17 महीने लगातार कमाया ? मार्केट का ये फॉर्मूला सीखना जरुरी! | Nitin Murarka | Option Trading | SKT — backtested on Indian market data | FakeTrades
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17 महीने लगातार कमाया ? मार्केट का ये फॉर्मूला सीखना जरुरी! | Nitin Murarka | Option Trading | SKT

Shalini Kapoor Tiwari · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 02:57 PM IST
★☆☆☆☆ 1.0 / 5

Verdict

Real option-buying backtest. Decoded entry: a MACD signal-line cross on NIFTY 10-min bars → buy the ATM weekly CE (long) / PE (short), stop 40% / target 100% of premium, square-off by 15:15. Priced on real 1-minute NIFTY option premiums (GFDL, 2015–2026 — every tick of theta, IV crush and gamma is inside these prices), real charges and spread.

4,980 trades on ₹1L: net -578.0% over 12 years (-48.2%/yr, loses money), win 40%, payoff 1.35 (avg win ₹2,452 / avg loss ₹-1,811), max drawdown -597%, worst trade ₹-13,687. 2015: ₹-13,111. 2016: ₹-58,564. 2017: ₹-30,916. 2018: ₹-16,783. 2019: ₹-15,268. 2020: ₹+6,479. 2021: ₹-30,112. 2022: ₹-71,605. 2023: ₹-124,292. 2024: ₹-61,853. 2025: ₹-162,109. 2026: ₹+174.

Option buying is convex — low win-rates are normal; the question is whether winners outrun the premium bleed. Backtested on 12 years of minute-level premium data (2015–2026; monthly contracts before 2019 — weeklies didn't exist; constant 65-unit lot); entries tested intraday as taught. Flagged for human review.

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Know someone trading this?

Is it profitable? (green above the line = made money, red below = lost it)

Year by year (every trade the rules fired, on real NIFTY option premiums — 1 lot, ₹1L)

YearTradesWin %Net P&L
201519745% ₹-13,111
201628738% ₹-58,564
201737641% ₹-30,916
201839543% ₹-16,783
201936039% ₹-15,268
202041439% ₹+6,479
202163241% ₹-30,112
202246139% ₹-71,605
202350636% ₹-124,292
202441539% ₹-61,853
202568138% ₹-162,109
202625644% ₹+174
Full transcript (15756 words)
17 महीने लंबा प्रॉफिट का वर्ल्ड रिकॉर्ड आप बना चुके हैं। आपके अंदर कितना कॉन्फिडेंस है इस रूल को लेकर के? कोई लिमिट ही नहीं है मैं मेरे कॉन्फिडेंस की मैं इतना कॉन्फिडेंट हूं क्योंकि मैं पिछले 10 साल से इसको प्रैक्टिस कर रहा हूं। ये जो 17 महीने से आपने लॉस नहीं दिया है। ये क्या प्रोडक्ट बेचने का तरीका तो नहीं है। जिन्होंने अभी तक ऑप्शन ट्रेडिंग की ही नहीं है। वो भी अगर आज का पॉडकास्ट देख रहे हैं तो वो एक थंब रूल सीख सकते हैं और कैसे फायदे में रहे इसके टिप्स उन्हें मिल सकते हैं क्या? बिल्कुल सीख सकते हैं। इससे आप जिस दिन भी इस वीडियो को देखते हैं, अगले दिन से ही आप उस स्ट्रेटजी को ट्राई कर सकते हैं। यह कोई मैजिक नहीं है। आप कह रहे हैं कि यह प्रॉपर एक स्ट्रेटजी है। इसे समझने की जरूरत है लोगों को। राइट? ऑप्शन में लॉस अवॉयड करने का सबसे इंपॉर्टेंट पैरामीटर है कि आप ओवरप्राइ प्रीमियम नहीं खरीदें। आप जब भी खरीदें फेयर वैल्यू पे ही खरीदें जिससे आपका रिस्क कम से कम होगा। अब यह देखिए, यह निफ्टी का चार्ट है। निफ्टी का ग्राफ है। अब मैं आपको यहां पे फेयर वैल्यू सिखाने की कोशिश कर रहा हूं। इस पूरे पडकास्ट का की यह है कि आपको एंट्री हमेशा फेयर वैल्यू पे करनी है। सब तो आपने सिखा ही दिया है। अब मुझे आपकी जरूरत क्यों है? अगर मैंने आपकी प्रीमियम कम्युनिटी जॉइ की हो तो मुझे क्या मिलेगा? जब आप प्रीमियम में आते हैं तो उसमें लाइव ट्रेड्स वगैरह सब आते हैं। डाटा, वेबिनार, आपको लर्निंग सब कुछ उसमें मिलते रहती है। आपके मेथड से शायद जो भी ऑप्शन ट्रेडिंग करें उसके कारोबार में टर्बुलेंस तो आएगा मुझे लगता है लेकिन क्रैश लैंडिंग नहीं होगी। टर्बुलेंस भी नहीं आएगा। टर्बुलेंस खत्म हो जाएगी और स्मूथ हो जाएगी आपकी ऑप्शन ट्रेडिंग। इस पडकास्ट के बाद कंक्लूजन में जब आप अपने मोबाइल में एनएससी इंडिया वेबसाइट खोल के देखेंगे तो आप विदिन 30 सेकंड्स यह बता सकते हैं कि मार्केट यहां से ऊपर जाएगी या नीचे जाएगी? अपने मुंह से तो सभी अपनी तारीफ करते हैं। है ना? कोई हलवाई अपनी मिठाई को तो बुराई करता नहीं। तो ये तो आप तारीफ कर रहे हैं। लेकिन आपके इस टेलीग्राम चैनल की क्या दूसरे लोग भी तारीफ करते हैं? तब मैं मानूं। हेलो एवरीवन। अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए क्योंकि आप देखना शुरू कर चुके हैं टेक ऑफ विद एसकेटी। एसकेटी यानी कि मैं शालिनी कपूर तिवारी। आज का यह जो पडकास्ट है ये एक कंप्लीट पाठशाला रहने वाली है। आप ऐसे समझिए कि टेक ऑफ से लेकर के लैंडिंग तक आप एक क्लासरूम में बैठे हुए हैं। जो टीचर मेरे साथ हैं वो पूरा गुणागणित करके एक चैप्टर आपको समझा देंगे। जिसके बाद आपका लॉस होना बंद हो जाएगा। अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं। अब बड़ी बात यह है कि सेबी का डाटा यह बताता है कि मार्केट में 92% लोग घाटे में ही रहते हैं हमेशा। इसलिए वो मार्केट छोड़ के भी चले जाते हैं। अब बाकी जो 8% लोग बचे हैं 7 8% वो भी बहुत ज्यादा मुनाफा नहीं कमाते हैं। लाख सवा लाख डेढ़ लाख के अंदर रहते हैं। जिन टीचर को मैं आज इस पाठशाला में लेकर के आई हूं वो लगातार 17 महीने से फायदे में है। एक नुकसान नहीं दिया है उन्होंने। अब यह कैसे हुआ यह आपको पता चलेगा। इसका थंब रूल क्या है? यह आपको पता चलेगा। उन्होंने किन-किन तकनीक की मदद ली जिसकी मदद से आप भी मुनाफे में रह सकते हैं यह आपको पता चलेगा और यह बातें सिर्फ बातों में नहीं होगी। आपको डेमो दिखाया जाएगा। मतलब न्यूज़ रूम और क्लास रूम में आप हमेशा देखते हैं ना कि टीचर ब्लैक बोर्ड के ऊपर लिख के बताता है कि भाई ये सवाल ऐसे तो इसके की पॉइंट्स ये। बस वैसे ही आज आपको डेमो के साथ फायदे में रहने की पूरी गारंटी इस पॉडकास्ट में मिलने वाली है। तो चलिए अब बहुत देर नहीं करती हूं। मेरे साथ आज पडकास्ट में है जिन्हें मैं बोर्डिंग पास भी देने जा रही हूं। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च नितिन मुरारखा जी बहुत स्वागत है सर आपका। जी नमस्कार शालिनी जी। थैंक यू वेरी मच। सभी दर्शकों का बहुत-बहुत स्वागत है। थैंक यू। मैं पहले आपको यह बता दूं सर कि हमने पहले जो पडकास्ट किया है उसके 2 लाख से ज्यादा व्यूज हो चुके हैं और अभी भी लोग उसे देख रहे हैं। कुछ एक सवाल लोगों ने उसमें लिखा है जिसका जवाब भी मैं आज आपसे ले लूंगी और पूरी उम्मीद मैं कर रही हूं कि पिछली बार जितना प्यार हमें मिला था आज एक बार फिर से उतना ही प्यार मिलने वाला है। बिल्कुल। लेकिन मेरा पहला सवाल जी। हम हमेशा एड्स देखते थे सर कि इतने हफ्ते क्रीम लगाओ तो गोरे हो जाओगे। है ना? ये वाशिंग पाउडर यूज करो तो कपड़े एकदम चमकने लग जाएंगे। फलानी चीज खाओ या ये वाली ग्रीन टी पियो तो आप पतले हो जाओगे। और हम सबको पता है कि ये होता नहीं है। कोई क्रीम लगा के आप गोरे नहीं हो सकते। यह बस प्रोडक्ट बेचने का एक तरीका होता है। तो यह जो 17 महीने से आपने लॉस नहीं दिया है, यह क्या प्रोडक्ट बेचने का तरीका तो नहीं है? नहीं नहीं देखिए ऐसी बात नहीं। 17 महीने का मतलब लास्ट 17 मंथ्स में नेट मंथ ऑन मंथ हम लोग प्रॉफिटेबल हैं। उसमें ये हो सकता है कि मान लीजिए एक मंथ में चार वीक होते हैं। तो चार वीक में आपका एक वीक लॉस है, तीन वीक प्रॉफिट हो गया। तो नेट नेट मंथ ऑन मंथ प्रॉफिटेबल है। अब जैसे हम लोग डेली ट्रेड करते हैं ऑप्शंस में तो मंथ में 20 22 ट्रेडिंग सेशन हो रहे हैं। तो उसमें से ऐसा नहीं है कि हर दिन हमें प्रॉफिट होता है या हर ट्रेड में प्रॉफिट होता है। क्योंकि ट्रेडिंग में लॉस इज़ अ पार्ट ऑफ द गेम। बट ये है कि आप पूरे मंथ में अगर नेट प्रॉफिटेबल है तो आपका मंथली प्रॉफिटेबल हो गया। तो इस तरीके से हम पिछले 17 मंथ से ओवरऑल देखेंगे तो नेट में ओवरऑल मंथ ऑन मंथ प्रॉफिटेबल है। उसके लिए हम लोग डिसिप्लिन कुछ स्ट्रेटजी फॉलो कर रहे हैं जिसके बारे में आज हम लोग बातचीत करेंगे। बट ये है कि हम लोग पिछले 17 महीने से अगर देखा जाए तो ओवरऑल प्रॉफिटेबल है और मंथ ऑन मंथ प्रॉफिटेबल है। तो मंथ ऑन मंथ प्रॉफिट की तो सर जरूरत होती है। जो सैलरीड क्लास होता है उसको भी तो महीने में एक ही बार सैलरी मिलती है ना। वो हर हफ्ते और हर दिन वाली तो होती नहीं है कि इस हफ्ते लॉस हो गया इस हफ्ते फायदा हो गया। तो मंथ एंड में जो सैलरी मिलती है वो अगर अकाउंट में क्रेडिट हो रही है तो आप यही कह रहे हैं कि उसी हिसाब से क्रेडिट ही होता चला जा रहा है। नुकसान नहीं हुआ। नुकसान नहीं है और जो जो स्ट्रेटजी के बारे में हम लोग बात करेंगे इसमें बेसिकली क्या आपका लॉस काफी लिमिटेड हो जाता है और अगर आप डिसिप्लिन से ट्रेड करते रहेंगे उस मेथड को फॉलो करते रहेंगे तो हमारी तरह आप भी धीरे-धीरे ये जर्नी स्टार्ट कर सकते हैं। थोड़ा समय लगता है हर चीज को प्रैक्टिस करनी पड़ती है बट ऑप्शन से आप पैसा बना सकते हैं। तो ये जो मेथड है बड़ा सिंपल है और कोई एक सिंपल अगर कोई लेमन है या बिगिनर है वो भी इन मेथड्स को फॉलो करके ऑप्शन में अपनी जर्नी स्टार्ट कर सकता है। तो मेरे वो व्यूअर जिन्होंने अभी तक ऑप्शन ट्रेडिंग की ही नहीं है वो भी अगर आज का पॉडकास्ट देख रहे हैं तो वो एक थंब रूल सीख सकते हैं और कैसे फायदे में रहे इसके टिप्स उन्हें मिल सकते हैं क्या? या बिल्कुल टिप्स नहीं इसे हम बोलेंगे टेक्निक सीख सकते हैं। डेटा ड्रिवन एप्रोच सीख सकते हैं और थोड़ी सी उनको प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। बट ये है कि थोड़ा एफर्ट डालेंगे तो रिजल्ट उस उनको उससे ज्यादा मिलेगा। तो बिल्कुल सीख सकते हैं इस इस पॉडकास्ट को अगर आप पूरे अच्छे से समझते हैं क्योंकि हम एक-एक एग्जांपल लेके सीखने वाले हैं तो आप अपनी ट्रेडिंग की अगर आप बिगिनर भी हैं तो भी आप ट्रेडिंग में प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। क्या बात है और इतनी बढ़िया और शानदार सर तो टिप्स नहीं बोल रहे हैं उसको लेकिन मैं अपनी लैंग्वेज में बोल रही हूं तो आपको इतनी शानदार टिप्स मिलने वाली है जिसमें घाटा है ही नहीं। फायदा ही फायदा है। तो उसके लिए आप प्लीज सबसे पहले तो लाइक कीजिए मेरे इस पॉडकास्ट को और इसे शेयर करना भी आप मत भूलिएगा। अब सर बिल्कुल मैं मुद्दे पे आने वाली हूं कि 17 महीना लगातार फायदा। वो जरा आप दिखाइए अभी ना कैसे हुआ? अच्छा देखिए ये जो है हमारी एक कम्युनिटी है जिसमें करीब आप देख सकते हैं स्क्रीन पे 4600 मेंबर्स के आसपास है और इसमें जो भी रिजल्ट्स होते हैं हम पोस्ट करते हैं। जैसे आप रिजल्ट्स यहां पे आपको दिख रहे हैं तो 17 महीने का मतलब ये मई 2024 से लेके अभी सेप्टेंबर 2025 तक के रिजल्ट्स आपके सामने हैं। और इसमें अगर हम देखें तो ये जो रिजल्ट्स दिख रहे हैं हमें ये इन टर्म्स ऑफ पॉइंट्स हैं। यानी निफ्टी के ऑप्शंस में कितने पॉइंट हम लोगों ने कैप्चर किया है। बाकी उसमें लॉट साइज होते हैं। 75 का लॉट साइज है। तो अगर आप एक लॉट में ट्रेड कर रहे हैं तो 75 * पॉइंट्स कैप्चरर्ड आपका प्रॉफिट हो गया। अगर आप दो लॉट में कर रहे हैं तो उसी हिसाब से मल्टीप्लाई कर सकते हैं। तो मई मंथ में जो प्रॉफिट रहा है वो करीब-करीब 155 पॉइंट्स का रहा है। और अप्रैल में 174, जुलाई में 84 इस तरीके से हम देख सकते हैं। अगस्त में सेप्टेंबर में जितने भी मंथ्स हमें दिख रहे हैं ये सारे के सारे मंथ्स ओवरऑल हमारे प्रॉफिटेबल हैं। और ये जो मंथली रिपोर्ट है ये हम लोग हर वीक एव्री वीक जो भी रिजल्ट्स होता है वो अपनी कम्युनिटी में पोस्ट करते हैं। तो यह ऐसा नहीं है कि यह रिपोर्ट केवल हम बना रहे हैं और हमारे पास ही है। ट्रांसपेरेंसी के लिए यह सारी रिपोर्ट जो हमारी कम्युनिटी है उसमें ये पोस्टेड होती है और हमारे जो फ्री टेलीग्राम चैनल है जिसमें 187000 मेंबर्स हैं उस टेलीग्राम चैनल में भी एव्री वीक ये पोस्ट करते हैं। तो अगर आप हिस्टोरिकली पिछले 16 17 महीने पुराना डाटा में भी जाके देखेंगे तो आपको यही डाटा वहां पे देखने को मिलेगा। इसमें पूरे में से दो महीने ऐसे रहे हैं जिसमें थोड़ा सा कम या फ्लैटिस्ट रिटर्न रहा है जो मई 25 और अप्रैल 25 में इसमें फ्लैटिस्ट रिटर्न रहा है। लॉस नहीं है बट ओवरऑल फ्लैटिस्ट रिटर्न रहा है। यानी 6 सात आठ पॉइंट का ही प्रॉफिट रहा है। तो ये आपके सामने है। आप लोग भी व्यूअर देख रहे होंगे। तो ये ओवरऑल रिजल्ट्स हैं जिसमें हम लोगों ने 17 महीनों में करीब 2200 पॉइंट्स कैप्चर किए हैं। म गॉड। और अगर आप इसे और हम लोग जो रिकमेंड करते हैं कि 1 लाख की कैपिटल पे आप काम कीजिए 1 लाख का मिनिमम कैपिटल जिसमें दो लॉट्स रिकमेंडेड होती है और उसमें जो एवरेज रिटर्न हमें निकल के आया है वो करीब 8 टू 9% पर मंथ रिटर्न कैप्चर हुआ है इस कैलकुलेशंस के हिसाब से बट इसमें ये भी डिस् डिस्क्लेमर होगा कि अगर हम हिस्ट्री में हम लोगों ने प्रॉफिट बनाया है तो कोई गारंटी नहीं है कि आने वाले फ्यूचर में भी प्रॉफिट बनता रहेगा। बट ये है कि अगर हिस्टोरिकली हम बना पा रहे हैं, हम उस मेथड को फॉलो कर रहे हैं तो प्रोबेबिलिटी काफी अच्छी है कि आने वाले फ्यूचर में बना पाएंगे। बट फिर भी क्योंकि ये मार्केट है। डेटा चेंज होते हैं, डायनेमिक्स चेंज होते हैं। तो ये आप नहीं सोच सकते कि ये गारंटेड आपको प्रॉफिट बन ही जाएगा। बट ये है कि प्रोबेबिलिटी काफी अच्छी है कि हम इस मेथड्स पे काम करते रहेंगे। जो हम सीखेंगे तो हम इस तरीके का रिटर्न या इससे कुछ हल्के कम भी है तो हम रिटर्न बना सकते हैं और जैसे आपने शुरुआत में बोला कि 92% ट्रेडर लॉस कर रहे हैं और केवल 8% प्रॉफिट बना पा रहे हैं। तो अगर इस पॉडकास्ट को देखने के बाद जो व्यूअर्स हैं उसमें से अगर मैं बोलूं कि 10 20% भी अगर प्रॉफिट की तरफ शिफ्ट हो जाए तो ये हम लोग के लिए बहुत बड़ी अचीवमेंट होगी कि उन्होंने लॉस से अपनी जर्नी प्रॉफिट की तरफ चालू कर दी है। तो ये रिटर्न्स है जो हम लोगों ने बनाया है। मैं तो यह मान के चल रही हूं सर कि वो जो 8% लोग हैं ना जो थोड़ा फायदे में रहते हैं वो आपकी इस कम्युनिटी में से तो जरूर एक बड़ा नंबर उन लोगों का होगा और इस 8% में आप भी शामिल हो सकते हैं जैसा सर बोल रहे हैं और स्पेशली क्योंकि नितिन जी ये कोई जादू ये कोई मैजिक नहीं है। आप कह रहे हैं कि ये प्रॉपर एक स्ट्रेटजी है। इसे समझने की जरूरत है लोगों को। राइट? तो हम क्या उस समझने वाले पैटर्न पे भी आ सकते हैं? उसके पहले मुझे आप एक बात बताइए ना आपने कहा जिस महीने फ्लैट भी रहा है आपने उसमें भी सिक्स टू 8% पॉइंट्स बताए 6 टू 8 सिक्स टू 8 पॉइंट्स बताएं अगर उसमें ब्रोकरेज एंड कॉस्ट वगैरह हम लगा देंगे तो हो सकता है स्लाइटली फ्लैट टू स्लाइटली नेगेटिव हो गया होगा अगर आप कॉस्ट वगैरह ब्रोकरेज वगैरह लगाते हैं तो तो आप ये माने कि ब्रेक इवन रहा है। बट यहां पे मेन फैक्टर यह है कि 93% जहां ओवरऑल लूजर हैं और जो 8% प्रॉफिट बना रहे हैं वो भी 1 लाख से कम प्रॉफिट बना रहे हैं। तो उससे तो बहुत बेहतर रिजल्ट्स ये स्ट्रेटजी प्रोड्यूस कर रही है। और ये ये जो स्ट्रेटजी है जिसके बारे में हम लोग बात करने वाले हैं। मैं पिछले 10 सालों से इस स्ट्रेटजी को फॉलो कर रहा हूं। जैसे ब्रूसली की एक सेइंग है ना कि अगर आप एक किक पे बार-बार प्रैक्टिस करते हो तो आप उस पे बहुत सॉलिड किक कर सकते हो। तो सेम है कि यह जो स्ट्रेटजी बारे में हम बात करेंगे इसे हम डेली पिछले 5 सालों से तो यह कम्युनिटी हमारी चल रही है जिसमें हमारे मेंबर्स हैं और पेड मेंबर्स होते हैं। बट पिछले 10 सालों से मैं ये लाइव मार्केट में प्रैक्टिस कर रहा हूं ये स्ट्रेटजी और ट्रेड भी कर रहा हूं। तो ये वेल टेस्टेड एंड ट्राइड स्ट्रेटजी है। आप सीख करके आप जिस दिन भी इस वीडियो को देखते हैं अगले दिन से ही आप इस स्ट्रेटजी को ट्राई कर सकते हैं। हम्म। फिर हम किस बात का इंतजार कर रहे हैं? फटाफट से आप बताएं स्ट्रेटजी क्या है? जी और ये पूरा डाटा रिसर्च के ऊपर ही ये ये 100% डाटा ड्रिवन है और इसमें ना कोई इमोशन पूरा डिसिप्लिन और रूल बेस्ड स्ट्रेटजी है। तीन इसके रूल हैं जो आपको समझने होंगे वो तीन रूल को आपको फॉलो करके इसको ट्रेड करना है और वो बड़े सिंपल है और इजी टू एक्सेस है। कोई भी ट्रेड कर सकता है। तो वो कंप्लीट रूल बेस्ड है। कोई इमोशन नहीं है। डेटा ड्रिवन स्ट्रेटजी है। कोई मतलब कितना भी पढ़ा लिखा हो ऐसा कोई कॉमर्स या ये नहीं वो कोई मैटर नहीं करता। आर्ट्स वाले ऐसी भी नहीं है कि ना कॉमर्स चाहिए ना आर्ट्स चाहिए साइंस चाहिए बट केवल डिसिप्लिन चाहिए और डिसिप्लिन तो हर हर फील्ड में चाहिए चाहे आप कितना भी पढ़े हो या आप कम पढ़े हो एक एक ऑटो ड्राइवर को भी डिसिप्लिन चाहिए कि वो किस तरीके से ड्राइव कर रहा है तो ट्रेडिंग में डिसिप्लिन और पेशेंस अगर ये दो आप अच्छे से फॉलो कर सकते हैं तो आप ऑप्शन में भी प्रॉफिट बना सकते हैं ये स्ट्रेटजी को सीख करके ऑप्शन में भी प्रॉफिट्स बना सकते हैं क्योंकि ये कहा जाता है कि ऑप्शन में तो पैसा कमाना बड़ा मुश्किल है। बात नहीं हो सकती। अब वो तीन स्ट्रेटजी तो मैं सबसे पहले आपको रूल्स बता देता हूं कि क्या रूल्स हैं और उसके बाद फिर हम उस स्ट्रेटजी को एग्जांपल के साथ सीखने की कोशिश करेंगे। तो देखिए जैसे अभी हम लोगों ने बात करी कि तीन रूल्स हमें समझने होंगे और उस रूल्स में ये आता है कि जैसे मार्केट सुबह खुली तो मार्केट का ट्रेंड क्या है? कैसे ट्रेड करना है? क्या ट्रेंड है? सबसे फर्स्ट रूल जैसे स्क्रीन पर आप देख पा रहे हैं। रूल नंबर वन हम यह फॉलो करते हैं कि हमें मार्केट खुलने के बाद जो ट्रेड लेना है वो 11:30 के बाद लेना है। यानी कि सब 9:15 में मार्केट खुल गई तो बहुत सारे ट्रेडर क्या करते हैं? वो 10:00 बजे ही ट्रेड ले लेते हैं या 10:30 ही ट्रेड ले लेते हैं। तो ये डिफरेंट है। यहां पे रूल है कि हमें 11:30 के बाद ट्रेड करना है। नहीं बट हमने तो ऐसे ही सुना है ना कि dubऊ jons जैसे बंद हो जाए या nसdc जैसे बंद हो या एशियन मार्केट जैसे खुला है तो उसी हिसाब से हमारा मार्केट भी रिएक्ट करेगा। तो हमें पता है कि अच्छा dubऊ jons बढ़ के बंद हुआ है। एशियन मार्केट बढ़ के खुला है तो हम भी बढ़ के खुलेंगे। तो इसमें क्या दिक्कत है? तो देखिए हम बढ़के खुलेंगे बट उसके बाद क्या होगा क्योंकि ओपनिंग ऑलरेडी हो गई और उसके बाद जब मार्केट में ट्रेड्स होते हैं तो ट्रेंड बनता है। ट्रेड्स होते हैं तो डाटा बनता है। तो यहां पे जो ये जो स्ट्रेटजी है ये कंप्लीटली डाटा ड्रिवन है। इमोशन पे नहीं है। जब आप सुबह ओपनिंग में ट्रेड लेते हैं तो आपके मन में एक ये इमोशन होता है कि वर्ल्ड मार्केट ऊपर था तो मार्केट ऊपर खुलेगा। करेक्ट? गिफ्ट निफ्टी ऊपर थी तो मार्केट ऊपर खुलेगी। बट खुलने के बाद क्या होगा? वो वो आप कैसे डिराइव करेंगे? वह आप डिराइव करेंगे प्राइस ट्रेड होने के बाद कि मार्केट खुलने के बाद प्राइस क्या खुलने के बाद नीचे जा रही है यानी ट्रेंड वहां से नीचे हो रहा है या खुलने के बाद प्राइस में स्ट्रेंथ आ रही है क्योंकि अल्टीमेटली हमें अगर उस दिन ट्रेड करना है तो खुलने के ओपनिंग से स्ट्रेंथ आना या स्ट्रेंथ का घटना इंपॉर्टेंट है। दूसरा जब मार्केट खुलती है तो ट्रेडर्स आते हैं उसमें तो ट्रेडर्स अपनी पोजीशंस क्रिएट करते हैं। एफआई भी आते हैं। अपनी पोजीशंस क्रिएट करते हैं। म्यूच्यूल फंड्स भी पोजीशंस क्रिएट करते हैं या या प्रोपराइटरी फंड्स हैं। ये पार्टिसिपेंट्स पोजीशंस क्रिएट करते हैं। तो मार्केट खुलते ही बहुत ज्यादा पोजीशंस नहीं आएगी। धीरे-धीरे धीरे-धीरे पोजीशंस बिल्ड अप होगी ड्यूरिंग द डे। तो ये जो स्ट्रेटजी है ये उन पोजीशंस को स्टडी करके आपको डिसीजन लेना होता है। अब ये व्यूअर्स सोच रहे होंगे कि यार ये तो बड़ा कॉम्प्लेक्स बात कर रहे हैं कि सभी की पोजीशंस हम स्टडी कैसे करेंगे? तो उसका बड़ा सिंपल तरीका अभी मैं केवल ये एक्सप्लेन कर रहा हूं कि हमें क्यों 11 11:30 के बाद ट्रेड करना चाहिए। उसका रीजन ये है कि प्राइस अगर 2 घंटे ट्रेड हो गया तो आपको एक ट्रेंड समझ में आ गया कि मार्केट का क्या ट्रेंड है। जैसे मान लीजिए किसी भी फील्ड में अगर कोई भी प्रोडक्ट की ट्रेडिंग हो रही है तो अगर आप उस मार्केट को जज करना चाहते हैं तो आप क्या करेंगे? उस मार्केट को देखेंगे कि क्या प्राइस ट्रेड हो रहा है? ऊपर नीचे किस तरीके से हो रहा है। तो आपको एक ट्रेंड का आईडिया लगेगा। सेम स्टॉक मार्केट में भी हम सुबह के 2 घंटे में ट्रेंड को आइडेंटिफाई करते हैं। ट्रेंड को आइडेंटिफाई करने का दो तरीका है। एक तो प्राइस के मूवमेंट से और दूसरा डाटा के डेवलपमेंट से जिससे हम वॉल्यूम ओपन इंटरेस्ट इन सब से कैलकुलेशन करते हैं। तो यहां पे हम ये केवल समझेंगे कि 11:30 के बाद ट्रेड करना है। दूसरा आगे मैं आपको सिखाऊंगा। तो डर गई। मतलब ये बहुत कॉम्प्लेक्स नहीं है ना एक्चुअली। नहीं बहुत सिंपल है। बहुत सिंपल है। तो यहां पे हमें ये याद रखना है कि जब आप इस स्ट्रेटजी को देख रहे हैं तो आपको सुबह खुलने के बाद 1 2 घंटे आपको मार्केट को ऑब्जर्व करना है कि मार्केट क्या कर रही है। हम सेकंड पॉइंट ये बोलता है कि हमें ट्रेंड को आइडेंटिफाई करना है पीसीआर डेटा से। अब आपके मन में सवाल आएगा व्यूअर के मन में ये पीसीआर डाटा क्या होता है? तो ये एक तरीके से पीसीआर डाटा मार्केट का चेस बोर्ड है। मतलब मार्केट में किस लेवल पे क्या प्लेसमेंट हो रही है? वो आपको सब आप बहुत इजी तरीके से ऑप्शन चेन डाटा से देख सकते हैं। अब फिर व्यूअर को लगेगा यह ऑप्शन चेन डाटा क्या बहुत कॉम्प्लेक्स सा लग रहा है। तो ये बड़ा सिंपल तरीके से मैं आगे सिखाऊंगा क्योंकि अभी तो हम रूल्स को समझ रहे हैं। ये कैसे देखना है आपको? कहां से देखना है और आप कैसे देखोगे ये आपको बड़े सिंपल तरीके से समझ में आ जाएगी। यह आपको एनएससी इंडिया की वेबसाइट में आप आराम से अपने मोबाइल पे भी देख के मार्केट को जज कर सकते हैं। इस पडकास्ट के बाद कंक्लूजन में जब आप अपने मोबाइल में एनएससी इंडिया वेबसाइट खोल के देखेंगे तो आप विदिन 30 सेकंड्स ये बता सकते हैं कि मार्केट यहां से ऊपर जाएगी या नीचे जाएगी। यानी कि निफ्टी को पकड़ो 30 सेकंड में। यह कंक्लूजन आपको इस पॉडकास्ट को देखने के बाद आ जाएगा। तो रूल हम सीख लेते हैं अभी। हां, दो आपने बताया। पहला तो 11:30 के बाद ट्रेड करना है। दूसरा पीसीआर पीसीआर डाटा से ट्रेंड को आइडेंटिफाई करना है। और तीसरा हमें ट्रेड को जो एंट्री करनी है यानी सेकंड से हमने आइडेंटिफाई कर लिया कि मार्केट ऊपर या नीचे जाएगी। थर्ड हमें जब भी ट्रेड को लेना है हमें लेना है वॉल्यूम वेटेड एवरेज के आसपास यानी वीवप के आसपास। अब वीवप क्या होती है? हम अब जैसे मान लीजिए कोई एक प्रॉपर्टी है। उसकी फेयर वैल्यू मार्केट में सपोज ₹1 करोड़ की फेयर वैल्यू है। ठीक है? तो उसे हम बोलते हैं फेयर प्राइस ऑफ दैट प्रॉपर्टी। इसी तरीके से ऑप्शन मार्केट में निफ्टी ट्रेड होते रहती है तो हर लेवल पे वॉल्यूम्स होते रहते हैं। तो उसे हम बोलते हैं वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस। अलग-अलग लेवल पे वॉल्यूम्स हो रहे हैं। तो दैट इज़ अ फेयर वैल्यू ऑफ़ निफ्टी। यानी किसी प्रॉपर्टी की ट्रेड सपोज़ कीजिए डील हुई होगी 1 करोड़ में। फिर उसके बाद 1 करोड़ दो 1 करोड़ 2 लाख में हुई होगी। 1 करोड़ 3 लाख में हुई होगी और 1 करोड़ और 98 लाख में भी कोई डील हुई होगी। तो अगर उसकी एवरेज निकालेंगे तो हो सकता है 1 करोड़ 1 2 लाख के आसपास आए। वैसे ही मार्केट की जो ट्रेडिंग हो रही है उसकी एक एवरेज प्राइस या फेयर प्राइस आती है। तो आपको ये ध्यान रखना है कि एंट्री आपको हमेशा फेयर प्राइस पे करना है। यानी तीन रूल हो गए। 11:30 के बाद ट्रेड करना है। मार्केट ऊपर या नीचे जाएगी ये आइडेंटिफाई करने के लिए हम पीसीआर डाटा यूज़ करेंगे। और तीसरा एंट्री हम फेयर वैल्यू पे करेंगे। ये फेयर वैल्यू वाला थोड़ा फेयर वैल्यू का मतलब मतलब हम ज्यादा पे ना खरीदें। जो उसकी एक्चुअल वैल्यू होनी चाहिए। हां करेक्ट। यानी कि अब मैं मतलब यह बोतल पानी की अगर है यह ₹10 की अगर है तो यह किसी समय ₹12 में भी बिकी होगी किसी समय आठ में भी बिकी होगी तो हम आठ में नौ में 10 में तो लें पर 11 और 12 में 12 13 में नहीं लें। अभी क्या होता है एक फोमो जैसे बोलते हैं कि मार्केट ऊपर जा रही है तो लोग कूद के ट्रेड ले लेते हैं तो उसमें कई बार हम ओवरप्राइ प्रीमियम को खरीद लेते हैं और प्रीमियम्स में टाइम वैल्यू डिक होती है। ऑप्शंस में हमेशा टाइम वैल्यू डिक होती है। तो अगर हम ओवरप्राइ प्रीमियम खरीदेंगे तो वो हमारी डिक कर जाती है जिसके कारण मेजॉरिटी ऑफ़ द ऑप्शन बयर को नुकसान होता है। तो सबसे ऑप्शन में लॉस अवॉइड करने का सबसे इंपॉर्टेंट पैरामीटर है कि आप ओवर प्राइस प्रीमियम नहीं खरीदें। आप जब भी खरीदें फेयर वैल्यू पे ही खरीदें जिससे आपका रिस्क कम से कम होगा। ये तो सर तब हो पाएगा ना जब मैं राइट टाइम पे एंट्री कर पाऊं। यस एंट्री वो बढ़ जाता है। फिर हमें लगता है कि अब तो ये भाग गया। नहीं उसमें आपको मौका मिलता है। अभी मैं एग्जांपल से उसको सिखाने की कोशिश कर। ये तीन रूल आप लोगों को क्लियर हो गया। नहीं क्लियर हुआ नोट करते। उसके बाद टारगेट स्टॉप लॉस आता है कि अगर आप ट्रेड में घुस गए तो क्या तो आपको प्रॉफिट होगा। क्या आपका स्टॉप लॉस होगा? तो ये तीन रूल समझ गए। अब हम इसे मैं एग्जा आपको एग्जांपल से एक-एक करके समझाने की कोशिश करता हूं। तो सुबह से चलते हैं। फर्स्ट वाले से 11:30 से 9:15 बजे मार्केट खुले। चाय कॉफी लेके बैठ जाओ। नाश्ता-वास्ता लेके बैठ जाओ। करना कुछ नहीं है। देखना है। हां। हां। अब मैंने ये आपके सामने अभी निफ्टी का ग्राफ मैंने खोला है। और ये निफ्टी के ग्राफ में ये जो ग्राफ है अब अब आपके मन में आएगा मुझे चार्ट्स कहां से दिखेंगे? तो ऑप्शन ट्रेडिंग करने के लिए आपको चार्ट्स तो चाहिए। मतलब यानी कि कोई ना कूल टूल तो आपके पास होना चाहिए। नहीं तो आप कैसे ट्रेडिंग करेंगे? कोई भी प्रोफेशन हो अगर एक मैकेनिक भी है तो उसको तो अपने टूल्स चाहिए। अदरवाइज वह गाड़ी के पंचर भी नहीं बना पाएगा। तो हर प्रोफेशन में कुछ ना कुछ टूल हमें चाहिए होता है। तो ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए आपको टेक्निकल एनालिसिस का कोई ना कोई टूल होना चाहिए। नॉर्मली ट्रेडिंग व्यू हम लोग यूज करते हैं। आप भी ट्रेडिंग व्यू जाकर के सब्सक्राइब कर सकते हैं। ट्रेडिंग व्यू एक इंटरनेशनल प्लेटफार्म है और उसमें सारे डेटा आपको मिल जाते हैं। अब अब यहां पे ये देखिए ये जो ग्राफ है ये फ्री है सब्सक्रिप्शन। हां सब्सक्रिप्शन क्या है? अगर आप एकद चार्ट्स देख रहे हैं तो बहुत हद तक फ्री है। बट आप बहुत ज्यादा एडवांस अगर इंडिकेटर्स देखना चाहते हैं तो उसमें ट्रेडिंग व्यू के अपने चार्जेस हैं जो कि इंटरनेशनल प्लेटफार्म है और पूरे वर्ल्ड में हर मार्केट्स के डाटा और चार्ट्स उसमें आते हैं। तो जनरली रिसर्च एनालिस्ट ट्रेडिंग व्यू को यूज़ करते हैं। ओके। आप भी करते हैं। मैं भी करता हूं। ठीक है? अभी जो मैंने चार्ट खोला है, यह भी पावर्ड बाय ट्रेडिंग व्यू से ही है। करेक्ट। अब यह देखिए यह निफ्टी का चार्ट है। निफ्टी का ग्राफ है। अब मैं आपको यहां पर फेयर वैल्यू सिखाने की कोशिश कर रहा हूं। फेयर वैल्यू यानी वीवपव एक इंडिकेटर होता है जो आप किसी भी सॉफ्टवेयर में ऐड कर सकते हैं। व्हिच इज़ अ एवरेज प्राइस। करेक्ट? तो अब हमें यह जैसे ये ग्राफ में आप देख रहे हैं कि हमें ट्रेड एक तो लेना है 11:30 के बाद। 11:30 यहां पे ये 11:30 का दिख रहा है। और इसके बाद यह जो वीवप लेवल है यह वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस ये जो आपको ब्लैक कलर की ये लाइन दिख रही है, दिस इज़ कॉल्ड अ फेयर वैल्यू। तो जब भी ट्रेड हमें इनिशिएट करना है, इस फेयर वैल्यू के आसपास इनिशिएट करना है। यह फेयर वैल्यू के आसपास हमें इनिशिएट करना है। अब जो एकदम बिगिनर्स हैं उनके मन में क्वेश्चन आएगा कि इतना पॉसिबल नहीं है देखना। बट क्या है? आप अगर दो-चार बार क्योंकि आपको ऑप्शंस में प्रॉफिट बनाना है। आपको ऑब्जेक्टिव है और लॉस नहीं करना है। तो एक तरीके से जब हम कमाना चाह रहे हैं तो हमें कुछ ना कुछ तो चार्ट्स को देख के एफर्ट डालना पड़ेगा। तो आप एक ग्राफ में सिंपल ये वीवप की लाइन यूज़ करनी है व्हिच इज कॉल्ड अ फेयर वैल्यू। दूसरा और ये जो आपको फ्री में भी ये मिल जाएगी ट्रेडिंग व्यू में और या फिर आप एडवांस अगर जाते हैं तो ट्रेडिंग व्यू सब्सक्राइब कर सकते हैं। हम दूसरा रूल में मैंने बताया था कि हमें पीसीआर डाटा देखना है। और हमें यह देखना है कि उससे ट्रेंड मार्केट का क्या लगता है। तो उसको देखने का तरीका है आप एनएससी इंडिया की वेबसाइट में जाएं। वो कैसे देखना है मैं अभी आपको सिखा देता हूं। यह आप मोबाइल में भी इजी जा सकते हैं और एनएससी इंडिया आप जाके Google में टाइप करें ऑप्शन चेन डाटा। Google में जब ऑप्शन चेन डाटा खोलेंगे तो एनएससी का ऑप्शन चेन डाटा आपके पास खुल जाएगा। ठीक है? अब यह देखिए आपके सामने ये ऑप्शन चेन डाटा खुला हुआ है। अब इसमें मान लीजिए कि आपको यह पता लगाना है कि मुझे कॉल ऑप्शन लेनी है कि पुट ऑप्शन लेनी है। क्योंकि मार्केट में जब आपको ट्रेडिंग करनी है तो अगर आपको लग रहा है मार्केट ऊपर जाएगी तो आप कॉल ऑप्शन लेंगे। तेजी खेलने के लिए कॉल लेते हैं और मंदी के लिए हम लोग पुट लेते हैं। तो जो सेकंड रूल है 11:30 के बाद वाला रूल उससे हमें ये आइडेंटिफाई करना है कि मार्केट में मुझे लेना क्या है? कॉल लेना है कि पुट लेना है। हम उसके लिए ऑप्शन चेन का डाटा हम लोग देखते हैं। और यहां पे जिस जिस लेवल पे निफ़ी चल रही है, आपको उस लेवल पे आना है। जैसे मान लीजिए आज मार्केट चल रही है 25,000 के आसपास तो 25,000 के आसपास आपको आना है। यह रही 25,000 और इसमें चेंज इन ओपन इंटरेस्ट हमें देखना है कि चेंज इन ओपन इंटरेस्ट किधर हो रहा है। चेंज इन ओपन इंटरेस्ट का मतलब क्या होता है? कि मार्केट में जो भी नई पोजीशंस बन रही है, उसे हम बोलते हैं चेंज इन ओपन इंटरेस्ट। यानी सपोज एफआई ने कुछ पोजीशन बनाई, कुछ रिटेलर्स ने बनाई, कुछ म्यूच्यूल फंड्स ने बनाई। तो उस वो दैट कम्स अंडर चेंज इन ओपन इंटरेस्ट। हम तो यह जो चेंज इन ओपन इंटरेस्ट है यह आपको 25,000 पे देखना है कि कॉल में ज्यादा हो रहा है या पुट में ज्यादा हो रहा है। जैसे आज आप देख सकते हैं कि यहां के पुट ऑप्शंस में 86,000 का चेंज इन ओपन इंटरेस्ट है और वहीं कॉल में आप देखेंगे तो केवल 14,000 का चेंज इन ओपन इंटरेस्ट है। यह इमंबैलेंस यहां पे दिख रही है। इमंबैलेंस का मतलब यह दिख रही है कि पुट में पोजीशंस बहुत ज्यादा है। यानी ज़्यादातर लोग मंदी खेल रहे हैं और कम लोग कॉल्स की तरफ हैं। यानी कम लोग तेजी खेल रहे हैं। हम तो बेसिकली हमें ये इमंबैलेंस को पकड़ना है। और अगर ज्यादा लोग यह सोच रहे हैं कि मार्केट गिरेगी तो मार्केट हमेशा कॉन्ट्रेरियन चलती है। अगर सपोज़ कीजिए मैं आपसे ये सवाल पूछूं हम कि 90% लोग ये सोच रहे हैं कि मार्केट गिर जाएगी हम तो क्या मार्केट गिरेगी या मार्केट ऊपर चली जाएगी? गिरेगी। गलत। अगर जब सब बेच रहे होंगे नहीं। 90% लोगों का यह सोचना है कि मार्केट गिर जाएगी। हां। तो अगर मार्केट गिर जाएगी तो 90% लोगों को प्रॉफिट हो जाएगा। हम तो डाटा तो ये बोलता है कि 90% लोगों को प्रॉफिट नहीं होता है। तो मोस्ट ऑफ द केसेस में जो क्राउड सोचती है हम उसके अगेंस्ट मार्केट चलती है। तभी तो 90% लोगों को लॉस हो रहा है। और ओनली 10% आर मेकिंग मनी। बट कैसे? क्योंकि मार्केट ऑलवेज दिस इज़ अ ज़ीरो सम गेम। ऑप्शन ट्रेडिंग इज़ अ जीरो सम गेम। और इसमें क्या होता है कि अगर 90% लोग हर आदमी प्रॉफिट बनाने के लिए यहां पे आया है और ऑप्शन ट्रेडिंग में क्या होता है? मेरा अगर मैं प्रॉफिट बना रहा हूं तो आप लॉस कर रहे हैं। ठीक है? और हर ट्रेडर यहां पे प्रॉफिट बनाने के लिए आया है। तो अगर हर ट्रेडर प्रॉफिट बनाएगा तो लॉस कौन करेगा? ऑप्शन ट्रेडिंग में। इसलिए क्या होता है कि वो इस तरीके से मार्केट का स्ट्रक्चर है कि अगर क्राउड जिस तरफ है तो नॉर्मली मार्केट उसके अगेंस्ट चलती है। इसी थ्योरी पे हम लोग काम करते हैं। ये असल ट्रिक है जिसके ऊपर मैं आज इस पॉडकास्ट में बात कर रहा हूं। नहीं पर ये कैसे पॉसिबल है? ये पानी की बोतल है। अब ज्यादातर लोग इसको बेचने के लिए बोल रहे हैं। तो इसके खरीदार तो कम है ना। इंटरेस्ट तो कम है ना? ज्यादा लोग अगर बेचना चाह रहे हैं तो इसका प्राइस गिर जाएगा ना? डाउन होता जाएगा। डाउन हो जाएगा। करेक्ट? तो अब क्या है ऑप्शन मार्केट में अगर ज्यादातर को लग रहा है कि मार्केट गिर जाएगी यानी वह बेचना चाह रहा है मार्केट गिर जाएगी तो वह बेचना चाह रहा है हम तो वहां पे डिमांड एंड सप्लाई के हिसाब से आप ये बोल रहे हैं कि मार्केट को गिर जाना चाहिए क्योंकि वहां पे सप्लायर ज्यादा है। ठीक बात है। बट ऑप्शन मार्केट में क्या होता है कि चेंज इन ओपन इंटरेस्ट का मतलब हो गया कि अगर कोई बायर है तो सेलर भी है। करेक्ट? तो यहां पे एक कांसेप्ट आता है ऑप्शन राइटिंग का। ऑप्शन बायर्स भी होते हैं, ऑप्शन सेलर्स भी होते हैं। ऑप्शन बाइंग में हमें कैपिटल लगती है केवल 10,000 की एक लॉट में और ऑप्शन सेलिंग में लगती है मुझे एक लॉट को सेल करने में 2 लाख की कैपिटल। और जो ओपन इंटरेस्ट क्रिएट होता है यह बयर वर्सेस सेलर के बीच में होता है। तो अगर ओपन इंटरेस्ट ज्यादा जिस साइड में क्रिएट हो गया उस साइड में वीकर हैंड्स हैं क्योंकि उन्होंने कम कैपिटल लगा करके वो ओपन इंटरेस्ट क्रिएट किया है और स्ट्रांगर हैंड्स हैं जिन्होंने वहां पे ऑप्शन राइटिंग कर रखी है। तो नॉर्मली जो कैपिटलिस्ट हैं जो स्ट्रांगर हैंड्स हैं वो मार्केट को अपनी डायरेक्शन में मूव कर देते हैं। इसलिए कॉन्टेरियन ओपिनियन पे ये मार्केट चलती है। माय गॉड ये तो बहुत अलग मुझे लग रहा है नियम हमें मिला। दुनिया जो कर रही है उसका उल्टा करो। उल्टा करो। तो ये बेसिकली ये ऑप्शन चेन के डाटा से आप देख सकते हैं। देखिए ये कॉम्प्लेक्स एक बार आपको शुरू में लगेगा। बट जैसे-जैसे आप प्रैक्टिस करने लग जाओगे क्योंकि अल्टीमेट आप अब आप मान लीजिए आप अगर कोई भी प्रोफेशन में हैं डॉक्टर भी हैं, सीए भी कर रहे हैं, इंजीनियरिंग भी कर रहे हैं तो उसमें 5-प साल लगते हैं आपको। कोर्स कंप्लीट करते हैं। फिर आप जाकर के जॉब मिलती है। आप कमाने लग जाते हो। ठीक है? तो यहां पे आप ट्रेडिंग सीख रहे हैं तो कम से कम 5 दिन तो आपको देना पड़ेगा। 5 साल की जगह 5 दिन तो अच्छे से प्रैक्टिस करेंगे। आप इस चीजों को सीखेंगे तो यह एनएससी के वेबसाइट में ऑप्शन चेन के डाटा को आप स्टडी कर सकते हैं। नहीं तो फिर हमारी हम लोग की जो कम्युनिटी है आप उसको ज्वाइन कर लो। भाई एक और सॉलशन है कि जो कम्युनिटी है आप उसमें ज्वाइन कर लो। 3 6 महीने में आप वहां पे रेगुलर इस डाटा पे हम लोग डिस्कस करते हैं। हमारे वेबिनार्स होते रहते हैं। हमारे वीकली वेबिनार्स होते हैं जिसमें हम डिटेल में इसके ऊपर बातचीत करते हैं। इनफैक्ट लाइव मार्केट में हम इसे प्रैक्टिस करते हैं और हर दिन ट्रेड करते हैं कि ये डाटा बन रहा है तो ये ट्रेड है। यहां पे एंट्री लेना है। तो आप दो-ती महीने में वैसे आप सीख जाओगे। तो वो भी एक आपके पास ऑप्शन है। वो कहावत भी है कि करत करत अभ्यास से जड़मति होत सुजान। तो फिर उतना तो करना ही पड़ेगा और वो भी उस स्ट्रेटजी के लिए। मतलब मैं तो यह मान के चल रही हूं सर कि 17 महीने तक अगर लगातार प्रॉफिट हो रहा है तो ऐसी स्ट्रेटजी के लिए 5 दिन मेहनत करके सीख लेना उसमें तो फिर कोई बुराई मुझे लगती नहीं है। हां बिल्कुल तो जैसे अभी हम लोगों ने डाटा में देखा कि पुट में ज्यादा पोजीशंस थी कॉल में कम थी तो इसका मतलब हमें कॉल ऑप्शन लेना है। कॉल ऑप्शन कब लेना है? जब मार्केट वीवप के आसपास के से ऊपर जाए तो हमें कॉल ऑप्शन पे ट्रेड करना है। तो यह इस तरीके से यह स्ट्रेटजी काम करती है। जैसे फॉर एग्जांपल मैं आपको दिखाता हूं कि ये ट्रेड जैसे हम लोगों ने आज भी ये ट्रेड किया था इसी मेथड पे और ये जो हमारी ये कम्युनिटी है इसमें जो ट्रेड्स हैं जैसे ये ट्रेड देख सकते हैं। जैसे किस तरीके से ट्रेड लेते हैं। इसी मेथड के ऊपर अह ये ट्रेड है। आप देख रहे हैं कि बाय निफ़ी 25,000 स्ट्राइक कॉल 25,000 स्ट्राइक की कॉल, 25,100 स्ट्राइक की कॉल हमें 6267 पे लेनी है। 40 का स्टॉप लॉस और 100 का टारगेट। तो, इस तरीके से यह कॉल फ़िल्टर हो के आती है। और यहां पे डाटा सब कुछ आपको मिल रहे हैं। क्या ट्रेड लेना है, कैसे लेना है। तो, यहां पे हम लोग प्रैक्टिस करते हैं। और जो हमारे रूल्स हैं, वो रूल्स वगैरह सारे डिफाइंड होते हैं। तो, उसके हिसाब से ये मेथड से आप ट्रेड कर सकते हैं। हम तो हमने दो मेथड सीख लिए आई गेस। हमने बेसिकली तीन रूल्स पे बात करी। एक तो 11:30 के बाद करना बहुत सिंपल है। दूसरा पीसीआर डाटा से हमें ट्रेंड को आइडेंटिफाई करना है। जो कॉन्टरियन ओपिनियन की हमने बात करी जिसके लिए हम लोगों ने एनएससी इंडिया की वेबसाइट पे जाकर के देखा। करेक्ट? वो तो एक फ्री सोर्स है और उसके अलावा मार्केट में बहुत सारे सोर्स अवेलेबल हैं। जैसे मान लीजिए एक एसएमसी का ऑटो ट्रेंडर है जिसे आप सब्सक्राइब कर सकते हैं। उसके अंदर ये सारा का सारा डाटा आता है कि किस तरीके से आप का पीसीआर का डाटा निफ्टी में बन रहा है। अब तो ससेक्स की भी ट्रेडिंग होने लग गई है। ससेक्स भी एव्री थर्सडे को सेंसेक्स की एक्सपायरी होती है। तो बहुत सारे ट्रेडर्स हैं जो सेंसेक्स ट्रेड करना चाहते हैं। तो आप ससेक्स में भी इन डाटा को देख के ट्रेड कर सकते हैं। बैंक निफ्टी की भी ट्रेडिंग होती है तो आप बैंक निफ्टी भी कर सकते हैं। फिर निफ्टी भी कर सकते हैं। तो, यह एक यूनिवर्सल डाटा है। आजकल देख रहे हैं कि YouTube पे क्रिप्टो बहुत ट्रेंड कर रहा है। बहुत सारे क्रिप्टोस के वीडियोस आ रहे हैं। तो जो ट्रेडर्स हैं जो क्रिप्टो वगैरह में ट्रेड करते हैं वो बिटकॉइन, इथेरियम इन सब में पीसीआर का डाटा मिलता है। तो आप वहां पे भी अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप गोल्ड कर रहे हैं तो गोल्ड में भी इस डाटा को देख सकते हैं। ये काफी यूनिवर्सल डाटा है क्योंकि ये कॉन्ट्रिन ओपिनियन पे चलती है मार्केट ऑप्शंस मार्केट। तो ये हर प्रोडक्ट में इक्वली एप्लीकेबल होती है। तो आप इस डाटा को देख के ऑप्शन ट्रेडिंग कर सकते हैं। आपके थ्रू भी मिल सकता है ये डाटा। हां, हमारे थ्रू कैसे मिलेगा? एक मैं आपको उसकी ग्लिं्स दिखाता हूं कि एसएमसी ग्लोबल का एक प्रोडक्ट है जिसे ऑटो ट्रेंडर के नाम से जाना जाता है और ऑटो ट्रेंडर के अंदर ऑप्शंस से रिलेटेड आपको सारा डाटा आता है। जैसे कि मान लीजिए अभी जैसे मैंने आपके सामने ये ऑटो रेंडर खोला है और इसके अंदर आप देख सकते हैं यहां पे कि ससेक्स का डाटा आ रहा है। फिर बैंक निफ्टी का डाटा आ रहा है। फिन निफ्टी का डाटा आ रहा है। अगर मान लीजिए मैं निफ़ी के डाटा पे ही चलता हूं। तो निफ्टी के डाटा पे यहां पे आप देखिए सारा जो भी पीसीआर का डाटा है वो आपको टाइम वाइज आता है। आप 3 मिनट, 5 मिनट और 15 मिनट के टाइम फ्रेम में ये डाटा को देख सकते हैं। और ये डाटा आपको लाइव मार्केट में गाइड करता है कि मार्केट में मुझे किस साइड ट्रेड करना चाहिए। अगर मान लीजिए यहां पे बाय-ब लिखा आ रहा है। इसका मतलब ये है कि मार्केट ये इंडिकेट कर रही है कि मार्केट ऊपर की तरफ जाएगी और उसमें कॉल एंड पुट के इमंबैलेंस के ऊपर ये कैलकुलेट हो करके आता है। और इसे नीचे आप देख सकते हैं ये ग्राफिकल फॉर्मेट में भी आ रहा है कि निफ्टी और बैंक निफ्टी इन दोनों के डाटा पे हम यहां पे ट्रेड कर सकते हैं। तो ये इस तरीके से ससेक्स निफ्टी सारा इसमें आता है। अगर मान लीजिए हम एफआई के डाटा को देखना चाहते हैं तो हमें एफआई का डाटा भी इसमें मिलता है। हम डिलीवरीज डाटा देखना चाहते हैं कि कौन से स्टॉक में डिलीवरी ज्यादा हो रही है। Reliance में डिलीवरी ज्यादा हो रही है या फिर B में डिलीवरी हो रही है। तो वह सब डाटा भी आप यहां पे देख सकते हैं। जैसे मान लीजिए फॉर एग्जांपल से आपका डाटा अगर आप पीसीआर वाला देखें तो क्या वो देखना ज्यादा इजी है एज कंपेयर टू बाकी जो जितने आपने एप्स या जगह बताया देखिए क्या है जैसे मान लीजिए एनएससी हम बात करते हैं तो एनएससी में रॉ डाटा आ रहा है। यहां पे ये जो ऑटो रेंडर है इसे रिसर्च टीम ने ट्रेडिंग ट्रेडर्स के लिए डेवलप किया है कि जो एक ट्रेडर्स को चाहिए कि अगर मुझे ट्रेड करना है तो मुझे क्विक डिसीजन लेना होता है कि हां मैंने फटाफट देखा और उसके ऊपर ट्रेड इनिशिएट किया। तो यह बड़ी सिंपल है। इसमें एक बिगिनर एक लेम कोई भी देख सकता है। वेब बेस्ड है। आप अपने मोबाइल पे भी लॉग इन कर सकते हैं और अपने लैपटॉप पे भी कर सकते हैं। कहीं पे भी लॉग इन कर सकते हैं। इंटरनेट बेस्ड प्लेटफार्म है। प्ले स्टोर से आप ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। और उसके बाद उसमें बड़ा इजी तरीके से आप इस डाटा को देख के यहां पे ट्रेड कर सकते हैं। जैसे मान लीजिए इसमें और भी इंडिकेटर्स आते हैं। जैसे एक मार्केट बैलेंसर दिख रहा है हमें टॉप में। ये मार्केट बैलेंसर है। तो ये मार्केट के सेंटीमेंट्स को दिखाता है कि मार्केट का बुलिश सेंटीमेंट है या बयरिश सेंटीमेंट है। तो बहुत सारे और इसमें है। इसकी ट्रेनिंग्स वगैरह आपकी लाइव होते रहती है। तो ये बड़ा यूज़फुल है। अगर आप डेटा ड्रिवन मार्केट में ट्रेड करना चाहते हैं तो ऑटो रेंडर के अंदर बहुत मल्टीपल फीचर्स हैं जो आपको लाइव ट्रेडिंग में बहुत हेल्प कर सकते हैं। और ये फीचर्स जितने जिस पर हमने अभी डिस्कस किया है। इतना भर फ्री है। नहीं इसमें ये तो पेड है। इसको ये सॉफ्टवेयर आपको सब्सक्राइब करना पड़ेगा। अगर आप देखना चाह रहे हैं तो उसके लिए इंडिया की वेबसाइट है जिसमें बहुत अच्छी वेबसाइट है उसमें और उसमें डाटा सारे आ रहे हैं। बस उसमें कुछ कैलकुलेशंस आपको मैनुअल करनी पड़ेगी जिसे हम लोगों ने यहां पे कोड करके कैलकुलेशन ऑटोमेट कर दिया है। तो आप अगर केवल निफ्टी ट्रेड करते हैं तो फिर आपका एनएससी इंडिया से भी काम चल जाएगा। फिर सॉफ्टवेयर लेने की जरूरत नहीं है। बट आप चाहते हैं कि मैं ससेक्स भी ट्रेड करूं। मैं बैंक निफ्टी भी ट्रेड करूं और थोड़ा एडवांस में ग्राफ भी देख लूं या आपको एफआई का डाटा भी देखना है। आप Reliance, Infosys इन सब में ट्रेड करना चाहते हैं तो फिर उस केस में आपके लिए डाटा ये अच्छा प्लेटफार्म है। हम अब मुझे ये बताइए जितना अभी तक आपने समझाया ये सुन के तो मुझे बहुत इजी लग रहा है। मतलब मुझे ये पता चल गया कि जी 11:30 तक पहले तो ट्रेड नहीं करना है। 11:30 तक क्योंकि मार्केट का मूड बन चुका होगा कि उसे किधर जाना है। फिर आपने बता दिया कि पीसीआर डाटा देख लो। तो अब वो देखना भी मुझे बहुत इजी लगा कि जी पीसीआर डाटा देख लिया। लोग सारे खरीद रहे हैं तो बेच दो। लोग सारे बेच रहे हैं तो खरीदो। बहुत बढ़िया आपने कैच किया। है ना? तो यहां तक तो मुझे बहुत ईजी-इजी समझ में आया। अब मुझे ये भी कॉन्फिडेंस आ गया है कि क्योंकि मुझे पता चल गया कि उल्टा काम करो तो फायदा होगा। तो मैं उल्टा काम भी कर रही हूं। 17 महीने तक अगर नितिन जी को फायदा हुआ है तो अब थोड़ा बहुत तो मुझे हो भी जाएगा। बिल्कुल होगा। अभी कुछ इसके बाद भी बचा है। ये तो मतलब इतना तो बहुत इजी लगा। देखिए ये इसलिए मैं शुरू में बोला था कि बहुत सिंपल है। केवल तीन रूल है। उसके बाद बचा कि आप ट्रेड में घुसने के बाद आपका टारगेट क्या होना चाहिए? स्टॉप लॉस क्या होना चाहिए। तो ऑप्शन ट्रेडिंग में एंट्री बहुत इंपॉर्टेंट है। मैं तो बोलता हूं कि ट्रेड करने से ज्यादा इंपॉर्टेंट है कि आप एंटर किस लेवल पे करते हो। अगर आपने सही एंट्री नहीं करी तो आपका स्टॉप लॉस भी बड़ा हो जाएगा और टारगेट भी छोटे मिलेंगे। तो आपको हमेशा ध्यान यही रखना है कि आप जब भी ट्रेड एंटर करो आप फेयर वैल्यू पे करो और पूरे दिन में मार्केट फेयर वैल्यू पे आपको मिलती है क्योंकि जो बड़े इंस्टीटशंस होते हैं वो कभी भी कॉस्टली प्रोडक्ट नहीं खरीदेंगे। दे आर वेरी स्मार्ट। वो बड़े-बड़े कैपिटल पे काम कर रहे हैं। तो वो मार्केट मूव करके फेयर वैल्यू पे आएगी। फिर फेयर वैल्यू से वापस बाउंस करेगी। फिर फेयर वैल्यू पे आएगी। फिर बाउंस करेगी। क्योंकि ये तो मैं हर दिन मार्केट में देख रहा हूं। ऑब्जर्व कर रहा हूं। ऐसा 90% ऑफ़ द टाइम ऐसा होता है। केवल 10% डज़ ऐसे होंगे कि मार्केट एकदम ट्रेंडिंग और फेयर वैल्यू पे नहीं आ रही है। बट 90% ऑफ़ द टाइम आपको ट्रेड मिल जाएगा। तो ध्यान सारे व्यूअर्स को यही रखना है। इसकी की इस पूरे पॉडकास्ट का की ये है कि आपको एंट्री हमेशा फेयर वैल्यू पे करनी है। ये आपने बहुत अच्छी बात बता दी कि फेयर वैल्यू मिल भी जाती है पूरे दिन में। मतलब मेरे जैसा आदमी तो ये सोचता है कि अच्छा जी मार्केट अब इतना चढ़ गया है। तो अब तो मतलब नीचे तो कितना ही आएगा। और मतलब होता है और मतलब अभी भी घुस जाओ भले महंगे दाम पे मिल रहा है घुस जाओ तभी फायदा होगा नहीं वो स्टॉक्स के केस में फिर भी ठीक है क्योंकि मान लीजिए आप Reliance लिए Infosys लिए TCS लिए तो आपका ऑब्जेक्टिव ये है कि आपको ले के 2 दिन 10 दिन रखना है तो उस केस में दिक्कत नहीं है बट जब आप ऑप्शन ट्रेड कर रहे हैं और जहां पे टाइम वैल्यू डके बहुत फास्ट होती है और खासतौर से जब आप वीकली ऑप्शंस कर रहे हैं जिसकी लाइफ स्पैन ही 5 दिन है तो उसमें अगर आप ओवर प्राइस लेंगे तो टाइम वैल्यू डके हो जाएगी। जैसे अब बर्फ का एग्जांपल लीजिए। अगर बर्फ को डिजायर्ड टेंपरेचर नहीं मिलेगा तो क्या होगा? बर्फ गल जाएगी। तो ऑप्शन ट्रेडिंग में क्या है? ऑप्शन के लिए मूवमेंट फास्ट होना इज़ अ डिजायर्ड टेंपरेचर। और अगर उसमें जरा सा भी टेंपरेचर उसको नहीं मिला तो वो टाइम वैल्यू डिक हो जाएगी। इसलिए अगर आप फेयर वैल्यू से ऊपर लेंगे और अगर उसको डिजायर्ड टेंपरेचर यानी मोमेंटम नहीं मिला तो उसकी उसमें वो डके हो जाएगा। इसलिए हमें फेयर वैल्यू पे लेना चाहिए। ताकि अगर आप फेयर वैल्यू पे लोगे और डिजायर टेंपरेचर नहीं भी मिला तो भी वो डके स्लो करेगी क्योंकि आपने राइट प्राइस पे लिया है। हम अब मुझे समझ में आया कि पिछला जो पॉडकास्ट हमने किया था उसमें कमेंट में सबने ये क्यों लिखा है कि नितिन जी बहुत अच्छा समझाते हैं। नितिन जी बहुत अच्छे टीचर हैं। नितिन जी ने तो बहुत अच्छे से क्लियर कर दिया। वो मुझे अब समझ में आ रहा है। ये जितने आप एग्जांपल दे रहे हैं। उससे हर किसी का जो माइंडसेट है जरा भी डाउट है तो वो सारा क्लियर हो जाएगा। जी। अब आप आगे बताएं कि क्योंकि सारी टिप तो आपने दे ही दी है। सब तो आपने सिखा ही दिया है। अब मुझे आपकी जरूरत क्यों है? देखिए ये टीचर की जरूरत तो आपको हमेशा होती है। और लाइव मार्केट में क्या होता है? गेम पूरा माइंडसेट का है ये। आप कितनी भी स्ट्रेटजी सीख लें। अब अब सबके मन में व्यूअर के मन में ये आएगा कि जब सारी दुनिया ये स्ट्रेटजी सीख जाएगी तो ये स्ट्रेटजी काम कैसे करेगी? हम सब लोग कॉन्टरियन काम करने लगेंगे तो स्ट्रेटजी फेल होने लगेगी। बट यह मैंने ऑब्जर्व किया है कि बहुत सारे लोगों को सिखाने के बाद भी पडकास्ट करने के बाद भी आज भी बहुत सारे लोग इस स्ट्रेटजी को प्रॉपर डिसिप्लिन तरीके से फॉलो नहीं कर पाते हैं। क्योंकि जब आप ट्रेडिंग कर रहे होते हैं तो उस समय आपका इमोशन फियर ग्रीड फोमो ये सब सब उस समय इनवॉल्व हो जाता है कि मुझे ट्रेड में ले लेना है। प्राइस मूव कर रहा है। तो उसका उसका तरीका है कि आप एक डिसिप्लिन मेंटर के साथ ट्रेड कीजिए। जैसे मान लीजिए हम लोग की कम्युनिटी है जिसमें 4600 मेंबर है। जैसे मैंने अभी दिखाया कि यहां पे 4600 मेंबर है। तो अब इसमें क्या होता है? हम लोग के ऊपर एक रिस्पांसिबिलिटी है कि जो टीचिंग्स आज हम दे रहे हैं उस टीचिंग्स के ऊपर ही ट्रेड करें और ये टीचिंग हमारी बैक टेस्टेड है। ये रूल्स बैक टेस्टेड किए बैक टेस्ट किया लास्ट 10 सालों को और उसमें हमें रिजल्ट्स मिले कि अच्छे हैं। अब और लाइव में भी रिजल्ट्स अच्छे मिल रहे हैं। और ये रूल्स हमने सबको एक्सप्लेन कर दिए। जैसे मान लीजिए आप व्यूअर हैं। आपने सुना और ये रूल आपको समझ में आ गया। अब मान लीजिए आप हमारी कम्युनिटी के पार्ट बन गए और आप यह एक्सपेक्ट करेंगे कि जो ट्रेड इसमें आएगा वो इस रूल पे ही आएगा क्योंकि हम इस रूल्स के बेस पे काम कर रहे हैं और अगर हम इस रूल से बाहर ट्रेड देंगे तो आप ये समझेंगे कि ये डिसिप्लिन फॉलो नहीं कर रहे हैं। तो वहां पे एक अलग माइंडसेट का प्रेशर होता है कि आपको ट्रेड डिसिप्लिन से ही करना है। रूल से ही करना है और हम रूल फॉलो करते हैं तो हमें प्रॉफिट मिलता है। अब सपोज़ कीजिए एक इंडिविजुअल ट्रेडर है जो पार्ट ऑफ़ द कम्युनिटी नहीं है। उसने ये रूल सीख लिया। बट वो जब खुद से ट्रेड कर रहा है तो वो रूल ब्रेक कर सकता है क्योंकि उसको देखने वाला कोई भी नहीं है। और यहां पे हम एक सारे मिलके एक स्टॉप लॉस रख रहे हैं। एक टारगेट रख रहे हैं। तो हम सभी को सबको एक कॉन्फिडेंस होता है कि ये स्टॉप लॉस है। तो हम यह फॉलो करना है। पिछले 5 साल में हर दिन करीब-करीब हम लोगों ने ट्रेड किया होगा। बट एक दिन भी स्टॉप लॉस हम लोगों ने मिस नहीं किया। मतलब पिछले 5 साल में एक भी ऐसा दिन नहीं है जिस दिन हम लोगों ने स्टॉप लॉस को मिस आउट किया होगा यानी डिसिप्लिन तोड़ा होगा। हां रूल्स में कभी-कभी ये होता है कि हम रूल्स के अगेंस्ट यानी फेयर प्राइस से ऊपर ट्रेड ले लेते हैं। बट स्टॉप लॉस का डिसिप्लिन हम कभी नहीं तोड़ते हैं। तो ये जब आप कम्युनिटी में होते हो तो आप डिसिप्लिन भी फॉलो करते हो। रूल्स के ऊपर ट्रेड करते हैं। हमारी लर्निंग्स होते रहती है क्योंकि हम लोग वेबिनार्स कंसिस्टेंट करते रहते हैं। क्यूएनए सेशंस होते रहते हैं। तो वो धीरे-धीरे लर्निंग होती है और प्रैक्टिस होते जाती है। तो इसलिए हमारी जरूरत है क्योंकि हम इसके ऊपर एक्सपीरियंस्ड हैं। इसके ऊपर लाइव ट्रेड कर रहे हैं और आप हो सकता है बिगिनर हो। आपको उतना एक्सपीरियंस नहीं है जितना हमारा एक्सपीरियंस है। प्लस क्या है? हमारा प्रोफाइल है कि हम रजिस्टर्ड आ रहे हैं। हमारा काम ही यही है कि हमें ट्रेड निकालना और आपको ट्रेड देना। हां। आप हो सकता है अपने जॉब में बिजी हैं। आप हो सकता है अपने काम में बिजी हैं। आप हो सकता है आपके अलग एक्सपर्टीज हो। जहां पे आप ज्यादा अच्छे हैं। इसलिए यहां पे हमारी जरूरत होती है। हम तो वो बचपन में मम्मी पूछती थी ना कि दोस्त कुएं में कूदेगा तो तुम भी कूद जाओगे। दुनिया गलत करेगी तो तुम भी करोगे। अब मम्मी को कहते हैं ना हां जैसा कम्युनिटी कर रही है हम भी वैसे ही करेंगे। उसी में फायदा है। तो यह मम्मी वाला भी जो रूल था ना उसमें भी उल्टा ही करना है। इसमें भी फायदा ही रहने वाला है। अभी नितिन सर क्या है कि आपके टेलीग्राम चैनल पर वैसे तो हजारों लोग जुड़े हुए हैं। उन्हीं में से एक आपके ही सब्सक्राइबर हैं जिनका हमें सवाल आया है जो मैं अगला आपसे पूछना चाहती हूं। लेकिन मैं अपने व्यूअर्स को बता दूं कि अगर उन भाई साहब की तरह आप भी नितिन सर के साथ उनके टेलीग्राम चैनल पर जुड़ना चाहते हैं तो हम डिस्क्रिप्शन में उसका लिंक दे दे रहे हैं ताकि बस आप एक क्लिक करें और सीधा वहां पर पहुंच जाएं और फिर आपकी जो शिकायत है अगर है तो वो आप मुझे पहुंचा सकें जैसे इन्होंने पहुंचाया है। अब क्या है वो जो शख्स हैं वो आपके टेलीग्राम चैनल पर आपके साथ जुड़े हुए हैं। उनका ये कहना है कि आप उसमें जो भी बातें बताते हैं चाहे अर्ली एग्जिट की बात हो गई या दूसरी कोई भी टिप आपकी तरफ से दी जाती है वो मिस कर देते हैं। उनकी नजर उस पे नहीं पड़ती है या क्योंकि वो बस एक बार ही फ्लैश होता है। तो उनकी ये रिक्वेस्ट है आपसे कि क्या ये पॉसिबल है कि ऐसे जो बहुत इंपॉर्टेंट वाली टिप आपके साइड से होती है वो बार-बार फ्लैश की जा सके या उसका रिमाइंडर भी भेजा जा सके क्योंकि उनसे तो ये मिस हो गई। देखिए सही बात है ये। उसके लिए क्या है? एक तो जो व्यूअर हैं उनको अपना नोटिफिकेशन भी ऑन कर लेना चाहिए क्योंकि जब भी Telegram में मैसेज आता है तो अगर आप अपना नोटिफिकेशन म्यूट रखेंगे तो आपको पता नहीं चलेगा। तो एक तो नोटिफिकेशन ऑन करना चाहिए। दूसरा हम लोग क्या करते हैं? कई बार मैसेज देने के बाद उसको पिन कर देते हैं। तो अगर आप पिन कर देंगे तो आपको ऊपर हेडिंग में दिखेगी कि ये मैसेज आया हुआ है। तो वो पिन मैसेज पे भी आपको ध्यान रखना चाहिए ना कि केवल बॉडी कंटेंट पे। क्योंकि कई बार अगर मैसेज पिंड है इसका मतलब वो इंपॉर्टेंट मैसेज है। दूसरी बात कि जब भी हम यह एग्जिट मैसेज या इस तरीके का कुछ डालते हैं तो उसमें एक ब्लू टिक हमेशा देने की कोशिश करते हैं कि ब्लू टिक या स्टार दे देते हैं ताकि वो हाईलाइट हो करके आ जाए और आप अगर मोबाइल को नॉर्मली भी देखेंगे तो आपको दिख जाएगा कि ये हाईलाइटेड मैसेज है। तो थोड़ा सा आपको भी अटेंटिव होना पड़ेगा और नोटिफिकेशन आप ऑन कर लेंगे तो मैसेज मिस नहीं होगा। जहां तक रिपीट मैसेज का बात है उसकी जगह रिपीट अगर हम बार-बार मैसेज करेंगे तो कई ऐसे व्यूअर हैं जिनको डिस्टरबेंस भी हो सकती है कि बार-बार एक ही मैसेज आ रहा है। तो बेस्ट तरीका है कि आप अपना नोटिफिकेशन ऑन रखें। उसका साउंड बढ़ा दें और जब भी कुछ ऐसे मैसेज आएंगे तो आप वो नोटिफिकेशन से तुरंत देख सकते हैं। हम्म हम्म। तो मैं तो बीच में सेतु का ही काम कर रही हूं। आगे भी अगर आपका कोई सवाल है इस पॉडकास्ट से जुड़ा हुआ या कुछ ऐसा है जो आप समझना रह गया है आपसे तो प्लीज आप वो कमेंट में लिखिए। अगली बार जब मुलाकात होगी तो नितिन सर से हम वो भी समझ लेंगे। अब मुझे यह बताइए कि ये जितना आप डेटा की बात कर रहे हैं या अभी तक जितना आपने सिखाया इसमें क्या कुछ भी कॉम्प्लिकेशन है जो अभी आप और हमें डेटा पढ़ना और बेहतर तरीके से समझा सकें या कुछ ऐसा जो शायद मैं मिस कर रही हूं। आपको लगे कि नहीं वो भी व्यूअर को बताना चाहिए। देखिए कॉम्प्लिकेशंस स्टार्टिंग में लगती है किसी भी चीज में बट आप उसको एक दो बार प्रैक्टिस करेंगे तो आपको सिंपल लगने लगेगी। इसे मैं और एक मेथड से सिखाने की कोशिश करता हूं। हम जैसे अभी मैंने यह देखिए एक्सेल खोली है और इसमें डाटा आप देख सकते हैं यहां पे चेंज इन ओपन इंटरेस्ट का यह डाटा आ रहा है। करेक्ट? अब चेंज इन ओपन इंटरेस्ट का डाटा में यह कॉल साइड का डाटा है और यह पुट साइड का डाटा है। यह कॉल साइड है और यह पुट साइड का चेंज इन ओपन इंटरेस्ट है। अब हमें ये जब देखते हैं तो जो मार्केट चल रही होती है इससे तीन स्ट्राइक ऊपर कॉल और तीन स्ट्राइक नीचे पुट्स इनका डाटा हम देखते हैं। इसमें चेंज इन ओपन इंटरेस्ट का मतलब यह होगा कि मार्केट में जो भी आज खरीद बिक्री हो रही है उसके ऊपर देखते हैं। तो आज आप देखिए कॉल साइड में कितना है? है। कॉल साइड में मुझे दिख रहा है यह करीब केवल 17 लाख शेयर्स हैं। कॉल साइड में 17 लै मैं आपसे एक सवाल पूछने वाला हूं शालिनी जी तो ध्यान से सुनिएगा। हम तो 17 लाख शेयर कॉल्स में पोजीशंस बनी है। ठीक है? और पुट में आप देख पा रहे हैं पुट में वही पोजीशंस बनी है। 1 करोड़ 75 लै। 1 करोड़ 75 लै पुट्स में। हम तो पोजीशंस किधर ज्यादा है? पुट में। पुट में। तो मुझे क्या ट्रेड करना चाहिए? कॉल। सिंपल है। एकदम करेक्ट। तो यही चीज समझना है और ये जो डाटा है ये एनएससी की वेबसाइट में आपको दिख जाएगा। हम या वो फ्री सोर्स है। दूसरा ये जो एक्सेल आपको दिख रही है अब आप यूजर सोचेंगे कि ये एक्सेल मुझे कहां मिलेगी? तो यह एक्सेल का तरीका है कि जिस भी ब्रोकर प्लेटफार्म से आप ट्रेड कर रहे हैं वो आपको एपीआई देते हैं। आजकल एपीआई का चार्ज लेते हैं। तो एपीआई का मतलब वहां से आप डाटा पुल कर सकते हैं। यानी आपको क्लोज प्राइस, ओपन इंटरेस्ट इन सब का डाटा आपके पास एक्सेल में आ जाएगा और आप उसको कोड करा के इस तरीके से एक्सेल में ये डाटा देख सकते हैं। तो ये जो शीट मेरी दिख रही है, ये शीट आप भी अपने पास बना सकते हैं। तीसरा तरीका मैंने ऑटो रेंडर दिखाया जिसके अंदर हम लोगों ने सारा डाटा पुल करके अलग-अलग प्रोडक्ट्स का इस तरीके से सीट बना रखी है जो आपके लिए ट्रेडिंग में हेल्पफुल होती है। तो आपने कितने सेकंड में ये बता दिया कि हमें कॉल या पुट करना चाहिए विद इन अ सेकंड विद इन अ सेकंड। तो सिंपल हमें ये देखना है कि चेंज इन ओपन इंटरेस्ट कॉल्स एंड पुट में इमंबैलेंस कितना ज्यादा है। यहां पे हम देख रहे हैं कि 17 लैक्स कॉल्स में और 1 करोड़ 75 लै पुट्स में तो ह्यूज इमंबैलेंस है। तो ये क्लियर इंडिकेशन है कि हमें किसी भी कंडीशन में पुट को लेना नहीं है। किसी भी कंडीशन में पुट को नहीं लेना है और कॉल साइड ट्रेड करना है। ये जो थ्योरी है ये थ्योरी आप प्रैक्टिस करके एक बार देखिए आपको रिजल्ट्स दिखने लग जाएंगे क्योंकि ट्रेडिंग तो ऐसी चीज है कि रिजल्ट्स आपको तुरंत दिखते हैं। इसमें मेरे बोलने से ऐसा नहीं है कि रिजल्ट्स आपको लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट वाली चीज तो है नहीं कि आज आपने कोई भी स्टॉक लिया तो रिजल्ट्स आपके उसके एक साल बाद दिखेंगे। ये जो थ्योरी है इसके रिजल्ट्स आज आप अप्लाई करोगे। आज ही आपको दिखना चालू हो जाएगा नेक्स्ट 1 घंटे में कि रिजल्ट आ रहा है कि नहीं आ रहा है। तो पडकास्ट देखने के बाद आप इस रिजल्ट को तुरंत अप्लाई करके देखिए। इसमें ट्रिक ये है कि इमंबैलेंस कम से कम होना चाहिए। अब मान लीजिए ये इसी सवाल के ऊपर मैं आ रही थी। अब मान लीजिए मैं आपसे ये पूछूं शालिनी जी कि कॉल में 17 लाख है और पुट में 20 लाख है। तो आप क्या बोलेंगे? क्या लेना चाहिए? कंफ्यूजिंग है। कंफ्यूजिंग है। करेक्ट। यह वो वाला सवाल आपने सर दे दिया कि जब क्लास में या जो नोटबुक होती है ना उसमें जो एक्सरसाइज वाले सवाल होते हैं वो बहुत इजी होते हैं। होमवर्क के लिए जो मिलता है वो बहुत टेढ़ा होता है। तो कम से कम इमंबैलेंस होना चाहिए। यहां पे आप देखिए तराजू बिल्कुल बैलेंस्ड है। एक तरफ 17 लाख और एक तरफ 20 लाख। तो बहुत ज्यादा डिफरेंस नहीं है। निकाल यस। इसका मतलब साइडवेज मार्केट रहेगी। तो बयर को ना कॉल ऑप्शन लेना चाहिए ना पुट ऑप्शन लेना चाहिए। उसको वेट करना चाहिए कि कब मार्केट में इमंबैलेंस क्रिएट हो। भाई मार्केट खुलेगी तो पूरे दिन तो ऐसा नहीं रहेगा। कभी ना कभी तो इमंबैलेंस क्रिएट होगा। जब ये इमंबैलेंस क्रिएट होगा तब हम ट्रेड करेंगे। मतलब उस दिन हमें 11:30 बजे की जगह 12:30 1:30 2:30 वेट करते रहना जब तक इमंबैलेंस कम हो जाए। कई बार जो हमारी कम्युनिटी है उसमें ट्रेड हमें 2:00 बजे मिलता है। हम सुबह से वेट करते रहते हैं कि कब इमंबैलेंस क्रिएट होगा और हम ट्रेड में घुसेंगे। तो हम कई बार ऐसा भी हुआ है 230 ट्रेड मिला और आधे घंटे में प्रॉफिट बुक करके निकल गए क्योंकि मार्केट हमेशा इमंबैलेंस पे ही चलती है। कोई भी मार्केट हो सब्जी मार्केट भी आप देखेंगे तो प्राइस का भाव क्यों बढ़ता है? क्योंकि बायर ज्यादा है, सेलर कम है तो इमंबैलेंस हर फील्ड में अगर इमंबैलेंस है तो वहां पे प्राइस का मूवमेंट होगा। तो आपको इमंबैलेंस पकड़ने का सबसे इजी और सटीक तरीका है यह ऑप्शन चेन का डाटा जिससे हम लोगों ने अभी यह कैच करने की कोशिश करी और इसमें मुश्किल से आपको 10 सेकंड भी नहीं लगेंगे। आप इमंबैलेंस को पकड़ सकते हैं और उसके बेसिस पे आप ट्रेड डिसीजन ले लीजिए। अब जैसे आपने यहां पे बताया कि पुट में 1 करोड़ 75 लाख है और कॉल में केवल 17 लाख है तो मुझे कॉल ऑप्शन लेना है। तो अब कॉल ऑप्शन आपने डिसाइड कर लिया कि आपको कॉल ऑप्शन लेना है। हम तो अब नेक्स्ट सवाल आता है कि किस लेवल पे लेना है। तो मेरा ये अगला क्वेश्चन है आपसे कि कौन से लेवल पे आप खरीदेंगे? अभी तक तो मैंने सीखा नहीं वो फेयर प्राइस है। फेयर प्राइस पे खरीदेंगे। व्हिच इज कॉल्ड वीवप वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस या मार्केट की एवरेज प्राइस। अब आप यह सोचेंगे यह मुझे मिलेगा कहां से? तो एक तो हो गया सॉफ्टवेयर जो चार्ट मैंने दिखाया। दूसरा तरीका है कि जो भी ब्रोकिंग प्लेटफार्म आप यूज़ कर रहे हैं वहां पे एक एटीपी आती है। एवरेज ट्रेडेड प्राइस भाई आप ट्रेड करेंगे तो कोई ना कोई प्लेटफार्म से करेंगे। किसी ना किसी ब्रोकर से करेंगे। तो हर प्लेटफार्म पे आपको एटीपी मिलेगी एवरेज ट्रेडेड प्राइस। तो आप उसको भी यूज़ कर सकते हैं एज अ फेयर प्राइस और उसके आसपास खरीदिए। और अगर मान लीजिए उससे दूर है तो मेरी थ्योरी तो ये करती बोलती है कि आप वेट करो जब आपको फेयर प्राइस पे मिलेगी तो ट्रेड लेना है। नहीं मिलेगी तो कोई बात नहीं मुझे लॉस नहीं करना है। ऐ यही है कि मुझे लॉस नहीं करना है। फेयर प्राइस पे मिलेगी तो मैं डील करूंगा। नहीं मिलेगी तो मैं डील नहीं करूंगा। आराम से चाय कॉफी पऊंगा। तो ये सिंपल ट्रिक है। और ये भी आपने बताया कि पूरे दिन में आपको कभी ना कभी तो फेयर प्राइस 100% पूरे दिन में मान लीजिए अगर पूरे महीने में 22 ट्रेडिंग सेशन है तो 90% यानी 18 दिन आपको फेयर प्राइस पे मिलेगी ही मिलेगी। यह मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है और उसका रीज़न यह है कि जो बड़े-बड़े प्लेयर हैं, वह कभी भी ओवरप्राइज़्ड ऑप्शंस नहीं खरीदेंगे क्योंकि वहां पे टाइम वैल्यू डिक होती है। वो हमेशा यह ट्राई करते हैं कि फेयर वैल्यू से नीचे लेने की कोशिश करें। अब मेरी एक्सपर्टीज क्या है? जो मेरे कम्युनिटी के लोग हैं, मैं उनको कोशिश करता हूं कि इस तरीके से दूं ट्रेड कि फेयर वैल्यू के नीचे मिल जाए। भाई फेयर वैल्यू पे तो एक नॉर्मल आदमी खरीदेगा। बट हमारी एक्सपर्टीज इसमें है कि मैं आपको जिस प्रॉपर्टी की वैल्यू 1 करोड़ है, मैं आपको 90 लाख में अगर डील करा दूं तो वो मेरी एक्सपर्टीज हुई ना? तो वहां पे हमारी एक्सपर्टी काम आती है कि हम मार्केट को सोच के इस लेवल पे एंट्री कराने की कोशिश करते हैं कि आपको फेयर से नीचे मिल जाए ताकि आपका रिस्क डाउन साइड कम हो और रिवार्ड आपका ज्यादा हो। इसीलिए गुरु का इतना सम्मान भी हम लोग करते हैं जो हमारी भारतीय संस्कृति है वो गुरु का इसीलिए इतना सम्मान बताती है। अब आप मुझे ये बताएं क्योंकि बाकी चीजें तो आपने समझा दी है कि बिना आपके भी कैसे करना है। आपके साथ भी कैसे करना है। आई एम श्योर आप स्टॉप लॉस कहां लगाना है ये भी जरूर बताते ही होंगे। बिल्कुल। देखिए स्टॉप लॉस नॉर्मली जो हम लोग क्या करते हैं? हम लोग तीन स्टॉप लॉस मेथड फॉलो करते हैं। एक तो हम लोग जैसे एक टाइम स्टॉप लॉस फॉलो करते हैं। यानी कि इंट्राडे ट्रेड कर रहे हैं तो 11:00 बजे के बाद ट्रेड लिया तो 320 तक ट्रेड एग्जिट कर जाते हैं। व्हिच इज़ अ टाइम स्टॉप लॉस। चाहे प्रॉफिट मिले या जो भी होता है। अच्छा। दूसरा हम प्राइस स्टॉप लॉस फॉलो करते हैं कि मान लीजिए अगर हम कोई भी ट्रेड लेते हैं तो अगर हमें उस ट्रेड में 2% का नुकसान हो रहा है 2% ऑफ माय कैपिटल हम तो उस ट्रेड से एग्जिट कर जाते हैं। मतलब लाख में ₹2000 लाख में ₹2000 यस ₹1 लाख का मिनिमम रिकमेंडेड होता है और 2% ऑफ लॉस यानी कि ₹2000 का नुकसान हो रहा है तो हम ट्रेड लॉस हो जाता है। ये तो ऐसे चुटकी में नहीं हो जाता है। नहीं होता ना आप आप अगर फेयर प्राइस पे लेंगे तो चुटकी में कैसे होगा? अगर आप ओवरवैल्यूड लेंगे तो चुटकी में हो सकता है। मतलब करेक्ट। दूसरा आप फैक्ट्स पे लिया ना। आपने ये देखा कि 1 करोड़ 75 लाख पुट में है और 70 लाख कॉल में है तो इसका मतलब आपने इमंबैलेंस पे लिया तो चुटकी में कैसे लॉस हो जाएगा? क्योंकि वो पोजीशन चेंज होगी और वो चुटकी में तो पोजीशन चेंज होगी नहीं। तो लॉस कैसे हो जाएगा? नहीं होगा। तो ये ये जब आप देखोगे तो यही तो कॉन्फिडेंस हो गया ना ट्रेडिंग का। अभी क्या ट्रेडिंग करने में डर लगता है। बट जब आप इन फैक्ट्स को देखोगे तो आपको डर नहीं लगेगा क्योंकि आपके पास मार्केट जनरेटेड इनेशन है जिसके ऊपर आपने डिसीजन लिया है और जब आप उसको दो-ती महीने प्रैक्टिस कर लोगे तो कॉन्फिडेंस और ज्यादा आ जाएगा कि मैंने ऑलरेडी प्रैक्टिस कर रखा है और इसमें मेरा प्रॉफिट बना है लॉस नहीं हुआ है तो आप और कॉन्फिडेंट रहोगे और मैं तो इसको 10 साल से प्रैक्टिस कर रहा हूं। तो इसलिए मुझे इसमें डर नहीं लगता। तो यह इस तरीके से काम होता है। हम और तीसरी बात है हम कम्युनिटी में काम कर रहे हैं। कम्युनिटी में काम अंधेरे में अगर मैं अकेले जाऊंगी तो शायद मुझे भूत का डर लगेगा कि यहां कुछ नेगेटिव पावर है। पर अगर मैं 20 लोगों की भीड़ के साथ अंधेरे में चल रही हूं फिर मुझे खौफ नहीं आएगा। और दूसरी एक स्टॉप लॉस पे जैसे आपने पूछा तो रिस्क मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। जैसे हम लोग एक ट्रेड में 2% का स्टॉप लॉस रखते हैं। और मान लीजिए सेम डे एक स्टॉप लॉस हो गया। 2% लॉस हो गया और होते हैं लॉसेस। फिर हम सेकंड ट्रेड लेते हैं। हम करेक्ट। अगर एक दिन में हमें 5% का कैपिटल का लॉस हो गया तो फिर वह हम उस दिन ट्रेड बंद कर देते हैं। क्योंकि 5% क्योंकि अगर आप बार-बार लॉस को रिकवर करने के लिए ट्रेड करेंगे तो ओवर ट्रेडिंग होगी। लॉस बढ़ता चला जाएगा। तो रिस्क मैनेजमेंट और स्टॉप लॉस के लिए दो रूल्स हैं। 2% ऑफ द ट्रेड हम या टाइम के हिसाब से। बाकी अगर हम चार्ट्स वगैरह देख रहे हैं तो फिर लेवल्स के हिसाब से स्टॉप लॉस सेट किए जाते हैं कि किस लेवल पे सपोर्ट है, किस लेवल पे रेजिस्टेंस है। वो एक अलग मेथड है। बट एक लेम मैन के ख्याल से 2% का स्टॉप लॉस और डे का स्टॉप लॉस 5% ऑफ योर कैपिटल ताकि आपका ऐ यह है कि आप कम से कम पिच पे बने रहो। अभी ऑप्शन वाले गलती क्या करते हैं कि एक ही दिन में 20% उड़ गया और 1 महीने में वो ऑप्शन ट्रेडिंग बंद कर देते हैं। तो यहां पे एम ये होना चाहिए कि आप पिच पे बने रह और लॉन्ग टर्म तक सीख-सीख के ऑप्शन में ट्रेड कर सकें। हम मैं चाहती हूं व्यूअर्स मुझे बताएं कि वो कैसे स्टॉप लॉस लगाते हैं। मुझे लगता है टाइम बाउंड वाला तो कम लोग आई गेस यूज़ करते होंगे। ज्यादा लोग शायद टाइम बाउंड इसलिए यहां पेेंट है क्योंकि ऑप्शंस में टाइम वैल्यू डिक होती है। तो इसलिए टाइम बाउंडेंट होता है। हम और अगर आप स्टॉक्स कर रहे हैं तो वहां पे टाइम वैल्यू डके नहीं होती है। तो वहां पे टाइम स्टॉप लॉस इज़ नॉट रेलेवेंट। स्टॉप लॉस हम लोग प्राइस के हिसाब से ही लगाते हैं। बट एक तो हो गया 2% का फिक्स स्टॉप लॉस जो सिंपल है। दूसरा अगर मुझे चार्ट्स वगैरह मेरे सामने हैं तो फेयर प्राइस पे ले रहे हैं तो डे लो के नीचे हम लोग नॉर्मली स्टॉप लॉस रखते हैं। जैसे यानी आपने अगर फेयर प्राइस पे लिया और उस दिन का जो भी डे लो प्राइस है उसके नीचे का स्टॉप लॉस लेके चलते हैं। और तीसरा मान लीजिए ना स्टॉप लॉस ट्रिगर हुआ ना बड़ा प्रॉफिट मिला तो 320 तक हम ट्रेड को एग्जिट कर जाते हैं। तो ये जो पीसीआर का रूल जो अभी हम लोगों ने डिस्कस किया एक और मैं आपको चीज़ बता दूं। ये केवल इंट्राडे में काम करता है। अच्छा ये स्ट्रेटजी ओवरनाइट के लिए नहीं है। यानी कि आप इस डाटा के बेसिस पे आप ये सोचोगे कि मैं कॉल ऑप्शन को कल कैरी कर लूं तो वहां पे ये वर्क नहीं करेगी। दिस स्ट्रेटजी इज़ ओनली वैलिड फ्रॉम 11 टू 3:30। उसके अलावा इसकी वैलिडिटी एक्यूरेसी नहीं है। ये तो अच्छा हुआ सर आपने बता दिया क्योंकि मेरे तो दिमाग में ही नहीं आई। बिल्कुल तो ये जो है ये केवल इंट्राडे के लिए है और मेन सेबी का डाटा जो बोलता है ना कि जो लॉस कर रहे हैं लोग ऑप्शंस में वो इंट्राडे बाइंग में ही कर रहे हैं। तो ये जो सॉल्यूशन है ये उस का सॉल्यूशन है कि 93% जो ऑप्शन बाइंग में लॉस कर रहे हैं उनके लिए ये सॉल्यूशन है कि वो इंट्राडे में इस स्ट्रेटजी को देख के अपने लॉसेस को मैनेज कर सकते हैं। हम अच्छा एक लोगों के दिमाग में यह भी बात रहती है मेरे भी आई एम श्योर मेरे व्यूअर्स की भी होगी कि जो बड़े प्लेयर होते हैं वो मार्केट को मैनपुलेट करते हैं तो उसमें भी क्या सेम स्ट्रेटजी आपका यही पीसीआर जो डाटा है वो क्या काम करेगा क्योंकि वो बड़े प्लेयर हैं मैं तो छोटा आदमी कैसे होगा देखिए बड़े प्लेयर बहुत हद तक हर समय मैनेज नहीं कर सकते वो होता है कि बड़े प्लेयर मार्केट को मैनेज करते हैं जैसे अभी जेन स्ट्रीट की स्टोरी आई थी हम बट वो हर दिन पॉसिबल नहीं है। कभी है, कभी नहीं है। बट अगर आप जब बड़े प्लेयर का ही डाटा आप स्टडी करने लग जाएंगे, तो आप उनके साथ ट्रेड करके प्रॉफिट बना सकते हैं। तो, यह जो डाटा अभी हम लोग स्टडी कर रहे हैं, ये बेसिकली क्या है? बड़े प्लेयर का ही डाटा है। इसमें रिटेल का भी ट्रेड है और बड़े प्लेयर का भी ट्रेड है। तो, पूरे मार्केट में जो भी ट्रेडिंग एक्टिविटी हो रही है, उस ट्रेडिंग एक्टिविटी को हम ऑप्शन चेन डाटा के थ्रू स्टडी कर रहे हैं। तो बड़े प्लेयर जो कर रहे हैं, आप उनके साथ ट्रेड कर रहे हो इस डाटा को देख के। तो बड़े प्लेयर चाह के भी मैनपुलेट नहीं कर पाएंगे क्योंकि आप उनके साथ हो और अगर वो मैनपुलेट करने की कोशिश करेंगे तो उनको ज्यादा बड़ा लॉस होगा। हमें तो छोटा ही लॉस होगा क्योंकि हम तो छोटे-मोटे दो चार लॉट वाले हैं और वो तो लाखों में ट्रेड कर रहे हैं। नितिन जी आप भी दो चार लॉट वाले हैं। हां हम भी वैसे तो हम रजिस्टर्ड आ रहे हैं तो हमें तो अगर हम एडवाइज़री दे रहे हैं तो हमें तो ट्रेडिंग करना अलाउड नहीं होता है। बट क्या है कि जो हमारे सब्सक्राइबर हैं, जो हमारे यूज़र्स हैं वो जनरली एक एवरेज मैं मान के चलता हूं कि बिलो 10 लाख की कैपिटल वाले ही ज्यादातर होते हैं क्योंकि ऑप्शंस में लिमिटेड कैपिटल के साथ लोग ट्रेड करते हैं। तो उस केस में जो आपका आंसर है कि मैनपुलेशन तो मैनपुलेशन वहां पे होगी जहां पे आप डाटा नहीं देख रहे हैं और आप रैंडम ट्रेड कर रहे हैं। बट जब आप यहां पे स्ट्रंगर हैंड जो बड़े प्लेयर हैं उनको ही आप फॉलो कर रहे हैं तो फिर आपको कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ तो प्रॉफिट मिलता ही रहेगा। हम मुझे ये बताइए आप कितना कॉन्फिडेंट हैं कि ये जो 17 महीने लंबा प्रॉफिट का वर्ल्ड रिकॉर्ड आप बना चुके हैं ये आगे कंटिन्यू होता रहेगा। यह सवाल मेरा आपके डाटा के ही ऊपर है कि आपके अंदर कितना कॉन्फिडेंस है इस रूल को लेकर के क्योंकि आपका कॉन्फिडेंस फिर जो मेरे व्यूअर्स हैं उनका कॉन्फिडेंस बनेगा। देखिए मैं तो क्या बोलूं 500% कॉन्फिडेंट हूं। मतलब कोई लिमिट ही नहीं है मेरे कॉन्फिडेंस की। मैं इतना कॉन्फिडेंट हूं क्योंकि मैं पिछले 10 साल से इसको प्रैक्टिस कर रहा हूं। भाई कॉन्फिडेंस वहां लूज़ होता है जहां पे आप उसको प्रैक्टिस नहीं करते हैं। मैंने पूरी बैक टेस्टिंग कर ली। हर दिन लाइव मार्केट में हर दिन लाइव मार्केट में हम इसे ट्रेड कर रहे हैं। तो मैं तो पूरी तरीके से कॉन्फिडेंट हूं कि ये जो मेथड है ये काम कर रहा है। आगे भी काम करता रहेगा और कितनी भी अवेयरनेस हो जाए लोग सीख जाए तो भी ऐसा नहीं है कि ये ये मेथड काम करना बंद कर देगा। तो आने वाले 810 सालों के लिए तो मुझे लग रहा है कि कोई प्रॉब्लम नहीं है। मैं पूरी तरीके से कॉन्फिडेंट हूं। अब आने वाले समय में अगर एआई बहुत ज्यादा एडवांस हो गया। सारा कुछ एल्गो करने लग गया। एवरीथिंग इज डन बाय एल्गो तो हो सकता है कुछ डिफरेंट हो जाए। बट अगर जब तक मैनुअल डिसीजन मेकिंग है यह ट्रेड काम करेगा। हां, यह तब काम नहीं करेगा। कब काम नहीं करेगा? जब इंडिया में 93% लोग प्रॉफिट बनाने लग जाएंगे और 10% लोग लॉस करने लग जाएंगे। अगर ये डाटा जब जिस दिन आ गया सेबी से उस दिन ये मेथड काम करना बंद कर देगा। हम्म। और यह होने की जिम्मेदारी तो आप ही के कंधों पर है कि आपके जो नितिन जी का ये पूरा प्रैक्टिकली पॉसिबल नहीं है। हां हम लेकिन हम तो कोशिश यही कर रहे हैं ना ज्यादातर वो 10% वाले में आए। हां बिल्कुल बिल्कुल हां अब नितिन सर जो सबसे बड़ी बात है वो ये है कि अगर मैं कोई प्रोडक्ट ले रही हूं तो मैं ये जरूर देखती हूं कि मुझे उसमें बेनिफिट क्या-क्या है। तो अगर मैंने आपकी प्रीमियम कम्युनिटी जॉइ की क्योंकि कैसे मार्केट में काम करना है ये तो आप वैसे ही समझा चुके हैं मुफ्त में। लेकिन फिर भी अगर मैं आपकी प्रीमियम कम्युनिटी में आ रही हूं तो मुझे क्या मिलेगा? देखिए प्रीमियम जब आप कम्युनिटी ज्वाइन करते हैं तो आपको एक तो ट्रेड्स मिलते ही मिलते हैं। आपको लाइव क्या स्टॉप लॉस रखना है? क्या टारगेट रखना है? एक तो सिंपल ट्रेड्स हो गया। हम उसके अलावा आपको लाइव मार्केट में लॉजिक्स डाटा यह सब सब मिलते हैं तो आपकी प्रैक्टिस होती है क्योंकि ज्यादातर आप देखेंगे लाइव मार्केट में अगर आप प्रैक्टिस कर रहे हैं चलती हुई मार्केट में कि मुझे ये ट्रेड लेना है। अब वो क्यों लेना है अगर आपको यह समझ में आ जाए तो आपकी लाइव मेंटरशिप होते रहती है। तो वहां पे आपकी लर्निंग बहुत फास्ट होती है। दूसरी एक जब भी आप कोई कोई भी कम्युनिटी ज्वाइन करते हैं तो उनको हम एक Telegram चैनल देते हैं पीसीआर डाटा चेक जो फ्री होता है और उसमें हम डाटा पोस्ट करते हैं हर 15 मिनट में जो अभी डाटा मैंने दिखाया तो वो डाटा हम अपने कम्युनिटी मेंबर्स को भी लाइव पोस्ट करके देते रहते हैं ताकि उनको भी पता रहे कि किस लेवल पे क्या डाटा बन रहा है और इससे उनकी लर्निंग भी होती है और उनका कॉन्फिडेंस भी आता है। इसके अलावा हम लोग के वेबिनार्स होते हैं। हर वीक वेबिनार्स होते हैं, लर्निंग सेशंस होती है। उसमें अलग-अलग टॉपिक्स पे हम लोग बात करते हैं। जैसे मान लीजिए आज हम लोगों ने ऑप्शन चेन के बारे में बात किया। कभी हम ऑप्शन ग्रीक्स के बारे में बात करते हैं। कभी रोलओवर्स डाटा के ऊपर बात करते हैं। कभी हम एफआई डेटा को कैसे स्टडी करना है उसके बारे में बातचीत करते हैं। कभी हम ये करते हैं कि कोई ऐसी एक बुक पकड़ ली कि ये बुक में क्या मेन समरी है और उसके ऊपर हमें क्या-क्या देखना चाहिए। तो ये लर्निंग के ऊपर हम लोग के रेगुलर वेबिनार्स होते रहते हैं। तो जब आप कम्युनिटी में हैं तो आपको उसका लिंक्स मिल जाता है और आप वो लिंक्स ज्वाइन कर लेते हैं और जनरली ये हम लोग लेट इवनिंग करते हैं। शाम को 8:00 से 10 करते हैं ताकि आप ऑफिस से आ जाते हैं तब हम आपके लिए ये वेबिनार्स करते हैं। तो आपकी लर्निंग भी होती है और अर्निंग भी होती है क्योंकि लाइव आप ट्रेड कर रहे हो तो और उसकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट हम लोग रेगुलर शेयर करते हैं टाइम स्टैंप के साथ। हम तो जो भी ट्रेड दिया वो आप खुद उसको वॉच कर सकते हैं टाइम स्टैंप के साथ। तो परफॉर्मेंस रिपोर्ट मिली तो आपकी लर्निंग हो गई। आपकी अर्निंग हो गई और लर्निंग के लिए आपका हम वेबिनार्स वगैरह कर रहे हैं। मेरे अलावा मेरे बहुत सारे टीम मेंबर्स भी हैं रिसर्च में जिनके वेबिनार्स भी होते हैं अलग-अलग टॉपिक पे। तो उसका एक्सेस भी आपको मिलता है जब आप कम्युनिटी ज्वाइन कर लेते हैं। मतलब क्लासरूम जो है वो वहां पर लगातार चलता रहती है। चलती रहती है और लाइव लाइव मेंटरशिप भी होती है और पोस्ट मार्केट भी आप सीखते हैं। अब ये बहुत इजी तरीके से आपने तो बता दिया इतना इजी तरीके से आप उसे सब्सक्राइब भी कर पाएं। इसके लिए डिटेल में हम जो है उस टेलीग्राम चैनल का लिंक आपके साथ शेयर कर दे रहे हैं ताकि बस एक क्लिक में आप उस टेलीग्राम चैनल तक पहुंच जाएं। लेकिन अब मेरा दूसरा सवाल यह है इसमें नितिन सर कि अपने मुंह से तो सभी अपनी तारीफ करते हैं। है ना? कोई हलवाई अपनी मिठाई को तो बुराई करता नहीं है। तो यह तो आप तारीफ कर रहे हैं। लेकिन आपके इस टेलीग्राम चैनल की क्या दूसरे लोग भी तारीफ करते हैं? तब मैं मानूं। देखिए एक तो हो गया कि मैं आपको बहुत सारे टेस्टीिमोनियल दिखा दूं। उससे बेटर है कि हम लोग क्या करते हैं। जो कम्युनिटी है उसके ऊपर पोल करते हैं। वोटिंग करते हैं और यह हमारा रेगुलर प्रैक्टिस है। इनफैक्ट हर ट्रेड को करने के बाद हम वहां पे वोटिंग करते हैं कि कितने लोगों ने ट्रेड किया। कितने लोगों ने प्रॉफिट बनाया, कितने लोगों ने प्रॉफिट नहीं बनाया। कितने लोगों ने ट्रेड मिस कर दिया। यह एक हमारा डेली का शेड्यूल होता है कि ट्रेड देने के बाद उसका हम वोट करते हैं, पोल करते हैं ताकि उसका फायदा क्या होता है कि जो लोग ट्रेड नहीं कर रहे हैं कम्युनिटी में उनको कॉन्फिडेंस आता है कि अरे इन लोगों ने प्रॉफिट बनाया मेरा ट्रेड छूट गया या मुझे करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। हां। उसके अलावा हम लोग एक रेगुलर बेसिस पे अपने जो पार्टिसिपेंट्स हैं उनका व्यू लेते रहते हैं कि आपको कम्युनिटी अच्छी लग रही है, नहीं लग रही है, आप सेटिस्फाइड हैं, नहीं सेटिस्फाइड हैं। तो ऐसे ही एक हम लोगों ने रीसेंट में पोल किया था। मैं आपको वही दिखा देता हूं और यह 11 अगस्त को किया था। ठीक है? तो करीब 1 डेढ़ महीने हुए होंगे। और इसमें आप यहां पे देख सकते हैं कि यहां पे सब्सक्राइबर से हम लोगों ने पूछा कि प्लीज वोट? डू यू रिकमेंड द इंडेक्स ट्रेडिंग प्रीमियम Telegram चैनल फॉर इंट्राडे ऑप्शन ट्रेडिंग। अब यहां पे जो वोट किया वो करीब 1300 मेंबर्स ने ही वोट किया। ठीक है? वोटिंग कम लोगों ने पार्टिसिपेट किया बट 1300 भी एक सफिशिएंट नंबर है। हम अब इसमें बेस्ट पार्ट क्या है कि 94% मेंबर ने रिकमेंड किया कि मैं सेटिस्फाइड हूं और मैं ये टेलीग्राम चैनल रिकमेंड करता हूं। 6% लोगों ने बोला कि यूज़फुल नहीं है। आई डोंट रिकमेंड। तो ठीक है। 6% तो उतना तो होना ही चाहिए। मैं तो बोलता हूं कि अगर 15% भी लोग बोले नॉट रिकमेंडेड तो वो भी एक अच्छा फिगर है क्योंकि वो हमें इंप्रूव करने का एक मौका देती है। बट ये है इससे हम लोग बहुत सेटिस्फाइड हैं कि 94% मेंबर्स आउट ऑफ वोटिंग पार्टिसिपेंट्स करीब 1300 लोगों ने बोला कि ये रिकमेंडेड है और आपको सब्सक्राइब करना चाहिए। तो ये एक कंबाइंड वोट है जो मैं आपको दिखा रहा हूं और इससे आप अंदाजा लगा सकती हैं कि लोग सेटिस्फाइड हैं या नहीं है। तो हाथ कंगन को आरसी क्या आप भी अगर चाहें तो जॉइ करने के बाद पार्टिसिपेट कर सकते हैं। मतलब मैं खुश नहीं हूं तो मैं बता सकती हूं। हां आप आप उस वोटिंग में कर सकते हैं कि आई एम नॉट सेटिस्फाइड। या अगर मैंने लॉस आपको अगर मान लो ट्रेड में लॉस बुक किया है तो अब मैं आपको एक और बहुत अच्छा एक दिखाता हूं कि केवल हम अच्छे-अच्छे पे ही बात कर रहे हैं। एक मैं वोट दिखाता हूं रिसेंट दो-ती दिन पुराना ही और उसमें उस दिन हमें लॉस हो गया था तो हम लोगों ने वोट किया कि कितने परसेंट लोगों ने आज लॉस बुक किया और क्या किया हम तो वो देखिए ये डेट है 9 सितंबर की हम और अभी आपके पास स्क्रीन खुली हुई है और आप इसमें देख सकते हैं उस दिन लॉस हुआ तो हम लोगों ने पूछा टुडे वाज़ अ लूजिंग डे ऑन द प्रीमियम टेलीग्राम चैनल लॉस 13 से 15 पॉइंट का था मार्केट वाज़ टोटली साइडवेज्ड एंड टाइम डेके वाज़ विज़िबल हम तो हम लोगों ने पूछा कि आपने लॉस बुक किया या क्या किया? ट्रेड नहीं किया। तो 83% लोगों ने बोला कि आज मुझे लॉस हो गया। ठीक है? और वोट किया है 2200 लोगों ने और 17% लोगों ने बोला कि मुझे प्रॉफिट मैंने ट्रेड ही नहीं किया आज क्योंकि मार्केट साइडवेज थी। तो अब लूजिंग डे था तो फिर भी हम लोगों ने वोटिंग किया कि भाई कितने लोगों को लॉस हो गया आज? तो 83% लोगों ने बोला कि आज हमें लॉस हो गया। तो ठीक है लॉस एंड प्रॉफिट इज़ अ पार्ट ऑफ़ द गेम। इंपॉर्टेंट ये है कि आप कितने ऑनेस्ट हैं, कितने ट्रांसपेरेंट हैं अपने मेंबर्स के साथ और जो हो रहा है ठीक है। सबके सामने ट्रेड कर रहे हैं। लॉस हो रहा है तो ठीक है। लॉस हो रहा है। प्रॉफिट हो रहा है तो प्रॉफिट हो रहा है। हमारा ऐ क्या है? मंथ के एंड में प्रॉफिटेबल होना है। ये जो 17 महीने हैं ये 17 नहीं होने चाहिए। ये 27 नहीं होने चाहिए। ये 37 नहीं होने चाहिए। ये हमेशा होने चाहिए कि आप प्रॉफिट बनाते रहो। लॉस के मंथ नहीं आने चाहिए। इस एम से हम ट्रेड करते हैं कि मंथ ऑन मंथ हमारा प्रॉफिटेबल हो। ठीक है? ठीक है? डे ऑन डे लॉस हो रहा है कोई बात नहीं। वीक ऑन वीक भी लॉस हो रहा है कोई बात नहीं। बट ओवरऑल मंथ के एंड में प्रॉफिटेबल एंड होना चाहिए। इस एम के साथ हम काम करते हैं। तो किसी दिन दिहाड़ी ना भी मिले तो महीने के अंत में सैलरी ठीक-ठाक आनी चाहिए। आ जानी चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है। अच्छा मैं व्यूअर्स को बताऊं कि नितिन सर के दो दो प्रोग्राम आप कह सकते हैं Zee बिनेस के ऊपर आते हैं। एक तो निफ्टी के निशानेबाज है। ठीक है सर। और दूसरा है छोटा ऑप्शन बड़ी कमाई। मतलब आप जो ऑप्शन देते हैं वो प्राइस में कम रहता है उसका। देखिए दो दो प्रोग्राम्स आते हैं। एक तो आते हैं जी बिनेस पे। एक आते हैं 12:45 पे हर दिन आता है। 12:45 पे आता है और उसका थीम है छोटा ऑप्शन बड़ी कमाई। तो नाम है छोटा ऑप्शन और बड़ी कमाई। यानी उसमें हम सस्ते प्राइस की ऑप्शंस को लेने की कोशिश करते हैं ताकि कमाई बड़ी हो सके क्योंकि ऑप्शंस है। ऑप्शंस में मूवमेंट मिलेगा तो बड़ी कमाई मिलेगी। तो आप लोग सब मुझे जी बिनेस पे हर दिन 12:45 से 1250 के बीच में देख सकते हैं और वहां पे मैं आपको डेली एक ट्रेड रिकमेंड करता हूं छोटा ऑप्शन बड़ी कमाई में और जो ट्रेड रिकमेंडेशन आती है वो इसी लॉजिक पे आती है। जो लॉजिक पे आज हम लोगों ने इस वीडियो में बातचीत करी ये इसी लॉजिक पे पूरा ट्रेड को डिराइव करके हम वहां पे देते हैं। तो आप उसकी परफॉर्मेंस देख के भी जज कर सकते हो कि ये जो मेथड है इसकी एक्यूरेसी कितनी आ रही है। मान लीजिए आप वीडियो देख रहे हो जिस दिन भी उसके उसी दिन से या उसके अगले दिन से आप वह 100 देखना चालू करो 12:45 वाला 12:45 से 12:50 के बीच में 5 मिनट का गैप में आ जाती है वो और वो ट्रेड जो मैं दे रहा हूं आप उसको एक नोट डाउन करके देखो कितने बार प्रॉफिट मिल रहा है नहीं मिल रहा है अगर आपको प्रॉफिट मिल रहा है तो इसका मतलब वो मेथड काम कर रहा है और नहीं मिल रहा है इसका मतलब वो काम नहीं कर रहा है तो वहां से भी आप जज कर सकते हो हम दूसरा शो आता है 2:15 पे ये नॉर्मली कभी 2:15 पे आएगा कभी 220 पे आएगा आएगा 15 मिनट का बफर होता है क्योंकि वहां पे टाइमिंग हम लोग पकड़ते हैं तो 15 मिनट का हमें बफर दिया जाता है कि 2:15 से 2:30 के बीच में आप वो करो। उस समय हम निफ्टी के ट्रेड देते हैं जो कई बार अगले दिन के लिए भी होती है कैरी फॉरवर्ड होती है। तो जो फर्स्ट वाला ट्रेड है छोटा ऑप्शन बड़ी कमाई वो मोस्टली इंट्राडे होता है क्योंकि छोटा सस्ता ऑप्शंस और बड़ी कमाई पे फोकस होता है इंट्राडे में और जो 2:15 पे आती है वो मोस्ट ऑफ द टाइम इंट्राडे में मैच्योर हो गई तो ठीक नहीं तो वो कैरी फॉरवर्ड होती है। तो, यह दो सोज़ आप जी बिज़नेस पे देख सकते हैं और उस सोर्स की परफ़ॉर्मेंस देख करके आप जज कर सकते हैं कि जिस मेथड पे हम लोग बातचीत कर रहे हैं, क्या वो वाकई में सही है या फिर वो सही नहीं है। अगर आपको लगता है कि नहीं वो सही है, वो प्रॉफिट्स वहां पे बन रहे हैं, तो फिर आप इस मेथड को फॉलो कर सकते हैं। हम्म। तो नितिन मुरारका जी चारों तरफ छाए हुए हैं। पॉडकास्ट बंद करने के बाद आप उनका अगर सब्सक्रिप्शन आपने ले रखा है तो वहां पे वो आपको दिखाई देते रहेंगे। क्लास रूम वहां हमेशा चलता रहता है। वहां नितिन सर आपको दिखाई देंगे। फिर वहां आप अगर उनको ना पकड़ पाए ना चस कर पाए तो आप जी बिनेस खोल सकते हो। वहां पे भी दो बार आपको ऑप्शन है आपके पास। नहीं एक और तीसरा आप भूल गए। तीसरा वीक में मैं तीन दिन आता हूं और वो इवनिंग में 750 के आसपास जी बिनेस में आता हूं। और वहां पे भी ऑप्शंस में नेक्स्ट डे के लिए क्या रिकमेंडेशन है ये मैं देता हूं। और जब आप जी बिनेस में थे तब भी मैंने इवनिंग वाले शोज़ में वो दिए। आपने भी मेरे कई बार वहां पे सवाल लिए हैं तो वो भी एक शो है जिसमें अगले दिन के लिए हम ट्रेड्स देते हैं। तो वो हफ्ते में तीन दिन ही आता है। ठीक है? तो मतलब सुबह क्या करना है लाइव वो भी आप बता देंगे। फिर उसके बाद अगले दिन का क्या करना है वो भी आपसे पता चल जाएगा। कुछ रह जाए तो कमेंट सेक्शन खुला हुआ है। अगली बार जब हमारी मुलाकात होगी तो वो भी हम नितिन जी से ले लेंगे। मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि गरीबों का आपने ख्याल रखा है। आपका जो छोटा ऑप्शन रहता है तो मतलब उसमें गरीब अमीर हर तरह का जिसके पास कम पैसा है वो भी काम कर सकते हैं। बेसिकली हम एक मेथड पे काम कर रहे हैं। चाहे आप छोटे प्राइस का ऑप्शन खरीदें या बड़े प्राइस का खरीदें सब पे काम करती है। छोटे प्राइस में क्या होता है कि जिसके पास कम कैपिटल है वो भी उसमें ट्रेड कर पाता है और बड़े प्राइस में सारे लोग नहीं ट्रेड कर पाते हैं। तो हम छोटे ऑप्शंस वाले प्राइस पे भी दे रहे हैं। और जो जो 2:15 वाला ऑप्शन शो होता है उसमें हम बड़े प्राइस वाले पे देते हैं। तो मिलाजुला के यह है कि सारे जितने भी पार्टिसिपेंट्स हैं सब ट्रेड कर पाएं और मार्केट में सब कुछ उम्मीद लेके आते हैं कि हमें कुछ प्रॉफिट बन जाए और कम से कम लॉस करने की किसी की इच्छा नहीं होती है। तो अंदर से यही कोशिश होती है कि सब लोग कुछ प्रॉफिट बना के निकलें। इसी ऑब्जेक्टिव के साथ डाटा ड्रिवन हम लोग ट्रेडिंग करते हैं। हम मैं भी ये चाहती हूं कि अगर नितिन जी की बताई हुई बातों के ऊपर उनके मेथड्स के ऊपर चलकर के अगर आपको प्रॉफिट हुआ है कोई ऐसा व्यूअर भी इस वक्त देख रहा है इस पॉडकास्ट को जो पहले से नितिन जी को जानता है। अब उनकी कहीं भी दी हुई टिप के ऊपर अगर आपको अभी तक प्रॉफिट हुआ है तो प्लीज आप वो मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए। क्योंकि सर ऐसा जब होता है ना तो बाकी लोगों का कॉन्फिडेंस मुझे लगता है और बढ़ जाता है। तो अगर आपको ऐसे प्रॉफिट हुआ है तो जैसे दिल खोल के नितिन सर सारे मेथड बता दे रहे हैं तो दिल खोल करके आप वो भी हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए। थैंक यू सो मच नितिन सर आपने इतना टाइम निकाला मेरे व्यूअर्स के लिए। लेकिन एक मैसेज मैं आपको देना चाहती हूं कि नितिन सर आपको मिलेंगे कहां-कहां वो तो आपको पता चल चुका है। लेकिन अब उसमें आपकी मेहनत यह है कि वो टिप डायरेक्ट आप तक पहुंचे। वो मेथड्स डायरेक्ट आप तक पहुंचे। क्या आज करना है यह सीधा आप तक पहुंचे। इसके लिए आपको फिर प्रीमियम मेंबरशिप में जाना होगा। यह एक सबसे आसान तरीका है सर। क्योंकि टीवी वगैरह पे तो जो मिल रहा है वो मुझे लगता है पर्सनलाइज नहीं है। नहीं है बट उसमें वेबिनार्स वगैरह भी नहीं मिल रहे हैं। बट अगर आप कम्युनिटी ज्वाइन करते हैं तो उसमें आपको सारा वेबिनार्स हैं, लर्निंग्स हैं, लाइव ट्रेड्स हैं वो सब सब आपको मिलते हैं। हम्म। और इसीलिए वो जो टेलीग्राम चैनल है उसका लिंक हम इस पॉडकास्ट की डिटेल में दे दे रहे हैं। आपकी आसानी के लिए। आप फटाफट से डायरेक्ट बस उस लिंक के ऊपर भी क्लिक करेंगे तो सीधा पहुंच जाएंगे नितिन सर के पास। ऐसा होने वाला है। आप मुझे फिर आप यह भी बता दें कि लोग तो पहुंच गए आपके पास। मेरे डिटेल में लिंक दे भी दिया आपके टेलीग्राम चैनल का। इसके बाद लोगों के ये ऑप्शन ट्रेडिंग में सिर्फ टर्बुलेंस आएंगे। क्रैश लैंडिंग नहीं होगी। नहीं टर्बुलेंस तो नहीं आएगा क्योंकि अब आप क्या है कि अब आप स्मूथ एक मेथड के साथ जुड़ गए हैं। तो जो आपकी क्रैश लैंडिंग थी या जो टर्बुलेंस आप फील कर रहे थे वो अब कम हो जाएगा क्योंकि आप एक मेथड से सिस्टेटिक तरीके से ट्रेड करने लग जाएंगे। जिस मेथड पे ऑलरेडी हम लोग 5 सालों से काम कर रहे हैं। 10 सालों की बैक टेस्टिंग है। तो वो ऑप्शन ट्रेडिंग की जर्नी आपकी और स्मूथ हो जाएगी। आप अच्छा ट्रेड करने लग जाओगे। लॉसेस आपके धीरे-धीरे कम होने लग जाएंगे। आप डिसिप्लिंड हो जाएंगे। आप फेयर प्राइस पे ट्रेड एंट्री करना सीख जाएंगे क्योंकि और पेशेंस भी डेवलप होगा क्योंकि हम जो ट्रेड लेते हैं फेयर प्राइस पे ही लेते हैं। तो उससे क्या आपकी ओवर ट्रेडिंग खत्म हो जाएगी। भाई आपको पता है कि ट्रेड तभी लेना है जब फेयर प्राइस पे आएगा। तो फेयर प्राइस पे आएगा तो पूरे दिन तो फेयर प्राइस पे वो रहेगा नहीं। तो आप ओवर ट्रेडिंग खत्म हो जाएगी। फोमो खत्म हो जाएगा। डिसिप्लिन डेवलप होगा पेशेंस आने लग जाएगा। तो दो 2 3 6 महीने में आप और अच्छे ट्रेडर बन जाएंगे। तो टर्बुलेंस तो मुझे लगता है कि वो खत्म हो जाएगी। वो और इनक्रीस नहीं होगी। हां मतलब एक जैसा मौसम बना रहे किसी सफर में ये मुझे लगता है बहुत कम होता है। मुश्किल रहता है। लेकिन कभी-कभी होता है। अब मान लीजिए आरबीआई की पॉलिसी आ गई बजट हो गया तो उस समय तो टर्बुलेंस मार्केट में ही आ जाती है। तो हम लोग नॉर्मली जब मार्केट में टर्बुलेंस होती है तो हम चुपचाप हम लोग बैठ जाते हैं। ट्रेड ही नहीं करते हैं। आजकल कई ट्रेडर होते हैं कि बजट आ गया तो वो ज्यादा ट्रेड करते हैं कि उनको मूवमेंट मिल जाएगी। हम लोग ये सोचते हैं कि अभी मार्केट में टर्बुलेंस चल रही है। बहुत तेज हवाएं चल रही है। तो इस पीरियड को छोड़ दो। तो हमें प्रॉफिट नहीं चाहिए। हम बाद में कमा लेंगे। तो उस पीरियड में हम और शांति से बैठ के देखते हैं। और जब वो सब कुछ शांत हो जाता है मार्केट का मूवमेंट तो फिर हम ट्रेड करना चालू करते हैं। हम तो इतनी आसान सी बात तब आप लोगों को जब पता चली गई है। तो फटाफट से इस पॉडकास्ट को आप अपने बाकी दोस्तों तक, रिश्तेदारों तक जो भी ऑप्शन ट्रेडिंग करता है या करना चाहता है उन तक भी आपको पहुंचाना है। तो आप शेयर इसे जरूर कीजिए, लाइक जरूर कीजिए। कमेंट जरूर कीजिए और ये इतनी शानदार आज की ये जो बातचीत और क्लासरूम था उसके लिए बहुत शुक्रिया आपका नितिन सर। जी थैंक यू शालिनी जी। बहुत-बहुत धन्यवाद और सभी दर्शकों का दिल से धन्यवाद। थैंक यू वेरी मच। थैंक यू सर।

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