5 Trading Strategy in 15 Min (MASTERCLASS) | Trading Strategies | Trading Educational Video — backtested on Indian market data | FakeTrades
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5 Trading Strategy in 15 Min (MASTERCLASS) | Trading Strategies | Trading Educational Video

Neeraj joshi · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:26 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Video presents 5 discretionary price-action strategies (CRT/FVG sweep, CISD sweep, FVG+CISD, Fibonacci retracement, SMT divergence) with no mechanical entry rules; all rely on manual chart reading and

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

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Full transcript (4081 words)
दोस्तों आज की वीडियो में मैं आपको सिर्फ 15 मिनट में पांच ट्रेडिंग स्ट्रेटजीस बताने जा रहा हूं। इन सभी स्ट्रेटजीस को आप अलग-अलग सिचुएशनंस में यूज कर सकते हैं और ये स्ट्रेटजीस काफी अच्छे से काम भी करती है। तो चलिए इस वीडियो को शुरू करते हैं। तो चलिए जो हमारी सबसे पहली स्ट्रेटजी है इसका नाम है सीआरटी यानी कैंडल रेंज थ्योरी। इस स्ट्रेटजी में हमें क्या करना है? हमें सबसे पहले बड़े टाइम फ्रेम पे जाना है। जैसे कि वन ऑवर के टाइम फ्रेम पे। तो इस केस में मैंने वन ऑवर का टाइम फ्रेम सेलेक्ट कर लिया है और उसके बाद हमें क्या करना होता है? हमें कैंडल का हाई एंड इस तरीके से लो मार्क कर लेना होता है। तो मैंने हाई एंड लो कुछ इस तरीके से मार्क कर लिया है। अब अगली कैंडल में यहां पर मैं बड़े टाइम फ्रेम की ही बात कर रहा हूं। अगर अगली कैंडल में प्राइस इसके हाई को स्वीप करने के बाद अंदर क्लोजिंग दे देती है तो हम क्या करेंगे? हम शॉर्ट करने का ट्रेड लेंगे। और अगर प्राइस इसके लो को स्वीप करने के बाद वापस अंदर क्लोजिंग दे देती है तो हम क्या करेंगे? हम वहां पर बाय करने का ट्रेड लेंगे। अब इस एग्जांपल में मैं आपको पहले समझा देता हूं। तो अब क्या करते हैं? अब देखिए जो नेक्स्ट कैंडल बनती है उसमें आपको दिखाई दे रहा है कि प्राइस ने अपने हाई को स्वीप करने के बाद उसके नीचे क्लोजिंग दे दी है। अब यहां पर आपको पता नहीं होगा कि स्वीप होता क्या है। तो मैं आपको बता दूं कि जब भी आपने देखा कि प्राइस ने इसके हाई को ब्रेक किया। मतलब यहां पर आपको विक दिखाई दे रही है जिसमें प्राइस ने इसके हाई को ब्रेक कर दिया है और उसके बाद अगर हम देखें तो कैंडल ने क्लोज कहां पे किया? कैंडल ने यहां पर क्लोज किया है। तो इसका मतलब ऊपर का जो लेवल है उसको स्वीप कर लिया गया है। तो अब हम क्या करेंगे? अब हम शॉर्ट करने का ट्रेड लेंगे। अगर मान लीजिए प्राइस इसके नीचे जाने के बाद अंदर क्लोजिंग दे देती तो हम क्या करते? हम वहां पर बाय करने का ट्रेड प्लान करते हैं। तो अब हमें सेल करने का ट्रेड प्लान करना है। लेकिन हम ऐसे ही प्लान नहीं करेंगे। इसके लिए हमें कंफर्मेशन चाहिए होगा और वो कंफर्मेशन हम यूज़ करते हैं एफवीजी यानी फेयर वैल्यू गैप का। अब ये फेयर वैल्यू गैप क्या होता है? और यह कंफर्मेशन देखना क्या है? इसके लिए हमें छोटे टाइम फ्रेम पे जाना होगा क्योंकि ट्रेड हम छोटे टाइम फ्रेम पे लेंगे। तो इस केस में मैं 5 मिनट के टाइम फ्रेम पे आ जाता हूं। अब जैसे ही मैं 5 मिनट के टाइम फ्रेम पे आता हूं उसके बाद आप यहां पर ध्यान से देखिए तो यहां पर आप देख सकते हैं कि ये वाली जो हमारी कैंडल है इसमें हमारा एक फेयर वैल्यू गैप बन गया है। फेयर वैल्यू गैप तब बनता है जब भी हमें एक नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल देखने को मिलती है। तो हम क्या करते हैं? हम उससे पहले वाली कैंडल के लो से लगते हुए और उसके बाद वाली कैंडल के हाई से लगते हुए इस तरीके से एक एरिया ड्रॉ कर लेते हैं। और अगर मान लीजिए दोबारा से प्राइस उस लेवल पे आती है तो वहां पर आने के बाद हम शॉर्ट करने का ट्रेड प्लान कर सकते हैं। और ग्रीन कैंडल के केस में हम क्या करते? हम इससे पहले वाली कैंडल के हाई से लगते हुए बाद वाली कैंडल के लो से लगते हुए एक एरिया ड्रॉ करते। अगर दोबारा से प्राइस उस रेंज पे आती तो हम बाय करने का ट्रेड लेते। अब फिलहाल यहां पर हमारा शॉर्ट करने का ट्रेड बन रहा है। और आप देख सकते हैं कि प्राइस दोबारा से हमारे इस एफवीजी लेवल के पास आ गई है। तो हम क्या करेंगे? हम यहां पर शॉर्ट करेंगे और हमारा जो स्टॉप लॉस होगा वो जो हमें रीसेंट हमारा स्विंग हाई नजर आ रहा है उससे थोड़ा सा ऊपर होगा और रही बात टारगेट की तो हम 1:2 का टारगेट लेकर चल सकते हैं। तो अब देखते हैं कि इस ट्रेड में आखिर हुआ क्या? तो यहां पर आपको दिखाई देगा कि आगे जाके हमारा जो ये ट्रेड था इसमें हमारा टारगेट बहुत ही आराम से अचीव हो गया था। आप देख सकते हैं यह 1:2 से भी बड़ा टारगेट है जो कि हमारा यहां पर जाके अचीव हो गया था। तो अब आपको स्ट्रेटजी समझ आ गई है। अगर कोई भी कंफ्यूजन है वीडियो को एक बार ध्यान से देखोगे तो आपको पूरी स्ट्रेटजी अच्छे से समझ आ जाएगी। अब चलिए हमारी दूसरी स्ट्रेटजी पे चलते हैं। लेकिन उससे पहले अगर आपको ये वीडियो पसंद आ रही है। अगर आप ऐसी ही और वीडियोस देखना चाहते हैं तो उसके लिए कमेंट कीजिए। अगर आप लोगों के अच्छे खासे कमेंट आते हैं तो हम ऐसी ही वीडियो लेकर आएंगे। साथ ही वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब भी जरूर कर दीजिएगा। तो चलिए अब अपनी दूसरी स्ट्रेटजी समझते हैं। इस स्ट्रेटजी का नाम है सीआईएसडी स्वीप स्ट्रेटजी। इस स्ट्रेटजी में हम क्या करते हैं? हम जाते हैं 1 घंटे के टाइम फ्रेम पे। आप दूसरा टाइम फ्रेम भी यूज़ कर सकते हैं जैसे 4 ऑवर का या फिर थोड़ा छोटा टाइम फ्रेम भी यूज़ कर सकते हैं जैसे 15 मिनट या 30 मिनट का। लेकिन बहुत छोटा टाइम फ्रेम जैसे 5 मिनट इस स्ट्रेटजी में यूज़ मत कीजिएगा। अब इसके बाद हमें क्या करना है? जैसे हमने वन ऑवर के टाइम फ्रेम में हम गए हैं। तो हमने क्या करना है? हमने जो भी उस टाइम पर हाई चल रहा होगा स्विंग हाई उस स्विंग हाई को हमने मार्क कर लेना है। जैसे यहां पर हमने मार्क कर लिया। अब मार्क करने के बाद अगर हमें दिखाई देता है कि प्राइस उस लेवल को स्वीप कर देता है। स्वीप क्या है? मैं आपको पहले भी बता चुका हूं। प्राइस पहले इस लेवल के ऊपर जाती है यानी इस तरीके की वेग बनती है। उसके बाद जो प्राइस है वह वापस से इस लेवल के नीचे क्लोजिंग दे देती है। तो ऊपर की साइड का स्वीप होगा तो हम शॉर्ट करने की पोजीशन लेंगे। अगर नीचे की साइड का स्वीप होता तो हम क्या करते? हम बाय करने की पोजीशन लेते। ये तो आपको पहले से क्लियर है। तो अब हमें दिखाई दे रहा है कि ऊपर की साइड का स्वीप हो गया है। लेकिन अब हमें चाहिए कंफर्मेशन। तो कंफर्मेशन के लिए हम यहां पर यूज़ करते हैं सीआईएसडी का। और सीआईएसडी क्या होता है? तो जब भी आपको एक ऊपर की साइड का मूव देखने को मिलता है तो आपको जो अपोजिट कैंडल दिखाई देती है आपने उस कैंडल के क्लोज से लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है। तो जैसे यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि यहां पर हमारा स्वीप हो गया था और उससे पहले हमें दिखाई दे रहा है कि भाई यहां पर एक हमें अपसाइड का मूव देखने को मिला था। यह मूव आपको भले ही छोटा लग रहा होगा लेकिन यहां पर हम 1 घंटे के टाइम फ्रेम की बात कर रहे हैं। तो आप देख सकते हैं कि यह लगभग 600 पॉइंट का मूव था। तो यहां पर हमें एक अपसाइड का मूव देखने को मिला। तो उससे पहले जो अपोजिट कैंडल है यानी रेड कलर की कैंडल के क्लोज से लगते हुए हमने एक लाइन ड्रॉ कर ली जो कि हमारी सीआईएसडी लाइन है। अब ये जो सीआईएसडी लाइन है वो आपने यहीं पर ड्रॉ कर ली होगी। सीआईएसडी कंफर्म कब होगा? जब प्राइस इसके नीचे क्लोजिंग दे देगी। तो यहां पर आप देख सकते हैं इस कैंडल ने इसके नीचे क्लोजिंग दे दी है। तो हमारा सीआईएसडी कंफर्म हो चुका है। अब बस एंट्री के लिए हमें वेट करना है कि प्राइस दोबारा से उस लेवल के पास आए। जैसे ही प्राइस उस लेवल के पास आती है तो हमने यहां पर शॉर्ट करने का ट्रेड ले लेना है। अब ट्रेड लेने के बाद हमारा जो स्टॉप लॉस होगा वो यह जो स्विंग हाई है इससे थोड़ा सा ऊपर यानी यहां पर कहीं पे होगा। और रही बात हमारे टारगेट की तो यह हम 1:2 का लेके चलेंगे। तो आप देख सकते हैं कि प्राइस दोबारा से इस लेवल पे आई। यहां पर हमने अपना शॉर्ट करने का ट्रेड ले लिया। यहां पर हमने अपना स्टॉप लॉस रखा और उसके बाद आप देख सकते हैं प्राइस इस लेवल पे आई। यानी हमारा 1:2 का जो टारगेट था वो यहां पर अचीव हो गया था। तो अब आपको स्ट्रेटजी समझ आ गई है? नहीं आई है। एक बार दोबारा से देखो और आपको इन स्ट्रेटजीस को समझने के लिए एसएमसी की थोड़ी नॉलेज होनी चाहिए। अगर आपको एसएमसी की नॉलेज ही नहीं है तो फिर आपको ये स्ट्रेटजी समझ नहीं आएंगी। इसके लिए हमने बिल्कुल बेसिक से लेकर एडवांस तक का ट्रेडिंग कोर्स बना रखा है YouTube में जो कि एक 10 वीडियो का ट्रेडिंग कोर्स है। बिल्कुल सीरीज वाइज बना रखा है। जिनमें बेसिक ऑफ ट्रेडिंग से लेकर हमने स्मार्ट मनी कांसेप्ट के सारी चीजें डिस्कस कर रखी है। तो आप उस पूरी प्लेलिस्ट को यहां पर क्लिक करके देख सकते हैं। या फिर हमारे प्लेलिस्ट वाले सेक्शन पे जाने के बाद इस प्लेलिस्ट को देख लीजिएगा। और वैसे अगर आप क्रिप्टो में ट्रेड करने के लिए अपना डेल्टा एक्सचेंज में अकाउंट ओपन करना चाहते हैं तो लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करने पर ₹2000 का अधराई का सब्सक्रिप्शन बिल्कुल फ्री में मिलता है। उसके लिए नीचे Google फॉर्म का लिंक दे रखा है। उसको भी जरूर फिल कर लीजिएगा। चलिए दोस्तों, अब अपनी थर्ड स्ट्रेटजी देख लेते हैं। इस स्ट्रेटजी में हमें एक बड़े टाइम फ्रेम का यूज़ करना होगा। जैसे यहां पर मैं वन ऑवर के टाइम फ्रेम का यूज़ कर रहा हूं। आप 4 ऑवर के टाइम फ्रेम का भी यूज़ कर सकते हैं। अब इस टाइम फ्रेम में जाने के बाद हमें सबसे पहले एक एफपीजी ढूंढना है। अब एफपीजी होता क्या है? मैं आपको बता देता हूं। देखिए मैंने पहले भी कई बार बता रखा है कि एफपीजी में आपने क्या करना है जब भी आपको एक नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल दिखाई देती है आपने उससे पहले वाली कैंडल के हाई से लगते हुए जैसे यहां पर भी आपको एक कैंडल दिखाई दे रही है। आपने इससे पहले वाली कैंडल के हाई से लगते हुए बाद वाली कैंडल के लो से लगते हुए इस तरीके से एक एरिया ड्रॉ कर लेना है और ये होता है आपका फेयर वैल्यू गैप। अब ऐसे फेयर वैल्यू गैप चार्ट में बहुत बार बनते हैं। आप उन्हें मार्क भी कर सकते हैं। लेकिन हर बार ट्रेड नहीं मिलता तो जिसमें ट्रेड मिला है। मैं आपको वही एग्जांपल दिखा रहा हूं। तो यहां पर भी आप देख सकते हैं कि हमने एक फेयर वैल्यू गैप मार्क किया है। अब मैंने मार्क तो कर दिया होगा 1 घंटे के टाइम फ्रेम में और मैंने पहले से मार्क करके रखा होगा या फिर जब प्राइस उस लेवल के आसपास आ रही होगी मैंने तब मार्क करके रखा होगा। प्राइस बहुत दिनों तक दो-ती दिन तक वहीं घूमती रहती है। उसके बाद आप देखते हैं कि यहां पर प्राइस हमारा जो पिछला फेयर वैल्यू गैप था आ जाती है। मतलब इस जगह पे प्राइस उस लेवल के पास आ गई। तो जैसे ही प्राइस उस लेवल पर टैप करती है ना तो यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस होते हैं और एक अच्छा मूवमेंट आने के चांसेस होते हैं। तो यहां पर आपने देखा कि प्राइस दोबारा से उस एफवीपीजी लेवल पे आ गई है। तो अब इसके बाद आपने क्या करना है? आपने एक छोटे टाइम फ्रेम में जाना है। तो इस केस में मैं 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे चला जाता हूं। अब ऐसे में जो आपने 1 घंटे के टाइम फ्रेम में एफपीजी मार्क किया होगा वह आपको यहां पर दिखाई दे रहा है। उसके बाद आपने देखा कि प्राइस उस लेवल को टैप कर चुकी है। तो अब आपको पता है कि जब आपने एक बुलिश एफपीजी मार्क किया है। प्राइस उस पे टैप करती है तो यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस हैं। ध्यान दीजिए कि मैंने ग्रीन कैंडल पे ये एफजी मार्क किया था। तो अब इसके बाद मुझे क्या करना है? मुझे बाय करने का ट्रेड लेना है। लेकिन उससे पहले अगर मुझे कोई कंफर्मेशन मिल जाए तो यह हमारे लिए बेटर रहेगा। तो इसके लिए हम क्या करते हैं? हम 15 मिनट के टाइम फ्रेम में कंफर्मेशन देखते हैं जो कि इस केस में हम सीआईएसडी का यूज़ करेंगे। सीआईएसडी मैं आपको पहले ही बता चुका हूं। बुलिश सीआईएसडी तब होता है जब हमें एक फ्रीक्वेंट डाउन साइड का मूव देखने को मिलता है। तो उससे अपोजिट कैंडल यानी डाउन साइड के मूवमेंट में क्या होगा? रेड कैंडल बनी होगी। तो मैं ग्रीन कैंडल के क्लोज से लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर दूंगा। तो यहां पर हमने देखा एक फ्रीक्वेंट मूवमेंट हमें देखने को मिला था। तो उससे पहले जो ग्रीन कैंडल थी उससे लगते हुए मैंने एक लाइन ड्रॉ कर दी। जैसे ही कोई भी कैंडल इसके ऊपर क्लोजिंग दे देती है, जैसे यहां पर एक कैंडल ने इसके ऊपर क्लोजिंग दी है, तो हमारा सीआईएसडी कंफर्म हो जाता है और एंट्री हम तब लेते हैं जब दोबारा से प्राइस उस लेवल पे आती है। तो यहां पर आपने देखा कि प्राइस फिर से उस लेवल पे आई है। अब स्टॉप लॉस क्या रहेगा? जो स्विंग लो है उससे थोड़ा सा नीचे यहां पर मेरा स्टॉप लॉस रहेगा। और रही बात टारगेट की तो मैं 1:2 का टारगेट लेकर चल सकता हूं जो कि हमारा यहीं पर अचीव हो गया होता। करीब-करीब यहां पर हमारा टारगेट जो था वो अचीव हो जाता और उसके बाद आप देख सकते हैं प्राइस और भी आगे गई थी। चलिए दोस्तों, अब अपनी नेक्स्ट स्ट्रेटजी को समझते हैं। इस स्ट्रेटजी में हम एक टूल है फिबोनाची रिट्रेसमेंट। उस टूल का यूज करते हैं। वो टूल आपको यहां पर दिखाई देता है। यहां पर आपको दिखाई दे रहा है ये है फिबोनाची रिट्रेसमेंट। आपने इस पे क्लिक कर देना है। अब इस टूल को यूज़ कैसे करना है यह समझते हैं। देखिए जब भी आपको दिखाई देता है कि मार्केट डाउन ट्रेंड में चल रहा है। तो आपको पता है कि वहां पर आप शॉर्ट करने का ही ट्रेड लेंगे। लेकिन वो शॉर्ट करने का ट्रेड आप लेंगे कहां पर यह आपको कैसे पता चलेगा। तो इसके लिए आप इस फिबोनाची रिट्रेसमेंट का यूज कर सकते हैं। इसमें आपने करना क्या है? मान लीजिए आप शॉर्ट करना चाहते हैं तो आपने स्विंग हाई से स्विंग लो तक इसको मार्क करना होता है। और अगर आप बाय करना चाहते हैं तो स्विंग लो से स्विंग हाई तक आपने इसको मार्क करना होता है। तो यहां पर क्या किया? हमने यहां से टूल सेलेक्ट कर लिया। उसके बाद देखिए मैं आपको काफी सारे एग्जांपल दिखाता हूं। जैसे यहां पर मैंने क्या किया? मैंने स्विंग हाई यह था उससे स्विंग लो तक इसको मार्क किया और उसके बाद अगर हमें दिखाई देता है कि जो प्राइस है वो तीन लेवल यहां पर बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होते हैं। एक होता है 0.5 का, 0.6 का और तीसरा है 0.79 का लेवल। तो अगर आपको दिखाई देता है कि प्राइस इनमें से किसी भी लेवल के पास आ रखी है तो वहां पर क्योंकि प्राइस आपको पता है गिर रही है तो वहां पर आप अपना शॉर्ट करने का ट्रेड ले सकते हैं। जैसे यहां पर अगर मान लीजिए आप 0.62 पे शॉर्ट करने का ट्रेड लेते हैं। आपका जो स्टॉप लॉस रहेगा वो ये जो स्विंग हाईएस्ट से थोड़ा सा ऊपर रहेगा। यानी यहां पर आपका स्टॉप लॉस रहेगा। और रही बात टारगेट की तो आप 1:2 का टारगेट लेकर चल सकते हैं। जो कि आपका करीब-करीब यहां पे जाके आपका जो टारगेट था वो आपको मिल गया होता। अब देखिए एक ट्रेड मैंने आपको दिखा दिया यहां पर शॉर्ट करने का। अब इसके बाद मान लीजिए यह अपॉर्चुनिटी आपसे किसी भी वजह से छूट गई होती। तो यहां पर आप दोबारा से देखें। यहां पर आपको दिखाई दे रहा है। यह रहा हमारा स्विंग हाई। यह रहा हमारा स्विंग लो। हमने क्या किया? हमने इससे लगते हुए मार्क कर लिया। इसके बाद दोबारा से देखिए प्राइस जो है यहां पर 0.62 के लेवल पर आई है। यहां पर मैंने शॉर्ट किया होता। मेरा जो स्टॉप लॉस था वो इस लेवल से थोड़ा सा ऊपर रहता और 1:2 का मैं यहां पर ट्रेड लेके चलता तो वो भी आप देख सकते हैं यहां पर आराम से अचीव हो गया होता। चलिए दोस्तों, अब अपनी लास्ट स्ट्रेटजी समझते हैं। इस स्ट्रेटजी का नाम है एसएमटी डायवर्जेंस। और इस स्ट्रेटजी में हम देखते हैं कि जब भी कोई दो कोरिलेटेड एसेट्स में डायवर्जेंस होता है तो वहां पर हम अपना ट्रेड प्लान करते हैं। कोरिलेटेड एसेट्स का मतलब है जो दो एसेट्स हैं वो एक दूसरे से सिमिलर होती हैं। जैसे कि अगर हम बिटकॉइन और इथेरियम की बात करें तो अगर बिटकॉइन ऊपर जाता है तो इथेरियम भी ऊपर जाता है। बिटकॉइन नीचे आता है तो इथेरियम भी नीचे आता है। लेकिन कई बार इनमें डायवर्जेंस देखने को मिलती है। अब वो डायवर्जेंस क्या होती है वो मैं आपको समझा देता हूं। सबसे पहले कई बार आपको दिखाई देगा कि इस तरीके से प्राइस एक चार्ट में तो उसने अपना हायर हाई बना लिया है। मतलब इस तरीके से हायर हाई बना लिया लेकिन कोई दूसरा चार्ट है मतलब हो सकता है बिटकॉइन ने बना लिया लेकिन इथेरियम ना बना पाया। तो यहां पर उसने क्या किया? वो अपना हायर हाई नहीं बना पाया है। ज्यादातर केस में चार्ट बिल्कुल सिमिलर चल रहे हैं। लेकिन कभी कबभार आपको ऐसा देखने को मिलेगा। तो इस केस में जो चार्ट अपना हायर हाई बनाने से फेल कर जाता है। हम वहां पर शॉर्ट करने का ट्रेड प्लान करेंगे। इसका उल्टा अगर मान लो आपको कभी दिखाई देता है कि एक जो चार्ट है वो तो अपना लोअर लो बना चुका है। जैसे यहां पर इसने अपना लो बनाया फिर उसके बाद दूसरा लोअर लो बना दिया। लेकिन जो दूसरा चार्ट है वो अपना लोअर लो नहीं बना पाया है। जैसे अगर आप यहां पे मार्क करेंगे तो आपको दिखाई देगा कि हां भाई प्राइस नीचे आई है। लेकिन अगर आप यहां पे मार्क करेंगे तो आपको दिखाई देगा नहीं भाई यहां तो प्राइस नीचे नहीं आई है। तो अगर कभी ऐसा होता है तो जो चार्ट लोअर लो बनाने से फेल कर जाता है आप वहां पर क्या कर सकते हैं? आप वहां पर अपना बाय करने का ट्रेड प्लान कर सकते हैं। अब इसको यूज करने का सबसे पहला तरीका होता है कि आप दोनों चार्ट को कंपेयर करें। लेकिन इसका एक आसान तरीका भी है और वो है एक इंडिकेटर जो कि आपको सिर्फ ट्रेडिंग व्यू में मिलता है। आप अगर डेल्टा एक्सचेंज में ट्रेड करते हैं तो ट्रेडिंग तो आप वहीं पे कर सकते हैं। लेकिन ये क्योंकि बनाए गए इंडिकेटर्स होते हैं। यह बाय डिफॉल्ट इंडिकेटर नहीं होते। तो हर जगह पे अवेलेबल नहीं होगा। आप ट्रेड अपना डेटा एक्सचेंज पे कर सकते हैं। लेकिन एनालिसिस के लिए आप ट्रेडिंग व्यू का यूज कर सकते हैं। तो इसके लिए आप ट्रेडिंग व्यू के चार्ट पे आएंगे और यहां पर आने के बाद आपने सर्च करना होगा एसएमटी डायवर्जेंस। एसएमटी डायवर्जेंस लिखकर आप ट्रेड फॉर ओपीपी लिख के जैसे ही आप सर्च करेंगे तो वो जो इंडिकेटर है आपको दिखाई देगा आपने उसको चार्ट में लगा देना है। और चार्ट में जाने के बाद सबसे पहला आपने जिस चीज का ध्यान देना है वो यह है कि अगर आप डेल्टा एक्सचेंज में ट्रेड करते हैं तो आपने यहां पर डेल्टा एक्सचेंज का ही चार्ट लगाया हुआ होना चाहिए। और अगर मान लीजिए आप बिटकॉइन में ट्रेड करते हैं ना तो इसको यहां से चेंज करके इथेरियम कर दीजिएगा। और अगर मान लीजिए आपने यहां पर इथेरियम का चार्ट ओपन कर रखा है तो इस केस में सबसे पहले तो जो भी इथेरियम का आप चार्ट ओपन करेंगे वो आपने यहां पर ध्यान देना है कि डेल्टा एक्सचेंज का ही चार्ट होना चाहिए। तो आपने इथेरियम का डेल्टा एक्सचेंज का चार्ट ओपन कर लिया। उसके बाद आप इंडिकेटर में जाएंगे तो अब यहां पर आपने क्या करना होगा? यहां पर आपने इसको बिटकॉइन करना होगा और वो भी डेल्टा एक्सचेंज का ही होना चाहिए। तभी यह इंडिकेटर सही काम करेगा। अदरवाइज आपको कंपेयर करके देखना होगा। इसके अलावा यहां पर आप पिवट स्ट्रेंथ को टू कर दीजिएगा। तो यह सेटिंग्स जब आप कर देते हैं तभी यह इंडिकेटर जो है वो सही तरीके से आपके लिए काम करेगा। तो अब चलिए हम यहां पर बिटकॉइन के चार्ट पे आ जाते हैं। हम आ गए हैं बिटकॉइन के चार्ट पे और चार्ट पे आने के बाद आपको दिखाई दे रहा है कि यह जो इंडिकेटर है हमारा चार्ट पे प्लॉट हो चुका है। अब जब इंडिकेटर चार्ट पे प्लॉट हो जाता है और यहां पे आपने चेक भी कर लेना है कि हां भाई बिटकॉइन का चार्ट है तो इथेरियम लगा है। हां बिल्कुल सही लगा है। तो अब देखिए मैंने आपको बताया है कि एक जो चार्ट है वो अपना हायर हाई बना चुका है। लेकिन जब चार्ट हायर हाई बनाने से फेल करता है तब हमने ट्रेड लेना है। तो यहां पर हम ट्रेड नहीं लेंगे। शॉर्ट करने का हम ट्रेड तब लेंगे जब आपको दिखाई देगा कि प्राइस इस तरीके से यहां पर ऊपर जो आपको यह दिखाई दे रहा है ना यह जब नीचे को जा रहा होगा तब आपने शॉर्ट करने का ट्रेड लेना है। जैसे यहां पर आप एक शॉर्ट करने का ट्रेड ले सकते हैं। लेकिन यह शॉर्ट करने का ट्रेड नहीं लेंगे क्योंकि यहां पर हायर हाई बना है। यह आप देख सकते हैं कि यहां पर एक हाई है और अगला जो है वो पिछले वाले हाई से हाई है। तो यहां पर आप शॉर्ट करने का ट्रेड नहीं लेंगे। आप तब लेंगे जब आपको दिखाई देता है कि यहां पर एक हाई था लेकिन अगला जो हाई है वो उसके नीचे है। तो यहां पर आप अपना शॉर्ट करने का ट्रेड ले सकते थे। इसके अलावा जैसे यहां पर आप अपना शॉर्ट करने का ट्रेड ले सकते थे। तो अब जब ये एसएमटी बन जाता है तो उसके बाद आपने क्या करना है? आपने दो कैंडल का वेट करना है। अब हम दो कैंडल का वेट इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यहां पर यह जो इंडिकेटर है दो कैंडल के बाद ही यह यहां पर मार्किंग करता है। तो दो कैंडल जब बन गई होंगी तो उसके बाद आपको दिखाई दे रहा है कि ऊपर को ये वाला जो चार्ट है ये एसएमटी बनाने से फेल कर चुका है। यानी ये वाली कंडीशन इसमें मैच हो रही है। तो यहां पर हम क्या करेंगे? यहां पर हम अपना शॉर्ट करने का ट्रेड लेंगे। तो शॉर्ट करने का ट्रेड हम क्या करेंगे? दो कैंडल छोड़ने के बाद यहां पर शॉर्ट करने का ट्रेड लेंगे। हमारा जो स्टॉप लॉस होगा वही जो स्विंग हाई है इससे थोड़ा सा ऊपर होगा। और रही बात टारगेट की तो 1:2 का हम यहां पर टारगेट लेकर चल सकते हैं जो कि यहां पर जाकर हमारा अचीव हो गया होता। इसके बाद भी आपको मैं कई जगह पे ये एग्जांपल दिखा सकता हूं। जैसे देखिए यहां पर हमारा अगेन ये सेम ट्रेड बन रहा है। तो इसके बाद आपने क्या किया? आपने जैसे ही दो कैंडल के बाद यहां पर आपने ट्रेड लिया। आपका स्टॉप लॉस करीब-करीब यहां पे होगा और यहां पे आपका जो ट्रेड था वो स्टॉप लॉस दे जाता। लेकिन इसके अलावा आप बहुत जगह पर देख सकते हैं कि ये स्ट्रेटजी अच्छे से काम करती है और हमने इसको बैक टेस्ट भी कर रखा है। तो मैं उम्मीद करता हूं आपको ये वीडियो पसंद आई होगी। अगर आप इस वीडियो का पार्ट टू देखना चाहते हैं तो कमेंट कीजिएगा। वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। इसके अलावा डेल्टा एक्सचेंज का लिंक डिस्क्रिप्शन पे दे रखा है। अधीरा AI के लिए Google फॉर्म का लिंक डिस्क्रिप्शन पे दे रखा है। और अगर आप बिल्कुल बेसिक से लेकर एडवांस तक की ट्रेडिंग सीखना चाहते हैं तो आप यह वाली प्लेलिस्ट को देख सकते हैं। धन्यवाद।

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