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एक ऐसे पैटर्न की बात करूंगा जो पैटर्न अक्सर 1 मिनट के टाइम फ्रेम पर तो दिन में दो-तीन बार भी कभी-कभी बन जाता है। यह इंडेक्स में भी काम करेगा, स्टॉक्स में भी काम करेगा और अगर आप इससे ऑप्शंस करना चाहते हैं तो ऑप्शंस पे भी काम करेगा और इक्विटी इंट्राडे में भी काम करेगा। लेकिन जो इंस्टीट्यूशनल मनी होती है वो कितने रुपए से बाय करती है? 100 करोड़, 200 करोड़, 500 करोड़, 1000 करोड़। यह करते हैं प्राइस को मैनपुलेट। यह प्राइस को इस तरह से मैनपुलेट करेंगे कि यह लोग बेचना शुरू कर दें। और यह काम जब तक चलता रहेगा जब तक इनके 1.5 लाख स्टॉक्स लगभग इस सपोर्ट के आसपास बाइंग ना हो जाए। इस फिनोमिना को पकड़ना थोड़ा सा मुश्किल काम है। हाय एवरीवन वेलकम बैक टू अनदर वीडियो ऑफ ऑब्सर्च मी अंश आर हिरन और आज एक बार फिर से हमारे साथ है वन ऑफ़ द स्टार ट्रेडर्स एंड वन ऑफ़ द स्टार मेंटर्स ऑफ अपsर्च मिस्टर प्रियांक शर्मा। हाय सर। वेलकम बैक टू अप सर्च एंड आपके जो लास्ट दो-तीन वीडियोस गए हैं उसके ऊपर जो लोगों के कमेंट्स आए हैं, उसके ऊपर जो लोगों के लाइक्स आए हैं, जो व्यूज आए हैं, वो सब देखकर हम सब लोग बहुत खुश हैं। एंड सारी की सारी ऑडियंस बहुत खुश है और एक हैवी डिमांड आ रही है कि प्रियांक सर को वापस लाया जाए। उनसे और स्ट्रेटजी सिखाई जाए। उनसे और सेटअप्स लिए जाए। सो दैट्स व्हाई वेलकम बैक। बाय द वे अगर आपको नहीं पता है तो प्रियांक सर हमारे लिए स्पेशली ऑल द वे फ्रॉम दिल्ली आए हैं ताकि हमारे साथ ये सारे के सारे वीडियोस कर सकें। सो थैंक यू सो मच फॉर कमिंग सर। थैंक यू सो मच फॉर योर टाइम एंड या वेलकम बैक। थैंक यू अंश। थैंक यू एवरीवन। और आप सब लोगों ने इतना प्यार दिया उसके लिए। पॉइंट ये था जो क्वेश्चंस आ रहे थे कमेंट्स में और जो आपसे अपसर्च की टीम ने मुझे बताया कि एवरीबडी वांटेड अ स्केल स्ट्रेटजी फ्रॉम। राइट? सो मैं आपको थोड़ा सा अपना इंट्रोडक्शन एक बार दे देता हूं। मेरा नाम प्रियंक शर्मा है। मैं एक सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट हूं। और आज हम लोग इस वीडियो के अंदर बात करेंगे एक स्केल स्ट्रेटजी के बारे में। ठीक है? और आपको जो ध्यान रखना है वह यह है एक इंपॉर्टेंट डिस्क्लेमर कि सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट होना या एनआईएसएम सर्टिफाइड एक एनालिस्ट होने का यह कोई मतलब नहीं है कि मैं आपको कोई प्रॉमिस कर रहा हूं या कोई गारंटी दे रहा हूं कि मेरी स्ट्रेटजी 100% काम करती है या कोई एक्यूरेसी बता रहा हूं। आपको यह स्ट्रेटजी सीखनी है। अगर आपको लगता है कि यह आपके लिए अच्छी है। आपको इसमें मजा आ रहा है, आपको कन्विक्शन आ रहा है, तो आप इसकी पेपर ट्रेडिंग करके प्रैक्टिस कीजिए। अगर आपको जमती है तो आप इसको अपने ट्रेडिंग सिस्टम के अंदर इंक्लूड कर सकते हैं। और हमेशा याद रखिए कि सिक्योरिटीज मार्केट्स में इन्वेस्टमेंट हमेशा मार्केट के रिस्क के अधीन होता है। ठीक है? शुरू करते हैं अंश। ठीक है? सो आज हम थोड़ा वही एस पर सेबी गाइडलाइंस हम लोग पुराना चार्ट यूज़ करेंगे। ठीक है? लाइव चार्ट यूज़ नहीं करेंगे एजुकेशन पर्पस के लिए और हम समझेंगे कि स्कैल्पिंग को कैसे बेहतर करा जा सकता है। अब स्कैल्पिंग का मतलब होता है कि क्विकली हम एंट्री करें। क्विकली हम लोग एग्जिट कर जाए। अब देखो रील्स का जमाना है। मैं यही बोलता हूं हमेशा। तो सबको चाहिए कि जल्दी सब कुछ मिल जाए। मतलब आजकल आप देखोगे कि हमें रील्स भी कौन सी पसंद आती है? हमें रील्स पसंद आती है। 5 मिनट के अंदर कैसे पूरे दीवार का प्लास्टर कर दें। घर में जो है कैसे जो है आप खराब होते सामान को सही कर दें। तो उसी तरह से अभी ट्रेडिंग में भी ना हम लोगों को ऐसी रील्स देखना पसंद है कि जल्दी से रील्स के अंदर एंट्री हो जाए, एग्जिट हो जाए। बट समस्या क्या रील और रियल लाइफ में थोड़ा सा अंतर है। सो वो अंतर हमें समझना है। बट आई विल ट्राई कि जितनी देर में आपकी रील खत्म होती है उतनी देर में यानी कि जो मैक्सिमम टाइम होता है 3 मिनट में उतने ड्यूरेशन में हो सकता है आपको अपना सेटअप भी मिल जाए और आपको आगे का भी बेनिफिट मिल जाए। तो उसके लिए हम लोग क्या करेंगे? हम लोग टाइम फ्रेम यूज़ करेंगे 1 मिनट का। स्मालेस्ट टाइम फ्रेम यूज़ करेंगे। और सबसे अच्छी बात क्या होने वाली है? आज हम कोई इंडिकेटर नहीं यूज़ करेंगे। प्योर प्राइस एक्शन। अब होता क्या है? कि हमें पहले एक इंडिकेटर सीखना पड़ता है। इंडिकेटर सीखने के बाद हमने फिर उसकी साइकोलॉजी समझनी पड़ती है। जब हम इंडिकेटर के बारे में इतना जानते हैं, फिर उसको यूज़ कर पाते हैं। आपको सिंपली क्या पता होना चाहिए? ये चार्ट है। ये कैंडल स्टिक्स हैं। दैट्स इट। अगर आपको इतना पता है, मैं सीधे साइकोलॉजी पे चलूंगा। एक ऐसे पैटर्न की बात करूंगा जो पैटर्न अक्सर 1 मिनट के टाइम फ्रेम पर तो दिन में दो-तीन बार भी कभी-कभी बन जाता है। अक्सर एक बार बन ही जाता है हर एक स्क्रिप्ट में और नहीं भी बनता तो हमारे पास दो-तीन इंडेक्स होते हैं तो किसी ना किसी में बन ही रहा होता है और हमें बहुत बढ़िया तरीके से स्कैल्पिंग करने का मौका मिल जाता है। तीसरी अच्छी चीज क्या है कि ये इंडेक्स में भी काम करेगा, स्टॉक्स में भी काम करेगा और अगर आप इससे ऑप्शंस करना चाहते हैं तो ऑप्शंस में भी काम करेगा और इक्विटी इंट्राडे में भी काम करेगा। चलिए जल्दी से शुरू करते हैं और समझते हैं इस पैटर्न को। तो उसके लिए आपको क्या समझना पड़ेगा कि जो इंस्टीट्यूशनल मनी होती है वह एक्चुअली मार्केट में किस तरह से ट्रेडिंग करती है। उसको हमने थोड़ा सा समझ के यहां पर चलना पड़ेगा। हमें अक्सर ऐसा पता है कि जो हमारे स्टॉप लॉस होते हैं जो भी हम लोग स्टॉप लॉस लगाते हैं ट्रेड के अंदर वो स्टॉप लॉसेस कहीं ना कहीं इंस्टीट्यूशन मनी खाना चाहता है। क्यों खाना चाहता है? ऐसा हम लोग कई बार नहीं समझ पाते। बस हमें ये पता है खाना चाहता है। मतलब अलग-अलग नजरिए से लोग समझते हैं कि स्टॉप लॉस हंट करना चाहते हैं लोग। राइट? अगर हमें पता है कि स्टॉप लॉस को कोई खाना चाहता है। भले ही हमें पता नहीं है कि वह क्यों खाना चाहता है, खाना चाहता है, यह बात सबको पता है। तो, हम लोग आज इसी साइकोलॉजी का यूज़ करेंगे। हालांकि मैं बीच में आपको ओवरव्यू दूंगा कि वो स्टॉप लॉस क्यों खाना चाहते हैं। ये भी मैं आपको समझा कर चलूंगा। बट अगर आपको वो नहीं भी समझ में आता तो बेसिक सा तरीका ये है कि हम लोग इसी कांसेप्ट को यूज़ करेंगे कि हम देखेंगे कि जो इंस्टीट्यूशनल मनी होती है, ठीक है? जिसको आप लोग अलग-अलग नाम से जानते हैं। कुछ लोग इसको बैंक्स के नाम से जानते हैं। कुछ लोग पीएमएस के नाम से जानते हैं। म्यूच्यूल फंड्स होते हैं। एफआईआई, डीआईआई, वेल्स आजकल बड़ा ट्रेंडिंग वर्ड है। वेल्स बोलने लगे हम लोग। तो ये सब जो भी हैं। ठीक है? ये आपके स्टॉप लॉस खाते क्यों हैं? हंटिंग क्यों करते हैं? इस पे बात करेंगे। और इसके वजह से चार्ट पे बनने वाले एक ऐसे पैटर्न की बात करेंगे जिसको आपको बस समझना है। उसकी साइकोलॉजी को समझना है। एंड दैट कैन डू वंडर्स फॉर यू। अब वो वंडर्स कैसे होंगे? ये ये लोग कमेंट करके बताएंगे। ठीक है? तो बेसिकली है क्या कि जैसे मान लीजिए कोई भी सपोर्ट या रेजिस्टेंस होता है। लेट्स सपोज कि हमारे पास एक लेवल है। कोई की लेवल प्राइस लेवल है जिसको हमने लेट्स सपोज सपोर्ट बाय करके रखा हुआ है। और प्राइस जब नीचे आ रहा है इस तरह से तो अक्सर क्या होता है? हम लोग बाय करना चाहते हैं। अब लेट्स सपोज कि मैं एक रिटेलर हूं। मैं बाय करना चाहता हूं। अंश भी एक रिटेलर है। वह भी बाय करना चाहते हैं। एंड कोइंसिडेंटली इस प्राइस की या इस स्टॉक की या जो भी आप स्क्रिप्ट ट्रेड कर रहे हो, इंडेक्स कर रहे हो, फ्यूचर्स कर रहे हो, उसकी एक ऐसी न्यूज़ आई हुई है कि उसको सभी बाय करना चाहते हैं। पॉजिटिव न्यूज़ आई हुई है। तो आप भी बाय करना चाहते हो, मैं भी बाय करना चाहता हूं। और कहीं ना कहीं अगर हमें पता है वो अच्छा सपोर्ट है तो इंस्टीट्यूशन भी बाय करना चाहते हैं। है कि नहीं? तो अगर सभी लोग बाय करना चाहते हैं तो सेल कौन करेगा? अब देखो ट्रेडिंग तो ज़ीरो सन गेम है। ट्रेडिंग ज़ीरो सन गेम का मतलब यह है 10 किलो सामान खरीदा जाएगा तो 10 किलो सामान कोई ना कोई बेच रहा होगा। सही बात है? तभी तो आप 10 किलो सामान खरीदोगे। अगर कोई बेचने वाला ही नहीं है तो नहीं खरीदोगे। उसी तरह से अगर कोई स्टॉक है उसके मान लीजिए 1 लाख शेयर खरीदे जा रहे हैं तो कोई ना कोई वो 1 लाख शेयर बेच रहा है तभी वो खरीदे जा रहे हैं। अब अंतर ये हो सकता है 1 लाख शेयर जो खरीद रहे हैं उनकी संख्या 1000 हो सकती है और जो 1 लाख बेच रहे हैं वो एक आदमी भी हो सकता है 500 भी हो सकते हैं 5000 भी हो सकते हैं। कितने लोग हैं वो मैटर नहीं करता। बट क्वांटिटी हमेशा फिक्स रहेगी। हमें पता चला एक न्यूज़ आ गई है। कोई ऐसी को रमर पता चल गया है कि यह स्टॉक पंप हो सकता है और प्राइस गिरते हुए एक अच्छे की प्राइस लेवल पर आ रहा है जिसको हम लोग सपोर्ट सोच रहे हैं। सभी बाय करना चाहते हैं। तो सभी बाय करेंगे तो सेल कौन करेगा? क्वेश्चन ये है। दूसरा समस्या कि हम लोगों को तो बाय करना है ₹50, ₹1 लाख, ₹ लाख, ₹5 लाख एक रिटेलर यूजुअली कितने रुपए से बाय करता है? एक छोटे अमाउंट से लेके ₹1 लाख, 20 लाख, ₹1 करोड़ तक बाय करता है। लेकिन जो इंस्टीट्यूशनल मनी होती है वो कितने रुपए से बाय करती है? 100 करोड़, 200 करोड़, 500 करोड़, 1000 करोड़। उनकी बाइंग इस तरह की होती है। राइट? तो मोटा-मोटा सा आप ये समझिए कि यहां पे बहुत सारे लोग मिलकर लेट्स सपोज 2 लाख शेयर बाय करना चाहते। पूरे इंडिया में अलग-अलग रिटेलर्स हैं। सब मिलके 2 लाख शेयर बाय करना चाहते हैं। एक इंस्टीट्यूशन है उसको अकेले को ही 1.5 लाख स्टॉक बाय करने हैं। सब बाय करना चाहते हैं। सबको पता है ये स्टॉक ऊपर जाएगा। सबको पता है सपोर्ट यहां मैंने ड्रॉ कर रखा है। तो यहां से ऊपर जाना है। अब समस्या ये है बेचने वाला कोई नहीं है। तो होता क्या है? जैसे ही प्राइस यहां आता है तो अक्सर हमारी आदत होती है बिना कंफर्मेशन के बाय करना। मैंने जितना देखा कि एज अ बिगिनर ज्यादातर लोग यह ढूंढते हैं कि हमें कोई लेवल बता दे। रोज सुबह उठकर यह सोचते हैं कि हमें कोई लेवल बता दे। लेवल बताना पता करना तो बहुत अच्छी बात है। मैं भी कहता हूं आप ढूंढिए। बट उस पर प्राइस के आने के बाद बिना कंफर्मेशन के ट्रेड करना गलत बात है। मैं ऐसा बोलता हूं। ज्यादातर लोगों को क्या होता है? टाइम कम होता है, ऑफिसेस होते हैं, जॉब होता है, कॉलेज होता है, फुल टाइम नहीं कर रहे होते हैं। तो वो लोग सोचते हैं जैसे ही प्राइस इसके पास आया फिर बाद में टाइम मिले ना मिले उठा के यहां पर पोजीशन ले लो। कॉल ऑप्शन ले लो, इंट्राडे बाय कर लो। अक्सर लोगों की मेंटालिटी इस तरह की होती है। एटलीस्ट ऑर्डर डाल ही देते हैं यहां पे। ऑर्डर तो डाल ही देते हैं। कभी यहां पे बाय कर लिया जाए। तो अब सीन क्या है कि जब ये सारे लोग बाय कर रहे होते हैं। इस आदमी को पता है कि मुझे ₹1.5 लाख अगर बाय करना है यहां पे ₹1.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट सेल होने चाहिए। लेकिन सारे लोग क्या करना चाह रहे हैं? बाय करना चाह रहे हैं। तो ये करते हैं प्राइस को मैन्युपुलेट। ये प्राइस को इस तरह से मैन्युपुलेट करेंगे कि ये लोग बेचना शुरू कर दें। भाई अगर ये ₹1.5 लाख बेच देंगे तो ये लोग खरीद लेंगे। सिंपल सी बात है। अब क्वेश्चन ये आया कि ये बेचेंगे क्यों? जब इन्हें पता है जब इन्हें पता है कि बाय करना है सपोर्ट पर प्राइस है तो यह बेचेंगे क्यों है कि नहीं तो होता क्या है प्राइस को मैनपुलेट इस तरह से किया जाता है और आप सब लोग बताओगे कि ऐसा होता है कि नहीं कमेंट्स में प्राइस इस तरह से आता है यहां पे आपकी किसी एक स्ट्रेटजी से या एक अच्छी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाता है बुलिश इंग्ल्फिंग बन गई बुलिश हैमर बन गई कोई बुलिश हैमी पैटर्न बन गया या फिर आपका और इस तरह का कोई एक पैटर्न बन गया ज्यादातर लोग इस तरह से उसे बाय करने का प्लान कर लेते हैं। प्राइस हल्का सा ऊपर जाता है। ऊपर जाने के बाद हम लोग क्या करेंगे? अपना स्टॉप लॉस यहां लगा देंगे। इस लो के नीचे यूज़ली सभी लोग स्टॉप लॉस लगा देंगे। तो, यह क्या करते हैं? कुछ स्टॉक्स को यह बेच देते हैं रैपिडली जिससे प्राइस नीचे तेजी से आता है और इन लोगों को स्टॉप लॉस कर देता है। इसे बोलते हैं स्टॉप लॉस हंटिंग। अब ये जो स्टॉप लॉस हंटिंग है हम जो ध्यान नहीं देते वो क्या है कि जितने भी ये लोगों ने बाय किया था ये बयर थे। लेकिन इनका स्टॉप लॉस ऑर्डर ना एक सेल ऑर्डर होता है। भाई आपने 10 स्टॉक बाय किए। स्टॉप लॉस का मतलब है कि यहां जाने पर मेरे स्टॉक बिक जाए। >> तो स्टॉप लॉस कैसा ऑर्डर है? एक सेल होल्डर है। तो जितने लोग यहां पर बयर थे वो इसी जगह पर क्या हो गए? सेलर हो गए। >> अगर यह सेलर हो गए तो बायर कौन है? >> इंस्टीट्यूशन >> इंस्टीट्यूशन मनी। तो अब आप समझे कि ये स्टॉप लॉस हंटिंग होती क्यों है? तो ये जो इंस्टीट्यूशनल मनी होती है ये कोई जानबूझकर हमारे स्टॉप हंट नहीं करता। इसकी मजबूरी है कि ये कैसे बाय करें? इसको बाय करने के लिए चाहिए 1.5 लाख लोग सेल करते हैं। तो ये क्या करता है? है यहां पर स्टॉक हंटिंग करता है। अब लेट्स सपोज कि यहां पर जो स्टॉप लॉस लगे हुए थे वो 1 लाख ऑर्डर के ही थे और इन्होंने जो बाय करने की कोशिश करी अब सारे तो यह भी बाय नहीं करेगा। इन्होंने 80,000 इन्होंने बाय कर लिए क्योंकि मार्केट में और भी तो पार्टिसिपेंट है बाय करने के लिए लेकिन इनको कितने बाय करने थे? >> 1.5 >> हुए 80,000 ही हैं। तो ये क्या करेंगे? इनको पता है मेरी एंट्री अभी फिल नहीं हुई है। ये प्राइस को और मैनपुलेट करेंगे। आगे बढ़ने से पहले एक कॉमन मिस्टेक जो मैं अक्सर इंट्राडे ट्रेडर्स को करते हुए देखता हूं वह होती है सुबह मार्केट ओपन होते ही चार्ट ओपन करना और जल्दी से कोई ना कोई ट्रेड लेने की तैयारी शुरू कर देना और एंड रिजल्ट इसका क्या होता है अक्सर निराशा ही हाथ लगती है। 90% ट्रेडर्स अक्सर इसी वजह से फेल होते हैं। अगर आपको भी यह कंफ्यूजन रहता है कौन सी ट्रेड लेनी है, कौन सी ट्रेड अवॉइड करनी है तो इस सबका स्यूशन आपको मिलेगा एक प्रॉपर ट्रेडिंग सिस्टम के साथ ही। अब सर्च पर मेरा एक इंट्राडे ट्रेडिंग का कोर्स है जो कि आपको मदद करेगा एक प्रॉपर ट्रेडिंग सिस्टम बनाने में और साथ ही इस कोर्स के अंदर आप लोग सीखेंगे दो पावरफुल ट्रेडिंग स्ट्रेटजीस एक बुलिंजर बैंड और आरएसआई डायवर्जेंस के साथ दूसरा ईएमए के साथ प्राइस एक्शन का टॉप सीक्रेट स्ट्रेटजीस के साथ आप लोगों को सीखने को मिलेगा रिस्क मैनेजमेंट एंड कैपिटल प्रोटेक्शन की स्पेसिफिक टेक्निक्स। तो सोचो अगर आप एक प्लान के साथ डेली ट्रेड करोगे तो आपको रैंडम सिग्नल्स के पीछे भागने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। तो डिस्क्रिप्शन में दिए हुए लिंक से इस कोर्स को जरूर चेक आउट करो और अब हम चलते हैं वापस से अपनी वीडियो पर और फिर से देखेंगे स्टॉप लॉस कहां लगे हुए हैं। लेट्स सपोज अब लोगों ने स्टॉप लॉस यहां लगाने शुरू कर दिए तो यह प्राइस को एक बार और नीचे लेके आएंगे और यह काम जब तक चलता रहेगा जब तक इनके 1.5 लाख स्टॉक्स लगभग इस सपोर्ट के आसपास बाइंग ना हो जाए। ठीक है? इसी को बोलते हैं प्राइस मैनपुलेशन या स्टॉप लॉस हंटिंग। अब यह जो फिनोमिना हो रही है, इस फिनोमिना को पकड़ना आंखों से थोड़ा सा मुश्किल काम है। मेरे लिए भी और आपके लिए भी। या तो हमारे पास कोई ऐसा टूल हो जहां से हमें सारे ऑर्डर्स पता चल जाए। हमें कोई बता दे कि ये बाय करने वाले हैं। ऐसी इंसाइडर इनफेशन मिल जाए। अब इंसाइडर इनफेशन करना सेबी के हिसाब से स्टॉक मार्केट में गलत है। तो आप ये कर ही नहीं सकते। पहली बात और वैसे भी आपको तो पता चलने वाला है भी। >> सो वो ऑर्डर फ्लो एनालिसिस करके कुछ होता है। राइट? >> या नहीं देखो होते तो बहुत सारी चीजें हैं। बट ऑर्डर फ्लो एनालिसिस में आपको ये नहीं पता ना कि इंस्टीट्यूशन के ऑर्डर है कि नहीं। क्या पता वो फोक ऑर्डर लगा रहे हो जैसे ही पाई इसको मैनपुलेट करने के लिए वहां पर ये एक रेस्ट्रिक्शन आ जाता है। ठीक है? तो अब इस चीज को पकड़ने के लिए मैं आपको एक कांसेप्ट समझाऊंगा। एक पैटर्न समझाऊंगा जिससे आप इस चीज में थोड़ा बहुत बेहतर कर सको और आपको समझ में आए कि ये जो हो रहा है ये है क्या और इसको यूज़ कैसे करा जा सकता है। तो बेसिकली मैं इसको बोलता हूं थ्री ड्राइव पैटर्न। ठीक है? सो थ्री ड्राइव पैटर्न के अंदर क्या होता है कि जभी भी आपके किसी मेन सपोर्ट या रेजिस्टेंस के पास आपको इस तरह से दो बार स्टॉप हंट मिले। जैसे यहां पर मान लीजिए आपका कोई सपोर्ट जोन था। ठीक है? लेट्स सपोज आपका यहां पर कोई सपोर्ट जोन है इस जगह पर इस तरह से। ठीक है? कोई हाई टाइम फ्रेम आपने सपोर्ट बनाकर रखा हुआ है। तो बेसिकली इस जगह पर क्या होता है? प्राइस आया इसके आसपास एक ऐसा कुछ पैटर्न बनाया जिससे लोग बाय करना शुरू कर दें। प्राइस ऊपर गया एंड देन यहां पर इनको एक बार स्टॉप हंट कर दिया। इसके बाद वापस ऊपर गया। लोगों ने फिर से बाय करना शुरू किया। प्राइस नीचे आया। फिर से इसको स्टॉप हंट कर दिया। तो मैं इसको बोलता हूं एक ड्राइव, दो ड्राइव और यह तीसरी ड्राइव। ठीक है? तो जभी भी प्राइस ऐसे करके मिनिमम दो बार स्टॉप हंट कर दे तो आपको क्या करना है? अभी तक कुछ नहीं करना है क्योंकि हमें अभी तक नहीं पता कितनी बार वो स्टॉप हंट करेगा। हमने क्या करना होता है? वेट करना होता है मार्केट स्ट्रक्चर के शिफ्ट होने का। अब मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट होने का मतलब है मार्केट स्ट्रक्चर अभी बना हुआ है डाउन साइड का। तो प्राइस किसी इंपॉर्टेंट हाई को ब्रेक कर दे। वो इंपॉर्टेंट हाई जिसके वजह से यह लास्ट वाला लो ब्रेक हुआ था। तो या तो वह यहां कहीं होगा क्योंकि इस जगह पर प्राइस ऐसे ऐसे आया होगा। सही बात है? तो या तो वो यहां होगा नहीं तो यह वाला होगा। सिंपल एज दैट। तो यहां पर अब आपका कोई भी हाई अगर ब्रेक हो रहा है तो वो कैसे होगा? वो आपका कुछ इस तरह से ब्रेक होगा कि प्राइस ऐसे जाएगा और इसको ब्रेक कर देगा। सही बात है? >> जब ये ब्रेक हो जाए ये एक साइन होता है साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ एसओएस। ठीक है? तो साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ क्या है? कि प्राइस अगर आप देखोगे इस हाई को ब्रेक नहीं कर रही थी। इस हाई को भी अभी तक ब्रेक नहीं किया था। नीचे चला गया था। लो ब्रेक कर रही थी। एंड इमीडिएटली प्राइस ने क्या किया? हाई को ब्रेक कर दिया। दिस इज कॉल्ड मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट। तो आपको क्या करना है? जभी भी दो बार स्टॉप हंट हुआ हो किसी हाई टाइम फ्रेम प्राइस लेवल के आसपास प्राइस जैसे ही मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट करता है। नाउ यू नो कि जो इंस्टीट्यूशन थे उनके जो एंट्री थे जो उन्हें वो ₹1.5 लाख बाय करने थे वो मोर लाइकली हाई प्रोबेबिलिटी है कि वो कंप्लीट हो चुके हैं। अब अगर वो कंप्लीट हो चुके हैं तो अब प्राइस को कहां जाना चाहिए? ऑब्वियसली क्योंकि अब कोई ऐसा नहीं है जो प्राइस को मैनपुलेट करके एंट्री करेगा एंड देन प्राइस मोर लाइकली टू गो लाइक दिस। तो हम क्या करेंगे? यह जो लेवल है इसके आसपास इस ज़ोन में हम लोग अपनी एंट्री प्लान करेंगे इस जगह पर या यह ज़ोन अगर इस लेवल के पास है जो हाई टाइम फ्रेम आपका या मेन सपोर्ट था और अच्छी बात है। आपकी एंट्री ज़ोन में है तो और अच्छी बात है। बट इस हिस्से से लेकर इस हाई के बीच में इस जगह पे आपको कहीं भी एंट्री मिलती है तो आप एक अच्छी एंट्री ले रहे हो। इसके नीचे आप अपना अब स्टॉप लॉस लगाओगे। अब आप एक ऐसी जगह स्टॉप लॉस लगा रहे हो जहां पे अब प्राइस के जाने का कोई कारण नहीं बचा। क्वेश्चन यह होता है कि सर जब यहां लगाया स्टॉप लॉस उड़ गया। यहां लगाया स्टॉप लॉस उड़ गया तो इस बार ऐसा करते हैं स्टॉप लॉस लगाते ही नहीं है। उड़ेगा कैसे? बट ऐसा नहीं करना है क्योंकि अगर प्राइस नीचे गिर गया तो आपका लॉस बड़ा हो जाएगा। हम यहां पर अब स्टॉप लॉस इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि हमें एक कंफर्मेशन मिल गई है कि प्राइस ने हाई ब्रेक कर दिया है। तो अब प्राइस के नीचे आने का कोई खास कारण बचा नहीं है। इसलिए हम स्टॉप लॉस इसके नीचे लगाएंगे। और जो भी इस हाई से लेकर इस लो के बीच की डिस्टेंस है यानी कि आपके स्टॉप लॉस की डिस्टेंस है इससे मिनिमम 1:1 हम लोग पहला टारगेट प्लान करेंगे टारगेट वन और दूसरा टारगेट हम लोग प्लान करेंगे जहां से ये ड्रॉप शुरू हुआ था वो हाई टारगेट टू अभी मैं लाइव प्राइस पे समझाऊंगा तो आपको ज्यादा समझ में आएगा क्लियर हो गया इसी को बोलते हैं थ्री ड्राइव कभी-कभी इसमें आपको फोर ड्राइव भी मिल सकता है कि प्राइस एक और बार इसको हंट करने चला जाए और फिर हाई ब्रेक करे लेकिन जब तक हाई ब्रेक नहीं करेगा पिछला आपको ये ट्रेड नहीं करना है आपको मैं एग्जांपल से समझाता हूं तो आपको ज्यादा क्लेरिटी मिलेगी। तो हम लोग इसके लिए छोटा टाइम फ्रेम यूज़ कर रहे हैं। एंड एज़ आई सेड कि हम लोग ओल्ड डाटा यूज़ कर रहे हैं। हम लोग 1 मिनट का चार्ट यूज़ कर रहे हैं। तो डाटा बहुत ही ज्यादा पुराना हो जा रहा है। लेकिन मैं फिर भी आपको मार्क करके बताना चाहूंगा कि हो सकता है ये पूरा 90 डेज ओल्ड डाटा ना हो क्योंकि 1 मिनट पर इतना पुराना डाटा अवेलेबल अभी सॉफ्टवेयर्स में नहीं होता है। तो इसलिए हम उसे यूज़ कर रहे हैं। हालांकि एज अ आर मैं लाइव प्राइस डाटा भी यूज़ कर सकता हूं क्योंकि इसकी रिसर्च रिपोर्ट भी मैंने पब्लिश कर रखी है। सो अब हम क्या करेंगे? प्राइस देखते हैं। थोड़ा पीछे आ गए हैं। ठीक है? अब जैसे यहां पे प्राइस हमें थोड़ा साफ सा दिखाई दे रहा है। हम लोग यहां पर 1 मिनट का चार्ट यूज़ कर रहे हैं। तो हम लोग किसी भी तरफ से देख सकते हैं। उधर से शुरू करते हैं। प्राइस ऊपर से नीचे आ रहा है। आ रहा है। लोअर राइज़ लो। >> उसके बाद प्राइस गया नीचे ब्रेकआउट कर दिया। नीचे जा रहा है। नीचे जा रहा है। यहां पर देखोगे आपने नीचे प्राइस आया। फेक आउट किया। थोड़ा सा ज़ूम आउट करके हम लोग यहां पर करेंगे। प्राइस ने देखो इसके नीचे ये स्टॉप हंट किया। स्टॉप हंट का मतलब होता है फेक आउट। हमें पता है यह फेक आउट। सिंपल सा सभी को पता है। अगर विक नीचे लगी है तो फेक आउट है। प्राइस ने एक बार स्टॉप हंट किया और एक हाई बनाया। सही बात है? प्राइस अब इसके नीचे जब आया तो देखो ब्रेक करके नीचे ही चला गया। इसीलिए हम लोग स्टॉप लॉस पहले नहीं लगाएंगे और जभी भी हमारा ड्राइव का पैटल बनेगा तो लगाएंगे जरूर क्योंकि कभी हम गलत हो और प्राइस ऐसे ना गिर जाए। तो स्टॉप लॉस लगाना इसलिए जरूरी है। नीचे चला। ठीक है? प्राइस ऊपर जाने लगा। ठीक है? तभी यहां पर देखो आप थोड़ा सा। ये देखिए प्राइस ऊपर से नीचे आया। हम >> ठीक है? अब आप देखो यहां पर प्राइस ने इसके नीचे एक फेक आउट किया जो ये कंसोलिडेशन था इसके नीचे एक फेक आउट किया ये देखो ऐसे सही है क्या इसके ऊपर ब्रेकआउट दिया नहीं दिया ठीक है लेकिन प्राइस इसके नीचे फिर से स्टॉप लॉस लेने आ गया अब प्राइस ऊपर गया क्या इसके ऊपर ब्रेकआउट दिया यस >> करेक्ट ब्रेकआउट दे दिया बस हमें यही देखना है अब आप बोलेंगे कि सर ये तो एक बार में समझ में नहीं आएगा तो मैंने क्या बोला प्रैक्टिस करने से आएगा अभी और सेटअप देखेंगे और क्लीन दिखाई देगा तो आपको और अच्छा समझ में आएगा। ठीक है? तो एक बार दो बार हुआ ब्रेकआउट। इसके बाद यह हाई ब्रेक हुआ। ब्रेक होने के बाद हम लोग एंट्री कहां प्लान करेंगे? इस लेवल के पास कहीं पर भी। क्लियर? तो यहां कहीं हम अपनी एंट्री प्लान करेंगे। स्टॉप लॉस हम लोग नीचे रखेंगे और मिनिमम 1: वन टारगेट करेंगे। एक बार इस टू रिवॉर्ड टूल से देख लेते हैं। क्या टारगेट तक प्राइस गया है कि नहीं गया है। यह रहा हमारे पास टूल। प्राइस ने यह वाला हाई ब्रेक करा। ठीक है? हमारा स्टॉप लॉस इस लो के नीचे रहेगा। हमेशा थोड़ा सा दूरी पर रखेंगे जिससे कि कभी स्प्रेड की वजह से हम आउट ना हो जाए। ठीक है? हल्का सा दूरी पर रखेंगे। इस तरह से मान लीजिए यहां पर। ठीक है? थोड़ा सा दूरी पर रखा और मिनिमम 1:1 पर हम अपना पहला टारगेट प्लान करेंगे। हमारा 1:1 हो गया है। 1.24 दिख रहा है। आप देखोगे यहां पे लगभग आपका पहला टारगेट हो गया है। राइट? उसके बाद हमने दूसरा टारगेट कैसे प्लान करना है? अपने स्टॉप लॉस को ले आना है एंट्री के पास और ट्रेल करना है उस हाई तक। ठीक है? फिर हम लोग अपना ट्रेल करेंगे कि मार्केट क्या यहां जाता है कि नहीं जाता है और अपने स्टॉप लॉस को हम लोग एंट्री के पास लेकर आ जाएंगे। हम अब देखते हैं यहां पर आप देखोगे कि प्राइस ने आके वापस से आपको ब्रेक इवन कर दिया। तो आपका आधा पोजीशन पर वन ऑवर बुक हो गया। आधा आपका ब्रेक इवन हो गया। तो आप ओवरऑल प्रॉफिट में रहे। लॉस में आप नहीं रहे इस तरह से। ठीक है? चलिए और एक दो एग्जांपल देखते हैं। यहां देखो आप बिल्कुल वैसे ही पैटर्न। अब आप देखो ये 1 मिनट का चार्ट है। मैं ज़ूम करके दिखा रहा हूं। अब आप देखो प्राइस यह देखिए प्राइस नीचे आ रहा यह आप कंसीडर कर लो चाहे यह कर लो कैसे भी कर लो मैं दोनों को ही करते हुए ले लेता हूं एक लो ब्रेक हुआ ठीक है ऐसे समझते हैं एक लो ब्रेक हुआ करेक्ट >> प्राइस ऊपर जाने लगा अब देखो यहां पे कितनी सारी ऐसी कैंडल स्टिक बनती है जिसमें हमें लगता है ग्रीन ग्रीन हो रहा है क्योंकि हमारे साइकोलॉजी से उन्हें खेलना है। राइट? हम लोग यहां बाय करने का सोचते हैं। स्टॉप लॉसेस इसके नीचे लगाते हैं। प्राइस क्या करेगा? ये हाई ब्रेक नहीं करेगा। वापस से नीचे स्टॉप लॉस लेने आ जाएगा। प्राइस नीचे आ गया स्टॉप लॉस लेने के लिए। फिर से जो है कैंडलस्टिक इस तरह की बनी। कुछ बुलिश इनंगल्फिंग टाइप बनी। यह देखो डोजी बन गई। रिवर्सल पैटर्न्स जिसको हम बोलते हैं। राइट? प्राइस हम लोगों ने फिर से बाय करना शुरू किया। हमने कंफर्मेशन का वेट नहीं किया। कंफर्मेशन कहां थी कि ये हाई ब्रेक होना चाहिए। क्या ये हुआ? नहीं। हमने स्टॉप लॉस लगाए। प्राइस ने क्या किया फिर से? तो यहां पर हमारे पास चार ड्राइव बन गई। देखो 1 2 3 4 बन गई। कोई बात नहीं। मैंने आपको बोला पैटर्न अक्सर तीन बनाता है। लेकिन जब तक उसकी पूरी क्वांटिटी फिल नहीं होगी वो ये काम बार-बार करता रहेगा। तो हमें क्या होशियारी दिखानी है? मार्केट स्ट्रक्चर के शिफ़्ट होने का वेट करना है। दैट्स इट। मार्केट ने फिर फ़ाइनली यहां पर यह हाई ब्रेक कर दिया। कर दिया। अब हमें इस हाई के आसपास या इससे नीचे एंट्री प्लान करनी है। आप देख रहे हो एंट्री आई है यहां पर। स्टॉप लॉस हमारा इसके नीचे ही चला जाएगा। क्या मुझे रिस्टोर बोर्ड लगाने की जरूरत है कि यह वन ऑवर हुआ कि नहीं। ठीक है? सेम हमने वन ऑवर पर अपना टारगेट बुक कर लिया। अपना स्टॉप लॉस ब्रेक इवन ले आए और जहां से यह सेटअप शुरू हुआ था। यानी कि यहां तक हम अपना टारगेट टू प्लान करेंगे कि प्राइस यहां तक चला जाए। अब देखो वापस से मार्केट जो है आपका गिर के ब्रेक इवन आपको कर दिया। तो ब्रेक इवन कितनी बार कर दिया वह मैटर नहीं करता। बट जभी भी आपको इस तरह से सेटअप मिलेगा उससे आपका रिस्क टू रिवॉर्ड बेहतर होगा। ठीक है ना? क्योंकि इस तरह से देखो अगर मार्केट यहां से यहां चली जाएगी तो ये ट्रेड आपके लिए तीन आवर की बन जाएगी। >> कम से कम कभी चार की बनेगी, कभी पांच की बनेगी। तो हमें क्या करना है? हमें जो है युद्ध नहीं जीतना है। हमें लड़ाईयां जीतनी है। युद्ध खुद ब खुद जीता जाएगा। महाभारत देखो महाभारत में क्या था? महाभारत 18 दिन चला लेकिन उसका हर एक दिन अपने आप में एक बहुत बड़ी बैटल है। महाभारत इतना बड़ा युद्ध क्यों माना जाता है? क्योंकि उसके एक दिन के अंदर इतना ज्यादा युद्ध है जो कि बहुत बड़ी-बड़ी बैटल्स पूरी-पूरी होने में भी नहीं हो पाया। राइट? तो बिल्कुल वैसा ही ट्रेडिंग है कि एक बार बड़ा कमाने का मत सोचो। छोटा-छोटा कमाते रहो। देन देयर विल बी डज़। कुछ ऐसे दिन आएंगे जिसमें ये आपका बड़ा आर निकलेगा और वो आपके सारे स्टॉप लॉसेस को भी कवर करते हुए चलेगा। सो दिस इज़ हाउ यू स्टार्ट लुकिंग इंटू इट। और आपके लिए सबसे अच्छी चीज क्या है कि एज अ बिगिनर बहुत नई स्टेज पर भी आप इस चीज को समझ और याद कर सकते हो। आपको कोई और इंडिकेटर याद करने की जरूरत नहीं है। एंड एज आई सेड आप इसको इंडेक्स स्टॉक्स किसी में भी यूज कर सकते हैं। तो अंश ये थी हमारी आज की स्कैल्पिंग स्ट्रेटजी। आई होप बहुत आसान थी और आपको समझ में आ गई होगी। सर मुझे समझ में आई पर मेरे कुछ क्वेश्चंस हैं। >> हां जी प्लीज वही। पहला क्वेश्चन मेरा ये है कि आपने ये प्योर प्राइस एक्शन के ऊपर बताइए। राइट? क्या इसके अंदर कोई इंडिकेटर्स लगा के किसी भी तरह के चाहे ट्रेंड फॉलोइंग इंडिकेटर्स हो चाहे कोई ऑसिलेटर्स हो वो लगाकर इसके अंदर थोड़ा ज्यादा कंफर्मेशन कर सकते हैं या फिर उसकी एंट्री और एग्जिट हम एकदम जिस बिना जजमेंट का काम हो उस तरह का कर सकते हैं हम लोग >> मैं वही बताता हूं जब मैंने सबसे पहली बार दाल बाटी चूरमा खाया था। सो दाल बाटी सुरमा के अंदर मेरी नानी ने बनाया था। बहुत आसानी से उन्होंने गुड़, रोटी, घी लगाकर गांव में नानी के यहां गए थे। बचपन में खिलाया और मुझे बहुत पसंद आया। धीरे-धीरे क्या हुआ? मेरी मम्मी ने मुझे खिलाना शुरू किया। उन्होंने क्या किया कि बहुत पहले की मैं बात कर रहा हूं जब घर में होते थे छोटे होते थे। तो घर में हमारे कुछ बहुत ज्यादा ड्राई फ्रूट्स तो नहीं होते थे। उन्होंने किशमिश डालनी शुरू कर दी। फिर मेरी दीदी लोग बड़े हुए। हम लोग बड़े हुए, घर थे ठीक-ठाक हो गया। अब उसमें काजू भी डलता है, बादाम भी डलता है। तो ड्राई फ्रूट्स डलते चले गए। तो आप बिल्कुल वैसी ही चीज कह रहे हो। दिस इज द रो, जो मैंने आपको समझाया, यह फाउंडेशन है। अब आप इसके अंदर कितना भी श्रृंगार दान कर सकते हो कैसे? आप इसमें सिंपली क्या कर सकते हो? आप इसके साथ कोई भी एक इंडिकेटर नीचे लगा सकते हो। क्या लगा सकते हो आप इंडिकेटर में? वॉल्यूम, आप लगा सकते हैं आरएसआई, आप लगा सकते हैं एमएसीडी, आप लगा सकते हैं स्टॉकस्टिक आरएसआई। और आप ये चार मैं बता रहा हूं और भी होंगे। आप ये चारों इंडिकेटर लगाइए और बस इन चारों में से किसी के भी साथ सिंपल सा डायवर्जेंस देखना शुरू कर दीजिए। अब यह मैं इनके ऊपर छोड़ता हूं। किसी को काजू पसंद है, किसी को पिस्ता पसंद है, किसी को बादाम पसंद है, जो आपकी मर्जी वो इसमें डालिए और इस स्ट्रेटजी को बेहतर बनाइए। >> अच्छा एक क्वेश्चन मेरा और था। >> जी। >> सर यहां पे हमने देखा कि आपने मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट वगैरह के बारे में बताया। राइट? कि एक तरह से जो लोअर हाई, लोअर लोस थे उसकी जगह अब हायर हाई, हायर हाई बनने लगे हैं। एंड दैट इज़ बेसिकली व्हाट मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट इज़। अगर हम इसको ध्यान से देखें तो ये एक तरह से हमारे लिए यह पैटर्न ही तो बन रहा है। जिसको हम कहते हैं हेड एंड शोल्डर पैटर्न। >> अच्छा। >> ओके। करेक्ट। अब हम एक तरफ तो पैटर्न्स को इग्नोर कर रहे हैं जो कि बन रहे हैं हमारे डोजीस एंगल्फिंग्स क्योंकि अब आपने जैसा कहा था कि कोई भी लेवल के ऊपर जब मार्केट आता है तब हम ये सारे पैटर्न्स देखते हैं और बिना कंफर्मेशन के ट्रेड करते हैं। बट ये जो डोजी है ये जो बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न यहां पे बनता है। करेक्ट? ये भी तो एक कंफर्मेशन का पैटर्न ही है। बिल्कुल। मतलब प्राइस एक्शन के बेस पर जब आपको डोजी दिखता है और बुलिश एंगल्फिंग दिखता है तो इसका हाई जब ब्रेक होता है तब यूजुअली ट्रेड किया जाता है। क्यों? क्यों? क्योंकि इसको एक तरह का कंफर्मेशन माना जाता है प्राइस के अकॉर्डिंग। ठीक है? करेक्ट? हम इनको इग्नोर कर रहे हैं। एक तरह से ईस्टर्न पैटर्न्स को इग्नोर करके एक तरह से वेस्टर्न पैटर्न्स के ऊपर फोकस करके हम ट्रेड कर रहे हैं। >> सो देखो मैं आपको बताता हूं। जैसे हम पहले पैटर्न की बात करते हैं। तो आपने जो पहला पैटर्न बताया हेड एंड शोल्डर वो आपको एक्सजेक्टली यहां पर दिखाई दे रहा है। पहली बार हर जगह पे नहीं दिखाई देगा। जैसे पहले वाले एग्जांपल में शायद ये नहीं दिख रहा था। यहां पे कोई खास हेड एंड शोल्डर हमें बनता हुआ नहीं दिख रहा था। ठीक है? तो पहला चीज तो ये है कि ये पैटर्न आपको हर बार नहीं दिखाई देगा। हेड एंड शोल्डर की तो बात रही है। दूसरा पॉइंट क्या है आपका कि चाहे वो हेड एंड शोल्डर हो, चाहे वो डोजी हो। अल्टीमेटली वो एक पैटर्न्स हैं जिसके हिसाब से हम लोग डिसीजन लेते हैं। एक्चुअली मैं पैटर्न्स ज्यादा यूज़ क्यों नहीं करता हूं या इनको कंफर्मेशन क्यों नहीं मानता हूं? पॉइंट के जो मैं आपको क्वेश्चन समझ पा रहा हूं वो ये है कि हम जो पैटर्न्स है उनको कंफर्मेशन क्यों नहीं मान रहे? हम पूरा स्ट्रक्चर शिफ्ट होने का वेट क्यों कर रहे हैं? उसका रीज़न क्या है कि ये जो पैटर्न है ना जैसे मैं आपको बताता हूं। देखो मान लीजिए ये कैंडल स्टिक है। जैसे कि ये वाली एक कैंडल स्टिक है। आप बताइए आपके हिसाब से ये कैंडल स्टिक का पैटर्न का नाम क्या है? करंट मिक्स हो गए। >> शूटिंग स्टार जैसा भी है। डोजी भी है। मेरे हिसाब से ये स्पिन टॉप है। क्या मैं गलत कह रहा हूं? >> करेक्ट। >> सही बात है। >> करेक्ट। >> अब आप सोचिए एक ही कैंडल स्टिक को जैसे आपने दो तीन नाम बताए। हो सकता है तीन लोग अलग-अलग नाम से जान रहे हो। कोई इसको डोजी समझ रहा है। कोई इसको स्पिंडोस समझ रहा है। कोई इसको शूटिंग स्टार समझ रहा है। करेक्ट? सही बात है? इसी तरह से एक और एग्जांपल ले लेते हैं। जैसे कि ये वाली जो कैंडल स्टिक है ये बताइए इसका नाम क्या है? >> ये हैंगिंग मैन है। >> करेक्ट हैंगिंग मैन है। लेकिन हो सकता है कोई इसको बुलिश हैमर देख रहा हो। राइट? बुलिश हैमर भी बिल्कुल ऐसी होती है कि हमारा जो बॉडी होता है ऊपर ये और ये बस वो सपोर्ट पर होती है रेजिस्टेंस पर। इस वजह से आपने उसको नाम दिया। करेक्ट। >> मेरा पॉइंट इतना सा है कि ये सारी चीजें ना अब जैसे मान लीजिए मैंने ट्रेडिंग सीखी। मैं इसका नाम रख देता हूं अभी प्रियांक और इसका नाम रख देता हूं अंश कि ये अंश है और यह प्रियांक है। सो अल्टीमेटली ये सारी चीजें अजम्शन है। दीज़ आर नॉट फ़क्चुअल डेटा। तो ये अजमशन वाली चीज है और ये रटने वाली चीज है। अब चाहता तो मैं आपको थ्री ड्राइव पैटर्न में ये बोल सकता था कि जभी भी आपको ये एग्जैक्ट स्ट्रक्चर दिखाई दे तो यहां पे बाय कर लीजिए। आई कुड हैव टोल्ड यू दिस। तो ये और हेड एंड शोल्डर या फिर फॉलिंग वेज मे बी आप इसको फॉलिंग वेज भी बना सकते हैं। एक तरह से देखें तो या बेरिश चैनल बना सकते हैं। >> बॉटम भी बन जाएगा। >> डबल कुछ भी बना सकते हैं। आप समझ ट्रिपल बॉटम बना सकते हो आप इसका। तो मैं भी इसको आपको ऐसे ही सिखा सकता था। लेकिन मैंने आपको ऐसा नहीं सिखाया। बिकॉज़ आई वांटेड टू गिव यू द रीज़न बिहाइंड ऑफ दिस मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट। कि वहां पे जो स्टॉप पॉइंट हुआ वो क्यों हुआ? मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट हुई तो क्यों हुई? और मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट होने के बाद प्राइस अगर ऊपर गया तो क्यों गया? >> राइट? आर यू गेटिंग द डिफरेंस? सो, यहां पे मैं आपको फैक्ट्स के साथ ले जा रहा हूं। नॉट द एजंपशन। तो दैट्स व्हाई मैं अजमशन वाले किसी भी पैटर्न को कभी कन्फर्मेशन कंसीडर नहीं करता। और देखा जाए तो एक तरह से यह जो डबल टॉप डबल बॉटम है या फिर हेड एंड शोल्डर है यह भी आपको एक तरह से मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट का ही इंडिकेशन दे रहे होते हैं। हर एक चीज आपको वही दे रहे हैं। ब्रेकआउट नेक लाइन ब्रेक होगी वो अल्टीमेटली एक ब्रेकआउट होता है। लेकिन जब वो ब्रेकआउट हो रहा है या फेल हो रहा है तो हमें ये नहीं पता वो क्यों हो रहा है। अल्टीमेटली हम उसको अस्यूम करके रट रहे हैं। सो बस मेरा जो तरीका है प्राइस को समझने का वह उसमें अंतर यही है कि प्राइस जो भी कर रहा है वह क्यों कर रहा है मुझे यह पता होना चाहिए रादर देन मैं इसको रट लूं या याद करके रख लूं कि अगर बुल फ्लैग बना हुआ है तो ऊपर जाएगा और अगर बेरिश फ्लैग बना हुआ है तो नीचे जाएगा। एक सर कोई स्टॉप लॉस जिसके अंदर हिट हुआ वो वाला एग्जांपल देखते हैं >> ठीक है स्टॉप लॉस बिल्कुल होते हैं >> क्योंकि ये दोनों सक्सेस वाले एग्जांपल थे एक >> देखिए मैंने तो आपके सामने लाइव ही देखा तो बिल्कुल इसमें स्टॉप लॉस तो ऐसा दुनिया का कोई स्ट्रेटजी नहीं है जिसमें स्टॉप लॉस ना होता हो तो हम लोग देख लेते हैं कोई एग्जांपल जिसके अंदर स्टॉप लॉस दिखाई दे रहा हो >> सो मतलब एक तरह से ये स्ट्रेटजी की पावर यहां पे भी दिखती है कि जहां पर हमको स्टॉप लॉस ढूंढने में दिक्कत आ रही है और सर हर एक को देख के बोले जा रहे हैं कि इसमें भी टारगेट हिट हुआ है इसमें भी टारगेट हिट हुआ है >> देखिए बिल्कुल कोई ऐसी दुनिया में स्ट्रेटजी नहीं है। अब देखिए यहां पे भी टारगेट हिट हुआ है। यहां पे भी टारगेट ही है। एक दो तीन टारगेट हिट हुआ है। सो समस्या है। >> यस दिस इज़ द वन। >> हां देखिए अब मैं आपको वही बता रहा हूं। यहां पे ब्रेकआउट ही नहीं हुआ। >> दिस कैंडल इज़ अ ब्रेकआउट। >> नो नो नो देखिए मैं आपको दिखाता हूं। >> दैट्स द मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट। ये देखिए। >> ये वाला। अब मैं इसको क्यों ले रहा हूं? इसको क्यों नहीं ले रहा हूं? क्योंकि ये इसने स्टॉप फंड नहीं किया। देखो >> यू गॉट इट। समझा। >> तो ये इसलिए नहीं है। जिसने आपका लो लिया आप उसके बाद हाई ब्रेक करते हो ना। अब इससे पहले बताइए हाई कौन सा है? ये वाला है। >> करेक्ट। >> तो या तो ये हाई ब्रेक हो >> या तो ये वाला हाई ब्रेक हो। अब दोनों ही नहीं हुए हैं। बहुत ज़्यादा स्टॉप लॉस दिख रहे होंगे तो मैं आपको स्ट्रेटजी सिखाऊंगा ही नहीं। सो देखते हैं। अच्छा हां एक एक जगह मैं आपको थोड़ा बता सकता हूं कहां अक्सर स्टॉप लॉस हो जाते हैं। ये एक तरह से रिवर्सल पैटर्न है क्योंकि हम लोग पलट के देख रहे हैं। अगर कभी ये सेटअप आपको कंटीन्यूएशन में दिखाई दे रहा हो तब चांसेस होते हैं स्टॉप लॉस होने के। अब वो हमें पता करने के लिए बहुत सारी चीजें हमें सीखनी पड़ेगी। एज अ बिगिनर आपके लिए एक चैलेंज हो सकता है। बट विद स्क्रीन टाइम आप लोगों को समझ में आ जाएगा। मान लीजिए ये प्राइस नीचे गिर रहा है। ट्रेंड भी फोकस कर रहा है। प्राइस का टारगेट यहां पर है। किसी बड़े टाइम फ्रेम पर कोई स्ट्रेटजी बनी जिसका टारगेट यहां पर है। प्राइस को यहां जाना है। लेकिन आप छोटे टाइम फ्रेम पर हो कि आप 1 मिनट पर हो। सिर्फ एक छोटे मूव के लिए कोई बुलिश सेटअप बन जाए। आपने उसमें ट्रेड ले लिया वहां अक्सर आपका स्टॉप लॉस हो जाता है। >> कॉन्ट्रा ट्रेंड में >> कॉन्ट्रा ट्रेंड में। बट अदरवाइज चांसेस ऑफ़ स्टॉप लॉस आर लिटिल लेस। क्योंकि आप अल्टीमेटली जो स्टॉप फंट होता है उसी का तो यूज़ कर रहे हो। जो चीज़ आपको अल्टीमेटली परेशान करती है, आप उसी का यूज़ कर रहे होते हैं। इसीलिए चांसेस ऑफ़ स्टॉप लॉस थोड़े से कम होते हैं। इसीलिए यह सेटअप अक्सर 1 मिनट पे मैं यूज़ इसलिए करता हूं जिससे कि ये दिख जाए। 5 मिनट 15 मिनट पे क्या होता है? जल्दी से बनता नहीं है। >> सो इट्स बेटर कि इसको मैं ट्रेन के डायरेक्शन में बड़ी ट्रेन के डायरेक्शन में यूज़ करूं। >> वो मिल जाए तो आपको बहुत ही बढ़िया है। लेकिन एज़ अ बिगिनर आपको वो पता करना जैसे मैंने बताया थोड़ा सा मुश्किल होता है। तो फिर आप अगर शुरुआत में ये सारी चीजें लगाएंगे। ये देखिए जैसे यहां पे भी टारगेट ही हुआ है। ये देखिए 1 2 3 यहां पे भी टारगेट ही हुआ है। ठीक है? सो देखिए अब स्टॉप लॉस मिल नहीं रहा है। लेकिन मुझे ऐसा लगता है सबसे ज्यादा स्टॉप लॉस ढूंढने में एक्सपर्ट ये लोग हैं क्योंकि ये लोग प्रैक्टिस करेंगे तो इनको मिल जाएगा और मुझे पता है स्टॉप लॉस होते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं मैं आपको दिखाना नहीं चाहता। ज्यादा बेहतर है आप लोग जाके प्रैक्टिस कीजिए। स्टॉप लॉस ढूंढिए और कमेंट करके बताइए कहां-कहां स्टॉप लॉस हुए हैं। परफेक्ट। आई थिंक इससे बेटर आपके लिए भी एक टास्क हो चुका है। आपके लिए भी प्रैक्टिस करने का और स्टॉप लॉस निकालने का एक टास्क आपको मिल चुका है। एंड कैसी लगी आपको ये स्ट्रेटजी? आई थिंक सर दिस वास मतलब अपने आप में जब स्टॉप लॉस ढूंढना पड़े और ना मिले तब एक एग्जांपल सेट होता है अच्छी स्ट्रेटजी का। एंड आई थिंक यही वजह रही है कि आपके लिए इतनी डिमांड हमारे सारी ऑडियंस ने वापस वापस निकाली है। सो थैंक यू सो मच फॉर दिस। एंड आई रियली लव्ड इट एंड आई रियली रियली होप कि हमारी जितनी भी ऑडियंस है उन सबको भी इसको सीखने में बहुत मजा आया होगा। सो या कैसी लगी आपको ये पूरी स्ट्रेटजी? जी लेट अस नो इन द कमेंट सेक्शन बिलो। एंड इसका जैसे ही आपको स्टॉप लॉस मिले विद टाइम फ्रेम आप हमें कमेंट्स में बता सकते हैं। वी विल चेक इट। एंड अगर आपके कोई क्वेश्चंस है वो भी आप पूछ सकते हैं। एंड सर विल डेफिनेटली हेल्प अस टू आंसर ऑल द क्वेरीज। ऑन दैट डोर थैंक यू सो मच एवं फॉर वाचिंग। एंड आई होप आपको इससे इस स्ट्रेटजी से कुछ ना कुछ नया कुछ वैल्यूुएबल डेफिनेटली सीखने मिला होगा। और हम मिलते हैं आपसे ऐसे ही अगले इनफेटिव कंटेंट के साथ। टिल देन कीप लर्निंग, कीप ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टिंग विद अपसर्च। सी यू गाइस।