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हेलो ट्रेडर्स एंड वेलकम बैक। सो इन दिस पर्टिकुलर सेकंड लेक्चर ऑफ दिस पर्टिकुलर इंट्राडे ट्रेडिंग सीरीज आज हम बात करेंगे प्राइस एक्शन इंट्राडे स्ट्रेटजी के बारे में। क्या होता है प्राइस एक्शन? प्राइस एक्शन के बारे में समझेंगे और इस स्ट्रेटजी को कैसे आप यूज़ करके मार्केट में अच्छे ट्रेड्स यहां पे कर सकते हो। अच्छे आरओआई वगैरह आप जनरेट कर सकते हो। तो मैं आप लोग के साथ बहुत सारे मेरे लाइव ट्रेड के जो मैंने पर्सनली कुछ ट्रेड्स लिए हुए हैं इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी के बेस पे वो सारे एग्जांपल्स आप लोग के साथ भी शेयर करूंगा कि मैंने क्यों ट्रेड को लिया था। क्या लॉजिक था उस पे सारी चीजें मैं आप लोग के साथ इस पर्टिकुलर वीडियो में शेयर करने वाला हूं। सबसे पहले समझेंगे प्राइस एक्शन क्या होता है और प्राइस एक्शन। ट्रेडिंग में हम कैसे इसको यूज़ करके आगे जाके अह कैसे हम ट्रेडिंग में इसको यूज़ करके आगे जाके प्रॉफ़िट्स वगैरह जनरेट करेंगे। और अच्छे ट्रेड्स, क्वालिटी ट्रेड्स यहां पे हम लेंगे। ठीक है? तो प्राइस एक्शन का सबसे पहला मतलब है दैट इज़ प्राइस एक्शन इज़ अ मूवमेंट ऑफ अ सिक्योरिटीज़। सिक्योरिटी का मतलब यहां पे स्टॉक्स है। ठीक है? प्राइस एक्शन इज़ द मूवमेंट ऑफ अ सिक्योरिटीज़ प्राइस ओवरटाइ। तो जो स्टॉक्स वगैरह के प्राइस हम देखते हैं कैंडल्स के थ्रू जो फॉर्मेशन होता है तो उसको रीड करना उस पर्टिकुलर प्राइस के एक्शन को जो स्टॉक में कैंडल्स का फॉर्मेशन होता है उसके एक्शन को रीड करना और उसका फ्यूचर प्रेडिक्ट करना दैट इज कॉल्ड एज द प्राइस एक्शन। प्राइस एक्शन इज़ द मूवमेंट ऑफ अ सिक्योरिटीज़ प्राइस ओवरटाइम। इट्स द बेसिस फॉर टेक्निकल एनालिसिस व्हिच इज द प्रैक्टिस ऑफ यूजिंग पास्ट प्राइसेस टू मेक ट्रेडिंग डिसीजंस कि भाई हम पास्ट में जो भी उस पर्टिकुलर कैंडल्स के थ्रू या फिर प्राइस जो चार्ट का फॉर्मेशन है उसका पास्ट का डाटा हम रीड करके आगे क्या यहां पे पॉसिबिलिटी ट्रेडिंग में हमें दिखाई दे सकती है ये सारी चीजें हम प्रेडिक्ट करते हैं एनालाइज़ करते हैं और उसी के बेस पे हम यहां पे ट्रेड लेते हैं। ठीक है? तो इस बेसिक इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी में हम यहां पे कुछ रूल्स हैं, कुछ नियम कानून होते हैं। हर एक स्ट्रेटजी के, कुछ रूल्स एंड रेगुलेशंस होते हैं कि आपको ये ये चीजें प्रॉपर्ली फॉलो करनी पड़ेंगी। तो इसके बारे में हम बात करने वाले हैं। ठीक है? सो, द फर्स्ट पॉइंट इज़ निफ्टी 500 स्टॉक्स। नाउ व्हाट इज़ द मीनिंग ऑफ़ NFT 500 स्टॉक्स? तो बेसिकली आपको ऐसे स्टॉक्स पर ट्रेड करना है जो निफ्टी 500 को बिलॉन्ग करते हैं। देखो लगभग हमारे इंडियन स्टॉक मार्केट में अब 5000 से लेके 6 7000 के आसपास कंपनीज़ लिस्टेड हैं। मतलब स्टॉक्स इतने सारे कंपनीज़ बीएसई और एनएससी पे लिस्टेड हैं। एक्सचेंजेस पर लिस्टेड हैं। लेकिन इसमें से कुछ ही ऐसी गिनीचुनी कंपनीज़ हैं जो स्टेबल बिज़नेसेस वाली हैं जो सालों से चलती आ रही हैं। इस पे कुछ प्रमोटर्स की या ऑपरेटर्स की या फिर इंसाइडर ट्रेडिंग जैसी कोई चीज नहीं होती है। और ऐसा भी नहीं है कि डेली अपर सर्किट लोअर सर्किट जैसी चीज लगे। तो इन सब चीजों से बचने के लिए हम क्या करेंगे कि हमें ऐसे बिनेसेस को ढूंढना है। मतलब ऐसे स्टॉक्स को ढूंढना है जिस पे लोअर सर्किट अपर सर्किट जैसी चीज हमें देखने के लिए ना मिले। मतलब कि भाई बार-बार लोअर सर्किट लग रहा है, अपपर अपर सर्किट लग रहा है या फिर न्यूज़ आई तो 20% गिर गया। ये सारी चीजें नहीं होनी चाहिए। ठीक है? दैट इज व्हाई हमें ऐसे कंपनीज़ या बिनेसेस के स्टॉक्स चाहिए हैं जो स्टेबल हो जिस पे प्राइस एक्शन अच्छा हो। ऐसा ना हो कि गैप अप गैप डाउन बहुत ज्यादा डेली बेसिस पे होती है। इन सब चीजों को हमें अवॉइड करना है। ठीक है? सो द फर्स्ट पॉइंट इज़ निफ्टी 500 स्टॉक्स। तो हम निफ्टी 500 जो टॉप 500 कंपनीज़ हैं, हम उन्हीं के स्टॉक्स को यूज़ करके इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी को इंप्लीमेंट करेंगे। वो कौन से स्टॉक्स वगैरह कैसे निकालेंगे वो स्क्रीनर भी मैं आप लोग को अभी शेयर करूंगा। ठीक है? देन द सेकंड पॉइंट इज 1 मिनट टाइम फ्रेम। मतलब अब टाइम फ्रेम भी ऑफ कोर्स फिक्स्ड होता है। तो इस पर्टिकुलर प्राइस एक्शन स्ट्रेटजी में हम 1 मिनट टाइम फ्रेम का यूज़ करेंगे। मतलब सिर्फ 1 मिनट का ही टाइम फ्रेम हम लेंगे ट्रेड करने के लिए। 3 मिनट्स भी नहीं, 5 मिनट, 15 मिनट्स कुछ भी नहीं। ओनली 1 मिनट टाइम फ्रेम। ठीक है? देन ट्रेंडिंग स्टॉक्स। ट्रेंडिंग स्टॉक्स इन द सेंस कि जो उस पर्टिकुलर डे के लिए फॉर एग्जांपल अगर आज जैसे मंडे है। मैं मंडे को ट्रेड करने बैठा हूं। तो मंडे को मुझे यह देखना है कि ट्रेंडिंग स्टॉक्स कौन-कौन से हैं। ट्रेंडिंग इन द सेंस यह बस नहीं कि ऊपर जाए। अगर नीचे भी गिर रहा है तो इट इज़ आल्सो अ ट्रेंडिंग। बोलेंगे कि भाई जो बहुत ज्यादा अपसाइड मोमेंटम करे या जो बहुत ज्यादा डाउन साइड मोमेंटम करे। देन फिर हमें जो स्टॉप लॉस लेना है वो फिक्स्ड 1.5% का स्टॉप लॉस लेना है। मैं 1.5% का स्टॉप लॉस क्यों बोल रहा हूं? ये सारी चीजें मैं आगे जाके एक-एक पॉइंट अभी यहां पे इन डिटेल एक्सप्लेन करूंगा। देन द फिफ्थ पॉइंट इज़ डिसिप्लिन। नाउ व्हाई आई एम सेइंग डिसिप्लिन? बिकॉज़ देखो आपको स्ट्रेटजी में देखो जैसा कि मैंने फर्स्ट क्लास में शेयर किया था कि स्ट्रेटजी पहले से सभी लोगों को आती हैं। लेकिन फिर भी प्रॉफिट्स रेगुलर बेसिस पे करना बहुत ज्यादा डिफिकल्ट होता है। रीज़न डिसिप्लिन लैक ऑफ डिसिप्लिन। एंड दैट इज़ व्हाई जो भी मैं आप लोग को इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी में बताऊंगा जो भी रूल्स एंड रेगुलेशंस बताऊंगा वैसे हम फर्स्ट क्लास में डिस्कस कर चुके हैं वो प्रॉपर्ली आप जब फॉलो करोगे स्ट्रांग माइंडसेट के साथ तब जाके आप इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी से अच्छे ट्रेड्स यहां पे ले पाओगे। देन द लास्ट पॉइंट इज़ दिस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी जो है यह होने वाली है। इसमें आप लॉन्ग साइड की पोजीशन और शॉर्ट साइड की। मतलब आप स्टॉक को बाय करके भी ट्रेडिंग कर सकते हो। तो सेल करके भी यहां पे आप प्रॉफिट्स वगैरह इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी के बेसिस पे ट्रेड्स ले सकते हैं। सबसे पहले हमें क्या देखना है कि हमें ऐसे स्टॉक्स को पिक करना है जो ट्रेंडिंग स्टॉक्स हैं। ठीक है? अब इसके लिए कोई टाइम सेट नहीं है कि आपको 9:00 बजे 9:05 या फिर 9:55 या फिर 10:30 11 12 ऐसा कुछ भी टाइम फिक्स नहीं है। आप अगर 9:15 पे एक्टिव हो। आप 9:15 पे भी आपको अपॉर्चुनिटी वैसे तो नहीं मिलेगी। ऑफ कोर्स लगभग 9:30 के बाद ही आपको ऐसी अपॉर्चुनिटी मिलेगी। क्यों? क्योंकि कम से कम 15 मिनट तो हमें मार्केट को देना पड़ेगा ताकि वो सेटल हो जाए। कोई भी गैप अप गैप डाउन जैसी ओपनिंग है तो या कोई न्यूज़ का इफेक्ट है तो वो सब सेटल डाउन हो जाए। उसके बाद ही उसके बाद ही फिर हम इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी में ट्रेड करेंगे। तो हमें वेट करना है 9:30 का। 9:30 के बाद से फिर हमें ऐसे स्टॉक्स को पिक करना है जिस पे कुछ इस प्रकार का मोमेंटम बने। अब यहां पे आपको क्या समझ में आएगा? देखो। कि स्टॉक क्या कर रहा है? एक अच्छे खासे यहां पर अपसाइड मोमेंटम्स को यहां पर शो कर रहा है। राइट? क्या कर रहा है? एक अच्छे खासे प्राइस एक्शन के साथ ट्रेंड में है स्टॉक। ट्रेंड में है स्टॉक। मतलब क्या कर रहा है स्टॉक? हायर हाईज़ बनाते जा रहा है। क्या कर रहा है? हायर हाईज़ बनाते हुए हायर हाईज़ और लोअर हाईज़ बनाते हुए स्टॉक अच्छा खासा अपसाइड मोमेंटम कर रहा है। और हमें ये देखना है कि स्टॉक कम से कम 3% मूव किया हो। कितना मूव किया हो? कम से कम 3% का मोमेंटम हमें दिखना चाहिए स्टॉक में। मतलब मेरा ये है कि स्टॉक अगर 3% तक मूवमेंट करे मिनिमम तब जाके आप उस पे ट्रेड पंच कर सकते हो। जैसे ये हो गया इसका बॉटम। हम इसको क्या बोलेंगे? ये हो गया इसका बॉटम और ये हो गया इसका टॉप। ठीक है? अब बॉटम कैसे पता चला? तो जहां से बेसिकली रैली स्टार्ट हुई है। और टॉप कैसे पता चला? जहां पे रैली खत्म हो गई है वहां से प्राइस एक्शन नीचे आने लगेगा स्टॉक या फिर प्रॉफिट बुकिंग जैसी चीज़ हमें एक्सपीरियंस करने को यहां पे मिलेगी। तो हमें बॉटम से लेके टॉप तक यह मेजर करना है कि ये जो टोटल रैली है ये मिनिमम ये मिनिमम 3% होनी चाहिए। मैक्सिमम कितनी भी हो डजंट मैटर। बट मिनिमम इट शुड बी 3%। ठीक है? और एग्जांपल्स के साथ मैं आपको यहां पे एक्सप्लेन करता हूं। अब यहां पे एक एग्जांपल है आपके सामने। ने मैं रियल अभी एग्जांपल भी दूंगा जो मैंने ट्रेड्स लिए हुए हैं। अब यहां पे क्या हुआ है? आप क्या एक्सपीरियंस कर रहे हो यहां पे कि स्टॉक अच्छे मोमेंटम पे है। हायर हाईज़ बनाते हुए ऊपर गया स्टॉक। उसके बाद क्या कर रहा है? देखो इसके पीछे का लॉजिक पहले मैं आपको एक्सप्लेन करता हूं कि इसके पीछे क्या साइकोलॉजी है। तो सबसे पहले लॉजिक समझेंगे। देखो जब ये रैली आई है स्टॉक में जिस तरीके का यह मोमेंटम हमें स्टॉक में दिखाई दे रहा है। यह मोमेंटम क्यों है यहां पे और किसकी वजह से आया है? तो कहीं ना कहीं प्रमोटर्स हैं उसमें। ठीक है? प्रमोटर्स हैं या तो फिर ऑपरेटर्स हैं, ठीक है? या एचएआई हैं। एचएआई मतलब हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स हैं जो यहां पे क्या करना चाह रहे हैं? बेसिकली जिसको स्टॉक में बहुत इंटरेस्ट है इसलिए वो स्टॉक को ऊपर ले जा रहे हैं। कहीं ना कहीं उनको ये बिज़नेस अच्छा लग रहा है और पर्टिकुलर डे के लिए उनको अच्छा मोमेंटम चाहिए। तो वो बहुत अच्छी क्वांटिटीज बाय करेंगे। सो दैट स्टॉक ऊपर जाए। ठीक है? अब इतनी रैली के बाद अब कुछ ना कुछ ऐसे एचएआई या पर्टिकुलर ट्रेडर्स होंगे जिसको यह प्रॉफिट मिला होगा। ठीक है? कि भाई अच्छा खासा मूवमेंट स्टॉक ने कर दिया है। अब थोड़ा प्रॉफिट बुक कर लिया जाए। तो कुछ ऐसे ट्रेडर्स होंगे जो अपना प्रॉफिट इस पर्टिकुलर ट्रेड में बुक कर लेंगे। क्या करेंगे? ट्रेड में अपना प्रॉफिट यहां पे बुक कर लेंगे। ठीक है? अब जैसे ही वह प्रॉफिट यहां पे बुक करेंगे तो क्या होगा? थोड़ा सा स्टॉक यहां पे रैली अपनी खत्म करके साइडवेज में चलना स्टार्ट करेगा। राइट? लेकिन अभी भी यहां पे कुछ ऐसे प्लेयर्स या ट्रेडर्स हैं जो अभी भी स्टॉक को ऊपर ले जाना चाहते हैं। अगर उनको डंप कराना रहेगा कि प्रॉफिट बुकिंग करनी हैवी तो क्या होगा? स्टॉक धीरे-धीरे धीरे-धीरे करके नीचे आते जाएगा। लेकिन अभी भी उनको अगर ट्रेड को ऊपर ले जाना है कि स्टॉक में अभी भी रैली करानी है तो फिर ये साइडवेज का मूवमेंट कुछ इस तरीके से स्टॉक में हमें देखने के लिए मिलेगा। और ये जो मूवमेंट है स्टॉक में दिस पर्टिकुलर मूवमेंट हमें इसी को पकड़ना है। हमें ऐसे स्टॉक्स को पिक करना है जो अच्छे खासे मूवमेंट के बाद थोड़ा बहुत प्राइस एक्शन करें साइडवेज में या फिर मूवमेंट के बाद एक पर्टिकुलर हल्ट करें और फिर हम उस पे एंट्री करके अपना ट्रेड वगैरह यहां पे प्लान करें। तो दिस अह बेसिकली दिस इज़ हाउ वी हैव टू प्लान आवर ट्रेड। ठीक है? अब यहां पे क्या हो रहा है कि हमने एक अच्छे रैली वाले स्टॉक को यहां पे पकड़ लिया है। रैली वाले स्टॉक इन द सेंस जिस पे कम से कम अच्छा 3% का मूव मूवमेंट यहां पे आया हुआ है। और जैसे ही स्टॉक ने यहां पे साइडवेज में ट्रैवल करना स्टार्ट किया। अब स्टॉक को ढूंढेंगे कैसे? तो स्क्रीनर पे मैं अभी जाके बताऊंगा। पहले प्राइस एक्शन को समझिए कि प्राइस एक्शन को कैसे हमें कैप्चर करना है। ठीक है? इस मूवमेंट के बाद आप यहां से क्या एक्सपीरियंस करोगे कि एक रेजिस्टेंस ज़ोन यहां पे आपको बनता हुआ दिखाई देगा। मतलब एक ऐसा पॉइंट जहां पे स्टॉक क्या कर रहे हैं? रेजिस्टेंस फेस कर रहे हैं। मतलब इस पर्टिकुलर पॉइंट से स्टॉक्स रेजिस्टेंस फेस करके नीचे आ रहे हैं। मतलब यहां पे कोई ना कोई सेलर है जो स्टॉक को ऊपर नहीं जाने दे रहा है। और यहां पे कौन है? बयरर्स हैं जो स्टॉक को नीचे नहीं जाने दे रहा है। जिसकी वजह से क्या कर रहा है? स्टॉक यहां पे सपोर्ट ले रहा है। नाउ अब ये बयरर्स और सेलर्स के बीच की लड़ाई है। ठीक है? अब जो यहां पे जीतेगा उस ट्रेंड में जो है स्टॉक मूव करेगा। फॉर एग्जांपल अगर सेलर्स जीतते हैं तो स्टॉक कहीं ना कहीं ब्रेकडाउन करके नीचे आ जाएगा। बयरर्स यहां पे हैवी रहेंगे तो स्टॉक धीरे-धीरे करके ऊपर जाएगा। लेकिन आप क्या देखोगे यहां पे? ये पर्टिकुलर ब्रेकआउट कैंडल अब जैसे ही आपको यह पर्टिकुलर ब्रेकआउट कैंडल देखने के लिए मिलती है। जैसे ही आपने ये देखा कि यहां पे बहुत अच्छी कैंडल इस पर्टिकुलर रेजिस्टेंस ज़ोन को ब्रेक कर चुकी है। जैसे ही इसने रेजिस्टेंस को ब्रेक किया, जैसे ये रेजिस्टेंस यहां पे फॉर्मेशन है। ठीक है? तो आपको यह वेट करना है कि कैंडल की बॉडी ये जो कैंडल की फुल बॉडी होती है ये ये जो पतली सी लाइन होती है इसको हम बोलते हैं फिक्स लेकिन ये जो फुल होता है इसको हम बोलते हैं बॉडी तो ये बॉडी रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर कुछ इस तरीके से जब क्लोजिंग करे तो हमें क्या करना है इस पर्टिकुलर कैंडल के हाई पे एंट्री प्लान करनी है यहां पे क्या करना है हमें इस पर्टिकुलर कैंडल के हाई पे हमें यहां पे एंट्री प्लान करनी है बेसिकली गॉट माय पॉइंट लेट्स मी अह लेट मी एक्सप्लेन यू विथ द रियल एग्जांपल नाउ तो यहां पे आप देख सकते हो कि मैंने एक ट्रेड लिया हुआ था केfिन टेक्नोलॉजीes में ऑन 11th ऑफ़ फब और इस पे हमने लगभग 28,000 के आसपास का रनिंग प्रॉफिट हमने बुक किया था। ठीक है? रनिंग नहीं मतलब नेट रियलाइज़्ड प्रॉफ़िट है कि हमने इसको ₹28,000 का इस पे प्रॉफ़िट बुक किया था Kfin Tech ऑन 11th फ़ब। अब 11th फ़ के हम एग्जांपल के साथ समझते हैं कि मैंने इस ट्रेड को क्यों पंच किया था। सेम स्ट्रेटजी जो स्ट्रेटजी मैं आपको अभी बता रहा हूं उसी स्ट्रेटजी के बेस पे हमने इस पर्टिकुलर ट्रेड को पंच किया था। ध्यान से देखिएगा। ठीक है? सबसे पहले हमें क्या देखना है? क्या जो हम बात करते आ रहे हैं अभी कि एक ट्रेंडिंग मूवमेंट अब चाहे वो अपसाइड का हो। ठीक है? चाहे वो डाउन साइड का हो। हमें ट्रेंडिंग मूवमेंट मिलना चाहिए। और वो हमें यहां पे स्टॉक में देखने के लिए मिला। स्टॉक क्या कर रहा है? स्टार्टिंग से ही अच्छा फॉल करते जा रहा है। धीरे-धीरे फॉल करते जा रहा है। थोड़ा सा यहां पे इसने ट्राई किया हल्ट करने का लेकिन उसके बाद भी नहीं संभला और फिर नीचे आते जा रहा है। ठीक है? अब जैसे ही स्टॉक नीचे आता है तो हमें ये देखना है कि ये थोड़ा साइडवेज में कंसोलिडेशन करे। कम से कम 10 मिनट तो यह साइडवेज में जैसे ही कंसोलिडेशन करता है तो फिर हमें एक सपोर्ट की ट्रेंड लाइन वगैरह यहां पे ड्रॉ करनी है। और अगर जैसे ही अपसाइड का मूवमेंट कर रहा है तो फिर हमें देखना है कि ये इस तरीके का एक रेजिस्टेंस ड्रॉ करे और कम से कम 10 मिनट तो ये साइडवेज वाला मूवमेंट हमें देखने के लिए मिले। मिनिमम 10 मिनट्स तभी जाके अच्छा प्राइस एक्शन होगा। नहीं तो यह प्राइस एक्शन ज्यादा काम यहां पे नहीं करेगा। ठीक है? सेम मूवमेंट जो अभी हम पढ़ते आ रहे हैं जो अभी मैंने आपको एक्सप्लेन किया। सेलिंग प्रेशर हल्ट किया। इस पर्टिकुलर पूरे ज़ोन में स्टॉक साइडवेज में चल रहा है। अब ये साइडवेज में चलने का रीज़न क्या है? क्योंकि कहीं ना कहीं यहां पे बायरर्स ट्राई तो कर रहे हैं स्टॉक को ऊपर ले जाने का लेकिन दे आर फेलिंग इन द पर्टिकुलर कि भाई स्टॉक को ऊपर ले जाया जाए और सेलर्स यहां से हावी होते हैं और स्टॉक को इस पर्टिकुलर पॉइंट से ब्रेकडाउन कराते हैं। अब जैसे ही स्टॉक ब्रेकडाउन करता है। ठीक है? ब्रेकडाउन इन द सेंस कि सपोर्ट को ब्रेक करता है। तो हमें देखना है कि कैंडल वगैरह अच्छे से क्लज़ करे। तो जैसे ही कैंडल क्लोज करती है आपको इसके बॉटम पे आपको इसके बॉटम प्राइस पे क्या करना है? एंट्री कर लेनी है। जैसे ही स्टॉक इस तरीके से नीचे ब्रेकडाउन करता है अपने सपोर्ट्स को क्योंकि इसने देखो मल्टीपल टाइम्स यहां पे देखो मल्टीपल टाइम्स यहां पे देखो यहां पे भी देखो सपोर्ट लिया। यहां पे भी सपोर्ट लिया। जैसे ही ब्रेकडाउन किया आपने इस पर्टिकुलर पॉइंट पे यहां पे एंट्री बनाई और इस पर्टिकुलर पॉइंट पे आपने क्या किया? स्टॉक को सेल कर दिया। सेल कर दिया मतलब कि भाई अब स्टॉक में क्या होगा बेसिकली कि ब्रेकडाउन आ सकता है क्योंकि सेलिंग का प्रेशर कंटिन्यू है थोड़ा सा होल्ट करेगा बायरर्स आएंगे बीच में लेकिन इनके भी स्टॉप लॉस हिट करके स्टॉक नीचे जाएगा ठीक है इस बेस पे कुछ हम ये पर्टिकुलर ट्रेड पंच करने वाले हैं अब हमें करना क्या है एंट्री और उसके पहले मैं आपको यह बता दूं कि कौन सा स्क्रीनर हम इस पे यूज़ करेंगे। ठीक है? सो जो हमारे स्क्रीनर का नाम है वो आप लोग ऑलरेडी आप लोग को पता होगा। आप लोग YouTube पे देखते आ रहे हो। तो स्क्रीनर का नाम है स्टॉकेज। वैसे मैं sanx भी यूज़ करता हूं कभी-कभी धन का बट यह थोड़ा सा ज्यादा इजी है और इसका इंटरफ़ेस थोड़ा सा समझने में आसान होता है। ठीक है? अब आपको यहां पे क्या दिखेगा कि यहां पे आपको जो पहला ऑप्शन है मार्केट। मार्केट के ऑप्शन थर्ड नंबर पे आपको राइट साइड में दिखेगा ट्रेंडिंग स्टॉक्स। क्या दिखेगा आपको यहां पे? ट्रेंडिंग स्टॉक्स। ठीक है? अब आपको यहां से यह देखना है कि यहां पे कौन-कौन से स्टॉक्स हैं जो अच्छे खासे अपसाइड और डाउन साइड के मोमेंटम के साथ हैं। यहां पे आपको गेनर्स और लूजर्स दोनों देखने के लिए मिल जाएंगे। लेकिन इसके थर्ड पॉइंट पे आपको एक ऑप्शन दिखेगा ये फ़्टर का ऑप्शन। इस फ़्टर के ऑप्शन पे जब आप क्लिक करोगे, ये जो फ़्टर का ऑप्शन है इस पे। ठीक है? इस पे क्लिक करने के बाद आपको यहां पे मल्टीपल ऑप्शंस दिखेंगे। आपको यहां से सेलेक्ट करना है NFT 500। राइट? जो मैं अभी बात कर रहा था कि NFT 500 के स्टॉक्स को बेसिकली हमें सेलेक्ट करना है। तो आपने NFT 500 के स्टॉक्स को क्या किया? यहां से आपको इस पे क्लिक कर देना है। अब जैसे ही आप इस पे क्लिक करोगे तो अब आपके सामने गेनर्स और लूजर्स में कौन से स्टॉक्स आएंगे जो बेसिकली क्या है यहां पे? NFT 500 के स्टॉक्स हैं। लूजर्स में जैसे KEC International हो गया, पॉलिसी बाज़ार हो गया, BFG ये आ गए। आपके गेनर्स में कौन से स्टॉक्स आ गए? Mangor रिफाइनरी है, Godder Flips है, ITI यू Minda तो ये सारी NFT 500 की कंपनीज़ हैं। स्टेबल कंपनीज़ हैं। ठीक है? और हमें इनमें क्या देखना है कि जो स्टॉक का मूवमेंट है वो मिनिमम हम कितना पढ़ रहे थे कि मिनिमम 3% मूवमेंट होना चाहिए। तो, यहां पे तो आप देखो सभी स्टॉक्स का काफी अच्छा मूवमेंट आपको यहां पे दिखाई देगा। ठीक है? सो, दिस इज़ द थिंग कि हमें यहां से स्टॉक्स वगैरह फ़्टर आउट करने में आसानी होगी। और जब निफ़ी पॉजिटिव है। अब देखो एक बात भी है कि जब आप यह डिसाइड कैसे करोगे कि गेनर्स ले कि लूज़र्स जब निफ्टी का जैसा व्यू है उसके हिसाब से आपका डिसीजन रहेगा। मान लो निफ्टी 50 पॉइंट्स ऊपर है तो आप क्या करोगे? आप यहां पे गेनर्स वाले स्टॉक्स में से आप ढूंढोगे कि किस स्टॉक में ये प्राइस एक्शन वाला सेटअप यहां पे बन रहा है। ठीक है? मान लो निफ़ी नेगेटिव है। 50 पॉइंट अगर फॉर एग्जांपल निफ़ी जैसे नीचे हो जाता है, तो फिर आपको क्या करना है? यहां से आपको निफ़ी लूज़र्स वाले स्टॉक्स को पिक करना है कि इनमें को कौन से ऐसे स्टॉक है जहां पे सेलिंग साइड का कुछ इस तरीके का प्राइस एक्शन हमें दिखाई दे। तो निफ़ी के व्यू पे डिपेंड करेगा कि हम लॉन्ग पोजीशन बनाएंगे या फिर शॉर्ट पोजीशन। दिमाग में ये क्वेश्चन भी आना चाहिए कि सर जैसे BFG है इसका तो सेक्टर अलग है। ठीक है? और फिर जैसे गेनर्स हैं तो यहां पे गोfफ्रेips का सेक्टर अलग है। यहां पे आईटीआई का सेक्टर अलग है। तो ये तो निफ्ट्टी 50 को बिलॉन्ग नहीं करते हैं। फिर हम निफ्ट्टी 50 क्यों देख रहे हैं? तो देखो निफ्टी का इंडेक्स देखने का रीज़न ये है कि हमें ट्रेंड का पता चल सके कि व्हाट इज़ द पर्टिकुलर डायरेक्शन ऑफ़ द मार्केट कि भाई किस टाइप से किस पर्टिकुलर पॉइंट पे कहां ट्रेंड जा रहा है। ऐसा भी होगा कि हमारे ट्रेड लेने के बाद निफ़ी अह अपोजिट डायरेक्शन पे जा सकता है। बट वो एक अलग केस है कि हमने एंट्री बना ली। हमने अपना स्टॉप लॉस लगा दिया। नाउ इट इट टोटली डिपेंड्स ऑन द मार्केट कि अब हमें क्या रिजल्ट मिलता है। लेकिन निफ़ी पॉजिटिव है तो गेनर्स वाले स्टॉक, निफ़ी नेगेटिव है तो लूज़र्स वाले स्टॉक। ठीक है? चलो, अब आपको यहां पे जैसे आपको फॉर एग्जांपल निफ्टी नेगेटिव था और आपने स्टॉक भी यहां पे पिक कर लिया जिसमें ब्रेकडाउन आ गया। अब आपको यहां पे सेल सेलिंग साइड की पोजीशन बनानी है। तो सेलिंग साइड की पोजीशन के लिए देखो आप वेट कर सकते हो कि कैंडल पूरी क्लोज हो जाए। पहली चीज यह है। लेकिन जब आप धीरे-धीरे ट्रेड करोगे, आपको एक्सपीरियंस होता जाएगा। तो, आप धीरे-धीरे समझ जाओगे कि अगर ब्रेकडाउन आ रहा है और थोड़ी सी बड़ी कैंडल आपको दिखाई दे रही है, तो आप उस ब्रेकडाउन रनिंग कैंडल पे भी ट्रेड अपना पंच कर सकते हो। ठीक है? अब जैसे यहां पे हम क्या करेंगे? फॉर एग्जांपल, मैं चलो कैंडल क्लोजिंग का ही लेता हूं कि कैंडल क्लोजिंग पे आपने ट्रेड पंच किया और आपको यहां से 1.5% का स्टॉप लॉस देना है। कितने परसेंट का? एंट्री पॉइंट से आपको यहां से 1.5% का स्टॉप लॉस देना है। मतलब 1.50 पहला तरीका यह है। मैं दोनों तरीके बताऊंगा कि मैं किस बेस पे ट्रेड कर रहा हूं। आप पहला तरीका क्या है? आप 1.50 का यहां पे क्या देख सकते हो? टारग स्टॉप लॉस दे सकते हो। और पहले आपको 1:1 ही मैनेज करना है। अब देखो दूसरा तरीका क्या है ना कि स्टॉप लॉस लगाने के लिए सबसे पहला काम आप क्या करो? 1.5% का स्टॉप लॉस लगा दो कि भाई अह जो आपकी एंट्री लेवल है मतलब जैसे यहां आपने एंट्री की तो यहां से 1.5% कहां तक आ रहा है वहां तक आपने स्टॉप लॉस अपना लगा दिया कि भाई अगर ट्रेड इस तरीके से कुछ ऊपर गया तो आप यहां पे लॉस बुक करके अपना निकल जाओगे। ठीक है? अपने आप अपना लॉस बुक हो जाएगा। लेकिन मैं अब क्या करता हूं? जैसे देखो अब थोड़ा-थोड़ा जब आपको मार्केट में टाइम हो जाता है आप थोड़ा एक्सपीरियंस हो जाते हो क्योंकि डेली जब आप एक ही काम करते हो तो आपको ऑटोमेटिकली उसकी बहुत सारी चीजें समझ में आने लगती हैं। तो फिर आप क्या कर सकते हो कि आप प्रीवियस स्विंग हाई पे स्टॉप लॉस रख सकते हो। जैसे मैं यहां पे स्टॉप लॉस रख सकता हूं। ठीक है? मैं इस पर्टिकुलर स्विंग हाई पे स्टॉप लॉस रख सकता हूं। क्योंकि ये एक ऐसा पॉइंट है जहां से सेलर्स को रिजेक्शन मिला है और उसके बाद स्टॉक नीचे जाते गया है। तो ये परफेक्ट प्लेस है स्टॉप लॉस रखने के लिए। तो कुछ इस तरीके से मैं अब फॉलो करता हूं। हूं। लेकिन अगर आप एक बिगिनर हो तो पहले 1.5% वाला रूल आप इंप्लीमेंट करो। फिर जैसे-जैसे आपको उसमें एक्सपीरियंस होते जाता है। जैसे-जैसे आपको उसमें नॉलेज होते जाएगा, प्रैक्टिस होती जाएगी, प्रॉफिट्स अच्छे होने लगेंगे, जब आपको ट्रेड्स अच्छे मिलेंगे, आपका कॉन्फिडेंस हाई होते जाएगा। फिर आपको प्रीवियस स्विंग हाईज़ पे स्टॉप लॉस रखना है। जैसे मैं अगर अभी ट्रेड करूं, तो मैं यहां पे स्टॉप लॉस रखूंगा इस प्रीवियस स्विंग हाई पे। क्यों? क्योंकि यहां से प्राइस एक्शन पूरा टूट चुका है और यहां से मैं 1:2 भी मार्क करूंगा ना तो भी बड़े आराम से मुझे ये टारगेट मिल जाएगा। ठीक है? लेकिन एक चीज जब इसमें 1 अचीव होगा जैसे 1:1 कहां पे आ रहा है? एक बार हम मार्क कर लेते हैं। ये ठीक है? यहां पे क्या हो रहा है? 1:1 का रिस्क रिवॉर्ड अचीव हो गया। मतलब अगर मेरी ₹100 की रिस्क है। फॉर एग्जांपल अगर मैंने ₹100 की रिस्क ली है तो इसके सामने क्या है? यहां पे ₹100 का ही मुझे प्रॉफिट भी हो सकता है। ठीक है? मतलब जितना रिस्क मैंने लॉस अमाउंट है मेरा यहां पे उतना ही प्रॉफिट अमाउंट भी है। अगर ₹100 की रिस्क है तो ₹100 का प्रॉफिट होगा। ₹1000 का लॉस हो सकता है तो ₹1000 का ही प्रॉफिट होगा। यह होता है 1:1 का रिस्क रिवॉर्ड। अब जैसे ही आपका 1 वन रिस्क रिवॉर्ड अचीव होता है ना, तो आपका जो स्टॉप लॉस है, आप इसको ट्रेल करके कहां रख दो? बिल्कुल एंट्री पॉइंट पे। कैसे? एंट्री पॉइंट पे। जैसे देखो 1 1 हिट हुआ। मैंने क्या किया? स्टॉप लॉस को बिल्कुल ट्रेल करके यह एंट्री पॉइंट पर रख दिया कि अब अगर स्टॉक वापस रिवर्सल करेगा भी तो मेरा कोई लॉस नहीं होना चाहिए। ठीक है? प्रॉफिट तो जाएगा हाथ से। आई टोटली अंडरस्टैंड लेकिन कोई भी लॉस तो अब नहीं होना चाहिए। और एज अ बिगिनर मैं आपको यह बोलूंगा कि आप पहले 1:1 1.5 पे प्रॉफिट्स बुक करना वगैरह सीखो। रीज़न इसका ये है कि अगर आप डायरेक्टली 1:2 के लिए वेट करोगे तो बहुत कम केसेस हैं कि जब आपको 10 में से चार बार टारगेट्स मिलेंगे। छह बार आपको ट्रेलिंग एसएल हिट होगा या तो स्टॉप लॉस हिट होंगे। दैट इज़ व्हाई आप छोटे-छोटे जब 1:1 के रेगुलर प्रॉफिट्स बुक करोगे तो आपको कॉन्फिडेंस आएगा कि यार हां आप पिछले आपने फॉर एग्जांपल 50 ट्रेड्स लिए। 50 में से आपके 35 टारगेट हिट हुए। 15 स्टॉप लॉस हिट हुए। तो आपका कॉन्फिडेंस धीरे-धीरे बिल्ट होगा। फिर आप रिस्क रिवार्ड रेशियो बढ़ाना। जैसे मैं 1 पे आपने लाइव ट्रेडिंग वीडियोस में देखा होगा कि मैं स्टॉप लॉस को ट्रेल करके फिर वेट करता हूं कि जितना और नीचे जाएगा अच्छी बात है। नहीं तो मैं 1:1 पे भी ट्राई करता हूं कि मैं बुक कर दूं। ठीक है? क्योंकि स्ट्रेटजी की एक्यूरेसी अच्छी खासी हमारी है। अगर मैं इसको बोलूं एक एवरेज तो लगभग 80% के आसपास हमारी इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी की एक्यूरेसी रहने वाली है। एंड वन मोरेंट थिंग यह सब कुछ प्रैक्टिस से होगा। एक बार में नहीं होगा कि बस आपने आज वीडियो देखी, कल से ट्रेड करना स्टार्ट कर दिया। या प्रॉफिट्स हो जाएंगे। ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। ठीक है? एग्जांपल के साथ समझते हैं जो है यहां पे Infosys। अब Infosys को भी हमने क्या किया कि लगभग 9:30 के बाद हमने अपने स्क्रीनर में जो स्टॉक एज है उसमें देखा कि Infosys टॉप लूजर्स में बना हुआ था 3% से ज्यादा फॉल के साथ। स्टॉक ने देखो कंटीन्यूअसली यहां पे फॉल किया है। बीच में ग्रीन कैंडल्स भी हैं। ट्राई किया ऊपर जाने का बट सस्टेन नहीं किया और स्टॉक फॉल करता गया। ठीक है? फिर इसने एक सपोर्ट ज़ोन फिर यहां से बनाना स्टार्ट किया। फिर स्टॉक ने क्या किया? इन पर्टिकुलर पॉइंट्स पर आप देखो सपोर्ट लिया। यहां पर सपोर्ट लिया। यहां पर भी सपोर्ट लिया। तो इन पर्टिकुलर पॉइंट्स पे आप क्या देखोगे? स्टॉक ने सपोर्ट बनाना स्टार्ट किया। फॉल किया। थोड़ा होल्ट किया। ठीक है? फॉल करने के बाद एक सपोर्ट ज़ोन बनाया और उसको ब्रेकडाउन किया सेम सेटअप पे। ठीक है? तो, हमने इसमें कैसे ट्रेड लिया था? अब ये मैंने लाइव ट्रेड लिया हुआ था। दैट वाज़ ऑन Enj Infosys सॉरी Infosys में मैंने ट्रेड लिया था जिसमें हमने 20,000 का प्रॉफ़िट बुक किया था। एंड दिस ट्रेड वाज़ टेकन ऑन 12 ऑफ़ 12th ऑफ़ मार्च। ठीक है? तो, हमने इसको सेल किया था और उसको स्क्वेयर ऑफ कर दिया था पोजीशन को। अब यहां पे सेलिंग प्रेशर कंटिन्यू था। तो, हमने सेलिंग प्रेशर पे यहां पे सेलिंग का ऑर्डर लगाया। ऑर्डर थोड़ा सा नीचे ट्रिगर हुआ था। ये उसी दिन का मार्क है। और यहां पे क्या किया? फिर हमने अपना प्रीवियस स्विंग हाई का स्टॉप लॉस रखा। हम यहां पे भी स्टॉप लॉस रख सकते हैं। यहां पे स्टॉप लॉस क्यों? क्योंकि इस पर्टिकुलर पॉइंट इसका यह सपोर्ट लेने के बाद हाई था। फिर वहां से कंटीन्यूअसली फॉल करता गया। दूसरा क्या पॉइंट हम रख सकते हैं कि 1.5% का स्टॉप लॉस 1.5% फ्रॉम द एंट्री पॉइंट। अब एंट्री पॉइंट से 1.5% अगर मैं लूं तो थोड़ा सा ऊपर यहां पे स्टॉप लॉस जाएगा। लेकिन एज अ बिगिनर मैं यही बोलूंगा प्रैक्टिस करो 1.5% के स्टॉप लॉस के साथ। थोड़ा सा बड़ा हो जाता है। आई टोटली अंडरस्टैंड कि यहां तक तो स्टॉप लॉस आ रहा है सर। लेकिन आप 1:1 तो मिनिमम फिर भी ले रहे हो। ठीक है? मैंने 1.5% पे ही प्रैक्टिस की है और बैक टेस्ट किया है कि अच्छे रिजल्ट्स मिले हैं। आपको 1:1 तक के टारगेट्स आराम से 1.5% का स्टॉप लॉस रखते हो तो भी आपको अचीव होते हुए दिखाई देंगे। ठीक है? अब जैसे आप क्या देखते हो कि 1:1 अचीव हो गया। यहां पे हिट हुआ और तुरंत आपका नेक्स्ट काम क्या रहेगा? स्टॉप लॉस को ट्रेल कर देना है उठा के बिल्कुल एंट्री पॉइंट पे। क्योंकि अब अगर स्टॉक यहां से रिवर्सल करेगा भी तो आपका नो लॉस नो प्रॉफिट होगा। लेकिन ट्राई करो कि आप अगर 1.5% का स्टॉप लॉस रखते हो तो एंट्री पॉइंट पे स्टॉप लॉस को ट्रेल करके फिर आप वेट करो। ठीक है? अदरवाइज़ मैं क्या कर रहा हूं? जैसे विद द टाइम आई विल रिपीट विद द टाइम मैं क्या कर रहा हूं कि मैं स्टॉप लॉस को प्रीवियस स्विंग हाई पे रख रहा हूं जो काफी छोटा हो जाता है। और इसके सामने फिर मैं आराम से 1:2 भी ईजीली यहां पे ट्रेड को प्लान कर सकता हूं। कुछ इस तरीके से। ठीक है? और लार्ज कैप स्टॉक जब होता है तो थोड़ा सा डिफिकल्ट होता है बड़े मूवमेंट के कैप्चर्स को यहां पे पकड़ना। ठीक है? ठीक है? सो, दिस इज़ हाउ यू हैव टू प्लान एंड यू हैव टू ट्रेड ऑन दिस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी। नेक्स्ट एग्जांपल है दिस इज़ ऑन ल्यूपन। सो, दिस ट्रेड वाज़ टेकन ऑन 13th ऑफ़ फब और ये ट्रेड था हमारा ल्यूपन पे जिसमें हमने 20,000 का लॉस बुक किया था। मैंने आपको प्रॉफिट्स वाले एग्जांपल तो दिखा दिए बट जरूरी नहीं है कि हर बार हमारा सेटअप हमें टारगेट ही देगा। तो, एक लॉस का एग्जांपल भी दिखाना बहुत ज्यादा जरूरी है। ठीक है? स्टॉक पे हमने क्या किया? स्टॉक एज पे देखा कि स्टॉक 3% से भी ज्यादा मूवमेंट के साथ अच्छे खासे अप ट्रेंड के मूवमेंट पे यहां पे रैली कर रहा था। ठीक है? फिर स्टॉक ने एज़ यूजुअल साइडवेज में थोड़ा सा कंसोलिडेशन किया और इस कंसोलिडेशन के ब्रेकआउट पे हमने एंट्री बनाई। ठीक है? इस कंसोलिडेशन के ब्रेकआउट पे हमने एंट्री बनाई। बट एज़ यूजुअल लाइव ट्रेड वीडियोज़ में आप लोग देखते होंगे कि मेरी एंट्री थोड़ी सी लेट हो ही जाती है। ठीक है? ₹24 मैं हमेशा लेट ही एंट्री करता हूं। तो इस रेजिस्टेंस ज़ोन के ब्रेकआउट पे हमने एंट्री बनाने का प्लान किया। हमारी एंट्री यहां हुई लगभग इस पर्टिकुलर पॉइंट पे और उसके बाद एंट्री करने के बाद स्टॉक ने साइडवेज में कंसोलिडेशन किया और हमारा स्टॉप लॉस यहां पे हिट हुआ। अदरवाइज़ ऐसा नहीं है कि हर बार एसएलओ बाइंग साइड का बिल्कुल नहीं। फिर हमें धीरे-धीरे टारगेट्स भी यहां पे देखने के लिए मिल जाते हैं। ठीक है? तो, दिस इज़ हाउ बेसिकली यू हैव टू प्लान द ट्रेड ऑन प्राइस एक्शन स्ट्रेटजी। कि आपको बेसिकली मूवमेंट्स को कैप्चर करना है। आपको यह देखना है कि स्टॉक में या तो बाइंग साइड के अच्छे मूवमेंट हो, थोड़ा सा हल्ट करे और ब्रेकआउट पे बाय करना है या तो सेलिंग साइड पे आपको सपोर्ट वगैरह ब्रेकडाउन पे सेल करना है। दिस इज़ हाउ बेसिकली यू हैव टू प्लान द ट्रेड ऑन प्राइस एक्शन स्ट्रेटजी। तो आई होप आपको क्लियर हुआ होगा कि आपको ऐसे अप ट्रेंड्स को यहां पे पकड़ना है। उसके बाद साइडवेज का कंसोलिडेशन हो। यह स्टॉक्स आपको देखने हैं। देखो और एक स्क्रीन पे अगर आप ट्रेड करते हो ना तो आई विल रिक्वेस्ट यू कि आप दो चार स्क्रीन का दो चार स्क्रीन इन द सेंस कि एक अगर आपके पास लैपटॉप है या एक डेस्कटॉप है तो एक स्क्रीन और साथ में आप लेके चलो जिसमें आप और चार्ट्स देख सको क्योंकि मैं एक अल्ट्रा वाइड मॉनिटर यूज़ करता हूं LG का 32 इंचेस का जो है तो उस पे मैं लगभग तीन चार्ट्स एक साथ देख सकता हूं क्लियरली और उसमें बहुत इजी हो जाता है मेरे को तीन चार्ट आराम से देख लेता हूं और फिर उसके साथ मैं इस पर्टिकुलर लैपटॉप में भी ट्रेड करता हूं। तो दो चार्ट मैं इसमें देखता हूं। तो मैं एट अ टाइम अगर मुझे तीन से चार स्टॉक्स पे नजर रखनी है क्योंकि जरूरी नहीं है कि अगर कोई स्टॉक अच्छे अपसाइड मोमेंटम पे है तो वो साइडवेज में तो कंसोलिडेट करेगा ही फिर हम एंट्री बना लेंगे। दैट इज़ नॉट कंपलसरी। हमें इस चीज का वेट करना है। हमें तीन-चार स्टॉक को रडार पे रखना है जो अच्छे खासे अपटेंड मूवमेंट पे हैं और उस उनके कंसोलिडेशन का वेट करना है। और जो कंसोलिडेशन का पहले ब्रेकआउट करे हमें उसके हाई पे एंट्री करनी है। दैट्स इट। बेसिकली दिस इज़ हाउ वी हैव टू प्लान द ट्रेड। तो प्राइस एक्शन स्ट्रेटजी के कुछ इस तरीके से आपको ट्रेड्स आगे जाके धीरे-धीरे ट्रेड्स को पंच करना सीखना है और स्टार्ट करिएगा एक क्वांटिटी, पांच क्वांटिटी, 10 क्वांटिटी कुछ इस तरीके से धीरे-धीरे आपका कॉन्फिडेंस बिल्ट होते जाएगा। सो दैट्स ऑल। मिलते हैं अब हम लेक्चर थ्री में ट्रेडर्स।