TOP 10 Trading Strategy EXPLAINED in 25 Minutes | Intraday Trading & Option Trading Strategy | Hindi — backtested on Indian market data | FakeTrades
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TOP 10 Trading Strategy EXPLAINED in 25 Minutes | Intraday Trading & Option Trading Strategy | Hindi

Neeraj joshi · watch on YouTube ↗
Analysed 01 Aug 2026, 03:14 PM IST
⏳ Backtest pending — a data-backed verdict will be attached.

Verdict

Not backtestable — no mechanical strategy to test. Video presents 10+ distinct trading strategies (breakout, trend-line, Renko, chart patterns, candlestick patterns, MACD, MA crossover, gap-and-go) but without consistently detailed mechanical rules fo

We only score videos that teach a rule-based strategy (a defined entry trigger, stop and exit a computer could follow). This one doesn't contain one, so there is nothing to backtest — we show no number rather than a made-up one.

See strategies that scored 4★+ →
Know someone trading this?

🔴 Live forward test (no hindsight — only trades the rules fired AFTER we published this verdict)

Tracking since 2026-07-07 — no qualifying signals have fired yet. The engine re-checks every night on fresh data; results appear here the day the rules trigger.

Full transcript (5805 words)
आज मैं आपको ट्रेडिंग की 10 ऐसी स्ट्रेटजी के बारे में बताने जा रहा हूं जो कि हर तरह के मार्केट में काम करती है और यह जो वीडियो मैं आपको फ्री में देने जा रहा हूं इसको लोग पेड कोर्स बनाकर बेचते हैं तो अगर आप बिल्कुल फ्री में सीखना चाहते हैं तो वीडियो को पूरा ध्यान से देखिएगा और यहां पर हम कोशिश करेंगे कि बहुत कम टाइम में हम आपको ज्यादा से ज्यादा स्ट्रेटेजी के बारे में बताएं तो चलिए शुरू करते हैं तो शुरुआत करते हैं सबसे बेसिक और सिंपल स्ट्रेटजी के साथ आगे मैं आपको बहुत अलग-अलग स्ट्रेटजी बताऊंगा जैसे आप हम एक रेंको स्ट्रेटजी के बारे में भी डिस्कस करने वाले हैं तो वीडियो को ध्यान से देखिएगा तो सबसे पहली स्ट्रेटजी है बुलिश ब्रेकआउट स्ट्रेटजी तो कई बार क्या होता है कि मार्केट पहले अप ट्रेंड में होता है और अप ट्रेंड में जब मार्केट काफी ज्यादा बढ़ जाता है तो उसके बाद क्या होता है कि मार्केट एक रेंज में बहुत देर तक घूमता है जैसे यहां पर आप देख सकते हैं कि मार्केट इस जगह पे आने के बाद यहां तक गया यहां पर जाने के बाद वापस से मार्केट इस लेवल के पास आया फिर ऊपर गया फिर वापस उस लेवल के पास आया फिर ऊपर गया फिर वापस से मार्केट सेम लेवल के आसपास आता है तो जब आपको दिखाई दे रहा है कि मार्केट बार-बार एक लेवल के आसपास आ रहा है तो तब आपको क्या करना होता है आपने उसके जो हाइज हैं उनसे लगते हुए एक हॉरिजॉन्टल लाइन ड्रा करनी होती है और उसके जो लोज हैं उनसे लगते हुए भी एक हॉरिजॉन्टल लाइन ड्रॉ कर लेनी है तो आप देख सकते हैं हमने यहां पर वो लाइन ऑलरेडी ड्रॉ कर रखी है और उसके बाद जब मार्केट इतनी देर तक कंसोलिडेट कर रहा था और उसके बाद अगर मार्केट ने अपना जो हाई है उसको ब्रेक कर दिया है जैसे आप देख सकते हैं कि इस वाली कैंडल ने मार्केट के यह जो हाई था इसको ब्रेक कर दिया है तो जैसे ही ऐसा होता है तो इसका मतलब है कि यहां पर जो बायर्स हैं वो एक्टिव हो चुके हैं और ऐसे में अगर ये कैंडल क्लोज हो जाती है अपने हाई के ऊपर तो आपने उसकी बाद वाली कैंडल में यानी यहां पर बाय करने की पोजीशन लेनी होती है आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो या तो जिस कैंडल ने ब्रेकआउट दिया है आप उसके नीचे रख सकते हैं या फिर अगर मान लीजिए ये रेंज बहुत ही छोटी है तो फिर आप इसका जो लो है यहां पर भी अपना स्टॉप स् लॉस रख सकते हैं तो इस तरीके से आप ब्रेकआउट स्ट्रेटजी के बेसिस पर बुलिश ट्रेड ले सकते हैं अब इसका जो जस्ट अपोजिट होता है वो होता है बिरिज ब्रेकआउट स्ट्रेटजी इसमें क्या करता है कि मार्केट पहले कंसोलिडेट करता है आप देख सकते हैं यहां पर उसने अपना लो बनाया हाई बनाया फिर लो बनाया हाई बनाया मतलब एक ही रेंज के आसपास मार्केट वापस से घूम रहा है तो जब हमें दिखाई दे रहा है कि मार्केट रेंज बाउंड हो गया है तो हम उसके हाइज से लगते हुए भी एक लाइन ड्रॉ कर देंगे उसके लोज से लगते हुए भी एक लाइन ड्रॉ कर देंगे और जब हम इस इस तरीके से लाइन ड्रॉ कर देते हैं और बहुत देर मार्केट कंसोलिडेट करने के बाद अगर अपने लो को ब्रेक कर देता है तो इसका मतलब है कि यहां पर जो सेलर्स हैं वो एक्टिव हो चुके हैं और उसके बाद मार्केट के गिरने के चांसेस होते हैं और अगर ऐसा होता है तो जिस कैंडल ने ब्रेक डाउन दिया है जैसे यहां पर इस कैंडल ने हमारे लो को ब्रेक कर दिया है तो आपने इसके बाद वाली कैंडल में यानी आप इस कैंडल में अपनी एंट्री ले सकते हैं चाहे आप शॉर्ट करने की एंट्री ले रहे हैं या फिर आप पुट ऑप्शन बाय कर रहे हैं आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो इसका जो हाई है यानी आप यहां पर भी अपना स्टॉप लॉस रख सकते हैं या फिर जिस कैंडल ने ब्रेक डाउन दिया है उसके थोड़ा ऊपर यहां पर भी आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं जनरली अगर ये जो रेंज है वो बहुत छोटी है जैसे मान लीजिए 10 पॉइंट की है तो फिर आप अपना स्टॉप लॉस यहां रखने की जगह अगर जो इसका हाई है यहां पर रखेंगे तो वो ज्यादा बेटर रहेगा क्योंकि कई बार क्या होता है कि मार्केट यहां पर ब्रेक डाउन देने के बाद खुद को दोबारा रीटेस्ट करता है और ऐसे में थोड़ा सा वो ऊपर भी चला जाता है तो हमारा स्टॉप लॉस हिट हो सकता है इसलिए आप थोड़ा सा बढ़ाकर अपना स्टॉप लॉस रखेंगे तो वो ज्यादा बेहतर होगा तो इस तरीके से ब्रेकआउट को ट्रेड किया जाता है अब इसके बाद जो हमारी नेक्स्ट स्ट्रेटजी है रेंको वाली इसके बारे में मैं आगे बात करूंगा पहले हम कोई दूसरी स्ट्रेटजी को समझ लेते हैं तो हमारी जो नेक्स्ट स्ट्रेटजी है वो है ट्रेंड लाइन ब्रेकआउट स्ट्रेटजी अब कई बार क्या होता है कि मार्केट डाउन ट्रेंड में होता है यानी इस तरीके से मार्केट नीचे आ रहा होता है तो अब जब ऐसे मार्केट नीचे आ रहा है तो यहां पर हम हॉरिजॉन्टल लाइन तो ड्रॉ नहीं कर सकते हैं तो फिर इस जगह पर हम ब्रेकआउट के बेसिस पर े कैसे लेंगे तो इसके लिए हमें क्या करना होता है कि यहां पर है शेयर की प्राइस का हाई यहां पर है लो यहां पर है लोअर हाई यहां पे है लोअर लो तो इसके जितने भी लोअर हाइज हैं हमने उससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर देनी होती है कुछ इस तरीके से और जो इसके लोअर लोज हैं हम उनसे लगते हुए भी एक लाइन ड्रॉ कर सकते हैं अब इसके बाद अगर इसका जो हाई है वो ब्रेक हो जाता है तो यहां पर आप बाय करने का ट्रेड ले सकते हैं और अगर इसका जो लो है वो ब्रेक हो जाता है तो यहां पर आप शॉर्ट करने का ट्रेड ले सकते हैं तो चलिए अब इसको चार्ट में समझते हैं तो यहां पर आप देख सकते हैं कि मार्केट अभी डाउन ट्रेंड में है यहां पर उसका हाई है यहां पर लो है फिर यहां पर लोअर हाई है यहां पर लोअर लो है यहां पर वापस से लोअर हाई है तो जब आपको ऐसा दिखाई दे रहा है तब आपने क्या करना है उसके हाई से लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है और जब आप इस तरीके की लाइन ड्रॉ कर लेते हैं उसके बाद अगर कोई भी कैंडल इस लाइन को ऊपर की तरफ ब्रेक कर देती है तो वहां पर आप बाय करने का ट्रेड ले सकते हैं है लेकिन यहां पर एक चीज का जरूर ध्यान रखिएगा कि जैसे आप देख सकते हैं कि इस ग्रीन वाली कैंडल ने हमारे हाई को ब्रेक कर दिया है तो आपने इसी कैंडल में अपनी एंट्री नहीं लेनी है इसके बाद वाली कैंडल में आप एंट्री लेंगे तो वो ज्यादा बेहतर होगा और उसके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है कि आपने साथ में एक वॉल्यूम इंडिकेटर होता है उसका भी यूज करना है तो यहां पर आपको देखना है कि क्या ये वॉल्यूम बड़ा है या नहीं तो आप देख सकते हैं कि जो एवरेज की लाइन है उससे ज्यादा वॉल्यूम बढ़ रखा है साथ में आपको दिखाई दे रहा है कि इसने इसका जो लोअर हाई है उसको ब्रेक कर दिया है और इसका मतलब है कि यहां से मार्केट के बढ़ने के चांसेस हैं और आप देख सकते हैं कि उसके बाद मार्केट थोड़ा नीचे आया था और यहां से वापस बढ़ गया है अब यहां पर बहुत इंपॉर्टेंट होता है आपका स्टॉप लॉस तो आपका जो स्टॉप लॉस है वो जिस कैंडल ने ब्रेकआउट दिया है यानी इस लाइन को ब्रेक किया है आप उसके नीचे यानी यहां पर भी आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं लेकिन इसका जो स्विंग लो है वो अगर बिल्कुल पास है तो आप वहां पर अपना स्टॉप लॉस लेकर चलेंगे तो वो ज्यादा बेटर होगा अब उसका जो जस्ट अपोजिट है वो है ट्रेंड लाइन ब्रेकडाउन स्ट्रेटजी इस इसमें मार्केट अप ट्रेंड में होता है अप ट्रेंड का मतलब है कि मार्केट कुछ इस तरीके से बढ़ रहा होता है यानी यहां पर मार्केट ने अपना लो बनाया यहां पर हाई बनाया उसके बाद पिछला जो लो था मार्केट ने उससे अगला जो लो बनाया वो पिछले लो से ऊपर बनाया यानी हाईयर लोज और हाईयर हाइज तो इस तरीके से जब आपको दिखाई देता है कि मार्केट बढ़ रहा है बिल्कुल एग्जैक्ट तो नहीं बढ़ेगा तो आपने क्या करना होता है आपने इसके लो से लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है और उसके बाद अगर मार्केट किसी भी टाइम पर इसका जो लो है उसको ब्रेक करके नीचे आता है तो वहां पर आप अपनी शॉर्ट करने की एंट्री ले सकते हैं तो अब इसको चार्ट में भी समझ लेते हैं तो आप देख सकते हैं कि यहां पर जो मार्केट है वो अप ट्रेंड में है उसके बाद मार्केट ने यहां पर लो बनाया है यहां पर हाईयर लो बनाया है यहां पर हाईयर लो बनाया है तो जब हमें तीन हाईयर लोज बन चुके हैं तो हमने उससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर ली है और उसके बाद कोई भी कैंडल हमारी इस लाइन को जब नीचे की तरफ ब्रेक करती है तो वहां पर हम शॉर्ट करने की एंट्री ले सकते हैं तो आप देख सकते हैं कि इस कैंडल ने ब्रेक डाउन दिया है तो इसके बाद वाली कैंडल में यानी इस कैंडल में हम शॉर्ट करने की एंट्री लेंगे हमारा जो स्टॉप लॉस होगा वो आप चाहे तो जिसने ब्रेक डाउन दिया है उसके ऊपर यानी यहां पर भी रख सकते हैं या फिर जो स्विंग हाई है मतलब यहां पर भी आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं बट यहां पर भी ध्यान रखिएगा कि साथ में जरूर देखें कि वॉल्यूम बढ़ा हुआ होना चाहिए क्योंकि अदर वाइज ऐसे में आपको बहुत सारे फेक सिग्नल्स भी देखने को मिल सकते हैं अब हमारी जो नेक्स्ट स्ट्रेटजी है उसके बारे में बताने से पहले अगर आप ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट डीमेट अकाउंट खुलवाना चाहते हैं तो कुछ अच्छे डीमेट अकाउंट के लिंक मैंने आपको डिस्क्रिप्शन पे दे रखे हैं तो डिस्क्रिप्शन जरूर चेक कर लीजिएगा मैं खुद भी उन्हीं डीमेट अकाउंट का यूज करता हूं तो अब हमने इतनी स्ट्रेटेजी समझ ली है तो अब समझते हैं नको स्ट्रेटजी इसके बाद भी मैं आपको बहुत सारी स्ट्रेटजीजर हूं और आगे मैं आपको कुछ बहुत इंपॉर्टेंट स्ट्रेटजी बताऊंगा लेकिन पहले नको को समझ लेते हैं तो ये जो नको वन बैग बुलिश स्ट्रेटजी है ना ये आपको नॉर्मल कैंडलेस्टिक पैटर्स में नहीं बल्कि रेनको चार्ट्स में देखने को मिलती है तो ये जो आपको यहां पर ब्रिक्स दिखाई दे रही है इनको कैंडल्स नहीं ब्रिक्स कहा जाता है तो ये आपने देखा कि बिल्कुल सिंपल से चार्ट्स हमें देखने को मिल रहे हैं तो यह बहुत ही सिंपल सी भी स्ट्रेटजी है तो इसको मैं आपको डायरेक्टली चार्ट में समझाता हूं क्योंकि यहां पर आपको बहुत ज्यादा कंफ्यूजन हो सकता है तो अभी जो ये चार्ट आपको देखने को मिल रहा है ये एक नॉर्मल कैंडलेस्टिक पैटर्न चार्ट है लेकिन इसको आप यहां से चेंज करके कर सकते हैं नको चार्ट तो इस तरीके से आपके पास यहां पर नको का ऑप्शन आ जाएगा आपने जैसे ही इस पर क्लिक किया तो अब ये जो चार्ट आपको दिखाई दे रहा है ये है नको चार्ट ये जो नको चार्ट होता है ये बहुत ही अलग तरह का चार्ट है ये कैंडल स्टिक पैटर्न के चार्ट से बहुत ही ज्यादा डिफरेंट है तो इसको तो बहुत ही ज्यादा डिटेल में समझना पड़ेगा लेकिन अभी मैं आपको क्योंकि ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी के ऊपर वीडियो बना रहा हूं इसलिए उतना डिटेल में नहीं बता सकता हूं बट अगर आप चाहते हैं कि मैं इसके बारे में पूरा एक डिटेल वीडियो बनाऊं 25-30 मिनट की तो आप कमेंट जरूर कर दीजिएगा जिसमें मैं आपको इस चार्ट के बारे में बहुत अच्छे से बताऊंगा साथ ही इससे रिलेटेड बहुत सारी ट्रेडिंग स्ट्रेटजीजर तो इसके लिए रन को लिखकर कमेंट जरूर कीजिएगा तो यहां पर क्या होता है कि आपको बहुत सारी ब्रिक्स देख देखने को मिल रही है इसमें जो ग्रीन कलर की ब्रिक है ये बुलिश ब्रिक है जो रेड कलर की ब्रिक है वो एक बेयरिश ब्रिक है तो नको वन बैग बुलिश स्ट्रेटजी में क्या होता है कि मार्केट पहले अप ट्रेंड में होता है अप ट्रेंड का मतलब है कि अगर तीन ग्रीन ब्रिक बन गई ना तो समझ लो कि मार्केट अप ट्रेंड में है तो यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि बहुत सारी ग्रीन ब्रिक बन चुकी है अब उसके बाद क्या होता है कि सिर्फ एक यहां पर रेड कलर की ब्रिक बनती है यानी मार्केट पहले बढ़ रहा था उसके बाद एक रेड कलर की ब्रिक बनी है और उस एक रेड कलर की ब्रिक बनने के बाद वापस से ग्रीन कलर की ब्रिक बन जाती है तो ये क्या है ये एक ब्रिक बैक हुआ है इसलिए वन बैक बुलिश स्ट्रेटजी इस को कहा जाता है तो जब एक रेड कलर की ब्रिक बनने के बाद वापस से ग्रीन ब्रिक बन जाती है तो यहां पर हमारी पहली ये ग्रीन ब्रिक हुई अगली हमारी रेड ब्रिक हुई और तीसरी हमारी ये ग्रीन ब्रिक हुई तो जब इस तरीके का पैटर्न आपको देखने को मिलता है तो आपने क्या करना है आपने इससे लगते हुए एक लाइन खींच देनी है और उसके बाद अगर आपको दिखाई देता है कि यहां पर ग्रीन कलर की ब्रिक बन गई है तो आप इस जगह पर एंट्री ले सकते हैं आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो ये जो रेड कलर की ब्रेक है उसके नीचे यानी यहां पर आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं तो इस तरीके से वन बैग बुलिश पैटर्न का यूज़ किया जाता है नको चार्ट्स में अब इसका जो वन बैग बेयरिश पैटर्न है वो मैं आपको अपनी पीडीएफ जो हमने प्रिपेयर कर रखी है उसमें ही दिखाता हूं तो यहां पर मैंने आपको वन बैक बुलिश पैटर्न बताया है अब इसका जस्ट अपोजिट जो होता है वो होता है वन बैक बेयरिश पैटर्न इसमें मार्केट पहले डाउन ट्रेंड में होता है डाउन ट्रेंड का मतलब है कि अगर तीन ब्रिक आपको बनती हुई दिख रही है तो मार्केट समझ लीजिए कि डाउन ट्रेंड में है तो मार्केट आपको दिखाई दे रहा है कि पहले डाउन ट्रेंड में था उसके बाद एक यहां पर रेड कलर की ब्रिक बनती है उसके बाद जो सेकंड ब्रिक बनती है वो एक ग्रीन कलर की होती है और इस सेकंड ग्रीन कलर की ब्रिक के बनने के बाद वापस से एक रेड कलर की ब्रिक बन जाती है तो अगर ऐसा होने के बाद जो हमारी नेक्स्ट ब्रिक बनती है वो भी एक रेड कलर की होती है तो आप इस ब्रिक में अपनी शॉर्ट करने की एंट्री ले सकते हैं आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो इस ग्रीन कैंडल के ऊप पर यानी यहां पर आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं और इस तरीके से आप रेनको चार्ट्स में ट्रेड कर सकते हैं अब नको चार्ट्स के बारे में बहुत कुछ समझना जरूरी है तो डायरेक्टली इस स्ट्रेटजी में मत कूद जाना क्योंकि यहां पर एक सबसे इंपॉर्टेंट बात आपको बता दूं कि नको चार्ट्स में टाइम की कोई इंपॉर्टेंस नहीं है मतलब मैं आपको ये नहीं कह सकता कि ये एक 1 मिनट की ब्रिक है 5 मिनट की ब्रेक है या 15 मिनट की ब्रेक है क्योंकि ये मिनट की ब्रेक है ही नहीं यहां पर प्राइस के बेसिस पर डिसाइड किया जाता है कि इस ब्रिक का साइज क्या है ये हो सकता है कि ₹1000000 की ब्रिक हो हो सकता है 000 की ब्रिक हो वो मतलब हमें पहले से डिसाइड करना होता है और हम खुद से डिसाइड करते हैं तो नको चार्ट्स बहुत एडवांस टाइप के चार्ट्स होते हैं तो अगर इनके बारे में सीखना है तो अगर आप लोगों के अच्छे खासे कमेंट आएंगे तभी हम इस टॉपिक के ऊपर वीडियो बनाएंगे तो कमेंट जरूर कीजिएगा अब हमारी जो नेक्स्ट स्ट्रेटजी है वो है चार्ट पैटर्न स्ट्रेटजी देखिए मार्केट में आपको कैंडल्स का जो चार्ट बनता हुआ दिखाई दे रहा है ये चार्ट भी हमें बहुत कुछ बताते हैं और ऐसे बहुत सारे चार्ट पैटर्स होते हैं जिनके बेसिस पर आप ट्रेड ले सकते हैं जिसमें से एक मैं आपको एग्जांपल दूं तो यह है डबल टॉप एंड डबल बॉटम चार्ट पैटर्न डबल टॉप चार्ट पैटर्न में क्या होता है कि मार्केट पहले बढ़ रहा होता है उसके बाद वो एक हाई बनाता है ये हाई बनाने के बाद मार्केट नीचे आता है अपना लो बनाता है और लो बनाने के बाद मार्केट वापस से बढ़ने लगता है और जहां पर उसने अपना पहला टॉप बनाया था या पहला हाई बनाया था बिल्कुल वहीं पर या उसके आसपास अपना सेकंड टॉप भी बनाता है और जब सेकंड टॉप बनाने के बाद मार्केट वापस से नीचे आ जाता है और जहां पर उसने पहले सपोर्ट लिया था उस लेवल पे आता है तो आपने क्या करना है आपने इससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है इस लाइन को सपोर्ट लाइन भी कहा जाता है अब जैसे ही जो शेयर की प्राइस है वो इस लाइन को ब्रेक करके नीचे आती है तो यहां से मार्केट के गिरने के बहुत ज्यादा चांस होते हैं तो यहां पर आप देख सकते हैं कि इस लाइन को इस कैंडल ने ब्रेक कर दिया है तो इसके बाद वाली कैंडल में यानी यहां पर आप अपनी एंट्री ले सकते हैं आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो जिस कैंडल ने ब्रेक डाउन दिया है उसके ऊपर यानी यहां पर आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं और अगर टारगेट की बात करें तो यहां पर मैं आपको टारगेट भी बता देता हूं तो इस केस में जितना इन दोनों के बीच में डिफरेंस है मान लीजिए अगर ये 20 पॉइंट्स का है तो 20 पॉइंट्स का ही नीचे आप टारगेट भी लेकर चल सकते हैं इसको हम कहते हैं डबल टॉप पैटर्न इसका जो जस्ट अपोजिट होता है वो होता है डबल बॉटम पैटर्न जिसमें मार्केट पहले डाउन ट्रेंड में होता है मतलब मार्केट गिर रहा होता है उसके बाद एक जगह पर मार्केट अपना सपोर्ट लेता है यानी अपना बॉटम बनाता है और वापस से बढ़ने लगता है बढ़ते बढ़ते एक ऐसा पॉइंट आता है जहां पर जाने के बाद मार्केट वापस गिरने लग जाता है रेजिस्टेंस लेकर और उसके बाद वापस से मार्केट ने जहां पर पहले सपोर्ट लिया था बिल्कुल उसके आसपास के ही लेवल पर मार्केट दोबारा से सपोर्ट लेता है और वापस से बढ़ने लगता है अब जब ऐसा होता है तो हमने क्या करना है कि जहां पर मार्केट ने पहले रेजिस्टेंस बनाया था मतलब जिस पॉइंट पर जाने के बाद मार्केट नीचे आया था हमने उससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है और इसके बाद जैसे ही कोई कैंडल इसको ब्रेक करके ऊपर निकल जाती है तो उसके बाद वाली कैंडल में यानी यहां पर हम अपनी एंट्री ले सकते हैं हमारा जो स्टॉप लॉस होगा वो जिस कैंडल ने ब्रेकआउट दिया है उसके नीचे यानी यहां पर हम अपना स्टॉप लॉस रख सकते हैं और टारगेट के लिए इन दोनों के बीच में जितना डिफरेंस है मान लीजिए 20 पॉइंट का है तो 20 पंड का ही टारगेट आप ऊपर लेकर चल सकते हैं अब ये तो मैंने आपको सिर्फ एक चार्ट पैटर्न बताया है ऐसे 18 चार्ट पैटर्स के ऊपर मैं ऑलरेडी वीडियो बना चुका हूं ये भी लोग पेड कोर्स में बेचते हैं मैंने बिल्कुल फ्री में सिखा रखा है और बहुत ही शॉर्ट टाइम में सिखा है उस वीडियो को जरूर देख लीजिएगा अगर आप सारे चार्ट पैटर्स को सीखना चाहते हैं तो वैसे आप चाहे तो उस वीडियो को सर्च करके भी देख सकते हैं आपको लिखना होगा नीरज जोशी चार्ट पैटर्न और आपको ये वाली वीडियो मिल जाएगी अब जब चार्ट पैटर्न की बात चल रही है तो कैंडलिंग पैटर्न को भी समझ लेते हैं वहां पर मैं आपको चार्ट पैटर्न बता रहा था यानी उसमें हम बहुत सारी कैंडल्स को यूज करके एक पैटर्न को समझ रहे थे लेकिन ये जो कैंडलिंग पैटर्न होते हैं इसमें हम एक दो या तीन कैंडल्स का यूज करके ये समझने की कोशिश करते हैं कि मार्केट यहां से ऊपर जाएगा या फिर नीचे जाएगा तो इसमें मैं आपको एक पैटर्न समझाता हूं उसके अलावा भी बहुत सारे कैंडलिंग पैटर्स होते हैं इसके ऊपर भी मैंने ऑलरेडी एक वीडियो बना रखी है क्योंकि बहुत सारे पैटर्स हैं तो इस ट्रेडिंग स्ट्रेटजी वाली वीडियो के अंदर उसको कवर नहीं किया जा सकता तो उस वीडियो को देखने के लिए आप youtube0 कैंडलेस्टिक पैटर्न या फिर उस वीडियो का लिंक भी आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा तो बहुत सारे पैटर्न हैं यहां पर हमने आपको सिर्फ कुछ एग्जांपल दिखाए हैं तो इसमें से एक जो पैटर्न है वो है बुलिश पैटर्न इसमें क्या होता है कि मार्केट पहले डाउन ट्रेंड में होता है यानी मार्केट गिर रहा होता है उसके बाद एक बड़ी रेड कलर की कैंडल बनती है जैसे कि आपको यहां पर दिखाई दे रही है अब इस कैंडल के बनने के बाद एक छोटी ग्रीन कलर की कैंडल बनती है जैसी आपको यहां पर दिख रही है और ये जो ग्रीन कलर की कैंडल होती है ये इस रेड कलर की कैंडल की बॉडी के अंदर बनती है यानी इस बॉडी से अगर लगते हुए मैं लाइन खींचो तो यहां पर आएगी और ये यहां पर आएगी तो ये जो ग्रीन कैंडल है ये इसकी बॉडी के अंदर बनी है इसलिए इसको बुलिश कहा जाता है क्योंकि जैपनीज में का मतलब होता है प्रेग्नेंट वुमेन तो अब जब इस तरीके का पैटर्न बन जाता है तो उसके बाद आपने देखना है कि क्या एक ग्रीन कलर की कैंडल बनी है क्योंकि अगर यहां पर इस पैटर्न के बनने के बाद एक ग्रीन कलर की कैंडल बनती है जो कि हमारी इस रेड कलर की कैंडल के ऊपर क्लोजिंग दे देती है तो इसका मतलब है कि यहां से मार्केट के बढ़ने के चांसेस होते हैं तो आप इस कैंडल में अपनी एंट्री की पोजीशन ले सकते हैं या फिर आप चाहें तो कंफर्म होने के लिए उसके जो बाद वाली कैंडल है उसमें भी अपनी एंट्री की पोजीशन ले सकते हैं आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो ये जो रेड कैंडल है उसके नीचे यानी यहां पर आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं इसका जो जस्ट अपोजिट पैटर्न होता है वो होता है बेयरिश पैटर्न इसमें क्या होता है कि मार्केट पहले बढ़ रहा होता है यहां पर पहले मार्केट गिर रहा था यहां पर मार्केट पहले बढ़ रहा होता है उसके बाद एक बड़ी सी ग्रीन कलर की कैंडल बनती है और उस बड़ी सी ग्रीन कलर की कैंडल के बनने के बाद एक छोटी रेड कलर की कैंडल बनती है जो कि ग्रीन कलर की कैंडल की बॉडी के अंदर बनती है कुछ इस तरीके से अब इसको बेयरिश क्यों कहते हैं क्योंकि मैंने आपको बताया कि जपनीज में का मतलब होता है प्रेग्नेंट वमन और यहां पर आप देख सकते हैं कि ये जो है वो प्रेग्नेंट वमन है जिसने इस रेड कलर के बच्चे को अपने पेट में रखा है ऐसा माना जा रहा है तो अगर इस पैटर्न के बनने के बाद अगली जो कैंडल है वो एक रेड कलर की कैंडल बन जाती है तो आप मान के चल सकते हैं कि यहां से मार्केट के गिरने के चांसेस हैं देखिए कंफर्म या गारंटी के साथ तो कोई भी स्ट्रेटजी काम नहीं करती है लेकिन जो चीजें मार्केट में चलती हैं वो चीजें मैं आपको बता रहा हूं तो आपने देखा कि इसके बाद रेड कलर की कैंडल बन गई है तो आप चाहे तो इस कैंडल में भी अपनी एंट्री ले सकते हैं या फिर आप ज्यादा कंफर्म होना चाहते हैं तो इसके बाद वाली कैंडल में यानी यहां पर आप अपनी एंट्री ले सकते हैं आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो इस ग्रीन कैंडल के थोड़ा ऊपर यानी यहां पर आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं अब इसके बाद नेक्स्ट स्ट्रैटेजी बताने से पहले अगर आपको ये वीडियो पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा तो हमारी जो नेक्स्ट स्ट्रेटजी है वो है एम एसीडी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी एमसीडी बेसिकली एक इंडिकेटर होता है तो इसके बारे में भी मैं आपको डायरेक्टली चार्ट में चलके बताता हूं तो एमसीडी स्ट्रेटजी को अप्लाई करने के लिए आपको सबसे पहले इंडिकेटर वाले सेक्शन में जाना होता है और यहां पर पर जाकर आपको एमए सडी लिख के सर्च करना होता है तो यहां पर लिख दीजिए एम ए सडी यह जैसे ही आप लिख देंगे तो आपको दिखाई दे रहा है मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डायवर्जेंस आपने इस पे क्लिक करना है जैसे ही आप इस पे क्लिक करेंगे तो आपके चार्ट पे कुछ इस तरीके का एक इंडिकेटर प्लॉट हो जाता है इस इंडिकेटर में आपको जो ब्लू कलर की लाइन दिखाई दे रही है इसको एम एसीडी लाइन कहा जाता है जो ऑरेंज कलर की लाइन है उसको सिग्नल लाइन कहा जाता है ये जो आपको बार्स दिखाई दे रहे हैं इनको हिस्टोग्राम कहा जाता है तो अब दिखने में तो ये इंडिकेटर मुश्किल लगता है लेकिन बहुत ही सिंपल है इसमें क्या है कि अगर मान लो आपको कभी दिखाई देता है कि ये जो ब्लू कलर की लाइन है इसने सिग्नल लाइन को नीचे की तरफ काटा है तो इसका मतलब होता है कि यहां से मार्केट के गिरने के चांसेस हैं तो आप देख सकते हैं कि यहां से मार्केट नीचे गिरा है इसके अलावा यहां पर एक और लाइन होता है जिसको जीरो लाइन या बेस लाइन भी कहा जाता है तो जब कभी आपको दिखाई देता है कि ये जो हमारी ऑरेंज एंड ब्लू लाइन है ये बेस लाइन के नीचे आ गई है तो इसका मतलब ये होता है कि मार्केट यहां से गिर सकता है मतलब आप कंफर्म हो सकते हैं एक तरह से इसके अलावा जब मान लीजिए कि ये जो सिग्नल यहां पर जनरेट हो रहा है उस टाइम पर अगर यह जो हिस्टोग्राम है ये बड़े साइज के हैं तो इसका मतलब है कि चांसेस ज्यादा हैं मतलब वो एक स्ट्रांग सिग्नल है और अगर उस टाइम पर बहुत ही छोटे-छोटे हिस्टोग्राम्स बन रखे हैं तो इसका मतलब है कि वो सिग्नल वीक है इसका उल्टा अगर आपको कभी दिखाई देता है कि ये जो हमारी ब्लू कलर की लाइन है इसने ऑरेंज लाइन को ऊपर की तरफ काटा है तो यहां पर चांसेस होते हैं कि मार्केट बढ़ सकता है और इसके साथ ही जब ये जो हमारी ब्लू एंड ऑरेंज लाइन है ये बेस लाइन के ऊपर निकल जाती है तो इसका मतलब है कि आप कंफर्म हो सकते हैं और इसके साथ ही यहां पर एक और चीज देखिए कि जो हमारी ब्लू लाइन है उसने ऑरेंज लाइन को एक बार यहां पर भी काटा था लेकिन यहां पर जो हिस्टोग्राम का साइज था वो बहुत छोटा था जबकि यहां पर जो इन दोनों के बीच में क्रॉस ओवर हुआ उसके बाद जो हिस्टोग्राम के साइज थे वो बढ़ गए थे तो इसका मतलब है कि यहां पर आपको ट्रेड नहीं लेना था और यहां पर आप लेते तो ये आपके लिए प्रॉफिटेबल हो सकता था अब जो हमारी नेक्स्ट स्ट्रेटजी है वो है मूविंग एवरेज क्रॉसओवर इसके लिए आपको एक इंडिकेटर को दो बार यूज करना होता है और वो इंडिकेटर है ईए यहां पर हम एक्सपो शियल मूविंग एवरेज का यूज कर रहे हैं आप सिंपल मूविंग एवरेज का भी कर सकते हैं तो एक बार मैंने इसको चार्ट में प्लॉट किया और इसके बाद दूसरी बार भी कर दिया है तो अब क्या करना होता है आपको यहां पर जाना होता है जहां पर ये इंडिकेटर लगा है उसके बाद सेटिंग में जाना है अब सेटिंग में जाने के बाद आपने एक जो इसका साइज रखना है वो आप रख सकते हैं 20 पीरियड का और उसका जो कलर है वो हम चेंज करके कर देते हैं ग्रीन का जो कि हमारा शॉर्ट पीरियड है इसके बाद जो हमारी दूसरी लाइन है आप देख सकते हैं कि ये जो हमारी लाइन है ये ग्रीन कलर की हो चुकी है तो अब जो हमारा दूसरा वाला हमने मूविंग एवरेज सेलेक्ट किया था उसको हम चेंज करके कर देते हैं रेड कलर का और इसका जो लेंथ है उसको हम चेंज करके कर देते हैं 50 पीरियड का तो अब आपको दिखाई दे रहा है कि यहां पर एक ग्रीन कलर की लाइन है एक रेड कलर की लाइन है इसमें जो ग्रीन कलर की लाइन है ये हमारा 20 पीरियड का मूविंग एवरेज है जो रेड कलर की लाइन है ये हमारा 50 पीरियड का मूविंग एवरेज है तो अगर आपको कभी दिखाई देता है कि हमारी जो ग्रीन कलर की लाइन है उसने रेड कलर की लाइन को ऊपर की तरफ काटा है तो यहां से प्राइस बढ़ने के चांसेस होते हैं और इसका उल्टा अगर आपको कभी दिखाई देता है कि हमारी जो ग्रीन कलर की लाइन है उसने रेड कलर की लाइन को नीचे की तरफ काटा है तो यहां पे मार्केट के गिरने के चांसेस होते हैं लेकिन आपने सिर्फ इसके बेसिस पे ट्रेड नहीं लेना होता है क्योंकि अगर आप इसके बेसिस पे ट्रेड लेंगे तो ये एक लगिंग इंडिकेटर है जिस वजह से ये आपको कई बार लेट सिग्नल देता है और ऐसे में आपको लॉस हो सकता है है बट इस इंडिकेटर को कई और तरह से यूज करके आप इसका बहुत बेनिफिट उठा सकते हैं और हां हमेशा याद रखिए कि जब भी आप किसी स्ट्रेटजी का यूज कर रहे हैं उसके साथ एक इंडिकेटर जरूर यूज करें और वो है वॉल्यूम इंडिकेटर क्योंकि वॉल्यूम इंडिकेटर का यूज करके आप कंफर्म हो सकते हैं तो इसके लिए आपने यहां से वॉल्यूम सेलेक्ट कर दिया है अब वॉल्यूम को सेलेक्ट करने के बाद यहां पर आपने वॉल्यूम की सेटिंग्स में जाना होता है अब इसकी सेटिंग्स में जाने के बाद यहां पर आपको एक वॉल्यूम मूविंग एवरेज दिखाई दे रहा है आपने इस पे टिक कर देना है ये करते ही यहां पर आपके सामने एक वॉल्यूम में भी ब्लू कलर की लाइन आ जाती है अब आपने यह देखना है कि जब भी इस तरीके का ब्रेकआउट हुआ है उसके साथ ही वॉल्यूम बढ़ा है या फिर नहीं अगर वॉल्यूम भी बढ़ रहा है तो यहां पर आप कंफर्म हो सकते हैं अब जो हमारी नेक्स्ट स्ट्रेटजी है इसका नाम है गैप अप एंड गैप डाउन स्ट्रेटजी आपने कई बार देखा होगा कि एक दिन पहले जो मार्केट या स्टॉक क्लोज होता है वो होता है 3960 पे लेकिन अगले दिन वो डायरेक्ट ओपन होता है ₹ पे या यानी यहां पर ₹ का डिफरेंस है और मार्केट ने सीधा 0 ऊपर जंप किया है अगले दिन जब मार्केट ओपन हुआ तो इस वजह से आपको यहां पर कैंडल्स में एक गैप देखने को मिलता है आप देख सकते हैं कि ये जो कैंडल थी ये यहां पर क्लोज हुई थी और अगली जो कैंडल थी वो सीधा 4000 प जाकर ओपन हुई है जिस वजह से आपको एक गैप देखने को मिल रहा है तो अब सवाल उठता है कि ये जो गैप आया है इस गैप के बनने के पीछे रीजन क्या है तो इसके बनने के पीछे रीजन ये है कि यहां पर जो बायर्स हैं वो बहुत ज्यादा एग्रेसिव है जिस वजह से उन्होंने प्राइस को इतना ऊपर वो लेके जा चुके हैं तो ऐसे में आपने क्या करना है आपने 15 मिनट के चार्ट का यूज करना है और जब मार्केट सुबह ओपन होता है उसी टाइम पर आप इस स्ट्रेटजी का यूज कर सकते हैं और जो पहली 15 मिनट की कैंडल बनती है यानी 9155 से 7:30 बजे तक आपकी पहली कैंडल बनेगी तो जैसे ही ये पहली 15 मिनट की कैंडल बन जाती है तो आपने क्या करना है आपने इसके हाई और लो से लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है तो ये हमारी पहली 15 मिनट की कैंडल है अब जैसे ही ये कैंडल पे आपने लाइन ड्रॉ कर ली है उसके बाद जब आपको दिखाई देता है कि कोई भी कैंडल इसके हाई को ब्रेक कर देती है तो वहां पर आप बाइंग कर सकते हैं यानी जिस कैंडल ने ब्रेक कर दिया है उसके बाद वाली कैंडल में इस कैंडल में आपने बाइंग कर ली आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो ये जो हमारी पहली 15 मेट की कैंडल है उसके थोड़ा नीचे यानी यहां पर आप अपना स्टॉप लॉस लेकर चल सकते हैं और अगर आप थोड़ा ज्यादा रिस्क ले सकते हैं तो फिर आप अपने स्टॉप लॉस को इससे पहले जहां पर कैंडल क्लोज हुई थी उसके नीचे मतलब यहां पर भी रख सकते हैं और ऐसे में आपका जो ट्रेड है उसके सक्सेसफुल होने के चांसेस काफी ज्यादा होंगे इसका जस्ट अपोजिट होता है गैप डाउन स्ट्रेटजी इसमें क्या होता है कि कई बार आपने देखा कि मार्केट जो है वो क्लोज होता है ₹ 700 पे लेकिन अगले दिन जैसे ही स्टॉक ओपन होता है या मार्केट की बात करें तो वो सीधा ओपन कहां पर हो रहा है वो हो रहा है लगभग लगभग ₹ 6670 पे यानी यहां पर आपको ₹ का डिफरेंस है जिस वजह से आपको चार्ट में गैप देखने को मिल रहा है तो अगर कभी ऐसा होता है तो आपने 15 मिनट के चार्ट पे इसका जो हाई एंड लो है उससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है अब जैसे ही इसके बाद कोई भी कैंडल आपके इस लो को ब्रेक करेगी तो आप वहां पर बाय करेंगे अब देखिए इसके बाद कितनी सारी कैंडल बनी है लेकिन यहां पर आपको कोई भी ट्रेड नहीं मिलता तो आपका कोई नुकसान भी नहीं होता लेकिन जिस जगह पर इसने आपके लो को ब्रेक कर दिया है उसके बाद वाली कैंडल में यानी यहां पर आप अपनी शॉर्ट करने की पोजीशन ले सकते थे और उसके बाद अगर मैं आपको दिखाऊं तो आप देख सकते हैं कि मार्केट जो है वो काफी गिरा है तो इस तरीके से गैप डाउन स्ट्रेटजी को ट्रेड किया जाता है तो मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह जो हमारी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी वाली वीडियो थी यह पसंद आई होगी अगर आप रन को चार्ट्स के ऊपर वीडियो देखना चाहते हैं तो इसके लिए कमेंट जरूर कीजिएगा फ्री डीमेट अकाउंट का लिंक डिस्क्रिप्शन पे दिया गया है वीडियो पसंद आई है तो वीडियो को लाइक करने के साथ-साथ चैनल को सब्सक्राइब भी जरूर कर दीजिएगा धन्यवाद

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