। मैं आपको एक एग्जांपल दिखाता हूं। मैंने चैट GPT पे जाकर इवन मैं आपको वो भी दिखा देता हूं। मैं क्लॉड पे गया। सबसे पहले मैंने क्लॉड को बोला। सिर्फ टेस्ट करने के लिए बोला था कि चलो देखते हैं कि क्या ये स्ट्रेटजी बना सकता है या नहीं। तो मैंने उसको बोला कि सोचो तुम एक ट्रेडिंग एक्सपर्ट हो और तुम्हें इंट्राडे ट्रेडिंग के हिसाब से एक स्ट्रेटजी बनानी है तो क्या स्ट्रेटजी बनाओगे और आल्सो इसकी पाइन स्क्रिप्ट दो। पाइन स्क्रिप्ट हम ट्रेडिंग व्यू में जाकर यूज़ करते हैं इसलिए बोला था। तो उसके बाद उसने यहां पर अपने हिसाब से कुछ स्ट्रेटजी बनाई और उसका आगे जाके मुझे यह पाइन स्स्क्रिप्ट कोड दिया। मैंने इस पाइनस्क्रिप्ट कोड को वहां पर डाला तो स्ट्रेटजी काम नहीं कर रही थी। बिल्कुल बकवास चल रही थी। तो मैंने उसको कहा कि एक काम करो इस स्ट्रेटजी को पूरा अपोजिट कर दो। मैंने कहा थोड़ा सा चेंज करके देखते हैं। हो सकता है जहां पर यह सिस्टम बाय कर रहा था वहां पर अगर शॉर्ट कर दे तो स्ट्रेटजी बदल जाए। तो इसको मैंने बोला कि इसको जस्ट अपोजिट कंडीशंस में बनाओ। तो इसने फिर से मुझे यहां पर पाइन स्क्रिप्ट दी। अब मैंने इसको भी जब लगा के देखा तो स्ट्रेटजी अगेन लॉस पे थी। तो अब मैंने क्या किया? मैंने यहां पर इसको बोला कि दोनों केसेस में लॉस हो रहा है। तो इसका रीज़न क्या है? तो फिर इसके बाद इसने मुझे कुछ रीज़ंस दिए थे। जिन रीज़ंस को समझने के बाद मैंने इसे बोला कि तुम एक बार दोबारा से ट्राई करो। और उसके बाद इसने मुझे यह Pinc का कोड दिया था। अब जैसे ही ये पाइन स्क्रिप्ट का कोड दिया तो मैंने बोला ये तो फिर से लॉस में है। तो इसने बोला कि आप प्रॉब्लम बताओ कि क्या हो रहा है? तो मैंने बताया कि भाई विन रेट तो 40% का है। 40% का विन रेट अच्छा होता है। लेकिन जो प्रॉफिट फैक्टर है वो 0.698 का आ रहा है। तो इसने बोला कि ये नंबर बहुत कुछ बता देता है। चलो देखते हैं। तो बोला कि अगर यहां पर 40% का विन रेट है तो इतना होना चाहिए था। फिर इसने अपनी स्क्रिप्ट को चेक किया। उसके बाद इसने मुझे कुछ चेंजेस बताएं। अब वो पाइन स्क्रिप्ट ये थी। अब यहां वाली जो पाइन स्क्रिप्ट है आपने देखा कि यह फाइनल पाइन स्क्रिप्ट इसने मुझे दी। इस पाइन स्क्रिप्ट को मैंने यहां पर जब आप ट्रेडिंग व्यू में जाएंगे तो यहां पर पाइन करके होता है। इस पे क्लिक करना है और यहां पर जाने के बाद उस पाइन स्क्रिप्ट को आपने जो पुरानी स्क्रिप्ट होती है उसको हटा देना होता है और उसके बाद जो वहां से स्क्रिप्ट आई है उसको आपने यहां पर पेस्ट कर देना होता है। अब जब मैंने उस पाइन स्क्रिप्ट को यहां पर पेस्ट किया तो वो स्ट्रेटजी अच्छे से काम नहीं कर रही थी। तो फिर मैंने यहां पर चेक किया कि भाई रीज़न क्या है? जैसे 1 मिनट के टाइम फ्रेम में मैंने देखा तो यहां पर स्ट्रेटजी ने कुछ अच्छे से काम नहीं किया है। उसके बाद मैंने 5 मिनट के टाइम फ्रेम में देखा तो फिर स्ट्रेटजी अच्छे से काम नहीं कर रही थी। लेकिन जैसे ही मैं यहां पर 15 मिनट के टाइम फ्रेम में गया ना तो स्ट्रेटजी ने काम करना शुरू किया। 30 मिनट के टाइम फ्रेम में गया तो फिर स्ट्रेटजी कम काम कर रही है। यानी जो बताया जाता है कि बड़े टाइम फ्रेम में तो स्ट्रेटजी और अच्छे से काम करेगी। ऐसा हर बार नहीं है। एक छोटा सा टाइम फ्रेम चेंज करने पे आप देख सकते हो कि यहां पर स्ट्रेटजी जो है वो प्रॉफिटेबल से कम प्रॉफिटेबल हो जा रही है और लॉस पे आ जा रही है। अब 1 घंटे के टाइम फ्रेम में देखा तो यहां पर प्रॉफिटेबल बढ़ा तो था लेकिन हमें ट्रेड्स की डिटेल नहीं देखने को मिल रही थी। बहुत कम ट्रेड्स मिल रहे थे। यानी मुझे समझ आया कि 15 मिनट के टाइम फ्रेम में अगर मैं इस स्ट्रेटजी को टेस्ट करता हूं तो यह स्ट्रेटजी अच्छे से काम कर सकती है। आप देख सकते हो कि यहां पर हमारे सामने इसके जो प्रॉफिटेबल ट्रेड्स हैं वो 64% निकल कर आए हैं। प्रॉफिट फैक्टर 3.78 का निकल कर आया है। अब यहां पर हम क्या कर रहे थे? हम अपनी जो कैपिटल थी उसका 10% यूज़ कर रहे थे। अगर पूरी कैपिटल यूज़ करें तो यहां पर आप देख सकते हो कि टोटल इस स्ट्रेटजी के बेसिस पे 38% के रिटर्न्स बने हैं और इस रिटर्न्स के साथ हमने यहां पर आप देख सकते हो कि कमीशन को भी इंक्लूड किया है। अगर आप डेल्टा एक्सचेंज में ट्रेड करते हो तो इतनी कमीशन होती है वो भी हाईएस्ट केसेस में। तो वो मैंने इंक्लूड कर लिया। तो उसके बाद भी आप देख सकते हो कि 35% के रिटर्न्स बने हैं ब्रोकरेज पे करने के बाद। अब अगर आपको कंफर्मेशन चाहिए तो बाकी डिटेल्स भी आपको यहां पर देखने को मिल रही है। आपको यहां पर ट्रेड्स भी देखने को मिल रहे हैं कि भाई इसके बेसिस पे पहला ट्रेड बनता इतने रिटर्न्स बनते। दो ट्रेड में लॉस होता फिर यहां पे प्रॉफिट होता। फिर लॉस फिर प्रॉफिट प्रॉफिट प्रॉफिट प्रॉफिट फिर उसके बाद दो-तीन लॉस थे। फिर उसके बाद आप देख सकते हो काफी सारे प्रॉफिट्स थे। यानी हर एक ट्रेड हमें यहां पर देखने को मिल रहा है। यहां पर हमें चार्ट भी देखने को मिल रहा है कि कहां पर लॉन्ग होता। जैसे यहां पर आप देख सकते हो स्क्वायर ऑफ होता। यहां पर अगेन शॉर्ट होता। यहां पर स्क्वायर ऑफ होता। तो जब यहां शॉर्ट किया, यहां स्क्वायर ऑफ हुआ यानी इसमें प्रॉफिट बुक हुआ है। तो वो सारे ट्रेड्स हमें देखने को मिल गए। इवन मैं आपको एक और चीज दिखाता हूं जिससे आपको समझ आएगा कि एक छोटी सी चीज स्ट्रेटजी में कितना डिफरेंस डाल सकती है। जैसे सुपर ट्रेंड फैक्टर जो है इसमें सिक्स है। अगर मैं इसको 10 कर देता हूं। तो अब देखो 10 करते ही यहां पर जो 35% के रिटर्न्स बन रहे थे वो -1.52% के रिटर्न्स बन गए। मतलब एक छोटा सा चेंज स्ट्रेटजी में कितना ज्यादा इंपॉर्टेंट है। इससे आपको समझ आया। देखो छह किया है तो वापस से आप देख सकते हो 35% का प्रॉफिट आ रहा है। अगर वन कर दूंगा तो देखो 6% का प्रॉफिट आ रहा है। टू किया तो यहां पर 5% का प्रॉफिट आ रहा है। तीन किया तो यहां पर 3% का प्रॉफिट आ रहा है। चार किया तो यहां पर 17% का प्रॉफिट आ गया। पांच किया तो आप देख सकते हो 7% छह का आपको पता ही है सीधा 35% जा रहा है। सात करते ही यहां पर जो रिजल्ट है वह 4% पे आ जा रहा है। यानी एक छोटी सी चीज आपकी स्ट्रेटजी को कितना ज्यादा बदल के रख सकती है। तो आपने स्ट्रेटजी में इस तरीके से चेंजेस करके देखने हैं। और जब आप चेंजेस करेंगे तब आपको पता चलेगा कि कहां पर स्ट्रेटजी काम करती है, कहां पर स्ट्रेटजी काम नहीं करती है। उसको पहले आपने ऐसे डिटेल में बैक टेस्ट कर लिया। फिर खुद मैनुअली भी बैक टेस्ट करो। तो आपने देखा कि एक छोटी सी चीज स्ट्रेटजी में कितना ज्यादा मैटर करती है। इवन एक और चीज यहां पे दिखाता हूं तब आपको डिफरेंस समझ आएगा। अब देखो यही स्ट्रेटजी अगर मैं बिटकॉइन की जगह इथेरियम में लगाता हूं तो वहां पर 15 मिनट का ही टाइम फ्रेम है। सारी चीजें सेम है लेकिन लॉस में आ गई। अब यहां पर मैं सोलाना में लगाता हूं तो उसमें भी लॉस में है। अगर मैं गोल्ड में लगाता हूं तो थोड़ा बहुत प्रॉफिटेबल है 14% का। अगर XU गोल्ड में लगाता हूं तो 3.5% प्रॉफिटेबल है। अगर कहीं और पे लगाऊंगा तो 13% का लॉस चल रहा है। अगर यहां पर मैं nस 100 में लगाऊं तो 1% का प्रॉफिट है। यानी आप देख सकते हो कि अगर मैं निफ्टी में लगाता तो -12% का लॉस चल रहा है। तो एक स्ट्रेटजी कौन सी एसेट पे ट्राई हो रही है इस चीज के ऊपर भी बहुत ज्यादा डिपेंड करता है। इसलिए जब आप एक स्ट्रेटजी बना लेते हो तो उसमें थोड़े बहुत चेंजेस करने से, एसेट को चेंज करके देखने से, टाइम फ्रेम को चेंज करके देखने से, उसकी सेटिंग्स को चेंज करके देखने से बहुत ज्यादा स्ट्रेटजी चेंज हो सकती है। और यह जो बैक टेस्ट है पाइन स्क्रिप्ट के अलावा MT5 में करके देख सकते हो। कुछ सॉफ्टवेयर्स होते हैं। हमने रिसेंटली इसके ऊपर एक वीडियो डाली है। आप उस वीडियो को देखकर सीख सकते हैं कि कैसे एक स्ट्रेटजी को बैक टेस्ट किया जाता है। फिर जब आपने इन सॉफ्टवेयर्स का यूज़ करके बैक टेस्ट कर लिया तब एक बार मैनुअली भी खुद से बैक टेस्ट करके देखो। चाहे 3 महीने के डाटा पे करके देखो कि प्रॉफिटेबल है या फिर नहीं है। और उसके बाद फाइनली जब आपको समझ आता है कि हां भाई आपकी स्ट्रेटजी अच्छे से काम कर रही है तो तब जाके फॉरवर्ड टेस्टिंग करके देखो। कई बार क्या होता है कि चीजें बाद में तो अच्छी दिखने लगती हैं लेकिन एक्चुअल में अच्छी नहीं होती है। तो वो फॉरवर्ड टेस्टिंग करके देखो। तब जाके आप अपनी खुद की एक स्ट्रेटजी बना सकते हो। मैं उम्मीद करता हूं आपको ये वीडियो पसंद आई होगी। वीडियो पसंद आई है तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। डेल्टा एक्सचेंज का लिंक डिस्क्रिप्शन पे दे रखा है। Google फॉर्म का लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। अगर बिल्कुल बेसिक टू एडवांस ट्रेडिंग सीखनी है तो ये वाली प्लेलिस्ट देख लेना। अगर एडवांस ट्रेडिंग को और ज्यादा डीप में सीखना चाहते हो तो ये वाली प्लेलिस्ट देख लीजिएगा। धन्यवाद।

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