The Complete Trading Strategy That Built an 8.5 Crore Portfolio I Ft. Sahil Rohmehtra I AXT I Ep 3 — backtested on Indian market data | FakeTrades
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The Complete Trading Strategy That Built an 8.5 Crore Portfolio I Ft. Sahil Rohmehtra I AXT I Ep 3

AbhishekXTrades · watch on YouTube ↗
Analysed 29 Oct 2026, 10:48 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Podcast discussion on trading journey, capital management, and mindset; no mechanical, rule-based price strategy defined.

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (17461 words)
अगर मैं आपसे कहूं कि एक छोटी सी ट्रेडिंग कैपिटल को भी करोड़ों के पोर्टफोलियो में बनाया जा सकता है तो शायद बहुत लोग इस बात पर यकीन ही नहीं करेंगे। लेकिन आज के हमारे गेस्ट इसी जर्नी को अपनी स्ट्रेंथ बना चुके हैं। मेरे करंट अकाउंट का वैल्यू ऑलमोस्ट आप लगा लीजिए 7.5 करोड़ का है। उसमें कुछ साल ऐसे थे जहां पे कुछ करोड़ आए और कुछ साल ऐसे थे जहां पे कुछ लाख गए तभी हम यहां तक हैं। इट इज नॉट अनथिंकेबल। लोग बोलते हैं कई बार कि मेरे को तो बस मार्केट से ₹1000 ही चाहिए। अबे मार्केट वो जगह है जो दे रहा है कि नहीं तू करोड़ ले ₹1000 अगर आपको दिन का चाहिए, 2000 दिन का चाहिए, आप जॉब कीजिए। बट आप यह अप्रोच लेके मार्केट में नहीं आ सकते क्योंकि मार्केट का नेचर ऑफ गिविंग मनी अलग है। ₹100 का ऑप्शन ₹200 लिया बंदा चौड़ में घूमता है। [हंसी] सही में वो बेसिकली वो बॉस ने क्या बोला है? [हंसी] बट लोगों को लगता है अरे वाह! ये 3 लाख दिखा रहा है तू बहुत बड़ा। अरे ये पेंटिंग है। [हंसी] क्या समझोगे अभी? अभी मैं क्या बताऊं तुम्हें कि क्या पापड़ बेलने पड़ेंगे? फ्यूचर्स ट्रेडिंग, मोमेंटम स्टॉक्स और प्रैक्टिकल रिस्क मैनेजमेंट में इनका एक्सपीरियंस उन ट्रेडर्स के लिए बहुत वैलुएबल है जिन्हें छोटी कैपिटल से शुरुआत करके एक शानदार लाइफस्टाइल बनानी है। अगर आप राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो से लूपिन या टाइटन हटा देंगे तो बहुत ऑर्डिनरी पोर्टफोलियो है। अगर आप वारेन बुफे के पोर्टफोलियो से कोका कोला हटा देंगे तो कुछ भी नहीं। 90% ऑफ योर करियर्स अर्निंग्स आर गोइंग टू कम फ्रॉम 10% ऑफ योर ट्रेड्स। इस पडकास्ट में हम बात करेंगे कि [संगीत] छोटी कैपिटल के साथ शुरुआत कैसे करें? प्रॉफिट्स को प्रैक्टिकली कैसे बुक करें? रिस्क को कैसे कंट्रोल करें और मार्केट में [संगीत] सर्वाइव करते हुए कैपिटल को सिस्टमैटिकली कैसे ग्रो किया जाता है और अगर आपने सब कुछ करके भी देख लिया है और अब आप किस्मत या फेट को दोष दे देते हो तो हम डिस्कस करेंगे क्या एस्ट्रोलॉजी आपके फेट को डिसाइड कर सकता है एक प्रॉफिटेबल ट्रेडर बनने के लिए उस पर हम एक रैंडम डिस्कशन नहीं बल्कि एक लॉजिकल डिस्कशन करने वाले हैं कि जिसकी कुंडली में बहुत सारे धन योग हैं उसी की कुंडली में बहुत सारे दरिद्रता योग भी कोई ऐसा बंदा है जैसे विराट कोहली माइक टाइससन क्रिस्टियानो रोनाल्डो बंदा आपके सामने सामने खड़ा हो जाएगा। आपको लगेगा कि ये मूर्ति है मतलब उसका क्या बॉडी होगा उस बंदे का। तो मैं आपको बोल रहा हूं हॉस्पिटल ज्यादा आपसे बोझ जाता है। उसके इर्द-गिर्द घर में डॉक्टर आते हैं। वही बंदा दवाइयों और बीमारियों से घिरा हुआ है। जिसका फिजिक है दिस इज द कॉस्ट ऑफ ग्रेटनेस। तो जो बंदा पैसा चस करता है उसका कॉस्ट ऑफ ग्रेटनेस क्या है? पैसे का लॉस कौन? तो वो दोनों कॉम्बिनेशंस आपकी कुंडली में दिए हुए हैं। अगर आप बिगिनर हैं या अपनी ट्रेडिंग को नेक्स्ट लेवल पर ले जाना चाहते हैं तो यह कॉन्वर्सेशन आपके लिए ही है। प्लीज वेलकम मिस्टर साहिल रोमित्रा जी। बिफोर वी स्टार्ट टुडेेस पॉडकास्ट अ बिग थैंक यू टू आवर स्पोंसर लेमन। अगर आप भी ऑप्शन ट्रेडिंग करते हो तो यह वाली प्रॉब्लम आपके साथ भी हुई होगी। ट्रेड राइट ढूंढने से पहले चार्ट पर इतना ज्यादा टाइम वेस्ट हो जाता है क्योंकि Telegram पे कोई कुछ बोल रहा है। YouTube पे किसी का एनालिसिस बुलिश बोल रहा है। Twitter पे कोई क्रैश प्रेडिक्ट कर रहा है और आधे से ज्यादा टाइम तो मार्केट में यही ढूंढने में निकल जाता है कि एक्चुअल ट्रेड कहां पे बन रहा है। राइट स्टॉप लॉस कहां पे होना चाहिए? राइट एंट्री कहां पे होनी चाहिए और राइट टारगेट कहां पर होना चाहिए। और इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए लेमन लेकर के आ गया है डाटा ड्रिवन ट्रेडिंग वो भी एक्सपर्ट स्ट्रेटजीस के साथ। जहां पर आप लोगों को जभी भी एक वैलिड ट्रेड सेटअप बनेगा तो एक्सपर्ट की स्ट्रेटजीस आपको बता देंगी कि एंट्री कहां पर होनी चाहिए। एग्जिट कहां पर होना चाहिए और आपका टारगेट बुकिंग भी कहां पर होना चाहिए। और डेली ट्रेडर्स के लिए लेमन ने इंट्रोड्यूस कर दिया है जिंक जिससे अब आपका एग्जीक्यूशन और भी फास्टर हो जाता है। तो वेट किस चीज का है? क्योंकि अगर आप अकाउंट ओपनिंग लिंक ढूंढ रहे हैं तो डिस्क्रिप्शन में आपको मैंने लेमन का अकाउंट ओपनिंग लिंक दे दिया। और अगर आप अकाउंट ओपन करने के बाद एक सिंपल सी केवाईसी करवा देते हैं तो आप मेरी एक्सक्लूसिव स्ट्रेटजी पर भी काम कर सकते हैं। तो अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हो तो डेफिनेटली चेक आउट द लिंक इन द डिस्क्रिप्शन। सो बिना समय गवाए इस पॉडकास्ट को स्टार्ट करते हैं। लेट्स गेट स्टार्टेड। सो साहिल भाई मोस्ट वेलकम टू द पडकास्ट। एंड बड़ा अच्छा लग रहा है आप सामने बैठे हो। बहुत सारी चीजें हम डिस्कस करने वाले हैं। पहले तो मैंने एक बात सुनी थी जो मेरे को बहुत ज्यादा इंट्रीक कर गई थी कि आपने अपने ट्रेडिंग अकाउंट में सिर्फ ₹1 लाख फंड किया है और आपका जो मैक्सिमम साइज गया था ट्रेडिंग अकाउंट का वो था ₹10 करोड़। तो ये सारा पैसा आपने मार्केट से ही बनाया है। दैट्स करेक्ट। सारा कुछ मार्केट से थ्रू ट्रेडिंग एक्टिविटी है। एंड आई अंडरस्टैंड कि यह एक बहुत बड़ा अमाउंट लगता है। मैंने ट्रेडिंग 2014-15 में स्टार्ट की थी। अभी हम 2026 27 में मेरे करंट अकाउंट का वैल्यू ऑलमोस्ट आप लगा लीजिए 7.5 करोड़ का है। तो अगर हम जीरो भी मानते हैं शुरू से और इसको 12 साल का भी टाइम देते हैं तो वो हर साल 60 लाख 65 लाख के औसतन इनकम हुआ। हम एंड 60 65 लाख का इनकम ओवर द इयर्स आ जाना। ऑफ कोर्स उसमें कुछ साल ऐसे थे जहां पे कुछ करोड़ आए और कुछ साल ऐसे थे जहां पे कुछ लाख गए तभी हम यहां तक हैं। इट इज नॉट अनथिंकेबल। सो अच्छे साल जब आते हैं तो वो जल्दी एग्रीगेट होते हैं कि मतलब छ सात आठ सालों में ही 10 करोड़ हो गए। बट अभी जब हम 12 साल या 11 साल की बात करें तो इट इज़ एवरेजिंग अराउंड ₹65 लाख पर ईयर। हम और काफी मेहनत की है वो ₹65 लाख पर ईयर का एक एनुअल इनकम अर्न करने के लिए। और इसमें एडवांटेज यह है कि ऐसा लगता है कि जो सीखा है यह स्केलेबल है। तो देयर इज अ चांस कि यह शायद ज्यादा हो सकता है। दैट इज द ओनली एडवांटेज। बहुत बढ़िया। मतलब ये चीज ना बहुत ज्यादा मुझे भी फैसनेट करती है और बहुत ज्यादा इंस्पायर भी करती है क्योंकि मेरी जर्नी भी यही है। तो अभी ना मैं बहुत ज्यादा डीप डाउन लेकर के जाना चाहूंगा ताकि मैं भी समझ पाऊं कि हम लोग ये चीज कैसे करें और ऑडियंस भी साथ में समझ पाए कि आपके एग्जैक्ट मेथड्स क्या हैं? किन स्ट्रेटजीस पे आप काम करते हो। मार्केट में क्या देखते हो ताकि हम और ज्यादा बेटर तरीके से जो आप बोल रहे हैं उसको डीप डाउन समझ भी पाए। साहिल भाई मैं ये समझना चाहूंगा सबसे पहले आपने ये ट्रेडिंग कैसे शुरू करी थी? क्या थी आपकी लाइफ उससे पहले अभी क्या है? एक छोटा सा इंट्रोडक्शन अगर आप अपने बारे में दे तो ज्यादा बेटर रहेगा। 2006 में इंजीनियरिंग के दौरान मेरा कैंपस प्लेसमेंट हुआ। 2007 में मैंने नौकरी स्टार्ट की बोर में एक कंपनी से। ओके। उसी से इनकम हुआ। इनकम से सेविंग हुआ और मार्केट में फर्स्ट टाइम अपना सेविंग लेके आया थ्रू म्यूच्यूल फंड इन 2007। तो यह स्टार्ट था। 2015 तक अभी नौकरी ही कर रहे हैं। बट इनकम थोड़ी और ज्यादा हो गई है। पहले अकेले के लिए कर रहे थे। अब थोड़ी फैमिली हो गई। अब नीड महसूस हुआ एक न्यू इनकम सोर्स क्रिएट करने का। तो तब वहां से ट्रेडिंग स्टार्ट हुई। सो कहने का अर्थ है मार्केट हमें एसेट क्रिएशन का भी मौका देता है। व्हिच इज़ से फॉर एग्जांपल थ्रू म्यूच्यूल फंड जो मैंने 20078 में किया। ओके? और इनकम जनरेशन का भी मौका देता है व्हिच हैप्स व्हाई ट्रेडिंग जो मैंने 2014-15 में फुल फ्लेज स्टार्ट किया। ओके बट कॉन्फिडेंस कि मैं इसे फुल टाइम कर सकता हूं कि मैं अपना अभी जॉब छोड़ सकता हूं और इसी इंडस्ट्री पे रह सकता हूं। यह मुझे 2017-18 तक आया और एक्शन लेके अपना जॉब छोड़ने का प्लान बनाना, अपना कंपनी रजिस्टर करना, अपने आप को सेबी रजिस्टर्ड बनाना इसको करते-करते मुझे 2019-20 तक का टाइम लग गया। और जब सब चीजें इन प्लेस हो गई, फिर मैंने अपना जॉब छोड़ दिया और अभी फुल टाइम ट्रेडिंग और उसके रिलेटेड और अलाइड वर्टिकल से जुड़े। ग्रेट। जब हम बोलते हैं कि आप ट्रेडिंग करते हो तो आप एग्जैक्टली क्या ट्रेड करते हो? मतलब मैंने देखा है लोग फ्यूचर एंड ऑप्शंस हैं। कोई स्टॉक्स में ही कर रहा है। सिर्फ कोई किसी पर्टिकुलर एसेट को पकड़ करके चल रहा है। आपका ट्रेडिंग स्टाइल क्या है? 2015 से लेके 17 तक ऑप्शंस थे। हम फिर उसके बाद से फ्यूचर्स हुए। फ्यूचर्स में जब मैं ट्रेड करता था दे वर मोस्टली निफ्टी, गोल्ड, सिल्वर, क्रूड ऑयल और उस टाइम पे यूएसडी आईएआर हम एंड आज की डेट में मैं ना ही कमोडिटीज़ ना ही करेंसी सिर्फ इंडेक्स एंड स्टॉक फ्यूचर्स ही ट्रेड करता हूं। अभी व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन ऑप्शन एंड फ्यूचर्स? इनके बीच में टेक्निकली कई अंतर है। बट मेरा ऐसा मानना है कि फ्यूचर इज अ स्पेशल केस ऑफ एन ऑप्शन। जहां पे डेल्टा हमेशा इज़ इक्वल टू वन। तो उनमें ज्यादा अंतर नहीं। कहने का पॉइंट ये है फॉर एग्जांपल एक बंदा ₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी बेचता है। वो ₹1 करोड़ पे निकाल रहा है बेचने के लिए। बट आपको लगता है ये प्रॉपर्टी की रियल वैल्यू ₹1.5 करोड़ है। तो आप क्या करोगे? आप उस बंदे को बोलोगे यह मेरा ₹1 लाख लो। अगले महीने तक मैं आपको ₹1 करोड़ लाके दूंगा जो आपको चाहिए। हम तो आपने क्या कर दिया? 1% आपने उसको उसके प्रॉपर्टी का दे दिया और आप क्या बिहेव कर रहे हो? मालिक 1 करोड़ की प्रॉपर्टी के। अब आप वो प्रॉपर्टी लेके किसी के पास चले गए जो एग्री करता है कि इसका फेयर वैल्यू ₹1.5 करोड़। और वो खरीदने को तैयार है ₹1.5 करोड़। अब आप क्या करोगे? 1 करोड़ उस सेलर को पहुंचा दोगे। 25 लाख आप रखोगे। और 25 लाख रिटर्न किस में आया आपको? आपके 1 लाख के इनिशियल डिपॉजिट पे। हम और जो टाइम पीरियड उस डिपॉजिट को हम बोलेंगे प्रीमियम हम और जो टाइम मांगा आपने यह सेल करने का उसको बोल देंगे एक्सपायरी। राइट? अब मार्केट में एक हफ्ते से लेके तीन महीने तक कई एक्सपायरीज हैं। इसमें अभी एक चीज नोटिस करने वाली बात ये है कि क्योंकि प्रॉपर्टी का वैल्यू 25 लाख से बढ़ा हम तो आपका मैक्सिमम गेन 25 लाख ही हो सकता था। हम अगर प्रॉपर्टी का वैल्यू 10 लाख से बढ़ता तो आपका मैक्सिमम गेन 10 लाख ही हो सकता था। यानी कि योर मैक्सिमम अर्निंग इज द डेल्टा ऑफ द प्रॉपर्टी। हम बट जब हम मार्केट में आते हैं और यही ऑप्शन यही प्रीमियम जमा करते हैं तो डेल्टा कुड बी521 यानी कि प्रॉपर्टी तो बढ़ गई 10 लाख से बट आपका वैल्यू सिर्फ 1 लाख से बढ़ा। उसको हम वन डेल्टा बोलेंगे। तो फ्यूचर ऐसा केस है जहां पे आपने बोला है कि डेल्टा शुड रिमेन इक्वल टू वन। और ऑप्शन एक ऐसा केस है जहां आप बोलेंगे कि डेल्टा वेरीरी करेगा और क्योंकि वो वेरीरी कर रहा है तो जहां मैंने 1% दे दिया प्रॉपर्टी का आपको हो सकता है आपको 2% देना पड़ रहा है प्रॉपर्टी और आप 2% में ही प्रॉपर्टी के मालिक बने फिरे हम तो ऑप्शन इज दैट स्पेशल केस और इसको हम ग्रीक्स के नाम से जानते हैं। सो जस्ट आई वांटेड टू क्लेरिफाई कि एक एफएनओ में ज्यादा अंतर नहीं है। असेसमेंट तो प्रॉपर्टी का हुआ था। जैसे असेसमेंट मेरे केस में स्टॉक पे होगा। आपके केस में हो सकता है कमोडिटी में हो। किसी और के केस में क्रिप्टो में, किसी के केस में फॉरेक्स। असेसमेंट तो अंडरलाइन एसेट पे होता है। अब उस व्यू को हम मार्केट में प्ले कैसे करेंगे? व्हिच इज कंसिस्टेंट विद आवर कैपिटल। उसको हम एफ एनओ के थ्रू भी कर सकते हैं। हम एंड मैं क्योंकि अ मुझे डेल्टा वन चाहिए। ओके। अगर मैं करेक्ट हूं तो मुझे पूरा पैसा चाहिए। हम और अगर मैं गलत हूं तो मैं देने को तैयार हूं। नो हैजेस। राइट? क्योंकि ये मेरा अप्रोच लाइफ में भी ऐसा है। मार्केट में भी ऐसा है। तो मेरे पोजीशंस भी वही व्यू रिफ्लेक्ट करते हैं। एंड ऑफ़ द डे ट्रेडर के वही तो व्यू होंगे। या तो बढ़ेगा या गिरेगा या रेंज में रहेगा। मैंने क्योंकि फ्यूचर लिया है तो मैं बोलूंगा अगर रेंज में रहेगा तो मैं काम नहीं करूंगा। अगर बढ़ेगा तो मुझे पूरा चाहिए। अगर गिरेगा तो मैं लॉस लेने को तैयार हूं। या जैसा भी पोजीशन क्रिएट करो। साहिल भाई मैं और भी चीजें इसमें लेकर के जाऊंगा। बट एक प्रॉब्लम अभी भी आती है क्योंकि मैं भी सेम चीज़ करता हूं। मैं भी फ्यूचर्स करता हूं, नेकेड करता हूं और मुझे एक डेल्टा ही चाहिए। या तो मैं अगर गलत हूं भाई लेके जाओ वरना दे। लेकिन जभी से ये एसटी बढ़े हैं ना आप कैसे मैनेज करते हो? क्योंकि अब एसटीडी लगभग 3 गुना ज्यादा हो गए। जो चार्जेस लग रहे थे अब वो फ्यूचर पे बहुत ज्यादा हो गए हैं। ऑप्शंस पे थोड़े मिनिमल ही है। तो इसको कैसे आप मैनेज करते हो? जभी भी तो एसटीटी बढ़ाया क्यों गया? एसटीटी बढ़ाया गया ट्रेडिंग को डिसरेज करने के लिए। हम तो अगर ट्रेडिंग को डिसरेज कर दिया तो हम जो इस इंडस्ट्री के वर्कर्स हैं हम हम क्या करेंगे? हम ट्रेडिंग कम करेंगे। ट्रेडिंग कम करने के क्या तरीके हैं? एक तरीका हो गया कि आप अपने लॉन्ग या शॉर्ट सिस्टम में से कोई एक सिस्टम डिस्कार कर दो कि मैं यह करूंगा ही नहीं कि मार्केट जभी भी सेल होगा हम तो मैं मैं उसके राइस को सेल नहीं करूंगा। ओके? बट मार्केट अगर बाय होगा तो मैं इसके डिप को बाय करूंगा। तो आपका ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी ड्रॉप हो गया। क्योंकि आपने एक पूरा साइड ही छोड़ दिया करना। हम दूसरा हो गया आप अपना टाइम फ्रेम बढ़ा दो कि जो काम आप पहले 1 घंटे में करते थे अब आप उसको डेली में कर रहे हैं। जो डेली में करते थे वो वीकली में कर रहे हैं। दोनों केसेस में आपको स्टॉप लॉस तो लगाना ही है बट जो बंदा वीकली चार्ट देख के वो प्लानिंग कर रहा है एज़ कंपेयर टू जो आवरली देख के कर रहा है उनके स्टॉप लॉसेस में अंतर आएगा। वीकली वाला पेटल लो होगा 50000 पॉइंट दूर। आवरली पेटल लो होगा 100 150 200 पॉइंट दूर। राइट? तो जब ट्रेडिंग का कॉस्ट इतना बढ़ गया है तो ऑब्वियसली आप अपना टाइम फ्रेम बढ़ाएंगे और अगर आप अपना टाइम फ्रेम बढ़ाएंगे आपका एसएल बढ़ेगा। एसएल बढ़ेगा तो क्वांटिटी कम होगा क्योंकि रिस्क तो सेम ही रहेगा हम और अगर एसएल बढ़ेगा तो टारगेट भी दूर होगा तो ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी आपका स्लो हो जाएगा। सो एव्री टाइम दी गवर्नमेंट इंक्रीसेस दी एसटीटी इट बिकम्स आवर जॉब टू रिड्यूस आवर ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी नहीं तो आप बस्ट हो जाएंगे हम सेम काम करके। सो दिस इज दी इंपैक्ट। और जब गवर्नमेंट को कभी लगेगा कि भाई एसटीटी बहुत ज्यादा हो गया इंडस्ट्रीज सफर कर रहा है जो कि हो रहा है इंडस्ट्रीज सफर कर रहा है और अगर उन्होंने एसटीटी को सिर्फ इतना बोल दिया हम आगे से नहीं बढ़ाएंगे या उसको कम कर दिया आपको दिख जाएगा कि जितने प्रोफेशनल ट्रेडर्स हैं जिन्होंने डेली चार्ट्स में कोई एक एल्गोरिदम डिप्लॉय किया था अब उसी को ही ट्वीट करके आवरली में करना स्टार्ट कर देंगे हम क्योंकि प्रॉफिटेबल होना स्टार्ट हो गया। सो इंक्रीज्ड कॉस्ट मींस रिड्यूसिंग ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी। रिड्यूसिंग ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी बाय रिड्यूसिंग साइज मतलब या डायरेक्शन एंड इंक्रीजिंग टाइम फ्रेम। आपको टाइम फ्रेम बढ़ाना पड़ेगा। तो साहिल भाई ये तो हो गई बड़ी बातचीत कि हम कर रहे हैं फ्यूचर्स की बात जिस पे कोई भी हमें लिवरेज नहीं मिलती है। ₹ लाख देना ही पड़ेगा पर लॉट। बहुत सारे लोग हमें ऐसे भी देख रहे होंगे जिनके पास उतना कैपिटल ही नहीं है। तो पहले तो आप मुझे यह बताओ कि एक एडिक्वेट कैपिटल कितना होना चाहिए? जैसे आपने अपनी जर्नी में ₹1 लाख से इतना बड़ा अकाउंट ग्रो किया। क्या वो चीज आज पॉसिबल है किसी इंसान के लिए? अगर है तो फिर मैं नेक्स्ट क्वेश्चन फ्रेज़ करूंगा। बट पहले आप इसको क्लेरिफाई कीजिए। आज पॉसिबल शायद वैसे नहीं है जैसे मैंने किया था। व्हाई? देखिए जब मैंने जब मैं मार्केट में आया था तब निफ्टी का लॉट साइज था 25 का। मार्केट का वैल्यू था 8,000 का। 25 * 8,000 कर लो 2 लाख। 2 लाख का कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू था। अभी 2 लाख के कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू पे मैं दो-3% का एसएल रखता हूं। तो वह आ जाएगा ₹5,000 ₹5,000 का एसएल लेने के लिए मुझे जब एक लॉट फ्यूचर उठाता हूं तो मुझे ₹10,000 का मार्जिन लगता है। कहने का पॉइंट ये है ₹ लाख के कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू को मुझे ₹10,000 से लेके ₹15,000 होने चाहिए थे। तो मेरे पास थे हम तो मैं कर सकता था। बट आज के डेट क्या है? मार्केट है ऑलमोस्ट 25,000 का। लॉट साइज है 65 का। 25,000 * 65 कर दोगे तो वो हो जाएगा ऑलमोस्ट 18 लाख के करीब। और आपको चाहिए ढाई 3 लाख। तो अभी 1 लाख पर आप फ्यूचर ही नहीं उठा सकते। राइट? तो ऑब्वियसली जब आप वो इंस्ट्रूमेंट ही नहीं कर सकते। अगर आप फ्यूचर नहीं उठा सकते तो आप ऑप्शन राइट भी नहीं कर सकते। तो जब आप वो इंस्ट्रूमेंट ही ट्रेड नहीं कर सकते तो वो जर्नी पॉसिबल ही कैसे है? तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] अगर आपका ट्रेडिंग कैपिटल कम है ₹1 लाख है या ₹00 है तो आपके पास बचता ही सिर्फ सिल्वर पे गोल्ड गिनी गोल्ड पेटल सिल्वर माइक्रो यही सब आप कर सकते हैं। क्या चीजें एक बारी एक्सप्लेन करना डिटेल? ये कमोडिटीज के मार्केट में गोल्ड सिल्वर सो कमोडिटीज का मार्केट कैसे बटा? बेस मेटल्स हैं हम जिसमें आपका लेड, जिंक, एलुमिनियम, निकल ये आ जाते हैं। कॉपर हम उसके बाद एनर्जी है जिसमें हमारा क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस आता है। फिर उसके बाद बुलियन है। बुलियन में हमारा गोल्ड एंड सिल्वर आता है। ये ये फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड कमोडिटीज हैं। ऐसे और भी होंगे एग्री कमोडिटीज वगैरह। अब एनर्जी में जहां पर क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस है वहां पर क्रूड ऑयल पे ज्यादा ट्रेड होते हैं। बुलियन में गोल्ड एंड सिल्वर में दोनों ट्रेड होते हैं। और [नाक से की जाने वाली आवाज़] बेस मेटल में आई वुड थिंक एलुमिनियम और कॉपर में काफी ट्रेडिंग होती है। तो नेचुरली इनके ही कुछ लॉट्स भी हैं। तो सिल्वर का एक स्टैंडर्ड लॉट है जिसमें 30 किलो का सिल्वर है। वैसे ही सिल्वर का एक माइक्रो लॉट होगा जिसमें एक कम क्वांटिटी का सिल्वर होगा। ओके। [नाक से की जाने वाली आवाज़] सो सिमिलरली क्रूड ऑयल है उसका 100 बैरल्स है। क्रूड मिनी होगा तो 10 बैरल्स होगा। गोल्ड है तो उसमें 1 किलो का गोल्ड है। फिर उसके बाद गोल्ड मिनी आएगा। फिर गोल्ड गिनी आएगा। गोल्ड पेटल आएगा। तो जो छोटा ट्रेडर होगा वो तो ऑब्वियसली गोल्ड पेटल गोल्ड गिनी गोल्ड मिनी के रेंज में ही काम करेगा। एनएससी एफओ में अभी ₹1 लाख से आप फ्यूचर का लॉट नहीं उठा सकते। तो आप वो जर्नी ही स्टार्ट नहीं कर सकते। यानी कि अगर किसी पे कम पैसा है तो वो कमोडिटीज कर सकता है। बट एनएससी पे जो निफ्टी है और बैंक निफ्टी है वो बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। फिर आप ऑप्शन करेंगे तो आपको डीप ओटीएम जाना पड़ेगा। तो आपने बोला निफ्टी बढ़ेगा। निफ्टी बढ़ा बढ़ता भी है बट आपको कुछ भी नहीं आता क्योंकि वो इतना कम डेल्टा है कि आपको कुछ मिला नहीं और आपका एसटीटी वगैरह का तो खर्चा है ही पांच सात आठ पॉइंट जो भी जाने हैं तो जब आपको मिला ही नहीं कुछ तो फिर आप करेंगे कैसे उसको? तो एक एडिक्वेट कैपिटल साइज क्या होना चाहिए? देखो मेरे हिसाब से जो मेरा भी कुछ साल पहले दिमाग चलता था वो ऐसे चलता था कि मैं पहले ₹5 ₹100 में खेल के देखूंगा। अगर ये चीज चल गई जो मैं ट्राई करना चाह रहा हूं तो तो मैं और अपने अकाउंट को फंड करूंगा और आज के टाइम पे ना लोग ये सेम चीज सोचते हैं। लेकिन अभी थोड़ी देर पहले आप मुझे कुछ एक्सप्लेन कर रहे थे कि भाई एक एडिक्वेट फंड होना चाहिए। तो आपके हिसाब से वो कितना होना चाहिए और वो जो एनालॉजी आपने मुझे बताई थी वो आप एक बार दोबारा एक्सप्लेन करो। यस। तो मेरा ऐसा मानना है कि पर्पस ऑफ़ पुटिंग मनी इनू द मार्केट फॉर ट्रेडिंग इज टू क्रिएट इनकम। हम तो इनकम का मतलब है हर महीने हर क्वार्टर कुछ वापस आना है हम तो आप अगर ₹00 डाल रहे हैं और यह प्लान ही नहीं कर रहे आप यह प्लान कर रहे हैं कि मेरे को जब कॉन्फिडेंस आएगा तो मैं 5 लाख करूंगा तो आपने तो ट्रेडिंग स्टार्ट ही नहीं किया है क्योंकि ट्रेडिंग तो स्टार्ट तभी होगा आपने एक अमाउंट डाला है अब पर मंथ या पर क्वार्टर इतना मुझे विड्रॉ करना है तो वो अमाउंट सेटिस्फेक्टरी ही होना चाहिए हम अगर आप अंडर फंडेड कोई भी बिनेस को स्टार्ट करते हैं तो आपने ही अपना जो डेस्टिनी है उसको काफी हद तक कंट्रोल में ले आए मतलब आपने वैरियंस का आपने अपने ग्रोथ के पॉसिबिलिटीज को काफी कम कर दिया। तो इट इज की कि अगर आप सोच रहे हैं कि मुझे जब कॉन्फिडेंस आएगा तो मैं ₹1 लाख डालूंगा। मैं बोलूंगा तो कॉन्फिडेंस लाओ और 10 लाख डालो। [हंसी] आप 10,000 से क्या कर रहे हो? नहीं 10,000 से मैं वो कर रहा हूं जिससे मेरा कॉन्फिडेंस आएगा। बट आप ट्रेडिंग तो कर ही नहीं रहे। हम आप तो जस्ट असेस कर रहे हो कि जब मैं बोलता हूं मार्केट बढ़ेगा क्या वो बढ़ेगा या नहीं। बट आपको किसने बोला कि यह बोलने से पैसा मिलता है? आपको सही करना पड़ेगा तो ही पैसा मिलेगा। अब सही कहां जो 10 लाख पे ट्रेड कर रहा है और जो 1 करोड़ पे ट्रेड कर रहा है उनमें जमीन आसमान का अंतर है। तो दोनों का डेफिनेशन कि सही गलत क्या है? ये तो चेंज होने वाला है। क्या [नाक से की जाने वाली आवाज़] डिफरेंस आएगा अगर मान लो कोई छोटे फंड पे स्टार्ट करता है तो बड़ा फंड वाला क्यों ज्यादा सही तरीके से पैसे को मैनेज कर पाएगा या उससे बेटर डिसीजंस ले पाएगा? सी इट्स एन इंटरेस्टिंग क्वेश्चन। सबसे पहला तो यह है कि आप आपको लगता है कि आईटी सेक्टर फॉर एग्जांपल काफी ज्यादा पिटा है। हम आपको लगता है कि यहां से एक रिकवरी रैली आएगा। आपके पास पैसा बहुत ही कम है। आपने जाके टीसीएस उठाया। लेट्स से 2000 पे 1900 का एसएल लगा दिया। अब मुझे भी मेरा भी यही व्यू है कि आईटी सेक्टर बहुत ज्यादा गिरा है। यहां पे रिकवरी आएगा। बट मेरे पास पैसा ज्यादा है। तो मैंने TCS भी उठाया, Infosys भी उठाया, HCL भी उठाया, Tech Mahindra भी उठाया, WPRO भी उठाया, कोफorर्ज भी उठाया, पर्सिस्टेंट भी उठाया। मैंने छोड़ा ही नहीं कुछ हम अभी लेट्स से कि एसएल ट्रिगर होता है तो एसएल कब ट्रिगर होगा आपका आपका एसएल ट्रिगर होगा अगर टीसीएस फेल होगा रिगार्डलेस कि आपका व्यू क्या था आईटी इंडेक्स पे करेक्ट मेरे भी कुछ एसएल ट्रिगर तो मेरे पास टीसीएस था उसका भी एसएल ट्रिगर होगा हम बट सब के सबका कब होगा जब पूरा का पूरा आईटी इंडेक्स ही फॉलो होगा तो हम दोनों बुलिश ही थे बट मेरा व्यू क्या बोलता है आईटी में कुछ तो बढ़ेगा हम व्हिच विल बी मोर देन द रिस्क आई एम टेकिंग राइट वेयर एस आपने बोल बोल दिया कि आपका टीसीएस बढ़ेगा तो आपने इतना एक टाइट स्टेटमेंट दिया है मार्केट में तो ऑब्वियसली इन परसेंटेज आपका ज्यादा रिटर्न आएगा बट फिर आपका उसी हिसाब से जाएगा और ट्रेडिंग में व्हाट इज व्हाट इज रिस्क या व्हाट इज रिस्क मैनेजमेंट इन लोगों को लगता है जैसे अगर आप किसी को बोल दो कि आपको कुछ एडवाइर्स के कॉल आते होंगे कि आप मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं हम आप बोलते हैं हां करते हैं तो बोले सर हमारा सिस्टम ट्राई कीजिए हमारा 80% एक्यूरेसी 80% एक्यूरेसी का मतलब क्या है अगर आप किसी से पूछेंगे वो बोल बोलेंगे अगर 10 ट्रेड होंगे तो आठ सही है। मैं नौ 80% एक्यूरेसी का मतलब है कि चार क्सक्यूटिव गलत आने ही आने हैं। अगर आप मेरे से पूछे सर आपका कितना एक्यूरेसी मैं बोलूं लेट्स से 50% एक्यूरेसी तो 50% एक्यूरेसी का मतलब क्या है? कि 10 क्सक्यूटिव गलत आने ही आने हैं। अब वो आपकी और मेरी किस्मत में है कि वो पहले 10 ट्रेड में आए कि 95th से लेके 115 ट्रेड के बीच में आए। पर 10 तो कंजक्यूटिव आप मान के ही चलिए कि ये आने हैं। तो प्रोबेबिलिटी इज नॉट कि पॉइंट नहीं है। वो एक क्लाउड है। तो लोगों को लगता है कि भाई हमारा 50% एक्यूरेसी है। 80% एक्यूरेसी यानी कि 10 में से मेरे आठ सही आने हैं। आपके चार गलत होने ही हैं। आठ कंजक्यूटिव गलत कभी होंगे नहीं। हम ये माइंड पे ऑप्टिमल बेट साइज क्या है? ये कैलकुलेट करके ट्रेड प्लान किया जाता है और ये थोड़ा सा आप बोल लीजिए कि एक हल्के से हटके मैथ है जहां पे हम बहुत ज्यादा काम करते हैं ये डिटरमिन करने की कि मेरा ट्रेडिंग एक्यूरेसी वाकई में है कितना और किस एक्यूरेसी पे मेरा अर्निंग मैक्सिमम होगा। तो एट द हाईएस्ट लेवल अ ट्रेडर प्लांस देयर एक्यूरेसी। बट अभी भी ना एक चीज क्लियर नहीं हो पाई है कि ऑप्टिमल फंड अगर मान लो निफ्टी में कोई ट्रेड कर रहा है क्योंकि आज के टाइम पे बहुत सारे लोग निफ्टी में ही घुसे हुए हैं। तो उस पे ऑप्टिमल फंड कितना होना चाहिए? अभी डिराइव कर लेते हैं उसको। हम लेट्स से फॉर हमने हमें टाइम फ्रेम तो बढ़ाना पड़ेगा। ठीक है? मान लीजिए उसने इंट्राडे नहीं किया। वो वन डे पे वन डे पे आ गया। तो अभी वन डे पे आपका नाइट मेयर क्या है? मार्केट गैप डाउन हो जाएगा। गैप अप गैप डाउन गैप डाउन गैप अप कितना हो जाएगा? 3% का हो जाएगा। मान के चलते हैं यही हमारा एसएल है। हम निफ्टी पे 3% का करंट निफ्टी का कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू कितना है? ₹15 लाख से लेके ₹20 लाख की रेंज में इसका करंट वैल्यू रेंज करता है। इस समय ₹1 लाख के करीब का है। हम तो मान के चलिए 20 ₹ लाख कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू। तो 3% कितना हो गया? ₹ लाख का ₹0000 अब [नाक से की जाने वाली आवाज़] आपको पार्शियल टारगेट भी लेने हैं हम तो आप दो लेंगे तो यानी कि एक ही ट्रेड में जब आप दो लॉट लेंगे तो आपको एक से ₹15 लाख का बफर लेना है फॉर अ 3% एसएल कि आपने आज पोजीशन उठाया हम कल गैप डाउन हो गया 3% यानी कि 700 पॉइंट के करीब मार्केट में 750 पॉइंट का गैप डाउन हुआ। आप उसके लिए प्रिपयर्ड होके जा रहे हैं। बिल्कुल। तो आपको वो ट्रेड लेने के लिए आपको ₹1.5 लाख रिस्क करना है। ऑलमोस्ट मैं बोल रहा हूं। अभी अगर आप बोलते कि भाई मुझे अपने अकाउंट का सिर्फ 1% ही रिस्क करना है तो अकाउंट का वैल्यू होना चाहिए 1 करोड़। अगर आप बोले मुझे अपने अकाउंट का 2% ही रिस्क करना है तो अकाउंट का वैल्यू होगा 62 1/2 लाख। तो ये तो हम बोलेंगे कि हमें कितना परसेंट आपको तो रिस्क लेना पड़ेगा ₹1.15 लाख दो लॉट कैरी फॉरवर्ड करने के लिए। हम और अकाउंट का वैल्यू अगर आप 1% रिस्क करते हैं होता है ₹1.1 करोड़। अब वो आप पे है कि एट अ टाइम आप कितने ओपन रिस्क पोजीशंस लेके जाएंगे तो आपने निफ्टी के तो उठा लिए दो लॉट। अब हो सकता है कि आपने Reliance के भी उठा ली, ICICI के लिए भी उठा ली, इसके लिए भी उठा ली। तो तब हो गए मल्टीपल और वहां पे आपको स्ट्रीक्स दिखेंगे। अब जब एसएल हिट होते हैं, लाइन से छह होते हैं। हम जब टारगेट हिट हो रहे हैं, लाइन से चार आ रहे हैं। तो यहीं पे जब ट्रेडर प्लान करता है वो अपने ट्रेडिंग सिस्टम के प्रोबेबिलिटीज़ के अनुसार पोजीशंस क्रिएट करना स्टार्ट करता है। हम तो प्रोबेबिलिटी क्या है? दो किस्म की प्रोबेबिलिटीज़ हैं। एक इंस्ट्रूमेंट का नेचर और दूसरा ट्रेडिंग सिस्टम के कारण डिराइव्ड हुआ। इन दोनों को जब हम कंबाइन करते हैं तो मार्केट के जो बेस्ट ऑप्शन बायरर्स होंगे उनका उनका एक्यूरेसी 20 से 40% की रेंज में आए। ऑप्शन बयर की एक्यूरेसी 20 से 40 40% है। जो बेस्ट फ्यूचर ट्रेडर होंगे उनका एक्यूरेसी 30 से 50% के रेंज पे आएगा। जो ऑप्शन राइटर होंगे उनका 40 से 60% के रेंज में आएगा। जो इक्विटी बायरर्स हैं उनका अलग ही सिस्टम है क्योंकि उनके ऊपर एक्सपायरी का कोई प्रेशर नहीं है। अभी 40 से 60 का या 30 से 50 का ये एक रेंज बना हुआ है इंस्ट्रूमेंट के हिसाब से। हम हमारा काम क्या होता है? चूज़ करना। अगर मुझे ज्यादा एक्यूरेट सिस्टम चाहिए तो मैं टारगेट छोटे रख दूं। हम बिल्कुल ताकि जल्दी टारगेट हिट हो जाए। बट अगर मुझे रिस्क रिवॉर्ड इंक्रीस करना है तो मैं टारगेट दूर रख दूं। हम तो एक्यूरेसी तो नहीं आएगा पर जब आएगा तो बड़ा आ रहा है। राइट? विन रेट कम हो जाएगा। विन रेट कम हो जाएगा। तो यह एक ट्रेड ऑफ है। एक स्वीट स्पॉट मुझे लगता है 40 टू 42% के बीच में जहां पे अगर आपका एक्यूरेसी आता है तो यूजली आपको बड़े विनर्स भी मिल रहे हैं। हम जब लूजर्स आ रहे हैं वो लाइन से पांच छह जो है आपके पोजीशंस लाइट भी होते हैं। एंड यू मेक मैंने अपने 10 साल के करियर में सबसे ज्यादा पैसा तब कमाया जब मेरा 40 से 42% एक्यूरेसी के बीच में। जैसे फॉर एग्जांपल अगर आप मेरा रीसेंट YouTube वीडियो देखेंगे जो मेरे चैनल पे है हम मैंने ब्रेक इवन किया है एफएओ में इस क्वार्टर में तो मेरा एक्यूरेसी 50% है। वो 50% क्यों है? क्योंकि मुझे लग रहा है मार्केट इज नॉट स्ट्रांग इनफ टू गिव अ बिग मूव। तो मैं जल्दी एक बुक कर लेता हूं और मुझे बहुत बड़ा मूव आ भी नहीं रहा है रिलेटिव टू माय लूजर। तो 50% एक्यूरेसी है। 1:1 रिस्क रिवॉर्ड चल रहा है। अकाउंट चल रहा है। ब्रेक इवन एंड में पता चला एसटी। तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] यह मार्केट के फेस के हिसाब से भी है। सो हमें टारगेट करना पड़ता है कि एक इंस्ट्रूमेंट के प्रॉपर्टी के हिसाब से करें। ऑप्शन बाइंग का सबसे बड़ा यूएसपी है कि वो बहुत ज्यादा पैसा देगा। तो बहुत ज्यादा पैसा देने अगर उसने है तो आप जल्दी बुक नहीं कर सकते। यू हैव टू लर्न टू कंट्रोल इट। उसको अपने एक्सपायरी तक लेके जाइए। क्योंकि जब उसको देना होगा वो ₹100 का ऑप्शन आपको एक दिन ₹1500 देगा। बट वो हर रोज नहीं देगा। बस आप में वो करेज होना चाहिए वो देखने का और जो जर्नी होगा 1500 का वो भी स्मूथ नहीं होगा राइट 100 से 500 जाएगा 500 से गिर के वापस 100 पे भी आएगा अभी बैठ के देखना है बुरा नहीं लगना हम बिकॉज़ यू हैव टू नो दी ओनली वे यू आर गोइंग टू मेक इट बिग इज व्हेन यू हैव अ वेरी बिग विनर अगर आप राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो से लूपेन या टाइटन हटा देंगे तो बहुत बोथ ऑर्डिनरी पोर्टफोलियो है वो अगर आप वारेन बुफे के पोर्टफोलियो से कोका कोला हटा देंगे तो कुछ भी नहीं 90% ऑफ योर करियर्स अर्निंग्स आर गोइंग टू कम फ्रॉम 10% ऑफ योर ट्रेड्स अब हमें हमें पता नहीं वो कौन से हैं। सो वी हैव टू मेक देम काउंट। तो जल्दी बुक नहीं करना है। प्रॉफिट को लॉस का डिफाइंड वैल्यू पे बुक करना। ये तो करना ही पड़ेगा। पर आज की डेट में भी बहुत लोग कई साल मार्केट में बिता के एसएल नहीं लगा रहे। तो उसका कौन हेल्प कर सकता है? इट्स ऑल अबाउट अंडरस्टैंडिंग दी एसेट कि एक एसेट को मुझे कितना पकड़ना है, कब होल्ड करना है, कब मेरे को बुक कर देना है। यस। और आपने एक बहुत ब्यूटीफुल बात बोली है कि 100 का 1500 भी जाएगा। इसका मतलब ना ऑप्शन बाइंग जो एक इंस्ट्रूमेंट है वो बुरा नहीं है। हमें उसको ट्रेड करना नहीं आ रहा है। यस जो बंदे ₹100 का 110 लेके बोलते हैं मैंने 15 मिनट में 10% कमा लिया। हम तुम ऑप्शन कर रहे हो। 10% मतलब क्या है? 10 मतलब वो ऑप्शन को 100 से 90 होने में कितने मिनट लगने हैं? हम ठीक है? ऑप्शन व्हाट इज दी ऑप्शन? एंड ऑप्शन इज़ बेसिकली सेइंग कि भाई देखिए लेट अस से निफ्टी 25,000 पे है लेट अस से और आप इसी मंथ का 25,000 का कॉल ऑप्शन लेंगे तो उसका वैल्यू है लेट अस से ₹250 उसका मतलब क्या है? उसका मतलब यह है कि जब तक निफ्टी ₹2,50 तक नहीं आएगा तब तक तो आपको पैसा ही नहीं है। हम 25,250 के ऊपर जाने के बाद से आपको ऑप्शन आया इन द मनी। हम तो मार्केट ने पहले 250 पॉइंट में आपको जीरो देना है। ठीक है? दिस इज व्हाट इट मींस जो आपने प्रीमियम दिया है तो आप क्यों ले रहे हैं उसको 250 में क्योंकि आपको लग रहा है कि निफ्टी 2500 पॉइंट ना चला जाए हम तो लेट्स से मार्केट नहीं गया 2500 पॉइंट मार्केट सिर्फ 200 पॉइंट गया या 300 पॉइंट गया तो आपको कुछ नहीं मिला वो महीने बट अभी जैसे मार्च के महीने में मार्केट 3000 पॉइंट गिरा था हम ठीक है अगर आपने कॉल पुट दोनों लिए तो उसमें जो पुट बायर है उसको बहुत ज्यादा पैसा है कॉल वाले का तो 200 पॉइंट गया हम बट वो तभी है पुट बायर को अगर उसने होल्ड करके रखा हम बीच में वो ऑप्टिमाइज करने चला गया और 500 पॉइंट पे 700 पॉइंट पे प्रॉफिट ले लिया तो जो 3000 पॉइंट आने थे बाकी के जो कि कई महीनों का अर्निंग था वो चले गए। सो दिस इज़ वेयर वी हैव टू लर्न कि ऑप्शंस आर अ स्पेकुलेटिव एसेट क्लास। स्पेककुलेटिव एसेट क्लास डिज़ है बहुत पैसा देने के लिए। अगर आपका अप्रोच हो गया छोटे पैसे पे बुक करना तो आपको आपने मौका ही नहीं दिया उस पोजीशन को आपको रिच बनाने का। हम तो इट इज़ ओवर फॉर यू। यह बहुत डिफरेंट पर्सेक्टिव आज आपने रखा है क्योंकि मैंने बहुत सारे लोगों को यह सुना है कि आपको ऑप्शन में स्कैल्प करना है, क्विक चीजें करनी है। बट आप बिल्कुल सही कह रहे हो कि आप अगर आप ₹250 पे खरीद रहे हो तो ये सोच करके कि वो 23000 जा सकता है। आपके जीवन का सबसे बड़ा पैसा आपका हां आपका ये एटीट्यूड होना चाहिए। नहीं नहीं मैं विनर होल्ड कर रहा हूं। हम यह वो ट्रेड है जो कि अकाउंट का स्ट्रक्चर ही चेंज करने वाला है। यह वो ट्रेड है जो सब कवर करने वाला है। हम तो अगर गए तो गए 150 पॉइंट या 200 पॉइंट अगर आपने 80% एसएल रखा है 250 गए ऑप्शन पे। बट अगर आए तो मैं नहीं छोड़ रहा हूं उसको। अब अब तो एक्सपायरी है। अब राइट साहिल भाई आई नो द डेप्थ दैट यू हैव। आपके पास जो डेप्थ है वो मैं जानता हूं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] लेकिन ना मुझे एक चीज ना आज के पर्सेक्टिव से ये जाननी है कि आप सिर्फ फ्यूचर्स करते हैं। राइट? इस समय इस समय आप सिर्फ फ्यूचर्स और इक्विटी भी कर रहा हूं। इक्विटीज भी कर रहे हैं। लेकिन जब आपने स्टार्ट किया ना ये मतलब एक बहुत गोटेड चीज है। मैं बोल रहा हूं कि आपका पैसा मार्केट में गया नहीं। क्योंकि मैंने ₹9% बल्कि मैं भी वो इंसान हूं। हालांकि मैंने बहुत ज्यादा लॉस नहीं किया। आई हैव ओनली लॉस्ट 60 ₹66,000। ओके। [नाक से की जाने वाली आवाज़] मेरे पास था नहीं लॉस करने को। तो मैंने उतना ही लगाया और उतना ही लूज किया। फिर जैसा आपने बोला मैं फंड लेकर के आया था तब मैंने इसमें काम कर पाया। बट ना बहुत सारे लोग हैं। मुझे आज भी मतलब इतने लोगों से मेरी बातचीत है। 25 लाख का लॉस है, 50 लाख का लॉस है। आई हैव हर्ड समवन जिन्होंने मुझे पर्सनली डिस्क्लोज़ किया है कि मेरा 2 करोड़ तक का भी लॉस है। अच्छा खासा बिज़नेस है। बट ना आपके पास ना ऐसा क्या था जो आपने फाइंड आउट किया कि आपका मार्केट में पैसा नीचे की तरफ नहीं गया। सिर्फ ऊपर की तरफ था। क्या वो देखो बिगिनर्स लक लगा या आपके पास कोई एक ऐसा सिस्टम आपने डेवलप कर लिया था और अगर वो कोई सिस्टम आपने अपने डेवलप किया तो उसके कोर फ्रेमवर्क को आप स्टेप बाय स्टेप एक बार ब्रेक डाउन करके बताइए। तो सिस्टम के कोर फ्रेमवर्क को हम डिफाइन करेंगे। दैट हैज़ नथिंग टू डू विद व्हाट आई लर्नड इन 2015-16। ओके। सो फर्स्ट ऑफ़ ऑल मेरे पास बिगिनर्स लक नहीं था। मेरे पास बिगिनर्स अनलक था। बैड लक था। बिल्कुल ऑोजिट था। मेरा ₹1 लाख का अकाउंट गिरते-गिरते आया 10,000 पे एक्चुअली ₹8,000 पे। और मैंने स्टार्ट किया था मई 2015 में ट्रेडिंग करना और यह मैं बात कर रहा हूं दिसंबर 2015 की कि ₹1 लाख का अकाउंट है 10,000 7500 8000 इस रेंज पे ट्रेड करना छ महीने के बाद हां छ महीने के अंदर हम और इनफैक्ट मार्केट में एक कहावत भी है हम 1990 इसका मतलब ये है कि 90% ऑफ़ ऑल एफएनओ ट्रेडर्स विल लूज 90% ऑफ़ देयर कैपिटल इन देयर फर्स्ट 90 ट्रेड सेशंस। तो मैंने भी जब 90% अपना कैपिटल गवाया था तो मैं उस रूल के तहत ही कहीं घूम रहा हूं तो 1 लाख का 10,000 बना हुआ है। राउंड फिगर बात करते हैं। अब मेरा व्यू बन गया सेल का दिसंबर एंड में मेरा व्यू बन गया सेल का तो सेल को कैसे करेंगे? पुट बाय करेंगे। उस समय निफ्टी चल रहा है ₹8,000 पे तो पुट कौन सा बाय कर पाएंगे? 7800 का जो पैसा है 7900 का स्लाइटली ओटीएम पुट बाय करना स्टार्ट कर दिया। अभी मेरी किस्मत कि मैंने जनवरी सीरीज का पुट लिया। अगले दिन कुछ बैड न्यूज़ आया चाइना में हम तो मार्केट एक दो300 पॉइंट गिरा फिर मार्केट रिकवर होने लगा फिर और दो300 पॉइंट गिरा और करते-करते मार्केट 1000 पॉइंट गिर गया 1000 पॉइंट हां 8000 के बेस से 1000 पॉइंट गिर गया 125% मार्केट करेक्ट हो गया उसी में और [नाक से की जाने वाली आवाज़] मार्केट 1000 पॉइंट गिर गया तो मैंने क्या किया मैंने पुट छोड़े ही नहीं ओो तो मेरे को सारे मिल गए वापस और वही 10,000 का अकाउंट सीधा बन गया ₹15 लाख अब मेरे माइंड में चल रहा है कि मैंने तो बस ये बोला था गिरेगा मुझे क्या पता था 1000 गिरेगा। ठीक है। इसको बस एंड तक रखा। मेरा कोई ट्रेडिंग कॉस्ट नहीं, कोई कुछ नहीं। ठीक है? जस्ट एक्सपायरी हुआ। 6925 का लो लगाया मार्केट ने। 7000 के बाउंस में मेरा पोजीशन क्लोज। एंड इट वाज़ द बेस्ट ट्रेड। मतलब इट टॉट मी कि भाई बहुत बड़ा विनर पॉसिबल है मार्केट से। तू क्या सोच रहा है ये 2000, 5000, ₹6,000 यू आर गोइंग टू गेट ह्यूज मूव्स। जस्ट लर्न टू सी टिल एक्सपायरी। मैंने और भी कई पॉडकास्ट किए जहां पर मैंने इंडिविजुअल ट्रेड शो किए हैं। तो ₹600 पे लिया हुआ Titan उसी महीने ₹900 पे बुक किया है। 5000 पे लिया हुआ Bajaj Fins उसी महीने पे 10,000 पे। अब महीने की बात कर रहा हूं मैं विद इन द एक्सपायरी। 280 पे लिया हुआ है SBI 400 पे बुक हुआ। ठीक है? जस्ट होल्ड करके रखा है। और वो वहां जाके क्लोज हो गया। तो नीचे जब 280 पे लिया होगा एसबीआई तो कोई स्टॉप लॉस लाया होगा 270 260 265 275 कुछ एक एसएल होगा बट नाउ इट इज इट मटेरियल बिकॉज़ आई वेंट एंड टू 420 हम 150 पॉइंट लेके आया हूं अब मैं एसबीआई पूरा लाइव ट्रेड करूं 150 पॉइंट एसबीआई में देना बहुत टफ है अब तो वी आवर बिगेस्ट गेनर्स हैव टू बी सेवरल टाइम्स आवर इनिशियल लॉस। ये हमारा विज़न होना चाहिए हमारे सक्सेसफुल ट्रेड से। बट लोगों का सक्सेसफुल ट्रेड क्या है? लोग बोलते हैं कई बार कि मेरे को तो बस मार्केट से ₹1000 ही चाहिए। हम अबे मार्केट वो जगह जो दे रहा है कि नहीं तू000 करोड़ ले भाई तो व्हाई आर यू कमिंग कि000 अगर आपको दिन का चाहिए 2000 दिन का चाहिए आप जॉब कीजिए वो फ्रेमवर्क उसके लिए बहुत सही है आपको उस पे में बहुत अच्छे जॉब्स मिलेंगे बट आप ये अप्रोच लेके मार्केट में नहीं आ सकते क्योंकि मार्केट का नेचर ऑफ गिविंग मनी अलग है सो एक चीज तो ये है आप बहुत हार्ड कोर तरीके से फॉलो करते हो कि मेरे को बिग मूव्स पकड़ने हैं बिग मूव्स बस बट आप ना ये बिग मूव्स आइडेंटिफाई कैसे करते हो पहले हां तो अभी अभी इसमें हम सिस्टम की बात करेंगे और सिस्टम ओवरऑल बहुत सारे चेंजेस आए हैं। ओके? मेरा सबसे पहला सिस्टम था स्टॉप एंड रिवर्स। स्टॉप एंड रिवर्स। स्टॉप एंड रिवर्स। तो जब मैं सिर्फ इंडेक्स करता था, क्रूड ऑयल करता था तो मैं स्टॉप एंड रिवर्स करता था। और इसका लॉजिक बहुत ही इसका बहुत ही प्लेन सिंपल मेथड था। तो जब मैं निफ्टी क्रूड ऑयल गोल्ड सिल्वर पे कर रहा हूं। हम तो मैं बोल रहा हूं या तो ये बढ़ेंगे या घटेंगे। हम स्टॉप एंड रिवर्स हो गया ना। या तो ये बढ़ेंगे या घटेंगे। तो पैसा कब जाएगा? अगर नाइदर हुआ हम कि वो रेंज में चला गया। ठीक है। फिर मैंने यह जब निफ्टी क्रूड ऑयल गोल्ड सिल्वर पर किया और यूएसडी आईएआर पे अब मैं बोल रहा हूं इन पांचों में से कोई तो एक या तो बढ़ेगा या घटेगा ओके और वो बहुत ज्यादा चेंज होगा एंड वैसा होता था जिस महीने निफ्टी फ्लैट हो जाता था क्रूड ऑयल पता नहीं भाग ही जा रहा है हम जिस महीने क्रूड ऑइल एंड निफ्टी फ्लैट हो गया पता नहीं गोल्ड ने स्पीड पकड़ लिया वो फिर गोल्ड फ्लैट हुआ तो कुछ और भाग रहा है तो स्टॉप एंड रिवर्स को मैंने किया कैसे मैंने बस दो मूविंग एवरेजेस लगाए फाइव पीरियड हाई ईएमए ऊपर फाइव पीरियड लो ईएमए नीचे और रूल फाइव पीरियड हाई ईएमए हां यानी कि हफ्ते भर का ट्रेडिंग ओके डेली चार्ट पे ओके रूल बहुत ही सिंपल अगर मार्केट ने फाइव पीरियड हाई ईएमए के ऊपर क्लोज दिया हम तो मैं उस सिक्योरिटी को कभी भी शॉर्ट नहीं करूंगा और अगर मेरे पास शॉर्ट पोजीशन होगा वो वहां पे बुक आउट होगा ही लॉस पे होगा ही ओके और जभी भी मैं लॉस बुक करूंगा या जभी भी मैं शॉर्ट पोजीशन क्लोज करूंगा तब मैं लॉन्ग में जाऊंगा ही हम तो अब जब मार्केट 5 ईएमए के ऊपर क्लोज हो गया हाई हाई के ऊपर फाइव पीरियड हाई के ऊपर यानी कि मैं बोल रहा हूं पूरे पिछले हफ्ते के हाई के ऊपर क्लोज हुआ है मार्केट आई कैन नॉट सेल दिस मार्केट तो मैं [नाक से की जाने वाली आवाज़] लॉन्ग हो जाता था तो एसएल क्या होगा फाइव पीरियड लो के नीचे ओके तो अगर मार्केट चौपी बन गया हम तो बहुत सारे एसएल ट्रिगर होते थे हम एक ही महीने में चारप एसएल छह एसएल ट्रिगर हो रहे हैं तो निफ्टी ने कर दिया बट क्रूड अगर फाइव पीरियड हाई के ऊपर क्लोज हो गया तो वो भागे ही जा रहा है अब तो क्रूड से पैसा आ गया गॉट इट तो बेट क्या है? बेट यह है कि सिक्योरिटी मूव करेगा इन पांचों में से कोई ना कोई तो मूव करेगा और सबसे ज्यादा पैसा कब आया जब पांचों के पांचों मूव हो गए। हम तब सबसे ज्यादा पैसा सबसे ज्यादा कब गवाया अगर पांचों के पांचों रेंज में और ऐसा बहुत कम होता था। अनकोरिलेटेड सिक्योरिटी साइमलटेनियसली रेंज में घुस जाए। ये बहुत कम होता है। तो दिस इज़ अ सिंपल स्टॉप एंड रिवर्स टेक्निक। अब मैं लोगों से उल्टा करता था। कई बार लोग बोलिंगर बैंड के टॉप पे सेल कर देते हैं। मैं नहीं करता वो। अच्छा। वो बैंड के ऊपर एंड में पहुंचा ना तो मैं शॉर्ट तो कभी नहीं करने वाला क्योंकि मेरा ऐसा मानना है कि वो गलती से नहीं जाता कुछ भी ऊपर हम और जो चीज ऊपर गया है उसका रियल पैसा ब्रेकआउट पे ही आना है तो बहुत जन बैठे हैं यानी कि उसके ब्रेकआउट का प्रोबेबिलिटी कम है बट मूव बहुत ज्यादा का दे सकता है हम तो आई विल ऑलवेज चस द लो प्रोबेबिलिटी हाई रिस्क रिवॉर्ड सेटअप ब्यूटीफुल तो मैं हमेशा वही चस करता था तो जहां पे लोग रेंज के हाई पे सेल क्यों करते हैं क्योंकि ज्यादातर वो वहां से करेक्ट होता है बट वो कहां तक जाएगा रेंज के लो तक ही तो जाएगा ना करेक्ट बट वह मेरा टारगेट ही नहीं है। मेरा है उस रेंज के कई गुना। तो वह तो अगर वह रेंज एक्सपैंड होगा तभी होगा। तो अगर वो ऊपर है तो एक्सपेंशन ऊपर की तरफ चाहिए। सो दिस वाज़ अ स्टॉप एंड रिवर्स सेटअप जो कि मैकेनिकल सेटअप था जिसको मैं बहुत ही डिसिप्लिन से करता था। और उसके चैलेंजेस भी आते हैं। कभी-कभी ओपनिंग गैप डाउन होगा तो इतना नीचे होगा कि आपके एसएल के नीचे है तो यहां सेल करे नहीं करे। तो ओवर द ईयर जो बिहेवियर ऑप्टिमाइज हुआ वो इन्हीं चीजों को टैकल करने के लिए। राइट? आज की डेट में मैं ये नहीं करता हूं। हम आज की डेट में मैं एक सिस्टम फॉलो करता हूं एनएससीएफओ ट्रेड करने का। तो उसमें मैंने क्या व्यू बना रखा है? स्टेप वन सबसे बड़े टाइम फ्रेम पे मैं ट्रेंड असेस करूंगा। सबसे बड़े टाइम सबसे बड़े टाइम फ्रेम में। सो लेट अस से कि मैं मंथली में बोलता हूं कि भाई मेरे को ट्रेंड असेस करना है। ओके? और अभी आप कोई भी चार्ट लगाइए। एक साइड पे आप एसबीआई लगा दीजिए जो कि 1000100 का हाई लगा रहा है। हम और उसका क्रिटिकल हाई अगर आप एसबीआई का देखेंगे तो 350 के करीब का होगा कहीं पहले। तो SBI जो है पिछले कुछ सालों में काफी परसेंटेज ऊपर उठा है। तो ये हो गया SBI का 350 400 से जब उसने ब्रेकआउ दिया तो अभी तक 100010 के रेंज में घूम रहा है। हम दूसरे साइड पे आप Yes Bank लगा दीजिए। Yes Bank भी 350 400 में घूम रहा था। बट आज की डेट में वो 2025 पे ट्रेड कर रहा है। तो दोनों में से ट्रेंड ऊपर की तरफ कौन कर रहा है? SBI SBI क्योंकि वो पीरियड दर पीरियड न्यू हाई लगाए जा रहा है। और Yes Bank ने क्या किया? Yes Bank ने रेंज ब्रेक करके नीचे के रेंज में ट्रेड कर रहा है। अब वो ₹20 से लेके 400 के रेंज में कहीं घुसा हुआ। तो मैं क्योंकि ट्रेंड ट्रेड करूंगा तो मैं पहले Yes Bank रिजेक्ट कर दूं। ओके। आप लगा लीजिए B Airtel एक साइड पे हम 500 से पता नहीं 2000 तक का हाई लगा है। दूसरे साइड पे आप लगा दीजिए Vodafone Idea हम 150 से ₹15 में आया होगा। तो Vodafone Idea बाहर हो जाएगा। B Airtel अंदर हो जाएगा। तो मैंने अपना वॉच लिस्ट क्या बनाया? ऑलरेडी ट्रेंडिंग स्टॉक्स पे। क्वालिटी एंड ट्रेंडिंग ट्रेंडिंग। क्वालिटी ही होंगे जो ट्रेंड करेंगे। हम तो मेरा यह वॉच लिस्ट बन गया। ठीक है? मुझे nstle दिख रहा है। न्यू लाइफ हाई लगा रहा है। आईटीc दिख रहा है। 52 वीक लो लगा रहा है। आईटीc बाहर हो गया। nstle अंदर हो गया। हम तो मैंने ये सबसे बड़े टाइम फ्रेम पे असेस कर दिया। लेट अस से मंथली में। अब मैं क्या करूंगा? अब मैं वेट करूंगा इनका ओवरसोल्ड होने का। क्योंकि इनका ट्रेंड तो अप है। राइट? तो अब मैं वेट कर रहा हूं इनको बाय करने का। तो बाय कब करूंगा? जब ये ओवरसोल्ड होंगे। तो ओवरसोल्ड कब होंगे? अगर मैं मंथली में ट्रेंड असेस कर रहा हूं तो वीकली में ओवरसोल्ड होंगे। यानी कि तीन चार हफ्ते गिरेंगे तो ओवरसोल्ड हो जाएंगे। हम ठीक है? तो मैं वीकली में ओवरसोल्ड होने का वेट कर रहा हूं। और जब वो वीकली में ओवरसोल्ड होंगे मुझे कब पता चलेगा? फ्राइडे इवनिंग सैटरडे को अरे ये स्टॉक तो ओवरसोल्ड हुआ। हम अब मंडे ऑनवर्ड्स उसको मैं अपने स्क्रीन में डालूंगा और वहां से अभी उसका डेली चार्ट फॉलो करना स्टार्ट करूंगा कि अच्छा अभी बुलिश बन रहा है। हम कंफर्मेशन का वेट करते हैं। अरे ये तो एग्जॉशन कैप दिख रहा है। अरे यहां पे डायवर्जेंस दिख रहा है। यानी कि प्राइस एक्शन तब डिप्लॉय होगा जब पहले के क्राइटेरिया मीट होंगे। बट Yes Bank और Vodafone Idea और Suzelon और MMTC पे कभी भी नहीं होंगे। हम क्योंकि ओवरसोल्ड तो इंडिया का हर स्टॉक होगा। डायवर्जेंस तो हर जगह दिखेंगे। बट हमने किस स्टॉक के डायवर्जेंस पे प्ले करना है हम ये बहुत ज्यादा क्रिटिकल है। तो मैं tाइटन जब ओवरसोल्ड होगा उसको खरीदने घुसूंगा। बट एमएमटीc जब ओवरसोल्ड होगा तब नहीं घुसूंगा क्योंकि एमएमटीc का लाइफ हाई 1300 का है। हम करंट वैल्यू ₹50 का है। हां। बट जभी भी एमएमटीc 1300 तोड़ देगा हम मैं उसको टाइटन की तरह ही ट्रीट करूंगा। ग्रेट। अब उसके बाद जभी भी वो ओवरसोल्ड होगा अब भाई वहां पे बाय करने के लिए आएगा ही आएगा। ठीक है? अब मेरा हाइपोथेसिस क्या है कि अगर मैं स्ट्रक्चरली बुलिश स्टॉक्स को जभी भी वो ओवरसोल्ड होते हैं तब पोजीशन ले लूं तो मैं कितनी बार गलत हो जाऊं? एक बार दो बार तीन बार बट एक बड़ा मूव तो आएगा ही। हम तो अब जब मैंने ऐसे वॉच लिस्ट क्रिएट किया जैसे मैंने एग्जांपल दिया कि B Airtel रखा बट Vodafone Idea बाहर किया तो लॉजिकली 200 250 स्टॉक फ्यूचर्स में से 50 स्टॉक फ्यूचर्स बन गए। बाकी के बाहर हो गए। अब इन स्टॉक्स ये स्टॉक फ्यूचर जबभी भी ओवरसोल्ड होते हैं इनको मैं बाय करने की कोशिश करता हूं थ्रू टेक्निकल एनालिसिस कि ओवरसोल्ड आरएसआई करूं आरएसआई का सेटिंग पांच करूं कि 15 करूं ये सब फिर वर्क होता है मूविंग एवरेज 20 रखूं कि 200 रखूं डेली पे काम करूं कि आवरली पे काम करूं जैसे मैंने आपको एग्जांपल दिया कि मंथली पे ट्रेंड असेस किया सेम चीज मैं वीकली पे भी ट्रेंड असेस कर सकता हूं तो आप ये सारा मैनुअली करते हैं हां मैं मैनुअली इसलिए करता हूं क्योंकि वो मेरा स्टॉक से जुड़ने का एक प्रोसेस है। ट्रेंड असेसमेंट को ज्यादा टाइम लगता नहीं है। हम जब डेली पे बात आती है तो मेरा इतना पैसा लगने वाला होता है कि मैं एल्गोस ये सब नहीं मेरा खुद ही देखता हूं उसको कि लेना है कि नहीं लेना है। ओके तो एक स्टॉक को डे मतलब डेली ट्रैक करने के लिए उस स्टॉक में बहुत गुण होने चाहिए। इट हैज़ टू बी वर्थ इट तो ही वो डेली में आएगा। जैसे HDFC Bank है। बहुत बढ़िया स्टॉक है। बट नीचे ट्रेड कर रहा है तो बाहर है। बट द सेम थिंग आई कैन नॉट से अबाउट लेट्स से PSU Bank हम या फिर लेट अस से फॉर एग्जांपल Axis Bank अगर ये न्यू हाईज़ लगा रहे हैं तो HDFC Bank को मैं देखूंगा भी नहीं। HDFC Bank भी ओवरसोल्ड होगा, Axis Bank भी ओवरसोल्ड होगा। बट HDFC Bank के ओवरसोल्ड पे मैं ट्रेड नहीं लूंगा। Axis के ओवरसोल्ड पे मैं ट्रेड लूंगा। Maruti ओवरसोल्ड होगा मैं बाय करूंगा। Tata Motors ओवरसोल्ड होगा नहीं करूंगा। हम दिस इज़ जस्ट दी डिस्टिंशन। अब ये बनाया जाता है। फिर उसके बाद हम वेट करते हैं ओवरसोल्ड हो जाऊ। जब मैं पूरा मार्केट ट्रैक करूं कभी ना कभी कुछ ना कुछ ओवरसोल्ड हो जाएगा। फिर जब वो ओवरसोल्ड हो जाएगा तो कभी ना कभी कोई ना कोई एक डेली पे ग्रीन कैंडल भी दे देगा। ब्रेकआउट भी दे देगा। फिर जो वो इनिशियल सार वाला मेथड है ना पांच दिन के हाई के ऊपर क्लोज हो गया तो मैं बाय करूंगा तब मैं करूंगा अभी उसको ग्रेट यानी कि सेम एंट्री टेक्निक को अब बहुत ज्यादा रिफाइन किया है वॉच लिस्ट को ये वो वगैरह एंड कभी-कभी आपको बहुत बड़े विनर्स मिल जाते हैं बेसिकली ना मतलब एक सिस्टम बनाना पड़ेगा मतलब ऐसा नहीं होगा कि आप सुबह उठ के आए और आपने देखा कि भ ये ऊपर चल रहा है नीचे चल रहा है और मैंने ट्रेड कर लिया बिकॉज़ ये आप ना एक उस एक्सपीरियंस से बोल रहे हो कि जिस पे आपने 7 से ₹1 करोड़ भी बनाए ये बहुत गहरी बात है लेकिन एक चीज मुझे इस पे ये जाननी है कि आपका एग्जिट रूल क्या होगा? फिर इस पे आपने आज ट्रेड ले लिया तो आप उस पर ट्रेलिंग भी करते हैं कि बीच में पार्शियल बुकिंग होती है यस या फिर मैक्सिमम टारगेट्स रहते हैं। देखिए एक्चुअली मेरे केस में सब कुछ फार्मूला ड्रिवन है। वो इतना फार्मूला ड्रिवन है कि बंदे बोर हो जाएंगे। हम बट [नाक से की जाने वाली आवाज़] लेट मी जस्ट क्लेरिफाई मैं मैं क्योंकि जैसे आपने मेरे को पहले भी बताया था कि ये कंटेंट जो है ये ट्रेडर्स अपने एववोल्यूशन के हिसाब से देखेंगे। जो जिसको मार्केट में तीन महीना हुआ है वो कुछ समझेगा। जब उसको तीन साल हो गए वो कुछ और समझेगा। तो अभी आई विल ट्राई टू एड्रेस जो 3 साल से ऊपर कर रहे हैं। हम देखिए एट द हाईएस्ट लेवल रिस्क मैनेजमेंट के दो हिस्से हैं। हम पहला हिस्सा उन ऑर्डर्स के लिए है जो कि लिमिट ऑर्डर पे लिया जाता है। हम कि मैं मार्केट में लिमिट ऑर्डर डालूंगा। हम और दूसरा रिस्क मैनेजमेंट टेक्निक उन लोगों के लिए जिनका कंडीशनल यानी कि बाइंग स्टॉप लॉस ऑर्डर है। करेक्ट है। जो व्यक्ति बाइंग स्टॉप लॉस से ट्रेड क्रिएट कर रहा है उनका रिस्क मैनेजमेंट प्रोटोकॉल बिल्कुल अलग होता है। हम एज़ कंपेयर टू जो व्यक्ति लिमिट ऑर्डर से ट्रेड करता है। हम एंड लेट अस जस्ट कंसीडर द केस ऑफ़ लेट्स से 2007 हम एक मैं डिफरेंस यहां पे क्रिएट कर देता हूं कि बाइंग स्टॉप जो आप बोल रहे हैं। यानी कि अगर मार्केट एक लेवल के ऊपर ब्रीच कर रहा है तो ही मैं एंटर। तो ये एक वो वाली टेक्निक है। लिमिट ऑर्डर यानी कि वो वेट कर रहा है कि मार्केट मेरे लेवल तक आए। आए बिल्कुल। फॉर एग्जांपल एक स्टॉक है ₹100 का चल रहा है। अब हमारे पास चॉइस है। आप भी बुलिश हो, मैं भी बुलिश हूं। बट मैंने कंडीशन लगा दिया। ये 105 जब जाएगा ना मैं तब खरीदूंगा। तो ये बाय स्टॉप हो गया। ये बाइंग स्टॉप हो गया। आपने कंडीशन ये लगाई। ये जब 95 आएगा मैं तब खरीदूंगा। ये लिमिट ऑर्डर। ये लिमिट ऑर्डर हो गया। अब दोनों ट्रेडर्स के रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम में जमीन आसमान का अंतर है। हम इट इज़ कंप्लीट नाइट एंड डे नाउ। राइट? ये दोनों बिल्कुल अलग चीजें एक्सपीरियंस करने वाले हैं। एंड नाउ लेट अस कंसीडर द केस ऑफ़ 2007 2019 ठीक है? अभी इन इन सिचुएशनंस में क्या हो रहा है? 2007 में मार्केट पीक्यूफोरिया में है। हम यानी कि हम कोई भी टाइम फ्रेम पे असेस करेंगे हर स्टॉक हर मार्केट बुलिश है। हम अभी जिस बंदे ने लिमिट ऑर्डर लगा दिया और उसने 100 स्टॉक्स को लगा दिया। हम तो 2007 के हाई से जब नीचे आएगा 100 के 100 ट्रेड हुए। हम और क्योंकि मार्केट ने कोई सपोर्ट नहीं लिया। 100 के 100 एसएल साइमलटेनियसली लगे। हम वेयर एस जिस बंदे ने कंडीशनल ऑर्डर लगाया था जब मार्केट में पहला पुलबक आया उसके ऑर्डर ही ट्रेड नहीं हुए क्योंकि नीचे तो होगा नहीं कुछ। अब उसने ऊपर का वैल्यू लगा रखा है तो हो सकता है कि 100 में से सिर्फ 20 ही ऊपर पहुंचे। हम वो 20 ने भी एसएल लगाया। ठीक है? और दूसरा वेव जब सेलिंग का आएगा उसमें इतना वीकनेस होगा कि वो 20 भी नहीं इस बार सिर्फ दो ही ऊपर पहुंचे। हम तो कितने स्टॉक्स क्वालीफाई होते हैं उससे मार्केट का स्ट्रेंथ डिटरमिन होता है कि वो उस लेवल को ब्रीच भी कर पा रहा है या नहीं। बिल्कुल तो दोनों में दोनों में बहुत जमीन आसमान का गैप है। अगर मैं लिमिट ऑर्डर से करूंगा तो एक बर्नलीस इक्वेशन आता है। उसको मैं यूज़ करूंगा। उस इक्वेशन में क्या बताया गया है कि अगर आपके सिस्टम का लेट अस से फॉर एग्जांपल 50% एक्यूरेसी है। हम और अगर आपने साइमलटेनियसली 100 स्टॉक्स खड़े कर दिए तो आपके आठ क्सक्यूटिव लॉसेस आ ही नहीं सकते। बट अगर आ गए हम तो आपका सिस्टम 50% की तरह बिहेव नहीं कर रहा है। आप निकल जाइए। ओ यानी कि आपने तो 100 ऑर्डर डाल दिए। 100 के 100 ट्रिगर हो गए और पहले दिन ही या दूसरे पहले हफ्ते में आठ एसएल हिट हो गए। हम इमीडिएट विकेट बाकी के 92 इमीडिएट ये करना ही पड़ेगा। वेयर एज जो कंडीशनल एसएल पे आते हैं उनका रिस्क मैनेजमेंट लॉजिक कंप्लीटली अलग है। दे दे कैन अफोर्ड टू प्लेस मल्टीपल ऑर्डर्स। क्योंकि मार्केट कंडीशन मीट नहीं करता है वीकनेस में। हम तो जितना कुछ लोग बहुत ही पास का कंडीशन रखते हैं यानी कि स्लाइट रिकवरी ऑफ़ द मार्केट पे हम एंटर करेंगे। कुछ लोग बहुत दूर का कंडीशन रखते हैं कि बहुत रिकवरी होना चाहिए तब आना चाहिए। अब जितना दूर का कंडीशन रखेंगे उतना ही कम आपका फेक एंट्री होगा बट उतना ही कम आपका रिवॉर्ड पोटेंशियल होगा। तो ये एक फाइन बैलेंस आता है। जो ट्रेडर ओवर द इयर्स अपने लिए फाइन ट्यून करता है। हम और इस पर एग्जिट कैसे करेंगे? जैसे आपने बताया कि आप ट्रेलिंग भी करते हैं, पार्शियल एग्जिट करते हैं। वो कैसे होगा? तो बेसिकली मेरा प्रॉफिट बुकिंग का मैकेनिज्म है पार्शियल प्रॉफिट की बात करता हूं। देखिए मेरा अगर मैं दो लॉट ले रहा हूं। एक लॉट को मैं अगर मैंने ₹100 पे स्टॉक लिया 95 का एसएल लगा है। ठीक है? अगर एसएल लगा तो दोनों बाहर है। ये तो गारंटेड है ना। हम हम ठीक है? तो मेरे लिए तो वो चैप्टर क्लोज है। हम अभी लेट अस से 95 का एसएल है। पांच पॉइंट का मेरा एसएल हो गया इस केस में। ₹100 पे लेके 95 का। अब मैं उसमें टारगेट कितना लगा रहा हूं? अब मेरे लिए इसमें फ़ॉर्मूला है परसेंटेज लॉस / परसेंटेज गन मल्टीप्लाई बाय 100 कहने का मतलब क्या लेट अस से मेरा 40% एक्यूरेसी हम तो मेरा परसेंटेज गेनर्स आर 40 हम परसेंटेज लूजर्स आर 60 सो 60 / 40 जब मैं करता हूं तो आंसर आएगा 1.5 हम 1ढ़ आएगा ना तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] यानी कि उस ₹5 के एसएल वाले पोजीशन में मेरा 5 * 1.5 ₹7.5 का टारगेट आना है। अच्छा इट हैज़ नथिंग टू डू विथ द स्टॉक कि उसका रेजिस्टेंस खुद का कहां पे है। सिर्फ क्योंकि मेरा हिस्टोरिक एक्यूरेसी लेट अस से 60 40% का रहा है तो मैं यह टारगेट लूंगा ही क्योंकि वह टारगेट लेके ही मेरा सिस्टम ब्रेक इवन होता है। तो अगर तो वो स्टॉक नहीं आया यानी कि मैंने 100 पे लिया तो 100 7 का टारगेट रखा है। हम अगर तो वो नहीं आया तो नहीं लगेगा टारगेट अब। बट उसके नीचे मैं जाऊंगा नहीं। अच्छा। ठीक है। अब उसके नीचे मैं कब जाऊंगा? लेट अस से तीन दिन हो गए स्टॉक को। हम अब मेरा एसएल 95 की जगह 96 हुआ हुआ है। हम तो अब तो मैं ₹4 रिस्क कर रहा हूं ना। अब चार का डेढ़ गुना हो गया ₹6 अब वो 10 से मैं ड्रॉप करके 106 कर दूं जितना टाइम वो एक रेंज में होता जाएगा उतना ही ऊपर का बैंड नीचे नीचे का बैंड नीचे नीचे नीचे आएगा हम दोनों में से कोई एक लगना ही लगना है तो आपका जैसे एक सिस्टम रहता है कि 1:2 1:3 वैसा नहीं रहता देखिए अगर मेरा लेट्स से मेरे सिस्टम का एक्यूरेसी है 33% तो मेरा लूजिंग ट्रेड हो गया 66% 66/ 332 1 का मुझे लेना पड़ेगा तो 1:2 हां मतलब कि अगर मैंने सेम कंडीशन में ₹100 पे लिया 95 का एसएल रखा। अब मेरे को 110 का टारगेट लगाना पड़ेगा। बट ये मैथमेटिकली कैसे पॉसिबल है? आप एक बारी बताओगे। देखिए मैं बताता हूं। 30 10 में से तीन ट्रेड मेरे लॉस में जा रहे हैं। फॉर एग्जांपल तो आपका 70% एक्यूरेसी होगा। नहीं सॉरी 10 में से तीन ट्रेड मेरे प्रॉफिट में जा रहे हैं। तो आपका 3% 30% 30% एक्यूरेसी है। ठीक है? अभी आपने जो कैलकुलेशन बताई तो 70 / 30 कर दीजिए। तो वो आ जाएगा आपका 2.33 ओके? तो अगर मैं सिर्फ वन 1 2.33 लेता हूं तो मैं प्रॉफिटेबल रहूंगा। तो आपका सिस्टम ब्रेक इवन होगा। ब्रेक इवन होगा। दिस इज द आपको सिस्टम पहले ब्रेक इवन। देखिए अर्नर तो एक्सपायरी पे क्या हो रहा है उससे आने वाला है। हम ओके। अगर 95 आया तो वो तो हम दोनों का रियलिटी तय है कि ये तो बाहर हो गया। तो इसमें डिस्कस क्या करना है? हमने तो रिस्क ले ही रखा था ना पांच पॉइंट का पर स्टॉक। तो वो तो हो गया वहां पे। अब पांच पॉइंट पर स्टॉक मतलब दोनों स्टॉक को मिला के हमने 10 पॉइंट का रिस्क ले रखा है दोनों लॉट को मिला के। आप पूछ रहे हैं कि पहले वाले का टारगेट क्या होना चाहिए? हां। अब मैं बोल रहा हूं उसमें चार्ट देखने की जरूरत नहीं है। आप अपना हिस्टोरिकल एक्यूरेसी देखिए। अगर आपका हिस्टोरिक एक्यूरेसी 33% आ रहा है तो 2:1 लीजिए। हम 40% आ रहा है तो 3:2 लीजिए। 50% आ रहा है तो 1 लीजिए। हम तो क्या होता है जब आपका सिस्टम स्ट्रीक में आता है, हॉट स्ट्रीक में आता है हम तो भी आपका एक्यूरेसी बढ़ता है। आप जल्दी-जल्दी बुक करते हैं। हम क्योंकि ये फार्मूला ही वैसा डिज़ है। बट अगर आपको लाइन से थप्पड़ पड़ रहे हैं हम और एक्यूरेसी ड्रॉप हो रहा है तो सिस्टम ही बोल रहा है नहीं नहीं अब जब तक बड़ा विनर नहीं आएगा तब तक आप ले नहीं सकते। तो जब आप कह रहे हो कि मेरा मैक्सिमम टारगेट यह है तो बड़ा विनर आएगा कैसे? जो एक्सपायरी तक होल्ड किया हुआ लॉट। यह हम जो डिस्कस कर रहे हैं दिस इज द रूल फॉर पार्शियल टारगेट। पार्शियल टारगेट ये पार्शियल टारगेट का है। ओके। मतलब पहले जैसे मैंने दो क्वांटिटी ली है तो एक क्वांटिटी यहां पे बुक होगी। होगी ही होगी। जो दिखाएगा कि मेरा ट्रेड चला है मेरे पास। सो सपोज कीजिए कि मैं आप बोले साहिल भाई कि मुझे इंप्रूव करना है। तो मैं इंप्रूव आपकी शक्ल देख के तो कर नहीं सकता। तो मैं क्या बोलूंगा कि आप अपना ट्रेड डाटा मुझे दीजिए। हम आप मुझे अपना ट्रेड डाटा देते हैं। लेट अस से आप मुझे इस फाइनेंसियल ईयर का देते हैं। इस फाइनेंसियल ईयर का एक्सेल शीट मैं डाउनलोड करता हूं। 100 एंट्रीज देखता हूं और देखता हूं कि 100 एंट्रीज में इसके 50 लॉस है। 50 गेनर है। अब मैंने क्या कंक्लूड कर दिया? इसका सिस्टम एक्यूरेसी 50% करेक्ट। अभी [नाक से की जाने वाली आवाज़] 50% सिस्टम एक्यूरेसी वाले बंदे के लिए मैं यही बोलूंगा। तूने 100 पे लिया 95 के एसएल पे 105 का टारगेट रखा। हम्म। ठीक है? दिस इज़ ऑप्टिमल फॉर यू। तो 50% क्वांटिटीज़ 1 वन पे 1 वन में बुक होगी। क्योंकि परसेंटेज L / P इज़ वन इक्वल टू वन ना। हम और बाकी की रिमेनिंग क्वांटिटीज़ एक्सपायरी अच्छा उनका कोई टारगेट नहीं है। टारगेट ही नहीं है। वह तो मार्केट ही टारगेट है। ब्यूटीफुल वो तो मार्केट ही टारगेट है। तो ये जब आप करेंगे ये जब आप करेंगे आप देखेंगे कि जब आपको हॉट स्ट्रीक आएगा आप इमीडिएटली ब्रेक इवन हो जाएंगे। हम क्योंकि मार्केट में अगर लॉसेस क्सक्यूटिव आते हैं, गेंस भी क्सक्यूटिव आते हैं। राइट? ठीक है? 50% एक्यूरेसी सिस्टम का मतलब क्या है? कि कोई बंदा बोलेगा अगर मैंने एक फेयर कॉइन को 100 बार फ्लिप कर दिया तो 50 बार हेड आएगा, 50 बार टेल आएगा। बंदा यह बोल रहा है। मैं बोल रहा हूं नहीं 50% एक्यूरेसी का मतलब है जब आप कॉइन फ्लिप करेंगे 20 लगातार बार ना ही हेड आएंगे ना ही टेल आएंगे। इट्स इंपॉसिबल और अगर 21वां बार हेड आ गया ना तो कॉइन फेयर नहीं है। वो कॉइन फेयर नहीं है। उसमें हेड की तरफ कुछ ज्यादा वेट है। हम तो इससे हम तो बिकॉज़ ये क्यों करना पड़ेगा? ये हमें बाउंड्री कंडीशन क्यों एस्टैब्लिश करना पड़ेगा? क्योंकि नहीं तो हम मिलियन फ्लिप्स करते जाएंगे और फिर पता चलेगा। अरे 50 तो था ही नहीं। हम यह तो फेयर कॉइन ही नहीं था। तो, हमें एक बाउंड्री कंडीशन डिफाइन करना पड़ेगा। एंड मच ऑफ़ माय वर्क हैज़ बीन अराउंड डिफाइनिंग दिस बाउंड्री कंडीशन। मतलब आपने ना एक बहुत ब्यूटीफुल टेंजेंट ओपन कर दिया यहां से कि मैं एक्सपायरी का वेट करूंगा कि मार्केट कितना देगा? बट ना जैसे आप फ्यूचर्स कर रहे हो तो फ्यूचर्स पे 3 महीने आगे की एक्सपायरी आ जाती है। तो कैसे डिसाइड करेंगे कि ये वाले मंथ की एक्सपायरी चाहिए नेक्स्ट वाले की या फिर उसके बाद वाले की? गुड क्वेश्चन। तो मैंने सारे एक्सपेरिमेंट किए। ओके। इस पे। तो लेट अस से फॉर एग्जांपल कोई स्टॉक उठा लो लाइक हिताची Power इंडिया ठीक है ठीक है ₹32 का स्टॉक है वो तो उसका तो करंट एक्सपायरी में भी इतना लिक्विडिटी नहीं है हम तो तीन महीने आगे चले जाओगे तो आपका तो 500 का स्प्रेड होगा लिक्विडिटी क्यों नहीं है क्योंकि जैसे आपने शुरू में बताया एसटीटी ये है मार्जिन ये है ये है ये है तो फिर लिक्विडिटी कहां से आएगा जब लोग ही नहीं तो हिताची के लिए जभी भी काम होगा वो करंट एक्सपायरी में होगा ओके बट भेदभाव कर नहीं सकते हम तो अगर हिताची के लिए करंट या तो हिताची को वॉच लिस्ट से बाहर करो हम बट अगर अगर ले आए हो और हिताची पे सिर्फ करंट एक्सपायरी पर ही काम हो सकता है। तो फिर SBI के साथ भी यही होगा। ओ तो मतलब आपका सिस्टम एक चीज को ही फॉलो करेगा। फॉलो करेगा। कोई मतलब डायनेमिक चेंजेस नहीं रहेंगे। अगर हिताची सिस्टम में आए तो हिताची को वर्स्ट केस को फॉलो करके सिस्टम बनेगा। तो हिताची चलता ही नहीं। अगर हम जून में हैं। अगर हम जुलाई में हैं और अगस्त का एक्सपायरी ट्रेड ही नहीं हो रहा है। तो फिर हम जब वो रेप्लिकेट नहीं कर पा रहे हैं। नहीं तो आइडियली क्या था? आइडियली था जैसे मैंने आपको बताया। सपोज मैं मंथली में ट्रेंड एनालाइज करूं हम तो आइडियल ये है कि मैं 3 महीने आगे का सोचे बट अगर मैं डेली में एनालाइज करूं तो मैं करंट एक्सपायरी पे भी काम कर सकता हूं। ये आइडियल है। बट जब आगे के कॉन्ट्रैक्ट्स पे लिक्विडिटी नहीं है तो जो आइडियल है वो आप रन कर नहीं सकते। हम सो ये तो एक्सचेंज का काम है वहां पे लिक्विडिटी लाना। नहीं तो ऐसे स्टॉक्स को लिस्ट ही मत करो जिधर लिक्विडिटी नहीं है क्योंकि उसमें फंसेगा तो ट्रेडर ही। साहिल भाई बहुत सारी चीजें डिस्कस करी और मुझे लगता है ना यहां तक ये पूरी मास्टर क्लास हो चुकी है। हमारी एक स्ट्रेटजी के ऊपर हो चुकी है। हमने रिस्क रिवॉर्ड देख लिया है। हमने ये देख लिया कि बड़े विनर्स कैसे पकड़ने हैं। ऑप्शन बाइंग के अंदर भी कैसे पैसा बन सकता है। एक चीज जो मुझे जाननी है ना कि आप बोलते हैं कि मेरा सिस्टम की एक्यूरेसी इतनी है। इतनी है। बट यू हैव बैक टेस्टेड इट। राइट? बैक टेस्ट यानी कि अपने सिस्टम को पीछे जाकर के देखना कि कितनी बार चला है या नहीं चला है। आपका बैक टेस्टिंग का प्रोसेस क्या है? क्योंकि मैं ये मानता हूं मैं पर्सनली इस पे ना मतलब मैं कोरे कागज पे साइन करके भी दे दूंगा कि मेरी जो चीजें फ्लिप हुई है मेरे लिए वो बैक टेस्ट करके हुई है क्योंकि मुझे दिख गया कि मैं ये कर रहा हूं गलत कर रहा हूं यहां पे मुझे इंप्रूव करना है बट बैक बैक टेस्टिंग के लिए ना आज के टाइम पे रिटेलर के पास डेटा ही अवेलेबल नहीं है कितना पीछे चला जाएगा मैनुअली आप कुछ ना कुछ गलतियां करोगे बट आपने जो चीजें करी है ना दोज़ आर वेरी कंक्रीट तो आप कैसे बैक टेस्टिंग करते हो क्या आपका प्रोसेस रहता है फिर आप कैसे उसको सही करते हो तो इसमें मैं आपको क्ल क्लेरिफाई कुछ चीजें पहले करता हूं। हम फॉर एग्जांपल ऑप्शन बाइंग का जैसे मैंने आपको रेंज दिया 20 से 40% हम आप 100 ट्रेड लेना 20% से नीचे लिखा के देना दिखाना मुझे। 100 ट्रेड लेना हां और 20% से कम का एक्यूरेसी लेके दिखाना मुझे। अच्छा इतना इजी नहीं है कि वो 20 से नीचे भी आएगा। हम ठीक है। इट्स वेरी टफ। मतलब गलत होने की कोशिश करना। गलत जानबूझ के गलत हो जाओ आप तो भी नहीं होता है वो। हम वो उस वो उस इंस्ट्रूमेंट का प्रॉपर्टी है। हम हम एक इंस्ट्रूमेंट की प्रॉपर्टी की बात कर रहे हैं। ऑप्शंस का प्रॉपर्टी है 20 से 25% डिफॉल्ट एक्यूरेसी होना बाइंग में। ओ जैसे पानी 100 डिग्री पे उबलता है। ये जान के हम चाय बनाते हैं। दिस इनेशन को यूज़ हो के हमारे किचन अप्लायंसेस बने। सही या गलत क्या है उसमें? तो सिमिलरली ऑप्शन बाइंग का प्रॉपर्टी है कि 20 से 30% उसका डिफॉल्ट एक्यूरेसी है। उस प्रॉपर्टी को मैक्सिमाइज कैसे किया जा सके? तो जो हमने परसेंटेज फार्मूला डिस्कस किया अगर 20% की एक्यूरेसी है तो 80% लॉस होगा। 80/20 कर दो। 4:1 आपका टारगेट है। तो अगर आपने ऑप्शन को ₹100 पे लिया 95 का एसएल डाला तो 120 से पहले आप बुक नहीं कर सकते आप। हम आप ये करके तो देखो एक बार। मैं बोल रहा हूं आप जिस भी तरीके से डायरेक्शन प्रेडिक्ट कर रहे हो। आप चाहे बोल दो कि मार्केट 50 मूविंग एवरेज पर है तो मैं बाय करूंगा। आप बोलो कि वो ओवरसोल्ड हो गया तो मैं करूंगा। आप बोलोगे फलाना कंडीशन मीट हो। वो जो भी मीट हुआ है आप ये कंडीशन तो एक बार अप्लाई करके देखो। आपका मैथ ही आपके फेवर में आना स्टार्ट हो जाएगा। सो दिस इज द पॉइंट दैट आई वुड लाइक टू मेक अबाउट दिस अबाउट एक्यूरेसी। एक्यूरेसी। ठीक है? दूसरा बैक टेस्टिंग। मैंने कैसे किया है? मैंने बैक टेस्टिंग मैनुअली किया है। एक-एक दिन एक-एक दिन। तो मैं निफ़ी के चार्ट को ले जाता था लेट्स से 15 20 साल पीछे। हम राइट साइड पे एक कैंडल बना है। पीछे का मुझे दिख रहा है उस स्क्रीन में। अब मैं अपने आप से सवाल पूछा भाई क्या करता तू इसमें? लॉन्ग है या शॉर्ट? हम और किधर ऐसे? पहले ही बोल। फिर मैं एसएल मार्क करता था। एंट्री देखता था कहां होता? करता या नहीं करता। फिर अगले दिन बड़े डर डर के कैंडल शिफ्ट करता। हम अब क्या करता? अब क्या करता? ये प्रोसेस रिपीट किया मैंने। और पता नहीं कितने साल किए हैं ये। और कितने सिक्योरिटीज में किया। अभी भी जब मैं मार्केट में किसी चीज को लेके इफ आई फील कि टफ हो रहा है। मैं वापस ये करना स्टार्ट करता हूं। अगले दिन क्या हुआ? अगले दिन क्या हुआ? अगले दिन यू आर जस्ट ट्रेनिंग योर आईज टू मेमोराइज पैटर्न्स। यू जस्ट बस बॉक्सिंग में एक होता है टेक्निकल स्पारिंग। आप हवा में मुक्के मार रहे हो बस। हम तो दिस इज़ हवा में मुक्के मारने वाला काम। कि आप बस विजुअलाइज कर रहे हो कि अरे मेरे अभी पांच स्लॉट ओपन होते। मेरा ये एसएल होता। अगले दिन क्या होता? तो आप जस्ट वो विजुअलाइज कर करके आगे जा रहे हो। तो यह हो गया बैक टेस्टिंग मैं मैनुअली करता और मैंने उसको कैसे किया हम [खांसने की आवाज़] वंस अगेन कोई भेदभाव नहीं जो पैटर्न मंथली में होगा वो पैटर्न 5 मिनट में भी आ सकता है हम बस रेश्यो उसके अलग हो जाएंगे जो 5 मिनट में आ सकता है वो वीकली में भी आ सकता है यानी कि सबसे इजी टाइम फ्रेम चूज़ किया उसको धीरे धीरे धीरे धीरे आगे किया फिर जब वो हो गया फिर वीकली पे आया उसको धीरे धीरे धीरे आगे किया फिर डेली पे आया फिर उसके बाद आप थक जाते हो फिर 6 महीने ये नहीं किया फिर वापस मार्केट में पिटाई हुई वापस आके दिस इज योर टेक्निकल स्पारिंग। ठीक है? ये वन टू वन हो रहे हो आप मार्केट के साथ और आप अकेले चार्ट को देख रहे हो। कोई लोग नहीं, कोई कंटेंट रिकॉर्ड नहीं हो रहा। बस आप और आपके थॉट और मार्केट सामने एक इमेजिनरी पोजीशन है और आप उसको लिव करते हो इमोशनली। हम अब रही बात तीसरे पॉइंट के मैनुअल वर्सेस सॉफ्टवेयर। आज की डेट में वी हैव दी एबिलिटी टू यूज़ सॉफ्टवेयर टू हेल्प अस ऑप्टिमाइज आवर फाइंडिंग्स। हम पहले फाइंडिंग तो हो। मार्केट में सबसे बड़ा फाइंडिंग आपका खुद का इमोशन है। मैं डरा था या नहीं। अगर आप डरे हुए हो तो पांच स्लॉट ज्यादा हो गए हैं उस थॉट प्रोसेस में एंड द मैथ बिहाइंड इट। तो पहले आप फाइंड तो कुछ करो। जब आपने फाइंड कर लिया अब उधर आ रहा है कि जैसे आपने पूछा सवा5 बजे की 9:35 को ये जो होता है ये जो माइक्रो इंप्रूवमेंट्स हैं आप ही के फाइंडिंग्स पे। देन देयर आर टूल्स फॉर इट। सम आर फ्री, सम आर पेड हम सम आर एआई ड्रिवन, सम आर डेटा ड्रिवन, सम आर पॉइंट स्क्रिप्ट रन। अब इसके लिए तो यूजर के पास पूरा मार्केट पड़ा है कि उनको क्या खोज है। बट यू कैन नॉट रिमूव द पार्ट कि जहां आप वन टू वन टाइम स्पेंड नहीं कर रहे मार्केट में। अब वो तो आपको करना ही पड़ेगा। इट्स मच लाइक कि चाहे आपको ओलंपिक बॉक्सर बनना है कि आपको अपने सोसाइटी के टूर्नामेंट को जीतना है। टेक्निकल स्पारिंग तो करना ही पड़ेगा। फिर बंदा यही सोचता है यार अगर मैं सोसाइटी के लिए इतना ट्रेन कर रहा हूं तो चलो ओलंपिक के लिए भी करते हैं। यही हुआ था मेरे साथ कि आप आते हैं मार्केट में कि मेरे को एक इनकम सोर्स क्रिएट करना है। बट आपको लगता है कि भाई दुनिया का बेस्ट भी तो यही कर रहा है तो क्यों ना दुनिया का बेस्ट ही बनने की कोशिश करें यार। ये क्या है ₹5000? हट। लेट्स [नाक से की जाने वाली आवाज़] गो फॉर समथिंग बिग। लेट्स मेक इट लार्ज। एक जिंदगी देखे कहीं यहीं से तो नहीं सक्सेस है। तो सक्सेस तो तभी आएगा ना जब पोजीशन फटेगा। और वो फटने में आपके पास होना भी तो चाहिए वो पोजीशन। ठीक है? आपने उसको बुक कर दिया ₹100 पे लेके 110 पे। कम ऑन यार। इतना पोटेंशियल किल कर दिया आपने। ठीक है? पोटेंशियल किल कर दिया। इट्स एंड जब आप यह बार-बार बार-बार करते हैं ना, तो एक ना एक दिन आपके हाथ से विनर मिस होना ही होना ही है। देयर आर [नाक से की जाने वाली आवाज़] काउंटलेस ट्रेडर्स हु आर गोइंग टू से कि भाई मैं 20 पॉइंट पे बुक करता हूं क्योंकि मेरे लिए 1000 1500 बहुत ज्यादा है। और इमीडिएटली उनको दिखेगा यार इसको होल्ड किया तो 200 थे। अब काउंटलेस ट्रेडर्स। तो लर्निंग हाउ टू होल्ड योर विनर्स इज़ आल्सो अ की स्किल। साहिल भाई यह सब होने के बाद ना जब आप इतनी कैपिटल को स्केल करते हो, लॉसेस देखते हो, प्रॉफिट्स देखते हो तो माइंडसेट कैसा रहता है और कैसा रहना चाहिए ट्रेडर का? तो पहले तो मुझे ऐसा लगता है कि भाई मैं बहुत ही अनसक्सेसफुल हूं। ठीक है? मुझे ऐसा लगता है कि मेरे को इतना प्रिविलेज मिला लाइफ में। ठीक है? आई हैव हैड ग्रेट। मतलब मेरे पेरेंट्स ग्रेट है, फैमिली ग्रेट है। ठीक है? मेरे ऊपर उधार ही नहीं है। मार्केट से भी सक्सेस है। अगर अब चौके नहीं मारे तो क्या किया? तो उसमें ये जो आप 7 करोड़ बोले व्हाट इज 1 मिलियन डॉलर? हम व्हाट इज 1 मिलियन? इट इज़ पीनट्स। तो मुझे लगता है कि बहुत होना चाहिए। देयर इज़ नो। अब आप 40 पहुंच गए हो। अब आपके लाइफ के पोटेंशियल क्या किया है? ठीक है? बट आई कैन से वन थिंग कि आई हैव लर्न सम थिंग्स जो स्केलेबल है। सो मे बी देयर इज़ अ चांस कि आई माइट बी एबल टू रीच सम पोटेंशियल स्टिल। दूसरा कैसा है कि आई रीच्ड अ स्टेज इन लाइफ इन माय 30ज। जहां पे ट्रेडिंग करना मेरे लिए अब सेफ था। मेरा करियर सेट था। मैं 2007 से नौकरी कर रहा हूं। हम ठीक है? ठीक है? मैं उस टाइम तक एमबीए बन चुका हूं। ठीक है? मैं एक कंपनी में मैनेजर का रोल कर रहा हूं। मेरे अंडर एक टीम है छोटा-मोटा और फिर मैं ट्रेडिंग कर रहा हूं। कुछ लोग जो होते हैं जिनके जिनके फैमिली बैकग्राउंड स्ट्रांग होता है वो 20 साल की ऐज से भी कर सकते हैं। बट कुछ ऐसे हैं जो मैं 30 में था कि कोई लोन नहीं है। कोई स्टूडेंट लोन नहीं, कोई होम लोन नहीं। ना किसी की मुझे शादी करवानी है। मेरी सिस्टर का भी मैरिज हो चुका है। एवरीथिंग इज़ सॉर्ट। जस्ट आई हैव अ चाइल्ड ऑन द वे। एक खर्चा थोड़ा आ रहा है और मैं सोच रहा हूं कि एक इनकम सोर्स और क्रिएट होना चाहिए। बस एक थॉट आ रहा है। नहीं भी करता तो भी जॉब तो थी। हम कुछ लोग ये स्टेज पे पहुंचते हैं 50 की ऐज में। अब वो उनका टाइम 50 से स्टार्ट हुआ। आपका वो स्टेज पे आना जरूरी है कि आपके बैलेंस शीट में लायबिलिटी नहीं है और आप खोज रहे हो मल्टीपल इनकम सोर्स फॉर ट्रेडिंग। कुछ लोग जो उधारी में होते हैं वो जब ट्रेडिंग में आते हैं तो दे आर इन अ लॉट ऑफ़ ट्रबल। सो पॉइंट बीइंग कि वी हैव टू वेट फॉर द राइट टाइम एंड वंस वी हैव द राइट टाइम वी विल गेट द राइट स्किल सेट्स। आप गलती से ही थोड़ी ना उधारी के बिना हो गए हो। कुछ तो आप सही कर रहे हो ना। आपके खर्चे कंट्रोल में हैं। कुछ तो सही है ना प्रोसेस में। तभी तो आपका बैलेंस शीट क्लीन होता है। तो कहने का पॉइंट ये है आपका मार्केट में सक्सेस इज वेरी स्ट्रांगली कोरिलेटेड टू द हेल्थ ऑफ योर ओन बैलेंस शीट। आपका बैलेंस शीट कितना अच्छा है वो मार्केट से दिखता है। मुझे ऐसा लगता है मेरा बैलेंस शीट काफी अच्छा है। देयर इज़ अनलिमिटेड पोटेंशियल हम इन मी एज अ ह्यूमन बीइंग और उसका एक्सप्रेशन इन द मार्केट। एक जर्नी है। उस जर्नी में मुझे सिर्फ 10-12 साल हुए हैं। आप उसको बोल दीजिए कि $1 मिलियन है। मैं बोलूंगा $1 मिलियन इज़ $000 अ ईयर। हम $0000 अ ईयर इज़ व्हाट एन आईटी पर्सन इन द यूएसएस अर्निंग। उतना ही मैंने कमाया है। हम और वो तब है जब मतलब मार्केट इतना काइंड है कि आप $1000 अ ईयर एवरेज करके भी पीपल रिस्पेक्ट यू। बट उस आईटी वाले बंदे को तो इतना रिस्पेक्ट नहीं मिल रहा है। तो हमारे लिए दैट वाज़ इट इज़ फेवरेबल। अब मेरे लिए भी सवाल है भाई मिलियन कब करेगा? एक मेरा एक पॉडकास्ट हुआ था। जिस पे मैं अपना पीएनएल खोल रहा हूं दिखा के हम [गला साफ़ करने की आवाज़] और उस पीएनएल में मैंने वो टाइम दिखाया जब मैं नौकरी करता था हम कि 2015 से 20 तक मैं नौकरी कर रहा हूं। मैंने नौकरी करते-करते ये किया तब मुझे कॉन्फिडेंस आया कि भाई छोड़ दे नौकरी। मेरा दिखाने का ऑब्जेक्टिव वो था। ऑफ कोर्स मेरे और भी पॉडकास्ट है जब मैं नौकरी छोड़ चुका हूं। करंट पीएनएल दिखाओ। उसमें एक बंदे ने लिखा, अरे वाह 1 लाख से 7 करोड़ हो गए। अब 7 करोड़ से 5000 करोड़ कब बूम? एग्जैक्टली वही मैं सोचता हूं। हम क्योंकि मेरा जो अकाउंट का हाई है ना उससे मैं मेंटली ब्रेक आउट नहीं हो पाया। ओ जब मैं अगर 1 लाख डेढ़ लाख का अगर लॉस देख लूं ना स्क्रीन पे तो आई फील अपसेट जब तक वो फीलिंग ही खत्म नहीं होगा तब तक आप बड़े पोजीशन ही क्रिएट करने को तैयार नहीं हो। तो ऑन एन अकाउंट लेवल परसेंटेज ड्रॉडाउन कम होता है बट अकाउंट ब्रेकआउट भी नहीं हो पाता। जब तक मैं एज अ ह्यूमन बीइंग ही चेंज ना हो जाऊं। उसमें ये गवर्नमेंट का एसटीटी चेंज कर देना हैज़ स्लो डाउन दैट प्रोसेस बट ठीक है। आई एम स्टिल होपफुल एंड मुझे नहीं लगता कि कोई हम अपने पोटेंशियल के पीक पे पहुंचे। आई एम होपिंग कि वी विल गेट देयर। तो इट्स अ लर्निंग प्रोसेस फॉर एवरीवन। आई एम जस्ट शेयरिंग कि मेरा ये 10 साल के जर्नी में जो मैंने सीखा है उसको मैं आपके थ्रू आर्टिकुलेट करने की कोशिश कर रहा हूं कि ये मैंने सीखा है और मे बी अगर किसी को उससे थोड़ा बेनिफिट हो सकता है अपने कि वो ऑप्शन आ रहे हैं तो उनको दिखना चाहिए बॉस कि ये मेरे को बहुत पैसा दे सकता है। भाई मैं इसको 100 से 110 पे नहीं करने वाला। बुक इसको तो मैं रख रहा हूं। हूं एक्सपायरी तक। बट हां एक पार्शियल प्रॉफिट मैं इधर लूंगा क्योंकि एक सीनियर आके बोल के गए थे कि उसके बिना तुम बहुत तकलीफ में हो। इफ यू डोंट टेक पार्शियल टारगेट यू आपका बिहेवियर मार्केट में सब ऑप्टिमल होने लगता है। हम तो जो ट्रेडर सिर्फ एक ही लॉट से कर रहा है। मैंने किया है ऐसा। मुझे बड़े मूव्स आए। जैसे मैंने SBI बोला, Hindal को बोला, Bajaj Fins बोला। मैं बोला यार मैं बुक ही क्यों कर रहा हूं? फिर मैं बड़े का ही वेट करता हूं। तो जब वो किया और बड़े मूव नहीं आए हम तो फिर नॉट फन। सिर्फ मजा नहीं आया। पूरा इक्वेशन ही ड्रॉप हो गया। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो हमने 10 साल में किया क्या? यही सब तो किया। कभी एक लॉट से किया, कभी पांच से किया, फिर सीखा कि गवाते टाइम तो पांच थे। कमाते टाइम तो सिर्फ एक ही रह गया। हम ये सब सीख-सीख के इसको ऑप्टिमाइज किया। बट सब हर किसी का फोकस होता है। ये अरे ये बताओ स्टॉक कौन सा मल्टीबैगर बनेगा। अब वो बन भी जाएगा तो भी तुम पोजीशन में नहीं रहोगे तो क्या पॉइंट है। क्योंकि जब एक स्टॉक 100 से 200 होता है। जो बॉडी की केमिस्ट्री चेंज होती है वो क्या बताऊं मैं आपको? आपको पता ही होगा। ₹100 का ऑप्शन ₹200 लिया बंदा चौड़ में घूमता है। हम [हंसी] सही में वो बेसिकली वो बॉस ने क्या बोला है [हंसी] वो सबसे पहले [नाक से की जाने वाली आवाज़] ठीक है क्योंकि आपका बिहेवियर वो बिहेवियर केमिकल्स करवा रहे हैं हम अब समझ रहे हो केमिकल इतना हावी हो चुका है आपके शरीर में जब वो मूव हो गया है बिल्कुल ठीक है ये करवाता है मार्केट तो आपको उसमें वो संयम रखना है हम तो यही तो आप टाइम स्पेंड करेंगे थोड़े टाइम के लिए कि भाई अभी 100 पॉइंट आए कोई बात नहीं ऐसे 10 बार 100 बार होंगे तब जाके मैं शायद नौकरी छोड़ सकता हूं। तो दोनों ही चीजों में फर्क नहीं पड़ना चाहिए। एक आपने भी अपनी कमी बताई कि भाई मैं 1.5 लाख पे थोड़ा सा मेरे को प्रॉब्लम होता है देखने में। उस पे भी नहीं पड़ना चाहिए। और जब आपका ट्रेड चल रहा है तो उसमें भी केमिस्ट्री नहीं चाहिए। नहीं होनी चाहिए। तो फिर अपने आप से पूछ लिया क्यों रिस्क 2 लाख का भाई? हम उस समय तो तू बड़ा वो हो रहा था तो मैं 2 लाख का ले लूंगा। अब जब आया तो फिर उल्टियां निकल रही। हम ठीक है? तो फिर ड्रॉप हुआ ना रिस्क। फिर ड्रॉप हो गया 1 लाख पे। भैया 1 लाख ही रखते हैं रिस्क। ठीक है? 2 लाख नहीं रखते हैं। 1 लाख का मतलब हो गया सेम इक्वेशन। निफ्टी पे अब 3% एसएल नहीं 2.75% एसएल लगे। हम ठीक है। कितना मैं लॉस झेल सकता हूं उसके हिसाब से मैं रिस्क तय करूंगा। अभी जब अब आप पूछेंगे क्या अंतर हो गया? 2.75 वर्सेस 3% एसएल में मैं बोलूंगा ये अंतर आएगा एक ब्लैक स्टोन में। हम ठीक है। ये जब जब सब कुछ छूट रहा होगा तो उस टाइम पे ये 25 का जो आपने एसएल बचाया है ना उसका कॉस्ट आप वहां भरेंगे। बिल्कुल। ठीक है। तो दिस मुझे भी पता है। तो एक बड़े अकाउंट का फायदा क्या है कि अब मैं बोल सकता हूं नहीं नहीं मैं 5% एसएल रखूंगा। अब 5% का मतलब हो गया निफ़ी सुबह खुलते ही सर्किट पे लगा है। यानी कि आपके रिस्क मैनेजमेंट ने अब सब कुछ फैक्टर कर दिया है। दैट इज़ द पीक। तो ₹ लाख के कॉन्ट्रैक्ट पे मतलब ₹20 लाख के कॉन्ट्रैक्ट पे 5% का एस सेल हो गया लाख। यानी कि दो लॉट पे ₹ लाख। जिस दिन आप ₹ लाख पर लॉट के ट्रेड पे आ जाएंगे तो आप मान के चल सकते हैं आपने सारे पैराटर्स फैक्टर कर दिए। यही मैं कर रहा था। पर जब ₹ लाख आए तो फिर मेरा मूड ऑफ भी हो गया। चिड़चिड़ा हुआ वो। तो यानी कि मैं तो जाना चाहता हूं। मुझे दिख रहा है 2 लाख पे सर्किट है। बट मैं जा नहीं पा रहा हूं क्योंकि जब वो लॉस होता है मैं तो मैं 5% का एसएल नहीं ले रहा। मैं फिर 2.5% का एसएल ले रहा हूं। हम तो मेरे रिस्क टॉलरेंस ने मुझे मेरा एसएल दे रखा है। मुझे क्या करना है? मेरे को तो पता है मार्केट आपको भी पता है मार्केट का सपोर्ट कहां है। हम सबको पता है 21,000 750 पे एक कैंप पैटर्न बना हुआ है। हम ठीक है? तो इट्स ऑल अबाउट क्वांटिटी। तो आई वुड से दिस कि आप अपने नो योरसेल्फ। ये मार्केट में होगा थ्रू द प्रोसेस ऑफ़ मेकिंग मनी। हम यह बहुत ही अलग एक प्रोसेस है और जब आदमी पूरा इवॉल्व हो जाता है फिर आदमी अपने ब्रेकआउट्स को भी ब्रेक आउट्स करता है। बिल्कुल सी तो पूरा रूल फॉलो करके एक विनर को कैप्चर करना यू नो दैट फीलिंग पीपल मिस्टेक इट इज कि विनर को कैप्चर करना। राइट? तो जब मैं अगर कभी स्क्रीन पे अगर मैं दिखा देता हूं या ऐसा आ रहा है ये देखो मुझे एक लॉट पे 3 लाख आ रहे हैं। मुझे खुशी 3 लाख की नहीं है यार। नहीं। ठीक है? मुझे खुशी है कि मैंने होल्ड किया जब वो 3 लाख दिखा रहा था। तो क्योंकि वो डेढ़ भी दिखा रहा था ना मैंने नहीं किया। दो भी दिखा रहा था मैंने नहीं किया। दो के बाद उसने 80 दिखाए मैंने नहीं किया। बिल्कुल। ठीक है। कुछ स्टॉक्स उससे पहले एक स्टॉक ने दो दिखा के 80 दिखा के 50 तक आके ट्रेलिंग एसएल भी बुक करवाया। बट मैंने फिर भी इसको छोड़ रखा। तो तब जब जाके मुझे तीन आया तो मैंने दिखाया कि भाई ये है मेरा पेंटिंग। हम ठीक है। इसे करो वाओ। बट लोगों को लगता अरे वाह ये 3 लाख दिखा रहा है। बहुत बड़ा। अरे ये पेंटिंग है। [हंसी] क्या समझोगे? अभी मैं क्या बताऊं तुम्हें? कि क्या पापड़ बेलने पड़े? एक ट्रेड यही था मेरा। मैंने 150x लेवरेज में जो हम कार में भी बात कर रहे थे। ₹40,000 एसएल बढ़ा था। लेवरेज पे ₹40,000 लिया। वह ₹15 लाख गया। बहुत खुशी हुई बट बुक नहीं कर सकते क्योंकि टारगेट नहीं आया अभी। उस पे आधा क्वांटिटी बुक हो गया। ₹7 लाख के आसपास पैसा बन गया। उसके बाद [हंसी] ₹ लाख चल रहा है। और मैं वेट कर रहा हूं कि ये ट्रेल पे निकल जाए। मतलब मैं खुद नहीं निकलूूंगा। मार्केट मुझे धक्का मार रहा है। कि भाई नहीं तेरा सिस्टम ऑफ। यू हैव डी। अभी आप जब ये 20 साल करोगे ना हम आपको भी वही मिलेगा जो राकेश झुंझुनवाल को लूप में मिल गया था। हम्म। ठीक है? इट इज जस्ट दैट कि आपकी किस्मत क्या है? आपकी किस्मत 30 साल की ऐज में वो एक्सपीरियंस करने की थी या 40 साल की ऐज में एक्सपीरियंस करने की थी। लॉस जब आपने डिफाइन कर दिया तो ये तो तय है कि 30 से 40 का जर्नी मेरे केस में 40 से 50 का जर्नी मैं मार्केट में कर दूंगा क्योंकि मैंने डिफाइन कर दिया नीचे का। हम बट आप बोलो ब्रेकआउट विनर कब आएगा वो तो अब मार्केट ही डिफाइन करेगा। डिसाइड करेगा और शायद आपका फेट डिसाइड करेगा। कुछ हद तक आपका प्रारब्ध डिसाइड करेगा कि मतलब संचित कर्मा जो बोलते हैं कि बॉस कि आप लेके क्या आए हैं। तो ये चीजें भी डिसाइड करेंगी। बट इट्स वन टू वन मार्केट इज़ ट्रेडर के लिए मार्केट वैसे ही है जैसे अर्जुन के लिए मे बी शायद कुरुक्षेत्र होगा। मतलब दिस इज़ योर मोमेंट ऑफ़ ट्रुथ भाई। हम ठीक है? यहां पे आपको बिहेव करना अच्छे से एंड मार्केट ड पेज़ यू फॉर योर बिहेवियर। इससे बेहतर और जगह क्या हो सकता है? साहिल भाई बहुत लोग नहीं जानते बट यू आर आल्सो इंटू एस्ट्रोलॉजी। और एक चीज ना मतलब लोग रैंडमली ट्राई कर रहे हैं। बट नथिंग इज रैंडम। नथिंग इज लाइक कोइंसिडेंटल। मतलब एक-एक डिग्री परफेक्ट है दुनिया में रेवोल्यूशन रोटेशन की तो कोइंसिडेंटल तो कुछ भी नहीं है। क्या ना मार्केट से पैसा कमाना भी फेट है या फिर मतलब अगर आप इतनी मेहनत कर जाते हो कि भाई आप सारी चीजें छोड़ दो। जैसे कई लोग बोलते हैं कि आप जो कर रहे हो मैं भी यही चीजें करता हूं मेरा पैसा नहीं बन रहा। तो क्या इसमें फेट इनवॉल्व रहता है आपके हिसाब से। मतलब किसी की कुंडली में है कि यही पैसा बना पाएगा या फिर कुछ चीजें डिफरेंट भी हैं। मैंने जो अपने असेसमेंट में कुंडली में सीखा है कि जिसकी कुंडली में बहुत सारे धन योग हैं उसी की कुंडली में बहुत सारे दरिद्रता योग भी हैं। ठीक है? अगर कोई ऐसा बंदा है जैसे विराट कोहली, माइक टाइससन जो कि प्रोफेशनल एथलीट्स हैं ओलंपिक्स के लिए, कंट्री के लिए खेल रखे हैं। उनका फिजिकल स्ट्रेंथ हमें बताने की जरूरत है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो बंदा आपके सामने खड़ा हो जाएगा। आपको लगेगा ये मूर्ति है। मतलब उसका क्या बॉडी होगा उस बंदे का। तो मैं आपको बोल रहा हूं हॉस्पिटल ज्यादा आपसे बोझ जाता है। उसके इर्द-गिर्द घर में डॉक्टर आते हैं। हम वही बंदा दवाइयों और बीमारियों से घिरा हुआ है। जिसका फिजिक है दिस इज दी कॉस्ट ऑफ ग्रेटनेस। तो जो बंदा पैसा चस करता है उसका कॉस्ट ऑफ ग्रेटनेस क्या है? पैसे का लॉस होना। बिल्कुल। ठीक है? तो वो दोनों कॉम्बिनेशंस आपकी कुंडली में दिए हुए हैं। ऑब्जेक्टिव ऑफ़ एस्ट्रोलॉजी इज़ नॉट टू प्रेडिक्ट अ स्पेसिफिक इवेंट। दैट इज नॉट। मेरे लिए या मेरे लिए नहीं है। हम मेरे लिए एस्ट्रोलॉजी एक मींस ऑफ सेल्फ इंप्रूवमेंट था कि धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष ये हमारे चार पुरुषार्थ है। धर्म के लिए मैं कुछ कर रहा हूं। जैसे मैं किसी का बेटा हूं तो मैं एज अ सन क्या कर रहा हूं? मैं किसी का फादर हूं तो एज अ फादर क्या कर रहा हूं? मैं एक ट्रेडर हूं तो मैं मार्केट में क्या कर रहा हूं? दिस इज धर्म। ये मेरा धर्म हो गया। ठीक है? मेरी ड्यूटीज हैं। ये ठीक है? अर्थ क्या हो गया? मैं लोगों की सेवा कैसे कर रहा हूं? जैसे मैं लोगों की सेवा बढ़ाऊंगा वैसे ही पीपल। ये अर्थ हो गया। काम हो गया फेम के लिए। मैं रिलेशनशिप्स को कैसे मेंटेन कर रहा हूं। ठीक है? ये सब काम हुआ। पर मोक्ष के लिए क्या करना है? तो एस्ट्रोलॉजी का हाइपोथेसिस बस इतना सा है मेरे लिए कि मोक्ष के लिए हर बंदे को कुछ अलग करना है और वो आपकी कुंडली से डिराइव्ड है। अगर आपकी कुंडली में शनि योग कारक है बट जुपिटर ने ठेका ले रखा है आपको थप्पड़ लगाने का तो फिर आप अपना समय का दान जुपिटर पे कीजिए। हम वेयर ऐज़ मेरे केस में अगर वो उल्टा है तो मैं अपने समय का दान में भी शनि को करूं। हम सो दिस इज़ जस्ट अ फ्रेमवर्क ऑफ़ बिहेवियर। अब क्वेश्चन आ गया यह करना क्यों है? क्योंकि दी हाइपोथेसिस इज दिस कि अ बैलेंस्ड लाइफ धर्म अर्थ काम मोक्ष का जब हम बैलेंस करते हैं दैट इज ट्रू सक्सेस। सी वेस्टर्न मीडिया ने हमें क्या सिखा रखा है कि अगर आपका YouTube चैनल है तो 50 लाख फॉलोवर होंगे तो सक्सेसफुल। अगर आपके पास पैसा है तो बिलियन डॉलर होंगे तो इसको हम मानेंगे। अगर आप स्पोर्ट्स में खेलते हो तो क्रिस्टियानो रोनाल्डो इज़ ओनली सक्सेसफुल। बट ज्योतिष में ऐसा नहीं है। उसमें है कि द बैलेंस ऑफ़ दिस इज ट्रू सक्सेस। कि जब हम सुबह उठते हैं, हम क्या सोचते हैं? अगर मैं यह बैठ के सोचूंगा मैं बस आज पैसा कमाऊंगा तो बाकी की चीजें भी तो सोचनी है कि आज मैं बच्चों को कैसे करूंगा, पेरेंट्स के साथ क्या करूंगा, भाई-बहन के साथ क्या करूंगा? सब सोचना आपके थॉट में आना चाहिए इज बैलेंस। तो वो मोक्ष पे जब हम काम करते हैं जैसे नाम जाप करते हैं या ऐसा कुछ करते हैं तो दो 5 मिनट में हम उसी को बैलेंस करते हैं। बाकी चीजें बाकी उसी से अलाइन होती हैं। ब्यूटी। सो एंड द ब्यूटी इज वो 5 मिनट से स्टार्ट होता है। फिर उसके बाद वो ग्रो होता है। हम अभी मेरे मैं अभी रिसेंटली अपने फ्रेंड के घर में जैसे हम गुड़गांव आए हैं तो मैं अपने एक दोस्त के घर पे रुका हुआ हूं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] सो उसी फ्रेंड की सिस्टर इन लॉ जो है भाई की वाइफ जो है उसका पहला मिसकैरज हुआ। ओ तो शी वापस शी बिकम प्रेग्नेंट एंड दिस टाइम शी वाज़ लाइक कि देखो ये मिसकैरज है। आई डोंट बिलीव इन एस्ट्रो। आई डोंट बिलीव इन ये वो बट मेरा ये मिसकैरज हुआ। सो इज देयर समथिंग अबाउट एन एस्ट तो आई जस्ट सेड अरे आपकी कुंडली में इट लुक्स लाइक कि बुध को यह रिससिबिलिटी दी गई है तो क्यों ना आप बुध का दान करें तो शी लाइक क्या दान करना है लाइक समय का दान दें तो कैसे दें समय का दान लाइक बुध का बीज मंत्र जाप करें तो कब करें व्हेनएवर यू फील नर्वस जस्ट गो फॉर इट तो अभी इस बार अभी द चाइल्ड इज बोर्न मदर इज हेल्दी अभी इस बार मिले तो वो मुझे ही बोल रहे हैं कि थैंक यू आपने कहा मैं बोला नो नो मैंने मैंने कहा तुमने किया एंड शी मैं बोला हाउ डू यू फील शी आई फील ग्रेट आई फील रियली ग्रेट मतलब इट्स लाइक जैसे मैं कोई आपसे पूछे ब्रश किया आपने हां कैसा महसूस हुआ तो जनरली अच्छा ही लगता है [हंसी] तो ये वैसा है [गला साफ़ करने की आवाज़] इट इज योर इक्विवेलेंट ऑफ ब्रशिंग योर टीथ बस इन दी स्पिरिचुअल आध्यात्म में वो दिखेगा नहीं उसका रिजल्ट लेकिन जब लाइफ में उतरेगा नहीं नहीं दिखेगा भाई वो उसके चेहरे में ग्लो अलग होने लगता है बंदा शाइन करता है ठीक है आपका ब्रीथिंग चेंज हो जाता है। वो दिखेगा ही दिखेगा। ऐसे कैसे नहीं दिखेगा? यू आर मेड अप ऑफ ऑल योर हैबिट्स। वो भी एक हैबिट है। और उस हैबिट का यूएसपी क्या है कि ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम वो आपके बाकी हैबिट से समय खा जाता है। ठीक है? कि जैसे आपने 5 मिनट जाप किया। आपको ठीक लगा। फिर आप अगले दिन कर रहे हो। आपका ये डे का रूटीन है। एक दिन आप तगड़ा बोर हो रहे हो यार। हम तो यू आर लाइकली नाउ टू जॉब फॉर 15 मिनट्स। रादर देन यू नो चलो किसी एक बंदे को कॉल करके टाइम वेस्ट कर दिया किसी मतलब कुछ नहीं करना तो जाकर कॉफी ले लिया हम क्योंकि आपके पास एक और हैबिट है जो आपको थोड़ा बहुत खुश रख रहा है हम तो जो बंदा बट पांच भी नहीं कर रहा वो 15 नहीं कर पाएगा पर जो पांच करता है वो ओवर अ पीरियड अब ऐसा हो सकता है कुछ लोग इमीडिएटली उसको पिक कर लेते हैं हम और कुछ लोगों को 3 साल छ साल बाद होता है तो वो मुहूर्त आप दे देते हैं कि बस ये टाइम है तो एक बार आप एंड जनरली हम वैसे ही देते हैं कि लाइक तृतीय तिथि में दे दिया ऐसे कुछ दे दिया कि मतलब कि वो एक्सपेंड हो जाए। हम ठीक है? कि एक बार उसके मुंह से निकलवा दिया तो अब नाउ लीव इट। अब वो बोलेगा ही बोलेगा। वो मरने से पहले 5 करोड़ जा करके जाएगा। मतलब कहीं नहीं जाता। सो दैट इज दी प्रोसेस ऑफ़ इट। और ये आई थिंक कि दिस इज़ मोर ऑफ़ अ सब्जेक्ट इन लाइक अगर ऐसा कुछ नहीं है कि आपकी कुंडली में नहीं है। यू कैन लाइक प्लस माइनससेस हैं। माइनस को आप थोड़ा-थोड़ा बड़ा करके ऊपर लेकर के आ सकते हैं। हां। यस। आपकी कुंडली में कॉम्बिनेशंस दिए हैं। अनगिनत एंड यूजली आपका लाइफ उसी के अराउंड रिवॉल्व होता है। सी आपके धनवाणी कुटुंब में कुछ ना कुछ हो रहा होगा। हम तभी आप वाणी और धन को कंबाइन करने के लिए यहां पे बैठे हैं। हम कुछ ना कुछ हो रहा है। यानी कि या तो दूसरे भाव में या आठवें भाव में देयर इज़ सम एक्टिविटी दैट इज गोइंग ऑन। हम ठीक है? तो बंदा अब आपने ट्रेडिंग ही करना है कि कल को आप लॉयर को भी बुला सकते हैं। कल को आप रिस्क लेके अपना खुद का एक शो भी क्रिएट कर सकते। अभी आप उसी फील्ड में काम करते-करते अलग-अलग कॉम्बिनेशंस का एक्सपीरियंस लेने वाले हैं। जो मैं चाहता हूं कि आप एंजॉय करें। हम तो वो कैसे करें? अगर आपकी कुंडली में दूसरे भाव का स्वामी बृहस्पति तो बृहस्पति की पूजा करें। ठीक है? वह दूसरे भाव के स्वामी का कुछ ना कुछ फर्स्ट हाउस के साथ हो रहा होगा पक्का। तब जाके बंदा जो है इस लाइन में जाके कूदता है। सिमिलरली तीसरे भाव का स्वामी पहले में आ गया तो चांसेस है वो बंदा बैठ के लिख रहा है। ड्रॉ कर रहा है। हाथ से काम कर रहा है। तबला बजा रहा है। थप्पड़ मार रहा है। ये सब हाथ आ गया ना मतलब वो बॉक्सर बना हुआ है। हम ठीक है? करज का लॉर्ड आपके फर्स्ट हाउस में आके बैठा हुआ है। उस उस बंदे के साथ आप उलझ जाओ। अब आप उसके हाथ का खाया हुआ थप्पड़ आदमी नहीं भूलेगा लाइफ। हम ठीक है? तो सिमिलरली दूसरे भाव का स्वामी पहले में उसके मुंह से सुना हुआ गाली आदमी नहीं भूलेगा लाइफ। वो जाके सीधा पियर्स करेगा। तो दीज़ आर कॉम्बिनेशंस। तो अभी आप जरूरी थोड़ी है ना कि आप बैठ के गाली दे रहे हो या आप तो आप तारीफ भी तो कर सकते हैं। राइट? ठीक है? तो वो बैलेंस मेंटेन करने का एक एक्ट है कि आप ये कीजिए। एंड इट इज़ फार ग्रेटर। दिस इज़ रिलेटेड टू सेल्फ डेवलपमेंट। मेरा कहने का पॉइंट है मोक्ष इज लाइक मोक्ष त्रिकोण जो पुरुषार्थ है इट इज अ मेटा स्किल हम मेटा स्किल का मतलब है इट एप्लीकेबल टू ऑल अदर स्किल्स तो अगर आप ये कर रहे हैं तो चाहे आप ट्रेडर हैं या गार्डनर हैं उसका असिस्टेंस आपको आना ही है इरिस्पेक्टिव इरिस्पेक्टिव इट इज़ बियड और अगर आपको विद इन फर्स्ट टू थ्री डेज फोर डेज ही महसूस नहीं हुआ तो क्या पॉइंट हो गया इतना वेदा लिख के उसमें हम महसूस भी होना ही है इट हैज़ टू हैपन बहुत डिटेल में जा सकती है साहिल भाई ये कन्वर्सेशन बट मैं ऑडियंस को मौका दूंगा कि अगर अगर आपको जानना है ना कि एस्ट्रोलॉजी को और ट्रेडिंग को बल्कि मैं खुद फाइनेंसियल एस्ट्रोलॉजी करता हूं। एंड आई हैव सिस्टम्स डेवलप्ड पोजीशनल ट्रेडिंग के जो मैं फाइनेंसियल एस्ट्रोलॉजी के साथ करता हूं। ऑब्वियसली वी यूज़ प्राइस एक्शन भी उसमें और मैं आपकी भी गाइडेंस उसमें लेना चाहूंगा। लेकिन एक बार हम रिस्पांस चेक करेंगे कि ऑडियंस इसमें इंटरेस्टेड है या नहीं है। अगर इंटरेस्ट आता है साहिल भाई तो हम एक डिटेल फाइनेंसियल एस्ट्रोलॉजी का पॉडकास्ट भी कर सकते हैं। ह्यूमन बीइंग्स के ऊपर क्या इफेक्ट पड़ता है? मार्केट के ऊपर कैसे इफेक्ट पड़ता है? वो सारी चीजें हम डिस्कस करेंगे। वो आपको बहुत मजा आएगा उसमें। सी बेसिकली जरूर अ वी कैन बट द थिंग अबाउट एस्ट्रोलॉजी इज उसको आप जितना पढ़ेंगे ना और जैसे-जैसे वेरिएबल्स आपको एक्सपोज होंगे ना आप ओवरवेल्म होने का भी पॉसिबिलिटी है। बंदा सोचता है यार छोड़ ना फिबोनाची बना 38% फिर पे ले लेते बाहर खत्म हो ना वो भी सपोर्ट ही है। ठीक है? क्योंकि वो इजी है। वो उसके लिए डिज़ है। उसको सोसाइटी ने टेस्ट किया। उसको आप बैक टेस्ट कर सकते हैं। अभी मैं किसी का पडकास्ट सुन रहा था। एक बंदा बोल रहा था कि पुष्य नक्षत्र पे ये होता है या अमावस्या या पूर्णिमा में ही होता है। आई एम लाइक कि डूड [हंसी] ठीक है। टाइम भी अगर हम बोले तो उसको पंचांग पंचांग बोलते हैं जो हम योग वार नक्षत्र करण तिथि उसमें तूने तिथि में भी सिर्फ पूर्णिमा जाके चूज़ किया। हाउ कम ठीक है। नक्षत्र योग वार करण नक्षत्र तिथि नक्षत्र इज़ वन ऑफ़ दोज़ एलिमेंट। और उस एलिमेंट में तुमने सिर्फ पुष्य नक्षत्र चूज़ किया। वो कैसे? हम फिर व्हाट अबाउट पुष्य विद पूर्णिमा इन चतुर्थी यह भी तो कॉम्बिनेशंस इतने सारे हैं उसके तो कितने 43 लाख 20000 कॉम्बिनेशंस आपके बन जाएंगे जिसको हम फिर एक युग बोलें ठीक है तो इतने कॉम्बिनेशंस हैं उसके तो इसलिए बंदा ओवरवेल्म भी हो सकता है। सो आई वुड जभी भी हम इस विषय पे डिस्कस करेंगे वी हैव अ लॉट टू टॉक एंड लर्न एंड डेफिनेटली वी कैन सी बट पहले हम एक बार रिस्पोंस चेक करेंगे कैसा रहा फिर हम उसके बाद फॉर श्योर फॉर श्योर फॉर श्योर साहिल भाई एक लास्ट चीज मैं आपसे पूछना चाहूंगा इट वाज़ अ रियली ग्रेट पॉडकास्ट मुझे खुद खुद इतनी चीजें देखने को मिली सुनने को मिली और मतलब ना मुझे ऐसा लगता था अभी तक कि मैं तो बहुत सारी चीजें भी कर रहा हूं लाइफ में बट जो आपने बोला ना उससे मुझे एक नया टेंजेंट मिला है लाइफ को एक्सप्लोर करने का एक एडवाइस आज का एक बंदा जो 18 से 30 साल के बीच में ट्रेडिंग करना चाहता है या लाइफ में सक्सेसफुल होना चाहता है। आप उसे क्या एडवाइस दो? मैं बोलूंगा मार्केट मतलब मार्केट में आपका वैसा ही होना चाहिए जैसे मंदिर में पुजारी का एटीट्यूड है। हम ठीक है? रूल्स ब्रेक नहीं करने हैं। बिहेवियर क्या है? वो डिफाइन करना है। और अपने आप को हमेशा बोलना है हाउ डू आई बिहेव लाइक अ गुड पर्सन इन द मार्केट। बस यही आपने फोकस करना है। अगर आप एक स्पेकुलेटिव इंस्ट्रूमेंट लाइक ऑप्शन या फ्यूचर लेते हो, उसका पावर उसका प्रॉफिट है। लेट इट रन। अगर आप एक दूसरा इंस्ट्रूमेंट लेते हो लाइक जैसे ऑप्शन राइटिंग है, उसमें एक रिस्क है कि कहीं वो भाग गया ना दूसरे साइड पे इट विल डिस्ट्रॉय यू। तो इमीडिएट क्लोज। अगर इक्विटी है, उसका पावर है कि वो आपको डिविडेंड देता रहेगा। कंपाउंड हो सकता है। उसको एक डीप एसएल के साथ लिए। आप कौन सा इंस्ट्रूमेंट ट्रेड कर रहे हैं? यह बहुत मैटर करता है। आप कितने कैपिटल से और मैं बस एक चीज़ बोलना चाहूंगा। देखिए एसटीटी बढ़ना, लॉट साइज बढ़ना यह हमारे लाइफ का रियलिटी है। [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] आई लव एफएओ ट्रेडिंग और मैं जानता हूं कि जो व्यूअर यहां तक बैठा हुआ देख रहा है इवन ही और शी लव्स एफएओ ट्रेडिंग। बट इट इज पॉसिबल कि शायद 500 में ये रियलिटी नहीं होगा। तो इस वीडियो के बाद अपने आपको बस यही बोलिए कि मैं भारत का बेस्ट इक्विटी ट्रेडर बनूं। क्योंकि मैं आपको लिख के देता हूं इंडिया का बेस्ट इक्विटी ट्रेडर गरीब नहीं हो। वह अरबपति हो सकता है। तो हमारा फोकस होना चाहिए मार्केट के साथ रहने का। जो हमारा कैपिटल है उसके हिसाब से और जो हम करें उसमें बेस्ट बनने का। तो अगर आपके पास पैसा कम है इक्विटी में आइए। [गला साफ़ करने की आवाज़] अपना 100% दीजिए। ठीक है? ट्रीटेड लाइक कि आपने 100 करोड़ डाले हैं। ऐसा सोचिए मत कि 10,000 ही हैं। छोड़ो नहीं हुआ। ठीक है? प्रोफेशनल की तरह बिहेव कीजिए। यू नेवर नो। ब्यूटीफुल। ब्यूटीफुल साहिल भाई। [नाक से की जाने वाली आवाज़] और ये चीज के साथ मैं भी जाऊंगा और काफी चीजें हम नेक्स्ट में भी डिस्कस करेंगे। बट थैंक यू सो मच फॉर कमिंग। थैंक यू सो मच। बहुत ही सुंदर जगह है। एंड थैंक यू सो मच कि आपने ये टाइम दिया। थैंक यू। है।

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