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सो बेसिकली इस वीडियो में हम बात करेंगे एक ऐसी स्कैल्पिंग स्ट्रेटजी की जो आप निफ्टी में यूज करके हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड्स ले सकते हैं। तो चलिए वीडियो को शुरू करते हैं और देखते हैं कि इस सेटअप के अंतर्गत हमने कौन-कौन से टेक्निकल पैराटर्स को मिला के इस सेटअप को बनाया है। हाय, मैं हूं डॉ. प्रियंका। आई एम अ स्टॉक मार्केट मेंटोर, अ फुल टाइम ट्रेडर एंड इन्वेस्टर वर्किंग इन इंडियन मार्केट्स। वीडियो को शुरू करने से पहले यह समझ लेते हैं कि यह सेटअप जो आपने यूज करना है, यह स्कैल्पर्स के लिए है। यानी कि यह एक स्कैल्पिंग स्ट्रेटजी है जो हम 3 मिनट टाइम फ्रेम में यूज़ करेंगे। तो, सबसे पहले यह समझते हैं कि कौन-कौन सी मेन कॉम्पोनेंट्स हैं और फिर हम स्ट्रेटजी के डिटेल्स में जाएंगे। सबसे पहले जो इंस्ट्रूमेंट हम यहां पे यूज़ करने वाले हैं, वो है निफ़ी। सो, बेसिकली स्कैल्पिंग आप निफ़ी के फ्यूचर्स में यहां पे करेंगे। जो चार्ट्स में हम अभी यहां पे देखेंगे प्राइसेस वो स्पॉट निफ़ी पे देखेंगे। बट वही चीज आपने निफ्टी फ्यूचर्स में अप्लाई करनी है। सो बेसिकली स्पॉट के प्राइसेस और फ्यूचर्स के प्राइसेस में थोड़ा आपको प्रीमियम का डिफरेंस देखने को मिलेगा। अदरवाइज जो एग्जीक्यूशन है जिस तरीके से हम स्ट्रेटजी को समझेंगे वो सब कुछ सेम ही रहेगा। तो चलिए जैसे कि आप चार्ट्स में देख पा रहे हैं ये मैंने निफ्टी के स्पॉट प्राइसेस यहां पे खोले हुए हैं। तो सबसे पहले हमने यहां पे इंस्ट्रूमेंट सेलेक्ट कर लिया। अब हम जाएंगे स्कैल्पिंग ट्रेड्स को लेने के लिए। सबसे पहले हमने टाइम फ्रेम को सही सेट करना है। बहुत से लोग स्कैल्पिंग बोलते हैं लेकिन वो एक हायर टाइम फ्रेम चूज़ करते हैं। जैसे कि 5 मिनट्स से ज्यादा। तो एक डिस्टिंशन यहां पे करना बहुत ज्यादा जरूरी है। देखिए स्कैल्पिंग इंट्राडे में ही होती है। लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग और स्कैल्पिंग दो डिफरेंट चीजें। इंट्राडे ट्रेडिंग में हम हायर टाइम फ्रेम चूज़ करते हैं। जो हमारा टाइम फ्रेम होता है, वह 5 मिनट्स, 10 मिनट या 15 मिनट्स होता है या उससे भी ज्यादा हो सकता है। लेकिन जब हम स्पेसिफिकली स्कैल्पिंग के बारे में बात करते हैं, इसको स्कैल्पिंग इज़ अ टाइप ऑफ़ ट्रेडिंग स्ट्रेटजी जो बहुत छोटे टाइम फ्रेम में की जाती है। जैसे कि 1 मिनट, 2 मिनट, 3 मिनट और मैक्सिमम 5 मिनट्स। इसमें जो मोटिव होता है ट्रेडर्स का वो ये होता है कि छोटे-छोटे टाइम फ्रेम्स में एक बहुत ही सटीक सेटअप पे काम करना और मल्टीपल ट्रेड्स लेना। सो बेसिकली जो प्रोफेशनल स्कैल्पर्स होते हैं वो एक या दो नहीं वो 10 ट्रेड 15 ट्रेड यहां तक 20 ट्रेड्स भी लेते हैं। जो इंस्टीटशंस होते हैं जहां पे स्कैल्पर्स काम करते हैं वो मेनी नंबर ऑफ ट्रेड्स लेते हैं ड्यूरिंग द डे एंड एट द एंड ऑफ़ द डे उनका जो प्रॉफिट होता है वो फिर उसी टाइप से एक्यूमुलेट होता है। तो ये डिस्टिंशन आपको समझना जरूरी है कि अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग कर रहे हैं तो वह स्कैल्पिंग नहीं है। स्कैल्पिंग के लिए आपको 1 मिनट टाइम फ्रेम, 2 मिनट, 3 मिनट टाइम फ्रेम, फ़ास्ट एंट्री, फ़ास्ट एग्ज़िट और मल्टीपल ट्रेड्स लेने होते हैं। मल्टीपल ट्रेड्स का मतलब सिर्फ ये नहीं है कि आपने दो ट्रेड लेने हैं या तीन ट्रेड लेने हैं। मल्टीपल ट्रेड्स की जब हम बात करते हैं, उसका मतलब जैसा मैंने आपको बताया, इट कैन बी मेनी मेनी नंबर ऑफ़ ट्रेड्स। सो, इसी बेसिक डेफ़िनेशन के साथ चलते हैं अपने वीडियो में आगे और समझते हैं कि जो फ्रेमवर्क आज मैं आपके साथ स्कैल्पिंग का डिस्कस करने वाली हूं, उसमें हमने कैसे ट्रेड्स लेने हैं। सबसे पहले यहां पे हमने इंस्ट्रूमेंट चूज़ कर लिया है NFT 50। उसके बाद हमने जाना है टाइम फ्रेम में। देखिए जैसा मैंने आपको बताया यहां डिफरेंट टाइम फ्रेम्स आपको देखने को मिल जाएंगे। 1 मिनट से छोटे टाइम फ्रेम्स भी आपको देखने को मिल रहे हैं। इसका मतलब स्कैल्पर्स इन टाइम फ्रेम्स में भी ट्रेड करते हैं। सो फिलहाल इस स्ट्रेटजी के अंतर्गत मैंने जो टाइम फ्रेम सेलेक्ट किया है वो है 3 मिनट्स टाइम फ्रेम। इसके बाद हमने जाना है चार्ट्स पे। कौन से टाइप का चार्ट हम यहां पे सेलेक्ट करेंगे। देखिए बहुत सारी स्ट्रेटजीस और सेटअप मैं आपके साथ डिस्कस करती हूं। और ज्यादातर जो सेटअप्स मैं बनाती हूं ज्यादातर कैंडलस्टिक पैटर्न्स पे यू नो हम वो चार्ट को सेलेक्ट करते हैं। पर इस सेटअप के अंतर्गत मैं यहां पे हकनाशी जो है चार्ट पैटर्न उसको सेलेक्ट कर रही हूं। दिखने में आपको यह कैंडलस्टिक चार्ट की तरह ही मोर और लेस देखने में लगता है। द ओनली डिफरेंस इज़ कि इसमें जो आप बास देख रहे हो ना इसमें आपको ट्रेंड बहुत ज्यादा क्लियरली दिखाई देता है। हकनाशिया कैंडल स्टिक पैटर्न्स में विजुअली जो डिफरेंस होता है वो ये होता है कि इसमें आपको ट्रेंड्स और अच्छे से दिखाई देते हैं। इसमें बेसिकली जो नॉइज़ है ना जो कैंडल स्टिक पैटर्न में आपको नॉइज़ बहुत ज्यादा देखने को मिलती है। मतलब ट्रेंड उतना क्लियर दिखाई नहीं देगा। और जब हम बहुत छोटे टाइम फ्रेम में ट्रेड करते हैं तो हमें जरूरी होता है कि हम एक ऐसा चार्ट पैटर्न सेलेक्ट करें जहां पे हमें क्लियर सिग्नल्स मिले। तो इसके लिए मैंने यहां पे हकनाशी को सेलेक्ट किया है। अब ये जो स्ट्रेटजी है ना इसको समझने के लिए हम ये पहले समझते हैं कि इसमें हमने कौन सा और टेक्निकल पैरामीटर यूज़ किया है। एक तो इसमें हमने चार्ट टाइप कौन सा सेलेक्ट करना है वो मैंने आपको बता दिया। इसके अलावा हम यहां पे यूज़ करेंगे एक एक्सप्पोनेंशियल मूविंग एवरेज जो कि होगा 100 एमए। तो बेसिकली जब भी आपने कोई इंडिकेटर ऐड करना है, आप क्या करेंगे? इंडिकेटर्स में जाके यहां पे लिखेंगे एक्सप्पोनेंशियल मूविंग एवरेज और उस पे क्लिक करेंगे। फिलहाल यह ईएमए मैंने यहां पे ऑलरेडी पुट इन किया हुआ है। ये 100 ईएमए की लाइन है जो आपको दिखाई दे रही है। अच्छा जो टाइमिंग होगी यहां पे स्कैल्पिंग ट्रेड्स की वो हम क्या रखने वाले हैं? 10:00 बजे से लेके 12:00 बजे तक। व्हाई दिस टाइम पीरियड? बिकॉज़ यह वह टाइम पीरियड होता है जब सबसे ज़्यादा वोलेटिलिटी हमको देखने को मिलती है। इनिशियल फ्यू मिनट्स में भी वोलेटिलिटी बहुत ज़्यादा होती है। लेकिन जब तक मार्केट सेटल होती है ऑलरेडी 30- 40 मिनट्स निकल चुके होते हैं। मार्केट सेटल होती है मतलब जब तक मार्केट में एक कोई क्लियर ट्रेंड इमर्ज होता है। आप देखेंगे अगर आप मार्केट में कुछ टाइम से ट्रेड कर रहे हैं तो फर्स्ट 15 मिनट्स या फर्स्ट 20 मिनट्स या फर्स्ट हाफ एन ऑवर में आप देखेंगे वोलेटिलिटी बहुत ज्यादा होती है। तो प्राइसेस कभी ऊपर जाते हैं, नीचे आते हैं। जो एक पर्टिकुलर ब्रेकआउट आता है या ब्रेकडाउन आता है वो कुछ टाइम के बाद ही आता है। इसीलिए वी हैव सेलेक्टेड द टाइम पीरियड एज 10 टू 12 pm। इसी टाइम पीरियड के अंदर हमने जितने भी स्कैल्पिंग ट्रेड्स लेने होंगे इस सेटअप के अंतर्गत वो हम एग्जीक्यूट करेंगे। अब देखिए इस पर्टिकुलर स्ट्रेटजी में हमने कैसे एंट्री लेनी है, कैसे एग्जिट लेना है, कहां पे वेट करना है और कहां पे ट्रेड नहीं लेना है। ये सारी चीजें हम समझेंगे। लेकिन उससे पहले एक बेसिक फ्रेमवर्क मैं आपको बताना चाहती हूं कि हाउ द प्राइस एक्शन और द मार्केट स्ट्रक्चर बिहेव्स जनरली और उसी के बेसिस पे कैसे मैंने इस स्ट्रेटजी को डिज़ाइन किया है। अब देखिए कोई भी ट्रेंड अगर आप देखते हैं मार्केट में जैसे कि मैंने आपको अभी बताया कि हम ये जो स्ट्रेटजी है बेसिकली एक ट्रेंड को आइडेंटिफाई करके उसमें हम एंट्री लेंगे एट द लोएस्ट रिस्क लेवल। ये स्ट्रेटजी का बेसिक कोर है। अब देखिए हम जब कोई भी ट्रेंड की बात करते हैं ना ये एक पर्टिकुलर ट्रेंड है जो मुझे दिखाई दे रहा है। ट्रेंड क्या होता है? जहां पे किसी पर्टिकुलर एसेट क्लास में हायर हाईज़ एंड हायर लोज़ बन रहे हैं। फायदा क्या होता है ट्रेडर को? हायर हाईज़ एंड हायर लोज़ जैसे ही किसी पर्टिकुलर काउंटर में बनना स्टार्ट होते हैं, द स्टॉक प्राइसेस स्टार्ट्स गिविंग यू गेंस। हाउ? देखिए, निफ़ी यहां पे 23,300 के लेवल पे। वंस निफ़ी यहां से एक ट्रेंड में चला गया। यानी कि उसके हायर हाईज़ बन रहे हैं। एव्री टाइम निफ़ी इज़ मेकिंग अ हाई, इट इज़ अ न्यू हाई। एंड देन द स्टॉक कीप्स मूविंग अप और द एसेट क्लास कीप्स मूविंग अप। ठीक है? क्यों? क्योंकि डिमांड लगातार उस काउंटर में बढ़ रही है। इसी तरीके से डाउन ट्रेंड में भी होता है। अगर किसी स्टॉक या किसी एसेट क्लास के प्राइसेस लोअर हाईज़ एंड लोअर लोस बनाना स्टार्ट कर देते हैं तो उसमें शॉर्ट सेलर्स को प्रॉफिट की संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि वो किसी भी हाई में अगर उसको सेल कर देंगे। यहां पे सपोज उन्होंने सेल कर दिया तो स्टॉक नीचे जाएगा। फिर एक हाई तो बनाएगा लेकिन वह प्रीवियस जो हाई बना है उससे लो होगा क्योंकि स्टॉक अभी डाउन ट्रेंड में है। मतलब स्टॉक में सप्लाई ज्यादा है। अब जैसे निफ़ी के केस में यहां 3 मिनट चार्ट पैटर्न आपको देखने को मिल रहा है हकनाशी तो यहां से 23,300 से वो 23,500 के लेवल तक तो गया है लगभग लेकिन, उसमें आप देखें इट इज़ नॉट अ स्ट्रेट लाइंस। सो, बेसिकली क्या हो रहा है यहां पे जो निफ़ी है वह एक लाइन में ऊपर गया, देन उसमें एक रिट्रेसमेंट आई। यह जो रिट्रेसमेंट आती है, इसे हम क्या कहते हैं? इट्स अ पुलबैक। अगेन स्टॉक राइज़ेस अगेन ब्रेकिंग द प्रीवियस हायर हाई। बट अगेन देयर इज़ अ पुलबैक। लेकिन यह जो पुलबैक आया है, यह जो प्रीवियस पुलबैक आया था, उसके लो से हायर लो बना रहा है। ठीक है? दैट इज़ व्हाई हायर हाईज़ एंड हायर लोज़ यहां पे बनते हुए दिख रहे हैं। अगेन द स्टॉक राइज़ेस। ठीक है? प्रीवियस जो हाई है उसको ब्रेक करके एक न्यू हाई बनाया है। देन देयर इज़ अ पुलबक बट द पुलबैक एंड द लो व्हिच हैज़ बीन फॉर्म्ड इज़ हायर देन द प्रीवियस लो। सो बेसिकली स्ट्रेट लाइन में स्टॉक ऊपर नहीं जा रहा है। अब प्रॉब्लम ये होती है जब हम छोटे टाइम फ्रेम में ट्रेड करते हैं। फॉर एग्जांपल हम स्कैल्पिंग करते हैं या इंट्राडे ट्रेडिंग में करते हैं। एव्री मूव मैटर्स अगर आप एक गलत जगह पे एंट्री ले लेते हैं। फॉर एग्जांपल आपको पता है कि आज निफ्टी ऊपर जाएगा या आपने ट्रेंड आइडेंटिफाई करना कर लिया। एंड यू नो दैट एवरीथिंग इज़ इन सिंक। सारे ईएमएस से ऊपर ट्रेड कर रही है। निफ्टी हायर हाईज़ एंड हायर लोज़ बन रहे हैं। बाकी जो भी आपका सेटअप था वो इट इज़ स्क्रीमिंग अ बाय सिग्नल। बट अगेन उस सेटअप के अंतर्गत अगर आप यहां पे एंट्री ले लेते हैं और आप अपना स्टॉप लॉस यहां कहीं लगा लेते हैं तो आपका वो ट्रेड तो सक्सेसफुल नहीं होगा। क्योंकि इवन दो द निफ़ी इज़ मूविंग अप फ्रॉम टाइम टू टाइम यू आर नॉट गेटिंग एनी प्रॉफिट। सो द क्रक्स ऑफ़ द मैटर इज़ बीट स्कैल्पिंग बीट इंट्राडे ट्रेडिंग। यू हैव टू बी वेरी प्रिसाइज़ विथ द एंट्री लेवल्स एंड द एग्जिट लेवल। आपको कहां पे एंट्री करनी है? क्लियरली हमें पता चल रहा है इस चार्ट को देख के। हमें एंट्री यहां पे करनी है। तभी मुझे प्रॉफिट होगा। अगर मैं एंट्री यहां पे करूंगी, एग्जिट यहां पे करूंगी, ओनली देन आई एम गोइंग टू गेट प्रॉफिट। सो इट इट हैज़ टू बी अ वेरी राइट एंड स्पेसिफिक एंट्री स्ट्रेटजी हमारी होनी चाहिए। सो बेसिकली ये जो फ्रेमवर्क मैं आपके साथ डिस्कस कर रही हूं, ये इसी हाइपोथेसिस के अराउंड मैंने बिल्ड किया है दैट वी हैव टू डिफाइन आवर एंट्री एंड एग्जिट। और स्कैल्पिंग में ये बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्योंकि ऑब्वियसली जैसे मैंने आपको बताया वी आर नॉट होल्डिंग द ट्रेड्स फॉर वन ऑवर और टू आवर वी आर होल्डिंग द ट्रेड फॉर फ्यू मिनट्स और मे बी फ्यू सेकंड्स सम ऑफ द स्कैल्पर्स जो होते हैं वो कुछ सेकंड्स या कुछ मिनट्स के लिए ही ट्रेड्स को होल्ड करते हैं। तो इसीलिए कितने स्पेसिफिक आप हैं उस ट्रेड के अंतर्गत उस सेटअप के अंतर्गत ये आपके रिजल्ट को आपके प्रॉफिट को डिफाइन करता है। अभी हमने क्या करना है इस सेटअप के अंतर्गत? जैसा कि मैंने आपको बताया था हम 100 ईएमए यूज़ कर रहे हैं। हकशी चार्ट पैटर्न हम यूज़ करेंगे 100 ईएमए। सो बेसिकली अगर मैं देखती हूं किसी भी एक पर्टिकुलर टाइम फ्रेम में निफ्टी की कैंडल्स 100 ईएमए के ऊपर बन रही हैं। सो इट इज़ बेसिकली अ बाय सिग्नल फॉर मी। मैं क्या करूंगी? मैं बाय साइड में अपने को पोजीशन करने का कोशिश करूंगी। लेकिन अगर मैं देखती हूं जो प्राइसेस हैं जो बार्स हैं वह कंटीन्यूअसली 100 ईएमए के नीचे बनती हुई दिखाई दे रही हैं। इसका मतलब जो मार्केट है वहां पे स्ट्रक्चर वीक है। मतलब सेलर्स की सप्लाई ज्यादा है और मैं किस साइड में अपने आप को पोजीशन करूंगी? सेल साइड में अपने आप को पोजीशन करने की कोशिश करूंगी। सो सबसे पहला इनपुट इस फ्रेमवर्क के अंतर्गत यही है। बाय साइड हमने कब करनी है? जब 100 ईएमए के ऊपर मुझे एसेट क्लास के प्राइसेस ट्रेड होते हुए दिख रहे हैं। निफ़ी के प्राइसेस अगर 100 ईएमए के ऊपर हैं। आई विल बाय। अगर नीचे हैं तो आई विल सेल। अब देखिए एग्जैक्ट एग्जीक्यूशन आपने कैसे करना है वह समझते हैं। अब यहां पे हमको सबसे पहला हमारा जो इनपुट था पैरामीटर था वो क्या था? अगर प्राइसेस 100 एमए के ऊपर हैं या नहीं वो आपने देखना है। प्राइसेस ऊपर हैं तो हम किस साइड पोजीशन करेंगे? अपने आपको बाय साइड पे करेंगे। अब ये जो पुलबैक यहां पे आ रहा है ना, इसका हमने रिवर्स होने का वेट करना है। क्योंकि ओवरऑल बुलिश मोमेंटम है मार्केट में। निफ़ी ऊपर जाएगी। यह हमें पता है। क्यों? क्योंकि प्राइसेस आर अबव 100 ईएमए। दैट्स आवर हाइपोथेसिस। ठीक है? तो उसके बाद लेकिन जो पुलबैक में हमने कहां एंट्री लेनी है? हमने ऐसे पॉइंट पे एंट्री लेनी है सो दैट हम मेजर चंक ऑफ पुलबैक को यहां पे स्ट्रेंथ को कन्वर्ट कर पाएं प्रॉफिट में। ठीक है? तो हमने क्या करना है? ये जो पुलबैक आया ना जब तक रेड कैंडल्स बन रही हैं तब तक हमने कोई ट्रेड नहीं लेना है। जहां पे आप देखते हैं रेड कैंडल बनना स्टॉप हो गई। जैसे इस केस में यहां पे इस पर्टिकुलर कैंडल में मैं क्या देखती हूं? दिस इज़ नॉट अ रेड कैंडल। व्हाट इज़ इट? इट इज़ अ डोजी और अ स्पिनिंग टॉप। ठीक है? सो फर्स्ट टू कैंडल्स आफ्टर द पुलबैक मस्ट बी ऑफ ऑोजिट कलर। अभी तक क्या है? ज्यादातर रेड कैंडल्स बन रही थी। जैसा कि आप देख पा रहे हैं। फर्स्ट टू कैंडल्स जो ग्रीन बनेंगी उनको हमने छोड़ देना है। उसके बाद अगर मैं देखती हूं कोई स्पिनिंग टॉप बन रहा है या फिर कोई डोजी जैसी कैंडल बन रही है। वहां पे जाके मैंने एंट्री लेनी है। सो फर्स्ट टू कैंडल्स यहां इस केस में हमें क्या दिख रहा है? फर्स्ट टू या थ्री कैंडल्स हमें छोड़नी पड़ेंगी। उसके बाद अगर कुछ स्पिनिंग टॉप या डोजी बनता है तब हम एंट्री लेंगे। अब देखिए स्पिनिंग टॉप और डोजी की क्या यहां पेेंस है। यह वो कैंडल स्टिक्स होती हैं जो हमें यह बताती हैं कि मार्केट में अभी कंसोलिडेशन हो रहा है। सो बेसिकली बहुत ही छोटे टाइम फ्रेम में लेकिन यहां पे बयरर्स और सेलर जो हैं वो एक टग ऑफ़ वॉर सिचुएशन में है। ना यहां पे डिमांड बढ़ रही है ना यहां पे सप्लाई बढ़ रही है। सो बेसिकली जब डिमांड इक्वल टू सप्लाई हो जाती है या दे आर इन न्यूट्रल पोजीशन तो प्राइसेस मूव करना बंद कर देते हैं। अब इसका लिटरल मीनिंग देखिए। अगर प्राइसेस मूव करना बंद कर देंगे तो बेसिकली वो क्या हो जाएगी? एक कंसोलिडेशन पोजीशन हो जाएगी। और यही वो टाइम पीरियड होता है जब एंट्री का सबसे बेस्ट मौका हमें मिलता है। क्योंकि अगर प्राइसेस मूव करते जा रहे हैं जैसे इस वाली कैंडल स्टिक में आप देखिए प्राइसेस मूव कर रहे हैं। लॉन्ग ग्रीन कैंडल स्टिक बनी है। ऊपर की साइड भी आप देख रहे हैं लॉन्ग शैडो है। अब यहां पे आपकी एंट्री हो सकती है। आपकी एंट्री यहां पे हो सकती है। तो ये तो पॉइंट्स ऐसे देखने में आपको छोटे लग रहे हैं। लेकिन स्कैल्पिंग में ईच पॉइंट मैटर है। तो इसीलिए हमने ऐसे पॉइंट पे एंट्री लेनी है जब प्राइसेस ज्यादा मूव नहीं कर रहे हैं या फिर वो कंसोलिडेट करें। इसीलिए मैंने आपसे कहा टू कैंडल्स हमें कंफर्म करेंगे कि यहां से ट्रेंड रिवर्स हो गया है। ठीक है? नेक्स्ट अगर आप देखते हैं थर्ड कैंडल, फोर्थ कैंडल या फिफ्थ कैंडल में आपको एक स्पिनिंग टॉप दिखता है। स्पिनिंग टॉप का मतलब है छोटी सी आपकी कैंडल स्टिक की बॉडी होगी और ऊपर की साइड शैडोज़ होंगी। और डोजी कैसे दिखेगा? इसमें ऑलमोस्ट आपकी बॉडी होती ही नहीं है एंड शैडोज़ आपको दिखेंगी। कुछ इस टाइप का कैंडल आपको रियल टाइप में ऐसे दिखता है। तो ये कैंडल हमारा जो होगा वो एंट्री सिग्नल हो जाएगा। इसके बाद अगर इसका हाई टूटता है अगली कैंडल में जैसे कि इसका हाई कहां पे बन रहा है? 23332 पे बन रहा है। तो मेरा बाय स्टॉप ऑर्डर एज अ स्कैल्पर जो होगा वो इस पॉइंट के ऊपर होगा। स्टॉप लॉस हमने कहां लगाना है? जो डोजी का लो है वहां पे आप लगा सकते हैं। लेट्स से ये 10 पॉइंट्स का है। तो सिर्फ 10 पॉइंट्स का ही आपका ऊपर का टारगेट होगा। स्कैल्पिंग में आपने बहुत फोकस करना है इस बात पे कि आपने मल्टीपल ट्रेड्स लेने हैं। क्योंकि देखिए यहां पे आपको सिर्फ 10 पॉइंट्स का एब्सोल्यूट प्रॉफ़िट नहीं हो रहा है। आपके टैक्सेस लगेंगे। आपके एसटीटी लगेंगे। बहुत सारे टैक्सेस इनवॉल्व होते हैं जो आपके प्रॉफिट में से एक मेजर चंक ऑफ हिस्सा ले जाएंगे। इसीलिए आपने कोशिश करनी है फास्टर एंट्री फास्टर एग्जिट। आपका प्रॉफिट छोटा आपको दिख सकता है। लेकिन अगर आप 10 ट्रेड्स लेंगे, 15 ट्रेड्स लेंगे या उससे ज्यादा लेंगे तो एंड ऑफ द डे में जो आपका प्रॉफिट जमा हो के आ जाएगा वो एक बहुत बड़ा नंबर होगा। स्कैल्पिंग एक ऐसी टेक्निक है जो न्यू कमर्स या बिगिनर्स जनरली अडॉप्ट नहीं करते हैं। यह प्रोफेशनल ट्रेडर्स ही करते हैं। बिकॉज़ इसमें जो एग्जीक्यूशन रिक्वायर्ड होता है, जो यू नो एक स्पीड रिक्वायर्ड होती है, इट रिक्वायर्स अ लेवल ऑफ़ एक्सपर्टीज़। तो फिलहाल हम ये समझते हैं कि इस तरीके से हमने इस स्ट्रेटजी को यहां पे एग्जीक्यूट करना है। सेल साइड में आप ट्रेड कर रहे हैं तो सेम ही प्रोसेस रहेगा। आपने एक्सपॉट करना है कि कहां से जो आपका पुलबैक आया था वो रिवर्स हो रहा है। अब 100 ईएमए के नीचे है प्राइसेस मतलब सेलिंग प्रेशर ज्यादा है। मुझे अपने आपको सेल साइड पे ही पोजीशन करना है। ऊपर की साइड जो स्टॉक जा रहा है वीकनेस इतनी ज्यादा है कि ज्यादा पुलबैक आ ही नहीं रहा है। लेकिन ये कहां से रिवर्स होगा? तो दो ग्रीन कैंडल बनेंगी, तीन बनेंगी यह हमें नहीं पता है। यह हमें तब पता चलेगा जब कैंडल्स बन जाएंगी। तो जब भी ग्रीन कैंडल के बाद आप देखते हैं दो या तीन ऐसी कैंडल्स बन जाए जो ट्रेंड की तरफ हो यानी कि रेड कैंडल स्टिक हैं। वहां पे आपने अलर्ट हो जाना है एंट्री के लिए। उसके बाद आपने वेट करना है कि क्या यहां पे कोई डोजी या स्पिनिंग टॉप बन रहा है। अगर आप देखते हैं दो-तीन कैंडल्स के बाद कोई डोजी या स्पिनिंग टॉप बन रहा है तो वह आपके लिए एंट्री सिग्नल होगा। वहीं पे आपने एंट्री करनी है। कहां पे एंट्री करेंगे? जब डोजी का लो टूटेगा। तो, यह यहां पे सेल साइड आपकी एंट्री रहेगी। यानी कि आपने सेल साइड अपने आपको पोजीशन करना है। निफ्टी में सेल साइड आपने ट्रेड लेना है। आपका स्टॉप लॉस कहां रहेगा? जो डोजी का हाई होगा, वहां पे अगर यह फाइव पॉइंट्स का है या लेट्स से 20 पॉइंट्स का है, तो 20 पॉइंट्स का ही नीचे की साइड का आपका टारगेट होगा। सो इसी टाइप से सिर्फ एक या दो नहीं आपने बहुत सारे ट्रेड्स ऐसे लेने हैं तब जाके स्कैल्पिंग के अंतर्गत आपका प्रॉफिट यहां पे एक्यूमुलेट होगा। अगर आप देखते हैं किसी पर्टिकुलर दिन निफ्टी में मोमेंटम बहुत स्ट्रांग है। अपसाइड मोमेंटम स्ट्रांग है या फिर डाउन साइड मोमेंटम स्ट्रांग है तो उस केस में जो आप पुलबैक्स आप देखेंगे ना वो काफी छोटे आपको दिखाई दे सकते हैं। कभी-कभी अभी देखिए थोड़े टाइम पहले हमने जो चार्ट देखा था निफ़ी का जिस टाइम पीरियड का उसमें पुलबैक्स काफी लंबे थे। कुछ इस टाइप से थे। 100 ईएमए को टच करते हुए जा रहे थे। पर यहां पे हम देखते हैं कि डिमांड इतनी ज्यादा स्ट्रांग है कि पुलबैक बहुत छोटे आ रहे हैं। सो वी कैन नॉट नो रियली कि कहां से ये ट्रेंड जो है हमारा रिवर्स करेगा और मेन ट्रेंड में आ जाएगा। लेकिन जो कैंडल स्टिक्स बनेंगे जो हकना ऐशी बन रहे हैं ये हमें बताते हैं कि यहां से ट्रेंड रिवर्स हो रहा है। सो इस केस में जैसा कि आप देख रहे हैं सिर्फ चार कैंडल्स ऐसी बनी उसके बाद ट्रेंड यहां से अपना नॉर्मल चलने लगा। ठीक है? तो पुलबैक्स बहुत छोटे आ रहे हैं और ऊपर की साइड जो ट्रेंड है वो लंबे चल रहे हैं। तो इस टाइप के वेरिएशंस जब आप रियल ट्रेडिंग करते हैं तो आपको देखने को मिलेगी। नेवर द लेस जो इस स्ट्रेटजी का समरी है वो यही है कि आपने 3 मिनट टाइम फ्रेम यूज़ करना है। हकनाशी पैटर्न यूज़ करना है और आपने यह देखना है कि जो पुलबैक्स आ रहे हैं वो कहां से रिवर्स हो रहे हैं। फर्स्ट टू कैंडल स्टिक जो बनेंगी पुलबैक के बाद आपने उनको छोड़ देना है। उसके बाद अगर आप देखते हैं कोई डोजी बन रही है, कोई स्पिनिंग टॉप बन रही है तो वो आपके लिए एंट्री ट्रिगर होगा। उसका लो जब टूटेगा सेल साइड ट्रेड में तो उसके नीचे आपने एंट्री लेनी है। अगर आप बाय साइड ट्रेड कर रहे हैं तो जो डोजी और स्पिनिंग टॉप होगा उसका हाई जब ब्रेक करेगा वो रेजिस्टेंस का काम कर रहा है बेसिकली हमारे लिए। उसके ऊपर आपने बाय साइड के ट्रेड लेने हैं। अब देखिए यहां पे निफ्टी में ही एक और टाइम पीरियड मैं आपको दिखाती हूं। 100 ईएमए के नीचे हैं प्राइसेस। लोअर हाईज़ एंड लोअर लोज़ बन रही। एक पुलबक आया है। यहां पे देख के ऐसा लग रहा है कि निफ़ी में बहुत स्ट्रेंथ आ गई है। लेकिन हमें ऐज़ अ स्कैल्पर पता है कि स्ट्रेंथ इतनी स्ट्रांग नहीं है। व्हाई? बिकॉज़ द कैंडल्स आर स्टिल बिलो 100 ईएमए। अब हमने देखना है कि यहां से मेन ट्रेंड में कब जाती हैं ये कैंडल्स प्राइस एक्शन। ठीक है? तो यहां पे हम वेट करेंगे किस चीज का? दो या तीन रेड कैंडल स्टिक बनने का। अभी तक ग्रीन कैंडल स्टिक बन रही है बिकॉज़ इट इज़ अ पुलबैक। तो, यहां से तीन कैंडल स्टिक आपने बनते हुए देखी। यह तीन। ये बता रहे हैं कि प्राइसेस यहां अभी स्टैगनेट कर रहे हैं। मतलब रुके। तो आगे भी हम देख रहे हैं तीन कैंडल स्टिक बन गई हैं जो कंफर्म कर रही हैं कि यहां से आपका मेन ट्रेंड कंटिन्यू हो सकता है। इसके बाद हमने वेट करना है यहां पे डोजी या स्पिनिंग टॉप का। तो ये जो डोजी और स्पिनिंग टॉप बनी है, यह हमें क्या बता रही है? प्राइसेस आर कंसोलिडेटिंग। एंड फॉर अ स्कैल्पर व्हेन द प्राइसेस आर कंसोलिडेटिंग इन अ स्पिनिंग टॉप और इन अ डोजी पैटर्न, वो सबसे बेस्ट एरिया होता है एंट्री के लिए। तो अगेन जब इनका लो टूटेगा उसके नीचे आपने एंट्री लेनी है और फिर 1:1 टारगेट के लिए अपने ट्रेड को होल्ड करना है। तो चलिए यही थी हमारी स्कैल्पिंग स्ट्रेटजी जो आज इस वीडियो में मैंने आपके साथ डिस्कस किया है। आई होप आपको मेरे ये टेक्निकल इंसाइट्स अच्छे लगे होंगे। अगर अच्छे लगे हैं तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा। आई विल सी यू वेरी सून इन द नेक्स्ट वीडियो। टिल देन बाय-बाय। इन्वेस्टमेंट्स [घंटी की आवाज़] इन द सिक्योरिटीज़ मार्केट आर सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क। रीड ऑल द रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स केयरफुली बिफोर इन्वेस्टिंग।