Verdict
Auto-backtested. AI-decoded: Intraday Alpha Screener: a buy-side breakout strategy using 30-min ORB (high/low of first 30 min candle) with volume, market-cap, 20-EMA, and Supertrend filters, run at 9:45 AM, targeting 1:2+ risk/re Ran on 159 large/mid-caps, real costs. 11,194 trades, win 31%, payoff 3.50, expectancy +0.41R/trade (avg +2.15%/trade).
This is a real edge. The payoff is convex (winners run well past the average loser). Reasonably consistent (67% of years positive).
Mechanically decoded from the transcript and scored from the metrics. Flagged for human review; a hand-vetted verdict can override it.
Full transcript (3772 words)
क्या आपको पता है इंट्राडे ट्रेडिंग में सबसे ज्यादा टफ काम क्या होता है? यह होता है राइट स्टॉक्स को सेलेक्ट करना और उन स्टॉक को प्रॉफिटेबली ट्रेड करना। ज्यादातर लोग यह समझते हैं कि इंट्राडे ट्रेडिंग में राइट स्ट्रेटजी का होना इंपॉर्टेंट है। राइट सेटअप का होना इंपॉर्टेंट है। लेकिन राइट स्टॉक में जब तक आप ट्रेड नहीं करेंगे तो चाहे आपकी स्ट्रेटजी कितनी भी अच्छी हो कहीं ना कहीं आपको प्रॉफिट उतना ज्यादा होगा ही नहीं। अब राइट स्टॉक का मतलब क्या होता है? राइट स्टॉक वो होते हैं अगर आप बाय साइड में ट्रेड कर रहे हैं तो वो ऐसे स्टॉक होने चाहिए जो दिन के दौरान सबसे ज्यादा गेन आपको लाके दे। या फिर अगर आप सेल साइड ट्रेड कर रहे हैं तो ऐसे स्टॉक्स में ट्रेड कीजिए जो सबसे ज्यादा वीक हो उस पर्टिकुलर दिन में। लेकिन यह पता कैसे लगाएंगे कि सबसे ज्यादा स्ट्रांग गेनर्स कौन से होने वाले हैं और सबसे ज्यादा स्ट्रांग लूजर्स कौन से होने वाले हैं? इसके लिए आपके पास राइट स्क्रीनर होना चाहिए। इसीलिए आज के वीडियो में मैं आपके साथ शेयर करने वाली हूं एक ऐसा स्क्रीनर जो आपको राइट स्टॉक सेलेक्ट करके देगा इंट्राडे टाइम फ्रेम के अंदर। तो चलिए वीडियो को शुरू करते हैं। हाय, मैं हूं डॉ. प्रियंका। आई एम अ स्टॉक मार्केट मेंटोर, अ फुल टाइम ट्रेडर एंड इन्वेस्टर इन इंडियन मार्केट्स। वीडियो को शुरू करने से पहले अगर आपने धन का चैनल अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया है तो प्लीज हिट द सब्सक्राइब बटन एंड टू ट्रेड सीमलेसली प्लीज डाउनलोड धन एप, जिसका लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। तो चलिए लेट्स गेट स्टार्टेड। स्क्रीनर की डिटेल्स में जाने से पहले सबसे पहले यह समझते हैं कि यह स्क्रीनर जो मैंने आप लोगों के लिए बनाया है वो किस थीम के अराउंड मैंने बनाया है। देखिए इंट्राडे ट्रेडिंग में राइट पावरफुल स्टॉक्स को पहचानने के लिए आपने कुछ चीजों पे ध्यान देना है जो कि इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर सबसे ज्यादाेंस होल्ड करती है। तो सबसे पहली चीज उसमें यह आती है कि स्टॉक का वॉल्यूम सही होना चाहिए। यानी कि आपने एसेंशियली इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर ऐसे स्टॉक्स ट्रेड करने हैं जो हाई वॉल्यूम स्टॉक्स हैं। तो कभी-कभी ऐसा होता है किसी भी टाइम फ्रेम में या इंट्राडे टाइम फ्रेम में प्राइसेस तो स्टॉक के ऊपर जाते हैं बट दोज़ अपवर्ड मूवमेंट इज़ नॉट सपोर्टेड विथ इनफ वॉल्यूम। तो जब भी किसी काउंटर में स्टॉक प्राइस और वॉल्यूम का कोरिलेशन नेगेटिव हो तो यह समझ जाना चाहिए कि इवन दो द स्टॉक इज़ मूविंग अपवर्ड दोज़ प्राइसेस विल नॉट सस्टेन। और उसी तरीके से अगर किसी स्टॉक के प्राइसेस नीचे जा रहे हैं लेकिन आप देखते हैं कि वॉल्यूम्स उसको सपोर्ट नहीं कर रहे तो इसका मतलब है वह जो मूव है वह कहीं ना कहीं बहुत जल्दी ड्राई अप हो जाएगा। तो इसलिए जब भी हम कोई इंट्राडे ट्रेडिंग की बात करते हैं या फॉर दैट मैटर किसी भी एक्टिव ट्रेडिंग स्टाइल की बात करते हैं यू हैव टू इंश्योर दैट द वॉल्यूम इज सपोर्टिंग द प्राइस मूव। तो सबसे पहली चीज जो मैंने इस स्क्रीनर में इंकल्टेट की है वो है वॉल्यूम। तो, इसीलिए यहां पे हम जो बात करें, हम ऐसे स्टॉक्स को सेलेक्ट करना चाहते हैं जिनका वॉल्यूम 10 लाख शेयर्स से ज्यादा हो। तो, सबसे पहले हम यह वॉल्यूम का फ़िल्टर यहां पे ऐड कर लेते हैं। तो, आपने जाना है ऐड फिल्टर्स में प्राइस एंड वॉल्यूम एक्शंस के अंतर्गत और उसमें आपने सेलेक्ट कर लेना है वॉल्यूम एंड क्लिक ऑन अप्लाई। अब देखिए, यह वॉल्यूम का टैब आपको यहां पे क्लियरली दिखाई दे रहा है। इस वॉल्यूम के टैब में क्लिक करके आपने मिनिमम वॉल्यूम यहां पे डाल देना है 10 लाख का। अब देखिए, जैसे ही हमने 10 लाख वॉल्यूम का फिल्टर लगाया, हम देखते हैं कि हमारे जो फिल्टर्ड स्टॉक्स हैं, वह ऑलरेडी बहुत कम हो गए हैं। अब देखिए, यहां पे एक इंपॉर्टेंट चीज होती है। जब भी हम इंट्राडे स्क्रीनर्स की बात करते हैं, वी हैव टू बी वेरी स्पेसिफिक इन ईच एंड एव्री एस्पेक्ट ऑफ इंट्राडे ट्रेडिंग। तो जब भी इंट्राडे ट्रेडिंग में हम किसी स्क्रीनर को रन करने की बात करते हैं, तो आपने स्क्रीनर ऐसा नहीं है कि 9:00 बजे रन किया, 9:30 बजे रन किया, फिर 10, सेम स्क्रीनर। अगर आप सेम स्क्रीनर को डिफरेंट टाइम में रन करेंगे तो उनके जो रिजल्ट्स हैं वो उतने अच्छे नहीं आएंगे। बिकॉज़ जो हम स्क्रीनर्स आपके साथ शेयर करते हैं दे आर मेंट टू रन एट अ पर्टिकुलर टाइम। और अपने सारे ही वीडियोस में ये चीज मैं बहुत स्पेसिफिकली आपको बताती हूं कि आपने कितने बजे यह स्क्रीनर को रन करना है। अगर हम इस स्क्रीनर की बात करें तो यह स्क्रीनर आपने रन करना है 9:45 am पे। क्याेंस है इस टाइम पीरियड की? देखिए मार्केट ओपन होती है सुबह 9:15 बजे। 9:45 का मतलब है मार्केट ऑलरेडी ओपन होके 30 मिनट्स हो चुके हैं। व्हाट डज़ दैट मीन फॉर अ ट्रेडर? इट मींस दैट द इनिशियल प्राइस एक्शन ऑफ़ एनी स्टॉक और इंडेक्स और व्हाटएवर यू आर ट्रेडिंग हैज़ बीन सेटल्ड। अब क्या होता है? जैसे ही मार्केट खुलती है ना, आप देखेंगे अगर आप पिछले कुछ टाइम से ट्रेडिंग कर रहे हैं, इंट्राडे कर रहे हैं या एक्टिव ट्रेडिंग कर रहे हैं। जो इनिशियल टाइम पीरियड होता है, फर्स्ट स्लॉट ऑफ़ मार्केट होता है, लेट्स से फर्स्ट 15 मिनट्स और द फर्स्ट 30 मिनट्स। वहां पे आप देखेंगे वोलेटिलिटी सबसे ज़्यादा है। देखिए जैसे कि मैंने यहां पे निफ़ी का चार्ट खोल के रखा है। अब आप यह देखिए फर्स्ट 5 मिनट्स ऑफ़ मार्केट जो होता है ना उसमें वोलेटिलिटी सबसे ज्यादा होगी। ये 26 तारीख का इंट्राडे कैंडल है निफ्टी 5 मिनट्स की। आप देख पा रहे हैं फर्स्ट कैंडल जो बनी है उसमें लो और हाई में कितना ज़्यादा डिफरेंस है। हाई एंड लो में बहुत बड़ा डिफरेंस का मतलब है कि फर्स्ट 5 मिनट्स में जो प्राइस की मूवमेंट हुई है वो बहुत वाइडली हुई है। अब देखिए यहां पे जो लो बना है वो बना है 23965 पे जो हाई बना है वो 2402 पर बना है। लेकिन जो बाद की कैंडल्स हैं उनमें वोलेटिलिटी रिड्यूस्ड है। इसी तरीके से हम इस वाले दिन की फर्स्ट कैंडल देखते हैं। देखिए ये जो फर्स्ट कैंडल है इसमें आप देख पा रहे हैं एक तो ये लंबी है इसकी बॉडी दूसरा शैडोस भी बहुत लंबी-लंबी बनी है। लेकिन जो बाद की कैंडल्स हैं वो रिलेटिवली छोटी बनी है और शैडोस भी छोटी है। इसका क्या मतलब है कि मतलब स्टॉक में या इंडेक्स में आप देखेंगे इनिशियल 15 मिनट्स में या इनिशियल 30 मिनट्स में सबसे ज्यादा वोलेटिलिटी होती है। और उसके बाद वोलेटिलिटी कोई ब्रेकआउट आएगा तो ट्रेंड होगा या ब्रेकडाउन आएगा तो वो ट्रेंड की तरफ इशारा करता है। लेकिन जो शुरुआत की वोलेटिलिटी होती है फर्स्ट 5 मिनट्स, फर्स्ट 15 मिनट्स की वो जनरली कोई ट्रेंड नहीं होता है। इट इज जस्ट नॉइस और जिसमें आपकी लॉन्ग शैडोस ऊपर की साइड या नीचे की साइड बन सकती है। तो जनरली हम यह कहते हैं कि आपको फर्स्ट 15 मिनट्स को छोड़ देना चाहिए ट्रेडिंग के पर्पस से। इफ यू आर नॉट इनू ट्रेडिंग फॉर मेनी नंबर ऑफ इयर्स। बहुत से एक्सपर्ट ट्रेडर्स इसी टाइम फ्रेम को प्रेफर करते हैं ट्रेडिंग के बिकॉज़ वो देखते हैं वोलेटिलिटी बहुत ज्यादा है। पर वोलिटी को ट्रेड करने के लिए आपको एक्सपीरियंस भी उतना ज्यादा चाहिए। अगर आप एक न्यू कमर हैं या आपका एक्सपीरियंस मार्केट में थोड़ा कम है। आप ऐसे स्क्रीनर्स में ट्रेड कीजिए जहां पे आपको एक रेस्टिंग पीरियड में स्टॉक दिख रहा है और उसके बाद ब्रेकआउट आ रहा है। तो ये जो स्क्रीनर मैं आपके साथ शेयर कर रही हूं, इसका नाम है इंट्राडे अल्फा स्क्रीनर। ठीक है? तो यहां पे हम नॉइज़ को ट्रेड नहीं कर रहे हैं। यहां पे हम 945 के बाद ट्रेड कर रहे हैं। व्हाई? बिकॉज़ वी जस्ट वांट टू चज़ राइट ब्रेकआउट्स इन द स्टॉक। ठीक है? तो ब्रेकआउट कब होंगे? आफ्टर द प्राइस एक्शन इज़ सेटल्ड फॉर द फर्स्ट 30 मिनट्स। तो चलिए ये तो हो गया हमारा सबसे पहला फ़िल्टर। दूसरा फ़्टर जो मैं यहां पे ऐड कर रही हूं वो है मार्केट कैप का। तो बेसिकली इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर जैसा कि मैंने आपको बोला वॉल्यूम अच्छा चाहिए। लेकिन साथ में हमने यह भी इंश्योर करना है कि जिन स्टॉक्स में हम ट्रेड कर रहे हैं उनमें लिक्विडिटी भी अच्छी हो। लिक्विडिटी का मतलब होता है कि आपकी एंट्री और स्मूथ दोनों स्मूथ रहेंगी। हाउ? बिकॉज़ द बिट आर स्प्रेड प्राइस उनके बीच में काफी नैरो होता है। जब भी आप इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर किसी स्माल कैप स्टॉक को ट्रेड करते हैं तो आपने देखा होगा कई बार जो बयरर्स का प्राइस होता है यानी कि जो बड प्राइस होता है और जो आस्क प्राइस होता है उसके बीच में काफी बड़ा डिफरेंस होता है जिसकी वजह से आपकी एंट्री और एग्जिट दोनों हैंपर हो सकते हैं। तो इसलिए हम कहते हैं कि इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर आपने ऐसी कंपनीज़ को ट्रेड करना है जिनमें मार्केट कैप काफी अच्छा हो। तो यहां मैं एक फिल्टर डाल रही हूं। 5000 करोड़ से ज्यादा की कंपनीज़ मुझे चाहिए। उससे छोटी कंपनीज़ ज्यादातर यू नो स्माल कैप रेंज में आ जाती है। जिनमें ये प्रॉब्लम लिक्विडिटी की हमें देखने को मिलती है। अब आप देख पा रहे हैं पहले हमारे पास समथिंग 600 से ज्यादा स्टॉक्स थे। नाउ दे हैव रिड्यूस्ड टू 397 स्टॉक्स। और अभी तक हमने सिर्फ दो फ़्टर यहां पे ऐड किए। अब क्योंकि जैसे मैंने आपको शुरुआत में ही बताया यह एक बाय साइड स्कैनर है। यानी कि यह सिर्फ आपको ऐसे आइडियाज देगा जहां पे आप बाय साइड में ट्रेड कर सकते हो। सो सबसे इंपॉर्टेंट फिल्टर मैं यहां पे नेक्स्ट क्या लगाऊंगी? द प्राइसेस ऑफ द स्टॉक शुड बी अबव 20 ईएमए। देखिए मैंने अपने प्रीवियसली भी कई वीडियो में आपको बताया है कि ईएमएस और एसएमएस स्ट्रांगेस्ट लाइन ऑफ सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस होती हैं। तो अगर आपके स्टॉक के प्राइसेस आप देखते हैं 20 एसएमए या ईएमए के ऊपर ट्रेड करें इसका मतलब जो रुझान है स्टॉक का वो बयरर्स की साइड है। स्टॉक में डिमांड बहुत ज्यादा है। और लेट्स से द स्टॉक के प्राइसेस जो हैं वो अगर 20 ईएमए के नीचे ट्रेड करें इसका मतलब सेलर्स की या सप्लाई स्टॉक में बहुत ज्यादा है। तो इसीलिए क्योंकि ये एक बाय साइड फिल्टर है। हम यहां पे ईएमए का फ़्टर भी ऐड करेंगे। एंड वी विल पुट अ कंडीशन दैट द प्राइस ऑफ़ द स्टॉक शुड बी अबव द 20 ईएमए। तो इस तरीके से आपने ईएमए को ऐड कर लेना है। यहां पे प्रेफर्ड लेंथ को भी ऐड कर देना है। क्योंकि मैं 20 ईएमए पैरामीटर चूज़ कर रही हूं। तो इस तरीके से हमने यहां पे ईएमए ऐड कर दिया है। अब देखिए मेरे जो फिल्टर्ड लिस्ट ऑफ़ स्टॉक्स थी ना इनिशियली कितनी थी? 600 और उसके बाद अब यह 200 तक आ गई है। ठीक है? मार्केट कैप 5000 करोड़ से ज्यादा प्राइस ट्रेडिंग अबव 20 ईएमए एंड द वॉल्यूम इज़ मोर देन 10 लाख शेयर्स। अब मोमेंटम को गवर्न करने के लिए मुझे और कंफर्मेशन चाहिए। व्हाई? क्योंकि देखिए सिर्फ प्राइसेस 20 ईएमए के ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर दिन इंट्राडे में आपको प्रॉफिट होगा। यानी कि हर दिन इंट्राडे में स्टॉक जो है एक बुलिश ग्रीन कैंडल बनाएगा। अब देखिए इस चीज का मतलब मैं आपको चार्ट्स में दिखाती हूं। जैसा कि आप देख पा रहे हैं ये निफ्टी 50 का डेली चार्ट मैंने आपके साथ शेयर किया है और इसमें जो ये लाइन है ये 20 ईएमए की लाइन है। नाउ इवन इफ द प्राइसेस आर ट्रेडिंग अबव 20 ईएमए की लाइन देयर आर डज़ व्हेन अ रेड कैंडल स्टिक इज़ फॉर्मिंग एंड द प्राइसेस हैव गॉन वेरी शार्पली डाउन। सो 20 ईएमए के ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब लार्जली यह होता है ट्रेडर के लिए कि मोस्ट ऑफ़ द टाइम जो है स्टॉक्स के प्राइसेस ऊपर जाएंगे। पर इसका मतलब यह नहीं है कि स्टॉक में प्रॉफिट सेलिंग नहीं आ सकती या करेक्शन नहीं आ सकते। और एज एन इंट्राडे ट्रेडर वी हैव टू बी वेरी प्रिसाइज़ कि हमने किस लेवल पर और किस दिन बाय करना है। दैट इज व्हाई हम लोग हरदम सजेस्ट करते हैं कि जब भी आपने कोई डिसीजन लेना है ट्रेडिंग डिसीजन ऑफ बाइंग अ स्टॉक और सेलिंग अ स्टॉक सिर्फ एक टेक्निकल इंडिकेटर काफी नहीं है या फिर सिर्फ एक चीज आपके थीसिस को सपोर्ट नहीं कर सकती। कॉम्बिनेशन ऑफ़ ऑल फैक्टर्स आपको बताता है कि हां इस स्टॉक में इस लेवल पे बाइंग की जा सकती है। तो इसीलिए मैंने अपने यहां पे जो हम स्क्रीनर बना रहे हैं इंट्राडे अल्फा स्क्रीनर उसमें हमने क्या ऐड किया है? प्राइसेस अबव 20 ईएमए। नेक्स्ट फिल्टर जो मैं यहां पे ऐड करूंगी वो अगेन मेरी इस थीसिस को कंफर्म करना चाहिए कि प्राइसेस 20 ईएमए के ऊपर तो है मतलब बुलिश है प्राइसेस। लेकिन एक इंडिकेटर और मैं यहां पे यूज़ कर रही हूं जो है सुपर ट्रेंड। सुपर ट्रेंड अगेन एक ऐसा इंडिकेटर है जो हमें ये क्लियरली बताता है कि स्टॉक में प्राइसेस बुलिश साइड है या फिर सेलर्स की साइड है। तो यहां पे हम क्या करेंगे? प्राइसेस शुड बी मोर देन एंड इक्वल टू सुपर ट्रेंड। ठीक है? तो अब आप देख पा रहे हैं ये नंबर ऑफ स्टॉक्स जो निकल के आए हैं यह और कम हो गए हैं। अब देखिए लास्ट टेक्निकल पैरामीटर जो मैं यहां पे यूज़ करूंगी एंड द मोस्ट इंपॉर्टेंट टेक्निकल पैरामीटर है मेरे हिसाब से वो इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर कि आपने यह जज करना है कि जब आपने इस स्क्रीनर को रन किया तब तक जो स्टॉक के प्राइसेस थे वो कितने गेंस के साथ ट्रेड कर रहे हैं। मेरे हिसाब से ये वन ऑफ द मोस्ट इंपॉर्टेंट क्राइटेरिया होता है। क्योंकि देखिए ट्रेडिंग का एक बहुत ही सिंपल एंड बहुत ही ज्यादा बेसिक रूल है कि जहां पे गेंस हैं वो बिल्ड होते हैं और जहां पे लॉसेस हैं वो भी नीचे की साइड बिल्ड होते हैं। बेसिकली इसका मतलब है कि अगर कोई स्टॉक या इंडेक्स एक पर्टिकुलर टाइम में एक पर्टिकुलर ट्रेंड में आपको दिखाई दे रहा है तो वो कंटिन्यू रहने के हाई चांसेस हैं। यह डऊस थ्योरी के अंतर्गत भी हमने कई बार पढ़ा है। जैसे कि सिमिलर प्राइस बिहेवियर यहां पे निफ़ी में भी आप देख सकते हैं। प्राइसेस आर अबव 20 ईएमए सजेस्टिंग बुलिशनेस एंड अगेन व्हेन दे हैव गॉट इंटू दैट बुलिश टेरिटरी दे आर कंटिन्यूइंग टू बी इन दैट बुलिश टेरिटरी फॉर अ सर्टेन अमाउंट ऑफ़ टाइम नाउ व्हेन द प्राइसेस आर बिलो 20 ईएमए यानी कि बियरिश टेरिटरी में है दे आर कंटिन्यूइंग टू बी इन देयर टेरिटरी फॉर अ क्वाइटर अ पीरियड ऑफ़ टाइम इसका मतलब क्या है कि ट्रेंड जो है वो थोड़े टाइम के लिए कंटिन्यू रहता है अंटिल इट इज़ रिवर्ज्ड एंड दैट्स इज़ द बेसिक थीसिस ऑफ़ डॉस थ्योरी आल्सो तो इसीलिए मैंने मैंने यहां पे जो लास्ट फिल्टर यूज किया है वो है प्राइस परसेंटेज चेंज का जो मुझे यह बताएगा कि 945 तक कितने स्टॉक्स ऐसे हैं जो 0.50 से 1.5% के गेंस में ट्रेड कर रहे हैं। व्हाई आई एम टेकिंग दिस परसेंटेज? देखिए क्योंकि मुझे ऐसे स्टॉक्स नहीं चाहिए जो 4 से 5% ऑलरेडी सुबह के आधे घंटे में मूव कर गए। क्योंकि तब इस चीज की प्रोबेबिलिटी और रिड्यूस हो जाती है कि यहां से आगे यह अपवर्ड मोमेंटम कंटिन्यू रहेगा। क्योंकि हमने देखा है जो एवरेज गेंस बुलिश मोमेंटम स्ट्रांग बुलिश मोमेंटम स्टॉक्स में आते हैं वह लगभग इसी रेंज में होते हैं। हम यह नहीं एक्सपेक्ट कर सकते हर रोज हर स्टॉक में कि स्टॉक अगर बहुत बुलिश है तो वो 7% मूव करेगा। जब हम इंट्राडे ट्रेडिंग की बात करते हैं तो हमारा जो प्राइस परसेंटेज टारगेट होता है वो लगभग 1% का ही होता है। तो हमने अगर कोई स्टॉक 4% मूव कर रहा है हमने बीच का सिर्फ 1% गेन करना है। लेकिन वो 4% मूव करेगा नहीं या नहीं करेगा वो इस बात पे निर्भर करता है कि उसने पहले आधे घंटे में कितने गेंस दिए हैं और क्या उस स्टॉक में ये टेंडेंसी है कि आगे वो इस गेंस को बिल्ड कर पाएगा या नहीं। सो फॉर दैट मैटर वी आर टेकिंग स्टॉक्स व्हिच आर ऑलरेडी शोइंग सम स्ट्रेंथ। दे आर रिलेटिवली स्ट्रांग स्टॉक्स। नाउ इंट्राडे में अगर आप किसी ऐसे स्टॉक को ट्रेड करते हैं जो 2% लॉस के साथ ट्रेड कर रहा है 9:45 तक या 3% लॉस के साथ ट्रेड कर रहा है या 1% लॉस के साथ ट्रेड कर रहा है। तो इस चीज के चांसेस ऑलरेडी कम है कि वो आपको प्रॉफिट देगा। व्हाई? क्योंकि उस स्टॉक को अभी नीचे से 2% ऑलरेडी चलना है और फिर वो आपके यू नो पॉजिटिव टेरिटरी में आएगा। लेकिन जो स्टॉक ऑलरेडी आधे घंटे में कुछ मोमेंटम बिल्ड कर चुका है। वो ऑलरेडी अपने 20 ईएमए के ऊपर है। सुपर ट्रेंड की लाइन से ऊपर ट्रेड कर रहा है और वॉल्यूम भी उसमें अच्छा है। उसके चांसेस ज्यादा है कि वो आगे इस स्ट्रेंथ को बिल्ड कर सकता है। तो इसीलिए यह जो स्क्रीनर है व्हिच इज़ इंट्राडे अल्फा स्क्रीनर। यह हमें स्ट्रांग स्टॉक्स को रिलेटिवली स्ट्रांग स्टॉक्स को फ़िल्टर करके दे रहा है। एंड दैट इज़ आवर गोल विथ दिस पर्टिकुलर इंट्राडे अल्फा स्क्रीनर। तो इस स्क्रीनर को रन करने के बाद एट लास्ट मेरे पास 20 स्टॉक्स ऐसे आए हैं जिनको मैं इंट्राडे के लिए कंसीडर कर सकती हूं। एज एन इंट्राडे ट्रेडर जब भी आप इस स्क्रीनर को यूज़ करेंगे आपने इस बात पे ध्यान देना है कि आपने कौन से टाइम पे इसको रन करना है। तो 9:45 इज़ आवर टाइम ऑफ़ रनिंग द स्क्रीनर। अब मेन चीज आती है एग्जीक्यूशन पार्ट पर कि आपने स्क्रीनर के बेसिस पे किसी भी एक पर्टिकुलर स्टॉक में एंट्री कैसे लेनी है? किस लेवल पे एंटर करना है। अब देखिए एक फिल्टर्ड स्टॉक मेरे पास आया था LS TR का। तो सबसे पहले आपने यह जो कैंडल्स देख रहे हैं ना, यह मैंने 30 मिनट की कैंडल्स यहां पे लगाई है। जब भी हम किसी स्क्रीनर को एक्सप्लेन करते हैं, तो हम आपको पास्ट प्राइस एक्शन पे ही वो दिखा सकते हैं कि किस तरीके से आपने एंट्री और एग्जिट लेनी है। तो अब देखिए ये जो है फर्स्ट कैंडल आपको दिखाई दे रही है। ये फर्स्ट 30 मिनट्स की कैंडल है। आपने इसका हाई एंड लो को नोटिस करना है। क्योंकि यहां पे हम यह मान के चल रहे हैं कि मेजर वोलेटिलिटी यहां पे अभी हो चुकी है। अभी जो प्राइस मूवमेंट आएगा इसके बाद दैट विल बी सिग्निफाइंग अ प्रॉपर ट्रेंड वाला पार्ट। ठीक है? तो यहां पे हम क्या करेंगे? जो मेरा हाई है ना वो रेजिस्टेंस के लिए काम करेगा और जो लो है वो सपोर्ट की तरह काम करेगा। अब देखिए बात करते हैं कि इस स्क्रीनर को यूज़ करके जो भी फिल्टर्ड स्टॉक आए हैं उसमें आपने एंट्री कैसे लेनी है यानी कि एग्जीक्यूशन कैसा करना है। व्हाट शुड बी योर ट्रेड प्लान? तो देखिए एक फिल्टर्ड स्टॉक हमारा निकल के आया था लार्सन एंड टू ब्रो का। यह जो कैंडल्स आप देख रहे हैं, यह 30 मिनट्स की कैंडल है। तो, यह पहली जो कैंडल आपको दिखाई दे रही है, ना, आप इसमें देख भी सकते हैं शैडोज़ लंबी बनी है। यानी कि वोलेटिलिटी रही है स्टॉक में। तो, यह जो आपका हाई ऑफ़ द कैंडल स्टिक होगा 30 मिनट का, वो आपका रेजिस्टेंस होगा और नीचे का जो लो है, वह सपोर्ट की तरह काम करेगा। तो, जब आप एंट्री लेंगे क्योंकि ये एक बाय साइड स्कैनर है। वी विल बी टेकिंग ओनली बाय साइड का ट्रेड। तो, यहां पे जो हाई है, जब यह ब्रेक होगा, तो वो मेनली एज अ ट्रिगर पॉइंट काम करेगा। यहां पे हम क्या करेंगे? एक ऑटोमेटिकली बाय स्टॉप ऑर्डर प्लेस करके रखेंगे। जैसे ही यह प्राइस एग्जीक्यूट होगा, मुझे यह पता होना चाहिए कि मेरा स्टॉप लॉस कहां पे है। तो स्टॉप लॉस कहां पे लगाएंगे? या तो आप लो ऑफ द कैंडल पे लगा सकते हैं। लेकिन अगर आप देखते हैं कि शैडोज़ कुछ ज्यादा ही लंबी बनी है। शैडोज़ लंबी बनने का मतलब है आपके रिस्क पॉइंट भी इंक्रीस हो रहे हैं। व्हिच विल आल्सो इंक्रीस योर स्टॉप लॉस पॉइंट्स एंड अल्टीमेटली योर लॉस। तो अगर आपको लगता है ऐज़ एन इंट्राडे ट्रेडर मैं इतना लॉस नहीं ले सकता तो सब्जेक्टिवली आपने क्या करना है जो ओपनिंग ऑफ़ द कैंडल है वहां पे अपना लो ऑफ़ द कैंडल बॉडी है वहां पे अपना स्टॉप लॉस प्लेस करना है। तो उस केस में आपके रिस्क पॉइंट कम हो जाएंगे। प्लस इट आल्सो एक्ट्स एज अ टेक्निकल सपोर्ट लेवल। तो बेसिकली जब भी हम सपोर्ट लेवल्स की बात करते हैं ना आपने देखा भी होगा अगर आप टेक्निकल एनालिसिस यू नो इफ यू आर गोइंग थ्रू अ लॉट ऑफ़ स्टडिंग प्रोसेस हम बात करते हैं सपोर्ट वन, सपोर्ट टू एंड सपोर्ट थ्री की। और उसी तरीके से रेजिस्टेंस में हम R1, R2, R3 की बात करते हैं। मतलब जो अगर मेरा सपोर्ट वन है दैट इज होल्डिंग द हाईएस्टेंस। सपोर्ट टू इज़ आल्सो होल्डिंगेंस बट इट इज़ लेसर देन सपोर्ट वन। तो इस तरीके से यह आपका हो जाएगा सपोर्ट वन और यह हो जाएगा आपका सपोर्ट टू। तो, यह वाले सपोर्ट पे आप अपना स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। इफ यू थिंक कि शैडोज़ का जो स्टॉप लॉस है, वह काफी ज़्यादा रिस्क पॉइंट आप में ऐड कर रहा है। आपका टारगेट कितना होना चाहिए? टारगेट होना चाहिए आपका 1:2 का। व्हिच मींस कि अगर आपका रिस्क पॉइंट 50 का है, आपका पहला टारगेट मिनिमम होना चाहिए 100 पॉइंट्स का। एग्जांपल के लिए आपको बता रही हूं। अगर आप किसी स्टॉक में ट्रेड कर रहे हैं, लेट्स से 10 पॉइंट्स का आपका रिस्क था, तो 20 पॉइंट्स का आपका यहां पे टारगेट होना चाहिए। जो आपका टारगेट वन है, उसे आप ट्रेल भी कर सकते हैं बाय शिफ्टिंग योर स्टॉप लॉस टू टारगेट वन एंड देन एमिंग फॉर रिस्क रिवॉर्ड ऑफ़ 1:3 और 1:4। तो उस तरीके से आपने इस स्कैनर को ट्रेड करना है। अगर आप चाहते हैं कि इस स्कैनर का लिंक मैं आपके साथ शेयर करूं तो कमेंट्स में अल्फा स्कैनर लिख के कमेंट्स में अपने इनपुट दीजिएगा। आई होप आपको मेरी ये टेक्निकल इनसाइट्स अच्छी लगी होंगी। अगर अच्छी लगी है तो चैनल को सब्सक्राइब और वीडियो को लाइक जरूर कीजिएगा। आई विल सी यू वेरी सून विथ अ न्यू वीडियो। टिल देन ब बाय। इन्वेस्टमेंट्स इन द सिक्योरिटीज मार्केट आर सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क। रीड ऑल द रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स केयरफुली बिफोर इन्वेस्टिंग।