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ऐसी सिंपल सिस्टम डिस्कस करते हैं और वह सिस्टम हमको देके गए हैं और एक डिस्क्लेमर दुनिया [संगीत] के किसी इंस्ट्रूमेंट पे लगा लो कमोडिटीज में चले जाओ निफ्ट्टी 500 के स्टॉक्स में लगा लो बल्कि निफ्टी 1000 तक लगा लो कोई दिक्कत नहीं है। हर जगह ये अनबिलीवेबल लाजवाब चलता है। क्यों मार्केट यहां से निफ्टी गिरतेगिरते इसी के आसपास आके रुका? आप देखो ये क्या कोई मैजिक नंबर्स है? नहीं है। सिंपल [संगीत] सा लॉजिक है। अगर कोई इंडिविजुअल ₹00 से लेके ₹3 लाख के कैपिटल के साथ ट्रेड कर रहा है, उसे क्या सीखना चाहिए ताकि वो उसे एक फ्रेमवर्क बना के अपने आपको मार्केट में कंडक्ट कर सके। इसका बहुत शॉर्ट आंसर यह हो सकता है कि किसी को भी आज की तारीख में आप देखो तो बहुत सारे प्लेटफॉर्म्स अपने आप को ऐसे प्रमोट करते हैं। कुछ नहीं करना है। ड्रैग एंड ड्रॉप बैक टेस्ट का रिजल्ट देख लो। एंड यू आर गुड टू गो। 20 लाख ट्रेडर्स कम क्यों हुए हैं? क्योंकि वही 1999 के कोर्स लेके सब अपने आप को ट्रेडर समझने लगे थे। भाई 1999 इज ए पहले ही हफ्ते में ₹2000 स्वाहा करने के बाद आपने क्या सीखा के जब यह पैसा बटन दबाने पे जा सकता है तो किसी और ने दबाया और उसको आया यार ये तो कला सीखने वाली है। सो मैंने जब ट्रेडिंग शुरू किया था तो मेरी स्टार्टिंग कैपिटल जो थी ना पहले दैट वास 10,000 जो पहले मैंने गवा दी। मैंने सीखते-सीखते हार्डली ₹00 लाख गवाए होंगे। उससे ज्यादा गवाए नहीं है। आप यूजुअली ट्रेडर्स को देखोगे तो वो बोलेगा मैंने इतने करोड़ गवा दिए। फिर मैंने इतना पैसा बनाया। ऐसी ग्लोरिफाइंग स्टोरी मेरे पास है नहीं देने के लिए। इट वाज़ लाइक मैं ऑलरेडी एक बिज़नेसमैन था। मुझे रिस्क क्या है पहले से पता था। तो मुझे ये भी पता था कि कहीं नया वेंचर अगर करूंगा तो बहुत छोटी कैपिटल से करूंगा। तो मैं जैसे-जैसे जरूरत पड़ती कैपिटल डालता गया तो वो जो ट्रायल वाली कैपिटल है उसको छोड़ दो। देन जब मैंने सीख लिया था तो उसके बाद मैंने स्टार्ट किया था अराउंड ₹4 लाख से एंड वहां से जब मैंने उसको प्रोबेबबली 2 साल में मल्टीप्लाई करके अराउंड डबल कर दिया था स्वीट ट्रेड करते-करते उसके बाद मैंने बड़ी कैपिटल्स लगानी शुरू की एंड देन माय फर्स्ट कैपिटल आफ्टर आई कंप्लीटली लर्न तो मैंने शुरू किया ₹50 लाख से एंड देन उसको हम ग्रो करते गए एंड देन तो देखो हुआ यह के जैसे ग्रो करते गए वैसे कहीं ना कहीं फिर प्रॉप ट्रेडिंग में जुड़े फिर प्रॉप का एक्सेस मिला तो पब्लिक फंड्स का बहुत एक्सेस मिला। मेरे भी बिज़नेस फंड्स मैंने बहुत डायवर्ट किए। तो देन वह तो फिर बहुत बड़ा अमाउंट बन गया था। तो इट वाज़ लाइक दैट। मतलब जर्नी बहुत स्मूथ रही और बहुत अच्छी रही। मेरा करंट ट्रेडिंग अमाउंट इज़ अराउंड 7 स.5 करोड़ के आसपास है। और मेरा करंट पोर्टफोलियो इज़ हार्डली दो.5 करोड़ के आसपास। मेरा पोर्टफोलियो मेरे ट्रेडिंग अमाउंट से बहुत छोटा है। बिकॉज़ बेसिकली आई एम अ ट्रेडर। मैं मतलब इन्वेस्टिंग में बिलीव तो करता हूं लेकिनकि मैं ट्रेडर हूं तो मैं बड़ा पैसा उधर छोड़ नहीं पाता हूं क्योंकि आई एग्री आई बिलीव एंड आई हैव अ ट्रस्ट कि भाई अगर सिस्टेटिक ट्रेडिंग की जाए तो इन्वेस्टमेंट से भी ज्यादा सेफ है क्योंकि मैं सिस्टैटिक करता हूं मैं रैंडम ट्रेड्स कभी नहीं लेता हूं तो मेरी हमेशा सिस्टम्स ज्यादातर ट्रेडिंग में इंट्राडे होती है कैरी फोर मेरा कुछ ही शायद होता है और चकि मैं इंट्राडे काम करता हूं और सिस्टम ट्रिवन करता हूं तो बड़ी कैपिटल इज़ नॉट अ इशू फॉर मी इसीलिए लोगों को लगेगा अगर ट्रेड िंग में बड़ा और इन्वेस्टिंग में छोटा। तो दैट इज द रीज़न मैं उस तरीके से करता हूं। मेरा हाईएस्ट प्रॉफिट इन अ डे वाज़ अराउंड 55 60 लैक्स के आसपास। और ये था कोविड के दरमियान। लोगों को लगेगा यार कोविड के दरमियान लोगों के पोर्टफोलियो लाल हो रखे थे। तुमको प्रॉफिट कैसे हो गया? ये इसके लिए हुआ कि आई वाज़ ए प्रोपेटर बाय दैट टाइम। और प्रॉप्स में हम ऑप्शंस धड़ल्ले से सेल करते थे। और शुरुआत में जब कोविड शुरू हुआ तो प्रीमियम्स ऐसे फटने लगे के लॉसेस हो रहे थे। फिर मुझे समझ में आया कि ये तो यार डेली दिन शुरू होता है। उसके बाद प्रीमियम्स फटने शुरू हो जाते हैं। तो आई स्विच टू ए कैलेंडर स्ट्रेटजी मतलब ऑप्शंस की एक स्ट्रेटजी है जिसको बोलते हैं कैलेंडर जो वोलेटिलिटी का पैसा कमा के आपको देती है। तो फिर मुझे समझ में आया कि ये वोलेटिलिटी बढ़ रही है। प्रीमियम्स बढ़ रहे थे तो कैलेंडर्स प्ले करना चाहिए। फिर मैंने पूरा यह जो कोविड का प्रीमियम बढ़ने वाला टाइम था उसमें कैलेंडर्स प्ले किए और कैलेंडरर्स प्ले जब हम करते हैं ना तो जैसे-जैसे वोलेटिलिटी बढ़ती है पैसा आपको स्पीड में मिलता जाता है। तो कैलेंडर्स प्ले करना शुरू किए तो वहां पे यह बड़े प्रॉफिट्स बनने शुरू हुए और मार्केट जैसे ही मूव करे प्रीमियम बढ़े मेरा प्रॉफिट बढ़ जाता था। तो वैसे करते-करते कहीं ना कहीं मुझे एक बार बहुत बड़ा प्रॉफिट हुआ। माय हाईएस्ट लॉस टिल टुडे इज अराउंड 83 लैक्स के आसपास। और यह तब हुआ था जब बहुत बड़ी स्पाइक्स जेंट शीट की वजह से आती थी अगर आपको याद हो तो। तो ये बड़ी-बड़ी स्पाइक्स जब आती थी ना वन ऑफ द डे मैं डेट नहीं बोलूंगा। सबको वो डेट पता ही है। तो बड़ी स्पाइक जब आई थी तब सिस्टम ने सौदे काटे नहीं थे। सिस्टम ने सौदे इसके लिए नहीं काटे थे कि उस स्पाइक में सामने ऑर्डर्स मिले ही नहीं। ऑर्डर्स नहीं मिले तो बहुत दूर जाकर सौदे कटे। तो उसकी वजह से यह 83 लै का लॉस हुआ और वो भी इसलिए 83 लै पर अटका क्योंकि हमारी सारी पोजीशंस है ना हमेशा ऑप्शंस में अगर होती ना इंट्राडे में भी हैेज्ड होती है। अगर मैंने हैेज नहीं किया होता तो वो 83 लैक्स नहीं होता वो पांच गुनी ज्यादा लॉस होती लेकिनकि हैेज था तो सिस्टम ने सौदे टाइम पे नहीं काटे तो भी लिमिटेड लॉस हुआ। आदि भाई आपने आपका ट्रेडिंग जर्नी 2011 में एक एडवाइज़री कॉल से स्टार्ट किया। पहली बार आपने ₹10,000 गवाए, दूसरी बार आपने ₹10,000 गवाए। पहले ही हफ्ते में ₹00 स्वाहा करने के बाद आपने क्या सीखा? एंड व्हाट डू यू थिंक इज द रोल ऑफ एन एडवाइजर इन द लाइफ ऑफ अ एस्पायरिंग प्रोफेशनल ट्रेडर। दिस इज वेरी रेलेवेंट। और हर एक की ट्रेडिंग की या इन्वेस्टिंग की शुरुआत कहीं ना कहीं पैसे स्वाहा होने से ही शुरू होती है। तो द फर्स्ट कॉल व्हिच आई गॉट फ्रॉम द एडवाइज़री वाज़ जो मुझे नुकसान करवाया। तो उसका तो यह कहना था कि सर अकाउंट में ₹1 लाख लगाइए। अब आई वास अ बिजनेसमैन मतलब मेरे को लाख लगाना भी वास नॉट डिफिकल्ट एट दैट टाइम। लेकिन व्यापारी है हमें पता है कि जहां आपका कंट्रोल ही नहीं है। आपकी ग्रिप ही नहीं है। लगाम ही आपके हाथ में नहीं है। वहां क्यों पैसा लगाओगे बड़ा? तो लगाया 10,000 2 दिन में गायब फिर 10,000 वो 4 दिन में गायब तो एक आध हफ्ते में 20,000 गायब। फिर मुझे यह फीलिंग आई सेल भाई के जब यह पैसा 10,000 20,000 बगैर कुछ के हाथ पैर हिलाए बटन दबाने पे जा सकता है तो किसी ना किसी को तो मिला है क्योंकि बटन मैंने दबाया और गया तो किसी और ने दबाया और उसको आया। तो यार यह तो कला सीखने वाली है। हम तो यार कपड़े का काम करते हैं। पूरा दिन लगे पड़े रहते हैं। मेहनत करते हैं। सुबह से लेके रात तक आप मतलब किसी भी टेक्सटाइल बिज़नेस वाले को देखो तो आपको लगेगा यार इतना एफर्ट्स। बहुत एफर्ट्स है और जितने भी कन्वेंशनल बिजनेसेस हैं सब में एफर्ट्स तो बहुत है। आपको भी पता है। कोई भी बिजनेस आप देख लो। तो यहां तो यार एफर्ट के बगैर मेरे पैसे चले गए। किया क्या मैंने पैसे नुकसान करने के लिए? वहां तो मेरे कन्वेंशनल बिज़नेस में नुकसान होता है। तो मुझे दिखता है कि मैंने कुछ गलत बनाया, किसी गलत आदमी को दे दिया, बेचा। यहां तो कुछ नहीं किया। बटन दबाया नुकसान। इसका मतलब बटन दबा के पैसा भी मिल सकता है। देन आई स्टार्टेड कि यार ये तो सीखने वाली चीजें हैं। सीखना चाहिए। तो फिर मैंने ढूंढा कोशिश किया सीखने का एंड देन वो पूरी एक जर्नी है 2011 से ले आज तक की मैं उसको वहां से लेके आज तक की जर्नी इसके लिए बोलता हूं कि जो व्यूअर है जो ऑडियंस है जो सुन रहा है उसको पता चले कि ट्रेडिंग ऐसा नहीं है कि स्विच दबाए और आपको ट्रेडिंग आ गई नहीं आएगी इट्स अ टाइम प्रोसेस आप कितने ही होशियार हो कितने ही मतलब आप हार्व बिज़नेस स्कूल का नंबर वन स्टूडेंट लेके आ जाओ आप आईएम का टॉपर लेके आ जाओ आप आईआईटी का टॉपर लेके आ जाओ उसको ट्रेडिंग टर्मिनल पे बिठाओ। ही इज़ एज गुड एज ए वह बंदा कि जो 10थ को पास नहीं कर पाया। अगर आप 10थ फेल को वहां बिठा दो और एक आईआईटी के टॉपर को वहां बिठा दो। वो पहली बार तो दोनों सेम है। उसके बाद अपनी-अपनी जर्नी वो जिएंगे। उसके बाद अपना-अपना साइकोलॉजी को सेट करेंगे। उसके बाद अपना-अपना उनका एक्सपीरियंस होगा। तब जाके वो एक अच्छा ट्रेडर बन पाएगा। बट क्या आपने ऐसा कुछ ऑब्जर्व किया है कि ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम आईआईटीएंस को ज्यादा एज है। वर्सेस रिलेटिवली अनक्वालीिफाइड अ इंडिविजुअल जब तक आप मैनुअल ट्रेडिंग की बात करोगे ना साहिल भाई तो बोथ आर एट द सेम लेवल दोनों को सीखना पड़ेगा ट्रेडिंग की स्किल अब आएगा वो ग्रीड को कंट्रोल करने वाला रिस्क मैनेजमेंट वाला पार्ट अब जिसकी मेंटालिटी और साइकोलॉजी स्ट्रांग है वो कहीं ना कहीं जल्दी सक्सेसफुल हो जाएगा वो रिगार्डलेस ऑफ़ आईआईटी एंड रिगार्डलेस ऑफ़ 10थ ड्रॉप आउट और पास आउट जो भी है साइकोलॉजी स्ट्रांग है वो क्लियर कर पाएगा वो कोई भी हो वो स्किल्स धीमे-धीमे डेवलप करके ग्रो करेगा यह मैं मैनुअल ट्रेडिंग की बात करता हूं। अब आ जाते हैं। आपने जो पूछा कि अगर वो एडुकेटेड है, कोई पर्टिकुलर डिग्री लिया हुआ है, उनको एक एक्स्ट्रा एज है। वो क्या एज है? वो एज यह है कि आज की तारीख में आपको ऐसा नहीं है कि मैनुअल ट्रेडिंग से ही आप प्रॉफिटेबल हो सकते हो। देयर आर सिस्टम्स डाउन द लाइन। आप सिस्टम्स फॉलो करो, इंप्लीमेंट करो और मशीन से इंप्लीमेंट करवा लो। तो आपका वह साइकोलॉजी वाला फैक्टर कुछ हद तक निकल जाता है। तो अब वह जो ह्यूमन साइकोलॉजी डिस्टर्ब कर रही थी वह अगर 50% भी आप हटा देते हो तो टेक वाला बंदा या थोड़ा सा फाइनेंस पढ़ा हुआ बंदा वो थोड़ा सा उसमें एज लेके जाता है एक 10थ ड्रॉप या पास आउट के सामने कि वो ज्यादा सक्सेसफुल हो सकता है। आप यह नहीं बोल सकते कि कुछ पढ़ा हुआ या टेक वाला बंदा ज्यादा सक्सेसफुल हो जाएगा या 10थ और 12th ड्रॉप आउट पास आउट ज्यादा सक्सेसफुल नहीं होगा। सो इट्स वेरी रिलेटिव। तो इसको समझने के लिए बस वह साइकोलॉजी वाले पार्ट को हम जो आगे बात करने वाले हैं उसको समझना पड़ेगा। कैन वी डिस्कस वन सच सिस्टम जिसको हमारे व्यूअर्स प्रिंसिपली समझ सकें एंड अगर उन्हें पसंद आए तो उस पे और काम करके पोटेंशियली मार्केट में डिप्लॉय भी कर सकें। तो एक बहुत अच्छी सिस्टम सिंपल सिस्टम मतलब कोई तामझाम नहीं। कोई आपको इतनी ड्राइंग नहीं करनी है। इतना वक्त नहीं बर्बाद करना है। चार्ट पे आए लेवल्स लगाया। वहां पे प्राइस ने रिएक्शन दिया। काम किया नहीं दिया। भूल गए। ऐसी सिंपल सिस्टम डिस्कस करते हैं और वह सिस्टम हमको देके गए हैं विलियम डिलबर्ट ज्ञान। तो आज डिस्कस करते हैं ज्ञान लेवल्स पे और यह इंट्राडे सिस्टम है। तो इंट्राडे सिस्टम है। मैं डिस्कस करता हूं आपके साथ। आप निफ्टी के फ्यूचर में भी इसको प्लॉट कर सकते हो। आप ऑप्शंस के चार्ट पे भी इसको प्लॉट कर सकते हो। लेकिन मेरा एक्सपीरियंस ये बोलता है कि अगर आपको ऑप्शंस ट्रेड करने हैं तो ऑप्शंस के चार्ट पे इसको प्लॉट मत करो। इसको स्पॉट पे प्लॉट कर लो। स्पॉट के सिग्नल्स के हिसाब से वहां ट्रेड करो। दैट इज फार बेटर देन प्लॉटिंग इट ऑन ऑप्शंस चार्ट। क्योंकि ऑप्शंस के चार्ट में मतलब यूज़र्स को लगता है कि ऑप्शंस के चार्ट में क्यों नहीं जो नया आई मीन ट्रेडर आएगा उसको उसमें क्यों नहीं? वहां पे भी तो आंकड़े हैं लेकिन उधर के आंकड़े इंस्ट्रूमेंट के हिसाब से नहीं चलते हैं। उधर के आंकड़े ग्रीक्स के हिसाब से चलते हैं। उसमें डीके भी अपना काम कर रहा होता है। वोलेटिलिटी भी अपना काम कर रही होती है। उसमें गामा भी अपना प्ले करता है। तो वो नंबर्स न्यूममेरिक फॉर्म में नहीं चलते हैं। वो नंबर्स मोस्टली वो उस हिसाब से चलते हैं। अनडाउटेडली वापस वहां पे भी डिमांड सप्लाई का गेम है। लेकिन जस्ट बिकॉज़ द नंबर्स आर नॉट जस्ट अह डिपेंडेंट ऑन द पार्टिसिपेंट्स बिहेवियर। इट इज आल्सो डिपेंडेंट ऑन द ग्रीक बिहेवियर। तो उधर मत लगाओ। बाकी आप फ्यूचर्स में लगा लो, स्पॉट में लगा लो। जहां सिर्फ और सिर्फ पार्टिसिपेंट्स के बिहेवियर पे नंबर बिहेव करते हैं। कहीं भी लगा लो चलेगा। और एक डिस्क्लेमर दुनिया के किसी इंस्ट्रूमेंट पे साहिल भाई बड़ी बात लगेगी। लेकिन मैं आपको बोलता हूं दुनिया के किसी इंस्ट्रूमेंट पे लगा लो। कमोडिटीज में चले जाओ। गोल्ड, सिल्वर, नेचुरल गैस, क्रूड ऑयल, कम लिक्विड कमोडिटीज़, जिंक, लीड, कॉपर, क्रिप्टोज़ में चले जाओ। BTC, ईथर, कोई भी टॉप ऑल्ट कॉइन स्टॉक्स में चले जाओ। हाई लिक्विड स्टॉक्स निफ्ट्टी 500 के स्टॉक्स में लगा लो कोई दिक्कत नहीं है। बल्कि निफ्टी 1000 तक लगा लो कोई दिक्कत नहीं है। आप इंडाइससेस में लगा लो कोई दिक्कत नहीं है। दुनिया के कोई इंडाइससेस में जाके लगा लो कोई दिक्कत नहीं है। हर जगह सर ये अनबिलीवेबल लाजवाब चलता है। कहां नहीं चलेगा वो भी सुन लीजिए। जहां पर मैनपुलेशन बहुत ज्यादा है वहां नहीं चलेगा। मैनपुलेशन बहुत ज्यादा कहां है? छोटी मार्केट कैप वाली चीजें जितनी भी है जहां पे भी है चाहे वो क्रिप्टो में हो चाहे स्टॉक्स में हो कहीं भी छोटी मार्केट कैप वाली चीजें हैं वहां ये नहीं चल पाएगा क्योंकि वहां मैनपुलेशन ही होती है। बड़ी सिंपल सिस्टम है। करना क्या है? सारे नेचुरल नंबर्स जो भी एग्ज़िस्ट करते हैं इस दुनिया में। राइट फ्रॉम वन टू इनफाइनाइट इज़ अ नेचुरल नंबर। किसी को भी पकड़ के आप स्क्वायर कर दो तो एक और नंबर आ जाएगा। ऑब्वियसली वो भी नेचुरल नंबर होगा। अब आप देखो कुछ नेचुरल नंबर्स का स्क्वायर ऑड नंबर आता है। कुछ नेचुरल नंबर का स्क्वायर इवन नंबर आता है। तो इसमें खास बात यह है कि जितने भी ओड नंबर्स है उसको आप स्क्वायर करोगे तो उसका प्रोडक्ट जो है वो ऑड ही आएगा। और जितने भी इवन नंबर्स हैं उसको स्क्वायर करोगे तो उसका जो प्रोडक्ट है वो इवन ही आएगा। गेन की सिस्टम के हिसाब से सारे जो आउटकम है वो ऑड होने चाहिए। तो जो इवन नंबर्स आएंगे उसमें हम एक नंबर ऐड कर देंगे। फॉर एग्जांपल नंबर फोर इवन नंबर है। फोर को स्क्वायर करो 16 अगेन इवन नंबर तो एक ऐड कर दो उसके प्रोडक्ट में तो हो गया 17 ऑड नंबर हो गया। फोर के बाद आता है फाइव। 5 * 5 25 ऑड उसको कुछ मत करो। 6 * 6 36 एक ऐड कर दो 37 7 49 कुछ मत करो। 49 इज़ योर गेन नंबर। हर नंबर का जो आउटकम है उसमें इवन है तो एक ऐड करके ऑड कर दो। और वो सारे नंबर्स गेन नंबर्स हैं हमारे लिए। राइट यहां तक क्लियर पूरी सिस्टम देने के बाद मैं एक एकदम इजी तरीका भी देकर जाऊंगा। कई बार क्या होता है कि मैं देखता हूं के जब बेसिक चीजें होती है ना तो उसको भगाना शुरू कर देते हैं। जल्दी भगाओ। ये बेसिक नहीं देखना। जल्दी स्ट्रेटजी देख लो। तो खाली वो स्ट्रेटजी देखने के चक्कर में बेसिक चीजें नहीं समझते। तो फिर इंप्लीमेंटेशन करते वक्त एग्जीक्यूशन करते वक्त कॉन्फिडेंस नहीं आता है, कन्विक्शन नहीं आता है। क्यों? क्योंकि सिस्टम का बेस ही नहीं सुना था। अगर आप बेस सुनोगे ना तो पीछे एग्जीक्यूशन में बहुत कन्विक्शन आएगा। तो अब हमें क्या करना है? हमें यह देखना है कि हम कौन से इंस्ट्रूमेंट को देख रहे हैं। अगर आप चार्ट पे देखो साहिल भाई, तो मैं देख रहा हूं फ़िलहाल निफ़ी को। तो, हमें करना क्या है? अब जरूरी थोड़ी है कि 16, 25, 36 या 49 इसके आसपास ही मार्केट घूमता हो मार्केट। तो, आप जो इंस्ट्रूमेंट में जाओगे उस वैल्यू पे होगा। फॉर एग्जांपल अभी निफ्टी का हम चार्ट देख रहे हैं। निफ्टी का आज का क्लोज जो आपको दिख रहा है वह 24,175 है। अब मुझे यहां से देखना है कि कौन से रेलेवेंट गैन नंबर्स हैं। तो वो मैं कैसे देखूंगा? पहले स्क्वायर रूट निकाल। तो यस बड़ा सिंपल तरीका है कि आप 24175 का स्क्वायर रूट निकालेंगे। 241 175 का स्क्वायर रूट निकालने के लिए मैं कैलकुलेटर को खींच लेता हूं बाहर। इसको मैं कर देता हूं साइंटिफिक क्योंकि यहां पे मुझे स्क्वायर रूट चाहिए। तो मैंने साइंटिफिक कर दिया। साइंटिफिक करने के बाद अब यहां पे क्या वैल्यू है? 2475 क्या हम डेसिमल्स को भी इंक्लूड करेंगे? अ यस वो मैं इसमें आपको समझाऊंगा कैसे करना है। तो अभी फिलहाल मैं देख रहा हूं 24 175 डेसिमल छोड़ के राउंड नंबर अरे होल नंबर जो है वो देख रहा हूं। सो स्क्वायर रूट ऑफ देखो ये स्क्वायर रूट वाला बटन स्क्वायर रूट ऑफ 24 75 5 आंसर क्या आया? आंसर आया 155.48 डेसिमल के बाद की डिजिट्स भूल जाओ एक बार के लिए। तो डेसिमल से पहले वाली डिजिट्स क्या बची? 155 इसका मतलब निफ्टी की जो अभी वैल्यू है वह नेचुरल नंबर 155 के स्क्वायर के आसपास चल रही है। तो सबसे पहला काम मैं क्या करूंगा? 155 का स्क्वायर कर लूंगा। 155 * 155 क्या आया? 24025 ये 2425 इज अ गेन नंबर। और आपको जैसे मैंने कहा था ऑड को ऑड के साथ मल्टीप्लाई करेंगे तो ऑड ही आएगा उसका प्रोडक्ट। ठीक है? तो 24025 मेरी ज्ञान की लाइन बनेगी। मैं जाता हूं यहां पे जाके मैं एक लाइन लगा देता हूं हॉरिजॉन्टल। इसको मैं कोऑर्डिनेट में सेट कर देता हूं। 4 0 2 5 ये मेरा ज्ञान का लाइन हो गया। तो अब खाली एक ही लाइन लगाया हूं साहिल भाई अभी तक। मैंने दूसरी लाइंस नहीं लगाई है। देखो यहां पे दिख रहा है आपको? करेक्ट। ये क्या कोई मैजिक है? ये क्या कोई मैजिक नंबर्स है? नहीं है। सिंपल सा लॉजिक है कि यहां पे ज्ञान सर ने बोला था कि ये नंबर्स पे यूजुअली मार्केट सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेता है। तो लेता है। तो अब लेता है। इसमें अगर मैं यह बोलूं के यह मैजिकल नंबर है तो यह गलत हो जाएगा। यूजुअली आप फिब्स लगाओ। आप पिवट्स लगाओ। आप मूविंग एवरेजेस लगाओ। क्यों काम करती है? क्योंकि बहुत सारे मार्केट पार्टिसिपेंट्स बिलीव करते हैं कि यह लेवल चलता है। तो किसी ना किसी का वहां पे बाय ऑर्डर पड़ा है। किसी ना किसी का वहां पे सेल ऑर्डर पड़ा है। किसी ना किसी के पेंडिंग पड़े हैं। कोई वहां आ के मार्केट ऑर्डर मार रहा है। कुछ तो हो रहा है वहां पे एक्टिविटी। तो वो लेवल रिएक्ट करना शुरू कर देता है। क्यों? 200 का ही मूविंग एवरेज के ऊपर बुलिश और नीचे बेरिश माना जाता है। क्योंकि इंस्टीटशंस उसको उस तरीके से देखती है। एक बिलीफ सिस्टम है। अगर वह बिलीफ सिस्टम बंद हो जाए कि 200 के ऊपर बुलिश और 200 के नीचे बेरिश तो 200 का एमए काम करना बंद कर देगा। नहीं काम करेगा। सो गन का भी सेम है। जिनजिन लोगों को यह सीक्रेट ज्ञान का पता है। तो लोगों को जिनको पता है वो यहां पे ऑर्डर्स रखते होंगे। ऑर्डर्स रखते होंगे। तभी तो यह नंबर्स चल रहे हैं। क्यों मार्केट यहां से निफ्टी गिरते-गिरते इसी के आसपास आके रुका? आप देखो यहां से गिरना शुरू हुआ। मैं मेरा अ स्केल निकालता हूं। यहां से गिनता हूं। देखो यहां से यहां तक गिरा। लेकिन गिरने के बाद यहीं रुका और हैमर बनाया। ये कितने परसेंटेज है?82% है ना? इतना गिरने के बाद वहीं रुक के क्यों हैमर बनाया? क्या वजह है? तो अब कोई बोलने वाला बोलेगा सर देखो ये लाइन पे टच तो एकदम नहीं हुआ। अब ये लाइन पे टच नहीं हुआ। यह बोलेगा नोविस्ट ट्रेडर वो हर बार एकदम परफेक्ट कॉन्फ्लुएंस ढूंढेगा। परफेक्ट कॉन्फ्लुएंस इस मार्केट में आता ही नहीं है। जैसे मैंने पहले कहा कि मॉर्निंग स्टार का फॉर्मेशन आप टेक्स्ट बुक में कुछ देखोगे और वहां पे बनेगा कुछ और। हैमर इनवर्टेड हैमर आपको टेक्स्ट बुक में कुछ और दिखेगा। प्रैक्टिकली बनेगा कुछ और। एंड प्लस हमने भी जब ये वैल्यू डिराइव किया है। यस। हमने भी इनिशियली डेसिमल्स को इग्नोर करो। ये सारी चीजें तो हमने भी तो की है। यस यस। अब अगर उतना एक्यूरेसी में जाएंगे तो भी आपको एक्यूरेट बिहेवियर नहीं मिलेगा। क्यों नहीं मिलेगा? सिंपल सा मेथड सिंपल सा अंडरस्टैंडिंग है सेल बेस के बारे में के मान लो मुझे यह पता है के अभी जो गै लेवल बना हुआ है 24025 तो 24025 पे से मार्केट घूमने वाला है तो मैं क्या करूंगा शायद उससे पहले घूम गया तो तो मैं 240 30 पे 2435 पे 2440 पे ऑर्डर रख दूंगा बाय का। अब मान लो किसी इंस्टिट्यूशन ने वहां बड़ा बाय का ऑर्डर रख दिया है। मार्केट गिर रही है तो वहीं से पलट जाएगी क्योंकि वहां इंस्टिट्यूशन का बड़ा ऑर्डर पड़ा हुआ है। तो नीचे की लाइन तक नहीं आएगी। तो ये आपके मेरे जैसे लोग ही हैं। इंस्टिट्यूशन भी भाई हमारे जैसे लोग ही तो चला रहे हैं। वहां कोई रोबोट्स थोड़ी बैठे हैं या कोई एलियंस थोड़ी बैठे हैं। तो वो लोग भी लेवल से पहले या लेवल से बाद में ऑर्डर्स रखते रहते हैं। हम ऑर्डर थोड़ा पहले रखेंगे। एसएल थोड़ा नीचे रखेंगे। यह रेगुलर प्रैक्टिस है। इसीलिए आपको पहले थोड़ा ऊपर घूमता हुआ दिखता है या लेवल से नीचे स्पाइक करके लिक्विडिटी गैब करके ऊपर जाता हुआ दिखता है। ये दोनों बातें होती है। लेवल के आसपास ही होती है। तो ये तो होगा ही। एग्जैक्ट लेवल पे आप बोलो आएगा नहीं आएगा। बिकॉज़ इट्स ऑल डिपेंडिंग ऑन द पार्टिसिपेंट्स पुटिंग देयर ऑर्डर्स। राइट? तो ये सर लेवल अगर होल्ड करता है या नहीं होता है। अगर 24025 पे लाइन बना है। द क्वेश्चन टू द व्यूअर इज़ अगर लो 24024 का बना। राइट? तो वो क्या बोलेंगे? लेवल फेल हुआ या सक्सेसफुल हुआ? हां, तो ये मैं समझाता हूं। एक बार हम गैन लेवल्स ऊपर नीचे प्लॉट करते हैं और यह बताते हैं कि गन लेवल्स कहां-कहां प्लॉट हो सकते हैं और फिर मैं समझाता हूं कि उनको कैसे ट्रेड करना है। पहले सारे गैन लेवल्स आगे पीछे के प्लॉट करते हैं। फिर मैं बताता हूं। अभी तो मैं सिग्निफिकेंस बता रहा था कि ये लेवल्स आप देखो कितने स्ट्रांग है कि मार्केट 1% के आसपास गिरा 0.85% और उसके बाद कंसोलिडेट हुआ और इसी लेवल पे से ऊपर भाग गया। अब ऊपर भी कोई गैन लेवल होगा। प्लॉट करके देखते हैं। कितना ऊपर है, क्या है समझते हैं। लेकिन देखने की बात यह है कि यहीं से घूम के गैप अप इसने लिया। मतलब ये लेवल का कुछ तोेंस है। कुछ तो सिग्निफिकेंस है। अब हमने कौन सा नंबर स्क्वायर किया था साहिल भाई? 155 155 अब मैं ऊपर के दो-तीन नंबर एक बार स्क्वायर कर देता हूं। नीचे के दो तीन स्क्वायर कर देता हूं। और प्रैक्टिकली यहां पे हम लाइन लगा के दिखाते हैं। तो अब मैं 155 हो गया। अब मैं 156 को स्क्वायर करता हूं। 156 * 156 इक्व 2436 तो इसको एक ऐड करना है। 2436 क्या है? इवन नंबर है। तो एक ऐड करेंगे 2437 अब क्वेश्चन ये आएगा कि यार 24,000 में एक पॉइंट का क्या ही मतलब होता है? आई एग्री कोई मतलब नहीं होता है। लेकिन सिस्टम इज़ अ सिस्टम। ये ऑड रखना है। मतलब ऑड रखना है। अभी तो अब हमारे को क्या मिला यहां पे लेवल? 243736 था। मैं एक ऐड कर देता हूं। 2437 एक हॉरिजॉन्टल लाइन प्लॉट करता हूं और इसके कोऑर्डिनेट्स मैं लिख देता हूं 23 437 ओके अब देखते हैं ये लेवल कहां बनाए ये लेवल यहां पे है। राइट अब एक और ऊपर का लेवल और एक और नीचे का लेवल बनाता हूं। एंड उसके बाद फिर हम थोड़ा सा इसको कैसे ट्रेड करना है वह समझते हैं। पहले मैं देख लेता हूं कि ज्यादा रेलेवेंट ऊपर के बनाने रहेंगे या नीचे के। दोनों एक-ए दो-द बनाने पड़ेंगे। बना के देख लेते हैं। भाई यह मैंने 155 और 156 का स्क्वायर किया। अब एक नीचे वाला नंबर स्क्वायर कर लेता हूं। 154 ठीक है ना? उसको लगा के देख लेते हैं। 154 अबकि ये इवन नंबर है। इसका प्रोडक्ट भी इवन नंबर आने वाला है। 154 * 154 2 3716 तो 2 3717 पे मैं लाइन प्लॉट करूंगा। 23 717 2 371 7 यह हो गई मेरी लाइन प्लॉट। अब देखो साहिल भाई ये तीन लाइन प्लॉट हुई है। मैं एक काम करता हूं। एक-एक दो-दो ऊपर नीचे और प्लॉट कर देता हूं और फिर साथ में ही पूरा चार्ट दिखा देते हैं। तो हमने 155 के ऊपर दो नंबर 56 57 और 155 के नीचे दो नंबर 54 53 प्लॉट कर दिया स्क्वायर करके। इधर मैंने प्लॉट कर दिया है। अब मेरा टाइम फ्रेम है यह 15 मिनट्स का। मैं निफ्टी का स्पॉट देख रहा हूं। अब देखिए, अब मैं पहले ना ज़ूम आउट करता हूं। यह जो मेरी पांच लाइन है, मैं एक काम करता हूं। यह मेरी जो वर्टिकल लाइंस है ना, उसको मैं पहले हटा देता हूं ताकि अ ये जो लाइंस है, उसको मैं बराबर से दिखा पाऊं आपको। अब यह देखिए यह जो मेरी पांच लाइंस मैंने बनाई है गेन की उसमें आप देख रहे हो जब चार्ट छोटा किया हूं तो टर्निंग पॉइंट्स आपको दिख रहे हैं। यहां टर्न हुआ यहीं पे रुका यहीं से घुमा यहीं पे रुका। अ यहां पे देखो तो यहां पे भी छोटे स्विंग यहां से दिया है। यहां पे भी आपको दिया है। तो यह उस लेवल पे आपको रिएक्शन मिलेगा। मिलेगा और मिलेगा। अब रैंडम हम कोई भी रिएक्शन लेवल पे चले जाते हैं। सबसे पहले यह टॉप वाले एरिया में चले जाते हैं। फिर नीचे आएंगे। ठीक है? यह मेरी टाइम फ्रेम है सर 15 मिनट्स की। मैं इसको 5 मिनट्स 3 मिनट्स भी करके दिखा दूंगा। कोई चिंता वाला बात नहीं है। अगर सर आप देखो तो मार्केट यहां नीचे से आया। लेट्स स्टार्ट फ्रॉम हियर। मार्केट यहां नीचे से आया। नीचे से आके यहां ऊपर गया। यह बड़ा सा ग्रीन कैंडल बना है। अब ये बड़ा सा ग्रीन कैंडल है ना वो कैश वाला कैंडल है। तो इसका कोई कोई सिग्निफिकेंस, कोई लॉजिक, कोई मतलब है नहीं। दूसरे दिन क्या हुआ? यह देखो। यह इनवर्टेड हैमर। इसका टाइम हम देखते हैं। इसका टाइम है 9:45 इन द मॉर्निंग नेक्स्ट डे। ठीक है ना? इनवर्टेड हैमर आपको कहां से मिला? एग्जैक्टली ये गन के लेवल के आसपास से। अब ये गन सपोर्ट है या रेजिस्टेंस है? इसको कैसे समझोगे? गेन के नीचे प्राइस है तो गेन रेजिस्टेंस है। गेन के ऊपर प्राइस है तो वह सपोर्ट है। सिंपल जैसे पीवॉट पॉइंट में भी मैं हमेशा बोलता हूं लोग P R1 R2 R3 S1 S2 S3 इतनी कहानी करते हैं। कहानी की जरूरत ही नहीं है भाई। मैं तो P R1 S1 सबको ऑफ कर देता हूं। मेरे लिए पिवट पॉइंट एक सपोर्ट और रेज़िस्टेंस दोनों है। प्राइस जब नीचे है तो मेरा पिवट ऊपर वाला जो है वह छत है। रेज़िस्टेंस है। और प्राइस ऊपर है और अह पिवट का लेवल नीचे है फिर वो R1 S1 जो भी हो अगर वो नीचे है तो वो सपोर्ट है। बेस है। दैट्स इट। तो गन को भी इतना सिंपल रखोगे तो खुश रहोगे। पिवट्स को भी उतना सिंपल रखोगे तो खुश रहोगे। हां फिब में ये नहीं कर सकते। फिब में आप बोलो कि हर ऊपर का नीचे का सब वो नहीं वो अलग कांसेप्ट है पूरा क्योंकि स्विंग पे चलता है तो वहां यह नहीं कर सकते। अब यह इनवर्टेड हैमर बनी। इनवर्टेड हैमर के ऊपर गेन है। सिंपल इनवर्टेड हैमर के नीचे थोड़ा सा बफर रख के एक 510 पॉइंट का बफर रख के आप सेल कर दो और ऊपर का स्टॉप लॉस रख दो। कहानी खत्म। कुछ है ही नहीं स्ट्रेटजी में। मैं साहिल भाई छह कैंडलस्टिक पैटर्न्स फॉलो करता हूं। मेरे YouTube चैनल पे आपको उसके वीडियो मिल जाएंगे। सिंपल मतलब इतनी पैटर्न्स है नहीं सिर्फ छह छह में तीन बुलिश है तीन बेरिश है तो देखने जाओ तो तीन ही करता हूं बुलिश एंगल्फिंग मॉर्निंग स्टार और हैमर ये तीन बुलिश पैटर्न्स और इसकी उलट इवनिंग स्टार बेरिश एंगल्फिंग और इनवर्टेड हैमर। अब आप अगर गौर से समझने की कोशिश करो तो बेरिश एंगल्फिंग की दोनों कैंडल को मिला दो। इनवर्टेड हैमर ही है। इवनिंग स्टार की तीनों कैंडल को मिला दो। वो भी इनवर्टेड हैमर है। बुलिश में आ जाओ। बुलिश एंगल्फिंग की दोनों कैंडल को मिला दो। ओपन हाई लो क्लोज को मिक्स कर दो। इट्स अ हैमर। मॉर्निंग स्टार की तीनों कैंडल की ओएचएलसी को मिला दो। तो इट्स अ हैमर। तो इन शॉर्ट में एक ही कैंडल स्टिक पैटर्न को फॉलो करता हूं। वो हैमर या इनवर्टेड हैमर। लेकिन चकि हैमर इनवर्टेड हैमर के फॉर्म्स ये हैं मॉर्निंग स्टार इवनिंग स्टार और बुलिश एंगल्फिंग बेरिश एंगल्फिंग तो उनको मैं फॉलो करता हूं अदरवाइज जब कैंडल मिलाओगे तो वो वही बनेगी और हैमर एक अकेला ऐसा पैटर्न है कि जो मतलब मैं समझता हूं वाकई में बहुत पावर रखता है क्योंकि वो उसका फॉर्मेशन ही वैसा है कि बड़ी विक बन गई ऊपर तो वह सप्लाई की निशानी है। बड़ी विक बन गई नीचे डिमांड की निशानी है। मार्केट चलता ही डिमांड सप्लाई पे है। और किसी लेवल पे आपको डिमांड दिख रही है तो यू कैन बेट दैट लेवल। किसी लेवल पे आपको सप्लाई दिख रही है यू कैन बेट दैट लेवल। अब इससे अच्छा लेवल कहां ढूंढोगे यार? जहां से बड़ी सप्लाई कैंडल दिखा रहा है इससे अच्छा लेवल कहां ढूंढने जाओगे? अगर इससे अच्छे लेवल आपको चाहिए वो नहीं मिलने वाले। ओलीग्रल ढूंढते रहो। अच्छा ये हमने पहला लेवल देखा। अब आगे देखते हैं मार्केट ने क्या किया। लेट्स मूव अहेड। वापस आप देखो क्या किया मार्केट ने? यहां पे गया। वहीं पे रेजिस्टेंस लिया। बड़ी मारूबोजू टाइप की कैंडल बनाई। लेकिन यह कैंडल कितने बजे बनी है? टाइम क्या है साहिल भाई? ये 9:15 9:15 तो मारूबोजू टाइप की कैंडल है। ओपन हाई सेम है। हमें पता है कि ओपन हाई सेम है पहली कैंडल में मतलब ठोको मार्केट को। ऊपर का स्टॉप लॉस रख के ठोको। कुछ मत सोचो। और साथ में गेन का साथ मिल गया है। बिंदास सेल करो। कोई तकलीफ नहीं है। और डर लगता है तो कॉल सेल कर दो। आई मीन जिसके पास ऑब्वियसली कॉल ऑप्शन सेलिंग का प्रिविलेज है वो नहीं है कोई बात नहीं आप पुट बाय कर लो लेकिन पुट बाय करने में एक ही दिक्कत है लोग क्या करते हैं कि सस्ते पुट बाय करते हैं वो मत करना या इन द मनी पुट बाय कर लो करंट एक्सपायरी कर रहे हो तो अगर बेहतर है नेक्स्ट वीक की एक्सपायरी करो तो एक आध दो स्ट्राइक इन द मनी जाओ ज्यादा इन द मनी नहीं नेक्स्ट वीक करो एक आध दो स्ट्राइक इन द मनी चले जाओ तो ये जो मार्केट ने घुमाया है ना थोड़ी देर इसमें आपको घाटा नहीं लगेगा जो सस्ता पुट ज्यादा क्वांटिटी खरीदने के चक्कर में अगर आपने बाय कर लिया तो यहीं आप हार जाओगे मार्केट से फिर बोलोगे मार्केट ने धोखा दिया मार्केट पैसा नहीं कमाने देती तो यू आर रॉन्ग तो यह वापस मार्केट ऊपर गया यहां बनाया डोजी फिर यह रेड कैंडल और नीचे तो अब अगर आप यहां पे अगर ट्रेड नहीं ले पाए तो यह जो पैटर्न है यह पैटर्न दिस इज़ अ इवनिंग स्टार पैटर्न यहां पे आप इसके नीचे ट्रेड ले लो इसके ऊपर का एसएल रख दो। अब तो ट्रेड ले पाओगे। अब तो कोई दिक्कत नहीं है। चलो यह देख लिया हमने। हमने तीन इंस्टेंस देखे अभी तक। यह पहला ये दूसरा ये तीसरा एक ही लेवल पे बार-बार बार-बार बार-बार। ठीक है? अब वापस आ जाओ यहां पे। यहां पे वापस दिया है इसने इनवर्टेड हैमर। इसके नीचे आपका ट्रेड इनिशिएट होता है। इसके ऊपर एसएल जो टारगेट देने से पहले अगर मान लो तो इसने एसएल दे दिया। दे देना तो कोई दिक्कत नहीं है। ठीक है ना? बट इमीडिएटली उसके बाद हमें इमीडिएटली उसके बाद बेरिश एंगल्फिंग दिया ट्रेड इमीडिएटली उसके बाद वापस यहां पे बेरिश एंगल्फिंग दिया ट्रेड हो गया अब इस लेवल को हमने मल्टीपल टाइम्स यूज़ कर लिया अच्छा इसमें वो वाला कांसेप्ट कि जितनी बार सपोर्ट ज्यादा यूज़ होगा सपोर्ट वीक हो जाएगा जितनी बार रेजिस्टेंस ज्यादा यूज़ होगा वो वीक हो जाएगा उसको कुछ टाइम के बाद यूज़ नहीं कर सकते जैसे डिमांड सप्लाई पे मैं काम करता हूं और रिगरसली करता हूं डिमांड सप्लाई पे काम मैं हार्ड बिलीवर हूं डिमा सप्लाई करो। मेरी ट्रेडिंग की शुरुआत सक्सेसफुल ट्रेडिंग की शुरुआत वहीं से हुई थी और आई वुड बी थैंकफुल टू सैम सीडन। सैम सीडन के कांसेप्ट से शुरुआत हुई थी। एंड आज भी वही फॉलो करता हूं। लेकिन उसके मॉडिफाइड वर्जनंस करता हूं डिमांड सप्लाई पे ही काम। लेकिन वो सैम सीडन वाली सिस्टम अब थोड़ी सी ऑब्सीट हो गई। ऑब्सीट वैसे ऑफसेट तो नहीं बोल सकते। लेकिन लेस इफेक्टिव है। उससे ज्यादा इफेक्टिव सिस्टम्स आज मैं यूज़ करता हूं। बट यस जितनी बार डिमांड ज़ोन या सप्लाई ज़ोन ज्यादा यूज़ हो जाएंगे वो वीक हो जाएंगे। तो मैं फ्रेश सप्लाई फ्रेश डिमांड को फर्स्ट टेस्ट पे यूज़ करता हूं और सेकंड टेस्ट पे 50% क्वांटिटी यूज़ करता हूं। थर्ड टेस्ट को नहीं यूज़ करता। ये सपोर्ट रेजिस्टेंस डिमांड सप्लाई के लिए ट्रू है। गेन के लिए फॉल्स है। गेन के लिए तो जितनी बार आया उतनी बार काम करो। कोई वीक या स्ट्रांग का कांसेप्ट ही नहीं है इधर। तो क्वेश्चन ये आएगा कि वहां है और यहां क्यों नहीं है? वो वहां इसके लिए है कि हम वहां पे रेलेवेंट पॉइंट्स ढूंढते हैं। आप सपोर्ट और रेजिस्टेंस कहां बनाते हो? स्विंग स्विंग लो पे यूजुअली और डिमांड सप्लाई कहां बनाते हो? जहां डिमांड और सप्लाई जहां से बड़े मूव आए होंगे उसको बनाते हो। तो वहां पे आप पार्टिसिपेंट के रेलेवेंट पॉइंट्स ढूंढे हो और उसको ट्रेड कर रहे हो तो वो ऑब्वियसली वीक होने वाले हैं क्योंकि हम पेंडिंग ऑर्डर्स को ट्रेड करते हैं। लेकिन यहां वैसा नहीं है। यहां आपने लाइंस बना दी दोज़ आर फॉर एवर जब भी आता है रिएक्शन देता है। आपको ट्रेड देता है और वह आप ट्रेड ले लो। तो यहां पे वीक और स्ट्रांग का कॉन्सेप्ट नहीं है। आगे बढ़ते हैं। यह मार्केट नीचे आया। नीचे आ रहा है, नीचे आ रहा है, नीचे आ रहा है। अब आप देखो गेन में हमेशा दो चीजें होगी। या तो वहां पर प्राइस रुकेगा और आपको रिएक्शन देगा कि यहां से आप ट्रेड ले सकते हो या फिर जोर से बड़ी कैंडल तोड़ के चली जाएगी। तो जोर से बड़ी कैंडल तोड़ के चली गई तो वो हमारे लिए ट्रेड ही नहीं है क्योंकि वहां पे कोई पैटर्न ही नहीं बनी। हमें तो पैटर्न चाहिए ना उसके अराउंड। फिर वापस मार्केट यहां आया। यहां आने के बाद अगर आप गौर से देखो तो यहां पे इसने कंफ्यूज करना शुरू किया। देखो यहां पे बेरिश एंगल्फिंग पैटर्न बनाई। इसके नीचे ट्रेड भी दिया लेकिन एसएल काट दिया। कोई बात नहीं काट देने दो। हमें कोई दिक्कत नहीं है। फिर यहां पे वापस आप आओ। ये कितने बजे हैं? ये सुबह 95 9:15 तो इसके नीचे इसने ट्रेड दिया। इसको आप बेरिश एंगल्फिंग पैटर्न वापस मान सकते हो। इसके नीचे ट्रेड दिया। इसके ऊपर आप कहीं थोड़ा बफर रख के एसएल रखोगे। तो इसने वापस एक बार एसएल आपका ले लिया। ठीक है ना? कोई बात नहीं। 1 दिन में अगर यह तो दो दिन हो चुके हैं। 1 दिन में अगर दो एसएल ले लेता है ना तो आप छोड़ दो। मार्केट साइडवेज है। जब वापस नेक्स्ट लेवल पे जाएगा तब देखेंगे या ये लेवल पे जब मूवमेंट देगा तब नेक्स्ट डे को देखेंगे। अब आप देखो कहीं यहां पे प्रॉपर ट्रेड नहीं दे रहा था। यहां पे एक बुलिश एंगल्फिंग का ट्रेड आपको मिला है। यह वाला यह दिख रहा है। इसने वन वन का टारगेट ईजीली दे दिया है। साहिल भाई मुझे टूल रख के दिखाने की जरूरत नहीं है। ये जो डिस्टेंस है इसे ईजीली दे दिया है। तो इसने इसका काम दो एसएल देने के बाद वापस इसने इसका काम कर दिया। ऊपर आपको इसने चार ट्रेड दिए हैं सक्सेसफुल। नीचे आने के बाद दो एसएल देने के बाद वापस एक ट्रेड दे दिया। वापस आप यहां पे आके देखिए यहां पे देखिए यह बेरिश एंगल्फिंग पैटर्न बना है। यह रहा यहां पे पूरा। ठीक है ना? और उसके बाद आप देखिए गैप डाउन हो के सीधा चलने लगा नीचे। हम यह पोजीशंस कैरी फॉरवर्ड नहीं करेंगे। हम इंट्राडे ही बनाएंगे। लेकिन मैं इसका रिएक्शन बता रहा हूं कि देखो ये जब बेरिश एंगल्फिंग बनाया तो उसके बाद सीधा गैप डाउन ही दिया है दूसरे दिन। है ना? सो दीज़ पैटर्न्स फिर ये वो अभी जो थोड़ी देर पहले बताया था कि यहीं पे आके मार्केट रुकी। फिर ऊपर गई। अभी यहां कोई ट्रेड नहीं मिला। यहां पे आप वापस देखिए। यहां पे कोई प्रॉपर ट्रेड नहीं है। लेकिन यह ट्रेड को आप बेरिश एंगल्फिंग का ट्रेड मान सकते हो। यहां से बढ़िया ट्रेड इसने दे दिया। ऊपर का हम इवनिंग स्टार नहीं देखेंगे। अ इवनिंग स्टार जो है ना ये आपने बहुत अच्छा क्वेश्चन पूछा साहिल भाई। देखो मैं आपको समझाता हूं। इसको पहले ड्रॉ करते हैं ताकि ऑडियंस को प्रॉपर एरिया दिखे। यह वो इवनिंग स्टार है। अब यह इवनिंग स्टार अगर आप देखो तो गैन के नीचे क्लोज ही नहीं हुए है। ओके? हमें तो चाहे सपोर्ट रेजिस्टेंस ट्रेड करो, चाहे ज़ोन ट्रेड करो, चाहे कोई भी लेवल्स ट्रेड करो। जो लेवल आप इंटेंड कर रहे हो जिसके नीचे आप ट्रेड करना चाह रहे हो उसके नीचे क्लोज तो चाहिए अब प्रॉपर। ये तो क्लोज ही नहीं हुआ है। ये तो इसके ऊपर ही अटक गया। तो अगर आप यहां तक की मार्केट देखो साहिल भाई इतनी तो आपको क्या दिख रहा है? कैंडल क्लोज नहीं हुई है। उल्टा वो सपोर्ट का काम कर रहा है। करेक्ट। तो सपोर्ट के नीचे तो आप बेचोगे नहीं। अगर यह सपोर्ट नहीं दिखता यहां तक और मेरी कैंडल इसके नीचे कुछ ऐसे क्लोज हो जाती तो आई वुड हैव सोल्ड बिलो दिस बिलो दिस कैंडल है ना? वैसा हुआ नहीं। फिर क्या हुआ? मार्केट आगे बढ़ी। इसने तोड़ दिया। तोड़ दिया लेकिन कोई कैंडल फॉर्मेशन मुझे मिली नहीं। आई विल वेट। आई विल वेट। आई विल वेट। आई विल वेट। यह मुझे कैंडल फॉर्मेशन मिल गई। इसको भी मैं ड्रॉ करके एक बार दिखा देता हूं। प्रॉपर फॉर्मेशन है यह। यह प्रॉपर बेरिश एंगल्फिंग का फ़ेशन है। इसके ऊपर छत है गर की और ज्ञान सर की छत्रछाया में हमने माल ठोक दिया। सर सेलिंग को मैं ठोक दिया बोलूंगा। आप आप है ना उसको थोड़ा सा माइंड मत कीजिएगा। क्योंकि मुझे वर्ड इसके लिए अच्छा लगता है कि सेलिंग में एक बार प्रॉपर सेलिंग मिलती है ना वो फटाफट टारगेट अचीव कर देता है और बाइंग में तो देखो थोड़ा टाइम लगता है टारगेट्स अचीव करने में। कभी-कभी बाइंग में भी बहुत फास्ट टारगेट्स अचीव होते हैं। और आजकल तो हमने स्पाइक्स भी बहुत खतरनाक आती हुई देखी। बाइंग साइड भी आती हैं। ऐसा नहीं है कि नहीं आती है। बट यस सेलिंग में थोड़ा फास्ट आती है क्योंकि वो कहते हैं ना के बुल्स ऑलवेज गो अप बाय स्टेयर्स एंड बेयर्स जंप आउट ऑफ द विंडो। तो ये बेयर्स तो विंडो के बाहर ही गिरेंगे। तो ठोक दिया इज द बेस्ट वर्ड फॉर देम। आगे बढ़ते हैं। देखते हैं क्या किया मार्केट ने आगे। बस खत्म हो गई मार्केट। तो इसके पीछे भी जाकर देखोगे वैसे ही चलेगा। अब आप बोलो सर यह तो 15 मिनट 3 मिनट और 5 मिनट में वहां पे भी पैटर्न्स बनेगी। ट्रेड्स मिलेंगे। सिर्फ ये होगा कि जितनी छोटी टाइम फ्रेम में जाओगे विप्स ज्यादा आएंगे। जितनी बड़ी टाइम फ्रेम होगी विप्स कम आएंगे। सिंपल है। ये तो प्राइस एक्शन का बेस है। जिन व्यूअर्स को यह नहीं पता है व्हाट इज विप्स? मैं थोड़ा सा कॉन्टेक्स्ट दे देता हूं क्योंकि साहिल भाई मुझे यह उम्मीद है कि हर लेवल का व्यूअर यह पडकास्ट देखेगा और इससे फायदा उठाएगा। तो विpso बेसिकली ये होता है कि आप जितनी छोटी टाइम फ्रेम में जाते हो वो प्राइस मूव करने में टाइम लगाता है। वो उधर थोड़ी देर खेलेगा फिर मूव करेगा। तो आपको हर छोटी कैंडल के फॉर्मेशन में दिखेगा कि अब बुलिश हुआ, अब बेरिश हुआ, अब बुलिश हुआ, अब बेरिश हुआ। तो वो जो बुलिश बेरिश दिखाता रहता है ना बार-बार दैट इज विप्स वो छोटी टाइम फ्रेम में आपको ज्यादा दिखेगा। बड़ी टाइम फ्रेम मेंकि 15 मिनट की तीन कैंडल तो 45 मिनट मार्केट को मिल गई तो उसमें डिसीजन आ जाता है। इसीलिए वो पैटर्न सीधी-सीधी चलती है और 3 मिनट की तीन कैंडल 9 मिनट 9 मिनट में डिसिशन अभी नहीं आया है। मार्केट में थोड़ा सा साइडवेज घूम रहा है तो आपको विpsो आते हैं। सो विpso इज़ नथिंग बट क्फ्यूजन कि मैं बाय करूं मैं सेल करूं और बाय करोगे तो वो सेल हो जाएगा। सेल करोगे वो बाय हो जाएगा। दैट इज़ विpso। तो बिप्स से बचना है तो थोड़ी बड़ी टाइम फ्रेम में जाना चाहिए। तो क्वेश्चन आएगा कि अगर बड़ी टाइम फ्रेम में जाऊंगा तो स्कैल्प कैसे करूंगा? तो स्कैल्प एक ऐसी पद्धति है। आई एम अ वेरी गुड स्कैल्पर मतलब नॉट बूस्टिंग इट बट मुझे अच्छा लगता है। या मैं स्कैल्प करूंगा या मैं सिस्टेटिक ट्रेड करूंगा। मैं बीच में कुछ कर ही नहीं पाता हूं। तो स्कैल्पिंग एक ऐसा स्किल है कि जो पिरामिड के टॉप में आएगा। मतलब आप शुरू करोगे पोजीशनल ट्रेड से। फिर स्विंग पे आओगे, फिर इंट्राडे पे आओगे, फिर इंट्राडे की और छोटी टाइम फ्रेम पे जाओगे और फिर स्कैल्प पे आओगे। अच्छा लोग शुरू करते हैं तब शुरुआत स्कैल्प से करते हैं। तो स्कैल्पर बनने के लिए एक तो एक्सपीरियंस चाहिए और दूसरा स्ट्रांग कन्विक्शन और स्ट्रांग सिस्टम चाहिए कि यहां पे चाहे मार्केट ऊपर जाए या नीचे जाए मेरा एसएल लगा ना मैं निकल जाऊंगा। मेरा 1:1 हुआ ना मेरा 50% क्वांटिटी बुक। मेरा 1:2 हुआ ना मैं बाहर आ जाऊंगा। या मेरा स्विंग लो का जो मेरा अह ट्रेलिंग स्टॉप लॉस सब वह लग गया ना। मैं बाहर आ जाऊंगा। मार्केट कहीं भी जाए मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। कोई न्यूज़ आ गई, कोई कुछ आ गया। आई विल नॉट वेट। मैं निकलूूंगा मतलब निकलूूंगा। दैट इज़ व्हाट इज़ अ क्वालिटी ऑफ़ अ स्कैल्पर। वो शुरुआत के दो चार पांच साल में नहीं आती है वो क्वालिटी। उसको टाइम लगता है। इसीलिए स्कैल्पिंग गोज़ एट द एंड। बाकी ये सिस्टम स्कैल्पिंग में भी चलता है। कोई दिक्कत नहीं है। बहुत बढ़िया चलता है। तो अब इट्स अप टू द ऑडियंस। हमने एक सिस्टम सिंपल वाली और 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे दिखा दी। बाकी अगर प्रैक्टिस करेंगे तो समझ में आ जाएगा। और फिर भी मैं यह बोल के जाता हूं कि अगर कोई क्वेश्चंस क्वेरीज हैं तो कमेंट में लिखें। इस पडकास्ट की कमेंट के जवाब भी मैं पर्सनली दूंगा क्योंकि मैं जभी भी कुछ सिखाता हूं एंड टू एंड पूरा मतलब शुरुआत से लेके आखिर तक और उसके डाउट्स भी क्लियर करना मुझे अच्छा लगता है। तो मेरे जितने भी YouTube वीडियोस हैं मेरी चैनल पे या किसी और चैनल पे भी सबके कमेंट के जवाब मैंने दिए हैं। और मुझे अच्छा लगता है लोगों को जवाब देना। बिकॉज़ आई फील कि ये जर्नी लोगों की बहुत स्मूथ और इजी हो जानी चाहिए क्योंकि ये जर्नी वैसे बहुत डिफिकल्ट है। लोग अपने आप को चैलेंज करते हैं और उस चैलेंज में हार जाते हैं। तो उसमें मेंटर की हैंड होल्ड करने वाले की जरूरत पड़ती है तो सिस्टम दे दो पूरी दें। सिंपल मेथड है। अब एक पॉइंट सेल बाय इसमें रह गया वो ये था कि आपको यह लाइंस ड्रॉ करनी पड़ रही है। व्हिच इज़ व्हिच इज वेरी हार्ड एवरी टाइम। तो वो नहीं करनी पड़े। इसके लिए मैंने एक इंडिकेटर बना दिया है। वो इंडिकेटर मैं यहां पे दिखा देता हूं। एक बात दूसरा रेगुलर क्वेश्चन इसके बारे में आता है कि सर गेन लेवल्स क्या हर बार चेंज होते रहते हैं? तो उसका सिंपल आंसर ये है कि अगर आपने पूरा वीडियो देखा है तो आपको पता है कि वो चेंज नहीं होते हैं। वो स्टैटिक है चिपक गए। आपने नंबर को स्क्वायर किया लगा दिया चिपक गया। वो कैसे चेंज होगा? इट डजंट चेंज। एक और गेन की मेथड है सर जो प्रीवियस डे क्लोज के ऊपर आधारित है। प्रीवियस डे क्लोज के हिसाब से गेन एंगल्स प्लॉट होते हैं। तो हर रोज लेवल्स चेंज होते रहते हैं। तो वो मेथड भी मेरे को पता है लेकिन वो मेथड मुझे सक्सेसफुल नहीं लगती है। क्यों? क्योंकि हर बार लेवल्स चेंज होते रहते हैं। हर बार प्लॉट करते रहो। तो आप थक जाओगे कभी ना कभी। आप डिसिप्लिन से नहीं कर पाओगे। तो बेस्ट है कि ये स्टैटिक लेवल्स यूज़ करो और ये स्टैटिक लेवल्स चलते हैं। रिजल्ट है। तो स्टैटिक लेवल्स के लिए मैं एक बार ये मेरी लाइंस डिलीट कर देता हूं। नहीं डिलीट नहीं करता हूं। इसी के ऊपर प्लॉट करते हैं ताकि ये ओवरलैप करेगी तो पता चलेगा कि वहीं लेवल्स बनते हैं या नहीं बनते हैं। तो मैं इंडिकेटर में गया और यहां पे लिखूंगा लीनियर ज्ञान एल आई एन ई ए आर लीनियर लीनियर ज्ञान 2.0 आदिब नूरानी। ये इंडिकेटर फ्री है सर। कोई भी यूज़ कर सकता है। ईजीली मिल जाएगा। आप टाइप करोगे तो लीनियर गन 2.0 आदि नूरानी जैसे ही मैंने क्लिक किया आप देखेंगे कमाल यह लग गया। ये लग गया ज्ञान के नंबर्स लग गए और मैं इसको छोटा करता हूं तो पता चलेगा ऊपर नीचे कितनी लाइंस लगी है। देखो सब लाइंस लग गई। सब ये बीच में थोड़ा सा जो आपको एरिया दिख रहा है वह पांच लाइन अपनी है। बाकी ऊपर नीचे सारी लाइन लग गई। और इसमें मैंने वह 2.0 वाला वर्ज़न यह है कि इसमें नंबर्स भी गेन नंबर्स भी लिखे हुए आ जाते हैं। पुराने वाले वर्ज़न में नंबर्स लिखे हुए नहीं थे। आप इसका सोर्स कोड यह भी बता देता हूं। आप जाइए यहां पे ये ब्रैकेट्स पे क्लिक कीजिए। इसका सोर्स कोड है। आप कॉपी कर लीजिए ना यह सोर्स कोड। अपने पास रख लीजिए। खुद लगा लीजिएगा यार। ऐसी बहुत सारी सिस्टम्स हैं कि जिनको इंप्लीमेंट किया जा सकता है और प्रॉफिटेबल ट्रेडर बनाया जा सकता है। लेकिन दिक्कत क्या है पता है? मैनुअली इतनी सारी सिस्टम्स आप कभी साथ में कर ही नहीं पाओगे और सब कुछ करने जाओगे ना तो है वो भी चला जाएगा। तभी मैंने शुरुआत में कहा था कि सिस्टम्स बहुत सारी है। प्रॉफिटेबल हुआ जा सकता है लेकिन सारी सिस्टम साथ में नहीं कर पाते और उनको इंप्लीमेंट करने के लिए फिर ऑटोमेशन पे जाना ही पड़ता है। तो ऑटोमेशन में जाके सारी सिस्टम्स को क्लब करके बहुत अच्छे रिजल्ट्स लाए जा सकते हैं। ट्रेडिंग इज अ बिज़नेस और हर एक बिजनेस में कॉस्ट एक बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है। इन कॉस्टिंग में कुछ कॉस्ट हैं जो अनअवॉयडेबल हैं। बट कुछ कॉर्सेस ऐसे हैं जिनको हम अपने एकशंस के थ्रू कंट्रोल कर सकते हैं। सच एज ब्रोकरेज चार्जेस। विद इन क्रेड मनी ब्रोकिंग पेजेस 9 पर ऑर्डर अक्रॉस कैश, इंट्राडे, एफएनओ एंड द कमोडिटी सेगमेंट। और इफ यू ट्रेड फ्रीक्वेंटली देन यू कैन चूज़ दी अनलिमिटेड ट्रिपल9 प्लान फॉर अनलिमिटेड ट्रेडिंग अक्रॉस ऑल ऑफ़ दीज़ सेगमेंट्स। ओपन योर इनक्रेड मनी ब्रोकिंग अकाउंट थ्रू द लिंक गिवेन इन द डिस्क्रिप्शन बिलो एंड गेट वन मंथ ऑफ़ फ्री ब्रोकरेज। अगर कोई इंडिविजुअल आज ₹00 से ले ₹ लाख के कैपिटल के साथ ट्रेड कर रहा है। उसे क्या सीखना चाहिए ताकि वो इतनी देर सर्वाइव कर जाए कि आपका पर्सनालिटी डेवलपमेंट है वो भी एक्सपीरियंस करे। एंड ऐसे कौन से हार्ड या टेक्निकल स्किल्स उसे आने चाहिए इन द बेयर मिनिमम ताकि वो उसे एक फ्रेमवर्क बना के अपने आपको मार्केट में कंडक्ट कर सके। इसका बहुत शॉर्ट आंसर यह हो सकता है कि किसी को भी सबसे पहले फुल टाइम ट्रेडर नहीं बनना है। मतलब मेरे को बहुत सारे क्वेश्चंस आते हैं कि सर मुझे फुल टाइम ट्रेडर बनना है। मैं क्या करूं? मुझे कभी भी क्वेश्चन आता है तो मैं बोलता हूं कि तुम क्या ऐज के हो? अभी क्या कर रहे हो? और कितने साल से मार्केट में हो? और तुम्हारा वैसे फुल टाइम प्रोफेशन क्या है? यह मैं तीन-चार सवाल पूछता हूं। यह क्वेश्चंस पूछ के यह पता चलता है कि उसकी फाइनेंसियल स्टैंडिंग क्या है? तो बेस्ट मुझे यह लगता है कि कोई भी आदमी फुल टाइम ट्रेडर बनने की पहले ना सोचे। जो कर रहा है जो प्रोफेशन में जॉब कर रहा है, बिनेस कर रहा है, भाई कोई प्रोफेशनल डिग्री ले रखी है, भाई लॉयर है, डॉक्टर है, जो कर रहा है, करता रहे। साथ में टेक्निकल एनालिसिस सीखे थोड़ी। दो स्ट्रेटजी, तीन स्ट्रेटजी सीखो। बहुत हो गई। बहुत ज्यादा सीखने की जरूरत ही नहीं है। बेसिक तीन स्ट्रेटजी सीख लो। स्विंग ट्रेडिंग करना शुरू करो। जो कर रहे हो करते रहो। उसको छेड़ो मत। स्विंग ट्रेडिंग में क्या पैसा लगाओगे? स्विंग ट्रेडिंग में वो पैसा लगाओगे जो आपकी 1 महीने या 2 महीने की इनकम है। जो कभी चली गई तो आप यह सोचोगे 2 महीने काम नहीं किया था यार। तो वो पैसा लगा दो और एक रीज़नेबल स्टॉप लॉस के साथ 2% 3% के स्टॉप लॉस के साथ स्विंग ट्रेडिंग में काम करो। साल 2 साल 3 साल काम करोगे ना आपको खुद को सारे कांसेप्ट्स क्लियर हो जाएंगे। 3 साल के अंदर-अंदर के क्या ट्रेडिंग की साइकोलॉजी होती है। उसके बाद आपको मुझे पूछना आने की जरूरत ही नहीं है कि फुल टाइम ट्रेडर बनूं या नहीं बनूं। आपको खुद को पता है कि अगर मैं ये 3 साल पार्ट टाइम काम करते-करते स्विंग ट्रेड्स मारते-मारते अगर मैं प्रॉफिटेबल रहा तो मैं अब फुल टाइम में कन्वर्ट होने की सोच सकता हूं। अपने सिस्टम्स को क्रिएट करने से पहले व्हाट आर द थिंग्स दैट यू लर्न इन ऑर्डर टू क्रिएट अ सिस्टम जो आपके थॉट प्रोसेस को एडिक्वेटली रिफ्लेक्ट कर सके मार्केट में। सबसे पहले तो जो आपको सीखना है वह बेसिक मतलब अगर आप डायरेक्शनल ट्रेडर हो तो आपको चार्ट सीखना है, स्ट्रेटजी सीखनी है, कुछ रेलेवेंट इंडिकेटर सीखने हैं। व्हाट सोएवर अगर आप नॉन डायरेक्शनल ट्रेडर हो तो आपको वोलेटिलिटी क्या है? ऑप्शंस कैसे ट्रेड करना है? प्रीमियम्स क्या होते हैं? वो सारी चीज़ बट बिना सीखे क्या हम सिस्टम बना सकते हैं? आई डोंट थिंक सो और एसेंशियल यस। आज की तारीख में आप देखो तो बहुत सारे प्लेटफॉर्म्स अपने आपको ऐसे प्रमोट करते हैं। कुछ नहीं करना है। ड्रैग एंड ड्रॉप हमारे टूल्स यूज़ करो। सबको इकट्ठा करो। बैक टेस्ट का रिजल्ट देख लो। एंड यू आर गुड टू गो। और आप मुझे बताओ कि ऐसे रेडीमेड प्लेटफॉर्म्स पे कितने ट्रेडर सक्सेसफुल हुए हैं। सिर्फ सब्सक्रिप्शन का पैसा प्लेटफॉर्म्स को दिया है। प्लेटफार्म पैसे वाला हुआ है। ट्रेडर कभी रेडीमेड प्लेटफार्म पे ड्रैग एंड ड्रॉप वाले पे सक्सेसफुल नहीं हुआ है। और इसीलिए उन प्लेटफॉर्म्स को हर बार नए यूज़र्स की जरूरत रहती है। और इसीलिए वो यूज़र्स आते हैं और उधर लूज़ करके चले जाते हैं। तो वैसे नहीं होता है। आपको सिस्टम को सीखना पड़ेगा। ये सारी बेसिक स्किल्स सीखनी पड़ेगी। यह बेसिक स्किल्स तो अब आपने सीख ली। अब इनको जब इंप्लीमेंट करने जाओगे मार्केट में तो मार्केट आपको करेगा चैलेंज क्योंकि आपने टेक्स्ट बुक में पढ़ा होगा कि यह मॉर्निंग स्टार की पैटर्न है। रेड कैंडल, डोजी, ग्रीन कैंडल, मॉर्निंग स्टार हो गया। चार्ट्स पे एज़ इट इज़ मॉर्निंग स्टार शायद ही कहीं मिलेगी। तो आपको अब अस्यूम करना है कि यह जो मॉर्निंग स्टार का पैटर्न मैंने वहां सीखा था और यहां पर जो बन रहा है क्या यह ट्रेडेबल है या नहीं है। अब अगेन आपने अस्यूम किया कि यह ट्रेडेबल है और आप ट्रेड में बैठे और आपका एसएल लग गया तो आपको लगेगा नहीं यार इस टाइप का मॉर्निंग स्टार तो नहीं चलता है। तो ये सारी चीजें अब मार्केट चैलेंज करना शुरू करेगा। तो अब प्रैक्टिकली आपको देखना पड़ेगा के मॉर्निंग स्टार पैटर्न इंपॉर्टेंट नहीं है। वो कहां बनता है दैट इज़ेंट। अब क्या होगा? अब मार्केट आपको यह सिखाएगा कि इरिस्पेक्टिव ऑफ़ आपका सेटअप कितना भी स्ट्रांग है, इरिस्पेक्टिव आपकी पैटर्न कितनी भी अच्छी है, एसएल लग सकता है। इट कुड बी एसएल पॉसिबल। अब मार्केट वो आपको सिखाना शुरू करेगा। तो, अब आप क्या सीखना शुरू करोगे कि ठीक है, एसएल लग सकता है। गेम ऑफ़ प्रोबेबिलिटी। अब मैं मैं अपने रिस्क को मैनेज करना सीखूंगा। मैं अपने वॉल्यूम को मैनेज करना, पोजीशन साइज को सेट करूंगा। लिमिटेड कैपिटल लाऊंगा। कुछ कैपिटल को इन्वेस्ट भी करूंगा। सब कुछ ट्रेडिंग में नहीं लाऊंगा। ये सारी चीजें आपको जो मनी रिलेटेड जो रिस्क रिलेटेड है ना वो मार्केट सिखानी शुरू कर देता है। अब सेकंड स्टेप में आपने क्या सीखा? रिस्क मैनेज कैसे करना है? पोजीशन साइज कैसे देखनी है? पैसे कितने एलोकेट करने हैं वो सीखा। अब यह सब करने के बाद भी ट्रेडर प्रॉफिटेबल नहीं बनता। इन्वेस्टर प्रॉफिटेबल नहीं बनता। क्यों? क्योंकि जब वो लूजिंग स्टिक आती है ना तो उसका पूरा रिस्क मैनेजमेंट हिल जाता है। या विनिंग स्टिक आती है तो वह उसकी बेड्स बड़ी हो जाती है। तो अब वहां पे वह नुकसान करेगा। वहां पे वो यह सीखेगा कि चाहे लूजिंग स्ट्रीक हो, चाहे विनिंग स्ट्रीक हो, मुझे मेरी सिस्टम में चेंजेस नहीं करने हैं। मुझे मेरी कैपिटल की साइज चेंज नहीं करनी है। पोजीशन साइज चेंज नहीं करनी। तो वो तीसरे फज़ में वापस अपने आप को खुद और सिखाएगा। तो पहले फज़ में स्किल्स सीखा। दूसरे फज़ में उसने रिस्क मैनेजमेंट, मनी मैनेजमेंट, पोजीशन साइजिंग ये सारी चीजें सीखा। तीसरे फज़ में वो यह सीखा कि ये सब करने के बाद भी जब स्ट्रिक्स आती है जो मुझे हिला देती है तब भी मुझे डिसिप्लिन मेंटेन करना है। ये सारी फिल्टर्स में से जो निकलता है ना वही एक सक्सेसफुल ट्रेडर या इन्वेस्टर बन पाता है और जो इनमें कहीं ना कहीं फंस जाता है वो मार्केट छोड़ के चला जाता है। और ऑफलेट यही हुआ है। क्या हुआ है? 20 लाख ट्रेडर्स कम हुए हैं। कम हुए हैं। 20 लाख ट्रेडर्स कम क्यों हुए हैं? क्योंकि वही 1999 के कोर्स ले लेके सब अपने आप को ट्रेडर्स समझने लगे थे। भाई 1999 इज ए स्टेप पहली सीढ़ी है किंडर गार्डन है वो किंडर गार्डन में आप गए फिर और थोड़ा ऊपर गए फिर थोड़ा और ऊपर गए वैसे करते-करते एक जर्नी आपको पूरी चलनी है तो उसके बाद एक सक्सेसफुल ट्रेडर या इन्वेस्टर बन पाओगे और ऑन एन एवरेज मैंने देखा है कि 5 साल में अगर इंसान चाहे तो अच्छा ट्रेडर बन सकता है। यू हैव टू बी गुड एट एव्री एस्पेक्ट टू बिकम अ गुड ट्रेडर और अ इन्वेस्टर। सिंपल सी बात है। तो इट इज़ वेरी सिंपल कि जो करते रहो जो करते हो करते रहो। साथ-साथ में स्विंग्स या पोज़शनल ट्रेड्स बनाते रहो। आपको आईडिया आएगा वन फाइंड पॉइंट एंड टाइम 3 साल 4 साल के बाद आपको पता चल जाएगा कि अब धीमे-धीमे मेरी स्विंग की टाइम फ्रेम छोटी करनी पड़ेगी। पहले मैं वीकली या डेली में काम कर रहा था। अब मैं फोर आवर्स वन आवर्स में आ सकता हूं। कोई दिक्कत नहीं है। मैं मैं मेरी साइकोलॉजी कंट्रोल है। फिर फोर आवर्स वन आवर्स में आप सक्सेसफुल होने शुरू हुए। देन इट इज अ गुड टाइम कि अब आप सोच सकते हो कि जो पैसा मेरे पास है वह कहीं पार्क करूं उससे एक रेवेन्यू जनरेट हो जाए और कुछ पैसे से मैं इंट्राडे ट्रेड करके फुल टाइम ट्रेडर बनने की जर्नी शुरू करता हूं। लेकिन आप एक पॉइंट याद रखना मैंने बोला है कि पहले कुछ पैसा साइड करके उसमें से रेवेन्यू जनरेट करूं फिर फुल टाइम ट्रेडर बनने जाओ। क्यों? क्योंकि जब आप फुल टाइम ट्रेडर बनने जाओगे तो आपने बहुत कुछ पास तो कर लिया है लेकिन वहां पे भी कुछ प्रैक्टिकल चैलेंजेस आएगी क्योंकि फोर ऑवर वन ऑवर या वन डे वन वीक की टाइम फ्रेम में आपको सोचने का टाइम बहुत मिलता था ट्रेड एग्जीक्यूशन करने से पहले और ट्रेड एग्जीक्यूशन करने के बाद भी इतना सारा वो आपको मार्केट परेशान नहीं करती थी वोलेटिलिटी को एडजस्ट कर लेते थे क्योंकि टाइम फ्रेम बड़ी थी अब आप छोटी टाइम फ्रेम में आने वाले हो 15 मिनट 5 मिनट 3 मिनट अब आपको मार्केट बहुत चैलेंज करेगी तो आपके डिसिशंस कुछ हद तक गलत होने वाले हैं लेकिन वो नोस जितने गलत नहीं होंगे। गलत तो होने वाले हैं। तो अब उस उस पूरे प्रोसेस को साल भर डेढ़ साल लगेगा। तो साल डेढ़ साल का जो कुशन है ना वो आपने अलग कर रखा है और उस दरमियान आप अच्छे ट्रेडर बन जाओगे। कोई मुश्किल काम नहीं है। यही प्रोसेस है और इस प्रोसेस से बहुत ईजीली स्फ्टली ट्रेडर इंसान बन सकता है। आदिम भाई आई एम वेरी श्योर कि हम आपके साथ इन डिटेल बहुत कुछ और भी स्टडी कर सकते हैं। दिस इज जस्ट अ टिप ऑफ द आइस बग। तो मुझे पता है कि जो आपने ये वर्जन शेयर किया है इज द सिंपलर वर्जन ऑफ़ मेनी कॉम्प्लिकेटेड सिस्टम्स जो आगे जाके आपने बिल्ड किए हैं। जी। एंड आई एम श्योर दी ट्रेडिंग कम्युनिटी आल्सो एप्रिशिएट्स कि यू हैव सजेस्टेड अ सिंपलर सिस्टम सो दैट हमने जो इनिशियली डिस्कस किया था कि फ्रॉम डिस्क्रीशन टू अ एल्गो ड्रिवन सिस्टम्स का जो जर्नी इनिशिएट करना है। जहां पे हमें कुछ चीजें डिफाइन करनी पड़ेंगी। आपने वो चीजें डिफाइन करके दी हैं थ्रू ज्ञान एंगल्स, ज्ञान लेवल्स और डिस्क्रीशन भी उन पे छोड़ा है थ्रू कैंडल स्टिक्स। आई बिलीव दी व्यूअर्स विल बेनिफिट अ लॉट विद आवर इंटरेक्शन। एटलीस्ट आई होप सो उनके जो भी सजेशंस एंड कमेंट्स होंगे वी लुक फॉरवर्ड टू सीइंग इट इन आवर कमेंट सेक्शन। आदि भाई आप यहां तक आए। आपने अपना कीमती समय दिया। थैंक यू सो मच फ्रॉम द टीम ऑफ ट्रेडिंग टाइटल्स। थैंक यू वेरी मच।